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  • कॉल स्कैम का किंग! FBI की लिस्ट में शामिल केनी पटेल, करोड़ों की ठगी का आरोप

    कॉल स्कैम का किंग! FBI की लिस्ट में शामिल केनी पटेल, करोड़ों की ठगी का आरोप


    नई दिल्ली।  अमेरिका में एक भारतीय युवक पर लोगों से ठगी का आरोप लगा है, जिसकी तलाश एफबीआई कर रही है। जानकारी क मुताबिक, वो एक ऐसे गिरोह का सदस्य है जो लोगों को फोन कर यह कहते थे कि उनकी पहचान या निजी जानकारी किसी अपराध से जुड़ी हुई है। डर और भ्रम पैदा करके लोगों को मजबूर किया जाता था कि वे बड़ी रकम भेजें।
    अमेरिका की जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) ने एक भारतीय नागरिक कल्पेशकुमार रसिकभाई पटेल की तलाश तेज कर दी है। कल्पेशकुमार पटेल पर आरोप है कि उसने 2017 से 2021 के बीच अमेरिका में कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की बड़ी साजिश को अंजाम दिया।
    केनी पटेल के नाम से भी जाना जाता है आरोपी
    एफबीआई के मुताबिक, कल्पेशकुमार पटेल जिसे ‘केनी पटेल’ के नाम से भी जाना जाता है, करीब 35 साल का है और फिलहाल अमेरिका के इलिनॉय और पेंसिल्वेनिया के बीच कहीं रह रहा हो सकता है या वहां आ-जा रहा हो सकता है। वह पहले एक फ्यूल स्टेशन पर काम करता था, लेकिन उस पर आरोप है कि वह एक ऐसे नेटवर्क का हिस्सा था, जो लोगों को फोन करके ठगता था।

    फोन कॉल से करोड़ों की ठगी का आरोप
    इस गिरोह का तरीका काफी चालाक था। वे लोगों को फोन कर यह कहते थे कि उनकी पहचान या निजी जानकारी किसी अपराध से जुड़ी हुई है। डर और भ्रम पैदा करके लोगों को मजबूर किया जाता था कि वे बड़ी रकम भेजें। ज्यादातर मामलों में पीड़ितों से नकद पैसा या प्रीपेड डेबिट कार्ड के जरिए पैसे अलग-अलग पते पर भिजवाए जाते थे।

    FBI ने घोषित किया न्याय से भागा हुआ आरोपी
    इस मामले में 22 जून 2023 को अमेरिका की एक अदालत (केंटकी के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट) ने केनी पटेल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। उस पर ‘मेल और वायर फ्रॉड साजिश’ जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। फिलहाल वह फरार है और एफबीआई ने उसे ‘न्याय से भागा हुआ आरोपी’ घोषित किया है।

    आरोपी के बारे में आम लोगों से FBI की अपील
    एफबीआई ने आम लोगों से अपील की है कि अगर किसी को केनी पटेल के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो वह तुरंत एफबीआई के नजदीकी दफ्तर या अमेरिकी दूतावास/कॉन्सुलेट को सूचित करें। जांच एजेंसी का कहना है कि ऐसी कोई भी जानकारी जांच के लिए बेहद अहम साबित हो सकती है।

  • चारधाम यात्रा में नए नियम: पंजीकरण से तय होगा प्रवेश, गैर-सनातन श्रद्धालुओं पर रोक

    चारधाम यात्रा में नए नियम: पंजीकरण से तय होगा प्रवेश, गैर-सनातन श्रद्धालुओं पर रोक

    देहरादून। 19 अप्रैल से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा से पहले श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (bktc) ने दर्शन व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है। नई व्यवस्था के तहत केवल सनातन आस्था रखने वाले श्रद्धालुओं को ही मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।

    पंजीकरण के आधार पर होगा प्रवेश
    बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य होगा और इसी के आधार पर श्रद्धालुओं की एंट्री तय की जाएगी।

    रजिस्ट्रेशन के दौरान यात्रियों को अपनी पूरी जानकारी देनी होगी, जिसमें नाम, पता, धर्म और आस्था से जुड़ी जानकारी शामिल रहेगी। समिति का कहना है कि इसी प्रक्रिया से गैर-सनातन श्रद्धालुओं की पहचान की जाएगी।

    गैर-सनातन श्रद्धालुओं पर प्रतिबंध
    समिति ने स्पष्ट किया है कि मंदिर परिसर में गैर-सनातन श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, बौद्ध, जैन और सिख धर्म के अनुयायियों पर यह पाबंदी लागू नहीं होगी।

    इसके साथ ही सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को भी और सख्त किया जाएगा, ताकि यात्रा सुचारु और सुरक्षित बनी रहे।

    सारा अली खान को लेकर अलग रुख
    बीकेटीसी ने अभिनेत्री सारा अली खान के मामले को सामान्य नियमों से अलग बताया है। समिति के अनुसार, वह सनातन आस्था में विश्वास रखती हैं और इस आधार पर उनके लिए विशेष व्यवस्था (हलफनामा) का प्रावधान किया गया है।

    सभी यात्रियों के लिए नियम अनिवार्य
    समिति ने साफ कर दिया है कि चारधाम यात्रा पर आने वाले हर श्रद्धालु के लिए पंजीकरण जरूरी होगा। सही जानकारी देने के बाद ही मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।

    अध्यक्ष ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें, ताकि यात्रा की व्यवस्था, सुरक्षा और धार्मिक गरिमा बनी रहे।

  • बिलासपुर नसबंदी कांड: 12 महिलाओं की मौत पर डॉक्टर दोषी, 2 साल की सजा और जुर्माना

    बिलासपुर नसबंदी कांड: 12 महिलाओं की मौत पर डॉक्टर दोषी, 2 साल की सजा और जुर्माना

    रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित बिलासपुर नसबंदी कांड में करीब 11 साल बाद अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर आर.के. गुप्ता को गैर-इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए दो साल की सजा और जुर्माना लगाया है।

    डॉक्टर को सजा और जुर्माना
    अदालत ने डॉ. आर.के. गुप्ता को दो साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 12 महिलाओं की मौत के लिए प्रत्येक मामले में 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा अन्य धाराओं में भी उन्हें छह महीने और एक महीने की अतिरिक्त सजा व जुर्माना दिया गया है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

    2014 के नसबंदी कैंप से जुड़ा मामला
    यह मामला 8 नवंबर 2014 का है, जब बिलासपुर जिले के तखतपुर ब्लॉक के पेंडारी स्थित एक अस्पताल में नसबंदी शिविर लगाया गया था। इस कैंप में 83 महिलाओं की सर्जरी की गई थी।

    सर्जरी के बाद उसी दिन महिलाओं को घर भेज दिया गया, लेकिन कुछ ही घंटों में 50 से अधिक महिलाओं की तबीयत बिगड़ गई। बाद में इनमें से 12 महिलाओं की मौत हो गई।

    जल्दबाजी और लापरवाही बनी वजह
    अभियोजन पक्ष के अनुसार, डॉ. गुप्ता ने एक बंद पड़े निजी अस्पताल में महज छह घंटे के भीतर 80 से ज्यादा महिलाओं की नसबंदी कर दी थी।

    जांच में सामने आया कि:

    चिकित्सा मानकों का पालन नहीं किया गया

    घटिया और दूषित दवाओं का इस्तेमाल हुआ

    सर्जरी के बाद उचित देखभाल नहीं दी गई

    मौतों की वजह सेप्टीसीमिया (खून में संक्रमण) बताई गई, जो कथित लापरवाही और दूषित दवाओं के कारण हुआ।

    दवा कंपनियों से जुड़े आरोपी बरी
    इस मामले में दवा आपूर्ति से जुड़े पांच लोगों के खिलाफ भी आरोप तय किए गए थे, लेकिन अदालत ने सबूतों के अभाव में सभी को बरी कर दिया।

    जमानत भी मिली
    चूंकि डॉ. गुप्ता को सुनाई गई सजा तीन साल से कम है, इसलिए अदालत ने कानूनी प्रावधानों के तहत उन्हें जमानत भी दे दी है।

    लंबे इंतजार के बाद आए इस फैसले ने एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही के गंभीर परिणामों को उजागर किया है। यह मामला सिस्टम की जवाबदेही और मरीजों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल भी खड़े करता है।

  • ADR Report: केरल में 70% विधायकों पर आपराधिक केस, आधे से ज्यादा करोड़पति

    ADR Report: केरल में 70% विधायकों पर आपराधिक केस, आधे से ज्यादा करोड़पति

    नई दिल्ली । केरल के विधायकों की चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की एक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के लगभग 70 प्रतिशत मौजूदा विधायकों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। इतना ही नहीं, आधे से ज्यादा विधायक करोड़पति भी हैं।
    आपराधिक मामलों का बढ़ता ग्राफ
    एडीआर और केरल इलेक्शन वॉच द्वारा किए गए विश्लेषण में 132 मौजूदा विधायकों के हलफनामों की जांच की गई।
    इस जांच में पाया गया कि 92 विधायकों पर आपराधिक मामले लंबित हैं। इनमें से 33 विधायकों, यानी 25 प्रतिशत पर हत्या और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
    रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दो विधायकों ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत हत्या से संबंधित मामले घोषित किए हैं, जबकि तीन विधायक धारा 307 के तहत हत्या के प्रयास के आरोपों का सामना कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, तीन विधायकों ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों से संबंधित मामले घोषित किए हैं, जिनमें बलात्कार का एक मामला भी शामिल है।

