Category: Madhya Pradesh

  • इंदौर की मौत के बाद ग्वालियर निगम हुआ सक्रिय: 140 शिकायतों का निराकरण, 1200 ट्यूबवेल की सफाई, कंट्रोल रूम भी बनाया

    इंदौर की मौत के बाद ग्वालियर निगम हुआ सक्रिय: 140 शिकायतों का निराकरण, 1200 ट्यूबवेल की सफाई, कंट्रोल रूम भी बनाया


    नई दिल्ली ।मध्यप्रदेश के ग्वालियर में पानी की समस्या अब गंभीर रूप लेती जा रही है। इंदौर में दूषित पानी से मौत की घटना के बाद नगर निगम ने सक्रिय कदम उठाना शुरू किया है। शहर के कई इलाकों से गंदे पानी की शिकायतें आ रही थीं, जिनके समाधान के लिए जनता ने सीएम हेल्पलाइन CM Helpline का सहारा लिया।1 जनवरी से अब तक सीएम हेल्पलाइन में 140 शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिनमें से अधिकांश मामलों का समाधान कर दिया गया है। नगर निगम कमिश्नर संघप्रिय सिंह ने बताया कि शिकायतों के निराकरण के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिससे काम में तेजी लाई जा रही है।

    कुल 2600 ट्यूबवेलों में से अब तक 1200 की सफाई पूरी हो चुकी है और शेष ट्यूबवेलों की सफाई भी जल्द ही पूरी की जाएगी। इसके अलावा पानी की टंकियों की सफाई भी लगातार जारी है।शहर में कुछ स्थानों पर गंदे पानी की समस्या पुरानी और क्षतिग्रस्त सीवर तथा पेयजल लाइनों की वजह से उत्पन्न हो रही है। ऐसे 56 स्थानों की लाइनों को बदला जाएगा। नगर निगम ने इन इलाकों को चिन्हित किया है और हर क्षेत्र के लिए विशेष प्लान तैयार किया जा रहा है ताकि समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके।

    नगर निगम की टीम ने बताया कि फिलहाल 124 शिकायतों वाले स्थानों पर समस्या का समाधान कर दिया गया है और बाकी 16 पर काम चल रहा है। निगम ने जनता से अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में अब भी गंदे पानी की समस्या है तो वे सीधे सीएम हेल्पलाइन या नगर निगम कंट्रोल रूम से संपर्क करें।इस कदम से यह स्पष्ट है कि ग्वालियर नगर निगम पानी की समस्या को गंभीरता से ले रहा है। यह भी ध्यान रखा जा रहा है कि समस्या के कारण आने वाली स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को रोका जा सके।

    शहरवासियों के लिए राहत की बात यह है कि समस्या का निराकरण सिस्टमेटिक और तेज़ी से किया जा रहा है। कंट्रोल रूम के माध्यम से शिकायतों का ट्रैक रखा जा रहा है और हर इलाके का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है।ग्वालियर नगर निगम की यह पहल यह संदेश देती है कि नागरिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के प्रति प्रशासन सचेत है और तकनीकी एवं प्रबंधन उपायों के जरिए तेजी से कार्रवाई की जा रही है।

  • ग्वालियर में स्ट्रीट डॉग का तांडव, कोचिंग जा रहे मासूम पर हमला, 10 दिन में 872 लोग डॉग बाइट के शिकार

    ग्वालियर में स्ट्रीट डॉग का तांडव, कोचिंग जा रहे मासूम पर हमला, 10 दिन में 872 लोग डॉग बाइट के शिकार


    ग्वालियर । ग्वालियर में शनिवार सुबह कोचिंग जा रहे आठ वर्षीय मासूम अहिम पर अचानक एक स्ट्रीट डॉग ने हमला कर दिया। बच्चे की जांघ को जबड़े में दबाकर कुत्ते ने सड़क पर घसीटना शुरू किया। आसपास के लोग और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे और बच्चे को डॉग के चंगुल से छुड़ाया। घायल मासूम को तुरंत जेएएच अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी जांघ पर टांके लगाए।

