Category: Religious Astrology

  • साल के आखिरी चंद्र ग्रहण की उल्टी गिनती शुरू, 28 अगस्त को इतने बजे से रहेगा ग्रहण; भारत में सूतक भी नहीं

    साल के आखिरी चंद्र ग्रहण की उल्टी गिनती शुरू, 28 अगस्त को इतने बजे से रहेगा ग्रहण; भारत में सूतक भी नहीं


    नई दिल्ली। साल 2026 का आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को लगने जा रहा है और इस खगोलीय घटना को लेकर लोगों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। यह ग्रहण सावन मास की पूर्णिमा के दिन पड़ रहा है। पंचांग के अनुसार इस बार लगने वाला चंद्र ग्रहण उपच्छाया यानी पेनुमब्रल चंद्र ग्रहण है और दुनिया के कुछ हिस्सों में इसे आंशिक रूप से देखा जा सकेगा। हालांकि भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा। यही वजह है कि भारत में रहने वाले लोगों के लिए इससे जुड़ा सूतक काल मान्य नहीं माना जाएगा। ऐसे में सामान्य धार्मिक और शुभ कार्यों को रोकने की जरूरत नहीं होगी।

    भारतीय समय के अनुसार चंद्र ग्रहण की शुरुआत 28 अगस्त की सुबह 6 बजकर 55 मिनट पर होगी। इसके बाद सुबह 8 बजकर 4 मिनट पर ग्रहण का आंशिक चरण शुरू होगा। ग्रहण अपने चरम पर सुबह 9 बजकर 43 मिनट पर पहुंचेगा। इसके बाद धीरे धीरे ग्रहण का प्रभाव कम होगा और दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर यह समाप्त हो जाएगा। यानी ग्रहण की पूरी अवधि करीब 5 घंटे 38 मिनट बताई गई है। हालांकि भारत से इसे प्रत्यक्ष रूप से देख पाना संभव नहीं होगा।

    इस चंद्र ग्रहण की खास बात यह भी है कि इसका असर दुनिया के अलग अलग हिस्सों में अलग तरीके से दिखाई देगा। पश्चिमी एशिया के कुछ क्षेत्रों के अलावा दक्षिण अमेरिका अफ्रीका और यूरोप के कई हिस्सों में लोग इस खगोलीय घटना को देख सकेंगे। भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण यहां सूतक को लेकर किसी तरह की विशेष पाबंदी नहीं होगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जिन स्थानों पर ग्रहण दिखाई देता है वहां ग्रहण शुरू होने से करीब 9 घंटे पहले सूतक काल माना जाता है। लेकिन भारत में दृश्यता नहीं होने के कारण यह नियम यहां लागू नहीं होगा।

    ग्रहण को लेकर धार्मिक मान्यताओं की बात करें तो जिन स्थानों पर यह दिखाई देता है वहां लोग इस दौरान पूजा पाठ मंत्र जाप और भगवान का ध्यान करने जैसी गतिविधियां करते हैं। महामृत्युंजय मंत्र चंद्र देव के मंत्र हनुमान चालीसा सुंदरकांड और श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ करने की परंपरा भी बताई जाती है। हालांकि इन उपायों का संबंध धार्मिक आस्था से है और इनका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं माना जाता है।

    ग्रहण से पहले भोजन पानी और दूध में तुलसी की पत्तियां रखने की परंपरा भी कई घरों में देखने को मिलती है। यह भी धार्मिक मान्यता है जिसे व्यक्ति अपनी श्रद्धा के अनुसार अपना सकता है। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करने घर की साफ सफाई करने और पूजा स्थल को व्यवस्थित करने की परंपरा बताई गई है।

    इस बार 28 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व भी मनाया जाएगा। चंद्र ग्रहण के कारण लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या राखी बांधने पर इसका कोई असर पड़ेगा। भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देने और सूतक मान्य नहीं होने के कारण रक्षाबंधन के आयोजन पर किसी विशेष रोक की बात नहीं है। हालांकि राखी बांधने और पूजा के लिए स्थानीय पंचांग में दिए गए शुभ समय को देखना बेहतर रहेगा। इस तरह 28 अगस्त का दिन खगोलीय घटना और भाई बहन के प्रेम के पर्व दोनों के लिहाज से खास रहने वाला है।

  • पूर्णिमा सुबह 09:09 बजे से प्रारंभ…. आज पूरे दिन भद्रा का साया और कल पंचक, जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त!

    पूर्णिमा सुबह 09:09 बजे से प्रारंभ…. आज पूरे दिन भद्रा का साया और कल पंचक, जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त!


    नई दिल्ली।
    हिंदू धर्म ( Hinduism) में सावन पूर्णिमा (Sawan Purnima) का विशेष महत्व है। इस दिन रक्षा बंधन (Raksha Bandhan) या राखी का त्योहार मनाया जाता है। यह पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और स्नेह का प्रतीक है। इस साल सावन पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को सुबह 09: 09 मिनट पर प्रारंभ हो गई है और 28 अगस्त 2026 को सुबह 09:47 बजे समाप्त होगी।

    प्रदोष काल और चंद्रोदय के समय पूर्णिमा तिथि व्याप्त होने के कारण सावन पूर्णिमा व्रत आज 27 अगस्त को है। 27 अगस्त को पूर्णिमा व्रत के दिन भद्रा और पंचक का साया भी रहेगा। इस बार पूर्णिमा तिथि पर चंद्र ग्रहण का संयोग भी बन रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) के कारण सावन पूर्णिमा व्रत के दिन ही रक्षा बंधन मनाया जाएगा और भद्रा के कारण राखी बांधने में अड़चन आएगी या नहीं। आइए जानते हैं रक्षा बंधन कब मनाएं?

