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  • कुमार विश्वास ने बिना नाम लिए गांधी परिवार को बताया 'फर्जी गांधी' सीएम योगी के सामने कसा तंज

    कुमार विश्वास ने बिना नाम लिए गांधी परिवार को बताया 'फर्जी गांधी' सीएम योगी के सामने कसा तंज


    नई दिल्ली ।
    देश के जाने-माने कवि और पूर्व नेता कुमार विश्वास ने एक बार फिर अपने तीखे अंदाज में कांग्रेस पर निशाना साधा है. इस बार उनका तंज सीधे देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल और महात्मा गांधी को लेकर था. लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान कुमार विश्वास ने कांग्रेस की विचारधारा और इतिहास को लेकर व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि कांग्रेस ने कभी सरदार पटेल को अपना बताया ही नहीं.उन्होंने कहा ये लोग तो इतने तेज हैं कि कांग्रेस कार्यालय के बाहर एक पुरखा बिठा रखा था. सरदार पटेल बाहर बैठे थे तो बीजेपी वाले उठा लाए. कांग्रेस बोली पटेल तो हमारे थे.

    नामों में ही उलझी रही कांग्रेस

    कुमार विश्वास ने आगे कहा कि कांग्रेस अपने ही परिवार और नामों में उलझी रही. उन्होंने कहा तुम तो अपने नानाजी पापाजी मम्मीजी चाचीजी में ही लगे रहे. पटेल बाहर बैठे थे तो कोई पूछने वाला ही नहीं था कुमार विश्वास का इशारा कांग्रेस के परिवारवाद की ओर था जिस पर वे पहले भी कई बार सवाल उठा चुके हैं.अपने बयान में कुमार विश्वास यहीं नहीं रुके. उन्होंने महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी को गांधी जी को भी ले आना चाहिए. उन्होंने कहा गांधी जी स्वदेशी भी कह रहे हैं आयुर्वेद भी गीता भी पढ़ रहे हैं खादी भी पहन रहे हैं. सारा काम तो वही है जो बीजेपी वाले कहते हैं.

    कांग्रेस के पास फर्जी गांधी कुमार विश्वास
    इसके साथ ही उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि कांग्रेस के पास पहले से ही तीन फर्जी गांधी’ है इसलिए असली गांधी को लेने में बीजेपी को क्या दिक्कत है.कुमार विश्वास का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में इतिहास और महापुरुषों की विरासत को लेकर राजनीति तेज है. उनके इस तंज को कांग्रेस पर सीधा हमला माना जा रहा है. समर्थक जहां इसे सटीक व्यंग्य बता रहे हैं वहीं कांग्रेस समर्थकों को यह बयान नागवार गुजर रहा है.

  • 1 जनवरी से ब्लैक लिस्ट हो जाएंगे ये राशन कार्ड फ्री अनाज और 7 बड़ी योजनाओं का लाभ मिलेगा रुक

    1 जनवरी से ब्लैक लिस्ट हो जाएंगे ये राशन कार्ड फ्री अनाज और 7 बड़ी योजनाओं का लाभ मिलेगा रुक


    नई दिल्ली । राशन कार्ड धारकों के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई हैजिससे हजारों लाभार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अगर आप राशन कार्ड का लाभ उठाते हैंतो 31 दिसंबर से पहले एक जरूरी काम पूरा करना होगा। इस समय सीमा के बाद अगर आप यह काम नहीं करतेतो 1 जनवरी से राशन मिलना बंद हो सकता है और सात प्रमुख सरकारी योजनाओं का लाभ भी रुक सकता है।

    ई-केवाईसी प्रक्रिया अनिवार्य

    दरअसलसरकार ने राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी इलेक्ट्रॉनिक-नो योर कस्टमरको अनिवार्य कर दिया है। इसका मतलब है कि सभी राशन कार्ड धारकों को अपनी पहचान और अन्य जानकारी ऑनलाइन अपडेट करनी होगी। यदि यह प्रक्रिया 31 दिसंबर तक पूरी नहीं होतीतो 1 जनवरी से आपके राशन कार्ड का लाभ रुक सकता हैऔर आप फ्री राशन और अन्य योजनाओं से वंचित हो सकते हैं।

    किसे-किसे पर पड़ेगा असर

    राशन कार्ड से जुड़ी यह प्रक्रिया हर परिवार के लिए लागू हैजिनके पास सरकारी राशन कार्ड है। इसका सीधा असर उन लाभार्थियों पर होगा जो अब तक अपनी ई-केवाईसी नहीं करवा पाए हैं। इन लाभार्थियों को 1 जनवरी से राशन मिलने में समस्या हो सकती है। इसके अलावासात बड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ भी इन कार्ड धारकों को नहीं मिल पाएगाजिनमें प्रमुख रूप से फ्री राशन योजनापेंशन योजनाएंबीमा योजनाएं अन्य सरकारी मदद शामिल हैं।

    ई-केवाईसी कैसे करें

    खुशखबरी यह है कि इस पूरी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए आपको किसी सरकारी दफ्तर या केंद्र पर जाने की जरूरत नहीं है। ई-केवाईसी मोबाइल फोन से भी किया जा सकता है। इसके लिए आपको निम्नलिखित कदम उठाने होंगे

    स्मार्टफोन या कंप्यूटर का इस्तेमाल करें।

    राज्य सरकार के आधिकारिक राशन कार्ड पोर्टल या एप्लिकेशन पर जाएं। अपना राशन कार्ड नंबर और अन्य जरूरी जानकारी डालें। आधार कार्ड और फोटो अपलोड करें।
     एक बार जब यह प्रक्रिया पूरी हो जाएतो आपको एक कन्फर्मेशन मैसेज मिलेगा। इस प्रक्रिया को पूरा करने के बाद आपको कोई परेशानी नहीं होगी और आप बिना किसी रुकावट के सभी सरकारी योजनाओं का लाभ उठाते रहेंगे।