    सभी प्रमुख दलों में आपराधिक छवि वाले विधायक
    यह प्रवृत्ति किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है। विभिन्न राजनीतिक दलों में आपराधिक मामले घोषित करने वाले विधायकों का अनुपात काफी अधिक है।

    भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी): 58 में से 43 विधायक (74%) आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं।

    भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस: 21 में से 19 विधायक (90%) आपराधिक मामलों में फंसे हैं।
    भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी: 44% विधायक।
    इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग: 86% विधायकों ने ऐसे मामले घोषित किए हैं।

    आर्थिक स्थिति: करोड़पतियों की भरमार
    वित्तीय मोर्चे पर भी विधायकों की स्थिति काफी मजबूत है। 132 में से 72 विधायकों (55%) ने 1 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है। सभी 132 विधायकों की कुल संपत्ति 363.78 करोड़ रुपये है, जिसका औसत 2.75 करोड़ रुपये प्रति विधायक है।

    पार्टीवार संपत्ति का विवरण:
    पार्टी 1 करोड़ से अधिक संपत्ति वाले विधायकों का प्रतिशत
    केरल कांग्रेस (एम) 100%
    जद(एस) 100%
    राकांपा 100%
    केरल कांग्रेस 100%
    आईयूएमएल 86%
    कांग्रेस 62%
    सीपीआई (एम) 40%

    सबसे अमीर और सबसे गरीब विधायक
    कांग्रेस के विधायक मैथ्यू कुझलनंदन सबसे अमीर विधायक पाए गए हैं, जिनकी कुल संपत्ति 34 करोड़ रुपये से अधिक है।

    इसके बाद निर्दलीय विधायक मणि सी कप्पन हैं, जिनकी संपत्ति 27 करोड़ रुपये से अधिक है। केरल कांग्रेस (बी) के के बी गणेश कुमार की संपत्ति 19 करोड़ रुपये से अधिक है। वहीं, दूसरी ओर, सीपीआई (एम) के विधायक पी पी सुमोद ने लगभग 9.9 लाख रुपये की संपत्ति घोषित की है, जो विश्लेषण किए गए विधायकों में सबसे कम है।

    शैक्षणिक योग्यता और जनसांख्यिकी
    शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो 61% विधायकों ने स्नातक या उससे ऊपर की शिक्षा प्राप्त की है, जबकि 36% विधायकों ने कक्षा 5 से 12 तक की पढ़ाई की है। महिला विधायकों की संख्या काफी कम है, केवल 11 विधायक (8%) महिला हैं। आयु वर्ग के अनुसार, 70% विधायक 51 से 80 वर्ष के बीच हैं, जबकि 30% विधायक 25-50 वर्ष की आयु समूह में आते हैं।

  • फ्यूल संकट के बीच सरकार दे रही PNG को बढ़ावा, अब 24 घंटे में मिलेगा नया कनेक्शन

    फ्यूल संकट के बीच सरकार दे रही PNG को बढ़ावा, अब 24 घंटे में मिलेगा नया कनेक्शन


    नई दिल्ली।
    ईंधन संकट (Fuel Crisis) के बीच भारत सरकार (Indian Government) PNG यानी पाइप्ड नेचुरल गैस (Piped Natural Gas) को बढ़ावा देती नजर आ रही है। खबर है कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने मंगलवार को कहा है कि नए PNG कनेक्शन को 24 घंटों के अंदर ही मंजूरी दे दी जाए। अधिकारी ने बताया है कि घरेलू पीएनजी और सीएनजी ग्राहकों को 100 प्रतिशत सप्लाई की जा रही है। जबकि, कमर्शियल एलपीजी बिक्री को आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है।

    अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध का सीधा असर दुनिया के ईंधन सप्लाई पर पड़ा है। दुनिया के सबसे अहम जलमार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान ने रोक लगा दी थी, जिसके चलते दोनों ओर गैस के कई जहाज अटक गए हैं। हालांकि, हाल में ही भारत के तीन जहाज जलमार्ग को पार करने में सफल रहे हैं।

    पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने ईंधन आपूर्ति और पीएनजी तक पहुंच बढ़ाने पर चर्चा की। उन्होंने कहा, ‘क्रूड की उपलब्धता मुद्दा नहीं है।’ उन्होंने जानकारी दी है रिफाइनरीज अपनी पूरी क्षमता पर काम कर रहीं हैं और रिटेल आउटलेट्स पर ईंधन की कोई भी कमी नहीं है।


    PNG को बढ़ावा दे रही केंद्र सरकार

    जनता को PNG की तरफ प्रोत्साहित करने को लेकर केंद्र ने राज्य सरकारों को और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र भी लिखा है। इसमें कहा गया है कि पाइपलाइन गैस से जुड़े आवेदनों पर तुरंत काम किया जाए। मंत्रालय के अनुसार, सरकार ने राज्यों से पीएनजी (PNG) से संबंधित नई अनुमतियों को 24 घंटे के भीतर मंजूरी देने और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) पाइपलाइन प्रोजेक्ट्स के लिए मंजूरी में तेजी लाने के लिए कहा है।

    खबर है कि बड़े शहरों में कमर्शियल एलपीजी ग्राहकों और शहरी इलाकों के उपभोक्ताओं से पीएनजी का इस्तेमाल करने के लिए कहा है। कई CGD कंपनियां नए कनेक्शन पर इन्सेंटिव भी दे रहीं हैं।


    कैसे कर सकते हैं आवेदन

    खास बात है कि सरकार कंपनियों को ही ग्राहकों तक पहुंचने के लिए कह रही है। शर्मा ने कहा कि CGD कंपनियों को सलाह दी गई है कि संभावित ग्राहकों तक पहुंचें और नए कनेक्शन्स में तेजी लाएं। इसके अलावा ग्राहक ईमेल, कस्टमर पोर्टल, लैटर या कॉल सेंटर समेत कई माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं।

    एलपीजी सप्लाई को लेकर जारी चिंताओं पर भी उन्होंने बात की। शर्मा ने कहा कि कुछ स्थानों पर यह मुद्दा है, लेकिन अब तक संसाधन पूरी तरह खत्म होने की खबर नहीं है। व्यावसायिक मांग संभालने के लिए, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मणिपुर, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और उत्तराखंड सहित कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार गैर-घरेलू एलपीजी आवंटित करने के आदेश जारी किए हैं।

  • देश में फिर बदला मौसम… उत्तर-पश्चिम के कई हिस्सों में हुई बारिश-बर्फबारी… आज इन क्षेत्रों में अलर्ट

    देश में फिर बदला मौसम… उत्तर-पश्चिम के कई हिस्सों में हुई बारिश-बर्फबारी… आज इन क्षेत्रों में अलर्ट


    नई दिल्ली।
    उत्तर-पश्चिम भारत (North-West India) में मौसम (Weather) में अचानक बदलाव आया है। दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR.) समेत उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में जहां बारिश हुई है, वहीं पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश (Rain) के साथ बर्फबारी (Snowfall) भी दर्ज की गई है। इससे बढ़ते तापमान में गिरावट आई है और मौसम सुहावना हो गया है। देश के पूर्वी, पूर्वोत्तर और दक्षिणी हिस्से में भी आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई है। अगले दो दिन मौसम के ऐसे ही बने रहने के आसार हैं और मैदानी राज्यों में कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की भी संभावना है।

    दिल्ली-एनसीआर में सुबह से ही बादल छाए रहे और शाम होते-होते झमाझम बौछारें पड़ने लगीं। कई हिस्सों में तेज हवाएं भी चलीं और भारी बारिश दर्ज की गई। इससे बढ़ते तापमान और उमस भरे मौसम से काफी राहत मिली। दिल्ली समेत एनसीआर के शहरों नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में 20 मार्च तक गरज और चमक के साथ हल्की बारिश होने और 50 किमी प्रति घंटा तक की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इसको लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है और मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के बाद पारा 4-6 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।


    खराब मौसम से 22 उड़ानों का मार्ग बदला

    दिल्ली-एनसीआर में खराब मौसम का असर यातायात पर पड़ा। शाम के वक्त बारिश होने से कुछ इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया और लोगों को जाम का सामना करना पड़ा। दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उड़ानें प्रभावित हुईं। बारिश के साथ तेज हवा चलने से कई 22 उड़ानों की लैंडिंग नहीं हो सकी और उन्हें दूसरे शहरों में भेजना पड़ा।

    अरुणाचल से तमिलनाडु तक भारी बारिश…अरुणाचल, कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु में छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई। ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मराठवाड़ा में ओलावृष्टि हुई। असम और मेघालय, झारखंड, ओडिशा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, मराठवाड़ा और अरुणाचल में छिटपुट स्थानों पर 50-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज के साथ बारिश हुई।विदर्भ, गुजरात, कोंकण, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में छिटपुट स्थानों पर 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।


