Category: Madhya Pradesh

  • मध्यप्रदेश में छोटे दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक

    मध्यप्रदेश में छोटे दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक


    भोपाल! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दिशा निर्देशों के अनुसार मध्यप्रदेश शासन श्रम विभाग द्वारा मध्य प्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1958 में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। यह संशोधन राज्य में इज ऑफ डुईंग बिजनेस को बढ़ावा देने तथा दुकानदारों एवं प्रतिष्ठान संचालकों पर अनुपालन का अनावश्यक भार कम करने के उद्देश्य से किया गया है। संशोधन के अंतर्गत अब ऐसी दुकानें एवं संस्थान, जिनमें 20 से कम कर्मचारी कार्यरत हैं, उनके यहाँ श्रम निरीक्षकों द्वारा निरीक्षण केवल राज्य सरकार की पूर्व अनुमति से ही किया जा सकेगा। इससे अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक लगेगी।

    श्रम विभाग के अपर सचिव श्री बसंत कुर्रे ने बताया है कि इस निर्णय से छोटे दुकानदारों एवं उद्यमियों को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी। साथ ही दुकानदारों में स्व-अनुपालन की भावना को प्रोत्साहन मिलेगा। व्यापार एवं रोजगार सृजन के लिए अनुकूल वातावरण विकसित होगा। इससे समय, संसाधन एवं लागत की बचत होगी।मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा छोटे दुकानदारों के प्रति संवेदनशीलता बरती जा रही है।

    श्रम विभाग ने सभी दुकानदारों, व्यापार संघों एवं उद्यमियों से अपेक्षा की है कि वे श्रम कानूनों का स्वेच्छा से पालन करें और इस सकारात्मक सुधार का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय का विस्तार करें।

  • मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव खाचरौद में 74.35 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की देंगे सौगात

    मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव खाचरौद में 74.35 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की देंगे सौगात

    भोपाल ! मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को उज्जैन जिले के खाचरौद में 74.35 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के विभिन्‍न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। इसमें 48.51 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और 25.84 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि-पूजन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव खाचरौद में 35.40 करोड़ की लागत से निर्मित सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण करेंगे। साथ ही खाचरौद में 9 करोड़ 10 लाख रूपये की लागत से बनने वाले संयुक्त तहसील कार्यालय भवन का भूमि-पूजन करेंगे।
  • मंत्रालय में नववर्ष 2026 के प्रथम कार्य दिवस पर सामूहिक राष्ट्र-गीत और राष्ट्र-गान का आयोजन, राज्य मंत्री कृष्णा गौर शामिल

    मंत्रालय में नववर्ष 2026 के प्रथम कार्य दिवस पर सामूहिक राष्ट्र-गीत और राष्ट्र-गान का आयोजन, राज्य मंत्री कृष्णा गौर शामिल


    भोपाल। वर्ष 2026 के जनवरी माह के प्रथम शासकीय कार्य दिवस पर गुरूवार सुबह मंत्रालय स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में राष्ट्र-गीत वंदे मातरम एवं राष्ट्र-गान जन-गण-मन का सामूहिक गायन आयोजित किया गया। इस अवसर पर पुलिस बैंड ने मधुर धुनें प्रस्तुत की, जिसने कार्यक्रम के माहौल को और भी उत्साही बना दिया।इस कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमन्तु, अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार श्रीमती कृष्णा गौर शामिल हुईं। श्रीमती गौर ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए सभी से देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना बनाए रखने का संदेश दिया।

    मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने भी इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को नववर्ष की बधाई दी और कहा कि नए वर्ष की शुरुआत राष्ट्रभक्ति और अनुशासन के साथ करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कर्मचारियों को आगामी वर्ष में बेहतर प्रशासनिक कार्य और सेवाओं में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल, श्री मनु श्रीवास्तव, श्री के.सी. गुप्ता, श्री संजय कुमार शुक्ला सहित मंत्रालय वल्लभ भवन, सतपुड़ा-विंध्याचल भवन के अधिकारी-कर्मचारी और पुलिस अधिकारी भी उपस्थित थे। सभी ने मिलकर राष्ट्र-गीत और राष्ट्र-गान का सामूहिक गायन किया, जिससे एकजुटता और राष्ट्रीय गौरव की भावना बढ़ी।

