Category: Madhya Pradesh

  • किसानों की समृद्धि के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    किसानों की समृद्धि के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार कृषि कल्याण वर्ष 2026 में किसानों की समृद्धि के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। किसानों की फसलों का उचित दाम मिले, इसके लिए उड़द खरीदी पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस की घोषणा की गई है। प्रदेश के किसान उड़द लगाएं, ताकि उन्हें इस बोनस का भरपूर लाभ मिल सके और अगली फसल की तैयारी भी हो जाए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों के साथ समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, नीरज मंडलोई सहित कृषि, राजस्व, सहकारिता, जल संसाधन, उद्यानिकी तथा अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने गेहूं उत्पादक किसानों को भी गत वर्षों के तरह बोनस की सौगात दी है। इस वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा। इससे किसानों को 2625 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं का भुगतान प्राप्त होगा। राज्य सरकार ने किसानों के हित में अपने संकल्प-पत्र में वर्ष 2028 तक 2700 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदने का संकल्प लिया है। आगामी वर्षों में हम इस लक्ष्य को पूरा कर उससे भी आगे निकलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिजली संबंधी शिकायतों का निराकरण स्थानीय स्तर पर करने की व्यवस्था स्थापित करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश, देश का फूड बास्केट है, जहां दलहन, तिलहन और सब्जी उत्पादन अच्छी मात्रा में हो रहा है। हमारे राज्य के किसान आगे बढ़ें और समृद्ध हों, इसके लिए सरकार निरंतर किसान हितैषी निर्णय ले रही है। कुछ स्थानों पर गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन में कठिनाई सामने आई है। इसे ध्यान में रखकर गेहूँ उपार्जन पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च से बढ़ाकर 10 मार्च की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए दिन में बिजली उपलब्ध कराई जाएगी, इससे रात के समय बिजली से सिंचाई के कारण होने वाले संकटों से बचा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय किसान संघ की ओर से किसानों के हित में प्राप्त सुझावों पर भी राज्य सरकार विचार करेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में भूमि अधिग्रहण पर मुआवजा राशि बढ़ाने, जंगली जानवरों द्वारा फसल नुकसान पर मुआवजे, मंडी अधिनियम के प्रावधानों, फसल गिरदावरी, अविवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन के लिए समय-सीमा निर्धारित करने, विद्युत प्रदाय और सिंचाई व्यवस्था जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।

  • इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन एरिया में शामिल होगा बड़नगर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन एरिया में शामिल होगा बड़नगर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन जिले का बड़नगर भी विकास में अग्रणी रहेगा। बड़नगर अब इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन एरिया का भाग बनेगा। बड़नगर पर बाबा महाकाल सहित चंबल, शिप्रा और गंभीर नदियों का भी आशीर्वाद है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को नायीखेड़ी-नागदा-रतलाम मार्ग की स्वीकृति प्रदान करने के लिए उनका आभार प्रकट करने मुख्यमंत्री निवास पहुंचे बड़नगर विधानसभा क्षेत्र के निवासियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बड़नगरवासियों ने साफा और गजमाला पहनाकर अभिनंदन किया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत विश्व पटल पर नई ऊंचाइयां को छू रहा है। देश में मध्य प्रदेश का विशेष महत्व है। विकास के इस कारवां को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार समाज के हर वर्ग और प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने धार में देश के पहले पीएम मित्र पार्क का भूमि-पूजन किया है। टेक्सटाइल सेक्टर के इस मेगा इंडस्ट्रियल पार्क का लाभ भी बड़नगरवासियों को मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बड़नगर क्षेत्र में संचालित गौशालाओं को नरवाई प्रबंधन के लिए मशीनें लेने में सहायता के उद्देश्य से स्वेच्छानुदान से अंश राशि उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे नरवाई के निराकरण के साथ ही गौशालाओं को पर्याप्त भूसा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बड़नगर क्षेत्र के व्यायाम शालाओं को प्रोत्साहन स्वरूप एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा महाकाल के आशीर्वाद से उज्जैन और बड़नगर अब 3 प्रमुख मार्गों के माध्यम से रतलाम से जुड़ गया है। तीसरा नया 2 लेन रास्ता गंभीर डैम के पास से नागदा होकर निकलने वाला है। लगभग 150 करोड़ रुपये का नायीखेड़ी-नागदा-रतलाम मार्ग क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी सौगात है। इससे रतलाम की दूरी 40 किलोमीटर कम हो जाएगी। नई सड़क से सिंहस्थ : 2028 के आयोजन में भी सुविधा होगी। उज्जैन में विमानतल भी बनाया जा रहा है, इसका लाभ भी बड़नगर को मिलेगा। आगामी वर्षों में रतलाम सहित राजस्थान और गुजरात से भी बड़नगर का संपर्क सुगम और सशक्त होगा। सड़कें विकास का आधार हैं, इन सड़कों से बड़नगर सहित सम्पूर्ण क्षेत्र के विकास के द्वार खुलेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सिंहस्थ : 2028 को दृष्टिगत रखते हुए यह प्रस्तावित मार्ग विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। वर्तमान में रतलाम से उज्जैन आने वाले श्रद्धालु मुख्यत: बदनावर-बड़नगर मार्ग से आवागमन करते हैं, जिसकी कुल लंबाई लगभग 115 कि.मी. है। प्रस्तावित वैकल्पिक मार्ग की कुल लंबाई लगभग 74 कि.मी. है, जो वर्तमान प्रचलित मार्ग की तुलना में लगभग 40 कि.मी. कम है। इस मार्ग के विकसित होने से यात्रा की दूरी एवं समय दोनों में उल्लेखनीय कमी आएगी तथा मुख्य मार्गों पर यातायात का दबाव भी कम होगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेकर हमें मित्र की सहायता करने के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासी हमारे लिए भगवान श्री हनुमान की तरह हैं, जिन्हें केवल जनभागीदारी की शक्ति का भान कराना होता है। सरकार के कार्य अपने आप होते चले जाते हैं। अभिनंदन समारोह में बड़नगर विधायक जितेंद्र पंड्या, अंतर सिंह देवड़ा, उमराव सिंह, विजय चौधरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

  • मध्य प्रदेश में बन रहा इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग के लिए सशक्त ईको सिस्टम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मध्य प्रदेश में बन रहा इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग के लिए सशक्त ईको सिस्टम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) मैन्युफेक्चरिंग के क्षेत्र में तेजी से उभरते केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। प्रदेश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को प्रोत्साहित करने के लिए मजबूत औद्योगिक आधार, उन्नत परीक्षण अधोसंरचना, ऊर्जा उपलब्धता और निवेश अनुकूल नीतियों के माध्यम से एक सशक्त ईको सिस्टम विकसित किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2025 और इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी-2025 के माध्यम से ईवी और उससे जुड़े कम्पोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को व्यापक प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे प्रदेश में उत्पादन, निवेश और रोजगार के नए अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं।


    वैश्विक बदलाव के साथ बढ़ती ईवी की संभावनाएं

    उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर ऑटोमोबाइल उद्योग तेजी से इलेक्ट्रिफिकेशन की दिशा में बढ़ रहा है और भारत भी इस परिवर्तन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है। भारत आज विश्व का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार है और यह क्षेत्र राष्ट्रीय जीडीपी में लगभग 7 प्रतिशत का योगदान देता है। इलेक्ट्रिक वाहन आधारित अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ बैटरी तकनीक, अनुसंधान एवं विकास, सॉफ्टवेयर, मेंटेनेंस और संबंधित सेवाओं सहित कई क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर विकसित हो रहे हैं।


