Category: Madhya Pradesh

  • इंदौर में आज पारंपरिक गेर में मिसाइलों से उड़ेगा रंग, टेसू के फूलों से बने गुलाल से सजेगा राजवाड़ा

    इंदौर में आज पारंपरिक गेर में मिसाइलों से उड़ेगा रंग, टेसू के फूलों से बने गुलाल से सजेगा राजवाड़ा


    इंदौर।
    मालवा की सांस्कृतिक राजधानी इंदौर में आज रविवार को रंगों का सबसे बड़ा और भव्य उत्सव देखने को मिलेगा। पारंपरिक गेर के साथ पूरा पश्चिम क्षेत्र रंगों से सराबोर हो जाएगा। लाखों लोग इस अनूठे रंगोत्सव में शामिल होकर गुलाल और रंगों की बौछारों का आनंद लेंगे।

    गेर के साथ ही शहर में फागयात्रा भी निकलेगी, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल होंगी। आयोजकों ने इस भव्य आयोजन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। कार्यक्रम के दौरान हजारों किलो गुलाल उड़ाया जाएगा, जिससे शहर का माहौल पूरी तरह रंगमय हो जाएगा।

    70 साल पुरानी परंपरा

    यह परंपरागत गेर राजवाड़ा से निकाली जाती है और इसका इतिहास करीब सात दशक पुराना है। शुरुआत में बड़े कड़ावों में रंग भरकर लोगों को भिगोने की परंपरा थी। समय के साथ यह आयोजन बैलगाड़ियों और ट्रैक्टरों से होते हुए डीजे और आधुनिक तकनीक तक पहुंच गया। अब गेर में रंग बरसाने के लिए विशेष मिसाइल तकनीक का उपयोग किया जाता है, जिससे रंग और पानी करीब 200 फीट तक हवा में उछाला जाएगा।

    लाखों लोग बनेंगे रंगोत्सव के साक्षी

    पिछले तीन वर्षों से गेर में शामिल होने वाले लोगों की संख्या 5 लाख से अधिक रही है। यही वजह है कि यह आयोजन देश के सबसे बड़े रंगोत्सवों में गिना जाने लगा है। इस बार भी लाखों लीटर पानी और हजारों किलो गुलाल उड़ाने की तैयारी की गई है। राजवाड़ा और आसपास के 5 से 6 किलोमीटर क्षेत्र में रंग, गुलाल और पानी की बौछारें देखने को मिलेंगी।

    टेसू के फूलों से बने गुलाल से बनेगा तिरंगा

    इस आयोजन की खास बात यह है कि करीब 8 हजार किलो टेसू के फूलों से तैयार गुलाल का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे राजवाड़ा पर तिरंगा बनाया जाएगा, जो उत्सव का विशेष आकर्षण होगा।

    ढोल-ताशे, झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

    गेर में बैंड, ढोल-ताशे, आकर्षक झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी देखने को मिलेंगी। गेर और फागयात्रा अपने-अपने तय मार्गों से निकलकर शहरवासियों को रंगों के इस महासागर में डुबो देंगी।

  • मुख्यमंत्री आज रंगपंचमी पर उज्जैन में श्री कृष्ण-सुदामा रंग उत्सव में होंगे शामिल

    मुख्यमंत्री आज रंगपंचमी पर उज्जैन में श्री कृष्ण-सुदामा रंग उत्सव में होंगे शामिल


    उज्जैन।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज रविवार को रंग पंचमी के अवसर पर उज्जैन में आयोजित श्री कृष्ण-सुदामा रंग उत्सव कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे।

    निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. यादव सुबह 09 बजे श्री कृष्ण सुदामा रंग उत्सव गेर (चल समारोह) में सिंधी कॉलोनी से सम्मिलित होकर टॉवर चौराहे तक जाएंगे। टॉवर चौराहे पर मुख्य कार्यक्रम आयोजित होंगे। इन सभी कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री सम्मिलित होंगे। रंग उत्सव कार्यक्रम में सामाजिक संस्थाओं द्वारा स्वागत द्वार, मंच लगाकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्र से आने वाली मंडली, झांकियां, फाग उत्सव करने वाले संस्थाओं के द्वारा विशेष आयोजन भी किए जाएंगे। लाइव झांकियां भी इस कार्यक्रम में सम्मिलित होगी।

