Category: Madhya Pradesh

  • आगर-मालवा में एमडी ड्रग्स की बड़ी खेप पकड़ी गई, 33 लाख से अधिक की नशीली सामग्री के साथ आरोपी गिरफ्तार

    आगर-मालवा में एमडी ड्रग्स की बड़ी खेप पकड़ी गई, 33 लाख से अधिक की नशीली सामग्री के साथ आरोपी गिरफ्तार


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आगर-मालवा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोतवाली थाना पुलिस ने 330 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। बरामद मादक पदार्थ और एक मोबाइल फोन सहित कुल मशरुका की कीमत करीब 34 लाख 20 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 19 जनवरी की रात को कोतवाली थाना पुलिस को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि सुसनेर क्षेत्र के नूरानी नगर निवासी फैजान पठान 23 अवैध मादक पदार्थ एमडी ड्रग्स अपने पास रखकर सुसनेर आगरमालवा रोड से आगर की ओर जाने वाला है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी कर कार्रवाई की।

    पुलिस ने ग्राम आमला के पास मां दुर्गा माताजी मंदिर के समीप संदिग्ध युवक को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 330 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की गई। इसके अलावा एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया, जिसका उपयोग ड्रग्स के अवैध कारोबार में किया जा रहा था।प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त था और इसे आगे सप्लाई करने की फिराक में था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी यह नशीला पदार्थ कहां से लाया था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश भी शुरू कर दी गई है।

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता को लेकर आमजन में संतोष देखा जा रहा है। पुलिस अधीक्षक ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह सख्ती से जारी रहेगा।

  • भिण्ड: पेड़ पर लटकी लाश का सनसनीखेज खुलासा; आत्महत्या नहीं, पीट-पीटकर की गई थी सुखबीर की हत्या

    भिण्ड: पेड़ पर लटकी लाश का सनसनीखेज खुलासा; आत्महत्या नहीं, पीट-पीटकर की गई थी सुखबीर की हत्या


    भिण्ड । मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में पुलिस ने 11 जनवरी को हुई एक अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझा लिया है। ऊमरी थाना क्षेत्र के बजरंगगढ़ अकोड़ा गांव में पेड़ से लटके मिले 55 वर्षीय सुखबीर बघेल के शव के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरी कहानी बदल दी है। पुलिस जांच में यह साफ हो गया है कि सुखबीर ने आत्महत्या नहीं की थी बल्कि उनकी बेरहमी से हत्या करने के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए शव को पेड़ से लटकाया गया था।

    संदिग्ध चोटों ने खोला राज 11 जनवरी को जब सुखबीर बघेल का शव गांव के पास बांध वाले खेत में एक पेड़ से फंदे पर लटका मिला तो पहली नजर में यह खुदकुशी का मामला लग रहा था। हालांकि, मौके पर पहुँची ऊमरी थाना पुलिस को मृतक के सिर हाथ और पैरों पर गहरे जख्म और चोट के निशान मिले। इन निशानों ने पुलिस के मन में संदेह पैदा कर दिया, जिसके बाद शव को बारीकी से पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुराना विवाद हाल ही में आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने पुष्टि की है कि मृतक के शरीर पर पाए गए घाव किसी संघर्ष या मारपीट के हैं। रिपोर्ट में एंटी-मॉर्टम चोटों मौत से पहले की चोटें का जिक्र होने के बाद पुलिस ने अपनी जांच की दिशा बदल दी। परिजनों ने भी पुलिस को बताया था कि गांव के ही कुछ प्रभावशाली लोगों के साथ सुखबीर का पुराना विवाद चल रहा था।

    चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज वैज्ञानिक साक्ष्यों और परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस ने गांव के ही चार संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ हत्या धारा 302 और साक्ष्य छुपाने का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पहले सुखबीर के साथ मारपीट की और जब उनकी मौत हो गई, तो मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को खेत में लगे पेड़ पर फंदे से लटका दिया। ऊमरी थाना पुलिस अब नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।