    क्यों जरूरी है ई-केवाईसी

    ई-केवाईसी से राशन कार्ड की जानकारी को सही तरीके से अपडेट किया जा सकेगा और यह सुनिश्चित होगा कि केवल असली और पात्र लाभार्थी ही सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। इस प्रक्रिया से राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर भी रोक लगेगी।

    समय रहते सुधार लें
    अगर आपने अभी तक अपनी ई-केवाईसी नहीं करवाई हैतो यह समय है कि आप इसे जल्दी से जल्दी पूरा कर लें। ऐसा करने से आप 1 जनवरी से होने वाली किसी भी परेशानी से बच सकते हैं और आपके राशन कार्ड से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी रुकावट के मिलता रहेगा।

  • PNR एक… सीटें अलग-अलग, साथ बैठकर हवाई सफर करने वालों को चुकानी पड़ रही बड़ी कीमत…

    PNR एक… सीटें अलग-अलग, साथ बैठकर हवाई सफर करने वालों को चुकानी पड़ रही बड़ी कीमत…


    नई दिल्ली।
    हवाई जहाज (Airplane) से सफर कर रहे यात्रियों को ऑनलाइन चेक इन (Online check-in) के दौरान बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है। खासतौर पर एक टिकट पर यदि दो यात्री हैं तो उन्हें भी एकसाथ बैठने के लिए प्रति सीट तीन सौ से 1500 रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़ रहे हैं। घरेलू उड़ानों के साथ अंतरराष्ट्रीय उड़ान पर यही नियम: विमानन कंपनियों (Aviation companies) ने घरेलू उड़ानों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय उड़ान पर यह नियम बना रखे हैं।

    अधिकांश विमानन कंपनियों ने ऑनलाइन चेक इन का ऐसा सिस्टम बनाया है, जिसमें परिवार व दोस्तों के साथ सफर करे रहे यात्रियों को एक साथ सीट पाने के लिए न चाहते हुए भी अतिरिक्त शुल्क देना पड़ रहा है।

    दरअसल, ऑनलाइन/वेब चेक इन में सिर्फ एक ही व्यक्ति की सीट अपनी पंसद के हिसाब से निःशुल्क चुनने का विकल्प दिया जा रहा है। यदि टिकट का दूसरा व्यक्ति भी सीट बराबर में चाहता है तो फिर उसे अतिरिक्त भुगतान करना होगा। अतिरिक्त भुगतान न करने की स्थिति में विमानन कंपनी दूसरे व्यक्ति की सीट दूसरी जगह पर दे देगी।

    यह है नियम
    नागर विमानन महानिदेशक (डीजीसीए) का प्रावधान यह है कि विमानन कंपनी अपने सिस्टम के जरिए कोशिश करेंगी कि अगर एक ही रिफरेंस व पीएनआर नंबर पर दो यात्रियों ने टिकट बुक कराए हैं तो ऐसे में दोनों यात्रियों को साथ की सीट पर बैठने का अवसर दिया जाएगा। भले ही, दूसरे यात्री को विंडो साइड की सीट न दी जाए। लेकिन विमानन कंपनी ऑनलाइन चेक इन शुरू होने के साथ ही, अतिरिक्त भुगतान के साथ दूसरी सीट को यात्री की पसंद से चुनने का विकल्प देती हैं।


    एक साथ सफर करने पर भुगतान करना यात्रियों की मजबूरी

    विमानन कंपनियों के इस नए चेक इन सिस्टम के हिसाब से परिवार व दोस्तों के साथ सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह मजबूरी है कि वह भुगतान के विकल्प को चुने। ऑनलाइन चेक इन शुरू होने पर दूसरी सीट को अपनी पसंद से चुनने पर तीन से पांच सौ रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है, लेकिन समय बीतने के साथ ही सीट चुनने का विकल्प महंगा होता जाता है। अंतिम समय में यह विकल्प प्रति सीट 1500 से ऊपर भी पहुंच जाता है। इस लिहाज से विमानन कंपनियां पसंद की सीट देने पर भी मोटी कमाई कर रही हैं।


    स्पष्ट प्रावधान नहीं होने के कारण विमानन कंपनियां उठा रहीं लाभ

    डीजीसीए ने वर्ष 2024 में सीट आवंटन को लेकर वायु परिवहन परिपत्र जारी किया, जिसमें अनुसूचित विमानन कंपनियों द्वारा सेवाओं और शुल्कों का पृथक्करण को लेकर कुछ प्रावधान स्पष्ट किया। जैसे कहा गया कि 12 साल से कम उम्र के बच्चे को बिना किसी शुल्क के माता-पिता के साथ सीट देनी होगी।

    जबकि, अन्य मामलों में विमानन कंपनियों को निर्देश दिया कि एयरलाइन अपने सिस्टम/सर्विस में बेहतर प्रैक्टिस के हिसाब से कोशिश करेगी कि यात्राओं को साथ में सीट दें, लेकिन विमानन कम्पनियां सिर्फ अनिवार्य मामलों को छोड़कर बाकी में सर्विस प्रैक्टिस में दो यात्रियों को एक साथ सीट नहीं देती हैं।

  • नवनीत राणा की 4 बच्चों वाली नसीहत पर भड़की प्रियंका चतुर्वेदी… बोलीं- पहले अपने पति कन्विन्स को करें…

    नवनीत राणा की 4 बच्चों वाली नसीहत पर भड़की प्रियंका चतुर्वेदी… बोलीं- पहले अपने पति कन्विन्स को करें…


