Category: Madhya Pradesh

  • पन्ना टाइगर रिजर्व के पास खौफ: वन्यजीव के हमले में 12 साल के मासूम की मौत, ग्रामीणों में भारी दहशत

    पन्ना टाइगर रिजर्व के पास खौफ: वन्यजीव के हमले में 12 साल के मासूम की मौत, ग्रामीणों में भारी दहशत

    पन्ना। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले से एक हृदयविदारक खबर सामने आई है, जहाँ टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र से सटे एक गांव में वन्यजीव के जानलेवा हमले ने एक मासूम की जान ले ली। शुक्रवार की सुबह ग्राम जरधोवा में उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब 12 साल के एक बच्चे पर किसी अज्ञात शिकारी वन्यजीव ने अचानक हमला कर दिया। इस हमले में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं।

    यह दुखद घटना पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र की सीमा से लगे जरधोवा गांव की है। बताया जा रहा है कि बच्चा सुबह जब गांव के बाहरी हिस्से के पास था, तभी झाड़ियों में छिपे किसी हिंसक जानवर ने उस पर झपट्टा मार दिया। शोर सुनकर जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तब तक वन्यजीव बच्चे को लहूलुहान कर जंगल की ओर भाग चुका था। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस प्रशासन की टीमें सक्रिय हो गई हैं।

    वन अधिकारी अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं और बारीकी से साक्ष्य जुटा रहे हैं। विभाग के विशेषज्ञों द्वारा मौके पर मिले पगमार्क की जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हमला तेंदुए ने किया है, बाघ ने या किसी अन्य जंगली जानवर ने। वन अधिकारियों का कहना है कि हमले की परिस्थितियों का आकलन किया जा रहा है और हमलावर जानवर की पहचान के लिए गश्त बढ़ा दी गई है।

    इस घटना ने एक बार फिर ‘इंसान और वन्यजीव’ के बीच बढ़ते संघर्ष को उजागर कर दिया है। पन्ना टाइगर रिजर्व के करीब स्थित गांवों में जंगली जानवरों की हलचल अक्सर देखी जाती है, लेकिन इस जानलेवा हमले ने ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। ग्रामीण प्रशासन से सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, वन विभाग ने आसपास के ग्रामीणों को जंगल की सीमा की ओर न जाने और समूह में रहने की सख्त हिदायत दी है।

  • बैतूल छात्रवृत्ति घोटाला: पुलिस के हत्थे चढ़ा तीसरा आरोपी, 'गांव की बेटी योजना' में हुआ था बड़ा गबन

    बैतूल छात्रवृत्ति घोटाला: पुलिस के हत्थे चढ़ा तीसरा आरोपी, 'गांव की बेटी योजना' में हुआ था बड़ा गबन


    बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाले करीब डेढ़ करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में पुलिस ने आज एक और बड़ी सफलता हासिल की है। ‘गांव की बेटी योजना’ के तहत छात्राओं के हक की राशि डकारने वाले इस जालसाजी मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान प्रकाश बंजारे के रूप में हुई है, जो जिले के प्रतिष्ठित जेएच कॉलेज जयवंती हक्सर कॉलेज में सहायक ग्रेड-2 के पद पर पदस्थ था।

    यह पूरा मामला सरकारी खजाने में सेंधमारी और उन बेटियों के भविष्य से खिलवाड़ का है, जिनके लिए सरकार प्रोत्साहन राशि भेजती है। जांच के दौरान सामने आया कि यह घोटाला करीब 1 करोड़ 44 लाख 65 हजार रुपये का है। आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से दस्तावेजों में हेरफेर कर ‘गांव की बेटी योजना’ के लिए आवंटित राशि का गबन किया। प्रकाश बंजारे पर आरोप है कि उसने पद का दुरुपयोग करते हुए इस वित्तीय अनियमितता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और सरकारी धन को अवैध रूप से ठिकाने लगाने में मदद की।

