Category: Madhya Pradesh

  • इंदौर दूषित पानी कांड पर कांग्रेस में उठी संवेदनशीलता की आवाज: 35 मौतों के बाद होली मिलन टालने की मांग, राहुल गांधी को लिखा पत्र

    इंदौर दूषित पानी कांड पर कांग्रेस में उठी संवेदनशीलता की आवाज: 35 मौतों के बाद होली मिलन टालने की मांग, राहुल गांधी को लिखा पत्र


    इंदौर । इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई 35 से अधिक लोगों की मौतों के बाद अब इस मामले की गूंज कांग्रेस संगठन के भीतर भी सुनाई देने लगी है। इस दुखद घटना के बाद जहां एक ओर प्रदेश की राजनीति गरमाई हुई है वहीं कांग्रेस के अंदर से भी संवेदनशीलता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मध्यप्रदेश कांग्रेस के पूर्व महासचिव राकेश सिंह यादव ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर भोपाल में प्रस्तावित होली मिलन समारोह को स्थगित कराने की मांग की है।

    राकेश सिंह यादव ने अपने पत्र में लिखा है कि इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के कारण हुई मौतों ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस त्रासदी में कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है और कई घरों में आज भी मातम पसरा हुआ है। ऐसे समय में जब पूरा शहर दुख और शोक के माहौल से गुजर रहा है तब किसी भी प्रकार का उत्सव मनाना जनता की भावनाओं के विपरीत संदेश दे सकता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को ऐसे संवेदनशील समय में जनता की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।

    पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का गृहनगर इंदौर है और वहीं इस दुखद घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। ऐसे समय में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं का दायित्व बनता है कि वे पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होकर उनका दुख साझा करें। राकेश सिंह यादव ने लिखा कि कांग्रेस की विचारधारा हमेशा से गांधीवादी मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित रही है इसलिए इस समय उत्सव मनाने के बजाय पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करना अधिक जरूरी है।

    उन्होंने अपने पत्र में यह भी कहा कि भोपाल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निवास पर प्रस्तावित होली मिलन समारोह को लेकर जनमानस में भी सवाल उठने लगे हैं। खासतौर पर तब जब इसी घटना के विरोध में इंदौर में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था। कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस घटना के बाद होली जैसे उत्सव से दूरी बनाने का फैसला भी किया है ताकि पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना जाहिर की जा सके।

    राकेश सिंह यादव ने राहुल गांधी से आग्रह किया है कि पार्टी की मानवीय परंपरा और संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए फिलहाल होली मिलन समारोह को स्थगित करने की सलाह दी जाए। उनका कहना है कि ऐसा करने से पीड़ित परिवारों को यह संदेश जाएगा कि कांग्रेस उनके दुख में बराबर की भागीदार है और उनके साथ खड़ी है।

    इंदौर के इस जलकांड को लेकर पहले से ही प्रदेश सरकार विपक्ष के निशाने पर है। अब कांग्रेस के भीतर से उठी यह मांग राजनीतिक रूप से भी अहम मानी जा रही है क्योंकि यह सीधे तौर पर संगठन की कार्यशैली और संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर रही है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी नेतृत्व इस मांग पर क्या फैसला लेता है।

  • कटनी शहडोल रेलखंड पर टला बड़ा हादसा: बाबा घाट के पास मालगाड़ी के 5 डिब्बे पटरी से उतरे, रेल यातायात प्रभावित

    कटनी शहडोल रेलखंड पर टला बड़ा हादसा: बाबा घाट के पास मालगाड़ी के 5 डिब्बे पटरी से उतरे, रेल यातायात प्रभावित

    कटनी । मध्य प्रदेश के कटनी जिले में कटनी शहडोल रेलखंड पर शनिवार को एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया जब बाबा घाट के पास गुजर रही एक मालगाड़ी के पांच डिब्बे अचानक पटरी से उतर गए। घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया और इस महत्वपूर्ण रेल मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई और न ही कोई व्यक्ति घायल हुआ है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार मालगाड़ी कटनी से शहडोल की ओर जा रही थी। इसी दौरान बाबा घाट के नजदीक अचानक मालगाड़ी के पांच डिब्बे पटरी से नीचे उतरकर ढलान की ओर जा गिरे। डिब्बों के पटरी से उतरने के बाद कुछ समय के लिए रेल यातायात पूरी तरह रोकना पड़ा क्योंकि यह रेलखंड माल और यात्री ट्रेनों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। घटना के समय आसपास से कोई यात्री ट्रेन नहीं गुजर रही थी जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

    घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। रेलवे कर्मचारियों ने स्थिति का जायजा लेकर राहत और बहाली कार्य शुरू कर दिया। घटनास्थल पर क्रेन और भारी मशीनों की मदद से पटरी से उतरे डिब्बों को हटाने और ट्रैक को दुरुस्त करने का काम तेजी से किया जा रहा है। रेलवे की इंजीनियरिंग और मैकेनिकल टीम लगातार मौके पर मौजूद है और ट्रैक को जल्द से जल्द चालू करने का प्रयास किया जा रहा है।

    रेलवे के एरिया मैनेजर कटनी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे ट्रैक की तकनीकी समस्या या मालगाड़ी के किसी यांत्रिक हिस्से में खराबी की आशंका जताई जा रही है। हालांकि हादसे के सही कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि दुर्घटना किस वजह से हुई।

    इस घटना के कारण कटनी शहडोल रेलखंड से गुजरने वाली कई मालगाड़ियां और यात्री ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। रेलवे ने स्थिति को देखते हुए कुछ ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाने और कुछ ट्रेनों को अस्थायी रूप से रोके जाने का फैसला किया है। इसके चलते यात्रियों को थोड़ी असुविधा और देरी का सामना करना पड़ सकता है।

    रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी के लिए रेलवे स्टेशन से संपर्क करें या आधिकारिक मोबाइल ऐप और वेबसाइट के माध्यम से अपडेट प्राप्त करते रहें। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही राहत कार्य पूरा होगा और ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित घोषित किया जाएगा रेल यातायात को सामान्य कर दिया जाएगा।

  • भोपाल में मासूमियत शर्मसार: 8 साल की बच्ची को टॉफी का लालच देकर पड़ोसी ने किया रेप, भीड़ ने रंगे हाथ दबोचा

    भोपाल में मासूमियत शर्मसार: 8 साल की बच्ची को टॉफी का लालच देकर पड़ोसी ने किया रेप, भीड़ ने रंगे हाथ दबोचा



    भोपाल।  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ईंटखेड़ी इलाके में इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहाँ एक 41 वर्षीय अधेड़ ने पड़ोसी होने का भरोसा तोड़ते हुए 8 साल की मासूम छात्रा को अपनी हवस का शिकार बनाया। 
    वारदात: टॉफी का लालच और हैवानियत
    घटना शुक्रवार दोपहर की है, जब दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली मासूम अपने घर के बाहर खेल रही थी। तभी पड़ोस में रहने वाले धर्मेंद्र (41) की नीयत बिगड़ गई। उसने मासूम को टॉफी दिलाने का झांसा दिया और फुसलाकर अपने घर के भीतर ले गया। घर का दरवाजा बंद कर आरोपी ने बच्ची के साथ दरिंदगी शुरू कर दी।

    चीख ने खोली पोल: ग्रामीणों ने किया घेराव
    दरिंदगी के दौरान जब मासूम की चीखें घर से बाहर सुनाई दीं, तो आसपास के लोग अनहोनी की आशंका में तुरंत मौके पर पहुँचे। लोगों ने जब घर के भीतर का नजारा देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

    रंगे हाथ गिरफ्तारी: गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी धर्मेंद्र को रंगे हाथ दबोच लिया।

    जनता का इंसाफ: पुलिस के पहुँचने से पहले आक्रोशित भीड़ ने आरोपी की जमकर धुनाई कर दी। सूचना मिलते ही ईंटखेड़ी पुलिस मौके पर पहुँची और लहूलुहान हालत में आरोपी को हिरासत में लिया।

    पुलिस की कार्रवाई: मेडिकल में हुई पुष्टि
    पुलिस ने तत्काल मासूम को मेडिकल जांच के लिए भेजा, जहाँ डॉक्टरों ने रेप की पुष्टि की है।