    नई दिल्ली।
    महाराष्ट्र की विपक्षी पार्टी शिवसेना (उद्धव ठाकरे) (Shiv Sena -Uddhav Thackeray) की नेता और राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी (Priyanka Chaturvedi) ने भाजपा नेता और पूर्व सांसद नवनीत राणा (Navneet Rana) के उस बयान की तीखी आलोचना की है, जिसमें राणा ने देशभर के हिन्दुओं को हिंदुस्तान को बचाने लिए तीन-चार बच्चे पैदा (Three-Four Children) करने की नसीहत दी थी। एक टीवी चैनल से बात करते हुए चतुर्वेदी ने कहा, “वो पहले अपने पति से इस बारे में बात करें। वो भी अपने बच्चे बढ़ाएं, फिर अपने पड़ोसियों को कन्विन्स करें। जो अपने पड़ोसियों को कन्विन्स नहीं कर सकते, अपने पति को कन्विन्स नहीं कर सकते वो देश की महिलाओं को कन्विन्स करना बंद करें।”

    दरअसल, भाजपा नेता नवनीत राणा ने दो दिन पहले मंगलवार (23 दिसंबर) को कहा था कि हिंदुओं को कम से कम तीन-चार बच्चे पैदा करना चाहिए ताकि उन लोगों की साजिशों का मुकाबला किया जा सके जो बड़ी संख्या में बच्चे पैदा करके हिंदुस्तान को पाकिस्तान में बदलना चाहते हैं। पूर्व निर्दलीय सांसद राणा ने पत्रकारों से कहा था, “मैं सभी हिंदुओं से अपील करती हूं। सुनिए, ये लोग खुलेआम कहते हैं कि इनकी चार पत्नियां और 19 बच्चे हैं। मेरा सुझाव है कि हमें कम से कम तीन-चार बच्चे पैदा करना चाहिए।”


    नवनीत राणा ने क्यों दी ऐसी सलाह

    राणा ने अमरावती में यह टिप्पणी तब की थी, जब वह मीडिया को एक एक सवाल का जवाब दे रही थीं। राणा ने कहा,‘‘मुझे नहीं पता कि वह मौलाना है या कोई और, लेकिन उसने कहा कि उसके 19 बच्चे और चार पत्नियां हैं, परंतु वह 30 बच्चों की संख्या पूरी नहीं कर पाया। वे बड़ी संख्या में बच्चे पैदा करके हिंदुस्तान को पाकिस्तान में बदलना चाहते हैं, तो हम सिर्फ एक बच्चे से क्यों संतुष्ट हो जाएं? हमें भी तीन से चार बच्चे पैदा करने चाहिए।’’

    इस दौरान उन्होंने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) और राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के बीच बृहन्मुंबई महानगर पालिका चुनाव के लिए गठबंधन की संभावनाओं को भाव नहीं दिया। उन्होंने कहा,‘‘उद्धव ठाकरे बेबसी का पर्याय बन गए हैं। नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के लिए उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को प्रचार के लिए बाहर नहीं निकाला। अगर कोई उद्धव ठाकरे के साथ जुड़ता भी है, तो उसका प्रदर्शन स्थानीय निकाय चुनाव से भी बदतर होगा।’’

  • इस साल आयकर कानून में हुए कई अहम बदलाव… करदाताओं को मिली बड़ी राहत

    इस साल आयकर कानून में हुए कई अहम बदलाव… करदाताओं को मिली बड़ी राहत


    नई दिल्ली।
    केंद्र सरकार (Central government) ने वर्ष 2025 में आयकर कानून (Income Tax Law) में कई अहम बदलाव किए हैं। इनका मकसद टैक्स प्रणाली (Tax system) को सरल बनाना, आम करदाता को राहत देना और डिजिटल प्रक्रियाओं को मजबूत करना है। नए नियमों से नौकरीपेशा, वरिष्ठ नागरिक, मध्यम वर्ग और छोटे करदाता सभी को फायदा मिलेगा।


    1. नया आयकर कानून-2025

    2025 का सबसे बड़ा बदलाव रहा नया आयकर बिल-2025, जो 60 साल से भी ज्यादा पुराने आयकर कानून-1961 की जगह लेगा। संसद ने अगस्त 2025 में नए कानून को पास किया, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। इसमें भाषा आसान होगी, धाराएं कम होंगी और टैक्स विवादों में कमी आएगी। यह कानून टैक्सपेयर्स के लिए ज्यादा पारदर्शी होगा।


    2. Tax Year की नई परिभाषा

    नए कानून में ‘आकलन वर्ष’ और ‘वित्तीय वर्ष’ की जगह ‘कर वर्ष’ की अवधारणा लाई गई है। इससे टैक्स गणना आसान होगी और आम लोगों को नियम समझने में दिक्कत नहीं होगी। इसमें शून्य टीडीएस सर्टिफिकेट जैसे नए टूल्स होंगे, जो करदाता की तैयारी में मदद करेंगे।


    3. ₹12 लाख तक कोई Tax नहीं

    इस साल पेश बजट में इनकम टैक्स स्लैब स्लैब में बड़ा बदलाव किया गया। नई कर व्यवस्था को चुनने वाले लोगों के लिए टैक्स फ्री इनकम की सीमा बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दी गई। 75 हजार रुपये की मानक कटौती जोड़ने के बाद वेतनभोगी टैक्सपेयर्स को 12.75 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं देना पड़ेगा।


    4. रिटर्न संशोधन की समय सीमा बढ़ी

    पहले संशोधित आयकर रिटर्न (आईटीआर-यू) दाखिल करने की समय सीमा 24 महीने थी, जिस बढ़ाकर अब 48 महीने कर दिया गया है। मतलब, अगर रिटर्न में कोई गलती हो गई या अतिरिक्त कमाई जोड़नी है, तो चार साल तक सुधार का मौका मिलेगा। ये बदलाव उन लोगों के लिए बड़ा सहारा है जो जल्दबाजी में गलती कर बैठते हैं।


