Category: Madhya Pradesh

  • ग्वालियर में तेज रफ्तार ट्रक डिवाइडर पार कर बिजली पोल से टकराया चालक स्टेयरिंग में फंसा, गैस कटर से रेस्क्यू

    ग्वालियर में तेज रफ्तार ट्रक डिवाइडर पार कर बिजली पोल से टकराया चालक स्टेयरिंग में फंसा, गैस कटर से रेस्क्यू


    ग्वालियर के व्यस्त बारादरी चौराहे पर बुधवार देर रात एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया जब तेज रफ्तार में जा रहा ट्रक अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर पर चढ़ा और फिर सड़क किनारे लगे बिजली के पोल से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक स्टेयरिंग में फंस गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची मुरार थाना पुलिस ने दमकल विभाग की मदद से गैस कटर से ट्रक का केबिन काटकर चालक को बाहर निकाला। गंभीर चोटों के साथ उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    घटना मुरार थाना क्षेत्र के बारादरी चौराहे पर बुधवार रात करीब बारह बजे हुई। ट्रक का पंजीयन क्रमांक MP07-HR-3553 बताया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रक तेज गति में सात नंबर क्षेत्र से सिरोल की ओर जा रहा था। चौराहे के पास ट्रक अचानक असंतुलित हुआ और डिवाइडर पर चढ़ गया। इसके बाद ट्रक बिजली के खंभे से जा टकराया। टक्कर के कारण खंभा झुक गया और आसपास के लोग सहम गए। राहत की बात यह रही कि बिजली आपूर्ति तुरंत बंद कर दी गई, जिससे करंट फैलने का खतरा टल गया।

    हादसे में ट्रक चालक स्टेयरिंग और सीट के बीच फंस गया। पैर और सीने में गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। गैस कटर की मदद से करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद चालक को बाहर निकाला गया और एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि चालक माल की डिलीवरी के लिए सिरोल जा रहा था।

    पुलिस पूछताछ में चालक ने दावा किया कि सामने से तेज हेडलाइट की वजह से उसकी आंखों पर रोशनी पड़ी और वह सड़क का सही अंदाजा नहीं लगा सका। इसी कारण ट्रक नियंत्रण खो बैठा। मुरार थाना प्रभारी मैना पटेल ने कहा कि प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह तेज रोशनी और वाहन नियंत्रण खोना बताया गया है, लेकिन ट्रक की तकनीकी स्थिति और गति को लेकर भी जांच जारी है। ट्रक को सड़क से हटाकर थाने में खड़ा कर दिया गया है।यह घटना रात में तेज रोशनी, भारी वाहनों की गति और सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर गई है। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि रात में हाई बीम लाइट का अनावश्यक उपयोग न करें और निर्धारित गति सीमा का पालन करें।

  • एयर इंडिया की अव्यवस्था से इंदौर के दंपती को 16 घंटे की परेशानी पुणे एयरपोर्ट पर रात कुर्सियों पर काटी

    एयर इंडिया की अव्यवस्था से इंदौर के दंपती को 16 घंटे की परेशानी पुणे एयरपोर्ट पर रात कुर्सियों पर काटी


    इंदौर से खबर है कि एयर इंडिया की उड़ानों में लगातार देरी और वैकल्पिक व्यवस्था की कमी के कारण खातीवाला टैंक निवासी आईटी पेशेवर योगेश वाधवानी और उनकी पत्नी खुशबू को केरल यात्रा से लौटते समय गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ा। दंपती को न तो पुणे एयरपोर्ट पर ठहरने की सुविधा मिली और न ही भोजन उपलब्ध कराया गया। परिणामस्वरूप उन्हें पूरी रात एयरपोर्ट की कुर्सियों पर बितानी पड़ी और इंदौर की वापसी तय समय से करीब 16 घंटे बाद संभव हो सकी।