    हिमाचल-कश्मीर में चोटियों पर हिमपात

    हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंडाई वाले इलाकों में हिमपात और मैदानी इलाकों में बारिश हुई। हिमाचल में कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई। हिमपात के चलते अटल टनल के लिए यातायात बंद कर दिया गया। जम्मू संभाग में हिमपात के चलते किश्तवाड़ से कश्मीर को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण सिंथन टॉप मार्ग यातायात के लिए बंद कर दिया है। श्रीनगर सहित कई मैदानी इलाकों में बारिश हुई। गुलमर्ग समेत कश्मीर घाटी के अन्य ऊपरी इलाकों में ताजा बर्फबारी हुई। खराब मौसम के कारण मां वैष्णो देवी के लिए हेलिकॉप्टर सेवा दिनभर बंद रही। लेकिन बैटरी कार और रोपवे सेवाएं सामान्य रहीं।


    पंजाब-हरियाणा में भी बारिश

    पंजाब और हरियाणा के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई, जिससे अधिकतम तापमान सामान्य से कुछ डिग्री नीचे गिर गया। पंजाब के अमृतसर, पठानकोट, पटियाला, लुधियाना और हरियाणा के हिसार, नारनौल, भिवानी और चरखी दादरी में बारिश हुई। अमृतसर में अधिकतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से आठ डिग्री कम है। हरियाणा में अंबाला, हिसार, करनाल और नारनौल में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। चंडीगढ़ का अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री कम है।

    मौसम का पूर्वानुमान
    मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में 19 मार्च को, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 19 और 20 मार्च को, पश्चिमी राजस्थान में 20 मार्च को और पूर्वी उत्तर प्रदेश में छिटपुट ओलावृष्टि की भी संभावना है। मध्य और पूर्वी भारत में 22 मार्च तक छिटपुट गरज के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। मध्य प्रदेश, ओडिशा और झारखंड में 20 मार्च तक और पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 20 और 21 मार्च को छिटपुट बारिश होने और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

  • भारत में बाल मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी…. 30 साल में 79% तक घटी, UN ने की सराहना

    भारत में बाल मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी…. 30 साल में 79% तक घटी, UN ने की सराहना


    नई दिल्ली।
    संयुक्त राष्ट्र (यूएन) (United Nations – UN) की नई रिपोर्ट के मुताबिक, भारत (India) ने बच्चों की मौतों को कम करने में बड़ी सफलता हासिल की है। रिपोर्ट बताती है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत के लगातार प्रयासों से नवजात (जन्म के तुरंत बाद) और 5 साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर में काफी कमी आई है। रिपोर्ट के अनुसार, 1990 में जहां हर 1000 बच्चों में से 127 बच्चों की 5 साल से पहले मौत हो जाती थी, वहीं 2024 में यह संख्या घटकर सिर्फ 27 रह गई है। यानी लगभग 79% की कमी आई है। इसी तरह नवजात बच्चों की मौत भी 57 से घटकर 17 प्रति 1000 रह गई है, जो करीब 70% की गिरावट है।


    सरकार की योजनाओं से मिली सफलता- जेपी नड्डा

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने कहा कि यह सफलता सरकार की योजनाओं और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की वजह से मिली है। जैसे कि जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) और टीकाकरण अभियान ने इसमें बड़ा योगदान दिया है।


    दक्षिण एशिया में 1990 से अब तक 76% की कमी

    रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दक्षिण एशिया में बच्चों की मौतों में 1990 से अब तक 76% की कमी आई है, जिसमें भारत का सबसे बड़ा योगदान रहा है। भारत में अस्पताल में सुरक्षित डिलीवरी, बेहतर इलाज और बच्चों के लिए मुफ्त टीकाकरण जैसी सुविधाओं ने हालात को काफी सुधारा है।


    बदलाव लाकर दूसरों के लिए उदाहरण बना भारत

    यूनिसेफ ने भी भारत की तारीफ करते हुए कहा कि सरकार और राज्यों के मिलकर काम करने से यह संभव हुआ है। साथ ही, यह भी बताया गया कि बच्चों की ज्यादातर मौतें रोकी जा सकती हैं अगर समय पर इलाज और सही देखभाल मिले। हालांकि, अभी भी दक्षिण एशिया में दुनिया के करीब 25% बच्चों की मौत होती है, लेकिन तेजी से सुधार हो रहा है। भारत अब उन देशों में शामिल हो गया है जो बड़े स्तर पर बदलाव लाकर दूसरों के लिए उदाहरण बन रहे हैं।

  • राज्यसभा से सेवानिवृत्त हो रहे 59 सांसदों को दी गई विदाई

    राज्यसभा से सेवानिवृत्त हो रहे 59 सांसदों को दी गई विदाई


    नई दिल्ली।
    राज्यसभा से सेवानिवृत्त हो रहे 59 सांसदों को बुधवार को विदाई दी गई। विदाई समारोह में 20 राज्यों के 59 सदस्य, जिनमें 9 महिलाएं भी शामिल हैं, ने सदन को अलविदा कहा।

    इस मौके पर उपसभापति हरिवंश ने कहा कि पहले लोग खुद नियम फॉलो करते थे, अब हमें कंट्रोल करके कराना पड़ते हैं।उन्होंने नीतीश कुमार, अमित शाह, वेंकैया नायडू और सभी दलों के सदस्यों को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और उपसभापति के रूप में अपने कार्यकाल को “जीवन का सुनहरा अवसर” बताया।

    सांसद संजय सिंह ने कहा कि किसी को विदा करना पीड़ादायक व भावनात्मक पल होता है। हम जब कमेटी में काम करते तो दलों की दूरी कम रहती है, ज्यादा मिलना होता है। कई लोगों से रिश्ते बनते हैं। उन्होंने मांग की कि पहले सांसदों को सेवानिवृत्ति के बाद भी परिसर में दरवाजे तक आने की व्यवस्था थी, तो ऐसा ही फिर किया जाए।

    केरल से सांसद जॉन ब्रिटास ने विदाई सम्बोधन के बीच सांसद जयराम रमेश को कहा कि हमने सहयोग करके आपको मंत्री बनाया, आपको सत्ता के समय सहयोग किया, लेकिन आप भूल गए। जयराम ने इस पर जवाब दिया, तो ब्रिटास ने कहा कि आप मुझे उकसाईयें मत।

    राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि यदि मोह व आसक्ति हमें अपने गंतव्य तक जाने से रोके हैं। यदि भगवान राम वन नहीं जाते तो रावण का नाश कैसे होता। बहता पानी निर्मल होता है और रूका हुआ गंदा होता है। इसलिए हम हमारे साध्य और साधनों में पवित्रता रखते हुए आगे बढ़े।

    गुजरात के सांसद शक्ति सिंह ने कहा कि सदन में टोका-टोकी भी हुई, तारीफ भी मिली, लेकिन जनता और विचारधारा के लिए लड़ता रहा हूं और लड़ता रहूंगा। सामने विपक्ष वाले भी जनता से चुनकर आते हैं, उनको सुनने की परंपरा रही है, लेकिन गुजरात में यह परंपरा टूटी, इस पाप का हिस्सा कही मैं भी हूं, लेकिन मुझे खुशी है कि राज्यसभा में कुछ किस्सों को छोड़ दे तो आज भी सामने वालों को सुनने की वो परंपरा जीवित है।

    कांग्रेस सांसद दिग्विजय ने कहा कि छात्र जीवन में कभी राजनीति से कोई सम्पर्क नहीं था, लेकिन परिस्थितियां ऐसी बनी कि 22 साल की उम्र में नगर पालिका अध्यक्ष बन गया। फिर 30 साल में विधायक, 33 साल में मंत्री-सांसद और 40 साल की उम्र में मुख्यमंत्री बन गया, लेकिन मैंने कभी अपनी विचारधारा से समझौता नहीं किया। मेरे मतभेद रहे हैं और आगे भी रहेंगे, लेकिन राजनीतिक जीवन में किसी से कटुता नहीं पाली। विधानसभा, लोकसभा और राज्यसभा में मेरे संंबंध उनसे भी अच्छे जिनकी विचारधारा से मैं सहमत नहीं। मैं सदन में व्यवधान के पक्ष में नहीं। सत्ता पक्ष पर समस्या का हल निकालने की जिम्मेदारी ज्यादा रहती, और रास्ता निकलता है। जिस प्रकार से साम्प्रदायिक कटुता बढ़ रही, वो देश के लिए उचित नहीं है। अटलजी की लाइनें याद आती है कि मैं टायर्ड हूं न रिटायर्ड हूं, आगे चलकर हम और काम करेंगे। दिग्विजय ने कबीर की लाइनों को भी दोहराया कि ना काहूं से दोस्ती और ना काहू से बैर।

    सभापति ने सभा को संबोधित करते हुए सदस्यों के द्विवार्षिक परिवर्तन की अनूठी संसदीय परंपरा पर प्रकाश डाला, यह बताते हुए कि यह निरंतरता और बदलाव दोनों को दर्शाती है—जहाँ अनुभव नए दृष्टिकोण के लिए मार्ग बनाता है और सदन की स्थायी भावना बनी रहती है। उन्होंने सेवानिवृत्त होने वाले सदस्यों के अमूल्य योगदान की सराहना की और कहा कि उनके ज्ञान, बहस और जन सेवा के प्रति प्रतिबद्धता ने सदन के कामकाज को समृद्ध किया और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत किया। उन्होंने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि उनका अनुभव आगे भी जन जीवन में मार्गदर्शन और प्रेरणा प्रदान करेगा।

