Category: Religious Astrology

  • 30 सितंबर का वास्तु उपाय: घर में सुख-समृद्धि और पॉजिटिव एनर्जी के लिए करें ये छोटे बदलाव, इन गलतियों से बचना जरूरी

    30 सितंबर का वास्तु उपाय: घर में सुख-समृद्धि और पॉजिटिव एनर्जी के लिए करें ये छोटे बदलाव, इन गलतियों से बचना जरूरी


    नई दिल्ली। 30 सितंबर 2026 को घर में सकारात्मक माहौल बनाए रखने के लिए वास्तु से जुड़े कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं। वास्तु शास्त्र में घर की दिशा साफ सफाई और वस्तुओं की सही जगह को महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि घर का वातावरण व्यवस्थित और स्वच्छ रहने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार बेहतर होता है। इसलिए रोजमर्रा की जिंदगी में कुछ छोटी बातों का ध्यान रखकर घर के माहौल को बेहतर बनाया जा सकता है।

    वास्तु के अनुसार घर का मुख्य द्वार बेहद महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। मुख्य द्वार के आसपास गंदगी या अनावश्यक सामान जमा नहीं करना चाहिए। 30 सितंबर को सुबह घर की सफाई करते समय मुख्य प्रवेश द्वार को भी अच्छी तरह साफ करें। दरवाजे के आसपास पर्याप्त रोशनी और स्वच्छता रखने से घर का वातावरण सकारात्मक बनाए रखने में मदद मिल सकती है। प्रवेश द्वार पर सुंदर और साफ सजावट करना भी शुभ माना जाता है।

    घर के उत्तर और पूर्व दिशा को भी वास्तु में विशेष महत्व दिया जाता है। इन स्थानों को यथासंभव साफ और खुला रखने की सलाह दी जाती है। भारी सामान को इन दिशाओं में रखने से बचना बेहतर माना जाता है। यदि घर में कोई ऐसी वस्तु लंबे समय से रखी है जिसका इस्तेमाल नहीं होता तो उसे हटाकर जगह को व्यवस्थित किया जा सकता है। इससे घर अधिक खुला और साफ दिखाई देगा।

    रसोईघर में भी वास्तु के कुछ नियम बताए गए हैं। गैस चूल्हे और सिंक को एक दूसरे के बिल्कुल पास रखने से बचने की सलाह दी जाती है। रसोई को साफ रखना और रात में बर्तन इधर उधर न छोड़ना अच्छी आदत मानी जाती है। भोजन बनाने की जगह स्वच्छ रहने से घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है।

    शयनकक्ष में भी अनावश्यक सामान जमा करने से बचना चाहिए। खासकर बिस्तर के नीचे बेकार वस्तुएं रखने की आदत छोड़ना बेहतर माना जाता है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार सोने की जगह शांत और व्यवस्थित होनी चाहिए। कमरे में जरूरत से ज्यादा सामान रखने के बजाय खुली जगह बनाए रखना उपयोगी हो सकता है।

    पूजा स्थान को हमेशा साफ और व्यवस्थित रखना चाहिए। 30 सितंबर को सुबह पूजा स्थान की सफाई करके दीपक जलाया जा सकता है। धार्मिक मान्यता रखने वाले लोग अपनी परंपरा के अनुसार भगवान की पूजा और प्रार्थना कर सकते हैं। पूजा स्थान के आसपास टूटे हुए सामान या लंबे समय से अनुपयोगी वस्तुएं रखने से बचना चाहिए।

    घर में पानी के स्रोत और उससे जुड़ी जगहों की स्वच्छता पर भी ध्यान देना चाहिए। नल से लगातार पानी टपक रहा हो तो उसे ठीक कराना चाहिए। वास्तु मान्यताओं में पानी को समृद्धि और ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए पानी की बर्बादी रोकना और घर में स्वच्छता बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जाता है।

    वास्तु के इन उपायों को धार्मिक विश्वास और पारंपरिक मान्यताओं के रूप में देखा जाना चाहिए। इनका उद्देश्य घर को साफ व्यवस्थित और सकारात्मक बनाए रखने की आदतों को बढ़ावा देना है। 30 सितंबर को छोटी शुरुआत करके घर के मुख्य द्वार रसोई पूजा स्थान और कमरों की सफाई पर ध्यान दिया जा सकता है।

  • आज का राशिफल 29 सितंबर 2026 इन राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की के नए रास्ते धन लाभ के साथ मिल सकती है बड़ी खुशखबरी

    आज का राशिफल 29 सितंबर 2026 इन राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की के नए रास्ते धन लाभ के साथ मिल सकती है बड़ी खुशखबरी


    नई दिल्ली।  आज 30 सितंबर 2026 का दिन कई राशि के जातकों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। ग्रहों की स्थिति का असर व्यक्ति के कामकाज आर्थिक स्थिति पारिवारिक जीवन और रिश्तों पर देखने को मिल सकता है। कुछ लोगों को लंबे समय से अटके काम में सफलता मिलने की उम्मीद है जबकि कुछ जातकों को अपने फैसलों में सावधानी बरतनी होगी। नौकरीपेशा लोगों के लिए आज नई जिम्मेदारी सामने आ सकती है। कारोबार करने वालों को पुराने संपर्कों से फायदा मिलने के संकेत हैं। परिवार में किसी सदस्य की उपलब्धि से खुशी का माहौल बन सकता है। वहीं खर्चों पर नियंत्रण रखना भी जरूरी रहेगा।

    मेष राशि वालों के लिए आज का दिन मेहनत और आत्मविश्वास से आगे बढ़ने का है। कार्यक्षेत्र में आपकी सक्रियता का अच्छा परिणाम मिल सकता है। किसी पुराने काम को पूरा करने का अवसर मिलेगा। आर्थिक मामलों में स्थिति सामान्य रहेगी लेकिन अनावश्यक खरीदारी से बचना बेहतर होगा। परिवार के साथ किसी जरूरी विषय पर बातचीत हो सकती है।

    वृषभ राशि के जातकों के लिए धन के मामले में दिन अच्छा रह सकता है। अटका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना बन सकती है। नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। कारोबार में नया अवसर सामने आ सकता है। किसी भी बड़े निवेश से पहले पूरी जानकारी लेना जरूरी होगा।

    मिथुन राशि वालों के लिए आज संपर्क और संवाद का दिन रहेगा। किसी नए व्यक्ति से मुलाकात भविष्य में आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है। काम के सिलसिले में यात्रा करनी पड़ सकती है। विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई पर ध्यान बनाए रखना होगा। परिवार में किसी बात को लेकर खुशी मिल सकती है।

    कर्क राशि के जातकों को आज धैर्य से काम लेने की जरूरत होगी। कार्यक्षेत्र में किसी चुनौती के कारण तनाव बढ़ सकता है लेकिन समझदारी से स्थिति संभाली जा सकती है। धन के मामले में जोखिम लेने से बचें। परिवार के किसी सदस्य की सलाह आपके लिए मददगार साबित हो सकती है।

    सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन उपलब्धियों से जुड़ा हो सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। कारोबार में लाभ के नए अवसर मिल सकते हैं। कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले अनुभवी व्यक्ति की सलाह लेना फायदेमंद रहेगा। सामाजिक स्तर पर आपका प्रभाव बढ़ सकता है।

    कन्या राशि वालों को आज अपने काम की प्राथमिकता तय करके आगे बढ़ना चाहिए। अचानक कोई नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी लेकिन खर्च बढ़ने की संभावना है। घर परिवार में किसी छोटी बात को लेकर मतभेद हो सकता है। बातचीत से स्थिति आसानी से संभाली जा सकती है।

    तुला राशि के लिए आज का दिन करियर और रिश्तों के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगा। कार्यक्षेत्र में सहयोगियों का साथ मिलेगा। किसी नई योजना पर काम शुरू करने का मौका मिल सकता है। परिवार में सुखद माहौल रहेगा। आर्थिक मामलों में सोच समझकर कदम उठाना बेहतर होगा।

    वृश्चिक राशि वालों को आज अपनी मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है। पुराने संपर्कों से लाभ मिलने के संकेत हैं। कारोबार से जुड़े लोगों के लिए कोई अच्छा अवसर सामने आ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को काम में सावधानी रखनी होगी। अपनी दिनचर्या और आराम पर भी ध्यान दें।

    धनु राशि के जातकों के लिए आज का दिन उत्साह से भरा रह सकता है। करियर में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। आर्थिक लाभ के नए रास्ते खुल सकते हैं। परिवार के साथ किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा होगी। विद्यार्थियों के लिए मेहनत करने का अच्छा समय है।

    मकर राशि वालों को आज अपनी योजनाओं पर विशेष ध्यान देना होगा। काम में कोई चुनौती सामने आ सकती है लेकिन धैर्य से समाधान निकाला जा सकता है। धन से जुड़े मामलों में जल्दबाजी न करें। परिवार के बुजुर्गों का सहयोग और सलाह आपके लिए उपयोगी रहेगी।

    कुंभ राशि के लिए आज नए अवसरों का दिन रह सकता है। नौकरी और कारोबार दोनों में आगे बढ़ने की संभावना बन सकती है। पुराने मित्र से मुलाकात मन प्रसन्न कर सकती है। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। अपनी निजी योजनाओं को हर किसी के साथ साझा करने से बचें।

    मीन राशि वालों के लिए दिन मिला जुला रह सकता है। कुछ काम उम्मीद के मुताबिक पूरे होने में समय ले सकते हैं। धैर्य बनाए रखना जरूरी होगा। धन के मामले में अनावश्यक जोखिम से बचें। परिवार के साथ समय बिताने से मन को सुकून मिलेगा। दिन के अंत में कोई सकारात्मक समाचार मिल सकता है।

  • वास्तु दोष के ये संकेत बदल सकते हैं घर का माहौल जानिए किन छोटी गलतियों को सुधारकर बढ़ाई जा सकती है सकारात्मकता

    वास्तु दोष के ये संकेत बदल सकते हैं घर का माहौल जानिए किन छोटी गलतियों को सुधारकर बढ़ाई जा सकती है सकारात्मकता


    नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र में घर की दिशाओं और उसमें रखी वस्तुओं की स्थिति को महत्वपूर्ण माना गया है। धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार घर में वस्तुओं का गलत स्थान या दिशाओं से जुड़ी कुछ गलतियां वास्तु दोष का कारण मानी जा सकती हैं। मान्यता है कि वास्तु के अनुकूल वातावरण रहने पर घर में सकारात्मकता और संतुलन बना रहता है जबकि कुछ लोग लगातार तनाव आर्थिक परेशानी या घर के सदस्यों के बीच मतभेद जैसी स्थितियों को वास्तु असंतुलन से जोड़कर देखते हैं। हालांकि इन मान्यताओं का वैज्ञानिक आधार स्थापित नहीं है इसलिए इन्हें धार्मिक और पारंपरिक दृष्टिकोण के रूप में ही समझना चाहिए।