    5. किराये पर टैक्स छूट में बढ़ोतरी

    किराए पर रहने वालों के लिए बड़ी राहत दी गई है। मकान किराया भत्ता (एचआरए) के तहत कर छूट की सीमा ₹2.4 लाख से बढ़ाकर ₹6 लाख कर दी गई है। इससे छोटे-मध्यम किराए पर टीडीएस का झंझट कम हो जाएगा। पहले लोग छोटी रकम पर भी टीडीएस काटने में उलझ जाते थे, लेकिन अब ये प्रक्रिया सरल हो गई है।


    6. वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत

    वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैंक और डाकघर की ब्याज आय पर मिलने वाली कर छूट बढ़ाकर एक लाख कर दी गई है। पहले यह सीमा 50 हजार रुपये थी। इससे पेंशनभोगियों और बुजुर्गों की कर देनदारी कम होगी और नियमित आय पर सुरक्षा मिलेगी।


    7. टीडीएस/टीसीएस में देरी पर मुकदमा नहीं

    टैक्स समय पर चुका दिया गया हो तो अब टीसीएस स्टेटमेंट देरी से जमा करने पर मुकदमा नहीं चलेगा। साथ ही, ऊंची टीडीएस दर सिर्फ तब लगेगी जब पैन नंबर न हो। इससे असमंजस और जुर्माने का खतरा कम होगा। ये बदलाव कर प्रणाली को टैक्सपेयर्स के लिए आसान बनाएगा और कर अनुपालन को बढ़ावा देगा।


    8. आईटीआर फॉर्म में बदलाव

    आकलन वर्ष 2025-26 के लिए नए और संशोधित आईटीआर फॉर्म जारी किए गए हैं। इनमें नए कॉलम जोड़े गए हैं और फॉर्म के ढांचे में भी बदलाव किया गया है। इनके जरिए टैक्सपेयर्स के लिए आईटीआर फॉर्म भरना पहले से आसान हो गया है।


    9. कैपिटल गेन टैक्स में बड़े बदलाव

    2025 में कैपिटल गेन टैक्स के नियमों में भी अहम बदलाव किए गए। इक्विटी पर छोटी अवधि के कैपिटल गेन टैक्स की दर को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया। वहीं, कर मुक्त लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ को दायरा बढ़ाकर 1.25 लाख रुपये तक कर दिया गया है। इससे ज्यादा के लाभ पर 12.5 प्रतिशत टैक्स देना होगा।


    10. विदेश रकम भेजने की सीमा बढ़ी

    विदेश में पैसे भेजने (एलआरएस) पर टीसीएस की सीमा अब 7 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है। साथ ही, पढ़ाई के लिए भेजे जाने वाले पैसे पर टीसीएस बिल्कुल हटा दिया गया। इससे छात्रों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।

  • ऑक्सफोर्ड यूनियन में भारत-पाकिस्तान बहस वीरांश भानुशाली की तीखी दलीलें और पाकिस्तान के खिलाफ कटाक्ष

    ऑक्सफोर्ड यूनियन में भारत-पाकिस्तान बहस वीरांश भानुशाली की तीखी दलीलें और पाकिस्तान के खिलाफ कटाक्ष


    नई दिल्ली । ऑक्सफोर्ड यूनियन में भारत और पाकिस्तान के बीच आयोजित एक बहस में विवादित बयानों और आरोपों का सिलसिला चल पड़ा है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के बेटे मूसा हर्राज पर आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर एक विशेषज्ञों वाली बहस को विफल किया और पाकिस्तान की जीत का दावा किया। इस विवाद के बीच भारतीय छात्र वीरांश भानुशाली ने पाकिस्तान की सुरक्षा नीति और आतंकवाद के मुद्दे पर तीखा हमला बोला।

    वीरांश भानुशाली ने बहस की शुरुआत 26/11 मुंबई आतंकी हमलों की यादों से की। उन्होंने बताया कि कैसे उनका परिवार और पूरा मुंबई उन तीन रातों में दहशत के साए में जी रहा था। भानुशाली ने कहा “1993 में मुंबई में हुए बम धमाके मेरे घर से महज 200 मीटर दूर हुए थे। मैं आतंकवाद की छाया में बड़ा हुआ हूं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भारत लोकलुभावन नीति अपनाता तो 26/11 के बाद ही युद्ध छेड़ देता लेकिन भारत ने संयम दिखाया और कूटनीति का रास्ता अपनाया।

    भारत की सुरक्षा नीति को चुनावी राजनीति से जोड़ने पर भानुशाली ने करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा “क्या हर आतंकी हमले के पीछे चुनाव था नहीं। आतंकवाद वोट के लिए नहीं आता वह इसलिए आता है क्योंकि पाकिस्तान से उसे संरक्षण मिलता है। भानुशाली ने पाकिस्तान पर हमला करते हुए कहा भारत जब कार्रवाई करता है तो पायलटों की डी-ब्रीफिंग होती है जबकि पाकिस्तान में गीतों की ऑटो-ट्यूनिंग होती है। जब आप अपने लोगों को रोटी नहीं दे सकते तो युद्ध का सर्कस दिखाते हैं।

    यह बहस इस बात का उदाहरण बन गई कि आतंकवाद और सुरक्षा नीति पर भारत और पाकिस्तान के दृष्टिकोण में गहरी खाई है। पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को विदेश नीति के हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की आलोचना करते हुए भानुशाली ने साफ कहा कि भारत युद्ध नहीं चाहता लेकिन अपनी सुरक्षा से समझौता भी नहीं करेगा। इस दौरान भारतीय वक्ताओं जे साई दीपक और प्रियंका चतुर्वेदी ने भी खुलासा किया कि उन्हें आखिरी समय पर जानकारी देकर जानबूझकर बहस से रोका गया। हालांकि इस बहस का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और वीरांश भानुशाली की दलीलों को व्यापक समर्थन मिल रहा है।

