Category: Religious Astrology

  • सूर्य का मीन राशि में होने जा रहा गोचर, बन रहे 2 राजयोग, 4 राशियों को मिलेगा बंपर लाभ

    सूर्य का मीन राशि में होने जा रहा गोचर, बन रहे 2 राजयोग, 4 राशियों को मिलेगा बंपर लाभ


    नई दिल्ली। ग्रहों के राजा सूर्य 15 मार्च 2026 को मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। इस दौरान शनि और शुक्र ग्रह पहले से ही मीन राशि में स्थित हैं, जिससे दो खास राजयोग बनेंगेत्रिग्रही योग और शुक्रादित्य राजयोग। इन योगों का चार राशियों पर विशेष असर होने की संभावना है और यह समय उनके लिए काफी लाभकारी साबित हो सकता है।

    गोचर और योग का असर
    सूर्य, शनि और शुक्र की युति से मीन राशि में त्रिग्रही योग बन रहा है। वहीं सूर्य और शुक्र की युति से शुक्रादित्य राजयोग का निर्माण होगा। शुक्र मीन राशि में 26 मार्च तक रहेंगे और इसके बाद मेष राशि में गोचर करेंगे, जबकि सूर्य और शनि की युति 14 अप्रैल तक प्रभाव में रहेगी।

    4 राशियों को मिलेगा बंपर लाभ

    मेष राशि:
    मेष राशि वाले जातकों के लिए यह समय पुराने रुके हुए काम पूरे होने, फंसा पैसा मिलने और नए अवसर पाने का संकेत देता है। शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण पूरा होने के बाद अब 2 राजयोग के बनने से लाभ मिलेगा।

    वृषभ राशि:
    वृषभ राशि के जातकों को करियर और आय में वृद्धि का मौका मिलेगा। वरिष्ठ अधिकारियों से सहयोग, काम की तारीफ और नए स्रोतों से धन लाभ संभव है। पदोन्नति और मान-सम्मान मिलने की संभावना भी बढ़ जाएगी।

    मिथुन राशि:
    मिथुन राशि के कारोबारियों और पेशेवरों के लिए यह समय लाभकारी रहेगा। डील फाइनल होने, कामकाज में यात्रा और धन लाभ के योग बन रहे हैं। साथ ही भविष्य के लिए बचत करने में सफलता मिलेगी।

    तुला राशि:
    तुला राशि के जातकों को सूर्य और शुक्र की युति से बड़ा लाभ मिलने वाला है। व्यापार का विस्तार, नौकरी में प्रमोशन और सैलरी वृद्धि की संभावना है। इससे आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

    (Disclaimer: यह खबर केवल जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते है।)

  • 13 March 2026: तुला राशि- सेहत को लेकर सतर्क रहना होगा,एक्स्ट्रा इनकम के भी योग बनेंगे

    13 March 2026: तुला राशि- सेहत को लेकर सतर्क रहना होगा,एक्स्ट्रा इनकम के भी योग बनेंगे


    नई दिल्ली। तुला राशि :- रा , री , रु , रे , रो , ता , ती , तू , ते

    धन लाभ: आर्थिक मामलो में आपके लिए संतोषजनक समय रहेगा। एक्स्ट्रा इनकम के भी योग बनेंगे। परिवार और मित्र: घरेलू जीवन के लिए यह अवधि बहुत ही उत्तम रहने की संभावना है।पारिवारिक लोगों में आपको सद्भावना व प्रेम देखने को मिलेगा। परिवार के साथ आप घूमने-फिरने की योजना बना सकते हैं।

    रिश्ते और प्यार: काम की अधिकता होने की वजह से प्रेमी के साथ प्रत्यक्ष मुलाक़ात होना मुश्किल लग रहा है। स्वास्थ्य: सेहत को लेकर आपको थोड़ा सतर्क रहना होगा। शारीरिक थकान से बचने के लिए काम के साथ-साथ आराम करना भी आपके लिए ज़रुरी होगा। करियर और शिक्षा: नौकरीपेशा वालों का रुका हुआ प्रमोशन उन्हें मिल सकता है।

