Category: Madhya Pradesh

  • MP Weather Alert: आंधी-बारिश, ओले और कोहरे का कहर, आज 20 जिलों में अलर्ट; तीन दिन बिगड़ा रहेगा मौसम

    MP Weather Alert: आंधी-बारिश, ओले और कोहरे का कहर, आज 20 जिलों में अलर्ट; तीन दिन बिगड़ा रहेगा मौसम


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश, ओलावृष्टि और कोहरे का असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने आज राज्य के करीब 20 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और मावठा गिरने की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही अगले तीन दिनों तक कई इलाकों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी दी गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने के कारण प्रदेश में बारिश और ओले गिर रहे हैं। वहीं 5 फरवरी को पश्चिम-उत्तरी भारत में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। इसके चलते 10 फरवरी तक प्रदेश के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का दौर दोबारा शुरू हो सकता है।

    आज यानी मंगलवार को ग्वालियर, राजगढ़, रीवा, विदिशा, गुना, मुरैना, भिंड, आगर मालवा, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, सतना, सागर, दमोह, दतिया, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और निवाड़ी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। इनमें से कई जिलों में सुबह के समय मध्यम कोहरा भी देखा गया, जिससे दृश्यता प्रभावित रही।

    आने वाले तीन दिनों के मौसम की बात करें तो 4 फरवरी बुधवार को ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, सतना, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर और पन्ना जिलों में मध्यम कोहरा छाया रहेगा।5 फरवरी गुरुवार को ग्वालियर, गुना, रीवा, राजगढ़, मऊगंज, मुरैना, भिंड, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, सतना, दतिया, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर में कोहरे का असर देखने को मिलेगा।

    वहीं 6 फरवरी शुक्रवार को ग्वालियर, गुना, रीवा, शिवपुरी, श्योपुर, सिंगरौली, सतना, सीधी, अशोकनगर, मऊगंज, मुरैना, भिंड, पन्ना, छतरपुर, निवाड़ी और टीकमगढ़ में कोहरा छाए रहने की संभावना है।लगातार बदलते मौसम के चलते किसानों की चिंता बढ़ गई है, वहीं लोगों को भी ठंड, कोहरे और बारिश से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने सुबह और रात के समय सावधानी बरतने और आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।

  • Bhopal Crime News: दुष्कर्म आरोपी की कोर्ट में पेशी पर हंगामा, वकीलों ने की पिटाई; कमला पार्क में नाबालिग पर चाकू से हमला

    Bhopal Crime News: दुष्कर्म आरोपी की कोर्ट में पेशी पर हंगामा, वकीलों ने की पिटाई; कमला पार्क में नाबालिग पर चाकू से हमला


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में शुक्रवार को अपराध और कानून-व्यवस्था से जुड़े दो गंभीर मामले सामने आए, जिससे शहर में हड़कंप मच गया। पहला मामला कोहेफिजा इलाके का है, जहां 11वीं कक्षा की छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी की कोर्ट में पेशी के दौरान जमकर हंगामा हुआ। वहीं दूसरी घटना श्यामला हिल्स थाना क्षेत्र के कमला पार्क रेत घाट के पास की है, जहां एक नाबालिग युवक पर चाकू से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया गया।

    कोहेफिजा थाना क्षेत्र में दर्ज दुष्कर्म के मामले में पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश करने पहुंची थी। जैसे ही आरोपी को कोर्ट परिसर में लाया गया, वहां मौजूद वकीलों ने उसे घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस और वकीलों के बीच तीखी बहस के बाद झूमा-झटकी भी हुई। आरोप है कि आरोपी ने कार में 11वीं की छात्रा के साथ दुष्कर्म किया था और धर्म परिवर्तन के साथ अश्लील वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल भी किया था। घटना के दौरान हुए हंगामे और मारपीट का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने किसी तरह हालात को संभालते हुए आरोपी को दो दिन की रिमांड पर लिया है।

    इधर, शहर के श्यामला हिल्स थाना क्षेत्र अंतर्गत कमला पार्क रेत घाट के पास एक और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां 17 वर्षीय नाबालिग युवक पर बदमाशों ने चाकू से हमला कर दिया। युवक पर धारदार हथियार से हाथ और पीठ पर वार किए गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हमले में युवक के पीठ और हाथ के पंजे में गहरी चोटें आई हैं।