  • ग्रैप की चार ही स्टेज क्योंइससे ज्यादा प्रदूषण बढ़ने पर क्या हैं नियम

    ग्रैप की चार ही स्टेज क्योंइससे ज्यादा प्रदूषण बढ़ने पर क्या हैं नियम


    नई दिल्ली । केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार बुधवार सुबह दिल्ली और आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है. कई इलाकों में एक्यूआई 349 दर्ज किया है. वहीं धुंध में भी मामूली कमी देखी गई है. हालांकि राष्ट्रीय राजधानी के कुछ निगरानी केंद्रों पर एक्यूआई गंभीर श्रेणी के करीब पहुंच गया है. मंगलवार यानी 23 दिसंबर को दिल्ली भारत का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर थाजबकि नोएडा इस लिस्ट में सबसे ऊपर था. दोनों शहरों में वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर पर पहुंच गई और विशेष रूप से सुबह के समय में शहरों में धुंध छाई रही।
    दिल्ली की एयर क्वालिटी में कुछ सुधार के बाद कई लोगों का मानना है कि ग्रैप-4 के सख्त कदमों से दिल्ली और एनसीआर की एयर क्वालिटी में सुधार देखने को मिला रहा है. क्योंकि प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों को सील किया गया हैवाहनों की जांच तेज की गई और सफाई अभियान को बढ़ावा दिया जा रहा है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि ग्रैप की चार ही स्टेज क्यों हैं और इससे ज्यादा पॉल्यूशन होने पर क्या नियम है.

    क्या है ग्रैप और क्यों बनाई गई इसकी चार स्टेज

    ग्रैप यानी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान एक लिस्टेड योजना है. जिसे प्रदूषण के स्तर के अनुसार लागू किया जाता है. इसका उद्देश्य यह है कि जैसे-जैसे एक्यूआई बढ़ें वैसे-वैसे सख्त कदम उठाए जाए. ताकि प्रदूषण को कंट्रोल किया जा सके. ग्रैप को चार स्टेज में बांटा गया है. जो स्टेज-1स्टेज-2स्टेज-3 और स्टेज-4 है. वहीं हर एक स्टेज एक तय एक्यूआई सीमा से जुड़ा होता है और उसी के अनुसार प्रतिबंध लागू होते हैं. सबसे गंभीर स्थिति में स्टेज-4 लागू किया जाता है. जब एक्यूआई 450 के पार चला जाता है.

    ग्रैप 4 ही क्यों माना जाता है सबसे सख्त

    स्टेज-4 को इमरजेंसी कंडीशन के लिए रखा गया है. यह पहले से लागू स्टेज 12 और 3 के सभी प्रतिबंधों के अलावा होता है. इस स्तर पर प्रदूषण को हेल्थ के लिए बहुत खतरनाक माना जाता है. इसलिए स्टेज-4 लागू होने पर सरकार और प्रशासन तुरंत कड़े फैसले लेते हैं. वहीं ग्रैप-4 के तहत दिल्ली और आसपास के एनसीआर इलाकों में पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर लोग रोक लगाई जाती है. इसके अलावा BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल चार पहिया गाड़ियों पर प्रतिबंध होता है. दिल्ली में बाहर से आने वाले नॉन BS-IV वाहनों की एंट्री भी बंद कर दी जाती है. वहीं पुराने डीजल मीडियम और हैवी गुड्स वाहनों को भी जरूरी सेवाओं को छोड़कर अनुमति नहीं मिलती. हालांकि BS-IV इलेक्ट्रिक सीएनजी और एलएनजी से चलने वाले वाहन पब्लिक ट्रांसपोर्ट और आपात सेवाओं को छूट दी जाती है.

    ज्यादा प्रदूषण बढ़ने पर क्या हैं नियम

    ग्रैप की चार स्टेज इसलिए बनाई गई हैक्योंकि स्टेज-4 को सबसे आखिरी और आपात कदम माना जाता है. इसके बाद स्थिति संभालने के लिए सरकार अतिरिक्त फैसले लेती है. जैसे ज्यादा गतिविधियों पर रोकट्रैफिक सीमित करना या हेल्थ इमरजेंसी जारी करना. यानी ग्रैप-4 के बाहर कोई अलग स्टेज नहीं होतीबल्कि स्टेज-4 के अंदर ही हालात के अनुसार फैसले लिए जाते हैं.

  • कर्नाटक में भीषण हादसा… ट्रक से टक्कर के बाद स्लीपर कोच बस में लगी आग… 10 लोगों की मौत

    कर्नाटक में भीषण हादसा… ट्रक से टक्कर के बाद स्लीपर कोच बस में लगी आग… 10 लोगों की मौत


    चित्रदुर्ग ।
    कर्नाटक (Karnataka) में शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसे (Road Accident ) में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले (Chitradurga district) में एक ट्रक से टक्कर (Collision with a truck) के बाद निजी स्लीपर कोच बस (Sleeper coach bus) में आग लगने से कम से कम 10 लोगों की जलकर मौत हो गई।

    पुलिस ने बताया कि बेंगलुरु से गोकर्ण जा रही निजी स्लीपर कोच बस को एक ट्रक ने सामने से टक्कर मार दी और उसमें तुरंत आग लग गई। पुलिस ने बताया कि चित्रदुर्ग जिले के हिरियूर तालुक में गोरलाथु क्रॉस के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर यह सड़क दुर्घटना हुई।


    डिवाइडर पार कर बस से टकराया ट्रक

    पुलिस ने बताया कि हिरियूर से बेंगलुरु की ओर जा रहा एक ट्रक डिवाइडर को पार कर गया और बेंगलुरु से शिवमोगा जा रही एक बस से टकरा गया। पुलिस का कहना है कि हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। वहीं, हादसे में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका पास के ही अस्पताल में इलाज जारी है।


    शुरुआती जांच में सामने आई ट्रक चालक की लापरवाही

    पुलिस की शुरुआती जांच में ट्रक चालक की लापरवाही की बात सामने आई है। ट्रक से हुई भीषण टक्कर के चलते बस में तुरंत ही आग लग गई थी और वह पूरी तरह जलकर खाक हो गई। इसकी वजह से पुलिस को बचाव कार्य करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए इस हादसे में स्लीपर कोच में आग लग गई, जिससे कई यात्री अंदर फंस गए थे।


    पीएम मोदी ने हादसे पर जताया दुख

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक में हुए सड़क हादसे पर दुख जताया है। पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट में कहा, ‘कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में हुई दुर्घटना में हुई जानमाल की हानि से गहरा दुःख हुआ है। अपनों को खोने वालों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रत्येक मृतक के परिजनों को पीएमएनआरएफ से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।’

    एक रिपोर्ट के मुताबिक चित्रदुर्ग के पुलिस अधीक्षक रंजीत ने घटनास्थल का दौरा किया और जांच की निगरानी कर रहे हैं। हिरियूर ग्रामीण पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। पुलिस ने शक जताया है कि ट्रक चालक गाड़ी चलाते समय सो गया होगा।

  • केन्द्र ने अरावली पहाड़ियों में नए खनन पट्टे देने पर लगाई रोक, राज्यों को दिया निर्देश

    केन्द्र ने अरावली पहाड़ियों में नए खनन पट्टे देने पर लगाई रोक, राज्यों को दिया निर्देश


    नई दिल्ली।
    अरावली पहाड़ियों (Aravalli Hills) को लेकर केंद्र सरकार (Central government) ने बुधवार को बड़ा फैसला (Big Decision) लिया। केंद्र ने राज्यों को अरावली में नए खनन पट्टे (New Mining Leases) देने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है। सरकार का कहना है कि वह अरावली की पहाड़ियों के संरक्षण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। जैव विविधता के संरक्षण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को मान्यता देती है। अरावली रेंज दिल्ली से गुजरात तक फैली हुई है, जिसको लेकर पिछले कुछ दिनों से विवाद चल रहा था। सोशल मीडिया पर भी लोग अरावली को लेकर सरकार का विरोध कर रहे थे। अब अवैध खनन से बचाने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने राज्यों को अरावली में किसी भी तरह की नई माइनिंग पर पूरी तरह से रोक लगाने के आदेश दिए।

    पर्यावरण मंत्रालय ने कहा, ”यह रोक पूरी अरावली रेंज पर समान रूप से लागू होगी और इसका मकसद इस रेंज की अखंडता को बनाए रखना है। इन निर्देशों का मकसद अरावली को गुजरात से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तक फैली एक लगातार भूवैज्ञानिक पहाड़ी के रूप में सुरक्षित रखना और सभी अनियमित माइनिंग गतिविधियों को रोकना है।” इसके अलावा, मंत्रालय ने इंडियन काउंसिल ऑफ फॉरेस्ट्री रिसर्च एंड एजुकेशन (ICFRE) को पूरे अरावली क्षेत्र में ऐसे और इलाकों/जोन की पहचान करने का निर्देश दिया है, जहां खनन पर रोक लगाई जानी चाहिए। ये इलाके केंद्र द्वारा पहले से प्रतिबंधित खनन क्षेत्रों के अलावा होंगे, और इनकी पहचान पारिस्थितिक, भूवैज्ञानिक और लैंडस्केप-स्तर के विचारों के आधार पर की जाएगी।

    सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि जो खदानें पहले से चल रही हैं, उनके लिए संबंधित राज्य सरकारें सभी पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार काम करें। पर्यावरण की सुरक्षा और टिकाऊ खनन तरीकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए, चल रही खनन गतिविधियों को अतिरिक्त प्रतिबंधों के साथ सख्ती से रेगुलेट किया जाएगा।

    नवंबर 2025 में, शीर्ष अदालत ने पर्यावरण मंत्रालय के नेतृत्व वाली एक समिति की सिफारिश पर अरावली पहाड़ियों और अरावली रेंज की एक समान कानूनी परिभाषा को स्वीकार कर लिया। इस परिभाषा के तहत, ‘अरावली पहाड़ी’ अपने आसपास के इलाके से कम से कम 100 मीटर की ऊंचाई वाली एक भू-आकृति है और ‘अरावली रेंज’ एक दूसरे के 500 मीटर के भीतर दो या दो से अधिक ऐसी पहाड़ियों का समूह है। इसके बाद सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना शुरू हो गई थी।

    वहीं, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव (Bhupendra Yadav) ने कांग्रेस पर अरावली की नई परिभाषा के मुद्दे पर ‘गलत सूचना’ और ‘झूठ’ फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा था कि पर्वत श्रृंखला के केवल 0.19 प्रतिशत हिस्से में ही कानूनी रूप से खनन किया जा सकता है। यादव ने प्रेसवार्ता में कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार अरावली की सुरक्षा और पुनर्स्थापन के लिए ‘पूरी तरह से प्रतिबद्ध’ है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘कांग्रेस ने अपने शासनकाल में राजस्थान में बड़े पैमाने पर अवैध खनन की अनुमति दी, लेकिन वह अब इस मुद्दे पर भ्रम, गलत सूचना और झूठ फैला रही है।’’ उन्होंने कहा कि पर्यावरण मंत्रालय की सिफारिश पर उच्चतम न्यायालय द्वारा अनुमोदित नई परिभाषा का उद्देश्य ‘अवैध खनन पर अंकुश लगाना’ और ‘कानूनी रूप से टिकाऊ खनन’ की अनुमति देना है तथा वह भी तब होगा जब भारतीय वानिकी अनुसंधान और शिक्षा परिषद (आईसीएफआरई) संपोषणीय खनन के लिए प्रबंधन योजना (एमपीएसएम) तैयार कर लेती है।

  • PM मोदी आज लखनऊ में करेंगे राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण… म्यूजियम का उद्घाटन भी होगा

    PM मोदी आज लखनऊ में करेंगे राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण… म्यूजियम का उद्घाटन भी होगा

