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  • पश्चिम बंगाल में सीएम योगी की रैलियों से चुनावी माहौल हुआ और अधिक तीव्र और प्रतिस्पर्धात्मक

    पश्चिम बंगाल में सीएम योगी की रैलियों से चुनावी माहौल हुआ और अधिक तीव्र और प्रतिस्पर्धात्मक

    नई दिल्ली:   पश्चिम बंगाल का चुनावी परिदृश्य शनिवार को उस समय और अधिक सक्रिय हो गया जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में एक के बाद एक कई जनसभाओं और रोड शो के जरिए राजनीतिक माहौल को तेज कर दिया। उत्तर बंगाल से लेकर जंगलमहल तक फैले इस दौरे को पार्टी की चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें मतदाताओं से सीधा संवाद स्थापित कर जनसमर्थन को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

    दौरे की शुरुआत कूच बिहार जिले के माथाभांगा विधानसभा क्षेत्र से हुई, जहां मुख्यमंत्री ने एक जनसभा को संबोधित किया। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यह इलाका राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील माना जाता है और यहां की चुनावी गतिविधियां अक्सर व्यापक प्रभाव डालती हैं। सभा में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने राजनीतिक माहौल को और अधिक उत्साहित कर दिया और स्थानीय मुद्दों पर चर्चा को नया आयाम मिला।

    इसके बाद मुख्यमंत्री का अगला कार्यक्रम जलपाईगुड़ी जिले के धूपगुड़ी क्षेत्र में आयोजित हुआ, जहां उन्होंने एक और जनसभा के माध्यम से मतदाताओं को संबोधित किया। इस क्षेत्र में विकास, बुनियादी सुविधाओं और क्षेत्रीय जरूरतों को केंद्र में रखकर राजनीतिक संदेश देने का प्रयास किया गया। यहां भी भारी भीड़ और लोगों की सक्रिय भागीदारी ने चुनावी वातावरण को और अधिक जीवंत बना दिया।

    दिन के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री ने बांकुरा जिले में रोड शो किया, जो जंगलमहल क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण राजनीतिक केंद्र माना जाता है। रोड शो के दौरान सड़कों पर लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली और राजनीतिक उत्साह स्पष्ट रूप से महसूस किया गया। स्थानीय स्तर पर इस कार्यक्रम को लेकर पहले से व्यापक तैयारियां की गई थीं, जिसके चलते पूरे इलाके में चुनावी माहौल और अधिक सक्रिय हो गया।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रैलियों और रोड शो में उमड़ती भीड़ को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है। कई स्थानों पर लोगों की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने यह संकेत दिया कि चुनावी मुकाबला और अधिक प्रतिस्पर्धात्मक होता जा रहा है। कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच भी इस कार्यक्रम ने नया उत्साह पैदा किया है।

    पूरे दौरे के दौरान यह स्पष्ट दिखाई दिया कि राजनीतिक दल मतदाताओं तक सीधी पहुंच बनाने और स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। जनसभाओं और रोड शो के दौरान बना माहौल आने वाले समय में चुनावी समीकरणों को और अधिक प्रभावित कर सकता है।

  • महिला आरक्षण पर सियासी घमासान: कंगना रनौत का विपक्ष पर हमला, ‘बेटियों के प्रति सोच’ पर उठाए सवाल

    महिला आरक्षण पर सियासी घमासान: कंगना रनौत का विपक्ष पर हमला, ‘बेटियों के प्रति सोच’ पर उठाए सवाल

    नई दिल्ली। महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर संसद में बहस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा सांसद कंगना रनौत ने विपक्ष पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि उनके रुख से “बेटियों के प्रति उनकी सोच” उजागर हो रही है।

    कंगना रनौत ने कहा कि विपक्ष परिसीमन को लेकर अनावश्यक बहाने बना रहा है, जबकि इस मुद्दे पर स्थिति पहले ही स्पष्ट की जा चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश देख रहा है कि विपक्ष की मंशा क्या है और वह महिला आरक्षण को लेकर गंभीर नहीं है।

