Category: Religious Astrology

  • 11 या 12 अगस्त, कब लगेगा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण ? जानें भारत में दिखेगा या नहीं

    11 या 12 अगस्त, कब लगेगा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण ? जानें भारत में दिखेगा या नहीं


    नई दिल्ली। वर्ष 2026 का दूसरा और पूर्ण सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगेगा। यह खगोलीय घटना विज्ञान और ज्योतिष, दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस दौरान चंद्रमा पूरी तरह सूर्य को ढक लेगा, जिससे पृथ्वी के कुछ हिस्सों में दिन के समय अंधकार छा जाएगा। हालांकि, यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल प्रभावी नहीं माना जाएगा।

    कब लगेगा सूर्य ग्रहण?
    समय क्षेत्र (टाइम जोन) के अंतर के कारण कुछ देशों में यह ग्रहण 11 अगस्त की तारीख में दिखाई दे सकता है, लेकिन भारतीय समय (IST) के अनुसार यह 12 अगस्त 2026 को लगेगा। इसलिए भारत में इसकी मान्य तिथि 12 अगस्त ही होगी।

    सूर्य ग्रहण का समय (भारतीय समय)
    ग्रहण प्रारंभ: रात 9:04 बजे
    चरम (पीक): रात 11:17 बजे
    ग्रहण समाप्त: देर रात 1:27 बजे (13 अगस्त)

    कहां दिखाई देगा पूर्ण सूर्य ग्रहण?
    यह पूर्ण सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से इन क्षेत्रों में दिखाई देगा—
    ग्रीनलैंड
    आइसलैंड
    स्पेन
    रूस
    अटलांटिक महासागर के कुछ हिस्से
    इसके अलावा यूरोप के अधिकांश देशों, उत्तरी अमेरिका के कुछ क्षेत्रों और उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका में यह आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में देखा जा सकेगा।

    क्या भारत में दिखाई देगा?
    नहीं। यह सूर्य ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा, क्योंकि भारतीय समय के अनुसार यह रात में घटित होगा। इसलिए देश में इसे देखा नहीं जा सकेगा।

    क्या भारत में सूतक काल लगेगा?
    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू होता है। लेकिन चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा। मंदिरों के कपाट सामान्य रूप से खुले रहेंगे और पूजा-पाठ व अन्य मांगलिक कार्यों पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा।

    ज्योतिषीय महत्व
    ज्योतिष के अनुसार यह ग्रहण सिंह राशि और मघा नक्षत्र में लगेगा। सिंह राशि के स्वामी स्वयं सूर्य हैं, इसलिए इस राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार ग्रहण का प्रभाव वैश्विक स्तर पर मौसम, प्राकृतिक घटनाओं और राजनीतिक परिस्थितियों पर भी पड़ सकता है।

    ग्रहण के बाद क्या करें?
    – भगवान शिव या अपने इष्ट देव का स्मरण और मंत्र जाप करना शुभ माना जाता है।
    – ग्रहण समाप्त होने के बाद गेहूं, गुड़, तांबे के बर्तन या लाल वस्त्र का दान करना धार्मिक दृष्टि से लाभकारी माना जाता है।

  • गणेश जी की कृपा पाने का सरल उपाय जानिए किन चीजों से सबसे ज्यादा प्रसन्न होते हैं विघ्नहर्ता

    गणेश जी की कृपा पाने का सरल उपाय जानिए किन चीजों से सबसे ज्यादा प्रसन्न होते हैं विघ्नहर्ता


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देवता माना गया है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत उनके पूजन के बिना अधूरी मानी जाती है। मान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन से गणपति बप्पा की आराधना करता है उसके जीवन के सभी विघ्न दूर होते हैं और सुख समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। भगवान गणेश बुद्धि विवेक सफलता और शुभ फल के देवता हैं इसलिए विद्यार्थी व्यापारी नौकरीपेशा लोग और गृहस्थ सभी उनकी विशेष पूजा करते हैं। लेकिन शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि गणेश जी को कुछ विशेष वस्तुएं अत्यंत प्रिय हैं जिन्हें अर्पित करने से वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं।

    भगवान गणेश को सबसे अधिक प्रिय मोदक माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार मोदक ज्ञान और आनंद का प्रतीक है। इसलिए गणेश पूजा में मोदक का भोग लगाने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। यदि घर पर बने ताजे मोदक अर्पित किए जाएं तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। मोदक के साथ लड्डू विशेष रूप से बेसन और बूंदी के लड्डू भी गणपति बप्पा को बेहद प्रिय माने गए हैं।

    दूर्वा घास भगवान गणेश की सबसे प्रिय पूजा सामग्री मानी जाती है। धार्मिक मान्यता है कि गणेश जी को तीन या इक्कीस दूर्वा की गांठ अर्पित करने से वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं। दूर्वा चढ़ाने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और घर में सुख शांति का वास बना रहता है। पूजा के समय दूर्वा साफ और ताजी होनी चाहिए।

    लाल और पीले रंग के फूल भी गणेश जी को अत्यंत प्रिय हैं। विशेष रूप से लाल गुड़हल और गेंदे के फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है। इनके साथ सिंदूर चढ़ाने का भी विशेष महत्व बताया गया है क्योंकि सिंदूर गणपति जी को अत्यंत प्रिय है। पूजा के दौरान भगवान को चंदन का तिलक लगाकर सुगंधित पुष्प अर्पित करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    केला नारियल गन्ना अमरूद और मौसमी फल भी भगवान गणेश को अर्पित किए जा सकते हैं। नारियल को समर्पण और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है जबकि केला समृद्धि और शुभता का संकेत देता है। इन फलों का भोग लगाने के बाद प्रसाद के रूप में परिवार के सभी सदस्यों में बांटना शुभ माना जाता है।

    गणेश जी की पूजा में शुद्ध घी का दीपक जलाना और धूप अगरबत्ती अर्पित करना भी अत्यंत शुभ माना गया है। पूजा के समय गणेश अथर्वशीर्ष गणपति स्तोत्र या ओम गं गणपतये नमः मंत्र का जाप करने से मन को शांति मिलती है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होने लगती हैं। बुधवार के दिन विशेष रूप से गणेश जी की आराधना करने का महत्व बताया गया है। इस दिन व्रत रखकर विधिपूर्वक पूजा करने से व्यापार नौकरी शिक्षा और पारिवारिक जीवन में सफलता प्राप्त होती है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश केवल भोग और पूजा सामग्री से ही नहीं बल्कि भक्त की सच्ची श्रद्धा और निर्मल भाव से सबसे अधिक प्रसन्न होते हैं। यदि मन में विश्वास सेवा और सद्भाव हो तो साधारण पूजा भी विशेष फल देने वाली मानी जाती है। इसलिए गणपति बप्पा की आराधना पूरी आस्था और सकारात्मक भाव से करें ताकि उनके आशीर्वाद से जीवन में सुख समृद्धि सफलता और मंगल का आगमन हो सके।

  • बुधवार का अचूक पूजन विधान, गणेश जी की कृपा से बनेंगे रुके हुए काम और खुलेगा तरक्की का मार्ग

    बुधवार का अचूक पूजन विधान, गणेश जी की कृपा से बनेंगे रुके हुए काम और खुलेगा तरक्की का मार्ग


    नई दिल्ली । भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देव माना गया है और सप्ताह का बुधवार विशेष रूप से उनकी आराधना के लिए समर्पित होता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन और श्रद्धा से भगवान गणेश की पूजा करने पर जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और व्यक्ति को बुद्धि विवेक सुख समृद्धि तथा सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। जिन लोगों के कार्य बार बार रुक जाते हैं या शिक्षा व्यापार नौकरी और पारिवारिक जीवन में परेशानियां बनी रहती हैं उनके लिए बुधवार का व्रत और पूजन अत्यंत फलदायी माना गया है।

    बुधवार की शुरुआत प्रातःकाल जल्दी उठकर स्नान करने से करें। इसके बाद स्वच्छ और हल्के हरे या पीले रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। घर के पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें और भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र को साफ स्थान पर स्थापित करें। पूजा के दौरान भगवान गणेश को शुद्ध जल गंगाजल दूर्वा घास सिंदूर पीले या लाल फूल और मोदक अथवा बेसन के लड्डू अर्पित करें। दूर्वा भगवान गणेश को अत्यंत प्रिय मानी जाती है इसलिए पूजा में इसका विशेष महत्व होता है।

    पूजा के समय दीपक और धूप जलाकर भगवान गणेश का ध्यान करें। इसके बाद गणेश अथर्वशीर्ष गणेश चालीसा या ओम गं गणपतये नमः मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करना शुभ माना जाता है। मंत्र जाप से मन को शांति मिलती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। पूजा के अंत में भगवान की आरती करें और परिवार के सभी सदस्यों को प्रसाद वितरित करें।

    यदि संभव हो तो बुधवार का व्रत भी रखें। इस दिन सात्विक भोजन ग्रहण करें और तामसिक भोजन से बचें। कई श्रद्धालु केवल एक समय भोजन करते हैं जबकि कुछ लोग फलाहार का पालन करते हैं। व्रत के दौरान मन में सकारात्मक विचार रखें और किसी भी प्रकार के विवाद या कटु वचन से दूर रहें। ऐसा करने से व्रत का पुण्य कई गुना बढ़ जाता है।

    बुधवार के दिन हरे रंग का विशेष महत्व माना गया है क्योंकि यह ग्रह बुध का प्रतीक है। इस दिन हरी मूंग का दान करना हरी सब्जियां गरीबों को देना गाय को हरा चारा खिलाना तथा विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री दान करना भी शुभ माना जाता है। जरूरतमंद लोगों की सहायता करने से भगवान गणेश की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है और जीवन में आने वाली आर्थिक तथा मानसिक परेशानियां धीरे धीरे समाप्त होने लगती हैं।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश विघ्नहर्ता हैं और अपने भक्तों के सभी कष्ट दूर करते हैं। जो व्यक्ति नियमित रूप से बुधवार के दिन उनकी पूजा करता है उसके जीवन में आत्मविश्वास बढ़ता है निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है और करियर व्यापार शिक्षा तथा पारिवारिक जीवन में सकारात्मक परिणाम मिलने लगते हैं। भगवान गणेश की कृपा से रुके हुए कार्य गति पकड़ते हैं और सफलता के नए द्वार खुलते हैं।

    यदि आप अपने जीवन में सुख शांति समृद्धि और सफलता की कामना करते हैं तो बुधवार के दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक भगवान गणेश की पूजा अवश्य करें। सच्ची भक्ति और सकारात्मक कर्म के साथ की गई आराधना निश्चित रूप से शुभ फल प्रदान करती है।

  • आज कर्क राशि में प्रवेश करेंगे बुध, 12 राशियों के जातकों के करियर, धन, परिवार और स्वास्थ्य पर दिखेगा प्रभाव

    आज कर्क राशि में प्रवेश करेंगे बुध, 12 राशियों के जातकों के करियर, धन, परिवार और स्वास्थ्य पर दिखेगा प्रभाव


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष में बुद्धि, वाणी, शिक्षा और व्यापार के कारक ग्रह बुध आज कर्क राशि में प्रवेश कर रहे हैं। बुध 22 अगस्त तक इसी राशि में रहेंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, बुध का यह राशि परिवर्तन सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन पर अलग-अलग प्रभाव डालेगा। किसी को करियर और धन लाभ मिलेगा तो कुछ राशियों को खर्च, स्वास्थ्य और वाणी पर विशेष ध्यान देना होगा।

    राशियों पर बुध गोचर का प्रभाव

    मेष
    पारिवारिक कार्य पूरे होंगे और संपत्ति संबंधी मामलों में प्रगति होगी। करियर में धीरे-धीरे सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

    वृषभ
    आत्मविश्वास और साहस बढ़ेगा। मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा, लेकिन बातचीत में संयम रखें।

    मिथुन
    मान-सम्मान बढ़ेगा और कार्यक्षेत्र में स्थिति मजबूत होगी। अनावश्यक खर्च से बचें और सोच-समझकर निर्णय लें।

    कर्क
    यह गोचर सबसे अधिक लाभकारी रहेगा। रुके हुए काम पूरे होंगे, संवाद क्षमता बेहतर होगी और करियर में नए अवसर मिलेंगे। नकारात्मक लोगों से दूरी बनाए रखें।

    सिंह
    खर्च बढ़ सकते हैं। बड़े फैसले जल्दबाजी में लेने से बचें। स्वास्थ्य और खान-पान पर विशेष ध्यान दें।

    कन्या
    आय के नए स्रोत बनेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। अधूरे कार्य पूरे होंगे और रिश्तों में मधुरता आएगी।

    तुला
    करियर में उन्नति के योग हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। मार्केटिंग और संचार से जुड़े लोगों को विशेष लाभ होगा।

    वृश्चिक
    धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। करियर में प्रगति के अवसर मिलेंगे। खर्चों पर नियंत्रण रखें।

    धनु
    विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिल सकती है। रुके हुए काम पूरे होंगे। आर्थिक मामलों में सतर्क रहना जरूरी होगा।

    मकर
    वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ेगी। करियर में लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य और खान-पान का विशेष ध्यान रखें।

    कुंभ
    वाणी पर संयम रखें। प्रतियोगी परीक्षाओं और शिक्षा से जुड़े लोगों के लिए समय अनुकूल रहेगा। धैर्य के साथ प्रयास करते रहें।

    मीन
    नई योजनाएं शुरू करने के लिए समय शुभ है। आय बढ़ने के अवसर मिलेंगे। परिवार और संतान से सुख मिलेगा तथा मान-सम्मान में वृद्धि होगी।

    बुध को मजबूत करने के उपाय
    ज्योतिषाचार्य के अनुसार बुध के शुभ प्रभाव के लिए बुधवार के दिन भगवान शिव की पूजा करें, शिवलिंग पर जल अर्पित करें तथा जरूरतमंदों को दान करें। इससे बुध के सकारात्मक परिणामों में वृद्धि होने की मान्यता है।

  • आज का राशिफल 5 अगस्त: करियर व्यापार धन और प्रेम में क्या है सितारों का संकेत, पढ़ें सभी 12 राशियों का हाल

    आज का राशिफल 5 अगस्त: करियर व्यापार धन और प्रेम में क्या है सितारों का संकेत, पढ़ें सभी 12 राशियों का हाल


    नई दिल्ली । 5 अगस्त का दिन कई राशियों के लिए नई संभावनाएं और सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है जबकि कुछ लोगों को धैर्य और समझदारी से काम लेने की जरूरत होगी। ग्रहों की स्थिति के अनुसार आज कार्यक्षेत्र में मेहनत का फल मिलने के योग हैं। कई लोगों को लंबे समय से रुके कार्यों में सफलता मिल सकती है वहीं कुछ जातकों को आर्थिक मामलों में सोच समझकर निर्णय लेने की सलाह दी जाती है। पारिवारिक रिश्तों में मधुरता बनाए रखने और अनावश्यक विवादों से बचने का प्रयास करें।

    मेष राशि के लिए दिन उत्साह और ऊर्जा से भरा रहेगा। कार्यस्थल पर आपके प्रयासों की सराहना होगी और किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से सहयोग मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी।

    वृषभ राशि के जातकों को धन संबंधी मामलों में लाभ मिल सकता है। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। किसी पुराने मित्र से मुलाकात मन को प्रसन्न करेगी।

    मिथुन राशि वालों के लिए आज नए अवसर सामने आ सकते हैं। नौकरी और व्यापार में प्रगति के संकेत हैं। हालांकि किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले पूरी जांच अवश्य करें।

    कर्क राशि के लोगों को आज धैर्य बनाए रखने की आवश्यकता है। भावनाओं में बहकर कोई बड़ा निर्णय लेने से बचें। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और पर्याप्त आराम करें।

    सिंह राशि के लिए दिन शुभ रहेगा। करियर में उन्नति के योग हैं और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक लाभ के नए रास्ते खुल सकते हैं।

    कन्या राशि वालों के लिए मेहनत का फल मिलने का समय है। लंबे समय से रुका हुआ काम पूरा हो सकता है। परिवार में सुखद वातावरण बना रहेगा।

    तुला राशि के जातकों के लिए आज संतुलित व्यवहार लाभदायक रहेगा। व्यापार में नए निवेश की योजना बन सकती है। जीवनसाथी का सहयोग मनोबल बढ़ाएगा।

    वृश्चिक राशि के लिए दिन मिश्रित परिणाम देने वाला रहेगा। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। किसी पुराने विवाद का समाधान निकल सकता है।

    धनु राशि वालों के लिए यात्रा के योग बन रहे हैं। शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को अच्छी खबर मिल सकती है। आत्मविश्वास बढ़ेगा।

    मकर राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आर्थिक मामलों में लाभ के संकेत हैं लेकिन जल्दबाजी में कोई फैसला न लें।

    कुंभ राशि वालों के लिए दिन सकारात्मक रहेगा। नए संपर्क भविष्य में लाभ दिला सकते हैं। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी।

    मीन राशि के लिए आज का दिन शुभ रहेगा। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है। निवेश के मामलों में अनुभवी लोगों की सलाह लाभदायक साबित होगी।

    कुल मिलाकर 5 अगस्त का दिन अधिकांश राशियों के लिए प्रगति और नई संभावनाओं का संकेत दे रहा है। सकारात्मक सोच के साथ किए गए प्रयास सफलता दिला सकते हैं। वहीं आर्थिक मामलों में सावधानी और पारिवारिक रिश्तों में संयम बनाए रखना सभी राशियों के लिए लाभकारी रहेगा।

  • कोटेश्वर महादेव मंदिर में सावन पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़, लेटे शिवलिंग की अनूठी मान्यता बनी आकर्षण

    कोटेश्वर महादेव मंदिर में सावन पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़, लेटे शिवलिंग की अनूठी मान्यता बनी आकर्षण

    नई दिल्ली । देवभूमि उत्तराखंड में स्थित कोटेश्वर महादेव मंदिर अपनी अनूठी परंपराओं, पौराणिक मान्यताओं और अलौकिक वातावरण के कारण देशभर के शिव भक्तों के लिए अगाध श्रद्धा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। सावन के पवित्र महीने के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ रहा है। दूर-दूर से पहुंचने वाले श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का जल से अभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष अनुष्ठान संपन्न कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और आरोग्य की प्रार्थना कर रहे हैं। पूरे सावन मास में यह पावन क्षेत्र भक्तिमय भजनों और धार्मिक उल्लास से पूरी तरह से सराबोर दिखाई दे रहा है।

    इस प्राचीन मंदिर की सबसे मुख्य विशेषता यहां विराजित शिवलिंग का स्वरूप है। प्रचलित पौराणिक कथाओं और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यहां भगवान शिव विश्राम की स्थिति में यानी लेटी हुई मुद्रा में स्थापित हैं। यह दुर्लभ स्वरूप इसे देश के अन्य तमाम पारंपरिक शिव धामों से बिल्कुल अलग और विशिष्ट पहचान प्रदान करता है। श्रद्धालुओं के बीच यह अटूट विश्वास है कि भगवान आशुतोष का यह लेटा हुआ स्वरूप अत्यंत चमत्कारिक और फलदायी है, जहां केवल दर्शन मात्र से ही भक्तों की मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।

    मंदिर से जुड़ी एक और बेहद चर्चित और गहरी मान्यता यह है कि यहां मौजूद शिवलिंग प्रतिवर्ष जौ के एक दाने के बराबर स्वयं बढ़ता जाता है। स्थानीय निवासियों और मंदिर के पुजारियों का मानना है कि यह वृद्धि भगवान शिव की प्रत्यक्ष दिव्य शक्ति का ही एक रूप है। यद्यपि यह पूर्ण रूप से जनआस्था और धार्मिक विश्वास का विषय है, लेकिन इसी कौतूहल और श्रद्धा के कारण सावन के अलावा वर्ष भर यहां श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला अनवरत जारी रहता है।

    मंदिर परंपरा के अनुसार कोटेश्वर शब्द का शाब्दिक अर्थ एक करोड़ देवी-देवताओं के निवास स्थल से जोड़ा जाता है। मंदिर प्रांगण में शिव कुंड, पार्वती कुंड और सूर्य कुंड भी निर्मित हैं, जिन्हें अत्यंत पवित्र माना जाता है। ऐसी लोकमान्यता है कि इन कुंडों के सान्निध्य में सच्चे भाव से रुद्राभिषेक, जलार्पण और रुद्री पाठ करने से शिव जी प्रसन्न होते हैं। संतान प्राप्ति की कामना रखने वाले दंपतियों के लिए भी यह स्थान विशेष रूप से मंगलकारी माना गया है।

    सावन के दौरान मंदिर में रोजाना विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का भव्य संचालन किया जा रहा है। श्रद्धालु कतारों में लगकर भगवान शिव को प्रिय बेलपत्र, गंगाजल, कच्चा दूध, धतूरा और अन्य पूजन सामग्री समर्पित कर रहे हैं। तड़के मंगला आरती से लेकर देर शाम तक संपूर्ण परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गुंजायमान रहता है। श्रद्धालुओं की सहूलियत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन तथा मंदिर प्रबंधन समिति ने कड़े और सुचारू इंतजाम किए हैं।

    आध्यात्मिक महत्व के अलावा कोटेश्वर महादेव मंदिर अपने अद्भुत प्राकृतिक परिवेश के लिए भी जाना जाता है। भागीरथी नदी के पावन तट पर स्थित यह धाम प्राकृतिक सुंदरता और आत्मिक शांति का एक दुर्लभ समन्वय प्रस्तुत करता है। सावन के महीने में यहां आने वाले भक्त न केवल धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते हैं, बल्कि आसपास के मनोरम प्राकृतिक वातावरण से भी अभिभूत होते हैं। यही कारण है कि यह स्थल धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन के दृष्टिकोण से भी बेहद खास पहचान रखता है।

  • मंगलवार के खास वास्तु उपाय बदल सकते हैं आपकी किस्मत जानिए धन सफलता और शांति पाने के आसान नियम

    मंगलवार के खास वास्तु उपाय बदल सकते हैं आपकी किस्मत जानिए धन सफलता और शांति पाने के आसान नियम


    नई दिल्ली। मंगलवार का दिन भगवान हनुमान और मंगल ग्रह को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन किए गए शुभ कार्य और सही वास्तु उपाय जीवन में साहस आत्मविश्वास समृद्धि और सफलता का मार्ग खोलते हैं। वहीं वास्तु नियमों की अनदेखी करने से मानसिक तनाव आर्थिक परेशानी और पारिवारिक विवाद जैसी स्थितियां भी उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए मंगलवार को कुछ विशेष नियमों का पालन करना बेहद शुभ माना गया है।

    सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद घर के मंदिर की साफ सफाई करें और भगवान हनुमान की पूजा करें। पूजा के समय लाल फूल सिंदूर चमेली का तेल और गुड़ चने का भोग अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। हनुमान चालीसा सुंदरकांड या बजरंग बाण का पाठ करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और आत्मबल बढ़ता है। इस दिन घर में दीपक जलाने से सकारात्मक वातावरण बना रहता है।

    वास्तु शास्त्र के अनुसार मंगलवार को घर के दक्षिण दिशा वाले भाग को विशेष रूप से साफ रखना चाहिए क्योंकि यह दिशा मंगल ग्रह से जुड़ी मानी जाती है। इस दिशा में गंदगी या कबाड़ जमा रहने से आर्थिक और पारिवारिक समस्याएं बढ़ सकती हैं। यदि संभव हो तो दक्षिण दिशा में लाल रंग का कोई शुभ प्रतीक या हनुमान जी का चित्र स्थापित करें जिससे ऊर्जा का प्रवाह बेहतर होता है।

    मंगलवार को लोहे की धारदार वस्तुएं अनावश्यक रूप से खरीदने से बचना चाहिए। साथ ही इस दिन किसी से विवाद करना अपशब्द बोलना या क्रोध करना भी अशुभ माना जाता है। यदि घर में लंबे समय से तनाव का माहौल है तो मंगलवार के दिन हनुमान मंदिर जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाएं और परिवार की सुख शांति की प्रार्थना करें।

    आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए मंगलवार को जरूरतमंदों को लाल मसूर की दाल गुड़ या लाल वस्त्र का दान करना शुभ माना जाता है। बंदरों को गुड़ चना खिलाना और गाय को रोटी देना भी पुण्यदायी माना गया है। ऐसा करने से मंगल दोष कम होता है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होने लगती हैं।

    यदि घर में बार बार बीमारी या नकारात्मकता महसूस होती है तो मंगलवार को समुद्री नमक मिले पानी से घर की सफाई करें। इससे नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और घर में सकारात्मक वातावरण बनता है। इसके साथ ही मुख्य द्वार और पूजा स्थान को हमेशा स्वच्छ रखना चाहिए क्योंकि यही स्थान शुभ ऊर्जा के प्रवेश का माध्यम माना जाता है।

    मंगलवार को कर्ज लेने या अनावश्यक खर्च करने से बचना चाहिए। इस दिन नया कार्य शुरू करने से पहले भगवान हनुमान का स्मरण करना शुभ माना जाता है। जो लोग नौकरी या व्यापार में उन्नति चाहते हैं वे मंगलवार को हनुमान जी के चरणों में सिंदूर अर्पित कर सफलता की प्रार्थना करें। मान्यता है कि ऐसा करने से कार्यों में आने वाली रुकावटें दूर होती हैं और भाग्य का साथ मिलने लगता है।

    धार्मिक आस्था और वास्तु नियमों का संतुलित पालन व्यक्ति के जीवन में आत्मविश्वास सुख समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। मंगलवार के इन सरल उपायों को अपनाकर न केवल घर का वातावरण बेहतर बनाया जा सकता है बल्कि भगवान हनुमान की कृपा से जीवन की अनेक बाधाओं को भी दूर किया जा सकता है।

  • 20 अगस्त से रेवती नक्षत्र में प्रवेश करेंगे शनिदेव, मेष, कर्क और वृश्चिक राशि वालों को रहना होगा सावधान!

    20 अगस्त से रेवती नक्षत्र में प्रवेश करेंगे शनिदेव, मेष, कर्क और वृश्चिक राशि वालों को रहना होगा सावधान!


    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कर्मफलदाता शनिदेव 20 अगस्त को रेवती नक्षत्र के प्रथम चरण में प्रवेश करेंगे। द्रिक पंचांग के मुताबिक शनि इस नक्षत्र में 9 अक्टूबर तक रहेंगे। रेवती नक्षत्र के स्वामी बुध ग्रह हैं, ऐसे में शनि और बुध का यह संयोग सभी 12 राशियों पर प्रभाव डालेगा। हालांकि मेष, कर्क और वृश्चिक राशि के जातकों को इस अवधि में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

    मेष राशि
    इस दौरान आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। बिना पूरी जानकारी के किसी भी निवेश से बचें, अन्यथा नुकसान हो सकता है। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, इसलिए जल्दबाजी में फैसले लेने से बचें। गुस्से पर नियंत्रण रखें और स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें।

    कर्क राशि
    कर्क राशि के जातकों को मानसिक तनाव और अधिक सोचने की प्रवृत्ति से बचने की जरूरत होगी। नया व्यवसाय या कोई बड़ा काम शुरू करने से पहले पूरी योजना तैयार करें। रिश्तों में पारदर्शिता बनाए रखें और यात्रा के दौरान स्वास्थ्य व सामान दोनों का ध्यान रखें।

    वृश्चिक राशि
    वृश्चिक राशि वालों को इस अवधि में अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखना चाहिए। बजट के अनुसार खर्च करें और धन संबंधी मामलों में किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलने में समय लग सकता है, इसलिए धैर्य रखें। बेवजह के विवादों से दूर रहें और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज न करें।

    शनि के अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय
    – प्रत्येक शनिवार हनुमान जी की पूजा करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें।
    – शनिवार को काली उड़द, काले तिल या जूते-चप्पल का जरूरतमंदों को दान करें।
    – वाणी में मधुरता रखें, अच्छे आचरण का पालन करें और किसी को अनावश्यक कष्ट न पहुंचाएं।

  • Aaj Ka Rashifal 4 August 2026: करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य के लिहाज से कैसा रहेगा आपका दिन

    Aaj Ka Rashifal 4 August 2026: करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य के लिहाज से कैसा रहेगा आपका दिन


    नई दिल्ली। 4 अगस्त 2026 का दिन कई राशियों के लिए नई संभावनाएं लेकर आया है जबकि कुछ लोगों को संयम और धैर्य के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी जाती है। ग्रहों की स्थिति के अनुसार आज का दिन मेहनत करने वालों के लिए सकारात्मक परिणाम देने वाला रहेगा। यदि आप लंबे समय से किसी काम में सफलता का इंतजार कर रहे हैं तो आज शुभ समाचार मिल सकता है। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा और कई लोगों के लिए आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होने के संकेत हैं।
    मेष राशि के जातकों को आज आत्मविश्वास के साथ निर्णय लेने की आवश्यकता होगी। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी और नए अवसर भी मिल सकते हैं। वृषभ राशि वालों के लिए धन लाभ के योग बन रहे हैं। रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है और व्यापार में नए अनुबंध लाभदायक साबित होंगे।
    मिथुन राशि के लोगों को आज अनावश्यक विवादों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। सोच समझकर बोलें और किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय में जल्दबाजी न करें। कर्क राशि के लिए दिन शुभ रहेगा। परिवार का सहयोग मिलेगा और पुराने मित्रों से मुलाकात मन को प्रसन्न करेगी।
    सिंह राशि के जातकों के लिए करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर बनेंगे। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और आपकी योजनाएं सफल होंगी। कन्या राशि वालों को स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है। खानपान में लापरवाही न करें और मानसिक तनाव से बचने का प्रयास करें।

    तुला राशि के लिए आज का दिन प्रेम संबंधों और वैवाहिक जीवन में मधुरता लेकर आएगा। किसी शुभ कार्य की योजना बन सकती है। वृश्चिक राशि के लोगों को आज निवेश सोच समझकर करना चाहिए। बिना सलाह के बड़ा आर्थिक फैसला लेने से बचें।
    धनु राशि के लिए यात्रा के योग बन रहे हैं। यह यात्रा भविष्य में लाभदायक सिद्ध हो सकती है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में सफलता मिलेगी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए समय अनुकूल रहेगा।

    मकर राशि वालों को नौकरी और कारोबार में अच्छे परिणाम मिलेंगे। लंबे समय से रुके कार्य पूरे हो सकते हैं और परिवार का सहयोग मनोबल बढ़ाएगा। कुंभ राशि के लोगों के लिए आज नई जिम्मेदारियां सामने आ सकती हैं। धैर्य और समझदारी से काम लेने पर सफलता अवश्य मिलेगी।

    मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन सबसे अधिक शुभ माना जा रहा है। आर्थिक लाभ के साथ सम्मान में वृद्धि होगी। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और परिवार में सुख शांति का वातावरण बना रहेगा। यदि कोई नया काम शुरू करने की योजना है तो समय अनुकूल रहेगा

    कुल मिलाकर 4 अगस्त 2026 का दिन अधिकांश राशियों के लिए सकारात्मक ऊर्जा और नए अवसर लेकर आया है। मेहनत ईमानदारी और धैर्य के साथ किए गए प्रयास सफलता दिलाएंगे। भगवान की आराधना और सकारात्मक सोच के साथ दिन की शुरुआत करना सभी राशियों के लिए शुभ रहेगा।
  • मंगलवार को इस विधि से करें हनुमान जी की आराधना संकटों से मिलेगी मुक्ति और जीवन में आएगी खुशहाली

    मंगलवार को इस विधि से करें हनुमान जी की आराधना संकटों से मिलेगी मुक्ति और जीवन में आएगी खुशहाली


    नई दिल्ली। सनातन धर्म में मंगलवार का दिन भगवान हनुमान को समर्पित माना जाता है। यह दिन साहस शक्ति आत्मविश्वास और संकटों से मुक्ति का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि जो श्रद्धालु मंगलवार के दिन पूरी श्रद्धा और नियम के साथ बजरंगबली की पूजा करता है उसके जीवन की परेशानियां धीरे धीरे समाप्त होने लगती हैं। हनुमान जी अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं और उन्हें नकारात्मक शक्तियों से भी रक्षा प्रदान करते हैं। यही कारण है कि हर मंगलवार मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं।

    मंगलवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद स्वच्छ और लाल या केसरिया रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। इसके बाद घर के मंदिर या हनुमान मंदिर में जाकर भगवान हनुमान की प्रतिमा के सामने दीपक जलाएं। सिंदूर चमेली का तेल लाल फूल और गुड़ चने का भोग अर्पित करें। इसके बाद हनुमान चालीसा बजरंग बाण सुंदरकांड या राम रक्षा स्तोत्र का श्रद्धा के साथ पाठ करें। धार्मिक मान्यता है कि श्रीराम के नाम का स्मरण करते हुए हनुमान जी की आराधना करने से पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है।

    यदि संभव हो तो मंगलवार के दिन व्रत भी रखें। व्रत के दौरान सात्विक भोजन करें और मन में किसी के प्रति ईर्ष्या या क्रोध न रखें। जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना लाल वस्त्र दान करना या बंदरों को गुड़ और चने खिलाना भी अत्यंत शुभ माना गया है। ऐसा करने से ग्रह दोष शांत होते हैं और जीवन में आने वाली आर्थिक तथा मानसिक परेशानियां कम होने लगती हैं।

    जिन लोगों की कुंडली में मंगल दोष शनि दोष या राहु के अशुभ प्रभाव होते हैं उन्हें मंगलवार के दिन विशेष रूप से हनुमान जी की पूजा करने की सलाह दी जाती है। धार्मिक विश्वास है कि बजरंगबली की कृपा से भय तनाव रोग और शत्रुओं से मुक्ति मिलती है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में सफलता मिलती है जबकि नौकरी और व्यापार से जुड़े लोगों के लिए भी नए अवसर बनने लगते हैं। परिवार में सुख शांति और आपसी प्रेम बढ़ता है तथा आत्मविश्वास मजबूत होता है।

    पूजा के दौरान एक बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि हनुमान जी को केवल सात्विक चीजें ही अर्पित करें। इस दिन मांस मदिरा और तामसिक भोजन से पूरी तरह दूर रहें। पूजा के बाद आरती करें और प्रसाद सभी परिवारजनों में बांटें। अंत में भगवान श्रीराम और हनुमान जी से सभी के सुख समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की प्रार्थना करें। श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई मंगलवार की पूजा जीवन में नई ऊर्जा सकारात्मकता और सफलता का मार्ग खोल सकती है।