    27 या 28 अगस्त कब मनाएं रक्षा बंधन:

    पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, हिंदू धर्म में किसी भी पर्व या त्योहार को उदया तिथि में मनाना सर्वोत्तम माना गया है। सावन पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को सुबह प्रारंभ होगी। शास्त्रों में पूर्णिमा व्रत का विधान उस दिन है, दिन समय पूर्णिमा तिथि के साथ चंद्रोदय होता है। ऐसा संयोग 27 अगस्त को ही मिल रहा है। 28 अगस्त को सुबह के समय पूर्णिमा तिथि समाप्त हो जाएगी जिसके कारण पूर्णिमा युक्त चंद्रोदय संभव नहीं है। इसलिए सावन पूर्णिमा का व्रत 27 अगस्त को मान्य रहेगा।

    अगर रक्षा बंधन के पर्व की बात करें तो यह त्योहार हमेशा भद्रा रहित पूर्णिमा में मनाना उत्तम माना गया है। 27 अगस्त को भद्रा सुबह 07 बजे से शाम 06:02 बजे तक रहेगी। 28 अगस्त को सूर्योदय से पूर्व भद्रा समाप्त हो जाएगी और उदया पूर्णिमा मिलेगी। इसलिए उदयाव्यापी पूर्णिमा में रक्षा बंधन और सावन पूर्णिमा का स्नान-दान मनाना उत्तम रहने वाला है। हालांकि इस दिन पंचक भी रहेगा। लेकिन रक्षा बंधन पर भद्रा ज्यादा महत्वपूर्ण मानी गई है। मान्यता है कि भद्रा काल में भाई को राखी बांधने से भाई-बहन दोनों को ही नकारात्मक फलों की प्राप्ति होती है। इसलिए भद्रा के समय राखी बांधने से बचना चाहिए।


    28 अगस्त को राखी बांधने का शुभ मुहूर्त:

    28 अगस्त 2026 को भाई की कलाई पर राखी बांधने का सबसे उत्तम और श्रेष्ठ मुहूर्त सुबह 5:57 बजे से सुबह 9:48 बजे तक रहेगा। अगर आप सुबह के समय राखी नहीं बांध पाते हैं तो दोपहर 12:04 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक भी राखी बांधने का शुभ मुहूर्त रहेगा। शुभ मुहूर्त में राखी बांधना अत्यंत शुभ माना गया है। भद्रा विराजमान नहीं होने के कारण 28 अगस्त को पूरे दिन राखी का पर्व मनाया जा सकेगा। हालांकि राहुकाल का विचार अनिवार्य है।

    28 अगस्त को राहुकाल कब से कब तक है:
    ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल को शुभ नहीं माना गया है। मान्यता है कि इस समय किए गए कार्यों का अशुभ फल प्राप्त होता है। 28 अगस्त को राहुकाल सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:22 बजे के बीच रहेगा।


    चंद्र ग्रहण का राखी पर असर:

    28 अगस्त को साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण लगेगा। भारतीय समयानुसार इस ग्रहण की शुरुआत सुबह 06 बजकर 53 मिनट पर होगी और दोपहर 12 बजकर 32 मिनट पर समाप्त होगा। यह ग्रहण अपने चरम पर सुबह 09 बजकर 43 मिनट के आसपास होगा। यह ग्रहण दिन में लगेगा, जिसके कारण भारत में यह नजर नहीं आएगा। ग्रहण नहीं दिखने के कारण इसका सूतक काल मान्य नहीं रहेगा। सूतक काल नहीं लगने के कारण चंद्र ग्रहण का राखी के पर्व पर कोई असर नहीं रहेगा।

  • चंद्र ग्रहण खत्म होने के बाद करें इन 5 चीजों का दान, जानिए क्‍या है वजह ?

    चंद्र ग्रहण खत्म होने के बाद करें इन 5 चीजों का दान, जानिए क्‍या है वजह ?


    नई दिल्ली। इस साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) 28 अगस्त को सावन पूर्णिमा (Sawan Purnima) के दिन लगेगा। यह आंशिक चंद्र ग्रहण होगा, लेकिन भारत (India) में दिखाई नहीं देगा। ऐसे में यहां इसका सूतक काल (Sutak period) भी मान्य नहीं होगा। हालांकि, ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान चंद्रमा पीड़ित अवस्था में माना जाता है। इससे मानसिक अशांति और नकारात्मकता बढ़ने की मान्यता है। इन्हीं को दूर करने के लिए ग्रहण समाप्त होने के बाद दान-पुण्य करने की परंपरा है।

    ग्रहण के बाद दान का क्या है महत्व?
    धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक ग्रहण के दौरान मंत्र जाप और ईश्वर का ध्यान करना शुभ माना जाता है। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करके जरूरतमंदों को दान करने की परंपरा है। माना जाता है कि इससे नकारात्मकता दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। हालांकि, दान हमेशा श्रद्धा और बिना अहंकार के करने की सलाह दी जाती है।