    मंत्रालय ने बताया कि इस प्रकार का कार्यक्रम केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह कर्मचारियों में राष्ट्रीय जिम्मेदारी, अनुशासन और संगठनात्मक एकजुटता को बढ़ावा देने का प्रयास है। उपस्थित कर्मचारियों और अधिकारियों ने कार्यक्रम की सराहना की और इसे नए साल की सकारात्मक शुरुआत बताया।इस अवसर ने यह संदेश दिया कि देशभक्ति, सामूहिक सहभागिता और प्रशासनिक अनुशासन के माध्यम से नववर्ष की शुरुआत न केवल उत्साहपूर्ण हो सकती है, बल्कि यह कार्य संस्कृति को भी सुदृढ़ करता है।

  • एम.पी. ट्रांसको की 2025 में ऐतिहासिक उपलब्धियां: ऊर्जा मंत्री तोमर ने साझा की रिपोर्ट

    एम.पी. ट्रांसको की 2025 में ऐतिहासिक उपलब्धियां: ऊर्जा मंत्री तोमर ने साझा की रिपोर्ट

    नई दिल्ली। वर्ष 2025 में ऊर्जा क्षेत्र में एम.पी. पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की है। एम.पी. ट्रांसको ने कैलेंडर वर्ष 2025 में प्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क पारेषण प्रणाली के अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण विस्तारीकरण एवं विश्वसनीयता में महत्वपूर्ण कार्य किया है। विशेष रूप से 220 के.व्ही. ट्रांसमिशन लाइनों की ड्रोन पेट्रोलिंग में मिली सफलता के बाद अब प्रदेश में 400 के.व्ही. एवं 132 के.व्ही. के 23000 ट्रांसमिशन टावरों की ड्रोन पेट्रोलिंग भी की जा रही है। मध्यप्रदेश देश के उन राज्यों में अग्रणी है जो ट्रांसमिशन टावरों की पेट्रोलिंग ड्रोन के माध्यम से प्रारंभ करा रहे हैं।

    ट्रांसफार्मेशन केपेसिटी हुई 82985 एम.व्ही.ए.

    मध्यप्रदेश में इस वर्ष एम.पी. ट्रांसको ने अपने नेटवर्क में 2211 एम.व्ही.ए. क्षमता की अतिरिक्त वृद्धि की जिससे प्रदेश में कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 82985 एम.व्ही.ए. की हो गई है। इस वर्ष 33 नये पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किये गये जिससे एम.पी. ट्रांसको के ऊर्जीकृत पावर ट्रांसफार्मर की संख्या बढकर 1036 हो गई है।

    724 सर्किट कि.मी. ट्रांसमिशन लाइनों का हुआ निर्माण

    इस वर्ष कंपनी ट्रांसमिशन लाइनों की लंबाई बढ़कर 42857 सर्किट कि.मी. की हो गई है जो प्रदेश के 417 अति उच्चदाब सबस्टेशनों में विद्युत पारेषण करती है। इस वर्ष प्रदेश में 724 सर्किट कि.मी. ट्रांसमिशन लाइनों का निर्माण कर ऊर्जीकृत किया गया।

    पहली बार 19849 मेगावाट की डिमांड को किया हैंडल

    एम.पी. ट्रांसको के सिस्टम ने प्रदेश में पहली बार 19849 मेगावाट विद्युत डिमांड बिना किसी व्यवधान के हैंडल करने में सफलता प्राप्त की। वर्ष के अंतिम दिन 31 दिसम्बर 2025 को प्रदेश में आज तक की अधिकतम 19849 मेगावाट डिमांड दर्ज की गई।

