Category: Madhya Pradesh

  • उज्जैन में आस्था का महासैलाब: साल के आखिरी रविवार महाकाल दरबार पहुंचे डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु

    उज्जैन में आस्था का महासैलाब: साल के आखिरी रविवार महाकाल दरबार पहुंचे डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु


    उज्जैन।साल के अंतिम रविवार को धार्मिक नगरी उज्जैन में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ उमड़ पड़ी। सर्दियों की छुट्टियां शुरू होते ही देशभर से भक्त उज्जैन पहुंचने लगे हैं। इसी क्रम में रविवार को करीब डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन कर साल के अंतिम दिनों को आध्यात्मिक रूप से सार्थक बनाया। सुबह तड़के भस्म आरती के बाद से ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भक्तों की लंबी कतारें लग गई थीं। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन को दर्शन व्यवस्था में कई बदलाव करने पड़े। सामान्य दर्शनार्थियों को चारधाम मंदिर पार्किंग से शक्तिपथ होते हुए त्रिवेणी संग्रहालय द्वार से मंदिर में प्रवेश दिया गया।

    शीघ्र दर्शन के लिए खोला गया सम्राट अशोक सेतु

    शनिवार को सुरक्षा कारणों से बंद किया गया सम्राट अशोक सेतु रविवार को पुनः खोला गया, लेकिन इसे केवल 250 रुपये के शीघ्र दर्शन टिकट वाले श्रद्धालुओं के लिए आरक्षित रखा गया। इसके चलते सामान्य और शीघ्र दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की अलग-अलग व्यवस्थाएं बनाई गईं, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।महाकाल मंदिर में श्री महाकाल लोक के निर्माण के बाद से सप्ताहांत और विशेष अवसरों पर श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। साल का आखिरी रविवार भी इसका साक्षी बना, जब सुबह से देर रात तक मंदिर परिसर में भक्तों का सैलाब उमड़ता रहा।

    प्रशासन को करना पड़ा इंतजामों में बदलाव

    शनिवार से ही श्रद्धालुओं का उज्जैन पहुंचना शुरू हो गया था। जनदबाव बढ़ने के कारण जिला प्रशासन और मंदिर समिति को अपनी व्यवस्थाओं में बदलाव करना पड़ा। रविवार को उत्तर और पूर्व दिशा के सभी द्वार बंद रखे गए जबकि केवल पश्चिम दिशा से श्री महाकाल लोक और सम्राट अशोक सेतु के माध्यम से श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया गया।भीड़ को देखते हुए 31 दिसंबर और 1 जनवरी के लिए भी प्रशासन ने अतिरिक्त तैयारियां शुरू कर दी हैं। चारधाम पार्किंग में जिगजैग बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जा रही है, ताकि कतारों को सुव्यवस्थित रखा जा सके। इसके अलावा, पेयजल, चिकित्सा और सुरक्षा से जुड़े अतिरिक्त इंतजाम भी किए जा रहे हैं।

    अन्य मंदिरों में भी उमड़ी श्रद्धा

    महाकाल मंदिर के अलावा उज्जैन के अन्य प्रमुख मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। काल भैरव मंदिर में रविवार को 75 हजार से अधिक भक्तों ने दर्शन किए। भीड़ के चलते काल भैरव मंदिर में प्रोटोकॉल दर्शन व्यवस्था अस्थायी रूप से स्थगित रही और जिला प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार ही दर्शन कराए गए।इसके अलावा मंगलनाथ मंदिर, अंगारेश्वर महादेव मंदिर और चिंतामन गणेश मंदिर में भी दिनभर श्रद्धालुओं का आना-जाना बना रहा। सभी मंदिरों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया।

    अव्यवस्थाओं पर उठे सवाल

    भारी भीड़ के बावजूद महाकाल मंदिर के बाहर अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं। आसपास की गलियों और शहनाई गेट के सामने अवैध पार्किंग से यातायात बाधित रहा। वहीं, मुख्य द्वार के पास फूल-माला और पूजन सामग्री की दुकानों के अतिक्रमण के कारण श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। भीड़ के बीच इस अव्यवस्था पर नियंत्रण को लेकर प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।

