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  • टेकऑफ के दौरान तकनीकी गड़बड़ी से मचा हड़कंप, दिल्ली एयरपोर्ट पर इमरजेंसी घोषित, सभी यात्री सुरक्षित

    टेकऑफ के दौरान तकनीकी गड़बड़ी से मचा हड़कंप, दिल्ली एयरपोर्ट पर इमरजेंसी घोषित, सभी यात्री सुरक्षित

    नई दिल्ली। दिल्ली एयरपोर्ट पर रविवार को एक गंभीर विमान हादसा टल गया, जब एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान टेकऑफ से ठीक पहले तकनीकी खराबी का शिकार हो गई। उड़ान भरने की तैयारी कर रहे विमान में अचानक गड़बड़ी के संकेत मिले, जिसके बाद चालक दल ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए बड़ा निर्णय लिया और उड़ान को रोक दिया। इस दौरान विमान के एक हिस्से से धुआं उठता देखा गया, जिससे मौके पर मौजूद यात्रियों में दहशत फैल गई।

    जानकारी के मुताबिक, विमान रनवे पर था और टेकऑफ की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी, तभी इंजन में समस्या सामने आई। इसी बीच विमान के बाएं हिस्से से धुआं निकलने लगा, जबकि दूसरे हिस्से में भी असामान्य स्थिति महसूस की गई। हालात को गंभीर देखते हुए तुरंत आपातकाल घोषित किया गया और विमान को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।

    विमान में सवार सभी 232 यात्रियों और 13 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बाहर निकालना सबसे बड़ी प्राथमिकता थी। एयरपोर्ट स्टाफ और आपातकालीन टीमों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए इमरजेंसी स्लाइड्स के जरिए सभी को बाहर निकाला। इस दौरान कुछ यात्रियों को हल्की चोटें आईं, जिन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता दी गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि किसी को गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा।

    घटना के चलते संबंधित रनवे को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा, जिससे उड़ानों के संचालन पर असर पड़ा। लेकिन सुरक्षा एजेंसियों और एयरपोर्ट प्रबंधन की सतर्कता के कारण स्थिति को जल्द ही नियंत्रण में ले लिया गया और अन्य व्यवस्थाएं धीरे-धीरे सामान्य होने लगीं।

    प्रारंभिक तौर पर इस घटना के पीछे तकनीकी खराबी को वजह माना जा रहा है। मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं, जिसमें विशेषज्ञ यह पता लगाएंगे कि इंजन में समस्या कैसे उत्पन्न हुई। इसके साथ ही विमान की पूरी तकनीकी जांच भी की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

    इस घटना ने एक बार फिर हवाई यात्रा के दौरान सुरक्षा उपायों और त्वरित कार्रवाई की अहमियत को उजागर किया है। समय पर लिए गए फैसलों और बेहतर समन्वय की वजह से एक बड़ा हादसा टल गया और सभी यात्रियों की जान सुरक्षित बच गई।

  • गणित ओलंपियाड में ऐतिहासिक प्रदर्शन पर पीएम मोदी ने जताया गर्व, बेटियों की जमकर तारीफ

    गणित ओलंपियाड में ऐतिहासिक प्रदर्शन पर पीएम मोदी ने जताया गर्व, बेटियों की जमकर तारीफ


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में देश की उन प्रतिभाशाली छात्राओं की खुलकर प्रशंसा की, जिन्होंने फ्रांस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गणित ओलंपियाड में शानदार प्रदर्शन कर भारत का नाम रोशन किया है। उन्होंने इस उपलब्धि को देश के लिए गर्व का क्षण बताया और कहा कि यह भारत की युवा पीढ़ी की क्षमता और मेहनत को दर्शाता है।

    पीएम मोदी ने अपने संबोधन में बताया कि यह प्रतियोगिता दुनिया की सबसे कठिन गणितीय प्रतियोगिताओं में से एक मानी जाती है, जहां प्रतिभागियों को सीमित समय में बेहद जटिल समस्याओं को हल करना होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे दबाव भरे माहौल में भी भारत की बेटियों ने आत्मविश्वास और धैर्य के साथ बेहतरीन प्रदर्शन किया, जो सराहनीय है।

