Category: National

  • सीएम बनने के बाद पहली दिल्ली यात्रा में सम्राट चौधरी की पीएम मोदी से मुलाकात मंत्रिमंडल विस्तार और राज्य विकास पर मंथन

    सीएम बनने के बाद पहली दिल्ली यात्रा में सम्राट चौधरी की पीएम मोदी से मुलाकात मंत्रिमंडल विस्तार और राज्य विकास पर मंथन

    नई दिल्ली: बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद Samrat Choudhary ने पहली बार राष्ट्रीय राजधानी पहुंचकर प्रधानमंत्री Narendra Modi से शिष्टाचार मुलाकात की इस मुलाकात को राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें बिहार के विकास और भविष्य की योजनाओं को लेकर व्यापक चर्चा हुई

    बताया जा रहा है कि इस दौरान विकसित भारत और समृद्ध बिहार के विजन को लेकर विस्तार से विचार विमर्श किया गया मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से मार्गदर्शन प्राप्त किया और राज्य के विकास को नई दिशा देने पर जोर दिया इस मुलाकात के बाद सम्राट चौधरी ने अपने संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री का सहयोग और मार्गदर्शन बिहार की प्रगति को गति देने में अहम भूमिका निभाएगा

    सूत्रों के अनुसार इस मुलाकात के दौरान केवल औपचारिक चर्चा ही नहीं बल्कि राज्य की राजनीतिक स्थिति और आगामी रणनीतियों पर भी विचार किया गया माना जा रहा है कि बिहार में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी बातचीत हुई है वर्तमान में राज्य सरकार का मंत्रिमंडल अधूरा है और इसे जल्द पूरा करना सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है

    गौरतलब है कि बिहार में अभी तक मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्रियों ने ही शपथ ली है जनता दल यूनाइटेड की ओर से दो नेताओं को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है जबकि भारतीय जनता पार्टी के हिस्से से अभी तक किसी विधायक को मंत्री पद नहीं दिया गया है ऐसे में गठबंधन के भीतर संतुलन बनाए रखने और प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए कैबिनेट विस्तार जरूरी माना जा रहा है

    बिहार विधानसभा में कुल मंत्रियों की संख्या 33 तक हो सकती है लेकिन वर्तमान स्थिति में सरकार अधूरी मानी जा रही है इससे शासन और निर्णय प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है इसलिए आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर तेज गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं

    इस बीच राजनीतिक दृष्टि से एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने है 24 अप्रैल को बिहार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है जिसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपनी सरकार का विश्वास मत पेश करेंगे यह सत्र सरकार की स्थिरता और बहुमत को साबित करने के लिए निर्णायक माना जा रहा है

    विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री से हुई यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं बल्कि रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है इससे न केवल राज्य और केंद्र के बीच तालमेल मजबूत होगा बल्कि बिहार में नई सरकार के कामकाज को भी स्पष्ट दिशा मिलेगी

  • PNB ने सिविल, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल इंजीनियरों के लिए सरकारी नौकरी का अवसर..

    PNB ने सिविल, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल इंजीनियरों के लिए सरकारी नौकरी का अवसर..

    नई दिल्ली: बैंकिंग क्षेत्र में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे इंजीनियर युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने विभिन्न तकनीकी शाखाओं में ऑफिसर पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसमें कुल 30 पदों को भरा जाएगा। यह भर्ती अभियान बैंक के इंजीनियरिंग विभाग को मजबूत बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है, जिसमें सिविल, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल इंजीनियरिंग से जुड़े योग्य उम्मीदवारों को अवसर प्रदान किया जा रहा है। आवेदन प्रक्रिया 21 अप्रैल से शुरू हो चुकी है और उम्मीदवारों के पास 5 मई तक आवेदन करने का अंतिम अवसर रहेगा।