    योगेश और खुशबू सात दिन के केरल प्रवास के बाद सोमवार को कोच्चि से इंदौर लौट रहे थे। उनकी टिकट एयर इंडिया की कनेक्टिंग फ्लाइट-कोच्चि से दिल्ली और फिर दिल्ली से इंदौर-के लिए थी। यात्रा मंगलवार सुबह इंदौर पहुंचकर पूरी हुई। लेकिन कोच्चि से दिल्ली की फ्लाइट का समय कई बार बदला गया। पहले दोपहर 1:20 बजे, फिर 4:30 और 5:30 बजे का अपडेट दिया गया। अंततः विमान शाम 5:42 बजे रवाना हुआ और रात 8:21 बजे दिल्ली पहुंचा। इस देरी के कारण दंपती की दिल्ली–इंदौर कनेक्टिंग फ्लाइट छूट गई।

    योगेश ने बताया कि दिल्ली पहुंचने पर उन्हें उसी रात इंदौर भेजा जा सकता था, लेकिन एयर इंडिया ने वैकल्पिक तौर पर उन्हें पुणे भेज दिया। रात करीब 2:30 बजे पुणे पहुंचने के बाद न तो एयरलाइन ने ठहरने की व्यवस्था की और न ही भोजन उपलब्ध कराया। मजबूरी में दोनों ने एयरपोर्ट की कुर्सियों पर रात बिताई। अगले दिन सुबह एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट से दंपती सुबह 9:10 बजे इंदौर पहुंचे।दंपती ने आरोप लगाया कि एयर इंडिया ने DGCA के दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया। नियमों के मुताबिक घरेलू उड़ान में दो घंटे से अधिक देरी होने पर यात्रियों को भोजन और रिफ्रेशमेंट देना अनिवार्य है। अगर देरी रातभर की हो तो होटल या लाउंज की व्यवस्था भी जरूरी है। इसके अलावा, ऑपरेशनल कारणों से हुई देरी पर यात्रियों को दूरी और समय के आधार पर 5,000 से 10,000 रुपये तक मुआवजा मिलने का प्रावधान है।

    पीड़ित दंपती ने बताया कि उन्होंने एयरलाइन अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस मामले ने एक बार फिर यात्रियों की सुविधा और एयरलाइनों की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती हवाई यात्राओं के बीच एयरलाइनों को वैकल्पिक व्यवस्था और ग्राहक सहायता पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए ताकि यात्रियों को अनावश्यक मानसिक और शारीरिक कष्ट न झेलना पड़े।

  • केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा तीन दिवसीय दौरे पर जबलपुर सामाजिक सांस्कृतिक और राजनीतिक कार्यक्रमों में रहेंगे व्यस्त

    केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा तीन दिवसीय दौरे पर जबलपुर सामाजिक सांस्कृतिक और राजनीतिक कार्यक्रमों में रहेंगे व्यस्त


    जबलपुर से खबर है कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन और उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा आज गुरुवार शाम से तीन दिवसीय दौरे पर जबलपुर में हैं। उनका यह दौरा राजनीतिक सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ा है। शाम करीब 5 बजे नड्डा विशेष विमान से डुमना एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जहां भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उनका स्वागत करेंगे।

    हवाई अड्डे से केंद्रीय मंत्री सीधे लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के सिविल लाइन स्थित निवास पहुंचेंगे। इसके बाद वे सांसद आशीष दुबे के राइट टाउन स्थित कार्यालय में मुलाकात और चर्चा के लिए जाएंगे। रात्रि में उनका शहर के वरिष्ठ भाजपा नेताओं और सामाजिक प्रतिनिधियों से संवाद प्रस्तावित है। इस दौरान स्थानीय मुद्दों संगठनात्मक गतिविधियों और क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषयों पर अनौपचारिक चर्चा होने की संभावना है।

    शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री नड्डा सुबह शहर के करमचंद चौक स्थित सिटी बंगाली क्लब पहुंचेंगे। यहां वे सिद्धि बाला बोस लाइब्रेरी एसोसिएशन के शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस आयोजन में साहित्य, शिक्षा और सामाजिक योगदान से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। कार्यक्रम में शहर के प्रबुद्ध नागरिक, शिक्षाविद और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे।दोपहर में नड्डा जबलपुर से कटनी के लिए रवाना होंगे। कटनी में वे पार्टी और प्रशासन से जुड़े कुछ स्थानीय कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। बताया गया है कि वहां संगठनात्मक बैठक और जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद का एजेंडा है। शाम तक वे पुनः जबलपुर लौटेंगे।