  • तेज रफ्तार बनी मौत का कारण: भोपाल में कार फेंसिंग तोड़ खदान में गिरी, 24 साल के ड्राइवर की मौत

    तेज रफ्तार बनी मौत का कारण: भोपाल में कार फेंसिंग तोड़ खदान में गिरी, 24 साल के ड्राइवर की मौत


    भोपाल। भोपाल के अयोध्या नगर इलाके में शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। तेज रफ्तार कार कंचन खदान के पास टर्न पर अनियंत्रित होकर फेंसिंग का तार और खंभा तोड़ते हुए सीधे खदान में भरे पानी में जा गिरी। इस हादसे में 24 वर्षीय रोहित माली की मौत हो गई, जबकि उसके साथ कार में सवार दो दोस्त घायल हो गए। सूचना मिलते ही अयोध्या नगर पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

    पुलिस के अनुसार रोहित माली पेशे से ओला कैब चालक था। शनिवार शाम करीब 5:30 बजे वह सवारी छोड़ने के बाद पिपरिया जाहिर पीर इलाके से अपने दो दोस्तों को कार में बैठाकर अयोध्या नगर की ओर लौट रहा था। इसी दौरान अरेड़ी क्रेशर बस्ती के पास कंचन खदान के नजदीक एक टर्न पर कार की रफ्तार ज्यादा होने के कारण वह वाहन को मोड़ नहीं पाया। कार सीधे फेंसिंग तोड़ते हुए खदान में भरे करीब 8 से 10 फीट गहरे पानी में जा गिरी।

    हादसा होते ही आसपास के लोगों ने शोर सुनकर मौके पर पहुंचकर तुरंत पुलिस को सूचना दी। स्थानीय लोगों ने किसी तरह कार में सवार दोनों युवकों को पानी से बाहर निकाल लिया, लेकिन चालक रोहित माली सीट बेल्ट लगाए होने के कारण कार के अंदर ही फंस गया और बाहर नहीं निकल सका। पुलिस और नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे बाहर निकाला और तुरंत सीपीआर देने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

    इसके बाद उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं खदान में डूबी कार को नगर निगम की क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया। अयोध्या नगर थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। रोहित के शव को पोस्टमार्टम के लिए गांधी मेडिकल कॉलेज की मोर्चुरी में रखवाया गया है, जहां रविवार को उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा।

  • ऑनलाइन खाने की गुणवत्ता पर फिर सवाल सागर के रेस्टोरेंट में छापा बासी पनीर और खराब सूप मिलने से मचा हड़कंप

    ऑनलाइन खाने की गुणवत्ता पर फिर सवाल सागर के रेस्टोरेंट में छापा बासी पनीर और खराब सूप मिलने से मचा हड़कंप


    मध्य प्रदेश के सागर शहर में ऑनलाइन मंगाए गए खाने की गुणवत्ता को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है जहां एक परिवार द्वारा ऑर्डर किए गए छोले कुलचे खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। घटना के बाद परिजनों ने भोजन की गुणवत्ता पर संदेह जताते हुए खाद्य विभाग से शिकायत की जिसके बाद विभाग की टीम ने संबंधित रेस्टोरेंट पर छापेमारी कर जांच की। जांच के दौरान किचन में कई तरह की अनियमितताएं सामने आईं और कुछ खाद्य सामग्री संदिग्ध अवस्था में पाई गई जिससे ऑनलाइन फूड डिलीवरी की सुरक्षा और गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