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लखनऊ (Lucknow) में बसंतकुंज योजना (Basant Kunj Scheme) में बने राष्ट्र प्रेरणा स्थल (National Inspiration Site) का लोकार्पण आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) करेंगे। कार्यक्रम की तैयारियां पूरी हो गई हैं। पीएम यहां पर लगी तीन विभूतियों अटल बिहारी वापजेयी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पं. दीन दयाल उपाध्याय की भव्य प्रतिमाओं का अनावरण भी करेंगे। इन विभूतियों के संस्मरणों को संजोने के लिए बने म्यूजियम का लोकार्पण भी होगा।

    इस आयोजन में डेढ़ लाख से अधिक लोगों के शामिल होने का अनुमान है। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी प्रमुख रूप से मौजूद रहेंगे। प्रधानमंत्री करीब दो बजे आयोजन स्थल पर हेलीकाॅप्टर से पहुंचेंगे। लोकार्पण के लिए आयोजन स्थल के साथ पूरे शहर को सजाया व संवारा गया है। आयोजन स्थल को भव्य बनाने के लिए कई प्रदेशों से बेहतरीन फूल वाले पौधे मंगाए गए हैं।

    पूरे शहर में डिवाइडरों को साफ कर रंगा गया है। प्रमुख चौराहों और मार्गों पर स्ट्रीट लाइट के पोल पर रंगीन लाइट वाली झालरें लगाई गई हैं। दीवारों पर आकर्षक चित्रकारी कराई गई है। सुरक्षा को लेकर भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। आयोजन में आसपास के कई जिलों से करीब 2000 बसें आ रही हैं। इनकी पार्किंग के खास इंतजाम किए गए हैं। कुल 13 पार्किंग बनाई गई हैं। इनमें 2600 बसें और 2000 कारें खड़ी हो सकेंगी। व्यवस्था बनी रहे इसके लिए अफसरों और कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है।


    आकर्षित करती हैं भव्य प्रतिमाएं

    – प्रेरणा स्थल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की 65 फीट ऊंची भव्य कांस्य प्रतिमाएं लगी हैं।
    – राष्ट्र प्रेरणा स्थल 65 एकड़ में फैला है और इसके निर्माण पर 232 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसका निर्माण दिसंबर 2022 में शुरू हुआ था।
    – पंडित दीन दयाल उपाध्याय की प्रतिमा का निर्माण प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार ने किया है जिन्होंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण किया था।
    – डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का निर्माण मूर्तिकार माटू राम ने पूरा किया है।
    – तीनों विभूतियों की प्रतिमाओं के निर्माण पर 21 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।


    पहले प्रतिमाओं को होगा अनावरण

    बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री सबसे पहले राष्ट्र नायकों की प्रतिमाओं का अनावरण कर श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे। इस अवसर पर राष्ट्रीयता की भावना के संचार के लिए तिरंगा गुब्बारे छोड़े जाएंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री राष्ट्र नायकों को समर्पित म्यूजियम को लोकार्पण करेंगे। वह श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीन दयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित गैलरियों को देखेंगे। पहली गैलरी में डिजिटल सिस्टम के जरिये राष्ट्र नायकों का संक्षिप्त जीवन परिचय दिखाया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री म्यूजियम परिसर में ही बनाए गए भारत माता, जनसंघ के प्रतीक चिह्न दीपक और सुदर्शन चक्र गैलरी में जाएंगे। राष्ट्र नायकों जुड़ी हुई वस्तुओं को देखने के लिए प्रथम तल पर बनी गैलरी में भी जाएंगे। म्यूजियम से बाहर निकल कर प्रधानमंत्री प्रेरणा स्थल पर बने मंच से कार्यक्रम में आए लोगों को संबोधित करेंगे।


    बदला रहेगा शहर का यातायात

    25 दिसंबर को प्रधानमंत्री राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण करने राजधानी आ रहे हैं। कार्यक्रम के मद्देनजर ट्रैफिक पुलिस ने डायवर्जन जारी किया है। 24 दिसंबर की रात 12 बजे से बृहस्पतिवार को कार्यक्रम की समाप्ति तक यातायात बदला रहेगा। इमरजेंसी की स्थिति में प्रतिबंधित मार्ग पर एंबुलेंस, फायर सर्विस, स्कूली वाहन, शव वाहन को रास्ता दिया जाएगा। इसके लिए ट्रैफिक कंट्रोल नंबर 9454405155 पर संपर्क किया जा सकता है।


    आंतरिक डायवर्जन

    – मलीहाबाद चौराहे से बाजनगर किसान पथ, छंदोईया की ओर भारी या अन्य वाहन नहीं जा सकेंगे। इन्हें जीरो पॉइंट मोहान रोड होकर जाना होगा।
    – मुंजासा तिराहे से बाजनगर किसान पथ, छंदोईया की ओर वाहन नहीं जाएंगे। ये वाहन जीरो पॉइंट मोहान रोड होकर जा सकेंगे।
    – बाजनगर किसान पथ अंडरपास से छंदोईया बाईपास तिराहे की ओर वाहन नहीं जा सकेंगे। ये वाहन बाजनगर किसान पथ अंडरपास से किसान पथ होकर जाएंगे।
    – कसमंडी (हमसफर लॉन) अंडरपास से अंधे की चौकी तिराहे की ओर वाहन नहीं जाएंगे। इन्हें किसानपथ होकर जाना होगा।
    – छंदोईया बाईपास तिराहे से कार्यक्रम स्थल, भिठौली तिराहे की तरफ वाहन नहीं जा सकेंगे। ये वाहन अंधे की चौकी तिराहे, बाजनगर किसान पथ अंडरपास से किसान पथ या दुबग्गा तिराहे होकर जाएंगे।
    – तिकोनिया तिराहे से दुबग्गा तिराहे, छंदोईया बाईपास तिराहे की तरफ भारी वाहन नहीं जाएंगे। ये वाहन नहर तिराहे मोहान रोड, खुशहालगंज बाजार होते हुए खुशहालगंज किसान पथ अंडरपास से किसानपथ होकर जाएंगे।
    – भिठौली तिराहे से कार्यक्रम स्थल, छंदोईया बाईपास तिराहे की तरफ वाहन नहीं जाएंगे। इन्हें सैरपुर तिराहे, अस्ति क्राॅसिंग, बख्शी का तालाब होकर इंदौराबाग अंडरपास से किसान पथ या इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे से होकर जाना होगा।
    – नया पक्कापुल तिराहे, कुड़ियाघाट तिराहे से कार्यक्रम स्थल, घैला तिराहे की ओर वाहन नहीं जाएंगे। इन्हें रूमी गेट, कोनेश्वर चौराहे, बालागंज चौराहे, दुबग्गा तिराहे से होकर जाना होगा।
    – दुबग्गा तिराहे से वाहन छंदोईया या सीतापुर बाईपास की तरफ नहीं जाएंगे। इन्हें तिकोनिया तिराहे से होकर जाना होगा।
    – नहरपुल तिराहे से वाहन बुद्धेश्वर की तरफ नहीं जाएंगे। इन्हें जीरो पॉइंट या किसान पथ के ऊपर से होकर जाना होगा।