    बैतूल पुलिस इस मामले में पहले ही दो आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। विभाग के भीतर चल रहे इस सिंडिकेट का भंडाफोड़ होने के बाद से ही पुलिस की टीमें कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई थीं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी प्रकाश से पूछताछ में इस घोटाले के कुछ और बड़े नामों और बैंक खातों की जानकारी सामने आ सकती है, जहाँ गबन की गई राशि ट्रांसफर की गई थी। इस गिरफ्तारी के बाद जेएच कॉलेज और शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। छात्राओं के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं में इतने बड़े स्तर पर सेंधमारी ने प्रशासनिक सतर्कता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब यह पड़ताल कर रही है कि क्या इस घोटाले की जड़ें कॉलेज प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों तक भी फैली हुई हैं। फिलहाल, प्रकाश बंजारे की गिरफ्तारी को इस करोड़ों के घोटाले के खुलासे में एक अहम कड़ी माना जा रहा है।

  • इंदौर में मौत का तांडव: दूषित पानी ने ली 26वीं जान, भागीरथपुरा में हाहाकार

    इंदौर में मौत का तांडव: दूषित पानी ने ली 26वीं जान, भागीरथपुरा में हाहाकार


    इंदौर। स्वच्छता में देश का सिरमौर रहने वाला इंदौर शहर इन दिनों एक भीषण जल-त्रासदी के दौर से गुजर रहा है। शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के सेवन से हो रही मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को इस जानलेवा जल संकट ने एक और बुजुर्ग की बलि ले ली, जिससे क्षेत्र में अब तक मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 26 हो गया है। प्रशासन की तमाम कोशिशों और दावों के बीच लगातार हो रही ये मौतें अब शहर की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।

    ताजा मामला 63 वर्षीय बद्री प्रसाद का है, जो पिछले कई दिनों से मौत और जिंदगी के बीच संघर्ष कर रहे थे। बताया जा रहा है कि दूषित पानी के कारण उन्हें गंभीर उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी, जिसके बाद 17 जनवरी को उन्हें अरविंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बद्री प्रसाद पहले से ही टीबी की बीमारी से जूझ रहे थे और दूषित पानी के संक्रमण ने उनके शरीर को इतना कमजोर कर दिया कि शुक्रवार को इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी मृत्यु की खबर फैलते ही भागीरथपुरा क्षेत्र में मातम के साथ-साथ प्रशासन के खिलाफ आक्रोश और गहरा गया है।

    क्षेत्र में हालात अभी भी बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, फिलहाल अरविंदो अस्पताल में 10 और मरीज भर्ती हैं, जो दूषित पानी के दुष्प्रभाव से जूझ रहे हैं। इनमें से एक मरीज की स्थिति अत्यंत नाजुक बताई जा रही है, जिसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि भर्ती मरीजों में से 8 ऐसे हैं जो पहले से ही किसी न किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं, जिससे उन पर संक्रमण का असर अधिक घातक साबित हो रहा है।

    लगातार हो रही इन मौतों ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है, लेकिन जमीन पर स्थिति अब भी बेकाबू नजर आ रही है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जल निकासी और पाइपलाइनों में लीकेज की समस्या को समय रहते ठीक नहीं किया गया, जिसका खामियाजा अब निर्दोष लोगों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है। भागीरथपुरा की गलियों में अब भी डर का साया है और लोग नल से आने वाले पानी की हर बूंद को संदेह की नजर से देख रहे हैं।

  • आरजीपीवी सुसाइड केस: वार्डन की 'नैतिक पुलिसिंग' ने ली छात्रा की जान? कैंपस में भारी आक्रोश

    आरजीपीवी सुसाइड केस: वार्डन की 'नैतिक पुलिसिंग' ने ली छात्रा की जान? कैंपस में भारी आक्रोश