    जानकारी के अनुसार सागर निवासी अभिषेक अग्रवाल ने एक प्रसिद्ध रेस्टोरेंट से ऑनलाइन ऐप के माध्यम से छोले कुलचे का ऑर्डर दिया था। खाना घर पहुंचने के बाद बच्चों ने उसे खाया लेकिन कुछ ही समय बाद बच्चों को पेट दर्द और बेचैनी की शिकायत होने लगी। बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने पर परिजनों को भोजन की गुणवत्ता पर शक हुआ। जब खाने की स्थिति को ध्यान से देखा गया तो उन्हें लगा कि खाना बासी हो सकता है। इसके बाद अभिषेक अग्रवाल ने बिना देर किए पूरे मामले की शिकायत खाद्य विभाग से की ताकि मामले की जांच हो सके और यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आए तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

    शिकायत मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम तुरंत सक्रिय हुई और सागर के सिविल लाइन क्षेत्र में स्थित सागर गैरे नामक रेस्टोरेंट पहुंचकर निरीक्षण किया। टीम ने किचन और स्टोर रूम की जांच की तो वहां कई गंभीर खामियां सामने आईं। अधिकारियों को किचन में साफ सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं लगी और खाद्य सामग्री को सुरक्षित रखने के मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा था। जांच के दौरान टीम को बासी पनीर खराब गुणवत्ता का हॉट एंड सॉर सूप और कुछ अन्य खाद्य पदार्थ संदिग्ध हालत में मिले। इसके अलावा किचन की स्वच्छता व्यवस्था भी मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई जिस पर अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताई।

    खाद्य विभाग की टीम ने मौके से पनीर सूप और अन्य खाद्य सामग्री के सैंपल लिए हैं जिन्हें जांच के लिए भोपाल स्थित राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि संबंधित खाद्य सामग्री मानकों के अनुरूप थी या नहीं। यदि जांच में खाद्य पदार्थ अमानक या असुरक्षित पाए जाते हैं तो संबंधित रेस्टोरेंट के खिलाफ खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    इस पूरे मामले में शिकायतकर्ता अभिषेक अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने बच्चों के लिए छोले कुलचे मंगवाए थे लेकिन खाना खाने के तुरंत बाद बच्चों की तबीयत खराब हो गई। उन्हें भोजन की स्थिति संदिग्ध लगी इसलिए उन्होंने तुरंत विभाग में शिकायत दर्ज कराई ताकि अन्य लोगों की सेहत को खतरा न हो और इस तरह की लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई हो सके।

    खाद्य विभाग ने इस घटना के बाद आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग का कहना है कि यदि किसी भी रेस्टोरेंट ढाबे या ऑनलाइन फूड डिलीवरी से मिलने वाले भोजन में बासीपन मिलावट या खराब गुणवत्ता का संदेह हो तो तुरंत इसकी जानकारी विभाग को दें ताकि समय रहते जांच कर कार्रवाई की जा सके और लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

  • मुरैना: 16 दिन पहले पिता बना था लवकुश, पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर सोते हुए पति को उतार दिया मौत के घाट

    मुरैना: 16 दिन पहले पिता बना था लवकुश, पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर सोते हुए पति को उतार दिया मौत के घाट


    नई दिल्ली।  रिश्तों के कत्ल की एक रूह कंपा देने वाली साजिश का सिहोनिया पुलिस ने महज 4 दिनों में पर्दाफाश कर दिया है। 3 मार्च की रात जिस लवकुश माहौर की मौत को उसकी पत्नी ने ‘आत्महत्या’ करार दिया था, वह दरअसल एक सोची-समझी ‘कॉन्ट्रैक्ट किलिंग’ जैसी वारदात निकली। पुलिस ने मृतक की पत्नी राखी और उसके पड़ोसी प्रेमी विक्रम परमार को गिरफ्तार कर लिया है।

    वारदात: बेटे के जन्म की खुशी और खूनी अंत
    लवकुश माहौर गुजरात के सूरत में मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालता था। करीब 16 दिन पहले उसके घर में बेटे का जन्म हुआ, जिसकी खुशी मनाने वह अपने गांव सिहोनिया आया था। वह होली का त्योहार मनाकर वापस सूरत जाने की तैयारी में था, लेकिन उसे क्या पता था कि उसके घर में ही उसकी मौत का जाल बुना जा चुका है।

