Category: Madhya Pradesh

  • बैतूल में खेत में करंट से ग्रामीण की मौत, आरोपी गिरफ्तार

    बैतूल में खेत में करंट से ग्रामीण की मौत, आरोपी गिरफ्तार


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में खेत में अवैध रूप से बिजली का करंट फैलाने से एक ग्रामीण की मौत का मामला सामने आया। पुलिस ने इस हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना 4 सितंबर 2025 की है, जब ग्राम झाडेगांव निवासी सदन पन्द्राम जंगल में अपने मवेशी चराने गया था। इसी दौरान पास के खेत में लगे नंगे तार की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के भाई शिवलाल पन्द्राम की शिकायत पर कोतवाली थाना में मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने मृतक के परिवार के बयान, घटनास्थल निरीक्षण और साक्ष्यों के आधार पर गहन जांच शुरू की। विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि ग्राम भोगीतेड़ा निवासी शिवचरण उपासे ने अपने खेत की मेढ़ पर खूंटी गाड़कर नंगे तार में करंट प्रवाहित कर रखा था। पुलिस के अनुसार, यह तार जानबूझकर लगाया गया था, जिससे हादसा घटित हुआ।

    कोतवाली पुलिस ने आरोपी शिवचरण उपासे के खिलाफ अपराध क्रमांक 37/25 के तहत धारा 105 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने बताया कि आरोपी को पकड़कर पूछताछ की जा रही है और इस घटना में उसकी भूमिका की पुष्टि की जा रही है। पुलिस ने मृतक के परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन भी दिया है। इस हादसे ने इलाके में सुरक्षा की गंभीर स्थिति को उजागर किया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई खेतों में नंगे तार लगाकर करंट फैलाने की घटनाएं होती रहती हैं, जिससे लोगों और मवेशियों के जीवन को खतरा रहता है। पुलिस अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस तरह की लापरवाही और जानलेवा गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    घटना के बाद पुलिस ने इलाके में पेट्रोलिंग बढ़ा दी है और ग्रामीणों को सुरक्षित रहने की हिदायत दी है। इसके अलावा मृतक परिवार को मुआवजा और कानूनी सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को कानून के अनुसार कठोर सजा दिलाने के लिए पूरी तरह से जांच जारी रहेगी। इस मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अवैध बिजली प्रयोग न केवल गैरकानूनी है बल्कि मानव जीवन के लिए भी घातक साबित हो सकता है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें, ताकि भविष्य में किसी और अनहोनी की घटना को रोका जा सके।

  • बैतूल में घर में सेंधमारी का खुलासा: तीन आरोपी गिरफ्तार, 1.11 लाख रुपये का माल बरामद

    बैतूल में घर में सेंधमारी का खुलासा: तीन आरोपी गिरफ्तार, 1.11 लाख रुपये का माल बरामद


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में घर में सेंधमारी का मामला पुलिस के लिए चुनौती बन गया था, लेकिन थाना बैतूल बाजार की टीम ने सटीक जांच के बाद इसे सफलता पूर्वक सुलझा लिया। शनिवार को पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और 1.11 लाख रुपये मूल्य का चोरी का माल बरामद किया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के निर्देशन में की गई जानकारी के अनुसार, फरियादी अमित चौहान ने 27 अगस्त 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि पूजा के लिए घर से बाहर गए समय अज्ञात अपराधियों ने उनके घर का ताला तोड़कर चोरी की। चोरी में सोने-चांदी के जेवरात और नकदी शामिल थे। इस शिकायत के बाद थाना बैतूल बाजार में अपराध क्रमांक 423/25 के तहत मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने तुरंत विवेचना शुरू की।

    पुलिस ने प्रारंभिक जांच में आसपास के संदिग्धों और अपराधियों की पहचान की। सीसीटीवी फुटेज, पूछताछ और गहन निगरानी के बाद टीम ने तीन आरोपियों का पता लगाया। इनमें से एक आरोपी ने पहले भी छोटे-मोटे चोरी के मामलों में नाम जुड़ा हुआ था। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनके कब्जे से चोरी की गई संपत्ति बरामद की। बरामद माल में नकद राशि, सोने-चांदी के आभूषण और कुछ अन्य मूल्यवान वस्तुएं शामिल थीं। आरोपियों से पूछताछ में पुलिस ने जानकारी प्राप्त की कि यह चोरी एक योजनाबद्ध गतिविधि के तहत की गई थी और उन्होंने इसे बाजार में बेचने की कोशिश की। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की सक्रियता और त्वरित गिरफ्तारी के कारण चोरी का अधिकांश माल सुरक्षित लौटाया जा सका।

    पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्क और तत्पर है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों की सुरक्षा को और मजबूत करें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ चोरी और संबंधित अपराधों के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और मामले की जांच जारी है। घटना ने यह स्पष्ट किया कि बैतूल पुलिस चोरी और अपराध के मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई कर रही है। स्थानीय नागरिकों ने भी पुलिस की तत्परता की सराहना की है। यह गिरफ्तारी अन्य अपराधियों के लिए एक चेतावनी के रूप में कार्य करेगी। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में समुदाय का सहयोग भी महत्वपूर्ण है और जनता को जागरूक रहना चाहिए। इस प्रकार बैतूल पुलिस ने न केवल चोरी का मामला सुलझाया बल्कि चोरी की गई संपत्ति को भी सुरक्षित बरामद कर जिले में कानून और व्यवस्था की मिसाल कायम की।

  • राहुल गांधी इंदौर में दूषित पानी पीड़ितों से मिले, परिवारों को चेक देकर दी राहत कहा-स्मार्ट सिटी’ में भी लोग पानी पीकर मर रहे

    राहुल गांधी इंदौर में दूषित पानी पीड़ितों से मिले, परिवारों को चेक देकर दी राहत कहा-स्मार्ट सिटी’ में भी लोग पानी पीकर मर रहे

    नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इंदौर दौरे पर हैं और उन्होंने सबसे पहले बॉम्बे हॉस्पिटल का दौरा किया, जहां वे दूषित जल से प्रभावित मरीजों से मिले। इसके बाद वे भागीरथपुरा इलाके पहुंचे, जो शहर के उन हिस्सों में से है जहाँ दूषित पानी के कारण लोगों की सेहत बुरी तरह प्रभावित हुई है। राहुल गांधी पैदल ही प्रभावित इलाके में गए और वहां के पीड़ित परिवारों से बातचीत की।

    भागीरथपुरा में उन्होंने गीता बाई के परिवार से मुलाकात की और उसके बाद जीवनलाल के घर भी गए।

    इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवारों को एक-एक लाख रुपये के चेक देने का ऐलान किया। वहीं, प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार 50 हजार रुपये का चेक देंगे। राहुल गांधी के साथ इस दौरे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह, हरीश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और अजय सिंह भी मौजूद रहे।

    भागीरथपुरा में मृतकों के परिजनों से मिलने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि इन परिवारों में कई लोगों की मौत हुई है और कई बीमार हुए हैं। उन्होंने इस घटना को “स्मार्ट सिटी” की विफलता करार दिया और कहा कि यह नया मॉडल है जहाँ पीने का साफ पानी नहीं है। राहुल ने कहा कि लोगों को डराया जा रहा है और सभी परिवारों को दूषित पानी पीने के बाद बीमारी हुई है।

    उन्होंने साफ कहा कि इंदौर में साफ पानी नहीं मिल रहा, और इससे लोग मर रहे हैं।

    राहुल ने सरकार पर सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि यह समस्या केवल इंदौर तक सीमित नहीं है, बल्कि अलग-अलग शहरों में यही हाल है। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रही और जहां भी यह काम करवाया गया है, उसके लिए किसी न किसी को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। राहुल ने कहा कि पीड़ितों ने जो इलाज कराया और जिनकी मौत हुई, उनके लिए सरकार को मुआवजा देना चाहिए।

    रहवासियों के अनुसार, शहर में जो टंकी है, वह सिर्फ “सिंबल” बनकर रह गई है। राहुल ने कहा कि उन्हें बताया गया कि साफ पानी अभी भी नहीं मिल रहा है।

    टंकी पर बैन लगा दिया गया है, लेकिन कुछ ही दिनों में यह बैन हटाकर फिर वही पानी दिया जाएगा। राहुल ने कहा कि लोग मांग कर रहे हैं कि सरकार अपनी जिम्मेदारी पूरी करे और साफ पानी उपलब्ध करवाए।

