Category: Madhya Pradesh

  • एमपी के हरदा में दबंगई: आदिवासी किसान को बेरहमी से पीटा, थूककर किया अपमानित; खुद को बताया करणी सेना का सदस्य

    एमपी के हरदा में दबंगई: आदिवासी किसान को बेरहमी से पीटा, थूककर किया अपमानित; खुद को बताया करणी सेना का सदस्य


    हरदा । मध्य प्रदेश के हरदा जिले से सामाजिक सौहार्द और मानवता को शर्मसार करने वाली एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। रहटगाँव थाना क्षेत्र के ग्राम कपासी में दबंगों ने एक आदिवासी किसान और उसके साथियों के साथ न केवल बर्बरतापूर्वक मारपीट की, बल्कि उन्हें थूककर अपमानित भी किया। हमलावरों ने खुद को करणी सेना का सदस्य बताते हुए इलाके में दहशत फैलाने की कोशिश की और पीड़ितों को जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद से स्थानीय आदिवासी समुदाय में भारी आक्रोश व्याप्त है।

    विवाद की जड़ और हमला घटना 18 जनवरी 2026 की शाम करीब 5:30 बजे की है। पीड़ित किसान अपने खेत पर सिंचाई कार्य की देखरेख कर रहा था। इसी दौरान टेमागांव–कपासी मार्ग पर एक स्पोर्ट्स मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक बार-बार चक्कर लगा रहे थे। जब किसान ने उनकी संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए वहां रुकने का कारण पूछा, तो युवकों ने शालीनता दिखाने के बजाय गाली-गलौज शुरू कर दी। विवाद इतना बढ़ा कि बाइक पर पीछे बैठे युवक ने खेत की बाड़ से लकड़ी उखाड़कर किसान पर हमला कर दिया, जिससे उसके बाएं हाथ में गंभीर चोट आई।

    योजनाबद्ध तरीके से बुलाई गई भीड़ पीड़ित के अनुसार, प्राथमिक हमले के बाद मोटरसाइकिल सवार युवक ने फोन करके अपने अन्य साथियों को मौके पर बुलाया। कुछ ही देर में एक फोर व्हीलर वाहन से करीब आठ लोग वहां पहुंचे, जिनमें से एक की पहचान टिमरनी निवासी योगेन्द्र सिंह मौर्य के रूप में हुई है। इन सभी लोगों ने निहत्थे किसान को घेर लिया और सामूहिक रूप से मारपीट शुरू कर दी। जब किसान के दोस्त मनोज उइके और सुदामा धुर्वे उसे बचाने आए, तो हमलावरों ने उन्हें भी नहीं बख्शा और उनके साथ भी जमकर मारपीट की। अमानवीय कृत्य और धमकी हमलावरों की दरिंदगी यहीं नहीं रुकी। खुद को करणी सेना का रसूखदार सदस्य बताते हुए उन्होंने आदिवासी किसान को डराया-धमकाया और जबरन माफी मंगवाई।

    अमानवीयता की हद तो तब पार हो गई जब एक आरोपी ने बीच-बचाव करने आए मनोज उइके पर थूककर उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। जाते-जाते आरोपियों ने पीड़ितों को चेतावनी दी कि यदि उन्होंने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई, तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। इस हमले में किसान के सीने, पीठ और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं, वहीं मनोज के कान और पैर में चोट लगी है। पुलिसिया कार्रवाई घटना के बाद घायलों ने साहस दिखाते हुए रहटगाँव थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर योगेन्द्र सिंह मौर्य और अन्य अज्ञात साथियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपियों की तलाश के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं और कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

  • बोर्ड परीक्षा में लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस: कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश, नकल पर कड़ी नजर, छात्रों की सुविधा और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता

    बोर्ड परीक्षा में लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस: कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश, नकल पर कड़ी नजर, छात्रों की सुविधा और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता



    भिंड। जिले में आगामी 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में कलेक्टर भिंड की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में केंद्राध्यक्ष एवं सहायक केंद्राध्यक्षों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

    बैठक में कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में कहा कि बोर्ड परीक्षा विद्यार्थियों के जीवन का अहम पड़ाव होती है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों की सुविधा, परीक्षा की पारदर्शिता और नकलमुक्त वातावरण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    कलेक्टर ने माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा आयोजित 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाओं की व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर बैठने की समुचित व्यवस्था, निर्बाध बिजली, स्वच्छ पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी केंद्र नहीं होना चाहिए, जहां विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी हो।