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी स्थित प्रतिष्ठित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय आरजीपीवी का परिसर गुरुवार को उस वक्त सन्न रह गया, जब बीटेक प्रथम वर्ष की एक होनहार छात्रा सव्याश्री मुनागला 19 का शव उसके हॉस्टल के कमरे में फंदे से झूलता पाया गया। यह केवल एक आत्महत्या का मामला नहीं रह गया है, बल्कि हॉस्टल प्रबंधन की संवेदनशीलता और ‘नैतिक पुलिसिंगl पर एक बड़ा सवालिया निशान बनकर उभरा है। इस घटना के बाद से पूरे कैंपस में हड़कंप मचा हुआ है और साथी छात्र-छात्राओं में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
     
    प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका सव्याश्री आरजीपीवी के यूआईटी परिसर स्थित गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी। घटना की जड़ में वार्डन द्वारा की गई कथित प्रताड़ना को बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों और सीनियर छात्रों का आरोप है कि कुछ दिन पूर्व वार्डन ने सव्याश्री को किसी युवक के साथ देख लिया था। इसके बाद वार्डन ने न केवल छात्रा को कड़ी फटकार लगाई, बल्कि मर्यादाओं को ताक पर रखकर उसका वीडियो भी बना लिया। आरोप है कि वार्डन ने वह वीडियो छात्रा के परिजनों को भेज दिया, जिसके बाद से सव्याश्री गहरे मानसिक तनाव और लोक-लाज के भय में जी रही थी।

    गुरुवार को जब सव्याश्री अपने कमरे से बाहर नहीं निकली, तो सहेलियों ने उसे आवाज दी। कोई जवाब न मिलने पर जब दरवाजा खोला गया, तो अंदर का दृश्य भयावह था। छात्रा ने अपने ही दुपट्टे से फांसी लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली थी। घटना की खबर फैलते ही कैंपस में तनाव फैल गया। सीनियर छात्र आर्यमन देशमुख ने सीधे तौर पर वार्डन को इस मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि वीडियो बनाकर परिजनों को भेजना और छात्रा को सार्वजनिक रूप से अपमानित करना मानसिक प्रताड़ना की पराकाष्ठा थी। बदनामी के इसी डर ने एक उभरते करियर को असमय खत्म कर दिया।

    घटना के बाद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हॉस्टल और यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। हालांकि, छात्रों की मांग है कि वार्डन के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या कोई सुसाइड नोट छोड़ा गया है। यह दुखद घटना शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासन के नाम पर होने वाले उत्पीड़न और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनहीनता को एक बार फिर कटघरे में खड़ा करती है।

  • बालासाहेब ठाकरे जी की जयंती पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अर्पित किया नमन

    बालासाहेब ठाकरे जी की जयंती पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अर्पित किया नमन


    नई दिल्ली । बालासाहेब ठाकरे जी की जयंती के अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने उन्हें सादर पूर्वक नमन करते हुए उनके राष्ट्रनिष्ठ जीवन, अडिग सिद्धांतों और स्वाभिमानपूर्ण नेतृत्व का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे जी ने राष्ट्र, धर्म और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया और उनका यह योगदान सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

    श्री अमित शाह ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे जी ऐसे जननेता थे, जिन्होंने कभी भी परिस्थितियों के दबाव में अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उनका जीवन मूल्यनिष्ठ राजनीति, स्पष्ट विचार और निडर अभिव्यक्ति का प्रतीक रहा है। उन्होंने कहा कि बालासाहेब जी का व्यक्तित्व केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं था, बल्कि वे पूरे देश के राष्ट्रप्रेमियों के लिए समान रूप से आदरणीय और प्रिय बने रहे। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे जी ने समाज में स्वाभिमान की भावना को जागृत किया और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए जनमानस को दिशा देने का कार्य किया। उनका विचार और संघर्ष आज भी युवाओं तथा समाज के विभिन्न वर्गों को राष्ट्रसेवा और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए प्रेरित करता है।

    श्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किए गए अपने संदेश में कहा, “बालासाहेब ठाकरे जी ने राष्ट्र, धर्म और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। परिस्थितियाँ कैसी भी हों, सिद्धांतों से कभी समझौता न करने वाले बालासाहेब जी महाराष्ट्र ही नहीं, पूरे देश के राष्ट्रप्रेमियों के लिए सदैव प्रिय बने रहेंगे। बालासाहेब ठाकरे जी की जयंती पर उन्हें सादर पूर्वक नमन।” बालासाहेब ठाकरे जी की जयंती पर देशभर में उनके योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री का यह संदेश उनके विचारों, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति को सम्मान देने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का संदेश भी है।