    इस भर्ती में सबसे अधिक 21 पद ऑफिसर (सिविल इंजीनियर) के लिए निर्धारित किए गए हैं, जबकि इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के लिए 7 पद और मैकेनिकल इंजीनियर के लिए 2 पद रखे गए हैं। सभी पद जूनियर मैनेजमेंट ग्रेड (JMG) स्केल-I के अंतर्गत आते हैं, जो बैंकिंग क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित और स्थिर करियर की शुरुआत का अवसर प्रदान करते हैं। चयनित उम्मीदवारों को न केवल आकर्षक वेतन मिलेगा, बल्कि बैंक के नियमों के अनुसार अन्य भत्ते और सुविधाएं भी दी जाएंगी, जो इस नौकरी को और अधिक आकर्षक बनाते हैं।

    आवेदन के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से संबंधित इंजीनियरिंग शाखा में बीई या बीटेक की डिग्री होना अनिवार्य है, जिसमें न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं। इसके साथ ही संबंधित क्षेत्र में कार्य अनुभव और अन्य निर्धारित पात्रताओं को भी पूरा करना जरूरी होगा। बैंक ने आयु सीमा भी निर्धारित की है, जिसके अनुसार उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 20 वर्ष और अधिकतम आयु 30 वर्ष होनी चाहिए। आयु की गणना निर्धारित तिथि के आधार पर की जाएगी, जबकि आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट प्रदान की जाएगी।

    चयन प्रक्रिया को कई चरणों में पूरा किया जाएगा, जिसमें सबसे पहले ऑनलाइन लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके बाद योग्य उम्मीदवारों को इंटरव्यू राउंड के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। अंतिम चयन डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेरिट के आधार पर किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य योग्य और तकनीकी रूप से सक्षम उम्मीदवारों का चयन सुनिश्चित करना है, जो बैंक के इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

    आवेदन शुल्क की बात करें तो सामान्य, ईडब्ल्यूएस और ओबीसी श्रेणी के उम्मीदवारों को 1180 रुपये का भुगतान करना होगा, जबकि एससी, एसटी और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए शुल्क 59 रुपये निर्धारित किया गया है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से की जा रही है, जिससे उम्मीदवार घर बैठे आसानी से आवेदन कर सकते हैं।

    आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को पहले बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद लॉगिन कर सभी आवश्यक व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरनी होगी। दस्तावेज अपलोड करने के बाद निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा और अंत में फॉर्म सबमिट कर उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रखना होगा। यह भर्ती उन युवाओं के लिए एक बेहतरीन अवसर है जो बैंकिंग सेक्टर में इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं।

  • नई दिल्ली में महिला आरक्षण को लेकर बड़ा राजनीतिक प्रदर्शन, सीएम योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना

    नई दिल्ली में महिला आरक्षण को लेकर बड़ा राजनीतिक प्रदर्शन, सीएम योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना


    नई दिल्ली।
    दिल्ली से जुड़े व्यापक राजनीतिक माहौल के बीच लखनऊ में महिला आरक्षण विधेयक को लेकर एक विशाल जन आक्रोश महिला पदयात्रा आयोजित की गई। इस कार्यक्रम ने राजनीतिक स्तर पर बड़ा शक्ति प्रदर्शन प्रस्तुत किया, जिसमें हजारों महिलाओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर विधानसभा तक पैदल मार्च किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों के साथ इस पदयात्रा में शामिल हुए और पूरे समय जनता के बीच सक्रिय रूप से मौजूद रहे। लगभग एक दशमलव सात पांच किलोमीटर लंबी इस यात्रा ने राजनीतिक वातावरण को और अधिक गरमा दिया।

    विधानसभा के बाहर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि देश की आधी आबादी के अधिकारों और सम्मान से जुड़ा विषय है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह अपनी संकीर्ण सोच के कारण इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और लगातार इस दिशा में कार्य कर रही है।

    उन्होंने यह भी कहा कि समाज में महिलाओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है और उन्हें राजनीति एवं निर्णय प्रक्रिया में अधिक अवसर देने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश के विकास में महिला, युवा, गरीब और किसान चार प्रमुख आधार हैं जिनमें महिलाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

    उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी करने वाले राजनीतिक दलों को जनता भविष्य में जवाब देगी। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण लागू होने तक यह संघर्ष जारी रहेगा। वहीं उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस प्रदर्शन को महिलाओं की बढ़ती राजनीतिक जागरूकता और शक्ति का प्रतीक बताया।

  • संघ प्रमुख मोहन भागवत की Z प्लस सिक्योरिटी को लेकर HC में याचिका… जानें क्या की गई डिमांड?

    संघ प्रमुख मोहन भागवत की Z प्लस सिक्योरिटी को लेकर HC में याचिका… जानें क्या की गई डिमांड?


    नई दिल्ली।
    RSS यानी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) के प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) को मिली Z प्लस सुरक्षा को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court.) में याचिका दाखिल हुई। इस याचिका के जरिए मांग की गई थी कि सुरक्षा पर हो रहे खर्च का भुगतान संघ की तरफ से ही किया जाना चाहिए। हालांकि, उच्च न्यायालय ने याचिका को खारिज कर दिया है। साथ ही याचिकाकर्ता की मंशा पर भी सवाल उठाए हैं।


    40 से 45 लाख रुपये महीने का खर्च

    उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ के समक्ष दायर जनहित याचिका में दावा किया गया कि सुरक्षा कवर की लागत कथित तौर पर 40 लाख से 45 लाख रुपये प्रति माह बताई गई है, जो सार्वजनिक धन का दुरुपयोग और राज्य के खजाने का नुकसान है क्योंकि आरएसएस एक पंजीकृत संगठन नहीं है।

    याचिका को खारिज करते हुए मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर और जस्टिस अनिल किलोर की पीठ ने याचिका दायर करने के पीछे याचिकाकर्ता के मकसद और इरादे पर सवाल उठाए। याचिकाकर्ता के वकील ने यह जानकारी दी।


    याचिका में क्या

    नागपुर निवासी ललन सिंह द्वारा अपने वकील अश्विन इंगोले के माध्यम से दायर याचिका में यह दलील दी गई कि करदाताओं के पैसे का दुरुपयोग ऐसे व्यक्ति को ‘जेड-प्लस’ श्रेणी की वीवीआईपी सुरक्षा प्रदान करने के लिए किया जा रहा है, जिसका संगठन ‘पंजीकृत’ नहीं है। याचिकाकर्ता ने सरकार की तरफ से भागवत को दी गई उच्च स्तरीय सुरक्षा के लिए उनसे शुल्क की भरपाई का अनुरोध किया था।


    मुकेश अंबानी केस का दिया हवाला

    उन्होंने 2023 में उच्चतम न्यायालय द्वारा उद्योगपति मुकेश अंबानी से संबंधित एक मामले में दिए गए फैसले का हवाला दिया, जिसमें शीर्ष अदालत ने भारत सरकार की नीति के अनुसार उन्हें ‘जेड-प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया था। साथ ही इसका पूरा खर्च उनके परिवार द्वारा उठाया जाना था।


    मोहन भागवत को कब मिली थी जेड प्लस सिक्योरिटी

    जून 2015 में संघ प्रमुख भागवत की सुरक्षा को बढ़ाकर जेड प्लस श्रेणी का कर दिया गया था। इसके साथ ही उनके सुरक्षा घेरे को संभालने का जिम्मा CISF यानी सेंट्रल आर्म्ड इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्सेज के पास आ गया था। इससे पहले उनकी सुरक्षा में महाराष्ट्र पुलिस की टुकड़ियां तैनात थीं। खास बात है कि पहली बार साल 2012 में यूपीए सरकार के दौरान भागवत को जेड प्लस सिक्योरिटी देने के आदेश दिए गए थे। तब सुशील कुमार शिंदे देश के गृहमंत्री थे।

  • लोगों को खूब भा रहा PM मोदी का झालमुड़ी वीडियो….इंस्टाग्राम पर 10 करोड़ और फेसबुक पर 9 करोड़ व्यूज़

    लोगों को खूब भा रहा PM मोदी का झालमुड़ी वीडियो….इंस्टाग्राम पर 10 करोड़ और फेसबुक पर 9 करोड़ व्यूज़