    नकल पर सख्ती दिखाते हुए कलेक्टर ने कहा कि नकल चाहे किसी भी रूप में हो, उसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए केंद्राध्यक्षों को स्वयं सतर्क रहने और परीक्षा ड्यूटी में लगे समस्त स्टाफ को पूरी तरह अलर्ट रखने के निर्देश दिए गए। प्रश्न पत्र वितरण से लेकर उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन तक प्रत्येक चरण में कड़ी निगरानी रखने के आदेश दिए गए।

    उन्होंने उत्तर पुस्तिकाओं की सीलिंग और अनसीलिंग प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी रखने पर विशेष जोर दिया। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि केंद्राध्यक्षों की सूची का पुनः परीक्षण कर केवल योग्य, अनुभवी और जिम्मेदार अधिकारियों को ही यह दायित्व सौंपा जाए।

    कलेक्टर ने सहायक केंद्राध्यक्षों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वे मुख्य केंद्राध्यक्ष के साथ बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करें। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

    उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी परीक्षा केंद्र से यदि लापरवाही या अनियमितता की शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी, परीक्षा प्रभारी सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

  • भोपाल के युवक के साथ राजस्थान में हैवानियत: बंधक बनाकर पीटा, बीयर की बोतल में पेशाब पिलाने का आरोप

    भोपाल के युवक के साथ राजस्थान में हैवानियत: बंधक बनाकर पीटा, बीयर की बोतल में पेशाब पिलाने का आरोप



    भोपाल। प्यार की तलाश में राजस्थान गए भोपाल के एक 18 वर्षीय युवक के साथ रूह कंपा देने वाली बर्बरता का मामला सामने आया है। युवक को न सिर्फ तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया, बल्कि अमानवीयता की सारी हदें पार करते हुए उसे बीयर की बोतल में भरकर कथित तौर पर पेशाब पिलाया गया। आरोपियों ने इस खौफनाक कृत्य का वीडियो बनाकर पीड़ित के परिजनों को भेजकर उन्हें डराने की कोशिश की है।
    हनीट्रैप जैसा जाल: प्रेमिका ने कॉल कर बुलाया था गांव
    मामला भोपाल के कोलार इलाके का है। पीड़ित युवक का प्रेम-प्रसंग झालावाड़ (राजस्थान) के दांगीपुरा क्षेत्र की एक युवती से चल रहा था। युवती कुछ दिन पहले भोपाल आई थी, जिसे उसके परिजन समझा-बुझाकर वापस ले गए थे। साजिश के तहत तीन दिन पहले युवती से ही युवक को कॉल करवाया गया और उसे मिलने के लिए राजस्थान बुलाया गया। जैसे ही युवक वहां पहुँचा, युवती के परिजनों और ग्रामीणों ने उसे घेर लिया और बंधक बना लिया।

    वीडियो भेजकर दी चुनौती, दहल गए परिजन
    हैरानी की बात यह है कि आरोपियों के मन में कानून का कोई खौफ नहीं था। उन्होंने युवक को पीटते हुए और उसे जबरन तरल पदार्थ (पेशाब) पिलाते हुए वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे युवक के परिवार को भेज दिया। वीडियो देखने के बाद रविवार दोपहर बदहवास परिजन कोलार थाने पहुँचे और मदद की गुहार लगाई।

    एक्शन में पुलिस: MP से राजस्थान तक घेराबंदी
    मामले की गंभीरता और युवक की जान को खतरा देखते हुए भोपाल पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभाला:
    इंटरस्टेट को-ऑर्डिनेशन: कोलार पुलिस ने तुरंत राजगढ़ की कालीपीठ पुलिस से संपर्क साधा, क्योंकि यह इलाका राजस्थान बॉर्डर से सटा है।

    रेस्क्यू ऑपरेशन: कोलार टीआई संजय सोनी के मुताबिक, राजगढ़ पुलिस की एक विशेष टीम झालावाड़ के दांगीपुरा के लिए रवाना कर दी गई है।

    प्राथमिकता: पुलिस का पहला लक्ष्य युवक को सुरक्षित मुक्त कराना और उसे उपचार दिलाना है। राजस्थान पुलिस को भी अलर्ट पर रखा गया है।युवक की जान बचाना हमारी पहली प्राथमिकता है।