  • लोकतंत्र की मजबूती का संकल्प: मुख्य सचिव अनुराग जैन ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर दिलाई शपथ

    लोकतंत्र की मजबूती का संकल्प: मुख्य सचिव अनुराग जैन ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर दिलाई शपथ


    मध्य प्रदेश । 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर प्रदेश में लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का संदेश देते हुए मुख्य सचिव अनुराग जैन ने मंत्रालय स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में अधिकारी-कर्मचारियों को मतदाता शपथ दिलाई। इस अवसर पर मंत्रालय वल्लभ भवन सहित सतपुड़ा और विंध्याचल भवन के अधिकारी-कर्मचारियों ने पूरे उत्साह और प्रतिबद्धता के साथ लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों, विशेषकर शासकीय सेवकों के बीच मतदान के महत्व और निष्पक्ष चुनाव की अनिवार्यता को रेखांकित करना रहा।

    मुख्य सचिव अनुराग जैन ने शपथ दिलाते हुए कहा कि भारत का लोकतंत्र विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है और इसकी मजबूती प्रत्येक नागरिक की जागरूक भागीदारी पर निर्भर करती है। उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारी-कर्मचारियों को शपथ दिलाई कि वे देश की लोकतांत्रिक परंपराओं की मर्यादा बनाए रखेंगे तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन की गरिमा को अक्षुण्ण रखने के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। शपथ में यह भी दोहराया गया कि अधिकारी-कर्मचारी निर्भीक होकर, धर्म, वर्ग, जाति, समुदाय, भाषा अथवा किसी भी प्रकार के प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना सभी निर्वाचनों में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

    मुख्य सचिव जैन ने कहा कि मतदान केवल अधिकार ही नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण नागरिक कर्तव्य भी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शासकीय सेवकों की भूमिका समाज के लिए उदाहरण प्रस्तुत करने की होती है। यदि अधिकारी-कर्मचारी स्वयं लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सजग और प्रतिबद्ध रहेंगे, तो आम नागरिकों में भी मतदान के प्रति विश्वास और जागरूकता बढ़ेगी। उन्होंने राष्ट्रीय मतदाता दिवस की सभी को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि यह दिवस लोकतंत्र के प्रति हमारी निष्ठा को और अधिक मजबूत करेगा। कार्यक्रम के दौरान परिसर में सकारात्मक और प्रेरणादायी वातावरण देखने को मिला। अधिकारी-कर्मचारियों ने एक स्वर में शपथ लेकर लोकतंत्र के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। आयोजन ने यह संदेश दिया कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासनिक तंत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, के.सी. गुप्ता, शिवशेखर शुक्ला सहित मंत्रालय वल्लभ भवन, सतपुड़ा-विंध्याचल भवन के अधिकारी-कर्मचारी एवं पुलिस अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस को लोकतंत्र के उत्सव के रूप में मनाते हुए यह संकल्प लिया कि वे अपने आचरण और कार्य से लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाएंगे। कार्यक्रम ने यह स्पष्ट किया कि मजबूत लोकतंत्र की नींव जागरूक मतदाता और जिम्मेदार प्रशासन से ही रखी जा सकती है।

  • नीमच में काल बना बेकाबू ट्रेलर: बाइक सवार दो युवकों को 50 फीट तक घसीटा, रूह कंपा देने वाले हादसे में दोनों की मौत

    नीमच में काल बना बेकाबू ट्रेलर: बाइक सवार दो युवकों को 50 फीट तक घसीटा, रूह कंपा देने वाले हादसे में दोनों की मौत