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के रविवार को पश्चिम बंगाल (West Bengal.) में चार जनसभाओं के बीच झालमुड़ी (Jhalmuri) की एक दुकान पर जाने के वीडियो सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है। इंस्टाग्राम पर 24 घंटे के भीतर इसे 10 करोड़ बार और फेसबुक पर लगभग नौ करोड़ बार देखा जा चुका है। सूत्रों ने यह भी बताया कि “झालमुड़ी” के लिए गूगल सर्च पिछले 22 वर्षों में सबसे अधिक है। पीएम मोदी रविवार को पश्चिम बंगाल में अपने चुनाव प्रचार दौरे के दौरान अचानक रुके और झाड़ग्राम में लोकप्रिय बंगाली स्ट्रीट फूड झालमुड़ी का स्वाद लिया। झालमुड़ी मुरमुरे, हरी मिर्च और अन्य मसालों से बनाया जाती है।

    एक सूत्र ने बताया, ”प्रधानमंत्री मोदी के पश्चिम बंगाल में झालमुड़ी की एक दुकान पर जाने के वीडियो को इंस्टाग्राम पर 24 घंटे के भीतर 10 करोड़ बार और फेसबुक पर लगभग नौ करोड़ बार देखा गया।” मोदी ने झालमुड़ी का स्वाद लिया और बाद में उसकी तस्वीर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट की। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर तीन पोस्ट किये जिसमें उन्होंने अपने दौरे का एक वीडियो भी पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, ”एक व्यस्त रविवार को पश्चिम बंगाल में चार सार्वजनिक सभाओं के बीच, मैंने झाड़ग्राम में स्वादिष्ट मसालेदार मुरमुरे (झालमुड़ी) का आनंद लिया।”


    ममता बोलीं- ये नौटंकी था

    दूसरी तरफ, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को आरोप लगाया कि झाड़ग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अचानक “झालमुरी” खरीदने के लिए रुकना सिर्फ एक “नौटंकी” था। बीरभूम जिले के मुरारई विधानसभा क्षेत्र में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ममता ने कहा, “चुनाव प्रचार के दौरान जब प्रधानमंत्री बिना किसी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अचानक झालमुरी खरीदने के लिए रुके थे, तो उस समय वहां कैमरे कैसे मौजूद थे?” उन्होंने कहा कि ये पूरा घटनाक्रम पहले से तय था।


    पीएम ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया था

    प्रधानमंत्री ने रविवार को अपने आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह झाड़ग्राम की एक साधारण-सी दुकान से ‘झालमुरी’ खरीदते दिखाई दे रहे थे। इस दौरान उनके सुरक्षाकर्मी भी साथ थे। वीडियो में देखा जा सकता है कि मोदी ‘झालमुरी’ के लिए दुकानदार को भुगतान करते हैं और जब ​​दुकानदार रुपये लेने से इनकार करता है, तो वह जोर देकर कहते हैं कि उसे रुपये स्वीकार करने चाहिए। पूरे घटनाक्रम की सहजता पर सवाल उठाते हुए ममता ने कहा, “वहां कैमरे पहले से ही लगा दिए गए थे। एसपीजी (प्रधानमंत्री को निकट सुरक्षा प्रदान करने वाला बल) ने पूरी व्यवस्था की थी।”


    जेब में 10 रुपये का नोट रखे देखा गया था

    उन्होंने दावा किया, “प्रधानमंत्री को अपनी जेब में 10 रुपये का नोट रखे देखा गया था। क्या यह विश्वास करने लायक है? यह सब नौटंकी है।” ममता ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर “विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में अल्पसंख्यक समुदाय से निर्दलीय उम्मीदवारों को मैदान में उतारने में कुछ गद्दारों की गुप्त रूप से मदद करने” का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “मेरे इलाके भाबानीपुर में भी ऐसा ही हुआ है। वे मुर्शिदाबाद और मालदा से आए हैं।” ममता ने कहा, “उन्होंने (भाजपा नेताओं) धर्म का व्यवसायीकरण कर दिया है। मैं मानवता का सम्मान करती हूं। मैं धर्मनिरपेक्षता में विश्वास रखती हूं। मैं हर धर्म, जाति, पंथ और भाषा का सम्मान करती हूं। लेकिन जिन्होंने अपने ही लोगों के साथ विश्वासघात किया है, हमारी पार्टी के साथ विश्वासघात किया है, उन्हें जनता अस्वीकार कर देगी।”