    घटना माधौगंज थाना क्षेत्र के लक्कड़खाना नाले के पास हुई। बच्चे के पिता दीन मोहम्मद ने बताया कि हमला करने वाला कुत्ता मानसिक रूप से अस्वस्थ है और लंबे समय से इलाके में घूम रहा है। इसके झुंड ने पहले भी कई लोगों पर हमला किया, लेकिन नगर निगम से शिकायत के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

    अहिम पर हमला इतने अचानक हुआ कि बच्चे को कोई तैयारी नहीं थी। कुत्ते ने उसकी जांघ को जबड़े में दबाकर सड़क पर घसीटा। मौके पर पहुंचे लोगों ने कुत्ते को भगाया और बच्चे को सुरक्षित किया। अब अहिम गहरे सदमे और डर में है।

    ग्वालियर में डॉग बाइट का डर:
    पिछले कुछ दिनों में शहर में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ गया है। सिर्फ 1 जनवरी से 10 जनवरी 2026 तक 872 लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो चुके हैं। आंकड़े बताते हैं कि बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों सभी को डॉग बाइट की घटनाओं में शामिल किया गया।

    जयारोग्य अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार, जनवरी 2024 से दिसंबर 2024 तक 18,993, जबकि 2025 में 8,606 डॉग बाइट के मामले सामने आए। इस तरह केवल दो साल में कुल 27,593 लोग कुत्तों के काटने से प्रभावित हुए।

    नगर निगम का कहना है कि रोजाना करीब 40 कुत्ते पकड़े जाते हैं और 25 कुत्तों की नसबंदी की जाती है। शहर में केवल एक एबीसी सेंटर है, जो बिरला नगर पुल के नीचे संचालित होता है। इसके बावजूद आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रण से बाहर है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह खतरनाक स्थिति है। शहर के गलियों, मोहल्लों और चौराहों तक डॉग बाइट का डर आम हो गया है।

    नगर निगम से जनता की मांग है कि आवारा कुत्तों की संख्या कम करने और नसबंदी पर विशेष ध्यान दिया जाए।

    ग्वालियर में इस तरह की घटनाएं आवारा कुत्तों के असंगठित झुंडों की वजह से लगातार बढ़ रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर नगर निगम की सुरक्षा व्यवस्था और सक्रियता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन समय रहते प्रभावी कदम उठाएगा और शहरवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
    यह घटना बच्चों की सुरक्षा, नगर निगम की जवाबदेही और आवारा कुत्तों के नियंत्रण की आवश्यकता को उजागर करती है। ग्वालियरवासियों की चिंता बढ़ती जा रही है, और समय रहते कदम न उठाए जाने पर हालात और गंभीर हो सकते हैं।

  • जबलपुर में गोहलपुर पुलिया का चौड़ीकरण: 80 फीट चौड़ी होगी, 3.50 करोड़ का प्रोजेक्ट जाम मुक्त आवागमन के लिए मंजूर

    जबलपुर में गोहलपुर पुलिया का चौड़ीकरण: 80 फीट चौड़ी होगी, 3.50 करोड़ का प्रोजेक्ट जाम मुक्त आवागमन के लिए मंजूर


    जबलपुर । जबलपुर में 7 किलोमीटर लंबे ओवरब्रिज के पास हर दिन यात्रियों को जाम का सामना करना पड़ता था। मुख्य वजह थी ओवरब्रिज के लगभग 100 मीटर आगे बनी गोहलपुर नाले की संकरी पुलिया, जो केवल 30 फीट चौड़ी थी। लंबी प्रतीक्षा और यातायात जाम को देखते हुए महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ ने बीते शनिवार को पुलिया का औचक निरीक्षण किया और क्षेत्रीय जनता की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए इसके चौड़ीकरण को हरी झंडी दे दी।

