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  • कांग्रेस के गढ़ में BJP का बड़ा दांव, जयपुर निगम चुनाव में उतारे 8 मुस्लिम उम्मीदवार, 51 महिलाओं को टिकट

    कांग्रेस के गढ़ में BJP का बड़ा दांव, जयपुर निगम चुनाव में उतारे 8 मुस्लिम उम्मीदवार, 51 महिलाओं को टिकट


    जयपुर। जयपुर नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने सामाजिक और महिला समीकरण साधते हुए 8 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया है। पार्टी ने 150 वार्डों में 51 सीटों पर महिलाओं को प्रत्याशी बनाया है। वहीं, कांग्रेस ने टिकट वितरण में संगठन से जुड़े नेताओं और मौजूदा पार्षदों पर भरोसा जताया है। ऐसे में दोनों दलों की रणनीति ने चुनावी मुकाबले को रोचक बना दिया है।

    भाजपा ने 51 महिलाओं को दिया टिकट

    भाजपा की सूची में महिला और सामाजिक समीकरण पर खास फोकस दिखाई दे रहा है। पार्टी ने 33% महिला आरक्षण के सिद्धांत से आगे बढ़ते हुए करीब 35% टिकट महिलाओं को दिए हैं। इनमें महिला मोर्चा से जुड़ी कार्यकर्ताओं के साथ लंबे समय से संगठन में सक्रिय महिला चेहरों को भी मौका दिया गया है।

    वार्ड 47 से दीपा नाथावत, वार्ड 56 से रेखा सैनी, वार्ड 107 से अनुराधा माहेश्वरी और वार्ड 123 से पूनम मेहता को प्रत्याशी बनाया गया है।

    सबसे चर्चित नाम कांग्रेस की पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल का है। भाजपा ने उन्हें वार्ड 110 से मैदान में उतारा है। ज्योति खंडेलवाल जयपुर नगर निगम की महापौर रह चुकी हैं और लंबे समय तक कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय रही हैं। अब भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने से वार्ड 110 का मुकाबला खास हो गया है।

    8 मुस्लिम चेहरों पर भाजपा का भरोसा

    भाजपा ने मुस्लिम बहुल और कांग्रेस के प्रभाव वाले इलाकों में भी अपने उम्मीदवार उतारे हैं। पार्टी ने कुल 8 मुस्लिम नेताओं को पार्षद का टिकट दिया है।

    वार्ड 19 से शहनवाज अंसारी, वार्ड 109 से जाकिर खान कायमखानी, वार्ड 113 से फरीदुद्दीन ‘जैकी’, वार्ड 117 से शब्बो जहां, वार्ड 128 से माजिद पठान, वार्ड 136 से मिजाना मिर्जा, वार्ड 137 से रहीस मंसूरी और वार्ड 146 से अफसाना को प्रत्याशी बनाया गया है।

    इनमें वार्ड 19 का टिकट सबसे ज्यादा चर्चा में है। सामान्य सीट होने के बावजूद भाजपा ने यहां मुस्लिम उम्मीदवार को मैदान में उतारा है। इसे पार्टी की वार्डवार सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

    कांग्रेस ने संगठन के चेहरों पर जताया भरोसा

    कांग्रेस ने टिकट वितरण में अपने संगठन को प्राथमिकता दी है। पार्टी ने 4 ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों, 2 पीसीसी प्रकोष्ठ प्रमुखों और एक पीसीसी सचिव को चुनाव मैदान में उतारा है।

    इसके अलावा कई मौजूदा पार्षदों को भी दोबारा टिकट दिया गया है। पार्टी ने अपने मौजूदा जनप्रतिनिधियों के स्थानीय जनाधार और वार्ड में सक्रियता को टिकट का आधार बनाया है।

    कांग्रेस की रणनीति संगठन के पुराने नेटवर्क और मौजूदा पार्षदों के स्थानीय प्रभाव के सहारे भाजपा को चुनौती देने की है। हालांकि टिकट वितरण के बाद दोनों दलों के सामने बागियों को संभालने की चुनौती भी रहेगी।

    2500 से ज्यादा दावेदारों में से चुने 150 चेहरे

    जयपुर निगम चुनाव के लिए भाजपा में कई दिनों तक टिकट को लेकर मंथन चला। 150 वार्डों के लिए करीब 2500 से ज्यादा दावेदारों ने टिकट की दावेदारी की थी। पार्टी के सामने जिताऊ उम्मीदवार चुनने के साथ पुराने कार्यकर्ताओं, जातीय समीकरण और स्थानीय प्रभाव के बीच संतुलन बनाने की चुनौती थी।

    भाजपा की सूची में महिला, युवा, सामाजिक और संगठन से जुड़े चेहरों का मिश्रण दिखाई दे रहा है। पार्टी ने वार्डवार समीकरण को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन किया है।

    बागियों पर रहेगी दोनों दलों की नजर

    टिकट वितरण के बाद अब भाजपा और कांग्रेस के सामने नाराज दावेदारों को मनाने की चुनौती है। टिकट नहीं मिलने पर कुछ दावेदार निर्दलीय मैदान में उतर सकते हैं या दूसरे दलों का रुख कर सकते हैं। ऐसे में कई वार्डों में मुकाबला त्रिकोणीय या बहुकोणीय होने की संभावना है।

    भाजपा का 8 मुस्लिम उम्मीदवारों और 51 महिलाओं को टिकट देने का फैसला तथा कांग्रेस का संगठन के मजबूत चेहरों पर दांव अब चुनावी नतीजों पर कितना असर डालता है, यह चुनाव के दौरान देखने वाली बात होगी।

  • मुंबई में महंगाई का डबल झटका, CNG-PNG के साथ ऑटो-टैक्सी किराया भी बढ़ा

    मुंबई में महंगाई का डबल झटका, CNG-PNG के साथ ऑटो-टैक्सी किराया भी बढ़ा


    नई दिल्ली। मुंबई में एक सितंबर से आम लोगों की जेब पर महंगाई का दोहरा असर पड़ा है। महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने सीएनजी और घरेलू पीएनजी के दाम बढ़ा दिए हैं। वहीं, मुंबई महानगर क्षेत्र में ऑटो रिक्शा और काली-पीली टैक्सी का न्यूनतम किराया भी बढ़ गया है। दोनों बढ़ोतरी एक सितंबर से लागू हो गई हैं।

    CNG 2 रुपये और PNG 1 रुपये महंगी

    MGL के मुताबिक, मुंबई और आसपास के इलाकों में सीएनजी की कीमत 2 रुपये प्रति किलो बढ़कर 88 रुपये प्रति किलो हो गई है। घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के दाम में भी 1 रुपये प्रति एससीएम की बढ़ोतरी की गई है।

    कंपनी ने कीमत बढ़ाने के पीछे पश्चिम एशिया में जारी तनाव को वजह बताया है। MGL के अनुसार, इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतें बढ़ी हैं। सीएनजी की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए महंगे दाम पर आयातित स्पॉट RLNG का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।

    इस बढ़ोतरी का असर मुंबई, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी, लातूर और धाराशिव के अलावा कर्नाटक के चित्रदुर्ग और दावणगेरे में MGL के नेटवर्क से सीएनजी लेने वाले करीब 13 लाख वाहन मालिकों पर पड़ेगा। वहीं, करीब 30 लाख घरेलू PNG उपभोक्ताओं को भी अब ज्यादा भुगतान करना होगा।

    ऑटो-टैक्सी का सफर भी हुआ महंगा

    मुंबई महानगर क्षेत्र में ऑटो और टैक्सी से सफर करने वालों के लिए भी किराया बढ़ गया है। मुंबई महानगर क्षेत्र परिवहन प्राधिकरण (MMRTA) ने ऑटो रिक्शा का न्यूनतम किराया 27 रुपये और काली-पीली टैक्सी का न्यूनतम किराया 33 रुपये कर दिया है।

    ऑटो के किराए में 1 रुपये और टैक्सी के किराए में 2 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। अब टैक्सी का किराया 20.66 रुपये से बढ़कर 21.90 रुपये प्रति किलोमीटर हो गया है, जबकि ऑटो का किराया 17.14 रुपये से बढ़कर 18.22 रुपये प्रति किलोमीटर हो गया है।

    टैक्सी में पहले 1.5 किलोमीटर के लिए 31 रुपये देने पड़ते थे, अब इसके लिए 33 रुपये चुकाने होंगे।

    ड्राइवरों को मीटर अपडेट कराने के लिए नवंबर तक का समय

    आरटीओ अधिकारियों के मुताबिक, ड्राइवर अपने इलेक्ट्रॉनिक मीटर को नई दरों के अनुसार कैलिब्रेट करा सकते हैं। इसके अलावा आरटीओ से मंजूर किराया तालिका भी वाहन में प्रदर्शित की जा सकती है। मीटर को दोबारा कैलिब्रेट कराने के लिए ड्राइवरों को नवंबर के अंत तक का समय दिया गया है। तय अवधि में मीटर अपडेट नहीं कराने पर जुर्माना लगाया जा सकता है।

    ज्यादातर ऑटो-टैक्सी CNG पर निर्भर

    मुंबई महानगर क्षेत्र में 4.5 लाख से ज्यादा ऑटो रिक्शा और 50 हजार से अधिक काली-पीली टैक्सियां संचालित होती हैं। इनमें से अधिकांश वाहन सीएनजी से चलते हैं। ऐसे में ईंधन और किराया दोनों बढ़ने से यात्रियों के साथ-साथ ऑटो-टैक्सी चालकों पर भी खर्च का असर पड़ना तय है।

    मुंबई में इससे पहले ऑटो और टैक्सी का किराया फरवरी 2025 में बढ़ाया गया था। करीब 18 महीने बाद एक बार फिर किराए में बढ़ोतरी की गई है।

  • ट्रेड डील से पहले निर्यातकों का फीडबैक लेगा भारत, अमेरिका में शुल्क और रूस से तेल खरीद के असर पर बनेगी रणनीति