    घायल युवक को तत्काल हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।

    लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने राजधानी की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर कोर्ट परिसर में आरोपी के साथ मारपीट, तो दूसरी ओर सार्वजनिक स्थान पर नाबालिग पर जानलेवा हमला इन दोनों मामलों ने पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती बढ़ा दी है।

  • MP के इस जिले को मिली रोप-वे और म्यूजियम का तोहफा, शिवराज ने दी बड़ी खुशखबरी!

    MP के इस जिले को मिली रोप-वे और म्यूजियम का तोहफा, शिवराज ने दी बड़ी खुशखबरी!


    रायसेन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के विदिशा-रायसेन संसदीय क्षेत्र (Vidisha-Raisen Parliamentary Constituency) में सोमवार को चल रहे सांसद खेल महोत्सव (MP Sports Festival) का समापन हुआ, और इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने रायसेन को एक महत्वपूर्ण सौगात दी। शिवराज ने घोषणा की कि उन्हें भारत सरकार से रायसेन के किले तक रोप-वे बनाने की अनुमति मिल गई है। इसके अलावा, किले के भीतर एक भव्य म्यूजियम भी बनेगा, जिसमें रायसेन के इतिहास और धरोहर को प्रदर्शित किया जाएगा।


    किले तक पहुँचने का आसान रास्ता मिलेगा: रोप-वे का निर्माण होगा

    रायसेन का किला एक ऊंची पहाड़ी की चोटी पर स्थित है, जिससे वहां पहुंचना हमेशा ही चुनौतीपूर्ण रहा है। अब रोप-वे के निर्माण से श्रद्धालु और पर्यटक आसानी से किले तक पहुँच सकेंगे। शिवराज ने इस बारे में रायसेन के विधायक प्रभुराम चौधरी को भारत सरकार से प्राप्त आदेश की कॉपी भी सौंपी। उन्होंने इस अवसर पर बताया कि किले तक रोप-वे निर्माण के साथ-साथ वहां एक शानदार म्यूजियम भी स्थापित किया जाएगा, जो इलाके के समृद्ध इतिहास को संजोएगा। म्यूजियम में रायसेन की ऐतिहासिक धरोहर और संस्कृति की झलक मिल सकेगी, जो न केवल स्थानीय लोगों, बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक आकर्षण का केंद्र बनेगा।


    रायसेन में होगा किसान कुंभ और मेला

    कार्यक्रम के दौरान, शिवराज सिंह चौहान ने यह भी घोषणा की कि अप्रैल महीने में 12, 13 और 14 तारीख को रायसेन में ‘किसान कुंभ’ और किसानों का मेला आयोजित किया जाएगा। इसमें किसानों को खेती से जुड़ी नई तकनीकों और प्रशिक्षण के बारे में जानकारी दी जाएगी। शिवराज ने कहा, “रायसेन अब सिर्फ ऐतिहासिक नहीं, बल्कि एक आदर्श जिले के रूप में भी विकसित होगा।”

    शिवराज ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा, “रायसेन के लोग, आपकी मुस्कान ही मेरी जिंदगी है। मैं वचन देता हूँ कि आपकी खुशियों के लिए मामा कोई कसर नहीं छोड़ेगा।” उनका यह वक्तव्य कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों के लिए उत्साहवर्धक था, और उन्होंने रायसेन के विकास की दिशा में और भी योजनाएं बनाने की बात की।


    प्रभुराम चौधरी ने दी रायसेन के विकास की दिशा में नई दिशा

    कार्यक्रम के दौरान रायसेन के विधायक और पूर्व मंत्री प्रभुराम चौधरी ने सोशल मीडिया पर खुशी व्यक्त करते हुए लिखा, “रायसेन के मेरे प्रिय भाई-बहनों, आज हमारे लिए ऐतिहासिक दिन है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के प्रयासों से हमें रायसेन किले में रोप-वे निर्माण की अनुमति मिली है। अब श्रद्धालु और पर्यटक रोप-वे के माध्यम से किले तक पहुंच सकेंगे। इसके साथ ही, किले में एक भव्य म्यूजियम भी बनेगा, जिससे रायसेन की समृद्ध विरासत को नई पहचान मिलेगी। हम अपने जिले के विकास और पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

