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  • 22 फरवरी से सराय काले खां-बेगमपुल: दिल्ली-मेरठ नामा भारत ट्रेन सेवा शुरू

    22 फरवरी से सराय काले खां-बेगमपुल: दिल्ली-मेरठ नामा भारत ट्रेन सेवा शुरू


    नई दिल्ली । दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा अब और तेज और आसान होने वाली है। 22 फरवरी से सराय काले खां से बेगमपुल तक नई दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन सेवा शुरू होने जा रही है। करीब 70 किलोमीटर की दूरी अब महज 40 मिनट में पूरी की जा सकेगी। इससे रोजाना दिल्ली और मेरठ के बीच आने-जाने वाले हजारों यात्रियों के लिए सफर पहले से कई गुना सुविधाजनक होगा।

    पहले सड़क मार्ग से दिल्ली-मेरठ की दूरी तय करने में ढाई से तीन घंटे लगते थे। अब यह समय एक तिहाई रह जाएगा। खासकर नौकरी, पढ़ाई या मेडिकल विजिट के लिए दिल्ली आने वाले यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी को इस कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन के बाद सराय काले खां से मोदीपुरम तक पूरा दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर जनता के लिए खुल जाएगा। इस प्रोजेक्ट को विकसित करने वाली नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ने बेगमपुल तक सफल ट्रायल रन भी पूरा कर लिया है। ट्रायल में ट्रेन ने 160 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ते हुए लगभग 39 मिनट में दूरी तय की।

    कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 80 किलोमीटर है, जिसे अब लगभग 55 मिनट में कवर किया जा सकेगा। 2019 में इस प्रोजेक्ट की नींव रखी गई थी और अब यह पूरी तरह तैयार है।

    दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का लगभग 55 किलोमीटर हिस्सा पहले से चालू था। न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ तक ट्रेनें पहले ही दौड़ रही हैं। अब सराय काले खां से न्यू अशोक नगर तक लगभग पांच किलोमीटर और मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक लगभग 21 किलोमीटर का सेक्शन भी ऑपरेशन के लिए तैयार हो गया है। इससे पूरी लाइन एक साथ जुड़ जाएगी और सराय काले खां से बेगमपुल तक सीधा सफर मुमकिन होगा।

    इस नई सेवा की सबसे बड़ी खासियत है समय की बचत। पहले की तुलना में अब यात्रियों को दिल्ली आने में काफी कम समय लगेगा। रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों को हर दिन घंटों की बचत होगी।

    किराये को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। सराय काले खां से बेगमपुल तक का टिकट कितना होगा, इसे अंतिम चरण में तय किया जा रहा है। माना जा रहा है कि हाई-स्पीड और आधुनिक रैपिड रेल सुविधा को ध्यान में रखते हुए किराया पारंपरिक ट्रेनों से अलग हो सकता है। फिलहाल यात्रियों को टिकट की कीमत जानने के लिए आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा।

    दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन सेवा न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि दिल्ली और मेरठ के बीच कनेक्टिविटी में भी नई गति लाएगी। यह उन यात्रियों के लिए वरदान साबित होगी, जो रोजाना काम, पढ़ाई या मेडिकल अपॉइंटमेंट्स के लिए राजधानी और मेरठ के बीच सफर करते हैं।

  • पीएम मोदी करेंगे इजरायल दौरा, एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल समेत कई हथियारों पर हो सकती है डील

    पीएम मोदी करेंगे इजरायल दौरा, एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल समेत कई हथियारों पर हो सकती है डील


    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25-26 फरवरी को दो दिन के इजरायल दौरे पर जा रहे हैं। इस दौरे का उद्देश्य भारत और इजरायल के बीच रक्षा और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करना है। दोनों देश मिलकर नई रक्षा तकनीक और सुरक्षा प्रणाली पर काम बढ़ाना चाहते हैं। दौरे में सुरक्षा सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) साइन होने की उम्मीद है। हालांकि, कोई बड़ा रक्षा सौदा इस दौरे में साइन नहीं होगा, क्योंकि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग पहले से ही जारी है। आने वाले वर्षों में यह सहयोग करीब 10 अरब डॉलर का माना जा रहा है।