    बिज़नेस/स्टॉक/प्रॉपर्टी: व्यापार करने वालों को कोई बड़ी सफलता मिलने के आसार रहेंगे। आर्थिक मामलों के लिए यह समय प्रगतिकारक रहेगा। बिज़नेस करने वालों के लिए यह अवधि विशेष धनदायी हो सकती है। आज के दिन को शुभ बनाने के लिए ज्योतिष उपाय। ॐ शुं शुक्राय नम: मंत्र का जाप करें ।

    आज अगर सफलता चाहते हैं तो पीले रंग के वस्त्र धारण करें, लाभ होने की संभावना है।
    आज का शुभ अंक 6 है

  • 13 मार्च 2026 का अंक ज्योतिष: मूलांक 4 के अटके काम पूरे होंगे, मूलांक 6 को आर्थिक लाभ..

    13 मार्च 2026 का अंक ज्योतिष: मूलांक 4 के अटके काम पूरे होंगे, मूलांक 6 को आर्थिक लाभ..

    नई दिल्ली। आज 13 मार्च 2026 अंक ज्योतिष के अनुसार मुख्य रूप से मूलांक 4 की ऊर्जा से प्रभावित है। यह अंक अनुशासन, मेहनत और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। ब्रह्मांडीय अंक 8 आज करियर और आर्थिक उन्नति के अवसर दे रहा है। यह दिन भावनाओं में बहने की बजाय ठोस योजना और जिम्मेदारी निभाने का है। जो लोग महत्वपूर्ण लक्ष्यों पर काम कर रहे हैं उनकी मेहनत आज भविष्य में मजबूत परिणाम दे सकती है।

    मूलांक 1 के लिए आज का दिन योजना बनाने और नई जिम्मेदारियां संभालने का है। पैसों से जुड़े फैसलों में जल्दबाजी से बचें। आज की सीख है कि अनुशासन और जिम्मेदारी ही नेतृत्व को मजबूत बनाती है।

    मूलांक 2 वाले लोगों के लिए दिन चुनौतीपूर्ण हो सकता है। सहयोग करने की क्षमता सफलता दिलाएगी। छोटी बातों पर अधिक सोचने से बचें। आज की सीख है कि संतुलित मन कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय दिलाता है।

    मूलांक 3 वाले लोग अपने विचारों को अनुशासन के साथ लागू करें। काम और निजी जीवन में संतुलन बनाना जरूरी है। मनोरंजन में समय ज्यादा खर्च करने से बचें। रचनात्मकता तब सफल होती है जब उसमें अनुशासन जुड़ा हो।

    मूलांक 4 वाले लोगों के लिए आज विशेष दिन है। रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है और योजना बनाने की क्षमता मजबूत रहेगी। व्यवहार में अत्यधिक कठोरता से बचें। निरंतर प्रयास ही स्थायी सफलता का आधार है।

    मूलांक 5 वाले लोगों को माहौल सीमित लग सकता है लेकिन जरूरी कार्यों को पूरा करने के लिए समय अनुकूल है। जोखिम भरे निवेश से बचें। अनुशासन भविष्य की आजादी को मजबूत करता है।

    मूलांक 6 वालों के लिए आज आर्थिक लाभ मिलने के संकेत हैं। व्यावहारिक सोच नई जिम्मेदारी और अवसर दिला सकती है। सारी जिम्मेदारियां अकेले उठाने से बचें। अपनों का साथ जीवन में स्थिरता लाता है।

    मूलांक 7 के लिए दिन शांत होकर योजना बनाने का है। करियर से जुड़े निर्णय सोच-समझकर लें और परिवार के साथ संवाद बनाए रखें। जरूरत से ज्यादा विश्लेषण करने से बचें। ज्ञान तभी उपयोगी है जब इसे व्यवहार में उतारा जाए।

    मूलांक 8 वाले लोगों के लिए आज प्रभावशाली दिन है। बिजनेस और वित्तीय योजनाएं सफल हो सकती हैं। केवल धन पर ध्यान केंद्रित करने से बचें। सफलता में करुणा और संतुलन भी जरूरी है।