    नगर निगम प्रशासन ने बताया कि गोहलपुर पुलिया का चौड़ीकरण 3 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से किया जाएगा। वर्तमान 30 फीट चौड़ी पुलिया को बढ़ाकर 80 फीट चौड़ा किया जाएगा, जिससे यातायात में गति बढ़ेगी और दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा। महापौर ने कहा कि मार्च 2026 तक काम शुरू हो जाएगा और जुलाई 2026 तक इसे पूरा कर जनता को समर्पित किया जाएगा।

    पुलिया चौड़ीकरण से न केवल वाहनों का दबाव कम होगा, बल्कि मानसून के दौरान जलभराव की समस्या और संकरे रास्ते से होने वाली असुविधा भी समाप्त होगी। यह प्रोजेक्ट शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

    इस पहल का राजनीतिक महत्व भी रहा है। कांग्रेस के क्षेत्रीय विधायक लखन घनघोरिया ने विधानसभा में इस पुलिया को लेकर सवाल उठाए थे और कहा था कि ओवरब्रिज तो बना दिया गया, लेकिन नाले के पुलिया पर ध्यान नहीं दिया गया। अब महापौर और नगर निगम प्रशासन ने इसे चुनौती मानते हुए समाधान के लिए ठोस कदम उठाए हैं।

    गोहलपुर पुलिया के चौड़ीकरण से कटनी-सिहोरा-पनागर-अधारताल की ओर जाने वाले यात्रियों को ढाई से तीन घंटे तक जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही स्थानीय व्यापार और आवागमन भी सुगम बनेगा।

    यह परियोजना शहर की यातायात प्रणाली में स्थायी सुधार लाने के साथ-साथ नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता देने का उदाहरण भी है।

    नया चौड़ा पुल केवल वाहनों के लिए नहीं, बल्कि पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहनों के लिए भी सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करेगा। नगर निगम ने पुलिया के आसपास के मार्गों की सुरक्षा और व्यवस्थित निर्माण के लिए विशेष निगरानी रखने की बात कही है।

    इस तरह गोहलपुर पुलिया का चौड़ीकरण न केवल जबलपुर के सबसे लंबे ओवरब्रिज के आसपास के जाम की समस्या को समाप्त करेगा, बल्कि शहर की विकास योजना और नागरिक सुविधा में भी एक नया मील का पत्थर साबित होगा।

  • भोपाल में 30 हजार किसान निकालेंगे ट्रैक्टर रैली, ट्रैफिक डायवर्शन और जाम से बचने के लिए देखें रूट प्लान

    भोपाल में 30 हजार किसान निकालेंगे ट्रैक्टर रैली, ट्रैफिक डायवर्शन और जाम से बचने के लिए देखें रूट प्लान


    भोपाल । आज भोपाल में कृषि कल्याण वर्ष का शुभारंभ होने जा रहा है, जिसमें 30 हजार से अधिक किसान भाग लेंगे। इस कार्यक्रम का आयोजन जम्बूरी मैदान में होगा, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हरी झंडी दिखाकर इसकी शुरुआत करेंगे। इस आयोजन में 1101 ट्रैक्टरों और 800 से 900 बसों के माध्यम से किसान प्रदेशभर से पहुंचेंगे। ऐसे में राजधानी भोपाल में भारी ट्रैफिक और मार्गों पर बदलाव होने की संभावना है, जिससे जाम और यात्रा में परेशानी हो सकती है।

    ट्रैफिक डायवर्शन की जानकारी

    जम्बूरी मैदान जाने वाले मार्गों पर भारी वाहनों की एंट्री रोक दी गई है, और कई मुख्य सड़कें डायवर्ट की जाएंगी। खासतौर पर उन रास्तों पर ज्यादा दबाव रहेगा, जो ट्रैक्टर रैली और किसानों के वाहन ले जा रहे होंगे। इसके अलावा, परीक्षार्थियों के लिए विशेष मार्ग व्यवस्था की गई है, ताकि वे बिना किसी रुकावट के अपनी परीक्षा में शामिल हो सकें।

