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  • उत्तम नगर हत्या कांड: कोर्ट ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने के आदेश दिए..

    उत्तम नगर हत्या कांड: कोर्ट ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने के आदेश दिए..


    नई दिल्ली।दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में हुए तरुण हत्या कांड से जुड़े मामले में अदालत ने पीड़ित परिवार की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया है कि परिवार को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए और किसी भी संभावित खतरे से उनकी रक्षा सुनिश्चित की जाए।

    यह मामला होली के दौरान हुई एक हिंसक झड़प से जुड़ा है, जिसमें 27 वर्षीय तरुण की मौत हो गई थी। घटना के बाद से ही इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और पीड़ित परिवार ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई थी। इसी आधार पर अदालत में याचिका दाखिल कर पुलिस सुरक्षा की मांग की गई थी।

    सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि परिवार को धमकियों और संभावित खतरे की आशंका है, जिसके चलते उनकी सुरक्षा बेहद जरूरी है। अदालत ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे परिवार के साथ सीधे संपर्क में रहें और आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराएं। इसके लिए स्थानीय पुलिस अधिकारी को अपना व्यक्तिगत संपर्क नंबर परिवार को देने का आदेश दिया गया है।

    पुलिस ने अदालत को बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही बढ़ा दी गई है। इलाके में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और पुलिस की गश्त बढ़ाई गई है। साथ ही संवेदनशील इलाकों में पुलिस पिकेट भी तैनात किए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

    इसके अलावा सोशल मीडिया पर फैल रही भड़काऊ सामग्री पर भी कार्रवाई की गई है और बड़ी संख्या में आपत्तिजनक वीडियो हटाए गए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ सामग्री को गंभीरता से लिया जाएगा और उस पर तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए।

    कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि यदि परिवार को किसी भी प्रकार का संदिग्ध या आपत्तिजनक कंटेंट मिलता है, तो वे तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें। पुलिस को ऐसे मामलों में बिना देरी के कानूनी कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।

    यह घटना 4 मार्च की है, जब होली के त्योहार के दौरान एक छोटी सी बात ने हिंसक झड़प का रूप ले लिया था। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पानी के गुब्बारे से जुड़ी एक घटना के बाद दो परिवारों के बीच विवाद बढ़ गया, जो बाद में हिंसा में बदल गया और इसमें तरुण की जान चली गई।

    इस पूरे मामले ने इलाके में गहरा असर डाला है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अदालत के ताजा आदेश के बाद अब पीड़ित परिवार को अतिरिक्त सुरक्षा मिलने की उम्मीद है, जिससे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी भी संभावित खतरे को रोका जा सके।

  • केजरीवाल के कथित नए घर पर घमासान BJP के आरोप AAP का पलटवार

    केजरीवाल के कथित नए घर पर घमासान BJP के आरोप AAP का पलटवार


    नई दिल्ली । नई दिल्ली की सियासत में एक बार फिर ‘बंगला विवाद’ ने जोर पकड़ लिया है। अरविंद केजरीवाल के कथित नए सरकारी आवास को लेकर भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है। दोनों पक्ष एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप कर रहे हैं जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

    बीजेपी की ओर से प्रवेश वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुछ तस्वीरें जारी कर दावा किया कि ये केजरीवाल के नए बंगले की हैं। उन्होंने कहा कि राजधानी के लोधी एस्टेट इलाके में मिला यह आवास बेहद आलीशान है। वर्मा ने तंज कसते हुए इसे ‘शीशमहल 2’ बताया और सवाल उठाया कि इस पर कितना खर्च हुआ और यह पैसा कहां से आया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जो नेता पहले सादगी की बात करते थे अब वही महंगे इलाकों में रह रहे हैं।

    इसके साथ ही बीजेपी ने कोविड काल का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब दिल्ली महामारी से जूझ रही थी तब भी कथित तौर पर इस आवास का निर्माण कार्य जारी रहा। पार्टी ने इसे प्राथमिकताओं का सवाल बताते हुए सरकार पर निशाना साधा।

    वहीं आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि बीजेपी द्वारा जारी की गई तस्वीरें पूरी तरह फर्जी हैं और उनका केजरीवाल के आवास से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा कि जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।