    मूलांक 9 के लिए आपकी मेहनत और सकारात्मक सोच दूसरों के लिए प्रेरणा बन सकती है। परिवार और दोस्तों के साथ संबंध मजबूत होंगे। पुरानी बातों में उलझने से बचें। अच्छे उद्देश्य से किया गया काम ही सच्ची संतुष्टि देता है।

    आज का दिन सभी मूलांकों के लिए अनुशासन मेहनत और संतुलित निर्णयों से सफलता और समृद्धि लाने वाला है।

  • शुक्रवार का विशेष दिन: लक्ष्मी और संतोषी माता की विधिपूर्वक आराधना से घर में आए सकारात्मक ऊर्जा

    शुक्रवार का विशेष दिन: लक्ष्मी और संतोषी माता की विधिपूर्वक आराधना से घर में आए सकारात्मक ऊर्जा


    नई दिल्ली। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी और संतोषी माता की आराधना के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर घर में सुख-समृद्धि धन और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद घर में गंगाजल का छिड़काव करना शुभ माना जाता है। इससे वातावरण शुद्ध होता है और देवी लक्ष्मी का आगमन होता है।

    पूजा के दौरान माता लक्ष्मी को खीर या सफेद मिठाई का भोग लगाना अत्यंत फलदायी होता है। कमल के फूल या मोगरा का इत्र अर्पित करने से देवी की कृपा और धन-धान्य की वृद्धि होती है। कनकधारा स्तोत्र का पाठ करना भी इस दिन विशेष रूप से लाभकारी है। श्रद्धा और विश्वास के साथ इसका पाठ करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आर्थिक परेशानियों से राहत मिलती है।

    घर में स्थापित श्री यंत्र की पूजा करना भी शुभ माना जाता है। दूध और गंगाजल से इसकी आराधना करने से धन, वैभव और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग खुलता है। शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाना विशेष रूप से सौभाग्य और समृद्धि बढ़ाने वाला उपाय है।

    संतोषी माता की पूजा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है। माता को गुड़ और चने का भोग अर्पित करने की परंपरा इस दिन विशेष रूप से प्रचलित है। उनकी चालीसा का पाठ करने से परिवार में सौहार्द और मानसिक शांति बनी रहती है।

    दान का महत्व भी इस दिन बढ़ जाता है। सफेद वस्तुओं जैसे दूध, दही, चीनी या सफेद कपड़े का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। दान से न केवल जीवन में सकारात्मकता आती है बल्कि आर्थिक समृद्धि के मार्ग भी खुलते हैं।

    इस प्रकार शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी और संतोषी माता की पूजा, कनकधारा स्तोत्र का पाठ, दीपदान और दान के उपाय से घर में सुख-शांति धन-संपत्ति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। यह दिन अपने धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व के कारण जीवन में समृद्धि और खुशहाली लाने वाला माना गया है।

  • आज का पंचांग 13 मार्च 2026 चैत्र कृष्ण दशमी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त राहुकाल और ग्रहों की स्थिति

    आज का पंचांग 13 मार्च 2026 चैत्र कृष्ण दशमी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त राहुकाल और ग्रहों की स्थिति

    नई दिल्ली। आज शुक्रवार 13 मार्च 2026 चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। इस दिन दशा माता व्रत भी रखा जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आज का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस दिन चंद्रमा धनु राशि में पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में स्थित रहेगा जिससे आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि होगी और नेतृत्व क्षमता प्रबल होगी।

    आज की तिथि कृष्ण दशमी है जो पूर्ण रात्रि तक रहेगी। प्रातः 10:32 बजे तक व्यक्तिपात योग रहेगा। करण वणिज सायं 07:23 बजे तक प्रभावी रहेगा और इसके बाद विश्टि करण पूरी रात रहेगा। सूर्योदय प्रातः 06:33 बजे और सूर्यास्त सायं 06:28 बजे होगा। चंद्रमा 14 मार्च को रात्रि 03:30 बजे उदय होगा और दोपहर 12:54 बजे अस्त होगा।

