Category: National

  • माता वैष्णो देवी यात्रा को लेकर नए साल पर बदले नियम, RFID कार्ड से तय होगी चढ़ाई और वापसी की समय सीमा

    माता वैष्णो देवी यात्रा को लेकर नए साल पर बदले नियम, RFID कार्ड से तय होगी चढ़ाई और वापसी की समय सीमा


    नई दिल्‍ली । माता वैष्णो देवी की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने नए आदेश जारी किए हैं, जो तुरंत लागू हो गए हैं। नए नियमों के अनुसार, हर श्रद्धालु को यात्रा पंजीकरण के साथ आरएफआईडी यात्रा कार्ड प्राप्त करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, यात्रा शुरू करने और पूरी करने के लिए अब स्पष्ट समय सीमा तय की गई है। नए नियम के अनुसार, श्रद्धालुओं को आरएफआईडी कार्ड प्राप्त करने के 12 घंटे के भीतर यात्रा शुरू करनी होगी और 24 घंटे के भीतर यात्रा पूरी कर कटड़ा आधार शिविर लौटना अनिवार्य होगा। बता दें कि पहले केवल यात्रा आरंभ करने के लिए 12 घंटे की सीमा थी, लेकिन यात्रा पूरी करने की कोई निर्धारित समय सीमा नहीं थी। अब पहली बार यात्रा पूरी करने के लिए भी समय सीमा लागू कर दी गई है।

    क्‍यों लिया गया ये फैसला?

    श्राइन बोर्ड प्रशासन ने कहा है कि नव वर्ष के करीब आते ही श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि होती है। विशेष रूप से नव वर्ष से कुछ दिन पहले माता वैष्णो देवी मंदिर में भारी भीड़ देखने को मिलती है। इस संभावित भीड़ और भगदड़ जैसी परिस्थितियों से बचने के लिए यात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु नए आदेश लागू किए गए हैं। बोर्ड ने यात्रा पंजीकरण केंद्रों पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे श्रद्धालुओं को इन आदेशों के बारे में लगातार जानकारी देते रहें। नए नियम सभी प्रकार की यात्रा पर लागू होंगे, चाहे श्रद्धालु पैदल, हेलीकॉप्टर या बैटरी कार से यात्रा कर रहे हों।

    RFID कार्ड मिलने का समय बढ़ाया गया

    कटड़ा रेलवे स्टेशन के पास स्थित यात्रा पंजीकरण केंद्र पर RFID यात्रा कार्ड प्राप्‍त करने का समय बढ़ाया गया है। अब श्रद्धालु रात 12 बजे तक अपने RFID यात्रा कार्ड प्राप्त कर सकते हैं। पहले यह सेवा केवल रात 10 बजे तक उपलब्ध थी। जो यात्री ट्रेन से देर रात कटड़ा पहुंचते हैं, वे दर्शन डियोड़ी प्रवेश द्वार पर 24 घंटे RFID कार्ड ले सकते हैं। इससे रात में भी श्रद्धालुओं को यात्रा आरंभ करने में सुविधा होगी और भीड़ नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी।

    SMVDSB ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

    माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड SMVDSB ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित और सहज यात्रा सुनिश्चित करने के इंतजामों की समीक्षा की। बैठक में बोर्ड के CEO ने अधिकारियों को यात्रा प्रबंधन और सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने के निर्देश दिए। बैठक में विशेष रूप से RFID-आधारित एक्सेस कंट्रोल के जरिए यात्रा के कड़े नियमों पर जोर दिया गया, ताकि केवल वैध RFID कार्ड वाले श्रद्धालु ही आगे बढ़ सकें।सुरक्षा एजेंसियों ने मीटिंग में मल्टी-टियर सिक्योरिटी ग्रिड की जानकारी साझा की, जिसमें पुलिस, CRPF और श्राइन बोर्ड सुरक्षा टीम शामिल हैं। इन टीमों के साथ क्विक रिस्पॉन्स यूनिट्स तैनात हैं, जो तुरंत कार्रवाई कर सकें। इसके अलावा, एडवांस्ड सर्विलांस टूल्स के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया, ताकि वास्तविक समय में संभावित खतरों का तुरंत अंदाजा लगाया जा सके।

    कितनी है कटरा से वैष्णो देवी यात्रा की दूरी?

    कटरा से माता वैष्णो देवी मंदिर तक की दूरी लगभग 13 किलोमीटर है। श्रद्धालु इसे पैदल, घोड़े, पिट्ठू, बैटरी कार या हेलीकॉप्टर के माध्यम से तय कर सकते हैं। पैदल यात्रा में सामान्य तौर पर लगभग 8 घंटे का समय लगता है। जबकि सामान्य दिनों में यात्रा पूरी करने में कुल 24 से 36 घंटे लग सकते हैं, जिसमें चढ़ाई और लौटने का समय शामिल है।

  • 'उसका घर तो उन्नाव में है ना, ही-ही-ही… मंत्री राजभर ने उड़ाया रेप पीड़िता का मजाक, Video

    'उसका घर तो उन्नाव में है ना, ही-ही-ही… मंत्री राजभर ने उड़ाया रेप पीड़िता का मजाक, Video