    AAP का कहना है कि बीजेपी बिना तथ्य के आरोप लगा रही है और मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि सरकार पारदर्शिता के साथ काम कर रही है और सभी प्रक्रियाएं नियमों के अनुसार पूरी की गई हैं।

    फिलहाल इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी लगातार सवाल उठा रही है जबकि AAP जवाब देकर आरोपों को खारिज कर रही है। आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ सकता है क्योंकि दोनों ही दल इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से भुनाने में लगे हुए हैं।

  • राज्यसभा में NDA मजबूत, AAP सांसदों के दल-बदल से दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुंचा गठबंधन

    राज्यसभा में NDA मजबूत, AAP सांसदों के दल-बदल से दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुंचा गठबंधन


    नई दिल्ली। देश की राजनीति में एक अहम बदलाव देखने को मिला है, जहां आम आदमी पार्टी के सात सांसदों के दल बदलकर भाजपा में शामिल होने के बाद राज्यसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की स्थिति काफी मजबूत हो गई है। इस घटनाक्रम ने उच्च सदन में राजनीतिक संतुलन को प्रभावित किया है और सत्ता पक्ष को दो-तिहाई बहुमत के और करीब पहुंचा दिया है।

    वर्तमान स्थिति के अनुसार राज्यसभा में कुल 244 सदस्य हैं और किसी भी पार्टी या गठबंधन को दो-तिहाई बहुमत हासिल करने के लिए 163 सदस्यों का समर्थन आवश्यक होता है। हालिया बदलावों के बाद एनडीए के समर्थन में सांसदों की संख्या 145 तक पहुंच गई है। हालांकि यह आंकड़ा अभी भी आवश्यक बहुमत से 18 सीट दूर है, लेकिन इसे सत्ता पक्ष के लिए एक महत्वपूर्ण बढ़त माना जा रहा है।

    भाजपा की स्थिति भी इस घटनाक्रम के बाद मजबूत हुई है। पहले जहां पार्टी के पास 106 सांसद थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 113 हो गई है। इसके अलावा कुछ मनोनीत सदस्यों और निर्दलीय सांसदों के समर्थन से यह आंकड़ा और बढ़कर करीब 122 तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, जो सदन के कुल सदस्यों का लगभग आधा हिस्सा है।

    राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रुझान जारी रहता है, तो आने वाले समय में सरकार को महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने में आसानी हो सकती है। विशेष रूप से वे संविधान संशोधन विधेयक, जिनके लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है, उन पर सत्ता पक्ष की स्थिति पहले से अधिक मजबूत दिखाई दे रही है।

    हाल ही में महिला आरक्षण से जुड़े एक महत्वपूर्ण संविधान संशोधन विधेयक को लोकसभा में आवश्यक बहुमत न मिलने के कारण झटका लगा था। उस समय सत्ता पक्ष दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका था, जिससे यह विधेयक पारित नहीं हो पाया। अब राज्यसभा में बदलते समीकरणों को उसी संदर्भ में देखा जा रहा है।

    सूत्रों के अनुसार, हाल ही में शामिल हुए सांसदों का विलय राज्यसभा में उनकी मूल पार्टी के संसदीय दल के दो-तिहाई से अधिक हिस्से का प्रतिनिधित्व होने के कारण मान्य किया जा सकता है। यदि ऐसा होता है, तो यह सत्ता पक्ष की स्थिति को और मजबूत करेगा और सदन में उसकी पकड़ और अधिक प्रभावी हो जाएगी।

  • केरल में सनसनी: मां की हत्या के बाद बेटा खुद पहुंचा थाने, किया आत्मसमर्पण..

    केरल में सनसनी: मां की हत्या के बाद बेटा खुद पहुंचा थाने, किया आत्मसमर्पण..


