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  • प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से श्री आलोक मेहता की भेंट क्रांतिकारी राज की पहली प्रति भेंट की

    प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से श्री आलोक मेहता की भेंट क्रांतिकारी राज की पहली प्रति भेंट की


    नई दिल्ली । नई दिल्ली प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से आज यहां एक महत्वपूर्ण भेंट में प्रसिद्ध लेखक और पत्रकार श्री आलोक मेहता ने प्रधानमंत्री को अपनी पुस्तक क्रांतिकारी राजनरेंद्र मोदी के 25 साल की पहली प्रति भेंट की। यह मुलाकात प्रधानमंत्री कार्यालय में हुईजहां आलोक मेहता ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के 25 सालों के सफर को केंद्रित करते हुए अपनी किताब के बारे में चर्चा की।

    श्री आलोक मेहता की यह पुस्तक नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन की प्रमुख घटनाओं और उनकी कार्यशैली को प्रस्तुत करती है। इसमें मोदी के शासन में हुए बदलावों उनकी नीतियों और भारतीय राजनीति में उनकी भूमिका का विस्तार से वर्णन किया गया है। यह पुस्तक प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तिगत दृष्टिकोण और उनके राजनीतिक संघर्ष को भी उजागर करती हैजो उन्होंने अपने शुरुआती दिनों से लेकर देश के सर्वोच्च पद तक का सफर तय किया।

    प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुलाकात को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पूर्व में ट्विटर पर एक पोस्ट साझा किया जिसमें उन्होंने लिखाश्री आलोक मेहता से मिलकर खुशी हुई और उनकी पुस्तक की प्रति प्राप्त की। प्रधानमंत्री की इस पोस्ट ने किताब और लेखक की सराहना की और इस पुस्तक को लेकर उत्सुकता भी पैदा की।

    इस मुलाकात में दोनों के बीच राजनीतिक और साहित्यिक विषयों पर भी गहन चर्चा हुई। आलोक मेहता ने प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण को समझने का प्रयास किया और उनके कार्यकाल के दौरान जो प्रमुख बदलाव हुए हैंउस पर बातचीत की। यह मुलाकात न केवल साहित्यिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण थीबल्कि भारतीय राजनीति में प्रधानमंत्री मोदी के प्रभाव को समझने का एक बेहतरीन अवसर भी प्रदान करती है।

    श्री आलोक मेहता की यह किताब उनके कई वर्षों के अनुभव और अनुसंधान का परिणाम हैऔर यह भारतीय राजनीति के अध्ययन में एक महत्वपूर्ण योगदान मानी जा रही है। इस किताब को लेकर देशभर में चर्चा शुरू हो गई हैऔर इसे पढ़ने के लिए पाठकों में उत्साह देखा जा रहा है।

  • महबूबा मुफ्ती किस बात पर हुईं नाराज, अदालत को मेरे चरित्र पर लांछन लगाने का कोई अधिकार नहीं

    महबूबा मुफ्ती किस बात पर हुईं नाराज, अदालत को मेरे चरित्र पर लांछन लगाने का कोई अधिकार नहीं


    कश्‍मीर। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कैदियों की जेल बदलने पर बड़ा बयान दिया। शुक्रवार को उन्होंने कहा कि यह आश्चर्यजन है कि जम्मू-कश्मीर के कैदियों को अन्य जगहों की जेलों से वापस घर लाने के आग्रह वाली उनकी याचिका को उच्च न्यायालय में खारिज कर दिया गया। स्थानीय कैदियों के स्थानांतरण का आग्रह करते हुए महबूबा मुफ्ती की ओर से दायर जनहित याचिका को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया था। एचसी ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि इसे राजनीतिक लाभ प्राप्त करने के लिए दायर किया गया है। महबूबा ने श्रीनगर में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘अदालत का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण और आश्चर्यजनक है।’
    महबूबा मुफ्ती ने कहा कि उच्च न्यायालय का कहना है कि कोई भी आम आदमी जनहित याचिका दायर कर सकता है, लेकिन चूंकि वह एक राजनीतिक नेता हैं, इसलिए उनकी जनहित याचिका राजनीतिक कारणों से है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘उच्च न्यायालय यह भूल रहा है कि राजनीतिक नेता जमीनी हकीकतों से गहराई से जुड़े रहते हैं। मैं एक राजनीतिक नेता होने के नाते जम्मू-कश्मीर के लोगों की स्थिति से भली-भांति परिचित हूं। गरीब लोग जेल में बंद अपने परिजनों से मिलने नहीं जा सकते। वे अपना मुकदमा कैसे लड़ेंगे!’ पीडीपी प्रमुख ने यह भी सवाल उठाया कि अदालत ने इस मामले का स्वतः संज्ञान क्यों नहीं लिया।
    महबूबा मुफ्ती किस बात पर हुईं नाराज