    नई दिल्‍ली । दिल्ली हाईकोर्ट ने 2017 के उन्नाव रेप केस मामले में दोषी ठहराए गए और उम्रकैद की सजा काट रहे बीजेपी के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सशर्त जमानत दी है. इसके विरोध में रेप पीड़िता और उसकी मां ने इंडिया गेट पर धरना दिया. इसे लेकर जब उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओपी राजभर से सवाल पूछा गया तो वे खिलखिलाकर हंस दिए.सेंगर को जमानत दिए जाने के विरोध में उन्नाव रेप पीड़िता और उनके परिवार ने आज इंडिया गेट पर धरना दिया. लेकिन यह प्रदर्शन ज्यादा देर तक नहीं चल सका. दिल्ली पुलिस ने पीड़िता और उनकी मां को प्रदर्शन स्थल से हटा दिया.

    इसे लेकर जब यूपी सरकार में मंत्री ओपी राजभर से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जब कोर्ट ने सेंगर को पीड़िता के घर के पांच किलोमीटर दूर तक नहीं जाने को कहा है तो कोई असुरक्षित कहां हैं? पीड़ित पक्ष अभी दिल्ली में क्या कर रहा है? दिल्ली में प्रदर्शन की क्या जरूरत है? बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने रेप के मामले में कुलदीप सिंह को सशर्त जमानत दी है. कोर्ट ने 15 लाख रुपये के मुचलके और इतनी ही राशि के जमानत की शर्त रखी है. कोर्ट ने साफ कहा है कि सेंगर पीड़िता के पांच किलोमीटर के दायरे में नहीं आएगा और जमानत की अवधि के दौरान दिल्ली में ही रहेगा. उसे हर सोमवार पुलिस को रिपोर्ट करना अनिवार्य होगा.

    अदालत का साफतौर पर कहना है कि कुलदीप सेंगर उन्नाव रेप पीड़िता और उसके परिवार को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से किसी भी तरह की धमकी नहीं देगा. उसे अपना पासपोर्ट निचली अदालत में जमा करना होगा और किसी भी शर्त के उल्लंघन की स्थिति में उसकी जमानत तुरंत रद्द की जा सकती है. हालांकि, इसके बावजूद सेंगर की तत्काल रिहाई संभव नहीं लग रही क्योंकि उसे पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में भी दोषी ठहराया गया है और इस मामले में वह दस साल की सजा काट रहा है. ऐसे में वह फिलहाल जेल में ही रहेगा.

    उन्नाव रेप केस की नाबालिग पीड़िता को 11 से 20 जून 2017 के बीच कुलदीप सेंगर ने अगवा कर रेप किया. इसके बाद उसे 60 हजार रुपये में बेच दिया गया. बाद में पीड़िता को माखी थाना क्षेत्र से बरामद किया गया. आरोप यह भी है कि पीड़िता को पुलिस अधिकारियों की ओर से लगातार धमकाया गया और सेंगर के निर्देश पर चुप रहने का दबाव बनाया गया. इसके बाद रेप, अपहरण और आपराधिक धमकी सहित पॉक्सो एक्ट की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई. इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद कुलदीप सेंगर को गिरफ्तार किया गया था.

  • उद्धव-राज ठाकरे के गठबंधन पर कांग्रेस की पहली प्रतिक्रिया, 'हम कभी MNS के साथ…'

    उद्धव-राज ठाकरे के गठबंधन पर कांग्रेस की पहली प्रतिक्रिया, 'हम कभी MNS के साथ…'


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र में आखिरकार उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच सियासी गठबंधन हो ही गया. बुधवार 24 दिसंबर को दोनों भाइयों ने 15 जनवरी को होने वाले बीएमसी चुनाव से पहले गठबंधन की घोषणा कर दी. उससे शिवसेना यूबीटी और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेनाके कार्यकर्ताओं में उत्साह है. उद्धव ठाकरे विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी का भी हिस्सा हैं जिसमें कांग्रेस भी शामिल है. दोनों भाइयों के गठबंधन पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया सामने आई है.

    हमारे पास नाराज होने का कोई कारण नहीं- वड्डेटीवार

    कांग्रेस नेता विजय वड्डेटीवार ने अगर मुंबई में दो भाई साथ आने का फैसला करते हैं तो हम बिल्कुल खुश है. जब कोई एक परिवार एकजुट होकर चुनाव लड़ता है तो हमें नाराज़ होने का कोई कारण नहीं है. उन्होंने साथ ही कहालेकिन याद रखें कांग्रेस कभी भी MNS के साथ गठबंधन करने को तैयार नहीं रही है.

    हमें निकाय चुनाव में ज्यादा सफलता मिली- वड्डेटीवार

    नागपुर में मीडिया से बातचीत में विजय वड्डेटीवार ने कहा हाल ही में संपन्न हुए म्यूनसिपल काउंसिल के चुनावों के नतीजों में महाविकास अघाड़ी में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. ये बात अब सबभी को साफ तौर पर दिखाई दे रही है. कांग्रेस ने बिना गठबंधन के चुनाव लड़ा. चाहे वह कुल वोट हों मेयर के उम्मीदवार हों या कॉर्पोरेटर की सीटें हों हमें बाकी दोनों पार्टियों शरद पवार गुट और उद्धव ठाकरे गुट से ज़्यादा सफलता मिली.