    सख्त धाराएं: पुलिस ने आरोपी के खिलाफ IPC (BNS) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत संगीन मामला दर्ज किया है।

    कोर्ट में पेशी: शुक्रवार दोपहर को ही आरोपी धर्मेंद्र को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है।

    अपडेट: नाबालिग छात्रा केस में आरोपी माज खान का चौंकाने वाला खुलासा
    इधर, भोपाल के एक अन्य हाई-प्रोफाइल रेप केस (11वीं की छात्रा) में गिरफ्तार आरोपी माज खान ने पुलिस की पूछताछ में सनसनीखेज खुलासे किए हैं। माज ने कबूल किया है कि मुख्य आरोपी ओसाफ अली खान ने ‘थार’ गाड़ी के अंदर नाबालिग से रेप किया था।

    माज ने बताया कि यह सब एक सोची-समझी प्लानिंग का हिस्सा था। जब ओसाफ कार के अंदर था, तब माज बाहर खड़ा होकर कार के शीशे से अंदर झांक रहा था और उसने अपने मोबाइल से पूरी घटना का वीडियो शूट किया। पुलिस अब इस मामले में डिजिटल साक्ष्यों को और मजबूती से जुटा रही है।

  • उज्जैन रंगपंचमी गेर पर हाई-टेक सुरक्षा व्यवस्था, ड्रोन निगरानी से रखी जाएगी पैनी नजर

    उज्जैन रंगपंचमी गेर पर हाई-टेक सुरक्षा व्यवस्था, ड्रोन निगरानी से रखी जाएगी पैनी नजर


    उज्जैन। उज्जैन में रंगपंचमी गेर को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए पुलिस ने हाई-टेक सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। शहर भर के गेर मार्ग पर त्रि-स्तरीय सुरक्षा लागू की गई है, जिसमें ड्रोन कैमरों से हवाई निगरानी की जा रही है। लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन हर गतिविधि पर नजर रख रहा है और किसी भी असामाजिक गतिविधि को तुरंत रोकने के लिए तैयार है।

    पुलिस ने गेर मार्ग के ऊंचे स्थानों, संकरी गलियों और संवेदनशील चौराहों पर विशेष निगरानी रखी है। ड्रोन से मिलने वाली लाइव फीड कंट्रोल रूम तक भेजी जा रही है, जिससे अधिकारी भीड़ के घनत्व, यातायात और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रख सकते हैं। आवश्यकता पड़ने पर भीड़ को मोड़ने और मार्ग को व्यवस्थित करने के निर्देश तुरंत दिए जा रहे हैं।

    गेर शुरू होने से पहले पुलिस ने संवेदनशील स्थानों और छतों की भी जांच की। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कहीं भी पत्थर, कांच या अन्य आपत्तिजनक वस्तुएं जमा न हों। इसके साथ ही गेर में हड़बड़ी और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए हाई-डेफिनिशन कैमरों का भी उपयोग किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की शहर में मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और भी कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि रंगपंचमी गेर श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, आनंददायक और व्यवस्थित बने।

    पुलिस ने बताया कि ड्रोन निगरानी और लाइव फीड के माध्यम से किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। गेर मार्ग पर तैनात पुलिसकर्मी और विशेष सुरक्षा दल भीड़ प्रबंधन में सक्रिय रहेंगे। इसके साथ ही श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे निर्धारित मार्ग और सुरक्षा नियमों का पालन करें।

    पुलिस अधिकारियों ने कहा कि गेर में किसी भी प्रकार की हिंसा या असामाजिक गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी। ड्रोन और हाई-टेक कैमरों की मदद से प्रशासन पूरे गेर मार्ग का हर गतिविधि रिकॉर्ड कर रहा है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को तुरंत रोका जा सके।

    इस हाई-टेक निगरानी से रंगपंचमी गेर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मार्ग व्यवस्थित रहेगी। प्रशासन की यह पहल गेर को सुरक्षित बनाने और भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।

  • भोपाल: 'इश्क, धोखा और ब्लैकमेलिंग', प्रेमिका की धमकी से टूटे इकलौते बेटे ने माँ की साड़ी से लगाया फंदा

    भोपाल: 'इश्क, धोखा और ब्लैकमेलिंग', प्रेमिका की धमकी से टूटे इकलौते बेटे ने माँ की साड़ी से लगाया फंदा