    परिसीमन पर ‘भ्रम फैलाने’ का आरोप

    भाजपा के एक अन्य सांसद तेजस्वी सूर्या ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण कानून को लेकर जनता को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि परिसीमन के बाद दक्षिणी राज्यों को अधिक सीटों का लाभ मिल सकता है।
    सूर्या ने याद दिलाया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में सर्वसम्मति से पारित हुआ था और तब सभी दल इस बात पर सहमत थे कि इसे जनगणना और परिसीमन के बाद लागू किया जाएगा। उनके मुताबिक अब विपक्ष इस मुद्दे पर यू-टर्न ले रहा है।

    सत्ता और विपक्ष आमने-सामने

    महिला आरक्षण में संशोधन और परिसीमन आयोग के गठन से जुड़े प्रस्तावों पर एनडीए और विपक्ष के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है।
    जहां सत्तापक्ष का कहना है कि महिलाओं को आरक्षण के लिए लंबे समय से इंतजार करना पड़ा है, वहीं विपक्ष का आरोप है कि सरकार की कार्यप्रणाली देश के संघीय ढांचे को प्रभावित कर सकती है।

    संसद में पेश हुए अहम विधेयक

    लोकसभा में चर्चा के लिए

    ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक, 2026’
    ‘परिसीमन विधेयक, 2026’
    ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’

    पेश किए गए हैं। प्रस्ताव के मुताबिक, 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन के बाद 2029 के आम चुनाव से पहले महिला आरक्षण लागू करने की योजना है। इसके तहत लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 तक की जा सकती है।

    संख्याबल की चुनौती

    वर्तमान में लोकसभा में एनडीए के पास 292 सांसद हैं, जबकि विपक्षी दलों के पास 233 सदस्य हैं। संविधान संशोधन विधेयक पारित करने के लिए उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है।

    ऐसे में यह मुद्दा न केवल नीतिगत बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम बन गया है, जिस पर आने वाले दिनों में और तीखी बहस देखने को मिल सकती है।

  • आदित्य ठाकरे ने तो हीरोइन को ही मार दिया, निशिकांत दुबे के विवादित बोल, LS में हंगामा

    आदित्य ठाकरे ने तो हीरोइन को ही मार दिया, निशिकांत दुबे के विवादित बोल, LS में हंगामा

    नई दिल्‍ली। लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान आज (गुरुवार, 16 अप्रैल को) विपक्ष और सत्तापक्ष के सदस्यों के बीच उस समय तीखी नोंकझोक देखने को मिली, जब भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने एक अभिनेत्री की कथित आत्महत्या से जुड़े चर्चित मामले का परोक्ष रूप से हवाला देते हुए शिवेसना (UBT) के एक प्रमुख युवा नेता के नाम का उल्लेख किया। इसके बाद शिवसेना (UBT) के सांसद सदन में हंगामा करने लगे।
    शिवसेना सांसदों ने कहा कि दुबे को अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए।

    दरअसल, शिवसेना (UBT) के सांसद अरविंद सावंत ने महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर चर्चा में भाग लेते हुए बलात्कार के मामलों का उल्लेख करते हुए भाजपा से जुड़े दो नेताओं के नामों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण के बहाने विपक्ष को बदनाम कर रही है, जबकि खुद उसके नेता महिलाओं के यौन शोषण के आरोपी रहे हैं।
    ढोल बजाने के लिए आरक्षण बिल लाया गया

    सावंत ने कहा कि ढोल बजाने के लिए आरक्षण बिल लाया गया है। उन्होंने कहा कि आपने परिसीमन उससे जोड़ा है, इसलिए विरोध हो रहा है। सावंत ने कहा, आज भी मणिपुर में हमले शुरू हैं। आपकी कथनी और करनी में फर्क है, कहा कुछ, और किया कुछ।

    आपको नहीं भूलना चाहिए कि कुलदीप सिंह सेंगर कौन है, बृज भूषण शरण सिंह किसकी पार्टी का है? जिन लोगों ने महिलाओं का यौन शोषण किया है। इस पर जब सत्ता पक्ष ने रोटा-टोकी की तो सावंत ने कहा, “क्यों बलात्कारी बहुत प्यारे हैं क्या आपको?”
    तो आदित्य ठाकरे की भी बात होगी