    कांग्रेस कार्यकर्ता स्वतंत्र रूप से लड़ना चाहते हैं
    इसके आगे उन्होंने कहा ये नतीजे पूरी तरह से कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की मनोदशा को दर्शाते हैं कि वे स्थानीय चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ना चाहते हैं. अगर दो भाई साथ आने का फैसला करते हैं तो हम वाकई में खुश हैं. हम उन्हें बधाई देते हैं और आने वाले चुनावों में उनकी सफलता की सच्ची कामना करते हैं। हमारा रुख हमेशा शिवसेना यूबीटी और शरद पवार के साथ खड़े रहने का रहा है और आज भी वही है.

    महाराष्ट्र पर कब्जा करने की साजिश- वड्डेटीवार

    वड्डेटीवार ने ये भी कहा महाराष्ट्र के लिए मराठी लोग क्या फैसला लेते हैं यह उन पर निर्भर करता है. लेकिन यह सच है कि राज्य में मराठी भाषा और मराठी पहचान पर खतरा मंडरा रहा है। भले ही मैं कांग्रेसी हूं लेकिन सच तो सच ही रहता है. मुंबई पर कब्ज़ा करने और उसे गुजरात के कंट्रोल में लाने की एक सोची-समझी कोशिश की जा रही है.

  • गिरिराज सिंह का मानसिक संतुलन. इमरान मसूद को आतंकी कहे जाने पर भड़के इमरान प्रतापगढ़ी

    गिरिराज सिंह का मानसिक संतुलन. इमरान मसूद को आतंकी कहे जाने पर भड़के इमरान प्रतापगढ़ी


    नई दिल्‍ली । गिरिराज सिंह ने इमरान मसूद को आतंकी कह दिया, इस पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद की कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली है. इसके साथ ही उन्होंने कई मुद्दों पर खुल कर से अपनी राय रखी है. इमरान मसूद द्वारा प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री लायक बताए जाने, बांग्लादेश की घटना के बंगाल चुनाव पर संभावित असर, हिमंता बिस्वा सरमा की आशंका और अरावली जैसे मुद्दों पर क्या कुछ कहा है आइए जानते हैं.

    गिरिराज सिंह का मानसिक संतुलन हिला हुआ है- इमरान प्रतापगढ़ी

    केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह द्वारा कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को आतंकी कहे जाने पर इमरान प्रतापगढ़ी बोले- उनका बयान प्रतिक्रिया देने लायक नहीं होता. उनका मानसिक संतुलन हिला हुआ है. समझ नहीं आता कि संविधान की शपथ लेकर कोई इतना गैर-संवैधानिक बयान कैसे दे सकता है. प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को इस पर संज्ञान लेना चाहिए और बताना चाहिए कि जिसकी मानसिक स्थिति ठीक न हो, उसे केंद्र में मंत्री बनाया जाना चाहिए या नहीं.

    कांग्रेस में कई नेता हैं जो PM बनने की क्षमता रखते हैं- इमरान प्रतापगढ़ी

    इमरान मसूद द्वारा प्रियंका गांधी वाड्रा को पीएम मटेरियल बताए जाने पर इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि पार्टी में बहुत से ऐसे नेता हैं जो प्रधानमंत्री बन सकते हैं. राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत तमाम लोग हैं जिनमें पीएम बनने की क्षमता है. इस विषय पर जो विवाद पैदा किया जा रहा है, वह मीडिया की देन है. इस मुद्दे पर मीडिया ने ही बहस छेड़ी है. मीडिया ने ही प्लांट करके रॉबर्ट वाड्रा से बयान लिया और उसे गलत तरीके से पेश किया. यह अच्छी बात है कि कांग्रेस पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र है, इससे बेहतर आंतरिक लोकतंत्र हो ही नहीं सकता.

    उन्होंने कहा, क्या बीजेपी में कोई कह सकता है कि अमित शाह और जेपी नड्डा पीएम बन सकते हैं. कांग्रेस में कई ऐसे नेता हैं जो पीएम बनने की क्षमता रखते हैं. प्रियंका गांधी वाड्रा में भी प्रधानमंत्री बनने की पूरी क्षमता है. उन्होंने संसद में वंदे मातरम पर जो कुछ कहा, उसकी चर्चा पूरे देश में हुई. प्रधानमंत्री सत्र छोड़कर विदेश चले गए थे. तमाम मुद्दों पर बीजेपी घिरी हुई है और मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह का विवाद खड़ा किया जाता है. मीडिया ऐसे मामलों में बीजेपी की मदद करती रहती है. यह सब मीडिया की गढ़ी हुई कहानी है. हम सभी मुद्दों पर डटे हुए हैं और हमारे मुद्दे पूरी तरह स्पष्ट हैं.