    1. अन्न का करें दान
    ग्रहण समाप्त होने के बाद जरूरतमंदों को भोजन कराना या अन्न दान करना शुभ माना जाता है। गेहूं, चावल और दाल जैसी खाद्य सामग्री का दान किया जा सकता है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इससे चंद्र दोष के नकारात्मक प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है।

    2. जरूरतमंदों को धन दें
    ग्रहण के बाद अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंद व्यक्ति को धन का दान किया जा सकता है। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है। इससे धन संबंधी परेशानियां कम होने की मान्यता है।

    3. दीप दान करें
    चंद्र ग्रहण के बाद दीप दान को भी विशेष शुभ माना जाता है। परंपरा के अनुसार पवित्र नदी के किनारे मिट्टी का दीपक जलाकर प्रवाहित किया जाता है। यदि नदी के किनारे जाना संभव न हो तो घर में भी शाम के समय चंद्रमा का स्मरण करते हुए दीपक जला सकते हैं। मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

    4. चांदी या मोती का दान
    ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार चंद्रमा का संबंध चांदी और मोती से माना जाता है। ऐसे में ग्रहण समाप्त होने के बाद अपनी सामर्थ्य के अनुसार चांदी या मोती का दान किया जा सकता है। माना जाता है कि इससे मानसिक तनाव कम करने और कुंडली में चंद्रमा से जुड़े नकारात्मक प्रभावों को शांत करने में मदद मिल सकती है।

    5. सफेद चीजों का दान
    सफेद रंग का संबंध भी चंद्रमा से माना जाता है। इसलिए ग्रहण के बाद जरूरतमंदों को दूध, चीनी, चावल, सफेद मिठाई या सफेद वस्त्र जैसी चीजें दान करने की परंपरा है। ज्योतिष के अनुसार इससे मन को शांति मिलने और सकारात्मकता बढ़ने की मान्यता है।

    ध्यान रखें: ये उपाय पारंपरिक धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। इनके प्रभाव और परिणाम व्यक्ति की आस्था, परिस्थितियों, स्थान और अन्य कारकों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। इन्हें सामान्य धार्मिक जानकारी के तौर पर ही लिया जाना चाहिए, किसी निश्चित लाभ की गारंटी के रूप में नहीं।

  • आज का राशिफल 27 अगस्त 2026: ग्रहों की चाल से बदलेगा दिन का रुख, इन राशियों को धन और करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

    आज का राशिफल 27 अगस्त 2026: ग्रहों की चाल से बदलेगा दिन का रुख, इन राशियों को धन और करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ


    नई दिल्ली। 27 अगस्त का दिन कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव और नई संभावनाएं लेकर आ सकता है। ग्रहों की स्थिति के प्रभाव से आज कुछ लोगों को लंबे समय से अटके काम पूरे होने की उम्मीद रहेगी तो कुछ जातकों को अपने फैसले सोच समझकर लेने की जरूरत होगी। नौकरी और कारोबार से जुड़े लोगों के लिए दिन मिलाजुला लेकिन संभावनाओं से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और जिम्मेदारी वरिष्ठ लोगों का ध्यान आकर्षित कर सकती है। किसी महत्वपूर्ण काम में सहयोग मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। कारोबारियों को नए संपर्कों से फायदा मिल सकता है लेकिन किसी भी बड़े निवेश या आर्थिक समझौते में जल्दबाजी करने से बचना बेहतर रहेगा।

    मेष राशि वालों के लिए आज का दिन उत्साह और आत्मविश्वास से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं और आपकी मेहनत का अच्छा परिणाम सामने आ सकता है। वृषभ राशि के जातकों के लिए आर्थिक स्थिति बेहतर होने की संभावना है। धन से जुड़ा कोई रुका हुआ काम आगे बढ़ सकता है लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। मिथुन राशि वालों को आज बातचीत और संपर्कों के माध्यम से लाभ मिल सकता है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। कर्क राशि के जातकों के लिए पारिवारिक माहौल सुखद रहेगा और किसी पुराने विवाद का समाधान निकल सकता है। सिंह राशि वालों के लिए करियर के लिहाज से दिन खास रह सकता है। आपकी नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास आपको आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।

    कन्या राशि वालों को आज कामकाज में अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है लेकिन इसका सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी आपको सौंपी जा सकती है। तुला राशि के जातकों को रिश्तों और साझेदारी से जुड़े मामलों में संतुलन बनाए रखना होगा। किसी करीबी व्यक्ति के साथ बातचीत करते समय शब्दों का चयन सोच समझकर करें। वृश्चिक राशि वालों के लिए आर्थिक मामलों में दिन लाभकारी हो सकता है। अचानक कोई अच्छी खबर मिल सकती है और आय के नए अवसर भी सामने आ सकते हैं। धनु राशि के जातकों के लिए नई योजनाओं पर काम शुरू करने का अच्छा समय है। यात्रा या नए संपर्क भविष्य में फायदा पहुंचा सकते हैं।

