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  • CSK में कैसे हुई अश्विन की एंट्री? पूर्व स्पिनर ने सुनाया दिलचस्प किस्सा

    CSK में कैसे हुई अश्विन की एंट्री? पूर्व स्पिनर ने सुनाया दिलचस्प किस्सा


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपने आईपीएल करियर और शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे एक घरेलू टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन और सही समय पर मिले अवसर ने उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स में जगह दिलाई।

    अश्विन ने बताया कि 2009 की आईपीएल नीलामी के दौरान जब चेन्नई सुपर किंग्स ने श्रीलंकाई दिग्गज मुथैया मुरलीधरन को टीम में शामिल किया था, तब उन्हें लगा था कि टीम में जगह बनाना उनके लिए बेहद मुश्किल हो जाएगा। उस समय टी20 क्रिकेट में स्पिनरों की भूमिका को लेकर भी काफी संदेह था।

    उन्होंने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि चेन्नई के चेपॉक मैदान पर एक अहम घरेलू मैच के दौरान उन्होंने 6 विकेट झटके थे। इस प्रदर्शन ने उनके करियर की दिशा बदल दी। उस मैच में मौजूद काशी विश्वनाथन और पूर्व भारतीय क्रिकेटर क्रिस श्रीकांत ने उनके खेल की तारीफ की थी और यहीं से उनका नाम चयनकर्ताओं की नजर में आया।

    अश्विन ने बताया कि उनके गुरु रहे दिवंगत वीबी चंद्रशेखर ने उनके करियर में अहम भूमिका निभाई। चंद्रशेखर ने उनका खेल पिछले कई वर्षों से देखा था और उनके टैलेंट को पहचानते हुए सीएसके से जोड़ने में मदद की। इसके बाद उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स का कॉन्ट्रैक्ट मिला और यहीं से उनके आईपीएल सफर की शुरुआत हुई।

    अश्विन ने यह भी कहा कि जब उन्हें बाद में सीएसके में दोबारा खेलने का मौका मिला, तो उनका सपना था कि वे अपने करियर का अंत उसी टीम के साथ करें, जहां से शुरुआत हुई थी। उन्होंने चेपॉक स्टेडियम में अपने आईपीएल करियर के अंत की भी इच्छा जताई थी, लेकिन यह सपना पूरा नहीं हो सका।

    अपने करियर पर नजर डालते हुए अश्विन ने कहा कि सीएसके ने उन्हें एक पहचान दी और शुरुआती अवसर ने उनके पूरे क्रिकेट जीवन की दिशा तय की। उन्होंने यह भी माना कि सही समय पर मिले मौके और मार्गदर्शन ने उन्हें एक सफल अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनने में मदद की।