    आगे और बढ़ सकती है भीड़
    प्रशासन का अनुमान है कि नववर्ष के अवसर पर उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ सकती है। होटल, धर्मशालाएं और गेस्ट हाउस लगभग पूरी तरह भर चुके हैं। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और धैर्य बनाए रखें, ताकि सभी को सुगम दर्शन का अवसर मिल सके।

  • भोपाल से दिल्ली-दुबई तक ठगी का जाल, ईरानी गिरोह पर शिकंजा, कार्रवाई के दौरान पुलिस पर पथराव

    भोपाल से दिल्ली-दुबई तक ठगी का जाल, ईरानी गिरोह पर शिकंजा, कार्रवाई के दौरान पुलिस पर पथराव


    भोपाल।मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल का कुख्यात ईरानी डेरा एक बार फिर गंभीर आपराधिक गतिविधियों को लेकर चर्चा में है। निशातपुरा थाना क्षेत्र की अमन कॉलोनी में रविवार को उस समय तनावपूर्ण हालात बन गए जब भोपाल पुलिस ठगी और लूट के एक बड़े मामले में मुख्य आरोपी राजू ईरानी को गिरफ्तार करने पहुंची। पुलिस कार्रवाई की सूचना मिलते ही इलाके में भीड़ जमा हो गई और देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए।पुलिस पर अचानक पथराव और हमला किया गया जिसमें कई जवानों को चोटें आईं। हालात संभालने के लिए अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बलवा शासकीय कार्य में बाधा और पुलिस पर हमले के आरोप में 34 लोगों को हिरासत में लिया है।

    CBI अफसर और पत्रकार बनकर करते थे ठगी

    पुलिस के मुताबिक राजू ईरानी और उसका गिरोह खुद को कभी CBI अधिकारी तो कभी राष्ट्रीय मीडिया संस्थानों का पत्रकार बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। यह गिरोह अलग-अलग राज्यों में सर्राफा व्यापारियों कारोबारियों और संपन्न लोगों को निशाना बनाता था।हाल ही में सागर जिले में सामने आए एक मामले में गिरोह के सदस्यों ने CBI अधिकारी बनकर एक सर्राफा व्यापारी से ठगी की थी। इसी केस में राजू ईरानी की तलाश की जा रही थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी अमन कॉलोनी में छिपा हुआ है जिसके बाद दबिश दी गई।

    कार्रवाई के दौरान भड़की हिंसा

    रविवार को जब पुलिस टीम अमन कॉलोनी पहुंची तो कुछ ही देर में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए। पुलिस के अनुसार भीड़ ने गिरफ्तारी का विरोध करते हुए पथराव शुरू कर दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस को इलाके में सुरक्षा घेरा बनाना पड़ा। कई वाहनों को नुकसान पहुंचा और पुलिसकर्मियों को चोटें आईं।स्थिति नियंत्रण में आने के बाद पुलिस ने उपद्रव में शामिल 34 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

    पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

    गिरफ्तार आरोपियों में शामिल काला ईरानी से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। उसने कबूल किया कि गिरोह भरोसा जीतने के लिए फर्जी पहचान का इस्तेमाल करता था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर एक न्यूज चैनल की माइक आईडी भी बरामद की है जिसका उपयोग खुद को पत्रकार बताने के लिए किया जाता था।पुलिस को संदेह है कि गिरोह लंबे समय से इसी तरीके से ठगी की वारदातों को अंजाम देता आ रहा था और कई राज्यों में इसके पीड़ित मौजूद हैं।

    दिल्ली और दुबई तक फैले तार
    जांच में यह भी सामने आया है कि ईरानी डेरे का नेटवर्क केवल भोपाल तक सीमित नहीं है। इसी वर्ष जुलाई में दिल्ली पुलिस ने मुठभेड़ के बाद ईरानी गिरोह के दो कुख्यात सदस्यों को गिरफ्तार किया था जिन पर कई राज्यों में लूट और ठगी के गंभीर मामले दर्ज थे।इसके अलावा दिसंबर में रानी कमलापति रेलवे स्टेशन क्षेत्र में मोबाइल झपटमारी के मामले में पकड़े गए आरोपी भी इसी इलाके से जुड़े पाए गए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि लूटे गए महंगे मोबाइल पहले मुंबई भेजे जाते थे और फिर दुबई तक तस्करी की जाती थी।

    पहले भी हो चुके हैं हमले

    ईरानी डेरे में पुलिस पर हमले का यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2020 में सागर जिले की पुलिस टीम पर भी इसी इलाके में पथराव और मिर्च पाउडर फेंके जाने की घटना हुई थी। उस समय कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे और स्थिति संभालने के लिए सख्त कदम उठाने पड़े थे।

    जांच जारी


    भोपाल पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और गिरोह के पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ठगी और लूट से हासिल की गई रकम और सामान किन रास्तों से बाहर भेजा गया और इसमें और कौन-कौन शामिल है।

  • पुलिस थानों की तय ‘रेट’ और अवैध वसूली का आरोप, जौरा विधायक ने प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार

    पुलिस थानों की तय ‘रेट’ और अवैध वसूली का आरोप, जौरा विधायक ने प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार


    मुरैना।मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। जौरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जिले के पुलिस थाने ठेका प्रथा के आधार पर संचालित किए जा रहे हैं। उनके अनुसार, इसी वजह से इलाके में अपराध, गुंडागर्दी और अराजकता लगातार बढ़ती जा रही है।मीडिया से चर्चा के दौरान विधायक पंकज उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश में वास्तविक पुलिसिंग कहीं नजर नहीं आ रही है। उन्होंने दावा किया कि थानों की जिम्मेदारी कानून व्यवस्था संभालने की बजाय अवैध वसूली तक सीमित रह गई है, जिससे आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।

    अपराध के आधार पर तय होती है थानों कीरेट

    जौरा विधायक ने आरोप लगाया कि हर पुलिस थाने की एक तय कीमत है, जो उस क्षेत्र में चल रहे अवैध कारोबार और अपराधों पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि जिन थाना क्षेत्रों में जुआ, सट्टा या अन्य अवैध गतिविधियां अधिक होती हैं, वहां की रेट भी उसी अनुपात में ज्यादा होती है। इसी तरह अवैध रेत खनन में लगे ट्रैक्टरों और वाहनों की संख्या के आधार पर भी थानों की कीमत तय की जाती है।विधायक के अनुसार, जब कानून व्यवस्था संभालने वाले थाने इस तरह से तयशुदा रेट पर काम करेंगे, तो अपराध का बढ़ना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि इसका सीधा नुकसान आम नागरिकों को उठाना पड़ रहा है।
    बढ़ते अपराधों के लिए पुलिस जिम्मेदार
    पंकज उपाध्याय ने कहा कि जिले में गुंडागर्दी, लूट, डकैती और गोलीबारी जैसी घटनाओं में तेजी देखी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन घटनाओं के लिए केवल निचले स्तर के पुलिसकर्मी ही नहीं, बल्कि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी जिम्मेदार हैं। विधायक ने कहा कि जब शीर्ष स्तर पर जवाबदेही नहीं होगी, तो व्यवस्था में सुधार की उम्मीद करना मुश्किल है।उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस थानों में जनता की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, जिससे लोगों का भरोसा व्यवस्था से उठता जा रहा है।

    नेताओं के हस्तक्षेप से बढ़ रही अवैध वसूली
    विधायक ने पुलिस थानों में राजनीतिक हस्तक्षेप का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि नेताओं के दबाव और संरक्षण के चलते अवैध वसूली का यह सिलसिला चल रहा है। जब तक इस तरह का हस्तक्षेप बंद नहीं होगा, तब तकतय लूट की यह व्यवस्था यूं ही चलती रहेगी।उन्होंने कहा कि आम नागरिक जब थाने जाता है, तो उसकी बात सुनी नहीं जाती, जबकि अपराधियों को संरक्षण मिलता है। यह स्थिति लोकतंत्र और कानून व्यवस्था दोनों के लिए खतरनाक है।

    कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी
    पंकज उपाध्याय ने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस पार्टी इस व्यवस्था के खिलाफ पहले भी आवाज उठाती रही है और आगे भी पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हालात नहीं सुधरे, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर व्यापक आंदोलन करेगी।उन्होंने कहा कि जनता की आवाज को गूंगे-बहरों तक पहुंचाने के लिए संघर्ष जरूरी है। कांग्रेस पार्टी आम लोगों की सुरक्षा और न्याय के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगी।

    प्रशासन पर बढ़ता दबाव

    विधायक के इन आरोपों के बाद पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। हालांकि अभी तक प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

  • पराशरी श्मशान घाट के पास नवजात का शव मिलने से मचा हड़कंप, पुलिस हर पहलू से कर रही जांच

    पराशरी श्मशान घाट के पास नवजात का शव मिलने से मचा हड़कंप, पुलिस हर पहलू से कर रही जांच


    विदिशा।मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से रविवार को एक अत्यंत संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया, जिसने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया। पराशरी श्मशान घाट के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब वहां मौजूद लोगों ने एक आवारा कुत्ते को नवजात शिशु का शव लेकर घूमते हुए देखा। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।यह घटना 28 दिसंबर की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के समय कुछ लोग पराशरी श्मशान घाट में एक अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी नजर आसपास घूम रहे एक कुत्ते पर पड़ी। पहले तो किसी को स्थिति स्पष्ट नहीं हुई, लेकिन जब लोगों ने ध्यान से देखा तो उन्हें समझ आया कि कुत्ते के मुंह में नवजात शिशु का शव है। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग स्तब्ध रह गए और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

    पुलिस ने संभाली स्थिति

    सूचना मिलने के बाद गंज बासौदा देहात थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने सावधानीपूर्वक शव को अपने कब्जे में लिया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की। घटना की खबर फैलते ही इलाके में भय और चिंता का माहौल बन गया। स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए।

    प्रारंभिक जांच में क्या सामने आया

    गंज बासौदा देहात थाना प्रभारी मनोज दुबे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में नवजात की उम्र करीब चार से पांच महीने के आसपास प्रतीत हो रही है। उन्होंने बताया कि कई बार सामाजिक दबाव, पारिवारिक परिस्थितियों या अन्य कारणों से नवजात शिशुओं को श्मशान घाट या आसपास के इलाकों में अस्थायी रूप से दफना दिया जाता है। बाद में जानवरों द्वारा जमीन खोदने पर ऐसे मामले सामने आ जाते हैं।हालांकि पुलिस इस घटना को केवल लापरवाही मानकर नहीं चल रही है। थाना प्रभारी के अनुसार यह भी जांच की जा रही है कि शव वहां किस परिस्थिति में पहुंचा और क्या इसके पीछे कोई आपराधिक कृत्य जुड़ा हुआ है।

    जांच के दायरे में कई पहलू

    पुलिस आसपास के इलाकों में पूछताछ कर रही है और हाल के दिनों में हुए किसी संदिग्ध प्रसव या नवजात से जुड़े मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या यह मामला अवैध दफन या किसी सामाजिक अपराध से जुड़ा हो सकता है।पुलिस ने नवजात के शव का विधि-विधान और कानूनी प्रक्रिया के तहत अंतिम संस्कार कराया। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह घटना किन परिस्थितियों में हुई।

    समाज और प्रशासन के लिए चेतावनी

    इस घटना ने समाज में संवेदनशील मुद्दों और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि श्मशान घाट और आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।पुलिस का कहना है कि दोषियों की पहचान होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई कर रही है।
  • विदिशा की पिच पर दिखा शिवराज सिंह चौहान का अंदाज, सांसद खेल महोत्सव के समापन पर जड़ा शानदार सिक्स

    विदिशा की पिच पर दिखा शिवराज सिंह चौहान का अंदाज, सांसद खेल महोत्सव के समापन पर जड़ा शानदार सिक्स


    विदिशा।मध्य प्रदेश के विदिशा में आयोजित संसदीय खेल महोत्सव 2025 का समापन रविवार को उत्साह, जोश और खेल भावना के साथ संपन्न हुआ। जैन कॉलेज परिसर में आयोजित इस समापन समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री और विदिशा से सांसद शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान माहौल उस समय और जीवंत हो गया, जब शिवराज सिंह चौहान स्वयं क्रिकेट की पिच पर उतरे और पहली ही गेंद पर शानदार सिक्स लगाकर खिलाड़ियों और दर्शकों का उत्साह बढ़ा दिया।समारोह में बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ी, खेल प्रेमी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। खेल मैदान पर केंद्रीय मंत्री की मौजूदगी ने खिलाड़ियों के मनोबल को नई ऊर्जा दी। शिवराज सिंह चौहान ने न केवल विजेता और उपविजेता टीमों को सम्मानित किया, बल्कि खेलों के प्रति युवाओं को प्रेरित करने का संदेश भी दिया।

    कहां और कैसे हुआ आयोजन

    सांसद खेल महोत्सव 2025 का समापन कार्यक्रम विदिशा के जैन कॉलेज परिसर में आयोजित किया गया। इस महोत्सव के अंतर्गत पिछले कुछ दिनों से विधानसभा क्षेत्र स्तर पर क्रिकेट, कबड्डी, फुटबॉल सहित कई खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं। इनमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

    मैदान पर उतरे सांसद

    क्रिकेट मैच के दौरान दर्शकों की अपील पर शिवराज सिंह चौहान ने बैट थामा। गेंदबाज की पहली ही गेंद पर उन्होंने दमदार शॉट खेलते हुए गेंद को सीधे बाउंड्री के बाहर पहुंचा दिया। सिक्स लगते ही मैदान तालियों और जयकारों से गूंज उठा। यह दृश्य खिलाड़ियों के साथ-साथ मौजूद दर्शकों के लिए भी यादगार बन गया।

    विजेताओं को मिले पुरस्कार

    समारोह में केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि क्रिकेट और कबड्डी प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली टीमों को क्रमशः 1.5 लाख रुपये, 1 लाख रुपये और 50 हजार रुपये की नगद पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। वहीं फुटबॉल प्रतियोगिता में विजेता टीम को 21 हजार रुपये और उपविजेता टीम को 11 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि सांसद खेल महोत्सव का अंतिम और भव्य समापन कार्यक्रम रायसेन में आयोजित होगा, जहां विधानसभा स्तर पर विजेता और उपविजेता टीमों को सम्मानित किया जाएगा।

    युवाओं को दिया संदेश

    समारोह को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खेल केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती और अनुशासन भी सिखाते हैं। उन्होंने कहा कि खेलों से युवा नशे और नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रहते हैं और जीवन में अनुशासन विकसित होता है।उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे खेल को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं और अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए निरंतर अभ्यास करें।

    भविष्य की योजनाएं
    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खेल मैदानों और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि गांव-गांव और शहर-शहर से खेल प्रतिभाएं निकलकर राज्य और देश का नाम रोशन करें।उन्होंने कहा कि सांसद खेल महोत्सव जैसे आयोजन युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने की दिशा में एक मजबूत कदम हैं।

  • इंदौरः दो कारों के बीच जोरदार भिंड़त, एक की मौत और सात घायल

    इंदौरः दो कारों के बीच जोरदार भिंड़त, एक की मौत और सात घायल


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में ग्राम उमरीखेड़ा के पास सोमवार सुबह दो कारों के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।

    तेजाजी नगर थाना पुलिस के अनुसार, उमरीखेड़ा के पास सोमवार सुबह दो कारों के बीच टक्कर हो गई। इनमें से एक कार सनावद से इंदौर आ रही थी। उसमें एक मरीज था, जिसे इलाज के लिए इंदौर लाया जा रहा था। वहीं दूसरी कार उज्जैन से ओंकारेश्वर जा रही थी। यहां उज्जैन की कार के ड्राइवर को झपकी लग गई। वह सामने से आ रही कार से जा टकराया। सूचना के बाद तेजाजी नगर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

    इंदौर के तेजाजी नगर थाना प्रभारी देवेन्द्र मरकाम ने बताया कि सोमवार सुबह उमरीखेड़ा के पास उज्जैन से ओंकारेश्वर जा रही कार और सनावद से इंदौर आ रही कार आपस में टकरा गई। हादसे में मुंबई निवासी निखिल कोठारी, उनकी पत्नी सलोनी, अमन पुत्र रशीद खान निवासी उज्जैन, ओमप्रकाश पुत्र आलोक चंद निवासी सनावद, चेतराम पुत्र बारेलाल निवासी सनावद, अरबाज निवासी सनावद और पवन निवासी सदरसर घायल हैं। वहीं भैयालाल (45 वर्ष) पुत्र लक्ष्मलाल निवासी सनावद की अस्पताल में मौत हो गई है।

    परिवार के लोगों ने बताया कि इंदौर आ रही कार में ओमप्रकाश, चेतराम और मरीज भैयालाल सवार थे। भैयालाल को इंदौर इलाज के लिए लाया जा रहा था। हादसे में भैयालाल की मौत हो गई है। वहीं ओमप्रकाश को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चेतराम और भैयालाल आपस में रिश्तेदार हैं। मुंबई के दंपत्ति ने बताया कि वह उज्जैन-ओंकारेश्वर में दर्शन करने आए थे। यहां पर उज्जैन में रविवार को रुके थे। टैक्सी किराए से ली थी और ओंकारेश्वर के लिए निकले थे, तभी रास्ते में हादसा हो गया। दंपत्ति मुंबई में ही जॉब करते हैं। वे मूल रूप से गुजरात के रहने वाले हैं।

  • विदिशाः तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े डंपर में टकराई, तीन युवकों की मौत और तीन घायल

    विदिशाः तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े डंपर में टकराई, तीन युवकों की मौत और तीन घायल


    विदिशा।
    मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के कुरवाई थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े डंपर से जा टकराई। इस हादसे में कार सवार तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि तीन युवक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार, कुरवाई निवासी तन्मय शर्मा का रविवार को जन्मदिन था। वह अपने पांच दोस्तों के साथ शिवशंकर ढाबे में पार्टी करने गया था। सभी युवक दोस्त की जन्मदिन की पार्टी से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान रात्रि करीब 1.30 बजे कुरवाई रोड पर मेलुआ चौराहे पर कृष्णा ढाबा के पास उनकी कार सड़क किनारे खड़े डंपर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा डंपर के पिछले हिस्से में फंस गया और वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। हादसे के बाद शवों को बाहर निकालने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। जेसीबी मशीन का उपयोग किया गया और सीटें काटकर शवों को बाहर निकाला गया।।

    कुरवाई थाना प्रभारी शैलेंद्र नायक ने बताया कि मृतकों की पहचान 21 वर्षीय अंकित साहू, 19 वर्षीय तन्मय शर्मा और 30 वर्षीय जगदीश साहू के रूप में हुई। जगदीश साहू कार चला रहा था। अंकित साहू आगे की सीट पर और तन्मय शर्मा बीच की सीट पर बैठा था। हादसे में जगदीश गोंड, मोंटी अहिरवार और तन्मय श्रीवास्तव गंभीर रूप से घायल हैं। उन्हें पहले कुरवाई अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति के कारण विदिशा जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है और मामले को जांच में लिया है।

  • श्री खरे वैश्य समाज ने बिलासपुर में जिला संयोजक के रूप में जगदीश प्रसाद गुप्ता की नियुक्ति की

    श्री खरे वैश्य समाज ने बिलासपुर में जिला संयोजक के रूप में जगदीश प्रसाद गुप्ता की नियुक्ति की


    नई दिल्ली:अखिल भारतीय श्री खरे वैश्य समाज ने छत्तीसगढ़ में अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। समाज की राष्ट्रीय टीम ने हाल ही में बिलासपुर जिले के लिए श्री जगदीश प्रसाद गुप्ता को जिला संयोजक नियुक्त करने की औपचारिक घोषणा की है। श्री गुप्ता ने अपने जीवन का अधिकांश समय कृषि विभाग में कार्यरत रहते हुए सेवा भाव के साथ बिताया है और सामाजिक क्षेत्र में भी लंबे समय से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

    समाज की ओर से जारी जानकारी के अनुसारयह नियुक्ति मुख्य रूप से संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनानेसमाज के सदस्यों को एक साझा मंच पर जोड़ने और सामाजिक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है। राष्ट्रीय नेतृत्व का मानना है कि श्री गुप्ता के प्रशासनिक अनुभव और सामाजिक समझ से बिलासपुर जिले में समाज की गतिविधियों को नई दिशा और गति मिलेगी।श्री खरे वैश्य समाज की राष्ट्रीय टीम ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया यहीं समाप्त नहीं होगी। आने वाले समय में जिला स्तरीय टीम के अन्य पदाधिकारियों और सदस्यों की घोषणा भी की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य एक समन्वित और सशक्त कार्यकारिणी का गठन करना है, जिसमें समाज के सभी वर्ग-युवा, महिला, वरिष्ठ नागरिक और पेशेवर-सक्रिय रूप से जुड़े।

    घोषणा के बाद बिलासपुर जिले के समाजजनों में उत्साह देखा गया। कई सदस्यों ने इसे संगठन के लिए सकारात्मक और दूरगामी कदम बताया। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में समाज के सामाजिक शैक्षणिक और सेवा से जुड़े कार्यक्रमों में तेजी आएगी। संगठन का उद्देश्य केवल विस्तार नहीं है बल्कि आपसी सहयोग, सामाजिक एकता और जरूरतमंदों की सहायता को भी प्राथमिकता देना है।समाज ने बिलासपुर जिले के सभी सदस्यों से अपील की है कि वे आगामी बैठकों और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाएं। इसके लिए जानकारी और संपर्क के लिए मोबाइल नंबर 9399362152 उपलब्ध कराया गया है। समाज ने जोर दिया है कि अधिक से अधिक लोग सक्रिय होकर संगठन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में योगदान दें।

    अखिल भारतीय श्री खरे वैश्य समाज देशभर में समाज के हितों के संरक्षण, सांस्कृतिक मूल्यों के संवर्धन और सामाजिक विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। बिलासपुर जिले में नई जिम्मेदारी के साथ संगठन को उम्मीद है कि स्थानीय स्तर पर समाज की आवाज और प्रभावी रूप से सामने आएगी। संगठन की योजना है कि एकजुटता और सामूहिक प्रयास के माध्यम से आने वाले वर्षों में विभिन्न योजनाओं को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया जाए।श्री गुप्ता की नियुक्ति से बिलासपुर में न केवल संगठन की सक्रियता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय समुदायों में सामाजिक समन्वय और सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। समाज की गतिविधियों में भागीदारी के जरिए युवा वर्ग और अन्य सदस्य संगठन की विकास योजनाओं का हिस्सा बन सकेंगे।इस प्रकार, बिलासपुर में श्री गुप्ता की नई जिम्मेदारी से समाज की संरचना मजबूत होगी और स्थानीय स्तर पर सामाजिक एकता, सेवा और सांस्कृतिक मूल्यों के संवर्धन में नई ऊर्जा आएगी।

  • भा.ज.पा. पार्षद अशोक सिंह का वायरल वीडियो: महिला को धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार

    भा.ज.पा. पार्षद अशोक सिंह का वायरल वीडियो: महिला को धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार


    सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले के रामपुर बघेलान में भाजपा के एक पार्षद अशोक सिंह का एक विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पार्षद महिला से धमकी देते हुए दिखाई दे रहे हैं और वह थाना प्रभारी रामपुर बघेलान के लिए अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। वीडियो में भाजपा पार्षद अशोक सिंह महिला से यह कहते हुए नजर आ रहे हैं मेरा कुछ नहीं बिगड़ेगा और वह महिला को जान से मारने की धमकी भी देते हैं। महिला ने पार्षद के खिलाफ पहले ही पुलिस अधीक्षक एसपी मने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।

    महिला का कहना है कि भाजपा पार्षद अशोक सिंह लंबे समय से उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। महिला ने बताया कि वह कई बार थाने में शिकायत करने गई लेकिन अशोक सिंह के राजनीतिक प्रभाव के कारण पुलिस कार्रवाई में कोई भी ठोस कदम नहीं उठा रही थी।वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भाजपा नेता अशोक सिंह के खिलाफ छेड़छाड़ जान से मारने की धमकी और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पार्षद को गिरफ्तार भी कर लिया है।

    राजनीतिक हलचल

    इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल मच गई है। भाजपा पार्षद का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। विपक्षी दलों ने इस मामले में भाजपा नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है वहीं कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्षद अशोक सिंह का समर्थन भी किया है।स्थानीय सूत्रों के मुताबिक अशोक सिंह पहले भी कई विवादों में घिरे रहे हैं लेकिन उनका राजनीतिक प्रभाव होने के कारण मामले हल होते रहे हैं। इस बार महिला के साहस और वीडियो के वायरल होने के कारण पुलिस ने मामले में सख्त कदम उठाया है।

    पुलिस का बयान

    सतना जिले के पुलिस अधीक्षक एसपी ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा हमने पार्षद अशोक सिंह के खिलाफ सभी आवश्यक धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है। किसी भी दबाव या राजनीतिक प्रभाव से ऊपर उठकर हम निष्पक्ष जांच करेंगे। पुलिस ने यह भी कहा कि वीडियो को तकनीकी रूप से विश्लेषण किया जा रहा है ताकि मामले में सभी तथ्यों का सही तरीके से आकलन किया जा सके। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास इस मामले से संबंधित कोई और जानकारी हो तो वे उसे पुलिस के साथ साझा करें।

    महिला के समर्थन में लोग

    महिला के समर्थन में कई सामाजिक संगठनों ने आवाज उठाई है। इन संगठनों ने महिला के खिलाफ पार्षद द्वारा किए गए उत्पीड़न की कड़ी निंदा की और प्रशासन से यह मांग की कि मामले में त्वरित कार्रवाई की जाए। साथ ही महिला को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाने का संकल्प लिया है। यह घटना महिला के खिलाफ हो रहे उत्पीड़न और राजनीतिक दबाव के खिलाफ लड़ाई को और भी मजबूती देती है। यह भी दिखाता है कि अगर समाज में हर व्यक्ति अपनी आवाज उठाए तो ताकतवर लोग भी जिम्मेदार ठहराए जा सकते हैं।

    भा.ज.पा. पार्षद अशोक सिंह का वायरल वीडियो और उस पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में खलबली मचा दी है। इस मामले में महिला के साहस और पुलिस की तत्परता से यह संदेश भी गया है कि कानून से कोई भी ऊपर नहीं है चाहे वह कितनी भी राजनीतिक ताकत रखता हो। अब यह देखना होगा कि इस मामले में न्याय जल्दी मिलता है या नहीं और क्या अन्य पीड़ित महिलाएं भी इस तरह की घटनाओं के खिलाफ आवाज उठा पाती हैं।

  • ग्वालियर में बिना नंबर की कार चालक ने ट्रैफिक थाना प्रभारी को कुचलने का प्रयास किया कलाई और पंजे में कांच घुसा

    ग्वालियर में बिना नंबर की कार चालक ने ट्रैफिक थाना प्रभारी को कुचलने का प्रयास किया कलाई और पंजे में कांच घुसा


    ग्वालियर । ग्वालियर में एक हैरान करने वाली घटना में बिना नंबर की तेज रफ्तार कार ने ट्रैफिक थाना प्रभारी को कुचलने का प्रयास किया। यह घटना थीम रोड पर तब हुई जब थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ चेकिंग कर रहे थे। जैसे ही उन्होंने चेकिंग प्वाइंट पर गाड़ियों को रोका बिना नंबर वाली कार के चालक ने अचानक रफ्तार बढ़ा दी और करीब 80 किमी प्रति घंटे की गति से कार दौड़ा दी।
    गाड़ियों की भीड़ के बावजूद चालक ने कार को इतनी तेज रफ्तार से चलाया कि थाना प्रभारी को टक्कर मारते हुए वह गिर पड़े। इस टक्कर से थाना प्रभारी की कलाई और पंजे में कांच के टुकड़े घुस गए जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद चालक कार छोड़कर फरार हो गया।

    सीसीटीवी से पहचान

    पुलिस ने घटना के बाद सीसीटीवी कैमरों को खंगाला और चालक का चेहरा पहचान लिया। अब पुलिस चालक की तलाश कर रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार करने की उम्मीद है।यह घटना ग्वालियर में ट्रैफिक नियमों और पुलिस की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर सवाल खड़ा करती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाओं से न केवल पुलिसकर्मियों की जान को खतरा है बल्कि इससे सड़क सुरक्षा की स्थिति भी बिगड़ सकती है।