Category: Madhya Pradesh

  • इटारसी आयुध निर्माणी को फिर मिली बम से उड़ाने की धमकी 8 महीने में दूसरी बार आई मेल परिसर में हाई अलर्ट

    इटारसी आयुध निर्माणी को फिर मिली बम से उड़ाने की धमकी 8 महीने में दूसरी बार आई मेल परिसर में हाई अलर्ट


    इटारसी । मंगलवार को मध्य प्रदेश के इटारसी में स्थित रक्षा मंत्रालय के अधीन आयुध निर्माणी परिसर में एक बम से उड़ाने की धमकी भरा मेल मिला जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। यह घटना 8 महीने में दूसरी बार हुई है। पहले 17 अप्रैल को भी इस तरह का मेल आया था लेकिन वह फर्जी साबित हुआ था। इस बार आए मेल को लेकर एक बार फिर अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों में चिंताएं बढ़ गई हैं।

    मंगलवार को मिले धमकी भरे ईमेल के बाद फैक्ट्री प्रबंधन और जिला पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक साईं कृष्णा इस थोटा ने मेल की पुष्टि की और बताया कि इसकी जांच की जा रही है। धमकी भरा मेल सोमवार रात को फैक्ट्री के आधिकारिक ईमेल पते पर आया था जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचित किया गया।

    आयुध निर्माणी एक अत्यधिक संवेदनशील स्थान है जहां भारतीय सेना के लिए अत्याधुनिक हथियार और अन्य सैन्य सामग्री तैयार की जाती है। इस वजह से यहां सुरक्षा को लेकर कड़ी निगरानी रखी जाती है। अब पुलिस और सुरक्षा बलों की टीमों ने फैक्ट्री परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा उपायों को लागू किया है और पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी किया है।

    कुल मिलाकर यह धमकी भरा मेल फैक्ट्री प्रशासन के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है और जांच के साथ-साथ सुरक्षा इंतजामों में भी सुधार किए जा रहे हैं। पुलिस द्वारा मामले की पूरी जांच की जा रही है ताकि जल्द से जल्द यह पता चल सके कि धमकी वास्तविक है या फिर किसी शरारत का हिस्सा।

  • धार में भूमि पूजन देश का पहला पीपीपी मॉडल मेडिकल कॉलेज बनेगा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए स्वास्थ्य क्रांति का केंद्र

    धार में भूमि पूजन देश का पहला पीपीपी मॉडल मेडिकल कॉलेज बनेगा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए स्वास्थ्य क्रांति का केंद्र


    धार । मध्य प्रदेश के धार जिले में मंगलवार को एक ऐतिहासिक अवसर आया जब देश के पहले पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के मेडिकल कॉलेज का भूमि पूजन हुआ। इस ऐतिहासिक समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने प्रमुख रूप से हिस्सा लिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि यह मेडिकल कॉलेज अपने आप में एक अनोखा प्रयास है जो केवल शहरी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि यह मेडिकल कॉलेज ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को विस्तार देने का काम करेगा।

    नड्डा ने इस मौके पर बताया कि यह मेडिकल कॉलेज पब्लिक और प्राइवेट क्षेत्र की साझेदारी से बनाया जा रहा है और यह देश में अपनी तरह का पहला संस्थान है। उन्होंने यह भी कहा कि धार में स्थापित होने वाला यह मेडिकल कॉलेज स्वास्थ्य सेवा में क्रांति लाएगा। यहां से पास होने वाले एमबीबीएस डॉक्टर देश के दूरदराज के गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगे जिससे ग्रामीण इलाकों में चिकित्सकीय सेवा की गुणवत्ता में सुधार होगा।

    इस परियोजना के तहत छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा दी जाएगी और उन्हें प्रैक्टिकल अनुभव के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में भेजा जाएगा जिससे वे वहां के स्वास्थ्य मुद्दों को समझकर समाधान ढूंढ सकें। साथ ही कॉलेज के निर्माण से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे जिससे जिले की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।

    इस योजना के सफल होने के बाद इसे दूसरे राज्यों में भी लागू किया जा सकता है जिससे भारत के अन्य क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो सके। इस पहल से यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि दूरदराज के क्षेत्रों में चिकित्सकों की कमी को दूर किया जाएगा और गांवों में अधिक से अधिक डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी अपने संबोधन में बताया कि यह मेडिकल कॉलेज न केवल शिक्षा का केंद्र बनेगा बल्कि यह धार जिले और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक स्वस्थ भविष्य का मार्गदर्शन करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रोजेक्ट के जरिए प्रदेश में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा प्राप्त होगी।

