Category: Madhya Pradesh

  • पांगरी बांध परियोजना: अब बच्चों ने संभाली आंदोलन की कमान; CM को लिखा पत्र, माँगा जमीन का दोगुना मुआवजा

    पांगरी बांध परियोजना: अब बच्चों ने संभाली आंदोलन की कमान; CM को लिखा पत्र, माँगा जमीन का दोगुना मुआवजा


    बुरहानपुर । मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में पांगरी बांध परियोजना को लेकर चल रहा विवाद अब एक भावुक मोड़ पर पहुँच गया है। अपनी पुश्तैनी जमीन और आजीविका बचाने की जंग लड़ रहे किसानों के बाद अब उनके मासूम बच्चों ने भी आंदोलन के मैदान में कदम रख दिया है। रविवार को प्रभावित किसानों के छोटे-छोटे बच्चों ने हाथों में विरोध की तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम पत्र लिखकर अपनी व्यथा सुनाई। बच्चों की एक ही मांग है हमारी जमीन का सही दाम दो, हमें दोगुना मुआवजा दो।

    अनोखे प्रदर्शनों के बाद भी सरकार मौन मुआवजे की मांग को लेकर पांगरी बांध प्रभावित किसान लंबे समय से संघर्षरत हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं निकलने के कारण आक्रोश बढ़ता जा रहा है। किसान इससे पहले अपनी बात सरकार तक पहुँचाने के लिए ‘पत्थर खाओ आंदोलन’, ‘भैंस के आगे बीन बजाना’ और ‘अर्धनग्न प्रदर्शन’ जैसे कई अनूठे तरीके अपना चुके हैं। इन तमाम कोशिशों के बावजूद जब शासन-प्रशासन की नींद नहीं टूटी, तो अब घर के नौनिहालों ने अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए मोर्चा खोल दिया है।

    हाथों में तख्तियां और आँखों में भविष्य की चिंता रविवार का नजारा बेहद हृदयविदारक था, जब स्कूल जाने की उम्र वाले बच्चे अपने माता-पिता के साथ आंदोलन स्थल पर डटे नजर आए। बच्चों के हाथों में मौजूद तख्तियों पर मुख्यमंत्री से गुहार लगाते संदेश लिखे थे। बच्चों का कहना है कि उनकी जमीन ही उनके भविष्य का आधार है; यदि उसका उचित मुआवजा नहीं मिला, तो उनकी पढ़ाई और जीवन पर संकट आ जाएगा। उन्होंने पत्र के माध्यम से मांग की है कि वर्तमान बाजार दर के हिसाब से जमीन का दोगुना मुआवजा दिया जाए ताकि विस्थापन के बाद परिवार दोबारा खड़ा हो सके।

    बढ़ता दबाव और प्रशासनिक चुनौती किसानों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास की कीमत उनकी बर्बादी से न चुकाई जाए। बच्चों के आंदोलन में कूदने से इस मामले ने अब मानवीय और नैतिक रूप ले लिया है, जिससे जिला प्रशासन और राज्य सरकार पर दबाव बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर बच्चों के प्रदर्शन की तस्वीरें वायरल होने के बाद अब इस मुद्दे पर प्रदेश भर की नजरें टिकी हैं। पांगरी बांध परियोजना का भविष्य फिलहाल अधर में नजर आ रहा है, क्योंकि किसान अपनी मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इन बच्चों की पुकार पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या प्रशासन संवाद का कोई नया रास्ता खोज पाता है।

  • कृषि मंत्री के गृह जिले मुरैना में मिट्टी परीक्षण; का बड़ा खेल: 3000 फर्जी किसानों के नाम पर करोड़ों का घपला, तेलंगाना तक जुड़े तार

    कृषि मंत्री के गृह जिले मुरैना में मिट्टी परीक्षण; का बड़ा खेल: 3000 फर्जी किसानों के नाम पर करोड़ों का घपला, तेलंगाना तक जुड़े तार