    खौफनाक रात: 3 मार्च की रात करीब 3 बजे, जब लवकुश गहरी नींद में था, पड़ोसी विक्रम परमार कमरे में दाखिल हुआ और बेहद करीब से लवकुश को गोली मार दी।वारदात के बाद विक्रम फरार हो गया, जबकि पत्नी राखी ने शोर मचाते हुए यह कहानी रची कि लवकुश ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है।

    मोबाइल चैट ने खोला ‘बेवफाई’ का राज
    पुलिस को शुरुआत से ही पत्नी के बयानों पर संदेह था। एसडीओपी विजय भदौरिया के नेतृत्व में जब जांच आगे बढ़ी, तो पुलिस ने राखी का मोबाइल खंगाला।

    साजिश के सबूत: मोबाइल में पड़ोसी विक्रम परमार के साथ राखी की लंबी बातचीत और हत्या की प्लानिंग से जुड़ी चैट्स मिलीं। कड़ाई से पूछताछ करने पर राखी टूट गई और उसने स्वीकार किया कि लवकुश उनके प्रेम संबंधों में कांटा बन रहा था, इसलिए उसे रास्ते से हटाने के लिए विक्रम के साथ मिलकर यह साजिश रची।

    जनाक्रोश और पुलिस की मुस्तैदी
    घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने लवकुश की मौत को संदिग्ध बताते हुए नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया था। लोगों की मांग थी कि असली कातिलों को पकड़ा जाए। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और डिजिटल फॉरेंसिक (मोबाइल चैट) के आधार पर 4 दिन के भीतर कातिल पत्नी और उसके प्रेमी को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है।

    यह घटना समाज की गिरती नैतिक मर्यादाओं का उदाहरण है; जहाँ एक तरफ पालने में 16 दिन का मासूम सो रहा था, वहीं दूसरी तरफ उसकी माँ अपने प्रेमी के साथ मिलकर उसके पिता की हत्या की पटकथा लिख रही थी।

    मुख्य कीवर्ड्स (Keywords with Comma)
    मुरैना हत्याकांड, सिहोनिया न्यूज़, लवकुश माहौर मर्डर, पत्नी ने की पति की हत्या, अवैध संबंध, मोबाइल चैट से खुलासा, एमपी पुलिस, 16 दिन का नवजात, ग्वालियर-चंबल क्राइम, विक्रम परमार गिरफ्तार।

  • होटल में साइलेंट अटैक से मालिक की मौत: थाली में सब्जी रखते ही गिरा, भाई की CPR भी काम नहीं आई

    होटल में साइलेंट अटैक से मालिक की मौत: थाली में सब्जी रखते ही गिरा, भाई की CPR भी काम नहीं आई


    नई दिल्ली। नर्मदापुरम के ग्वालटोली रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक होटल में गुरुवार रात एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें होटल संचालक अशोक नवलानी (60) का साइलेंट अटैक से निधन हो गया। घटना उस समय हुई जब अशोक नवलानी ग्राहकों को खाना परोस रहे थे। जैसे ही उन्होंने एक थाली में सब्जी रखी, अचानक वह जमीन पर गिर पड़े। घटना का सीसीटीवी वीडियो शनिवार सुबह सामने आया, जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि गिरते ही आसपास के लोग समझ नहीं पाए कि क्या हुआ। कुछ ही पलों में अशोक के भाई पप्पन नवलानी और अन्य कर्मचारी दौड़कर उन्हें उठाने पहुंचे और तुरंत सीपीआर देने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
     