    उन्होंने विशेष रूप से उन छात्राओं का उल्लेख किया जिन्होंने इस प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इनमें मुंबई की श्रेया मुंदड़ा, तिरुवनंतपुरम की संजना चाको, चेन्नई की शिवानी भरत कुमार और कोलकाता की श्रीमोई बेरा शामिल रहीं। इन छात्राओं ने मिलकर भारत को दुनिया में छठा स्थान दिलाया। वहीं व्यक्तिगत प्रदर्शन में श्रेया ने स्वर्ण पदक, संजना ने रजत और शिवानी ने कांस्य पदक हासिल कर देश का गौरव बढ़ाया।

    प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि इस ओलंपियाड के लिए चयन प्रक्रिया बेहद कठिन और कई चरणों वाली होती है। छात्रों को पहले क्षेत्रीय स्तर, फिर राज्य स्तर और उसके बाद राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है। इसके बाद चुनी गई प्रतिभागियों को एक विशेष प्रशिक्षण शिविर में शामिल किया जाता है, जहां उनकी क्षमता को और निखारा जाता है और अंतिम टीम का चयन किया जाता है।

    उन्होंने यह भी बताया कि हर साल लाखों छात्राएं इस गणित ओलंपियाड प्रक्रिया में हिस्सा लेती हैं और समय के साथ यह संख्या लगातार बढ़ रही है। यह इस बात का संकेत है कि देश की बेटियों में विज्ञान और गणित के प्रति रुचि तेजी से बढ़ रही है और वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं।

    अंत में प्रधानमंत्री ने इन छात्राओं के साथ-साथ उनके माता-पिता और शिक्षकों की भी सराहना की, जिन्होंने इस सफलता के पीछे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी और भारत को शिक्षा और प्रतिभा के क्षेत्र में और मजबूत करेगी।

  • ग्रोक के जवाब ने बढ़ाई सियासी बहस, विकास और वंशवाद पर नई बहस शुरू..

    ग्रोक के जवाब ने बढ़ाई सियासी बहस, विकास और वंशवाद पर नई बहस शुरू..

    नई दिल्ली। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक एआई चैटबॉट की प्रतिक्रिया ने राजनीतिक और सामाजिक चर्चा को एक नया मोड़ दे दिया है। एक काल्पनिक प्रश्न के जवाब में दिए गए इस उत्तर ने इंटरनेट पर तेजी से ध्यान खींचा और कुछ ही समय में यह बातचीत व्यापक रूप से वायरल हो गई। इस संवाद में एआई से भारत के राजनीतिक नेतृत्व को लेकर एक राय पूछी गई थी, जिसके जवाब ने लोगों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया।

    एआई ने अपने उत्तर में यह स्पष्ट किया कि वह किसी भी प्रकार से मतदान करने या नागरिक होने की क्षमता नहीं रखता, लेकिन यदि काल्पनिक रूप से देखा जाए तो वह निर्णय विकास आधारित आंकड़ों और शासन के परिणामों के आधार पर लेगा। इसके बाद उसने अपने विश्लेषण में बुनियादी ढांचे के विकास, डिजिटल सेवाओं के विस्तार और आर्थिक प्रगति जैसे पहलुओं का उल्लेख किया, जिन्हें शासन की सफलता के प्रमुख मानक के रूप में बताया गया।

    इस उत्तर में यह विचार भी सामने आया कि किसी भी सरकार का मूल्यांकन केवल राजनीतिक संरचनाओं या परंपराओं के आधार पर नहीं, बल्कि ठोस विकास परिणामों के आधार पर होना चाहिए। इसी संदर्भ में एआई की टिप्पणी में यह धारणा उभरी कि आंकड़ों और वास्तविक प्रगति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिसने बहस को और अधिक तेज कर दिया।

    जैसे ही यह बातचीत सार्वजनिक हुई, सोशल मीडिया पर इसे लेकर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कुछ लोगों ने इसे एआई की विश्लेषण क्षमता का उदाहरण बताया, जबकि कुछ ने इसे डिजिटल युग में बदलती राजनीतिक चर्चाओं का संकेत माना। विशेष रूप से “वंशवाद से ऊपर आंकड़े” जैसी पंक्ति ने लोगों का ध्यान सबसे अधिक आकर्षित किया और यह विचार विभिन्न मंचों पर तेजी से फैल गया।