    जब पत्रकारों ने राहुल से सवाल किया कि क्या वे राजनीति करने आए हैं, तो उन्होंने कहा कि वे यहां “मदद करने” आए हैं। राहुल ने कहा कि वे विपक्ष के नेता हैं और लोगों के मुद्दे उठाने और उनकी मदद करने के लिए आए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर देश में लोगों को साफ पानी नहीं मिल रहा है, तो उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वे उनकी मदद करें। राहुल ने कहा कि वे पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं और सरकार को साफ पानी उपलब्ध कराना चाहिए।
    इस दौरे से एक बार फिर सवाल उठता है कि इंदौर में पानी की समस्या कितनी गंभीर है और सरकार इस पर कब तक प्रभावी कार्रवाई करेगी।

  • भोपाल में ‘सोना–कैश’ मामले की बड़ी अपडेट: आयकर विभाग ने पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के स्कूल को किया अटैच, मां-आदि को नोटिस

    भोपाल में ‘सोना–कैश’ मामले की बड़ी अपडेट: आयकर विभाग ने पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के स्कूल को किया अटैच, मां-आदि को नोटिस


    भोपाल । भोपाल के मेंडोरी इलाके में दिसंबर 2024 में 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए नकद से भरी इनोवा कार के कांड में नया मोड़ आया है। आयकर विभाग की बेनामी निषेध इकाई (BPU) ने अब इस मामले से जुड़े पूर्व आरटीओ आरक्षक सौरभ शर्मा की एक बड़ी संपत्ति पर कार्रवाई की है। बीपीयू ने शाहपुरा, भोपाल में बने एक स्कूल भवन को अस्थायी रूप से अटैच कर दिया है।

    आयकर विभाग के अनुसार यह स्कूल भवन “राजमाता (भारतमाता) शिक्षा एवं समाज कल्याण समिति” नामक ट्रस्ट के नाम पर पंजीकृत है, जिसकी लागत लगभग 7.5 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इस ट्रस्ट में सौरभ शर्मा की मां उमा शर्मा, उनके सहयोगी चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल ट्रस्टी के रूप में दर्ज हैं। जांच में यह सामने आया कि ट्रस्ट केवल बेनामी (नाममात्र) है और वास्तविक मालिक सौरभ शर्मा ही है।

    बेनामी घोषित, नोटिस जारी
    बीपीयू की जांच में यह स्कूल भवन बेनामी संपत्ति पाया गया और इसे बेनामी लेन-देन निषेध अधिनियम (PBPT Act), 1988 के तहत धारा 24(3) के अंतर्गत अटैच किया गया। साथ ही बेनामीदारों और वास्तविक स्वामी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।

    सूत्रों के अनुसार ट्रस्ट ने इस स्कूल के संचालन के लिए किसी प्रमुख स्कूल श्रृंखला से फ्रेंचाइजी भी ली थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह संपत्ति केवल “नाम का स्कूल” नहीं, बल्कि व्यावसायिक तौर पर भी चलाया जा रहा था। आयकर विभाग अब स्कूल निर्माण में लगाए गए धन के स्रोत और ट्रस्ट की अन्य गतिविधियों की भी जांच कर रहा है।

    आयकर विभाग ने यह भी बताया है कि यह कार्रवाई सोना–कैश इनोवा मामले से जुड़ी अन्य संपत्तियों पर चल रहे सिलसिले की अगली कड़ी है।

    इससे पहले भी सौरभ शर्मा और उनके सहयोगियों से जुड़े कई अचल संपत्ति और बेनामी कारोबार PBPT अधिनियम के तहत जब्त किए जा चुके हैं।

    52 किलो सोना और 11 करोड़ नकद वाली इनोवा
    याद दिला दें कि 18-19 दिसंबर 2024 की मध्यरात्रि में भोपाल के मेंडोरी गांव में ग्वालियर आरटीओ से रजिस्टर्ड इनोवा कार लावारिस हालत में मिली थी। कार चेतन सिंह गौर के नाम पर रजिस्टर्ड थी। जांच में वाहन से 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए नकद बरामद हुए थे।

    बाद में आयकर विभाग ने यह निष्कर्ष निकाला था कि यह संपत्ति असल में पूर्व आरटीओ आरक्षक सौरभ शर्मा की थी, जिसे रिश्तेदारों और सहयोगियों के नाम पर छिपाकर रखा गया था।

    ED भी कर रहा जांच
    इसी मामले में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने सौरभ शर्मा के ठिकानों से मिले ट्रांसफर-पोस्टिंग के दस्तावेज की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि ईडी इस मामले में कुछ नेताओं और अफसरों से भी पूछताछ कर सकती है और इसके लिए दिल्ली मुख्यालय से मशविरा मांगा गया है।