    पीडीपी चीफ ने कहा, ‘मुझे लगता है कि अदालत को मेरे चरित्र पर लांछन लगाने का अधिकार नहीं है। राजनीतिक नेता के रूप में मुझे कोई भी मुद्दा उठाने का पूरा अधिकार है। अदालत को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए था। उसे सरकार से पूछना चाहिए था कि कितने विचाराधीन कैदी जेलों में हैं और उन्हें किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।’ जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अदालत में चर्चा उनके पेशे से परे इस मुद्दे पर होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा, ‘अदालत ने मेरा मामला खारिज करने के लिए अजीब तर्क दिए हैं। यह फैसला तर्क पर आधारित होना चाहिए था, लेकिन मुझे खेद है कि अदालत ने ऐसा फैसला सुनाते हुए कहा कि मैं राजनीति कर रही हूं। अनुच्छेद 21 के तहत हमें इन मुद्दों को उठाने और अदालतों में जाने का मौलिक अधिकार है।’
    कुलदीप सिंह सेंगर मामले पर क्या कहा

    महबूबा मुफ्ती ने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को खत्म नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि उनकी मांग केवल उन कैदियों को स्थानांतरित करने तक सीमित थी, जिन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है और इस फैसले ने न्यायपालिका में विश्वास को ठेस पहुंचाई है। बलात्कार के दोषी भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की आजीवन कारावास की सजा निलंबित किए जाने के बारे में पूछे जाने पर महबूबा ने आरोप लगाया कि न्यायपालिका का राजनीतिकरण कर दिया गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कुछ न्यायाधीश अब भी सत्ता के सामने खड़े होने को तैयार हैं। उनका इशारा सूरजपुर जिला न्यायालय की ओर से अखलाक मामले में आरोपियों के खिलाफ आरोप वापस लेने से इनकार किए जाने की ओर था। उन्होंने कहा कि न्यायाधीश सौरभ द्विवेदी ने सरकार से लड़ाई लड़ी और उनसे कहा कि वे मामला वापस नहीं ले सकते, तथा आदेश दिया कि इसकी सुनवाई प्रतिदिन की जाए। महबूबा ने कहा, ‘इसका मतलब है कि स्थिति मिली-जुली है। अगर अधिकतर न्यायाधीश राजनीति से प्रभावित हो गए हैं, तो द्विवेदी जैसे न्यायाधीश बहुत कम हैं।’

  • वडोदरा का वेमार प्राइमरी स्कूल बना प्रेरणा का स्रोत, बच्चों को शिक्षा से बढ़कर भविष्य की दिशा दे रहा है

    वडोदरा का वेमार प्राइमरी स्कूल बना प्रेरणा का स्रोत, बच्चों को शिक्षा से बढ़कर भविष्य की दिशा दे रहा है