    मुख्य रूट डायवर्शन और वैकल्पिक मार्ग

    भोपाल मिसरोद-सलैया क्षेत्र 11 मील बायपास रोड, खजूरी कला, पटेल नगर चौराहा, प्रेस्टीज कॉलेज के सामने लाइन अप। भोपाल फंदा ब्लॉक-बैरासिया रोड खजूरी सड़क, मोबारकपुर बायपास, लांबाखेड़ा बायपास चौराहा, चोपड़ा कला बायपास चौराहा, अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय के सामने लाइन अप। रायसेन और विदिशा से आने वाले ट्रैक्टर संबंधित मार्गों से होते हुए प्रेस्टीज कॉलेज के सामने लाइन अप करेंगे।

    जम्बूरी मैदान पार्किंग

    जन सामान्य जीप/कार/दो पहिया वाहन गोविन्दपुरा टर्निंग, महात्मा गांधी चौराहा, सेंट जेवियर स्कूल के सामने। वीआईपी वाहन: गोविन्दपुरा टर्निंग, महात्मा गांधी चौराहा, अयप्पा मंदिर, गैस गोदाम, सेंट जेवियर स्कूल के सामने। मीडिया वाहन गोविन्दपुरा टर्निंग, महात्मा गांधी चौराहा, जम्बूरी मैदान पानी की टंकी के पास।

    ऑप्शनल मार्ग

    बोर्ड ऑफिस, गोविन्दपुरा टर्निंग, अन्नानगर, सद्भावना चौराहा, महात्मा गांधी चौराहा, सेंट जेवियर स्कूल, अवधपुरी तिराहा तक मार्ग पर अत्यधिक यातायात रहेगा। इसके अलावा, पटेल नगर बायपास, आनंद नगर, रत्नागिरी तिराहा, पिपलानी पेट्रोल पंप तक मार्ग पर भी भारी दबाव रहेगा।

    विशेष मार्ग व्यवस्था
    परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए पिपलानी चौराहा से पटेल नगर चौराहा तक विशेष मार्ग व्यवस्था की गई है। वहीं, भारी वाहनों के लिए भोपाल-बाईपास खजूरी सड़क से 11 मील तक पर डायवर्जन लागू होगा।

    किसान रैली में शामिल होने वाले जिलों की सूची

    भोपाल से 601, विदिशा से 250 और रायसेन से 250 ट्रैक्टर रैली में शामिल होंगे। इसके अलावा, द्वितीय कार्यक्रम सभा और कृषि कल्याण वर्ष के शुभारंभ में 30,000 किसान भाग लेंगे। इसमें भोपाल से 12,000, सिहोर और रायसेन से 6,000-6,000, विदिशा से 4,000, राजगढ़ और नर्मदापुरम से 1,000-1,000 किसान शामिल होंगे।
  • MP में शीतलहर का कहर जारी, नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण 7 जिलों में अलर्ट

    MP में शीतलहर का कहर जारी, नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण 7 जिलों में अलर्ट


    भोपाल । मध्य प्रदेश में ठंड का असर लगातार बढ़ता जा रहा है, और अब सर्दी का सितम और ज्यादा बढ़ने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है, जिसके कारण अगले दो दिनों तक कड़ाके की ठंड बनी रहेगी। सुबह के समय घने कोहरे के कारण विजिबलिटी में कमी आ रही है, जिससे यात्रा करना और भी कठिन हो रहा है। कई जिलों में धूप भी अब बेअसर हो गई है, और ठंड का प्रकोप और ज्यादा महसूस किया जा रहा है।

    मौसम विभाग ने 7 जिलों ग्वालियर, चंबल, रीवा समेत अन्य इलाकों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा, 20 से अधिक जिलों में घना कोहरा रहने की संभावना है। शनिवार को खजुराहो सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.6°C दर्ज किया गया। वहीं दतिया में 4.6°C, राजगढ़ में 4.4°C, शिवपुरी में 4°C, नौगांव में 5°C और रीवा में 5.5°C तापमान रहा।