  • शहडोल में रेलकर्मी पर खूनी हमला: ड्यूटी पर तैनात पूर्व सैनिक को बदमाशों ने चाकू से गोदा सुरक्षा व्यवस्था पर ,उठे सवाल

    शहडोल में रेलकर्मी पर खूनी हमला: ड्यूटी पर तैनात पूर्व सैनिक को बदमाशों ने चाकू से गोदा सुरक्षा व्यवस्था पर ,उठे सवाल


    शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है जहां रेलवे इंजीनियरिंग डिपो में अपनी ड्यूटी निभा रहे एक कर्मचारी पर अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। घायल कर्मचारी प्रह्लाद शर्मा 57 वर्ष एक पूर्व सैनिक हैं जो वर्तमान में रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग में TM-3 के पद पर कार्यरत हैं। इस घटना ने रेलवे परिसर और सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से कटघरे में खड़ा कर दिया है।

    घटना की जानकारी के अनुसार प्रह्लाद शर्मा की तैनाती PWI स्टोर डिपो में शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे की नाइट शिफ्ट में थी। रात करीब 2:30 से 3:00 बजे के बीच जब सन्नाटा पसरा हुआ था तभी एक मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात युवक डिपो परिसर के भीतर घुस आए। दोनों आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए हेलमेट पहन रखे थे। ड्यूटी पर सतर्क प्रह्लाद शर्मा ने जब उनसे आने का कारण और नाम-पता पूछा तो बदमाशों ने सहयोग करने के बजाय उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग और गाली-गलौज शुरू कर दी।

    विवाद इतना बढ़ा कि बदमाशों ने पूर्व सैनिक पर हमला बोल दिया। उन्होंने प्रह्लाद शर्मा को पकड़कर जमीन पर पटक दिया और लात-घूंसों से उनकी बेरहमी से पिटाई की। क्रूरता की हद पार करते हुए एक आरोपी ने चाकू निकाला और प्रह्लाद के दाहिने घुटने पर एक के बाद एक तीन वार किए। जब बदमाश ने चौथा वार करने की कोशिश की तो उसे रोकने के प्रयास में प्रह्लाद शर्मा का बायां हाथ गंभीर रूप से कट गया और मौके पर ही अत्यधिक खून बहने लगा। वारदात को अंजाम देकर आरोपी अपनी बाइक से अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

    लहूलुहान हालत में घायल कर्मचारी काफी देर तक दर्द से चीखते रहे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक राहगीर की नजर उन पर पड़ी जिसने तुरंत रेलवे सुरक्षा बल RPF को सूचित किया। मौके पर पहुंची RPF की टीम ने तत्काल प्रह्लाद शर्मा को शहडोल के देवांता हॉस्पिटल ले जाकर ICU वार्ड में भर्ती कराया जहां उनकी स्थिति फिलहाल नाजुक बनी हुई है।

    कोतवाली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात बदमाशों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 132 , 121,1 ,110 और 3, 5 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब डिपो परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हेलमेट पहने हमलावरों की पहचान की जा सके। रेलवे जैसे अति-सुरक्षित क्षेत्र में एक सरकारी कर्मचारी और पूर्व सैनिक पर इस तरह का हमला क्षेत्र में चर्चा और आक्रोश का विषय बना हुआ है।

  • मध्य प्रदेश पुलिस में पहली बार ट्रेड आरक्षक कैडर ने महाकाल के दरबार में लगाई ‘वर्दी अपमान’ की अर्जी, GD में मर्ज न होने पर बवाल

    मध्य प्रदेश पुलिस में पहली बार ट्रेड आरक्षक कैडर ने महाकाल के दरबार में लगाई ‘वर्दी अपमान’ की अर्जी, GD में मर्ज न होने पर बवाल