  • रीवा अस्पताल प्रबंधक ने मुंह में पिस्टल रखकर खुद को मारी गोलीवेंटिलेटर पर संघर्ष के बाद मौत

    रीवा अस्पताल प्रबंधक ने मुंह में पिस्टल रखकर खुद को मारी गोलीवेंटिलेटर पर संघर्ष के बाद मौत


    रीवा । मध्य प्रदेश के रीवा शहर से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक युवक ने देर रात अपने घर के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में खुद को गोली मार ली। मृतक की पहचान प्रतीक सिंह उर्फ कुक्कू के रूप में हुई हैजो एक अस्पताल के प्रबंधनकार्य से जुड़े थे। घटना के बाद से पूरे शहर में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।

    सोने से पहले गूंजी धमाके की आवाज

    जानकारी के मुताबिकयह दुखद घटना शहर के पीटीएस स्थित यूनियन बैंक के पीछे रहने वाले प्रतीक सिंह के घर पर हुई। रविवार-सोमवार की दरमियानी रात करीब 12 बजेजब पूरा परिवार सोने की तैयारी कर रहा थातभी अचानक प्रतीक के कमरे से गोली चलने की जोरदार आवाज आई। धमाके की आवाज सुनते ही घर में चीख-पुकार मच गई और परिजन बदहवास होकर प्रतीक के कमरे की ओर दौड़े।

    जमीन पर तड़पते मिले प्रतीक

    कमरे का दरवाजा खोलते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। प्रतीक सिंह लहूलुहान हालत में फर्श पर पड़े तड़प रहे थे। उन्होंने पिस्टल को अपने मुंह के भीतर डालकर फायर किया थाजिससे गोली सीधे सिर के पार निकल गई थी। परिजनों ने बिना एक पल गंवाए उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया।

    वेंटिलेटर पर तोड़ा दम

    अस्पताल में प्रतीक की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा। अंदरूनी चोटें और अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।

    जांच में जुटी पुलिस
    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि आखिर प्रतीक ने इतना बड़ा आत्मघाती कदम क्यों उठाया। मौके से पुलिस ने साक्ष्य जुटाए हैं और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अभी तक आत्महत्या के स्पष्ट कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस मामले की हर एंगल से तफ्तीश कर रही है।मृतकप्रतीक सिंह उर्फ कुक्कू अस्पताल प्रबंधकस्थान पीटीएस क्षेत्रयूनियन बैंक के पीछेरीवा। घटना का तरीका मुंह में पिस्टल रखकर खुद को मारी गोली। हालत इलाज के दौरान वेंटिलेटर पर हुई मौत।

  • 200 लोग लाओ 2 करोड़ के काम पाओ' ग्वालियर प्रभारी मंत्री का पार्षदों को बड़ा ऑफरअमित शाह के दौरे की तैयारी

    200 लोग लाओ 2 करोड़ के काम पाओ' ग्वालियर प्रभारी मंत्री का पार्षदों को बड़ा ऑफरअमित शाह के दौरे की तैयारी


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने आगामी 25 दिसंबर को प्रस्तावित केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर कमर कस ली है। इस महत्वपूर्ण दौरे को ऐतिहासिक बनाने के लिए प्रभारी मंत्री ने एक अनोखा ऑफर पेश किया है। उन्होंने भाजपा पार्षद दल की बैठक में स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो पार्षद कार्यक्रम में 200 लोगों की भीड़ लेकर आएगाउसके वार्ड में 2 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के प्रस्ताव पास कराए जाएंगे।

    बाल भवन में हुई पार्षद दल की बैठक

    नगर निगम के बाल भवन स्थित नवीन टीएलसी कक्ष में आयोजित इस बैठक में प्रभारी मंत्री ने पार्षदों के साथ सीधा संवाद किया। बैठक का मुख्य एजेंडा अमित शाह के भव्य स्वागत और जनसभा में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करना था। सिलावट ने प्रत्येक पार्षद को जिम्मेदारी सौंपते हुए कहा कि उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों से कम से कम 200-200 लोगों को कार्यक्रम स्थल तक लाना है।