    इस पर पीठासीन जगदंबिका पाल ने कहा कि कार्रवाई से इसे निकलवा देंगे इस पर भी सावंत भड़क गए। उन्होंने पूछा क्यों क्या बलात्कारी आदर्श है किसी का? इसी बीच , भाजपा सांसद दुबे ने एक अभिनेत्री की कथित आत्महत्या से जुड़े मामले का हवाला देते हुए शिवसेना (UBT) के एक प्रमुख नेता के नाम का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “अगर ये कुलदीप सेंगर और बृजभूषण शरण की बात करेंगे तो आदित्य ठाकरे की भी बात होगी, उसने हिरोइन को मार दिया।”
    दुबे को माफी मांगनी चाहिए

    इसे लेकर सावंत, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार)की नेता सुप्रिया सुले और कांग्रेस के सदस्यों ने विरोध दर्ज कराया। अरविंद सावंत ने कहा कि भाजपा सांसद दुबे को माफी मांगनी चाहिए। हंगामा होता देख पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल ने दुबे और सावंत की टिप्पणियों को सदन की कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया। इसके बाद भी सावंत ने अपना भाषण जारी रखा। सावंत ने कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण का विरोध नहीं कर रहा है बल्कि केंद्र सरकार ने स्वार्थ के लिए विशेष सत्र बुलाया है। उन्होंने सरकार से ही पूछा कि बताइए हमने महिलाओं का कब विरोध किया? सावंत ने कहा कि 2023 में सभी ने महिला आरक्षण का समर्थन किया था, क्या प्रधानमंत्री जी आप ये भी भूल गए।
    दिशा सालियान की आत्महत्या का मामला

    बता दें कि भाजपा सांसद का इशारा दिशा सालियान की आत्महत्या केस की तरफ था। 2020 में भी अभिनेत्री दिशा सालियान की मौत से जुड़े मामले में बीजेपी नेताओं ने आदित्य ठाकरे पर सवाल उठाए थे और उनके नाम का इस्तेमाल किया था। मार्च 2025 में, दिशा के पिता ने बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया और मामले में उनकी भूमिका की जांच की मांग की थी।

  • चंद्रशेखर जयंती के विशेष संयोग ने इस राजनीतिक घटनाक्रम को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया..

    चंद्रशेखर जयंती के विशेष संयोग ने इस राजनीतिक घटनाक्रम को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया..

    नई दिल्ली:चंद्रशेखर जयंती पर हरिवंश नारायण सिंह का राज्यसभा उपसभापति के रूप में तीसरी बार चयन, प्रधानमंत्री ने अनुभव और संतुलन की भूमिका को बताया लोकतांत्रिक मजबूती का आधार
    राज्यसभा में शुक्रवार का दिन संसदीय कार्यवाही के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा, जब हरिवंश नारायण सिंह को लगातार तीसरी बार उपसभापति के रूप में चुना गया। सदन में इस निर्णय को व्यापक समर्थन मिला और उनके चयन को अनुभव, संतुलन और संसदीय परंपराओं के प्रति भरोसे की निरंतरता के रूप में देखा गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल एक पद का दोहराव नहीं है, बल्कि सदन के प्रति उनके लंबे अनुभव और प्रभावी कार्यशैली की स्वीकृति है।

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि हरिवंश नारायण सिंह ने बीते वर्षों में राज्यसभा की कार्यवाही को सुचारु और संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं के बीच संतुलन स्थापित करना और सदन की गरिमा को बनाए रखना एक कठिन कार्य है, जिसे उन्होंने अपने धैर्य और समझदारी से निभाया है। उनके अनुसार, उनकी कार्यशैली ने सदन में संवाद और अनुशासन दोनों को मजबूत किया है।

    प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि हरिवंश नारायण सिंह का जीवन अनुभव और सामाजिक जुड़ाव सदन की कार्यवाही को अधिक समृद्ध बनाता है। उन्होंने ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर शिक्षा और पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य किया और बाद में संसदीय जिम्मेदारी संभालते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका अनुभव सदन की चर्चाओं को अधिक गहराई और संतुलन प्रदान करता है।

    इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने एक विशेष संयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस दिन हरिवंश नारायण सिंह को तीसरी बार यह जिम्मेदारी मिली, उसी दिन देश के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जयंती भी है। उन्होंने बताया कि हरिवंश का चंद्रशेखर के साथ गहरा संबंध रहा है और वे उनके विचारों और कार्यों से जुड़े रहे हैं। यह संयोग इस अवसर को और भी महत्वपूर्ण बना देता है।

