Category: Madhya Pradesh
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वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा 18 फरवरी को पेश करेंगे पेपरलेस बजट
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज सोमवार से शुरू होने जा रहा है। इस सत्र को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष ने एक-दूसरे को घेरने के लिए पूरी तैयारी की है। लिहाज, सत्र हंगामेदार होने के आसार है।मप्र विधानसभा का बजट सत्र सुबह 11 बजे राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण से शुरू होगा। अभिभाषण में राज्यपाल पटेल राज्य सरकार की उपलब्धियों और कार्य योजनाओं की जानकारी देंगे। यह बजट सत्र 6 मार्च तक चलेगा। इस 19 दिवसीय सत्र में सदन की कुल 12 बैठकें होंगी। इस दौरान 18 फरवरी को उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा राज्य सरकार का वित्त वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट पेश करेंगे। इस बार का बजट पूरी तरह डिजिटल स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इस बार का बजट 4.85 लाख करोड़ रुपये का हो सकता है, जो पिछले वर्ष के 4.21 लाख करोड़ रुपये से अधिक होगा।मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने कई मुद्दों पर राज्य सरकार को घेरने की तैयारी में है। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल कांड, बढ़ता कर्ज, कानून-व्यवस्था से जुड़े विषय प्रमुख रह सकते हैं। वहीं, सरकार भी विपक्ष को जवाब देने के लिए तैयारी कर रहा है। कांग्रेस प्रदेश सरकार के तीन मंत्रियों कैलाश विजयवर्गीय, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और मंत्री विजय शाह की बर्खास्ती की मांग सदन में करेगी। इसको लेकर सदन में हंगामा हो सकता है।वर्ष 2026 को कृषि वर्ष घोषित किए जाने के चलते खेती और ग्रामीण विकास पर विशेष फोकस रहने की संभावना है। साथ ही 2028 में होने वाले सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए आधारभूत ढांचे के लिए अतिरिक्त प्रावधान किए जा सकते हैं। सरकार का लक्ष्य 2028 तक बजट को 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक तक ले जाने का है।आज विपक्षी विधायक दल की बैठकविधानसभा में सत्ता पक्ष को घेरने की रणनीति बनाने के लिए कांग्रेस ने आज कांग्रेस विधायक दल की बैठक भी होगी। इसमें विधानसभा के बजट सत्र की रणनीति और रूपरेखा पर विधायकों से चर्चा की जाएगी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बताया कि विधायक दल की बैठक में प्रदेश के जनहित से जुड़े मुद्दों को सदन में मजबूती से उठाने की रणनीति तैयार की जाएगी, साथ ही प्रदेश सरकार में हुए घोटालों को सदन में उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लगातार लिए जा रहे कर्ज, इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतें, किसानों को हो रहे नुकसान, युवाओं के रोजगार, आदिवासी- दलितों पर बढ़ते अत्याचार जैसे मुद्दों को उठाया जाएगा।विधानसभा सचिवालय द्वारा जानकारी दी गई कि सत्र की अधिसूचना जारी होने से अब तक तारांकित पश्न 1750 एवं अतारांकित प्रश्न 1728 कुल 3478 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हई हैं, जबकि ध्यानाकर्षण की 236, स्थगन प्रस्ताव की 10, अशासकीय संकल्प की 41 और शून्यकाल की 83 सूचनाएं प्राप्त हई हैं। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश की सोलहवीं विधानसभा का यह नवम सत्र होगा। -
महाकालेश्वर मंदिर में साल में एक बार दोपहर में हाेने वाली भस्म आरती आज, चार प्रहर पूजन के बाद आज विशेष दर्शन
उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाशिवरात्रि पर्व पर श्री महाकालेश्वर मंदिर में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। रविवार देर रात 10:30 बजे से भगवान महाकाल का चार प्रहर पूजन प्रारंभ हुआ, जो देर रात तक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। साेमवार प्रातः विशेष सेहरा दर्शन के बाद वर्ष में एक बार दोपहर 12 बजे होने वाली भस्म आरती आयोजित की जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। रात 11 बजे भगवान के पट मंगल होंगे।