    ग्रहों की स्थिति देखें तो सूर्य कुंभ राशि में और चंद्रमा धनु राशि में स्थित है। आज का नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र है जो 14 मार्च रात्रि 03:03 बजे तक प्रभावी रहेगा। यह नक्षत्र धनु राशि के 13°20’ से 26°40’ तक फैला है और इसके स्वामी शुक्र हैं जबकि राशि स्वामी बृहस्पति हैं। ज्योतिषीय दृष्टि से पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र व्यक्ति में साहस आत्मविश्वास उदारता और सामाजिक लोकप्रियता बढ़ाता है। हालांकि अहंकार और खर्चीले स्वभाव से बचने की सलाह भी दी जाती है।

    आज के शुभ मुहूर्त में अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:07 से 12:55 बजे तक रहेगा। यह समय पूजा, नया कार्य शुरू करने और महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके अलावा अमृत काल रात्रि 09:47 से 11:32 बजे तक प्रभावी रहेगा। वहीं आज के अशुभ समय में राहुकाल प्रातः 11:01 से 12:31 बजे तक रहेगा। इसके अतिरिक्त गुलिकाल प्रातः 08:03 से 09:32 बजे तक और यमगंड दोपहर 03:29 से सायं 04:59 बजे तक रहेगा। राहुकाल में किसी भी नए कार्य की शुरुआत से बचना चाहिए।

    धार्मिक दृष्टि से आज दशा माता व्रत रखने वाले श्रद्धालु परिवार की सुख-समृद्धि और सुरक्षा के लिए व्रत रखते हैं। अभिजीत मुहूर्त में किए जाने वाले कार्य शुभ और फलदायी माने जाते हैं। इस दिन चंद्रमा की स्थिति आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि के साथ-साथ समाज में प्रतिष्ठा और नेतृत्व क्षमता को भी बढ़ाती है।

    इस प्रकार 13 मार्च 2026 का पंचांग सभी धार्मिक कर्मों और महत्वपूर्ण कार्यों के लिए मार्गदर्शक साबित होता है। सुबह के शुभ समय से लेकर दोपहर के अभिजीत मुहूर्त और शाम के राहुकाल तक की जानकारी का पालन करने से दिन की सफलता और शुभता सुनिश्चित होती है। आज का दिन अपने आत्मविश्वास और साहस को बढ़ाने के लिए भी अनुकूल है।

  • शुक्रवार व्रत का महत्व: मां लक्ष्मी की कृपा से मिलता है धन और वैवाहिक सुख, जानिए पूजा विधि और उपाय

    शुक्रवार व्रत का महत्व: मां लक्ष्मी की कृपा से मिलता है धन और वैवाहिक सुख, जानिए पूजा विधि और उपाय


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में सप्ताह के हर दिन का संबंध किसी न किसी देवी-देवता और ग्रह से माना गया है। शुक्रवार का दिन विशेष रूप से धन और ऐश्वर्य की देवी देवी लक्ष्मी की पूजा के लिए समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि-विधान से व्रत और पूजा करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में धन-धान्य तथा सुख-समृद्धि की कमी नहीं रहती।

    धार्मिक ग्रंथों जैसेब्रह्म वैवर्त पुराण और मत्स्य पुराण में भी शुक्रवार व्रत का उल्लेख मिलता है। इन ग्रंथों में बताया गया है कि इस दिन देवी लक्ष्मी के साथ-साथ संतोषी माता की पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। माना जाता है कि शुक्रवार व्रत करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और वैवाहिक जीवन में भी मधुरता बनी रहती है।

    शुक्रवार को माता लक्ष्मी की पूजा विधि

    शुक्रवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थान को साफ करके वहां गंगाजल छिड़कें। इसके बाद लाल कपड़े पर देवी लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। दीपक जलाकर फूल, चंदन, अक्षत, कुमकुम और मिठाई का भोग अर्पित करें। इस दौरान Lord Vishnu की स्तुति के साथ श्री सूक्त और कनकधारा स्तोत्र का पाठ करना भी शुभ माना जाता है।

    ज्योतिष में शुक्र ग्रह का महत्व

    ज्योतिष शास्त्र में शुक्र को प्रेम, वैवाहिक सुख, सौंदर्य, कला और भौतिक सुख-सुविधाओं का कारक ग्रह माना गया है। कुंडली में शुक्र मजबूत होने से जीवन में ऐश्वर्य, प्रेम और वैवाहिक सुख प्राप्त होता है।

