Category: Religious Astrology

  • Skanda Sashti 2026: संतान प्राप्ति और खुशहाल जीवन के लिए आज रखें व्रत

    Skanda Sashti 2026: संतान प्राप्ति और खुशहाल जीवन के लिए आज रखें व्रत


    नई दिल्ली । आज 22 फरवरी 2026 को हिंदू धर्म में विशेष व्रत संकद षष्ठी का दिन है। इसे संतान प्राप्ति और संतान के सुख-समृद्ध जीवन के लिए श्रेष्ठ व्रत माना जाता है। फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर यह व्रत रखा जाता है। स्कंद षष्ठी के दिन माता गौरी और भगवान शंकर के पुत्र कार्तिकेय, जिन्हें हम भगवान स्कंद, मुरुगन या सुब्रह्मणयम के नाम से जानते हैं, की पूजा की जाती है। खासकर माताएं इस व्रत का पालन संतान की कामना और उसके सुख-समृद्ध जीवन के लिए करती हैं।

    पंचांग के अनुसार, आज सुबह 11:09 बजे से षष्ठी तिथि प्रारंभ होगी और कल 23 फरवरी को सुबह 09:09 बजे तक रहेगी। पूजा के लिए कई शुभ मुहूर्त हैं। सुबह 05:12 से 06:03 बजे तक पूजा का शुभ मुहूर्त है, दोपहर 12:12 से 12:58 बजे तक अभिजीत मुहूर्त, दोपहर 02:29 से 03:14 बजे तक विजय मुहूर्त और शाम 06:14 से 06:39 बजे तक गोधूलि मुहूर्त। इस समय के दौरान पूजा करने का विशेष महत्व माना जाता है।

    स्कंद षष्ठी पूजा की विधि सरल लेकिन नियमबद्ध होती है। सुबह उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। सूर्य देव को जल अर्पित करें और फिर पूजाघर में पूजा की तैयारी करें। एक चौकी पर भगवान कार्तिकेय की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। सबसे पहले गंगाजल से भगवान को स्नान कराएं, फिर चंदन का तिलक लगाएं। इसके बाद पीले फूल, फल, भोग, धूप और अन्य पूजा सामग्री अर्पित करें। भगवान स्कंद के मंत्रों का जाप करें और अंत में आरती करें।

    व्रत के दौरान कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक है। पूरे दिन सात्विक भोजन करें, जैसे फल, दूध और मेवे। अनाज और तामसिक चीजों से परहेज करें। व्रत के दौरान किसी की बुराई या निंदा न करें। अगले दिन विधिपूर्वक व्रत का पारण करें। यह नियम व्रत की सफलता और मनोकामना पूर्ण होने के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

    स्कंद षष्ठी व्रत का महत्व केवल संतान प्राप्ति तक सीमित नहीं है। यह व्रत माता-पिता की भक्ति, परिवार में खुशहाली और संतान के जीवन में स्वास्थ्य और सफलता की कामना से भी जुड़ा है। श्रद्धा और नियम के साथ व्रत करने से इसे रखन वाले परिवार को मानसिक संतोष और आध्यात्मिक लाभ भी मिलता है। इसलिए आज 22 फरवरी को अगर आप संतान सुख या संतान के सुख-समृद्ध जीवन की कामना रखते हैं, तो स्कंद षष्ठी का व्रत श्रद्धापूर्वक रखें, पूजा विधि और नियमों का पालन करें और लाभ प्राप्त करें।

  • मार्च 2026 में 'रवि' और 'सोम' प्रदोष व्रत का अद्भुत संयोग: महादेव की कृपा पाने के लिए नोट कर लें शुभ मुहूर्त और तिथि

    मार्च 2026 में 'रवि' और 'सोम' प्रदोष व्रत का अद्भुत संयोग: महादेव की कृपा पाने के लिए नोट कर लें शुभ मुहूर्त और तिथि


    नई दिल्ली ।हिंदू धर्म में भगवान शिव की आराधना के लिए प्रदोष व्रत को सर्वोत्तम माना गया है। पौराणिक मान्यताओं और शिव पुराण के अनुसार, त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष काल में महादेव स्वयं शिवलिंग में साक्षात विराजमान होते हैं। मार्च 2026 का महीना शिव भक्तों के लिए विशेष होने वाला है, क्योंकि इस महीने में दो अत्यंत फलदायी प्रदोष व्रत पड़ रहे हैं। पहला व्रत जहाँ रविवार को होने के कारण “रवि प्रदोष” कहलाएगा, वहीं दूसरा व्रत सोमवार को होने की वजह से “सोम प्रदोष” के नाम से जाना जाएगा। शास्त्रों में इन दोनों ही वारों पर पड़ने वाले प्रदोष व्रत का विशेष महत्व बताया गया है, जो साधक को आरोग्य और मानसिक शांति प्रदान करते हैं।

    मार्च महीने के पहले प्रदोष व्रत की शुरुआत फाल्गुन शुक्ल त्रयोदशी तिथि से हो रही है। पंचांग के अनुसार, यह तिथि 28 फरवरी की रात 08 बजकर 43 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 1 मार्च, रविवार को रात 09 बजकर 11 मिनट पर समाप्त होगी। चूंकि प्रदोष व्रत की पूजा शाम के समय यानी प्रदोष काल में की जाती है, इसलिए 1 मार्च को “रवि प्रदोष व्रत” रखा जाएगा। इस दिन महादेव की पूजा के लिए शाम 06 बजकर 21 मिनट से लेकर 07 बजकर 09 मिनट तक का समय सबसे शुभ रहेगा। रविवार को प्रदोष व्रत रखने से सूर्य देव का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे व्यक्ति को मान-सम्मान और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।