    यह एआई सिस्टम वास्तविक समय में उपलब्ध सार्वजनिक डेटा और ऑनलाइन चर्चाओं का विश्लेषण करके उत्तर तैयार करता है। इसकी खासियत यह है कि यह स्थिर जानकारी पर निर्भर रहने के बजाय मौजूदा ट्रेंड और चर्चाओं के आधार पर प्रतिक्रियाएं उत्पन्न करता है, जिससे इसके उत्तर अधिक ताजगी और संदर्भ के साथ सामने आते हैं।

    हालांकि इस तरह के एआई मॉडल को लेकर अलग-अलग मत भी सामने आते हैं। कुछ विशेषज्ञ इसे सूचना को समझने और सरल बनाने का एक प्रभावी माध्यम मानते हैं, जबकि कुछ का मानना है कि सोशल मीडिया पर मौजूद अधूरी या पक्षपाती जानकारी इसके उत्तरों को प्रभावित कर सकती है।

  • भारत की वैज्ञानिक ताकत पर जोर, पीएम मोदी ने न्यूक्लियर प्रोग्राम की उपलब्धियों को सराहा..

    भारत की वैज्ञानिक ताकत पर जोर, पीएम मोदी ने न्यूक्लियर प्रोग्राम की उपलब्धियों को सराहा..

    नई दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में देश की वैज्ञानिक प्रगति और सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम के महत्व पर विस्तार से विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा में विज्ञान हमेशा एक मजबूत आधार रहा है और देश के वैज्ञानिक इसी सोच के साथ लगातार नई उपलब्धियों को हासिल कर रहे हैं।

    अपने संबोधन में पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम ने भारत के औद्योगिक विकास, ऊर्जा क्षेत्र और स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्यक्रम का असर सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों और कृषि से जुड़े लोगों के साथ-साथ तकनीकी नवाचार करने वालों तक भी पहुंच रहा है, जिससे देश में विकास की गति और मजबूत हुई है।

    प्रधानमंत्री ने हाल ही में तमिलनाडु के कलपक्कम में हासिल की गई वैज्ञानिक उपलब्धि का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने क्रिटिकैलिटी हासिल कर ली है, जो भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम माना जाता है। यह वह अवस्था होती है जब रिएक्टर अपने आप ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रिया को स्थिर रूप से शुरू कर देता है।

    उन्होंने आगे बताया कि ब्रीडर रिएक्टर की विशेषता यह है कि यह न केवल ऊर्जा उत्पन्न करता है, बल्कि भविष्य के लिए आवश्यक ईंधन भी तैयार करने की क्षमता रखता है। यह तकनीक भारत को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान करती है और आने वाले समय में देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

    अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने मार्च 2024 के उस अनुभव को भी याद किया, जब वे कलपक्कम में रिएक्टर की कोर लोडिंग प्रक्रिया के साक्षी बने थे। उन्होंने इसे देश की वैज्ञानिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक क्षण बताया।

    अंत में प्रधानमंत्री ने देश के सभी वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों को बधाई दी, जिन्होंने भारत के परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास भारत को तकनीकी रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने में लगातार मदद करेंगे।

  • यूपी को मिलेगा विकास का नया रफ्तार-पथ, 37 हजार करोड़ की गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना तैयार

    यूपी को मिलेगा विकास का नया रफ्तार-पथ, 37 हजार करोड़ की गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना तैयार


    नई दिल्ली।
    उत्तर प्रदेश में विकास की रफ्तार को नई दिशा देने वाली गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना अब पूरी तरह तैयार हो चुकी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्घाटन 29 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरदोई में किया जाएगा। 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे देश के सबसे बड़े सड़क मार्गों में से एक माना जा रहा है, जो राज्य की कनेक्टिविटी को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखता है।

    करीब 37 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह परियोजना लंबे समय से निर्माणाधीन थी, जिसे तेजी से पूरा करने के लिए अलग-अलग हिस्सों में बांटकर काम कराया गया। पूरे एक्सप्रेस-वे को चार बड़े पैकेज में विभाजित किया गया, जिससे निर्माण कार्य समानांतर रूप से आगे बढ़ सका और समय पर पूरा किया जा सका।

    इस पूरी परियोजना में आधुनिक तकनीक और कड़े गुणवत्ता मानकों का पालन किया गया है। निर्माण प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखी गई, ताकि काम की गुणवत्ता और गति दोनों सुनिश्चित की जा सकें। चारों हिस्सों में अलग-अलग लंबाई और लागत के पैकेज शामिल हैं, जिनमें प्रत्येक भाग अपने आप में एक बड़ा निर्माण कार्य रहा है।