    अशोक नवलानी गोकुलपुरी की सिंधी कॉलोनी के निवासी थे और अपने भाई पप्पन नवलानी के साथ मिलकर ‘चाचा-भतीजा’ नाम से होटल चला रहे थे। पप्पन ने बताया कि गुरुवार रात दोनों दुकान पर ही थे। वह सब्जी बना रहे थे और अशोक ग्राहकों को टेबल पर खाना परोस रहे थे। थाली में सब्जी रखते ही अचानक गिरने के बाद उन्होंने सीपीआर की कोशिश की, लेकिन अशोक अचेत हो गए। डॉक्टरों ने अस्पताल पहुंचते ही उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    पप्पन ने आगे बताया कि अशोक परिवार में सबसे बड़े भाई थे, उनके छह भाई-बहन हैं, और उनकी एक बेटी की शादी हो चुकी है। पिछले तीन साल में गर्मियों में उन्हें दो-तीन बार हल्की घबराहट और बीपी कम होने की समस्या हुई थी, लेकिन हार्ट की कोई गंभीर बीमारी नहीं थी।

    नर्मदापुरम जिला अस्पताल के क्लिनिकल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सुनील जैन ने कहा कि आजकल असीमित दिनचर्या, तनाव, बिगड़ा खानपान और व्यायाम की कमी से हार्ट अटैक की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने सभी से कहा कि स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें, नियमित रूटीन चेकअप कराएं, 7-8 घंटे की नींद लें और रोजाना व्यायाम या योग से तनाव कम करें।

    होटल में हुए इस हादसे ने स्थानीय लोगों और परिवार में शोक की लहर फैला दी है। अशोक नवलानी का निधन इस बात का भी संदेश देता है कि व्यस्त दिनचर्या और स्वास्थ्य पर ध्यान न देना गंभीर परिणाम ला सकता है।

    इस घटना की वजह से लोगों में चेतना बढ़ी है कि कार्यस्थल पर भी स्वास्थ्य और आराम को महत्व देना जरूरी है, खासकर व्यवसायिक जीवन में तनाव और थकान के बीच।

  • भोपाल में बिना अनुमति जुलूस धरना पर दो माह की रोक, उज्जैन में पानी के टैंक में गिरने से 7 वर्षीय मासूम की मौत

    भोपाल में बिना अनुमति जुलूस धरना पर दो माह की रोक, उज्जैन में पानी के टैंक में गिरने से 7 वर्षीय मासूम की मौत


    भोपाल । मध्यप्रदेश में एक ओर जहां राजधानी भोपाल में कानून व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है वहीं उज्जैन जिले के खाचरोद से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। भोपाल में पुलिस प्रशासन ने बिना अनुमति किसी भी प्रकार के जुलूस धरना प्रदर्शन और रैली पर दो महीने के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। वहीं उज्जैन के खाचरोद क्षेत्र में सात वर्षीय मासूम के पानी के टैंक में गिरने से मौत हो गई जिसके बाद मामले में नया मोड़ आ गया है और परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए जांच की मांग की है।

    राजधानी भोपाल में पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह आदेश जारी किया है। आदेश के तहत शहर में बिना प्रशासनिक अनुमति के किसी भी प्रकार के जुलूस आंदोलन रैली धरना प्रदर्शन घेराव और सरकारी भवनों के घेराव पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। यह आदेश आगामी दो महीनों तक प्रभावी रहेगा। पुलिस प्रशासन का कहना है कि शहर में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।

    जारी आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि कोई संगठन समूह या व्यक्ति किसी प्रकार का सार्वजनिक कार्यक्रम रैली या प्रदर्शन करना चाहता है तो उसे पहले प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। अनुमति के बिना किए गए किसी भी आयोजन को अवैध माना जाएगा और संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने सभी विभागों संगठनों और नागरिकों से इस आदेश का पालन करने की अपील की है।

    इधर उज्जैन जिले के खाचरोद क्षेत्र की लंगर कॉलोनी में सात वर्षीय मासूम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार ध्रुव नामक बच्चा खेलते समय पानी के टैंक में गिर गया। घटना के बाद परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

    मृतक ध्रुव 7 देवास निवासी धर्मेंद्र बलाई का बेटा था। बताया जा रहा है कि ध्रुव अपनी मां ममता बाई के साथ खाचरोद में किराए के मकान में रह रहा था। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। हालांकि मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब बच्चे के पिता धर्मेंद्र बलाई ने अपनी पत्नी ममता बाई और खाचरोद थाने में पदस्थ एएसआई प्रभुलाल डालमिया पर हत्या की आशंका जताई है। पिता ने इस संबंध में एसडीओपी को आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि घटना संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है और इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए।

    फिलहाल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। साथ ही घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • इंदौर मुक्तिधाम हड़कंप: 13 नंबर के तीन टोकन की चूक से अस्थियां गड़बड़, दो परिवारों में हंगामा, तीन घंटे बाद सुलझा मामला

    इंदौर मुक्तिधाम हड़कंप: 13 नंबर के तीन टोकन की चूक से अस्थियां गड़बड़, दो परिवारों में हंगामा, तीन घंटे बाद सुलझा मामला


    इंदौर। इंदौर में पचकुइया मुक्तिधाम पर शनिवार को अस्थियों की अदला-बदली से हंगामा मच गया। मामला तब सामने आया जब एक ही नंबर (13) के तीन टोकन अलग-अलग परिवारों को दे दिए गए। इसी कारण गलती से एक अन्य परिवार स्व. मदनलाल विश्वकर्मा की अस्थियों को अपने स्वजन समझकर ले गया। जब परिवार अस्थियां लेने पहुंचा, तब उन्हें यह पता चला कि अस्थियां उनके स्वजन की नहीं हैं।

    विश्वकर्मा परिवार के अनुसार, 55 वर्षीय मदनलाल विश्वकर्मा का निधन कुछ दिनों पहले हुआ था। उनके अंतिम संस्कार के लिए पंडित ने अस्थि संचय की तिथि रविवार तय की थी, लेकिन शनिवार को परिवार जब संग्रह के लिए मुक्तिधाम पहुंचे तो अस्थियां वहां नहीं मिलीं। इसके बाद परिवार ने ड्यूटी पर मौजूद निगमकर्मी से जानकारी ली, लेकिन कर्मचारी नशे में होने के कारण मदद नहीं कर सके।

    घटना की तहकीकात में पता चला कि 13 नंबर के तीन टोकन अलग-अलग परिवारों को दे दिए गए थे। इसी कारण चौबे परिवार, जिनके 65 वर्षीय स्व. सुनील चौबे का निधन 5 मार्च को हुआ था, ने गलती से विश्वकर्मा परिवार की अस्थियां ले ली। सुबह लगभग 8.30 बजे चौबे परिवार अस्थियों को संग्रह कर खेड़ी घाट के लिए रवाना हुआ, तभी उन्हें मुक्तिधाम से फोन आया कि उन्होंने गलत अस्थियां ले ली हैं। इसके बाद दोनों परिवारों की अस्थियां तीन घंटे बाद सही ढंग से लौटाई गईं।

    विश्वकर्मा परिवार के नजदीकी मुकेश शर्मा ने आरोप लगाया कि मुक्तिधाम में तैनात पंचकुइया मोक्ष विकास समिति के कर्मचारी की लापरवाही से यह स्थिति बनी। उन्होंने बताया कि कर्मचारी से गलती हुई और उसने टोकन संख्या में गड़बड़ी कर दी।

    मुक्तिधाम समिति के अध्यक्ष वैभव बाहेती ने खेद जताते हुए बताया कि गलती करने वाला कर्मचारी 35 सालों से मुक्तिधाम में सेवाएं दे रहा है और कोरोना महामारी के दौरान भी उसने अहम योगदान दिया। उन्होंने कहा कि यह मानवीय भूल थी और संबंधित कर्मचारी को चेतावनी दी गई है।

    इंदौर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर डायल 100 भेजा और एडी. डीसीपी क्राइम राजेश दंडोतिया ने कहा कि यदि किसी पक्ष ने शिकायत दर्ज कराई, तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर मुक्तिधाम संचालन में कर्मचारियों की सतर्कता और टोकन प्रणाली में सुधार की आवश्यकता उजागर कर दी है।