    मुरैना । मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री ऐंदल सिंह कंषाना के गृह जिले मुरैना से भ्रष्टाचार का एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ मिट्टी परीक्षण के नाम पर कागजों में ही खेती और किसान पैदा कर दिए गए। हैरानी की बात यह है कि निजी लैबों ने अधिकारियों के साथ सांठगांठ कर मुरैना में बैठकर शहडोल, भिलाई, नागदा और यहाँ तक कि तेलंगाना के किसानों के नाम पर फर्जी ‘सॉइल हेल्थ कार्ड’ जारी कर दिए। इस बड़े फर्जीवाड़े के जरिए सरकारी खजाने को लाखों-करोड़ों की चपत लगाने की आशंका जताई जा रही है।

    निजी हाथों में कमान और शुरू हुआ भ्रष्टाचार का खेल उल्लेखनीय है कि सरकार ने पिछले वर्ष मिट्टी परीक्षण की जिम्मेदारी निजी लैबों को सौंप दी थी। इसका उद्देश्य किसानों को उनके खेत की मिट्टी की गुणवत्ता की सटीक जानकारी देना था, ताकि वे सही उर्वरकों का उपयोग कर सकें। लेकिन निजी लैब संचालकों ने इसे कमाई का जरिया बना लिया। उन्होंने न तो खेत देखे और न ही मिट्टी के नमूने लिए, बल्कि दफ्तरों में बैठकर ही किसान, खेत और फसलों का फर्जी रिकॉर्ड तैयार कर लिया।

    हजारों किलोमीटर दूर के किसानों का मुरैना में ‘परीक्षण’ जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे सरकारी सिस्टम की पोल खोलने के लिए काफी हैं। मुरैना की इन लैबों ने तीन हजार से अधिक ऐसे किसानों के सॉइल हेल्थ कार्ड जारी किए हैं, जिनका वजूद ही जिले में नहीं है। इनमें मध्य प्रदेश के अन्य जिलों जैसे शहडोल और नागदा के अलावा छत्तीसगढ़ के भिलाई और दक्षिण भारत के राज्य तेलंगाना तक के फर्जी नाम शामिल हैं। सवाल यह उठता है कि हजारों किलोमीटर दूर के खेतों की मिट्टी परीक्षण के लिए मुरैना कैसे पहुँची और अधिकारियों ने बिना भौतिक सत्यापन के भुगतान की फाइलें कैसे आगे बढ़ा दीं?

    कृषि विभाग और लैब संचालकों की मिलीभगत यह पूरा फर्जीवाड़ा कृषि विभाग के अधिकारियों और निजी लैब संचालकों की गहरी मिलीभगत का नतीजा माना जा रहा है। सरकार प्रति सॉइल हेल्थ कार्ड लैब को एक निश्चित राशि का भुगतान करती है। इसी राशि को डकारने के लिए कागजों पर फर्जी किसानों की फौज खड़ी कर दी गई। कृषि मंत्री के गृह जिले में ही इस तरह का खेल होने से विभाग में हड़कंप मच गया है। अब देखना यह है कि इस हाई-प्रोफाइल मामले में सरकार क्या कार्रवाई करती है। क्या केवल छोटी मछलियों पर गाज गिरेगी या इस सिंडिकेट को चलाने वाले बड़े अधिकारियों पर भी शिकंजा कसा जाएगा? इस खुलासे के बाद अब पूरे प्रदेश में संचालित निजी लैबों की जांच की मांग उठने लगी है।

  • ग्वालियर-इटावा हाईवे पर सुरक्षा का 'कवच': पेड़ों पर चमकेंगे रेडियम रिफ्लेक्टर, बेसहारा पशुओं को भी पहनाई जाएगी सुरक्षा बेल्ट

    ग्वालियर-इटावा हाईवे पर सुरक्षा का 'कवच': पेड़ों पर चमकेंगे रेडियम रिफ्लेक्टर, बेसहारा पशुओं को भी पहनाई जाएगी सुरक्षा बेल्ट


    भिंड । ग्वालियर-इटावा नेशनल हाईवे 719 पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और वाहन चालकों के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए भिंड यातायात पुलिस ने एक सराहनीय मुहिम शुरू की है। हाईवे किनारे स्थित जानलेवा बन चुके पेड़ों के कारण होने वाले हादसों को देखते हुए अब उन पर ट्री स्टर्ड रेडियम रिफ्लेक्टर लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही हाईवे पर अक्सर हादसों का कारण बनने वाले बेसहारा पशुओं की सुरक्षा और उनसे होने वाली टक्करों को रोकने के लिए भी विशेष योजना तैयार की गई है।

    हादसे से सबक लेकर शुरू हुआ अभियान इस विशेष अभियान की शुरुआत हाल ही में हुए एक सड़क हादसे से सबक लेते हुए की गई है। दरअसल, कुछ दिनों पहले ग्वालियर-इटावा हाईवे पर एक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे एक विशाल पेड़ से टकरा गई थी। गनीमत रही कि कार के एयरबैग समय पर खुल गए और उसमें सवार महिला की जान बच गई। इस घटना के बाद यातायात पुलिस ने उन सभी स्थानों और पेड़ों को चिह्नित किया, जो रात के अंधेरे या धुंध में वाहन चालकों को नजर नहीं आते और हादसों का सबब बनते हैं।

    क्वारी नदी पुल से सूर्या होटल तक बिछाया सुरक्षा जाल यातायात पुलिस द्वारा संचालित यह अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। इटावा रोड स्थित क्वारी नदी पुल से लेकर ग्वालियर रोड स्थित सूर्या होटल तक के क्षेत्र में सड़क किनारे खड़े पेड़ों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। ये रिफ्लेक्टर रात के समय वाहनों की लाइट पड़ते ही चमक उठते हैं, जिससे चालक को दूर से ही सड़क की सीमा और किनारे लगे पेड़ों का आभास हो जाता है। इससे तेज रफ्तार वाहनों के सड़क से उतरकर टकराने की आशंका काफी कम हो गई है।

    पशुओं पर भी लगेगा रेडियम, सुरक्षित होगा सफर पेड़ों के साथ-साथ हाईवे पर आवारा घूमने वाले मवेशी भी एक बड़ी चुनौती हैं। पुलिस प्रशासन ने निर्णय लिया है कि हाईवे पर विचरण करने वाले बेसहारा पशुओं के गले या सींगों पर भी रेडियम रिफ्लेक्टर बेल्ट लगाए जाएंगे। अक्सर रात में काले या गहरे रंग के पशु सड़क के बीच में बैठे होने पर दिखाई नहीं देते, जिससे भीषण दुर्घटनाएं होती हैं। रेडियम बेल्ट लगने से दूर से ही चालक को पशु की मौजूदगी का पता चल जाएगा। यातायात पुलिस का यह दोहरा सुरक्षा चक्र हाईवे पर होने वाली जनहानि को रोकने में मील का पत्थर साबित होगा।

  • मैहर में नशे पर बड़ी कार्रवाई: 40 लाख का गांजा जब्त, भूंसे के नीचे छिपाकर रखा था चार क्विंटल मादक पदार्थ

    मैहर में नशे पर बड़ी कार्रवाई: 40 लाख का गांजा जब्त, भूंसे के नीचे छिपाकर रखा था चार क्विंटल मादक पदार्थ


    मैहर । मध्य प्रदेश के मैहर जिले में पुलिस ने नशे के कारोबार पर बड़ी चोट करते हुए गांजे की भारी खेप बरामद की है। उचेहरा थाना क्षेत्र के सखौंहा खुर्द गांव में की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने भूंसे के नीचे छिपाकर रखा गया करीब चार क्विंटल गांजा जब्त किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 40 लाख रुपये बताई जा रही है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उचेहरा थाना पुलिस को लंबे समय से क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी की सूचना मिल रही थी। इसी कड़ी में मुखबिर से मिली पुख्ता जानकारी के आधार पर शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात विशेष टीम गठित कर सखौंहा खुर्द गांव में छापा मारा गया। यह कार्रवाई गांव निवासी रामाधार चौधरी के घर पर की गई, जहां मादक पदार्थ छिपाए जाने की आशंका जताई गई थी।