  • IPL 2026: DC vs KKR – टॉस जीतकर केकेआर ने चुनी गेंदबाजी, दिल्ली ने किए 2 बदलाव

    IPL 2026: DC vs KKR – टॉस जीतकर केकेआर ने चुनी गेंदबाजी, दिल्ली ने किए 2 बदलाव


    नई दिल्ली। अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे आईपीएल 2026 के 51वें मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स (DC) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) आमने-सामने हैं। टॉस के दौरान केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने जीत हासिल करते हुए पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया।
    टॉस जीतने के बाद अजिंक्य रहाणे ने कहा कि पिच को पढ़ना आसान नहीं है और पिछले कुछ मैचों में विकेट के व्यवहार को देखते हुए पहले गेंदबाजी करना बेहतर विकल्प रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि टीम ने इस मुकाबले के लिए अपनी प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं किया है।
    दूसरी ओर दिल्ली कैपिटल्स ने अपनी टीम में दो अहम बदलाव किए हैं। विपराज निगम को करुण नायर की जगह शामिल किया गया है, जबकि मुकेश कुमार को नटराजन के स्थान पर मौका मिला है। कप्तान अक्षर पटेल ने कहा कि दिल्ली की पिच पर पहले बल्लेबाजी करना फायदेमंद रहता है, लेकिन टीम संतुलन को देखते हुए तीन स्पिनरों के साथ उतर रही है।
    दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह मुकाबला बेहद अहम है क्योंकि टीम को प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए हर हाल में जीत जरूरी है। अब तक खेले गए 10 मैचों में दिल्ली ने 4 जीत और 6 हार दर्ज की हैं। टीम का बल्लेबाजी क्रम निरंतर प्रदर्शन नहीं कर पाया है, जबकि गेंदबाजी में भी स्थिरता की कमी दिखी है।
    वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स का प्रदर्शन भी इस सीजन मिश्रित रहा है। 9 मैचों में केवल 3 जीत के साथ टीम अंक तालिका में नीचे है, हालांकि पिछले तीन मुकाबलों में लगातार जीत ने टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया है। रिंकू सिंह और वरुण चक्रवर्ती इस समय अच्छी फॉर्म में नजर आ रहे हैं, जबकि गेंदबाजी में भी टीम ने सुधार दिखाया है।
    केकेआर की प्लेइंग इलेवन में सुनील नरेन, कैमरून ग्रीन और अन्य प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं, जो टीम को मजबूत संतुलन प्रदान कर रहे हैं। दिल्ली की टीम में केएल राहुल, अक्षर पटेल और मिचेल स्टार्क जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं, जो मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।
    अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या केकेआर की जीत की लय जारी रहती है या दिल्ली कैपिटल्स प्लेऑफ की उम्मीदों को जिंदा रखने में सफल होती है।
  • Mitchell Marsh के तूफानी शतक से चमकी लखनऊ, Royal Challengers Bengaluru को 9 रन से हराया

    Mitchell Marsh के तूफानी शतक से चमकी लखनऊ, Royal Challengers Bengaluru को 9 रन से हराया


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के 50वें मुकाबले में Lucknow Super Giants ने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए Royal Challengers Bengaluru को 9 रन से हराकर सीजन की अपनी तीसरी जीत दर्ज की। भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस हाईस्कोरिंग मुकाबले में पहले बल्ले से Mitchell Marsh का तूफान देखने को मिला, तो बाद में युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव ने अपनी धारदार गेंदबाजी से आरसीबी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
    बारिश से प्रभावित इस मुकाबले को 19-19 ओवर का कर दिया गया था। पहले बल्लेबाजी करते हुए एलएसजी ने 3 विकेट खोकर 209 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम की शुरुआत बेहद आक्रामक रही। मार्श और अर्शिन कुलकर्णी ने पहले विकेट के लिए 95 रन जोड़कर आरसीबी पर शुरुआती दबाव बना दिया। अर्शिन भले ही 17 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन मार्श का बल्ला लगातार आग उगलता रहा।
    मार्श ने आरसीबी के गेंदबाजों की जमकर धुनाई करते हुए सिर्फ 49 गेंदों में शतक पूरा किया और एलएसजी की ओर से सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने 56 गेंदों में 111 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 9 चौके और 9 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। उनके साथ Nicholas Pooran ने भी तेजतर्रार बल्लेबाजी की और 23 गेंदों में 38 रन बनाए। अंत में कप्तान Rishabh Pant ने सिर्फ 10 गेंदों में नाबाद 32 रन ठोककर टीम को 200 के पार पहुंचा दिया।
    210 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी की शुरुआत बेहद खराब रही। जैकब बेथेल जल्दी आउट हुए, जबकि इसके बाद युवा गेंदबाज प्रिंस यादव ने शानदार गेंद पर Virat Kohli को बिना खाता खोले पवेलियन भेज दिया। यह 46 पारियों बाद विराट का पहला ‘डक’ रहा, जिसने मैच का रुख बदल दिया।
    हालांकि इसके बाद Devdutt Padikkal और कप्तान Rajat Patidar ने शानदार वापसी करते हुए तीसरे विकेट के लिए 95 रन की साझेदारी की। पडिक्कल ने 34 रन बनाए, जबकि पाटीदार ने 31 गेंदों में 61 रन की कप्तानी पारी खेली। बाद में टिम डेविड ने 17 गेंदों में 40 रन बनाकर मैच को रोमांचक बना दिया।
    अंतिम ओवरों में क्रुणाल पांड्या और रोमारियो शेफर्ड ने तेज रन जरूर बनाए, लेकिन एलएसजी के गेंदबाजों ने दबाव बनाए रखा। प्रिंस यादव ने 4 ओवर में 33 रन देकर 3 बड़े विकेट झटके और जीत के सबसे बड़े हीरो साबित हुए। शाहबाज अहमद ने दो विकेट लिए, जबकि मोहम्मद शमी को एक सफलता मिली।
    इस जीत के साथ एलएसजी ने न सिर्फ दो अहम अंक हासिल किए, बल्कि प्लेऑफ की दौड़ में भी खुद को मजबूती से बनाए रखा।
  • Mitchell Marsh का महाविस्फोट, एलएसजी के लिए सबसे तेज शतक

    Mitchell Marsh का महाविस्फोट, एलएसजी के लिए सबसे तेज शतक


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के 50वें मुकाबले में Lucknow Super Giants के स्टार ऑलराउंडर Mitchell Marsh ने ऐसा बल्लेबाजी तूफान खड़ा किया, जिसने Royal Challengers Bengaluru के गेंदबाजों की पूरी रणनीति ध्वस्त कर दी। भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस बारिश प्रभावित मुकाबले में मार्श ने सिर्फ 49 गेंदों में शतक ठोकते हुए एलएसजी के इतिहास का सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
    मार्श ने कप्तान Rishabh Pant का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने पिछले सीजन 54 गेंदों में शतक लगाया था। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर अपनाए और आरसीबी के हर गेंदबाज पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने 56 गेंदों में 111 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 9 चौके और 9 आसमानी छक्के शामिल रहे। लगभग 198 के स्ट्राइक रेट से खेली गई यह पारी आईपीएल 2026 की सबसे यादगार पारियों में गिनी जाएगी।
    मार्श को युवा बल्लेबाज अर्शिन कुलकर्णी का भी अच्छा साथ मिला। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 9.2 ओवर में 95 रन जोड़कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। हालांकि अर्शिन 24 गेंदों में 17 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन इससे मार्श की रफ्तार पर कोई असर नहीं पड़ा। इसके बाद उन्होंने Nicholas Pooran के साथ दूसरे विकेट के लिए 41 गेंदों में 70 रन की तेज साझेदारी कर आरसीबी पर दबाव और बढ़ा दिया।
    पूरन ने भी ताबड़तोड़ अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 23 गेंदों में 38 रन बनाए। वहीं दूसरी ओर मार्श लगातार बड़े शॉट लगाते रहे और स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। उनकी पारी का अंत तेज गेंदबाज Josh Hazlewood ने किया, लेकिन तब तक वह आरसीबी के हाथों से मैच की लय छीन चुके थे।
    अंतिम ओवरों में कप्तान ऋषभ पंत ने भी विस्फोटक अंदाज दिखाया। पंत ने सिर्फ 10 गेंदों में नाबाद 32 रन ठोककर एलएसजी के स्कोर को 200 के पार पहुंचा दिया। बारिश के कारण मैच को 19-19 ओवर का कर दिया गया था और एलएसजी की पारी के दौरान दो बार खेल रोकना पड़ा, लेकिन इससे बल्लेबाजों की लय पर कोई असर नहीं पड़ा।
    एलएसजी ने निर्धारित 19 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 209 रन बनाकर आरसीबी के सामने विशाल लक्ष्य खड़ा किया। इस मुकाबले में सबसे ज्यादा चर्चा मिचेल मार्श की रिकॉर्डतोड़ पारी की रही, जिसने आईपीएल 2026 को एक नया यादगार पल दे दिया।
  • कप्तान श्रेयस अय्यर का अपनी ही टीम पर फूटा गुस्सा, अनुशासनहीन फील्डिंग को बताया बड़ी वजह

    कप्तान श्रेयस अय्यर का अपनी ही टीम पर फूटा गुस्सा, अनुशासनहीन फील्डिंग को बताया बड़ी वजह