    रायसेन किला: ऐतिहासिक धरोहर का प्रतीक
    रायसेन का किला मध्य प्रदेश के प्रमुख किलों में से एक है, और यह राजधानी भोपाल से लगभग 40 किलोमीटर दूर एक ऊंची पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। किले का निर्माण 11वीं शताब्दी में हुआ था, और यह पहले हिंदू राजाओं का गढ़ हुआ करता था। बाद में इस किले पर अफगान और मुग़ल शासकों का भी अधिकार रहा। किले में हिंदू और मुग़ल वास्तुकला का अद्भुत मिश्रण देखने को मिलता है। किले के अंदर कई महत्वपूर्ण स्थल हैं जैसे बादल महल, रानी महल, जलाशय, मंदिर और हजरत पीर फतेह उल्लाह शाह बाबा की दरगाह, जहां हर साल उर्स के मौके पर हजारों श्रद्धालु आते हैं।

    किले तक रोप-वे बनने से, न केवल किले तक पहुंचना आसान होगा, बल्कि यह क्षेत्र के पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। किले में बने म्यूजियम से रायसेन की ऐतिहासिक विरासत को एक नई पहचान मिलेगी, जो पर्यटकों को आकर्षित करेगी और स्थानीय संस्कृति को संजोने में मदद करेगी।


    समारोह में भारतीय क्रिकेटर रविंद्र जडेजा की उपस्थिति

    मध्य प्रदेश में सांसद खेल महोत्सव के समापन समारोह में भारतीय टीम के स्टार क्रिकेटर रविंद्र जडेजा भी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। उन्होंने इस अवसर पर एक रोड शो में हिस्सा लिया और खेल महोत्सव में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को संबोधित किया। इस कार्यक्रम ने क्षेत्रीय खेलों को बढ़ावा देने और युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


    नए विकास की दिशा में शिवराज की पहल

    शिवराज सिंह चौहान ने इस मौके पर जोर दिया कि रायसेन में और भी विकास योजनाएं बनाई जा रही हैं, जिनसे जिले का समग्र विकास होगा। उन्होंने यह भी कहा कि रायसेन अब हिंदुस्तान के आदर्श जिलों में शामिल होगा, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और किसानों के लिए योजनाएं संचालित की जाएंगी। कुल मिलाकर, रायसेन को रोप-वे और म्यूजियम जैसी महत्वपूर्ण सौगातें मिल रही हैं, जो न केवल जिले के विकास को गति देंगी, बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर को भी संरक्षित करेंगी।

  • अनूपपुर में मवेशियों की रहस्यमयी मौत से हड़कंप: दो दिनों में 12 पशु मरे, फूड प्वाइजनिंग की आशंका

    अनूपपुर में मवेशियों की रहस्यमयी मौत से हड़कंप: दो दिनों में 12 पशु मरे, फूड प्वाइजनिंग की आशंका


    अनूपपुर । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में मवेशियों की अचानक हो रही मौतों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। बीते दो दिनों में 10 से 12 मवेशियों की रहस्यमयी बीमारी से मौत हो चुकी है। यह मामला कोतमा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत दूल्ही बांध के मुसवा झोरखी गांव का बताया जा रहा है जहां एक के बाद एक पशुओं की मौत ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है।

    ग्रामीणों के अनुसार बीमार मवेशियों में अचानक लार गिरना पेट फूलना सांस लेने में तकलीफ और कमजोरी जैसे लक्षण नजर आ रहे हैं। हालत इतनी तेजी से बिगड़ रही है कि कुछ मवेशियों की कुछ ही घंटों के भीतर मौत हो जा रही है। बीमारी के तेजी से फैलने की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों ने एहतियातन अपने मवेशियों को बांधकर रखना शुरू कर दिया है ताकि संक्रमण अन्य पशुओं तक न पहुंचे।

    मामले की जानकारी मिलते ही पशु चिकित्सा विभाग की चलित टीम गांव पहुंची और बीमार व स्वस्थ मवेशियों के ब्लड सैंपल लेकर जांच शुरू की। साथ ही एहतियात के तौर पर टीकाकरण का कार्य भी किया जा रहा है। बिजुरी के पशु चिकित्सक डॉ. गुप्ता ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला फूड प्वाइजनिंग से जुड़ा हो सकता है हालांकि बीमारी की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और लैब जांच आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    इस बीच ग्रामीणों ने पशु चिकित्सा विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने बीमारी के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर ही निगवानी क्षेत्र के पशु चिकित्सक डॉ. पांडे को सूचना देकर टीकाकरण की मांग की थी लेकिन ब्लॉक पशु चिकित्सा अधिकारी की ओर से समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। आरोप है कि इसी लापरवाही के कारण दो दिनों में 12 मवेशियों की जान चली गई।

    ग्रामीणों ने बताया कि जब मामले की शिकायत कलेक्टर तक पहुंचाई गई तब जाकर पशु चिकित्सा विभाग हरकत में आया और टीम को गांव भेजा गया। फिलहाल गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है और पशुपालक अपने मवेशियों को लेकर चिंतित हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद बीमारी के कारणों पर स्थिति साफ हो सकेगी। तब तक एहतियात बरतने और मवेशियों को खुले में चरने से रोकने की सलाह दी गई है।

  • एमपी सरकार फिर लेगी 5200 करोड़ का कर्ज: 2026 में दूसरी बार ऋण, चालू वित्तीय वर्ष में आंकड़ा 62,300 करोड़ पहुंचा

    एमपी सरकार फिर लेगी 5200 करोड़ का कर्ज: 2026 में दूसरी बार ऋण, चालू वित्तीय वर्ष में आंकड़ा 62,300 करोड़ पहुंचा


    भोपाल । मध्य प्रदेश सरकार एक बार फिर बड़ा कर्ज लेने जा रही है। वर्ष 2026 में यह सरकार का दूसरा ऋण होगा। आगामी 7 फरवरी को राज्य सरकार को 5200 करोड़ रुपये का कर्ज मिलेगा। इसके साथ ही चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में लिया गया कुल ऋण बढ़कर 62300 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। इससे पहले सरकार इस वित्तीय वर्ष में 57100 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है।

    सरकारी जानकारी के अनुसार 5200 करोड़ रुपये के इस ऋण को तीन अलग-अलग किस्तों में लिया जा रहा है। पहली किस्त के तहत 1200 करोड़ रुपये का कर्ज 7 वर्ष की अवधि के लिए होगा जिसकी ब्याज सहित भुगतान की अंतिम तिथि 4 फरवरी 2033 तय की गई है। दूसरी किस्त में 2000 करोड़ रुपये का कर्ज 17 वर्ष की अवधि के लिए लिया जा रहा है जिसे 4 फरवरी 2043 तक चुकाया जाएगा। वहीं तीसरी किस्त में 2000 करोड़ रुपये का ऋण 22 वर्षों की अवधि के लिए लिया गया है जिसका भुगतान ब्याज सहित किया जाएगा।

    बताया जा रहा है कि सरकार द्वारा लिया जा रहा यह कर्ज विकास कार्यों योजनाओं के क्रियान्वयन और वित्तीय प्रबंधन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। हालांकि लगातार बढ़ते कर्ज को लेकर राज्य की वित्तीय स्थिति पर भी सवाल उठने लगे हैं।

    अगर पूरे वित्तीय वर्ष 2025-26 की बात करें तो सरकार लगभग हर महीने बाजार से ऋण लेती नजर आई है। 7 मई 2025 को 5000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया। इसके बाद 4 जून को 4500 करोड़ 8 जुलाई को 4800 करोड़ और 30 जुलाई को 4300 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया। अगस्त महीने में भी सरकार ने दो बार कर्ज लिया—5 अगस्त को 4000 करोड़ और 26 अगस्त को 4800 करोड़ रुपये।

    सितंबर में 9 तारीख को 4000 करोड़ 23 सितंबर को 3000 करोड़ और 30 सितंबर को फिर 3000 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया। इसके बाद 28 अक्टूबर को 5200 करोड़ 11 नवंबर को 4000 करोड़ 2 दिसंबर को 3000 करोड़ और 30 दिसंबर 2025 को 3500 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया। लगातार बढ़ते कर्ज के बीच अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार इन पैसों का उपयोग किस तरह करती है और आने वाले समय में राज्य की आर्थिक सेहत को संतुलित रखने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

  • सोशल मीडिया की ताकत रंग लाई: यूट्यूबर लीला साहू की वर्षों पुरानी मांग पूरी, गांव में शुरू हुआ सड़क निर्माण

    सोशल मीडिया की ताकत रंग लाई: यूट्यूबर लीला साहू की वर्षों पुरानी मांग पूरी, गांव में शुरू हुआ सड़क निर्माण


    सीधी । सोशल मीडिया के दौर में अगर आवाज बुलंद हो और इरादे मजबूत हों तो बदलाव मुमकिन हैयह साबित कर दिखाया है सीधी जिले की यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर लीला साहू ने। वर्षों से खराब सड़क को लेकर संघर्ष कर रहीं लीला की मांग अब पूरी हो गई है। सड़क निर्माण का काम शुरू होते ही गांव में खुशी और उत्साह का माहौल है।

    जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर ग्राम खड्डी से बैगहा टोला तक करीब 10 किलोमीटर का यह सड़क मार्ग वर्षों से बदहाल स्थिति में था। खासकर बरसात के मौसम में हालात इतने खराब हो जाते थे कि गांव तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं था। गर्भवती महिलाओं बुजुर्गों और मरीजों को अस्पताल ले जाना मानो टेढ़ी खीर बन गया था। इसी दुर्दशा को लेकर लीला साहू ने सोशल मीडिया को हथियार बनाया और सड़क की सच्चाई देश-दुनिया के सामने रखी।

    लीला साहू ने सड़क की बदहाली को लेकर कई वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए जो देखते ही देखते वायरल हो गए। उन्होंने प्रधानमंत्री से लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री तक गुहार लगाई वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सांसदों पर भी नाराजगी जाहिर की थी। उनके वीडियो ने न सिर्फ प्रशासन का ध्यान खींचा बल्कि यह मुद्दा प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गया।

    अब जब सड़क निर्माण कार्य शुरू हो गया है तो लीला साहू ने गांव वालों के साथ खुशी जाहिर करते हुए एक बार फिर सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किया है। इस वीडियो में उन्होंने प्रदेश के मुखिया स्थानीय सांसद और मीडिया का धन्यवाद किया है। उनका कहना है कि यह जीत अकेले उनकी नहीं बल्कि पूरे गांव की है जिसने वर्षों तक कठिनाइयों का सामना किया।

    ग्रामीणों का कहना है कि पक्की सड़क बनने से अब उन्हें शिक्षा स्वास्थ्य और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। बच्चों को स्कूल पहुंचने में आसानी होगी और आपात स्थिति में अस्पताल तक पहुंचना सरल होगा। गांव में विकास की नई उम्मीद जगी है।

    लीला साहू की यह सफलता इस बात का उदाहरण है कि जब आम नागरिक अपनी बात मजबूती से और सही मंच पर रखता है तो सिस्टम को भी सुनना पड़ता है। सोशल मीडिया की ताकत और जनआवाज ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बदलाव संभव है।

  • 50 साल के कब्जे, कोर्ट के स्टे और चार रजिस्ट्री के बावजूद गरजा बुलडोजर: मऊगंज में प्रशासन बनाम गरीब

    50 साल के कब्जे, कोर्ट के स्टे और चार रजिस्ट्री के बावजूद गरजा बुलडोजर: मऊगंज में प्रशासन बनाम गरीब


    मऊगंज । कहते हैं कानून अंधा होता है लेकिन मऊगंज का राजस्व अमला इस कहावत से भी एक कदम आगे नजर आ रहा है यहां कानून न सिर्फ अंधा बल्कि बहरा भी दिखाई दे रहा है। देवतालाब उप-तहसील के नौडिया गांव में प्रशासन ने जिस तरह भारी पुलिस बल के साथ गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी की उसने पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। यह कार्रवाई उस जमीन पर की जा रही है जिस पर लोग पिछले करीब 50 वर्षों से काबिज हैं और जहां सिविल कोर्ट का स्पष्ट स्थगन आदेश स्टे भी लागू है।

    पूरा विवाद 1988 में की गई एक रजिस्ट्री से शुरू होता है। आरोप है कि भगवानदीन पटेल नाम के एक रसूखदार पटवारी ने जमीन की रजिस्ट्री करवाई नामांतरण भी हुआ लेकिन इसके बाद खेल शुरू हुआ। पटवारी के भाई ने अपील दायर कर खरीदारों का नाम रिकॉर्ड से कटवा दिया और जमीन दोबारा अपने नाम दर्ज करा ली। हैरानी की बात यह है कि जिस अपील के आधार पर मालिकाना हक बदला गया उसका कोई रिकॉर्ड आज राजस्व विभाग के पास मौजूद नहीं है।

    यहीं से जमीन की जालसाजी का सिलसिला तेज हो गया। आरोप है कि एक ही जमीन की चार बार रजिस्ट्री की गई। 1988 के बाद वर्षों तक लोग उसी जमीन पर मकान बनाकर रहते रहे फिर 2022 में दोबारा खरीद-फरोख्त हुई। एक ही खसरे की जमीन अलग-अलग लोगों को बेची जाती रही और प्रशासन आंख मूंदे बैठा रहा। अब जब विवाद कोर्ट में है और मामला विचाराधीन है तो अचानक प्रशासन को यह जमीन “सरकारी” नजर आने लगी।

    सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सिविल कोर्ट का स्टे ऑर्डर प्रभावशील है तो प्रशासन किस कानून के तहत अतिक्रमण हटाने पहुंचा? क्या मऊगंज का राजस्व अमला खुद को माननीय न्यायालय से ऊपर समझता है? कार्रवाई के दौरान हालात इतने बिगड़ गए कि कुछ लोगों ने आत्मघाती कदम उठाने की कोशिश क किसी ने हाथ की नस काट ली तो किसी ने खुद को घर में बंद कर लिया।

    विडंबना यह भी है कि जिस जमीन को सरकारी बताया जा रहा है उससे जुड़े पुख्ता दस्तावेज प्रशासन के पास नहीं हैं। न यह स्पष्ट है कि जमीन कब और कैसे सरकारी घोषित हुई। इसके बावजूद कार्रवाई के दौरान जब लोगों ने विरोध किया तो अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया भले ही रोक दी गई लेकिन वर्तमान पटवारी ने पीड़ितों पर ही “कानूनी हंटर” चला दिया। नौ लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा और गाली-गलौज जैसी धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया।

    आज नौडिया गांव के लोग अपनी ही जमीन पर खुद को बेगाना महसूस कर रहे हैं। सवाल यह है कि जिसने 27 डिसमिल हिस्से में 40 डिसमिल जमीन बेच दी उस पूर्व पटवारी पर अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या प्रशासन की जिम्मेदारी सिर्फ गरीबों के घर गिराना है या उस सिस्टम को दुरुस्त करना भी है जो भ्रष्टाचार को संरक्षण देता है?

  • मप्र में जहरीले कफ सीरप से 25वीं मौत, 4 महीने कोमा में रहने के बाद जिंदगी की जंग हार गया एक और बच्चा

    मप्र में जहरीले कफ सीरप से 25वीं मौत, 4 महीने कोमा में रहने के बाद जिंदगी की जंग हार गया एक और बच्चा

    toxic cough syrup

    भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छिंदवाड़ा जिले (Chhindwara district) के परासिया क्षेत्र में हुए जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप कांड (Toxic Coldrif Cough Syrup Scandal) के शिकार एक और बच्चे की मौत हो गई। बैतूल जिले के चार वर्षीय हर्ष यदुवंशी की रविवार रात करीब नागपुर एम्स में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वह पिछले चार महीने से आईसीयू में भर्ती था और एम्स नागपुर में कोमा में जिंदगी की जंग लड़ रहा था। इस मौत के बाद प्रदेश में जहरीले कफ सीरप के सेवन से मरने वाले बच्चों की संख्या 25 हो गई है।