    ट्रांसमिशन सिस्टम में नई टेक्नोलॉजी का हुआ समावेश

    एम.पी. पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने प्रदेश के अपने ट्रांसमिशन सिस्टम में नई तकनीकों का समावेश किया है। मुख्यालय जबलपुर में स्वदेशी तकनीक से निर्मित स्काडा सिस्टम को अपग्रेड किया गया है। इसके अलावा मेट्रो इंदौर के लिये कम्पोजिट ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण भी किया गया है। प्रदेश के पुराने तीन 132 के.व्ही. सबस्टेशन को रिमोट से संचालित करने के कार्य का पहला चरण पूरा कर लिया गया है।

    मध्यप्रदेश को मिला प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पावर लाइन ट्रांसटेक इंडिया अवॉर्ड

    दिसम्बर माह में मध्यप्रदेश ने विद्युत ट्रांसमिशन के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एम.पी. ट्रांसको को वेस्टर्न रीजन में सबसे कम ट्रांसमिशन लॉस दर्ज करने के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पावर लाइन ट्रांसटेक इंडिया अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।

    प्रोटेक्शन सेल हुआ 100 प्रतिशत डिजीटल

    भारत सरकार के डिजीटल इंडिया विजन के तहत कंपनी के प्रोटेक्शन सेल ने इस वर्ष पूरी तरह डिजीटल स्वरूप ले लिया है प्रदेश में 42857 सर्किट कि.मी. ट्रांसमिशन लाइनों 417 एक्स्ट्रा हाईटेंशन सबस्टेशन के 1000 से अधिक पावर ट्रांसफार्मर की हर पल निगरानी एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले प्रोटेक्शन सेल का समूचा कार्य पूर्णतः डिजीटल हो रहा है।

  • ग्वालियर में नए साल की सुबह ‘दूध अभियान’: शराब छोड़, सेहत से की नववर्ष की शुरुआत

    ग्वालियर में नए साल की सुबह ‘दूध अभियान’: शराब छोड़, सेहत से की नववर्ष की शुरुआत

    ग्वालियर। नए साल 2026 की शुरुआत शहर में कुछ अलग अंदाज में हुई। इंदरगंज चौराहे पर आयोजित दूध अभियान में लोगों ने शराब छोड़कर दूध पीकर नववर्ष का स्वागत किया। एसोसिएशन ऑफ ग्वालियर यूथ सोसाइटी और यातायात पुलिस के संयुक्त प्रयास से यह अनोखा अभियान चलाया गया।सुबह-सुबह पंडाल पर 2 क्विंटल केसरिया दूध तैयार कर निशुल्क वितरण किया गया। राहगीरों, वाहन चालकों, युवाओं और बुजुर्गों ने रुककर दूध पिया और अभियान का समर्थन किया। एडिशनल एसपी अनु बेनीवाल ने खुद लोगों को दूध दिया और नशामुक्त नववर्ष का संदेश फैलाया। पंडाल के आसपास बड़े-बड़े बैनरों और साउंड सिस्टम के जरिए संदेश दिया गया-दारू से नहीं, दूध से करें नववर्ष की शुरुआत।

    आयोजकों का कहना है कि नए साल पर शराब पीने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जिससे सड़क दुर्घटनाएं, घरेलू हिंसा और स्वास्थ्य समस्याएं सामने आती हैं। युवाओं में नशे की लत चिंता का विषय है। इसी चुनौती के समाधान के लिए यह अभियान शुरू किया गया।दूध वितरण कार्यक्रम में लोगों की लंबी कतारें लग गईं। कई लोगों ने इसे नए साल की सबसे अच्छी और सार्थक शुरुआत बताया। युवाओं ने कहा कि ऐसे अभियान नशे के प्रति सोच बदलने में मददगार हैं। स्थानीय निवासियों ने आयोजन की सराहना की और इसे आगे जारी रखने की मांग की।

    यातायात पुलिस ने भी मौके पर लोगों से नशे में वाहन न चलाने, ट्रैफिक नियमों का पालन करने और सुरक्षित जीवनशैली अपनाने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि जश्न वही बेहतर है, जो खुद के साथ दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।ग्वालियर की यह पहल केवल एक आयोजन नहीं बल्कि सार्वजनिक जागरूकता का संदेश है। नए साल की सुबह दूध के माध्यम से लोगों को यह बताया गया कि जश्न और जिम्मेदारी साथ-साथ चल सकते हैं। शहर की इस अनोखी शुरुआत ने साबित कर दिया कि बदलाव छोटे कदमों से ही शुरू होता है।

