Category: Madhya Pradesh

  • इंदौर में रैपिडो चालक की दरिंदगी: नाबालिग को झांसा देकर फ्लैट में ले गया, फिर किया दुष्कर्म; पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज

    इंदौर में रैपिडो चालक की दरिंदगी: नाबालिग को झांसा देकर फ्लैट में ले गया, फिर किया दुष्कर्म; पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज


    इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक रैपिडो बाइक चालक ने राजवाड़ा खरीदारी करने जा रही एक नाबालिग लड़की को अपनी हवस का शिकार बनाया। आरोपी ने न केवल सुरक्षा के भरोसे को तोड़ा, बल्कि नाबालिग को सस्ते कपड़ों का लालच देकर सुनसान फ्लैट पर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।

    राजवाड़ा जाने के लिए बुक की थी बाइक पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह खरीदारी करने के लिए राजवाड़ा जाना चाहती थी, जिसके लिए उसने मोबाइल ऐप के माध्यम से रैपिडो बाइक बुक की थी। चालक उसे राजवाड़ा तो ले गया, लेकिन वहां उसने पीड़िता को अपनी बातों के जाल में फंसाना शुरू कर दिया। आरोपी ने नाबालिग से कहा कि वह एक ऐसी जगह जानता है जहाँ बहुत ही सस्ते दामों पर अच्छे कपड़े मिलते हैं। मासूम लड़की उसकी बातों में आ गई।

    परदेसीपुरा ले जाकर किया दुष्कर्म आरोपी चालक नाबालिग को राजवाड़ा से परदेसीपुरा स्थित अपने एक कमरे पर ले गया। वहां पहुँचते ही आरोपी ने अपना असली रंग दिखाया और पीड़िता के साथ जबरदस्ती की। डरी-सहमी नाबालिग जब बदहवास हालत में अपने घर पहुँची और परिजनों को आपबीती सुनाई, तो परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। तत्काल रावजी बाजार थाने पहुँचकर शिकायत दर्ज कराई गई।

    पुलिस की तलाश और तकनीक का सहारा रावजी बाजार पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अज्ञात आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस की टीमें अब दो स्तरों पर काम कर रही हैं डिजिटल फुटप्रिंट: रैपिडो ऐप से उस समय की गई बुकिंग और चालक की आईडी की जानकारी निकाली जा रही है।

    CCTV फुटेज: राजवाड़ा से लेकर परदेसीपुरा तक के पूरे रूट के कैमरों को खंगाला जा रहा है ताकि बाइक नंबर और आरोपी के चेहरे की स्पष्ट पहचान हो सके। यह घटना उन हजारों महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करती है जो रोजाना निजी ट्रांसपोर्ट एप्स का इस्तेमाल करती हैं। पुलिस ने जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया है।

  • दामजीपुरा बवाल अपडेट: बैतूल में भारी पुलिस बल तैनात, आरोपी अब्बू खान गिरफ्तार; हिंसा के बाद अब शांति की ओर कदम

    दामजीपुरा बवाल अपडेट: बैतूल में भारी पुलिस बल तैनात, आरोपी अब्बू खान गिरफ्तार; हिंसा के बाद अब शांति की ओर कदम


    बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के दामजीपुरा गांव में बीते रविवार को हुई साम्प्रदायिक हिंसा के बाद अब हालात धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहे हैं। एक आपत्तिजनक और अमानवीय वीडियो वायरल होने के बाद भड़की भीड़ ने इलाके में जमकर उत्पात मचाया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है और फिलहाल गांव एक छावनी में तब्दील नजर आ रहा है।

    घटना का मूल कारण: अमानवीय कृत्य और आक्रोश विवाद की शुरुआत तब हुई जब एक विशेष समुदाय के आदतन अपराधी अब्बू खान द्वारा गाय के साथ अप्राकृतिक कृत्य करने का मामला सामने आया। इस घृणित कार्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। रविवार सुबह दामजीपुरा और आसपास के करीब 10 गांवों से हजारों की भीड़ जमा हो गई। आक्रोशित भीड़ ने आरोपी के घर और दुकान सहित कई स्थानों पर तोड़फोड़, आगजनी और पथराव किया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।

    भारी सुरक्षा घेरा और 120 जवानों की तैनाती हालात बेकाबू होते देख बैतूल सहित आसपास के चार जिलों का पुलिस बल तत्काल दामजीपुरा रवाना किया गया। वर्तमान में करीब 120 सशस्त्र जवान गांव की गलियों में गश्त कर रहे हैं। पुलिस की पैनी नजर उन असामाजिक तत्वों पर है जो सोशल मीडिया के जरिए अफवाहें फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था तब तक कायम रहेगी जब तक पूर्ण विश्वास का वातावरण नहीं बन जाता।

    आरोपी सलाखों के पीछे पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अब्बू खान को गिरफ्तार कर लिया है। उसे न्यायालय में पेश कर सख्त रिमांड मांगी जाएगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि आरोपी के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाएगी जो मिसाल बने। वहीं, आगजनी और तोड़फोड़ में शामिल उपद्रवियों की भी पहचान की जा रही है।

    बाजारों में लौटी रौनक, शांति की अपील सोमवार से दामजीपुरा के बाजार में दुकानें धीरे-धीरे खुलने लगी हैं और लोग अपनी दिनचर्या की ओर लौट रहे हैं। कलेक्टर और एसपी ने संयुक्त रूप से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस विभाग ने चेतावनी जारी की है कि कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

  • मऊगंज में 'कागजी' तस्करी का भंडाफोड़: 28 गौवंशों से भरी 3 पिकअप जब्त; सरपंचों के फर्जी पत्राचार ने खोली प्रशासन की पोल

    मऊगंज में 'कागजी' तस्करी का भंडाफोड़: 28 गौवंशों से भरी 3 पिकअप जब्त; सरपंचों के फर्जी पत्राचार ने खोली प्रशासन की पोल


    मऊगंज । रीवा और मऊगंज जिले की सीमा पर स्थित लौर थाना क्षेत्र में गौ-तस्करी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पटपरा तिराहे पर स्थानीय ग्रामीणों की सजगता से गौवंशों से भरी तीन पिकअप गाड़ियों को पकड़ा गया है। इस कार्रवाई ने न केवल पशु क्रूरता की पराकाष्ठा को उजागर किया है, बल्कि यह भी साफ कर दिया है कि तस्करों ने बचने के लिए पंचायतों और कागजों का एक ऐसा मायाजाल बुना है, जिसकी जड़ें काफी गहरी हैं।

    क्रूरता की हदें पार, चीख भी नहीं सके बेजुबान ग्रामीणों ने जब घेराबंदी कर तीन पिकअप वाहनों MP17 G3621, MP17 ZH 1466, MP 17 G 346 को रोका, तो अंदर का नजारा देखकर रूह कांप गई। तीन गाड़ियों में कुल 28 गौवंशों को इतनी बेरहमी से ठूंस-ठूंस कर भरा गया था कि वे हिलने-डुलने तक में असमर्थ थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान महेंद्र गुप्ता, अंकित साकेत और सुरेश साहू निवासी मनगवां के रूप में हुई है।

    फर्जी दस्तावेजों का मायाजाल पकड़े जाने के बाद आरोपियों ने जो दस्तावेज पेश किए, वे तस्करी के इस खेल को और भी संदिग्ध बनाते हैं। मऊगंज की आमोखर ग्राम पंचायत के सरपंच ने 26 जनवरी को एक पत्र जारी कर 50 किलोमीटर दूर स्थित तिवरीगवां पंचायत से 70 गौवंशों की मांग की थी। हैरानी की बात यह है कि जब तिवरीगवां के सरपंच से संपर्क किया गया, तो उन्होंने ऐसे किसी भी पत्राचार या जानकारी से साफ इनकार कर दिया। आखिर एक पंचायत का सरपंच दूसरी पंचायत के आवारा पशुओं का ‘सौदा’ कैसे कर सकता है?

    गौ-सेवा या संगठित तस्करी? सूत्रों की मानें तो यह गौ-सेवा नहीं बल्कि तस्करी का एक संगठित सिंडिकेट है। आमोखर गौशाला, जिसकी क्षमता 400 है और जहाँ पहले से ही 500 से अधिक पशु बदहाली में हैं, वहाँ अचानक दूसरे जिले से पशु क्यों मंगाए जा रहे थे? आरोपियों ने बचाव के लिए रीवा प्रशासन का महीनों पुराना एक पत्र भी दिखाया, जिसका वर्तमान परिवहन से कोई कानूनी लेना-देना नहीं था। यह साफ इशारा करता है कि कागजों को ढाल बनाकर तस्करी की चाल चली जा रही थी।

    सवालों के घेरे में ‘खाकी’ और पंचायत आशुतोष मिश्रा और गोलू गौतम जैसे सजग युवाओं की बदौलत यह गिरोह पकड़ में तो आ गया, लेकिन पुलिस की कार्रवाई फिलहाल ‘पशु क्रूरता’ की साधारण धाराओं तक सीमित दिख रही है। सवाल उठता है कि क्या प्रशासन उन सरपंचों पर शिकंजा कसेगा जिन्होंने फर्जी पत्राचार किया? क्या पुलिस इस रैकेट के असली ‘मास्टरमाइंड’ तक पहुँचेगी? मऊगंज एसडीओपी सचि पाठक ने वैधानिक कार्रवाई का भरोसा दिया है, लेकिन ग्रामीणों की मांग है कि इसे केवल क्रूरता नहीं बल्कि संगठित अपराध मानकर जांच की जाए।

  • श्रद्धा, आस्था और रहस्य का अद्भुत संगम है बोरेश्वर महादेव मंदिर, रात में दर्शन को आते हैं नंदी महाराज

    श्रद्धा, आस्था और रहस्य का अद्भुत संगम है बोरेश्वर महादेव मंदिर, रात में दर्शन को आते हैं नंदी महाराज


    नई दिल्ली। उज्जैन और काशी को बाबा महाकाल की धरती के रूप में पूजा जाता है जहां हर मंदिर से कोई न कोई धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व जुड़ा हुआ है। उज्जैन की पावन भूमि पर बाबा महाकाल के अलावा भगवान शिव का एक और अद्भुत और रहस्यमयी स्वरूप विराजमान है जिसे बोरेश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि यहां केवल दर्शन मात्र से ही 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का फल प्राप्त हो जाता है।

    उज्जैन जिले के दंगवाड़ा गांव में स्थित बोरेश्वर महादेव मंदिर अन्य शिव मंदिरों से बिल्कुल अलग है। जहां अधिकांश मंदिरों में भगवान शिव शिवलिंग के रूप में पूजे जाते हैं वहीं यहां शिवलिंग बोर के आकार की आकृति में स्थापित है। यह शिवलिंग बेलनाकार लंबा और गोल दिखाई देता है और जमीन के ऊपर नहीं बल्कि नीचे की ओर धंसा हुआ है।

    यह मंदिर अत्यंत प्राचीन माना जाता है और इसकी ऐतिहासिक जड़ें ताम्र पाषाण काल से लेकर गुप्त काल तक फैली हुई बताई जाती हैं। मंदिर के गर्भगृह में विराजमान भगवान बोरेश्वर महादेव स्वयंभू हैं। मंदिर की सबसे अनोखी विशेषता इसकी जलाधारी है जिसमें कितना भी जल अर्पित किया जाए उसका स्तर कभी न बढ़ता है और न ही घटता है। यह रहस्य आज तक वैज्ञानिकों के लिए भी एक पहेली बना हुआ है।

    स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर में 12 ज्योतिर्लिंगों का समावेश है। यही कारण है कि दूर-दूर से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। कहा जाता है कि मंदिर में रात के समय चमत्कार होते हैं। भक्तों का विश्वास है कि रात्रि में नंदी महाराज स्वयं भगवान के दर्शन के लिए मंदिर आते हैं और उस दौरान मंदिर की घंटियां अपने आप बजने लगती हैं।मंदिर के समीप से चंबल नदी भी गुजरती है जो शिवलिंग की पूरी परिक्रमा नहीं बल्कि आधी परिक्रमा करती है। इसे भगवान शिव के सोमसूत्र के नियम का पालन माना जाता है जो इस स्थान को और भी रहस्यमयी बनाता है।

    महाशिवरात्रि के अवसर पर बोरेश्वर महादेव मंदिर में विशेष शृंगार किया जाता है और बाबा की भव्य सवारी नगर भ्रमण के लिए निकलती है जो वापस मंदिर में आकर संपन्न होती है। मान्यता है कि इस दौरान भगवान शिव स्वयं नगर में भ्रमण कर भक्तों को आशीर्वाद देते हैं। सावन मास में भी प्रत्येक सोमवार को बाबा की सवारी निकलती है जिसमें शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु दूर-दूर से आते हैं।

  • फरवरी माह के प्रथम शासकीय कार्य दिवस पर मंत्रालय में वंदे मातरम और जन-गण-मन का सामूहिक गायन

    फरवरी माह के प्रथम शासकीय कार्य दिवस पर मंत्रालय में वंदे मातरम और जन-गण-मन का सामूहिक गायन


    भोपाल : मंत्रालय स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में फरवरी माह के प्रथम शासकीय कार्य दिवस पर सोमवार को राष्ट्र-गीत  वंदे मातरम और राष्ट्र-गान  जन-गण-मन का सामूहिक गायन किया गया। इस अवसर पर पुलिस बैंड ने मधुर धुनों से कार्यक्रम को भव्य बनाया और उपस्थित सभी अधिकारियों-कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाया।

    इस सामूहिक गायन कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमन्तु, अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार श्रीमती कृष्णा गौर भी उपस्थित रही। उन्होंने कार्यक्रम में भाग लेकर राष्ट्र-गीत और राष्ट्र-गान की महत्ता पर बल दिया।

    अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल, श्री मनु श्रीवास्तव, श्री संजय कुमार शुक्ला, सचिव श्री एम. रघुराज के साथ-साथ मंत्रालय वल्लभ भवन और सतपुड़ा-विंध्याचल भवन के अधिकारी-कर्मचारी एवं पुलिस अधिकारी भी उपस्थित थे। सभी ने सामूहिक रूप से राष्ट्र-गीत और राष्ट्र-गान का गायन कर देशभक्ति की भावना का परिचय दिया।इस कार्यक्रम से मंत्रालय में कार्यदिवस की शुरुआत देशभक्ति के स्फूर्तिदायक वातावरण में हुई। अधिकारियों और कर्मचारियों ने एकजुट होकर राष्ट्र की गरिमा और सम्मान को महसूस किया और कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित की।

  • स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने दिया प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन का निर्देश

    स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने दिया प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन का निर्देश


    भोपाल : उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, अधोसंरचना विकास, चिकित्सकीय मैनपावर की उपलब्धता और चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने सभी योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    बैठक में अधोसंरचना विकास, चिकित्सकीय सहायक और चिकित्सकीय मैनपावर की नियुक्ति, स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन से जुड़े प्रस्तावों की गहन समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने इन प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र आगे बढ़ाने और रिमोट लोकेशन में स्थित मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण स्टाफ की नियुक्ति को प्रोत्साहित करने हेतु अतिरिक्त इंसेंटिव प्रस्ताव को कैबिनेट अनुमोदन के लिए शीघ्र भेजने के निर्देश दिए उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में योग्य शिक्षण स्टाफ की उपलब्धता गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बैठक में विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर औपचारिकताओं की पूर्ति प्राथमिकता से करने का निर्देश भी दिया गया ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में विलंब न हो।

    सीएम केयर्स के अंतर्गत टर्शरी केयर स्वास्थ्य सुविधाओं में अत्याधुनिक उपकरण और आवश्यक मैनपावर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रस्तावों को प्राथमिकता से अग्रेषित करने के निर्देश भी उप मुख्यमंत्री ने दिए। उन्होंने कहा कि गंभीर रोगों के उपचार हेतु टर्शरी केयर सेवाओं को और अधिक मजबूत किया जाना आवश्यक है, ताकि नागरिकों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएं प्रदेश के हर क्षेत्र में उपलब्ध हो सकें।

    उप मुख्यमंत्री ने दमोह, छतरपुर और बुधनी मेडिकल कॉलेजों के संचालन के लिए आवश्यक शिक्षण स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए और आगामी शैक्षणिक सत्र में संचालन शुरू करने के लिए प्राथमिकता से सभी औपचारिकताओं को पूरा करने का निर्देश भी दिया। बैठक में केंद्रीय बजट प्रावधानों और उपलब्ध संसाधनों के समयबद्ध एवं प्रभावी उपयोग पर भी चर्चा हुई।बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव, आयुक्त श्री धनराज एस, एमडी एमपीपीएचएससीएल श्री मयंक अग्रवाल, एमडी एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अरुणा कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • नर्मदा परिक्रमा पथ पर आश्रय स्थलों पर होगा व्यापक वृक्षारोपण: मंत्री प्रहलाद पटेल..

    नर्मदा परिक्रमा पथ पर आश्रय स्थलों पर होगा व्यापक वृक्षारोपण: मंत्री प्रहलाद पटेल..


    नई दिल्ली। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने नर्मदा परिक्रमा पथ पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आश्रय स्थलों पर व्यापक वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए। यह निर्णय राज्य स्तरीय कार्यकारिणी समिति की बैठक में लिया गयाजिसकी अध्यक्षता मंत्री श्री पटेल ने की। बैठक में जीवनदायिनी माँ नर्मदा के जल संरक्षणप्रवाह को अविरल बनाए रखने और नर्मदा से जुड़े समग्र विकास कार्यों पर विशेष चर्चा हुई।

    बैठक में सर्वश्री छोटे सिंहदिनेश जैनश्रीमती हर्षिका सिंहश्री अविप्रसाद और श्री दीपक आर्य उपस्थित रहे। मंत्री श्री पटेल ने अधिकारियों को परिक्रमा पथ पर प्रस्तावित पुलपुलिया और ब्रिज का शीघ्र सर्वेक्षण करने और सुनियोजित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।इसके साथ ही बैठक में विधानसभा से संबंधित लंबित प्रकरणों की विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा की गई। मंत्री ने सभी लंबित प्रकरणों के त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दियाताकि जनहित से जुड़े मामलों का शीघ्र समाधान हो सके।

    मंत्री श्री पटेल ने यह भी कहा कि माँ नर्मदा के संरक्षण और विकास को जनभागीदारी से जोड़ना बेहद आवश्यक है। उन्होंने नर्मदा परिक्रमा पथ के विकासपर्यावरण संरक्षण और आश्रय स्थलों पर वृक्षारोपण की गतिविधियों में स्थानीय जनता और समुदायों को सक्रिय रूप से शामिल करने पर जोर दिया।

    बैठक में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयनपर्यावरणीय संरक्षण और जल संरक्षण के उपायों पर विशेष बल दिया गया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विकास कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।इस बैठक से स्पष्ट संदेश गया कि नर्मदा परिक्रमा पथ का विकास केवल भौतिक संरचना तक सीमित नहीं होगा बल्कि पर्यावरण संरक्षणजल सुरक्षा और जनभागीदारी के माध्यम से इसे समग्र और सतत बनाया जाएगा

  • एक महीने से बीमार महिला की अस्पताल में मौत, परिवार ने दूषित पानी को जिम्मेदार ठहराया

    एक महीने से बीमार महिला की अस्पताल में मौत, परिवार ने दूषित पानी को जिम्मेदार ठहराया


    इंदौर।
    देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शुमार है लेकिन भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल की वजह से लोगों की जान अब भी खतरे में है ताजा जानकारी के अनुसार 65 वर्षीय अनीता कुशवाह नाम की महिला, जो एक महीने से बीमार थीं, अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ गईं परिवार का आरोप है कि दूषित पानी पीने की वजह से उनकी सेहत बिगड़ी थी

    इस घटना के साथ दूषित पानी से जुड़ी मौतों का आंकड़ा बढ़कर 32 हो गया है इस मामले में अब तक 450 से ज्यादा मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं लेकिन तीन मरीज अब भी अस्पताल में भर्ती हैं जिनमें से दो की हालत गंभीर है और वे आईसीयू में हैंभागीरथपुरा में पानी की समस्या अभी भी गंभीर बनी हुई है नगर निगम ने अब तक बस्ती के केवल 30 प्रतिशत हिस्से में नई नर्मदा लाइन बिछाई है जबकि बाकी लोग टैंकरों के भरोसे हैं दूषित पानी के डर से लोग नल या टैंकर का पानी पीने से कतराते हैं जो सक्षम हैं वे बाहर से बोतलबंद पानी खरीदकर पी रहे हैं वहीं कुछ लोग उबला या RO पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं

    इस संकट ने इलाके के लोगों की जिंदगी कठिन बना दी है और स्वास्थ्य सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं नगर निगम और प्रशासन को जल्द ही पूरे इलाके में सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था करना आवश्यक हो गया है ताकि और मौतों और बीमारियों को रोका जा सके स्थानीय लोग लगातार प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि पूरे इलाके में नर्मदा लाइन की आपूर्ति पूरी की जाए और पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए जिससे पीने योग्य पानी उपलब्ध हो सके वर्तमान हालात में जनता को टैंकर और बोतलबंद पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है

  • MP में फिर बदला मौसम का मिजाज, तीन दिन मावठे की संभावना, 25 जिलों में बारिश का अलर्ट

    MP में फिर बदला मौसम का मिजाज, तीन दिन मावठे की संभावना, 25 जिलों में बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में आगामी तीन दिनों तक मावठा गिरने के संकेत मिले हैं। मौसम विभाग ने सोमवार को ग्वालियर, रीवा और सागर संभाग समेत कुल 25 जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही कई क्षेत्रों में सुबह के वक्त घना कोहरा भी देखने को मिला।

    मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 2 से 5 फरवरी के बीच पश्चिम-उत्तरी भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर मध्य प्रदेश में भी दिखाई देगा। इसी सिस्टम के कारण 10 फरवरी तक राज्य के कुछ इलाकों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना बनी हुई है। रविवार को भी प्रदेश के कई जिलों में मौसम बिगड़ा रहा। नीमच और मंदसौर में तेज आंधी के साथ बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई, जबकि ग्वालियर, धार, मुरैना और उज्जैन सहित कई जिलों में बारिश हुई।

    सोमवार को जिन जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, उनमें ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, श्योपुर, मुरैना, भिंड, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली शामिल हैं। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, विदिशा, रायसेन और सीहोर सहित कई जिलों में कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है।

    आगे कैसा रहेगा मौसम

    3 फरवरी को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में बारिश के आसार जताए गए हैं।
    4 फरवरी को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
    5 फरवरी को आंधी और बारिश का कोई अलर्ट नहीं है, लेकिन ठंड के असर में बढ़ोतरी हो सकती है।

    बारिश, कोहरा और तापमान का हाल

    रविवार को प्रदेश के कई जिलों में बारिश, तेज हवाएं और घना कोहरा छाया रहा। ग्वालियर, उज्जैन, धार और मुरैना में रात और सुबह के समय बारिश दर्ज की गई। दतिया और खजुराहो में दृश्यता घटकर 50 से 200 मीटर तक रह गई। खजुराहो, राजगढ़ और नौगांव में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया, जबकि भोपाल में सुबह 9 बजे तक कोहरा छाया रहा।

    शाम के समय नीमच और मंदसौर में तेज आंधी के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे कई गांवों में जमीन पर सफेद चादर जैसी परत जम गई। बारिश के कारण गेहूं की फसलें गिरने की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे किसानों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

    मौसम विभाग के अनुसार, दतिया, खजुराहो, ग्वालियर, नौगांव, सतना, रीवा, उज्जैन, श्योपुर, राजगढ़, रतलाम, गुना, दमोह, मंडला, टीकमगढ़ और मलाजखंड में कोहरे का असर अधिक रहा। हालांकि प्रदेश के बड़े शहरों में रात का तापमान 12 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है।

  • एलपीजी सिलेंडर फटने से होटल में भयंकर धमाका, हड़कंप मचा..

    एलपीजी सिलेंडर फटने से होटल में भयंकर धमाका, हड़कंप मचा..


    नर्मदापुरम । मध्य प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी में एक होटल में अचानक ब्लास्ट होने से हड़कंप मच गया जानकारी के अनुसार घटना पचमढ़ी थाना क्षेत्र के सिनेरिटी होटल में सुबह करीब 8.30 बजे हुई धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग डर गएघटना में महाराष्ट्र के बुलढाना जिले के एक ही परिवार के चार पर्यटक घायल हो गए वहीं होटल का एक कुक भी आग में झुलस गया सभी घायलों को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनका इलाज जारी है

    धमाका इतना भयंकर था कि होटल से लगभग 20 मीटर दूर स्थित पांडव रिट्रीट तक इसका असर महसूस किया गया होटल को भी काफी नुकसान हुआ है सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दीबताया जा रहा है कि सिनेरिटी होटल किराये पर चल रहा था इस होटल का मालिक सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के सहायक संचालक संजीव शर्मा हैं जबकि इसे कांग्रेस नेता के भाई तुषार जायसवाल ने किराये पर लेकर संचालन किया था होटल से एक कमर्शियल सिलेंडर भी बरामद हुआ है जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ब्लास्ट शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण से हुआ या इसमें किसी तरह की लापरवाही हुई है पुलिस और फॉरेंसिक टीम दोनों ने होटल के अंदर और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण कियाघटना के बाद होटल में ठहरे अन्य पर्यटक भी हड़बड़ाए और होटल परिसर खाली कराया गया स्थानीय प्रशासन ने होटल की सुरक्षा और आसपास के इलाके में सावधानी बढ़ा दी है ताकि किसी भी तरह की दूसरी घटना से बचा जा सके

    इस घटना ने हिल स्टेशन पचमढ़ी में पर्यटकों की सुरक्षा और होटल संचालन में सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यकता पर सवाल खड़ा कर दिया है होटल मालिक और संचालक दोनों पुलिस के संपर्क में हैं और जांच में सहयोग कर रहे हैंघायलों के स्वास्थ्य की लगातार जानकारी ली जा रही है और अस्पताल में उनके इलाज के लिए विशेष व्यवस्था की गई है पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है और दोषियों या लापरवाही करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में है