    प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि हरिवंश नारायण सिंह का जीवन सामाजिक चेतना और जनसेवा से प्रेरित रहा है। शिक्षा के दौरान काशी में उनका अध्ययन उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण रहा। ग्रामीण परिवेश से आने के कारण उन्होंने समाज की वास्तविकताओं को करीब से समझा, जिसका प्रभाव उनके सार्वजनिक जीवन में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

    उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पिछले कुछ वर्षों में हरिवंश ने देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में संवाद कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाई है। यह प्रयास युवाओं और नीति निर्माण की दुनिया के बीच एक सेतु का कार्य करता है और लोकतांत्रिक संवाद को और मजबूत बनाता है।

    राज्यसभा में उनके पुनर्निर्वाचन को लेकर विभिन्न सदस्यों ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की। सदन में यह माना गया कि अनुभवी नेतृत्व संसदीय कार्यवाही को अधिक प्रभावी और संतुलित बनाता है। उनके चयन को निरंतरता और स्थिरता के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।

  • कर्नाटक में रोहित वेमुला विधेयक को मंजूरी, जातिगत भेदभाव पर छात्रों को मुआवजा और सजा का प्रावधान

    कर्नाटक में रोहित वेमुला विधेयक को मंजूरी, जातिगत भेदभाव पर छात्रों को मुआवजा और सजा का प्रावधान

    बंगलूरू। कर्नाटक सरकार ने गुरुवार को कैबिनेट बैठक में ‘कर्नाटक रोहित वेमुला (बहिष्कार या अन्याय की रोकथाम) (शिक्षा का अधिकार और गरिमा) विधेयक’ को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही राज्य सरकार ने बंगलूरू में कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और प्रशासनिक प्रस्तावों को भी हरी झंडी दी। यह जानकारी कानून और संसदीय कार्य मंत्री एच.के. पाटिल ने दी।

    मंत्री ने बताया कि इस विधेयक को पहले स्थगित कर दिया गया था, लेकिन अब इसे कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है। प्रस्तावित कानून के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव का शिकार होने वाले छात्रों को अधिकतम एक लाख रुपये तक मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है। वहीं दोषी पाए जाने पर एक साल तक की सजा और 10 हजार रुपये तक जुर्माना भी लगाया जा सकेगा।

    इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पिछले साल अप्रैल में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पत्र लिखकर ‘रोहित वेमुला अधिनियम’ लागू करने की मांग की थी, ताकि शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव पर रोक लगाई जा सके। रोहित वेमुला एक दलित छात्र थे, जिनकी 2016 में हैदराबाद में कथित भेदभाव के चलते आत्महत्या से मौत हो गई थी।

    कैबिनेट बैठक में बंगलूरू के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए भी कई अहम फैसले लिए गए। इनमें आईओसी जंक्शन पर एलिवेटेड फ्लाईओवर और बयप्पनहल्ली रेलवे क्रॉसिंग पर दो-लेन रेल ओवरब्रिज के निर्माण को मंजूरी शामिल है। इन परियोजनाओं के लिए करीब 436.44 करोड़ रुपये की लागत तय की गई है और प्रशासनिक स्वीकृति भी प्रदान कर दी गई है।

    इसके अलावा, सरकार ने 13,262 करोड़ रुपये की लागत से 11 एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। ये कॉरिडोर करीब 75.6 किलोमीटर लंबे होंगे और इन्हें ग्रेटर बंगलूरू प्राधिकरण के तहत विकसित किया जाएगा। साथ ही सरकार ने 2023 की इंटरमीडिएट रिंग रोड योजना को रद्द करते हुए 2007 की योजना को मामूली संशोधनों के साथ लागू करने का निर्णय लिया है।

  • मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ गौतम अडानी बने एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति… .

    मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ गौतम अडानी बने एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति… .