    गंगा एक्सप्रेस-वे को केवल एक सड़क परियोजना के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे एक बड़े आर्थिक कॉरिडोर के रूप में विकसित किया गया है। इसके किनारे औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों की योजना बनाई गई है, जिससे रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी।

    यह एक्सप्रेस-वे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा को आसान और तेज बनाएगा। इससे न केवल यात्रा समय में कमी आएगी, बल्कि माल ढुलाई की लागत भी घटेगी, जिससे व्यापार और उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा।

    इस परियोजना के पूरा होने से उत्तर प्रदेश को एक मजबूत औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में उभरने का अवसर मिलेगा। बेहतर सड़क नेटवर्क और तेज कनेक्टिविटी से राज्य में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी और यह परियोजना आने वाले वर्षों में क्षेत्रीय विकास का एक बड़ा आधार साबित हो सकती है।

  • अमेरिका में फायरिंग घटना पर पीएम मोदी का सख्त संदेश, बोले- लोकतंत्र में हिंसा अस्वीकार्य

    अमेरिका में फायरिंग घटना पर पीएम मोदी का सख्त संदेश, बोले- लोकतंत्र में हिंसा अस्वीकार्य

    नई दिल्ली। अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में उस समय अचानक तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब एक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान गोलीबारी की घटना सामने आई। यह घटना एक होटल में आयोजित डिनर कार्यक्रम के दौरान हुई, जहां देश के शीर्ष नेतृत्व और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। अचानक हुई इस घटना से पूरे परिसर में हड़कंप मच गया और सुरक्षा व्यवस्था तुरंत सक्रिय हो गई।

    जैसे ही गोली चलने की आवाज सुनाई दी, सुरक्षा बलों ने बिना किसी देरी के कार्रवाई शुरू कर दी और मौजूद सभी महत्वपूर्ण व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। कुछ ही समय में स्थिति को नियंत्रण में ले लिया गया और संदिग्ध को भी मौके से पकड़ लिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हमलावर अकेले ही इस घटना को अंजाम देने की कोशिश कर रहा था और उसके पास हथियार भी मौजूद थे। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच सुरक्षा एजेंसियों द्वारा गंभीरता से की जा रही है ताकि इसके पीछे की वजहों का पता लगाया जा सके।

    इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह जानकर राहत मिली कि सभी प्रमुख व्यक्ति सुरक्षित हैं। उन्होंने उनके अच्छे स्वास्थ्य और सुरक्षा की कामना भी की।

    प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में स्पष्ट रूप से कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी प्रकार की हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी घटनाओं की एक स्वर में निंदा की जानी चाहिए क्योंकि लोकतंत्र संवाद और विचारों के आदान-प्रदान पर आधारित होता है, न कि भय और हिंसा पर।

    इस घटना पर अन्य देशों के नेताओं ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है और इसे बेहद गंभीर बताते हुए शांति बनाए रखने की अपील की है। सभी ने इस बात पर सहमति जताई है कि इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक संस्थाओं की सुरक्षा और स्थिरता के लिए चुनौती बन सकती हैं।

    उधर, अमेरिकी नेतृत्व की ओर से भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी गई है और सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना की गई है। बताया गया है कि हालात अब पूरी तरह नियंत्रण में हैं और जांच एजेंसियां हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही हैं।

    फिलहाल इस पूरे मामले में जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमले के पीछे असली उद्देश्य क्या था और इसमें कोई बड़ा नेटवर्क शामिल है या नहीं। इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • ममता का दावा 100 सीटें जीतने का, अमित शाह बोले- BJP जीतेगी 110 सीटें, बंगाल में सियासी जंग तेज

    ममता का दावा 100 सीटें जीतने का, अमित शाह बोले- BJP जीतेगी 110 सीटें, बंगाल में सियासी जंग तेज


    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल गर्म है और दूसरे चरण के मतदान से पहले सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। दोनों दलों ने पहले चरण के मतदान को लेकर अलग-अलग बड़े दावे किए हैं।

    तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया है कि पहले चरण में उनकी पार्टी ने 100 से अधिक सीटों पर बढ़त बना ली है। भवानीपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि टीएमसी इस चुनाव में भारी जीत की ओर बढ़ रही है और अगर जनता का समर्थन मिला तो पार्टी को दो-तिहाई बहुमत मिलेगा।

    ममता बनर्जी ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि पार्टी चुनावी दबाव में है और उनके खिलाफ केंद्र सरकार पूरी ताकत झोंक रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को कमजोर करने के लिए बड़ी संख्या में हेलीकॉप्टर केंद्रीय बल और जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि इसके बावजूद भाजपा उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी। भवानीपुर सीट का जिक्र करते हुए ममता ने कहा कि वे इस क्षेत्र से तीन बार जीत चुकी हैं और इस बार भी जनता का भरोसा उनके साथ है।

    वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी की तरफ से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पलटवार करते हुए दावा किया कि पहले चरण की 142 सीटों में से भाजपा 110 सीटों पर आगे है। मिदनापुर की रैली में बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह परिणाम भाजपा के लिए बड़ी जीत का संकेत है और राज्य में परिवर्तन तय है।

    अमित शाह ने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी और राज्य को भयमुक्त बनाया जाएगा। उन्होंने ममता सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना दक्षिण कोलकाता लॉ कॉलेज की घटना और संदेशखाली में महिलाओं पर कथित अत्याचार जैसे मामलों का उल्लेख किया।

    शाह ने यह भी कहा कि महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद ममता बनर्जी राज्य में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही हैं। इसके अलावा उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा सरकार बनने पर मतुआ समुदाय को नागरिकता देने का काम किया जाएगा।

  • मुझ पर 36 केस, ममता पर मेहरबानी क्‍यों? राहुल गांधी ने मोदी सरकार और TMC दोनों पर साधा निशाना

    मुझ पर 36 केस, ममता पर मेहरबानी क्‍यों? राहुल गांधी ने मोदी सरकार और TMC दोनों पर साधा निशाना


    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हुगली जिले के सेरामपुर में आयोजित रैली में केंद्र सरकार BJP-RSS और ममता बनर्जी की TMC पर एक साथ तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने सवाल उठाया कि उनके खिलाफ 36 केस दर्ज किए गए और ED ने 55 घंटे पूछताछ की लेकिन ममता बनर्जी पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

    राहुल गांधी ने दावा किया कि इसका कारण यह है कि ममता बनर्जी BJP से सीधे तौर पर मुकाबला नहीं करतीं इसलिए उन्हें केंद्र से राहत मिलती है। रैली में राहुल ने कहा कि देश में दो विचारधाराओं के बीच संघर्ष चल रहा है। एक ओर कांग्रेस है जो संविधान एकता और भाईचारे की बात करती है जबकि दूसरी ओर BJP है जो उनके अनुसार नफरत और हिंसा फैलाने का काम करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि RSS और BJP समाज में विभाजन पैदा करते हैं और धर्म के नाम पर लोगों को बांटते हैं।

    कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि इसका उद्देश्य देश में प्रेम और सद्भाव का संदेश फैलाना था। वहीं उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्राओं को भारत तोड़ो यात्रा बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार देश को बांटने की राजनीति कर रही है।

    प्रधानमंत्री मोदी पर हमला जारी रखते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वे बड़ी-बड़ी बातें करते हैं लेकिन अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते में उन्होंने देश के हितों से समझौता किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस डील में कृषि छोटे उद्योग ऊर्जा क्षेत्र और देश का डेटा प्रभावित हुआ। राहुल ने यह भी कहा कि कोई भी मजबूत प्रधानमंत्री दबाव में आकर ऐसा फैसला नहीं लेता।

    ममता बनर्जी पर सवाल उठाते हुए राहुल ने अपने खिलाफ कार्रवाई का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि उन पर कई राज्यों में केस चल रहे हैं उनसे लंबी पूछताछ हुई यहां तक कि उनकी लोकसभा सदस्यता भी चली गई। इसके मुकाबले उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के खिलाफ न तो ED और न ही CBI ने कोई ठोस कार्रवाई की।

    बंगाल की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए राहुल गांधी ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार और पक्षपात के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में नौकरी पाने के लिए TMC से जुड़ाव जरूरी हो गया है। उन्होंने हिंदुस्तान मोटर्स की बंद फैक्ट्री का उदाहरण देते हुए कहा कि जो बंगाल कभी औद्योगिक रूप से मजबूत था वह अब पिछड़ गया है।