    ट्रेड डील से पहले निर्यातकों का फीडबैक लेगा भारत, अमेरिका में शुल्क और रूस से तेल खरीद के असर पर बनेगी रणनीति


    नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत लगातार आगे बढ़ रही है। इसी बीच भारत सरकार ने उद्योग जगत की चिंताओं और सुझावों को समझने के लिए अहम कदम उठाया है। वाणिज्य मंत्रालय मंगलवार को प्रमुख उद्योग संगठनों और निर्यात संवर्धन परिषदों के साथ बैठक करेगा। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत अमेरिका व्यापार संबंधों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा करना और अमेरिकी बाजार में भारतीय निर्यातकों के सामने आ रही चुनौतियों को समझना होगा। बैठक की अध्यक्षता वाणिज्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन करेंगे जो भारत अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए भारत के मुख्य वार्ताकार भी हैं। बैठक में अलग अलग क्षेत्रों के निर्यात प्रदर्शन और हाल के व्यापारिक रुझानों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।

    इस महत्वपूर्ण बैठक में फार्मास्युटिकल्स इंजीनियरिंग वस्त्र कृषि रसायन समुद्री उत्पाद चमड़ा ऑटोमोबाइल ऑटो कंपोनेंट्स हस्तशिल्प और प्लास्टिक जैसे प्रमुख क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। इसके अलावा सीआईआई फिक्की एसोचैम और फियो जैसे प्रमुख उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि भी अपने सुझाव रख सकते हैं। सरकार यह समझना चाहती है कि मौजूदा शुल्क व्यवस्था और अमेरिकी बाजार से जुड़ी व्यापारिक बाधाओं का भारतीय कारोबार और निर्यात पर कितना असर पड़ रहा है। उद्योग जगत से मिलने वाला फीडबैक आगे की बातचीत में भारत की रणनीति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

    यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल सितंबर के अंत में अमेरिका की यात्रा पर जाने वाले हैं। वह 30 सितंबर से मिल्वौकी में होने वाली जी20 व्यापार मंत्रिस्तरीय बैठक में हिस्सा लेंगे। इस दौरान अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी प्रस्तावित है। ऐसे में उससे पहले भारतीय उद्योगों की स्थिति और उनकी प्राथमिकताओं को समझना सरकार के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    पीयूष गोयल पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि भारत अमेरिका व्यापार समझौते का पहला चरण तभी लागू होगा जब भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर या कम से कम तुलनात्मक लाभ हासिल हो। यही वजह है कि सरकार अलग अलग सेक्टर से सीधे जानकारी जुटा रही है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल भी कह चुके हैं कि दोनों देश फरवरी में तय किए गए ढांचे के आधार पर समझौते को अंतिम रूप देने के लिए प्रतिबद्ध हैं और बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।

    हालांकि व्यापार समझौते के रास्ते में कुछ चुनौतियां भी मौजूद हैं। भारतीय निर्यात फिलहाल अमेरिका में सेक्शन 301 जांच के तहत लगाए गए अतिरिक्त 10 प्रतिशत शुल्क से प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा रूस से भारत की कच्चे तेल की खरीद भी अमेरिका के साथ व्यापारिक बातचीत में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकती है। अमेरिकी सीनेट से जुड़े हालिया घटनाक्रम में रूस से तेल खरीदने वाले प्रमुख देशों के निर्यात पर भारी शुल्क लगाने की संभावना ने अनिश्चितता बढ़ाई है। भारत बड़ी मात्रा में रूसी कच्चा तेल खरीदता है और जुलाई में देश के कुल कच्चे तेल आयात में रूसी तेल की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक रही थी।

    इन परिस्थितियों के बीच भारत सरकार फिलहाल बातचीत को रचनात्मक बनाए रखने पर जोर दे रही है। उद्योग जगत के साथ होने वाली बैठक से सरकार को यह समझने में मदद मिलेगी कि अमेरिकी बाजार में किन क्षेत्रों को सबसे ज्यादा राहत की जरूरत है और प्रस्तावित व्यापार समझौते में किन मुद्दों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। माना जा रहा है कि आने वाले समय में भारत अमेरिका ट्रेड डील को लेकर होने वाली बातचीत में इन सुझावों का असर साफ दिखाई दे सकता है।

  • नेपाल की बाढ़ ने छीनी हजारों की जिंदगी और रोजी-रोटी, 10 मिनट में खाली हुआ देवीघाट; मलबे में दबे घरों के बीच अपनों की तलाश

    नेपाल की बाढ़ ने छीनी हजारों की जिंदगी और रोजी-रोटी, 10 मिनट में खाली हुआ देवीघाट; मलबे में दबे घरों के बीच अपनों की तलाश


    नई दिल्ली। नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ ने देवीघाट कस्बे की तस्वीर ही बदल दी है। कभी लोगों की आवाजाही और कारोबार से गुलजार रहने वाला यह इलाका अब मलबे के ढेर में तब्दील हो चुका है। नुवाकोट जिले में त्रिशूली और ताड़ी नदी के संगम पर बसे देवीघाट में बाढ़ का पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। देखते ही देखते घर दुकानें सड़कें और दूसरी सुविधाएं पानी और मलबे की चपेट में आ गईं। स्थानीय लोगों के मुताबिक बाढ़ का मंजर इतना भयावह था कि उस वक्त किसी को अपना सामान बचाने की चिंता नहीं थी। हर किसी के सामने सिर्फ अपनी जान बचाने की चुनौती थी।

    30 अगस्त को जब लोग तबाही के चार दिन बाद अपने घरों और दुकानों के मलबे में जरूरी सामान तलाशने के लिए लौटे तो उन्हें एक बार फिर भागना पड़ा। अचानक बाढ़ का अलर्ट जारी हुआ और पूरे इलाके में अफरा तफरी मच गई। लोग सुरक्षित जगह की तलाश में ऊंचाई की ओर दौड़ने लगे। कुछ ही समय में पूरा कस्बा फिर से खाली हो गया। जिन लोगों ने अपने घरों में बचा हुआ सामान निकालने की उम्मीद में वापसी की थी उन्हें दोबारा अपनी जान बचाकर वहां से निकलना पड़ा। इस घटना ने लोगों के डर को और गहरा कर दिया है।

    देवीघाट में करीब 20 हजार लोगों की आबादी बताई जाती है लेकिन बाढ़ के बाद यहां हजारों लोगों के सामने अपना भविष्य बचाने का संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब 7 हजार लोगों की अब तक कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी है। बाढ़ के तेज बहाव में कई परिवार बिछड़ गए हैं और लोग अपनों की तलाश में भटक रहे हैं। कई घर पूरी तरह मलबे में दब चुके हैं जबकि कई मकानों की सिर्फ दीवारें बची हैं। दुकानों में रखा सामान कीचड़ और पानी में खराब हो चुका है।

    स्थानीय निवासी पवन नेगी बताते हैं कि इलाके में पहले भी बाढ़ आती रही है लेकिन इस बार जैसी तबाही उन्होंने कभी नहीं देखी। लोगों को उम्मीद थी कि पानी कुछ समय बाद उतर जाएगा और हालात सामान्य हो जाएंगे लेकिन इस बार बाढ़ ने घरों के साथ खेत और कारोबार भी तबाह कर दिए। अब प्रभावित परिवारों के सामने दोबारा जिंदगी शुरू करने की बड़ी चुनौती है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इलाके को फिर से बसाने में कई साल लग सकते हैं।

    बाढ़ ने केवल लोगों के घर ही नहीं छीने बल्कि उनकी रोजी रोटी का साधन भी खत्म कर दिया है। कई लोगों की दुकानें बह गईं और पशुधन तक बाढ़ की भेंट चढ़ गया। बच्चों की पढ़ाई और परिवार के भविष्य को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। मेडिकल स्टूडेंट राधिका थापा भी अपने परिवार के साथ मलबे में कपड़े और जरूरी सामान तलाशती नजर आईं। उनका घर और दुकान दोनों बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं।

    देवीघाट की नंदा थापा के मुताबिक अचानक लोगों की चीख सुनाई दी कि बाढ़ आ गई है। इसके बाद किसी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और हर कोई जान बचाने के लिए सुरक्षित जगह की ओर भागने लगा। अब वही लोग मलबे के बीच अपनी जिंदगी के बचे हुए निशान तलाश रहे हैं। नेपाल की इस त्रासदी ने साफ कर दिया है कि प्राकृतिक आपदा के कुछ मिनट भी इंसान की पूरी जिंदगी बदल सकते हैं। देवीघाट में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिन लोगों ने अपना सब कुछ खो दिया है वे दोबारा अपनी जिंदगी कैसे शुरू करेंगे।

  • नेपाल में कुदरत का कहर और 10 सेकेंड की जिंदगी की जंग! सैकड़ों मौतों के बीच लापता लोगों की तलाश जारी

    नेपाल में कुदरत का कहर और 10 सेकेंड की जिंदगी की जंग! सैकड़ों मौतों के बीच लापता लोगों की तलाश जारी


    नई दिल्ली। नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने पूरे देश को गहरे संकट में डाल दिया है। 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई और बड़ी संख्या में लोगों की जान चली गई। इस आपदा के बीच कुछ सेकेंड की सतर्कता कई लोगों के लिए जिंदगी और मौत के बीच का अंतर साबित हुई। रसुवा कस्टम ऑफिस के अधिकारी करबीर गैरे ने जब भोटेकोशी नदी में तेजी से बढ़ता बाढ़ का पानी देखा तो उन्होंने आसपास मौजूद लोगों को तुरंत ऊंचाई की तरफ भागने की चेतावनी दी। बताया गया कि चेतावनी के करीब 10 सेकेंड बाद ही तेज बहाव ने आसपास के ढांचों को अपनी चपेट में ले लिया। समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थान की ओर भेजने से कई जानें बच सकीं।

    नेपाल के फ्लड फोरकास्टिंग डिविजन के अनुसार सुबह करीब 9 बजे तिब्बत की तरफ से भोटेकोशी में बाढ़ की सूचना मिली थी। इसके कुछ ही मिनट बाद रसुवा नुवाकोट धादिंग और चितवन समेत प्रभावित क्षेत्रों में करीब 6 लाख एसएमएस अलर्ट भेजे गए। आपदा के दौरान समय पर चेतावनी और लोगों की सतर्कता ने राहत और बचाव के प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बावजूद बाढ़ की भयावहता इतनी ज्यादा थी कि बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आ गए।

    अब तक नेपाल और तिब्बत में बाढ़ से 919 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। इनमें अकेले नेपाल में 903 लोगों की जान गई है जबकि तिब्बत में 16 मौतें दर्ज की गई हैं। इसके अलावा 4200 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों की तलाश के साथ उनकी पहचान सुनिश्चित करने की चुनौती भी प्रशासन के सामने है। नेपाल पुलिस ने लापता लोगों के परिजनों से डीएनए सैंपल देने की अपील की है। माता पिता और बच्चों से डीएनए प्रोफाइलिंग के लिए नमूने मांगे जा रहे हैं ताकि बरामद शवों की पहचान लापता लोगों के परिवारों से मिलान करके की जा सके।

    बाढ़ का असर नेपाल की सीमाओं से बाहर भी दिखाई दिया है। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में नारायणी गंडक नदी से चार अज्ञात शव बरामद किए गए जिन्हें नेपाल प्रशासन को सौंप दिया गया। इनमें तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। पहचान सुनिश्चित करने के लिए पोस्टमॉर्टम के दौरान डीएनए सैंपल लिए गए हैं जिन्हें नेपाल प्रशासन के साथ साझा किया जाएगा।

    इस बीच हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। त्रिशूली-3A समेत कई परियोजनाओं की सुरंगों के मुहानों पर जमा मलबा और कीचड़ हटाकर अंदर पहुंचने की कोशिश की जा रही है। नेपाल के सुरक्षा बलों के साथ भारत और चीन के विशेषज्ञ भी बचाव अभियान में सहयोग कर रहे हैं। भारी मशीनों और विशेष उपकरणों की मदद से सुरंगों के रास्ते खोलने का प्रयास किया जा रहा है।

    नेपाल की इस भीषण आपदा के बाद कई देशों ने मदद का हाथ बढ़ाया है। भारत ने मानवीय सहायता के साथ मेडिकल और टनल रेस्क्यू टीम भेजी है। ब्रिटेन यूरोपीय संघ कनाडा अमेरिका और चीन की ओर से भी आर्थिक और मानवीय सहायता की घोषणा की गई है। ऐसे समय में राहत और बचाव अभियान के साथ लापता लोगों की तलाश सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है। नेपाल अब इस त्रासदी से उबरने की कठिन चुनौती के बीच प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने और बाढ़ से तबाह हुए क्षेत्रों को दोबारा खड़ा करने की कोशिश में जुटा है।

  • नेपाल त्रासदी में अपनों का इंतजार, बीमार माता-पिता से छिपाया बेटा-बहू के लापता होने का दर्द, टीवी-अखबार कराया बंद

    नेपाल त्रासदी में अपनों का इंतजार, बीमार माता-पिता से छिपाया बेटा-बहू के लापता होने का दर्द, टीवी-अखबार कराया बंद

    कानपुर। नेपाल में आई भीषण त्रासदी के बाद कानपुर के एक परिवार की उम्मीदें अब भी अपनों की वापसी पर टिकी हैं। श्यामनगर निवासी और अमेरिकी नागरिक पंकज मिश्रा, उनकी पत्नी रागिनी मिश्रा और छोटे भाई की पत्नी पूनम मिश्रा का 25 अगस्त के बाद से कोई पता नहीं चल सका है। परिवार को अब भी उनके सुरक्षित मिलने की उम्मीद है। वहीं, बेटे और बहू के लापता होने की खबर बुजुर्ग माता-पिता से इसलिए छिपाई जा रही है, क्योंकि दोनों हृदय रोगी हैं। उन्हें जानकारी न मिले, इसके लिए घर में आने वाला अखबार बंद करा दिया गया है और टीवी का कनेक्शन भी कटवा दिया गया है।

    श्यामनगर के ई-ब्लॉक निवासी राजेंद्र मिश्रा सेवानिवृत्त एयरफोर्स कर्मी हैं। परिवार में पत्नी सुमन मिश्रा और तीन बेटे पंकज, धीरज और अनुज हैं। पंकज पत्नी रागिनी और बेटे अरमान के साथ अमेरिका में रहते हैं। उनके छोटे भाई धीरज भी पत्नी पूनम, बेटे ध्रुव और बेटी मानसी के साथ अमेरिका में रहते हैं। पंकज, धीरज और पूनम सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, जबकि रागिनी सरकारी शिक्षिका हैं। परिवार के सभी सदस्य अमेरिका के नागरिक हैं।

    कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए काठमांडू गए थे
    परिवार के मुताबिक, 20 अगस्त को सभी लोग अमेरिका से फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे थे। इसके बाद दिल्ली से कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए काठमांडू रवाना हुए। इससे पहले उन्होंने नेपाल में पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन भी किए थे। उनके साथ कुल 31 लोग थे, जिनमें 26 पर्यटक और पांच गाइड शामिल थे।

    श्यामनगर में रहने वाले सबसे छोटे भाई डॉ. अनुज मिश्रा ने बताया कि आखिरी बार 25 अगस्त को उनकी भाई पंकज से बात हुई थी। इसके बाद से पंकज, रागिनी और पूनम से संपर्क नहीं हो सका है। परिवार लगातार फोन मिलाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा। नेपाल में आई त्रासदी के बाद से परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। परिवार नेपाल के पीएमओ से भी संपर्क करने की कोशिश कर रहा है।

    माता-पिता को बताया- फोन पर संपर्क नहीं हो पा रहा
    अनुज ने बताया कि उनके पिता राजेंद्र और मां सुमन दोनों हृदय रोगी हैं। ऐसे में परिवार ने उन्हें नेपाल में अपनों के लापता होने की जानकारी नहीं दी है। माता-पिता बार-बार बेटे और बहू से बात कराने के लिए कह रहे हैं तो परिजन उन्हें फोन पर संपर्क नहीं हो पाने की बात बताकर टाल रहे हैं।

    बुजुर्ग माता-पिता को किसी तरह खबर न मिल जाए, इसके लिए घर में आने वाला अखबार बंद करा दिया गया है। टीवी का कनेक्शन भी कटवा दिया गया है। परिवार इस समय एक तरफ अपनों के सुरक्षित लौटने की प्रार्थना कर रहा है, वहीं दूसरी ओर माता-पिता से सच्चाई छिपाने की मजबूरी से जूझ रहा है।

    ‘बहन राखी भेजती थी, इस बार मन बेचैन है’
    पीरोड में रहने वाले रागिनी मिश्रा के भाई प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि रक्षाबंधन पर उनकी बहन हर साल राखी भेजती थीं। इस बार भी उन्होंने राखी भेजी थी, लेकिन अब बहन, बहनोई और उनकी देवरानी के लापता होने की खबर ने पूरे परिवार को बेचैन कर दिया है। प्रवीण ने कहा कि परिवार लगातार उनके सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए बैठा है। हर फोन कॉल और हर नई सूचना के साथ परिजनों की उम्मीदें जुड़ी हुई हैं।

  • यूपी चुनाव से पहले मायावती का मंथन, बोलीं- विरोधी अपना सकते हैं कई हथकंडे, बसपा कार्यकर्ता रहें सावधान

    यूपी चुनाव से पहले मायावती का मंथन, बोलीं- विरोधी अपना सकते हैं कई हथकंडे, बसपा कार्यकर्ता रहें सावधान

    लखनऊ। आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोमवार को लखनऊ में पार्टी की अहम बैठक की। इसमें प्रदेश के सभी राज्य स्तरीय पदाधिकारी और सभी 75 जिलों के जिलाध्यक्ष शामिल हुए। दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह के बेटे युकेश भी बैठक में मौजूद रहे। बैठक में चुनावी तैयारियों के साथ संगठन की प्रगति की समीक्षा की गई।

    मायावती ने पार्टी नेताओं से चुनाव की तैयारियों में तेजी लाने और बदलते राजनीतिक हालात के अनुसार संगठन को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विरोधी दल साम, दाम, दंड और भेद जैसे हथकंडे अपना सकते हैं, इसलिए बसपा कार्यकर्ताओं को मजबूती से उनका सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।

    मायावती ने कहा कि बसपा उत्तर प्रदेश में पांचवीं बार ऐसी सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ काम करेगी, जिसमें कानून के जरिए बेहतर कानून का राज स्थापित हो और ‘सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय’ के उद्देश्य को पूरा किया जा सके।

    ‘चुनावी रेवड़ियों और लुभावने वादों से रहें सावधान’
    बसपा प्रमुख ने चुनाव के दौरान किए जाने वाले वादों और घोषणाओं को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता को आगाह किया। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले महिलाओं समेत विभिन्न वर्गों को निजी लाभ देने वाली योजनाओं, लुभावने वादों और घोषणाओं के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की जाती है।

    उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद इन्हीं वादों को लेकर वादाखिलाफी की शिकायतें सामने आती हैं। इसलिए जनता को विरोधी दलों के छलावे और विश्वासघात से बचना चाहिए और अपने विवेक से स्वतंत्र एवं निष्पक्ष होकर मतदान करना चाहिए।

    9 अक्टूबर को कांशीराम की पुण्यतिथि पर बड़ा कार्यक्रम
    बैठक में बसपा संस्थापक मान्यवर कांशीराम की 9 अक्टूबर को होने वाली पुण्यतिथि के कार्यक्रम की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। मायावती ने बताया कि इस बार कार्यक्रम लखनऊ में वीआईपी रोड स्थित बौद्ध स्मृति उपवन के सामने विकसित किए गए ‘मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल’ में आयोजित किया जाएगा।