  • नए साल 2026: भोपाल में 26 ट्रेनों की टाइमिंग बदली, बिजली कटौती नहीं, कृषि उद्योगों पर सरकार का फोकस

    नए साल 2026: भोपाल में 26 ट्रेनों की टाइमिंग बदली, बिजली कटौती नहीं, कृषि उद्योगों पर सरकार का फोकस


    भोपाल। नए साल 2026 की शुरुआत मध्यप्रदेश और राजधानी भोपाल के लिए कई महत्वपूर्ण अपडेट के साथ हुई। रेलवे शेड्यूल से लेकर बिजली, सरकारी योजनाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक-ज का दिन आम लोगों के लिए कई मायनों में खास रहा।

    रेलवे अपडेट:

    1 जनवरी से भोपाल, रानी कमलापति और संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन से चलने वाली 26 ट्रेनों की टाइमिंग में बदलाव किया गया है। रेलवे ने नया शेड्यूल जारी किया है और अब ट्रेन रिजर्वेशन चार्ट 10 घंटे पहले तैयार होगा।

    कुछ प्रमुख ट्रेनों का नया समय:

    22145 भोपाल-रीवा एक्सप्रेस: रात 11:05 → 11:00

    19324 भोपाल-डॉ. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस: शाम 5:00 → 5:10

    14814 भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस: शाम 4:55 → 4:40

    12185 रानी कमलापति-रीवा एक्सप्रेस: रात 10:00 → 9:55

    22172 रानी कमलापति-पुणे एक्सप्रेस: दोपहर 3:50 → 3:40

    रेलवे ने यात्रियों से यात्रा से पहले अपडेटेड टाइमिंग देखने की अपील की है।

    बिजली की राहत:

    भोपालवासियों को नए साल की शुरुआत में बड़ी राहत मिली। आज शहर में कहीं भी बिजली मेंटेनेंस नहीं किया जाएगा, जिससे पूरे दिन निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित रहेगी।

    कृषि आधारित उद्योग वर्ष:

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई में सरकार ने 2026 कोकृषि आधारित उद्योग वर्ष घोषित किया है। सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। प्रमुख योजनाओं में शामिल हैं:सिंचाई रकबा 100 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने का लक्ष्यकेन-बेतवा परियोजना शुरू पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना पर काम जारी

    मेगा तापी रिचार्ज परियोजना को मंजूरी

    राजनीतिक गतिविधि:

    नए साल से कांग्रेस ने प्रदेशभर में गांव चलो अभियान’ की शुरुआत की। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने भोपाल के गांवों से अभियान का आगाज किया। इसका मुख्य फोकस पंचायत स्तर पर संगठन को मजबूत करना है।

    सरकारी भर्ती: 

    मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडलMPESB ने 474 पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
    अंतिम तिथि: 7 जनवरी 2026संशोधन की अंतिम तिथि: 12 जनवरी 2026

    सांस्कृतिक कार्यक्रम:

    भोपाल में नए साल के अवसर पर शलाका चित्र प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। स्थान: जनजातीय संग्रहालय समय: दोपहर 12 बजे से नए साल 2026 के पहले दिन मध्यप्रदेश और भोपालवासियों के लिए यह दिन परिवहन, ऊर्जा, कृषि और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिहाज से खास रहा।
  • इंदौर दूषित पानी कांड: 5 महीने के मासूम अव्यान की मौत, 1,100 से अधिक लोग बीमार

    इंदौर दूषित पानी कांड: 5 महीने के मासूम अव्यान की मौत, 1,100 से अधिक लोग बीमार


    इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पीने के पानी से फैल रही गंभीर बीमारी ने एक परिवार की खुशियाँ छीन लीं। पांच महीने के मासूम अव्यान साहू की मौत दस्त और उल्टी से हुई। बच्चे के परिवार ने बताया कि घर में गाढ़े दूध में नगर निगम के नल का पानी मिलाकर पिलाया गया था, लेकिन वही पानी जहरीला साबित हुआ। स्थानीय निवासियों और अधिकारियों के अनुसार, दूषित पानी ने पूरे इलाके में व्यापक स्वास्थ्य संकट पैदा कर दिया।