    कुछ ऐसा रहेगा बाहर से आने वाले वाहनों का डायवर्जन

    – कानपुर की तरफ से आने वाले भारी वाहन अंबेडकरनगर, बस्ती, संत कबीरनगर, गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर, बलिया, गाजीपुर, आजमगढ़ समेत अन्य जिलों की ओर जाने के लिए कानपुर, फतेहपुर, लालगंज, बछरांवा, हैदरगढ़, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होकर जाएंगे।
    – उन्नाव की तरफ से आने वाले भारी वाहन उन्नाव के दही चौकी से पुरवा, मौरावां, बछरावां, हैदरगढ़, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होकर जा सकेंगे। इसके अलावा उन्नाव (ललऊखेड़ा) से बीघापुर लालगंज, गुरुबक्शगंज, बछरावां से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होकर भी जा सकेंगे।
    – सीतापुर की तरफ से आने वाले भारी वाहन चाहलारी होते हुए बहराईच से गोंडा व बलरामपुर होकर जा सकेंगे।
    – हरदोई की तरफ से आने वाले भारी वाहन बघौली, बांगरमऊ, उन्नाव (ललऊखेड़ा), बीघापुर लालगंज, गुरुबक्शगंज, बछरांवा से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होकर जा सकेंगे।
    – सुल्तानुपर रोड / हैदरगढ़ (जनपद बाराबंकी) की तरफ से आने वाले भारी वाहन हैदरगढ़ से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होकर जाएंगे।
    – रायबरेली रोड की तरफ से आने वाले भारी वाहन बछरावां से हैदरगढ़ होकर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जाएंगे।
    – बाराबंकी रोड की तरफ से आने वाले भारी वाहन हैदरगढ, बछरावां, लालगंज, फतेहपुर, चौडगरा होकर जा सकेंगे। इसके अलावा बाराबंकी रोड से बहराईच के चहलारी घाट से सीतापुर होकर भी जा सकते हैं।


    चप्पे-चप्पे पर रहेगी की पुलिस की नजर

    प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर पुलिस ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। जेसीपी एलओ बबलू कुमार ने बताया कि कार्यक्रम स्थल व उसके आसपास के पूरे इलाके पर पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है। हर जगह चेकिंग की जा रही है। सुरक्षा के लिए 18 पुलिस उपायुक्त, 26 अपर पुलिस उपायुक्त, 80 सहायक पुलिस आयुक्त, 189 इंस्पेक्टर, 1367 दरोगा, 214 महिला दरोगा, 4312 सिपाही, 997 महिला सिपाही, 18 कंपनी पीएसी, 4 कंपनी आरएएफ, 8 बम निरोधक दस्ता, एनएसजी की दो टीमें, एटीएस की एक टीम, एंटी ड्रोन की दो टीमें, एक एंटी माइन टीम, 14 एंटी सबोटाज टीम तैनात की गई है। 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी भी की जा रही है। क्विक रिस्पांस टीम का भी गठन किया गया है। पुलिस की चार टीमों को रिजर्व में रखा गया है।


    अलर्ट पर लखनऊ के सरकारी अस्पताल

    शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से केजीएमयू, पीजीआई और लोकबंधु अस्पताल को सेफ हाउस बनाया गया है। लोकबंधु की टीम एयरपोर्ट पर मुस्तैद रहेगी। इसके अलावा एंबुलेंस, प्रधानमंत्री के ब्लड ग्रुप के लाइव डोनर की भी पुख्ता व्यवस्था कर रखी गई है।

    सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए पीजीआई, केजीएमयू को सेफ हाउस बनाया गया है। वहां अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस बेड आरक्षित किए गए हैं। डॉक्टर और स्टाफ की ड्यूटी लगाई है। ऐसे ही लोकबंधु अस्पताल के डॉक्टर, स्टाफ की ड्यूटी तीसरे सेफ हाउस के तौर पर एयरपोर्ट पर रहेगी।

    प्रधानमंत्री के शहर में आगमन से लेकर जाने तक 20 बीएलएस (बेसिक लाइफ सपोर्ट) और चार एएलएस (एडवांस लाइफ सपोर्ट) एंबुलेंस अलर्ट रहेंगी। प्रधानमंत्री के ब्लड ग्रुप के दो लाइव डोनर उनकी फ्लीट में रहेंगे। सभी ब्लड बैंकों में प्रधानमंत्री के ब्लड ग्रुप वाले रक्त को सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा कार्यक्रम स्थल की पार्किंग में डॉक्टर व स्टॉफ की 20 टीमें रहेंगी। पीएम की फ्लीट के साथ चार टीमें रहेंगी।