    नीमच । मध्य प्रदेश के नीमच जिले में गुरुवार रात एक ऐसा भयावह सड़क हादसा हुआ, जिसने प्रत्यक्षदर्शियों के कलेजे दहला दिए। कैंट थाना क्षेत्र के भरभड़िया फंटे पर एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाइक सवार दो युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सीमेंट से लदा यह भारी-भरकम ट्रेलर बाइक और उस पर सवार युवकों को करीब 50 फीट तक घसीटता चला गया। इस दर्दनाक मंजर में दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, उनके शरीर ट्रेलर के टायरों के नीचे बुरी तरह कुचल गए।

    हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बाइक को रौंदने के बाद बेकाबू ट्रेलर सड़क किनारे लगी लोहे की सुरक्षा रेलिंग तोड़ते हुए पास के एक खेत में जा घुसा। इस दौरान ट्रेलर की चपेट में बिजली का खंभा भी आ गया, जिससे 11 हजार केवी की हाईटेंशन लाइन में जोरदार स्पार्किंग हुई और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि हाईटेंशन तार की चपेट में आने से कोई और बड़ी जनहानि नहीं हुई, लेकिन शॉर्ट सर्किट के धमाकों ने मौके पर मौजूद लोगों में दहशत भर दी।

    घटना की जानकारी मिलते ही सीएसपी किरण चौहान और कैंट थाना प्रभारी निलेश अवस्थी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। ट्रेलर के भारी वजन के नीचे शव इस कदर फंस गए थे कि उन्हें निकालने के लिए क्रेन की मदद लेनी पड़ी। एम्बुलेंस और डायल 112 की टीम ने राहत कार्य करते हुए क्षत-विक्षत शवों को बाहर निकाला और जिला अस्पताल भिजवाया। फिलहाल पुलिस के पास मृतकों की शिनाख्त को लेकर कोई पुख्ता दस्तावेज नहीं मिले हैं, इसलिए बाइक के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर उनकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

    पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के तुरंत बाद ट्रेलर चालक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि भरभड़िया फंटे पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इस हृदयविदारक हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर अनियंत्रित गति से चलने वाले भारी वाहनों के कहर को उजागर कर दिया है।

  • शहडोल पुलिस लाइन में सनसनी: ड्यूटी पर तैनात आरक्षक ने सर्विस राइफल से खुद को उड़ाया, मौके पर मिला टूटा मोबाइल

    शहडोल पुलिस लाइन में सनसनी: ड्यूटी पर तैनात आरक्षक ने सर्विस राइफल से खुद को उड़ाया, मौके पर मिला टूटा मोबाइल



    शहडोल । मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां पुलिस लाइन में नाइट ड्यूटी पर तैनात एक युवा आरक्षक ने आत्मघाती कदम उठाते हुए अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। रक्षित केंद्र आरएआई में पदस्थ आरक्षक शिशिर सिंह राजपूत ने अपनी ही सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली, जिससे पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य और ड्यूटी के दौरान बढ़ते तनाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना उस वक्त की है जब शिशिर सिंह राजपूत नाइट ड्यूटी पर तैनात थे। वे अपनी कुर्सी पर बैठे हुए थे, तभी अचानक उन्होंने अपनी 7.62 एमएम सर्विस राइफल को अपने सिर से सटाकर ट्रिगर दबा दिया। गोली सिर के आर-पार निकल गई और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण आरक्षक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। गोली की आवाज सुनते ही आसपास मौजूद अन्य कर्मचारी घटनास्थल की ओर दौड़े, लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। मामले की सूचना मिलते ही एसपी रामजी श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे।

    घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने पर पुलिस को आरक्षक का मोबाइल फोन टूटा हुआ मिला है। प्रारंभिक जांच में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि खुदकुशी जैसा खौफनाक कदम उठाने से ठीक पहले आरक्षक मोबाइल पर किसी से बात कर रहे थे। पुलिस को संदेह है कि बातचीत के दौरान शिशिर किसी गहरी मानसिक वेदना या आवेश में आ गए थे, जिसके चलते उन्होंने पहले अपना फोन तोड़ा और फिर तत्काल खुद को गोली मार ली। यह आवेश व्यक्तिगत कारणों से था या विभागीय दबाव से, इसकी गहनता से पड़ताल की जा रही है।

    पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। एसपी रामजी श्रीवास्तव ने बताया कि घटना के हर पहलू की जांच की जा रही है और मोबाइल के डेटा को रिकवर करने की कोशिश की जाएगी ताकि मौत के असली कारणों का खुलासा हो सके। फिलहाल, इस घटना के बाद पुलिस लाइन में शोक की लहर व्याप्त है और सहकर्मी इस आकस्मिक क्षति से स्तब्ध हैं।

  • जहाँ देवी का मंदिर है, वहाँ इबादत कैसे स्वीकार होगी? भोजशाला विवाद पर विधायक रामेश्वर शर्मा का बड़ा बयान

    जहाँ देवी का मंदिर है, वहाँ इबादत कैसे स्वीकार होगी? भोजशाला विवाद पर विधायक रामेश्वर शर्मा का बड़ा बयान


    भोपाल । मध्य प्रदेश के धार जिले की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर चल रहे विवाद में अब सियासी बयानबाजी ने तूल पकड़ लिया है। बसंत पंचमी के अवसर पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूजा और नमाज दोनों की अनुमति दिए जाने के बाद, भाजपा के प्रखर विधायक रामेश्वर शर्मा ने एक बड़ा और तीखा बयान जारी किया है। उन्होंने सीधे तौर पर मुस्लिम समुदाय से सद्भावना की अपील करते हुए सवाल उठाया है कि जिस स्थान पर देवी का अधिष्ठान है, वहाँ की गई इबादत का क्या अर्थ है।

    विधायक रामेश्वर शर्मा ने अपने संबोधन में तर्क दिया कि इबादत और आस्था के बीच एक स्पष्ट समझ होनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘मुसलमानों को स्वयं यह समझना चाहिए कि जहाँ मां वाग्देवी सरस्वती का प्राचीन मंदिर है, वहाँ आपकी इबादत कैसे स्वीकार हो सकती है? हमारे सनातनी समाज की यह मांग सदियों से रही है कि जहाँ विद्या की देवी माँ सरस्वती विराजमान हैं, उस पवित्र स्थल पर केवल पूजन और अर्चना ही होनी चाहिए।’ शर्मा ने आगे जोड़ा कि स्वयं मुस्लिम समाज के मान्यताओं में भी यह उल्लेख मिलता है कि मंदिर परिसर के भीतर की गई इबादत जायज नहीं होती, ऐसे में इस मुद्दे को राजनीति से प्रेरित करने के बजाय समझदारी से सुलझाना चाहिए।

    ऐतिहासिक संदर्भों का हवाला देते हुए विधायक ने याद दिलाया कि भोजशाला का निर्माण महान राजा भोज ने माँ सरस्वती की आराधना और ज्ञान के केंद्र के रूप में किया था। उन्होंने कहा कि यह विद्या की देवी का मंदिर है और इसे अनावश्यक विवादों में नहीं घसीटना चाहिए। ‘माँ जगत जननी की निरंतर पूजा-अर्चना हमारा अधिकार है। हम इसके लिए लोकतंत्र की चौखट पर भी जाएंगे और सर्वोच्च न्यायालय से भी बार-बार प्रार्थना करेंगे कि यहाँ केवल सनातन परंपरा का निर्वहन हो,’ उन्होंने स्पष्ट किया।

    रामेश्वर शर्मा का यह बयान ऐसे संवेदनशील समय में आया है जब धार प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार बसंत पंचमी पर हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों के लिए अलग-अलग समय और स्थान नियत किए हैं। जहाँ एक ओर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पूजा की जा रही है, वहीं दूसरी ओर विधायक की इस अपील ने सामाजिक और राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सबको मिलकर माँ सरस्वती की आरती-पूजा होने देनी चाहिए ताकि धार्मिक सौहार्द बना रहे और इतिहास के साथ न्याय हो सके।