    अव्यान का परिवार पिछले 10 सालों से उसकी उपस्थिति का इंतजार कर रहा था, लेकिन यह खुशी मातम में बदल गई। पिता सुनील साहू ने मीडिया से बताया कि बच्चे को उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हुई थी। चिकित्सक से परामर्श के बाद घर पर दवाइयां दी जा रही थीं, लेकिन हालत बिगड़ती चली गई। उन्होंने कहा कि दूध गाढ़ा था, इसलिए वे इसे नगर निगम के नल के पानी में मिलाकर पिला रहे थे, लेकिन वही पानी उनके बच्चे के लिए जानलेवा साबित हुआ।

    सरकारी आंकड़ों और स्थानीय बयानों के अनुसार, अब तक भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण कम-से-कम सात लोगों की मौत हो चुकी है और 1,100 से अधिक लोग पेट और दस्त जैसी बीमारियों से प्रभावित हैं। कई गंभीर मरीज शहर के विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती हैं।प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मुख्य जलापूर्ति लाइन में लीकेज के कारण नालों का गंदा पानी पीने के पानी की पाइपलाइन में मिला। नगर निगम के कर्मचारियों ने मंगलवार देर शाम इस लीकेज का पता लगाया। फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं ताकि स्थिति और अधिक गंभीर न हो।

    इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने अब तक सात मौतों की पुष्टि की है, जबकि स्थानीय लोग यह दावा कर रहे हैं कि नौ लोगों की मौत दूषित पानी की वजह से हुई। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जांच जारी है।स्थानीय निवासियों ने बताया कि इलाके में गंदा पानी नल से बहते देखा गया है और पहले भी अस्वस्थ जल आपूर्ति पर शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। लेकिन यह समस्या पिछले एक सप्ताह में जानलेवा रूप ले चुकी है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे और जांच अभियान शुरू किया है, और प्राथमिक उपचार तथा अस्पतालों में भर्ती की सुविधा प्रदान की जा रही है।

    यह मामला इंदौर जैसे “सबसे स्वच्छ शहर” के दावे पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। जल स्रोत की सुरक्षा और जलापूर्ति अवसंरचना की निगरानी में खामियों ने स्थानीय निवासियों को भारी कीमत चुकाई। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा कि दूषित पानी के फैलाव को रोकने, नियमित जांच करने और सार्वजनिक जल आपूर्ति की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाना आवश्यक हैअदालत और उच्च प्रशासन ने भी इस स्थिति पर संज्ञान लिया है। व्यापक जांच और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए रिपोर्ट मांगी गई है। पीड़ित परिवारों को मुआवजा और चिकित्सा सहायता देने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।

  • नववर्ष 2026: मध्यप्रदेश के प्रमुख मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, नए साल का भव्य आगाज

    नववर्ष 2026: मध्यप्रदेश के प्रमुख मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, नए साल का भव्य आगाज


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में नववर्ष 2026 की पहली सुबह धार्मिक आस्था और सामाजिक उत्साह के बीच शुरू हुई। 1 जनवरी की सुबह होते ही प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में तड़के चार बजे से दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया। सुबह नौ बजे तक लगभग 80 हजार श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन कर चुके थे। प्रशासन के अनुसार दिनभर यह संख्या और बढ़ने की संभावना है।महाकाल मंदिर में नए साल के अवसर पर विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। सुरक्षा के लिए ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी गई और श्रद्धालुओं के लिए कतारबद्ध दर्शन की सुविधा सुनिश्चित की गई। इस दौरान महिला क्रिकेट विश्वकप विजेता भारतीय टीम की सदस्य भी मंदिर पहुंचीं और बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। मंदिर प्रबंधन समिति ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया।