  • लाड़ली बहना योजना से बदली मंजू यादव की किस्मत: घर से शुरू किया सिलाई काम, आज चला रहीं रोजगार देने वाला सेंटर

    लाड़ली बहना योजना से बदली मंजू यादव की किस्मत: घर से शुरू किया सिलाई काम, आज चला रहीं रोजगार देने वाला सेंटर


    भोपाल ।मध्यप्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभर रही है। इस योजना के माध्यम से कई महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। नर्मदापुरम जिले की रहने वाली मंजू यादव इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आई हैं जिन्होंने योजना से मिली आर्थिक सहायता का सदुपयोग करते हुए अपनी जिंदगी की दिशा ही बदल दी। आज वे न केवल आत्मनिर्भर बन चुकी हैं बल्कि अपने प्रयासों से अन्य महिलाओं के लिए भी रोजगार के अवसर तैयार कर रही हैं।

    नर्मदापुरम जिले के वार्ड क्रमांक 31 दीवान चौक ग्वालटोली निवासी 30 वर्षीय मंजू यादव कभी सीमित आय और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच अपने परिवार का सहारा बनने का सपना देखती थीं। आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण उनके लिए यह सपना पूरा करना आसान नहीं था लेकिन मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना ने उनके जीवन में उम्मीद की एक नई किरण जगाई। जून 2023 से उन्हें इस योजना के तहत नियमित आर्थिक सहायता मिलने लगी जिससे उन्हें अपने भविष्य के लिए कुछ नया करने का आत्मविश्वास मिला।

    मंजू यादव ने योजना से प्राप्त राशि को खर्च करने के बजाय सोच समझकर उसका उपयोग करने का निर्णय लिया। उन्होंने अपने घर से ही सिलाई का छोटा सा काम शुरू किया। शुरुआत में उन्होंने सीमित संसाधनों के साथ काम शुरू किया लेकिन उनकी मेहनत और लगन ने धीरे धीरे इस छोटे से प्रयास को एक सफल व्यवसाय में बदल दिया। आसपास के लोगों से कपड़ों की सिलाई के ऑर्डर मिलने लगे और उनका काम लगातार बढ़ने लगा।

    फरवरी 2026 तक मंजू यादव को योजना की 33वीं किश्त सहित कुल 43 हजार 500 रुपये की सहायता राशि प्राप्त हो चुकी है। इस आर्थिक सहयोग और सिलाई के काम से हुए मुनाफे को उन्होंने अपने व्यवसाय के विस्तार में लगाया। उन्होंने सिलाई के लिए अतिरिक्त मशीनें खरीदीं और धीरे धीरे अपने काम को बढ़ाते हुए एक सिलाई सेंटर की शुरुआत कर दी। आज उनके सेंटर में पांच सिलाई मशीनें संचालित हो रही हैं और काम भी नियमित रूप से मिल रहा है।

    मंजू यादव की इस पहल का सबसे सकारात्मक पहलू यह है कि उन्होंने केवल खुद को ही आत्मनिर्भर नहीं बनाया बल्कि अपने सिलाई सेंटर के माध्यम से अन्य महिलाओं को भी रोजगार का अवसर प्रदान किया है। उनके साथ काम करने वाली कई महिलाएं अब नियमित आय अर्जित कर रही हैं जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति भी बेहतर हो रही है।

    मंजू यादव भावुक होकर बताती हैं कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना ने उनके जीवन में नया आत्मविश्वास और उम्मीद जगाई है। इस योजना ने उन्हें अपने सपनों को साकार करने का अवसर दिया। आज वे गर्व के साथ अपने परिवार की जिम्मेदारियों में योगदान दे रही हैं और अपने काम के माध्यम से समाज में एक सकारात्मक संदेश भी दे रही हैं कि सही अवसर और थोड़े से सहयोग से महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन सकती हैं।