    ब्राह्मण विधायकों पर भी बोले इमरान प्रतापगढ़ी

    यूपी में बीजेपी के ब्राह्मण विधायकों द्वारा एकजुट होकर डिनर पार्टी आयोजित किए जाने पर इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि इस पर बीजेपी को ही प्रतिक्रिया देनी चाहिए कि ब्राह्मण विधायकों को यह क्यों कहना पड़ा कि वे पीछे हो रहे हैं. इस मामले में बीजेपी को आत्ममंथन करने की जरूरत है. कांग्रेस पार्टी सभी को साथ लेकर चलती है, जबकि बीजेपी जातिवादी पार्टी है. बीजेपी के लोग जातिवादी सम्मेलन करते हैं और अब डिनर कर रहे हैं. हम इसमें कोई संभावना नहीं देखते. हम संविधान बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं. राहुल गांधी ने साफ कहा है कि हम जाति और धर्म की राजनीति नहीं करेंगे.

    PM शेख हसीना की मेहमाननवाजी में लगे हैं- इमरान प्रतापगढ़ी

    बांग्लादेश के हालात और पश्चिम बंगाल चुनाव पर उसके संभावित असर को लेकर इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि इस मुद्दे पर भारत सरकार को बोलना चाहिए. कांग्रेस पार्टी लगातार इस पर आवाज उठा रही है. प्रियंका गांधी ने भी इस पर काफी कुछ कहा है. यह भारत सरकार की बड़ी विफलता है. यह शर्मनाक है कि बंगाल चुनाव को लेकर तो बातें की जा रही हैं, लेकिन पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार पर हमारी सरकार चुप है. दुनिया में कहीं भी अल्पसंख्यकों पर अत्याचार होता है तो भारत सरकार को बोलना चाहिए. प्रधानमंत्री और विदेश मंत्रालय शेख हसीना की मेहमाननवाज़ी में लगे हैं, लेकिन बांग्लादेश के मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं.हिमंता बिस्वा सरमा के इस बयान पर कि असम में घुसपैठिए बढ़ते जा रहे हैं, इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि आखिर कहां-कहां घुसपैठिए बढ़ रहे हैं. झारखंड में प्रभारी रहते हुए उन्होंने वहां भी यही कहा था. दिल्ली और बिहार चुनाव में भी यही बात कही गई. इसके बाद असम और यूपी में भी यही कहा जा रहा है, क्योंकि वहां चुनाव नजदीक हैं. जिन राज्यों में चुनाव खत्म हो जाते हैं, वहां बीजेपी घुसपैठियों की बात भूल जाती है.

    हम उनके बुलडोजरों के सामने खड़े मिलेंगे- इमरान प्रतापगढ़ी

    अरावली के मुद्दे पर इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि बीजेपी उद्योगपतियों की मदद करना चाहती है. भाजपा जल, जंगल और जमीन की दुश्मन है. इनका जनता से कोई सरोकार नहीं है. 400 पार का नारा देने वाली बीजेपी ए क्यू आई 400 पार लेकर चली गई है. यह सरकार संसाधनों को लूटकर चंद उद्योगपति दोस्तों को फायदा पहुंचाना चाहती है. अरावली को न तो लूटने देंगे और न ही बर्बाद होने देंगे. हम उनके बुलडोजरों के सामने खड़े मिलेंगे.कांग्रेस सांसद और अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी आज जयपुर में थे. यहां से वह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा भेजी गई चादर लेकर अजमेर दरगाह के लिए रवाना हुए
  • चंडीगढ़ मेयर चुनाव से पहले AAP को झटका, दो पार्षद BJP में शामिल, जानें क्या है नया नंबर गेम

    चंडीगढ़ मेयर चुनाव से पहले AAP को झटका, दो पार्षद BJP में शामिल, जानें क्या है नया नंबर गेम


    नई दिल्‍ली । चंडीगढ़ नगर निगम में आम आदमी पार्टी AAP को बड़ा झटका लगा है. पार्टी के दो पार्षद भारतीय जनता पार्टी BJP में शामिल हो गए हैं. आम आदमी पार्टी पार्षद सुमन देवी और पूनम देवी ने पार्टी छोड़ बीजेपी में शामिल होने का फैसला ले लिया है. बता दें, जनवरी 2026 में मेयर चुनाव होने वाला है. इससे पहले आम आदमी पार्टी के लिए यह बड़ा नुकसान माना जा रहा है. चंडीगढ़ नगर निगम में कुल 35 पार्षद हैं, जबकि एक वोट स्थानीय सांसद का होता है.

    चंडीगढ़ नगर निगम में पार्षदों की क्या है संख्या?

    निगम में बीजेपी के अब तक 16 पार्षद थे, जिनकी संख्या बढ़कर 18 हो गई है. वहीं, आम आदमी पार्टी के 13 पार्षद थे जिनकी संख्या घट कर 11 रह गई है. कांग्रेस के 6 पार्षद हैं जबकि एक वोट कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी का है.

    नगर निगम में बहुमत के लिए कितने वोट चाहिए?
    मालूम हो, इस साल जनवरी 2025 में हुए मेयर चुनाव में बीजेपी ने कम पार्षद होने के बावजूद जीत हासिल की थी. बीजेपी की हरप्रीत कौर बबला ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की सांझा उम्मीदवार प्रेम लता को हराया था. बबला को 19 वोट मिले थे, जबकि प्रेम लता को 17 वोट मिले थे. नगर निगम में बहुमत का आंकड़ा 19 है.

  • तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा पर जेडीयू ने उठाए सवालकरीबी का जिक्र कर डीजीपी को भेजा पत्रकी ये मांग

    तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा पर जेडीयू ने उठाए सवालकरीबी का जिक्र कर डीजीपी को भेजा पत्रकी ये मांग

    नई दिल्‍ली । जनता दल यूनाइटेड के एमएलसी और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने बुधवार को बिहार के पुलिस महानिदेशक को एक पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा को लेकर सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला दिया है। नीरज कुमार ने पत्र में कहा कि बिहार विधानमंडल का सत्र चलने के दौरान यह जानकारी सामने आई कि तेजस्वी यादव विदेश गए हुए हैं। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि इस यात्रा में यूपी के बलरामपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर रमीज नेमत खान उनके साथ मौजूद है। इसके अलावादेवा गुप्ता के भी इस विदेश यात्रा में शामिल होने की संभावना जताई गई है। जेडीयू नेता ने डीजीपी से आग्रह किया है कि तेजस्वी यादव के साथ यात्रा कर रहे आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जाए और मामले को गंभीरता से लिया जाए।

    तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा पर जेडीयू का शक

    डीजीपी को पत्र लिखने वाले जेडीयू एमएलसी और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने मीडिया से बातचीत में अपनी आशंकाएं जाहिर कीं। उन्होंने कहा कि उन्हें संदेह है कि तेजस्वी यादव अपनी हालिया विदेश यात्रा के दौरान रमीज नेमत खान को साथ ले गए हैं। नीरज कुमार का दावा है कि चुनाव परिणाम आने के बाद से तेजस्वी यादव सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि तेजस्वी यादव की बहन रोहिणी आचार्य पहले रमीज नेमत खान पर गंभीर आरोप लगा चुकी हैं। उनके अनुसाररमीज उत्तर प्रदेश में गैंगस्टर एक्ट का आरोपी है और उस पर आपराधिक गतिविधियों के आरोप हैं। इसके बावजूद उसके तेजस्वी यादव के साथ होने की चर्चा सामने आ रही है।

    नीरज कुमार ने कहा कि इस मामले में न तो तेजस्वी यादव और न ही आरजेडी की ओर से कोई स्पष्ट सफाई दी गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जानकारी मिली है कि 28 आपराधिक मामलों के आरोपी देवा गुप्ता जो मोतिहारी से आरजेडी का उम्मीदवार रह चुका हैउसके भी विदेश यात्रा में शामिल होने की संभावना है। जेडीयू नेता ने कहा कि जब रमीज नेमत खान के विदेश जाने की आशंका जताई जा रही हैतो देवा गुप्ता के जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इसी वजह से डीजीपी से अनुरोध किया गया है कि देवा गुप्ता की गतिविधियों पर भी कड़ी निगरानी रखी जाए।

    नीरज कुमार का सवालआरजेडी ने अब तक कदम क्यों नहीं उठाया?
    नीरज कुमार ने आरजेडी की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यदि देवा गुप्ता फरार है और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित हैतो पार्टी ने उसके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर गंभीर आपराधिक आरोप हैंउन पर आरजेडी की ओर से कोई सख्ती नहीं दिखाई दे रही है। इसी वजह से यह आशंका गहराती है कि दोनों व्यक्ति तेजस्वी यादव के संपर्क में हो सकते हैं। नीरज कुमार ने आगे कहा कि यदि यह साबित होता है कि ये दोनों लोग तेजस्वी यादव के साथ हैंतो फिर कानून अपना काम करेगा और उस स्थिति में तेजस्वी यादव पर भी कार्रवाई की जाएगी।

    जेडीयू के आरोपों पर आरजेडी का जवाब

    जेडीयू द्वारा लगाए गए आरोपों और डीजीपी को लिखे गए पत्र पर आरजेडी ने कड़ा जवाब दिया है। पार्टी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि जेडीयू को दूसरों पर सवाल उठाने के बजाय अपनी पार्टी और सरकार की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जेडीयू इस डर में जी रही है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर उस पर दबाव बढ़ रहा है। मृत्युंजय तिवारी ने आरोप लगाया कि यह सब तेजस्वी यादव को लेकर फैली घबराहट का नतीजा है।
    उन्होंने सवाल किया कि जब राज्य में अपराध पर नियंत्रण करने में सरकार नाकाम साबित हो रही हैतो उसे इस बात की चिंता क्यों है कि तेजस्वी यादव कहां हैं और किसके साथ हैं। देवा गुप्ता के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए आरजेडी प्रवक्ता ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति ने चुनाव के दौरान अपना हलफनामा दाखिल किया थातो उस समय बिहार पुलिस सोई थी क्या? उन्होंने पूछा कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान पुलिस और प्रशासन ने उस पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की।

  • ये कैसा न्याय है कुलदीप सेंगर को जमानत मिलने पर भड़के राहुल गांधी उन्नाव गैंगरेप पीड़िता से आज कर सकते हैं मुलाकात

    ये कैसा न्याय है कुलदीप सेंगर को जमानत मिलने पर भड़के राहुल गांधी उन्नाव गैंगरेप पीड़िता से आज कर सकते हैं मुलाकात


    नई दिल्‍ली । उन्नाव रेप केस मामले में ट्रायल कोर्ट से पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को 2019 में सुनाई गई उम्र कैद की सजा के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की एक बेंच ने सजा को निलंबित कर दिया है. इस पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी भड़क गए हैं. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर अपनी नाराजगी जताई है. खबर है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी उन्नाव की पीड़िता से आज शाम 7 बजे मिल सकते हैं. मंगलवार को कोर्ट के फैसले के बाद पीड़िता उनकी मां और महिला अधिकार एक्टिविस्ट योगिता भयाना ने इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन किया था. प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने पीड़िता उनकी मां और योगिता भायना को प्रदर्शन करने से रोकते हुए हटा दिया.