    शुक्रवार शाम नड्डा ग्वारीघाट में मां नर्मदा की महाआरती में शामिल होंगे। यह धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संत समाज की मौजूदगी में होने वाली इस आरती में वे प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। प्रशासनिक स्तर पर इस कार्यक्रम की तैयारियां पहले से पूरी की जा रही हैं।तीन दिवसीय दौरे के अंतिम दिन शनिवार को केंद्रीय मंत्री का जबलपुर में सीमित कार्यक्रम रहेगा। दोपहर लगभग 1 बजे वे डुमना एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। दौरे को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए भाजपा संगठन और जिला प्रशासन ने समन्वय स्थापित किया है।

    राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से यह दौरा अहम माना जा रहा है। नड्डा का दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब राज्य और केंद्र स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियां तेज हैं। स्थानीय नेतृत्व के साथ बैठकें और सामाजिक आयोजनों में सहभागिता भाजपा की जनसंपर्क रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। इस दौरे से संगठन की मजबूती और आगामी राजनीतिक रणनीतियों को बल मिलने की उम्मीद है।

  • बलात्कार पीड़िता को हाईकोर्ट से बड़ी राहत ग्वालियर खंडपीठ ने IG को दिए सुरक्षा निर्देश

    बलात्कार पीड़िता को हाईकोर्ट से बड़ी राहत ग्वालियर खंडपीठ ने IG को दिए सुरक्षा निर्देश


    ग्वालियर हाईकोर्ट खंडपीठ ने एक बलात्कार पीड़िता को राहत देते हुए उसकी और उसके परिवार की सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। न्यायालय ने ग्वालियर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक को आदेश दिया है कि ट्रायल समाप्त होने तक पीड़िता सहित सभी गवाहों को पूर्ण सुरक्षा मुहैया कराई जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की संवैधानिक और कानूनी जिम्मेदारी है।

    यह आदेश न्यायमूर्ति मिलिंद रमेश फडके ने संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत दायर याचिका पर सुनवाई के बाद पारित किया। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि उसे और उसके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं और पुलिस ने प्रारंभिक स्तर पर एफआईआर दर्ज करने में लापरवाही बरती। पीड़िता ने हाईकोर्ट का रुख कर सुरक्षा की मांग की थी ताकि वह बिना भय के न्यायिक प्रक्रिया में भाग ले सके।याचिकाकर्ता के अनुसार वह एक गंभीर आपराधिक मामले में पीड़िता है और आरोपी पक्ष की ओर से लगातार दबाव और धमकियां मिल रही हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद भी हालात नहीं बदले और पीड़िता व उसके परिवार में भय का माहौल बना रहा। ऐसे में हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त आदेश दिए कि गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित होना न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता के लिए अनिवार्य है।

    कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर गवाह सुरक्षित नहीं होंगे तो ट्रायल पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। किसी भी आपराधिक मुकदमे में निष्पक्ष सुनवाई तभी संभव है जब पीड़ित और गवाह बिना भय दबाव या प्रलोभन के बयान दे सकें। हाईकोर्ट ने IG को निर्देश दिए कि वे स्वयं या किसी सक्षम वरिष्ठ अधिकारी के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करें।

    हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों में पीड़िता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और सुरक्षा में कोई चूक हुई तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। आवश्यक होने पर अतिरिक्त सुरक्षात्मक कदम उठाने का भी आदेश दिया गया है।इसके पहले भी हाईकोर्ट ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश दिए थे लेकिन याचिकाकर्ता ने बताया कि जमीनी स्तर पर उन आदेशों का प्रभावी पालन नहीं हुआ था। लगातार मिल रही धमकियों के कारण पीड़िता और उसके परिवार में डर का माहौल बना हुआ था जिससे ट्रायल प्रभावित होने का खतरा था।

    अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस प्रशासन पर यह जिम्मेदारी है कि पीड़िता, उसके परिवार और सभी गवाहों की सुरक्षा के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं। ट्रायल सत्र न्यायालय में जारी है और हाईकोर्ट के निर्देशों के पालन की रिपोर्ट नियमित रूप से दी जाएगी।यह फैसला न केवल पीड़िता के लिए राहत लेकर आया है बल्कि यह संदेश भी देता है कि न्याय प्रक्रिया में किसी भी स्थिति में डर और दबाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा और गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन का कर्तव्य है।

  • हिंदुत्व मामले पर कांग्रेस का उपवास पूर्व मंत्री पीसी शर्मा का बीजेपी पर हमला रोशनपुरा में शंकराचार्य की पूजा करेंगे

    हिंदुत्व मामले पर कांग्रेस का उपवास पूर्व मंत्री पीसी शर्मा का बीजेपी पर हमला रोशनपुरा में शंकराचार्य की पूजा करेंगे

    भोपाल से शिखिल ब्यौहार की रिपोर्ट मध्यप्रदेश कांग्रेस के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के रोशनपुरा उपवास और शंकराचार्य पूजा कार्यक्रम का ऐलान किया उन्होंने कहा कि 24 जनवरी को कांग्रेस एक दिन उपवास रखेगी और शंकराचार्य की पूजा करेगी इस अवसर पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता साधु संत सामाजिक कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी मौजूद रहेंगे पीसी शर्मा ने कहा कि अंग्रेजों ने कभी यह नहीं पूछा कि शंकराचार्य कौन हैं लेकिन बीजेपी की सरकार ने ऐसा अपमान किया शिष्यों के साथ मारपीट की गई और हिंदुओं की भावनाओं का ठेस पहुंचाई गई उन्होंने आरोप लगाया कि वाराणसी के मणिकर्णिका घाट को भी तहस नहस किया गया और मोक्ष की जगह को भी उजाड़ दिया गया उन्होंने कहा कि भोपाल में गौ माता का अपमान हुआ और गौमाता काटी जा रही है

    पूर्व मंत्री ने कहा कि बीजेपी सरकार रावणी तत्वों की तरह कार्य कर रही है और यह लोग कभी राम के पदचिन्हों पर नहीं चल सकते उन्होंने अयोध्या की प्राण प्रतिष्ठा के दो साल पूरे होने पर कहा कि मुझे वहां जाना पड़ा और सरकार को सद्बुद्धि की जरूरत है उन्होंने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार व्याप्त है सड़क धसने के मामलों में ठेकेदारों पर कार्रवाई होती है लेकिन अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं होती और सीएम हेल्पलाइन भी पूरी तरह असहाय हो गई है उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में हर जगह भ्रष्टाचार और मनमानी फैली हुई है

    पीसी शर्मा ने SIR में कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल की कार्रवाई का जिक्र किया उन्होंने कहा कि 7 नंबर फॉर्म हटा रहे हैं और बीजेपी कार्यालय से फर्म के जरिए अल्पसंख्यकों को जबरन फॉर्म दिए जा रहे हैं आदिवासी के नाम काटे जा रहे हैं उन्होंने आरोप लगाया कि पहले फर्जीवाड़े से चुनाव जीते गए अब नाम जबरन काटने का काम किया जा रहा है कांग्रेस इस मामले में कड़ा एक्शन लेगीइसके अलावा उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ जारी जमानती वारंट का भी जिक्र किया और कहा कि पुलिस को उनका पता नहीं मिल रहा है उन्होंने यह संकेत दिया कि बीजेपी की सरकार राजनीतिक एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए सभी तरह के हथकंडे अपना रही है पीसी शर्मा ने कहा कि हार जीत राजनीति में होती है लेकिन हिंदुओं की भावनाओं का अपमान किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं है