  • भारत-दक्षिण कोरिया के बीच ‘चिप से शिप’ तक हुए 15 समझौते, व्यापार 50 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य

    भारत-दक्षिण कोरिया के बीच ‘चिप से शिप’ तक हुए 15 समझौते, व्यापार 50 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य

    नई दिल्ली। भारत और दक्षिण कोरिया के बीच संबंधों को नई दिशा देने के लिए प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे. म्युंग के बीच अहम द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस दौरान दोनों देशों ने 2030 तक आपसी व्यापार को बढ़ाकर 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया। साथ ही तकनीक, ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और पोत निर्माण समेत 15 बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए और छह अहम घोषणाएं भी हुईं।

    भरोसे से भविष्य की साझेदारी की ओर

    बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया अपने भरोसेमंद रिश्तों को भविष्य की मजबूत साझेदारी में बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि “चिप से लेकर शिप, टैलेंट से लेकर टेक्नोलॉजी और एनर्जी से लेकर एनवायरमेंट तक हर क्षेत्र में सहयोग बढ़ाया जाएगा।” इससे दोनों देशों की प्रगति और समृद्धि को नई गति मिलेगी।

    2030 तक व्यापार दोगुना करने की योजना
    प्रधानमंत्री ने बताया कि दोनों देशों के बीच वर्तमान व्यापार करीब 27 अरब डॉलर है, जिसे 2030 तक बढ़ाकर 50 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए भारत-दक्षिण कोरिया फाइनेंशियल फोरम की शुरुआत की गई है। साथ ही औद्योगिक सहयोग समिति का गठन और सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए आर्थिक सुरक्षा वार्ता शुरू की जाएगी।

    निवेश और इंडस्ट्री को बढ़ावा देने पर जोर
    भारत में दक्षिण कोरिया की कंपनियों, खासकर MSME सेक्टर के लिए अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से कोरियन इंडस्ट्रियल टाउनशिप स्थापित करने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को अगले एक साल में अपग्रेड किया जाएगा। एआई, सेमीकंडक्टर, आईटी, पोत निर्माण, स्टील और पोर्ट सेक्टर में सहयोग को भी विस्तार मिलेगा।

    सांस्कृतिक रिश्तों में भी नई ऊर्जा

    प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और दक्षिण कोरिया के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच हजारों साल पुराना जुड़ाव है। उन्होंने अयोध्या की राजकुमारी सूरीरत्ना और कोरिया के राजा किम-सुरो की कथा का उल्लेख किया।
    उन्होंने कहा कि भारत में K-Pop और K-ड्रामा तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, वहीं दक्षिण कोरिया में भारतीय सिनेमा की पहचान भी बढ़ रही है। इस सांस्कृतिक जुड़ाव को और मजबूत करने के लिए 2028 में भारत-दक्षिण कोरिया फ्रेंडशिप फेस्टिवल आयोजित किया जाएगा।

    इन क्षेत्रों में हुए प्रमुख समझौते

    दोनों देशों के बीच पोत निर्माण, औद्योगिक सहयोग, इस्पात सप्लाई चेन, MSME सहयोग, समुद्री विरासत, व्यापार समझौते का उन्नयन, वित्तीय सिस्टम, विज्ञान एवं तकनीक, अंतरराष्ट्रीय भुगतान, डिजिटल ब्रिज, जलवायु और पर्यावरण, पेरिस समझौते के तहत सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और खेल जैसे क्षेत्रों में समझौते हुए हैं।

    ये रहीं अहम घोषणाएं
    बैठक के दौरान आर्थिक सुरक्षा वार्ता की शुरुआत, डिस्टिंग्विश्ड विजिटर प्रोग्राम, दक्षिण कोरिया का इंडो-पैसिफिक ओशन इनिशिएटिव और सोलर एलायंस में शामिल होना, विदेश मंत्री स्तर की वार्ता शुरू करना और 2028-29 को भारत-दक्षिण कोरिया फ्रेंडशिप ईयर के रूप में मनाने जैसे फैसले लिए गए।

