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  • ओवैसी के बयान पर कांग्रेस के मसूद बोले- नामुमकिन हैं….

    ओवैसी के बयान पर कांग्रेस के मसूद बोले- नामुमकिन हैं….


    नई दिल्ली
    । कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने शनिवार को एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक दिन हिजाब पहनने वाली लड़की प्रधानमंत्री बनेगी। ओवैसी के इस बयान को मसूद ने दिन में तारे देखने जैसी बात बताई है। ओवैसी ने महाराष्ट्र की एक रैली में यह बयान दिया था, जिसके बाद भाजपा, कांग्रेस से लेकर तमाम दलों के नेताओं ने रिएक्ट किया।
    न्यूज एजेंसी से बात करते हुए यूपी के सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, “वह ऐसी बातें कर रहे हैं जो नामुमकिन हैं, यह दिन में तारे देखने जैसा है। वह ऐसी बात क्यों कर रहे हैं जो मुमकिन ही नहीं है? लोकतंत्र में सभी को अधिकार हैं। हिजाब पहनना या न पहनना एक निजी मामला है।”

    इससे पहले, ओवैसी ने कहा था कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी भारत की प्रधानमंत्री बनेगी, जो भारतीय संविधान की समावेशिता को दिखाता है।

    शुक्रवार को महाराष्ट्र के सोलापुर में एक चुनावी सभा में बोलते हुए, ओवैसी ने तर्क दिया कि पाकिस्तान के संविधान में ऐसी समावेशिता नहीं है, जो दूसरे धर्मों के लोगों को बड़े पदों पर बैठने से रोकता है।

    उन्होंने कहा, “पाकिस्तान का संविधान साफ ​​तौर पर कहता है कि सिर्फ एक धर्म का व्यक्ति ही देश का प्रधानमंत्री बन सकता है। बाबा साहब का संविधान कहता है कि भारत का कोई भी नागरिक प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मेयर बन सकता है। मेरा सपना है कि एक दिन ऐसा आएगा जब हिजाब पहनने वाली बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बनेगी।”

    भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ओवैसी की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें एआईएमआईएम का अध्यक्ष किसी ‘पसमांदा’ मुस्लिम या हिजाब पहनने वाली महिला को बनाने की चुनौती दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, “मियां ओवैसी कहते हैं कि हिजाब वाली पीएम बनेगी।

    मियां ओवैसी – संविधान किसी को नहीं रोकता, लेकिन मैं आपको चैलेंज करता हूं कि पहले आप किसी पसमांदा या हिजाब वाली को अपनी एआईएमआईएम का प्रेसिडेंट बनाकर दिखाएं।”

    इस बीच, शिवसेना की प्रवक्ता शायना एनसी ने इस बात पर जोर दिया कि लीडरशिप परफॉर्मेंस और लोगों के समर्थन पर आधारित होनी चाहिए, न कि जाति, धर्म या समुदाय पर। उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में योग्यता के आधार पर एक महिला प्रधानमंत्री का समर्थन किया जा सकता है। शायना ने कहा, “असदुद्दीन ओवैसी, प्रधानमंत्री पद के लिए कोई जगह खाली नहीं है। नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता सभी जानते हैं। पहले अपने सांसदों को चुनाव जितवाइए, फिर प्रधानमंत्री बनने का सपना देखिए। हां, किसी समय हम भी एक महिला प्रधानमंत्री चाहेंगे, लेकिन उनकी जाति, धर्म या समुदाय के आधार पर नहीं, बल्कि उनके अच्छे काम और भारत के लोगों के लोकप्रिय समर्थन के आधार पर।”

  • 26/11 हमले के मास्टरमाइंड राणा के पसंदीदा वकील कौन-कौन? जानिए पूरी लिस्‍ट

    26/11 हमले के मास्टरमाइंड राणा के पसंदीदा वकील कौन-कौन? जानिए पूरी लिस्‍ट


    मुंबई। मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा ने पैरवी के लिए अपनी पसंद के वकीलों के नाम की सूची अदालत को सौंप दी है। यह लिस्ट पटियाला हाउस स्थित विशेष एनआईए अदालत में पेश की गई। विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा की अदालत ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को निर्देश दिया है कि वह सूची में शामिल वकीलों से संपर्क कर यह पता लगाए कि उनमें से कौन राणा की ओर से पेश होने के लिए सहमत है और उनकी लिखित सहमति प्राप्त करें।
    राणा ने दिल्ली और राजधानी के बाहर के करीब 10 वकीलों के नाम सूची में दिए हैं।