    पूर्व मंत्री ने प्रेस वार्ता में प्रदेश में बढ़ते भ्रष्टाचार और सरकारी लापरवाही की ओर भी ध्यान आकर्षित किया उन्होंने कहा कि प्रशासनिक ढांचा और कानून व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है और आम जनता को सरकारी मदद नहीं मिल रहीकांग्रेस के उपवास और शंकराचार्य पूजा कार्यक्रम को लेकर शहर भर में राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है और नेताओं और साधु संतों के शामिल होने से इसे और अधिक जोर मिलने की संभावना है

  • ग्वालियर में हैवानियत: छात्रा को सरेराह डंडे से मारकर किया बेहोश, फिर कमरे में ले जाकर किया दुष्कर्म

    ग्वालियर में हैवानियत: छात्रा को सरेराह डंडे से मारकर किया बेहोश, फिर कमरे में ले जाकर किया दुष्कर्म

    ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है जिसने शहर की कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कलेक्ट्रेट जैसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके के पास एक 20 वर्षीय छात्रा के साथ न केवल दिनदहाड़े मारपीट की गई बल्कि उसे बेहोश कर एक मकान में ले जाकर उसके साथ दरिंदगी की गई। यह पूरी घटना उस समय हुई जब छात्रा अपनी स्टेनोग्राफी की कोचिंग खत्म कर स्कूटी से घर लौट रही थी।

    पीड़िता के अनुसार जब वह विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र से गुजर रही थी तभी दतिया निवासी हर्ष ठाकुर ने अपने एक साथी के साथ मिलकर उसकी स्कूटी में जानबूझकर जोरदार टक्कर मार दी। जब छात्रा ने इस हरकत का विरोध किया तो आरोपी हर्ष ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए उसके सिर पर डंडे से हमला कर दिया। हमले की वजह से छात्रा मौके पर ही अचेत हो गई। इसके बाद आरोपी उसे उठाकर पास ही के एक सुनसान मकान में ले गए जहाँ हर्ष ने उसके साथ दुष्कर्म किया। जब छात्रा को होश आया और उसने विरोध करने की कोशिश की तो आरोपियों ने दोबारा उसके साथ मारपीट की और उसके सिर पर कांच की बोतल दे मारी जिससे वह फिर से लहूलुहान होकर बेहोश हो गई।

    वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी छात्रा को वापस उसकी स्कूटी के पास अधमरी हालत में छोड़कर फरार हो गए। कुछ समय बाद जब छात्रा को होश आया तो वह किसी तरह अपने घर पहुंची और परिजनों को आपबीती सुनाई। बदहवास हालत में परिजन उसे लेकर थाने पहुंचे जहाँ पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत केस दर्ज किया।

    इस मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा यह भी हुआ है कि आरोपी हर्ष और पीड़िता पहले से परिचित थे। एडिशनल एसपी विदिता डागर ने बताया कि साल 2023 में भी छात्रा ने हर्ष के खिलाफ छेड़छाड़ और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया था जिसका मुकदमा फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। संभवतः इसी पुरानी रंजिश और कोर्ट केस का बदला लेने के लिए आरोपी ने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया है।पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी हर्ष ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया है जबकि उसके साथी की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। इस घटना ने ग्वालियर में सनसनी फैला दी है और लोग दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं।

  • पुलिस अभिरक्षा से दो संदिग्ध फरार, थाने में मचा हड़कंप; मंदिर चोरी मामले में पूछताछ के लिए लाए गए थे

    पुलिस अभिरक्षा से दो संदिग्ध फरार, थाने में मचा हड़कंप; मंदिर चोरी मामले में पूछताछ के लिए लाए गए थे


    नई दिल्ली। देवास जिले के कांटाफोड़ थाना क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पुलिस अभिरक्षा में रखे गए दो संदिग्ध अचानक थाने से फरार हो गए। यह घटना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। फरार हुए दोनों संदिग्धों पर नगर के प्रसिद्ध गणेश मंदिर में कुछ माह पूर्व हुई चोरी सहित अन्य आपराधिक वारदातों में शामिल होने का संदेह है।