  • उत्तर भारत में इस साल पड़ेगी भीषण गर्मी… IMD की चेतावनी- सामान्य से ज्यादा रहेंगे लू के दिन

    उत्तर भारत में इस साल पड़ेगी भीषण गर्मी… IMD की चेतावनी- सामान्य से ज्यादा रहेंगे लू के दिन


    नई दिल्ली।
    भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (Indian Meteorological Department) ने चेतावनी दी है कि इस साल उत्तर भारत (North India) के मैदानी इलाकों, पूर्वी तटीय राज्यों गुजरात, महाराष्ट्र और आसपास के इलाकों में हीटवेव (Heatwave.-लू) के दिन सामान्य से अधिक देखने को मिल सकते हैं। मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय मोहापात्रा ने बताया कि कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहां जलवायु के लिहाज से तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाना सामान्य है। इसलिए हमें ऐसे उच्च तापमान वाले दिनों के लिए तैयार रहना चाहिए।


    उत्तरी मैदानी राज्यों में चलेगी भीषण लू

    मौसम विभाग के प्रमुख ने बताया कि हर साल अप्रैल, मई और जून के दौरान उच्च तापमान देखने को मिलता है, हालांकि इसमें साल-दर-साल कुछ भिन्नता होती है। तापमान में वार्षिक और दैनिक उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए आईएमडी एक सीजन पहले ही हीटवेव का पूर्वानुमान जारी करता है। इसके बाद हर गुरुवार अगले चार सप्ताह के लिए विस्तारित पूर्वानुमान और गर्मियों में हर दिन जिला स्तर पर सात दिन की चेतावनी जारी की जाती है।

    आईएमडी ने फरवरी के अंत में मार्च, अप्रैल और मई के लिए पहला हीटवेव आउटलुक जारी किया था, जिसे मार्च के अंत में अप्रैल, मई और जून के लिए अपडेट किया गया। पूर्वानुमान के अनुसार, अप्रैल से जून के बीच उत्तर तटीय राज्यों—जैसे पश्चिम बंगाल के दक्षिणी हिस्से, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ और तेलंगाना जैसे पूर्वी क्षेत्रों में लू की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा, मैदानी क्षेत्रों (हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड), राजस्थान के दक्षिणी हिस्सों, गुजरात के कुछ भागों, मध्य प्रदेश के दक्षिणी क्षेत्रों और महाराष्ट्र के उत्तरी हिस्सों में भी हीटवेव की आशंका जताई गई है।


    मजदूरों और रेहड़ी पटरी वालों को तापमान की सूचना दी जा रही

    संवेदनशील आबादी तक जानकारी पहुंचाने के उपायों पर उन्होंने बताया कि मौसम विभाग ने फील्ड में काम करने वाले मजदूरों और रेहड़ी-पटरी वालों तक सूचना पहुंचाने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हैं। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों पर डिस्प्ले बोर्ड लगाकर गर्मी और उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है।

    मोहापात्रा ने कहा कि मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान को सरकारी माध्यमों से साझा किया जाता है, जिसमें राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कॉमन अलर्ट प्रोटोकॉल का भी इस्तेमाल होता है, जिससे मोबाइल फोन रखने वाला कोई भी व्यक्ति यह जानकारी प्राप्त कर सकता है।नउन्होंने यह भी माना कि कुछ वर्ग ऐसे हैं जिन तक मोबाइल या अलर्ट की पहुंच नहीं है, इसलिए पारंपरिक और नवाचारपूर्ण तरीकों से उन्हें जागरूक करने की जरूरत है।