    नई रक्षा तकनीक पर फोकस
    एक रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल भारत को नई रक्षा तकनीक देने के लिए तैयार है, जिसमें लेजर आधारित डिफेंस सिस्टम, लंबी दूरी की मिसाइलें और ड्रोन शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इस बार इजरायल ऐसी तकनीक भी साझा कर सकता है, जो उसने पहले नहीं दी थी। भारत और इजरायल मिलकर एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर काम कर सकते हैं। यह भारत के मिशन सुदर्शन का अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश को दुश्मन की लंबी दूरी की मिसाइलों से बचाना है। इजराइल के पास एरो, डेविड स्लिंग और आयरन डोम जैसे मजबूत रक्षा सिस्टम हैं।

    लंबी दूरी के हथियारों की खरीद
    भारत लंबी दूरी की मिसाइलें और ऐसे ड्रोन खरीदने पर भी विचार कर रहा है, जो दुश्मन की सीमा के अंदर तक मार कर सकें। भारत पहले भी रैंपेज मिसाइल और अन्य हथियारों का उपयोग कर चुका है। नौसेना भी अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए बराक मिसाइल सिस्टम के नए वर्जन को खरीदने पर विचार कर रही है।

    अन्य क्षेत्रों में सहयोग
    रक्षा के अलावा दोनों देश विज्ञान, खेती, साफ पानी और नई तकनीक जैसे क्वांटम कंप्यूटिंग पर भी बातचीत करेंगे। पीएम मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच अच्छे संबंध माने जाते हैं। दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ एक जैसी सोच रखते हैं और इस दौरे से दोनों देशों के बीच व्यापक सहयोग को और मजबूत करने की उम्मीद है।

  • US राजदूत बोले- जल्द होगी मोदी और ट्रंप की मीटिंग.. नहीं बताई निश्चित समय-सीमा

    US राजदूत बोले- जल्द होगी मोदी और ट्रंप की मीटिंग.. नहीं बताई निश्चित समय-सीमा


    नई दिल्ली।
    भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Indian Prime Minister Narendra Modi) और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) की मुलाकात कब होगी? इस सवाल पर अमेरिकी राजदूत (US Ambassador) ने जवाब दिया है। उन्होंने कहाकि यह मुलाकात जल्द होगी, हालांकि उन्होंने कोई निश्चित समय-सीमा नहीं बताई है। इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 (India AI Impact Summit 2026) में बोलते हुए सर्जियो गोर ने यह बात कही। उन्होंने कहाकि नजर बनाए रखिए। मुझे पूरी उम्मीद है कि सही वक्त आने पर दोनों की मीटिंग होगी। गौरतलब है कि दोनों राष्ट्रप्रमुखों की मुलाकात को एक साल हो चुका है। दोनों अंतिम बार अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में मिले थे।

    पिछले कुछ वक्त से भारत और अमेरिका के बीच थोड़ा तनाव भी था। इसकी वजह, अमेरिका द्वारा भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाना था। हालांकि दोनों देशों के बीच ट्रेड डील के बाद यह टैरिफ 18 फीसदी हो गया है। इस बीच भारत अमेरिका के नेतृत्व वाले रणनीतिक गठजोड़ ‘पैक्स सिलिका’ में शामिल हो गया है। इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए एक लचीली आपूर्ति श्रृंखला का निर्माण करना है। इस दौरान वहां उपस्थित लोगों में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव, आर्थिक मामलों के लिए अमेरिकी उप विदेश मंत्री जैकब हेलबर्ग और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर शामिल थे।

    इसको लेकर सर्जियो गोर ने अपनी टिप्पणी में कहाकि व्यापार समझौते से लेकर पैक्स सिलिका और रक्षा सहयोग तक, दोनों देशों की साथ काम करने की संभावनाएं वास्तव में असीमित हैं। अमेरिकी राजदूत ने कहा कि पैक्स सिलिका में भारत का प्रवेश केवल एक प्रतीकात्मक कदम नहीं है, बल्कि एक रणनीतिक कदम है जो द्विपक्षीय संबंधों की समग्र दिशा को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहाकि भारत ऐसा देश है जहां प्रतिभा का भंडार है, जो प्रतिद्वंद्वियों को चुनौती देने के लिए काफी है। भारत की इंजीनियरिंग क्षमता इस महत्वपूर्ण गठबंधन के लिए आवश्यक योग्यताएं प्रदान करती है। प्रतिभा के अलावा, भारत ने महत्वपूर्ण खनिज प्रसंस्करण क्षमता की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति की है और हम इसमें भी पूरी तरह से सहभागिता कर रहे हैं।

    गोर ने सुझाव दिया कि अमेरिका पैक्स सिलिका ढांचे के तहत भारत के साथ विश्वसनीय एआई प्रौद्योगिकियां साझा कर सकता है। अमेरिकी उप विदेश मंत्री हेलबर्ग ने गठबंधन में शामिल होने के भारत के फैसले की सराहना की और पैक्स सिलिका को आपूर्ति श्रृंखलाओं में दबाव की रणनीति और ब्लैकमेल के खिलाफ एक पहल बताया, जिसे चीन की ओर एक स्पष्ट इशारा माना जा रहा है। उन्होंने कहाकि हम देखते हैं कि हमारे मित्र और सहयोगी प्रतिदिन आर्थिक दबाव और ब्लैकमेल के खतरों का सामना कर रहे हैं। उन्हें अपनी संप्रभुता और अपनी समृद्धि के बीच चुनाव करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। हम खुद को एक ऐसी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जूझते हुए पाते हैं जो अत्यधिक केंद्रित है।

  • इंडिया-US ट्रेड डील पर अंतिम दौर में.. पीयूष गोयल बोले-मार्च में समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना

    इंडिया-US ट्रेड डील पर अंतिम दौर में.. पीयूष गोयल बोले-मार्च में समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना


    नई दिल्ली।
    वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने शुक्रवार को भारत-अमेरिका व्यापार समझौतों (India-America Trade Agreements) को लेकर कई अहम जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच एक ‘अंतरिम व्यापार समझौते’ पर इस साल मार्च में हस्ताक्षर होने की प्रबल संभावना है और इसे अप्रैल के महीने से पूरी तरह लागू (ऑपरेशनल) कर दिया जाएगा।


    भारत-अमेरिका व्यापार समझौता

    इस समझौते के कानूनी मसौदे (लीगल टेक्स्ट) को अंतिम रूप देने के लिए 23 फरवरी से अमेरिका में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच तीन दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक शुरू होने जा रही है। गौरतलब है कि इसी महीने की शुरुआत में दोनों देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर यह स्पष्ट कर दिया था कि इस अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पहले ही तय कर ली गई है।

    समझौते की प्रमुख शर्तों में कहा गया है कि भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं एवं अमेरिकी खाद्य व कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर शुल्क समाप्त करेगा या घटाएगा। इनमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स, रेड सोरघम, ट्री नट्स, ताजे और प्रसंस्कृत फल, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स सहित अन्य उत्पाद शामिल हैं। साथ ही भारत ने अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदने तथा ऊर्जा, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला और अन्य क्षेत्रों में 500 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के अमेरिकी उत्पाद खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है।

    ‘समृद्ध भविष्य की राह’ शीर्षक वाले खंड में कहा गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी जनता के हितों को आगे बढ़ाते हुए अमेरिकी निर्यातकों के लिए बाजार पहुंच बढ़ा रहे हैं। साथ ही आर्थिक एवं राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए शुल्क एवं गैर-शुल्क बाधाओं को कम कर रहे हैं। इसमें कहा गया- भारत ने दुनिया की किसी भी प्रमुख अर्थव्यवस्था की तुलना में अमेरिका पर सबसे अधिक शुल्क बनाए रखे हैं, जहां कृषि उत्पादों पर औसतन 37 प्रतिशत तक और कुछ वाहनों पर 100 प्रतिशत से अधिक शुल्क है। भारत का इतिहास अत्यधिक संरक्षणवादी गैर-शुल्क बाधाएं लगाने का भी रहा है जिनके कारण अमेरिका के कई निर्यात भारत में प्रतिबंधित रहे हैं।’ दस्तावेज के अनुसार- आने वाले हफ्तों में अमेरिका और भारत इस ढांचे को शीघ्र लागू करेंगे और अमेरिकी श्रमिकों तथा कारोबार के लिए लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पारस्परिक रूप से लाभकारी बीटीए को अंतिम रूप देने की दिशा में अंतरिम समझौते पर काम करेंगे।’

    ब्रिटेन और ओमान के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA): केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने यह भी जानकारी दी कि केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि ब्रिटेन (UK) और ओमान के साथ भी भारत के बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) अप्रैल महीने में लागू होने की पूरी उम्मीद है। न्यूजीलैंड के साथ समझौता: इसके अलावा, भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले व्यापार समझौते के भी इसी साल सितंबर महीने तक लागू होने की संभावना जताई गई है। इन सभी व्यापारिक समझौतों के लागू होने से भारत के अंतरराष्ट्रीय व्यापार को एक नई गति मिलने और निर्यात के क्षेत्र में बड़े अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

  • पैक्स सिलिका गठबंधन में शामिल हुआ भारत..अमेरिका से नजदीकी बढ़ा सकती है चीन की टेंशन

    पैक्स सिलिका गठबंधन में शामिल हुआ भारत..अमेरिका से नजदीकी बढ़ा सकती है चीन की टेंशन


    नई दिल्ली।
    नई दिल्ली (New Delhi) में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट (AI Impact Summit) में शुक्रवार को भारत (India) ने ‘पैक्स सिलिका’ (Pax Silica) गठबंधन में औपचारिक रूप से शामिल होने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके साथ ही अमेरिका (America) के इस महत्वपूर्ण रणनीतिक गठबंधन में सदस्य देशों की संख्या अब 10 हो गई है। जानकारों का कहना है कि ‘क्वाड’ के बाद यह नया गठबंधन चीन (China) की चिंताएं बढ़ा सकता है, क्योंकि अब तक उसका इस क्षेत्र में प्रभुत्व रहा है।


    पैक्स सिलिका गठबंधन क्या है?

    पैक्स सिलिका सहयोगी देशों के बीच एआई और सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए प्रमुख गठजोड़ है। इसकी शुरुआत पिछले साल 12 दिसंबर को वॉशिंगटन में एक सम्मेलन के दौरान हुई थी। यह समझौता सहयोगी देशों के बीच आर्थिक सुरक्षा सहमति को आगे बढ़ाता है। यहां पैक्स शब्द का अर्थ है- शांति, स्थिरता और समृद्धि। अमेरिका में आर्थिक मामलों के अवर सचिव जैकब हेल्बर्ग ने कहा कि 20वीं सदी में दुनिया तेल और स्टील से चलती थी। लेकिन 21वीं सदी में दुनिया कंप्यूटर से चलती है, और उस कंप्यूटर को बनाने के लिए लिथियम और कोबाल्ट जैसे खनिज जरूरी हैं। पैक्स सिलिका का मकसद भरोसेमंद देशों के साथ एक साझा योजना बनाना है, ताकि वे भविष्य की एआई और तकनीक तैयार कर सकें। इसमें ऊर्जा, जरूरी खनिज, हाईटेक फैक्ट्री और एआई मॉडल, सब शामिल हैं।


    क्या है साझा घोषणा?

    पैक्स सिलिका की घोषणा में कहा गया है कि हम साझा समृद्धि, तकनीकी प्रगति और आर्थिक सुरक्षा के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हैं। हम मानते हैं कि भरोसेमंद सप्लाई चेन और सुरक्षित एआई सिस्टम भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी हैं। एआई की तेज प्रगति वैश्विक अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन को बदल रही है और इससे ऊर्जा, जरूरी खनिज, मैन्युफैक्चरिंग, हार्डवेयर, इंफ्रास्ट्रक्चर और नए बाजारों में बड़े अवसर बनेंगे।


    पैक्स सिलिका में शामिल देश

    इस समझौते पर भारत से पहले हस्ताक्षर करने वाले देश में ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, इजरायल, जापान, कतर, साउथ कोरिया, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और यूके शामिल हैं। हस्ताक्षर किए बना जुड़े देशों में कनाडा, यूरोपीयन संघ, नीदरलैंड, आर्थिक सहयोगिता और विकास के लिए संगठन (ओईसीडी) और ताइवान शामिल हैं।


    पैक्स सिलिका का मकसद

    पैक्स सिलिका का सबसे बड़ा मकसद किसी एक देश पर पूरी तरह से निर्भरता को कम करना है। इसका मतलब है कि देश किसी एक देश पर सामग्री, तकनीक या उत्पादों के लिए जरूरत से ज्यादा निर्भर न रहें, ताकि वैश्विक व्यापार में उन पर दबाव या उनका शोषण न किया जा सके। बिना नाम लिए यह गठजोड़ चीन की चुनौती को काउंटर करने की कोशिश है और खास तौर से रेयर अर्थ मेटल्स के सप्लाई चेन को सुरक्षित करने की बड़ी दीर्घकालिक योजना है।


    60-70 फीसदी चीन का प्रभुत्व

    दुर्लभ खनिज धरती के अंदर पाए जाने वाले 17 दुर्लभ धातु हैं। आज के तकनीक के जमाने में दुर्लभ खनिज ऐसा फैक्टर है जिससे नियंत्रण अपने हाथों में बनाए रखा जा सकता है। हथियारों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, गाड़ी बनाने से लेकर एयरोस्पेस बनाने तक, सेमीकंडक्टर और उपभोक्ता वस्तुओं के निर्माण में हर जगह रेयर अर्थ के कंपोनेंट अहम हैं। अभी चीन रेयर अर्थ मिनरल्स की वैश्विक आपूर्ति पर हावी है। दुनिया में रेयर अर्थ मिनरल्स के खनन का 60-70 प्रतिशत हिस्सा चीन का है।

  • Toll Tax: इस तारीख से नेशनल हाईवे पर नकद टोल बंद करने की तैयारी, फास्टैग-यूपीआई होंगे अनिवार्य

    Toll Tax: इस तारीख से नेशनल हाईवे पर नकद टोल बंद करने की तैयारी, फास्टैग-यूपीआई होंगे अनिवार्य

    नई दिल्ली । देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वालों के लिए बड़ा बदलाव आने वाला है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) 1 अप्रैल 2026 से सभी टोल प्लाजा पर नकद भुगतान बंद करने पर विचार कर रहा है। अगर यह फैसला लागू होता है, तो टोल शुल्क केवल डिजिटल माध्यमों जैसे FASTag और UPI के जरिए ही लिया जाएगा।

    फास्टैग का बढ़ता प्रयोग
    एनएचएआई के आधिकारिक बयान के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में फास्टैग का उपयोग 98 प्रतिशत से अधिक हो चुका है।

    इससे टोल वसूली के तरीके में व्यापक बदलाव आया है और अधिकांश टोल लेनदेन अब RFID-सक्षम फास्टैग के जरिए इलेक्ट्रॉनिक रूप से हो रहे हैं। इससे संपर्क रहित और तेज आवागमन संभव हो गया है। इसके अलावा, देशभर के टोल प्लाजा पर UPI भुगतान सुविधा भी शुरू हो चुकी है, जो त्वरित और सुलभ विकल्प प्रदान करती है।

    नकद भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क
    राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियमों के मुताबिक, वैध और सक्रिय फास्टैग के बिना टोल प्लाजा में प्रवेश करने वाले वाहनों से नकद भुगतान करने पर दोगुना शुल्क लिया जाता है। वहीं UPI के माध्यम से भुगतान करने पर निर्धारित उपयोगकर्ता शुल्क का 1.25 गुना शुल्क देना होता है।

    एनएचएआई ने बताया कि नकद भुगतान के कारण व्यस्त समय में लंबी कतारें लगती हैं, प्रतीक्षा अवधि बढ़ती है और लेनदेन विवाद भी उत्पन्न होते हैं।

    डिजिटल टोलिंग से बेहतर संचालन
    देशभर के 1150 से अधिक टोल केंद्रों पर पूर्ण डिजिटल भुगतान प्रणाली लागू होने से परिचालन दक्षता, यातायात प्रबंधन और समय की बचत में सुधार की उम्मीद है। यह पहल एनएचएआई के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है, जिसके तहत प्रौद्योगिकी आधारित, उच्च दक्षता वाला और उपयोगकर्ता-अनुकूल राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क विकसित किया जा रहा है, ताकि देशभर में आवागमन और अधिक सुगम और निर्बाध बनाया जा सके।

  • प्रियंका चतुर्वेदी फिर जाएंगी राज्यसभा? उद्धव गुट की सांसद ने खुद बोलीं, 'मैं उसे लेकर कोई…'

    प्रियंका चतुर्वेदी फिर जाएंगी राज्यसभा? उद्धव गुट की सांसद ने खुद बोलीं, 'मैं उसे लेकर कोई…'


    नई दिल्‍ली। महाराष्ट्र में राज्यसभा की 7 सीटों पर चुनाव को लेकर सियासी गहमागहमी तेज हो गई है. उद्धव गुट की नेता प्रियंका चतुर्वेदी का राज्यसभा का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है. राज्यसभा में फिर से जाने के सवाल पर प्रियंका चतुर्वेदी ने इसे लेकर खुद स्थिति स्पष्ट की है. उन्होंने कहा कि जनता से मुझे भरपूर समर्थन मिला है. भविष्य में क्या होगा मैं उसे लेकर कोई कयास नहीं लगाना चाहती हूं लेकिन देश और जनता के हित में काम करती रहूंगी.

    पिछले 6 सालों में मैंने जनता के मुद्दों का उठाया- प्रियंका चतुर्वेदी

    शिवसेना UBT सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने मीडिया से बातचीत में कहा मैं बस इतना कहना चाहूंगी कि जनता ने मुझ पर जो विश्वास जताया है मुझे भरपूर समर्थन मिला है. पिछले छह वर्षों में मैंने कड़ी मेहनत की है जनता के मुद्दों को उठाया है. मेरी पार्टी ने मुझे इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है जिसके लिए मैं हमेशा आभारी रहूंगी.”

    मैं हमेशा लोगों का शुक्रगुजार रहूंगी- प्रियंका चतुर्वेदी

    उन्होंने आगे कहा एक महिला जिनका राजनीति से कोई लेना देना नहीं था उनको राज्यसभा में आने का मौका मिला मैं इसके लिए हमेशा आभारी और शुक्रगुजार रहूंगी. आने वाले समय में क्या होगा क्या नहीं होगा मैं उसे लेकर कोई अनुमान नहीं लगाना चाहती हूं लेकिन ये जरूर कहूंगी कि देश और जनता के हित में काम करना जारी रखूंगी.”

    MVA से कौन जाएगा राज्यसभा?

    उद्धव ठाकरे की पार्टी एमवीए का हिस्सा है. विधायकों के आंकड़ों के हिसाब से MVA से एक ही सांसद राज्यसभा जा सकता है. वो नेता कौन होगा इसको लेकर अभी इस गठबंधन में तस्वीर साफ नहीं है.

    महाविकास आघाड़ी का गणित
    कांग्रेस 16 + राष्ट्रवादी शरद पवार गुट 10 + शिवसेना ठाकरे गुट 20 = 46
    छोटे सहयोगी दल सपा 2 + माकपा 1 = 3
    कुल = 49 विधायक
    49 ÷ 37 = 1.32
    अर्थात MVA का 1 सांसद निश्चित
    राज्यसभा को लेकर चुनावी कार्यक्रम
    बता दें कि 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होगा. नामांकन की अंतिम तारीख 5 मार्च है. वहीं 6 मार्च को नामांकन पत्र की जांच होगी. जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 9 मार्च है. 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोटिंग होगी जबकि शाम पांच बजे से मतगणना होगी.

  • एकनाथ शिंदे से मुलाकात को लेकर महाराष्ट्र की सियासत में हलचल, राज ठाकरे बोले- मैं कल CM से मिल सकता हूं

    एकनाथ शिंदे से मुलाकात को लेकर महाराष्ट्र की सियासत में हलचल, राज ठाकरे बोले- मैं कल CM से मिल सकता हूं


    नई दिल्‍ली ।  राज ठाकरे ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से अपनी हालिया मुलाकात को लेकर उठे राजनीतिक कयासों पर साफ प्रतिक्रिया दी है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकरे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दो नेताओं की हर मुलाकात को राजनीतिक चश्मे से देखना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा चुनाव खत्म हो चुके हैं। यदि राज्य के हित में सकारात्मक काम करने हैं, तो क्या हमें एक-दूसरे से नहीं मिलना चाहिए? मैं कल मुख्यमंत्री से भी मिल सकता हूं। महाराष्ट्र के कई अहम मुद्दे हैं, उन्हीं पर चर्चा के लिए उनसे मिलूंगा। अगर आप वहां होते, तो आपसे भी यही बात करता।

    उन्‍होंने विकास की परिभाषा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सिर्फ सड़कें बनाना ही डेवलपमेंट नहीं है। उन्‍होंने कहा कि शहरों की हालत ऐसी हो गई है मानो उन पर सूजन आ गई हो, जगह वही है, सड़कें वही हैं, लेकिन आबादी और वाहनों की संख्या बेतहाशा बढ़ चुकी है। उन्होंने खास तौर पर पार्किंग की अव्यवस्था को गंभीर समस्या बताया। इमारतों में पार्किंग की जगह होने के बावजूद गाड़ियां सड़कों पर खड़ी कर दी जाती हैं, जिससे यातायात और भी बदहाल होता है।

    राज ठाकरे ने शहरी अव्यवस्था पर उठाए सवाल

    राज ठाकरे ने शहरी भीड़ और अव्यवस्था को लेकर कड़ी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि शहरों में जो लोग रोजगार या अन्य कारणों से आते हैं, वे वापस नहीं लौटते, जिससे बुनियादी ढांचे पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। इस मुद्दे पर उन्होंने प्रशासनिक अधिकारी भूषण गगरानी से भी फोन पर चर्चा करने की बात कही।

    मनसे प्रमुख ने ओला-उबर जैसी कैब सेवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पार्किंग और यातायात नियमों को लेकर अनुशासन की कमी साफ दिखती है। उन्‍होंने कहा जब तक नियम तोड़ने वालों से सख्ती से जुर्माना नहीं वसूला जाएगा, तब तक शहरों में व्यवस्था बहाल नहीं हो सकती। उन्होंने व्यवस्था पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं मानो बाड़ ही खेत को खा रही हो। उन्‍होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों द्वारा कागजात और अनुमति दी जाती है, उन पर जवाबदेही कब तय होगी?

    आगे उन्होंने कहा कि क्या राज्य को यह तय नहीं करना चाहिए कि किसी शहर की क्षमता कितनी है और वहां कितनी आबादी रह सकती है? उन्‍होंने कहा कि अनियंत्रित शहरीकरण से शहरों की स्थिति बिगड़ती जा रही है। एक नागरिक और विपक्षी नेता होने के नाते इन मुद्दों पर बोलना उनकी जिम्मेदारी है। राज ठाकरे ने यह भी कहा कि पहले चुनाव के बाद नेता आपसी मतभेद भुलाकर संवाद करते थे, लेकिन अब राजनीतिक दूरी बढ़ती जा रही है। उन्‍होंने कहा कि केवल अलग-थलग रहकर समस्याओं का समाधान नहीं निकलेगा, संवाद और समन्वय जरूरी है।

  • बिहार में बिना लाइसेंस और परमिशन के नहीं बजेंगे DJ, 15 दिन के अंदर होगा एक्शन

    बिहार में बिना लाइसेंस और परमिशन के नहीं बजेंगे DJ, 15 दिन के अंदर होगा एक्शन


    नई दिल्ली । बिहार में अब बिना लाइसेंस और बिना परमिशन के डीजे बजाने को लेकर सरकार सख्त नजर आ रही है. राज्य में अब बिना इजाजत और लाइसेंस के बिना कोई भी डीजे नहीं बजा पाएगा. इसके लिए सरकार तैयारियों में जुट गई है. साथ ही प्रशासन को भी सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं.

    प्रदेश में 15 दिनों के अंदर अब डीजे बजाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. विधान परिषद में निर्दलीय एमएलसी वंशीधर व्रजवासी ने डीजे के मुद्दे को उठाया है. जिस पर बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही.

    निर्दलीय एमएलसी ने उठाया मुद्दा

    विधान परिषद निर्दलीय एमएलसी वंशीधर व्रजवासी ने परिषद की कार्यवाही के दौरान सवाल उठाया कि शादी, जुलूसों में बजने वाले तेज डीजे से लोगों को दिल का दौरा पड़ रहा है. बिना नंबर प्लेट की गाड़ियों पर अवैध रूप से डीजे बजाया जाता है.

    उन्होंने आगे कहा कि कई लोग गाड़ियों को बिना परमिशन के डीजे वाले वाहन में तब्दील कर देते हैं. सरकार इस पर ध्यान दे और कार्रवाई करे. उन्होंने गुरुवार 19 फरवरी को ध्वनि प्रदूषण और डीजे से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं का मुद्दा उठाया.

    परिवहन मंत्री ने एमएलसी के सवाल पर किया ऐलान

    परिवहन मंत्री एवं जदयू विधायक श्रवण कुमार ने उनके सवाल पर बड़ा ऐलान किया. मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि अगले 15 दिनों के भीतर पूरे बिहार में बिना अनुमति और बिना लाइसेंस के डीजे बजाने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी. उन्होंने आगे यह कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाली डीजे गाड़ियों को सीधे जब्त किया जाएगा. बाद में यह मत कहिएगा कि शादी-ब्याह का मौका है, इसलिए डीजे बजाने दीजिए.

    उन्होंने कहा कि उत्सव के नाम पर आम जनता की सेहत और शांति से खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी. बता दें बिना परमिशन चलने वाले डीजे संचालकों पर नकेल कसने की तैयारी सरकार कर रही है. साउंड लिमिट और लाइसेंसिंग को अनिवार्य बनाया जाएगा.

  • नोएडा: गड्ढे में गिरकर इंजीनियर की मौत का मामला, बिल्डर निर्मल सिंह को अग्रिम जमानत

    नोएडा: गड्ढे में गिरकर इंजीनियर की मौत का मामला, बिल्डर निर्मल सिंह को अग्रिम जमानत


    नई दिल्ली । नोएडा में इंजीनियर युवराज की मौत का मामला नोएडा सेक्टर-150 स्थित टी प्वाइंट के पास पानी से भरे गड्ढे में कार सहित गिरने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में सत्र अदालत ने बिल्डर निर्मल सिंह को अग्रिम जमानत दे दी है. जिला एवं सत्र न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव की अदालत ने विस्तृत सुनवाई के बाद पाया कि प्रथम दृष्टया आरोपी की प्रत्यक्ष या सचेत भूमिका स्थापित करने वाला ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं है और उसकी कस्टोडियल पूछताछ आवश्यक प्रतीत नहीं होती. हालांकि अदालत ने कहा कि वह बिना न्यायालय की अनुमति के देश नहीं छोड़ेंगे और जांच में सहयोग करेंगे.

    बचाव पक्ष की दलील

    आरोपी के अधिवक्ता एवं जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी बोड़ाकी व सचिव शोभाराम चंदीला ने अदालत में दलील दी कि आरोपी एक प्रतिष्ठित व्यवसायी और डेवलपर हैं. FIR में उनका नाम स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है और न ही किसी प्रत्यक्ष कृत्य का उल्लेख है. वह संबंधित कंपनी के निदेशक या की-मैनेजरियल पर्सन नहीं रहे हैं. कंपनी के शेयरों का बड़ा हिस्सा पहले ही अन्य कंपनी को हस्तांतरित किया जा चुका था. निर्माण स्थल पर दो वर्ष से अधिक समय से नोएडा प्राधिकरण द्वारा रोक लगी हुई थी.

    अदालत ने क्या पाया

    सत्र अदालत ने पाया कि रिकॉर्ड से प्रथम दृष्टया यह स्थापित नहीं होता कि आरोपी का विवादित भूमि पर प्रत्यक्ष या परोक्ष नियंत्रण था. आरोपी के विरुद्ध किसी आपत्तिजनक वस्तु की बरामदगी प्रस्तावित नहीं है. संबंधित दस्तावेज प्राधिकरण या जांच एजेंसी के पास उपलब्ध हैं, जिनके लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी नहीं.

    प्राधिकरण द्वारा लगी थी रोक

    घटना से पूर्व नोएडा प्राधिकरण द्वारा निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाई गई थी. अदालत ने कहा कि कॉर्पोरेट संरचना, लीज, सब-लीज, शेयर ट्रांसफर और MOU जैसे लेन-देन के मामलों में केवल स्वामित्व संबंध के आधार पर आपराधिक दायित्व नहीं थोपा जा सकता. अभियोजन पक्ष ने कहा कि आरोपी कंपनी के प्रमोटर हैं और इस नाते जिम्मेदार हैं. लेकिन अदालत ने कहा कि प्रमोटर शब्द की स्पष्ट कानूनी परिभाषा और दायित्व का निर्धारण रिकॉर्ड पर उपलब्ध दस्तावेजों से स्थापित नहीं होता.

    जलभराव की समस्या

    अदालत ने यह भी नोट किया कि जलभराव की समस्या को लेकर विजटाउन प्लानर्स द्वारा 2022 में आवेदन दिया गया था और सिंचाई विभाग द्वारा 2023 में जलनिकासी के लिए प्रस्ताव रखा गया था. नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में 18 जनवरी 2021 को संबंधित भूखंड पर निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई थी, जो जनवरी 2026 में हटाई गई. जब निर्माण और विकास कार्य पर वैधानिक रोक लागू थी, तब जलनिकासी या अन्य निर्माणात्मक हस्तक्षेप सीमित हो सकते थे.

    ऐसे में यह निष्कर्ष निकालना कि आरोपी ने जानबूझकर पानी जमा रहने दिया, इस स्तर पर उचित नहीं है. तथ्यों, आरोपों की प्रकृति, प्रथम दृष्टया भूमिका के अभाव और कस्टोडियल पूछताछ की आवश्यकता न होने को देखते हुए अदालत ने निर्मल सिंह की अग्रिम जमानत अर्जी मंजूर कर ली.