    जानकारी के अनुसार, पुलिस को हाल ही में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कुछ अहम सुराग हाथ लगे थे। इन्हीं फुटेज के आधार पर जानसूर निवासी दोनों संदिग्धों को पूछताछ के लिए कांटाफोड़ थाने लाया गया था। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान दोनों से मंदिर चोरी और अन्य मामलों को लेकर सवाल-जवाब किए जा रहे थे। इसी बीच दोनों संदिग्धों ने पानी पीने का बहाना बनाया और पुलिसकर्मियों की नजरों से ओझल होते हुए थाने से बाहर निकलकर फरार हो गए।घटना का पता चलते ही थाना परिसर में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिसकर्मियों ने आसपास के इलाकों में तलाश शुरू की, लेकिन तब तक दोनों संदिग्ध काफी दूर निकल चुके थे। थाने से संदिग्धों के फरार होने की खबर फैलते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई और उच्च अधिकारियों को सूचना दी गई।

    सूत्रों के मुताबिक, फरार संदिग्धों की तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि फरार आरोपियों के भागने के रास्ते और दिशा का पता लगाया जा सके। हालांकि, खबर लिखे जाने तक दोनों संदिग्धों का कोई सुराग नहीं लग पाया है।इस पूरे मामले को लेकर पुलिस अधिकारी फिलहाल आधिकारिक रूप से कुछ भी कहने से बचते नजर आ रहे हैं। जब इस संबंध में कांटाफोड़ थाना प्रभारी सुरेखा निमोदा से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन उठाना उचित नहीं समझा। वहीं, बागली एसडीओपी से जब फोन पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें फिलहाल इस मामले की कोई जानकारी नहीं है।

    थाने से दो संदिग्धों के फरार होने की घटना ने पुलिस की लापरवाही और सुरक्षा इंतजामों पर सवालिया निशान लगा दिया है। आमजन के बीच भी इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि संदिग्ध पुलिस अभिरक्षा से ही फरार हो जाएं, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।फिलहाल पुलिस दोनों फरार संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका और लापरवाही की भी जांच किए जाने की संभावना है। घटना ने एक बार फिर पुलिस की सतर्कता और थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर बहस छेड़ दी है।

  • MP: गणतंत्र दिवस पर भोपाल में राज्यपाल, उज्जैन में CM करेंगे ध्वजारोहण, जानिए इंदौर में कौन फहराएगा तिरंगा

    MP: गणतंत्र दिवस पर भोपाल में राज्यपाल, उज्जैन में CM करेंगे ध्वजारोहण, जानिए इंदौर में कौन फहराएगा तिरंगा


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में भी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस (Republic Day) बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। इस दौरान प्रदेश के सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें राज्य सरकार के अलग-अलग जनप्रतिनिधि हिस्सा लेकर झंडावंदन (Flag Hoisting) करेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस बारे में जानकारी देते हुए एक पत्र जारी किया है और बताया है कि इस साल होने वाले जिलास्तरीय आयोजनों कौन से प्रतिनिधि कहां पर राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। राज्य के सभी कलेक्टरों के नाम पर जारी इस पत्र में बताया गया है कि राज्य स्तरीय और जिला स्तरीय कार्यक्रमों में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उप मुख्यमंत्री, मंत्री, राज्यमंत्री और कलेक्टर किन जिला मुख्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे।

    पत्र में दी गई जानकारी के अनुसार प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल (Mangubhai Patel) भोपाल में होने वाले मुख्य समारोह में ध्वज फहराएंगे, जबकि प्रदेश के मुख्मंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) अपने गृह नगर उज्जैन में होने वाले आयोजन में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। वहीं विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ग्वालियर जिले में ध्वज फहराएंगे और मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे। पत्र के अनुसार 23 जिले ऐसे भी हैं, जहां पर स्थानीय कलेक्टर ही ध्वज फहराएंगे।