  • सम्राट चौधरी आज दिल्ली प्रवास पर…. CM बनने के बाद पहली बार PM मोदी से मिलेंगे

    सम्राट चौधरी आज दिल्ली प्रवास पर…. CM बनने के बाद पहली बार PM मोदी से मिलेंगे


    पटना।
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Chief Minister Samrat Chaudhary) आज दिल्ली जाने वाले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) से मिलने दिल्ली जा रहे हैं। सीएम बनने के बाद वे पहली बार पीएम से मिलने वाले हैं। 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने सीएम पद की शपथ ली थी। उनके साथ जदयू के विजय कुमार चौधरी (Vijay Kumar Chaudhary) और बिजेंद्र यादव (Bijendra Yadav) ने भी मंत्री पद की शपथ ली। पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सम्राट चौधरी आज दिन में दिल्ली के लिए रवाना होने वाले हैं।

    बिहार में भाजपा के नेतृत्व में पहली बार सरकार बनी है। सम्राट चौधरी के शपथ ग्रहण समारोह में पीएम के शामिल होने की चर्चा चली थी। लेकिन, पीएम नहीं आए। माना जा रहा है कि सीएम के रूप में औपचारिक मुकालात और प्रदेश के विकास कार्यों की रणनीति को लेकर मुख्यमंत्री पीएम से मिलने जा रहे हैं। राजनैतिक और सरकार के दृष्टिकोण से दोनों नेताओं की मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है।

    संसद में महिला आरक्षण बिल गिर जाने के कारण बीजेपी और एनडीए के सभी दल विपक्षी कांग्रेस, राजद, सपा, टीएमसी पर हमलावर हैं। विपक्ष को महिला विरोधी साबित करने के अभियान में बिहार एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जा रहा है। सोमवार को पटना में जन आक्रोश महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें सम्राट चौधरी ने महिलाओं को संबोधित किया। माना जा रहा है कि इस मामले में आगे की रणनीति पर पीएम सीएम मीटिंग में चर्चा होगी।

  • OpenAI में बड़े बदलाव का दौर: कई पावरफुल लीडर्स ने एक साथ दिया इस्तीफा..

    OpenAI में बड़े बदलाव का दौर: कई पावरफुल लीडर्स ने एक साथ दिया इस्तीफा..


    नई दिल्ली। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में काम करने वाली प्रमुख कंपनी OpenAI में हाल ही में बड़े स्तर पर नेतृत्व परिवर्तन देखने को मिला है। कंपनी के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है, जिससे टेक्नोलॉजी जगत में हलचल तेज हो गई है। इनमें से कुछ प्रमुख तकनीकी और प्रोडक्ट लीडर्स शामिल हैं, जिन्होंने लंबे समय तक कंपनी के विकास और AI उत्पादों के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

    यह बदलाव केवल व्यक्तिगत निर्णयों तक सीमित नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसे कंपनी के भीतर चल रहे व्यापक पुनर्गठन का हिस्सा बताया जा रहा है। पिछले कुछ समय से OpenAI अपने फोकस में बदलाव कर रही है, जहां शोध आधारित मॉडल से आगे बढ़कर व्यावसायिक उपयोग और उत्पाद केंद्रित रणनीति पर जोर दिया जा रहा है।

    इस बदलाव का सीधा असर कंपनी के लोकप्रिय AI टूल ChatGPT पर भी पड़ने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में ChatGPT और अन्य AI सेवाएं अधिक व्यावहारिक और व्यावसायिक जरूरतों के अनुरूप विकसित की जाएंगी। इसका उद्देश्य इन तकनीकों को सिर्फ शोध तक सीमित न रखकर रोजमर्रा के उपयोग और बिजनेस सेक्टर में अधिक उपयोगी बनाना है।

    हाल ही में कंपनी छोड़ने वाले एक वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी ने अपने इस्तीफे को व्यक्तिगत और पेशेवर संतुलन से जुड़ा निर्णय बताया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करने के बाद अब वे अपने जीवन में परिवार और व्यक्तिगत प्राथमिकताओं पर ध्यान देना चाहते हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण AI प्रोडक्ट्स के विकास में योगदान दिया था।

    इसके साथ ही कंपनी में हाल के महीनों में कई अन्य स्तरों पर भी बदलाव देखने को मिले हैं। कुछ वरिष्ठ अधिकारी या तो कंपनी छोड़ चुके हैं या फिर उनकी भूमिकाओं में परिवर्तन किया गया है। साथ ही कुछ रिसर्च यूनिट्स को पुनर्गठित कर अन्य टीमों के साथ मिला दिया गया है, जिससे कंपनी की आंतरिक संरचना में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।