    16 शुक्रवार व्रत का महत्व

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार लगातार 16 शुक्रवार तक व्रत रखने और विधिपूर्वक पूजा करने से कुंडली में शुक्र ग्रह मजबूत होता है। इससे विवाह में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और अच्छे जीवनसाथी के योग बनते हैं। साथ ही आर्थिक उन्नति और सुख-समृद्धि भी बढ़ती है।

    विवाह के लिए शुक्रवार को करें ये उपाय

    शुक्रवार के दिन देवी दुर्गा या संतोषी माता की पूजा करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा सफेद वस्तुओं जैसे दूध, दही और इत्र का दान करना, जरूरतमंद महिलाओं को वस्त्र देना, राधा-कृष्ण मंदिर में मिश्री का भोग लगाना और गाय को हल्दी लगा आलू खिलाना भी लाभकारी माना गया है।धार्मिक मान्यता है कि इन उपायों को श्रद्धा और विश्वास के साथ करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

  • Ekadashi March 2026: कब है पापमोचनी और कामदा एकादशी? जानें सही तिथि और मुहूर्त

    Ekadashi March 2026: कब है पापमोचनी और कामदा एकादशी? जानें सही तिथि और मुहूर्त


    नई दिल्ली। चैत्र मास सनातन परंपरा में अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है। यह महीना जहां आदिशक्ति मां दुर्गा की आराधना का प्रतीक है, वहीं हिंदू नववर्ष की शुरुआत भी इसी मास से होती है। इसी दौरान चैत्र नवरात्र का पर्व मनाया जाता है और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव भी धूमधाम से आयोजित होता है। धार्मिक दृष्टि से यह महीना साधना, उपवास और पूजा-अर्चना के लिए विशेष फलदायी माना गया है।

    चैत्र मास में दो प्रमुख एकादशी व्रत-पापमोचनी एकादशी और कामदा एकादशी-का विशेष महत्व है। मान्यता है कि पापमोचनी एकादशी के व्रत से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है, जबकि कामदा एकादशी सभी मनोकामनाओं की पूर्ति करने वाली मानी गई है। इन दोनों व्रतों में भगवान Vishnu तथा Lakshmi Narayan की विधि-विधान से पूजा की जाती है।

    पापमोचनी एकादशी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
    वैदिक पंचांग के अनुसार चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 14 मार्च 2026 को सुबह 08 बजकर 10 मिनट पर प्रारंभ होगी और 15 मार्च 2026 को सुबह 09 बजकर 16 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर पापमोचनी एकादशी का व्रत 15 मार्च 2026, रविवार को रखा जाएगा। व्रत का पारण 16 मार्च 2026 को किया जाएगा।धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस व्रत को श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से जाने-अनजाने में किए गए पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-शांति का संचार होता है। इस दिन उपवास रखकर भगवान विष्णु का ध्यान, मंत्र जाप और कथा श्रवण करना विशेष फलदायी माना गया है।

    कामदा एकादशी 2026: तिथि और महत्व
    चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को कामदा एकादशी मनाई जाती है। वर्ष 2026 में एकादशी तिथि 28 मार्च को सुबह 08 बजकर 45 मिनट से प्रारंभ होकर 29 मार्च 2026 को सुबह 07 बजकर 46 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार कामदा एकादशी 29 मार्च 2026, रविवार को मनाई जाएगी। व्रत का पारण 30 मार्च 2026 को किया जाएगा।मान्यता है कि कामदा एकादशी का व्रत करने से साधक की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि एवं सौभाग्य की वृद्धि होती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, तुलसी अर्पण और सात्विक आहार का विशेष महत्व है। धर्माचार्यों के अनुसार चैत्र मास में पड़ने वाली ये दोनों एकादशी आध्यात्मिक उन्नति और मनोकामना सिद्धि के लिए अत्यंत शुभ मानी गई हैं।

  • Papmochani Ekadashi 2026: तुलसी चालीसा का पाठ करें, भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त करें

    Papmochani Ekadashi 2026: तुलसी चालीसा का पाठ करें, भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त करें