    जानकारी के अनुसार, बैतूल जिले के टीकाबर्री निवासी गोकुल यदुवंशी के पुत्र हर्ष को सर्दी खांसी की शिकायत पर एक अक्टूबर 2025 को छिंदवाड़ा जिले के परासिया में एसएस ठाकुर को दिखाया था। ठाकुर की क्लीनिक पर हर्ष को कोल्ड्रिफ सीरप दिया गया था। उसको पीने के बाद हर्ष की हालत बिगड़ गई। बच्चे को गंभीर हालत में परिजन ने नागपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। बाद में जब छिंदवाड़ा और बैतूल में कई बच्चों की मौत हो गई तो प्रशासन हरकत में आया। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर हर्ष को भी निजी अस्पताल से निकालकर नागपुर एम्स में भर्ती कराया गया। तबसे वह एम्स में ही भर्ती था।

    डॉक्टरों ने हर्ष की स्थिति शुरुआत से ही नाजुक बताई थी, लेकिन वे धीरे-धीरे रिकवरी होने की बात कह रहे थे। बच्चे के दादा देवा यदुवंशी ने बताया कि उसे भर्ती कराने के बाद से होश नहीं आया। डॉक्टर रोज कहते थे कि अब थोड़ा बेहतर है, लेकिन कल रात वह हमें छोड़ गया।

    हर्ष के पिता गोकुल पेशे से किसान हैं। उनके दो बेटे हैं, जिनमें हर्ष बड़ा था। बच्चे के इलाज के लिए परिवार के सदस्य पिछले चार महीनों से नागपुर में ही डेरा जमाए हुए थे। एम्स में हर्ष का इलाज तो मुफ्त हुआ, लेकिन परिजनों के नागपुर में रहने और खाने-पीने पर इन चार महीनों में लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं। आमला एसडीएम शैलेंद्र बड़ोनिया ने बच्चे की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से बीमार हुए बच्चों में बैतूल जिले का हर्ष भी शामिल था, जिसे गंभीर हालत में नागपुर एम्स रेफर किया गया था।

    गौरतलब है कि पिछले वर्ष सितंबर-अक्टूबर महीने में जहरीले कफ सीरप कोल्ड्रिफ का सेवन करने वाले बच्चों की किडनी खराब होने की जानकारी सामने आई थी। लगातार मौतों के बाद कफ सीरप बनाने वाली तमिलनाडु की कंपनी और कफ सीरप लिखने वाले चिकित्सकों और दवा दुकानदारों के विरुद्ध कार्रवाई की गई थी। अब हर्ष की मौत के साथ ही यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। सोमवार को पोस्टमार्टम कराने के बाद स्वजन शव लेकर गांव पहुंचे और देर शाम उसका अंतिम संस्कार किया गया।

  • मुरैना में रफ्तार का कहर: यात्री बस ने खड़े ई-रिक्शा को मारी टक्कर, पहिया चढ़ने से महिला की दर्दनाक मौत; एक ही परिवार के 5 लोग घायल

    मुरैना में रफ्तार का कहर: यात्री बस ने खड़े ई-रिक्शा को मारी टक्कर, पहिया चढ़ने से महिला की दर्दनाक मौत; एक ही परिवार के 5 लोग घायल


    मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में सोमवार सुबह करीब 10 बजे नेशनल हाईवे 552 पर एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। माता बसैया थाना क्षेत्र के खैरा मोड़ पर एक तेज रफ्तार यात्री बस ने सड़क किनारे खड़े ई-रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ई-रिक्शा में बैठी महिला उछलकर सड़क पर गिर गई और बस का पिछला टायर उसके ऊपर से निकल गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में मृतिका के बेटे सहित परिवार के पांच अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

    खड़े रिक्शे पर काल बनकर आई बस प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुनीता प्रजापति पत्नी पप्पू प्रजापति अपने परिवार के साथ ई-रिक्शा में सवार होकर कहीं जा रही थीं। खैरा मोड़ के पास ई-रिक्शा साइड में खड़ा हुआ था, तभी मुरैना से अंबाह की ओर जा रही ‘शीतला बस’ क्रमांक MP06 P 0524 के चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए रिक्शे को टक्कर मार दी। सुनीता प्रजापति सड़क पर गिर गईं और बस का पहिया उनके ऊपर से गुजर गया।