    छापेमारी के दौरान पुलिस ने घर के एक हिस्से में रखे भूंसे को हटाकर तलाशी ली, तो उसके नीचे प्लास्टिक की 15 बोरियां रखी हुई मिलीं। जब बोरियों को खोलकर देखा गया, तो उनमें गांजा भरा हुआ पाया गया। तौल करने पर कुल गांजे का वजन करीब चार क्विंटल निकला। इतनी बड़ी मात्रा में गांजा मिलने से पुलिस भी हैरान रह गई। पुलिस ने मौके से आरोपी रामाधार चौधरी को हिरासत में ले लिया और पूछताछ के बाद उसे एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से गांजे के अवैध कारोबार में संलिप्त था और इसे आसपास के जिलों सहित अन्य राज्यों में खपाने की तैयारी में था। हालांकि पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।

    गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है और आगे भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने के लिए आरोपी से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप का माहौल है। स्थानीय लोगों में चर्चा है कि गांव में इतनी बड़ी मात्रा में गांजा लंबे समय से छिपाकर रखा गया था, लेकिन किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल उचेहरा थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या आरोपी का संबंध किसी अंतरराज्यीय नशा तस्करी गिरोह से है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

  • मैहर में मानवता शर्मसार: घूमने निकली 14 वर्षीय किशोरी से तीन दरिंदों ने किया सामूहिक दुष्कर्म, जंगल में बनाया बंधक

    मैहर में मानवता शर्मसार: घूमने निकली 14 वर्षीय किशोरी से तीन दरिंदों ने किया सामूहिक दुष्कर्म, जंगल में बनाया बंधक

    मैहर । मध्य प्रदेश के मैहर जिले से एक बेहद सनसनीखेज और रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है जहाँ एक 14 वर्षीय किशोरी सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुई है। अमरपाटन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाके में तीन अज्ञात बदमाशों ने किशोरी को बंधक बनाकर इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद से क्षेत्र में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है जबकि पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।दोस्तों के साथ गई थी घूमने जानकारी के अनुसार, कक्षा 9वीं में पढ़ने वाली किशोरी शनिवार को अपने दो दोस्तों के साथ घर से घूमने के लिए निकली थी। इसी दौरान रास्ते में तीन अज्ञात युवकों ने उन्हें रोक लिया। आरोपियों ने डरा-धमकाकर किशोरी के दोस्तों को वहां से भगा दिया या उन्हें किनारे कर किशोरी को जबरन बंधक बना लिया। इसके बाद आरोपी उसे पास के एक घने जंगल की ओर ले गए।

    जंगल में दरिंदगी और जख्मी हालत में वापसी पीड़िता के अनुसार, सुनसान जंगल का फायदा उठाकर तीनों अज्ञात युवकों ने उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। दरिंदगी की इस घटना के बाद आरोपी पीड़िता को गंभीर हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद दहशत और सदमे में डूबी किशोरी किसी तरह अगले दिन यानी रविवार को लहूलुहान और जख्मी हालत में अपने घर पहुंची। अपनी बेटी की हालत देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई जिसके बाद किशोरी ने आपबीती सुनाई। पुलिस की कार्रवाई और मेडिकल जांच परिजनों ने तत्काल इसकी सूचना अमरपाटन थाना पुलिस को दी।

    पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म गैंगरेप और पॉक्सो एक्ट POCSO Act के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पीड़िता को तत्काल उपचार और मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि संदिग्धों की धरपकड़ के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं और घटना स्थल के आसपास के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर महिला सुरक्षा और नाबालिगों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दरिंदों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उन्हें कठोरतम सजा दी जाए।
  • भोपाल में युवती से मारपीट का आरोप: मदरसे के सामने स्कूटी खड़ी करने पर विवाद, भाई को सिर में गंभीर चोट

    भोपाल में युवती से मारपीट का आरोप: मदरसे के सामने स्कूटी खड़ी करने पर विवाद, भाई को सिर में गंभीर चोट


    भोपाल । राजधानी भोपाल से सामने आए एक वायरल वीडियो ने सनसनी मचा दी है, जिसमें एक हिंदू युवती अपने साथ हुई मारपीट और अपमान का आरोप लगा रही है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है और घटना को लेकर लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। वीडियो में युवती खुद को भोपाल के कल्पना नगर इलाके की निवासी बता रही है। उसका कहना है कि घर के सामने स्थित एक मदरसे के बाहर स्कूटी खड़ी करने को लेकर विवाद हुआ था।
    युवती के अनुसार, इसी बात को लेकर कुछ लोगों ने पहले बहस की और फिर देखते ही देखते मामला मारपीट में बदल गया। युवती का आरोप है कि उसके साथ न सिर्फ गाली-गलौज की गई, बल्कि उसके बाल भी उखाड़े गए। युवती ने वीडियो में यह भी बताया कि जब उसके भाई और दोस्त ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उन पर भी हमला किया गया। आरोप है कि युवती के भाई के सिर पर गंभीर चोट आई है, जिससे उसे काफी खून बहा और इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। वहीं, युवती के दोस्त के साथ भी मारपीट किए जाने की बात कही जा रही है। घटना के बाद से पीड़ित परिवार दहशत में है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।

    यह पूरा मामला जिस स्थान का बताया जा रहा है, वहां एक मदरसा स्थित है। इसी कारण से सोशल मीडिया पर इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिशें भी देखी जा रही हैं। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है और वीडियो व अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। भोपाल पुलिस का कहना है कि यदि जांच में यह सामने आता है कि मामला सांप्रदायिक है या किसी समुदाय विशेष को निशाना बनाकर हिंसा की गई है, तो संबंधित धाराओं में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, यदि यह सामान्य विवाद का मामला पाया जाता है, तो भी मारपीट और चोट पहुंचाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।

    घटना का वीडियो सामने आने के बाद से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुछ संगठनों ने पीड़ित युवती के समर्थन में कार्रवाई की मांग की है, जबकि प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। पुलिस ने साफ किया है कि सोशल मीडिया पर फैल रहे किसी भी भ्रामक या भड़काऊ संदेश पर भी नजर रखी जा रही है। फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का भरोसा भी प्रशासन की ओर से दिया गया है।

  • SIR में धांधली का डर: MP कांग्रेस अलर्ट मोड में, 19 से 22 जनवरी तक रोज दावे-आपत्ति पर नजर रखने के निर्देश

    SIR में धांधली का डर: MP कांग्रेस अलर्ट मोड में, 19 से 22 जनवरी तक रोज दावे-आपत्ति पर नजर रखने के निर्देश


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन–SIR को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। दावे-आपत्ति की प्रक्रिया के दौरान संभावित गड़बड़ियों को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस ने गंभीर आशंका जताई है और पार्टी संगठन को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश जारी किए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा इस प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची में हेरफेर कर वोट चोरी की कोशिश कर सकती है, इसलिए हर स्तर पर सतर्कता बेहद जरूरी है।

    प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी निर्देशों में साफ कहा गया है कि 19 जनवरी से 22 जनवरी तक दावे-आपत्ति की प्रक्रिया पर रोजाना नजर रखी जाए। पार्टी ने सभी जिला, ब्लॉक, मंडल और बूथ स्तर के पदाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में फॉर्म भरने की स्थिति, नाम जोड़ने या काटने की गतिविधियों की प्रतिदिन जानकारी जुटाएं और उसे संगठन के वरिष्ठ स्तर तक पहुंचाएं। कांग्रेस का कहना है कि किसी भी कीमत पर यह सुनिश्चित किया जाए कि न तो कोई गलत नाम मतदाता सूची में जोड़ा जाए और न ही किसी योग्य मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाया जाए।

    कांग्रेस ने विशेष रूप से फॉर्म-7 को लेकर सतर्क रहने को कहा है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आधिकारिक फॉर्म-7 ही मान्य है। यदि कहीं भी बाहर छपे हुए या अनधिकृत फॉर्म-7 का इस्तेमाल होता दिखाई दे, तो उस पर तत्काल आपत्ति दर्ज कराई जाए और इसकी सूचना संबंधित निर्वाचन अधिकारी के साथ-साथ पार्टी संगठन को भी दी जाए। कांग्रेस का आरोप है कि पूर्व में भी इसी तरह के फॉर्म का दुरुपयोग कर मतदाता सूची से नाम हटाने के प्रयास किए गए हैं। पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे बूथ स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाएं और आम मतदाताओं, खासकर कमजोर, वंचित और अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों की मदद करें। यदि किसी मतदाता का नाम गलत तरीके से काटा गया हो या काटने का प्रयास हो रहा हो, तो तुरंत दावे-आपत्ति की प्रक्रिया के तहत कार्रवाई कराई जाए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई है।

    ये निर्देश ऐसे समय जारी किए गए हैं, जब SIR के तहत जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में लाखों नाम कटने को लेकर प्रदेशभर में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला बता रही है, जबकि चुनाव आयोग का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है और नियमों के तहत की जा रही है। बावजूद इसके कांग्रेस का मानना है कि सतर्कता में ही सुरक्षा है और किसी भी स्तर पर ढिलाई भारी पड़ सकती है। कांग्रेस ने साफ किया है कि 22 जनवरी 2026 दावे-आपत्ति की अंतिम तिथि है। इसके बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि इस दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आती है, तो वह सड़क से लेकर आयोग तक हर स्तर पर आवाज उठाएगी।

  • बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव आज: नामांकन में मुख्यमंत्री मोहन यादव समेत मप्र के 20 दिग्गज नेता बनेंगे प्रस्तावक-समर्थक

    बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव आज: नामांकन में मुख्यमंत्री मोहन यादव समेत मप्र के 20 दिग्गज नेता बनेंगे प्रस्तावक-समर्थक


    भोपाल । भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनावी प्रक्रिया के तहत आज नई दिल्ली में नामांकन दाखिल किए जाएंगे, जिसमें मध्य प्रदेश की भूमिका अहम रहने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत राज्य के 20 वरिष्ठ नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए प्रस्तावक और समर्थक के रूप में भाग लेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार मौजूदा कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को ही सर्वसम्मति से पार्टी की कमान सौंपी जा सकती है।

    बीजेपी के संगठनात्मक चुनावों की यह प्रक्रिया पार्टी के संविधान के तहत संपन्न की जा रही है। आज होने वाले नामांकन कार्यक्रम में देशभर से वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। मध्य प्रदेश से दिल्ली पहुंचे नेताओं का दल इस चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएगा और राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए प्रस्ताव पेश करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे, जो प्रदेश के लिए संगठनात्मक दृष्टि से बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

    मध्य प्रदेश से दिल्ली जाने वाले नेताओं में 5 मंत्री, 5 केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्य, 4 सांसद—जिनमें दो राज्यसभा सांसद शामिल हैं—और 5 अन्य वरिष्ठ पार्टी नेता शामिल हैं। यह दल न केवल नामांकन प्रक्रिया में शामिल होगा, बल्कि आगामी दो दिनों तक दिल्ली में रहकर पार्टी के केंद्रीय कार्यक्रमों में भी भाग लेगा। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ इन नेताओं की मौजूदगी को आगामी राजनीतिक रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल भी नामांकन प्रक्रिया में शामिल होंगे। इसके अलावा वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री प्रहलाद पटेल और मंत्री राकेश सिंह भी दिल्ली पहुंचे हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्यों में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, वीरेंद्र कुमार खटीक, दुर्गादास उईके और सावित्री ठाकुर शामिल हैं। इन सभी नेताओं की मौजूदगी से यह संकेत मिल रहा है कि पार्टी नेतृत्व इस चुनाव को पूरी तरह सर्वसम्मति और संगठनात्मक एकजुटता के साथ संपन्न करना चाहता है।