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में एकादशी व्रत का अपना विशेष महत्व है। इसमें कृष्ण पक्ष की एकादशी को सबसे श्रेष्ठ माना गया है। इसी श्रेणी में पापमोचनी एकादशी का व्रत आता है। इस वर्ष यह व्रत 15 मार्च 2026 रविवार को रहेगा और इसका पारण 16 मार्च को किया जाएगा।

    इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व होता है। तुलसी तुल्य सामग्री के साथ पूजा करने से जिसे भगवान विष्णु प्रिय माना गया है विशेष लाभ की प्राप्ति होती है। इसलिए इस दिन तुलसी चालीसा का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।

    पूजा विधि

    स्नान और स्वच्छ वस्त्र धारण करने के बाद घर के पूजा स्थान या मंदिर में भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। पूजा में धूप दीप फूल फल और नैवेद्य अर्पित किए जाते हैं। कई स्थानों पर भक्त चालीसा का पाठ और व्रत कथा सुनते हैं।

    तुलसी चालीसा का महत्व
    चालीसा में तुलसी माता का गुणगान किया गया है और इसे पाठ करने वाले को भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। शास्त्रों के अनुसार इस चालीसा के पाठ से जीवन के संकट समाप्त होते हैं सुख समृद्धि आती है और भक्त अपने पापों से मुक्ति पाते हैं।

    व्रत के नियम

    पापमोचनी एकादशी के दिन व्रत रखने वाले को भोजन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। कथा और पूजा के बाद ही भोजन करें। दिन भर में जल और फल का सेवन किया जा सकता है। एकादशी व्रत का पारण अगले दिन यानी 16 मार्च 2026 को किया जाता है।

    चालीसा के कुछ प्रमुख दोहे और चौपाई

    नमो नमो तुलसी महारानी महिमा अमित न जाय बखानी।
    दियो विष्णु तुमको सनमाना जग में छायो सुयश महाना।

    तुलसी मैया तुम कल्याणी तुम्हरी महिमा सब जग जानी।
    भाव ना तुझे माँ नित नित ध्यावे गा गाकर मां तुझे रिझावे।

    भक्त इस चालीसा का पाठ करते हुए मन वचन और कर्म से माता तुलसी की सेवा करें। ऐसा करने से जीवन में आध्यात्मिक उन्नति और परम सुख की प्राप्ति होती है।

  • दशा माता व्रत 2026: तिथि, पूजा विधि और व्रत की महिमा

    दशा माता व्रत 2026: तिथि, पूजा विधि और व्रत की महिमा


    नई दिल्ली । दशा माता व्रत हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि इसे विधिपूर्वक करने से जीवन की कठिनाइयां दूर होती हैं और परिवार में सुख शांति और समृद्धि आती है। दशा माता माता पार्वती का ही एक स्वरूप मानी जाती हैं।

    तिथि
    साल 2026 में दशा माता व्रत 13 मार्च, शुक्रवार को रखा जाएगा। पंचांग के अनुसार, दशमी तिथि 13 मार्च की सुबह 6 28 बजे से शुरू होकर 14 मार्च की सुबह 8 10 बजे तक रहेगी।

    पूजा विधि

    व्रत के दिन महिलाएं सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करती हैं। इसके बाद घर के पूजा स्थल या किसी पवित्र स्थान पर दशा माता की पूजा की जाती है। पूजा में धूप, दीप, फूल, फल और नैवेद्य अर्पित किए जाते हैं। कई स्थानों पर महिलाएं व्रत कथा भी सुनती या पढ़ती हैं। पूजा के दौरान परिवार की सुख समृद्धि और कठिन समय से मुक्ति की कामना की जाती है।

    डोरा पहनने का महत्व

    दशा माता व्रत के दौरान महिलाओं को 10 धागों का डोरा बनाकर उसमें 10 गांठें लगाकर पहनना अनिवार्य होता है। यह डोरा जीवन में सुख शांति और समृद्धि लाने का प्रतीक माना जाता है। डोरा पूजा के बाद माता के सामने रखा जाता है और आशीर्वाद लेकर गले में पहन लिया जाता है।