    नई दिल्ली।
    केरल के कन्नूर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। यहां एक 30 वर्षीय युवक ने अपनी ही मां की चाकू मारकर हत्या कर दी और बाद में खुद पुलिस के सामने जाकर आत्मसमर्पण कर दिया। यह घटना पेरावूर के पास कनिचर इलाके में शुक्रवार रात को हुई, जिसके बाद से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश और सदमा है।

    मृतका की पहचान 53 वर्षीय गीताम्मा के रूप में हुई है, जो अपने परिवार के साथ कनिचर में रहती थीं। आरोपी बेटा क्रिस्टी घटना के बाद सीधे मोटरसाइकिल से पुलिस स्टेशन पहुंचा और वहां जाकर अपने अपराध की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, यह वारदात घर के अंदर उस समय हुई जब परिवार का अन्य कोई सदस्य मौजूद नहीं था।

    जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार रात लगभग 8 से 9 बजे के बीच हुई। आरोपी ने अपने घर के बेडरूम में अपनी मां पर चाकू से हमला किया, जिससे उनकी गर्दन पर गंभीर चोट लगी और उनकी मौके पर ही हालत बिगड़ गई। पुलिस के पहुंचने से पहले ही स्थिति काफी गंभीर हो चुकी थी। बाद में महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने यह कदम कुछ लोगों द्वारा अपनी मां के बारे में कथित अपमानजनक बातें सुनने के बाद उठाया। हालांकि इस दावे की पुष्टि अभी जांच का हिस्सा है और पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद आरोपी ने एक दोस्त को फोन किया और फिर बिना भागे सीधे पुलिस स्टेशन जाकर आत्मसमर्पण कर दिया।

    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, क्रिस्टी ने बेंगलुरु के एक कॉलेज में पढ़ाई की थी, लेकिन वह अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सका और बाद में घर लौट आया था। उसकी मां गीताम्मा इलाके में एक ब्यूटी पार्लर चलाती थीं और सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहती थीं।

    परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि आरोपी नशे का आदी था, हालांकि पुलिस ने इस बात की पुष्टि नहीं की है। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है, ताकि घटना के पीछे की असली वजह सामने लाई जा सके।

    इस दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है और लोग इसे पारिवारिक तनाव और मानसिक असंतुलन से जुड़ा मामला मान रहे हैं। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।

  • BRS से बाहर होने के बाद के. कविता का बड़ा ऐलान, नई पार्टी के साथ नई जंग..

    BRS से बाहर होने के बाद के. कविता का बड़ा ऐलान, नई पार्टी के साथ नई जंग..


    नई दिल्ली। तेलंगाना की राजनीति में एक बड़ा सियासी बदलाव देखने को मिला है, जहां पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी और पूर्व सांसद के. कविता ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी का ऐलान कर दिया है। उन्होंने इस नई पार्टी का नाम तेलंगाना राष्ट्र समिति रखा है, जो राज्य के आंदोलनकारी इतिहास से जुड़ा हुआ नाम माना जाता है।

    यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब कुछ समय पहले उन्हें उनकी पुरानी पार्टी भारत राष्ट्र समिति से निलंबित कर दिया गया था। उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप लगाए गए थे, जिसके बाद उन्हें संगठन से बाहर कर दिया गया। निलंबन के बाद से ही उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं, जिन पर अब उन्होंने अपनी नई पार्टी के ऐलान के साथ विराम लगा दिया है।

    नई पार्टी की घोषणा करते हुए के. कविता ने तेलंगाना के विकास से जुड़े अहम मुद्दों को उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य को बने हुए 12 साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन जनता की मूलभूत अपेक्षाएं अभी भी पूरी नहीं हो सकी हैं। उन्होंने विशेष रूप से पानी, धन और रोजगार जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि ये वही आधार थे जिन पर तेलंगाना आंदोलन खड़ा हुआ था, लेकिन आज भी कई समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।

    उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी नई पार्टी का उद्देश्य शासन को जनता के और करीब लाना है। उनका कहना है कि राजनीति को जमीनी समस्याओं से जोड़ना जरूरी है, जिन्हें अक्सर बड़े राजनीतिक दल नजरअंदाज कर देते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी सभी वर्गों के विकास पर ध्यान देगी और किसी भी तरह के जाति, धर्म या समुदाय के भेदभाव से दूर रहेगी।

    राजनीतिक बयानबाजी के दौरान उन्होंने अपनी पूर्व पार्टी के साथ-साथ राज्य की मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि विपक्ष की भूमिका निभाने वाली पार्टियां भी जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने में नाकाम रही हैं, जिससे लोगों में निराशा बढ़ी है।

    राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस नए कदम से तेलंगाना की राजनीति में नई हलचल पैदा हो सकती है। यह बदलाव आने वाले समय में राज्य के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है और सत्ता तथा विपक्ष दोनों के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर सकता है।

  • हीटवेव से बचाव के लिए दिल्ली में बड़े कदम, स्कूलों में लागू होंगे नए सुरक्षा नियम..