  • हॉकी खिलाड़ियों को बड़ी सौगात, बैतूल को मिला अंतरराष्ट्रीय स्तर का सिंथेटिक ब्लू एस्ट्रोटर्फ

    हॉकी खिलाड़ियों को बड़ी सौगात, बैतूल को मिला अंतरराष्ट्रीय स्तर का सिंथेटिक ब्लू एस्ट्रोटर्फ


    बैतूल । भारतीय हॉकी संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर मध्यप्रदेश के बैतूल जिले को खेल के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है। बैतूल विधायक एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के विशेष प्रयासों से मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सिंथेटिक ब्लू एस्ट्रोटर्फ लगाए जाने की स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना के लिए 6 करोड़ 97 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई है।

    मध्यप्रदेश शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह राशि स्टेडियम अधोसंरचना मद के अंतर्गत स्वीकृत की गई है। इस फैसले से जिले के हॉकी खिलाड़ियों में उत्साह की लहर है। लंबे समय से खिलाड़ी आधुनिक और सुरक्षित खेल सतह की मांग कर रहे थे जो अब पूरी होने जा रही है। गौरतलब है कि मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम में वर्ष 2010-11 में एस्ट्रोटर्फ स्थापित किया गया था। समय सीमा पूरी होने और लंबे उपयोग के कारण वह अब पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था। खराब सतह के चलते खिलाड़ियों को अभ्यास और प्रतियोगिताओं के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था साथ ही चोट लगने का खतरा भी बना रहता था।

    नया सिंथेटिक ब्लू एस्ट्रोटर्फ अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैचों और प्रशिक्षण के लिए पूरी तरह अनुकूल होगा। इससे न केवल स्थानीय खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय अभ्यास का अवसर मिलेगा, बल्कि भविष्य में राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक सुविधाएं मिलने से बैतूल हॉकी के मानचित्र पर एक बार फिर मजबूत पहचान बना सकेगा।

    इस स्वीकृति को लेकर खिलाड़ियों प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों ने विधायक हेमंत खंडेलवाल और राज्य सरकार के प्रति आभार जताया है। उनका कहना है कि यह कदम युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करेगा और जिले से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाड़ी तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगा। कुल मिलाकर अंतरराष्ट्रीय सिंथेटिक ब्लू एस्ट्रोटर्फ की यह सौगात बैतूल के खेल विकास में मील का पत्थर साबित होगी और भारतीय हॉकी के शताब्दी वर्ष को जिले के लिए यादगार बनाएगी।

  • मंत्री विजय शाह पर कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, सुप्रीम कोर्ट की अवहेलना का लगाया आरोप

    मंत्री विजय शाह पर कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, सुप्रीम कोर्ट की अवहेलना का लगाया आरोप


    भोपाल । मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार के मंत्री विजय शाह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने को लेकर कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी नाराजगी जाहिर की है। इसी कड़ी में सोमवार को मध्यप्रदेश कांग्रेस महासचिव अमित शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया।

    प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मंत्री विजय शाह पर तत्काल केस दर्ज करने और उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्पष्ट रूप से केस दर्ज करने के आदेश दिए जाने के बाद भी राज्य सरकार की ओर से कोई कदम न उठाया जाना न्यायपालिका की अवहेलना है प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस महासचिव अमित शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद मंत्री विजय शाह के खिलाफ कार्रवाई न होना बेहद गंभीर और चिंताजनक विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जानबूझकर मंत्री को बचाने का प्रयास कर रही है। शर्मा ने कहा कि यह न केवल संविधान का खुला अपमान है, बल्कि देश की जनता और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ भी विश्वासघात है।

    अमित शर्मा ने आगे कहा कि यदि आम नागरिक के खिलाफ ऐसा कोई आदेश होता, तो तुरंत कार्रवाई कर दी जाती, लेकिन मंत्री होने के कारण विजय शाह को विशेष संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भाजपा सरकार के लिए कानून और संविधान से ऊपर उसके मंत्री हैं। कांग्रेस महासचिव ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी। प्रदर्शन में शामिल अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार “कानून का राज” होने का दावा करती है, लेकिन जब बात अपने नेताओं की आती है, तो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को भी नजरअंदाज कर दिया जाता है।

    कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में न्यायपालिका के आदेश सर्वोपरि होते हैं और उनकी अवहेलना किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने राज्यपाल से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे और सभी ने एक स्वर में मंत्री विजय शाह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस का कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक पार्टी सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।

  • झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से किसान की मौत, गलत इंजेक्शन लगाते ही बिगड़ी हालत, आरोपी फरार

    झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से किसान की मौत, गलत इंजेक्शन लगाते ही बिगड़ी हालत, आरोपी फरार

    भिण्ड । मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले के मिहोना कस्बे में झोलाछाप डॉक्टर की गंभीर लापरवाही से एक किसान की जान चली गई। सर्दी-खांसी के सामान्य इलाज के लिए क्लिनिक पहुंचे 40 वर्षीय किसान को डॉक्टर द्वारा गलत इंजेक्शन लगाए जाने से उसकी हालत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही मिनटों में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद से आरोपी झोलाछाप डॉक्टर फरार बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, मृतक किसान की पहचान जगनपुरा गांव निवासी अखिलेंद्र सिंह राजावत 40 के रूप में हुई है। अखिलेंद्र को सर्दी खांसी और जुकाम की शिकायत थी जिसके चलते वह 13 दिसंबर 2025 की दोपहर इलाज के लिए मिहोना कस्बे के कश्मीर क्षेत्र में संचालित झोलाछाप डॉक्टर विजय बंगाली की क्लिनिक पर गया था। परिजनों को उम्मीद थी कि सामान्य इलाज के बाद वह जल्द ठीक हो जाएगा लेकिन यह फैसला उसके लिए जानलेवा साबित हुआ।

    इलाज के दौरान जैसे ही डॉक्टर ने अखिलेंद्र को इंजेक्शन लगाया उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इंजेक्शन लगते ही किसान को बेचैनी होने लगी और वह तड़पने लगा। परिजन और आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते या उसे किसी बड़े अस्पताल ले जाने का प्रयास करते इससे पहले ही उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अचानक हुई इस घटना से परिजनों में कोहराम मच गया।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रारंभिक जांच में डॉक्टर की लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी झोलाछाप डॉक्टर विजय बंगाली के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि बिना वैध डिग्री और पंजीकरण के इलाज करना कानूनन अपराध है और इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    घटना के बाद से ही आरोपी डॉक्टर क्लिनिक बंद कर फरार हो गया है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। वहीं इस घटना के बाद इलाके में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे फर्जी डॉक्टर खुलेआम क्लिनिक चला रहे हैं, जिन पर प्रशासन की सख्त निगरानी जरूरी है। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को भी अवैध रूप से संचालित क्लिनिकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की बात कही गई है।

  • दावोस में पर्यटन निवेश पर वैश्विक मंच से मध्यप्रदेश का विज़न रखेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    दावोस में पर्यटन निवेश पर वैश्विक मंच से मध्यप्रदेश का विज़न रखेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    मध्यप्रदेश । देश का हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में नए आत्मविश्वास, नई ऊर्जा और दूरदर्शी दृष्टिकोण के साथ वैश्विक स्तर पर अपनी सशक्त पहचान बना चुका है। प्रदेश, प्रकृति की अनुपम सुंदरता, समृद्ध ऐतिहासिक विरासत, गहन आध्यात्मिक आस्था और विविध वन्य जीवों का अद्भुत संगम है। इन्हीं विशेषताओं और निवेश संभावनाओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 21 जनवरी को दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में पर्यटन क्षेत्र में निवेश पर केंद्रित सत्र को संबोधित करेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के “विकास भी, विरासत भी” के दूरदर्शी दृष्टिकोण से प्रेरित होकर मध्यप्रदेश ने पर्यटन को समावेशी और सतत विकास के सशक्त माध्यम के रूप में विकसित किया है। इसके परिणामस्वरूप हाल के वर्षों में प्रदेश में 13.30 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया है, जो मध्यप्रदेश के प्रति बढ़ते राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय विश्वास को दर्शाता है।आध्यात्मिक पर्यटन मध्यप्रदेश की प्रमुख पहचान के रूप में स्थापित हुआ है। उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में 6.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन हो चुका है। इसके साथ ही खजुराहो, सांची, ओरछा, महेश्वर, अमरकंटक और चित्रकूट जैसे ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल देश-विदेश के पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण केंद्र बने हुए हैं।