    नई दिल्ली। 
    इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन में पंजाब किंग्स का सफर फिलहाल एक बुरे सपने में तब्दील होता नजर आ रहा है। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मिली 33 रनों की हार ने न केवल टीम के अंक तालिका में स्थान को प्रभावित किया है, बल्कि टीम के भीतर चल रहे असंतोष को भी उजागर कर दिया है। मैच खत्म होने के तुरंत बाद कप्तान श्रेयस अय्यर का चेहरा उनकी निराशा को साफ बयां कर रहा था। हार की हैट्रिक पूरी होने के बाद कप्तान ने अपनी टीम के खिलाड़ियों के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि इस स्तर की क्रिकेट में ऐसी गलतियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने सरेआम टीम की बल्लेबाजी, गेंदबाजी और विशेष रूप से फील्डिंग के गिरते स्तर पर सवाल उठाए, जो किसी भी पेशेवर टीम के लिए आत्ममंथन का विषय है।

    मैच के घटनाक्रम पर नजर डालें तो सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए रनों का एक ऐसा पहाड़ खड़ा कर दिया, जिसके नीचे पंजाब की टीम दबती चली गई। हैदराबाद के बल्लेबाजों ने पंजाब के गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाते हुए चार विकेट पर 235 रनों का विशाल स्कोर बनाया। हेनरिच क्लासेन और ईशान किशन की अर्धशतकीय पारियों ने पंजाब के खेमे में खलबली मचा दी थी। श्रेयस अय्यर ने हार के मुख्य कारणों का विश्लेषण करते हुए कहा कि जब विपक्षी टीम इतना बड़ा स्कोर बनाती है, तो आपकी फील्डिंग का चुस्त होना अनिवार्य होता है। कप्तान ने विशेष रूप से युजवेंद्र चहल के ओवर में छूटे हुए एक महत्वपूर्ण कैच का जिक्र किया और उसे पूरे मुकाबले का सबसे बड़ा निर्णायक मोड़ करार दिया। अय्यर के अनुसार, उस एक चूक ने हैदराबाद को वह गति दे दी जिसे बाद में रोकना असंभव हो गया।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब की टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही, जहां शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने दबाव में घुटने टेक दिए। हालांकि, इस अंधकार के बीच कूपर कोनोली एक उम्मीद की किरण बनकर उभरे। कोनोली ने अपनी बल्लेबाजी से मैदान के हर कोने में शॉट लगाए और मात्र 59 गेंदों में नाबाद 107 रनों की अविश्वसनीय पारी खेली। एक समय ऐसा लग रहा था कि कोनोली अकेले दम पर चमत्कार कर देंगे, लेकिन दूसरे छोर से किसी भी अनुभवी बल्लेबाज ने जिम्मेदारी नहीं निभाई। पूरी टीम बीस ओवरों में सात विकेट खोकर 202 रन ही बना सकी। अय्यर ने बल्लेबाजी विभाग पर हमला बोलते हुए कहा कि बड़े लक्ष्यों का पीछा करते समय व्यक्तिगत प्रदर्शन से ज्यादा टीम वर्क की जरूरत होती है, जिसका इस मैच में पूर्ण अभाव दिखा।

    लगातार मिल रही असफलताओं ने अब टीम प्रबंधन की रणनीतियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कप्तान ने यह संकेत दिया है कि टीम के प्रदर्शन में निरंतरता की भारी कमी है और आगामी मैचों में प्लेइंग इलेवन में बड़े बदलाव किए जा सकते हैं। श्रेयस अय्यर का मानना है कि गेंदबाजी में अनुशासन की कमी और फील्डिंग में की गई बचकानी गलतियां ही हार का असली कारण हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को चेतावनी दी है कि अगर समय रहते अपनी गलतियों में सुधार नहीं किया गया, तो टूर्नामेंट में वापसी के सारे रास्ते बंद हो जाएंगे। यह हार पंजाब किंग्स के लिए केवल एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह टीम के मनोबल पर एक गहरी चोट है जिसे भरने के लिए उन्हें अगले मुकाबलों में असाधारण खेल दिखाना होगा।