    मौसम का हाल

    प्रदेश के प्रमुख शहरों में भी ठंड का असर देखने को मिला है। इंदौर का तापमान 6.9°C, भोपाल का 7°C और ग्वालियर का 5.9°C दर्ज किया गया। जबलपुर में हालांकि थोड़ा राहत का मौसम रहा, जहां तापमान 9.4°C था। प्रदेश के 25 शहरों में रात का तापमान 10°C से नीचे रहा।पश्चिमी विक्षोभ के कारण अगले दो दिन ठंड का कहर और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। जनवरी में हो रही यह रिकॉर्ड ठंड ने नवंबर और दिसंबर के तापमान के रिकॉर्ड भी तोड़ दिए हैं, और लोग ठंड से राहत पाने के लिए परेशान हो गए हैं।
  • पारिवारिक विवाद ने लिया खौ़फनाक रूप, पति ने पत्नी और बुआ पर पेट्रोल डालकर लगाई आग

    पारिवारिक विवाद ने लिया खौ़फनाक रूप, पति ने पत्नी और बुआ पर पेट्रोल डालकर लगाई आग


    मंदसौर । मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के नाहरगढ़ थाना क्षेत्र के पीपलखूंटा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक पति ने अपनी पत्नी और उसकी बुआ पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इस जघन्य वारदात में दोनों महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गई हैं और उनका इलाज मंदसौर जिला अस्पताल में चल रहा है। घटना से पहले पति-पत्नी के बीच एक लंबा विवाद चल रहा था, जो अंततः हिंसक रूप में बदल गया।जानकारी के अनुसार, ममता और उसके पति राजनाथ के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था, जो कि अदालत तक पहुँच चुका था। दोनों के बीच एक सुनवाई के बाद ममता अपनी बुआ के साथ नाहरगढ़ के पीपलखूंटा गांव में रहने आ गई थी। इसी दौरान, राजनाथ ने अपने गुस्से में आकर दोनों महिलाओं पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
    पहले उसने अपनी पत्नी ममता पर पेट्रोल डाला और जब ममता की बुआ उसे बचाने के लिए आगे आई, तो उस पर भी पेट्रोल डालकर आग लगा दी।आग लगने के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास किया और घायलों को मंदसौर जिला अस्पताल भेजा। चिकित्सकों के अनुसार, ममता का चेहरा, छाती और पेट बुरी तरह झुलस गए हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। ममता करीब 35 प्रतिशत तक जल चुकी हैं। वहीं, कासूबाई, ममता की बुआ, का भी बर्न वार्ड में इलाज चल रहा है।यह दुखद घटना कई सवाल खड़े करती है, खासकर इस मामले में पुलिस की भूमिका पर।पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि करीब तीन महीने पहले ममता के पिता ने सुवासरा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी ।
    जिसमें उन्होंने अपनी बेटी को जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। हालांकि, पुलिस ने इस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे यह घटना घटित हो सकी। ममता के पिता राम सिंह नाथ ने कहा कि यदि समय रहते पुलिस कार्रवाई करती, तो यह हादसा टल सकता था।पीड़ित परिवार और स्थानीय जनता ने इस मामले में पुलिस की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं, और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस पूरी घटना ने न केवल एक परिवार की खुशियों को छीन लिया, बल्कि समाज को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है कि पारिवारिक विवादों को कैसे हल किया जाए, ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।

  • पीएम मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में किया दुग्धाभिषेक, शौर्य यात्रा में भी लिया हिस्सा

    पीएम मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में किया दुग्धाभिषेक, शौर्य यात्रा में भी लिया हिस्सा

    नई दिल्ली से खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में भाग लेने गुजरात पहुंचे हैं। सोमनाथ मंदिर में आज पीएम मोदी ने भव्य पूजा-अर्चना और दुग्धाभिषेक किया। मंदिर में सभी मंत्रोच्चारों के बीच पूजा का माहौल मंत्रमुग्ध कर रहा था। भक्तों और नागरिकों ने प्रधानमंत्री का स्वागत भक्ति और उत्साह के साथ किया।

    सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना से पहले वीरों को श्रद्धांजलि देने के लिए शौर्य यात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा मंदिर की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीरों को समर्पित थी। इस भव्य यात्रा में कुल 108 घोड़ों के साथ जुलूस निकाला गया जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हिस्सा लिया। शौर्य यात्रा में शामिल लोगों ने वीरों को सम्मान देते हुए उनका स्मरण किया।पीएम मोदी ने मंदिर में भगवान शिव का दुग्धाभिषेक किया। इस दौरान मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ी रही। मंत्रोच्चार और भव्य वातावरण ने पूरे कार्यक्रम को और भी दिव्य और श्रद्धापूर्ण बना दिया। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत मंदिर में आयोजित ये आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं बल्कि राष्ट्रीय गौरव और वीरता की भावना को भी जागृत करते हैं।

    सोमनाथ मंदिर में इस अवसर पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं का खास ध्यान रखा गया। प्रशासन ने मंदिर और उसके आसपास की सुरक्षा कड़ी कर दी थी। प्रधानमंत्री मोदी के दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए। मंदिर में भक्तजन पीएम मोदी के दर्शन और उनके साथ पूजा-अर्चना में सम्मिलित होने के लिए सुबह से ही मौजूद रहे।शौर्य यात्रा और दुग्धाभिषेक के कार्यक्रम ने मंदिर परिसर को भव्य और भक्ति से परिपूर्ण बना दिया। पीएम मोदी ने न केवल पूजा-अर्चना की बल्कि शौर्य यात्रा में शामिल होकर वीरों को सम्मानित किया। यह आयोजन दर्शाता है कि धार्मिक आस्था और राष्ट्रीय गौरव एक साथ मिलकर समाज में एक सकारात्मक संदेश फैलाते हैं।

    सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का यह आयोजन देशभर में श्रद्धा और गौरव का प्रतीक बन गया है। प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति ने इस पर्व की गरिमा और बढ़ा दी है। भक्तजन और नागरिक इस अवसर को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाते नजर आए। मंदिर में दुग्धाभिषेक और शौर्य यात्रा के बीच का संगम एक यादगार अनुभव के रूप में सामने आया।इस प्रकार पीएम मोदी का सोमनाथ मंदिर में दुग्धाभिषेक और शौर्य यात्रा में हिस्सा लेना धार्मिक और राष्ट्रीय भावना का प्रतीक बन गया। इस आयोजन ने मंदिर में भक्तिभाव और श्रद्धा के साथ-साथ वीरता और गौरव को भी सम्मानित किया।

  • इंदौर में पानी कांड का नया मोड़: कांग्रेस की न्याय यात्रा और सड़क निर्माण में नर्मदा फटी लाइन

    इंदौर में पानी कांड का नया मोड़: कांग्रेस की न्याय यात्रा और सड़क निर्माण में नर्मदा फटी लाइन

    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और प्रमुख शहरों इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर से राज्य की ताजा खबरें लगातार सामने आ रही हैं। इंदौर में दूषित पानी से कई मासूमों की असमय मौत के मामले में कांग्रेस आज ‘न्याय यात्रा’ निकालेगी। यह यात्रा दोपहर 12 बजे बड़ा गणपति चौराहे से शुरू होकर राजवाड़ा तक जाएगी और पूरी तरह मौन रहेगी। इसमें स्वागत मंच नहीं लगाए जाएंगे और आम जनता को जोड़ने के लिए इसे गैर-राजनीतिक रखा गया है। इस यात्रा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जैसे पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा और राज्य कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी, विवेक तन्खा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे भी शामिल होंगे। कांग्रेस विधायक, पार्षद, महिला कांग्रेस और सेवादल के पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में हिस्सा लेंगे। वहीं, इंदौर के निपानिया इलाके में मास्टर प्लान के तहत सड़क निर्माण के दौरान नर्मदा की लाइन फूटने से लाखों लीटर पानी सड़क पर बह गया और इलाके की पानी की सप्लाई प्रभावित हो गई। नगर निगम इस लापरवाही की जांच कर रहा है।