चार प्रहर पूजन के दौरान 11 ब्राह्मणों ने एकादश-एकादशनी रुद्रपाठ और वैदिक मंत्रों के माध्यम से भगवान महाकाल का अभिषेक किया। पांच प्रकार के फलों के रस से अभिषेक के पश्चात पंचामृत पूजन संपन्न हुआ। पंचामृत में दूध, दही, घी, शहद, खांडसारी शक्कर, गंगाजल, गुलाब जल, भांग और केसर मिश्रित दूध से भगवान का अभिषेक किया गया। इसके बाद नवीन वस्त्र धारण कराए गए तथा सप्तधान्य से मुखारविंद अलंकृत किया गया।
सप्तधान्य अर्पण और पुष्प मुकुट से विशेष शृंगार
भगवान को चावल, खड़ा मूंग, तिल, गेहूं, जौ, साल और खड़ा उड़द सहित सप्तधान्य अर्पित किए गए। इसके उपरांत पुष्प मुकुट शृंगार आरती की गई।
पुजारी आशीष शर्मा के अनुसार, लगभग तीन क्विंटल फूलों से भगवान का भव्य सेहरा सजाया गया। चंद्र मुकुट, छत्र, त्रिपुंड और विविध आभूषणों से महाकाल को राजाधिराज स्वरूप में अलंकृत किया गया। सेहरा आरती के बाद मिष्ठान्न, फल और पंचमेवा का भोग अर्पित किया गया।
दोपहर में होगी भस्म आरती
आज सुबह 11 बजे सेहरा उतारा जाएगा। आभूषण, मुखारविंद और वस्त्र व्यवस्थित करने के बाद दोपहर 12 से 2 बजे तक भस्म आरती संपन्न होगी। इसके बाद 2:30 से 3 बजे तक भोग आरती होगी और शिवनवरात्रि का पारणा किया जाएगा। भोग आरती के पश्चात ब्राह्मण भोजन नव निर्मित श्री महाकालेश्वर नि:शुल्क अन्नक्षेत्र में आयोजित होगा तथा दक्षिणा प्रदान की जाएगी।
दिनभर का पूजन कार्यक्रम
संध्या पूजन: शाम 5:00 से 5:45 बजे
संध्या आरती: शाम 6:30 से 7:15 बजे
शयन आरती: रात 10:30 बजे
पट मंगल: रात 11:00 बजे
18 फरवरी को पंचमुखारविंद दर्शन
18 फरवरी, बुधवार को वर्ष में एक बार एक साथ होने वाले पंचमुखारविंद (पांच स्वरूपों) के दर्शन के साथ महाशिवरात्रि पर्व का समापन होगा।
महाकाल को भांग, चंदन और त्रिपुंड अर्पित कर राजसी स्वरूप में सजाया गया है। महाशिवरात्रि पर यह दिव्य और अलौकिक आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभूति लेकर आया -

वंदे मातरम् के स्वर से गूंजा सदन, MP विधानसभा बजट सत्र 2026 की औपचारिक शुरुआत
भोपाल । राजधानी भोपाल में सोमवार 16 फरवरी 2026 से मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र औपचारिक रूप से शुरू हो गया। सत्र की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के सामूहिक गायन से हुई, जिससे सदन में देशभक्ति और गरिमा का वातावरण बना। यह बजट सत्र 6 मार्च 2026 तक चलेगा और इस दौरान कुल 12 बैठकें प्रस्तावित हैं।सत्र के पहले दिन मंगू भाई पटेल ने सदन को संबोधित किया। अपने अभिभाषण में उन्होंने मोहन यादव सरकार की उपलब्धियों, विकास योजनाओं और राज्य की प्रगति का विस्तृत उल्लेख किया। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश निरंतर विकास की दिशा में अग्रसर है और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक लाभ पहुंचाया जा रहा है। अभिभाषण के बाद कृतज्ञता प्रस्ताव पेश किया गया, जिस पर आगामी दिनों में चर्चा होगी।
इस बजट सत्र को कई मायनों में अहम माना जा रहा है। विधानसभा सचिवालय के अनुसार, विधायकों की ओर से कुल 3478 प्रश्न प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा 236 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, 10 स्थगन प्रस्ताव और 41 अशासकीय संकल्प सदन में प्रस्तुत किए जाने की संभावना है। इन आंकड़ों से साफ है कि सत्र के दौरान सरकार को विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से जवाब देना होगा।
सत्र का सबसे महत्वपूर्ण दिन 18 फरवरी होगा, जब उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। अनुमान है कि इस बार का बजट 4.63 से 4.70 लाख करोड़ रुपये के बीच हो सकता है। खास बात यह है कि बजट पूरी तरह पेपरलेस डिजिटल प्रारूप में प्रस्तुत किया जाएगा, जो पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता की दिशा में एक और कदम माना जा रहा है।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह सत्र काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। विपक्ष, विशेष रूप से कांग्रेस, बेरोजगारी, महंगाई, अवैध खनन, बढ़ते कर्ज और हालिया विवादित मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं सत्तापक्ष रोजगार सृजन, नारी सशक्तीकरण, किसान कल्याण, बुनियादी ढांचे के विकास और निवेश आकर्षित करने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से रखने की रणनीति पर काम कर रहा है।