    हीटवेव से बचाव के लिए दिल्ली में बड़े कदम, स्कूलों में लागू होंगे नए सुरक्षा नियम..


    नई दिल्ली। दिल्ली में गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है और तापमान में हो रही तेजी से बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। भीषण गर्मी और हीटवेव की स्थिति को देखते हुए अब स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी दिशा में प्रशासन की ओर से नए और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनका उद्देश्य छात्रों को लू और गर्मी से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से सुरक्षित रखना है।

    नए निर्देशों के अनुसार सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों को 2 मई तक अपनी अनुपालन रिपोर्ट जमा करनी होगी। इस रिपोर्ट में यह स्पष्ट करना होगा कि स्कूलों ने हीटवेव से बचाव के लिए तय किए गए सभी सुरक्षा उपायों को लागू किया है या नहीं। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि स्कूल परिसर में छात्रों के लिए साफ और सुरक्षित पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध हो।

    स्कूलों में सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक वॉटर बेल सिस्टम को लागू करना है। इस व्यवस्था के तहत हर 45 से 60 मिनट में छात्रों को पानी पीने का अनिवार्य ब्रेक दिया जाएगा, ताकि शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन की समस्या को रोका जा सके। यह कदम गर्मी के दौरान बच्चों की सेहत को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाएगा।

    इसके अलावा स्कूलों को अपनी दैनिक समय-सारणी में भी बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं। तेज गर्मी के समय बच्चों को लंबे समय तक धूप में रहने से बचाने के लिए आउटडोर असेंबली को कम किया जाएगा या फिर उसे इनडोर आयोजित किया जाएगा। साथ ही खेलकूद और अन्य बाहरी गतिविधियों को फिलहाल रोकने या सीमित करने की सलाह दी गई है।

    छात्रों को जागरूक करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके तहत स्कूलों में छोटी-छोटी जानकारी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बच्चों को हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षणों और प्राथमिक उपचार के बारे में बताया जाएगा। इससे बच्चे न केवल खुद सतर्क रहेंगे बल्कि जरूरत पड़ने पर दूसरों की भी मदद कर सकेंगे।

    निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बडी सिस्टम लागू किया जा रहा है, जिसमें छात्रों को जोड़ियों में रखा जाएगा। इस प्रणाली का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि किसी छात्र को कमजोरी, चक्कर या पानी की कमी के लक्षण दिखाई दें, तो उसका साथी तुरंत शिक्षकों को सूचित कर सके।

    इसके साथ ही स्कूलों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे रोजाना गर्मी से जुड़ी जरूरी जानकारी और सावधानियों को माता-पिता तक पहुंचाएं, ताकि घर और स्कूल दोनों जगह बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। स्कूल परिसर में भी सावधानी से संबंधित पोस्टर और सूचना सामग्री लगाई जाएगी, जिससे छात्रों में जागरूकता बनी रहे।