    अहमदाबाद । वडोदरा जिले के सावली तालुका स्थित वेमार प्राइमरी स्कूल आज गुजरात के सरकारी स्कूलों के लिए एक आदर्श उदाहरण बनकर उभर रहा है। यह स्कूल बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखता बल्कि उन्हें व्यावहारिक शिक्षा के जरिए भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर रहा है।गुजरात सरकार की ज्ञान ही शक्ति है पहल के तहत स्कूल में रचनात्मकता आत्मनिर्भरता और नवाचार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    स्कूल में नियमित पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को विभिन्न सह-पाठ्यक्रम और कौशल-आधारित गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से शामिल किया जाता है। इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ रहा है और उनकी छिपी प्रतिभाएं सामने आ रही हैं। यहां रोबोट निर्माण हस्तशिल्प मार्बल आर्ट मार्शल आर्ट और व्यावसायिक प्रशिक्षण जैसी गतिविधियां शुरू की गई हैं जिन्हें लेकर छात्रों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।वेमार प्राइमरी स्कूल के शिक्षक बच्चों के मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहे हैं। वे न केवल पढ़ाई पर ध्यान देते हैं बल्कि बच्चों को प्रयोगात्मक सीख के लिए भी प्रेरित करते हैं। कक्षा में पढ़ाई और हाथों से सीखने के इस संतुलन ने प्राथमिक स्तर पर शिक्षा को अधिक रोचक और प्रभावी बना दिया है।

    शिक्षकों का मानना है कि बच्चों के शुरुआती वर्ष उनके बौद्धिक विकास और जीवन कौशल को मजबूत करने के लिए बेहद अहम होते हैं। इसी सोच के साथ यह स्कूल मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में लागू मिशन स्कूल्स ऑफ एक्सीलेंस और समग्र शिक्षा अभियान की नीतियों को जमीन पर उतार रहा है। अकादमिक पढ़ाई के साथ कौशल विकास पर जोर देकर वेमार प्राइमरी स्कूल ने गुजरात के सरकारी स्कूल तंत्र में समग्र और व्यावहारिक शिक्षा का एक नया मानक स्थापित किया है।गुजरात ने शिक्षा के क्षेत्र में मजबूत और लगातार बढ़ता हुआ बुनियादी ढांचा तैयार किया है। प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च और तकनीकी शिक्षा तक राज्य में सार्वजनिक निवेश और नीतिगत फोकस के चलते हजारों सरकारी और अनुदानित स्कूलों को उन्नत कक्षाओं डिजिटल लर्निंग टूल्स विज्ञान प्रयोगशालाओं और पुस्तकालयों से लैस किया गया है।

    उच्च शिक्षा के स्तर पर गुजरात में विश्वविद्यालयों इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों आईटीआई और कौशल विकास केंद्रों का व्यापक नेटवर्क है। आईआईटी गांधीनगर आईआईएम अहमदाबाद और एम्स राजकोट जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान राज्य की शैक्षणिक पहचान को मजबूत करते हैं। अहमदाबाद गांधीनगर वडोदरा सूरत और राजकोट जैसे शिक्षा केंद्रों में मजबूत ढांचा छात्रावास शोध सुविधाएं और इनक्यूबेशन सेंटर उपलब्ध हैं। वहीं डिजिटल प्लेटफॉर्म और स्मार्ट क्लासरूम ग्रामीण इलाकों तक शिक्षा की पहुंच को मजबूत कर रहे हैं जिससे गुजरात देश के अग्रणी शिक्षा राज्यों में अपनी जगह बना रहा है।

  • गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाशोत्सव पर प्रधानमंत्री मोदी ने किया नमन, देशवासियों को दी शुभकामनाएं

    गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाशोत्सव पर प्रधानमंत्री मोदी ने किया नमन, देशवासियों को दी शुभकामनाएं


    नई दिल्ली । पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखाश्री गुरु गोबिंद सिंह जी के पवित्र प्रकाश उत्सव पर हम उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं। वे साहस करुणा और बलिदान की मूर्ति हैं। उनका जीवन और शिक्षाएं हमें सच्चाई न्याय धर्म के लिए खड़े होने और मानवीय गरिमा की रक्षा करने के लिए प्रेरित करती हैं। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का विजन पीढ़ियों को सेवा और निस्वार्थ कर्तव्य के लिए मार्गदर्शन करता रहता है।

    उन्होंने इस साल की शुरुआत में तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब की अपनी यात्रा की कुछ यादगार तस्वीरें साझा कीं। इन तस्वीरों में प्रधानमंत्री को गुरुद्वारे में प्रार्थना करते जोड़ा साहिब के दर्शन करते और सेवादारों के साथ लंगर परोसते हुए देखा जा सकता है।दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के पावन प्रकाश पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दी।