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश पुलिस के ट्रेड आरक्षक कैडर (कुक, नाई, धोबी, मोची, स्वीपर, स्वीपर आदि) के लगभग 5500 पुलिसकर्मियों ने अब तक के सबसे बड़े कदम में उज्जैन के महाकाल मंदिर में जाकर जनरल ड्यूटी (GD) में मर्ज करने की मांग की है। यह मांग खास इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इन पुलिसकर्मियों ने पहली बार सरकारी आदेशों के खिलाफ सामूहिक रूप से विरोध जताया है।
    ट्रेड आरक्षक कैडर के पुलिसकर्मी बताते हैं कि वे कम से कम 7 साल सेवा के बाद फील्ड में काम करने के पात्र हो जाते हैं, लेकिन 2012 में जारी डीजीपी नंदन दुबे के आदेश (जी.ओ.पी-57/93 को बंद करना) के बाद से उनका GD में मर्ज रोक दिया गया। परिणाम यह हुआ कि प्रमोशन के बाद भी उन्हें वही ट्रेड के कामकुक, नाई, धोबी, मोची, स्वीपरके ही काम करने पड़ रहे हैं।

    वहीं, पड़ोसी राज्यों में इसी कैडर को GD में मर्ज कर बल की कमी पूरी की जा रही है। ट्रेड आरक्षकों का कहना है कि अफसरों के घरों में काम करना उनकी गरिमा और वर्दी का अपमान है। कई पुलिसकर्मी ऐसे हैं, जो सब-इंस्पेक्टर स्तर तक प्रमोशन पा चुके हैं, लेकिन अभी भी उन्हें अफसरों की निजी सेवा में ही लगे रहना पड़ता है।

    इस विरोध का सबसे बड़ा पहलू यह है कि उन्होंने मुख्यमंत्री से सीधे नहीं, बल्कि बाबा महाकाल के दरबार में अर्जी देकर अपनी गुहार लगाई है। ट्रेड आरक्षकों ने महाकाल को पत्र में लिखा कि उनकी वर्दी “अपमान से झुकी हुई” है और वे चाहते हैं कि सरकार 12 साल से रुके GD मर्ज को फिर से लागू करे।

    इसी बीच खरगोन में एक और पुलिस विवाद सामने आया है, जिसमें रिजर्व इंस्पेक्टर (आरआई) पर कॉन्स्टेबल की पिटाई करने का आरोप लगा है। मामला 23 अगस्त का है, जब एक पालतू कुत्ता गुम हो गया था और आरआई इस बात से नाराज हो गए। पीड़ित कॉन्स्टेबल राहुल चौहान ने आरोप लगाया कि आरआई और उनकी पत्नी ने जातिसूचक अपशब्द कहे और बेल्ट से पिटाई की।

  • खूबसूरत लड़की दिखे तो रेप हो सकता है”: कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के बयान से सियासी तूफान , BJP ने बताया महिला और दलित-विरोधी सोच

    खूबसूरत लड़की दिखे तो रेप हो सकता है”: कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के बयान से सियासी तूफान , BJP ने बताया महिला और दलित-विरोधी सोच


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी को लेकर घमासान मच गया है। भांडेर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के एक आपत्तिजनक और विवादित बयान ने न सिर्फ राजनीतिक हलकों में बल्कि समाज के हर वर्ग में तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी है। धर्मग्रंथों महिलाओं और विशेषकर अनुसूचित जाति-जनजाति समाज को लेकर दिए गए उनके बयान को भाजपा ने महिला-विरोधी और दलित-विरोधी मानसिकता का खुला प्रदर्शन करार दिया है।

    एक इंटरव्यू के दौरान विधायक फूल सिंह बरैया ने बलात्कार जैसे जघन्य अपराध को लेकर ऐसी “थ्योरी” रखी जिसे लेकर चौतरफा निंदा हो रही है। उन्होंने कहा कि “अगर कोई खूबसूरत लड़की दिख जाए तो दिमाग विचलित हो सकता है और रेप हो सकता है।” यहीं नहीं उन्होंने यह भी दावा किया कि एससी-एसटी और ओबीसी समाज में खूबसूरत लड़कियां नहीं होतीं और कुछ धर्मग्रंथों में यह लिखा है कि यदि अनुसूचित जाति की महिला के साथ सहवास किया जाए तो उसे काशी तीर्थ के समान पुण्य मिलता है। बरैया ने ‘रुद्रयामल तंत्र’ नामक पुस्तक का हवाला देते हुए यह तर्क दिया कि इसी सोच के कारण एससी-एसटी समाज की महिलाओं और बच्चियों के साथ बलात्कार की घटनाएं होती हैं।

    विधायक यहीं नहीं रुके। उन्होंने यह भी कहा कि बलात्कार कोई अकेला व्यक्ति नहीं करता बल्कि चार-पांच लोग मिलकर करते हैं और आरोपियों के दिमाग में यह रहता है कि उन्हें “पुण्य” मिलेगा। इसी मानसिकता के कारण चार महीने और दस महीने की बच्चियों तक के साथ रेप जैसी घटनाएं हो रही हैं। इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं।