  • Heatwave Alert: शरीर कितनी गर्मी झेल सकता है? बढ़ते तापमान में बड़ा सवाल

    Heatwave Alert: शरीर कितनी गर्मी झेल सकता है? बढ़ते तापमान में बड़ा सवाल


    नई दिल्ली।देश के कई हिस्सों में गर्मी ने एक बार फिर अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। तापमान लगातार बढ़ रहा है और कई राज्यों में हालात ऐसे हैं कि दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। इस बीच लू का असर भी तेज हो गया है, जिससे लोगों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। ऐसे माहौल में सबसे अहम सवाल यह उठता है कि आखिर इंसानी शरीर कितनी गर्मी सह सकता है और कब यह सीमा टूटने लगती है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, इंसानी शरीर की गर्मी सहने की क्षमता सिर्फ तापमान पर निर्भर नहीं करती, बल्कि हवा में मौजूद नमी भी इसमें बड़ी भूमिका निभाती है। इसे समझने के लिए “वेट बल्ब तापमान” की अवधारणा का उपयोग किया जाता है। यह बताता है कि शरीर पसीने के जरिए खुद को कितनी प्रभावी तरह से ठंडा कर सकता है। सामान्य तौर पर पहले माना जाता था कि इंसान लगभग 35 डिग्री सेल्सियस तक के वेट बल्ब तापमान को सहन कर सकता है, लेकिन नई समझ के अनुसार यह सीमा लगभग 30 से 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास मानी जाती है। इससे अधिक होने पर शरीर की प्राकृतिक ठंडा करने की प्रक्रिया कमजोर पड़ने लगती है।

    नमी वाली गर्मी को सबसे अधिक खतरनाक माना जाता है क्योंकि इसमें पसीना शरीर से जल्दी वाष्पित नहीं हो पाता। जब पसीना सूख नहीं पाता तो शरीर की गर्मी बाहर नहीं निकल पाती और अंदरूनी तापमान तेजी से बढ़ने लगता है। यही कारण है कि कम तापमान होने के बावजूद अधिक नमी वाली जगहों पर गर्मी ज्यादा असहनीय महसूस होती है।

    जब शरीर का तापमान लगभग 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक पहुंच जाता है, तो स्थिति बेहद गंभीर हो जाती है। इस अवस्था को हीट स्ट्रोक कहा जाता है, जिसमें शरीर का तापमान नियंत्रित करने वाला तंत्र पूरी तरह से प्रभावित हो जाता है। इसके शुरुआती संकेतों में चक्कर आना, सिर दर्द, भ्रम की स्थिति, तेज कमजोरी और घबराहट शामिल होते हैं। अगर समय पर इलाज न मिले तो यह स्थिति जानलेवा भी साबित हो सकती है।

    तेज गर्मी का असर केवल बाहरी शरीर पर ही नहीं, बल्कि अंदरूनी अंगों पर भी पड़ता है। दिमाग पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है, जिससे व्यक्ति मानसिक भ्रम या बेहोशी की स्थिति में जा सकता है। दिल को भी सामान्य से ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे शरीर पर तनाव बढ़ जाता है। लंबे समय तक ऐसी स्थिति रहने पर शरीर का संतुलन पूरी तरह बिगड़ सकता है।

    ऐसे मौसम में सावधानी बेहद जरूरी हो जाती है। दोपहर के समय धूप में निकलने से बचना चाहिए, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए और शरीर को ठंडा रखने की कोशिश करनी चाहिए। हल्के कपड़े पहनना, छांव में रहना और शरीर में पानी की कमी न होने देना जरूरी है। साथ ही ज्यादा मेहनत वाले काम गर्मी के समय से बचकर करने चाहिए।

    बढ़ती गर्मी और लू के इस दौर में जागरूक रहना ही सबसे बड़ा बचाव है। समय पर सावधानी अपनाकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है और शरीर को इस बढ़ते तापमान के खतरे से सुरक्षित रखा जा सकता है।

  • Uttarakhand Board Result 2026 जारी 10वीं में 98% पास 12वीं में लड़कियों का जलवा

    Uttarakhand Board Result 2026 जारी 10वीं में 98% पास 12वीं में लड़कियों का जलवा


    नई दिल्ली । Uttarakhand Board of School Education ने वर्ष 2026 के लिए 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस साल करीब 2.15 लाख से ज्यादा छात्र इन परीक्षाओं में शामिल हुए थे और कुल मिलाकर परिणाम काफी उत्साहजनक रहे हैं।

    10वीं कक्षा का रिजल्ट इस बार बेहद शानदार रहा है। कुल 98.20 प्रतिशत छात्र परीक्षा में सफल हुए हैं जो पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है। टॉपर्स की बात करें तो अक्षत गोपाल ने 98.20 प्रतिशत अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं ईशांत कोठारी और भूमिका ने 98 प्रतिशत के साथ दूसरा स्थान हासिल किया जबकि योगेश जोशी 97.80 प्रतिशत अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