    राज्य सभा सचिवालय के अनुसार 2025 में कुल 26 सदस्य सेवानिवृत्त हुए, जबकि 2026 में 73 सदस्य सेवानिवृत्त हो चुके हैं या होने वाले हैं, जिनमें उपसभापति, हरिवंश भी शामिल हैं। समारोह में, संसद कार्य मंत्री, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री और विदाई आयोजन समिति के संयोजक किरेन रिजिजू ने राज्य सभा के सभापति, सी. पी. राधाकृष्णन, और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया।

  • प्राकृतिक खेती से धरती मां की सेहत और किसान की आमदनी दोनों सुरक्षितः शिवराज सिंह चौहान

    प्राकृतिक खेती से धरती मां की सेहत और किसान की आमदनी दोनों सुरक्षितः शिवराज सिंह चौहान

    नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय पर हुई

    Shivraj Singh Chouhan

    विस्तृत चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नरेन्द्र मोदी की सरकार सिर्फ शासन नहीं चलाती, समाज बदलती है, जीवन बदलती है और राष्ट्र का भविष्य गढ़ती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चिंता है कि अत्यधिक केमिकल फर्टिलाइज़र से धरती मां की सेहत बिगड़ रही है और आने वाली पीढ़ियों के लिए भूमि उत्पादन से इनकार कर सकती है। उसी भाव से प्राकृतिक खेती मिशन के तहत 1 करोड़ किसानों को जागरूक, 18 लाख किसानों को प्रशिक्षित करने और 75 लाख हेक्टेयर में चरणबद्ध रूप से प्राकृतिक खेती का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अभी लाखों किसान और लाखों हेक्टेयर भूमि जुड़ चुकी है।

    उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक रूप से ये सिद्ध है कि सही ढंग से प्राकृतिक खेती करने पर कई मामलों में उत्पादन घटता नहीं बल्कि बढ़ सकता है और लागत में भारी कमी आती है, इसीलिए मोदी सरकार इसे “भारत की आने वाली पीढ़ियों के लिए मिट्टी की अमानत” मानकर आगे बढ़ा रही है। किसानों के हितों, कृषि सुधारों, आधुनिक तकनीक, सिंचाई, बीमा, प्राकृतिक खेती और डिजिटल एग्रीकल्चर की चर्चा करते हुए उन्होंने विपक्ष के प्रश्नों के जवाब दिए।

    केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि किसानों के नाम पर सिर्फ सियासी नारे और अर्द्धसत्यों से काम नहीं चलेगा। खेत-खलिहान की हकीकत पर बात करनी होगी। उन्होंने दो टूक कहा कि सवाल ये होना चाहिए कि किसान के लिए ज़मीन पर क्या काम हुआ, कितना पैसा सीधे उसके खाते में पहुंचा और कौन सी व्यवस्था बदली। चौहान ने याद दिलाया कि पिछली सरकार के समय 140 सिंचाई परियोजनाओं में से 99 परियोजनाएं दशकों से लटकी पड़ी थीं, जिनपर कोई काम आगे नहीं बढ़ रहा था। मोदी सरकार ने इन्हें प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत प्राथमिकता दी और लगभग 27 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचित क्षेत्र सुनिश्चित करने की दिशा में तेज़ी से काम बढ़ाया।

    उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का “नदी जोड़ो” (रिवर लिंकिंग) ड्रीम प्रोजेक्ट भी वास्तव में मोदी सरकार के दौरान आगे बढ़ा, जहां कैन–बेतवा जैसी परियोजनाएं मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश को जोड़ते हुए बाढ़-सूखे की समस्या का दीर्घकालिक समाधान देने के लिए शुरू की गईं। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि सिर्फ 500 या 1000 रुपये की घोषणा से किसानों का भला नहीं होगा, असली सवाल है कि बीज, खाद और कीटनाशक की गुणवत्ता क्या है। उन्होंने घोषणा की कि सरकार नया पेस्टिसाइड एक्ट और बीज एक्ट लाने जा रही है, जिसमें किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, मानक खाद, और सुरक्षित एवं प्रभावी कीटनाशक सुनिश्चित किए जाएंगे।