    वाहनों की चिंता छोड़ेंहम करेंगे व्यवस्था

    बैठक के दौरान जब पार्षदों ने लोगों को लाने-ले जाने के संसाधनों पर सवाल उठाएतो प्रभारी मंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया। उन्होंने कहा”वाहनों की चिंता आप लोग बिल्कुल न करेंवह सारी व्यवस्था हम सरकार संगठन कराएंगे। आपका काम बस लोगों को प्रेरित कर कार्यक्रम तक पहुंचाना है।

    कार्यकाल खत्म होने से पहले पूरे होंगे काम

    मंत्री तुलसीराम सिलावट ने पार्षदों को लुभाते हुए कहा कि अब आप लोगों के कार्यकाल में केवल डेढ़ साल का समय शेष रह गया हैइसलिए विकास की रफ्तार बढ़ाने का यह सही मौका है। उन्होंने प्रत्येक पार्षद को दो-दो करोड़ रुपये के विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया। जब पार्षदों ने बजट और वित्तीय वर्ष को लेकर सवाल कियातो मंत्री ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया”आपका कार्यकाल समाप्त होने से पहले ये सभी काम जमीन पर उतर जाएंगे।

    सीएम से मुलाकात का भी बोनस ऑफर

    भीड़ जुटाने के इस टारगेट के साथ प्रभारी मंत्री ने एक और बड़ा दांव खेला है। उन्होंने पार्षदों को मुख्यमंत्री से मुलाकात करवाने का भी ऑफर दिया। माना जा रहा है कि इस रणनीति के जरिए पार्टी स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं में उत्साह भरना चाहती है ताकि केंद्रीय नेतृत्व के सामने ग्वालियर की ताकत दिखाई जा सके मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 25 दिसंबर । टारगेट प्रति वार्ड कम से कम 200 लोगों की उपस्थिति। इनाम प्रति पार्षद 2 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की स्वीकृति। रणनीति कार्यकाल समाप्त होने से पहले विकास कार्यों को गति देना।

  • पूर्व विधायक के पोते पर जूनियर डॉक्टरों का हमला शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में हंगामा

    पूर्व विधायक के पोते पर जूनियर डॉक्टरों का हमला शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में हंगामा


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश शिवपुरी मेडिकल कॉलेज के बाहर चाय की दुकान पर पूर्व विधायक ओम प्रकाश खटीक के पोते देबू खटीक और उनके साथ भाजपा नेता प्रशांत राठौर और कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष के बेटे नलिन पंडित पर जूनियर डॉक्टरों ने हमला कर दिया। यह घटना तब हुई जब ये तीनों युवक चाय पीने पहुंचे थे और जूनियर डॉक्टरों के साथ उनकी किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी।

    पुलिस के अनुसारविवाद की शुरुआत तब हुई जब जूनियर डॉक्टर अपनी एप्रेन एक कुर्सी पर रखकर चाय पी रहे थे। युवकों ने एप्रेन हटाने के लिए कहालेकिन जब डॉक्टरों ने ऐसा करने से मना कियातो दोनों पक्षों के बीच तीखी नोक-झोंक शुरू हो गई। इसके बादजूनियर डॉक्टरों ने मिलकर युवकों पर हमला कर दिया।

    युवक अपनी जान बचाने के लिए वहां से कार में भागेलेकिन जूनियर डॉक्टरों ने उनका पीछा किया और कार पर पथराव कर दिया। इस हमले में कार का कांच टूट गया और गेट भी डेमेज हो गए। पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी है।

    घटना के बादजूनियर डॉक्टरों का एक दल कोतवाली थाने पहुंचाजहां उन्होंने अपनी ओर से बयान दिया कि युवकों ने पहले कुछ डॉक्टरों से मारपीट की थी। पुलिस ने पूछा कि अगर वे घायल थे तो वे थाने क्यों नहीं आएलेकिन इस पर जूनियर डॉक्टर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई जो पुलिस की मध्यस्थता से अधिक बढ़ नहीं पाई।

    टीआई कृपाल सिंह राठौड़ ने डॉक्टरों से समझाइश देने की कोशिश की और कहा कि इस तरह के बेवजह के झगड़े ठीक नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह सिलसिला जारी रहा तो पुलिस एफआईआर भी दर्ज कर सकती है। इस पर जूनियर डॉक्टरों ने कड़ी आवाज में प्रतिक्रिया दी कि क्रिया की प्रतिक्रिया तो होगीचाहे फिर कुछ भी हो। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों को सुरक्षा के लिए कोतवाली में बिठा लिया। इस घटना से मेडिकल कॉलेज परिसर में तनाव का माहौल बन गया हैऔर पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

  • उज्जैन स्टेशन पर यात्री को आया हार्ट अटैक, टीटीई ने दिया CPR; स्ट्रेचर न मिलने पर ट्रॉली से पहुंचाया गया अस्पताल

    उज्जैन स्टेशन पर यात्री को आया हार्ट अटैक, टीटीई ने दिया CPR; स्ट्रेचर न मिलने पर ट्रॉली से पहुंचाया गया अस्पताल


    उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन रेलवे स्टेशन पर रविवार शाम एक दर्दनाक और चिंताजनक घटना सामने आई जिसने रेलवे स्टेशनों पर आपात चिकित्सा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। ट्रेन में चढ़ते समय एक यात्री को अचानक दिल का दौरा पड़ गया। मौके पर मौजूद टिकट निरीक्षक ने तत्काल CPR देकर जान बचाने का प्रयास किया लेकिन समय पर चिकित्सा सुविधा और जरूरी संसाधन उपलब्ध न होने के कारण यात्री की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।यह घटना 21 दिसंबर की शाम करीब 5:30 बजे की बताई जा रही है। उज्जैन रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 18233 खड़ी थी। इसी दौरान संजू रजवाड़े नामक यात्री कोच A1 के पास से जनरल डिब्बे की ओर दौड़ते हुए ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही वह ट्रेन में चढ़ने के करीब पहुंचा अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह प्लेटफॉर्म पर गिर पड़ा।

    प्लेटफॉर्म पर मची अफरा-तफरी
    यात्री के गिरते ही प्लेटफॉर्म पर मौजूद अन्य यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। इसी बीच मौके पर मौजूद इंदौर में पदस्थ मुख्य टिकट निरीक्षक कृपाशंकर पटेल ने बिना समय गंवाए यात्री की मदद शुरू की। उन्होंने तुरंत CPR देना शुरू किया जिससे कुछ देर बाद यात्री की पल्स में हल्का सुधार देखा गया। यात्रियों का कहना है कि अगर यह त्वरित प्रतिक्रिया नहीं होती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।

    डॉक्टर और स्ट्रेचर नहीं मिले समय पर

    CPR के बाद यात्री को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की आवश्यकता थी। रेलवे अधिकारियों ने सीएमआई कंट्रोल रतलाम को सूचना देकर स्टेशन पर डॉक्टर भेजने का अनुरोध किया। हालांकि डॉक्टर समय पर स्टेशन नहीं पहुंच सका। इसी बीच एक और बड़ी समस्या सामने आई-प्लेटफॉर्म पर मरीज को ले जाने के लिए स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं था।स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही थी। यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों ने काफी देर तक स्ट्रेचर का इंतजार किया लेकिन जब कोई व्यवस्था नहीं हो सकी तो उन्होंने खुद निर्णय लिया कि मरीज को और देर तक प्लेटफॉर्म पर रखना खतरे से खाली नहीं है।

    ट्रॉली से पहुंचाया गया अस्पताल

    मजबूरी में यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों ने स्टेशन पर सामान ढोने में इस्तेमाल होने वाली लोहे की ट्रॉली का सहारा लिया। उसी ट्रॉली पर संजू रजवाड़े को लिटाकर स्टेशन परिसर से बाहर ले जाया गया और वहां से एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया लेकिन अत्यधिक समय बीत जाने और दिल का दौरा गंभीर होने के कारण यात्री की जान नहीं बचाई जा सकी।

    वीडियो वायरल उठे सवाल

    घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रेलवे की आपात व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। यात्रियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि उज्जैन जैसे बड़े और व्यस्त रेलवे स्टेशन पर अगर समय पर डॉक्टर और स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं हैं तो यह बेहद गंभीर चिंता का विषय है।
    लोगों का यह भी कहना है कि यदि मौके पर मौजूद टिकट निरीक्षक और अन्य कर्मचारियों ने तत्परता नहीं दिखाई होती तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी।

    प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार

    फिलहाल रेलवे प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि यह घटना सार्वजनिक स्थानों खासकर रेलवे स्टेशनों पर त्वरित चिकित्सा सहायता प्रशिक्षित स्टाफ और जरूरी उपकरणों की उपलब्धता की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित करती है।यह हादसा बताता है कि आपात स्थिति में कुछ मिनटों की देरी भी जानलेवा साबित हो सकती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए रेलवे को अपनी स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत करना होगा।