    नई दिल्ली।
    रिलायंस के चेयरमैन (Reliance Chairman) मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) से अडानी ग्रुप (Adani Group) के मालिक गौतम अडानी (Gautam Adani) ने उनके सिर से एशिया और भारत के सबसे बड़े रईस शख्स (Asia and India Richest People) का ताज छीन लिया है। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स (Bloomberg Billionaires Index) के मुताबिक गुरुवार को गौतम अडानी पर डॉलर की बारिश हुई। उनकी संपत्ति 3.56 अरब डॉलर बढ़कर 92.6 अरब डॉलर पर पहुंच गई। जबकि, मुकेश अंबानी का नेटवर्थ अडानी से कम 90.8 अरब डॉलर रह गया। अडानी अब दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 19वें स्थान पर पहुंच गए हैं और अंबानी 20वें पोजीशन पर खिसक गए हैं।


    अडानी ने अंबानी को कैसे पछाड़ा

    अडानी और अंबानी के नेटवर्थ का बड़ा हिस्सा उनकी कंपनियों के शेयरों से आता है। गुरुवार को अडानी ग्रुप के शेयर उछाल के साथ बंद हुए। इसका असर अडानी के नेटवर्थ पर पड़ा। अडानी ग्रुप के शेयरों में अडानी पोर्ट्स 2.20 पर्सेंट उछला, अडानी ग्रीन में 2.44 प्रतिशत की तेजी रही।

    अडानी एंटरप्राइजेज 3.06%, अडानी एनर्जी 4.86%, अडानी पावर 5.84% उछला। इसी तरह अडानी ग्रुप के अन्य शेयर भी बढ़त के साथ बंद हुए। जबकि, अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 0.13 प्रतिशत की मामूली बढ़त हुई।

    गुरुवार को अंबानी संपत्ति में केवल 76.7 मिलियन डॉलर का ही इजाफा हुआ। दूसरी ओर अडानी की संपत्ति में 3.56 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई और अडानी को कुल नेटवर्थ अंबानी के नेटवर्थ से ज्यादा हो गया।


    अरबपतियों के टॉप-10 लिस्ट में भी उथल-पुथल

    ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के टॉप-10 अरबपतियों की लिस्ट में अब कुल 6 लोग 200 अरब डॉलर क्लब में शामिल हो गए हैं। लैरी एलिसन की संपत्ति में गुरुवार को भारी इजाफा हुआ। उनका नेटवर्थ 8.46 अरब डॉलर उछला है। अब इस क्लब में सबसे ऊपर और दुनिया सबसे अमीर एलन मस्क है। इनके बाद लैरी पेज, जेफ बजोस, सर्गी ब्रिन, मार्क जुकरबर्ग और लैरी एलिसन हैं।


    दुनिया के अमीरों की टॉप-10 लिस्ट में कौन-कौन हैं

    ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स में सबसे ऊपर 656 अरब डॉलर के साथ एलन मस्क हैं। लैरी पेज के पास 286 अरब डॉल कर संपत्ति है। जेफ बेजोस 269 अरब डॉलर के साथ तीसरे स्थान पर हैं। चौथे स्थान पर सर्गी ब्रिन हैं। इनका नेटवर्थ 266 अरब डॉलर है। मार्क जुकरबर्ग 5वें नंबर पर हैं और इनके पास कुल 239 अरब डॉलर की संपत्ति है। लैरी एलिसन 230 अरब डॉलर के साथ छठे स्थान पर हैं।

    टॉप-10 अरबपतियों में माइकल डेल ने 5.19 अरब डॉलर की छलांग लगाकर 7वां स्थान हासिल किया है। इनका नेटवर्थ अब 170 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। जेनसेंग हुआंग 164 अरब डॉलर के साथ 8वें स्थान पर हैं। बर्नार्ड अरनाल्ट 164 अरब डॉलर के साथ 9वें और जिम वॉल्टन 150 अरब डॉलर के साथ 10वें पोजीशन पर हैं।

  • दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की लिस्ट में एक पायदान नीचे खिसका भारत, छठे स्थान पर पहुंचा

    दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की लिस्ट में एक पायदान नीचे खिसका भारत, छठे स्थान पर पहुंचा


    नई दिल्ली।
    अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund.- IMF) ने दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं (World Economies) को लेकर नए अनुमान जारी किए हैं। इन ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत (India) डॉलर के हिसाब से दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की सूची में एक पायदान नीचे खिसक कर छठे स्थान पर आ गया है और ब्रिटेन फिर से भारत से आगे निकल गया है। इससे पहले भारत पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, लेकिन अब वह छठे स्थान पर आ गया है। हालांकि, वास्तविक विकास दर के मामले में भारत अभी भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।


    क्या हुआ है बदलाव?