    हालांकि घटना राजस्थान की है, लेकिन हमने अपनी टीमें रवाना कर दी हैं और राजस्थान पुलिस के समन्वय से आरोपियों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
    युवक की जान बचाना हमारी पहली प्राथमिकता है। हालांकि घटना राजस्थान की है, लेकिन हमने अपनी टीमें रवाना कर दी हैं और राजस्थान पुलिस के समन्वय से आरोपियों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। संजय सोनी, थाना प्रभारी, कोलार (भोपाल)
  • मध्यप्रदेश में सड़कों का मजबूत नेटवर्क तैयार होगा: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी

    मध्यप्रदेश में सड़कों का मजबूत नेटवर्क तैयार होगा: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी

    विदिशा।केंद्रीय सड़क परिवहन एवं महामार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने विदिशा जिला मुख्यालय में शनिवार को सड़कों के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने यहां 4,400 करोड़ रुपए की सड़कों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस मौके पर गडकरी ने 13,000 करोड़ रुपए की लागत से कोटा से दिल्ली-मुंबई तक राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने की भी घोषणा की।

    मध्यप्रदेश की सड़कों के विकास के लिए विशेष प्रावधान
    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मांग पर मध्यप्रदेश की सड़क परियोजनाओं के लिए 1,600 करोड़ रुपए देने की घोषणा की। इसमें से 400 करोड़ रुपए विशेष रूप से विदिशा संसदीय क्षेत्र की शहरी और आंतरिक सड़कों के निर्माण के लिए आवंटित किए जाएंगे।गडकरी ने बताया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में लगभग 50 करोड़ रुपए की लागत से नई सड़कें बनाई जाएंगी जिससे प्रदेश के सभी हिस्सों में यातायात सुगम और तेज़ होगा।

    अत्याधुनिक मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर का शिलान्यास
    इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने विदिशा में अत्याधुनिक मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर का भी शिलान्यास किया। यह केंद्र सड़क सुरक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।नितिन गडकरी ने कहा कि प्रदेश में चारों ओर मजबूत सड़क नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे न केवल यातायात सुगमता बढ़ेगी, बल्कि उद्योग और व्यापार को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों और जनता से कहा कि सड़क सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रति जागरूकता बनाए रखना जरूरी है

  • मुरैना में किन्नर के घर 30 लाख की डकैती, बदमाश फरसी में बात कर रहा था

    मुरैना में किन्नर के घर 30 लाख की डकैती, बदमाश फरसी में बात कर रहा था


    मुरैना।मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के अंबाह में शनिवार रात एक बड़ी डकैती की घटना सामने आई। किन्नर राबिया के घर 8 से 10 नकाबपोश और हथियारबंद बदमाशों ने हमला कर 22 तोला सोना 4 किलो चांदी और करीब 4 लाख रुपये नकद समेत कुल लगभग 30 लाख रुपये का माल लूट लिया।

    हथियारबंद बदमाशों की वारदात
    सूत्रों के अनुसार रात करीब 2 बजे बदमाशों ने छत के रास्ते घर में प्रवेश किया। गैस कटर से छत का दरवाजा काटकर अंदर घुसे और दूसरी मंजिल से सीधे नीचे आए। उन्होंने घर में मौजूद राबिया और तीन अन्य किन्नर चेलों को कट्टे की नोक पर बंधक बना लिया।

    सीसीटीवी और फरसी में बातचीत
    लूटपाट के दौरान बदमाशों ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी अपने साथ ले लिया ताकि उनकी पहचान नहीं हो सके। जानकारी मिली है कि बदमाश फरसी में बात कर रहे थे जिससे यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि उनका कोई बाहरी गिरोह से संबंध हो सकता है।

    पुलिस जांच में जुटी
    मुरैना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। फोरेंसिक टीम और स्थानीय थाने के अधिकारी घर का मुआयना कर रहे हैं। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और जल्द ही बदमाशों की पहचान कर उन्हें पकड़ने का आश्वासन दिया है।

  • जबलपुर में रफ्तार का कहर: तेज कार ने 12 मजदूरों को रौंदा, 2 की मौके पर मौत, 7 की हालत नाजुक

    जबलपुर में रफ्तार का कहर: तेज कार ने 12 मजदूरों को रौंदा, 2 की मौके पर मौत, 7 की हालत नाजुक