    इसके अलावा उन्होंने शारदा और रोज वैली जैसे पोंजी घोटालों कोयला तस्करी और अवैध खनन का मुद्दा उठाया। राहुल ने आरोप लगाया कि राज्य में हर काम के लिए गुंडा टैक्स देना पड़ता है जिससे आम जनता परेशान है।

  • श्रीकृष्ण जन्मभूमि केसः अदालत में पेश होंगी भगवान विष्णु और अन्य देवताओं की मूर्तियां

    श्रीकृष्ण जन्मभूमि केसः अदालत में पेश होंगी भगवान विष्णु और अन्य देवताओं की मूर्तियां


    मथुरा ।
    श्रीकृष्ण जन्मभूमि (Shri Krishna Janmabhoomi) बनाम शाही ईदगाह मस्जिद (Shahi Eidgah Mosque) मामले में भगवान विष्णु (Lord Vishnu) के विश्वरूप एवं अन्य देवों की मूर्तियों के तथ्य अदालत में पेश किए जाएंगे। ये मूर्तियां समय समय पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि क्षेत्र में कराई गई खुदाई के दौरान प्राप्त हुई थीं जो इस समय मथुरा के राजकीय संग्रहालय में सुरक्षित हैं। जन्मभूमि पक्ष ने पत्र के माध्यम से इन सभी के बारे में पूरी जानकारी संग्रहालय से प्राप्त कर ली है। जन्मभूमि पक्ष इसे अपने लिए बेहद महत्वपूर्ण मानकर चल रहा है।

    मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद का मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। जन्मभूमि पक्ष यह बात रख रहा है कि जहां वर्तमान में शाही ईदगाह मस्जिद बनी है वही क्षेत्र भगवान श्रीकृष्ण का वास्तविक जन्मस्थान है जबकि मस्जिद पक्ष इसका विरोध कर रहा है।

    इलाहाबाद हाईकोर्ट में जन्मभूमि पक्ष वाद बिंदू तय कराने के लिए अपनी दलील पेश कर रहा है जबकि मस्जिद पक्ष ने दलील दी है कि दूसरा पक्ष पहले यह तो साबित करे कि यह आस्था का विषय है। दोनों पक्ष अपनी अपनी बात के लिए तमाम साक्ष्य जुटा रहे हैं।

    इस मामले के वादी श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने आरटीआई के माध्यम से राजकीय संग्रहालय से उन मूर्तियों की जानकारी जुटाई है जो विभिन्न समय पर इस क्षेत्र में हुई खुदाई में प्राप्त हुई हैं। वहां से विधिवत सूचना प्रेषित कर दी गई है। ऐसी सात मूर्तियां एवं स्तंभ की जानकारी दी गई जो यहां से प्राप्त हुए हैं। इनमें से तीन मूर्ति व एक स्तंभ ऐसा है जिसे हिंदू पक्ष अपने लिए बेहद महत्वपूर्ण मानकर चल रहा है।

    ये भगवान कार्तिकेय एवं अग्निदेव की, देवी गंगा एवं विश्वरूप विष्णु भगवान की हैं। अन्य भगवान बुद्ध एवं जैन तीर्थंकर ऋषभनाथ से जुड़े हैं। ये सभी कटरा केशवदेव, श्रीकृष्ण जन्मस्थान से प्राप्त हुई हैं। यह पूरा क्षेत्र कटरा केशवदेव के ही नाम से जाना जाता है व अभिलेखों में भी दर्ज है।

    हमनें संग्रहालय से रखी इन मूर्तियों के बारे में जानकारी ली है। चाहे भगवान विष्णु का विश्वरूप हो या भगवान कार्तिकेय या नदी देवी की मूर्ति, सभी यह दर्शाते हैं कि यह क्षेत्र हिंदू आस्था का केंद्र रहा है। खास तौर से भगवान कृष्ण से जुड़ा रहा है। हम ये सारे तथ्य अदालत में पेश कर रहे हैं।
    -एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह, अध्यक्ष श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास

    मामला अदालत में विचाराधीन है। इस दौरान विभिन्न साक्ष्य कोर्ट में पेश किए जाते हैं। जो भी सबूत वो कोर्ट में पेश करेंगे उसका अध्ययन कर हम अपनी दलील पेश करेंगे। पहले भी इस तरह के तथ्य पेश किए गए हैं।
    -एडवोकेट तनवीर अहमद, शाही ईदगाह मस्जिद सचिव एवं पैरोकार

  • ऊफ ये गर्मी ! दुनिया के सबसे गर्म 100 शहरों में 92 भारत के…. दिल्ली में पारा 44 डिग्री के पार

    ऊफ ये गर्मी ! दुनिया के सबसे गर्म 100 शहरों में 92 भारत के…. दिल्ली में पारा 44 डिग्री के पार


    नई दिल्ली।
    गर्मी (Heat) शुरुआत में ही रिकॉर्ड तोड़ रही है। वैश्विक तापमान आंकड़ों के अनुसार दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों (World 100 Hottest cities) में 92 भारत (India) के हैं। इसके अलावा 6 शहर थाईलैंड और दो शहर नेपाल के हैं। अप्रैल की शुरुआत में ही दिल्ली (Delhi), मुंबई, चेन्नई और बंगलूरू जैसे शहरों में पारा 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। दिल्ली में तापमान 44.5 डिग्री दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में इसमें और वृदि्ध की आशंका जताई जा रही है।

    देश में शनिवार को सर्वाधिक तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस यूपी के बांदा का रहा। इसके बाद प्रयागराज में 45.5 डिग्री, वाराणसी में 45 डिग्री, झांसी में 44.8 डिग्री रहा। गाजियाबाद में अधिकतम तापमान 43 डिग्री रहा। कई इलाकों में तापमान सामान्य से 5 डिग्री या उससे ऊपर है, जिससे हीट स्ट्रेस की स्थिति बन रही है।

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में लू चलने (Scorching Heatwave) की संभावना है। उत्तर भारत में रातें भी गर्म रह सकती हैं। यह स्थिति हीट डोम जैसे हालात की ओर इशारा करती है, जिसमें गर्म हवा एक क्षेत्र में फंस जाती है और तापमान लगातार बढ़ता रहता है।


    गाजियाबाद 43 डिग्री में तपा, सबसे गर्म शहरों में यूपी के 37

    100 सबसे गर्म शहरों में यूपी के 37 शहर हैं। प. बंगाल के 18, पंजाब के सात, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के छह-छह, बिहार और ओडिशा के पांच-पांच, महाराष्ट्र के चार, उत्तराखंड और आंध्र प्रदेश के दो-दो शहर शामिल हैं। ज्यादातर शहरों में तापमान तापमान 42 से 45 डिग्री दर्ज किया गया।


    दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में हीटस्ट्रोक यूनिट बनी

    दिल्ली में शनिवार को पारा 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसके चलते राममनोहर लोहिया हॉस्पिटल में हीटस्ट्रोक यूनिट बनाई गई है। इसमें कूलिंग टब, 200 किलो बर्फ बनाने की मशीनें और पोर्टेबल आइस पैक भी रखे गए हैं।


    दोपहर में काम नहीं कर सकेंगे मजदूर

    उत्तर प्रदेश : आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी में दोपहर 12 से 4 बजे तक मजदूरों के काम पर रोक।
    ओडिशा : सोमवार से सभी सरकारी स्कूल बंद रहेंगे।
    केरल : लोगों से दिन में 11 से 3 बजे के बीच बाहर न निकलने की सलाह। सेल्फ लॉकडाउन अपनाने के लिए कहा।
    कर्नाटक : सभी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक यूनिट बनाने का आदेश। ये सभी यूनिट 31 जुलाई तक चालू रखी जाएंगी।
    मध्य प्रदेश : नर्मदापुरम जिले में स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है।


    धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने हल्के कपड़े पहनने की सलाह

    मौसम विभाग ने दोपहर में धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और बच्चों, बुजुर्गों व बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। सावधानी बरतने से हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।

    कश्मीर में बारिश और रोहतांग में बर्फबारी
    श्रीनगर समेत कश्मीर घाटी के मैदानी इलाकों में शनिवार को रुक-रुक कर हुई बारिश से गर्मी से राहत मिली है, जबकि जोजिला दर्रे पर हल्की बर्फबारी भी हुई। वहीं, हिमाचल में रोहतांग दर्रा, कुंजम दर्रा सहित ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई।