Category: Religious Astrology

  • होली पर 3 मार्च को चंद्र ग्रहण और भद्रा काल का साया, जानें होलिका दहन का सही मुहूर्त

    होली पर 3 मार्च को चंद्र ग्रहण और भद्रा काल का साया, जानें होलिका दहन का सही मुहूर्त


    नई दिल्ली । इस साल फाल्गुन पूर्णिमा के दिन यानी 3 मार्च 2026 को भारत में पूर्ण चंद्र ग्रहण लगने वाला है। ज्योतिष के अनुसार चंद्र ग्रहण और इसका सूतक काल शुभ कार्यों पर प्रभाव डालते हैं जिससे होलिका दहन की तारीख पर भी भ्रम पैदा हो गया है। इस साल चंद्र ग्रहण की शुरुआत दोपहर 3:20 बजे होगी और शाम 6:46 बजे समाप्त होगी। ग्रहण का सूतक काल इससे लगभग 9 घंटे पहले सुबह 6:20 बजे से प्रारंभ हो जाएगा। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे पूजा-पाठ नहीं किया जाएगा और बुजुर्गों बीमारों और गर्भवती महिलाओं को छोड़कर भोजन भी वर्जित माना जाएगा। इस दिन भारत में ब्लड मून भी दिखाई देगा जो इसे और भी विशेष बना देगा।

    फाल्गुन पूर्णिमा तिथि और स्नान-दान

    पंचांग के अनुसार फाल्गुन पूर्णिमा की तिथि 2 मार्च की शाम 5:15 बजे से शुरू होकर 3 मार्च दोपहर 4:33 बजे तक रहेगी। स्नान-दान के लिए पूर्णिमा तिथि 3 मार्च को मानी जाएगी जबकि पूर्णिमा व्रत 2 मार्च को रखना उचित होगा।

    होलिका दहन और भद्रा काल

    धर्म-शास्त्र के अनुसार होलिका दहन के लिए तीन चीजें जरूरी हैं: पूर्णिमा तिथि रात्रि काल और भद्रा मुक्त समय। इस साल अगर 3 मार्च को पूर्णिमा मानें तो चंद्र ग्रहण और उसके सूतक काल के कारण होलिका दहन नहीं किया जा सकता। वहीं 2 मार्च को रात में होलिका दहन करने पर भद्रा काल खेल बिगाड़ रहा है। भद्रा काल 2 मार्च की शाम 5:15 बजे से 3 मार्च की तड़के 4:46 बजे तक रहेगा।

    उत्तम मुहूर्त
    शास्त्रों के अनुसार इस स्थिति में होलिका दहन मध्य रात्रि से पूर्व कर लेना ही सर्वोत्तम माना गया है। इस साल 2 मार्च की रात 12:50 बजे से 2:38 बजे तक का समय सबसे शुभ मुहूर्त रहेगा। इसके बाद 3 मार्च या 4 मार्च को होली खेलना या धुलैंडी मनाना उचित होगा। Disclaimer यह खबर केवल जागरूक करने के उद्देश्‍य से लिखी गई है। हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते है।
  • आज से बुध कुंभ राशि में चलेंगे वक्री की चाल, इन राशियों को रहना होगा सतर्क, ये होंगी मालामाल

    आज से बुध कुंभ राशि में चलेंगे वक्री की चाल, इन राशियों को रहना होगा सतर्क, ये होंगी मालामाल


    नई दिल्‍ली । ज्योतिष के अनुसार, बुध ग्रह बुद्धि, तर्क और बातचीत का कारक माना जाता है। द्रिक पंचांग के मुताबिक, 26 फरवरी 2026 से बुध कुंभ राशि में वक्री चाल चलेंगे, जो लगभग 21 मार्च 2026 तक बनी रहेगी। इस दौरान लोगों की सोच, निर्णय लेने की क्षमता और संवाद पर असर दिख सकता है। पुराने अधूरे काम सामने आ सकते हैं, गलतफहमियां बढ़ सकती हैं, इसलिए जल्दबाजी करने की बजाय सोच-समझकर कदम उठाना जरूरी होगा।

    इन राशियों को मिलेगा फायदा या सामान्य परिणाम
    मेष: आमदनी बढ़ सकती है, पुराने पैसे वापस मिल सकते हैं। दोस्तों से मुलाकात खुशियाँ लाएगी। निवेश सोच-समझकर करें।

    वृषभ: करियर में मेहनत रंग लाएगी। अधिकारियों के साथ संबंध बेहतर रहेंगे, लेकिन जल्दबाजी से बचें।