वंदे मातरम् के साथ कार्यवाही की शुरुआत को राज्य और केंद्र स्तर पर राष्ट्रगीत को बढ़ावा देने की पहल से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे सदन में एक ऊर्जावान और सकारात्मक माहौल देखने को मिला। हालांकि राजनीतिक गर्माहट के संकेत भी साफ हैं, जिससे आगामी दिनों में तीखी बहस और हंगामे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। कुल मिलाकर, बजट सत्र 2026 प्रदेश की आर्थिक दिशा, विकास प्राथमिकताओं और राजनीतिक रणनीतियों को तय करने वाला महत्वपूर्ण मंच साबित होगा, जहां सत्ता और विपक्ष के बीच व्यापक चर्चा और टकराव दोनों देखने को मिल सकते हैं।
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इंदौर में युवक की गला रेतकर हत्या का खुलासा, लूट के इरादे से वारदात; नाबालिग समेत दो आरोपी गिरफ्तार
इंदौर । मध्यप्रदेश के इंदौर में हुए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। बाणगंगा थाना पुलिस ने युवक की गला रेतकर की गई निर्मम हत्या के मामले में एक नाबालिग सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हत्या पैसे और मोबाइल लूटने के इरादे से की गई थी।पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान खोजराम के रूप में हुई है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने पहले युवक को बहाने से एक सुनसान इलाके में बुलाया। वहां पहले से ही लूट की योजना बनाई गई थी। मौका मिलते ही आरोपियों ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। पोस्टमार्टम और घटनास्थल की जांच में युवक के शरीर पर चाकू के 18 गहरे घाव पाए गए, जिससे वारदात की क्रूरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। गला रेतने के बाद भी आरोपियों ने कई वार किए, ताकि वह बच न सके।
हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की कोशिश की। मृतक का मोबाइल फोन और सिम कार्ड तोड़कर अलग अलग स्थानों पर फेंक दिए, ताकि पुलिस लोकेशन ट्रेस न कर सके। इतना ही नहीं, वारदात को हादसा दर्शाने के उद्देश्य से शव को रेलवे पटरी के पास फेंक दिया गया, जिससे प्रथम दृष्टया मामला ट्रेन से कटने का लगे। लेकिन पुलिस की सतर्कता ने आरोपियों की योजना पर पानी फेर दिया।
बाणगंगा पुलिस ने घटनास्थल से मिले तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्धों की पहचान की। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में एक नाबालिग है, जिसे किशोर न्याय अधिनियम के तहत प्रक्रिया में लिया जाएगा, जबकि दूसरे आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों ने पहले भी इस तरह की लूट या आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वारदात में और कोई व्यक्ति शामिल तो नहीं था। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
इस घटना ने शहर में सनसनी फैला दी है। एक मामूली लूट के लालच में जिस तरह बेरहमी से हत्या की गई, उसने कानून व्यवस्था और युवाओं में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड लेने की तैयारी कर रही है, ताकि आगे की पूछताछ में और खुलासे हो सकें।
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MP विधानसभा बजट सत्र 2026 की शुरुआत हंगामे से, राज्यपाल के अभिभाषण के बीच विपक्ष का जोरदार विरोध
भोपाल । राजधानी भोपाल में सोमवार को मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र 2026 की शुरुआत तीखे राजनीतिक माहौल के बीच हुई। सदन की कार्यवाही प्रारंभ होते ही परंपरा के अनुसार संपूर्ण छह छंदों में वंदे मातरम् का गायन हुआ। इसके बाद मंगुभाई पटेल ने अभिभाषण पढ़ना शुरू किया लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी और अंततः इसे अगले दिन सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में राज्य सरकार की उपलब्धियों विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का विस्तृत उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश आज उस ऐतिहासिक दहलीज पर खड़ा है जिसे केंद्र सरकार ने अमृत काल की संज्ञा दी है। उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है और निवेश को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। हाल ही में भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
राज्यपाल ने वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पीएम जनमन योजना के तहत 1 लाख 35 हजार से अधिक आवास निर्मित किए गए हैं। साथ ही उज्जैन में मां शिप्रा को प्रदूषण मुक्त बनाने के प्रयासों नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी भी सदन के समक्ष रखी।
हालांकि अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने कई मुद्दों को लेकर आपत्ति जताई। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्यपाल को बीच में टोकते हुए आरोप लगाया कि नलजल योजना और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों जैसे गंभीर विषयों का अभिभाषण में उल्लेख नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी जिससे सदन का माहौल गरमा गया।
विपक्ष का आरोप था कि सरकार जमीनी समस्याओं से ध्यान हटाकर केवल उपलब्धियों का बखान कर रही है। वहीं सत्तापक्ष ने इसे राजनीतिक रणनीति बताते हुए कहा कि बजट सत्र के दौरान हर मुद्दे पर विस्तार से चर्चा का अवसर मिलेगा। लगातार हो रहे शोर-शराबे के बीच राज्यपाल ने अपना अभिभाषण पूरा किया लेकिन स्थिति सामान्य न होने पर विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही को अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दिया।
अब राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा मंगलवार से शुरू होगी जहां सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं। बजट सत्र की शुरुआत जिस तरह हंगामे के साथ हुई है उससे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में सदन के भीतर राजनीतिक तापमान और बढ़ सकता है।
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धार भोजशाला विवाद: वकीलों की हड़ताल के चलते टली सुनवाई, अब 18 फरवरी को पेश होगी ASI की सर्वे रिपोर्ट
इंदौर/धार। मध्य प्रदेश की सुप्रसिद्ध और ऐतिहासिक धार भोजशाला मामले में चल रही कानूनी प्रक्रिया एक बार फिर ठंडे बस्ते में जाती नजर आ रही है। जिला अदालत में आज होने वाली बहुचर्चित सुनवाई को वकीलों की काम से विमुक्ति हड़ताल के चलते स्थगित कर दिया गया है। अब इस संवेदनशील मामले की अगली सुनवाई 18 फरवरी को निर्धारित की गई है। उल्लेखनीय है कि शिवपुरी में हुए एक वकील के हत्याकांड के विरोध में प्रदेश भर के वकील न्यायिक कार्यों से दूर हैं जिसका सीधा असर भोजशाला केस पर पड़ा है।सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के पालन में आज भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ASI को अपनी विस्तृत सर्वे रिपोर्ट अदालत के पटल पर रखनी थी। इस रिपोर्ट में भोजशाला परिसर के भीतर किए गए वैज्ञानिक सर्वे खुदाई के दौरान मिले साक्ष्य डिजिटल फोटोग्राफी और महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेजों को शामिल किया गया है। हिंदू और मुस्लिम दोनों ही पक्षों को उम्मीद थी कि आज रिपोर्ट पेश होने के बाद स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी लेकिन अब यह सस्पेंस 18 फरवरी तक बना रहेगा।
मुस्लिम पक्ष के गंभीर आरोप और हिंदू पक्ष की मांगजैसे-जैसे सुनवाई की तारीखें बदल रही हैं दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज होता जा रहा है। मुस्लिम पक्ष मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी ने एएसआई के सर्वे की निष्पक्षता पर ही सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। उनका आरोप है कि सर्वे के दौरान कुछ पत्थर की मूर्तियां पिछले रास्ते से गुपचुप तरीके से परिसर के अंदर लाकर रखी गईं और बाद में उन्हें सर्वे रिपोर्ट का हिस्सा बना लिया गया। मुस्लिम पक्ष का कहना है कि यह ऐतिहासिक साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की कोशिश है।दूसरी ओर हिंदू पक्ष महाराजा भोज उत्सव समिति अपने दावों पर अडिग है। हिंदू पक्ष की ओर से कोर्ट में यह मांग प्रमुखता से उठाई गई है कि भोजशाला वाग्देवी मां सरस्वती का मंदिर है इसलिए वहां हिंदुओं को 24 घंटे पूजा-अर्चना करने की अनुमति दी जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने परिसर में होने वाली नमाज को पूरी तरह से बंद करने की भी मांग की है। हिंदू पक्ष का तर्क है कि सर्वे में मिले अवशेषों से यह स्वतः सिद्ध हो जाता है कि यह एक प्राचीन मंदिर है।
क्या है भोजशाला का महत्व?
धार की भोजशाला सदियों से सांप्रदायिक सद्भाव और विवाद दोनों का केंद्र रही है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार यहां मंगलवार को हिंदू पूजा करते हैं और शुक्रवार को मुस्लिम नमाज अदा करते हैं। एएसआई का वैज्ञानिक सर्वे इसी गुत्थी को सुलझाने के लिए किया गया है कि क्या इस इमारत का मूल स्वरूप मंदिर था। अब सबकी निगाहें 18 फरवरी पर टिकी हैं जब कोर्ट के रिकॉर्ड पर एएसआई के साक्ष्य आएंगे और इस ऐतिहासिक विवाद की दिशा तय होगी। -

MP में मौसम लेगा करवट, उज्जैन संभाग में बारिश के आसार, भोपाल-इंदौर में छाएंगे बादल
भोपाल। फरवरी के मध्य में एमपी के मौसम में नया बदलाव देखने को मिलेगा। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की सक्रियता के कारण 18 और 19 फरवरी को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और नीमच सहित उज्जैन संभाग में बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने इन जिलों में अलर्ट जारी किया है। वहीं, भोपाल और इंदौर में बादल छाए रह सकते हैं।रविवार को प्रदेश में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिला। खंडवा और खरगोन में दिन का तापमान 34 डिग्री के पार पहुंच गया, जबकि दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रायसेन, रतलाम, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सतना और उमरिया में पारा 30 डिग्री या उससे अधिक रहा।
शनिवार-रविवार की रात ठंड का असर भी महसूस किया गया। कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी में 9.2 डिग्री, कल्याणपुर में 9.4 डिग्री और रीवा में 9.6 डिग्री रहा। प्रमुख शहरों में इंदौर 11.5 डिग्री, ग्वालियर 11.7 डिग्री, भोपाल 13 डिग्री, उज्जैन 13.5 डिग्री और जबलपुर 14.3 डिग्री के साथ सबसे ठंडे शहर रहे।
फरवरी में यह तीसरी बार होगा जब एमपी बारिश की चपेट में आएगा। फरवरी की शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर देखा गया था, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था।
मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान में अगले दो दिन 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होगी। उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला नया सिस्टम 16 फरवरी से सक्रिय होगा, जिसका असर एमपी में भी दिखेगा। पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी के कारण प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्के बादल छाए रहेंगे।
अगले दो दिन का मौसम का हाल
16 फरवरी – दिन में गर्मी बढ़ेगी, रात के तापमान में भी हल्की बढ़ोतरी।
17 फरवरी – कुछ जिलों में सुबह के समय हल्का कोहरा रहेगा, इस दिन बारिश का अलर्ट नहीं है।अभी प्रदेश में हल्की सर्दी का दौर जारी है, रात और सुबह के समय ठंड रहेगी। ज्यादातर शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से ऊपर ही रहेगा, जबकि दिन के समय पारा 30 डिग्री तक पहुंच सकता है।
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महाशिवरात्रि से पहले खजुराहो में वन विभाग ने संभाली सुरक्षा, मगरमच्छ को सुरक्षित स्थान पर किया स्थानांतरित
खजुराहो में शिवसागर तालाब पिछले कुछ समय से मगरमच्छ के लगातार दिखाई देने से चर्चा में था। यह तालाब भारतीय पुरातत्व विभाग के अधीन आता है और शहर के पर्यटन स्थल के रूप में प्रसिद्ध है। मगरमच्छ की उपस्थिति ने स्थानीय लोगों और बाहर से आने वाले पर्यटकों के बीच भय पैदा कर दिया था। खासकर विदेशी पर्यटक इस दृश्य से डरे हुए थे और पर्यटन गतिविधियों पर असर पड़ने की संभावना थी।स्थानीय लोगों की शिकायत और सुरक्षा की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने 3 फरवरी को आयोजित मेला महाशिवरात्रि की बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि शिवरात्रि से पहले तालाब से मगरमच्छ को निकालकर सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए।
इस आदेश के बाद वन मंडल अधिकारी ऋषि मिश्रा के नेतृत्व में वन विभाग और जिला आपदा प्रबंधन अमला, जिला छतरपुर ने संयुक्त रूप से कार्य शुरू किया। उन्होंने पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तालाब का निरीक्षण किया और मगरमच्छ को सुरक्षित रूप से पकड़ने की योजना बनाई।
वन विभाग की टीम ने सावधानी और कुशलता के साथ मगरमच्छ को पकड़कर उसके जीवन और पर्यावरण दोनों की सुरक्षा का ध्यान रखा। तालाब से मगरमच्छ को हटाकर अन्य सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया। इस कार्य के पूरा होने के बाद पर्यटकों और स्थानीय लोगों में राहत की लहर दौड़ गई। अब शिवसागर तालाब के आसपास के क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां बिना किसी डर के हो सकेंगी।
वन विभाग ने कहा कि यह कार्य पर्यावरण और पर्यटन दोनों के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण था। मगरमच्छ को केवल खतरनाक माना जाता है, लेकिन उसका जीवन भी संरक्षण योग्य है। इस कार्रवाई ने यह सुनिश्चित किया कि पर्यटक सुरक्षित रहें और तालाब का पारिस्थितिकी संतुलित रहे।
स्थानीय व्यापारियों और होटल संचालकों ने भी इस पहल की सराहना की। उनका कहना था कि मगरमच्छ की वजह से पिछले दिनों पर्यटक डर कर दौरे कम कर रहे थे, लेकिन अब सुरक्षा सुनिश्चित होने से पर्यटन में वृद्धि होगी। वन विभाग ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को यह भी चेतावनी दी कि तालाब के पास जाते समय सतर्क रहें और वन्यजीवों को परेशान न करें।
इस तरह, महाशिवरात्रि 2026 से पहले खजुराहो में वन विभाग ने कुशलता से मगरमच्छ को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करके न केवल पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की बल्कि पर्यटन नगरी की प्रतिष्ठा और स्थानीय विश्वास भी बनाए रखा।
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भोपाल में महाशिवरात्रि पर हुई पहली किन्नर शंकराचार्य की नियुक्ति, धर्मांतरित किन्नरों की घर वापसी
भोपाल में महाशिवरात्रि 2026 के पावन अवसर पर एक अनूठा और विवादित धार्मिक आयोजन हुआ। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में देश की पहली किन्नर शंकराचार्य का पट्टाभिषेक संपन्न हुआ, जिसमें हिमांगी सखी को नियुक्त किया गया। इस अवसर पर जगद्गुरु और महामंडलेश्वरों की घोषणा भी की गई।कार्यक्रम का आयोजन उस समय सुर्खियों में आया, जब धर्मांतरित किन्नरों की घर वापसी का भी आयोजन किया गया। इस दौरान कुछ मुस्लिम किन्नर वापस हिंदू धर्म में लौटे और शुद्धिकरण के rites संपन्न हुए। इस आयोजन के लिए राजस्थान के पुष्कर पीठ को देश की पहली विवादित किन्नर शंकराचार्य के लिए चुना गया।
कार्यक्रम में किन्नर अखाड़ा के संस्थापक ऋषि अजय दास भी मौजूद रहे और उन्होंने इस आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हिमांगी सखी के शंकराचार्य बनने के बाद भव्य पट्टाभिषेक संपन्न हुआ और मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठान और मंत्रोच्चारण का माहौल देखने को मिला।
हालांकि इस नियुक्ति को लेकर धार्मिक समुदाय में विवाद और आलोचना भी सामने आई। साधु संत सन्यासी समिति के कार्यकारी अध्यक्ष स्वामी अनिलानंद ने कहा कि किन्नरों की सनातन धर्म में वापसी को कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन अलग से किन्नर शंकराचार्य बनाना अत्यधिक आपत्तिजनक है। उनके अनुसार, धर्मशास्त्र में केवल चार शंकराचार्य ही मान्य हैं।
स्वामी अनिलानंद ने आगे कहा कि ऋषि अजय दास इस मामले में पाखंड कर रहे हैं और धर्म का मजाक बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि किन्नरों और उनके नाम पर आर्थिक लाभ लेने का प्रयास किया गया है। इस पर शिकायत दर्ज कराई गई है और धर्म विरोधी कृत्यों और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के मामलों में वैधानिक कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की गई है।
इस आयोजन को लेकर सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आई हैं। कुछ लोग इसे समावेशी धार्मिक पहल मान रहे हैं, जबकि कई धार्मिक विद्वान और समाजिक संगठन इसे धार्मिक परंपरा का उल्लंघन मान रहे हैं।
भोपाल में आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल धार्मिक दृष्टि से चर्चाओं को जन्म दिया, बल्कि किन्नर समुदाय की धार्मिक पहचान और अधिकारों पर भी ध्यान आकर्षित किया। हिमांगी सखी के शंकराचार्य बनने की प्रक्रिया और धर्मांतरित किन्नरों की वापसी ने समाज में धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक बहस को एक नई दिशा दी है।
साथ ही, यह मामला यह सवाल उठाता है कि परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन कैसे स्थापित किया जाए और धर्म के अधिकार और मर्यादा के बीच किस तरह की संवेदनशीलता बरती जाए।