    राहुल ने बोले- लोकतंत्र में आवाज उठाना अधिकार है

    राहुल गांधी ने गैंगरेप पीड़िता को समर्थन देते हुए पूछा क्या एक गैंगरेप पीड़िता के साथ ऐसा व्यवहार उचित है? क्या उसकी गलती ये है कि वो न्याय के लिए अपनी आवाज उठाने की हिम्मत कर रही है? उसके अपराधी पूर्व BJP MLA को जमानत मिलना बेहद निराशाजनक और शर्मनाक है. खासकर तब जब पीड़िता को बार-बार प्रताड़ित किया जा रहा हो और वो डर के साए में जी रही हो. बलात्कारियों को जमानत और पीड़िताओं के साथ अपराधियों सा व्यवहार ये कैसा न्याय है? हम सिर्फ एक मृत अर्थव्यवस्था नहीं ऐसी अमानवीय घटनाओं के साथ हम एक मृत समाज भी बनते जा रहे हैं. लोकतंत्र में असहमति की आवाज उठाना अधिकार है और उसे दबाना अपराध. पीड़िता को सम्मान सुरक्षा और न्याय मिलना चाहिए न कि बेबसी भय और अन्याय.

    पीड़िता का आरोप- 2027 चुनाव से पहले दी जमानत

    इंडिया गेट पर 2017 के उन्नाव गैंगरेप केस पीड़िता ने आरोप लगाया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को देखते हुए सेंगर को जमानत दी गई है. 2017 के इस मामले ने तब विवाद पकड़ा था जब बिना नंबर प्लेट वाले एक ट्रक उस कार से टकरा गया था जिसमें पीड़िता जा रही थी.
    इस घटना में पीड़िता और उसका वकील गंभीर रूप से घायल हो गए थे. जबकि उसकी दो मौसियों की मौत हो गई थी. इस मामले में सेंगर पर अलग से एक मामला दर्ज है. इस मामले में भी 2021 को दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें आरोप मुक्त करते हुए दुर्घटना को सबूतों के आभाव में साजिश मानने से इनकार कर दिया था.

  • ऐपल का 2026 मेगा प्लान: 50वें जन्मदिन पर 20 से ज्यादा नए प्रोडक्ट्स, फोल्डेबल आईफोन से Apple Glasses तक रिपोर्ट

    ऐपल का 2026 मेगा प्लान: 50वें जन्मदिन पर 20 से ज्यादा नए प्रोडक्ट्स, फोल्डेबल आईफोन से Apple Glasses तक रिपोर्ट

    नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर अपने बेबाक और विवादित बयानों के लिए पहचाने जाने वाले हिंदुस्तानी भाऊ उर्फ विकास पाठक एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अभिनेत्री जया बच्चन के पपराजी को लेकर दिए गए बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। हिंदुस्तानी भाऊ ने जया बच्चन की टिप्पणी को अपमानजनक बताते हुए पपराजी से अपील की है कि वे उन जगहों पर कवरेज न करें, जहां उन्हें सम्मान नहीं दिया जाता।दरअसल, हाल ही में जया बच्चन ने वरिष्ठ पत्रकार बरखा दत्त के चर्चित शो वी द वुमन में पपराजी को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि मीडिया से उनके संबंध अच्छे हैं, लेकिन पपराजी से नहीं। जया बच्चन ने पपराजी के व्यवहार और पहनावे पर सवाल उठाते हुए कहा था कि सिर्फ मोबाइल फोन होने का मतलब यह नहीं कि कोई भी किसी की तस्वीर खींच सकता है या मनचाहे कमेंट कर सकता है।जया बच्चन के इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई। कुछ लोगों ने उनके बयान को निजता से जोड़कर सही ठहराया, तो वहीं कई यूजर्स ने इसे पपराजी का अपमान बताया। इसी बीच हिंदुस्तानी भाऊ ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की।

    एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान हिंदुस्तानी भाऊ ने जया बच्चन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पपराजी की वजह से ही कई कलाकार और सार्वजनिक हस्तियां चर्चा में बनी रहती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पपराजी ही पहचान दिलाते हैं, तो फिर उनके साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जाता है।हिंदुस्तानी भाऊ ने कहा,उन्होंने कपड़ों पर कमेंट किया। अमिताभ बच्चन की पत्नी जया बच्चन खुद सस्ती साड़ी पहनती हैं और दूसरों को गरीब बोलती हैं। ऐसे लोगों के पीछे क्यों जाते हो, जहां आपकी इज्जत नहीं होती।