    मिथुन: रुके काम धीरे-धीरे पूरे होंगे। धार्मिक यात्रा का योग बन सकता है। कागजी काम में सावधानी रखें।

    सिंह: पार्टनरशिप में लाभ, जीवनसाथी के साथ रिश्ते मधुर रहेंगे। अहंकार से बचें।

    तुला: लव और क्रिएटिव फील्ड में समय अच्छा। अचानक धन लाभ और नए मौके मिल सकते हैं।

    वृश्चिक: घर-परिवार से जुड़ी समस्याओं का समाधान, प्रॉपर्टी या वाहन मामलों में राहत मिल सकती है।

    इन राशियों को रहना होगा ज्यादा सतर्क
    कर्क: काम में लापरवाही नुकसान दे सकती है। बड़े फैसले से पहले सलाह लें। थकान और नींद की कमी से परेशानी बढ़ सकती है।

    कन्या: जॉब बदलाव या ट्रांसफर का संकेत। विदेश से जुड़े काम में देरी हो सकती है। धैर्य बनाए रखें।

    धनु: यात्रा में रुकावट और भाई-बहनों से विवाद की स्थिति। बोलते समय संयम रखें।

    मकर: बातों को गलत समझा जा सकता है, विवाद बढ़ सकता है। गले या आवाज की समस्या संभव।

    कुंभ: बुध आपकी राशि में वक्री हैं, मन में उलझन और फैसले में दुविधा रह सकती है। शांत रहें।

    मीन: पैसों के मामलों में सावधानी। वाहन चलाते समय सतर्क रहें और परिवार की सेहत का ध्यान रखें।

  • गुरुवार 26 फरवरी 2026: रवि योग, अमृतकाल, राहुकाल और शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी

    गुरुवार 26 फरवरी 2026: रवि योग, अमृतकाल, राहुकाल और शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी


    नई दिल्ली। सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। यह दिन-प्रतिदिन के कार्यों के लिए शुभ और अशुभ समय बताता है। 26 फरवरी गुरुवार को नारायण और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित है। इस दिन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि रात 12 बजकर 33 मिनट तक रहेगी, उसके बाद एकादशी आरंभ होगी।

    पंचांग के पांच अंग होते हैं-तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इनका मिलकर शुभ-अशुभ समय निर्धारित करने में उपयोग होता है। 26 फरवरी को नक्षत्र मृगशिरा दोपहर 12 बजकर 11 मिनट तक रहेगा, उसके बाद आर्द्रा नक्षत्र प्रारंभ होगा। योग प्रीति रात 10 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। यह दिन रवि योग से युक्त है, जो अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है। सूर्योदय 6 बजकर 49 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 19 मिनट पर होगा।

    मुहूर्त का ज्ञान भी पंचांग से ही मिलता है। गुरुवार के शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं- अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से 12 बजकर 57 मिनट तक, विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 29 मिनट से 3 बजकर 15 मिनट तक। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 9 मिनट से 5 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 16 मिनट से 6 बजकर 42 मिनट तक है। अमृत काल रात 1 बजकर 23 मिनट से 2 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। पूरे दिन रवि योग का प्रभाव बना रहेगा।

    पंचांग में अशुभ काल का विशेष महत्व होता है। राहुकाल दोपहर 2 बजे से 3 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। यमगंड सुबह 6 बजकर 49 मिनट से 8 बजकर 16 मिनट तक रहेगा। गुलिक काल सुबह 9 बजकर 42 मिनट से 11 बजकर 8 मिनट तक है। दुर्मुहूर्त सुबह 10 बजकर 39 मिनट से 11 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। इस दौरान किसी भी नए या महत्वपूर्ण कार्य से परहेज करना चाहिए।

    गुरुवार के दिन देवगुरु बृहस्पति और नारायण को समर्पित पूजन का विधान है। पीले रंग का भोजन करना, पीले वस्त्र धारण करना और मस्तक पर पीला चंदन या हल्दी लगाना शुभ माना जाता है। इस दिन दान करना और नारायण की विशेष पूजा करना अत्यंत फलदायी होता है।संपूर्ण दिन के पंचांग का पालन करके व्यक्ति अपने कार्यों में सफलता और समृद्धि प्राप्त कर सकता है। शुभ मुहूर्त और रवि योग का ध्यान रखते हुए गुरुवार को किए गए कार्य विशेष फलदायी माने जाते हैं।

  • जानिए आज गुरुवार का राशिफल

    जानिए आज गुरुवार का राशिफल

    युगाब्ध-5126, विक्रम संवत 2082, राष्ट्रीय शक संवत-1947, सूर्योदय 06.44, सूर्यास्त 06.04, ऋतु – शीत
    फाल्गुन शुक्ल पक्ष नवमी, गुरुवार, 26 फरवरी 2026 का दिन आपके लिए कैसा रहेगा। आज आपके जीवन में क्या-क्या परिवर्तन हो सकता है, आज आपके सितारे क्या कहते हैं, यह जानने के लिए पढ़ें आज का भविष्यफल।

    मेष राशि :- पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। जोखिम से दूर रहना ही बुद्घिमानी होगी। शुभ कार्यों की प्रवृत्ति बनेगी और शुभ समाचार भी मिलेंगे। किसी से कहा सुनी न हो यही ध्यान रहे। अपना कार्य दूसरों के सहयोग से बना लेंगे। लाभकारी गतिविधियों में सक्रियता रहेगी। शुभांक-1-4-6

    वृष राशि :- अपने संघर्ष में स्वयं को अकेला महसूस करेंगे। विशेष परिश्रम से ही अभिष्ट कार्य सिद्घ होंगे। व्यर्थ प्रपंच में समय नहीं गंवाकर अपने काम पर ध्यान दीजिए। बनते हुए कार्यों में बाधा आएगी। विरोधियों के सक्रिय होने की संभावना है। चल-अचल सम्पति में वृद्घि होगी। बाहरी सहयोग की अपेक्षा रहेगी। शुभांक-2-4-6

    मिथुन राशि :- रोजगार में तरक्की मिलेगी। जमीन जायदाद का लाभ भी हो सकता है। अपने संघर्ष में स्वयं के आर्थिक उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। आवास, मकान तथा वाहन की सुविधाएं मिलेंगी। कर्ज तथा रोगों से मुक्ति भी संभव है। शत्रुओं की पराजय होगी। कुछ आर्थिक चिंताएं भी कम होगी। शुभांक-2-5-6

    कर्क राशि :- उच्चमनोबल रखकर कार्य करें, सफल होंगे। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। आय-व्यय की स्थिति समान रहेगी। शैक्षणिक कार्य आसानी से पूरे होते रहेंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। शुभांक-2-5-7

    सिंह राशि :- सुविधा और समन्वय बना रहने से कामकाज में प्रगति बनेगी। यात्रा का दूरगामी परिणाम मिल जाएगा। कामकाज में आ रही बाधा को दूर कर लेंगे। लाभदायक कार्यों की चेष्टाएं प्रबल होंगी। बुद्घितत्व की सक्रियता से अल्प लाभ का हर्ष होगा। कुछ महत्त्वपूर्ण कार्य बनाने के लिए भाग-दौड़ रहेगी। शुभांक-4-6-7

    कन्या राशि :- घर-परिवार में प्रसन्नता व सहयोग का वातावरण बनेगा। मानसिक एवं शारीरिक शिथिलता पैदा होगी। व्ययाधिक्य का अवसर आ सकता है। कामकाज की अधिकता रहेगी। लाभ भी होगा और पुराने मित्रों का समागम भी। बाहरी सहयोग की अपेक्षा रहेगी। श्रम अधिक करना पड़ सकता है। शुभांक-4-6-8

    तुला राशि :- वरिष्ठजनों से मतभेद उभर सकते हैं। शांतिपूर्वक नित्य कार्य करें। संतान की प्रगति से संतोष होगा। व्यर्थ की भाग-दौड़ में समय व्यतीत होगा। समय नकारात्मक परिणाम देने वाला बन रहा है। कलह विवाद का डर बना रहेगा। पारिवारिक तनाव, अलगाव का सामना करना पड़ सकता है। शुभांक-4-6-7

    वृश्चिक राशि :- अपना कार्य दूसरों के सहयोग से बना लेंगे। प्रतिष्ठा बढ़ाने वाले सामाजिक कार्य संपन्न होंगे। आमोद-प्रमोद का दिन होगा और व्यावसायिक प्रगति भी होगी। ज्ञान-विज्ञान की वृद्घि होगी और सज्जनों का साथ भी रहेगा। कुछ कार्य भी सिद्घ होंगे। किसी अपने की सलाह उपयोगी सिद्घ होगी। शुभांक-1-5-9

    धनु राशि :- बुद्घि और धन का दुरूपयोग न करें व्यर्थ के आडम्बरों से बचें। परिवार में किसी का स्वास्थ्य खराब हो सकता है। मानसिक तनाव में बढ़ोतरी होगी। किसी का अभद्र व्यवहार खिन्नता व तनाव बढ़ायेगा। विरोधियों के सक्रिय होने की संभावना है। आज का परिश्रम आगे लाभ देगा। शुभांक-2-5-7

    मकर राशि :- आगे बढ़ने के अवसर लाभकारी सिद्घ हो रहे हैं। कुछ आर्थिक संकोच पैदा हो सकते हैं। कोई प्रिय वस्तु अथवा नवीन वस्त्राभूषण प्राप्त होंगे। मान-सम्मान बढ़ेगा। धार्मिक आस्थाएं फलीभूत होंगी। सुख-आनंद कारक समय है। लाभदायक कार्यों की चेष्टाएं प्रबल होंगी। आय के अच्छे योग बनेंगे। शुभांक-3-7-9

    कुम्भ राशि :- बुद्घितत्व की सक्रियता से अल्प लाभ का हर्ष होगा। कुछ महत्वपूर्ण कार्य बनाने के लिए भाग-दौड़ रहेगी। सुखद समय की अनुभूतियां प्रबल होंगी। मनोविनोद बढ़ेंगे। व्ययाधिक्य का अवसर आ सकता है। शुभ कार्यों का लाभदायक परिणाम होगा। कामकाज की अधिकता रहेगी। संतान की उन्नति के योग हैं। शुभांक-5-7-9

    मीन राशि :- जरा-सी लापरवाही आपको परेशानी में डाल सकती है। व्यर्थ की भाग-दौड़ से यदि बचा ही जाए तो अच्छा है। मानसिक व्यथा व संतान के कारण परेशानी होगी। आवेश में आना आपके हित में नहीं होगा, इसलिए व्यवहार व वाणी पर नियंत्रण रखें। पुरानी गलती का पश्चाताप होगा। शुभांक-3-5-7

     

  • मार्च 2026 में महादेव की विशेष कृपा पाने का मौका, इस महीने 3 बार पड़ेगा प्रदोष व्रत, जानें तिथि और शुभ मुहूर्त

    मार्च 2026 में महादेव की विशेष कृपा पाने का मौका, इस महीने 3 बार पड़ेगा प्रदोष व्रत, जानें तिथि और शुभ मुहूर्त

    नई दिल्ली। हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत को विशेष महत्व प्राप्त है। यह व्रत हर महीने दोनो पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है और इसे करने से भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है। साल 2026 का मार्च महीना इस लिहाज से खास है, क्योंकि इस महीने तीन प्रदोष व्रत पड़ रहे हैं। इस महीने व्रत रखने वालों को तीन अलग-अलग अवसरों में शिव-पार्वती की कृपा प्राप्त करने का मौका मिलेगा। प्रदोष व्रत शाम के प्रदोष काल में किया जाता है, जिससे जीवन के कष्ट, बीमारियां दूर होती हैं और सुख-समृद्धि बढ़ती है।

    मार्च 2026 में 3 प्रदोष व्रत और उनके शुभ मुहूर्त

    1. पहला प्रदोष व्रत रवि प्रदोष 1 मार्च 2026
    तिथि: फाल्गुन शुक्ल त्रयोदशी
    समय: 28 फरवरी रात 08:43 बजे से 1 मार्च सुबह 09:11 बजे तक
    प्रदोष काल: शाम 06:21 बजे से 07:08 बजे तक
    विशेष: रविवार होने के कारण इसे रवि प्रदोष कहा जाएगा।

    दूसरा प्रदोष व्रत सोम प्रदोष 16 मार्च 2026

    तिथि: चैत्र कृष्ण त्रयोदशी
    समय: 16 मार्च सुबह 09:41 बजे से 17 मार्च सुबह 09:24 बजे तक
    प्रदोष काल: शाम 06:31 बजे से रात 08:54 बजे तक
    विशेष: सोमवार होने के कारण इसे सोम प्रदोष कहा जाएगा और व्रत का फल दोगुना माना जाता है।

     तीसरा प्रदोष व्रत सोम प्रदोष 30 मार्च 2026

    तिथि: चैत्र शुक्ल त्रयोदशी
    समय: 30 मार्च सुबह 07:08 बजे से 31 मार्च सुबह 06:56 बजे तक
    प्रदोष काल: शाम 06:38 बजे से 08:57 बजे तक
    विशेष: सोमवार होने के कारण इसे भी सोम प्रदोष कहा जाएगा।
     यह जानकारी केवल जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।

  • कुंभ राशि में गोचर हुए मंगल, इन राशियों को मिलेगा फायदा, कुछ को रहना होगा सावधान

    कुंभ राशि में गोचर हुए मंगल, इन राशियों को मिलेगा फायदा, कुछ को रहना होगा सावधान


    नई दिल्ली। 23 फरवरी 2026 को ग्रहों के सेनापति मंगल ने कुंभ राशि में प्रवेश किया। यह गोचर 2 अप्रैल तक जारी रहेगा। कुंभ राशि में पहले से ही राहु, सूर्य, बुध और शुक्र बैठे हैं और शनि का प्रभाव भी चल रहा है, इसलिए इस गोचर को ज्योतिषविदों ने काफी महत्वपूर्ण बताया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, कुंभ राशि में मंगल के प्रवेश से कुछ राशियों को लाभ मिलेगा, जबकि कुछ राशियों को संभलकर आगे बढ़ना होगा।

    राशियों के अनुसार प्रभाव

    मेष राशि
    मेष राशि के लिए यह गोचर बहुत लाभकारी है। मंगल आपके 11वें घर (लाभ का घर) में प्रवेश कर रहे हैं। करियर और पेशेवर मोर्चे पर खुशखबरी मिलने की संभावना है। प्रमोशन रुका है तो जल्दी अच्छा समाचार मिलेगा।

    वृषभ राशि
    वृषभ के लिए कार्यक्षेत्र में सफलता पाने का समय है, लेकिन इसके लिए मेहनत बढ़ानी होगी। कुंभ राशि में मौजूद अन्य ग्रहों के कारण सतर्क रहना जरूरी है।

    मिथुन राशि

    मिथुन राशि वालों को इस समय नकारात्मक सोच और कान की सुनाई बातों पर तुरंत भरोसा करने से बचना चाहिए। नुकसान का जोखिम है।

    कर्क राशि
    कर्क राशि वालों को कार्यस्थल पर विवाद से बचना चाहिए। बहस और मतभेद टालें। सीनियर्स से संबंधों में संतुलन बनाए रखना लाभकारी रहेगा।

    सिंह राशि

    सिंह राशि के लिए गोचर बेहद शुभ है। शनि की ढैय्या के बीच भी पेशेवर सफलता और व्यापार में लाभ मिल सकता है। मेहनत का फल शानदार रहेगा।

    कन्या राशि

    कन्या राशि वालों को बड़े निवेश या जोखिम लेने से फिलहाल दूरी रखनी चाहिए। छात्रों के लिए समय अनुकूल है। स्वास्थ्य पर ध्यान दें।

    तुला राशि

    तुला राशि के लिए यह गोचर शुभ है। नौकरी और व्यवसाय में उन्नति के अवसर मिल सकते हैं। धन आवक अच्छी रहेगी, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण जरूरी है।

    वृश्चिक राशि

    वृश्चिक राशि के जातकों को जल्दबाजी से बचना चाहिए। संयम और सोच-समझकर निर्णय लेने से फायदा होगा।

    धनु राशि

    धनु राशि वालों के लिए यह समय साहस और प्रयास बढ़ाने वाला है। करियर और व्यापार में अवसर मिल सकते हैं। परिवार और संगति पर ध्यान देना लाभदायक रहेगा।

    मकर राशि

    मकर राशि के लिए गोचर सुधार के संकेत दे रहा है। कार्य समय पर पूरा करें, वाणी और रिश्तों पर नियंत्रण रखें। नौकरी की तलाश में प्रयास जारी रखें।

    कुंभ राशि

    कुंभ राशि वालों के लिए यह गोचर चुनौतीपूर्ण है। कार्यक्षेत्र में कठिनाइयां आ सकती हैं, लेकिन सकारात्मक सोच से सफलता मिल सकती है। खर्च और अनजान लोगों पर भरोसा सीमित रखें।

    मीन राशि

    मीन राशि वालों के लिए खर्च बढ़ने वाला समय है। बजट संतुलित रखें, कार्यस्थल विवाद टालें और स्वास्थ्य पर ध्यान दें। रिश्तों में धैर्य और समझदारी जरूरी है।

  • होली से पहले 8 दिन उग्र ग्रहों का प्रभाव, जानें किन राशियों को बरतनी होगी सावधानी

    होली से पहले 8 दिन उग्र ग्रहों का प्रभाव, जानें किन राशियों को बरतनी होगी सावधानी