    राज्य सरकार द्वारा पर्यटन नीति-2025 एवं फिल्म पर्यटन नीति-2025 के माध्यम से निवेश प्रोत्साहन, रोजगार सृजन और सतत पर्यटन विकास को नई दिशा दी गई है। फिल्म पर्यटन नीति-2025 के अंतर्गत मध्यप्रदेश राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म निर्माण के लिए एक पसंदीदा डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है, जिससे स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।ग्रामीण पर्यटन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रदेश के 81 गांवों में 370 से अधिक होमस्टे विकसित किए गए हैं, जिन्हें 1000 तक विस्तारित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को प्रत्यक्ष आय और रोजगार उपलब्ध करा रही है।

    पर्यटन अवसंरचना को मजबूत करने के लिए पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा के अंतर्गत भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, सिंगरौली और खजुराहो को हवाई संपर्क से जोड़ा गया है। साथ ही पीएमश्री पर्यटन हेली सेवा के माध्यम से पर्यटकों को तेज़, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। बेस्ट टूरिज्म स्टेट ऑफ द ईयर” सहित 18 राष्ट्रीय पुरस्कार, यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में प्रदेश के 4 धरोहर स्थलों का शामिल होना और देश की 69 यूनेस्को धरोहरों में से 15 का मध्यप्रदेश में स्थित होना प्रदेश की वैश्विक पर्यटन क्षमता और प्रतिष्ठा को सुदृढ़ करता है। मध्यप्रदेश आज पर्यटन, परंपरा और प्रगति के संगम के साथ वैश्विक निवेशकों और पर्यटकों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है।

  • प्रधानमंत्री मोदी के क्रांतिकारी विकास मार्ग पर अग्रसर मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री मोदी के क्रांतिकारी विकास मार्ग पर अग्रसर मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    मध्यप्रदेश । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकास मॉडल को अपनाते हुए प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई गति देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में वरिष्ठ संपादक एवं लेखक पद्मश्री श्री आलोक मेहता द्वारा रचित पुस्तक ‘रिवॉल्यूशनरी राज – नरेन्द्र मोदी: 25 इयर्स’ कॉफी टेबल बुक ग्रहण करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर देशी-विदेशी निवेश को आकर्षित कर औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, स्टार्ट-अप्स, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाएँ प्रभावी रूप से क्रियान्वित की जा रही हैं।

    यह भेंट-वार्ता दिल्ली से दावोस स्विट्ज़रलैंड में आयोजित विश्व आर्थिक मंच की बैठक में भाग लेने से पूर्व हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री की नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका निभा रहा है। प्रदेश में पुस्तकों और पठन-संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गीता भवन निर्माण योजना में पुस्तकालयों का प्रावधान भी किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार पत्रकारों, साहित्यकारों एवं सांस्कृतिक कलाकारों को सामाजिक जागरूकता के लिए हर संभव सहयोग, सहायता एवं प्रोत्साहन देती रहेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुस्तक में उल्लिखित समाज कल्याण, महिला सशक्तिकरण, युवाओं में अनुशासन तथा आत्मनिर्भर विकसित भारत के प्रधानमंत्री के सपनों को साकार करने के लिए वे पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने पुस्तक की विस्तृत भूमिका केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा लिखे जाने को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री श्री शाह, प्रधानमंत्री के संकल्पों को क्रियान्वित करते हुए आतंकवाद और नक्सल समस्या से प्रभावी ढंग से निपट रहे हैं, जिससे देश विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। ऐसे विचारों को जन-जन तक पहुँचाने में यह पुस्तक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है और इसे शिक्षण संस्थानों व पुस्तकालयों तक पहुँचाया जाना चाहिए।उल्लेखनीय है कि पुस्तक का प्रकाशन शुभी पब्लिकेशंस द्वारा किया गया।