    चौहान ने बताया कि डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत अबतक लगभग 9 करोड़ किसानों के पहचान तैयार की जा चुकी हैं। किसान के पास किसान–आईडी होने पर बैंक में लोन स्वीकृत होने में “एक मिनट” से ज़्यादा नहीं लगना चाहिए क्योंकि उसकी पूरी प्रोफाइल, जमीन, फसल और लेनदेन का डेटा डिजिटल रूप से उपलब्ध होगा। पहले किसान को बैंक के चक्कर काटने पड़ते थे, फाइलों–कागज़ों में पैसा और समय दोनों खर्च होते थे; अब यह बाधा डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटाई जा रही है। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे और एग्री–स्टैक डेटा के उपयोग से पीएम-किसान से लेकर एमएसपी खरीद तक हर योजना में किसानों को लक्षित और पारदर्शी लाभ मिलेगा। वित्त मंत्री की घोषणा का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि सरकार ने ‘भारत विस्तार’ नामक एआई प्लेटफॉर्म तैयार कर लिया है। किसान खेत से फसल की तस्वीर भेजकर या फोन करके पूछ सकेंगे कि “फसल में क्या बीमारी है, क्या दवा डालूं, मेरी मिट्टी के मुताबिक कौन सी फसल बोऊँ?” उसे उसकी अपनी भाषा में त्वरित सलाह मिलेगी। केंद्रीय मंत्री ने इसे किसान के हाथ में विशेषज्ञ-सलाह और तकनीक का नया हथियार बताया जो मोदी सरकार के “टेक–ड्रिवन किसान कल्याण” मॉडल का प्रतीक है।

  • सस्ती यात्रा सुरक्षित सफर रेलवे का बड़ा बदलाव बढ़े नॉन एसी कोच और रिकॉर्ड सब्सिडी

    सस्ती यात्रा सुरक्षित सफर रेलवे का बड़ा बदलाव बढ़े नॉन एसी कोच और रिकॉर्ड सब्सिडी


    नई दिल्ली। Indian Railways ने आम यात्रियों को किफायती यात्रा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बड़ा कदम उठाते हुए नॉन एसी कोचों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी की है। सरकार का फोकस इस बात पर है कि देश के करोड़ों लोग कम खर्च में आरामदायक और सुलभ यात्रा कर सकें। इसी दिशा में जनरल और स्लीपर श्रेणी के कोचों को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि अधिक से अधिक यात्रियों को इसका लाभ मिल सके।

    रेल मंत्रालय के अनुसार वर्तमान में कुल कोचों का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा जनरल और स्लीपर क्लास का है जो इस बात को दर्शाता है कि रेलवे आम जनता की जरूरतों को केंद्र में रखकर काम कर रहा है। वर्ष 2024 25 में करीब 1250 नए जनरल कोच जोड़े गए हैं और 2025 26 में लगभग 860 और कोच जोड़ने की योजना है। इससे यात्रियों की भीड़ को कम करने और यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी।

    सरकार यात्रियों को राहत देने के लिए किराए पर औसतन लगभग 45 प्रतिशत तक की सब्सिडी दे रही है। हर साल करीब 60000 करोड़ रुपये की सब्सिडी देकर रेलवे यह सुनिश्चित कर रहा है कि आम आदमी की यात्रा सस्ती बनी रहे। वहीं मुंबई जैसे उपनगरीय क्षेत्रों में अतिरिक्त 3000 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जा रही है जिससे रोजाना यात्रा करने वाले लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलता है।

    रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने बताया कि रेलवे केवल यात्री सेवाओं में ही नहीं बल्कि माल ढुलाई में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। फ्रेट परिवहन 2013 14 के 1055 मिलियन टन से बढ़कर अब लगभग 1650 मिलियन टन तक पहुंच गया है जिससे भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फ्रेट कैरियर बन चुका है।

    रेलवे के आधुनिकीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। अब तक लगभग 47000 किलोमीटर ट्रैक का विद्युतीकरण हो चुका है जो कुल नेटवर्क का 99 प्रतिशत से अधिक है। इसके साथ ही ट्रैक निर्माण में भी बड़ी वृद्धि हुई है और यह 15000 किलोमीटर से बढ़कर लगभग 35000 किलोमीटर तक पहुंच गया है।

    सुरक्षा के क्षेत्र में भी रेलवे ने उल्लेखनीय प्रगति की है। रोड ओवर ब्रिज और रोड अंडर ब्रिज की संख्या 4000 से बढ़कर 14000 हो गई है जबकि ऑटोमैटिक सिग्नलिंग 1500 किलोमीटर से बढ़कर 4000 किलोमीटर से अधिक हो गई है। इसके अलावा एलएचबी कोचों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है जो यात्रियों के लिए अधिक सुरक्षित माने जाते हैं।

    रेल मंत्री ने यह भी बताया कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना में तेजी आई है और अब तक लगभग 2800 किलोमीटर कॉरिडोर तैयार हो चुका है जहां प्रतिदिन सैकड़ों मालगाड़ियां संचालित हो रही हैं। सरकार नीति आयोग और वित्त मंत्रालय के सहयोग से परियोजनाओं की निगरानी और पारदर्शिता को भी मजबूत कर रही है इस तरह भारतीय रेलवे सस्ती सुरक्षित और आधुनिक यात्रा की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में यह बदलाव यात्रियों के अनुभव को और बेहतर बनाएगा।