    किस जिले में कौन सा मंत्री फहराएगा ध्वज

    1. इंदौर- जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री
    2. सागर- राजेन्द्र शुक्ल, उप मुख्यमंत्री
    3. रतलाम- कुंवर विजय शाह, मंत्री
    4. रीवा- प्रहलाद सिंह पटेल, मंत्री
    5. छिंदवाडा- राकेश सिंह, मंत्री
    6. सिवनी- करण सिंह वर्मा, मंत्री
    7. कटनी- उदय प्रताप सिंह, मंत्री
    8. जबलपुर- सम्पतिया उईके, मंत्री
    9. बुरहानपुर- तुलसीराम सिलावट, मंत्री
    10. दतिया- एदल सिंह कंषाना, मंत्री
    11. नीमच- निर्मला भूरिया, मंत्री
    12. गुना- गोविन्द सिंह राजपूत, मंत्री
    13. खरगोन- विश्वास सारंग, मंत्री
    14. शाजापुर- नारायण सिंह कुशवाह, मंत्री
    15. आगर-मालवा- नागर सिंह चौहान, मंत्री
    16. शिवपुरी- प्रद्युम्न सिंह तोमर, मंत्री
    17. अशोकनगर- राकेश शुक्ला, मंत्री
    18. राजगढ़- चेतन्य काश्यप, मंत्री
    19. दमोह- इंदर सिंह परमार, मंत्री
    20. सीहोर- कृष्णा गौर, राज्यमंत्री
    21. खण्डवा- धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी, राज्यमंत्री
    22. मण्डला- दिलीप जायसवाल, राज्यमंत्री
    23. बड़वानी- गौतम टेटवाल, राज्यमंत्री
    24. विदिशा- लखन सिंह पटेल, राज्यमंत्री
    25. रायसेन- नारायण सिंह पंवार, राज्यमंत्री
    26. नर्मदापुरम- नरेंद्र शिवाजी पटेल, राज्यमंत्री
    27. डिण्डौरी- प्रतिमा बागरी, राज्यमंत्री
    28. अनूपपुर- दिलीप अहिरवार, राज्यमंत्री
    29. मैहर- राधा सिंह, राज्यमंत्री

    इन 23 जिलों में कलेक्टर फहराएंगे ध्वज व पढ़ेंगे CM का संदेश

    1. देवास, 2. धार, 3. झाबुआ, 4. अलीराजपुर, 5. मुरैना, 6. मन्दसौर, 7. श्योपुर, 8. भिण्ड, 9. सीधी, 10. सतना, 11. मऊगंज, 12. शहडोल, 13. उमरिया, 14. पन्ना, 15. छतरपुर, 16. टीकमगढ़, 17. निवाड़ी, 18. बैतूल, 19. हरदा, 20. सिंगरौली, 21. नरसिंहपुर, 22. बालाघाट, 23. पांढुर्णा

  • MP के उत्तरी जिलों में बारिश की संभावना, बढ़ेगी ठंड, कोहरा भी बना रहेगा चुनौती

    MP के उत्तरी जिलों में बारिश की संभावना, बढ़ेगी ठंड, कोहरा भी बना रहेगा चुनौती

    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 23 जनवरी (शुक्रवार) को प्रदेश के उत्तरी जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है। इसमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर प्रमुख हैं। बारिश के साथ ही इन जिलों में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और रात के समय तापमान में गिरावट भी आ सकती है।

    मौसम विभाग ने बताया कि 25 जनवरी से न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट होने की संभावना है, जिससे ठंड का असर और बढ़ जाएगा। फिलहाल प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में कोहरे का असर बना हुआ है। गुरुवार सुबह ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में मध्यम कोहरा छाया रहा, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में हल्का कोहरा देखने को मिला।

    मौसम विभाग ने पश्चिम और उत्तर भारत में सक्रिय दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के कारण आने वाले दिनों में प्रदेश में मौसम बदलने की संभावना जताई है। इन सिस्टम्स के प्रभाव से 24 जनवरी से मध्य प्रदेश में बादल छाने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है।