  • ग्वालियर में ‘अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट’: अमित शाह होंगे शामिल, अटल बिहारी वाजपेयी की विरासत और विकास पर होगा मंथन

    ग्वालियर में ‘अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट’: अमित शाह होंगे शामिल, अटल बिहारी वाजपेयी की विरासत और विकास पर होगा मंथन


    ग्वालियर।पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में एक भव्य और बहुआयामी आयोजन किया जा रहा है। अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट नाम से आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस समिट को राज्य के औद्योगिक विकासनिवेश संभावनाओं और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने के एक बड़े प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

    राज्य सरकार और संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित यह समिट अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों और विकास दृष्टि को समर्पित रहेगा। आयोजन में देश-विदेश से उद्योगपतिनिवेशकनीति विशेषज्ञ और प्रशासनिक अधिकारी भाग लेंगे। इसका उद्देश्य मध्य प्रदेश को निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित करना हैसाथ ही ग्वालियर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को भी प्रमुखता से सामने लाना है।

    अटल जी के जीवन पर केंद्रित विशेष प्रदर्शनी

    समिट के दौरान एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगाजो अटल बिहारी वाजपेयी के संपूर्ण जीवन और योगदान को दर्शाएगी। इस प्रदर्शनी में उनके जन्मशिक्षाराजनीतिक संघर्षप्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को क्रमबद्ध ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। प्रदर्शनी को छह अलग-अलग खंडों में विभाजित किया गया हैजिनमें से एक खंड पूरी तरह अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन और विचारों को समर्पित होगा।

    ग्वालियर और अटल जी का गहरा संबंध

    ग्वालियर को अटल बिहारी वाजपेयी का पैतृक शहर माना जाता है। यहीं स्थित उनका पैतृक निवास आज भी संरक्षित हैजहां एक पुस्तकालय संचालित किया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसारअटल जी के व्यक्तित्व और विचारधारा के निर्माण में ग्वालियर की सामाजिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उनका इस शहर से भावनात्मक जुड़ाव बना रहा।

    ग्वालियर वॉल बनेगी प्रमुख आकर्षण

    समिट में प्रदर्शनी का एक प्रमुख हिस्सा ग्वालियर वॉल होगाजिसमें शहर की ऐतिहासिक धरोहरोंपर्यटन स्थलोंसंगीत परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया जाएगा। इसके माध्यम से ग्वालियर को एक सांस्कृतिक राजधानी के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावामध्य प्रदेश की औद्योगिक क्षमता को मॉडल्स और विजुअल प्रेजेंटेशन के जरिए दिखाया जाएगा।

    उद्योग और निवेश को मिलेगा मंच

    समिट में उद्योग और निवेश से जुड़े विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। एक अलग खंड में राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियोंनिवेश प्रक्रियाभूमि आवंटनप्रोत्साहन योजनाओं और प्रशासनिक सहयोग की जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य निवेशकों और उद्योगपतियों को सीधे संवाद का अवसर प्रदान करना हैताकि वे राज्य में निवेश को लेकर स्पष्ट निर्णय ले सकें।

    क्यों महत्वपूर्ण है यह आयोजन

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह समिट केवल एक औद्योगिक सम्मेलन नहीं हैबल्कि यह अटल बिहारी वाजपेयी की विरासतग्वालियर की ऐतिहासिक पहचान और मध्य प्रदेश के विकास मॉडल को एक साथ प्रस्तुत करने का मंच है। यह आयोजन राज्य के लिए आर्थिक विकासरोजगार सृजन और सांस्कृतिक संरक्षण-तीनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट के जरिए ग्वालियर एक बार फिर राष्ट्रीय मंच पर अपनी ऐतिहासिक सांस्कृतिक और आर्थिक भूमिका को मजबूती से प्रस्तुत करने जा रहा है।

  • जबलपुर में बीजेपी नेत्री का नेत्रहीन महिला से अभद्र व्यवहार धर्म परिवर्तन विवाद पर वीडियो वायरल

    जबलपुर में बीजेपी नेत्री का नेत्रहीन महिला से अभद्र व्यवहार धर्म परिवर्तन विवाद पर वीडियो वायरल


    जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर में बीजेपी की जिला उपाध्यक्ष अंजू भार्गव का एक विवादास्पद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस वीडियो में अंजू भार्गव ने एक नेत्रहीन महिला से अभद्र व्यवहार किया है। यह घटना 20 दिसंबर को जबलपुर के गोरखपुर क्षेत्र स्थित एक चर्च परिसर में हुई थी। बताया गया है कि अंजू भार्गव और अन्य हिंदू संगठन के लोग कथित तौर पर धर्म परिवर्तन का विरोध कर रहे थे।
    उनका आरोप था कि चर्च में नेत्रहीन बच्चों का धर्म परिवर्तन किया जा रहा था। इस दौरान एक नेत्रहीन महिला के साथ अंजू भार्गव की बहस हो गई और वीडियो में अंजू भार्गव महिला का मुंह दबाते हुए उसे अपशब्द कहती नजर आ रही हैं। वायरल वीडियो में यह भी दिखाया गया कि भार्गव ने महिला का हाथ पकड़कर धक्का-मुक्की की और कहा कि अगले जन्म में भी वह अंधी ही रहेगी।

    इस वीडियो के सामने आने के बाद कांग्रेस ने भाजपा को घेरते हुए पार्टी पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने इसे क्रूरता का उदाहरण बताते हुए भाजपा की आलोचना की और कहा कि पार्टी अपनी कथनी और करनी में अंतर दिखा रही है।

    भाजपा की चुप्पी

    इस मामले पर अभी तक भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि इस घटना के बाद से राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी जारी है।

    पुलिस का बयान

    इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी ने बीच-बचाव करते हुए स्थिति को शांत करने की कोशिश की लेकिन वीडियो में जो दिखाया गया वह पूरे मामले को और संवेदनशील बना रहा है।यह घटना मध्य प्रदेश में धार्मिक और राजनीतिक माहौल को और तंग कर सकती है जहां धर्म परिवर्तन जैसे संवेदनशील मुद्दे अक्सर विवादों का कारण बनते हैं।

  • महाकाल मंदिर में 31 दिसंबर को भस्म आरती ऑफलाइन बुकिंग बंद 1 जनवरी से चलायमान दर्शन होंगे

    महाकाल मंदिर में 31 दिसंबर को भस्म आरती ऑफलाइन बुकिंग बंद 1 जनवरी से चलायमान दर्शन होंगे


    उज्जैन । उज्जैन महाकाल मंदिर में नए साल के मौके पर भक्तों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए 31 दिसंबर को भस्म आरती की ऑफलाइन बुकिंग व्यवस्था बंद रहेगी। साथ ही 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक ऑनलाइन बुकिंग भी ब्लॉक कर दी जाएगी ताकि दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

    कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बताया कि 31 दिसंबर को अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार नए साल 2026 के मौके पर महाकाल मंदिर में दर्शनार्थियों की अत्यधिक संख्या की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए दर्शन की व्यापक योजना बनाई गई है।

    जनवरी को चलायमान दर्शन

    जनवरी को दर्शनार्थियों को कार्तिकेय मंडपम से चलायमान दर्शन कराया जाएगा। यह दर्शन सुबह 4:15 बजे से शुरू होंगे और भस्म आरती के बाद सामान्य दर्शन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके बाद सामान्य दर्शनार्थियों को चारधाम मंदिर से शक्तिपथ के रास्ते त्रिवेणी संग्रहालय द्वार से महाकाल महालोक होते हुए मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।
    दर्शन के बाद श्रद्धालु आपातकालीन निर्गम द्वार से मंदिर के बाहर निकलकर बड़ा गणेश मंदिर और हरसिद्धि चौराहा होते हुए पुनः चारधाम मंदिर लौटेंगे। महाकाल मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं को सूचित किया है कि इस व्यवस्था का पालन करके वे अधिक सुविधा और आराम से दर्शन कर सकेंगे। इस विशेष व्यवस्था से श्रद्धालुओं को मंदिर में दिक्कत नहीं होगी और सभी को दर्शन का अवसर मिलेगा।

  • इंदौर में अनोखी पहल: इंसानों के लिए बंद, पक्षियों के लिए खुला गार्डन बना शहरी बर्ड हैबिटेट

    इंदौर में अनोखी पहल: इंसानों के लिए बंद, पक्षियों के लिए खुला गार्डन बना शहरी बर्ड हैबिटेट