    वहीं, मार्च का दूसरा प्रदोष व्रत चैत्र कृष्ण त्रयोदशी को पड़ेगा। इसकी तिथि 16 मार्च 2026 को सुबह 09:40 बजे प्रारंभ होकर 17 मार्च की सुबह 09:23 बजे तक रहेगी। प्रदोष काल की गणना के अनुसार, यह व्रत 16 मार्च को रखा जाएगा। सोमवार का दिन होने के कारण यह “सोम प्रदोष” कहलाएगा, जिसे शिवजी का सबसे प्रिय दिन माना जाता है। इस दिन पूजा का मुहूर्त शाम 06:30 बजे से रात 08:54 बजे तक रहेगा। सोम प्रदोष का व्रत करने से वैवाहिक जीवन के कष्ट दूर होते हैं और चंद्रमा की शुभता बढ़ती है।

    प्रदोष व्रत केवल एक उपवास नहीं, बल्कि आध्यात्मिक उत्थान का मार्ग है। मान्यता है कि जो भक्त इस दिन निराहार रहकर शिवलिंग पर जल, दूध और विशेष रूप से “बेलपत्र” अर्पित करते हैं, उनके जीवन से दरिद्रता और दुखों का नाश होता है। यह व्रत क्रोध, लोभ और मोह जैसे विकारों से मुक्ति दिलाकर मन में सकारात्मकता का संचार करता है। यदि आप भी महादेव की असीम अनुकंपा प्राप्त करना चाहते हैं और अपने घर में सुख-शांति की कामना रखते हैं, तो मार्च के इन दो विशेष तिथियों को अपनी डायरी में जरूर नोट कर लें।

  • फरवरी के अंत में आसमान में सजेगी ‘ग्रहों की परेड’, 6 ग्रह एक साथ; इन राशियों के लिए खुलेगा भाग्य का द्वार

    फरवरी के अंत में आसमान में सजेगी ‘ग्रहों की परेड’, 6 ग्रह एक साथ; इन राशियों के लिए खुलेगा भाग्य का द्वार


    नई दिल्ली । फरवरी माह का अंतिम चरण एक बेहद खास और दुर्लभ खगोलीय घटना का साक्षी बनने जा रहा है। इस दौरान आकाश में छह प्रमुख ग्रह एक साथ विशेष स्थिति में नजर आएंगे। पृथ्वी से देखने पर ये ग्रह एक सीध में कतारबद्ध दिखाई देंगे जिसे आम बोलचाल की भाषा में ‘ग्रहों की परेड’ कहा जाता है। इस अद्भुत नजारे में बुध शुक्र बृहस्पति शनि यूरेनस और नेपच्यून शामिल होंगे। अंतरिक्ष एजेंसी NASA के अनुसार सूर्यास्त के तुरंत बाद ये ग्रह क्षितिज के पास दिखाई देंगे। हालांकि साफ मौसम होने पर भी इनमें से केवल चार ग्रह बुध शुक्र बृहस्पति और शनि नंगी आंखों से स्पष्ट दिख सकेंगे जबकि यूरेनस और नेपच्यून को देखने के लिए दूरबीन की जरूरत पड़ सकती है।

    यह घटना वैज्ञानिक दृष्टि से जितनी महत्वपूर्ण है ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार उतनी ही प्रभावशाली भी मानी जा रही है। जब कई बड़े ग्रह एक ही दिशा में सक्रिय होते हैं तो उसका असर सभी 12 राशियों पर पड़ता है। वर्तमान ग्रह स्थिति के अनुसार गुरु मिथुन राशि में शनि मीन राशि में और बुध-शुक्र राहु के साथ कुंभ राशि में स्थित बताए जा रहे हैं। फरवरी के अंत तक मंगल और चंद्रमा के भी कुंभ राशि में पहुंचने से ऊर्जा उत्साह और भावनात्मक शक्ति में वृद्धि के संकेत हैं। ग्रहों की यह विशेष व्यवस्था सोच निर्णय धन जिम्मेदारी और भाग्य से जुड़े मामलों में तेजी से बदलाव ला सकती है। कई लोगों को अचानक अवसर नए संपर्क और आर्थिक लाभ मिलने के योग बन रहे हैं। सही दिशा में किया गया प्रयास उल्लेखनीय सफलता दिला सकता है।

    मेष राशि के जातकों के लिए यह समय करियर में तेजी से उछाल लेकर आ सकता है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है और परिवार का सहयोग मनोबल को मजबूत करेगा। मिथुन राशि वालों के लिए भाग्य का साथ मिलने के संकेत हैं। गुरु का प्रभाव दृष्टिकोण को व्यापक बनाएगा नए संपर्क लाभदायक सिद्ध होंगे और नई नौकरी या पदोन्नति के अवसर मिल सकते हैं। सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने वाला है। व्यापार में विस्तार साझेदारी से लाभ और प्रभावशाली लोगों से सहयोग मिलने की संभावना है। वहीं कन्या राशि वालों को अपनी मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है। स्वास्थ्य में सुधार पुराने विवादों का समाधान और निवेश से अच्छे रिटर्न के योग बन रहे हैं।