    भोपाल । राजधानी के सेठी नगर में एक 24 वर्षीय युवक की आत्महत्या ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। फेब्रिकेशन का काम करने वाले दीपक गुर्जर ने अपनी प्रेमिका के कथित विश्वासघात और ‘रेप केस’ में फंसाने की धमकी से तंग आकर मौत को गले लगा लिया। शनिवार सुबह जब माँ की नींद खुली, तो घर के जीने (सीढ़ियों) की रेलिंग पर बेटे का शव लटका देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। दीपक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था, जिसकी मौत ने हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है।

    घटना की जड़ें 7 साल पुराने एक प्रेम संबंध से जुड़ी हैं। पुलिस को दीपक की जेब से मिले एक भावुक और सनसनीखेज सुसाइड नोट ने इस मौत के पीछे के खौफनाक सच को बेनकाब कर दिया है।घटना की जड़ें 7 साल पुराने एक प्रेम संबंध से जुड़ी हैं। पुलिस को दीपक की जेब से मिले एक भावुक और सनसनीखेज सुसाइड नोट ने इस मौत के पीछे के खौफनाक सच को बेनकाब कर दिया है। दीपक ने अपने आखिरी खत में सीधे तौर पर अपनी मुस्लिम प्रेमिका और उसके एक दोस्त को जिम्मेदार ठहराया है। नोट के अनुसार, दोनों के बीच लंबे समय से शादी का वादा था, लेकिन हाल ही में युवती ने दीपक के ‘हिंदू’ होने का हवाला देकर निकाह से साफ इनकार कर दिया।

    दीपक का दर्द सिर्फ शादी टूटने तक सीमित नहीं था; सुसाइड नोट में ब्लैकमेलिंग की एक डरावनी दास्तां दर्ज है। दीपक ने लिखा कि युवती अब किसी और के साथ संबंध में थी और जब वह विरोध करता, तो उसे झूठे ‘रेप केस’ में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी दी जाती थी। दो दिन पहले युवती ने कथित तौर पर दीपक का मोबाइल भी तोड़ दिया था और बेहद ठंडे लहजे में कहा था— “तुम मर भी जाओ तो मेरा कुछ नहीं होगा, मेरी पहुँच बहुत ऊपर है।” इसी मानसिक प्रताड़ना और कानूनी फंदे के डर ने दीपक को इतना लाचार कर दिया कि उसे सुसाइड ही एकमात्र रास्ता नजर आया।

    अशोका गार्डन पुलिस ने मौके पर पहुँचकर सुसाइड नोट और दीपक का पर्स जब्त कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी और युवक के मोबाइल कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाले जा रहे हैं। परिजनों के विस्तृत बयानों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद, पुलिस इस मामले में ‘आत्महत्या के लिए उकसाने’ (IPC 306/BNS) के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

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  • भोपाल में सीएम हाउस में हुई विधायक कालूहेड़ा की कड़ी फटकार: बोले-अब सिंहस्थ के कार्यों में रहूंगा पूर्ण सहयोगी

    भोपाल में सीएम हाउस में हुई विधायक कालूहेड़ा की कड़ी फटकार: बोले-अब सिंहस्थ के कार्यों में रहूंगा पूर्ण सहयोगी


    भोपाल । उज्जैन उत्तर के बीजेपी विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा को सड़कों के चौड़ीकरण को लेकर दिए गए विवादित बयान पर शुक्रवार देर रात भोपाल बुलाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह ने विधायक को फटकार लगाई। बैठक में विधायक ने अपने बयान पर खेद जताया और आश्वासन दिया कि अब वे सिंहस्थ के सभी विकास और सड़क निर्माण कार्यों में सहयोगी बनकर रहेंगे।

    यह विवाद उज्जैन के पिपलीनाका क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण को लेकर शुरू हुआ था। विधायक ने कहा था कि अगर रोड 24 मीटर से अधिक चौड़ी हुई तो वह सड़क पर उतरकर जन आंदोलन करेंगे। नगर निगम ने भैरवगढ़ रोड के किनारे करीब 410 घरों को खाली करने का नोटिस जारी किया, जिसमें कई घरों का हिस्सा केवल 10-20 फीट बचा। इससे स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए और विधायक कार्यालय घेर लिया।