    भाजपा ने इस बयान को लेकर कांग्रेस पर सीधा हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर कड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि फूल सिंह बरैया का बयान कोई जुबानी फिसलन नहीं बल्कि बीमार विकृत और आपराधिक सोच का सार्वजनिक प्रदर्शन है। उन्होंने लिखा कि महिलाओं को “खूबसूरती” के तराजू पर तौलना और एससी-एसटी समाज की महिलाओं के साथ बलात्कार जैसे जघन्य अपराध को “तीर्थ फल” बताना स्त्री-द्वेष दलित-विरोध और मानवता पर सीधा हमला है।

    आशीष अग्रवाल ने कांग्रेस नेतृत्व को भी कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जब राहुल गांधी मध्यप्रदेश आ रहे हैं तो देश जानना चाहता है कि क्या यही कांग्रेस की असली सोच है और क्या यही “संविधान बचाओ” का पाखंड है। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से तत्काल माफी और विधायक के निष्कासन की मांग की। फिलहाल इस बयान ने कांग्रेस को रक्षात्मक स्थिति में ला दिया है जबकि भाजपा इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाकर लगातार हमलावर है। महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी बयान की निंदा करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि कांग्रेस नेतृत्व इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है।

  • यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री पर CM मोहन यादव का अहम दौरा: 85 एकड़ जमीन का भविष्य तय करने के लिए बैठक, गैस पीड़ितों की भी होगी बात

    यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री पर CM मोहन यादव का अहम दौरा: 85 एकड़ जमीन का भविष्य तय करने के लिए बैठक, गैस पीड़ितों की भी होगी बात


    भोपाल। भोपाल के जेपी नगर स्थित यूनियन कार्बाइड (यूका) फैक्ट्री पर शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निरीक्षण किया और गैस राहत से जुड़े अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। यह दौरा इसी बात का संकेत माना जा रहा है कि फैक्ट्री के 85 एकड़ जमीन के उपयोग को लेकर जल्द ही निर्णय लिया जा सकता है। शुक्रवार को जिला प्रशासन और गैस राहत विभाग की टीम जमीन से जुड़े फाइलों की जांच में जुटी रही, जबकि पुलिस विभाग ने डीआरपी लाइन के लिए भी जमीन मांगने का प्रस्ताव रखा है।
    इस सबके बीच यह सवाल उभरकर सामने आया है कि उस जमीन का सही उपयोग क्या होगाक्या उसे विकास के कामों में लाया जाएगा या फिर गैस पीड़ितों की सुविधाओं के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।

    इस दौरान गैस पीड़ित संगठनों ने भी मुख्यमंत्री से मिलने की संभावना जताई। गैस पीड़ित संगठन ‘रचना ढिंगरा’ ने बताया कि वे 2-3 अहम मुद्दों पर चर्चा करना चाहते हैं। इनमें सबसे बड़ी मांग यह है कि कई महिलाओं को एक हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन अभी तक नहीं मिल रही है। साथ ही गैस पीड़ितों के पुनर्वास और स्वास्थ्य संबंधी मामलों पर बनाई गई राज्य स्तरीय समिति की बैठक पिछले 11 साल से नहीं हुई है।

    संगठन का कहना है कि इन मुद्दों पर तुरंत ध्यान दिया जाना चाहिए, क्योंकि पीड़ितों की हालत आज भी बेहद नाजुक है और उन्हें समय-समय पर सहायता की जरूरत रहती है।

    यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के 40 साल बाद हटाए गए जहरीले कचरे की याद भी ताजा है। पिछले साल जनवरी में फैक्ट्री से 337 मीट्रिक टन जहरीला कचरा हटाया गया था। यह कचरा 12 कंटेनरों में उच्च सुरक्षा के बीच पीथमपुर ले जाया गया था, जहां लंबे विरोध प्रदर्शन के बाद इसे जलाया गया था।

    हालांकि गैस पीड़ित संगठन अभी भी दावा करते हैं कि फैक्ट्री परिसर में हजारों टन कचरा दफन है, जिसके कारण आसपास के 42 बस्तियों का भूजल प्रदूषित हो चुका है। यह स्थिति आज भी लोगों की सेहत के लिए खतरा बनी हुई है और इसी कारण इलाके में पुनर्वास और पर्यावरण सुरक्षा की मांग लगातार उठती रहती है।