  • इंदौर में प्रदूषित जल आपूर्ति मामले की जांच के लिए राज्य स्तरीय समिति गठि

    इंदौर में प्रदूषित जल आपूर्ति मामले की जांच के लिए राज्य स्तरीय समिति गठि


    इंदौर। इंदौर नगर में हाल ही में सामने आए प्रदूषित जल आपूर्ति के गंभीर घटनाक्रम को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मामले की विस्तृत समीक्षा निष्कर्ष और भविष्य के लिए ठोस अनुशंसाएं तैयार करने के उद्देश्य से राज्य शासन ने एक उच्चस्तरीय राज्य स्तरीय समिति का गठन किया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं।

    राज्य स्तरीय समिति की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग श्री संजय कुमार शुक्ल करेंगे। समिति में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री पी. नरहरि तथा आयुक्त संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री संकेत भोडवे को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। वहीं आयुक्त इंदौर संभाग श्री सुदाम खाड़े को समिति का सदस्य-सचिव नामित किया गया है।समिति का मुख्य कार्य इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में घटित प्रदूषित जल आपूर्ति की घटना के वास्तविक कारणों का गहन परीक्षण करना होगा। इसके अंतर्गत घटना से जुड़े सभी आवश्यक तथ्यों की जांच की जाएगी साथ ही यह भी देखा जाएगा कि प्रशासनिक तकनीकी अथवा प्रबंधन स्तर पर कहां और किस प्रकार की चूक हुई।

    समिति को यह अधिकार दिया गया है कि वह घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर सके। इसके साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए आवश्यक सुधारात्मक सुझाव और अनुशंसाएं भी प्रस्तुत की जाएंगी। जांच के दौरान समिति ऐसे अन्य विषयों को भी शामिल कर सकेगी जो जांचाधीन मामलों में आवश्यक या अनुषांगिक माने जाएं।जांच प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए समिति को संबंधित विभागों से आवश्यक अभिलेख प्रतिवेदन और जानकारी प्राप्त करने का अधिकार दिया गया है। आवश्यकता पड़ने पर समिति द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण भी किया जा सकेगा ताकि जमीनी हकीकत का प्रत्यक्ष आकलन किया जा सके।

    राज्य सरकार ने समिति को यह निर्देश दिए हैं कि वह अपनी जांच यथाशीघ्र पूरी करे और अधिकतम एक माह की अवधि के भीतर अपना विस्तृत प्रतिवेदन राज्य शासन को प्रस्तुत करे। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई जिम्मेदारी तय करने और सुधारात्मक कदम उठाए जाने की संभावना है।गौरतलब है कि इंदौर जैसे बड़े नगर में जल आपूर्ति से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन पर असर डालती है। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा गठित यह समिति न केवल इस घटना की तह तक पहुंचने का प्रयास करेगी बल्कि भविष्य में सुरक्षित और स्वच्छ जल आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगी।

  • भोपाल में खौफनाक वारदात: गांव जाने से पत्नी ने किया इनकार तो पति ने गला दबाकर उतारा मौत के घाट; 14 महीने पहले ही हुई थी दोनों की दूसरी शादी

    भोपाल में खौफनाक वारदात: गांव जाने से पत्नी ने किया इनकार तो पति ने गला दबाकर उतारा मौत के घाट; 14 महीने पहले ही हुई थी दोनों की दूसरी शादी


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी के छोला मंदिर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ रहने के ठिकाने को लेकर हुए मामूली विवाद में एक पति इस कदर हैवान बन गया कि उसने अपनी ही पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में ले लिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
    शादी के 14 महीने और मौत का मंजर मृतक महिला और आरोपी पति हेमराज जो पेशे से सब्जी का ठेला लगाता है दोनों की यह दूसरी शादी थी। महज 14 महीने पहले ही दोनों एक-दूसरे के साथ वैवाहिक बंधन में बंधे थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि पिछले कुछ समय से दोनों के बीच रहने की जगह को लेकर अनबन चल रही थी। हेमराज चाहता था कि वे अपने पैतृक गांव में जाकर रहें जबकि पत्नी भोपाल शहर को छोड़कर गांव जाने के लिए तैयार नहीं थी।विवाद ने लिया हिंसा का रूप घटना वाले दिन इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हुई।
    विवाद इतना बढ़ा कि गुस्से में आकर हेमराज ने अपनी पत्नी का गला दबा दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी घबराया नहीं बल्कि उसने खुद ही पत्नी के मायके वालों को फोन कर घटना की जानकारी दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार सूचना मिलते ही छोला थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी पति को पकड़ लिया गया है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार कर रही है जिसके बाद हत्या की धाराओं के तहत औपचारिक मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • भोपाल: केंद्रीय जेल की महिला प्रहरी पर जानलेवा हमला; सिर पर वार कर बीच सड़क पर फेंका फरार आरोपी की तलाश शुरू

    भोपाल: केंद्रीय जेल की महिला प्रहरी पर जानलेवा हमला; सिर पर वार कर बीच सड़क पर फेंका फरार आरोपी की तलाश शुरू


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए बदमाशों ने केंद्रीय जेल में पदस्थ एक महिला प्रहरी कमला शर्मा पर जानलेवा हमला कर दिया। वारदात इतनी बर्बर थी कि हमले के बाद लहूलुहान हालत में महिला को बीच सड़क पर फेंक दिया गया। इस हमले में कमला शर्मा के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    हमले की वजह 4 लाख की ठगी और पुरानी रंजिश पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हमले का मुख्य आरोपी अमन खान है जो पीड़िता की साथी जेल प्रहरी का बेटा ही है। बताया जा रहा है कि घायल कमला शर्मा का पोता और आरोपी अमन खान आपस में दोस्त थे। अमन खान ने कमला शर्मा के पोते को बहला-फुसलाकर उससे 4 लाख रुपये से अधिक की ठगी की थी। इस मामले में कमला शर्मा ने कुछ दिन पहले ही अमन के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसी रंजिश के चलते आरोपी ने उन पर यह जानलेवा हमला किया। वारदात के बाद से आरोपी फरार है जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं।

    आज की अन्य बड़ी खबरें

    जबलपुर में स्टेट GST का छापा: 1.11 करोड़ की वसूली जबलपुर में लोहा और सीमेंट व्यापारियों के बीच हड़कंप मच गया जब स्टेट जीएसटी की टीम ने 3 फर्मों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। जांच के दौरान कर चोरी पकड़े जाने पर विभाग ने मौके पर ही 1 करोड़ 11 लाख रुपये की वसूली की है।

    विधायक पर पत्थर से हमला 3 के खिलाफ मामला दर्ज प्रदेश में कानून व्यवस्था का हाल यह है कि अब जनप्रतिनिधि भी सुरक्षित नहीं हैं। एक ताजा मामले में बदमाशों ने एक विधायक के वाहन पर पत्थर से हमला कर दिया। पुलिस ने इस मामले में 3 नामजद बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज किया है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

    नगरपालिका अध्यक्ष के खिलाफ अपनों का ही मोर्चा सत्ता के गलियारों में भी खींचतान जारी है। एक नगरपालिका अध्यक्ष के खिलाफ उनकी ही पार्टी कांग्रेस के पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया है। पार्षदों ने अध्यक्ष के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए भ्रष्टाचार और तानाशाही के आरोप लगाए हैं।