    तापमान का हाल (23 जनवरी 2026 तक):
    सबसे ठंडे जिले:
    मंदसौर: 5.1°C
    राजगढ़: 6.2°C
    नौगांव: 7°C
    शाजापुर: 7.1°C
    कटनी (करौंदी): 7.6°C
    दतिया: 7.9°C
    खजुराहो: 8°C
    रीवा: 8.2°C
    शिवपुरी: 9°C
    पचमढ़ी: 9.2°C

    बड़े शहर:
    ग्वालियर: 9°C
    भोपाल: 10.8°C
    इंदौर: 12.2°C
    उज्जैन: 12°C
    जबलपुर: 12.5°C

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश और तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की संभावना बनी रहेगी। प्रदेश के नागरिकों को सलाह दी गई है कि ठंड और कोहरे के कारण वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और गर्म कपड़े पहनें। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 26–28 जनवरी तक भी तापमान में उतार-चढ़ाव रहेगा। इस दौरान रात के तापमान में 2–4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि और गिरावट दोनों देखने को मिल सकती है। कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में आने वाले दिनों में ठंड और कोहरे के साथ मौसम बदलते रहेंगे, और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में हल्की बारिश के बाद सर्दी बढ़ने की संभावना है।

  • मुख्य सचिव अनुराग जैन का कलेक्टरों को कड़ा संदेश: “समझो कि सब कुछ पता चल जाता है, करप्शन से दूर रहो”

    मुख्य सचिव अनुराग जैन का कलेक्टरों को कड़ा संदेश: “समझो कि सब कुछ पता चल जाता है, करप्शन से दूर रहो”



    नई दिल्ली। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कई जिलों में कलेक्टरों के खिलाफ मिल रही शिकायतों पर नाराजगी जताई है और स्पष्ट किया है कि अधिकारियों को यह नहीं समझना चाहिए कि उनकी गतिविधियां छुपी रहती हैं। उन्होंने कहा कि “किसके यहां क्या पक रहा है, सब मालूम है”, इसलिए सभी अधिकारियों को करप्शन से दूर रहकर सरकार की प्राथमिकताओं और जनता के हितों के अनुरूप काम करना चाहिए।
    सीएस जैन ने यह भी कहा कि कुछ जिलों की शिकायतें उनके और मुख्यमंत्री के पास भी पहुंची हैं, इसलिए बेहतर यही होगा कि अधिकारी जल्द ही अपनी कार्यशैली सुधारें।

    यह चेतावनी उन्होंने सात और आठ अक्टूबर को हुई दो दिवसीय कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस की दूसरी समीक्षा बैठक में दी। इस बैठक में सीएस जैन ने कॉन्फ्रेंस के 85 बिंदुओं की जिलावार समीक्षा की और टॉप थ्री तथा बॉटम थ्री जिलों की जानकारी साझा करते हुए कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों को सुधारने का निर्देश दिया। बैठक में पुलिस और अन्य विभागों के साथ मिलकर महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता के लिए किए गए कार्यों की भी समीक्षा की गई।

    साथ ही नाबालिग बालिकाओं के गुम होने पर उनकी तलाश के लिए चलाए जा रहे मुस्कान अभियान की प्रगति भी ली गई, जिसमें बताया गया कि अब तक 1900 से अधिक बालिकाओं को बरामद किया गया है। जन जागरूकता अभियान में टीकमगढ़, धार और सिंगरौली टॉप थ्री जिलों में शामिल रहे, जबकि पन्ना, मुरैना और भिंड बॉटम थ्री जिलों में रहे।

    कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस की तारीखों को लेकर भी चर्चा हुई, क्योंकि इसे आयोजित करने के लिए कई बार तारीख बदलती रही। सीएस अनुराग जैन ने पिछले माह 31 दिसंबर को बैठक की तारीख तय की थी, फिर इसे 5 जनवरी कर दिया गया। फिर भी कॉन्फ्रेंस समय पर नहीं हो सकी और 15 जनवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक करने का निर्णय लिया गया, लेकिन प्रशासनिक कारणों से यह भी संभव नहीं हो पाया। अंततः यह बैठक चौथी बार तय तारीख पर ही हो सकी।