    उन्होंने पपराजी से हाथ जोड़कर अपील करते हुए कहा कि आत्मसम्मान सबसे जरूरी है और जहां सम्मान न मिले, वहां जाना ही नहीं चाहिए। भाऊ ने कहा कि पपराजी की मेहनत से ही कई सेलिब्रिटीज जनता के बीच बने रहते हैं।उन्होंने आगे कहा,आप लोगों की वजह से ही ये लोग दिखते हैं। अगर आप इन्हें दिखाना बंद कर दो, तो कोई इन्हें जानता भी नहीं। जहां इज्जत न मिले, वहां मत जाओ। आप लोग ही इन्हें बनाते हो।हिंदुस्तानी भाऊ ने यह भी कहा कि अगर पपराजी एकजुट होकर ऐसे लोगों को कवरेज देना बंद कर दें, तो उन्हें अपनी गलती का एहसास जरूर होगा। उन्होंने इसे सिर्फ पेशे का नहीं, बल्कि आत्मसम्मान का सवाल बताया।

    दूसरी ओर, जया बच्चन के बयान को लेकर सोशल मीडिया पर पहले से ही तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि सेलिब्रिटीज को भी निजता का अधिकार है, जबकि कई लोगों का मानना है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वालों को आलोचना और कैमरों का सामना करना पड़ता है।जया बच्चन ने शो में कहा था,पपराजी को लगता है कि मोबाइल कैमरा होने से वे किसी के घर में चूहे की तरह घुस सकते हैं। वे जैसे कपड़े पहनते हैं और जैसे कमेंट करते हैं, वह मुझे बिल्कुल पसंद नहीं।इस पूरे विवाद के बाद एक बार फिर यह सवाल खड़ा हो गया है कि सेलिब्रिटीज और पपराजी के बीच रिश्तों की सीमाएं क्या होनी चाहिए और सम्मान दोनों पक्षों से कितना जरूरी है। फिलहाल, हिंदुस्तानी भाऊ का बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस मुद्दे पर खुलकर अपनी-अपनी राय रख रहे हैं।

  • दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा आदेशसंजय कपूर एस्टेट मामले का निपटारायाचिका पर निर्णय सुरक्षित

    दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा आदेशसंजय कपूर एस्टेट मामले का निपटारायाचिका पर निर्णय सुरक्षित


    नई दिल्‍ली । दिल्ली हाईकोर्ट ने उद्योगपति संजय कपूर की निजी संपत्ति को लेकर चल रहे बहुचर्चित विवाद में अहम मोड़ पर सुनवाई पूरी कर ली है। अदालत ने करिश्मा कपूर से हुए विवाह से जन्मे बच्चों की ओर से दायर अंतरिम रोक इंटरिम इंजंक्शन की याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया है और साफ कर दिया है कि अब इस मामले में कोई नई फाइलिंग स्वीकार नहीं की जाएगी। जस्टिस ज्योति सिंह ने स्पष्ट कहा कि मौखिक बहस पूरी हो चुकी है और दोनों पक्षों की लिखित दलीलों को रिकॉर्ड पर ले लिया गया है। ऐसे में आदेश सुनाए जाने से पहले किसी भी तरह की अतिरिक्त अर्जी या दस्तावेज पर विचार नहीं होगा। यह मामला बीते कई महीनों से अदालत में चल रहा था और संजय कपूर की करोड़ों की संपत्ति को लेकर उनके परिवार के बीच गहरे मतभेद सामने आए हैं।

    वसीयत को लेकर आरोप-प्रत्यारोपबच्चों ने मांगी संपत्ति पर रोक

    संजय कपूर की मौजूदा पत्नी और उनकी विधवा प्रिया सचदेव कपूर इस विवाद के केंद्र में हैं। करिश्मा कपूर से संजय के दो बच्चे समायरा कपूर और कियान राज कपूर ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख करते हुए आरोप लगाया था कि प्रिया सचदेव ने संजय कपूर की वसीयत में कथित तौर पर जालसाजी की है। बच्चों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने अदालत से मांग की कि जब तक वसीयत की वैधता पर अंतिम फैसला नहीं हो जातातब तक प्रिया को संजय कपूर की निजी संपत्ति से किसी भी तरह का लेन-देन करने से रोका जाए। दूसरी ओरप्रिया सचदेव की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव नायर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि न तो किसी तरह की संपत्ति विदेश भेजी गई और न ही कोई जानकारी छिपाई गई। उन्होंने यह भी चुनौती दी कि संजय कपूर की सालाना आय 60 करोड़ रुपये होने का दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है।

    संजय कपूर की मां ने उठाए सवाल

    इस मामले में एक और अहम पक्ष संजय कपूर की मां रानी कपूर का है। उनकी ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता वैभव गग्गर ने अदालत में तर्क दिया कि प्रिया सचदेव द्वारा बताई गई बैंक बैलेंस की राशि महज 1.7 करोड़ रुपये होना संदेह पैदा करता हैजबकि संजय कपूर की बताई गई आमदनी कहीं अधिक थी। उन्होंने यह भी कहा कि यह मानना मुश्किल है कि संजय कपूर अपनी पूरी निजी संपत्ति सिर्फ प्रिया सचदेव के नाम कर दें और अपने बच्चों या परिवार के अन्य सदस्यों को कुछ भी न दें। इन दलीलों के साथ रानी कपूर ने भी वसीयत की प्रामाणिकता पर सवाल खड़े किए।