    वास्तु शास्त्र में घर का मुख्य द्वार बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता के अनुसार मुख्य प्रवेश द्वार साफ सुथरा और व्यवस्थित होना चाहिए। दरवाजे के आसपास अनावश्यक सामान कूड़ा या टूटे हुए सामान रखने से बचने की सलाह दी जाती है। कई वास्तु परंपराओं में घर के प्रवेश स्थान पर पर्याप्त रोशनी और साफ सफाई को सकारात्मक वातावरण से जोड़ा जाता है। इसलिए घर का मुख्य द्वार हमेशा साफ रखना एक सामान्य रूप से उपयोगी आदत भी हो सकती है।

    घर की उत्तर पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को भी वास्तु में विशेष महत्व दिया जाता है। पारंपरिक मान्यता के अनुसार इस स्थान को हल्का और साफ रखना चाहिए। यहां भारी सामान रखने या जगह को अव्यवस्थित रखने से बचने की सलाह दी जाती है। पूजा स्थल के लिए भी कई वास्तु परंपराओं में उत्तर पूर्व दिशा को उपयुक्त माना गया है। हालांकि पूजा स्थल की दिशा को लेकर अलग अलग परंपराओं में अंतर हो सकता है।

    रसोई की दिशा को लेकर भी वास्तु शास्त्र में कई नियम बताए गए हैं। पारंपरिक मान्यता के अनुसार अग्नि तत्व से जुड़ी रसोई के लिए दक्षिण पूर्व दिशा को महत्वपूर्ण माना जाता है। रसोई में साफ सफाई बनाए रखना और गैस चूल्हे तथा पानी से जुड़ी चीजों को व्यवस्थित रखना जरूरी माना जाता है। व्यावहारिक रूप से भी रसोई को साफ और सुरक्षित रखना परिवार के स्वास्थ्य और सुविधा के लिए महत्वपूर्ण है।

    बेडरूम में भी वास्तु से जुड़े कई नियम बताए जाते हैं। मान्यता है कि सोने वाले कमरे में बहुत ज्यादा सामान नहीं रखना चाहिए और बिस्तर के आसपास साफ सफाई होनी चाहिए। टूटे हुए इलेक्ट्रॉनिक सामान या लंबे समय से इस्तेमाल न होने वाली चीजों को कमरे में जमा करने से बचना बेहतर है। कमरे में पर्याप्त रोशनी और हवा का आना भी वातावरण को आरामदायक बना सकता है।

    वास्तु दोष से जुड़े उपायों में सबसे पहले घर की साफ सफाई और अनावश्यक सामान हटाने पर जोर दिया जाता है। टूटे हुए सामान को लंबे समय तक घर में रखने से बचना चाहिए। घर में प्राकृतिक रोशनी और हवा की पर्याप्त व्यवस्था रखना भी उपयोगी हो सकता है। धार्मिक आस्था रखने वाले लोग अपनी परंपरा के अनुसार पूजा पाठ दीप प्रज्वलन या मंत्र जाप जैसे उपाय कर सकते हैं।

    सबसे जरूरी बात यह है कि घर में होने वाली हर परेशानी को केवल वास्तु दोष से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। आर्थिक समस्याओं के पीछे वित्तीय कारण हो सकते हैं और परिवार में तनाव के पीछे आपसी संवाद या अन्य परिस्थितियां जिम्मेदार हो सकती हैं। इसलिए वास्तु संबंधी मान्यताओं को अपनाते समय व्यावहारिक कारणों पर भी ध्यान देना जरूरी है। साफ सफाई व्यवस्थित जीवनशैली अच्छा संवाद और सकारात्मक वातावरण घर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

  • मंगलवार व्रत की महिमा: हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए करें ये काम मन को मिलेगी शांति और जीवन में बढ़ेगा आत्मविश्वास

    मंगलवार व्रत की महिमा: हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए करें ये काम मन को मिलेगी शांति और जीवन में बढ़ेगा आत्मविश्वास


    नई दिल्ली। मंगलवार का दिन भगवान हनुमान को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन बजरंगबली की पूजा और व्रत करने से भक्त को साहस आत्मविश्वास और मानसिक शक्ति प्राप्त होती है। मंगलवार व्रत को विशेष रूप से संकटों से मुक्ति और नकारात्मकता दूर करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि हनुमान जी अपने भक्तों की सच्ची श्रद्धा से की गई प्रार्थना स्वीकार करते हैं। यही वजह है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंगलवार के दिन उपवास रखते हैं और विधि विधान से हनुमान जी की पूजा करते हैं।

    मंगलवार व्रत रखने के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करना और साफ वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। इसके बाद पूजा स्थल की सफाई करके हनुमान जी के सामने व्रत का संकल्प लिया जाता है। पूजा के दौरान भगवान हनुमान की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं और उन्हें लाल फूल सिंदूर चमेली का तेल तथा अपनी श्रद्धा के अनुसार प्रसाद अर्पित करें। हनुमान जी को गुड़ और चने का भोग लगाने की भी परंपरा है। पूजा के दौरान हनुमान चालीसा सुंदरकांड या बजरंग बाण का पाठ किया जा सकता है।

    मंगलवार व्रत में सात्विकता और संयम का विशेष महत्व माना जाता है। व्रत रखने वाले लोग अपनी क्षमता के अनुसार फलाहार कर सकते हैं। कुछ श्रद्धालु पूरे दिन केवल पानी या फल का सेवन करके उपवास रखते हैं जबकि कई लोग एक समय सात्विक भोजन करते हैं। व्रत का तरीका व्यक्ति की आस्था और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। किसी भी तरह का उपवास रखने से पहले अपनी शारीरिक स्थिति का ध्यान रखना जरूरी है। बच्चों बुजुर्गों गर्भवती महिलाओं और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी वाले लोगों को बिना सलाह के कठिन उपवास नहीं करना चाहिए।

    धार्मिक मान्यता के अनुसार मंगलवार के दिन हनुमान जी का नाम स्मरण करने से मन में सकारात्मक ऊर्जा आती है। पूजा के दौरान राम नाम का जाप करना भी शुभ माना जाता है क्योंकि हनुमान जी को भगवान श्रीराम का परम भक्त माना जाता है। इस दिन जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराना या अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करना भी पुण्यकारी माना जाता है। श्रद्धालु पूजा के दौरान अपनी परेशानियों और मनोकामनाओं को भगवान के सामने रखते हैं तथा उनसे सही मार्ग पर चलने की प्रार्थना करते हैं।

    मंगलवार व्रत केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है बल्कि इसे आत्मसंयम और अनुशासन से भी जोड़कर देखा जाता है। व्रत रखने वाले व्यक्ति को क्रोध झूठ और नकारात्मक विचारों से बचने का प्रयास करना चाहिए। किसी के प्रति बुरा व्यवहार करने के बजाय जरूरतमंद की सहायता करना और दूसरों के प्रति दया का भाव रखना व्रत की भावना के अनुरूप माना जाता है। शाम के समय हनुमान जी की दोबारा पूजा करके आरती की जा सकती है और इसके बाद प्रसाद ग्रहण किया जाता है।

    मंगलवार व्रत को लेकर अलग अलग क्षेत्रों और परिवारों में अलग परंपराएं देखने को मिलती हैं। इसलिए पूजा की विधि में स्थानीय मान्यताओं के अनुसार कुछ अंतर हो सकता है। धार्मिक आस्था के अनुसार श्रद्धा विश्वास और अच्छे कर्मों के साथ किया गया व्रत व्यक्ति को मानसिक शांति और सकारात्मक सोच प्रदान कर सकता है। हनुमान जी की पूजा करते समय सबसे महत्वपूर्ण बात सच्ची श्रद्धा और संयम मानी जाती है।

  • Aaj Ka Rashifal: आज इन राशियों पर रहेगी ग्रहों की खास कृपा कामकाज में मिलेगी सफलता रिश्तों में आएगी मिठास

    Aaj Ka Rashifal: आज इन राशियों पर रहेगी ग्रहों की खास कृपा कामकाज में मिलेगी सफलता रिश्तों में आएगी मिठास


    नई दिल्ली। आज का दिन कई राशियों के लिए नई उम्मीद और बदलाव लेकर आ सकता है। ग्रहों की स्थिति के अनुसार कुछ लोगों को कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं तो कुछ जातकों को अपने खर्चों और फैसलों पर नियंत्रण रखना होगा। नौकरी और कारोबार करने वाले लोगों के लिए दिन महत्वपूर्ण रह सकता है। परिवार में किसी पुराने मुद्दे का समाधान मिलने से मन हल्का हो सकता है। वहीं प्रेम संबंधों में भी बातचीत के जरिए गलतफहमियां दूर करने का मौका मिलेगा। आइए जानते हैं मेष से मीन राशि तक आज का दिन आपके लिए कैसा रह सकता है।

    मेष राशि वालों के लिए आज का दिन मेहनत का अच्छा परिणाम देने वाला रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी सक्रियता अधिकारियों का ध्यान खींच सकती है। किसी पुराने काम को पूरा करने में सफलता मिलेगी। व्यापार करने वालों को नया अवसर मिल सकता है। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचें। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा।

    वृषभ राशि के जातकों के लिए आज धन से जुड़े मामलों में सावधानी जरूरी रहेगी। अचानक कोई खर्च सामने आ सकता है। नौकरी में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं लेकिन इसका सकारात्मक असर आपके अनुभव पर पड़ेगा। कारोबार में किसी नए व्यक्ति से संपर्क लाभदायक हो सकता है। जीवनसाथी के साथ बातचीत करते समय संयम रखें।

    मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है। आपकी बातों से लोग प्रभावित होंगे और कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। विद्यार्थी पढ़ाई पर ध्यान देंगे तो अच्छे परिणाम की उम्मीद रहेगी। पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। निवेश से जुड़े फैसले सोच समझकर लेना बेहतर रहेगा।

    कर्क राशि के जातकों को आज परिवार से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। नौकरी में काम का दबाव रहेगा लेकिन आप अपनी समझदारी से स्थिति संभाल लेंगे। व्यापार में सामान्य लाभ मिल सकता है। प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी। किसी करीबी की सलाह आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

    सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन उपलब्धियों से भरा रह सकता है। लंबे समय से अटका काम आगे बढ़ सकता है। नौकरी में पद और जिम्मेदारी से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है। कारोबारियों को नए ग्राहक मिलने की संभावना है। खर्च बढ़ने से बजट प्रभावित हो सकता है इसलिए आर्थिक योजना बनाकर चलें।

    कन्या राशि के जातकों को आज अपनी योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करना होगा। कार्यक्षेत्र में छोटी गलती भी परेशानी पैदा कर सकती है इसलिए काम ध्यान से करें। परिवार में किसी सदस्य के साथ मतभेद हो सकते हैं लेकिन बातचीत से मामला सुलझ जाएगा। धन की स्थिति सामान्य रहेगी।

    तुला राशि वालों के लिए आज रिश्तों और करियर दोनों के लिहाज से दिन महत्वपूर्ण हो सकता है। नई जिम्मेदारी मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। कारोबार में कोई पुराना सौदा लाभ दे सकता है। प्रेम जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। अनावश्यक खर्चों से बचना आपके लिए बेहतर रहेगा।

    वृश्चिक राशि के जातकों को आज मेहनत के साथ धैर्य बनाए रखना होगा। काम में देरी होने से परेशान न हों क्योंकि परिस्थितियां धीरे धीरे आपके पक्ष में आ सकती हैं। आर्थिक मामलों में किसी पर आंख बंद करके भरोसा न करें। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा।

    धनु राशि वालों के लिए आज का दिन नए अवसर लेकर आ सकता है। नौकरी बदलने या नए काम की शुरुआत करने का विचार बन सकता है। कारोबार में लाभ की संभावना है। यात्रा से जुड़ी योजना बन सकती है। प्रेम संबंधों में खुलकर बातचीत करने से रिश्ते मजबूत होंगे।

    मकर राशि के जातकों को आज अपने लक्ष्य पर फोकस बनाए रखना चाहिए। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। पुराने कर्ज या भुगतान से जुड़ी चिंता कम हो सकती है। परिवार में सुखद माहौल बना रहेगा।

    कुंभ राशि वालों के लिए आज का दिन रचनात्मकता से भरा रह सकता है। नई योजना पर काम शुरू करने का मौका मिलेगा। नौकरी में आपकी प्रतिभा की सराहना हो सकती है। व्यापार में लाभ के नए रास्ते दिखाई दे सकते हैं। दोस्तों के साथ समय बिताने से तनाव कम होगा।

    मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन भावनात्मक रूप से खास रह सकता है। परिवार से जुड़ी कोई इच्छा पूरी हो सकती है। कामकाज में धीरे धीरे सफलता मिलेगी। धन के मामले में संतुलन बनाए रखें। प्रेम जीवन में साथी का सहयोग मिलेगा। किसी महत्वपूर्ण फैसले में जल्दबाजी करने के बजाय सभी पहलुओं पर विचार करना आपके लिए लाभदायक रहेगा।

  • 2 अक्टूबर को बुध-मंगल का केंद्र दृष्टि योग, इन 3 राशियों की चमकेगी किस्‍मत, मिलेंगे सकारात्मक परिणाम

    2 अक्टूबर को बुध-मंगल का केंद्र दृष्टि योग, इन 3 राशियों की चमकेगी किस्‍मत, मिलेंगे सकारात्मक परिणाम


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष में ग्रहों की स्थिति और उनके बीच बनने वाले संबंधों को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। पंचांगीय गणना के अनुसार, 2 अक्टूबर 2026 को बुध और मंगल एक-दूसरे से 90 डिग्री के कोण पर स्थित होंगे। ज्योतिष में इसे केंद्र दृष्टि योग (Square Aspect) कहा जाता है। मान्यता है कि बुध की बुद्धि और मंगल की ऊर्जा का यह मेल कुछ राशियों के लिए करियर, कारोबार और आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम ला सकता है।

    ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, जब दो ग्रह एक-दूसरे से चतुर्थ और दशम भाव की दूरी पर होते हैं तो केंद्र दृष्टि योग बनता है। बुध को बुद्धि, संवाद और व्यापार का कारक माना जाता है, जबकि मंगल साहस, ऊर्जा और पराक्रम से जुड़े हैं। ऐसे में दोनों ग्रहों का यह संबंध निर्णय क्षमता, रणनीतिक सोच और कार्यकुशलता को प्रभावित कर सकता है। वैसे इसका असर सभी 12 राशियों पर माना जाता है, लेकिन मिथुन, कन्या और वृश्चिक राशि के जातकों के लिए इसे विशेष रूप से शुभ बताया जा रहा है।

    मिथुन राशि: कारोबार और कमाई में बढ़ सकते हैं मौके

    मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं। इसलिए बुध-मंगल का यह संबंध इस राशि के जातकों के करियर और आर्थिक मामलों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासतौर पर मार्केटिंग, मीडिया, सेल्स, आईटी और लेखन से जुड़े लोगों को अपनी संवाद क्षमता और तार्किक सोच का फायदा मिल सकता है।

    ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, कारोबार करने वाले जातकों के लिए नए क्लाइंट जुड़ने और मुनाफा बढ़ने के अवसर बन सकते हैं। योजनाओं को सही दिशा मिलने से पहले से अटका हुआ धन वापस मिलने की संभावना भी जताई गई है।

    कन्या राशि: जिम्मेदारी बढ़ेगी, काम की सराहना संभव

    कन्या राशि पर भी बुध का आधिपत्य माना जाता है। 2 अक्टूबर को बनने वाला केंद्र दृष्टि योग इस राशि के जातकों के कार्यक्षेत्र में सक्रियता बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

    नौकरी करने वाले लोगों को कार्यस्थल पर कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। किसी टीम की कमान संभालने का अवसर भी मिलने की संभावना जताई गई है। अधिकारियों और सहकर्मियों के साथ तालमेल बेहतर होने से काम की सराहना मिल सकती है।

    संपत्ति, जमीन या वाहन से जुड़े पुराने मामलों में भी राहत मिलने की ज्योतिषीय संभावना बताई गई है। हालांकि, ऐसे मामलों में वास्तविक परिणाम संबंधित परिस्थितियों और कानूनी स्थिति पर निर्भर करेंगे।

    वृश्चिक राशि: साहस के साथ सही रणनीति का मिल सकता है लाभ

    वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल माने जाते हैं। ऐसे में मंगल और बुध का संबंध इस राशि के लिए विशेष प्रभाव वाला माना जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, मंगल की ऊर्जा के साथ बुध की तार्किक क्षमता जुड़ने से जातक अधिक रणनीतिक तरीके से फैसले ले सकते हैं।

    नए निवेश या साहसिक फैसलों से आर्थिक लाभ की संभावना जताई गई है। प्रतियोगी परीक्षा या सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों को भी सकारात्मक समाचार मिलने के योग बताए गए हैं। विरोधियों से जुड़े मामलों में बुद्धिमानी और आत्मविश्वास से स्थिति अपने पक्ष में करने की संभावना मानी जा रही है।

    शुभ प्रभाव के लिए बताए गए उपाय

    ज्योतिष में ग्रहों के शुभ प्रभाव को बढ़ाने के लिए कुछ उपाय भी बताए जाते हैं। 2 अक्टूबर को बुध से संबंधित शुभता के लिए भगवान गणेश को 21 दूर्वा अर्पित करने और मोदक या लड्डू का भोग लगाने की सलाह दी गई है।

    मंगल की सकारात्मक ऊर्जा के लिए हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने की बात कही गई है। इसके अलावा किसी जरूरतमंद व्यक्ति को हरी मूंग की दाल या हरे कपड़े का दान करना भी शुभ माना गया है।

  • द्वितीया तिथि का श्राद्ध आज, जानें तर्पण-पिंडदान का शुभ समय और विधि

    द्वितीया तिथि का श्राद्ध आज, जानें तर्पण-पिंडदान का शुभ समय और विधि

    नई दिल्ली। पितृपक्ष के दौरान सोमवार, 28 सितंबर को द्वितीया तिथि का श्राद्ध किया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार जिन पितरों का निधन किसी भी महीने के कृष्ण या शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को हुआ हो, उनका श्राद्ध इस दिन करने की परंपरा है। पितरों की आत्मा की शांति और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए इस दिन श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।

    धार्मिक मान्यता के अनुसार चावल, दूध, शहद, घी और काले तिल से तैयार पिंड पितरों को अर्पित करने से उन्हें शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद परिवार पर बना रहता है।

    28 सितंबर को ही होगा द्वितीया श्राद्ध

    आश्विन कृष्ण द्वितीया तिथि की शुरुआत 27 सितंबर की रात 8 बजकर 58 मिनट पर हुई और यह 28 सितंबर की शाम 7 बजकर 13 मिनट तक रहेगी। उदिया तिथि के अनुसार द्वितीया तिथि का श्राद्ध 28 सितंबर, सोमवार को किया जाएगा।

    श्राद्ध और तर्पण का श्रेष्ठ समय

    शास्त्रों में पितरों के श्राद्ध और तर्पण के लिए कुतुप वेला को विशेष रूप से शुभ माना गया है। यह समय दोपहर के आसपास आता है। 28 सितंबर को कुतुप काल सुबह 11 बजकर 48 मिनट से दोपहर 12 बजकर 36 मिनट तक रहेगा।

    हालांकि, कुतुप वेला का समय अलग-अलग शहरों में थोड़ा अलग हो सकता है। इसलिए अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार श्राद्ध का समय निर्धारित करना उचित माना जाता है।

    कैसे करें द्वितीया तिथि का श्राद्ध?

    द्वितीया तिथि के श्राद्ध में आटा, चावल या जौ से गोल पिंड तैयार कर पितरों को अर्पित करने की परंपरा है। पिंडदान के बाद जल में काले तिल मिलाकर पितरों का तर्पण किया जाता है।

    तर्पण करते समय हाथ में कुश रखना भी धार्मिक विधि का हिस्सा माना जाता है। कुश एक प्रकार की पवित्र घास है, जिसकी अंगूठी बनाकर दाएं हाथ की अनामिका उंगली में धारण किया जाता है।

    श्राद्ध कर्म पूरा होने के बाद जरूरतमंद ब्राह्मणों को भोजन कराने और उन्हें दान-दक्षिणा देने की परंपरा है। अंत में पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की जाती है।

    पंचबलि का भी है विशेष महत्व

    श्राद्ध के दौरान गाय, कुत्ते, कौवे और चींटियों के लिए भोजन का एक हिस्सा अलग निकालकर रखने की परंपरा है। इसे पंचबलि कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इन जीवों के माध्यम से पितरों तक भोजन पहुंचता है और वे प्रसन्न होते हैं।

    मान्यता के अनुसार पंचबलि और विधि-विधान से श्राद्ध करने से पितरों को शांति मिलती है तथा पितृ दोष से मुक्ति की कामना की जाती है।

  • आज का राशिफल 28 सितंबर 2026, सितारों के बदलते संकेत से इन राशियों की खुलेगी राह, जानें मेष से मीन तक भविष्यफल

    आज का राशिफल 28 सितंबर 2026, सितारों के बदलते संकेत से इन राशियों की खुलेगी राह, जानें मेष से मीन तक भविष्यफल


    नई दिल्ली । 28 सितंबर 2026 का दिन कई राशियों के लिए नई उम्मीदें और महत्वपूर्ण अवसर लेकर आ सकता है। ग्रहों की स्थिति के प्रभाव से कुछ लोगों को कार्यक्षेत्र में सफलता मिलने के संकेत हैं तो कुछ राशि वालों को अपने खर्च और फैसलों को लेकर सावधानी बरतनी होगी। नौकरी करने वाले लोगों के लिए दिन महत्वपूर्ण रह सकता है। कामकाज में नई जिम्मेदारी मिलने के साथ वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त हो सकता है। कारोबार करने वाले जातकों को किसी पुराने संपर्क से लाभ मिलने की संभावना है। वहीं परिवार में किसी सदस्य के साथ चल रही नाराजगी दूर हो सकती है और घर का माहौल बेहतर बनेगा।

    मेष राशि वालों के लिए दिन मेहनत के साथ आगे बढ़ने का संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में आपकी सक्रियता नजर आएगी और किसी महत्वपूर्ण काम की जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचना जरूरी होगा। वृषभ राशि के जातकों को धन से जुड़े मामलों में राहत मिल सकती है। रुका हुआ भुगतान मिलने की संभावना है और कारोबार में नए अवसर सामने आ सकते हैं। मिथुन राशि वालों के लिए आज बातचीत के जरिए कई काम आसान हो सकते हैं। नौकरी में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा और परिवार से जुड़ा कोई जरूरी निर्णय लेना पड़ सकता है।

    कर्क राशि वालों के लिए दिन सामान्य से बेहतर रह सकता है। काम के दबाव के बावजूद आप महत्वपूर्ण कार्य समय पर पूरा करने में सफल हो सकते हैं। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। सिंह राशि वालों को अपने आत्मविश्वास का लाभ मिलेगा। नौकरी और कारोबार में नई योजना पर काम शुरू हो सकता है। हालांकि किसी भी निवेश से पहले पूरी जानकारी लेना बेहतर रहेगा। कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन आर्थिक दृष्टि से उपयोगी रह सकता है। पुरानी योजना से फायदा मिल सकता है और कामकाज में आपकी मेहनत का परिणाम सामने आएगा।

    तुला राशि वालों को रिश्तों और काम के बीच संतुलन बनाए रखना होगा। किसी करीबी व्यक्ति से महत्वपूर्ण बातचीत हो सकती है। वृश्चिक राशि के जातकों को करियर में आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है। लंबे समय से अटका काम पूरा होने से मन प्रसन्न रहेगा। धनु राशि वालों के लिए यात्रा या काम से जुड़ी कोई नई जानकारी मिल सकती है। नए लोगों से संपर्क भविष्य में उपयोगी साबित हो सकता है।

    मकर राशि वालों को आज अपने खर्च पर नियंत्रण रखना चाहिए। अनावश्यक खरीदारी से बजट प्रभावित हो सकता है। कुंभ राशि वालों के लिए दिन नई शुरुआत का संकेत दे रहा है। नौकरी बदलने या नई जिम्मेदारी से जुड़ा विचार आगे बढ़ सकता है। मीन राशि वालों को परिवार का सहयोग मिलेगा और मानसिक रूप से सकारात्मक महसूस कर सकते हैं। किसी पुराने मित्र से मुलाकात या बातचीत दिन को खास बना सकती है। कुल मिलाकर 28 सितंबर का दिन कई राशियों के लिए नए अवसरों और बदलाव के संकेत लेकर आया है। महत्वपूर्ण फैसले लेते समय अपनी परिस्थितियों को ध्यान में रखना और जल्दबाजी से बचना सभी राशि वालों के लिए उपयोगी रहेगा।

  • चामुंडा मंदिर में गुप्त दानदाता ने दिए 3 किलो सोना और 6 क्विंटल चांदी, गर्भगृह का बदलेगा स्वरूप

    चामुंडा मंदिर में गुप्त दानदाता ने दिए 3 किलो सोना और 6 क्विंटल चांदी, गर्भगृह का बदलेगा स्वरूप


    नई दिल्ली । हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित प्रसिद्ध श्री चामुंडा नंदकेश्वर धाम के नवीनीकरण का काम तेजी से चल रहा है। करीब 400 साल पुराने इस धार्मिक स्थल को नए स्वरूप में सजाने के लिए एक गुमनाम दानदाता ने बड़ी मात्रा में सोना और चांदी देने का निर्णय लिया है। पंजाब से जुड़े इस दानदाता की ओर से देवी चामुंडा के सिंहासन के लिए 3 किलो सोना और गर्भगृह की सजावट के लिए 6 क्विंटल चांदी देने की बात सामने आई है।

    मंदिर प्रशासन के मुताबिक, दानदाता ने अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करने का अनुरोध किया है। पहले से मंदिर में मौजूद करीब 2.85 क्विंटल चांदी को भी नए दान के साथ मिलाकर गर्भगृह की सजावट में इस्तेमाल किया जाएगा। इस तरह मंदिर के गर्भगृह को सजाने के लिए उपलब्ध चांदी की कुल मात्रा काफी अधिक हो जाएगी।

    श्री चामुंडा नंदकेश्वर धाम देवी चामुंडा को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवी ने चंड और मुंड नाम के राक्षसों का वध किया था। इसी प्रसंग से देवी के चामुंडा स्वरूप का संबंध बताया जाता है। मंदिर परिसर में देवी के मुख्य मंदिर के साथ भगवान शिव का स्वयंभू शिवलिंग भी स्थित है। इसी वजह से यह स्थान चामुंडा नंदकेश्वर धाम के नाम से भी जाना जाता है।

    नवीनीकरण के तहत गर्भगृह में विशेष मार्बल लगाया जा रहा है। इसके लिए वियतनाम से मार्बल मंगाया जा रहा है, जबकि मंदिर के अन्य हिस्सों में राजस्थान के मकराना का मार्बल इस्तेमाल किया जा रहा है। मंदिर में पत्थर और मार्बल से जुड़े काम को तेजी से पूरा किया जा रहा है। उम्मीद है कि नवीनीकरण का यह चरण इस साल के अंत तक पूरा हो जाएगा।

    मंदिर के नंदकेश्वर हिस्से को सुंदर बनाने का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है। यहां एक स्वयंभू शिवलिंग स्थित है, जिसके ऊपर एक बड़ा पत्थर मौजूद है। इसके अलावा यज्ञशाला का काम भी पूरा हो चुका है। मंदिर परिसर में किए जा रहे कई अन्य कार्यों में भी दानदाताओं का सहयोग लिया जा रहा है। इनमें से कुछ दानदाताओं ने अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करने की इच्छा जताई है।

    चामुंडा धाम धार्मिक आस्था के साथ अपनी परंपराओं के लिए भी जाना जाता है। विवाह के बाद नए शादीशुदा जोड़े यहां दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु पूरे वर्ष मंदिर में आते हैं। मंदिर बानेर नदी के किनारे स्थित है और हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

    मंदिर से जुड़ी स्थानीय धार्मिक मान्यता के अनुसार, कई सदियों पहले एक स्थानीय राजा और पुजारी ने देवी से प्रार्थना की थी कि उनका पवित्र स्थान पहाड़ी की दुर्गम चोटी से हटाकर ऐसी जगह स्थापित किया जाए, जहां श्रद्धालुओं के लिए पहुंचना आसान हो। मान्यता है कि देवी ने पुजारी के सपने में आकर बानेर नदी के किनारे एक स्थान पर खुदाई करने को कहा था।

    कहा जाता है कि खुदाई के दौरान वहां पत्थर की एक प्राचीन मूर्ति मिली। शुरुआत में लोगों ने उसे सामान्य चट्टान समझा और कई लोगों ने उसे उठाने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हुए। बाद में पुजारी ने स्नान कर श्रद्धापूर्वक वहां पहुंचकर मूर्ति को आसानी से उठा लिया और उसे वर्तमान स्थान पर स्थापित किया। इसी घटना को मंदिर की स्थापना से जुड़ी प्रमुख धार्मिक मान्यताओं में गिना जाता है।

  • पितृ पक्ष 2026 में इन 10 कामों से रहें दूर, 27 सितंबर से शुरू श्राद्ध पक्ष में रखें इन बातों का ध्यान

    पितृ पक्ष 2026 में इन 10 कामों से रहें दूर, 27 सितंबर से शुरू श्राद्ध पक्ष में रखें इन बातों का ध्यान


    नई दिल्ली । पितृ पक्ष 2026 की शुरुआत 27 सितंबर से हो रही है और 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ इसका समापन होगा। यह अवधि हिंदू परंपरा में पूर्वजों के स्मरण, श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान और दान-पुण्य के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दौरान कई परिवार खानपान और दैनिक जीवन से जुड़े कुछ नियमों का पालन करते हैं। हालांकि, इन नियमों में परिवार और क्षेत्र के अनुसार अंतर हो सकता है, इसलिए किसी एक परंपरा को सभी के लिए अनिवार्य नहीं माना जाता।

    पितृ पक्ष के दौरान आम तौर पर सादगी, सात्विक भोजन, संयम और शांत वातावरण को महत्व दिया जाता है। कई परिवार इस अवधि में मांसाहार, शराब और अन्य नशीले पदार्थों से दूरी रखते हैं। भोजन बनाते समय स्वच्छता और शुद्धता का विशेष ध्यान रखने की परंपरा भी है।

    कई परिवारों में पितृ पक्ष के दौरान बाल और नाखून काटने से बचने की मान्यता है। कुछ लोग पूरे श्राद्ध पक्ष में इसका पालन करते हैं, जबकि अन्य परिवारों में ऐसा नियम नहीं होता। इसलिए इस मामले में अपनी पारिवारिक परंपरा को प्राथमिकता दी जा सकती है।

    इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश और अन्य बड़े मांगलिक कार्यक्रमों को टालने की परंपरा भी कई परिवारों में है। पितृ पक्ष को मुख्य रूप से पूर्वजों के स्मरण और श्राद्ध कर्म के लिए समर्पित समय माना जाता है, इसलिए बड़े शुभ कार्यों की शुरुआत इसके बाद करने की मान्यता है।

    श्राद्ध पक्ष में घर का माहौल शांत रखने पर भी जोर दिया जाता है। अनावश्यक विवाद, गुस्सा और कलह से बचने की सलाह दी जाती है। साथ ही बुजुर्गों, जरूरतमंदों और अन्य लोगों का अपमान न करने की परंपरा बताई जाती है। अपनी क्षमता के अनुसार भोजन, वस्त्र या जरूरी सामान का दान और सेवा करना भी इस अवधि से जोड़ा जाता है।

    पितृ पक्ष में झूठ, छल-कपट और गलत तरीके से धन कमाने से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि इस दौरान व्यक्ति को अपने व्यवहार में संयम रखना चाहिए और अच्छे कार्यों पर ध्यान देना चाहिए।

    श्राद्ध के लिए तैयार किए गए भोजन की बर्बादी से भी बचना चाहिए। जरूरत के अनुसार भोजन तैयार करने और जरूरतमंदों को भोजन कराने की परंपरा कई जगहों पर है। अन्न का सम्मान करने और उसे व्यर्थ न गंवाने पर जोर दिया जाता है।

    श्राद्ध की तिथि तय करते समय संबंधित हिंदू तिथि को महत्व दिया जाता है। सामान्य अंग्रेजी कैलेंडर की तारीख के बजाय जिस तिथि को व्यक्ति का निधन हुआ था, उसके अनुसार श्राद्ध करने की परंपरा है। तिथि को लेकर भ्रम होने पर स्थानीय पंचांग की सहायता ली जा सकती है।

    पितृ पक्ष 2026 में 30 सितंबर को चतुर्थी और पंचमी दोनों तिथियों का श्राद्ध एक ही दिन होगा। तिथि क्षय के कारण दोनों श्राद्ध एक साथ पड़ रहे हैं। वहीं 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या होगी। जिन पितरों की निर्धारित श्राद्ध तिथि ज्ञात नहीं है या किसी कारण से उस दिन श्राद्ध नहीं हो पाया, उनके लिए इस दिन श्राद्ध करने की परंपरा है।

    पितृ पक्ष की प्रमुख तिथियों में 26 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध, 27 सितंबर को प्रतिपदा, 28 को द्वितीया, 29 को तृतीया, 30 को चतुर्थी-पंचमी, 1 अक्टूबर को षष्ठी, 2 को सप्तमी, 3 को अष्टमी, 4 को नवमी, 5 को दशमी, 6 को एकादशी, 7 को द्वादशी, 8 को त्रयोदशी, 9 को चतुर्दशी और 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या शामिल है।