    इंदौर।मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा देने वाली एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है। शहर के सत्यदेव नगर क्षेत्र में एक ऐसा अनोखा गार्डन विकसित किया गया है, जो पूरी तरह पक्षियों के लिए समर्पित है। इस गार्डन की सबसे खास बात यह है कि यहां आम लोगों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित है, ताकि पक्षियों को बिना किसी बाधा के सुरक्षित वातावरण और प्राकृतिक भोजन उपलब्ध कराया जा सके। करीब एक बीघा भूमि पर विकसित यह बर्ड गार्डन जनसहयोग से तैयार किया गया है। इस पहल का उद्देश्य शहरीकरण के कारण लगातार कम होते पक्षी आवास को बचाना और शहर में ही उनके लिए सुरक्षित ठिकाना तैयार करना है। गार्डन में 300 से अधिक फलदार पौधे लगाए गए हैं, जिनमें अंजीर, आम, जामुन, बेर, शहतूत सहित करीब 30 किस्म के वृक्ष शामिल हैं।

    हाईब्रिड पौधों से मिलेगा सालभर भोजन
    इस बर्ड गार्डन में लगाए गए सभी पौधे हाईब्रिड किस्म के हैं, जो सामान्य पौधों की तुलना में जल्दी फल देने लगते हैं। जानकारों के अनुसार, ये पौधे डेढ़ से दो साल के भीतर फल देना शुरू कर देंगे, जिससे पक्षियों को पूरे साल प्राकृतिक भोजन उपलब्ध रहेगा। फलदार पेड़ों की बहुलता के कारण यहां विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों के आने की संभावना बढ़ गई है।

    पानी और सुरक्षा की भी पूरी व्यवस्था

    सिर्फ भोजन ही नहीं, बल्कि पक्षियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए गार्डन में पानी की भी विशेष व्यवस्था की गई है। यहां एक कमल कुंड तालाब बनाया गया है, जिसमें मछलियां छोड़ी गई हैं। इसका उद्देश्य जल आधारित पक्षियों, विशेषकर किंगफिशर जैसे पक्षियों को आकर्षित करना है। हाल ही में इस क्षेत्र में किंगफिशर के दिखने की पुष्टि भी हुई है, जिसे इस पहल की शुरुआती सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

    एक पेड़ से निकला बड़ा विचार

    इस गार्डन की अवधारणा वार्ड पार्षद अभिषेक शर्मा बबलू के व्यक्तिगत अनुभव से निकली। उनके घर के सामने वर्षों पुराना एक शहतूत का पेड़ है, जिस पर नियमित रूप से कोयल और अन्य पक्षी आते रहे हैं। इसी अनुभव से उन्हें यह विचार आया कि यदि शहर में ऐसे और स्थान विकसित किए जाएं, तो पक्षियों को भोजन और आश्रय के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। इस विचार को जब स्थानीय रहवासियों के साथ साझा किया गया, तो सभी ने सहयोग के लिए हाथ बढ़ाया।

    पूरी तरह जनसहयोग से हुआ विकास

    गार्डन के निर्माण में नगर निगम से पौधे नहीं लिए गए। स्थानीय नागरिकों ने अपनी ओर से पौधे उपलब्ध कराए, जिनकी कीमत 300 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक बताई जा रही है। नगर निगम की भूमिका केवल रख-रखाव तक सीमित रखी गई है। खास बात यह है कि फिलहाल लगाए गए सभी पौधों का सर्वाइवल रेट 100 प्रतिशत बताया जा रहा है।

    प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का समर्थन

    इस पहल को शहर के जनप्रतिनिधियों और प्रशासन का भी समर्थन मिला है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव और उद्यान प्रभारी राजेंद्र राठौर ने इस प्रयास की सराहना की है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने गार्डन का उद्घाटन करते हुए शहर के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह के बर्ड गार्डन विकसित करने की घोषणा की है।

    पर्यावरण और शहर के लिए मिसाल
    शहरी विकास के इस दौर में सत्यदेव नगर का यह बर्ड गार्डन यह संदेश देता है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण एक साथ चल सकते हैं। यह पहल न केवल पक्षियों की सुरक्षा और जैव विविधता को बढ़ावा देगी, बल्कि नागरिकों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की भावना भी मजबूत करेगी। आने वाले समय में यह मॉडल इंदौर के साथ-साथ अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।