    मजबूत ऑटोमोबाइल क्लस्टर और परीक्षण अधोसंरचना

    मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश इस परिवर्तन को अवसर के रूप में लेते हुए इलेक्ट्रिक व्हीकल और ऑटोमोबाइल कम्पोनेंट मैन्युफैक्चरिंग के लिए स्वयं को एक सशक्त औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित कर रहा है। राज्य में पीथमपुर देश के प्रमुख ऑटोमोबाइल क्लस्टर्स में से एक है, जहां 200 से अधिक ऑटोमोबाइल कम्पोनेंट निर्माता संचालित हैं और हजारों लोगों को रोजगार मिला है। इसके साथ ही एशिया का सबसे बड़ा ऑटोमोटिव परीक्षण ट्रैक नैट्रैक्स उद्योगों को अत्याधुनिक परीक्षण और अनुसंधान की सुविधा प्रदान कर रहा है, जिससे ऑटोमोबाइल और ईवी उद्योग के लिए मजबूत तकनीकी आधार उपलब्ध हुआ है।


    इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी से मैन्यूफेक्चरिंग को मिलेगा बढ़ावा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लागू की गई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2025 ईवी और उससे जुड़े कम्पोनेंट के लिए संपूर्ण सप्लाई चेन विकसित करने पर केंद्रित है। इस नीति के माध्यम से बैटरी निर्माण, वाहन असेंबली से लेकर रीसाइक्लिंग तक के क्षेत्रों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। साथ ही इलेक्ट्रिक ट्रकों जैसे उभरते सेगमेंट को बढ़ावा देने के लिए मोटर व्हीकल टैक्स और पंजीयन शुल्क में छूट जैसे प्रावधान किए गए हैं, जिससे इस क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं।


    औद्योगिक प्रोत्साहन और निवेश में बढ़ेंगे अवसर

    उन्होंने बताया कि इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी-2025 के अंतर्गत उद्योगों को पूंजी अनुदान, भूमि रियायत, निर्यात परिवहन सहायता तथा हरित और अनुसंधान निवेश के लिए विशेष प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। इन नीतियों के माध्यम से राज्य में इलेक्ट्रिक व्हीकल और उससे जुड़े उद्योगों की स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। मध्यप्रदेश ऊर्जा के मामले में अधिशेष राज्य है और यहां बिजली दरें देश में अपेक्षाकृत कम हैं, जिससे ईवी विनिर्माण इकाइयों और चार्जिंग अधोसंरचना के संचालन के लिए आर्थिक रूप से व्यवहारिक परिस्थितियां उपलब्ध होती हैं।


    भारत में ईवी की बढ़ती मांग

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में दो पहिया वाहनों की बिक्री में इलेक्ट्रिक व्हीकल की हिस्सेदारी 6.1 प्रतिशत, तीन पहिया में 23.4 प्रतिशत, यात्री कारों में 2 प्रतिशत और बसों में 5.3 प्रतिशत दर्ज की गई है। इस प्रकार कुल इलेक्ट्रिक व्हीकल बाजार हिस्सेदारी 7.5 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। औद्योगिक अधोसंरचना, आधुनिक परीक्षण सुविधाएं, निवेश अनुकूल नीतियां और ऊर्जा उपलब्धता जैसे कारकों के कारण मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक व्हीकल विनिर्माण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और यह क्षेत्र राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

  • मप्र सरकार का किसान हितैषी निर्णय, गेहूं उपार्जन के पंजीयन की तिथि 10 मार्च तक बढ़ी

    मप्र सरकार का किसान हितैषी निर्णय, गेहूं उपार्जन के पंजीयन की तिथि 10 मार्च तक बढ़ी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के किसानों के हित में मध्य प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन व्यवस्था को और अधिक किसान हितैषी बनाया है। गेहूं उपार्जन के पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च से बढ़ाकर 10 मार्च कर दी गई है। साथ ही सरकार ने गेहूं खरीदी पर 40 रुपये अतिरिक्त बोनस देने का भी महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इस प्रकार अब प्रदेश में गेहूं की खरीदी 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी।

    खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने शुक्रवार को बताया कि किसानों की सुविधा और हित को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा यह निर्णय लिया गया है। इससे अधिक से अधिक किसान अपना पंजीयन कराकर समर्थन मूल्य का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रदेश के किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    मंत्री राजपूत ने इस किसान हितैषी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की समृद्धि और कृषि विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री राजपूत ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नागलवाड़ी में आयोजित कृषि कैबिनेट बैठक के पश्चात यह निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार ऐसे निर्णय ले रहे हैं, जिससे प्रदेश के अन्नदाता को सीधा लाभ मिल सके।


    12 लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन

    मंत्री राजपूत ने बताया है कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये अब तक 12 लाख 4 हजार 708 किसानों ने पंजीयन करा लिया है। जिला श्योपुर में 9428, खंडवा में 23017, दमोह में 21390, नरसिंहपुर में 24968, शहडोल में 4710, खरगोन में 11945, कटनी में 25497, रतलाम में 30466, सागर में 46731, राजगढ़ में 65029, शिवपुरी में 7633, डिण्डोरी में 2281, धार में 34283, बुरहानपुर में 206, विदिशा में 62996, मऊगंज में 2727, दतिया में 7420, गुना में 11984, मण्डला में 13391, रीवा में 23380, आगर मालवा में 31318, पन्ना में 11994, जबलपुर में 25698, नीमच में 8122, सीहोर में 80036, बालाघाट में 1766, सिंगरौली में 2811, अलीराजपुर में 248, मैहर में 8625, पांढुर्णा में 305, सिवनी में 35081, बैतूल में 9725, झाबुआ में 5256, शाजापुर में 58982, मंदसौर में 40204, ग्वालियर में 5984, निवाड़ी में 1802, उज्जैन में 95821, इंदौर में 32837, देवास में 57021, रायसेन में 51085, बड़वानी में 1911, अनूपपुर में 192, सतना में 31670, मुरैना में 4428, हरदा में 29805, छतरपुर में 15643, सीधी में 4357, टीकमगढ़ में 7141, अशोकनगर में 7339, नर्मदापुरम में 53086, छिंदवाड़ा में 14945, उमरिया में 5854, भोपाल में 27663 और भिण्ड में 6471 किसानों ने पंजीयन कराया है।


    पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था

    पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर की गई है।


    पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था

    पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है।

  • भिंड: गुलाल लगाने पर मचा 'गदर'; अकोड़ा में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष, लाठी-डंडों से हमले में 4 घायल

    भिंड: गुलाल लगाने पर मचा 'गदर'; अकोड़ा में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष, लाठी-डंडों से हमले में 4 घायल


    भिंड।  मध्य प्रदेश के भिंड जिले के अकोड़ा गांव में शुक्रवार की सुबह रंगों के त्योहार का उल्लास उस वक्त चीख-पुकार में बदल गया, जब एक महिला को जबरन गुलाल लगाने की कोशिश ने हिंसक मोड़ ले लिया। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ यह विवाद लाठी-डंडों के तांडव तक जा पहुँचा, जिसमें दोनों पक्षों के कुल चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। फिलहाल, उमरी थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    विवाद की शुरुआत: ‘मना करने पर बदसलूकी’
    घटना शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे की है। पीड़ित महिला सीमा के अनुसार, दो युवक आए और उन्हें जबरन गुलाल लगाने की कोशिश करने लगे। जब सीमा ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ अभद्रता की और उन्हें जमीन पर पटक दिया।

    बीच-बचाव और हमला: सीमा की चीख सुनकर जब उनके पति और जीजा धर्मा मौके पर पहुँचे, तो आरोपी पक्ष के प्रदीप और हरविलास ने लाठी-डंडों से उन पर हमला बोल दिया। इस हमले में सीमा, उनके पति और जीजा को गंभीर चोटें आई हैं।