    मकर राशि वालों को आज कार्यक्षेत्र में अपनी जिम्मेदारियों पर विशेष ध्यान देना होगा। वरिष्ठ व्यक्ति की सलाह आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है। कुंभ राशि के जातकों के रुके हुए काम पूरे होने के योग हैं और धन प्राप्ति के नए रास्ते खुल सकते हैं। मीन राशि वालों के लिए आज का दिन भावनात्मक रूप से सकारात्मक रह सकता है। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा और किसी करीबी की सलाह भविष्य के निर्णय में मदद कर सकती है।

    प्रेम जीवन की बात करें तो आज कई राशियों के लिए रिश्तों में मधुरता बढ़ सकती है। पुरानी गलतफहमियां बातचीत के जरिए दूर होने के संकेत हैं। स्वास्थ्य के मामले में दिनचर्या को व्यवस्थित रखना जरूरी होगा। पर्याप्त नींद संतुलित भोजन और तनाव से दूरी बनाए रखना लाभकारी रहेगा। कुल मिलाकर 27 अगस्त का दिन मेहनत करने और सही दिशा में कदम बढ़ाने वालों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है। आज ग्रहों का संकेत यही है कि अवसर सामने आएं तो उन्हें पहचानें लेकिन किसी भी बड़े फैसले में जल्दबाजी के बजाय धैर्य और समझदारी से काम लें।

  • दूसरों की इस्तेमाल की चीजें घर में लाना पड़ सकता है भारी! फर्नीचर से घड़ी तक इन सामानों से बरतें सावधानी

    दूसरों की इस्तेमाल की चीजें घर में लाना पड़ सकता है भारी! फर्नीचर से घड़ी तक इन सामानों से बरतें सावधानी


    नई दिल्ली। आजकल कम कीमत में घर को आकर्षक और अलग लुक देने के लिए सेकंड हैंड फर्नीचर और एंटीक सामान खरीदने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। पुरानी लकड़ी की टेबल हो या विंटेज घड़ी और खूबसूरत शोपीस लोग इन्हें अपने घर की सजावट का हिस्सा बना लेते हैं। हालांकि वास्तु शास्त्र में दूसरों द्वारा इस्तेमाल की जा चुकी कुछ वस्तुओं को घर में लाने को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि लंबे समय तक इस्तेमाल की गई वस्तुओं से उनके पुराने मालिक की भावनाओं और ऊर्जा का प्रभाव जुड़ा हो सकता है। इसलिए ऐसी चीजों को घर में रखने से पहले उनकी अच्छी तरह सफाई और शुद्धि करने की बात कही जाती है।

    वास्तु मान्यताओं के अनुसार सबसे ज्यादा सावधानी पुराने फर्नीचर को लेकर बरतनी चाहिए। सोफा बेड टेबल और लकड़ी की दूसरी चीजें लंबे समय तक किसी व्यक्ति के संपर्क में रहती हैं। माना जाता है कि अगर इन वस्तुओं का इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति लंबे समय तक तनाव बीमारी या आर्थिक परेशानी से गुजर रहा था तो उसका नकारात्मक प्रभाव वस्तु से जुड़ सकता है। इसी वजह से पुराने बेड और सोफे को बिना अच्छी तरह साफ किए घर में रखने से बचने की सलाह दी जाती है। खासकर बेड को लेकर वास्तु में अधिक सावधानी बरतने की मान्यता है क्योंकि इसे घर की निजी और पारिवारिक ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है।

    पुरानी घड़ी को लेकर भी वास्तु शास्त्र में कई मान्यताएं हैं। घड़ी को समय और प्रगति का प्रतीक माना जाता है। अगर किसी दूसरे व्यक्ति की पुरानी घड़ी घर में लाई जाए और वह बंद हो या सही तरीके से न चलती हो तो इसे शुभ नहीं माना जाता। वास्तु मान्यताओं के अनुसार घर में बंद पड़ी घड़ी सकारात्मक प्रवाह में रुकावट का प्रतीक मानी जाती है। इसलिए घर में हमेशा सही समय बताने वाली और ठीक से चलने वाली घड़ी रखने की सलाह दी जाती है।

    एंटीक सजावटी सामान भी इसी सूची में शामिल किया जाता है। पुरानी पेंटिंग्स धातु की वस्तुएं और पुराने शोपीस देखने में बेहद आकर्षक हो सकते हैं लेकिन उनके साथ उनका इतिहास भी जुड़ा होता है। वास्तु मान्यता कहती है कि किसी वस्तु का पिछला इतिहास अगर तनाव या विवाद से जुड़ा रहा हो तो उसे घर में रखने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। हालांकि इन बातों का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है और इन्हें वास्तु संबंधी मान्यताओं के तौर पर ही देखना चाहिए।

    दूसरों के इस्तेमाल किए हुए कपड़े जूते और गहनों को लेकर भी वास्तु और ज्योतिष में अलग अलग धारणाएं मिलती हैं। खासकर पुराने रत्न और आभूषणों को लेकर मान्यता है कि इन्हें पहनने से पहले उनकी शुद्धि और उचित जांच करानी चाहिए। वहीं व्यावहारिक तौर पर पुराने कपड़े या फर्नीचर खरीदते समय स्वच्छता उनकी स्थिति और सुरक्षा की जांच करना बेहद जरूरी है।