    पार्टी के मुताबिक कार्यक्रम में पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित प्रदेशभर से लोग शामिल होंगे और कांशीराम को श्रद्धांजलि देंगे। बसपा ने कार्यक्रम को ‘कांशीराम का मिशन अधूरा, बीएसपी करेगी पूरा’ और ‘बहनजी करेंगी पूरा’ जैसे संकल्पों के साथ आयोजित करने की बात कही है।

    नेपाल की बाढ़ पर जताई चिंता
    मायावती ने पड़ोसी देश नेपाल में बाढ़ से हुए जान-माल के भारी नुकसान पर भी चिंता जताई। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों से बाढ़ प्रभावित लोगों तक हरसंभव मदद तत्काल पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आपदा योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक समय पर पहुंचना चाहिए। मायावती ने कहा कि बाढ़ हर साल आने वाली त्रासदी है, इसलिए इसके स्थायी समाधान के लिए भी गंभीरता से प्रयास किए जाने चाहिए।

  • अखिलेश का योगी सरकार पर हमला, बोले- विपक्ष को बदनाम करने AI वीडियो बनाकर वायरल कर रही सरकार

    अखिलेश का योगी सरकार पर हमला, बोले- विपक्ष को बदनाम करने AI वीडियो बनाकर वायरल कर रही सरकार

    लखनऊ। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्षी नेताओं को बदनाम करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से वीडियो तैयार कराकर वायरल कर रही है। अखिलेश ने कहा, ‘सरकार हमें बदनाम करने के लिए बच्चों के खेल न खेले। AI में हम उनसे काफी आगे हैं।’

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर बनाया गया एक AI वीडियो भी दिखाया गया। इसमें प्रदेश की कानून-व्यवस्था समेत कई मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए गए। अखिलेश ने कहा कि सरकार अगर AI का इस्तेमाल विपक्ष को बदनाम करने के लिए करेगी तो वे भी इस तकनीक में उसे पीछे छोड़ देंगे। उन्होंने सरकार को ऐसी गतिविधियों से बचने की नसीहत दी।

    ‘यूपी में बड़े पैमाने पर लूट, सबसे ज्यादा भ्रष्ट सरकार’
    सपा प्रमुख ने प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा, ‘प्रदेश में इस समय बड़े पैमाने पर लूट हो रही है। यह अब तक यूपी की सबसे ज्यादा भ्रष्ट सरकार है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार स्कूल बंद करवा रही है। अखिलेश ने कहा कि सपा बंद किए गए स्कूलों में जाकर कार्यक्रम करेगी और लोगों को सरकार के कामकाज की जानकारी देगी।

    एक्सप्रेसवे में गड्ढों को लेकर सरकार पर सवाल
    अखिलेश ने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बनाए गए एक्सप्रेसवे में गड्ढे हो गए हैं। अब इसके डिजाइन में गड़बड़ी की बात कही जा रही है। उन्होंने सवाल किया कि अगर डिजाइन में गलती हुई है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

    उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित एक एक्सप्रेसवे की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उसमें भी गड्ढे हो गए हैं। अखिलेश ने आरोप लगाया कि पीडब्ल्यूडी में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है।

    ‘कुंभ से अब तक एक लाख करोड़ से ज्यादा खर्च, विकास कहां हुआ?’
    अखिलेश ने प्रयागराज में हुए खर्च को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि कुंभ से लेकर अब तक प्रयागराज में एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हो चुका है। इसके बावजूद सवाल यह है कि वास्तव में कितना विकास हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है और पूरा राज्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है।

    जयंत चौधरी पर बोले अखिलेश- ‘भाजपा 61 सीटें दे तो सम्मान होगा’
    अखिलेश यादव ने केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा अगर जयंत चौधरी को 61 सीटें देती है तो इसे उनका सम्मान माना जाएगा। इससे कम सीटें मिलने पर यह उनका अपमान होगा।

  • कौशाम्बी में पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट, मनौरी बाजार दहला, 5 की मौत, कई की हालत नाजुक

    कौशाम्बी में पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट, मनौरी बाजार दहला, 5 की मौत, कई की हालत नाजुक

    कौशाम्बी। पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी बाजार में सोमवार दोपहर पटाखा फैक्टरी में भीषण आग लगने के बाद लगातार कई धमाके हुए। करीब 12 बजे हुए विस्फोटों से पूरा इलाका दहल उठा। धमाकों की आवाज दो से तीन किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। फैक्टरी के आसपास बने 15 से ज्यादा मकान धराशायी हो गए। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई है, जबकि दर्जनभर से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलसे हैं। इनमें कई की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।

    विस्फोट के बाद उठे धुएं के गुबार ने आसपास के इलाके को ढक लिया। बाजार में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और लोग घरों से बाहर निकल आए। धमाका इतना तेज था कि मकानों की ईंट और मलबा करीब 250 मीटर दूर स्थित रेलवे पुल तक जा पहुंचा। मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है।