    परिवार के 5 सदस्य जिला अस्पताल में भर्ती हादसे में ई-रिक्शा में सवार अन्य लोग सड़क पर बिखर गए और उन्हें गंभीर चोटें आईं। घायलों में मृतिका का 26 वर्षीय बेटा लवकुश भी शामिल है। अन्य घायलों की पहचान इस प्रकार है: शुभम 18 वर्ष, अर्चना पत्नी मांगी लाल गौर 40 वर्ष, मणि गौर पुत्र दाताराम गौर 45 वर्ष ,मुन्नी पत्नी दाताराम गौर 60 वर्ष , लवकुश पुत्र पप्पू प्रजापति 26 वर्ष सभी घायलों को तत्काल एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है।

    बस छोड़कर फरार हुआ चालक हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों को इकट्ठा होते देख बस चालक मौके पर ही बस छोड़कर फरार हो गया। माता बसैया थाना प्रभारी एसआई अरुण कुशवाहा ने बताया कि पुलिस ने बस को जब्त कर थाने में रखवा लिया है। मृतिका के शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

  • इंदौर भागीरथपुरा त्रासदी: दूषित पानी ने ली 32वीं जान, वेंटिलेटर पर रही बुजुर्ग महिला ने तोड़ा दम; अभी भी 2 मरीज ICU में

    इंदौर भागीरथपुरा त्रासदी: दूषित पानी ने ली 32वीं जान, वेंटिलेटर पर रही बुजुर्ग महिला ने तोड़ा दम; अभी भी 2 मरीज ICU में


    इंदौर। भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी की आपूर्ति से शुरू हुआ मौतों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार रात बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती 65 वर्षीय अनिता कुशवाह की मौत के साथ ही इस हादसे में मरने वालों की संख्या अब 32 हो गई है। अनिता पिछले एक महीने से वेंटिलेटर पर थीं और उनके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

    एक महीने तक चला संघर्ष, फेल हुई किडनी अनिता के बेटे नीलेश ने बताया कि उनकी मां को पहले से कोई बीमारी नहीं थी। 28 दिसंबर को दूषित पानी के कारण उन्हें उल्टी-दस्त शुरू हुए। भाग्यश्री अस्पताल से डिस्चार्ज होने के कुछ ही घंटों बाद उनकी हालत फिर बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें अरबिंदो और फिर बॉम्बे हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया। संक्रमण इतना घातक था कि उनकी किडनी फेल हो गई और उन्हें कार्डियक अरेस्ट दिल का दौरा भी आया। लंबे समय तक डायलिसिस और वेंटिलेटर पर रहने के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।

    450 मरीज ठीक हुए, पर खतरा अभी टला नहीं सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी के अनुसार, अब तक 450 से ज्यादा लोग इलाज के बाद ठीक होकर घर जा चुके हैं। हालांकि, अभी भी तीन मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से 2 की हालत अत्यंत नाजुक है और वे आईसीयू में जीवन रक्षक प्रणालियों पर हैं। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को 24 घंटे खुला रखा है और दो एम्बुलेंस तैनात की हैं।

    निगम के दावों पर अविश्वास: 30% हिस्से में ही सप्लाई नगर निगम का दावा है कि अब पानी साफ आ रहा है और पाइप लाइन के लीकेज दुरुस्त कर लिए गए हैं, लेकिन क्षेत्र के निवासी अभी भी डरे हुए हैं। वर्तमान में केवल 30% हिस्से में ही पानी की सप्लाई की जा रही है। लोग निगम के पानी के बजाय आरओ और टैंकरों के पानी पर निर्भर हैं। 70% हिस्से में अभी भी नई पाइप लाइन बिछाने का काम चल रहा है, जिसके बाद लीकेज टेस्टिंग और सैंपल जांच की जाएगी। अनिता कुशवाह का अंतिम संस्कार सोमवार को किया जाएगा। उनके परिवार में पति, एक बेटा और दो बेटियां हैं। यह घटना इंदौर नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर रही है।