    भोपाल गैस त्रासदी 2-3 दिसंबर 1984 की रात की घटना थी, जिसे दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदियों में गिना जाता है। उस रात यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के प्लांट CK में टैंक नंबर 610 से मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC) गैस लीक हुई, जिससे हजारों लोग प्रभावित और मारे गए।

    उस रात की भयावहता का वर्णन आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैलाशों की संख्या इतनी अधिक थी कि उन्हें उठाने के लिए वाहन कम पड़ गए, और धुंध इतनी गहरी थी कि पहचानना भी मुश्किल हो गया।

    याद रहे कि यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड ने 1969 में प्लांट स्थापित किया था। 1978 में अल्फा नेफ्थॉल और 1979 में MIC उत्पादन की यूनिट शुरू हुई थी। MIC अत्यंत खतरनाक रसायन था और अमेरिका में इसे कड़ी सुरक्षा के साथ एक-एक लीटर की बोतलों में भेजा जाता था, जबकि भारत में इसे बड़े स्टील कंटेनरों में लाया जाता था। 2 दिसंबर की रात टैंक की सफाई के दौरान पानी का रिसाव MIC टैंक में चला गया और ‘रन अवे रिएक्शन’ की वजह से टैंक फट गया, जिससे गैस फैली। इस त्रासदी में शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार 3828 लोग तत्काल मारे गए, जबकि बाद में मौतों और प्रभावितों की संख्या कई गुना बढ़ती गई।

    अब यह देखना होगा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की इस बैठक और निरीक्षण के बाद 85 एकड़ जमीन का उपयोग किस दिशा में होगाक्या यह जमीन पीड़ितों की सुविधा, पर्यावरण सुरक्षा और स्मृति स्थल के रूप में सुरक्षित रखी जाएगी या फिर विकास परियोजनाओं के लिए उपयोग की जाएगी। साथ ही गैस पीड़ितों की लंबित मांगों पर भी सरकार की क्या कार्रवाई होती है, यह अगले कुछ दिनों में स्पष्ट हो जाएगा।
  • भोपाल से दिल्ली तक हंगामा: ‘रेप हो सकता है’ वाले बयान पर BJP ने कांग्रेस को घेरा, माफी की मांग

    भोपाल से दिल्ली तक हंगामा: ‘रेप हो सकता है’ वाले बयान पर BJP ने कांग्रेस को घेरा, माफी की मांग


    नई दिल्ली। भोपाल से दिल्ली तक राजनीतिक गलियारों में चर्चा का नया मुद्दा बन गया है कि कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने कथित तौर पर कहा कि “खूबसूरत लड़की दिखे तो दिमाग विचलित हो सकता है, रेप हो सकता है”, जिससे महिलाओं के सम्मान और समाज की संवेदनशीलता को ठेस पहुंची है। इस बयान की चर्चा सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई और राजनीतिक दलों ने इसे गंभीर मुद्दा बनाकर कांग्रेस पर हमला करना शुरू कर दिया।
    BJP ने इसे केवल बयान नहीं, बल्कि अपराध को सामान्य करने वाली विकृत मानसिकता बताया है।

    BJP मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने इस बयान को जुबान की फिसलन मानने से इनकार किया और कहा कि यह सोच स्त्री-विरोधी और दलित-विरोधी है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को ‘खूबसूरती’ के पैमाने पर तौलकर उनके खिलाफ अपराध को सामान्य भाषा में जोड़ना समाज के लिए खतरनाक संकेत है। BJP का कहना है कि यह मुद्दा सिर्फ राजनीति का नहीं, बल्कि समाज की सोच और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा है।

    इसके साथ ही BJP ने कांग्रेस नेतृत्व पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी ने कहा कि राहुल गांधी के मध्यप्रदेश दौरे से पहले इस तरह का बयान सामने आना चिंताजनक है और देश जानना चाहता है कि क्या यही कांग्रेस की असली सोच है। BJP ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से भी इस मामले पर स्पष्टीकरण की मांग की है।

    BJP ने साफ कहा है कि अब कांग्रेस की चुप्पी स्वीकार नहीं की जाएगी। पार्टी ने दो विकल्प दिए हैंया तो फूल सिंह बरैया से सार्वजनिक माफी दिलाई जाए और उन्हें पार्टी से बाहर किया जाए, या फिर कांग्रेस को यह स्वीकार करना होगा कि वह महिला विरोधी और दलित विरोधी सोच के साथ खड़ी है।