    व्रत के नियम

    दशा माता व्रत का पालन शुरू करने के बाद इसे नियमित रूप से करना होता है। व्रत वाले दिन सिर्फ एक बार भोजन किया जा सकता है, और वह भी कथा सुनने के बाद। इस दिन नमक का सेवन वर्जित होता है, लेकिन गेहूं का उपयोग किया जा सकता है। व्रत के समापन पर दशा माता की प्रतिमा का विसर्जन नदी में किया जाना चाहिए। दशा माता व्रत मुख्य रूप से सुहागिन महिलाएं अपने परिवार की सुख समृद्धि के लिए रखती हैं। यह व्रत पारिवारिक कल्याण और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने का प्रभावशाली साधन माना जाता है।

  • आज का राशिफल 12 मार्च 2026: व्यापार में होगा लाभ, धन की होगी वर्षा; पढ़ें सभी राशियों की स्थिति

    आज का राशिफल 12 मार्च 2026: व्यापार में होगा लाभ, धन की होगी वर्षा; पढ़ें सभी राशियों की स्थिति


    नई दिल्ली । 12 मार्च 2026 का दिन ग्रह नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार कई राशियों के लिए शुभ और लाभदायक है। व्यापार करियर और आर्थिक मामलों में कुछ राशियों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं जबकि कुछ को स्वास्थ्य और पारिवारिक मामलों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    मेष

    आज का दिन शुभ रहेगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा और परिवार में तालमेल बना रहेगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे और सामाजिक व राजनीतिक क्षेत्र में सम्मान बढ़ेगा। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी।

    वृषभ

    जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो सकती है। परिवार में मतभेद संभव हैं। कार्यस्थल पर विरोधियों से सावधान रहें। व्यापार सामान्य रहेगा।

    मिथुन

    मन प्रसन्न रहेगा। किसी पुराने परिचित से मुलाकात हो सकती है। कार्यक्षेत्र में बदलाव लाभदायक साबित होगा। शेयर मार्केट से जुड़े लोगों के लिए दिन अनुकूल है।

    कर्क

    जीवनशैली में बदलाव करेंगे। व्यापार में लाभ की संभावना है। नई पार्टनरशिप के योग बन सकते हैं। यात्रा में सावधानी रखें।

    सिंह

    पैतृक संपत्ति से लाभ मिलने के योग हैं। व्यापार में सफलता मिलेगी। नई शुरुआत के लिए दिन अच्छा है। वाणी से रुके कार्य पूरे होंगे।

    कन्या

    दिन सामान्य रहेगा। कार्यक्षेत्र में कुछ बाधाएं आ सकती हैं। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। यात्रा में सतर्क रहें।

    तुला

    स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। नया कार्य शुरू करने से पहले सोच समझकर निर्णय लें। व्यापार और नौकरी में स्थिति सामान्य रहेगी।

    वृश्चिक

    नई योजनाएं बन सकती हैं और मित्रों का सहयोग मिलेगा। किसी खास व्यक्ति से मतभेद हो सकता है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

    धनु

    नई योजनाओं पर कार्य करेंगे। यात्रा के योग हैं। व्यापार में नए प्रयोग लाभ देंगे और अधिकारियों से सहयोग मिलेगा।

    मकर

    अपने विचार स्पष्ट रूप से व्यक्त करने में कठिनाई हो सकती है। अनावश्यक धन हानि की संभावना रहेगी। सोच समझकर निर्णय लें।

    कुंभ

    महत्वपूर्ण निर्णय लेने का दिन है। नौकरीपेशा लोगों को लाभ मिलेगा। भूमि संबंधी मामलों में धन खर्च हो सकता है।

    मीन

    अपने विचारों से लोगों को प्रभावित करेंगे। व्यापार में लाभ और नौकरी में पदोन्नति के योग हैं। किसी की बातों में आकर जल्दबाजी में निर्णय न लें।

    आज का राशिफल यह संकेत देता है कि आर्थिक मामलों और व्यापार में सफलता पाने के लिए समझदारी और धैर्य जरूरी है। स्वास्थ्य और पारिवारिक मामलों में सतर्क रहने से दिन बेहतर तरीके से बीतेगा।