    फरवरी के अंत में बनने वाला यह दुर्लभ ग्रह संयोग न केवल आकाश में एक मनोहारी दृश्य प्रस्तुत करेगा बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से कई राशियों के जीवन में नई ऊर्जा और संभावनाओं का संचार भी कर सकता है। सूर्यास्त के बाद साफ आसमान में इस अद्भुत नजारे को देखने का अवसर विशेष रहेगा।

  • Braj Holi Celebration: फूलों की होली से गूंजा मथुरा, भक्तिमय रंग में रंगी ब्रजभूमि

    Braj Holi Celebration: फूलों की होली से गूंजा मथुरा, भक्तिमय रंग में रंगी ब्रजभूमि


    नई दिल्ली।ब्रजभूमि में होली का रंग अब पूरी तरह चढ़ने लगा है। उत्तर प्रदेश के Mathura स्थित Raman Reti Ashram में 21 फरवरी से भव्य होली महोत्सव की शुरुआत हो चुकी है। यहां पारंपरिक अंदाज में फूलों और गुलाल के साथ होली खेली जा रही है। देश-विदेश से आए श्रद्धालु, स्थानीय भक्त और पर्यटक इस आयोजन का हिस्सा बनकर आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव का आनंद ले रहे हैं।

    फूलों की होली बनी आकर्षण का केंद्र
    रमणरेती आश्रम में आयोजित होली महोत्सव की सबसे बड़ी खासियत है फूलों की होली। यहां रंगों के साथ-साथ पुष्पवर्षा की जाती है, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय और रंगीन वातावरण में डूब जाता है। हल्के गुलाल की बौछार और रंग-बिरंगे फूलों की बारिश के बीच भजन-कीर्तन का आयोजन माहौल को और भी आध्यात्मिक बना देता है।

    श्रद्धालु भगवान के जयकारों के साथ रंगों में सराबोर हो रहे हैं। ढोल, मंजीरे और भजनों की धुन पर पूरा आश्रम होली के उल्लास में झूमता नजर आ रहा है।

    ब्रज में 40 दिनों तक चलता है रंगोत्सव

    ब्रज क्षेत्र में होली का उत्सव करीब 40 दिनों तक मनाया जाता है। इसकी शुरुआत बसंत पंचमी से ही हो जाती है। ब्रज मंडल के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में यह पर्व केवल रंगों का नहीं बल्कि भक्ति, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक माना जाता है।

    इसी कड़ी में मथुरा का रमणरेती आश्रम हर साल विशेष होली महोत्सव आयोजित करता है, जहां श्रद्धालु रंगों के साथ आध्यात्मिक आनंद का अनुभव करते हैं। आने वाले दिनों में बरसाना और नंदगांव में लठमार होली जैसे आयोजन भी उत्साह को चरम पर पहुंचाएंगे।

    श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
    21 फरवरी से शुरू हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। सुबह से ही आश्रम परिसर में भक्तों की भीड़ दिखाई दे रही है। आरती, भजन और रंग-गुलाल के बीच श्रद्धालु उत्सव का आनंद ले रहे हैं।

    सुरक्षा और व्यवस्थाएं
    आयोजन को देखते हुए आश्रम प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए हैं। आगंतुकों से शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई है ताकि उत्सव की गरिमा बनी रहे।

    ब्रज की यह होली केवल रंगों का उत्सव नहीं बल्कि श्रद्धा, प्रेम और परंपरा का अद्भुत संगम है। आने वाले दिनों में ब्रज की गलियां और अधिक रंगों और उल्लास से भर उठेंगी।

  • मंगल का कुंभ राशि में महागोचर: ग्रहों के अनूठे संयोग से चमकेगी इन 4 राशियों की किस्मत, बरसेगा धन और वैभव

    मंगल का कुंभ राशि में महागोचर: ग्रहों के अनूठे संयोग से चमकेगी इन 4 राशियों की किस्मत, बरसेगा धन और वैभव


    नई दिल्ली/भोपाल। अंतरिक्ष में ग्रहों की चाल एक बार फिर बड़े बदलाव के संकेत दे रही है। आगामी 23 फरवरी 2026 को सुबह 7:27 बजे ऊर्जा, साहस और पराक्रम का कारक माना जाने वाला मंगल ग्रह कुंभ राशि में प्रवेश करने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंभ राशि में पहले से ही ग्रहों का एक दुर्लभ जमावड़ा लगा हुआ है। वर्तमान में यहाँ सुख-वैभव के प्रदाता शुक्र, बुद्धि के देवता बुध और छाया ग्रह राहु विराजमान हैं। ऐसे में मंगल का आगमन न केवल ‘अंगारक योग’ जैसी स्थितियां बनाएगा, बल्कि शुक्र और मंगल की युति आर्थिक समृद्धि के द्वार भी खोलेगी। ज्योतिष में मंगल की ऊर्जा और शुक्र के ऐश्वर्य का मिलन भौतिक सुखों में वृद्धि करने वाला माना जाता है।