    जबलपुर। जबलपुर में रविवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। बरेला थाना क्षेत्र के एकता चौक पर तेज रफ्तार कार ने सड़क डिवाइडर की रेलिंग साफ कर रहे 12 मजदूरों को कुचल दिया। इस भीषण हादसे में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए।
    घायलों में से 7 की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। सभी को तत्काल 108 एंबुलेंस की मदद से मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया।

    जानकारी के मुताबिक, हादसा दोपहर करीब 2 बजे हुआ। मजदूर डिवाइडर में लगी लोहे की जालियों की सफाई का काम पूरा करने के बाद सड़क किनारे बैठकर लंच कर रहे थे। इसी दौरान बरेला से जबलपुर की ओर आ रही तेज रफ्तार सफेद कार ने अचानक नियंत्रण खो दिया और मजदूरों को टक्कर मारते हुए मौके से फरार हो गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एकता चौक के पास करीब 24 मजदूर काम कर रहे थे।

    भोजन के समय अचानक कार के चपेट में आने से चारों ओर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और डायल 108 को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अनिल पटेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल भिजवाया।

    घायल मजदूर महंत उइके ने बताया कि कार इतनी तेज थी कि संभलने का मौका तक नहीं मिला। “अचानक कार सामने आई और हमारे साथियों को कुचलते हुए भाग गई। जब तक कुछ समझ पाते, कई लोग सड़क पर लहूलुहान पड़े थे,” उन्होंने बताया।

    बरेला थाना प्रभारी अनिल पटेल ने बताया कि फरार कार चालक की तलाश तेज कर दी गई है। आसपास लगे CCTV कैमरों और टोल नाकों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

    पुलिस का दावा है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

    रीवा में भी सड़क हादसा, एक की मौत
    उधर, रीवा जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के हिनौता मोड़ पर भी रविवार को एक और दर्दनाक हादसा हुआ। तेज रफ्तार एम्बुलेंस ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी, जिसमें ज्ञानेंद्र रावत की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कुलदीप रावत गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल का इलाज अस्पताल में जारी है।लगातार हो रहे इन हादसों ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • बैतूल में राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आया अज्ञात व्यक्ति, सिर ट्रेन में फंसने से दर्दनाक मौत

    बैतूल में राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आया अज्ञात व्यक्ति, सिर ट्रेन में फंसने से दर्दनाक मौत

    बैतूल।मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में शनिवार को एक दर्दनाक रेल हादसा हुआ। आमला रेलवे स्टेशन के अंतर्गत परसोडा रेलवे ट्रैक पर राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में एक अज्ञात व्यक्ति आ गया। हादसे में मृतक का सिर इंजन में फंस गया और वह लगभग चार किलोमीटर तक ट्रेन के साथ आमला स्टेशन तक चला गया, जबकि उसका धड़ घटनास्थल पर ही ट्रैक पर पड़ा मिला।

    रेलवे सुरक्षा बल ने पहुंचकर किया निकासी का प्रयास
    हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल RPF मौके पर पहुंच गया। हालांकि, राजकीय रेल पुलिस और सिविल पुलिस करीब दो घंटे बाद ही घटना स्थल पर पहुँची, जिससे रेल व्यवस्था और सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए।रेलवे कर्मचारियों की मदद से इंजन में फंसे मृतक के सिर को बाहर निकाला गया। इस दर्दनाक घटना से आमला और आसपास के लोगों में शोक और चिंता व्याप्त है।

    घटना की जांच शुरू
    मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। रेलवे और पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल पर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, यह हादसा ट्रेन के रफ्तार और व्यक्ति की अनदेखी का नतीजा माना जा रहा है।रेल यात्रियों और स्थानीय लोगों को इस ट्रैक के पास सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है।

  • सतना में मामूली विवाद में ऑटो चालक पर गोली, जिला अस्पताल में भर्ती

    सतना में मामूली विवाद में ऑटो चालक पर गोली, जिला अस्पताल में भर्ती

    सतना।मध्यप्रदेश के सतना जिले में शनिवार शाम को एक मामूली सड़क विवाद खूनी झगड़े में बदल गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह घटना लगवां थाना क्षेत्र के गहरा नाला के पास हुई। बताया गया है कि एक ऑटो विपरीत दिशा से आ रही बाइक से टकरा गया। इस मामूली टक्कर को लेकर ऑटो चालक और बाइक सवार युवकों के बीच विवाद हो गया।

    मौके पर हुई गोलीबारी
    विवाद इतना बढ़ गया कि बाइक सवारों में से किसी ने ऑटो चालक पर गोली चला दी। घटना में ऑटो चालक मामूली रूप से घायल हुआ। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत बीच-बचाव किया और दोनों पक्षों को अलग किया।

    जिला अस्पताल में भर्ती
    घायल ऑटो चालक को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस ने फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस की स्थिति
    स्थानीय पुलिस ने बताया कि यह मामूली विवाद अचानक बढ़ गया और गोली चलाने की घटना हुई। मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस CCTV फुटेज और गवाहों के बयान लेने में जुटी हुई है।यह घटना यह याद दिलाती है कि सड़क पर छोटी सी टक्कर भी कभी-कभी गंभीर हिंसक घटनाओं में बदल सकती है, इसलिए सावधानी और शांति बनाए रखना जरूरी है।

  • भोपाल में SC-ST-OBC महासम्मेलन: 20 मांगों का ज्ञापन, सरकार पर आरक्षण और सामाजिक न्याय को लेकर हमला

    भोपाल में SC-ST-OBC महासम्मेलन: 20 मांगों का ज्ञापन, सरकार पर आरक्षण और सामाजिक न्याय को लेकर हमला



    भोपाल । भोपाल के भेल दशहरा मैदान में रविवार को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (SC-ST-OBC) के संयुक्त मोर्चा का महासम्मेलन आयोजित हुआ, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों लोग शामिल हुए। सम्मेलन में नेताओं ने सामाजिक न्याय, आरक्षण, शिक्षा, रोजगार और न्याय व्यवस्था में समान अधिकार की मांग को लेकर सरकार पर तीखा विरोध जताया। मंच से कहा गया कि ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग आज भी शिक्षा, नौकरी, प्रशासन और न्याय व्यवस्था में बराबरी का अधिकार नहीं पा रहे हैं और संविधान में दिए गए अधिकारों का लाभ इन्हें पूरी तरह नहीं मिल रहा है।

    संयुक्त मोर्चा ने मुख्यमंत्री के नाम 20 मांगों का ज्ञापन देने की बात कही।

    इसमें मुख्य रूप से आरक्षण को जनसंख्या के अनुसार बढ़ाने, ओबीसी के 13% रोके गए पद तुरंत भरने, सरकारी सेवाओं में पदोन्नति में आरक्षण, निजी और आउटसोर्स कामों में भी आरक्षण, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, सफाई कर्मचारियों को नियमित करने, न्याय व्यवस्था में ओबीसी-एससी-एसटी का उचित प्रतिनिधित्व, छात्रवृत्ति और छात्रावास बढ़ाने जैसी मांगें शामिल हैं। मोर्चा ने चेतावनी भी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे प्रदेश में आंदोलन तेज किया जाएगा।

    महासम्मेलन के दौरान पूर्व विधायक और संपूर्ण बुंदेलखंड जन जागरण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरडी प्रजापति ने कथावाचकों धीरेंद्र शास्त्री और अनिरुद्ध आचार्य के विवादित बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। प्रजापति ने कहा कि महिलाओं के बारे में “25 साल की लड़कियां” और “100 बार बेचो” जैसे अपमानजनक बयान देना किसी भी धर्म या शास्त्र में स्वीकार्य नहीं है।

    उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विधवा महिला का सिंदूर हटना उसे “खाली प्लॉट” बना देता है और समाज को अपनी बहन-बेटियों को जमीन की तरह ‘खरीदा-बेचा’ जाना चाहिए।

    प्रजापति ने यह भी कहा कि कुछ कथावाचक और धर्मगुरु करोड़ों लोगों की भीड़ जुटाकर महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसे बयान देने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो और धर्म-शास्त्र का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए कड़ी निगरानी होनी चाहिए।

    अपने संबोधन में प्रजापति ने प्रधानमंत्री और मौजूदा व्यवस्था पर भी तीखा हमला करते हुए कहा कि मेहनत करने वाला वर्ग हाशिए पर है, जबकि धर्म और चंदे के सहारे प्रभावशाली लोग लाभ ले रहे हैं।

    उन्होंने आदिवासी समाज के मुद्दों पर जंगल कटाई और संसाधनों के दोहन को आदिवासी समुदाय के अस्तित्व के लिए खतरा बताया।

    महासम्मेलन में उपस्थित नेताओं ने यह भी कहा कि आदिवासी सलाहकार परिषद को मजबूत किया जाए और PESA कानून पूरी तरह लागू किया जाए। साथ ही डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाएं ग्वालियर, जबलपुर और इंदौर हाईकोर्ट परिसर में स्थापित करने और बाबा साहब के अपमान से जुड़े मामलों में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई।

    इस तरह भोपाल में हुए इस महासम्मेलन ने सरकार पर आरक्षण, सामाजिक न्याय और संविधानिक अधिकारों के कार्यान्वयन को लेकर दबाव बढ़ा दिया है, साथ ही कथावाचकों के विवादित बयानों को लेकर सामाजिक स्तर पर भी नया राजनीतिक और सांस्कृतिक विवाद खड़ा कर दिया है।

  • कोहरे की चादर में दिल्ली: विजिबिलिटी हुई 'शून्य', प्रदूषण ने फिर डराया, राजधानी में GRAP-4 की सख्त पाबंदियां लागू+

    कोहरे की चादर में दिल्ली: विजिबिलिटी हुई 'शून्य', प्रदूषण ने फिर डराया, राजधानी में GRAP-4 की सख्त पाबंदियां लागू+


    नई दिल्ली । देश की राजधानी दिल्ली इस समय दोहरी मार झेल रही है। एक तरफ जहां रविवार सुबह दिल्ली भीषण कोहरे की सफेद चादर में लिपटी नजर आई, वहीं दूसरी तरफ जानलेवा प्रदूषण के चलते प्रशासन को एक बार फिर सबसे सख्त पाबंदियां यानी GRAP-4 लागू करना पड़ा है। मौसम विभाग ने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि वायु गुणवत्ता सूचकांक के गंभीर श्रेणी में पहुँचने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कोहरे का कहर सफदरजंग में दृश्यता जीरो रविवार की सुबह दिल्ली के लिए बेहद धुंधली रही। शनिवार रात से शुरू हुआ कोहरा सुबह होते-होते इतना घना हो गया कि सफदरजंग जैसे इलाकों में विजिबिलिटी शून्य दर्ज की गई। पालम में दृश्यता 350 मीटर रही, जबकि अक्षरधाम, डीएनडी और बारापुला जैसे प्रमुख मार्गों पर वाहन रेंगते नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार, हवा की दिशा बदलने और नमी के उच्च स्तर 100% के कारण यह स्थिति बनी है। वाहन चालकों को सावधानी बरतने और केवल बहुत जरूरी होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।

    तापमान का खेल: धूप की गर्मी और सुबह की ठिठुरन दिल्ली के मौसम में अजीब विरोधाभास देखने को मिल रहा है। शनिवार को दिनभर खिली तेज धूप के कारण अधिकतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री अधिक यानी 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, रात और सुबह की गलन बरकरार है, जहां न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 17 से 20 जनवरी के बीच न्यूनतम तापमान में थोड़ी वृद्धि होगी और हल्की बारिश की संभावना है, लेकिन 23 से 26 जनवरी के बीच एक और शीतलहर दस्तक दे सकती है। प्रदूषण का ‘इमरजेंसी’ लेवल: फिर लागू हुआ GRAP-4 हवा की धीमी गति और पश्चिमी विक्षोभ के असर से दिल्ली की आबोहवा फिर से जहरीली हो गई है। शनिवार रात दिल्ली का औसत AQI 428 तक पहुँच गया। स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग CAQM ने 24 दिन बाद फिर से GRAP-4 लागू करने का निर्णय लिया है।

    GRAP-4 के तहत क्या हैं नई पाबंदियां

    ट्रकों पर बैन: आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर अन्य सभी भारी वाहनों और ट्रकों के दिल्ली प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। निर्माण कार्य ठप: दिल्ली-एनसीआर में सभी तरह के निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। स्कूलों के लिए निर्देश: कक्षा 6वीं, 7वीं, 8वीं और 11वीं के लिए हाइब्रिड मोड ऑनलाइन ऑफलाइन में पढ़ाई के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दो-तीन दिनों तक कोहरे और प्रदूषण का यह गठजोड़ दिल्लीवासियों की मुश्किलें बढ़ाए रखेगा। अधिकारियों ने बुजुर्गों और सांस के मरीजों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी है।