    मुरैना में अवैध रेत पकड़, भोपाल में बीजेपी कार्यशाला और रायसेन हादसा
    राज्यभर में अन्य खबरों में मुरैना की वन विभाग टीम ने चार किलोमीटर तक पीछा कर अवैध रेत से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली को पकड़ लिया। रेत चंबल नदी से खनन की गई थी और अंधेरे का फायदा उठाकर ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया। ट्रॉली को मुरैना डिपो में रखा गया और नमूने लिए गए। वहीं, भोपाल में बीजेपी प्रदेश कार्यालय में 12 जनवरी को प्रदेश स्तरीय कार्यशाला आयोजित होगी, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा संबोधित करेंगे। डॉ. मोहन यादव आज सुबह 11.40 से 11.55 बजे कोकता बाईपास रोड, पटेल नगर पहुंचेंगे और कृषक कल्याण वर्ष 2026 के शुभारंभ के तहत कृषि रथ और ट्रैक्टर रैली की शुरुआत करेंगे। इसके बाद हैलीपेड प्रेस्टीज कॉलेज से जंबूरी मैदान, भेल भोपाल तक कार्यक्रम होंगे। इसी बीच रायसेन के उदयपुरा थाना क्षेत्र में ट्रक और ट्रॉले की आमने-सामने टक्कर में दोनों चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। ट्रक चालक के दोनों पैर और ट्रॉले चालक का एक पैर कट गया। फोरलेन रोड पर पैच वर्क के दौरान कोई संकेत बोर्ड न होने से यह हादसा हुआ, जिसे नेशनल हाईवे अथॉरिटी की लापरवाही माना जा रहा है।

  • उज्जैन सिंहस्थ 2028: मध्यप्रदेश सरकार ने केंद्र से 20 हजार करोड़ का विशेष पैकेज मांगा, श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए अधोसंरचना का विकास होगा

    उज्जैन सिंहस्थ 2028: मध्यप्रदेश सरकार ने केंद्र से 20 हजार करोड़ का विशेष पैकेज मांगा, श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए अधोसंरचना का विकास होगा


    भोपाल । मध्य प्रदेश सरकार ने आगामी 2028 के सिंहस्थ महाकुंभ के लिए केंद्र सरकार से 20 हजार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज मांगा है। इस मांग को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ शनिवार को नई दिल्ली में हुई एक बैठक में उठाया गया। बैठक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों की प्री-बजट मीटिंग का हिस्सा थी, जिसमें मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने इस मुद्दे को केंद्र के सामने रखा।सिंहस्थ महाकुंभ, जो हर 12 साल में उज्जैन में आयोजित होता है, में लगभग 50 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई जा रही है।
    ऐसे में श्रद्धालुओं के सुचारु दर्शन और अन्य सुविधाओं के लिए राज्य सरकार ने कई अहम योजनाओं पर काम करना शुरू कर दिया है। इसमें प्रमुख रूप से सड़कें, पुल-पुलिया, क्षिप्रा नदी पर पक्के घाट, ठहरने के स्थल, अस्पताल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा।मध्य प्रदेश सरकार ने कहा है कि केंद्र से 20 हजार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज मिलने से इन कार्यों को तेज़ी से और बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि सिंहस्थ महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

    4500 करोड़ का अतिरिक्त कर्ज लेने की संभावना

    मध्यप्रदेश सरकार ने यह भी जानकारी दी कि 15वें वित्त आयोग द्वारा राज्य का जीएसडीपी 16.94 लाख करोड़ रुपये के रूप में आंका गया है, जबकि केंद्र सरकार इसे 15.44 लाख करोड़ रुपये मानती है। यदि राज्य सरकार के आंकड़ों को माना जाता है, तो मध्य प्रदेश को अतिरिक्त 4500 करोड़ रुपये तक कर्ज लेने का अवसर मिल सकता है, जिसका उपयोग राज्य के विकास कार्यों में किया जाएगा।