    सुनवाई के दौरान तहव्वुर राणा ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह अपनी पसंद का वकील नियुक्त करना चाहता है। अदालत ने एनआईए को आवश्यक निर्देश जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई 12 मार्च को तय की है, ताकि वकीलों की सहमति से अदालत को अवगत कराया जा सके। इससे पहले, अदालत ने राणा को अपने परिवार से वकील की नियुक्ति को लेकर बातचीत के लिए कॉल सुविधा देने की इजाजत दी थी। फिलहाल राणा को लीगल एड काउंसिल के तौर पर अधिवक्ता पीयूष सचदेवा उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन राणा ने अपनी पसंद के वकील रखने की इच्छा जताई थी।
    आतंकी हमले में राणा के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल

    इसके बाद, पीयूष सचदेवा को मामले से मुक्त कर दिया गया है। राणा फिलहाल न्यायिक हिरासत में है और उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए से अदालत में पेश किया गया। पेशी के दौरान उसने अधिवक्ता एमएस खान का नाम विशेष रूप से अपनी पसंद के वकीलों में शामिल बताया। एनआईए ने आतंकी हमले के मामले में राणा के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर रखा है। मुख्य आरोपपत्र दिसंबर 2011 में दाखिल किया गया था, जबकि जुलाई 2025 में एक पूरक आरोपपत्र पेश किया गया था।

  • लाश के टुकड़े करके ड्रम में छिपाने की एक और घटना, दम्‍पत्ति गिरफ्तार

    लाश के टुकड़े करके ड्रम में छिपाने की एक और घटना, दम्‍पत्ति गिरफ्तार

    लुधियाना। पंजाब के लुधियाना में पुलिस ने 35 वर्षीय व्यक्ति की निर्मम हत्या के आरोप में पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव जालंधर बाईपास के पास एक सुनसान जगह से बरामद किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि मृतक की पहचान दविंदर के रूप में हुई है, जो मुंबई में प्रिंटिंग और ग्राफिक डिजाइन की दुकान में काम करता था। वह मुंबई से कुछ ही दिन पहले लौटा था और अपने घर पर करीब 15 मिनट ठहरने के बाद बाहर चला गया, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा।
    अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (DSP) समीर वर्मा के अनुसार, मुख्य आरोपी शमशेर, दविंदर का मित्र था और उन्होंने बुधवार को साथ में नशीले पदार्थों का सेवन किया था। उन्होंने बताया कि दोनों के बीच किसी बात को लेकर कथित तौर पर बहस हुई। उन्होंने बताया कि बहस के बाद शमशेर ने मौके पर मौजूद धारदार हथियार से दविंदर पर कथित रूप से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। शमशेर बढ़ई का काम करता है।
    अपराध को छिपाने के प्रयास में शमशेर और उसकी पत्नी ने शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए, अवशेषों को बोरी में भरा और उन्हें अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने लगा दिया।
    ड्रम के अंदर मिले शव के टुकड़े

    पुलिस ने बताया कि व्यक्ति का शव कई टुकड़ों में कटा हुआ मिला, जिसके कुछ अवशेष गुरुवार को सलेम तबरी क्षेत्र में एक ड्रम के अंदर पाए गए। शव का एक अंग, ड्रम से करीब एक किलोमीटर दूर मिला था और ये सड़ना शुरू हो गया था। अधिकारी ने बताया कि अपराध के बाद इसके उजागर होने के कथित तौर पर डर के कारण उसकी पत्नी भी शव को ठिकाने लगाने में शामिल हो गई। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।

  • J&K: अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन से गिराई गई हथियारों की खेप, पिस्तौल, कारतूस और ग्रेनेड बरामद

    J&K: अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन से गिराई गई हथियारों की खेप, पिस्तौल, कारतूस और ग्रेनेड बरामद