    BJP नेताओं का कहना है कि महिलाओं के सम्मान पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता और नारी देवी को कभी भी ‘प्रयोग की वस्तु’ नहीं बनने दिया जाएगा।

    अब यह देखना बाकी है कि कांग्रेस इस विवाद पर क्या रुख अपनाती हैक्या वह माफी और कार्रवाई के साथ स्थिति को नियंत्रित करती है, या चुप्पी और तर्क-वितर्क के बीच यह मुद्दा और भी बड़ा बन जाएगा।

  • महाकाल की शरण में टीम इंडिया: निर्णायक मैच से पहले विराट कोहली और कुलदीप यादव ने की भस्म आरती , बाबा महाकाल से मांगी जीत की कामना

    महाकाल की शरण में टीम इंडिया: निर्णायक मैच से पहले विराट कोहली और कुलदीप यादव ने की भस्म आरती , बाबा महाकाल से मांगी जीत की कामना


    उज्जैन । न्यूजीलैंड के खिलाफ इंदौर में होने वाले निर्णायक वनडे मुकाबले से पहले भारतीय क्रिकेट टीम के सितारे आध्यात्मिक ऊर्जा लेने उज्जैन पहुंचे। टीम इंडिया के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली और स्पिनर कुलदीप यादव ने शुक्रवार तड़के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भगवान शिव के दर्शन किए और अलौकिक मानी जाने वाली भस्म आरती में शामिल होकर बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। दोनों खिलाड़ी सुबह करीब 4 बजे मंदिर पहुंचे और लगभग दो घंटे तक नंदी हॉल में बैठकर ध्यान और आराधना में लीन रहे। भस्म आरती के दौरान विराट कोहली पूरी तरह पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। उनके मस्तक पर त्रिपुण्ड सुशोभित था और वे पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना करते दिखाई दिए। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं की नजरें भी एक पल के लिए विराट और कुलदीप पर ठहर गईं। हालांकि दोनों खिलाड़ियों ने पूरी सादगी और श्रद्धा के साथ बाबा महाकाल के दर्शन किए और किसी तरह की औपचारिकता से दूर रहे।

    दर्शन के बाद कुलदीप यादव ने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कहा कि उन्होंने खेल और जीवन दोनों में सफलता के लिए भगवान महाकाल से आशीर्वाद मांगा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की आध्यात्मिक अनुभूति खिलाड़ियों को मानसिक शांति और आत्मविश्वास देती है जो मैदान पर बेहतर प्रदर्शन में मददगार होती है। विराट कोहली ने भले ही कोई बयान नहीं दिया लेकिन उनका शांत और ध्यानमग्न चेहरा यह साफ बयां कर रहा था कि वे इस निर्णायक मुकाबले को लेकर पूरी तरह केंद्रित हैं।गौरतलब है कि इससे पहले भी भारतीय टीम के कई खिलाड़ी बड़े मुकाबलों से पहले महाकाल के दरबार में हाजिरी लगाते रहे हैं। हाल ही में टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर और विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल भी उज्जैन पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन कर चुके हैं। क्रिकेट और आस्था का यह संगम उज्जैन में अक्सर देखने को मिलता है जहां खिलाड़ी मैदान पर उतरने से पहले आध्यात्मिक बल लेने आते हैं।

    इंदौर में खेला जाने वाला यह एकदिवसीय मुकाबला भारत और न्यूजीलैंड के बीच चल रही वनडे सीरीज का आखिरी और निर्णायक मैच है। दोनों टीमें अब तक एक-एक मैच जीतकर बराबरी पर हैं ऐसे में यह मुकाबला सीरीज का फैसला करेगा। भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को टीम इंडिया से जीत की पूरी उम्मीद है वहीं विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ी से एक बड़ी पारी की आस भी लगाई जा रही है।अब सबकी नजरें रविवार को होने वाले इस हाई-वोल्टेज मुकाबले पर टिकी हैं। महाकाल के आशीर्वाद के साथ टीम इंडिया मैदान में उतरेगी और करोड़ों प्रशंसक दुआ कर रहे हैं कि बाबा महाकाल की कृपा से जीत भारतीय टीम के हिस्से आए और देशभर में एक बार फिर जश्न का माहौल बने।