Category: Madhya Pradesh

  • MP: उमा भारती ने दुकानदारों को हटाने का किया अनोखा विरोध, हाथ ठेले पर बेचे पोहा-जलेबी

    MP: उमा भारती ने दुकानदारों को हटाने का किया अनोखा विरोध, हाथ ठेले पर बेचे पोहा-जलेबी


    टीकमगढ़।
    उमा भारती (Uma Bharti) ने टीकमगढ़ (Tikamgarh) में प्रशासन की अतिक्रमण हटाओ (Remove Encroachment) मुहिम का अनोखे अंजाद में विरोध जताया। उन्होंने ठेले पर पोहा और जलेबी (Poha and Jalebi) बेचकर कार्रवाई को तानाशाही बताया। साथ ही गरीबों के रोजगार की रक्षा में उतरने का भरोसा दिया। प्रशासन का तर्क है कि यातायात व्यवस्था सुधारने और एम्बुलेंस के रास्ते साफ करने के लिए यह जरूरी था लेकिन उमा भारती ने इसे गरीबों के रोजगार पर हमला बताया। उन्होंने दुकानदारों को बिना डरे ठेले लगाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि बिना पुनर्वास के ऐसी कार्रवाई अमानवीय है।

    दरअसल, सोमवार को टीकमगढ़ नगर पालिका ने सिविल लाइन इलाके में सड़क किनारे लगे ठेलों को हटाने की कार्रवाई की थी। इस दौरान कई छोटे व्यापारियों के ठेले हटाए गए जिससे स्थानीय लोगों और विक्रेताओं में नाराजगी देखी गई। इसी के विरोध में मंगलवार को उमा भारती सीधे एक पोहा दुकान पर पहुंचीं। उन्होंने वहां पोहा और जलेबी बेचकर अपना विरोध दर्ज कराया।


    चेतावनी भी दी

    इस दौरान उमा भारती ने कहा कि उन्होंने नगर पालिका अधिकारियों से बात कर ली है। अब अतिक्रमण नहीं हटाया जाएगा। ये छोटे दुकानदार दिनभर मेहनत करके अपने परिवार का पेट पालते हैं इसलिए ऐसी कार्रवाई गलत है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में फिर से ऐसा किया गया तो वे इसका डटकर विरोध करेंगी। भाजपा की कद्दावर नेताओं में शुमार उमा भारती के इस कदम से सियासत गर्म है।


    गरीबों पर ऐक्शन परेशान करने वाला

    उमा भारती ने आगे कहा कि सिविल लाइन से लेकर कलेक्ट्रेट तक कई लोग छोटे ठेले लगाकर अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं। नगर पालिका ने जिस तरह नारियल पानी और पोहा बेचने वालों के ठेले हटाए या तोड़े वह बहुत दुखद और परेशान करने वाला है। इन लोगों को उसी जगह पर काम करने देना चाहिए जहां से उनको हटाया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस मुद्दे पर उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से भी चर्चा की है।


    पहले भी बुलंद करती रही हैं विरोध की आवाज

    उन्होंने टीकमगढ़ के सांसद और केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक की सादगी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि वीरेंद्र खटीक हमेशा जनता के बीच आसानी से उपलब्ध रहते हैं। उन्हीं से प्रेरणा लेकर वे आज जनता के बीच आई हैं। उमा भारती के इस विरोध प्रदर्शन के दौरान वहां काफी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे। सनद रहे राज्य में उमा भारती की पार्टी यानी भाजपा की ही सरकार है। उमा भारती पहले भी सरकार के खिलाफ अलग-अलग मुद्दों को लेकर आवाज उठाती रही हैं।

  • एक ही दिन में 6 केस में गवाही 50 KM का सफर मऊगंज में फिक्स गवाहों का बड़ा खेल उजागर

    एक ही दिन में 6 केस में गवाही 50 KM का सफर मऊगंज में फिक्स गवाहों का बड़ा खेल उजागर


    मऊगंज । मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां पुलिस पर आरोप लगा है कि वह तथाकथित फिक्स गवाहों के सहारे मामलों को मजबूत दिखाने की कोशिश कर रही है जिससे न्याय प्रक्रिया की निष्पक्षता पर खतरा मंडरा रहा है।