    श्रीनगर।
    जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के सांबा जिले (Samba district) में अंतरराष्ट्रीय सीमा (International Border) के पास पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन के जरिए गिराई गई हथियारों की खेप बरामद की गई है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2 पिस्तौल, 3 मैगजीन, 16 कारतूस और एक ग्रेनेड सहित अन्य सामान बरामद किया गया है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह (Republic Day celebrations) को बाधित करने के आतंकवादियों के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

    अधिकारियों ने बताया कि सीमा पार से ड्रोन की संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने के बाद सीमा सुरक्षा बल (BSF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (SOG) की एक संयुक्त टीम ने शुक्रवार देर रात घगवाल क्षेत्र के पलोरा गांव में तलाश अभियान शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार, तलाशी दल को एक नाले के किनारे पीले रंग की टेप में लिपटा पैकेट मिला, जिसे बम निरोधक दस्ते की मदद से खोला गया। उन्होंने बताया कि पैकेट से हथियार बरामद किए गए। अधिकारियों ने बताया कि अंतिम सूचना मिलने तक तलाश अभियान जारी था।


    ढलान से गिरने से सेना के 2 कुलियों की मौत

    दूसरी ओर, उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के गुलमर्ग सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास ढलान से फिसलकर गिरने से सेना के 2 नागरिक कुलियों की मौत हो गई और उनके शवों को बरामद किया गया। अधिकारियों ने कहा दोनों कुलियों की पहचान लियाकत अहमद दीदार और इशाक अहमद खटाना के रूप में हुई है। दोनों बारामूला के चंदूसा के रहने वाले थे। दोनों कुली गुरुवार दोपहर एक अग्रिम क्षेत्र से फिसलकर एक नाले में गिर गए थे। घटना के तुरंत बाद श्रीनगर स्थित 15 कोर के नियंत्रण में आने वाले गुलमर्ग सेक्टर में बचाव अभियान शुरू किया गया। खोज अभियान को जम्मू क्षेत्र के पुंछ सेक्टर तक बढ़ाया गया क्योंकि यह दुर्घटनास्थल के निकट है। नियंत्रण रेखा का पुंछ क्षेत्र सेना की नगरोटा स्थित व्हाइट नाइट (16) कोर के अधिकार क्षेत्र में आता है।

  • HIV की चपेट में देश का यह राज्य… प्रसार दर 2.75 प्रतिशत, राष्ट्रीय औसत से कई गुना अधिक

    HIV की चपेट में देश का यह राज्य… प्रसार दर 2.75 प्रतिशत, राष्ट्रीय औसत से कई गुना अधिक


    नई दिल्ली।
    मिजोरम (Mizoram) में निवारक उपायों (Preventive measures) में सुधार के बावजूद वयस्कों में HIV प्रसार दर देश में सबसे अधिक 2.75 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत 0.20 प्रतिशत से काफी ज्यादा है। मिजोरम राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी (Mizoram State AIDS Control Society) की परियोजना निदेशक डॉ. जेन आर राल्टे ने कहा कि राज्य में 2018 से एचआईवी संक्रमण के नए मामलों (New cases of HIV infection) में गिरावट दर्ज की जा रही है। उन्होंने बताया कि मिजोरम राष्ट्रीय एचआईवी रोकथाम रैंकिंग में वर्ष 2025-26 में दो पायदान चढ़कर तीसरे स्थान पर आ गया है जबकि 2024-25 में यह पांचवें स्थान पर था।

    राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन के अनुसार, एड्स निवारक उपायों और इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों के मामले में मिजोरम ने अभूतपूर्व प्रगति की है। नए एचआईवी संक्रमण के मामलों में साल 2018 से लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘इस सकारात्मक रुझान के बावजूद, मिजोरम अब भी देश में सबसे अधिक वयस्क एचआईवी प्रसार दर (2.75 प्रतिशत) वाला राज्य बना हुआ है, जो 0.20 प्रतिशत के राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है।’ राल्टे ने बताया कि अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 के बीच 1.4 लाख से अधिक रक्त नमूनों का परीक्षण किया गया, जिनमें से कम से कम 3,257 में एचआईवी संक्रमण की पुष्टि हुई। इन संक्रमित व्यक्तियों में 179 गर्भवती महिलाओं समेत 953 महिलाएं शामिल थीं।


    अब तक कुल 33,781 मामले सामने आए

    डॉ. राल्टे ने बताया कि एचआईवी के सर्वाधिक मामले 25-34 वर्ष के आयु वर्ग में पाए गए हैं। मिजोरम में एचआईवी का पहला मामला अक्टूबर 1990 में सामने आया था और अब तक कुल 33,781 मामले सामने आ चुके हैं। एमएसएसीएस के एक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल राज्य में लगभग 26,321 लोग HIV से संक्रमित हैं। राल्टे ने यह जानकारी भी दी कि अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 के बीच सामने आए 3,257 नए एचआईवी मामलों में से 70.4 प्रतिशत में संक्रमण का कारण यौन संबंध था। उन्होंने बताया कि इसके अलावा मादक पदार्थों का सेवन करने और विभिन्न लोगों द्वारा एक ही सुई से इंजेक्शन लगाने के कारण 27.3 प्रतिशत, माता-पिता से बच्चों में संक्रमण फैलने के 1.8 प्रतिशत, और अज्ञात कारणों से संक्रमण फैलने के 0.8 प्रतिशत मामले सामने आए।


    HIV संक्रमण की उच्च दर को करो नियंत्रित

    स्वास्थ्य मंत्री लालरिनपुई ने कहा कि राज्य सरकार HIV संक्रमण की उच्च दर को नियंत्रित करने के लिए कई ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि मिजोरम में 14 एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां फिलहाल 18,355 संक्रमित मरीजों को मुफ्त उपचार किया जा रहा है। मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार अब गिरजाघरों के साथ मिलकर विवाह से पहले एचआईवी का परीक्षण कराने के लिए जागरूकता फैलाने पर विचार कर रही है ताकि लोग अपनी सेहत को लेकर अधिक सतर्क और जिम्मेदार बनें।

  • सोमनाथ में 'शौर्य यात्रा' से पहले गूंजे वैदिक मंत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर रहे कलाकारों में दिखा उत्साह

    सोमनाथ में 'शौर्य यात्रा' से पहले गूंजे वैदिक मंत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर रहे कलाकारों में दिखा उत्साह

    नई दिल्ली। सोमनाथ में ‘स्वाभिमान पर्व’ के तहत आयोजित ‘शौर्य यात्रा’ की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। वैदिक मंत्रों की गूंज के बीच विभिन्न राज्यों के कलाकार अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ इस पर्व को विशेष बना रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी रविवार को इस शौर्य यात्रा में हिस्सा लेंगे और सोमनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना करेंगे। इस अवसर पर मणिपुर, केरल, राजस्थान सहित कई राज्यों के कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। मणिपुर से आए कलाकारों ने यहां ‘वसंत रास’ और मयूर नृत्य प्रस्तुत किया, तो गुजरात के कलाकार गरबा और देवी दुर्गा की झांकियों के माध्यम से धार्मिक एवं सांस्कृतिक रंग भर रहे हैं।

    कलाकारों की उत्साही प्रस्तुतियां और प्रधानमंत्री मोदी के प्रति सम्मान

    कलाकारों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी के सामने प्रस्तुति देना उनके लिए गर्व का क्षण है। मणिपुर से आए कलाकारों ने बताया कि वे पहले भी प्रधानमंत्री से मिल चुके हैं और इस बार भी उनसे मिलने के लिए बेहद उत्साहित हैं। देवी दुर्गा की प्रस्तुति देने वाले कलाकारों ने इसे श्रद्धा का अवसर बताया। इसी प्रकार, गुजरात के कलाकारों ने गरबा प्रस्तुत कर स्थानीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व किया। तीर्थयात्रियों का उत्साह भी देखने योग्य है। एक तीर्थयात्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आगमन से सोमनाथ में माहौल और भी उत्साहित हो गया है और बड़ी संख्या में लोग इस ऐतिहासिक यात्रा को देखने पहुंचे हैं।

    शौर्य यात्रा और 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक महत्व

    सोमनाथ में आयोजित शौर्य यात्रा का आकर्षण 108 घोड़े बने हुए हैं। यह औपचारिक शोभा यात्रा प्राचीन काल के वीर योद्धाओं को श्रद्धांजलि देने के लिए निकाली जाती है। 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस वीरता, बलिदान और शौर्य का संदेश देता है। यात्रा के दौरान घोड़ों की रवानगी और भव्य झांकियां दर्शकों का मन मोह रही हैं। यह यात्रा सोमनाथ मंदिर की रक्षा और ऐतिहासिक गौरव को याद दिलाने का प्रतीक भी है।

    प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम और जनसभा

    शौर्य यात्रा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद वे एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर भी व्यापक तैयारियां की गई हैं। धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व से जुड़ा यह पर्व स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर विशेष उत्साह का केंद्र बना हुआ है।

  • ED बनाम ममता बनर्जी: I-PAC रेड को लेकर गंभीर आरोप, सुप्रीम कोर्ट में याचिका

    ED बनाम ममता बनर्जी: I-PAC रेड को लेकर गंभीर आरोप, सुप्रीम कोर्ट में याचिका

    नई दिल्ली। ईडी का दावा है कि कोलकाता में I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के आवास और ऑफिस पर छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मौके पर पहुंचीं और ईडी अधिकारियों से अहम फाइलें, हार्ड डिस्क और मोबाइल फोन छीन लिए गए। एजेंसी का कहना है कि इस कदम से जांच प्रक्रिया गंभीर रूप से बाधित हुई।

    पहले हाई कोर्ट, अब सुप्रीम कोर्ट

    इससे पहले ईडी ने शुक्रवार (9 जनवरी 2026) को कोलकाता हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिस पर बुधवार (14 जनवरी 2026) को सुनवाई प्रस्तावित है। हाई कोर्ट में ईडी ने कहा कि जांच में जानबूझकर रुकावट डाली गई, जिससे एजेंसी का काम प्रभावित हुआ।
    याचिका में ईडी ने मामले की सीबीआई जांच कराने और केस दर्ज करने की अनुमति भी मांगी है।

    ED से टकराव के बीच ममता सरकार का जवाब

    ईडी की कार्रवाई के जवाब में ममता बनर्जी सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट एप्लीकेशन दाखिल कर दी है। राज्य सरकार ने अदालत से आग्रह किया है कि इस मामले में कोई भी आदेश पारित करने से पहले उसका पक्ष जरूर सुना जाए, ताकि कोई एकतरफा फैसला न हो।

    क्या है पूरा विवाद?

    पूरा मामला गुरुवार (8 जनवरी 2026) को शुरू हुआ, जब ईडी ने कोयला घोटाला मामले में राजनीतिक कंसलटेंसी फर्म I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर छापेमारी की।
    ईडी की कार्रवाई के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचीं। आरोप है कि इस दौरान कुछ अहम फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज निकालकर मुख्यमंत्री की गाड़ी में रखवाए गए, जिसके बाद यह मामला कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर गरमा गया।

  • ओडिशा में बड़ा विमान हादसा टला: राउरकेला के पास इंडिया वन एयरलाइंस की क्रैश लैंडिंग, मौत के मुँह से बाहर आए 6 लोग

    ओडिशा में बड़ा विमान हादसा टला: राउरकेला के पास इंडिया वन एयरलाइंस की क्रैश लैंडिंग, मौत के मुँह से बाहर आए 6 लोग




    राउरकेला।
    ओडिशा के राउरकेला के पास शनिवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब इंडिया वन एयर (India One Air) का एक निजी विमान तकनीकी खराबी के चलते क्रैश लैंडिंग का शिकार हो गया। भुवनेश्वर से राउरकेला जा रहा यह विमान जाल्दा इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हुआ, लेकिन राहत की बात यह रही कि पायलट की समझदारी और त्वरित फैसले के चलते विमान में सवार सभी 6 लोग मौत के मुंह से बाहर निकल आए।

    जानकारी के मुताबिक, यह विमान Cessna 208 Grand Caravan था, जो एक सिंगल-इंजन टर्बोप्रॉप विमान है और क्षेत्रीय हवाई सेवाओं में व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है। उड़ान के दौरान जब विमान राउरकेला एयरपोर्ट से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर था, तभी उसमें अचानक तकनीकी खराबी आ गई।

    विमान असंतुलित होने लगा, जिसके बाद पायलट ने स्थिति को भांपते हुए आपातकालीन लैंडिंग का फैसला लिया। हालांकि रनवे तक पहुंच पाना संभव नहीं हो सका और जाल्दा के पास विमान की क्रैश लैंडिंग हो गई।

    जमीन से टकराने पर विमान को भारी नुकसान पहुंचा, लेकिन सौभाग्य से उसमें आग नहीं लगी। यही वजह रही कि एक बड़ा विस्फोट और जान-माल की भारी क्षति टल गई। विमान में कुल 4 यात्री और 2 क्रू मेंबर सवार थे। हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीण सबसे पहले मौके पर पहुंचे और यात्रियों को मलबे से बाहर निकालने में मदद की। प्रशासन और राहत टीमें भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

    घटना की पुष्टि करते हुए भुवनेश्वर स्थित बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि यह एक गंभीर तकनीकी आपात स्थिति थी, लेकिन पायलट की सूझबूझ ने बड़ा हादसा होने से रोक लिया। वहीं, ओडिशा सरकार भी तुरंत हरकत में आई।

    राज्य के वाणिज्य और परिवहन मंत्री ने कहा कि यह किसी चमत्कार से कम नहीं है कि इस हादसे में कोई जान नहीं गई। सभी यात्रियों को हर संभव मदद दी जा रही है।

    इस घटना की सूचना नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को दे दी गई है। DGCA और राज्य परिवहन विभाग की संयुक्त टीम मामले की जांच करेगी। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि तकनीकी खराबी की असली वजह क्या थी, क्या विमान की मेंटेनेंस प्रक्रिया में कोई चूक हुई थी, और क्या उड़ान से पहले सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था।

    इंडिया वन एयर ओडिशा के कई शहरों को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण निजी विमान सेवा है। ऐसे में यह हादसा क्षेत्रीय हवाई सेवाओं की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं यह याद दिलाती हैं कि छोटे विमानों की नियमित और सख्त तकनीकी जांच कितनी जरूरी है।

    फिलहाल, दुर्घटनाग्रस्त विमान को घटनास्थल से हटाने की तैयारी की जा रही है और आसपास के इलाके को सुरक्षित कर दिया गया है। DGCA की रिपोर्ट के बाद ही साफ हो पाएगा कि आसमान में ऐसा क्या हुआ, जिसने इस विमान को इमरजेंसी लैंडिंग के लिए मजबूर कर दिया। लेकिन इतना तय है कि इस हादसे में 6 जिंदगियों का बच जाना पायलट की बहादुरी और किस्मत दोनों का ही नतीजा है।बकौल मंत्री, राज्य सरकार ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को स्थिति से तुरंत अवगत कराया है। उन्होंने बताया कि भुवनेश्वर एयरपोर्ट के डायरेक्टर भी जल्द ही दुर्घटनास्थल का दौरा करेंगे। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार यह फ्लाइट इंडिया वन एयर द्वारा राउरकेला और भुवनेश्वर के बीच नियमित रूप से चलाई जाने वाली प्राइवेट सेवा थी।
  • पुणे राजनीति में हलचल: सुप्रिया सुले–अजित पवार एक मंच पर, निकाय चुनाव का मेनिफेस्टो जारी

    पुणे राजनीति में हलचल: सुप्रिया सुले–अजित पवार एक मंच पर, निकाय चुनाव का मेनिफेस्टो जारी

    नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति में शनिवार को एक ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसने सबका ध्यान खींच लिया। वर्षों बाद एनसीपी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले और उपमुख्यमंत्री अजित पवार एक ही मंच पर साथ नजर आए। मौका था पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निकाय चुनावों के लिए एनसीपी (एसपी) और एनसीपी द्वारा संयुक्त मेनिफेस्टो जारी करने का। राजनीतिक गलियारों में इसे स्थानीय स्तर पर एक नई रणनीतिक पहल के तौर पर देखा जा रहा है।

    पानी संकट और टैंकर माफिया पर सख्त रुख

    घोषणापत्र जारी करते हुए सुप्रिया सुले ने पुणे और मुंबई में सक्रिय टैंकर माफिया का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि पानी की कमी के बीच अवैध टैंकर कारोबार आम लोगों का शोषण कर रहा है। मेनिफेस्टो में इस माफिया पर नियंत्रण और पारदर्शी जल आपूर्ति व्यवस्था लागू करने का वादा किया गया है, ताकि नागरिकों को पानी के लिए परेशान न होना पड़े।

    यातायात सुधार पर बड़ा जोर

    संयुक्त घोषणापत्र में पुणे की गंभीर ट्रैफिक समस्या को दूर करने के लिए ठोस रोडमैप रखा गया है। इसके तहत शहर में 33 मिसिंग रोड लिंक को जोड़ने का वादा किया गया है, जिससे सड़क नेटवर्क मजबूत होगा और जाम की समस्या कम होगी। इसके साथ ही सड़कों के चौड़ीकरण और ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को बेहतर बनाने की बात भी कही गई है।

    फ्री बस और मेट्रो यात्रा का वादा

    घोषणापत्र में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा ऐलान किया गया है। शहरवासियों को मुफ्त बस और मेट्रो यात्रा उपलब्ध कराने की योजना शामिल की गई है। इसका उद्देश्य निजी वाहनों पर निर्भरता घटाना, ईंधन खर्च कम करना और प्रदूषण पर नियंत्रण पाना बताया गया।

    स्वास्थ्य सुविधाएं हर नागरिक के पास

    स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी घोषणापत्र में अहम वादा किया गया है। इसके अनुसार हर नागरिक को उसके घर से दो किलोमीटर के दायरे में अस्पताल या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उपलब्ध कराया जाएगा। इससे आपात स्थिति में इलाज तक त्वरित पहुंच सुनिश्चित की जा सकेगी।

    राजनीतिक संकेत भी अहम

    सुप्रिया सुले और अजित पवार का एक मंच पर आना सिर्फ नगर निकाय चुनाव तक सीमित नहीं माना जा रहा। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह तस्वीर आगामी चुनावी समीकरणों के लिए भी संकेत दे सकती है। हालांकि दोनों नेताओं ने मंच से सिर्फ स्थानीय विकास और नागरिक सुविधाओं पर ही जोर दिया।

    निष्कर्ष:
    संयुक्त मेनिफेस्टो के जरिए एनसीपी (एसपी) और एनसीपी ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के मतदाताओं को विकास, बेहतर सुविधाओं और पारदर्शी प्रशासन का भरोसा दिलाने की कोशिश की है। अब देखना होगा कि यह एकजुटता चुनावी नतीजों में कितना असर दिखा पाती है।

  • इंसानी ब्लड बैग में मिला बकरी का खून, ऐसे हुआ खुलासा

    इंसानी ब्लड बैग में मिला बकरी का खून, ऐसे हुआ खुलासा


    हैदराबाद। तेलंगाना के हैदराबाद से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां काचीगुडा इलाके में एक इंपोर्ट-एक्सपोर्ट फर्म पर रेड के दौरान कुछ ऐसा मिला है, जिसे देख अधिकारी हैरान हैं। जानकारी के मुताबिक यहां ड्रग कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन (DCA) की रेड में अधिकारियों को लगभग 1,000 लीटर जानवरों का खून मिला है। यह खून बकरियों और भेड़ों से गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा किया गया था और इंसानों का खून रखने के लिए बने ब्लड बैग में पैक किया गया था।
    Wion न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक सेंट्रल ड्रग कंट्रोल अधिकारियों ने हैदराबाद पुलिस और राज्य के ड्रग कंट्रोल अधिकारियों के साथ मिलकर गुप्त सूचना के आधार पर यह रेड की थी। इस दौरान उन्होंने इंसानों के इस्तेमाल के लिए बने ब्लड बैग में जानवरों का खून भरा हुआ देख सीनियर अधिकारी भी हैरान रह गए।
    बकरी के खून के अलावा परिसर में खून की पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाली कुछ अत्याधुनिक मशीनें भी मिली हैं। रेड टीम को एक ऑटोक्लेव मशीन, एक लैमिनार एयर फ्लो यूनिट, 110 भरे हुए ब्लड बैग और लगभग 60 खाली ब्लड बैग भी मिले। ड्रग कंट्रोल अधिकारियों के मुताबिक इसका इस्तेमाल गैरकानूनी क्लिनिकल ट्रायल, एक्सपेरिमेंट या लैब टेस्ट के लिए कल्चर मीडिया तैयार करने में किया जा सकता था। फर्म का मालिक फिलहाल फरार है।