    संपत्ति विवाद पर टिकी निगाहें

    दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा अंतरिम रोक की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखे जाने के बाद अब सबकी निगाहें अदालत के आदेश पर टिकी हैं। यह फैसला तय करेगा कि संजय कपूर की संपत्ति को लेकर आगे की कानूनी लड़ाई किस दिशा में जाएगी। गौरतलब है कि संजय कपूर देश की प्रमुख ऑटो पार्ट्स निर्माता कंपनी सोना कॉमस्टार के चेयरमैन थे। जून महीने में लंदन में पोलो खेलते वक्त उनका निधन हो गया था। संजय कपूर की शादी करिश्मा कपूर से वर्ष 2003 में हुई थीजो 2016 में तलाक के साथ खत्म हुई। इसके बाद उन्होंने 2017 में प्रिया सचदेव से विवाह किया। अब उनकी मौत के बाद संपत्ति को लेकर परिवार के भीतर शुरू हुआ यह विवाद अदालत के फैसले का इंतजार कर रहा है।

  • क्रिसमस 2025 क्रिसमस पर मोजे में ही क्यों मिलते हैं गिफ्ट जानें इसके पीछे की दिलचस्प कहानी

    क्रिसमस 2025 क्रिसमस पर मोजे में ही क्यों मिलते हैं गिफ्ट जानें इसके पीछे की दिलचस्प कहानी


    नई दिल्‍ली । क्रिसमस की परंपराएं 25 दिसंबर यानी क्रिसमस का त्योहार अब बस आने ही वाला है. इस दिन को लेकर बच्चों से लेकर बड़ों तक हर किसी में एक अलग ही उत्साह देखने को मिलता है. क्रिसमस की सुबह जब बच्चे सोकर उठते हैं तो उनकी नजरें सबसे पहले अपने बिस्तर के पास या क्रिसमस ट्री पर टंगे मोजों पर जाती हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सांता क्लॉज उपहार देने के लिए मोजों का ही चुनाव क्यों करते हैं इसके पीछे एक बेहद भावुक और दिलचस्प पौराणिक कथा छिपी है. आइए जानते हैं आखिर मोजे में गिफ्ट देने की यह परंपरा कैसे शुरू हुई.
    कौन थे सेंट निकोलस
    क्रिसमस पर मोज़े में गिफ्ट मिलने की कहानी सेंट निकोलस से जुड़ी मानी जाती है. चौथी शताब्दी में तुर्की के रहने वाले सेंट निकोलस एक बेहद दयालु व्यक्ति थे. वे अपनी संपत्ति का उपयोग जरूरतमंदों और गरीब बच्चों की मदद के लिए करते थे. उन्हें ही आज हम सांता क्लॉज के नाम से जानते हैं. मान्यता है कि वे रात के अंधेरे में चुपके से आकर लोगों की मदद करते थे ताकि किसी को पता न चले.
    मोजे और सोने के सिक्कों की वो जादुई रात
    पौराणिक कथा के अनुसार एक गांव में एक बहुत ही गरीब व्यक्ति रहता था जिसकी तीन बेटियां थीं. गरीबी के कारण उस पिता के पास बेटियों की शादी के लिए दहेज देने के पैसे नहीं थे. वह बहुत चिंतित था कि उसकी बेटियों का भविष्य क्या होगा. जब सेंट निकोलस को इस परिवार की लाचारी के बारे में पता चला तो उन्होंने मदद करने का फैसला किया. हालांकि वे अपनी पहचान उजागर नहीं करना चाहते थे.

    एक रात निकोलस उस व्यक्ति के घर पहुंचे और चिमनी के जरिए सोने के सिक्कों की तीन थैलियां नीचे फेंकी. उस समय परिवार के सदस्यों ने अपने मोजे धोकर सूखने के लिए चिमनी के पास ही टांग रखे थे. ऊपर से गिराए गए सोने के सिक्के सीधे उन मोजों के अंदर जा गिरे. अगली सुबह जब बेटियों ने अपने मोजे देखे तो वे सोने के सिक्कों से भरे थे. उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा और उन पैसों से तीनों की शादी धूमधाम से हो गई.


    कैसे बनी यह एक वैश्विक परंपरा
    इस घटना के बाद से ही दुनिया भर में यह मान्यता बन गई कि सांता क्लॉज रात में आएंगे और चिमनी के रास्ते बच्चों के मोजों में उपहार छोड़ जाएंगे. आज भी बच्चे क्रिसमस की पूर्व संध्या पर इस उम्मीद में रंग-बिरंगे मोजे टांगते हैं कि सुबह उनमें कैंडी चॉकलेट या उनके मनपसंद खिलौने मिलेंगे.
    आज के दौर में क्रिसमस स्टॉकिंग्स
    समय के साथ यह परंपरा एक फैशन और सजावट का हिस्सा बन गई है. अब बाजारों में खास तौर पर क्रिसमस स्टॉकिंग्स मिलते हैं जिन्हें लोग अपने घरों में सजाते हैं. भले ही अब लोग चिमनी का इस्तेमाल कम करते हों लेकिन बिस्तर के पास या क्रिसमस ट्री पर मोजे टांगने का क्रेज आज भी बरकरार है.