    अगर किसी पुरानी वस्तु को घर में लाना जरूरी हो तो सबसे पहले उसकी अच्छी तरह सफाई करें। लकड़ी और धातु की वस्तुओं को कुछ समय धूप में रखने तथा धार्मिक आस्था रखने वाले लोग गंगाजल या कपूर से प्रतीकात्मक शुद्धि करने जैसे उपाय भी अपनाते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि पुरानी वस्तु खरीदते समय उसकी गुणवत्ता स्वच्छता और वास्तविक स्थिति की जांच जरूर करें। वास्तु की इन मान्यताओं को वैज्ञानिक तथ्य नहीं बल्कि पारंपरिक विश्वास के रूप में समझना बेहतर है।

  • बुधवार का दिन गणेश जी को करें समर्पित! इन आसान उपायों से मिलेगा बुद्धि धन और सौभाग्य का आशीर्वाद

    बुधवार का दिन गणेश जी को करें समर्पित! इन आसान उपायों से मिलेगा बुद्धि धन और सौभाग्य का आशीर्वाद

    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता के रूप में पूजा जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणेश जी के स्मरण और पूजा से करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बुधवार का दिन भगवान गणेश को विशेष रूप से समर्पित माना जाता है। माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से गणपति बप्पा की पूजा करने से जीवन में आने वाली बाधाएं कम होती हैं और भक्तों को सुख समृद्धि तथा बुद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। बुधवार को गणेश जी की पूजा करने के साथ कुछ आसान उपाय भी किए जा सकते हैं।

    बुधवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनें। इसके बाद घर के पूजा स्थल की साफ सफाई करें और भगवान गणेश की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं। पूजा की शुरुआत गणेश जी के ध्यान से करें। इसके बाद उन्हें जल अर्पित करें और अपनी श्रद्धा के अनुसार फूल तथा दूर्वा चढ़ाएं। धार्मिक मान्यता में गणेश जी को दूर्वा बेहद प्रिय मानी जाती है। इसलिए पूजा में दूर्वा अर्पित करना शुभ माना जाता है।

    गणेश जी की पूजा में लाल फूल चढ़ाने की भी परंपरा है। इसके साथ उन्हें मोदक या लड्डू का भोग लगाया जा सकता है। माना जाता है कि गणपति बप्पा को मोदक प्रिय हैं। भोग लगाने के बाद भगवान गणेश की आरती करें और अपनी मनोकामना उनके सामने रखें। पूजा के दौरान ऊं गं गणपतये नमः मंत्र का जाप भी किया जा सकता है। श्रद्धा के अनुसार इस मंत्र का जाप करने से मन को शांति मिलती है और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है।

    बुधवार के दिन गणेश जी के साथ भगवान शिव और माता पार्वती का स्मरण करना भी शुभ माना जाता है। गणेश जी को माता पार्वती और भगवान शिव का पुत्र माना जाता है। ऐसे में इस दिन परिवार के साथ गणेश जी की पूजा करने से घर के वातावरण में सकारात्मकता बढ़ने की धार्मिक मान्यता है।

    अगर किसी व्यक्ति के जीवन में लगातार काम रुक रहे हैं या किसी नए काम की शुरुआत में बार बार बाधाएं आ रही हैं तो बुधवार को गणेश जी की विशेष पूजा की जा सकती है। पूजा के बाद जरूरतमंद व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार भोजन या आवश्यक वस्तुओं का दान करना भी शुभ माना जाता है। इससे सेवा और परोपकार की भावना मजबूत होती है।

    हालांकि इन सभी उपायों को धार्मिक और आस्था से जुड़ी मान्यताओं के रूप में ही देखना चाहिए। इनके वैज्ञानिक रूप से निश्चित परिणाम का दावा नहीं किया जा सकता। भगवान गणेश की पूजा का मुख्य उद्देश्य श्रद्धा और सकारात्मक भाव के साथ अपने जीवन में अच्छे कर्मों के लिए प्रेरित होना है। बुधवार को गणपति बप्पा का स्मरण कर उनके मंत्रों का जाप और जरूरतमंदों की मदद करने से मन में शांति और आत्मविश्वास बढ़ सकता है। इसलिए बुधवार को गणेश जी की पूजा करें और उनसे बुद्धि विवेक तथा जीवन की सही दिशा देने की प्रार्थना करें।

  • गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए रखें बुधवार का व्रत! जानें क्या खाएं क्या न खाएं और किन बातों का रखें ध्यान

    गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए रखें बुधवार का व्रत! जानें क्या खाएं क्या न खाएं और किन बातों का रखें ध्यान

    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित माना जाता है। गणेश जी को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता कहा जाता है इसलिए उनकी पूजा करने से जीवन की परेशानियां दूर होने और शुभ कार्यों में सफलता मिलने की धार्मिक मान्यता है। बुधवार को व्रत रखने वाले भक्त भगवान गणेश की पूजा के साथ कुछ विशेष नियमों का पालन करते हैं। मान्यता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक रखा गया व्रत मन को शांति देने के साथ व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास प्रदान करता है।

    बुधवार व्रत रखने के लिए सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद साफ कपड़े पहनकर घर के पूजा स्थल की सफाई करें और भगवान गणेश की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं। पूजा के दौरान गणेश जी को दूर्वा अर्पित करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा लाल फूल चढ़ाकर मोदक या लड्डू का भोग लगाया जा सकता है। पूजा के बाद गणेश जी की आरती करें और अपनी मनोकामना उनके सामने रखें।