    उनकी सफलता की कहानी यह दर्शाती है कि यदि योजनाओं का सही तरीके से लाभ उठाया जाए तो वे न केवल व्यक्तिगत जीवन में बदलाव ला सकती हैं बल्कि समाज में भी सकारात्मक परिवर्तन की राह खोल सकती हैं।

  • भोपाल में आठ साल की मासूम से रेप:पड़ोसी अधेड़ ने टॉफी का लालच देकर घर बुलाया, लोगों ने गंदी हरकत करते रंगे हाथ पकड़ा

    भोपाल में आठ साल की मासूम से रेप:पड़ोसी अधेड़ ने टॉफी का लालच देकर घर बुलाया, लोगों ने गंदी हरकत करते रंगे हाथ पकड़ा




    भोपाल।
     
    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ईंटखेड़ी इलाके में इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहाँ एक 41 वर्षीय अधेड़ ने पड़ोसी होने का भरोसा तोड़ते हुए 8 साल की मासूम छात्रा को अपनी हवस का शिकार बनाया। हालांकि, आरोपी अपनी इस घिनौनी करतूत को छिपा पाता, उससे पहले ही स्थानीय लोगों की सतर्कता ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया और जमकर सबक सिखाया।

    वारदात: टॉफी का लालच और हैवानियत
    घटना शुक्रवार दोपहर की है, जब दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली मासूम अपने घर के बाहर खेल रही थी। तभी पड़ोस में रहने वाले धर्मेंद्र (41) की नीयत बिगड़ गई। उसने मासूम को टॉफी दिलाने का झांसा दिया और फुसलाकर अपने घर के भीतर ले गया। घर का दरवाजा बंद कर आरोपी ने बच्ची के साथ दरिंदगी शुरू कर दी।

    चीख ने खोली पोल: ग्रामीणों ने किया घेराव
    दरिंदगी के दौरान जब मासूम की चीखें घर से बाहर सुनाई दीं, तो आसपास के लोग अनहोनी की आशंका में तुरंत मौके पर पहुँचे। लोगों ने जब घर के भीतर का नजारा देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

    रंगे हाथ गिरफ्तारी: गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी धर्मेंद्र को रंगे हाथ दबोच लिया।

    जनता का इंसाफ: पुलिस के पहुँचने से पहले आक्रोशित भीड़ ने आरोपी की जमकर धुनाई कर दी। सूचना मिलते ही ईंटखेड़ी पुलिस मौके पर पहुँची और लहूलुहान हालत में आरोपी को हिरासत में लिया।

    पुलिस की कार्रवाई: मेडिकल में हुई पुष्टि
    पुलिस ने तत्काल मासूम को मेडिकल जांच के लिए भेजा, जहाँ डॉक्टरों ने रेप की पुष्टि की है।

    सख्त धाराएं: पुलिस ने आरोपी के खिलाफ IPC (BNS) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत संगीन मामला दर्ज किया है।

    कोर्ट में पेशी: शुक्रवार दोपहर को ही आरोपी धर्मेंद्र को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है।

    अपडेट: नाबालिग छात्रा केस में आरोपी माज खान का चौंकाने वाला खुलासा
    इधर, भोपाल के एक अन्य हाई-प्रोफाइल रेप केस (11वीं की छात्रा) में गिरफ्तार आरोपी माज खान ने पुलिस की पूछताछ में सनसनीखेज खुलासे किए हैं। माज ने कबूल किया है कि मुख्य आरोपी ओसाफ अली खान ने ‘थार’ गाड़ी के अंदर नाबालिग से रेप किया था।

    माज ने बताया कि यह सब एक सोची-समझी प्लानिंग का हिस्सा था। जब ओसाफ कार के अंदर था, तब माज बाहर खड़ा होकर कार के शीशे से अंदर झांक रहा था और उसने अपने मोबाइल से पूरी घटना का वीडियो शूट किया। पुलिस अब इस मामले में डिजिटल साक्ष्यों को और मजबूती से जुटा रही है।