    कालूहेड़ा ने बैठक के बाद स्पष्ट किया कि वे जनता की भावना का सम्मान करते हैं, लेकिन प्रशासन और अधिकारियों के सहयोग से ही सभी निर्णयों को लागू करेंगे। उन्होंने जनता से अपील की कि सिंहस्थ आयोजन में किसी भी विवाद से बचें और प्रशासनिक आदेशों का पालन करें।

  • उज्जैन में रंगपंचमी पर महाकाल को चढ़ेगा केवल एक लोटा केसर जल, सुरक्षा व्यवस्था सख्त, मंदिर में प्रवेश से पहले होगी जांच

    उज्जैन में रंगपंचमी पर महाकाल को चढ़ेगा केवल एक लोटा केसर जल, सुरक्षा व्यवस्था सख्त, मंदिर में प्रवेश से पहले होगी जांच


    उज्जैन। रंगपंचमी के मौके पर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में इस बार भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल को केवल एक लोटा केसर युक्त जल अर्पित किया जाएगा। दो साल पहले धुलेंडी के दिन गर्भगृह में लगी आग की घटना को ध्यान में रखते हुए मंदिर समिति ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह नया नियम लागू किया है।

    मंदिर प्रशासन ने बताया कि रंगपंचमी की शुरुआत सुबह 4 बजे होने वाली भस्म आरती से होगी, जिसमें महाकालेश्वर को सिर्फ एक लोटा केसर जल अर्पित किया जाएगा। संध्या आरती के दौरान भी एक लोटा केसर जल और 500 ग्राम गुलाल अर्पित किया जाएगा। यह रंग और जल मंदिर की कोठार शाखा से पुजारियों और शासकीय पुजारियों को उपलब्ध कराया जाएगा।

    महाकाल मंदिर समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए इस बार भी मंदिर परिसर में रंग लाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। भक्तों को विशेष चेकिंग के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। पंडे-पुजारी और अन्य मंदिर कर्मी भी जांच के बाद ही परिसर में प्रवेश कर सकेंगे।

    समिति ने भक्तों से अनुरोध किया है कि वे मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार का रंग या गुलाल न लाएं। प्रशासन ने यह व्यवस्था इसलिए की है ताकि भस्म आरती और रंगपंचमी का पर्व सुरक्षित और श्रद्धा के साथ संपन्न हो।

    मंदिर में इस बार श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश व्यवस्था भी कड़ी की गई है। सुरक्षा के मद्देनजर केवल विशेष चेकिंग के बाद ही भक्तों को दर्शन के लिए प्रवेश दिया जाएगा। इस कदम से मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और पूजा-अर्चना दोनों सुनिश्चित होंगी।

  • जबलपुर में अंधविश्वास का 'खूनी' खेल: जादू-टोना के शक में सगे भांजे ने कुल्हाड़ी से अलग किया मामा का सिर

    जबलपुर में अंधविश्वास का 'खूनी' खेल: जादू-टोना के शक में सगे भांजे ने कुल्हाड़ी से अलग किया मामा का सिर


    जबलपुर । रिश्तों की मर्यादा और मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रखकर जबलपुर के ग्राम बिसनपुरा में एक ऐसा हत्याकांड हुआ, जिसने मध्य प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है। 50 वर्षीय भूरालाल यादव की महज इसलिए हत्या कर दी गई क्योंकि उनके सगे भांजे को शक था कि मामा ‘जादू-टोना’ कर उसके परिवार को बर्बाद कर रहे हैं। बदमाशों ने कुल्हाड़ी से वार कर भूरालाल का सिर धड़ से अलग कर दिया और लाश को जंगल में फेंक दिया।

    लापता होने से ‘सरकटी लाश’ मिलने तक का सफर
    घटना की शुरुआत 4 मार्च 2026 को हुई, जब भूरालाल दोपहर का खाना खाकर घर से निकले थे। वे पेशे से खेती के साथ-साथ झाड़-फूंक का काम भी करते थे। जब वे शाम तक नहीं लौटे, तो परिजनों ने तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

    6 मार्च की शाम गांव के बाहर टहलने निकले ग्रामीणों की नजर एक क्षत-विक्षत शव पर पड़ी। मौके का मंजर भयावह था; मृतक का सिर धड़ से कई फीट दूर पड़ा था।सूचना मिलते ही कुंडम थाना प्रभारी सतीश अंधवान टीम के साथ पहुँचे और शव की शिनाख्त भूरालाल के रूप में की गई।

    वजह: ‘मामा का जादू और भांजे का प्रतिशोध’
    पुलिस जांच और मृतक के भाई नन्हेंलाल के बयानों ने हत्या की कड़ियों को जोड़ दिया भूरालाल का सगा भांजा पिट्टी उर्फ संत कुमार लंबे समय से अपने परिवार की बीमारियों और घरेलू कलह के लिए मामा के ‘जादू-टोना’ को जिम्मेदार मानता था।4 मार्च की शाम को संत कुमार और उसके साथी मधु शाह का भूरालाल से विवाद हुआ था।जब भूरालाल अपना सामान लेकर दूसरे गांव जा रहे थे, तभी रास्ते में घात लगाकर बैठे आरोपियों ने कुल्हाड़ी से उनके गले पर दो जोरदार वार किए। हमला इतना घातक था कि एक झटके में सिर अलग हो गया।

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई: बांध के पास से दबोचे गए हत्यारे
    जबलपुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी साक्ष्य जुटाए और शनिवार सुबह घेराबंदी कर दोनों मुख्य आरोपियों संत कुमार और मधु शाह को एक बांध (डेम) के पास से गिरफ्तार कर लिया।आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उन्हें यकीन था कि भूरालाल की झाड़-फूंक की वजह से ही उनका घर बर्बाद हो रहा है, इसलिए उन्होंने ‘खेल खत्म’ करने का फैसला किया।

  • सोशल मीडिया से ब्लैकमेलिंग का खेल: कंटेंट क्रिएटर बनकर अधिकारी-नेताओं से मांगता था लाखों की रंगदारी

    सोशल मीडिया से ब्लैकमेलिंग का खेल: कंटेंट क्रिएटर बनकर अधिकारी-नेताओं से मांगता था लाखों की रंगदारी


    मुरैना। मुरैना जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां खुद को कंटेंट क्रिएटर बताने वाले युवक पर सरकारी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को सोशल मीडिया के जरिए ब्लैकमेल कर लाखों रुपये की रंगदारी मांगने के गंभीर आरोप लगे हैं। परिवहन अधिकारी अर्चना परिहार और सबलगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष सोनाराम धाकड़ की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी सपन जादौन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं उसके कुछ साथी अभी फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।

    परिवहन अधिकारी अर्चना परिहार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि आरोपी सपन जादौन ने उनके फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उन्हें भ्रष्ट अधिकारी बताते हुए बदनाम करने की कोशिश की। इसके साथ ही भ्रष्टाचार का कथित खुलासा करने की धमकी देकर पैसों की मांग की जाने लगी। अर्चना परिहार के मुताबिक, पिछले तीन महीने उनके जीवन के सबसे तनावपूर्ण रहे। उन्होंने बताया कि वह गर्भावस्था के अंतिम चरण में हैं और इस दौरान लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक दबाव ने उन्हें काफी परेशान कर दिया।

    अर्चना परिहार का आरोप है कि आरोपी और उसके साथी उनकी गतिविधियों पर नजर रखते थे और उनकी लोकेशन तक की जानकारी देते थे। कई बार ऑफिस में आकर कर्मचारियों से पूछा जाता था कि मैडम कहां गई हैं और कब लौटेंगी। उन्होंने बताया कि एक बार उन्हें संदेश भेजकर कहा गया कि अगर चार लाख रुपये दे दिए जाएं और बाबू की तरफ से दो लाख रुपये मिल जाएं तो मामला खत्म कर दिया जाएगा। लगातार मिल रही धमकियों के बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया।

    इसी तरह सबलगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष सोनाराम धाकड़ ने भी आरोपी के खिलाफ रंगदारी मांगने का केस दर्ज कराया है। धाकड़ का कहना है कि सपन जादौन ने सोशल मीडिया पर उन्हें भ्रष्टाचार में लिप्त बताते हुए कई पोस्ट डालीं और उनकी छवि खराब करने की कोशिश की। इसके बाद उनके बेटे के मोबाइल नंबर पर एक लिंक और क्यूआर कोड भेजकर 10 लाख रुपये की मांग की गई। जांच के लिए बेटे ने 10 हजार रुपये ट्रांसफर भी किए, लेकिन इसके बाद भी दबाव बनाया जाता रहा।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी और उसके साथियों का तरीका लगभग एक जैसा था। वे पहले किसी अधिकारी या नेता को टारगेट बनाते, फिर उसके फोटो और अधूरी जानकारी के आधार पर सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर दबाव बनाते थे। इसके बाद संपर्क कर पैसों की मांग की जाती थी और पैसे नहीं देने पर भ्रष्टाचार का खुलासा करने की धमकी दी जाती थी।

    पुलिस के अनुसार, आरोपी सपन जादौन मुरैना के कोलिया गांव का रहने वाला है और जयपुर में मार्बल का काम करता था। सोशल मीडिया के जरिए उसकी पहचान कुछ अन्य लोगों से हुई और उन्होंने मिलकर एक ग्रुप बना लिया। इस ग्रुप का मकसद कथित तौर पर सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर लोगों को ब्लैकमेल कर पैसा कमाना था।

    मुरैना पुलिस ने आरोपी को जयपुर से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब उसके सोशल मीडिया अकाउंट, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही फरार आरोपियों की तलाश भी जारी है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • CM ने 'क्वींस ऑन द व्हील्स' को दिखाई हरी झंडी: 25 महिला सुपर बाइकर्स सात दिन में 1,400km का रोमांचक सफर करेंगी

    CM ने 'क्वींस ऑन द व्हील्स' को दिखाई हरी झंडी: 25 महिला सुपर बाइकर्स सात दिन में 1,400km का रोमांचक सफर करेंगी


    भोपाल। शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास से ‘क्वींस ऑन द व्हील्स’ के तीसरे संस्करण को हरी झंडी दिखाकर फ्लैग ऑफ किया। इस कार्यक्रम के तहत देशभर से आए 25 महिला सुपर बाइकर्स मध्य प्रदेश के समृद्ध और ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों की सात दिवसीय यात्रा पर रवाना हुईं।

    यह यात्रा केवल बाइकिंग का रोमांच नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, स्वतंत्रता और प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है। महिलाओं की इस अनूठी ट्रेल में भोपाल से खजुराहो तक लगभग 1,400 किलोमीटर का सफर शामिल है, जिसमें सांची, उदयगिरि, चंदेरी, शिवपुरी, कूनो, ग्वालियर, दतिया, ओरछा और खजुराहो जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल शामिल हैं।

    मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के एमडी डॉ. इलैया राजा टी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य प्रदेश को एक सुरक्षित, रोमांचक और विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। इसके साथ ही यह अभियान कम-ज्ञात पर्यटन स्थलों और ग्रामीण टूरिज्म सर्किट्स को प्रमुखता देगा और रिस्पॉन्सिबल ट्रैवल को बढ़ावा देगा।

    यात्रा का समापन 13 मार्च को भोपाल में होगा, जहां महिला राइडर्स अपनी साहसिक यात्रा का फाइनल उत्सव मनाएंगी।

    सफर में शामिल महिला बाइकर्स:
    महाराष्ट्र की कविता जाधव, डॉ. प्रियंका, हेतल उपाध्याय, रुकमणी, माधुरी नायक, मधु हेलचेल, कल्याणी पोटकर, डॉ. नीता, तनुप्रिया, रिद्धी, रुचिका मेघे, मैथीली सिंह, एकता खाटे, पल्लवी देशमुख, उत्तरप्रदेश से डॉ. सुमित, मध्यप्रदेश की राज नंदनी, दिव्या रमन, मयूरी सोनी, दीक्षा राकेसिया, उन्नति चौरसिया, सेजल कुशवाहा, महक बाथम, शबनम बानो, सारा खान, कर्नाटक की सोना प्रियदर्शनी, पश्चिम बंगाल की शांति घोस।

    इस तरह के आयोजन से न सिर्फ महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर देश-दुनिया में पहचान पाएगी।