    फैक्टरी में मौजूद थे करीब दर्जनभर लोग
    बताया जा रहा है कि बस्ती से कुछ दूरी पर एक मकान में पटाखा फैक्टरी संचालित हो रही थी। हादसे के समय फैक्टरी के अंदर करीब दर्जनभर लोगों के मौजूद होने की सूचना है। अचानक मकान से धुआं उठने के बाद पटाखों में विस्फोट शुरू हो गया। इसके बाद एक के बाद एक कई धमाके हुए।

    आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन लगातार हो रहे विस्फोटों के कारण फैक्टरी के अंदर जाना मुश्किल था। मकान के ऊपर से बिजली के तार भी गुजर रहे थे। आग और विस्फोट की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    जेसीबी से मलबा हटाकर तलाशे जा रहे लोग
    हादसे की सूचना मिलते ही कौशाम्बी और प्रयागराज जिले के पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। दो थानों की पुलिस फोर्स के साथ राहत और बचाव दल को लगाया गया है। जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से मलबा हटाकर उसमें दबे लोगों की तलाश की जा रही है।

    घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। गंभीर रूप से झुलसे लोगों को प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल रेफर किया गया है। कौशाम्बी के डीएम डॉ. अमित पाल ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डॉक्टरों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

    सेना और एयरफोर्स के जवान भी रेस्क्यू में जुटे
    हादसे की गंभीरता को देखते हुए सेना के जवानों को भी मौके पर बुलाया गया है। एयरफोर्स के जवान राहत और बचाव अभियान में शामिल होकर मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटे हैं।

    प्रयागराज के एडीजी, आईजी, डीआईजी और अपर पुलिस आयुक्त के अलावा कौशाम्बी के डीएम और एसपी समेत दोनों जिलों के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। एडीएम सिटी प्रयागराज और एसीपी डॉ. अजय पाल शर्मा भी बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं।

    आसपास के इलाकों में दहशत
    लगातार हुए धमाकों से मनौरी बाजार और आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। कई मकानों के शीशे टूट गए और बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है।

    फिलहाल प्राथमिकता मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने और घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने की है। फैक्टरी में आग लगने और उसके बाद हुए भीषण विस्फोट का वास्तविक कारण जांच के बाद ही सामने आएगा।

  • UP: कुशीनगर में गंडक नदी में मिले 4 और शव, नेपाल बाढ़ के बाद अब तक 13 शव बरामद

    UP: कुशीनगर में गंडक नदी में मिले 4 और शव, नेपाल बाढ़ के बाद अब तक 13 शव बरामद


    नई दिल्ली।
    नेपाल (Nepal) में आई भीषण बाढ़ (Devastating floods) की तबाही का असर अब सीमा पार उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में भी दिखने लगा है. कुशीनगर (Kushinagar) में गंडक नदी (Gandak River) से रविवार को चार और शव बरामद किए गए. पिछले चार दिनों में नदी से अब तक कुल 13 शव निकाले जा चुके हैं, जिनके नेपाल से बहकर आने की आशंका जताई जा रही है।

    रविवार को SDRF की टीम छितौनी बांध के भेड़ियारी ठोकर नंबर-3 के पास नदी की निगरानी कर रही थी. इसी दौरान जवानों को पानी में चार शव दिखाई दिए. टीम नदी में उतरी और सभी को बाहर निकाल लिया. इनमें दो महिलाएं और दो पुरुष हैं. इससे एक दिन पहले भी इसी इलाके में तीन शव मिले थे. बरामद शवों की जानकारी नेपाल के पड़ोसी जिले के अधिकारियों को दे दी गई है. हालांकि, अभी तक किसी की पहचान नहीं हो पाई है।

    खड्डा थाने के पुलिस अधिकारी संदीप कुमार सिंह के मुताबिक, जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद चारों शवों को मोर्चरी भेज दिया गया. कुशीनगर की मोर्चरी में जगह भर जाने के कारण बाकी शवों को गोरखपुर भेजा गया है. पुलिस शवों की पहचान कराने की कोशिश कर रही है, ताकि पता चल सके कि इनमें नेपाल के बाढ़ प्रभावित लोग कौन हैं.


    नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही

    नेपाल में 26 अगस्त को तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद भारी बाढ़ आई थी. बर्फ, चट्टानों और मलबे के तेज बहाव ने कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया. बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा, जबकि कई हाइड्रोपावर स्टेशन भी तबाह हो गए. भोटेकोशी नदी के रास्ते आगे बढ़े बाढ़ के पानी ने उत्तरी और मध्य नेपाल में भारी तबाही मचाई. नेपाल में रविवार तक बाढ़ से मरने वालों की संख्या 788 पहुंच गई थी. वहीं, 2,500 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए गए हैं।

    विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में 275 से ज्यादा भारतीय नागरिक संपर्क से बाहर हैं. इनके अलावा 128 भारतीय मूल के लोगों से भी संपर्क नहीं हो पाया है. रविवार को मंत्रालय ने 149 लोगों के सुरक्षित बचाए जाने की सूची जारी की. कुशीनगर में मिले शवों की पहचान होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि इनमें नेपाल के बाढ़ प्रभावित लोग शामिल हैं या नहीं।