    इन घटनाओं को केवल सामान्य इस्तीफों के रूप में नहीं देखा जा रहा है, बल्कि यह माना जा रहा है कि AI उद्योग एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। अब कंपनियां ऐसे मॉडल पर ध्यान दे रही हैं जो न केवल तकनीकी रूप से उन्नत हों, बल्कि सीधे तौर पर उपयोगकर्ताओं और व्यवसायों के लिए लाभकारी भी साबित हों।

    इस बदलाव का असर पूरी AI इंडस्ट्री पर पड़ सकता है, क्योंकि अब फोकस केवल शोध और प्रयोगों से हटकर ऐसे प्रोडक्ट्स पर केंद्रित हो रहा है जो बड़े पैमाने पर उपयोग में लाए जा सकें और आर्थिक रूप से भी मजबूत साबित हों।

    ChatGPT जैसे प्लेटफॉर्म के लिए यह परिवर्तन एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है, जहां आने वाले समय में यह तकनीक और अधिक उपयोगी, तेज और व्यवसायिक जरूरतों के अनुरूप विकसित हो सकती है।

  • 726 पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू; क्या आप बनना चाहते हैं तकनीकी शिक्षक?

    726 पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू; क्या आप बनना चाहते हैं तकनीकी शिक्षक?


    नई दिल्ली। बिहार तकनीकी सेवा आयोग की ओर से राज्य में तकनीकी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ी भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। इस भर्ती के तहत इंस्ट्रक्टर के कुल 726 पदों को भरा जाएगा। आयोग ने इसके लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी करते हुए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू कर दी है, जो 15 मई तक जारी रहेगी। निर्धारित समय सीमा के भीतर इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं।

    इस भर्ती में विभिन्न तकनीकी ट्रेडों के लिए पद शामिल किए गए हैं। इनमें सर्वेक्षण, मशीनिस्ट, फिटर, वेल्डर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक, रेडियो और टीवी मैकेनिक, इलेक्ट्रिशियन, वायरमैन, ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग, ट्रैक्टर मैकेनिक और कृषि मशीनरी जैसे कई क्षेत्र शामिल हैं। इन पदों का उद्देश्य राज्य के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में कुशल प्रशिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

    आवेदन के लिए उम्मीदवारों के पास संबंधित विषय में आईटीआई, डिप्लोमा या स्नातक की डिग्री होना अनिवार्य रखा गया है। इसके साथ ही कुछ पदों के लिए अनुभव और आवश्यक तकनीकी कौशल भी जरूरी होंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि केवल पात्र उम्मीदवारों को ही आगे की चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।

    आयु सीमा के अनुसार न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है। पुरुष उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु 37 वर्ष और महिला उम्मीदवारों के लिए 40 वर्ष तय की गई है। आयु की गणना निर्धारित तिथि के अनुसार की जाएगी और आरक्षित वर्ग को नियमों के अनुसार छूट दी जाएगी।

    चयन प्रक्रिया में ऑनलाइन लिखित परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन और चिकित्सा परीक्षण जैसे चरण शामिल होंगे। सभी चरणों को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले उम्मीदवारों को अंतिम चयन सूची में जगह मिलेगी। चयनित उम्मीदवारों को शुरुआती स्तर पर 35,400 रुपये प्रतिमाह वेतन प्रदान किया जाएगा।

    आवेदन शुल्क सभी वर्गों के लिए समान रखा गया है, जिसे ऑनलाइन माध्यम से जमा करना अनिवार्य होगा। शुल्क जमा किए बिना आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। उम्मीदवारों को पहले रजिस्ट्रेशन करना होगा, उसके बाद लॉगिन कर आवेदन फॉर्म भरना होगा। सभी व्यक्तिगत और शैक्षणिक विवरण सही तरीके से भरने के बाद आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। अंत में आवेदन शुल्क जमा कर फॉर्म सबमिट करना होगा और भविष्य के लिए उसका प्रिंट सुरक्षित रखना होगा।