    उज्जैन के अलावा नर्मदा तट पर स्थित ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में भी सुबह से भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। मंदिर परिसर को फूलों और रोशनी से सजाया गया और मंगला आरती के बाद दर्शन खोले गए। इसके साथ ही ओरछा के रामराजा मंदिर, मैहर के शारदा देवी मंदिर, नलखेड़ा के मां बगलामुखी धाम और देवास के प्रमुख मंदिरों में भी हजारों भक्त नए साल की पहली सुबह दर्शन के लिए पहुंचे।सीहोर जिले के प्राचीन चिंतामन गणेश मंदिर में ठंड और कोहरे के बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। दमोह जिले के बांदकपुर स्थित जागेश्वरनाथ धाम में भी विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। गुना के हनुमान टेकरी मंदिर में सुबह की आरती के साथ ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा, जहां प्रशासन ने अनुमान लगाया कि एक लाख से अधिक भक्त पहुंचे।

    धार्मिक गतिविधियों के साथ ही प्रदेश के शहरों और पर्यटन स्थलों पर नए साल का जश्न भी देर रात तक चलता रहा। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में लोग सड़कों, होटलों और सार्वजनिक स्थलों पर एक-दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं दे रहे थे। मांडू और पचमढ़ी जैसे पर्यटन केंद्रों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत और अलाव के माध्यम से नए साल का स्वागत किया गया।जबलपुर के भेड़ाघाट धुआंधार में साल के पहले सूर्योदय को देखने बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग पहुंचे। उगते सूर्य के साथ लोगों ने नए साल की शुरुआत को यादगार बनाया। इस प्रकार, मध्यप्रदेश में नववर्ष 2026 की सुबह धार्मिक आस्था और सामाजिक उत्सव दोनों के लिए विशेष रही।

  • रतलाम में फर्जी पहचान से महिला को झूठे प्रेम जाल में फंसाने का मामला, पुलिस जांच जारी

    रतलाम में फर्जी पहचान से महिला को झूठे प्रेम जाल में फंसाने का मामला, पुलिस जांच जारी


    रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम में एक सनसनीखेज मामला सामने आया हैजिसमें एक व्यक्ति ने अपनी असली पहचान छुपाकर एक शादीशुदा महिला को प्रेम जाल में फंसाया और उसकी जिंदगी को प्रभावित किया। पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी जैसी धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

    पीड़िता के अनुसारआरोपी ने खुद को अलग नाम से पेश किया और शादी का झांसा देकर करीब पांच साल तक महिला के साथ लगातार शारीरिक उत्पीड़न किया। घटना की शुरुआत 2020 में हुईजब महिला की मुलाकात रतलाम के राम मंदिर क्षेत्र में आरोपी से हुई। उस समय आरोपी ने खुद को सोनू बताकर महिला को भरोसा दिलाया कि वह भी उसी धर्म का है। महिला की मौजूदा शादी थीलेकिन आरोपी ने धीरे-धीरे उसके विश्वास को तोड़ा और उसे अपने प्रेम जाल में फंसाया।2023 में आरोपी ने महिला को अपने संपर्क में लिया और उसे अपने पति से तलाक लेने के लिए उकसाया। महिला ने उसकी बातों में आकर जुलाई 2023 में अपना घर छोड़ दिया और अपने पिता के पास रहने लगी। कुछ ही समय बाददोनों नयागांव में किराए के कमरे में रहने लगे और पति-पत्नी की तरह व्यवहार करने लगे। इस दौरान आरोपी ने लगातार महिला का शारीरिक उत्पीड़न किया।

    कुछ समय बाद महिला को पता चला कि जिसे वह सोनू समझ रही थीअसल में उसका नाम इमरान था। इसके बावजूद महिला ने शादी की उम्मीद में उसका साथ रखा। नवंबर 2024 में महिला का पति से आधिकारिक तलाक हो गयालेकिन आरोपी ने शादी करने से इनकार कर दिया। दिसंबर 2025 में जब महिला ने शादी का दबाव डालातो आरोपी ने उस पर हिंसा की और जान से मारने की धमकी दी।पीड़िता ने आखिरकार पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि आरोपी ने उसे कई जगहों पर पत्नी के रूप में पेश किया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जांच में पता चला कि आरोपी पहले ड्रग तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस अब उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।