    12वीं कक्षा के परिणामों में भी अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला है लेकिन इस बार खास बात यह रही कि लड़कियों ने बाजी मार ली। कुल पास प्रतिशत 85.11 रहा जिसमें लड़कियों का पास प्रतिशत 88.09 और लड़कों का 81.93 प्रतिशत दर्ज किया गया। इसके अलावा गीतिका पंत और सुशीला ने 98 प्रतिशत अंक हासिल कर टॉपर्स की सूची में अपना नाम दर्ज कराया।

    रिजल्ट देखने के लिए छात्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट ubse uk gov in और uaresults nic in पर जाकर आसानी से अपना परिणाम चेक कर सकते हैं। इसके लिए छात्रों को 10वीं या 12वीं के रिजल्ट लिंक पर क्लिक कर अपना रोल नंबर दर्ज करना होगा जिसके बाद स्क्रीन पर उनका परिणाम दिखाई देगा।

    अगर वेबसाइट पर अधिक ट्रैफिक के कारण दिक्कत आती है तो छात्र SMS के जरिए भी अपना रिजल्ट प्राप्त कर सकते हैं। 10वीं के छात्र UK10 रोल नंबर लिखकर 5676750 पर भेज सकते हैं जबकि 12वीं के छात्र UK12 रोल नंबर लिखकर इसी नंबर पर SMS भेजकर अपना परिणाम जान सकते हैं।

    इसके अलावा DigiLocker के माध्यम से भी छात्र अपनी डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें ऐप या वेबसाइट पर मोबाइल नंबर के जरिए लॉगिन करना होगा।

    इस साल की परीक्षा 21 फरवरी से 20 मार्च 2026 के बीच आयोजित की गई थी जबकि प्रैक्टिकल परीक्षाएं 16 जनवरी से 15 फरवरी तक हुई थीं। कुल मिलाकर इस बार का रिजल्ट छात्रों के लिए काफी सकारात्मक रहा है जहां 10वीं में रिकॉर्ड पास प्रतिशत और 12वीं में लड़कियों का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला है।

  • IMD की चेतावनी लू का कहर शरीर कितनी गर्मी सह सकता है समझना जरूरी

    IMD की चेतावनी लू का कहर शरीर कितनी गर्मी सह सकता है समझना जरूरी


    नई दिल्ली। देश में गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। India Meteorological Department (IMD) ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड समेत कई राज्यों में लू (Heatwave) का अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है।

    सिर्फ तापमान नहीं, नमी भी है बड़ा कारण
    विशेषज्ञों के अनुसार, इंसान का शरीर सिर्फ तापमान से नहीं बल्कि गर्मी और नमी के मेल से प्रभावित होता है। इसे “वेट बल्ब तापमान” कहा जाता है। पहले माना जाता था कि इंसान 35°C तक का वेट बल्ब तापमान सह सकता है, लेकिन नई रिसर्च के मुताबिक यह सीमा करीब 30–31°C के आसपास है। इससे ज्यादा होने पर शरीर खुद को ठंडा नहीं रख पाता।

    नमी वाली गर्मी क्यों ज्यादा खतरनाक?
    सूखी गर्मी में पसीना जल्दी सूखकर शरीर को ठंडा करता है, लेकिन नमी ज्यादा होने पर पसीना सूख नहीं पाता। इस वजह से शरीर जल्दी गर्म हो जाता है कम तापमान में भी खतरा बढ़ जाता है जब शरीर का तापमान 40°C के पार चला जाता है, तो हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इस स्थिति में शरीर का कूलिंग सिस्टम काम करना बंद कर देता है। इसके लक्षण हो सकते हैं चक्कर आना, भ्रम या घबराहट बेहोशी समय पर इलाज न मिलने पर यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।

    शरीर के अंदर क्या होता है असर?
    तेज गर्मी का असर शरीर के जरूरी अंगों पर भी पड़ता है दिमाग में सूजन और भ्रम दिल पर ज्यादा दबाव शरीर का तापमान कंट्रोल सिस्टम फेल बढ़ती गर्मी और लू के बीच सावधानी बेहद जरूरी है। धूप में कम निकलें पानी ज्यादा पिएं शरीर को ठंडा रखें गर्मी को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है, इसलिए समय रहते सतर्क रहना जरूरी है।

  • गुजरात के सूरत में मुस्लिम युवक ने की महिला से छेड़छाड़, गुस्साई भीड़ ने आरोपी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

    गुजरात के सूरत में मुस्लिम युवक ने की महिला से छेड़छाड़, गुस्साई भीड़ ने आरोपी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

    सूरत। गुजरात की डायमंड सिटी नाम से मशहूर सूरत में कुछ देर पहले छेड़छाड़ की एक घटना को लेकर जमकर हंगामा हुआ. शहर के व्यस्त इलाके में एक मुस्लिम युवक ने महिला से छेड़छाड़ की. पीड़िता की चीख-पुकार सुन मौके पर मौजूद भीड़ ने आरोपी युवक को जमकर पीटा. शिकायत के बाद पुलिस ने एक्शन लेते हुए फौरन आरोपी को गिरफ्तार किया है. इस घटना से आक्रोशित भीड़ ने छेड़छाड़ के आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने के लिए अल्थान इलाके में थाने के बाहर खूब हंगामा और प्रदर्शन किया.
    स्थानीय लोगों ने थाने के बाहर नारेबाजी की. इस दौरान, उनकी पुलिस के साथ झड़प हुई. इसके बाद, पुलिस ने लोगों को मौके से खदेड़ा. थाने का घेराव करने आए लोगों में महिला और पुरुष दोनों शामिल थे. लोग अपने हाथों में लाठी और डंडे लिए नजर आए.
    आरोपी को पीटा
    जब ये घटना सामने आई तो लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया. इसके बाद 112 नंबर पर कॉल करके पुलिस को बुलाया गया. जब तक पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक ये खबर दावानल की तरह पूरे इलाके में फैल चुकी थी. इस वजह से बहुत सारे लोग वहां आ गए थे. इसके बाद, भीड़ ने पुलिस वैन से उतारकर आरोपी को पीटा. हालात बिगड़े तो और फोर्स बुलानी पड़ी और तब जाकर आरोपी को गिरफ्तार किया गया.
    हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में
    भारी संख्या में पुलिस फोर्स इलाके में तैनात की गई है. ACP, सूरत ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है. हम लोगों से अपील करते हैं कि कृपया कानून-व्यवस्था अपने हाथ न लें. पुलिस अपना काम कर रही है. हम दोषी को कड़ी सजा देंगे.
    विधायक ने की शांति की अपील

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विधायक मनु पटेल भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने भी लोगों से शांति बहाल करने की अपील की. उन्होंने कानून-व्यवस्था का पालन करने की अपील की. इस घटना के मद्देनजर, मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया है.

    क्राइम ब्रांच की टीम ने भी पूरे इलाके को राउंड अप किया. दूसरे थानों से भी पुलिस के जवान यहां पहुचे हैं.
    सूरत में ऐसा ही एक और घिनौना मामला

    सूरत की सरौली पुलिस ने इस घटना से पहले 21 वर्षीय मोजबीर को तीन साल की बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में दबोचा था. बिहार निवासी आरोपी सरौली इलाके की एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करता था. बीते गुरुवार दोपहर जब पीड़िता की मां कुछ काम से बाहर गई थी, तब शेख ने उसे अगवा कर लिया और छत पर बने बाथरूम में ले गया. वहां उसने पीड़िता के साथ यौन उत्पीड़न शुरू कर दिया. इससे पहले कि वह कोई और जघन्य अपराध कर पाता, पीड़िता की मां उसे ढूंढते हुए छत पर पहुंच गई. स्थानीय लोग तुरंत इकट्ठा हो गए और शेख की पिटाई कर दी. सरौली पुलिस को सूचना दी गई और शेख के खिलाफ बलात्कार के मामले में बीएनएस (बाल यौन उत्पीड़न अधिनियम) और बाल यौन उत्पीड़न संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया.