Category: Madhya Pradesh

  • खेल हमारी संस्कृति का प्रमुख पक्ष, हमने बनाया है खेलों को शिक्षा पाठ्यक्रम का हिस्सा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    खेल हमारी संस्कृति का प्रमुख पक्ष, हमने बनाया है खेलों को शिक्षा पाठ्यक्रम का हिस्सा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खेल हमेशा से हमारी भारतीय संस्कृति का एक अहम अंग रहा है। हमारे व्यक्तित्व के विकास में एक प्रमुख पक्ष के रूप में खेलों में हमारे जीवन को दिशा दी है। हमने खेलों को स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया है। हमारे खिलाड़ी प्राय: हर खेल में देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खिलाड़ियों से आव्हान किया कि वे चाहे जिस किसी भी खेल के खिलाड़ी रहें, अपनी लगन और मेहनत से हमेशा अपना उत्कृष्ट देने का प्रयास करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इन्दौर में एक निजी स्कूल द्वारा आयोजित 7वें नेशनल रैंकिंग पिकलबॉल टूर्नामेंट-2025 को संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश राज्य ऑलम्पिक एसोशिएशन के संरक्षक भी हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैदिककाल से हमारी संस्कृति में खेलों का बड़ा योगदान रहा है। कई मामलों में भारतीयों ने अपने दौर से भी आगे बढ़कर विश्व में खेलों में नाम कमाया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के नवनिर्माण में खिलाड़ियों की भी अहम भूमिका है। खिलाड़ियों के योगदान से हम अपनी भावी पीढ़ी के लिए एक सकारात्मक वातावरण तैयार कर रहे हैं। इससे न केवल नए खिलाड़ी तैयार हो रहे हैं, बल्कि खेल अधोसंरचना के विकास को भी नए आयाम मिल रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश में सबसे तेज गति से औद्योगिक प्रगति करने वाला राज्य बन रहा है। औद्योगिक विकास, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम इकाईयों, कुटीर एवं ग्रामोद्योग सहित कृषि एवं संबंद्ध क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है। देश को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में मध्यप्रदेश का सर्वाधिक योगदान होगा।

    निजी स्कूल के अध्यक्ष श्री स्वप्निल कोठारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पुरुषार्थ से ही व्यक्तित्व का विकास होता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे मोबाइल की रील से बाहर निकलें, मैदान में आकर परिश्रम करें, तभी वे देश के लिए पसीना और रक्त बहाने के योग्य बनेंगे। उन्होंने सभी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संकल्प ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश’ में सक्रिय रूप से सहभागी बनकर अधिकतम योगदान देने की अपील की।

    कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट, विधायक श्री रमेश मेंदोला, श्री बलवंत, श्री गणेश अग्रवाल, श्री गोपाल अग्रवाल, श्री सुनील सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित थे। कार्यक्रम में विभिन्न खेलों में नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों का सम्मान भी किया गया।

  • पेंच टाइगर रिज़र्व से राजस्थान में एक बाघिन का सफल स्थानांतरण

    पेंच टाइगर रिज़र्व से राजस्थान में एक बाघिन का सफल स्थानांतरण


    भोपाल ।
    पेंच टाइगर रिज़र्व, सिवनी मध्यप्रदेश से 3 वर्ष आयु की एक बाघिन का राजस्थान के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व में सफलतापूर्वक स्थानांतरण किया गया है। यह स्थानांतरण भारतीय वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर के माध्यम से सुरक्षित रूप से संपन्न हुआ।

    स्थानांतरण अभियान विगत एक माह से सुव्यवस्थित योजना एवं वैज्ञानिक पद्धतियों के तहत संचालित किया जा रहा था। पेंच टाइगर रिज़र्व प्रबंधन द्वारा उपयुक्त बाघिन की पहचान कर उसे उन्नत एआई आधारित कैमरा ट्रैप एवं मोशन सेंसर कैमरों के माध्यम से निरंतर ट्रैक एवं मॉनिटर किया गया। इस उद्देश्य से क्षेत्र में लगभग 50 कैमरे स्थापित किए गए थे।

    अभियान का समन्वय राजस्थान वन विभाग के साथ निकट सहयोग में किया गया। श्री सुगनाराम जाट, मुख्य वन संरक्षक, राजस्थान तथा डॉ. तेजिंदर, पशु चिकित्सक, विगत एक माह से इस अभियान का समन्वय कर रहे थे एवं पिछले 8 दिनों से पेंच टाइगर रिज़र्व में उपस्थित रहकर अभियान की सतत निगरानी कर रहे थे।

    यह स्थानांतरण कार्य फील्ड डायरेक्टर श्री देवप्रसाद जे. के सहयोग एवं उप संचालक श्री रजनीश कुमार सिंह, पेंच टाइगर रिज़र्व के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

    बाघिन का निश्चेतन डॉ. अखिलेश मिश्रा एवं डॉ. प्रशांत द्वारा वाइल्डलाइफ कंज़र्वेशन ट्रस्ट की टीम के साथ तथा डॉ. काजल एवं डॉ. अमोल (वेटरनरी कॉलेज, जबलपुर एवं फील्ड बायोलॉजिस्ट श्री अनिमेष चव्हाण के सहयोग से किया गया।

    पेंच टाइगर रिजर्व से रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व स्थानांतरण के दौरान पेंच टाइगर रिज़र्व से मिशन लीडर सहायक संचालक सुश्री गुरलीन कौर (आईएफएस), वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. मिश्रा, पशु चिकित्सक डॉ. प्रशांत देशमुख (वाइल्डलाइफ कंज़र्वेशन ट्रस्ट) तथा रेंज अधिकारी श्री लोकेश कुमार चौधरी, और दोनों प्रदेशों की टीम के साथ एमआई-17 हेलीकॉप्टर द्वारा बाघिन के सुरक्षित स्थानांतरण हेतु गए, जिससे अंतर-राज्यीय समन्वय एवं संचालन की प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सकी।

    इस अभियान की सफलता में पेंच टाइगर रिज़र्व के कुरई एवं रुखड़ रेंज के मैदानी अमले का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा। संबंधित कर्मचारियों द्वारा प्रतिदिन प्रातः 6:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक, दिन में दो बार कैमरा ट्रैप की जांच, नियमित गश्त तथा चिन्हित बाघिन की गतिविधियों के संकेतों की सतत खोज कर अथक प्रयास किए गए।

    यह सफल स्थानांतरण अंतर-राज्यीय समन्वय, भारतीय वायुसेना के सहयोग तथा वैज्ञानिक वन्यजीव प्रबंधन के माध्यम से बाघ संरक्षण को सुदृढ़ करने और विभिन्न टाइगर लैंडस्केप में आनुवंशिक विविधता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

  • गुना में भीषण सड़क हादसा जन्मदिन समारोह से लौट रही कार पेड़ से टकराई दो की मौत आठ घायल

    गुना में भीषण सड़क हादसा जन्मदिन समारोह से लौट रही कार पेड़ से टकराई दो की मौत आठ घायल


    गुना । गुना जिले में मंगलवार रात करीब 2 बजे धरनावदा के पास एक भीषण सड़क हादसा हुआ। एक फोर व्हीलर तेज गति से अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे एक पेड़ से टकरा गई। हादसा इतना दर्दनाक था कि कार में सवार 12 लोगों में से दो की मौके पर ही मौत हो गई जबकि आठ अन्य घायल हो गए।

    मृतकों की पहचान और घायलों की स्थिति

    मृतकों की पहचान लाल सिंह 37 निवासी उकाबद खुर्द और माया कंजर पत्नी रामदास निवासी बिलौरी चिंता कटारा के रूप में हुई है। वहीं घायल होने वालों में मोहन पुत्र बाबूलाल नरेंद्र लोधा चंचल बाई अरविंद लोधा फूल सिंह रायना बाई नगमा कंजर और रूप सिंह शामिल हैं।हादसा इतना गंभीर था कि वाहन की हालत पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनकी स्थिति का इलाज चल रहा है।

    हादसे के कारण और प्रशासन की कार्रवाई

    प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि कार की गति बहुत तेज थी और संभवत: चालक का संतुलन बिगड़ने के कारण यह दुर्घटना हुई। पुलिस और प्रशासन ने घटना स्थल पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी घायलों का इलाज जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज गति और लापरवाही की वजह से इस तरह की घटनाओं में वृद्धि हो रही है और सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन को और कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा की अहमियत को उजागर करता है और यह बताता है कि सड़क पर चलने के दौरान हमें पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए।

  • सतना में मंदाकिनी नदी पर अवैध उत्खनन जल संसाधन विभाग की आड़ में हो रहा है काले कारोबार

    सतना में मंदाकिनी नदी पर अवैध उत्खनन जल संसाधन विभाग की आड़ में हो रहा है काले कारोबार


    सतना । सतना जिले में मंदाकिनी नदी जो कि धार्मिक सांस्कृतिक और पर्यावरणीय आस्था की प्रतीक मानी जाती है एक बार फिर अवैध उत्खनन के चलते विवादों में आ गई है। मोहकमगढ़ पुल के नीचे भारी मशीनों से नदी का सीना छलनी किया जा रहा था जो एक गंभीर मुद्दा बन चुका है। खास बात यह है कि यह उत्खनन जल संसाधन विभाग की परियोजना के नाम पर किया जा रहा था।

    सूत्रों के अनुसार जल संसाधन विभाग द्वारा मंदाकिनी नदी में घाट निर्माण के लिए सीमित खनन की अनुमति ली गई थी। लेकिन पीपीएस कंपनी के ठेकेदार ने इस अनुमति का दुरुपयोग करते हुए नदी किनारे से पत्थर और मुरुम का अवैध उत्खनन शुरू कर दिया। आरोप हैं कि यह सब कार्य जल संसाधन विभाग के एसडीओ पुष्पेंद्र खरे के मौखिक निर्देश पर हो रहा था।

    प्रशासन की कार्रवाई और संदिग्ध पहलू

    स्थानीय लोगों द्वारा सूचना मिलने पर चित्रकूट तहसीलदार मौके पर पहुंचे और खनन में लगे पोकलैंड मशीन को जप्त कर लिया। हालांकि ट्रक मौके से गायब हो गए जिससे यह संदेह पैदा हो गया कि मामले में पहले से सूचना थी और यह पूरी घटना किसी संरक्षण के तहत हो रही थी। सबसे हैरान करने वाली बात तब सामने आई जब प्रशासन के अधिकारियों के मौके पर पहुंचते ही संबंधित जिम्मेदारों के मोबाइल फोन बंद हो गए। यह घटनाक्रम इस बात की ओर इशारा करता है कि क्या यह पूरी प्रक्रिया पूर्व नियोजित और विभागीय मिलीभगत का हिस्सा है?

    इस मामले में प्रशासन की निष्क्रियता और जिम्मेदार अधिकारियों की संलिप्तता के आरोप उभर रहे हैं। यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या आस्था और पर्यावरण से जुड़े इस अहम स्थान की अवैध उत्खनन के चलते हानि हो रही है? क्या सरकारी योजनाओं की आड़ में इस तरह के काले कारोबार को बढ़ावा दिया जा रहा है?

  • भोपाल से प्रमुख शहरों के लिए रेल किराए में वृद्धि, यात्रियों की जेब होगी हल्की

    भोपाल से प्रमुख शहरों के लिए रेल किराए में वृद्धि, यात्रियों की जेब होगी हल्की


    भोपाल । भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए रेल किराए में वृद्धि का ऐलान किया है जिसका असर भोपाल से देश के प्रमुख शहरों की यात्रा पर पड़ेगा। यह वृद्धि 2 पैसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से की गई है और इसमें 5 प्रतिशत जीएसटी और राउंड-ऑफ का असर भी देखा जाएगा। इस बदलाव के चलते यात्रियों को अब पहले से अधिक किराया चुकाना पड़ेगा।
    यदि आप भोपाल से नई दिल्ली की यात्रा करते हैं तो आपको लगभग 15 रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे। मुंबई जाने पर किराए में करीब 18 रुपये की वृद्धि होगी। पुणे के लिए यह वृद्धि लगभग 19 रुपये नागपुर के लिए 8 रुपये और इंदौर तथा जबलपुर के लिए यह वृद्धि लगभग 6-6 रुपये होगी। लखनऊ जाने वाले यात्रियों को करीब 12 रुपये अतिरिक्त देना होगा।

    इस बदलाव से रेल यात्रा के खर्च में थोड़ा सा इजाफा होगा लेकिन यह वृद्धि यात्रा की सुविधाओं और रेलवे के रख-रखाव में हो रहे सुधारों को ध्यान में रखते हुए की गई है। यात्री अब इन बदलावों के साथ यात्रा की योजना बनाते हुए अतिरिक्त खर्च के बारे में सोच सकते हैं।इस नई वृद्धि से जहां एक ओर यात्रियों की जेब पर असर पड़ेगा वहीं दूसरी ओर रेलवे की विभिन्न परियोजनाओं और सुविधाओं के विकास के लिए यह कदम उठाया गया है।

  • छिंदवाड़ा में कानून की धज्जियाँ जन्मदिन पर तलवार लहराते युवक का वायरल वीडियो कोर्ट परिसर में पुलिसकर्मी के साथ बनाई रील

    छिंदवाड़ा में कानून की धज्जियाँ जन्मदिन पर तलवार लहराते युवक का वायरल वीडियो कोर्ट परिसर में पुलिसकर्मी के साथ बनाई रील


    छिंदवाड़ा । मध्य प्रदेश छिंदवाड़ा शहर के कुण्डीपुरा थाना क्षेत्र में एक युवक का जन्मदिन पार्टी के दौरान तलवार लहराते हुए वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो ने एक बार फिर शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। वीडियो में युवक तेज संगीत पर अपने दोस्तों के साथ नाचते हुए खुलेआम तलवार लहरा रहा है जो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया है। यह वीडियो इंस्टाग्राम पर ‘सुमित मालवी’ नाम की एक आईडी से पोस्ट किया गया था और इसके बाद से यह शहर भर में चर्चा का विषय बन गया। विशेष रूप से रिहायशी इलाके में इस तरह के हथियारों का प्रदर्शन स्थानीय लोगों में डर और चिंता का कारण बन रहा है।

    दूसरी ओर हैरान करने वाली बात यह है कि युवक का एक और वीडियो सामने आया है जिसमें वह छिंदवाड़ा जिला न्यायालय परिसर के भीतर एक पुलिसकर्मी के साथ रील बनाता हुआ नजर आ रहा है। इस वीडियो में बैकग्राउंड में गाने के बोल हैं  कचहरी अपना ठिकाना है” और कोतवाली से रिश्ता पुराना है जो उसकी बेखौफ मानसिकता को उजागर करता है।इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। पुलिस का कहना है कि यह घटना कानून और व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती पेश करती है। पुलिस ने इंस्टाग्राम आईडी के आधार पर युवक की पहचान शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक रूप से हथियारों का प्रदर्शन और प्रतिबंधित क्षेत्रों में इस तरह की रील बनाने के लिए युवक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले ने यह भी दर्शाया कि युवा वर्ग में कानून के प्रति कितनी लापरवाही और बेखौफ मानसिकता फैल रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएँ समाज में असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं और पुलिस प्रशासन को इसे सख्ती से नियंत्रित करना चाहिए।

  • महाकाल मंदिर को 111 किलो पीतल के नंदी का दान, जयपुर के भक्त ने अर्पित की श्रद्धा

    महाकाल मंदिर को 111 किलो पीतल के नंदी का दान, जयपुर के भक्त ने अर्पित की श्रद्धा


    उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धा और आस्था का एक और अनुपम उदाहरण देखने को मिला। जयपुर निवासी भक्त विपिन बंसल ने अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर भगवान महाकाल को 111 किलोग्राम वजन के पीतल के नंदी दान स्वरूप अर्पित किए। इस अवसर पर मंदिर समिति द्वारा दानदाता का विधिवत सम्मान किया गया।

    मंदिर प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जयपुर निवासी विपिन बंसल ने पुजारी राजेश शर्मा की प्रेरणा से भगवान महाकाल के चरणों में यह विशेष दान अर्पित किया। पीतल से निर्मित इन नंदी प्रतिमाओं का कुल वजन 111 किलोग्राम है, जो अपनी कलात्मकता और भव्यता के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।दान स्वीकार किए जाने के बाद श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति ने दानदाता विपिन बंसल को भगवान महाकाल का प्रसाद और दुपट्टा भेंट कर सम्मानित किया। मंदिर समिति के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने बताया कि दान में प्राप्त इन सुंदर पीतल के नंदी को मंदिर परिसर में उचित और सुरक्षित स्थान पर विधिवत स्थापित किया जाएगा, ताकि श्रद्धालु इनके दर्शन कर सकें।

    मंदिर समिति के अधिकारियों ने कहा कि महाकालेश्वर मंदिर में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु अपनी आस्था और विश्वास के अनुसार दान करते हैं। कोई सोने-चांदी के आभूषण अर्पित करता है, तो कोई नकद राशि या धार्मिक सामग्री भेंट करता है। भक्तों का मानना है कि भगवान महाकाल अपने भक्तों की सच्ची मनोकामनाएं अवश्य पूरी करते हैं, और उसी कृतज्ञता स्वरूप वे इस तरह के दान अर्पित करते हैं।जयपुर के भक्त द्वारा किया गया यह दान भी उसी अटूट श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है। मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी पीतल के नंदी के दान को सराहा और इसे भगवान महाकाल के प्रति भक्त की गहरी आस्था बताया।

    श्री महाकालेश्वर मंदिर, जो बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है, न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यहां भक्तों द्वारा किए जाने वाले दान और सेवा कार्य भी इसकी महिमा को और बढ़ाते हैं। इस प्रकार के दान मंदिर की परंपराओं और आध्यात्मिक गरिमा को सशक्त बनाते हैं।

  • रविवार की भस्म आरती में राजा स्वरूप में दर्शन दिए भगवान महाकाल, भांग-चंदन व रजत आभूषणों से हुआ दिव्य श्रृंगार

    रविवार की भस्म आरती में राजा स्वरूप में दर्शन दिए भगवान महाकाल, भांग-चंदन व रजत आभूषणों से हुआ दिव्य श्रृंगार


    उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में रविवार तड़के भस्म आरती श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में संपन्न हुई। सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही गर्भगृह में विराजित भगवान महाकाल सहित सभी प्रतिमाओं का विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। जैसे ही मंदिर परिसर में घंटियों की ध्वनि गूंजी, पूरा वातावरण हर-हर महादेव के जयघोष से भक्तिमय हो उठा।भस्म आरती की शुरुआत जलाभिषेक से हुई। पंडे-पुजारियों ने भगवान महाकाल का पवित्र जल से अभिषेक किया, इसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से बाबा का विशेष अभिषेक संपन्न हुआ। प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम के मंत्रोच्चार के साथ भगवान को जल अर्पित किया गया, जिससे गर्भगृह में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।

    पूजन-अभिषेक के पश्चात भगवान महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया। बाबा को भांग और चंदन अर्पित कर रजत चंद्र, मुकुट और आभूषणों से राजा स्वरूप में सजाया गया। त्रिशूल, त्रिपुंड और रुद्राक्ष की माला धारण कराकर भगवान को अलौकिक रूप प्रदान किया गया। मस्तक पर रजत चंद्र, भांग-चंदन और गुलाब के पुष्पों से विशेष सजावट की गई। इसके बाद कपूर आरती की गई, जिसकी लौ से पूरा गर्भगृह प्रकाशमान हो गया।आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढांककर परंपरानुसार भस्म रमाई गई। महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को पवित्र भस्म अर्पित की गई। धार्मिक मान्यता है कि भस्म अर्पण के पश्चात भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। इस क्षण को देखने के लिए श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ मौजूद रहे।

    भस्म अर्पण के पश्चात बाबा महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की माला अर्पित की गई। गुलाब के सुगंधित फूलों से सजे भगवान को ड्रायफ्रूट, फल, मिष्ठान और विशेष भोग अर्पित किया गया। श्रृंगार और भोग के बाद बाबा का स्वरूप अत्यंत मनोहारी और दिव्य नजर आया।भस्म आरती के दौरान मंदिर परिसर में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या उपस्थित रही। भक्तों ने नंदी मंडपम, गणेश मंडपम और मंदिर परिसर के विभिन्न स्थानों से बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कई श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भगवान महाकाल की आराधना में लीन दिखाई दिए।

    श्री महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन होने वाली भस्म आरती विश्वभर में अपनी विशिष्ट परंपरा और आध्यात्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। रविवार की इस भस्म आरती में राजा स्वरूप में सजे भगवान महाकाल के दर्शन ने श्रद्धालुओं के मन को शांति, श्रद्धा और भक्ति से भर दिया।

  • पचमढ़ी में बढ़ी पर्यटकों की संख्या विंटर वेकेशन से पहले होटल 60% तक फुल जिप्सी सफारी किराए में भी बढ़ोतरी

    पचमढ़ी में बढ़ी पर्यटकों की संख्या विंटर वेकेशन से पहले होटल 60% तक फुल जिप्सी सफारी किराए में भी बढ़ोतरी


    नर्मदापुरम । मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में इस साल विंटर वेकेशन के दौरान पर्यटकों की भारी संख्या आने की संभावना है। 24 दिसंबर से 2 जनवरी तक का समय पचमढ़ी में पीक सीजन के रूप में घोषित किया गया है। इस दौरान पर्यटकों के लिए कई नई घोषणाएं की गई हैं जिनमें जिप्सी सफारी और होटल किराए में बढ़ोतरी प्रमुख हैं।

    जिप्सी सफारी किराए में वृद्धि
    पचमढ़ी में पर्यटकों को अब जिप्सी सफारी के लिए पहले से अधिक किराया चुकाना होगा। अब प्रत्येक पर्यटन स्थल के लिए जिप्सी सफारी का किराया पुराने किराए से एक हजार रुपए अधिक होगा। यह बढ़ा हुआ किराया 2 जनवरी तक लागू रहेगा। इसी तरह टैक्सी किराए में भी बढ़ोतरी की गई है। टैक्सी संचालकों के अनुसार पीक सीजन के दौरान पर्यटकों को किसी भी पर्यटन स्थल पर जाने के लिए अतिरिक्त 1000 रुपए चुकाने होंगे।

    होटलों के किराए में 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी

    पचमढ़ी में होटलों के कमरों के किराए में भी बढ़ोतरी की गई है। होटल संचालकों का कहना है कि 12 से 14 दिन पहले की गई एडवांस बुकिंग के चलते कई होटल पहले ही 60% तक बुक हो चुके हैं। पचमढ़ी में कुल 100 से अधिक छोटे-बड़े होटल हैं लेकिन बढ़ती भीड़ के कारण कमरों की उपलब्धता पर असर पड़ सकता है। इस समय होटलों में कमरे 2000 रुपए से शुरू हो रहे हैं और पीक सीजन के दौरान इनकी कीमत में और वृद्धि की संभावना है।

    नए साल की बुकिंग में तेजी

    नए साल के मौके पर पचमढ़ी में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। होटल और रिसॉर्ट्स में 31 दिसंबर और 1 जनवरी के लिए 60% से अधिक बुकिंग पहले ही हो चुकी है। शनिवार और रविवार को भी बड़ी संख्या में पर्यटक पचमढ़ी का रुख कर रहे हैं। नए साल के जश्न को लेकर पचमढ़ी में हलचल बढ़ गई है और पर्यटकों के बीच इस समय को मनाने का जोश है।

    सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
    पचमढ़ी में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। पिपरिया एसडीओपी को पचमढ़ी की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और रात में पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी। जाम से निपटने के लिए विशेष पॉइंट चिन्हित किए जा रहे हैं जहां पर निगरानी के लिए कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा पचमढ़ी और पिपरिया थाना स्टाफ भी गश्त करता रहेगा।

    पचमढ़ी के प्रमुख पर्यटन स्थल

    पचमढ़ी में पर्यटकों को आकर्षित करने वाले कई प्रमुख स्थल हैं जिनमें प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक स्थल शामिल हैं पांडव गुफाएं यह स्थल पचमढ़ी के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को दर्शाता है मान्यता है कि पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान यहां समय बिताया।प्राकृतिक झरने पचमढ़ी में बी-फॉल रजत प्रपात करीब 350 फीट ऊंचा और अप्सरा विहार जैसे खूबसूरत झरने पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। धूपगढ़ पचमढ़ी का सबसे ऊंचा बिंदु है जहां से सूर्यास्त का दृश्य बेहद आकर्षक होता है। धार्मिक स्थल पचमढ़ी में स्थित चौरागढ़ और जटाशंकर मंदिर प्रमुख शिव मंदिर हैं जहां महाशिवरात्रि के दौरान भारी भीड़ उमड़ती है।
    इन प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ-साथ पचमढ़ी में शांति ठंडा मौसम और हरे-भरे जंगल पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। पचमढ़ी में विंटर वेकेशन से पहले पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है और पीक सीजन के दौरान होटल और सफारी के किराए में भी वृद्धि की गई है। पर्यटकों के लिए सुरक्षा और अन्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है ताकि वे अपनी छुट्टियां बिना किसी समस्या के अच्छे से मना सकें। पचमढ़ी के प्रमुख पर्यटन स्थलों की सुंदरता और शांति इसे मध्य प्रदेश का एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनाती है जहां हर साल सैलानियों का तांता लगा रहता है।

  • जबलपुर चर्च विवाद: ब्लाइंड बच्चों के धर्मांतरण के आरोप पर हंगामा, दो पक्षों में हाथापाई..

    जबलपुर चर्च विवाद: ब्लाइंड बच्चों के धर्मांतरण के आरोप पर हंगामा, दो पक्षों में हाथापाई..


    जबलपुर/मध्यप्रदेश के जबलपुर में शनिवार को एक चर्च में आयोजित कार्यक्रम को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। गोरखपुर थाना क्षेत्र में स्थित चर्च में ब्लाइंड छात्र-छात्राओं के धर्मांतरण की सूचना मिलने के बाद हिंदू संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि चर्च में मौजूद लोगों और हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस के बाद हाथापाई तक हो गई।

    घटना की सूचना मिलते ही गोरखपुर थाना पुलिस और सीएसपी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की लेकिन काफी देर तक दोनों पक्षों में तनाव बना रहा। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों को अलग किया और मामले की जांच शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार गोरखपुर क्षेत्र में जॉनसन स्कूल कैंपस के पीछे स्थित चर्च में क्रिसमस कार्यक्रम के नाम पर शहर के अलग-अलग छात्रावासों से करीब 70 दिव्यांग छात्र-छात्राओं को बुलाया गया था। चर्च के अंदर बच्चों से प्रार्थना कराई जा रही थी। इसी दौरान किसी ने हिंदू संगठनों को सूचना दी कि इन बच्चों को लालच देकर धर्मांतरण के उद्देश्य से लाया गया है।

    सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में हिंदू संगठन के कार्यकर्ता चर्च पहुंच गए और आरोप लगाने लगे कि दिव्यांग बच्चों को भोजन और अन्य सुविधाओं का लालच देकर उनका ब्रेनवॉश किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि बच्चों को जिस छात्रावास से लाया गया वहां से किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई।विवाद के दौरान पुलिस की मौजूदगी में ही दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू हो गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाया और स्थिति को संभाला।पुलिस ने मौके से एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में भी लिया है जिसके पास कोई पहचान पत्र नहीं था।

    हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि बच्चों से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि उन्हें खाने-पीने का लालच देकर चर्च के कार्यक्रम में लाया गया था। संगठन के पदाधिकारी विकास खरे ने कहा कि बच्चों को बताया गया था कि वे सिर्फ क्रिसमस की तैयारी में शामिल होने जा रहे हैं लेकिन चर्च में कथित रूप से धार्मिक बातें कराई जा रही थीं और हनुमान चालीसा को गलत बताया गया। उनका दावा है कि हर साल 25 दिसंबर के आसपास इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।वहीं चर्च की ओर से महिला लीला जोसफ ने सभी आरोपों को खारिज किया है।उन्होंने बताया कि यह एक सामान्य ईशू कार्यक्रम था जिसमें ब्लाइंड बच्चों को अलग-अलग स्कूलों और क्षेत्रों-मेडिकल कॉलेज के पास सिविल लाइन और बायपास इलाके से-आमंत्रित किया गया था। उनका कहना है कि बच्चों को संबंधित संस्थाओं की अनुमति से ही लाया गया था और धर्मांतरण जैसा कोई उद्देश्य नहीं था।

    सीएसपी एमडी नगोतिया ने बताया कि फिलहाल सभी बच्चों को सुरक्षित रूप से उनके छात्रावास वापस भेज दिया गया है।पुलिस अब चर्च में कार्यक्रम आयोजित करने वालों और जिन दिव्यांग छात्रावासों से बच्चों को लाया गया था दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जांच में अनुमति से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि किसी भी पक्ष की ओर से कानून का उल्लंघन पाया जाता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इलाके में शांति बनी हुई है लेकिन पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।