    2024 की स्थिति: भारत 5वें स्थान पर था। भारत की जीडीपी 3.76 ट्रिलियन डॉलर थी, जबकि ब्रिटेन की जीडीपी 3.7 ट्रिलियन डॉलर थी। यानी भारत ब्रिटेन से आगे था।

    2025 (पिछले साल) की स्थिति: भारत की जीडीपी बढ़कर 3.92 ट्रिलियन डॉलर हो गई, लेकिन ब्रिटेन की जीडीपी भी तेजी से बढ़कर 4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई। इसी वजह से ब्रिटेन ने भारत को पछाड़ दिया और भारत छठे नंबर पर आ गया।


    मौजूदा वैश्विक रैंकिंग इस प्रकार है (2026 अनुमान):

    अमेरिका
    चीन
    जर्मनी
    जापान
    यूके
    भारत


    भारत के पिछड़ने के दो मुख्य कारण क्या हैं?

    भले ही भारत तेजी से विकास कर रहा है, लेकिन डॉलर में गिनती करने पर दो कारणों से भारत की रैंक गिरी है।
    रुपये का कमजोर होना: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया लगातार कमजोर हुआ है। जब हम अपनी कमाई (जो रुपये में है) को मजबूत डॉलर में बदलते हैं, तो वह कम हो जाती है।
    बेस ईयर में बदलाव: जीडीपी को मापने के लिए इस्तेमाल होने वाले आधार वर्ष में बदलाव के कारण भी आंकड़ों पर यह असर पड़ा है।


    रुपये और डॉलर का गणित

    IMF के आंकड़ों के अनुसार रुपये की स्थिति कुछ इस तरह रही है।
    2024: 1 डॉलर = 84.57 रुपये
    2025: 1 डॉलर = 88.48 रुपये (रुपया कमजोर हुआ)
    इस साल (2026) का अनुमान: 1 डॉलर = 92.59 रुपये (रुपया और कमजोर हो सकता है)

    इसके बिल्कुल उलट, ब्रिटेन की मुद्रा (ब्रिटिश पाउंड) डॉलर के मुकाबले मजबूत हुई है। इसी करेंसी एक्सचेंज के खेल में ब्रिटेन आगे निकल गया।

    यह समझना बहुत जरूरी है कि भारत अभी भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। अगर हम डॉलर के बजाय अपने रुपयों में बात करें, तो हमारी अर्थव्यवस्था बहुत तेजी से बढ़ रही है:

    2024 में जीडीपी 318 लाख करोड़ रुपये थी। 2025 में यह 9% बढ़कर लगभग 347 लाख करोड़ रुपये हो गई। इस साल इसके 11% बढ़कर 385 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। यानी देश के अंदर विकास हो रहा है, लेकिन डॉलर के महंगा होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारी वैल्यू कम दिख रही है।

    भविष्य को लेकर क्या उम्मीदें हैं?
    सरकार को उम्मीद थी कि भारत 2025-26 तक जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा, लेकिन रुपये की कमजोरी के कारण अब इसके लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा। इस साल भी भारत के छठे स्थान पर ही रहने की उम्मीद है। यह काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि रुपये और डॉलर का रेट क्या रहता है।


    विकास की कहानी बरकरार, भविष्य उज्ज्वल

    इस गिरावट के बावजूद IMF ने भारत की रियल जीडीपी ग्रोथ फोरकास्ट बढ़ा दी है। FY27 के लिए 6.5% वृद्धि का अनुमान है, जबकि घरेलू अनुमान FY26 में 7.4% तक हैं। भारत दुनिया की सबसे तेज बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा। 2021-2025 के बीच भारत की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 8.56% रही, जो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे ऊंची है।


    कब बनेगा दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था?