    नई दिल्ली:होलाष्टक 2026 की शुरुआत सोमवार से हो गई है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार होली से पूर्व आने वाले ये आठ दिन विशेष ज्योतिषीय महत्व रखते हैं। मान्यता है कि इस अवधि में नवग्रहों की स्थिति उग्र रहती है, जिसके कारण विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्यों को स्थगित करने की परंपरा रही है।

    इस वर्ष राहु और मंगल की युति से बन रहा अंगारक योग होलाष्टक के प्रभाव को और संवेदनशील बना रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार अष्टमी से पूर्णिमा तक अलग-अलग तिथियों में चंद्रमा, सूर्य, शनि, गुरु, बुध, शुक्र, मंगल और राहु क्रमशः प्रतिकूल प्रभाव में माने जाते हैं। यही कारण है कि इस समय को संयम, आत्मचिंतन और आध्यात्मिक साधना का काल कहा गया है।

    इन 5 राशियों पर विशेष प्रभाव
    ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार इस वर्ष मिथुन, कर्क, सिंह, कुंभ और मीन राशि के जातकों पर होलाष्टक का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक देखा जा सकता है।

    मिथुन राशि के लिए आर्थिक अस्थिरता और मानसिक भ्रम की स्थिति बन सकती है। निवेश और बड़े वित्तीय निर्णयों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    कर्क राशि के जातकों को वाहन चलाते समय सतर्क रहने की जरूरत बताई गई है। स्वास्थ्य और पारिवारिक मामलों में भी धैर्य रखने की सलाह है।

    सिंह राशि वालों के लिए पारिवारिक संबंधों में तनाव की संभावना जताई गई है, विशेषकर पिता या वरिष्ठ सदस्यों से मतभेद हो सकते हैं।

    कुंभ राशि में राहु और मंगल की युति से बना अंगारक योग करियर और निजी जीवन में दबाव की स्थिति ला सकता है। कार्यस्थल पर विवाद से बचने और संयमित व्यवहार रखने की सलाह दी गई है।

    मीन राशि के जातकों को निर्णय लेने में असमंजस और मानसिक अस्थिरता का अनुभव हो सकता है। इस दौरान जल्दबाजी में कोई बड़ा कदम न उठाने की सलाह दी गई है।

    शुभ कार्यों पर पारंपरिक विराम
    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार होलाष्टक के दौरान शुभ और मांगलिक कार्यों को टालना चाहिए। हालांकि दैनिक पूजा, जप, दान और साधना को सकारात्मक माना गया है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह अवधि आत्ममंथन और आध्यात्मिक उन्नति का समय है। शिव स्तुति, सूर्य उपासना, हनुमान चालीसा का पाठ और जरूरतमंदों को दान-पुण्य करना इस समय शुभ फलदायी माना जाता है।

    आध्यात्मिक संदेश
    होलाष्टक को केवल अशुभ समय के रूप में देखने के बजाय इसे आत्मचिंतन और आत्मसंयम के अवसर के रूप में भी देखा जाता है। संयमित जीवन, सकारात्मक सोच और धैर्य के साथ यह अवधि भी शुभ परिणाम दे सकती है।

  • बुधवार 25 फरवरी: रोहिणी नक्षत्र और विष्कुम्भ योग में करें ये असरदार उपाय, दूर होगा तनाव और सुधरेगी सेहत

    बुधवार 25 फरवरी: रोहिणी नक्षत्र और विष्कुम्भ योग में करें ये असरदार उपाय, दूर होगा तनाव और सुधरेगी सेहत


    नई दिल्ली । बुधवार 25 फरवरी को रोहिणी नक्षत्र और विष्कुम्भ योग का संयोग रहेगा जो आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद कर सकता है। इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से न केवल आपके मानसिक तनाव में कमी आएगी बल्कि सेहत परिवार व्यवसाय और जीवनसाथी संबंधों में भी सुधार देखने को मिलेगा। यदि आपको भूलने की आदत है और आप चीज़ें रखकर भूल जाते हैं तो आज शाम को चंद्रदेव को प्रणाम करें और चांदी का चंद्रमा धारण करें।
    यह उपाय आपकी याददाश्त को तेज करने में सहायक होगा। स्वास्थ्य के लिए भी यह दिन विशेष है। एक सुंदर और स्वस्थ जीवन के लिए जामुन का पेड़ लगाना चाहिए और उसकी जड़ों में पानी डालना चाहिए। यदि आज पेड़ लगाना संभव न हो तो संकल्प लेकर भविष्य में इसे जरूर करें। माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो तो शिव मंदिर जाकर शिवलिंग पर जल में दूध मिलाकर अर्पित करें। इससे माता का स्वास्थ्य जल्द ही सुधरेगा। वहीं यदि जीवनसाथी के मन में किसी बात को लेकर तनाव या शक की स्थिति बनी रहती है तो उनके हाथों से मोती का दान कराना लाभकारी होगा।

    काम के बोझ और मानसिक तनाव से राहत पाने के लिए आज 2 मुखी रुद्राक्ष गले में धारण करें। इससे आप मानसिक रूप से स्वस्थ और तनावमुक्त रहेंगे। घर में किसी मांगलिक कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करनी हो तो शिव मंदिर जाकर अपने हाथ के बराबर लंबा सफेद सूत का धागा भेंट करें। इससे कार्यक्रम सफल होंगे और घर में सुख-शांति बनी रहेगी। यदि कार्यों की सफलता को लेकर घबराहट रहती है तो माता से आशीर्वाद स्वरूप मुट्ठी भर चावल प्राप्त कर उसे पोटली में संभालकर रखें। इससे कार्य से जुड़ी चिंता दूर होगी और आत्मविश्वास बढ़ेगा। आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए चंद्रमा की रोशनी में ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नम: मंत्र का 108 बार जप करना लाभकारी रहेगा।

    घर में बहस और तनाव का माहौल दूर करने के लिए सफेद कपड़ा मंदिर में दान करें। यह उपाय परिवार में सुख-शांति बनाए रखने में मदद करेगा। व्यवसायिक प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए शाम के समय चंद्रदेव को अर्घ्य दें और सौं सोमाय नमः मंत्र का जप करें। इससे व्यवसाय में आपकी स्थिति मजबूत होगी। घर की सुख-समृद्धि बनाए रखने के लिए मंदिर में दूध का दान करें और घर के बड़ों का आशीर्वाद प्राप्त करें। इन उपायों को करने से न केवल आपका जीवन तनावमुक्त होगा बल्कि परिवारिक स्वास्थ्य और व्यवसायिक जीवन में भी सुधार आएगा। बुधवार 25 फरवरी का यह दिन इन उपायों के माध्यम से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने के लिए उत्तम अवसर है।

  • होलाष्टक आज से शुरू: विवाह और मांगलिक कार्यों का मुहूर्त निषिद्ध, होलिका दहन पर लगेगा चंद्र ग्रहण

    होलाष्टक आज से शुरू: विवाह और मांगलिक कार्यों का मुहूर्त निषिद्ध, होलिका दहन पर लगेगा चंद्र ग्रहण


    नई दिल्ली । आज 24 फरवरी से होलाष्टक शुरू हो रहा है। होली से पहले के आठ दिन यानी फाल्गुन कृष्ण पक्ष की अष्टमी से होलाष्टक माना जाता है। इन आठ दिनों में विवाह, जनेऊ, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण जैसे मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त नहीं रहते। ज्योतिषियों के अनुसार इस दौरान ग्रहों की स्थिति उग्र होती है, इसलिए मांगलिक कार्यों के लिए शुभ योग नहीं बनते। होलाष्टक का समापन होलिका दहन के साथ होता है।

    इस साल होलिका दहन यानी फाल्गुन पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण भी होगा। ग्रहण के समय और सूतक में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। 3 मार्च को सुबह 6.21 बजे से ग्रहण का सूतक शुरू होगा और दोपहर 3.21 बजे से ग्रहण आरंभ होकर शाम 6.47 बजे तक रहेगा। ग्रहण के दौरान रंग-गुलाल खेलना उचित नहीं माना गया है। ज्योतिषियों की सलाह है कि इस समय मानसिक रूप से मंत्र जप, दान-पुण्य और पूजा-पाठ करना चाहिए। इसके चलते इस साल धुलंडी होली 4 मार्च को मनाने की सलाह दी जा रही है, हालांकि कुछ पंचांगों में 3 मार्च को भी होली खेलने का उल्लेख है।

    होलाष्टक की कथा

    होलाष्टक से जुड़ी कथा भक्त प्रह्लाद से संबंधित है। असुरराज हिरण्यकश्यपु ने अपने पुत्र प्रह्लाद को भगवान विष्णु की भक्ति के कारण अनेक यातनाएं दीं। फाल्गुन कृष्ण अष्टमी से पूर्णिमा तक होलिका ने प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठने की कोशिश की, लेकिन भगवान विष्णु की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित बच गए और होलिका अग्नि में भस्म हो गई। तभी से होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है।

    होलाष्टक में किए जाने वाले शुभ कार्य

    ध्यान, जप और पूजा का विशेष महत्व। शिवलिंग पर जल और दूध अर्पित करें, बिल्वपत्र चढ़ाएं और ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप करें। हनुमान जी के सामने दीपक जलाकर हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करें। भगवान विष्णु और महालक्ष्मी की पूजा करें, ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें दान-पुण्य, हवन, अभिषेक, ध्यान और तीर्थ यात्रा करना शुभ फलदायी माना गया है। इस प्रकार होलाष्टक का समय आध्यात्मिक उन्नति और भक्ति के लिए सर्वोत्तम माना जाता है, जबकि मांगलिक कार्यों के लिए यह निषिद्ध अवधि है। होलिका दहन पर चंद्र ग्रहण के कारण इस वर्ष रंगों की होली 4 मार्च को खेलने की सलाह दी जा रही है।

  • अंक ज्योतिष भविष्यफल: आज स्थिरता और भावनात्मक संतुलन पर रहेगा जोर

    अंक ज्योतिष भविष्यफल: आज स्थिरता और भावनात्मक संतुलन पर रहेगा जोर


    नई दिल्ली:24 फरवरी 2026 का अंक ज्योतिष जीवन में स्थिरता, जिम्मेदारी और भावनात्मक संतुलन को प्राथमिकता देने का संकेत देता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार आज का मूलांक 6 है, जो प्रेम, परिवार, सामंजस्य और सौंदर्य का प्रतीक माना जाता है। वहीं भाग्यांक 9 त्याग, पूर्णता और पुराने बोझ से मुक्ति की ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करता है।

    इन दोनों अंकों का संयोजन यह दर्शाता है कि आज का दिन जल्दबाजी से बचकर धैर्य और विवेक के साथ निर्णय लेने के लिए अनुकूल है। कार्यक्षेत्र और पारिवारिक जीवन में संतुलन बनाए रखना आवश्यक रहेगा। भावनात्मक रूप से परिपक्व फैसले भविष्य में स्थायी और सकारात्मक परिणाम दे सकते हैं।

    मूलांक के अनुसार आज का प्रभाव
    मूलांक 1
    नेतृत्व क्षमता का उपयोग करें, लेकिन सामूहिक कार्यशैली अपनाएं। टीम के साथ तालमेल बनाकर चलना लाभकारी रहेगा।

    मूलांक 2
    संवाद और समझदारी से समस्याओं का समाधान संभव है। रिश्तों में नरमी और धैर्य से सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।

    मूलांक 3
    रचनात्मक योजनाओं की शुरुआत के लिए समय अनुकूल है। नई सोच और आत्मविश्वास आपको आगे बढ़ाएंगे।

    मूलांक 4
    प्रशासनिक और वित्तीय मामलों में स्थिरता रखें। सोच-समझकर लिए गए निर्णय भविष्य में लाभ देंगे।

    मूलांक 5
    निवेश और आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। जल्दबाजी से नुकसान हो सकता है, इसलिए योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ें।

    मूलांक 6
    सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि के संकेत हैं। परिवार और कार्यक्षेत्र में संतुलन बनाकर चलें।

    मूलांक 7
    शोध, अध्ययन और आत्ममंथन के लिए दिन अनुकूल है। मानसिक स्पष्टता पाने के लिए ध्यान या एकांत समय लाभकारी रहेगा।

    मूलांक 8
    आर्थिक और कानूनी मामलों में सतर्कता रखें। धैर्य और अनुशासन से कार्य करें।

    मूलांक 9
    अधूरे कार्य पूरे करने और पुराने विवाद समाप्त करने का अवसर मिल सकता है। सकारात्मक पहल से संबंध सुधरेंगे।

    दिन का संदेश
    विशेषज्ञों का मानना है कि आज की ऊर्जा लोगों को अपने व्यक्तिगत और सामाजिक दायित्वों के प्रति अधिक सजग बनाएगी। परिवार में संवाद और समझदारी से रिश्ते मजबूत हो सकते हैं।

    मानसिक शांति बनाए रखने के लिए ध्यान, संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या अपनाने की सलाह दी गई है। आज का दिन दिल और दिमाग दोनों के संतुलन से आगे बढ़ने का संकेत देता है।