    सांसदों की बात करें तो फग्गन सिंह कुलस्ते, विष्णुदत्त शर्मा, सुमित्रा बाल्मीकि, कविता पाटीदार के साथ-साथ वरिष्ठ नेता जयभान सिंह पवैया, लाल सिंह आर्य, डॉ. नरोत्तम मिश्रा, गोपाल भार्गव और ओमप्रकाश धुर्वे भी दिल्ली में मौजूद हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी पहले से ही दिल्ली में रहकर पार्टी गतिविधियों में भाग ले रहे हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यदि नामांकन प्रक्रिया में एक ही उम्मीदवार का नाम सामने आता है, तो औपचारिक चुनाव की जरूरत नहीं पड़ेगी और नितिन नवीन को सर्वसम्मति से राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया जा सकता है। यह चुनाव न सिर्फ संगठनात्मक मजबूती का संदेश देगा, बल्कि आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों की रणनीति तय करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।

  • JE से मारपीट पड़ी महंगी: सकरा गांव में बिजली कंपनी का सख्त एक्शन, पिटाई करने वालों की सप्लाई कटी

    JE से मारपीट पड़ी महंगी: सकरा गांव में बिजली कंपनी का सख्त एक्शन, पिटाई करने वालों की सप्लाई कटी


    जबलपुर । जबलपुर जिले के पाटन तहसील अंतर्गत सकरा गांव में बिजली कंपनी ने अनुशासन और कानून व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश देते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जूनियर इंजीनियर के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद विभाग ने न सिर्फ बकायादार उपभोक्ताओं बल्कि मारपीट में शामिल लोगों के खिलाफ भी कड़ा कदम उठाते हुए उनकी बिजली सप्लाई तत्काल प्रभाव से बंद कर दी। इस कार्रवाई से पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और अवैध रूप से बिजली उपयोग करने वालों में हड़कंप मच गया।

    दरअसल, बिजली बिल की वसूली और अवैध कनेक्शनों की जांच के लिए जूनियर इंजीनियर मनोज दुबे सकरा गांव पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ उपभोक्ताओं द्वारा बिल जमा करने को लेकर विवाद हुआ, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात JE मनोज दुबे के साथ कुछ लोगों ने हाथापाई की, जिससे विभागीय कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। घटना की जानकारी मिलते ही बिजली कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

    घटना के अगले ही दिन बिजली कंपनी की टीम सकरा गांव पहुंची और विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान जिन उपभोक्ताओं पर बिजली बिल बकाया था, उनकी लाइन काट दी गई। वहीं, जिन लोगों पर JE से मारपीट का आरोप है, उनकी विद्युत सप्लाई भी बिना किसी देरी के बंद कर दी गई। कार्रवाई के दौरान अवैध कनेक्शनों की भी जांच की गई और कई स्थानों पर बिजली चोरी के मामले सामने आए, जिन पर नियमानुसार कार्रवाई की गई।

    बिजली सप्लाई कटते ही गांव में हड़कंप की स्थिति बन गई। कई उपभोक्ता बिजली कर्मचारियों से लाइन जोड़ने की गुहार लगाते नजर आए, जबकि कुछ लोग कार्रवाई से बचने के प्रयास करते दिखे। विभागीय अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि सरकारी कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि बिना बिल भुगतान और अवैध कनेक्शन के बिजली उपयोग करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त अभियान जारी रहेगा।

    बिजली कंपनी फिलहाल “समाधान शिविर” अभियान के तहत उपभोक्ताओं को बकाया बिल जमा करने और अपनी समस्याओं के समाधान का अवसर भी दे रही है, लेकिन इसके बावजूद नियमों की अनदेखी करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि राजस्व वसूली और कर्मचारियों की सुरक्षा दोनों ही उनकी प्राथमिकता हैं। इस पूरी कार्रवाई के दौरान कार्यपालन अभियंता नवनीत राठौर, शिशिर शताक्षी, सहायक अभियंता शुभम तंतुवाय, स्वर्ण सिंह मनकोटिया तथा कनिष्ठ अभियंता पवन यादव सहित विभागीय अमला मौजूद रहा। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे समय पर बिजली बिल जमा करें और किसी भी प्रकार के विवाद से बचें, ताकि इस तरह की कठोर कार्रवाई की नौबत न आए।

  • एमपी के हरदा में दबंगई: आदिवासी किसान को बेरहमी से पीटा, थूककर किया अपमानित; खुद को बताया करणी सेना का सदस्य

    एमपी के हरदा में दबंगई: आदिवासी किसान को बेरहमी से पीटा, थूककर किया अपमानित; खुद को बताया करणी सेना का सदस्य


    हरदा । मध्य प्रदेश के हरदा जिले से सामाजिक सौहार्द और मानवता को शर्मसार करने वाली एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। रहटगाँव थाना क्षेत्र के ग्राम कपासी में दबंगों ने एक आदिवासी किसान और उसके साथियों के साथ न केवल बर्बरतापूर्वक मारपीट की, बल्कि उन्हें थूककर अपमानित भी किया। हमलावरों ने खुद को करणी सेना का सदस्य बताते हुए इलाके में दहशत फैलाने की कोशिश की और पीड़ितों को जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद से स्थानीय आदिवासी समुदाय में भारी आक्रोश व्याप्त है।

    विवाद की जड़ और हमला घटना 18 जनवरी 2026 की शाम करीब 5:30 बजे की है। पीड़ित किसान अपने खेत पर सिंचाई कार्य की देखरेख कर रहा था। इसी दौरान टेमागांव–कपासी मार्ग पर एक स्पोर्ट्स मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक बार-बार चक्कर लगा रहे थे। जब किसान ने उनकी संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए वहां रुकने का कारण पूछा, तो युवकों ने शालीनता दिखाने के बजाय गाली-गलौज शुरू कर दी। विवाद इतना बढ़ा कि बाइक पर पीछे बैठे युवक ने खेत की बाड़ से लकड़ी उखाड़कर किसान पर हमला कर दिया, जिससे उसके बाएं हाथ में गंभीर चोट आई।

    योजनाबद्ध तरीके से बुलाई गई भीड़ पीड़ित के अनुसार, प्राथमिक हमले के बाद मोटरसाइकिल सवार युवक ने फोन करके अपने अन्य साथियों को मौके पर बुलाया। कुछ ही देर में एक फोर व्हीलर वाहन से करीब आठ लोग वहां पहुंचे, जिनमें से एक की पहचान टिमरनी निवासी योगेन्द्र सिंह मौर्य के रूप में हुई है। इन सभी लोगों ने निहत्थे किसान को घेर लिया और सामूहिक रूप से मारपीट शुरू कर दी। जब किसान के दोस्त मनोज उइके और सुदामा धुर्वे उसे बचाने आए, तो हमलावरों ने उन्हें भी नहीं बख्शा और उनके साथ भी जमकर मारपीट की। अमानवीय कृत्य और धमकी हमलावरों की दरिंदगी यहीं नहीं रुकी। खुद को करणी सेना का रसूखदार सदस्य बताते हुए उन्होंने आदिवासी किसान को डराया-धमकाया और जबरन माफी मंगवाई।

    अमानवीयता की हद तो तब पार हो गई जब एक आरोपी ने बीच-बचाव करने आए मनोज उइके पर थूककर उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। जाते-जाते आरोपियों ने पीड़ितों को चेतावनी दी कि यदि उन्होंने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई, तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। इस हमले में किसान के सीने, पीठ और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं, वहीं मनोज के कान और पैर में चोट लगी है। पुलिसिया कार्रवाई घटना के बाद घायलों ने साहस दिखाते हुए रहटगाँव थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर योगेन्द्र सिंह मौर्य और अन्य अज्ञात साथियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपियों की तलाश के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं और कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।