    अधोसंरचना के विकास के लिए केंद्र से मिलने वाली सहायता से न केवल सिंहस्थ महाकुंभ के आयोजन में मदद मिलेगी, बल्कि प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी बुनियादी ढांचे का विकास संभव होगा। उज्जैन सिंहस्थ 2028 को लेकर सरकार की योजना काफी विस्तृत है और यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि इस ऐतिहासिक आयोजन के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं मिलें।

  • ग्वालियर-चंबल में शीतलहर का कहर: MP के 7 जिलों में अलर्ट, 20 से ज्यादा जिलों में घना कोहरा

    ग्वालियर-चंबल में शीतलहर का कहर: MP के 7 जिलों में अलर्ट, 20 से ज्यादा जिलों में घना कोहरा


    मध्यप्रदेश में ठंड ने एक बार फिर अपना तीखा और कठोर रूप दिखाना शुरू कर दिया है। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग इस समय भीषण शीतलहर की चपेट में हैं, जहां बर्फीली हवाओं ने लोगों को घरों में सिमटने पर मजबूर कर दिया है। मौसम विभाग ने रविवार को ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और सतना जिलों में कोल्ड वेव अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में तेज ठंडी हवाओं के चलते दिन के तापमान में भी खास बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है और सर्दी दिनभर असर बनाए हुए है।सुबह के समय प्रदेश के 20 से अधिक जिले कोहरे की घनी चादर में लिपटे नजर आए। कहीं हल्का तो कहीं बेहद घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई। सड़कों पर वाहन रेंगते दिखे और हाईवे पर खास सावधानी बरतनी पड़ी। कोहरे और ठंड के कारण आम जनजीवन प्रभावित हुआ, वहीं स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और दिहाड़ी मजदूरों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार फिलहाल तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन तीन दिन बाद प्रदेश में ठंड की तीव्रता और बढ़ेगी। पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ने के बाद उत्तर से आने वाली ठंडी हवाएं ज्यादा असर दिखाएंगी, जिससे रात का तापमान और नीचे जाएगा। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव उत्तर और पूर्वी मध्यप्रदेश में देखने को मिलेगा, जहां कड़ाके की सर्दी पड़ने के आसार हैं।पिछली रात प्रदेश के 25 से ज्यादा शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया। छतरपुर जिले का खजुराहो लगातार दूसरी रात प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान मात्र 3.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा शिवपुरी, राजगढ़, दतिया, नौगांव, रीवा, मंडला, पचमढ़ी और उमरिया जैसे क्षेत्रों में भी पारा 7 डिग्री से नीचे बना रहा, जिससे ठंड का असर और गहरा गया।

    प्रदेश के पांच बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में पारा 7.2, इंदौर में 6.9, उज्जैन में 9 और जबलपुर में 9.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। गिरते तापमान के चलते शहरों और गांवों में अलाव जलते नजर आए और लोग गर्म कपड़ों का सहारा लेते दिखे।सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार उत्तर भारत के ऊपर तेज गति से बह रही जेट स्ट्रीम हवाओं का असर मध्यप्रदेश में भी साफ दिखाई दे रहा है। इसी वजह से प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में कंपकंपाने वाली ठंड महसूस की जा रही है। अगले दो दिनों तक कोहरा और शीतलहर दोनों की स्थिति बनी रहने की संभावना है।

    घने कोहरे का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। दिल्ली से मध्यप्रदेश आने वाली कई ट्रेनें रोजाना घंटों देरी से पहुंच रही हैं। मालवा एक्सप्रेस, पंजाब मेल और जनशताब्दी जैसी ट्रेनों की टाइमिंग बिगड़ने से भोपाल सहित कई स्टेशनों पर यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।इस बार की सर्दी कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। नवंबर में 84 साल का रिकॉर्ड टूटा, दिसंबर ने 25 साल का इतिहास बदल दिया और जनवरी की शुरुआत भी असाधारण रूप से ठंडी रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सीजन में ठंड, कोहरा और शीतलहर तीनों का संयुक्त असर देखने को मिल रहा है, जिससे यह सर्दी लंबे समय तक लोगों को परेशान कर सकती है।