    दूसरा पक्ष: ‘हम पर हुआ हमला’
    वहीं, दूसरी ओर से अंजली प्रजापति ने अलग कहानी बयां की है। उनका आरोप है कि उनके भाई प्रदीप और दादा हरविलास के साथ कुछ लोग मारपीट कर रहे थे। जब वे लोग बीच-बचाव करने पहुँचे, तो विपक्षी पक्ष ने लाठी-डंडों से उन पर भी हमला कर दिया। इस संघर्ष में प्रदीप और बुजुर्ग हरविलास सहित उनके छोटे भाई को भी चोटें आई हैं।

    पुलिस की कार्रवाई और इलाज
    घटना की सूचना मिलते ही अकोड़ा चौकी पुलिस सक्रिय हुई और घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए जिला अस्पताल भिजवाया।घायलों में से तीन की हालत नाजुक देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। उमरी थाना पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों को दर्ज कर मामले की तहकीकात कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद की असली वजह क्या गुलाल ही था या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश छिपी हुई थी।

  • मुरैना में 'खाकी' का खूनी रूप: मामूली विवाद में SAF जवान ने सगे चाचा को मारी गोली, हालत नाजुक

    मुरैना में 'खाकी' का खूनी रूप: मामूली विवाद में SAF जवान ने सगे चाचा को मारी गोली, हालत नाजुक


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में रिश्तों के कत्ल की एक सनसनीखेज कोशिश सामने आई है। सुमावली थाना क्षेत्र के पावली गांव में शुक्रवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मुरैना की पांचवीं बटालियन में पदस्थ एसएएफ (SAF) जवान रवि गुर्जर ने अपने ही सगे चाचा राजू गुर्जर पर कट्टे से फायर कर दिया। यह घटना न केवल पारिवारिक कलह, बल्कि वर्दी की आड़ में पनप रहे हिंसक आक्रोश का भी नतीजा है।

    विवाद की जड़: बंटवारा और पुरानी रंजिश
    पुलिस और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, पावली गांव के दो सगे भाइयों—गंभीर गुर्जर और राजू गुर्जर के बीच कुछ समय पहले ही संपत्ति का बंटवारा हुआ था। बंटवारे के बाद दोनों के परिवार अलग-अलग घरों में रह रहे थे, लेकिन गंभीर गुर्जर के बेटे (जवान रवि गुर्जर) और उसके चाचा राजू के बीच अक्सर अनबन रहती थी।

    शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे किसी मामूली बात को लेकर चाचा-भतीजे के बीच बहस शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि गाली-गलौज होने लगी।

    अंधाधुंध फायरिंग: इसी बीच रवि गुर्जर ने आपा खो दिया और कट्टा निकालकर चाचा राजू की जांघ पर गोली मार दी। गोली लगते ही राजू लहूलुहान होकर गिर पड़े।

    अस्पताल में जंग और फरार ‘रक्षक’
    गोलीकांड के बाद आरोपी जवान मौके से फरार हो गया। परिजनों ने आनन-फानन में घायल राजू गुर्जर को जिला अस्पताल पहुँचाया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया है। फिलहाल राजू की स्थिति नाजुक बनी हुई है।

    पुलिस की कार्रवाई: बटालियन को लिखा जाएगा पत्र
    सुमावली थाना प्रभारी के अनुसार, पुलिस की एक टीम घायल के बयान दर्ज करने के लिए ग्वालियर रवाना हो गई है।
    FIR की तैयारी: घायल के बयानों के आधार पर हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा।
    विभागीय कार्रवाई: चूंकि आरोपी रवि गुर्जर SAF की पांचवीं बटालियन में पदस्थ है, इसलिए पुलिस विभाग की ओर से बटालियन को औपचारिक पत्र लिखकर उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश भी की जाएगी। आरोपी जवान की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