    इस मामले ने महिलाओं की सुरक्षा और समाज में जागरूकता पर भी सवाल उठाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामले हमें चेतावनी देते हैं कि व्यक्तिगत पहचान की पुष्टि और भरोसेमंद रिश्तों में सावधानी बहुत जरूरी है। पुलिस और कानून व्यवस्था लगातार ऐसे अपराधों पर नज़र रखती हैंलेकिन पीड़ितों की सुरक्षा और कानूनी मदद सुनिश्चित करना सबसे अहम है।इस घटना ने रतलाम और मध्य प्रदेश में लोगों को व्यक्तिगत सुरक्षारिश्तों में सतर्कता और धोखाधड़ी से बचाव के महत्व के प्रति जागरूक किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी जल्द ही पकड़ा जाएगा और कानून के तहत सजा भुगतने के लिए तैयार होगा।

  • भारत में इस साल कूनो में 12 चीता शावक पैदा हुए, 3 की मौत

    भारत में इस साल कूनो में 12 चीता शावक पैदा हुए, 3 की मौत

    भोपाल। मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क (KNP) में चीतों के पुनर्वास से जुड़ा महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट साल 2025 में तेजी से आगे बढ़ा। इस साल पार्क में 12 शावकों का जन्म हुआ। हालांकि दुख की बात ये है कि इनमें से तीन शावक अलग-अलग कारणों से जीवित नहीं रह सके। इसके बावजूद भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 30 हो गई है।

    इस साल कुल 6 चीतों की हुई मौत

    देश में चीतों के बारे में यह जानकारी प्रोजेक्ट चीता के फील्ड डायरेक्टर उत्तम शर्मा ने दी।उन्होंने बताया कि साल 2025 में कुल छह चीतों की मौत हुई, जिनमें तीन शावक शामिल हैं। इसके अलावा नामीबिया से लाए गए एक वयस्क चीते और दो उप-वयस्क चीतों की भी मौत दर्ज की गई। इस साल तीन मादा चीतों ने इन 12 शावकों को जन्म दिया था। अधिकारियों के अनुसार, शावकों की मौत के पीछे अलग-अलग प्राकृतिक और स्वास्थ्य संबंधी कारण रहे।
    7 दशक पहले भारत से विलुप्त हो चुका है चीता

    आपको जानकर हैरानी होगी कि चीता करीब सात दशक पहले भारत से विलुप्त हो चुका था। इसे दोबारा देश में बसाने के लिए केंद्र सरकार ने ‘प्रोजेक्ट चीता’ की शुरुआत की। इसके तहत सितंबर 2022 में नामीबिया से आठ चीतों को भारत लाया गया, जबकि फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीतों को कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा गया था।
    चीतों को जल्द मिलेगा तीसरा ठिकाना

    फिलहाल भारत में कुल 30 चीतों में से 27 कूनो नेशनल पार्क में मौजूद हैं, जबकि तीन चीतों को मंदसौर जिले के गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में ट्रांसफर किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, अब चीतों को भारत में तीसरा ठिकाना भी मिलने वाला है। मध्य प्रदेश के सागर जिले स्थित नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य को चीतों के नए घर के तौर पर तैयार किया जा रहा है।

    अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल भारत में मौजूद 30 चीतों में से 19 का जन्म भारत में ही हुआ है, जो इस परियोजना की बड़ी सफलता मानी जा रही है। बीते तीन वर्षों में देश ने 20 चीतों के आयात के बाद अपनी कुल चीता आबादी में 10 की शुद्ध बढ़ोतरी दर्ज की है।
    8 और चीतों को भारत लाने की तैयारी

    अधिकारियों के अनुसार, बोत्सवाना से आठ और चीतों को भारत लाने की तैयारी चल रही है। ये चीते वहां पहले ही पकड़े जा चुके हैं और फरवरी तक कूनो नेशनल पार्क पहुंच सकते हैं। प्रोजेक्ट चीता को भारत में वन्यजीव संरक्षण के इतिहास की एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।