    अनुमान है कि अगले साल भारत न सिर्फ ब्रिटेन को पछाड़ेगा, बल्कि जापान को भी पीछे छोड़ देगा। IMF के इन आंकड़ों को देखते हुए ऐसा लगता है कि भारत को नंबर 3 की कुर्सी तक पहुंचने के लिए 2031 तक का लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। सीधे शब्दों में कहें तो भारत की कमाई (रुपये में) लगातार बढ़ रही है, लेकिन चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तुलना डॉलर में होती है और डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हो गया है, इसलिए रैंकिंग में हम एक कदम पीछे हो गए हैं।

  • MP-UP समेत इन राज्यों में गर्मी दिखा रही रौद्र रूप…. लोगों का घर से बाहर निकलना हुआ मुश्किल

    MP-UP समेत इन राज्यों में गर्मी दिखा रही रौद्र रूप…. लोगों का घर से बाहर निकलना हुआ मुश्किल


    नई दिल्ली।
    अप्रैल (April) के तीसरे हफ्ते में गर्मी ने अपना रौद्र रूप (Heat Fierce form) दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तर भारत (North India) के राज्यों में दोपहर के समय हालात ऐसे हैं कि लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश और हरियाणा, पंजाब जैसे राज्यों में तेज तेज धूप पड़ रही है। सुबह 10 बजे के बाद ही मौसम में तेज गर्माहट आनी शुरू हो जाती है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक शुक्रवार को उत्तर भारत के तमाम जिलों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री के ऊपर रहने की संभावना है। आन वाले कुछ दिनों में लू की आशंका भी बनी हुई है।

    मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए अनुमान के मुताबिक उत्तर भारत जहां गर्मी से परेशान रहेगा, तो वही पहाड़ी क्षेत्र और पूर्वोत्तर भारत अभी भी बारिश और ठंडक से घिरा हुआ रहेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख तेज गरज और बिजली के साथ बर्फबारी और बारिश होने की संभावना है। इस दौरान हवाएं करीब 45 से 55 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल सकती हैं। इसके अलावा हिमाचल में भी बादल छाए रहने और हल्की बूंदा-बांदी की संभावना है।

    पाकिस्तान की सीमा से सटे पंजाब और राजस्थान के क्षेत्रों में गर्मी अपने चरम पर होगी। लेकिन जम्मू-कश्मीर और नीचे पंजाब की तरफ आने वाले सीमाई इलाकों में हल्की गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी शुक्रवार को हल्की बारिश हो सकती है।

    मध्य भारत में बढ़ेगी गर्मी
    दूसरी तरफ उत्तर भारत की तरह मध्य भारत भी धूप से जूझता रहेगा। हालांकि, 19 और 20 अप्रैल को पश्चिमी मध्य प्रदेश में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा महाराष्ट्र के विदर्भ और छत्तीशगढ़ में तापमान क्रमिक रूप से बढ़ता रहेगा। 20 अप्रैल के बाद इन क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है।

    पूर्वी भारत में बारिश जारी
    उत्तर भारत जहां गर्मी से जूझ रहा है, तो वहीं दूसरी ओर पूर्वोत्तर भारत बारिश की संभावना से घिरा हुआ है। पश्चिम बंगाल, सिक्किम में शुक्रवार यानी 17 अप्रैल को हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा बिहार के पूर्वी इलाके, ओडिशाग और बंगाल के मैदानी इलाकों में 17 से लेकर 22 अप्रैल तक धीमी और मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा सिक्किम में भी 17-18 अप्रैल को तेज बारिश होने की संभावना है।

    दक्षिण भारत में बढ़ेगी उमस वाली गर्मी
    मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक शुक्रवार 17 अप्रैल को भी दक्षिण भारत का मौसम पिछले दिनों के जैसा ही रहेगा। तटीय इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है। बाकी जगहों पर तेज धूप और ह्यूमिडिटी की वजह से उमस वाली गर्मी पड़ेगी। तेज धूप की वजह से इन राज्यों का अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री के आसपास रहेगा।

  • बांसुरी स्वराज ने नारी शक्ति के सशक्तीकरण और प्रतिनिधित्व पर दिया जोर..

    बांसुरी स्वराज ने नारी शक्ति के सशक्तीकरण और प्रतिनिधित्व पर दिया जोर..


    नई दिल्ली:लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े विधेयकों पर चर्चा के दौरान राजनीतिक माहौल गरमा गया। इस बहस में भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने विधेयक का समर्थन करते हुए महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया और विपक्ष पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश की नारी शक्ति अब पहले से अधिक जागरूक और सक्षम है तथा उसे निर्णय प्रक्रिया में उचित स्थान मिलना चाहिए।

    अपने संबोधन में बांसुरी स्वराज ने कहा कि भारत की महिलाएं हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं, लेकिन राजनीति में उनका प्रतिनिधित्व अभी भी अपेक्षाकृत कम है। उन्होंने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना केवल एक नीति नहीं बल्कि लोकतांत्रिक संतुलन की आवश्यकता है।

    उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में महिलाओं की भूमिका केवल मतदाता तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें नीति निर्माण की प्रक्रिया में भी समान अवसर मिलना चाहिए। उनके अनुसार जब महिलाएं समाज के हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं तो राजनीतिक क्षेत्र में भी उनकी भागीदारी को मजबूत करना समय की मांग है।

    बांसुरी स्वराज ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि महिला आरक्षण को लेकर जो आपत्तियां सामने आ रही हैं, वे उचित नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इस दिशा में पहले सहमति बन चुकी थी तो अब इसके क्रियान्वयन में देरी क्यों की जा रही है। उनके अनुसार यह मुद्दा केवल राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक न्याय और समान अधिकारों से जुड़ा है।

    उन्होंने परिसीमन की प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि यह एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है और इसे किसी राजनीतिक दृष्टिकोण से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार महिला आरक्षण को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए परिसीमन एक आवश्यक कदम है, जिससे प्रतिनिधित्व का संतुलन बेहतर बनाया जा सकता है।

    अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि देश की जनसंख्या संरचना में समय के साथ बड़ा बदलाव आया है और ऐसे में संसदीय व्यवस्था में भी सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए यह जरूरी है कि सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व मिले।

    बांसुरी स्वराज ने यह भी कहा कि महिला सशक्तीकरण को लेकर किसी प्रकार का भ्रम फैलाना उचित नहीं है और इस दिशा में उठाए गए कदमों को सकारात्मक रूप से देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक निर्णय नहीं बल्कि समाज में समानता और न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

  • CBSE 12th Result 2026: जल्द जारी होंगे नतीजे, ऐसे चेक करें मार्कशीट

    CBSE 12th Result 2026: जल्द जारी होंगे नतीजे, ऐसे चेक करें मार्कशीट


    नई दिल्ली। Central Board of Secondary Education (CBSE) जल्द ही 12वीं कक्षा का रिजल्ट (CBSE 12th Result 2026) जारी करने वाला है। लाखों छात्र-छात्राएं अपने नतीजों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, CBSE 12वीं का रिजल्ट अप्रैल के आखिर से मई के मध्य के बीच जारी किया जा सकता है, हालांकि बोर्ड की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।

    इस साल CBSE 12वीं की परीक्षाएं 17 फरवरी से 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित की गई थीं, जिसमें करीब 17 लाख से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया। परीक्षा खत्म होने के बाद अब रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही इसे आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जाएगा।

    इन वेबसाइट्स पर जारी होगा CBSE 12th Result 2026
    छात्र अपना रिजल्ट CBSE की आधिकारिक वेबसाइट्स जैसे results.cbse.nic.in, cbse.gov.in और cbseresults.nic.in पर जाकर चेक कर सकेंगे। इसके अलावा DigiLocker और UMANG ऐप के जरिए भी मार्कशीट डाउनलोड की जा सकती है। वेबसाइट पर ज्यादा ट्रैफिक होने की स्थिति में ये वैकल्पिक प्लेटफॉर्म काफी मददगार साबित होंगे।

    कैसे चेक करें CBSE 12वीं रिजल्ट 2026
    रिजल्ट देखने के लिए छात्रों को सबसे पहले CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। इसके बाद “Class 12 Result 2026” के लिंक पर क्लिक करना होगा। फिर अपना रोल नंबर, स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड आईडी दर्ज करनी होगी। सबमिट करते ही रिजल्ट आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा, जिसे भविष्य के लिए डाउनलोड कर प्रिंट भी लिया जा सकता है।

    पास होने के लिए जरूरी है इतने नंबर
    CBSE 12वीं परीक्षा में पास होने के लिए छात्रों को हर विषय में कम से कम 33 प्रतिशत अंक लाना जरूरी है। यह नियम थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों पर लागू होता है। अगर छात्र किसी एक में भी फेल होता है तो उसे उस विषय में असफल माना जाएगा।