  • ग्वालियर में सनसनीखेज खुलासा: अपहरण नहीं, लुटेरी दुल्हन गैंग की थी साजिश; शादी के चंद घंटों बाद 2 लाख लेकर हुई फरार

    ग्वालियर में सनसनीखेज खुलासा: अपहरण नहीं, लुटेरी दुल्हन गैंग की थी साजिश; शादी के चंद घंटों बाद 2 लाख लेकर हुई फरार


    ग्वालियर। मध्य प्रदेश शहर के व्यस्ततम इलाके दाल बाजार में गुरुवार को दिनदहाड़े कार का कांच तोड़कर एक युवती के अपहरण की जिस घटना ने पूरे ग्वालियर को दहला दिया था, उसकी हकीकत सामने आते ही पुलिस और जनता दोनों हैरान हैं। जिसे लोग किडनैपिंग समझ रहे थे, वह दरअसल लुटेरी दुल्हन गैंग की एक सोची-समझी और फिल्मी अंदाज में रची गई साजिश निकली। पुलिस ने इस मामले में गैंग के एक सदस्य को दबोच लिया है, जिसके पास से ठगी के 90 हजार रुपये बरामद हुए हैं हालांकि मुख्य आरोपी दुल्हन और उसके अन्य साथी फिलहाल फरार हैं।

    इस पूरी साजिश की पटकथा शिवपुरी लिंक रोड निवासी महेंद्र पाराशर के घर से शुरू हुई। महेंद्र अपने मानसिक रूप से विक्षिप्त बेटे की शादी को लेकर चिंतित थे। इसी मजबूरी का फायदा उठाते हुए मुरैना निवासी राकेश शर्मा ने उन्हें झांसे में लिया। राकेश ने एक लड़की से शादी कराने का सौदा 2 लाख रुपये में तय किया। इसके बाद बंटी धाकड़ और हीरा ठाकुर नामक बिचौलियों ने महेंद्र को पूनम गौर उर्फ डॉली नाम की युवती से मिलवाया और उसे बंटी की साली बताया। महेंद्र ने बेटे के भविष्य की खातिर अपनी जमा-पूंजी से 2 लाख रुपये आरोपियों को सौंप दिए।

    शादी की औपचारिकताएं पूरी करने और नोटरी कराने के बाद जब महेंद्र अपने बेटे और नई नवेली बहू डॉली को कार से लेकर घर लौट रहे थे, तभी कोतवाली थाना क्षेत्र के दाल बाजार में साजिश का अगला हिस्सा शुरू हुआ। अचानक एक एक्टिवा और बाइक पर सवार चार नकाबपोश युवकों ने कार को ओवरटेक कर रोका। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, हमलावरों ने कार का कांच फोड़ा और दुल्हन को जबरन अपने साथ खींचकर ले गए। दिनदहाड़े हुई इस वारदात का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसे देख हर कोई सहम गया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल नाकाबंदी की और सीसीटीवी खंगाले। जांच के दौरान जैसे ही कड़ियां जुड़ीं, अपहरण की यह कहानी ठगी के बड़े नेटवर्क में बदल गई। पुलिस ने घेराबंदी कर गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार किया, जिसने कबूला कि यह किडनैपिंग नहीं बल्कि दुल्हन को सुरक्षित भगाने का एक नाटक था ताकि परिवार पुलिस में शिकायत न कर सके। पकड़े गए आरोपी के पास से लूटी गई रकम के 90 हजार रुपये बरामद कर लिए गए हैं।

    फिलहाल, पुलिस ने फरियादी महेंद्र पाराशर की शिकायत पर मुख्य सूत्रधार राकेश शर्मा, बंटी धाकड़, हीरा ठाकुर और लुटेरी दुल्हन पूनम गौर सहित 4 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश का मामला दर्ज कर लिया है। ग्वालियर पुलिस की कई टीमें अब इस संगठित गिरोह के बाकी सदस्यों और ‘डॉली’ की सरगर्मी से तलाश कर रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर शादी के नाम पर होने वाले इस तरह के संगठित अपराधों के प्रति समाज को सतर्क रहने की चेतावनी दी है।