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखाअन्याय और दमन के विरुद्ध चेतना जागृत करने वाले खालसा पंथ के संस्थापक सरबंस दानी साहिब-ए-कमाल श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के पावन प्रकाश पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं। उन्होंने आगे लिखागुरु साहिब का जीवन शौर्य त्याग और आध्यात्मिक उत्कर्ष का अद्वितीय समन्वय है। उन्होंने मानवता को यह संदेश दिया कि धर्म सत्य और मर्यादा की रक्षा हेतु सर्वस्व का समर्पण ही सर्वोच्च मानवीय कर्तव्य है। उनके आदर्श बलिदान और महान गुरु परंपरा के प्रति उनकी अडिग निष्ठा युगों-युगों तक समाज और राष्ट्र का मार्गदर्शन करती रहेगी।

    सीएम रेखा गुप्ता ने दशम गुरु के चरणों के नमन करते हुए लिखाउनके सत्य सेवा और बलिदान के सिद्धांतों को जीवन में आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धा है। गुरु गोबिंद सिंह सिखों के दसवें और अंतिम गुरु थे। पटना साहिब वह पवित्र स्थल है जहां 1666 में गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्म हुआ था। उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना की जो साहस समानता और न्याय का प्रतीक बना। मुगल अत्याचारों के खिलाफ उन्होंने योद्धा बनकर संघर्ष किया और पांच प्यारों को अमृत छकाकर खालसा का जन्म दिया।

  • MP: भोपाल एयरपोर्ट यात्री संतुष्टि सर्वे में लगातार दूसरी बार देश में नंबर बन, खजुराहो एयरपोर्ट भी अव्वल

    MP: भोपाल एयरपोर्ट यात्री संतुष्टि सर्वे में लगातार दूसरी बार देश में नंबर बन, खजुराहो एयरपोर्ट भी अव्वल


    भोपाल।
    भारतीय विमानन प्राधिकरण (एएआई) (Aviation Authority of India -AAI) के एक सर्वेक्षण में भोपाल और खजुराहो एयरपोर्ट (Bhopal and Khajuraho Airport) ने देश के 62 हवाईअड्डों को पीछे छोड़ दिया है। यह सर्वेक्षण रिपोर्ट देश भर के 62 हवाई अड्डों में से 58 से प्राप्त फीडबैक पर आधारित है। असम का रूपासी हवाई अड्डा सबसे निचले स्थान पर रहा, जिसे 5 में से केवल 3 अंक मिले।

    भारतीय विमानन प्राधिकरण (एएआई) के अखिल भारतीय ग्राहक संतुष्टि सर्वेक्षण (All India Customer Satisfaction Survey) में मध्य प्रदेश के भोपाल और खजुराहो के हवाईअड्डों को सबसे ज्यादा अंक प्राप्त हुए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि सर्वेक्षण रिपोर्ट देश भर के 62 हवाईअड्डों में से 58 से मिले फीडबैक पर आधारित है।

    अधिकारी ने बताया कि जनवरी से जून के बीच आयोजित सर्वेक्षण के पहले चरण में ग्राहक संतुष्टि के मामले में भोपाल, खजुराहो और राजस्थान के उदयपुर के हवाई अड्डों ने पूरे अंक प्राप्त करके शीर्ष स्थान हासिल किया। सर्वेक्षण का दूसरा चरण जून से दिसंबर के बीच आयोजित किया गया। इस दौरान भोपाल, खजुराहो और महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के हवाई अड्डों को 5 में से 4.99 अंक प्राप्त हुए।

    चार हवाई अड्डों – शिमला (हिमाचल प्रदेश), भावनगर (गुजरात), तेजपुर (असम) और कालाबुर्गी (कर्नाटक) को यात्री उड़ानें नहीं होने के कारण सर्वेक्षण में शामिल नहीं किया गया। असम का रूपासी हवाई अड्डा सबसे निचले स्थान पर रहा, जिसे 5 में से केवल 3 अंक मिले।

    मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित खजुराहो अपनी मंदिर शिल्पकला के लिए प्रसिद्ध है। यहां भारी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक आते हैं। सर्वेक्षण रिपोर्ट से पता चलता है कि विश्व स्तरीय यात्री सेवाएं अब भारत के छोटे शहरों में भी पहुंच रही हैं।

    खजुराहो हवाई अड्डे के निदेशक संतोष सिंह ने बताया कि 2025 में लगातार दो बार शीर्ष स्थान प्राप्त करना गर्व की बात है। यह हमारी पूरी टीम की प्रतिबद्धता, कड़ी मेहनत और यात्रियों को सर्वोत्तम सुविधाएं प्रदान करने के हमारे निरंतर प्रयासों का परिणाम है।

  • राष्ट्रपति ने ऑपरेशन सिंदूर के सबसे छोटे नायक सरवन को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से किया सम्मानित

    राष्ट्रपति ने ऑपरेशन सिंदूर के सबसे छोटे नायक सरवन को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से किया सम्मानित


    नई दिल्ली।
    ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के सबसे छोटे नायक पंजाब के फिरोजपुर के रहने वाले सरवन सिंह (Sarwan Singh) को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (National Children’s Award) से सम्मानित किया गया। दिल्ली में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Draupadi Murmu) ने यह पुरस्कार दिया।

    फिरोजपुर जिले के सीमावर्ती गांव तारावाली के रहने वाले 10 वर्षीय सरवन सिंह ने मोर्चे पर तैनात जवानों के लिए बिना डरे पानी, चाय और लस्सी पहुंचाई और उनका हौसला बढ़ाया। मई 2025 में जब भारत-पाकिस्तान सीमा पर हालात बेहद तनावपूर्ण थे। दुश्मन देश के ड्रोन लगातार सीमा में घुसपैठ कर रहे थे और हर वक्त खतरा बना हुआ था। ऐसे माहौल में लोग घरों से बाहर निकलने से डर रहे थे, लेकिन उस समय यह छोटा बच्चा अपनी जान की परवाह किए बिना सीमा की अग्रिम चौकियों की ओर निकल पड़ता था। वह रोज अपनी छोटी साइकिल से या पैदल ही भारतीय सेना के जवानों तक ठंडा पानी, बर्फ, दूध, लस्सी, चाय और जरूरी राशन पहुंचाता था। चिलचिलाती धूप, दुश्मन की निगरानी और हमले के खतरे के बीच भी वह पीछे नहीं हटा। यह पुरस्कार उन्हें उनकी अद्वितीय बहादुरी और भारतीय सेना के प्रति निष्ठा के लिए दिया गया।


    अवाॅर्ड मिलने पर बहुत खुश हूं: सरवन

    सम्मान पाने के बाद सरवन ने कहा कि जब पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ, तो सेना के जवान हमारे गांव आए। मैंने सोचा कि मुझे उनकी सेवा करनी चाहिए। मैं उनके लिए रोज दूध, चाय, छाछ और बर्फ ले जाता था। मुझे पुरस्कार पाकर बहुत अच्छा लग रहा है। मैंने कभी इसके बारे में सपने में भी नहीं सोचा था।


    पंजाब के सीएम ने दी बधाई

    पंजाब के सीएम भगवंत मान ने सरवन को बधाई देते हुए एक्स पर लिखा कि पंजाबियों के लिए यह बड़े गर्व की बात है कि आज राष्ट्रपति द्वारा हमारे फिरोजपुर के निवासी 10 वर्षीय सरवन सिंह को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। हमारे गुरुओं द्वारा दी गई शिक्षाओं पर चलते हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सरवन सिंह ने घर से चाय-पानी और भोजन लाकर सैनिकों की जो सेवा की, वह काबिल-ए-तारीफ है। बच्चे के देश के प्रति हौसले और जज्बे को सलाम।


    सेना ने उठाया पढ़ाई का सारा खर्च

    सरवन के इस जज्बे को भारतीय सेना भी सलाम कर चुकी है। फिरोजपुर छावनी में एक समारोह के दौरान पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने बच्चे को सम्मानित भी किया था। साथ ही सेना ने उसकी पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने का जिम्मा उठाया है। सरवन ने पहले कहा था कि वह भी बड़ा होकर सेना में भर्ती होना चाहता है। उसने कहा कि मैं बड़ा होकर फौजी बनना चाहता हूं और देश की सेवा करना चाहता हूं।

  • Delhi की फिजा फिर हुई जहरीली…. धुंध और कोहरे की मोटी परत छाई, AQI- 353 दर्ज

    Delhi की फिजा फिर हुई जहरीली…. धुंध और कोहरे की मोटी परत छाई, AQI- 353 दर्ज


    नई दिल्ली।
    देश की राजधानी (Capital) में हवा (Air) की गति धीमी होने और तापमान गिरने के कारण शुक्रवार को हवा एक बार फिर से खराब से बेहद खराब श्रेणी (Worst Category) में पहुंच गई। जो शनिवार को भी बेहद खराब श्रेणी (Worst Category) में बरकरार है। आज फिर सुबह की शुरुआत धुंध और कोहरे की मोटी परत से हुई, जिससे चलते विजिबिलिटी (Visibility) बेहद कम हो गई। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम फॉर दिल्ली के अनुसार, शनिवार सुबह राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 353 दर्ज किया गया है। यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है।

    केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) आंकड़ों के अनुसार, राजधानी दिल्ली के अलीपुर में एक्यूआई 377, आनंद विहार में एक्यूआई 410, अशोक विहार में 388, आया नगर में 272, बवाना में 400, बुराड़ी में 342, चांदनी चौक इलाके में 380 एक्यूआई दर्ज किया गया है।

    वहीं, डीटीयू में 402, द्वारका सेक्टर 8 इलाके में 366, आईजीआई एयरपोर्ट टी3 इलाके में 259, आईटीओ में 379, जहांगीरपुरी में 415, लोधी रोड 270, मुंडका 377, नजफगढ़ में 271, नरेला में 408, पंजाबी बाग में 361, आरकेपुरम 363, रोहिणी 409, सोनिया विहार 370, विवेक विहार 424, वजीरपुर में 397 दर्ज किया गया है।


    क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक

    यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है। 101-200 का मतलब वायु प्रदूषण का स्तर मध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब और 301 से 400 के बीच का अर्थ वायु गुणवत्ता की बेहद खराब श्रेणी को दर्शाता है। 401 से 500 की श्रेणी में वायु की गुणवत्ता गंभीर बन जाती है। ऐसी स्थिति में इंसान की सेहत को नुकसान पहुंचता है। पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए यह जानलेवा है।

  • बांग्लादेश में हिंदुओं पर बर्बरता के खिलाफ अयोध्या के संत समाज का गुस्सा, केंद्र से की हस्तक्षेप की अपील

    बांग्लादेश में हिंदुओं पर बर्बरता के खिलाफ अयोध्या के संत समाज का गुस्सा, केंद्र से की हस्तक्षेप की अपील


    अयोध्या । बांग्लादेश में दीपू चंद्र दास की मॉब लिंचिंग का मामला गरमा गया है। इस घटना को लेकर अयोध्या के संत समाज ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है और हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पीएम मोदी से हस्तक्षेप की मांग की है। संत समाज का कहना है कि बांग्लादेश में हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। सीताराम योग सदन मंदिर के महामंडलेश्वर विष्णु दास जी महाराज ने बांग्लादेश में जारी हिंसा को अमानवीय बताया और कहा कि बांग्लादेश के जिहादी लोग हिंदुओं को ढूंढ-ढूंढकर अपना निशाना बना रहे हैं और ये पूरे हिंदू धर्म पर हमला है।

    उन्होंने कहा कि पहले दीपू चंद्र दास को मारा और आग लगा दीफिर एक और हिंदू शख्स को मारा और एक छोटी बच्ची को भी नहीं छोड़ा। वहां की सरकार जिहादियों की तरह काम करती है और बांग्लादेश को एक इस्लामिक राष्ट्र बनाना चाहती है। उन्होंने आगे पीएम मोदी से हस्तक्षेप की मांग की और कहा कि इसका असर भारत पर देखने को भी मिलेगा। अब समय आ गया है कि सरकार को बांग्लादेश के बॉर्डर खोल देने चाहिए और वहां फंसे हिंदुओं को बचाना चाहिए। जैसे पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया गया थावैसे ही बांग्लादेश के कट्टरपंथियों को सबक सिखाने के लिए ऑपरेशन चलाना चाहिए।

    अयोध्याधाम के साकेत भवन मंदिर के सीताराम दास जी महाराज ने भी अपील की है कि केंद्र सरकार सेना और सशस्त्र बल का सहारा लेकर हिंदुओं को बचाए। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में इंसानियत नहीं बची है और मैं पीएम से निवेदन करता हूं कि राफेलतेजस और ब्रह्मोस क्या कर रहे हैं? अभी तक भारत में बांग्लादेश को मिला लेना चाहिए था और कड़ा सबक सिखाना चाहिए। बता दें कि बांग्लादेश में दीपू चंद्र दास को भीड़ ने पीटा और फिर पेड़ से बांधकर आग लगा दी। इस घटना के सात दिन बाद एक अन्य हिंदू युवक को भी भीड़ ने मार डाला। 29 साल के अमृत मंडल उर्फ सम्राट को गांव की भीड़ ने मौत के घाट उतार दिया।

  • 2025 इस साल दुनिया के कई प्रमुख विश्वविद्यालय विवादों में बड़े नाम भी रहे शामिल

    2025 इस साल दुनिया के कई प्रमुख विश्वविद्यालय विवादों में बड़े नाम भी रहे शामिल


    नई दिल्ली । यह साल अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। इस साल दुनियाभर में कई घटनाएं देखने को मिलीं कुछ अच्छी तो कुछ बुरी। इस साल विवादों का एक दौर भी देखने को मिला। दुनियाभर में इस साल अलग-अलग तरह के विवाद सामने आए। विवादों में दुनिया के कई विश्वविद्यालयों का नाम भी रहा है। आइए जानते हैं कि इस साल दुनिया के कौन-कौन से विश्वविद्यालय विवादों में रहे।

    अमेरिका का हावर्ड यूनिवर्सिटी विवादों में रहा। इसकी वजह फिलिस्तीन में इजरायल के साथ हो रहा गाजा युद्ध था। यूनिवर्सिटी में गाजा युद्ध को लेकर छात्र प्रदर्शन कैंपस में यहूदी-विरोध और अभिव्यक्ति की आजादी पर बहस देखने को मिली। यह मुद्दा इजरायल को युद्ध के लिए फंडिंग सेफ स्पेस बनाम फ्री स्पीच रहा। अमेरिका का कोलंबिया यूनिवर्सिटी भी इस साल विवादों में घिरा रहा। यहां भी मुद्दा फिलिस्तीन से जुड़ा था। प्रो-फिलिस्तीन छात्र आंदोलन कैंपस में टेंट प्रोटेस्ट क्लास बाधित होना यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा पुलिस बुलाना और छात्रों की गिरफ्तारी चर्चा में रहे।

    ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने भी इस साल विवादों की लिस्ट में अपनी जगह बना ली। यहां औपनिवेशिक इतिहास से जुड़े कोर्स मूर्तियों और नामों में बदलाव की मांग को लेकर विवाद देखने को मिला। इसके अलावा ‘डिकॉलोनाइज द सिलेबस’ अभियान भी चला। ब्रिटेन का मशहूर कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी भी विवादों से घिरा जिसका मुख्य कारण इजरायल और फिलिस्तीन के बीच संघर्ष को लेकर छात्रों और फैकल्टी की राजनीतिक बयानबाजी रहा।

    फ्रांस के साइंसेज पो में मिडिल ईस्ट के मुद्दों को लेकर छात्रों का भारी प्रदर्शन देखने को मिला। हालात पर काबू पाने के लिए क्लास को सस्पेंड करने और कैंपस लॉकडाउन करने का फैसला लिया गया। जर्मनी के फ्री यूनिवर्सिटी बर्लिन में इजरायल और फिलिस्तीन के मुद्दे पर विवाद देखने को मिला। इसका परिणाम यह निकला कि इजरायल-फिलिस्तीन विषय पर आयोजित कार्यक्रम को रद्द करना पड़ा। इसके अलावा जर्मनी के सख्त एंटी-हेट और एंटी-सेमिटिज्म कानून को लेकर भी विवाद हुआ।

    ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी में भी इन संघर्षों को लेकर छात्रों का गुस्सा देखने को मिला। छात्रों ने विदेशी संघर्षों को लेकर यूनिवर्सिटी में नारे लगाए और विरोध प्रदर्शन भी किया। कुछ गतिविधियों पर प्रशासनिक कार्रवाई भी देखने को मिली।कनाडा का यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो भी विवादों की लिस्ट में शामिल रहा। राजनीतिक गतिविधियों को लेकर प्रोफेसरों और छात्रों के बीच तीखी बयानबाजी और कैंपस में माहौल को लेकर शिकायतें विवादों का हिस्सा रहीं।

    विवादों की इस लिस्ट में भारत के दो विश्वविद्यालय भी शामिल रहे। इसमें एक नाम जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और दूसरा दिल्ली विश्वविद्यालय का था। जेएनयू में छात्र राजनीति विचारधारात्मक टकराव कैंपस हिंसा और प्रशासनिक फैसले विवाद के कारण रहे। इसके अलावा डीयू में इतिहास और राजनीति से जुड़े सिलेबस में बदलाव कुछ विषयों को हटाने और जोड़ने पर विवाद देखने को मिला।

  • PMUY योजना में सब्सिडी प्राप्त करने वालों की संख्या 2025 में बढ़कर 10.35 करोड़ हुई

    PMUY योजना में सब्सिडी प्राप्त करने वालों की संख्या 2025 में बढ़कर 10.35 करोड़ हुई


    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना पीएमयूवाई के तहत लाभ पाने वाले लोगों की संख्या 2025 में बढ़कर 10.25 करोड़ हो गई है। यह जानकारी पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को दी गई। पीएमयूवाई के तहत सरकार गरीब परिवारों को 14.2 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर पर 300 रुपए की सब्सिडी देती है और एक साल में एक परिवार अधिकतम नौ सिलेंडर्स पर यह सब्सिडी ले सकता है।

    इससे देश में एलपीजी की खपत बढ़ाने में मदद मिली है। वित्त वर्ष 2024-25 में देश में प्रति परिवार औसत खपत बढ़कर 4.47 सिलेंडर हो गई है जो कि पहले वित्त वर्ष 2019-20 में 3 थी। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में इसके 4.85 प्रति परिवार तक पहुंचने की उम्मीद है।सरकार ने बयान में कहा कि बकाया आवेदन को निपटाने और ज्यादा परिवारों तक एलपीजी गैस को पहुंचाने के लिए सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन जारी करने को मंजूरी दी है। आधार ऑथेंटिकेशन में तेजी लाकर सब्सिडी टारगेटिंग और पारदर्शिता में सुधार किया गया।

    1 दिसंबर 2025 तक बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन ने पीएमयूवाई के 71 प्रतिशत और नॉन-पीएमयूवाई के 62 प्रतिशत उपभोक्ताओं को कवर किया।सरकार ने बताया कि देश भर में चलाए गए ‘बेसिक सेफ्टी चेक’ अभियान ने ग्राहक सुरक्षा को मजबूत किया है। ग्राहकों के घरों पर 12.12 करोड़ से अधिक फ्री सेफ्टी इंस्पेक्शन किए गए और 4.65 करोड़ से अधिक एलपीजी होज रियायती दरों पर बदले गए जिससे घरेलू एलपीजी इस्तेमाल में जागरूकता और सेफ्टी स्टैंडर्ड में काफी सुधार हुआ।

    मंत्रालय ने पेट्रोलियम मार्केटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया। 90000 से अधिक रिटेल आउटलेट्स को डिजिटल पेमेंट की सुविधा दी गई जिन्हें 2.71 लाख से ज्यादा पीओएस टर्मिनलों का सपोर्ट मिला।मंत्रालय ने आगे कहा कि सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कवरेज बढ़कर 307 ज्योग्राफिकल इलाकों तक पहुंच गई है। सितंबर 2025 तक पीएमजी घरेलू कनेक्शन की संख्या बढ़कर 1.57 करोड़ और सीएनजी स्टेशन की संख्या बढ़कर 8400 से अधिक हो गई है।