    वर्दी अनुशासन सिखाती है, लेकिन जब वही हाथ अपने ही अपनों के खून से सन जाएं, तो सवाल गहरे हो जाते हैं। मुरैना की यह घटना दिखाती है कि जमीनी विवाद और आपसी मनमुटाव किसी भी हद तक जा सकते हैं।

  • उज्जैन में महाकाल मंदिर के बाहर पिता ने बेटी पर किया चाकू हमला: 5 लाख में बेचने की धमकी का आरोप

    उज्जैन में महाकाल मंदिर के बाहर पिता ने बेटी पर किया चाकू हमला: 5 लाख में बेचने की धमकी का आरोप


    उज्जैन। उज्जैन में शुक्रवार सुबह महाकाल मंदिर के बाहर एक हैरान कर देने वाली घटना हुई, जिसमें युवती वर्षा पारदी (18) पर उसके ही पिता ने चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल वर्षा को मौके पर मौजूद लोगों की मदद से Charak Hospital, Ujjain में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना के बाद आरोपी पिता फरार हो गया।

    जानकारी के अनुसार, वर्षा महेश्वर जेल रोड क्षेत्र की रहने वाली है और वर्तमान में अपनी मां माना बाई के साथ कार्तिक मेला ग्राउंड इलाके में रहती है। शुक्रवार सुबह वह रोज की तरह महाकाल मंदिर के सामने माला बेच रही थी। तभी उसके पिता और मां के परिवार के बीच कथित तौर पर किसी बात पर कहासुनी हुई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद बढ़ने पर दोनों पक्ष सड़क पर आमने-सामने आ गए। इसी दौरान आरोपी पिता वर्षा के पास पहुंचा और गुस्से में उसकी पीठ और जांघ पर चाकू से हमला कर दिया। हमले के बाद वह मौके से भाग गया।

    युवती की मां माना बाई ने बताया कि आरोपी पिता करीब 16 साल पहले परिवार छोड़कर चला गया था और दूसरी शादी कर ली थी। वर्षा का पालन-पोषण उन्होंने ही किया। माना बाई ने आरोप लगाया कि पिता अचानक आया और बेटी की शादी को लेकर रुपए के लालच में धमकी देने लगा। उन्होंने बताया कि आरोपी पिता ने कहा कि वह वर्षा की शादी नहीं करेंगे, बल्कि उसे 5 लाख रुपए में बेच देंगे।

    घायल वर्षा ने भी पिता पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि उनके पिता एक रिश्तेदार के साथ आए थे और उन्होंने खुलेआम कहा कि उन्हें 5 लाख रुपए में बेचना है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ और पिता ने गुस्से में आकर चाकू से हमला कर दिया।

    महाकाल थाना प्रभारी Gagan Badal, Ujjain Police ने बताया कि पुलिस की टीम अस्पताल पहुंची और युवती के बयान लिए जाएंगे। मामले की जांच जारी है और आरोपी पिता की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

    इस घटना ने शहर में सनसनी फैला दी है और लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों में शीघ्र कार्रवाई की जाएगी ताकि आरोपी को कानून के सामने लाया जा सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिले।

  • आईटीआई नर्मदापुरम में छात्र संघर्ष की जीत: प्रभारी प्राचार्य टेकाम हटाए गए, जानिक मरकाम को प्रभार

    आईटीआई नर्मदापुरम में छात्र संघर्ष की जीत: प्रभारी प्राचार्य टेकाम हटाए गए, जानिक मरकाम को प्रभार


    नर्मदापुरम। नर्मदापुरम के आईटीआई में शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई हुई, जिसमें प्रभारी प्राचार्य संजय कुमार टेकाम को पद से हटा दिया गया। उनके स्थान पर व्यवसाय ट्रैक्टर मैकेनिक प्रशिक्षण अधिकारी जानिक मरकाम को प्रभार सौंपा गया। इस कदम को छात्रों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है।
    घटना का सिलसिला 12 फरवरी से शुरू हुआ था, जब ABVP नर्मदापुरम इकाई ने आईटीआई में व्याप्त अव्यवस्थाओं के खिलाफ प्रदर्शन किया था। छात्रों ने अनोखे अंदाज में प्राचार्य की कुर्सी पर ‘लापता’ का पोस्टर लगाकर विरोध जताया और प्रभारी प्राचार्य को हटाने की मांग की। इसके साथ ही परिषद ने संयुक्त संचालक, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण मध्यप्रदेश को ज्ञापन सौंपकर संस्थान की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
    छात्र नेताओं ने बताया कि प्राचार्य संजय टेकाम के हटाए जाने के बाद अब संस्थान में साफ-सफाई, पीने के पानी, CCTV कैमरों की व्यवस्था और कक्षाओं के नियमित संचालन पर ध्यान दिया जाएगा। ABVP जिला संयोजक मृदुल साहू ने इसे छात्र हित की बड़ी जीत बताया।

    विद्यार्थियों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि अब जल्द ही सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया जाए ताकि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। इस फैसले ने आईटीआई के माहौल में नई उम्मीद और छात्रों में उत्साह पैदा कर दिया है।

  • उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण पर बवाल: पाटीदार ब्रिज पर चक्का जाम, 24 मीटर रोड के खिलाफ रहवासी सड़कों पर

    उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण पर बवाल: पाटीदार ब्रिज पर चक्का जाम, 24 मीटर रोड के खिलाफ रहवासी सड़कों पर


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के Ujjain में एमआर-4 रोड चौड़ीकरण को लेकर रहवासियों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे सैकड़ों स्थानीय लोगों ने Patidar Bridge, Ujjain पर चक्का जाम कर दिया, जिससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे सड़क चौड़ीकरण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इसे 24 मीटर के बजाय 18 मीटर तक ही सीमित रखा जाए।
    दरअसल प्रशासन आगामी Simhastha Kumbh Mela 2028 को देखते हुए शहर की प्रमुख सड़कों को चौड़ा करने की योजना पर काम कर रहा है। इसी योजना के तहत एमआर-4 मार्ग को Rankeshwar Dham से Gadi Adda, Ujjain तक 24 मीटर चौड़ा करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रशासन का कहना है कि सिंहस्थ के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए यह चौड़ीकरण जरूरी है।

    हालांकि इस योजना से स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ गया है।

    प्रशासनिक अनुमान के अनुसार इस सड़क के चौड़ीकरण से करीब 190 मकान और दुकानों पर असर पड़ सकता है। यही वजह है कि प्रभावित क्षेत्रों के रहवासी लगातार इसका विरोध कर रहे हैं। दारू गोदाम, अमर नगर और प्रीति नगर इलाके के सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और पाटीदार ब्रिज पर प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

    स्थानीय रहवासी योगेश साहू का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन 24 मीटर चौड़ी सड़क बनने से कई घर आंशिक रूप से टूट जाएंगे और उनमें रहना मुश्किल हो जाएगा। उनका कहना है कि अगर सड़क को 18 मीटर तक चौड़ा किया जाए तो विकास भी होगा और लोगों के मकान भी सुरक्षित रह सकेंगे।

    इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन विरोध प्रदर्शन हुआ है। इससे पहले गुरुवार को करीब 400 से ज्यादा लोग अपने क्षेत्रीय विधायक Anil Jain Kalukheda के आगर रोड स्थित कार्यालय पहुंच गए थे और सड़क चौड़ीकरण योजना पर नाराजगी जताई थी। उस समय स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब विधायक वहां से जाने लगे और आक्रोशित लोगों ने उनकी गाड़ी रोक ली। इसके बाद लोगों ने उन्हें भाजपा कार्यालय तक ले जाकर अपनी बात रखी।

    बताया जा रहा है कि इस दौरान कई महिलाएं रोते हुए कार्यालय के अंदर पहुंच गईं और जोरदार नारेबाजी की।

    करीब एक घंटे तक वहां हंगामे जैसी स्थिति बनी रही।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर प्रशासन से लेकर राज्य सरकार तक कई बार आवेदन दिए हैं। उनका दावा है कि कलेक्टर से लेकर मुख्यमंत्री तक को ज्ञापन सौंपा जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला है। इसी कारण मजबूर होकर उन्हें सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ रहा है।

    अब देखना होगा कि प्रशासन और रहवासियों के बीच इस विवाद का समाधान कैसे निकलता है, क्योंकि एक ओर सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के लिए सड़क चौड़ीकरण जरूरी बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सैकड़ों परिवार अपने घर और कारोबार बचाने की मांग कर रहे हैं।

  • एमपी हाईकोर्ट के जस्टिस धर्माधिकारी बने मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस, 24 साल की प्रैक्टिस के बाद मिला बड़ा पद

    एमपी हाईकोर्ट के जस्टिस धर्माधिकारी बने मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस, 24 साल की प्रैक्टिस के बाद मिला बड़ा पद


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश न्यायिक जगत के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। Sushrut Arvind Dharmadhikari को Madras High Court का नया चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद केंद्र के Ministry of Law and Justice (India) ने गुरुवार को उनकी नियुक्ति का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया। इस नियुक्ति के साथ ही वे Madhya Pradesh High Court से अन्य राज्यों में चीफ जस्टिस बनने वाले 17वें न्यायाधीश बन गए हैं।

    8 जुलाई 1966 को Raipur में जन्मे जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी ने वर्ष 1992 में अपने विधिक करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने करीब 24 वर्षों तक मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में वकालत की और इस दौरान सिविल, क्रिमिनल और संवैधानिक मामलों में सक्रिय रूप से पैरवी की। उनके लंबे अनुभव और कानूनी समझ के कारण उन्हें न्यायिक क्षेत्र में विशेष पहचान मिली।

    वकालत के दौरान उन्होंने 2000 से 2015 तक केंद्र सरकार के लिए स्टैंडिंग काउंसिल के रूप में भी काम किया।

    इस दौरान उन्होंने Income Tax Department, Reserve Bank of India और Central Excise Department सहित कई सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों का प्रतिनिधित्व किया।

    बाद में उन्हें 7 अप्रैल 2016 को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। इसके बाद 17 मार्च 2018 को उन्हें स्थायी न्यायाधीश के रूप में पुष्टि मिली। न्यायिक कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की और न्यायिक व्यवस्था में अहम योगदान दिया।

    चीफ जस्टिस बनने से पहले उनका तबादला 23 अप्रैल 2025 को Kerala High Court में किया गया था।

    यह स्थानांतरण संविधान के अनुच्छेद 222 के तहत किया गया था, जिसकी मंजूरी भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद राष्ट्रपति ने दी थी। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 20 मार्च, 24 मार्च और 3 अप्रैल 2025 को हुई बैठकों में उनके स्थानांतरण की सिफारिश की थी।

    केरल हाईकोर्ट में कार्यरत रहते हुए जस्टिस धर्माधिकारी हाल ही में चर्चित फिल्म The Kerala Story 2: Goes Beyond से जुड़े मामले की सुनवाई में भी शामिल रहे। इस मामले में एकल न्यायाधीश द्वारा फिल्म की रिलीज पर 15 दिनों की अस्थायी रोक लगाए जाने के आदेश के खिलाफ अपील दायर की गई थी।

    जस्टिस धर्माधिकारी और P. V. Balakrishnan की खंडपीठ ने इस अपील पर लगभग दो घंटे तक सुनवाई करने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

    बताया जा रहा है कि जस्टिस धर्माधिकारी की नियुक्ति Manindra Mohan Shrivastava के सेवानिवृत्त होने के दिन 5 मार्च को प्रभावी हुई है। उनकी नियुक्ति को न्यायिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है और इससे मध्यप्रदेश न्यायिक व्यवस्था की प्रतिष्ठा भी बढ़ी है।