    इस गोचर का सबसे सकारात्मक प्रभाव मिथुन राशि के जातकों पर देखने को मिलेगा। मिथुन राशि वालों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं है। इन्हें न केवल परिवार का भरपूर सहयोग मिलेगा, बल्कि आर्थिक मोर्चे पर भी नए और सुनहरे अवसर प्राप्त होंगे। धन आवक के नए स्रोत खुलने से बैंक बैलेंस में बढ़ोतरी होगी और प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी। हालांकि, इन जातकों को सलाह दी गई है कि वे अति उत्साह में अपनी सेहत को नज़रअंदाज न करें और व्यर्थ के विवादों से दूरी बनाए रखें।

    वहीं, वृश्चिक राशि के जातकों के लिए मंगल का यह परिवर्तन कार्यक्षेत्र में बड़ी सफलता लेकर आ रहा है। नौकरीपेशा लोगों को अपने वरिष्ठ अधिकारियों से प्रशंसा और पदोन्नति मिल सकती है। प्रोफेशनल लाइफ में आपका दबदबा बढ़ेगा और सामाजिक दायरे में भी विस्तार होगा। इस दौरान बनने वाले नए संपर्क भविष्य में बड़े आर्थिक लाभ का कारण बन सकते हैं। दोस्तों की मदद से आपके रुके हुए कठिन कार्य भी आसानी से पूरे हो जाएंगे।

    मकर राशि के जातकों के लिए यह गोचर आत्मविश्वास और जोश का संचार करने वाला साबित होगा। विशेष रूप से विद्यार्थियों के लिए यह समय बेहद अनुकूल है, उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में आशातीत सफलता मिलेगी। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों की ओर आपका झुकाव बढ़ेगा। शिक्षा या ट्रेनिंग के सिलसिले में की गई यात्राएं सुखद और परिणामी रहेंगी। कुल मिलाकर मकर राशि वालों के लिए यह सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर समय है।

    अंततः, चूंकि यह गोचर कुंभ राशि में ही हो रहा है, इसलिए इस राशि के जातकों को इसका सीधा और सर्वाधिक लाभ मिलना तय है। कारोबारियों के लिए नए व्यावसायिक समझौते लाभकारी सिद्ध होंगे और समाज में आपकी प्रतिष्ठा में चार चांद लगेंगे। मान-सम्मान की प्राप्ति के साथ-साथ आपका स्वास्थ्य भी बेहतर बना रहेगा। हालांकि, मंगल की तप्त ऊर्जा को संतुलित करने के लिए ज्योतिषियों ने कुंभ राशि वालों को पर्याप्त जल सेवन करने की सलाह दी है। ग्रहों का यह अद्भुत मेल अगले कुछ दिनों तक इन चार राशियों के जीवन में खुशहाली और सफलता की नई इबारत लिखेगा।

  • ढुण्ढिराज चतुर्थी 2026: बाधाओं के नाश और मनोकामना पूर्ति का पावन दिन, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

    ढुण्ढिराज चतुर्थी 2026: बाधाओं के नाश और मनोकामना पूर्ति का पावन दिन, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजा विधि


    नई दिल्ली । फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाने वाली ढुण्ढिराज चतुर्थी इस वर्ष 21 फरवरी 2026 शनिवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार यह तिथि भगवान श्री गणेश को समर्पित है जिन्हें विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता कहा जाता है। मत्स्य पुराण में इस चतुर्थी को ‘मनोरथ चतुर्थी’ के नाम से भी वर्णित किया गया है क्योंकि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर सभी मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है। कहा जाता है कि जीवन में आ रही बाधाओं रुकावटों और मानसिक अशांति को दूर करने के लिए यह व्रत अत्यंत फलदायी होता है।

    इस बार ढुण्ढिराज चतुर्थी का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि इस दिन शुभ योगों का विशेष संयोग बन रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस दिन शुभ शुक्ल और रवि योग का निर्माण हो रहा है जो धार्मिक कार्यों और पूजन-अर्चन के लिए अत्यंत अनुकूल माने जाते हैं। ऐसे शुभ संयोग में भगवान गणेश की आराधना करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और साधक के जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

    पूजा के लिए दिनभर कई शुभ मुहूर्त रहेंगे। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 13 मिनट से 6 बजकर 4 मिनट तक रहेगा जो साधना और जप के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 28 मिनट से 3 बजकर 14 मिनट तक रहेगा जिसमें किए गए कार्यों में सफलता मिलने की मान्यता है। गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 13 मिनट से 6 बजकर 38 मिनट तक रहेगा जो पूजन के लिए शुभ है। वहीं निशिता मुहूर्त रात 12 बजकर 9 मिनट से 1 बजे तक रहेगा जो विशेष साधना और मंत्र जप के लिए उत्तम माना गया है।

    ढुण्ढिराज चतुर्थी के दिन प्रातः स्नान कर व्रत का संकल्प लिया जाता है। इसके बाद भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र को स्वच्छ स्थान पर स्थापित कर विधिपूर्वक पूजा की जाती है। गणपति को लाल पुष्प दूर्वा मोदक और सिंदूर अर्पित करना शुभ माना जाता है। विशेष रूप से दूर्वा और मोदक भगवान को अत्यंत प्रिय हैं। पूजा के दौरान ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का जप या गणेश स्तोत्र का पाठ करने से बुद्धि विवेक और सफलता की प्राप्ति होती है। श्रद्धा और एकाग्रता के साथ की गई आराधना से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और कार्यों में सफलता मिलने लगती है।

    मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से न केवल आर्थिक समृद्धि आती है बल्कि पारिवारिक सुख-शांति भी बनी रहती है। विद्यार्थी वर्ग के लिए यह दिन विशेष फलदायी माना जाता है क्योंकि भगवान गणेश को बुद्धि और विद्या का देवता कहा गया है। जो व्यक्ति सच्चे मन से इस दिन उपवास रखकर पूजा-अर्चना करता है उसके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और अधूरे कार्य पूर्ण होने लगते हैं।

    ढुण्ढिराज चतुर्थी केवल एक व्रत नहीं बल्कि आत्मविश्वास और आस्था को मजबूत करने का अवसर भी है। शुभ योगों से युक्त इस पावन दिन पर भगवान गणेश की आराधना कर अपने जीवन से विघ्नों को दूर करने और सफलता की ओर कदम बढ़ाने का यह श्रेष्ठ अवसर है।

  • ग्रहण और होली का अद्वितीय संगम: चंद्र ग्रहण के दिन पानी से होली खेलने पर प्रतिबंध

    ग्रहण और होली का अद्वितीय संगम: चंद्र ग्रहण के दिन पानी से होली खेलने पर प्रतिबंध


    नई दिल्ली। इस वर्ष, फाल्गुन पूर्णिमा और चंद्र ग्रहण एक ही दिन पड़ रहे हैं। 3 मार्च को एक ग्रस्त उदित चंद्र ग्रहण रहेगा, जो दोपहर 3:19 बजे से शाम 6:47 बजे तक होगा। इस ग्रहण का प्रभाव विशेष रूप से 6:47 बजे तक रहेगा, जब धुलेंडी (होली) का पर्व मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, ग्रहण का सूतक काल प्रातः 6:47 बजे से शुरू होगा, जो ग्रहण के समाप्त होने तक असर दिखाएगा।

    पानी से होली खेलने की मनाही
    चंद्रमा को जल का कारक माना जाता है, इसलिए इस वर्ष ग्रहण के दौरान पानी से होली खेलना वर्जित है। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि जल का उपयोग करने से मानसिक अशांति और नकारात्मक प्रभाव हो सकते हैं। अत: इस बार गुलाल से ही होली खेलना शुभ रहेगा, जबकि पानी से होली खेलना टालना चाहिए।

    गैर निकाले जा सकेंगे, लेकिन…
    ग्रहण के दिन गैर (पारंपरिक लोकनृत्य) निकालने की परंपरा भी जारी रहेगी, लेकिन यह सिर्फ सूखा और गुलाल का ही इस्तेमाल करके किया जाएगा। उज्जैन और राज्य के अन्य हिस्सों में यह परंपरा बनाये रखने की मान्यता है। ज्योतिषाचार्य पं. अमर डिब्बेवाला के अनुसार, परंपरागत गैर निकाले जाने से कोई दोष नहीं लगता, बशर्ते यह एक प्रहर (लगभग तीन घंटे) के भीतर किया जाए।

    भद्राकाल में होगा होलिका दहन
    2 मार्च की रात को होलिका दहन होगा, लेकिन इस बार भद्राकाल (शाम 5:55 से रात 4:28 तक) के प्रभाव में यह किया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि प्रदोष काल में होलिका पूजन सबसे श्रेष्ठ होगा, साथ ही इस समय दान-पुण्य भी किए जा सकते हैं, जो इस दिन की महिमा को बढ़ाते हैं।

    ग्रहण और सूतक काल का समय
    सूतक काल: ग्रहण से 12 घंटे पहले शुरू होता है, यानी सुबह 6:47 बजे से।

    ग्रहण का समय: 3:19 बजे से 6:47 बजे तक।

    इस दौरान कोई भी शुभ कार्य वर्जित माना जाता है और मंदिरों के पट बंद रखे जाते हैं।

    राशियों पर ग्रहण का प्रभाव
    ग्रहण का राशियों पर भी खास असर होगा:

    मेष: अनुकूल रहेगा, मित्रों से सहायता मिलेगी।

    वृषभ: प्रयास बढ़ाने होंगे, विशेष ध्यान दें।

    मिथुन: वाणी और क्रोध पर संयम जरूरी।

    कर्क: जलीय राशि होने के कारण लाभ की संभावना।

    सिंह: कानूनी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर से पहले सावधानी बरतें।

    कन्या: नई नौकरी और व्यापार में अवसर मिल सकते हैं।

    तुला: विशेष व्यक्ति से सहयोग मिलेगा।

    वृश्चिक: भूमि भवन से जुड़ा कोई काम हो सकता है।

    धनु: नए कार्यों की शुरुआत संभव।

    मकर और कुम्भ: न्यायिक दृष्टि से अनुकूल समय।

    मीन: धार्मिक कार्यों में सफलता मिलेगी।

    सूतक काल में क्या करें और क्या न करें?
    भोजन: 6:30 बजे से 9:30 बजे तक बुजुर्ग और मरीज भोजन कर सकते हैं।

    पूजा-अर्चना: ग्रहण के दौरान संयम रखकर भजन-पूजन करें। विशेष रूप से ग्रहण के समय और सूतक काल में ध्यान रखें कि कोई भी शुभ कार्य न करें।

    इस वर्ष के ग्रहण और होली का समय परंपरा और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बहुत ही विशेष है। जल से होली न खेलने का कारण यह भी है कि इस दिन चंद्रमा को जल का कारक माना जाता है, और इससे कुछ नकारात्मक असर हो सकता है। इस बार सिर्फ गुलाल से होली खेलना ही शुभ रहेगा।

  • 22 फरवरी का राशिफल : जानिए कैसे रहेगा आपका दिन, इन राशि के जातकों को रहना होगा सतर्क

    22 फरवरी का राशिफल : जानिए कैसे रहेगा आपका दिन, इन राशि के जातकों को रहना होगा सतर्क


    नई दिल्‍ली । रविवार, 22 फरवरी 2026 का दिन कुछ राशियों के लिए नई संभावनाएं और अवसर लेकर आएगा, तो कुछ राशियों को सतर्क रहने की जरूरत होगी। जानिए करियर, व्यापार, स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन में आपका दिन कैसा रहेगा।

    मेष राशि

    आज आपके दिन की शुरुआत सकारात्मक होगी। बच्चों के लिए दिन अच्छा रहेगा। किसी नज़दीकी रिश्तेदार से लंबी बातचीत हो सकती है। भविष्य के लिए नई योजनाओं पर काम करने के मौके मिलेंगे। घर पर धार्मिक आयोजन करने का मन बन सकता है। इंटरव्यू देने वालों के लिए सफलता के योग हैं। जीवनसाथी की छोटी गलतियों को माफ करने से संबंध बेहतर होंगे।
    भाग्यशाली अंक: 9 | भाग्यशाली रंग: लाल
    उपाय: हनुमान चालीसा पढ़ें और बंदरों को गुड़-चना खिलाएं।

    वृषभ राशि

    दिन की शुरुआत अनुकूल रहेगी। बिजनेस ट्रिप पर जाने से पहले घर के बुजुर्गों का आशीर्वाद लें, काम सफल होगा। जीवनसाथी को तरक्की का अवसर मिलेगा। बिजनेस में फायदा संभव है। जूनियर्स आपसे नई चीजें सीखने की कोशिश करेंगे। तली-भुनी चीजों से परहेज करें।

    भाग्यशाली अंक: 6 | भाग्यशाली रंग: सफेद
    उपाय: छोटी कन्याओं को मिश्री या सफेद मिठाई खिलाएं।

    मिथुन राशि

    आज का दिन नई ऊर्जा और उमंग लेकर आएगा। आगे बढ़ने के लिए नई योजनाएं बनाएं। अपना और जीवनसाथी का स्वास्थ्य ध्यान में रखें। कुछ विरोधी काम में बाधा डाल सकते हैं, लेकिन आपका पॉजिटिव दृष्टिकोण मदद करेगा। महिलाओं को बिजनेस में परिवार का समर्थन मिलेगा।

    भाग्यशाली अंक: 5 | भाग्यशाली रंग: हरा
    उपाय: गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें।

    कर्क राशि

    खुशियों भरा दिन रहेगा। बिजनेस में लाभ मिलेगा। नया बिजनेस शुरू करने से पहले मार्केट एनालिसिस करें। छात्रों के लिए दिन ठीक-ठाक रहेगा। शत्रुओं से सतर्क रहें। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। हाउसवाइव्स के लिए पार्ट-टाइम जॉब के योग बन रहे हैं।

    भाग्यशाली अंक: 2 | भाग्यशाली रंग: दूधिया सफेद/चांदी
    उपाय: शिवलिंग पर जल अर्पित करें और “ॐ नमः शिवाय” का जाप करें।

    सिंह राशि

    दिन की शुरुआत खुशियों से होगी। शाम को किसी बर्थडे पार्टी में शामिल हो सकते हैं। स्टूडेंट्स के लिए दिन अच्छा रहेगा। क्रिएटिव फील्ड मजबूत रहेगी। बिल्डर्स को नए कॉन्ट्रैक्ट से मुनाफा होगा। घर को सजाने का मौका मिलेगा और सुख-समृद्धि बनी रहेगी।

    भाग्यशाली अंक: 1 | भाग्यशाली रंग: नारंगी/सुनहरा
    उपाय: उगते सूर्य को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें।

    कन्या राशि

    दिन अनुकूल रहेगा। काम में सहयोग मिलेगा। करियर में अचानक बदलाव और धन लाभ के योग हैं। वैवाहिक जीवन खुशहाल रहेगा। माता का स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। करीबी रिश्तेदार शादी के मामलों पर बात कर सकते हैं।

    भाग्यशाली अंक: 5 | भाग्यशाली रंग: गहरा हरा
    उपाय: पक्षियों को दाना और गाय को हरा चारा खिलाएं।

    तुला राशि

    दिन सामान्य रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। माता-पिता का सहयोग मिलेगा। बच्चों की सफलता में खुशी मिलेगी। सोशल नेटवर्क मजबूत रहेगा। समय निकालकर ईश्वर की पूजा करें। महिलाएं घर के काम में व्यस्त रहेंगी।

    भाग्यशाली अंक: 3 | भाग्यशाली रंग: पीला
    उपाय: माथे पर केसर का तिलक लगाएं और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।

    वृश्चिक राशि

    जीवन में नया बदलाव आएगा। दोस्तों के घर डिनर का मौका मिलेगा। व्यापारी वर्ग को लाभ मिलेगा। स्टूडेंट्स के लिए दिन बेहतर रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। काम समय पर पूरा होगा और तनाव कम रहेगा।

    भाग्यशाली अंक: 7 | भाग्यशाली रंग: गुलाबी
    उपाय: जरूरतमंदों को सफेद वस्त्र या भोजन का दान करें।

    धनु राशि

    दिन शानदार रहेगा। भागदौड़ वाले काम होंगे। नई तकनीकों का सहारा मिलेगा। सेल्समैन को क्लाइंट से लाभ होगा। जीवनसाथी के साथ बाहर घूमने का समय मिलेगा। बच्चों के लिए डांस क्लास और शिक्षा क्षेत्र में व्यस्तता होगी।

    भाग्यशाली अंक: 8 | भाग्यशाली रंग: महरून
    उपाय: पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

    मकर राशि

    उत्साह भरा दिन। विवाहित लोग धार्मिक स्थल जा सकते हैं। बिजनेस में धन लाभ होगा। मूर्ति व्यापारियों को प्रोजेक्ट मिलेगा। राइटर्स नई कहानी लिख सकते हैं। पारिवारिक माहौल खुशनुमा रहेगा।

    भाग्यशाली अंक: 3 | भाग्यशाली रंग: पीला
    उपाय: माथे पर केसर का तिलक लगाएं और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।

    कुंभ राशि

    दिन मिला-जुला रहेगा। मंदिर दर्शन और दोस्तों के साथ शॉपिंग का समय मिलेगा। इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स के लिए दिन अनुकूल है। प्रतियोगिता की तैयारी में शिक्षकों का पूरा सहयोग मिलेगा। तनाव कम करने के लिए शांत जगह पर जाएं।

    भाग्यशाली अंक: 8 | भाग्यशाली रंग: काला/आसमानी
    उपाय: गरीब व्यक्ति को भोजन कराएं और हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं।

    मीन राशि

    लाभदायक दिन। काम समय पर पूरा होगा। जीवनसाथी के साथ लंच या आउटिंग का अवसर मिलेगा। राजनीति में मान-सम्मान बढ़ेगा। नौकरी की तलाश वाले लोगों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं। आत्मनिर्भर निर्णय लाभकारी होंगे।

    भाग्यशाली अंक: 3 | भाग्यशाली रंग: सुनहरा/पीला
    उपाय: केले के वृक्ष की पूजा करें और चने की दाल का दान करें।

    Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य मान्यताओं और स्रोतों पर आधारित है। हम किसी भी तथ्य, मान्यता या सलाह की पुष्टि नहीं करते हैं।

  • चंद्र ग्रहण 2026 से बचकर रहें 3 राशि के लोग, फंस सकते हैं किसी बड़ी मुसीबत में

    चंद्र ग्रहण 2026 से बचकर रहें 3 राशि के लोग, फंस सकते हैं किसी बड़ी मुसीबत में


    नई दिल्ली । भारत में चंद्र ग्रहण कब लगेगा 3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण होने जा रहा है। ये चंद्र ग्रहण बहुत ही खास रहेगा क्योंकि ये भारत में भी दिखाई देगा। ये चंद्र ग्रहण दोपहर 3 बजकर 23 मिनिट से शुरू होगा जो शाम 6 बजकर 47 मिनिट तक रहेगा। इस चंद्र ग्रहण का असर सभी राशि के लोगों पर होगा, मगर 3 राशि वाले इससे सबसे ज्यादा प्रभावित रहेंगे। इन 3 राशि वालों को इस समय अधिक सावधानी बरतनी होगी नहीं तो यो किसी बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं। आगे जानिए कौन-सी हैं ये 3 राशियां…

    कर्क राशि वालों की बढ़ेगी परेशान

    3 मार्च को होने वाला चंद्र ग्रहण कर्क राशि वालों की परेशानियां बढ़ा सकता है। नौकरी-बिजनेस से जुड़ी कोई बुरी खबर इन्हें सुनने को मिलेगी। ना चाहते हुए भी कुछ काम करने पड़ सकते हैं। इस समय इन्हें किसी भी तरह की यात्रा पर जाने से बचना चाहिए नहीं तो दुर्घटना हो सकती है। मानसिक तनाव के कारण कोई गलत फैसला भी ये लोग ले सकते हैं। पैसों की तंगी बनी रहेगी। परिवार में किसी बात को लेकर बड़ा विवाद हो सकता है।
    सिंह राशि वाले सावधान
    3 मार्च को होने वाला चंद्र ग्रहण सिंह राशि में ही होगा, इसलिए इन्हें सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। ये लोग दूसरों की बातों में आकर कोई गलत निर्णय ले सकते हैं या फिर इनका किसी से विवाद भी संभव है। इस समय इन्हें अपनी वाणी और क्रोध पर नियंत्रण रखना होगा वरना कुछ गलत हो सकता है। संतान से जुड़ी कोई बात इन्हें मानसिक स्तर पर तोड़ सकती है। नौकरी-बिजनेस की स्थिति भी ज्यादा ठीक नहीं कही जा सकती।

    मीन राशि वालों को मिलेगी बुरी खबर

    इस राशि के लोगों के लिए भी चंद्र ग्रहण बहुत खराब फल देने वाला रहेगा। ये किसी बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं और कोई बुरी खबर इनकी टेंशन बढ़ा सकती है। अगर कोई लोन लिया है तो उसे चुकाने में परेशानी आएगी। कर्ज लेने वाले आपको अपमानित कर सकते हैं। सेहत का भी खास ध्यान रखें, पुराने रोग फिर से उभर सकते हैं। सुसराल पक्ष में किसी से विवाद की स्थिति बनेगी।

  • सितारों की चाल: इस हफ्ते शुक्र और गुरु बनाएंगे बिगड़े काम, जानें आपकी लव लाइफ के लिए क्या कहते हैं सितारे!

    सितारों की चाल: इस हफ्ते शुक्र और गुरु बनाएंगे बिगड़े काम, जानें आपकी लव लाइफ के लिए क्या कहते हैं सितारे!


    नई दिल्ली। मेषAries :इस सप्ताह आपके प्रेम जीवन में गजब का उत्साह रहेगा। अगर आप सिंगल हैं, तो किसी खास से बात शुरू हो सकती है, लेकिन भावनाओं में बहकर जल्दबाजी न करें। सप्ताह के मध्य में अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें, वरना छोटी सी गलतफहमी विवाद बन सकती है। वीकेंड डिनर या छोटी यात्रा के लिए बेहतरीन है।

    वृषTaurus
    आपके लिए यह सप्ताह स्थिरता और मधुरता लेकर आया है। रिश्तों में भरोसा मजबूत होगा और विवाह योग्य जातकों की बात आगे बढ़ सकती है। जिद से बचें, विशेषकर वैवाहिक जीवन में। सप्ताह के अंत में पार्टनर की ओर से कोई सुखद सरप्राइज मिल सकता है।

    मिथुनGemini
    संवादCommunication ही इस हफ्ते आपके रिश्ते की जान है। पार्टनर से खुलकर बात करें ताकि पुराने भ्रम दूर हों। सोशल मीडिया के जरिए सिंगल लोगों को नया साथी मिल सकता है। जल्दबाजी में वादे न करें, पारदर्शिता बनाए रखें।

    कर्कCancer
    भावनात्मक गहराई वाला सप्ताह है। पार्टनर की जरूरतों को समझने से रिश्ता और गहरा होगा। सिंगल लोगों को परिवार की ओर से कोई अच्छा रिश्ता मिल सकता है। पुरानी कड़वी यादों को वर्तमान पर हावी न होने दें। सप्ताहांत साथ बिताने के लिए शुभ है।

    सिंहLeo
    आपका आकर्षण इस हफ्ते चरम पर रहेगा। आप अपने व्यक्तित्व से पार्टनर का दिल जीत लेंगे। हालांकि, अपने ‘ईगो’ या प्रभुत्व जमाने की कोशिश से बचें, वरना टकराव हो सकता है। साथी की सराहना करना आपके रिश्ते में गर्माहट लाएगा।

    कन्याVirgo
    रिश्तों में व्यवहारिकता की परीक्षा होगी। छोटी-मोटी नोकझोंक संभव है, लेकिन समझदारी से मामला सुलझ जाएगा। कार्यस्थल पर कोई आपको आकर्षित कर सकता है। ज्यादा विश्लेषणOver-analysis करने से बचें और भावनाओं को संतुलित रखें।

    तुलाLibra
    प्रेम में संतुलन बनाए रखना इस हफ्ते की प्राथमिकता होनी चाहिए। अगर मन में कोई शिकायत है, तो शांति से चर्चा करें। सप्ताहांत काफी रोमांटिक रहने वाला है। अपेक्षाएं कम रखें तो ज्यादा सुखी रहेंगे। आपसी सहयोग से नई ऊर्जा आएगी।

    वृश्चिकScorpio
    भावनाओं की तीव्रता अधिक रहेगी। पार्टनर के साथ दिल की बात साझा करने का यह सही समय है। सिंगल लोगों को अचानक किसी के प्रति आकर्षण महसूस हो सकता है। शक करने की आदत से बचें, ईमानदारी और पारदर्शिता ही रिश्ते को बचाएगी।

    धनुSagittarius
    आप अपनी आजादी और प्रेम के बीच तालमेल बिठाने की कोशिश करेंगे। यात्रा के दौरान किसी दिलचस्प व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। समय की कमी पार्टनर की शिकायत का कारण बन सकती है। स्पष्ट संवाद और सकारात्मक सोच से रिश्ते में ताजगी रहेगी।

    मकरCapricorn
    यह सप्ताह गंभीर फैसलों का है। पार्टनर के साथ भविष्य या शादी की योजना बना सकते हैं। काम का बोझ प्रेम जीवन पर भारी पड़ सकता है, इसलिए साथी को महत्व देना न भूलें। सप्ताहांत में रिश्तों में स्थिरता आएगी।

    कुंभAquarius
    रिश्ते में कुछ नया और रचनात्मक करने की सोचेंगे। किसी पुराने दोस्त के प्रति प्रेम की भावना जाग सकती है। मध्य सप्ताह में थोड़ी भावनात्मक दूरी महसूस हो सकती है, जिसे खुले संवाद से दूर किया जा सकता है। विश्वास बनाए रखें।

    मीनPisces
    मीन राशि वालों के लिए यह सप्ताह सबसे ज्यादा रोमांटिक रहने वाला है। पुरानी दोस्ती प्यार में बदल सकती है। कल्पनाओं की दुनिया से बाहर निकलें और हकीकत में भावनाएं व्यक्त करें। सप्ताहांत में कोई बड़ा प्रस्ताव या सरप्राइज आपकी खुशी बढ़ा सकता है।