    व्रत रखने वाले व्यक्ति को पूरे दिन भगवान गणेश का ध्यान और मंत्र जाप करना चाहिए। ऊं गं गणपतये नमः मंत्र का जाप श्रद्धा के अनुसार किया जा सकता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार गणेश मंत्र का जाप करने से मन एकाग्र होता है और नकारात्मक विचारों से दूरी बनाने में मदद मिलती है। व्रत के दौरान क्रोध झूठ और किसी का अपमान करने से बचना चाहिए। मन को शांत रखते हुए अच्छे विचारों और अच्छे कर्मों पर ध्यान देना चाहिए।

    बुधवार के व्रत में खानपान का भी विशेष ध्यान रखा जाता है। अलग अलग परिवारों और परंपराओं में व्रत के नियम अलग हो सकते हैं। कुछ लोग पूरे दिन फलाहार करते हैं जबकि कुछ लोग एक समय सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। फल दूध दही और व्रत में इस्तेमाल होने वाली सामग्री का सेवन अपनी परंपरा और सुविधा के अनुसार किया जा सकता है। अगर स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी हो तो व्रत रखने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बुधवार के दिन हरी मूंग का दान करना भी शुभ माना जाता है। जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन या अपनी क्षमता के अनुसार अन्य जरूरी वस्तुएं दान की जा सकती हैं। हालांकि दान का उद्देश्य दिखावा नहीं बल्कि सेवा और परोपकार की भावना होना चाहिए।

    व्रत के दौरान कुछ लोग नमक या अनाज का सेवन नहीं करते हैं लेकिन यह सभी के लिए अनिवार्य नियम नहीं है। व्रत की समाप्ति पर भगवान गणेश की पूजा और आरती करने के बाद प्रसाद ग्रहण किया जाता है। गणेश जी को मोदक या लड्डू का भोग लगाकर परिवार के लोगों में प्रसाद बांटना शुभ माना जाता है।

    बुधवार व्रत से जुड़े नियम मुख्य रूप से धार्मिक आस्था और परंपराओं पर आधारित हैं। अलग अलग क्षेत्रों और परिवारों में इन नियमों में अंतर हो सकता है। इसलिए अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार व्रत रखना उचित माना जाता है। सबसे जरूरी बात यह है कि व्रत के दौरान श्रद्धा के साथ भगवान गणेश का स्मरण करें और जरूरतमंदों की मदद करने का प्रयास करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार सच्ची श्रद्धा से गणेश जी की पूजा करने से जीवन में सुख शांति बुद्धि और समृद्धि की कामना की जाती है।

  • 7 सितंबर को बनेगा भद्रा राजयोग, इन 5 राशियों पर बरसेगी बुध की कृपा

    7 सितंबर को बनेगा भद्रा राजयोग, इन 5 राशियों पर बरसेगी बुध की कृपा


    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में बुध को बुद्धि, वाणी, तर्क, व्यापार और अर्थव्यवस्था का कारक ग्रह माना जाता है। 7 सितंबर को बुध के अपनी उच्च राशि कन्या में प्रवेश करने से भद्रा राजयोग बनने की बात कही जा रही है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस योग का असर करियर, कारोबार, संपत्ति और आर्थिक मामलों में देखने को मिल सकता है।

    द्रिक पंचांग के अनुसार, बुध के कन्या राशि में गोचर से कुछ राशियों के लिए नए अवसर बन सकते हैं। खासतौर पर वृषभ, मिथुन, कन्या, धनु और मकर राशि के जातकों को शुभ परिणाम मिलने की संभावना जताई गई है।

    वृषभ: अचानक धन लाभ के योग
    बुध का गोचर वृषभ राशि के पांचवें भाव में होगा। निवेश, शेयर बाजार या पुराने किसी स्रोत से अचानक धन लाभ हो सकता है। विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी समय अनुकूल रह सकता है।

    मिथुन: संपत्ति खरीदने के योग
    मिथुन राशि के जातकों के चौथे भाव में भद्रा राजयोग बनेगा। नया वाहन, मकान या जमीन खरीदने के योग बन सकते हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहने की संभावना है और माता से जुड़ी चिंताओं में भी राहत मिल सकती है।

    कन्या: करियर में मिल सकती है बड़ी सफलता
    बुध आपकी राशि में ही गोचर करेगा, इसलिए इसका प्रभाव सबसे अधिक दिखाई दे सकता है। निर्णय लेने की क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ेगा। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है, जबकि कारोबारियों के नए सौदे फाइनल होने के योग हैं।

    धनु: नौकरी और कारोबार में तरक्की
    धनु राशि के दसवें भाव में यह योग बनेगा। कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना हो सकती है। नई नौकरी, मनचाहे ट्रांसफर या करियर में बदलाव की कोशिश सफल हो सकती है। व्यापार में भी लाभ के अवसर बनेंगे।

    मकर: भाग्य का मिलेगा साथ
    मकर राशि के नौवें भाव यानी भाग्य स्थान में भद्रा राजयोग बनेगा। लंबे समय से अटके काम पूरे हो सकते हैं। व्यावसायिक यात्राएं लाभदायक रह सकती हैं। धर्म-कर्म के प्रति रुचि बढ़ने के साथ विदेश यात्रा के अवसर भी बन सकते हैं।

    शुभ फल बढ़ाने के ज्योतिषीय उपाय
    – बुधवार को ‘ॐ बुं बुधाय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें।
    – भगवान गणेश को दूर्वा और मोदक अर्पित करें।
    – जरूरतमंद व्यक्ति को हरी सब्जियां, हरा कपड़ा या मूंग की दाल दान करें।

  • कब मनेगा रक्षाबंधन, क्‍या भद्रा की रहेगी बाधा ? जानिए राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

    कब मनेगा रक्षाबंधन, क्‍या भद्रा की रहेगी बाधा ? जानिए राखी बांधने का शुभ मुहूर्त


    नई दिल्ली। रक्षाबंधन 2026 को लेकर 27 और 28 अगस्त की तारीख को लेकर लोगों के बीच असमंजस है। वाराणसी पंचांग के अनुसार इस साल रक्षाबंधन 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। खास बात यह है कि राखी बांधने के समय भद्रा नहीं रहेगी। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

    27 अगस्त को रहेगी भद्रा
    पंडित श्रीपति त्रिपाठी के अनुसार श्रावण पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त 2026 को सुबह 8:31 बजे शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह 9:18 बजे तक रहेगी। 27 अगस्त को सुबह 8:31 बजे से रात 8:54 बजे तक भद्रा रहेगी। इसके बाद भद्रा समाप्त हो जाएगी। वहीं 28 अगस्त को रक्षाबंधन के समय भद्रा नहीं होगी। इसलिए इस दिन राखी बांधने में भद्रा की बाधा नहीं मानी जाएगी।

    राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
    रक्षाबंधन पर राखी बांधने का प्रमुख शुभ मुहूर्त सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक रहेगा। यदि यह समय छूट जाए तो अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:56 बजे से दोपहर 12:48 बजे तक भी राखी बांधी जा सकती है।

    भद्रा को क्यों माना जाता है महत्वपूर्ण?
    हिंदू पंचांग में समय को अलग-अलग करणों में बांटा गया है। इनमें विष्टि करण को भद्रा कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा को उग्र प्रकृति वाला समय माना जाता है, इसलिए विवाह, गृह प्रवेश, यज्ञ और अन्य मांगलिक कार्यों में इसका विचार किया जाता है। रक्षाबंधन में भी भद्रा की स्थिति महत्वपूर्ण मानी जाती है। हालांकि 2026 में 27 अगस्त को भद्रा है, जबकि 28 अगस्त को राखी बांधने के समय भद्रा नहीं होगी।

    राखी बांधते समय बोलें यह मंत्र
    राखी बांधते समय इस रक्षासूत्र मंत्र का जाप किया जा सकता है—

    येन बद्धो बलि राजा दानवेंद्रो महाबलः।
    तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥

    इसका भावार्थ है कि जिस रक्षा सूत्र से शक्तिशाली राजा बलि को बांधा गया था, उसी रक्षा सूत्र से तुम्हें बांधती हूं। हे रक्षासूत्र, तुम स्थिर रहो और रक्षा करो।

    भगवान विष्णु का स्मरण करते हुए ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप भी किया जा सकता है।

    ऐसे करें रक्षाबंधन की पूजा
    रक्षाबंधन के दिन भाई-बहन स्नान कर स्वच्छ कपड़े पहनें। पूजा की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, फूल, दीपक, धूप, मिठाई और राखी रखें।

    सबसे पहले भगवान का पूजन करें। इसके बाद भाई को तिलक और अक्षत लगाकर दीपक से आरती करें। रक्षासूत्र मंत्र का जाप करते हुए भाई की कलाई पर राखी बांधें। इसके बाद दोनों एक-दूसरे के सुख, स्वास्थ्य और सफलता की कामना करें।

    इस दौरान ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः…’ मंगल श्लोक का पाठ भी किया जा सकता है।

    वाराणसी और मिथिला पंचांग में अंतर
    वाराणसी और मिथिला पंचांग की गणना पद्धति में कुछ अंतर हो सकता है। स्थानीय सूर्योदय और गणना के कारण मुहूर्त में कुछ मिनटों का अंतर संभव है। हालांकि 2026 में दोनों परंपराओं में रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाए जाने की बात सामने आती है।

    भाई-बहन के रिश्ते का पर्व है राखी
    रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का त्योहार नहीं है। बहन भाई के अच्छे स्वास्थ्य, लंबी आयु, सुख और सफलता की कामना करती है, जबकि भाई बहन के प्रति प्रेम, सम्मान और जिम्मेदारी का संकल्प लेता है। 2026 में रक्षाबंधन भद्रा रहित पूर्णिमा में मनाया जाएगा। इसलिए 28 अगस्त को राखी बांधते समय भद्रा की बाधा नहीं रहेगी।

  • आज का राशिफल 26 अगस्त: किसी को धन लाभ तो किसी को सावधानी की जरूरत, जानें मेष से मीन तक दिन का हाल

    आज का राशिफल 26 अगस्त: किसी को धन लाभ तो किसी को सावधानी की जरूरत, जानें मेष से मीन तक दिन का हाल

    नई दिल्ली । 26 अगस्त का दिन ग्रहों की स्थिति के लिहाज से कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। आज किसी राशि के जातकों को कामकाज में सफलता मिल सकती है तो किसी को अपने खर्च और फैसलों पर नियंत्रण रखने की जरूरत होगी। नौकरी करने वालों के लिए दिन नई जिम्मेदारियां लेकर आ सकता है जबकि कारोबार से जुड़े लोगों को किसी महत्वपूर्ण सौदे में जल्दबाजी करने से बचना चाहिए। पारिवारिक जीवन में भी आज छोटी छोटी बातों को लेकर तनाव लेने के बजाय बातचीत के जरिए स्थिति संभालना बेहतर रहेगा। आइए जानते हैं मेष से मीन राशि तक सभी जातकों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।

    मेष राशि वालों के लिए आज का दिन उत्साह से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत नजर आएगी और किसी वरिष्ठ व्यक्ति से सहयोग मिल सकता है। कारोबार में नई योजना पर काम शुरू करने का मौका मिल सकता है। धन के मामले में स्थिति सामान्य रहेगी लेकिन अनावश्यक खरीदारी से बचना बेहतर होगा। परिवार में किसी सदस्य की बात आपको परेशान कर सकती है इसलिए संयम बनाए रखें।

    वृषभ राशि के जातकों को आज काम के सिलसिले में कुछ अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है। रुका हुआ काम पूरा होने से राहत मिलेगी। नौकरी में बदलाव का विचार कर रहे हैं तो जल्दबाजी में निर्णय न लें। व्यापार में किसी नए व्यक्ति पर पूरी तरह भरोसा करने से पहले जानकारी जरूर हासिल करें। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा।

    मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन सकारात्मक रह सकता है। आपकी बातचीत और समझदारी से कोई महत्वपूर्ण काम बन सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई पर ध्यान देने का अच्छा समय है। आर्थिक स्थिति बेहतर होने के संकेत हैं लेकिन बचत को प्राथमिकता देना जरूरी होगा।

    कर्क राशि के लोगों को आज भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला लेने से बचना चाहिए। कार्यस्थल पर किसी सहयोगी के साथ मतभेद हो सकता है लेकिन शांत रहकर बात करने से स्थिति संभल जाएगी। खर्च बढ़ने की संभावना है इसलिए बजट बनाकर चलें। परिवार में किसी पुराने मुद्दे का समाधान हो सकता है।

    सिंह राशि के लिए आज का दिन उपलब्धियों वाला हो सकता है। लंबे समय से अटका काम आगे बढ़ सकता है और वरिष्ठ अधिकारियों से प्रशंसा मिल सकती है। कारोबारियों को लाभ का अवसर मिल सकता है। सामाजिक स्तर पर आपकी प्रतिष्ठा बढ़ सकती है। हालांकि अपनी उपलब्धियों को लेकर जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास से बचना चाहिए।

    कन्या राशि वालों को आज काम में व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ना लाभ देगा। जल्दबाजी में लिया गया फैसला परेशानी पैदा कर सकता है। धन से जुड़े मामलों में सावधानी रखें। किसी पुराने निवेश से जुड़ी जानकारी सामने आ सकती है। स्वास्थ्य के मामले में आराम और दिनचर्या पर ध्यान देना जरूरी होगा।

    तुला राशि के जातकों के लिए दिन मिलाजुला रह सकता है। नौकरी में काम का दबाव बढ़ सकता है लेकिन मेहनत का परिणाम भी मिलेगा। कारोबार में नए संपर्क फायदा पहुंचा सकते हैं। रिश्तों में गलतफहमी से बचने के लिए खुलकर बातचीत करें। आर्थिक मामलों में जोखिम लेने से बचना बेहतर होगा।

    वृश्चिक राशि के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। करियर से जुड़ा कोई अच्छा अवसर सामने आ सकता है। लंबे समय से चली आ रही परेशानी कम हो सकती है। धन की स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। हालांकि किसी को पैसा उधार देने से पहले अच्छी तरह सोच लें।

    धनु राशि वालों के लिए आज यात्रा या काम से जुड़ी कोई योजना बन सकती है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। कारोबार में लाभ के लिए मेहनत करनी होगी। परिवार के किसी सदस्य से अच्छी खबर मिल सकती है। विद्यार्थियों को अपनी तैयारी पर पूरा ध्यान देना चाहिए।

    मकर राशि के जातकों को आज धैर्य के साथ काम करने की जरूरत होगी। कार्यस्थल पर आपकी परीक्षा हो सकती है लेकिन मेहनत से स्थिति आपके पक्ष में आ सकती है। आर्थिक मामलों में दिन सामान्य रहेगा। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है जिससे पुरानी यादें ताजा होंगी।

    कुंभ राशि वालों के लिए आज का दिन नए अवसर लेकर आ सकता है। करियर में आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है। कारोबार में नई योजना शुरू करने से पहले पूरी जानकारी हासिल करें। परिवार में सुखद माहौल रहेगा। खर्च पर नियंत्रण रखने से आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहेगी।

    मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है। नौकरी और कारोबार में मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की संभावना है। धन लाभ के अवसर बन सकते हैं लेकिन निवेश से पहले पूरी जानकारी लेना जरूरी होगा। परिवार के साथ किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हो सकती है। कुल मिलाकर आज धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना आपके लिए लाभकारी रहेगा।