    मामला हनुमना थाना क्षेत्र से जुड़ा है जहां एक ड्राइवर को लेकर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि थाना प्रभारी अनिल काकडे के निजी वाहन चालक राजेश साकेत न केवल गाड़ी चलाते हैं बल्कि कई मामलों में गवाह के रूप में भी पेश किए जाते हैं। आरोप है कि पिछले आठ महीनों में वह 48 से अधिक मामलों में गवाही दे चुके हैं जिससे यह सवाल उठता है कि क्या वह हर घटना के प्रत्यक्षदर्शी हो सकते हैं।

    सबसे हैरान करने वाली बात 28 मार्च 2026 की बताई जा रही है जब राजेश साकेत और एक अन्य व्यक्ति सूर्यमणि मिश्रा ने एक ही दिन में छह अलग अलग मामलों में गवाही दी। ये सभी मामले हनुमना थाना हाटा चौकी और पिपराही चौकी क्षेत्र से जुड़े थे जो लगभग 50 किलोमीटर के दायरे में फैले हुए हैं। इस तरह की घटनाओं ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है।

    आंकड़ों के अनुसार सूर्यमणि मिश्रा राजेश साकेत और पुष्पराज द्विवेदी जैसे कुछ नाम ऐसे हैं जो सैकड़ों मामलों में गवाह के रूप में सामने आए हैं। आरोप है कि ये लोग लूट डकैती मारपीट और नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में भी गवाही देते रहे हैं। हालांकि जब उनसे इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने जानकारी होने से ही इनकार कर दिया जिससे संदेह और गहरा गया है।

    इस पूरे मामले में थाना प्रभारी अनिल काकडे की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। उन पर पहले भी एक गंभीर मामले में जांच चलने की बात सामने आई है जिसमें हत्या के केस को आत्महत्या बताने का प्रयास किया गया था। बावजूद इसके उन्हें जिम्मेदारी सौंपी गई जो प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।

    देश की शीर्ष अदालत भारत का सर्वोच्च न्यायालय भी इस तरह के फिक्स गवाहों पर सख्त टिप्पणी कर चुकी है और इसे न्याय व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताया गया है। साथ ही Madhya Pradesh High Court के निर्देश पर एक उच्च स्तरीय समिति का गठन भी किया गया है लेकिन इसके बावजूद इस तरह के मामले सामने आना चिंता का विषय है। वहीं इस मामले पर जब प्रभारी मंत्री लखन पटेल से सवाल किया गया तो उन्होंने जांच कराने की बात कही लेकिन इससे लोगों की चिंता कम नहीं हुई है।

    यह पूरा मामला केवल एक जिले तक सीमित नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है। यदि गवाह ही संदिग्ध हों तो न्याय की नींव कमजोर पड़ जाती है और असली अपराधियों के बच निकलने का खतरा बढ़ जाता है। अब जरूरत है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि कानून पर लोगों का भरोसा बना रहे।

  • कम रेट का झांसा फिर बढ़ी कीमतें बैतूल में किसानों ने बोरिंग माफिया पर लगाए शोषण के आरोप

    कम रेट का झांसा फिर बढ़ी कीमतें बैतूल में किसानों ने बोरिंग माफिया पर लगाए शोषण के आरोप


    बैतूल । मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में किसानों की परेशानियां एक बार फिर सामने आई हैं जहां आमला ब्लॉक सहित आसपास के क्षेत्रों में बोरिंग मशीन संचालकों पर शोषण के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। रबी फसल और गन्ने की कटाई के बाद सिंचाई की जरूरत बढ़ने के साथ ही बोर खनन की मांग भी तेजी से बढ़ जाती है और इसी स्थिति का फायदा उठाकर कुछ बाहरी एजेंटों द्वारा कथित रूप से मनमानी वसूली की जा रही है।

    स्थानीय किसानों का कहना है कि हर साल फरवरी से अप्रैल के बीच बोरिंग का काम तेजी से बढ़ता है और इस दौरान मशीन संचालकों की मांग अधिक हो जाती है। इसी दबाव का फायदा उठाते हुए बाहर से आए कुछ लोग अनियमित तरीके से काम कर रहे हैं और किसानों से मनमाने दाम वसूल रहे हैं।

    आरोप है कि शुरुआत में कम रेट बताकर किसानों को काम के लिए तैयार किया जाता है लेकिन जैसे ही काम शुरू होता है बीच में ही कीमतें बढ़ा दी जाती हैं। ऐसे में किसान मजबूरी में बढ़ी हुई रकम देने को विवश हो जाते हैं क्योंकि काम अधूरा छोड़ना उनके लिए बड़ा नुकसान साबित हो सकता है।

    किसानों ने यह भी आरोप लगाया है कि यदि कोई बढ़ी हुई कीमत देने से मना करता है तो मशीन संचालक काम बीच में ही रोक देते हैं। इतना ही नहीं कुछ मामलों में किसानों को धमकाने और जान से मारने तक की धमकी देने की बातें भी सामने आई हैं जिससे ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों बढ़ गए हैं।

    आमला और आसपास के क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं बढ़ने से किसानों की चिंता और गहरा गई है। पहले से ही लागत और मौसम की मार झेल रहे किसान अब इस तरह की अवैध वसूली से और अधिक दबाव में आ गए हैं।

    किसानों का कहना है कि प्रशासन को इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए और बोरिंग मशीन संचालकों के लिए स्पष्ट दरें तय करनी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की मनमानी पर रोक लग सके। साथ ही ऐसे एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई जा रही है जो किसानों का शोषण कर रहे हैं।

    यह मामला न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर रहा है बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में कानून व्यवस्था और पारदर्शिता को लेकर भी सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर क्या कदम उठाता है और किसानों को इस संकट से कितनी राहत मिल पाती है।

  • भोजशाला में गूंजा हनुमान चालीसा पाठ धार में सत्याग्रह के बीच पहुंचे प्रवीण तोगड़िया

    भोजशाला में गूंजा हनुमान चालीसा पाठ धार में सत्याग्रह के बीच पहुंचे प्रवीण तोगड़िया


    धार । मध्य प्रदेश के धार जिले स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर एक बार फिर धार्मिक गतिविधियों और सत्याग्रह के कारण चर्चा में आ गया है। यहां हिंदू समाज के लोगों ने एकत्र होकर शांतिपूर्ण सत्याग्रह किया और सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ तथा पूजन किया। पूरे परिसर में धार्मिक माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं की मौजूदगी से वातावरण भक्तिमय हो गया।

    इस दौरान अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया भी भोजशाला पहुंचे और परिसर का अवलोकन किया। उनके आगमन को लेकर पहले से ही तैयारी की गई थी और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई थी।

    अवलोकन के दौरान भोज उत्सव समिति के गोपाल शर्मा ने तोगड़िया को भोजशाला की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने परिसर के महत्व और इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं को सामने रखा जिससे तोगड़िया ने भी गंभीरता से पूरे स्थल का निरीक्षण किया।

    मीडिया से बातचीत करते हुए प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि वह लंबे समय से इस स्थल से जुड़े रहे हैं और वर्षों पहले यहां ताला खुलवाने के आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। उन्होंने बताया कि वह एक बार फिर यहां दर्शन करने के उद्देश्य से आए हैं और इस स्थान के प्रति उनकी आस्था और जुड़ाव बना हुआ है।

    सत्याग्रह के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे जिन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी धार्मिक आस्था का प्रदर्शन किया। आयोजन के दौरान अनुशासन बनाए रखा गया और किसी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति सामने नहीं आई।

    भोजशाला का यह आयोजन एक बार फिर इस ऐतिहासिक स्थल को चर्चा के केंद्र में ले आया है जहां धार्मिक और सामाजिक गतिविधियां समय समय पर लोगों का ध्यान आकर्षित करती रहती हैं। प्रशासन भी ऐसे आयोजनों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क नजर आ रहा है।

  • सिंचाई से विवाद बढ़ा: एक्ट्रेस और कारोबारी के बीच जमीन का सियासी टकराव!

    सिंचाई से विवाद बढ़ा: एक्ट्रेस और कारोबारी के बीच जमीन का सियासी टकराव!


    इंदौर: टीवी एक्ट्रेस रेमन कक्कर ने शराब कारोबारी और क्रिकेट टीम मालिक सूरज रजक पर अपनी 300 करोड़ रुपये की जमीन पर कब्जे का आरोप लगाया है। रेमन के मुताबिक, सूरज ने पहले उनके हसबैंड और भाई से जमीन किराए पर लेने की मांग की थी, जिसे उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद भी सूरज ने जमीन पर खंभे गाड़े और शेड बनाने की कोशिश की, जिससे वह खुद मौके पर पहुंचीं।

    FIR दर्ज, पुलिस कार्रवाई

    रेमन कक्कर ने बताया कि 3 अप्रैल को मुंबई से इंदौर लौटने के बाद उन्हें पता चला कि जमीन पर कब्जा हो रहा है। उन्होंने तुरंत लसूड़िया थाने पहुंचकर शिकायत की। पुलिस ने प्रारंभ में FIR दर्ज करने में देरी की, लेकिन देर रात टीआई के आने पर मामला दर्ज किया गया।

    जमीन का इतिहास

    रेमन ने बताया कि उनकी 6.84 एकड़ जमीन देवास नाके पर है, जिसमें से 1.25 एकड़ जमीन इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) को सड़क निर्माण और विकास के लिए दी गई थी। यह जमीन उनके पिता ने 1964 में खरीदी थी। उनका कहना है कि जमीन को विकास के लिए फ्री में दिया गया था, जिसकी कीमत 70 करोड़ से अधिक है। ऐसे में वहां शराब की दुकान खोलना नियमों के खिलाफ है।

    भाई ने भी आरोपों की पुष्टि की

    रेमन के भाई रणधीर सलूजा ने कहा कि सूरज रजक ने थाने में आवेदन देकर सरकारी जमीन पर वाइन शॉप का निर्माण करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर IDA से सड़क के लिए ली गई जमीन पर कोई शराब दुकान खोलना चाहता है, तो यह गैरकानूनी है। पहले आबकारी विभाग से अलॉटमेंट लेना जरूरी है।

    विवाद की पृष्ठभूमि

    यह जमीन मुख्य सड़क पर स्थित है और इसकी कीमत 300 करोड़ रुपए बताई जा रही है। सूरज रजक ने हाल ही में 150 करोड़ रुपए में शराब ठेका लिया है। रेमन का कहना है कि नियमों के बावजूद दुकान खोलने की कोशिश की गई। वहीं, 2025 में भी सूरज रजक और उनके सुरक्षाकर्मियों पर कनाड़िया क्षेत्र में किसान से मारपीट और हवाई फायरिंग के आरोप लगे थे।

    रेमन की अपील

    रेमन कक्कर ने कहा कि IDA को भी इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए और FIR कराना चाहिए, ताकि जमीन पर किसी भी तरह का गैरकानूनी कब्जा रोका जा सके।

  • खजाने का झांसा देकर डॉक्टरों से करोड़ों की ठगी, 7 महीने में लाखों हुए शिकार!

    खजाने का झांसा देकर डॉक्टरों से करोड़ों की ठगी, 7 महीने में लाखों हुए शिकार!

    जबलपुर। जबलपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय ठग पन्नालाल बिल्डर (60) को गिरफ्तार किया है, जिसने मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, हरियाणा और दक्षिण भारत में नकली सोने के आरोपियों से करोड़ों रुपये ठगे थे। मूलनिवासी हरियाणा के बदनाम मेवाती गैंग का पूर्व सदस्य और दार्शनिक पर दस्तावेज़ बनाने वाला था।

    कैसे बनाया गया

    पुलिस के अनुसार पन्नालाल ने अपनी पत्नी रानामा देवी (52) को मरीज़ पीएके के पास भेजा। इलाज के दौरान भरोसेमंद लोहे के तारे की कहानी सुनाता और नकली सोने की गिन्नियां बेचती है। पहले कुछ गिन्नियां असली देती हैं ताकि डॉक्टर विश्वास में आ सके, फिर बड़ी नकदी लेकर नकली सोना थामा देती है। जबलपुर में ही एक डॉक्टर ने 60 लाख रुपये तक का होम लोन लेकर सोना खरीदा। जब जांच हुई तो पता चला कि सोना नकली था।

    7 महीने में कई शहरों में विश्विद्यालय

    पन्नालाल करीब 7 महीने पहले मध्य प्रदेश आया। छिंदवाड़ा, सागर, छत्तीसपुर निर्मित और जापान के आलोचकों को। पुलिस के पास से 1 करोड़ 55 लाख रुपए नकद, 84 ग्राम असली सोना, करीब 20 नकली सोने की गिन्नियां और 11 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।

    परिवार बनाया गया था गिरोह

    पन्नालाल ने मेवाती गैंग के बाद अपना अलग गिरोह बनाया और पत्नी और तीन बेटों (धर्मेंद्र, कोलकाता और एक अन्य) को गिरोह में शामिल कर लिया। बाकी तीन बेटे सक्रिय नहीं थे। एसपी संपत उपाध्याय ने बताया कि पुलिस दुकानदारों से पूछताछ कर रही है।

    पकड़ने की प्रक्रिया

    सीसीटीवी कैमरे ने एसआईटी की याचिका के बाद मोबाइल और मोबाइल इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री शुरू कर दी। गांव में करीब 400 किलोमीटर दूर के गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। चौथे ने माना कि वे मध्य प्रदेश और देश के अन्य राज्यों में भी ऐसे ही गरीबों की हैं।

    चेतावनी

    पुलिस ने निवेशकों से अपील की है कि कोई भी बड़ी नकदी या सोने की खरीद-फरोख्त में सावधानी बरतें, जब किसी अजनबी द्वारा निवेश का प्रलोभन दिया जाए।

  • टीकमगढ़ में उमा भारती ने बंगले के सामने हाथठेले पर बेचा पोहा-जलेबी, हटाए गए दुकानदारों का किया समर्थन

    टीकमगढ़ में उमा भारती ने बंगले के सामने हाथठेले पर बेचा पोहा-जलेबी, हटाए गए दुकानदारों का किया समर्थन


    टीकमगढ़। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता उमा भारती मंगलवार को टीकमगढ़ के सिविल लाइन रोड पर अपने बंगले के सामने हाथठेले पर पोहा-जलेबी बेचती नजर आईं। उन्होंने एक दिन पहले हटाए गए छोटे दुकानदारों को वापस बुलाकर उनकी मदद की और खुद दुकान संभाली।

    टीकमगढ़ नगर पालिका ने सोमवार को अतिक्रमण हटाने के अभियान में कई छोटी दुकानें और हाथठेले जेसीबी से हटा दिए थे। उमा भारती ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की थी और इसे गरीब दुकानदारों के लिए अन्यायपूर्ण बताया था। मंगलवार सुबह वे अपने बंगले से निकलकर हाथठेले पर पहुंचीं और दुकानदारों का समर्थन किया। उन्होंने ठेले वालों से कहा कि वे दोबारा सड़क किनारे दुकान लगाएं।

    उमा भारती ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि नगर पालिका एवं विधानसभा भाजपा के नियंत्रण में नहीं हैं अन्यथा यह अन्यायपूर्ण कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि गरीब लोगों की दुकानों को तोड़ने से पहले नगर प्रशासन को नियमों का पालन करना चाहिए था। उन्‍होंने कहा कि कल जहां से गरीबों के ठेले या तो तोड़ दिए गए या हटा दिए गए उनके आसपास चारों तरफ साधन सुविधा संपन्न लोगों के घर एवं रेस्टोरेंट अतिक्रमण के नियमों का उल्लंघन कर नगरीय प्रशासन को उसकी हैसियत बताते हुए अभी भी चुनौतीपूर्ण मुद्रा में मौजूद हैं।

    उन्होंने बताया कि नगर प्रशासन ने शाम को अचानक जेसीबी से गरीब दुकानों को तोड़ दिया। उनकी जानकारी मिलते ही वे मौके पर पहुंचीं लेकिन तब तक कई दुकानें तहस-नहस हो चुकी थीं। उन्होंने पार्षद दल की बैठक में तय योजना का उल्लंघन बताया जिसमें पहले चिन्हित स्थानों पर सुविधाओं का निर्माण और चेतावनी के बाद दुकानों को शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया था। उन्‍होंने कहा कि मैंने इसकी जानकारी हमारे प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को भेज दी है।

    उमा भारती ने कहा कि उन्होंने दुकानदारों से वचन लिया है कि वे गंदगी नहीं फैलाएंगे और प्रशासन प्रयास करेगा कि उन्हें बेहतर स्थान पर शिफ्ट किया जा सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि पार्षद दल और स्थानीय प्रशासन जल्द ही इस मुद्दे का समाधान निकालेंगे।

  • दर्दनाक घटना: छात्रा ने आत्महत्या का प्रयास किया, FIR के बाद आरोपियों ने पिता को पीटा, बेटी डर गई

    दर्दनाक घटना: छात्रा ने आत्महत्या का प्रयास किया, FIR के बाद आरोपियों ने पिता को पीटा, बेटी डर गई


    सागर । सागर जिले के खुरई थाना क्षेत्र में छेड़छाड़ और धमकियों से परेशान नौवीं कक्षा की 14 वर्षीय छात्रा ने खुद पर डीजल डालकर आग लगा ली। उसे गंभीर हालत में बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC), सागर में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार छात्रा 35-40% जल चुकी है, लेकिन अब वह खतरे से बाहर है।

    लगातार परेशान कर रहा था आरोपी

    छात्रा के पिता ने बताया कि उनकी बेटी मालथौन के सरकारी स्कूल में पढ़ती है। स्कूल से लौटते समय एक लड़का, जो उसी स्कूल में पढ़ता है और दूसरे गांव का रहने वाला है, लगभग तीन महीने से लगातार उसे परेशान कर रहा था। वह बार-बार फोन कॉल और अनचाही बातें करता। पिता ने आरोपी को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना। इसके बाद परिवार ने थाने में शिकायत दर्ज कराई।

    घर लौटते ही आरोपी ने हमला किया

    पिता और बेटी थाने में शिकायत दर्ज कराने के बाद घर लौट रहे थे, तभी आरोपी अपने तीन साथियों के साथ घर के सामने खड़ा था। चारों ने गालियां देना शुरू की और विरोध करने पर लात-घूंसों से पीटने लगे। इस हमले और धमकी से डर गई छात्रा ने घर के अंदर जाकर डीजल डालकर आग लगा ली।

    परिजन ने आग बुझाई, तुरंत अस्पताल पहुंचाया

    परिजनों ने छात्रा की चीख सुनकर चादर से आग बुझाई। तब तक उसकी गर्दन, सीना और दोनों हाथ गंभीर रूप से झुलस चुके थे। तुरंत डायल 112 और 108 एम्बुलेंस को सूचना दी गई। पहले उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मालथौन ले जाया गया, लेकिन गंभीर स्थिति देखते हुए सागर के BMC में रेफर किया गया।

    पुलिस ने दर्ज की FIR, आरोपियों की पहचान

    थाना प्रभारी नवीन जैन ने बताया कि इस मामले में दो नामजद और कुल चार नाबालिग आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले की जांच कर रही है।

    डॉक्टरों की रिपोर्ट

    BMC के डॉ. जितेंद्र सिंह दांगी ने बताया कि छात्रा की गर्दन, सीना और साइड का हिस्सा बुरी तरह झुलस चुका है। हालांकि, फिलहाल उसकी हालत स्थिर है और खतरे से बाहर है।

  • आंधी बारिश से बदला मौसम शिवपुरी में तापमान गिरा गर्मी से राहत

    आंधी बारिश से बदला मौसम शिवपुरी में तापमान गिरा गर्मी से राहत


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में मंगलवार दोपहर अचानक बदले मौसम ने लोगों को गर्मी से बड़ी राहत दिलाई। सुबह से ही शहर और आसपास के इलाकों में बादल छाए हुए थे जिससे मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे थे। दोपहर होते होते तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई जिसने तापमान में उल्लेखनीय गिरावट ला दी और वातावरण को सुहावना बना दिया।

    तेज हवाओं का असर इतना ज्यादा था कि कई स्थानों पर पेड़ों पर पक्षियों द्वारा बनाए गए घोंसले उड़ गए जिससे प्राकृतिक जीवन भी प्रभावित हुआ। आंधी की रफ्तार के कारण शहर के कुछ हिस्सों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई जिससे लोगों को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि बारिश के चलते गर्मी से मिली राहत ने लोगों को काफी सुकून दिया।

    बारिश के बाद वातावरण में ठंडक घुल गई और सड़कों पर भी हलचल कम हो गई। कई लोग इस अचानक बदले मौसम का आनंद लेते नजर आए तो वहीं कुछ लोग तेज हवाओं और बिजली कटौती से परेशान भी दिखे।

    मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल मौसम का यह मिजाज कुछ समय तक बना रह सकता है और आने वाले घंटों में फिर से बारिश होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी संभावित नुकसान से बचा जा सके। यह बदलाव न केवल तापमान में राहत लेकर आया है बल्कि आने वाले दिनों के मौसम के रुख को लेकर भी संकेत दे रहा है कि गर्मी के बीच बीच में इस तरह के बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

  • ग्वालियर में दरिंदगी: आंगन से मासूम को उठा ले गया हैवान; एकांत में रौंदा बचपन, पुलिस ने दबोचा

    ग्वालियर में दरिंदगी: आंगन से मासूम को उठा ले गया हैवान; एकांत में रौंदा बचपन, पुलिस ने दबोचा


    ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ पिछोर थाना क्षेत्र में एक बदमाश ने न केवल कानून को चुनौती दी, बल्कि एक मासूम के बचपन को भी अपनी हवस की आग में झोंक दिया। शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब दो बजे, जब पूरा इलाका गहरी नींद में सोया था, तब एक 14 वर्षीय किशोरी को उसके अपने ही घर से अगवा कर लिया गया। आरोपी ने एकांत में ले जाकर किशोरी के साथ दुष्कर्म किया और फिर उसे जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गया। हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए सोमवार रात को ही आरोपी को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है।

    आधी रात की वो खौफनाक वारदात
    प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछोर क्षेत्र की रहने वाली 14 वर्षीय पीड़िता अपने परिवार के साथ घर में सो रही थी। शनिवार की रात भोजन के बाद जब सभी परिजन सो गए, तो रात के करीब दो बजे नाबालिग की नींद खुली। वह सामान्य रूप से बाथरूम जाने के लिए आंगन में निकली थी। उसे आभास भी नहीं था कि अंधेरे में कोई दरिंदा उसकी ताक में बैठा है। जैसे ही वह आंगन में पहुँची, पड़ोस में ही रहने वाला अनिल केवट (पुत्र सुंदर केवट) अचानक उसके सामने आ गया। इससे पहले कि मासूम शोर मचा पाती या कुछ समझ पाती, आरोपी ने पूरी ताकत से उसका मुँह दबा दिया।

    एकांत में ले जाकर मिटाई हवस
    आरोपी अनिल किशोरी को जबरन उठाकर घर से दूर एक सुनसान और एकांत स्थान पर ले गया। वहां उसने डरी-सहमी किशोरी के साथ जबरदस्ती की और दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। दरिंदगी के बाद आरोपी का मन नहीं भरा, तो उसने मासूम को खौफजदा करने के लिए उसे जान से मारने की धमकी दी। उसने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि इस बारे में किसी को बताया, तो वह न केवल उसे, बल्कि उसके पूरे परिवार को खत्म कर देगा। इस धमकी से डरी-सहमी पीड़िता किसी तरह अपने घर पहुँची।

    साहस जुटाकर सुनाई आपबीती
    घर पहुँचने के बाद पीड़िता गहरे सदमे में थी, लेकिन उसने साहस जुटाया और अपनी माँ को पूरी घटना की जानकारी दी। बेटी की हालत देख परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। रात में ही मामले की गंभीरता को देखते हुए परिजन उसे लेकर महिला थाने पहुँचे। पुलिस ने पीड़िता के बयानों के आधार पर तुरंत मामला दर्ज किया और जीरो पर कायमी कर केस डायरी संबंधित पिछोर थाने को भेज दी।

    पुलिस की घेराबंदी और आरोपी की गिरफ्तारी
    पिछोर थाना प्रभारी शिवम सिंह राजावत ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई और आरोपी की तलाश में दबिश दी जाने लगी। आरोपी अनिल शहर छोड़ने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी करते हुए सोमवार की रात उसे धर दबोचा। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को स्पष्ट किया जा सके।

    इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों के मन में डर पैदा करने का काम किया है। स्थानीय निवासियों ने आरोपी के खिलाफ कठोरतम सजा की मांग की है।