    अंततः, यह मुकाबला पंजाब किंग्स के लिए एक कड़ा सबक साबित हुआ है। कप्तान की नाराजगी यह दर्शाती है कि ड्रेसिंग रूम में अब बदलाव की बयार चलने वाली है। कोनोली जैसे युवा खिलाड़ी का शतक भले ही टीम को जीत न दिला सका हो, लेकिन इसने अनुभवी खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सवालिया निशान जरूर लगा दिए हैं। अब देखना यह होगा कि श्रेयस अय्यर अपनी टीम को इस मानसिक दबाव से कैसे बाहर निकालते हैं और क्या पंजाब की टीम हार के इस भंवर से निकलकर जीत की पटरी पर लौट पाएगी। फिलहाल, हैदराबाद की जीत ने टूर्नामेंट के समीकरणों को और भी दिलचस्प बना दिया है, जबकि पंजाब को अपनी साख बचाने के लिए नए सिरे से युद्धस्तर पर तैयारी करनी होगी।

  • टी20 क्रिकेट में अभिषेक शर्मा का करिश्मा, छक्कों की झड़ी लगाकर बनाया तिहरा शतक

    टी20 क्रिकेट में अभिषेक शर्मा का करिश्मा, छक्कों की झड़ी लगाकर बनाया तिहरा शतक


    नई दिल्ली। Sunrisers Hyderabad ने बुधवार को खेले गए इस मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 235 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। ओपनिंग से ही टीम ने आक्रामक रुख अपनाया। ट्रैविस हेड और अभिषेक शर्मा की जोड़ी ने तेज शुरुआत दी और पावरप्ले में ही पंजाब के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया।
    Abhishek Sharma ने सिर्फ 13 गेंदों पर 35 रन की तूफानी पारी खेली। उनकी इस पारी में 4 छक्के और 2 चौके शामिल रहे। उन्होंने 269.23 की स्ट्राइक रेट से गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं।

    अभिषेक शर्मा का धमाका और ऐतिहासिक उपलब्धि
    अभिषेक शर्मा ने अपनी पारी की शुरुआत ही आक्रामक अंदाज में की। उन्होंने अर्शदीप सिंह की गेंद पर पहला छक्का लगाया और इसके बाद मार्को जानसेन को लगातार दो छक्के जड़े। चौथा छक्का उन्होंने लॉकी फर्ग्यूसन की गेंद पर जड़ा। हालांकि इसी ओवर में वे बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में आउट हो गए और कप्तान श्रेयस अय्यर को आसान कैच थमा बैठे। इसके बावजूद उनकी पारी ने मैच का रुख पूरी तरह SRH की ओर मोड़ दिया।

    इस पारी के साथ अभिषेक शर्मा ने T20 क्रिकेट में भारत में अपने 300 छक्कों का ऐतिहासिक आंकड़ा पार किया और यह उपलब्धि हासिल करने वाले चुनिंदा बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए। इससे पहले यह उपलब्धि Rohit Sharma, Virat Kohli, क्रिस गेल, सूर्यकुमार यादव और संजू सैमसन जैसे दिग्गज हासिल कर चुके हैं।

    ट्रैविस हेड और SRH की मजबूत साझेदारी
    ट्रैविस हेड ने भी आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 19 गेंदों पर 38 रन बनाए। उन्होंने 3 चौके और 3 छक्के लगाए, लेकिन युजवेंद्र चहल ने उन्हें पवेलियन भेजकर पंजाब को थोड़ी राहत दी। अभिषेक और हेड ने पहले विकेट के लिए मात्र 3.3 ओवर में 54 रन जोड़कर तेज शुरुआत दी, जिसने पूरे मैच की दिशा तय कर दी।

    PBKS की कोशिश नाकाम, 202 रन पर सिमटी पारी
    Punjab Kings की टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 202 रन ही बना सकी। शुरुआत से ही दबाव में दिखी पंजाब की टीम बड़े लक्ष्य का पीछा करने में असफल रही। हालांकि कुछ बल्लेबाजों ने कोशिश जरूर की, लेकिन SRH के गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर वापसी की कोई भी संभावना नहीं बनने दी।

    निष्कर्ष: SRH का दमदार प्रदर्शन जारी
    इस जीत के साथ सनराइजर्स हैदराबाद ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उनकी बल्लेबाजी लाइनअप किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने की क्षमता रखती है। अभिषेक शर्मा की विस्फोटक पारी और टीम का सामूहिक प्रदर्शन इस जीत की सबसे बड़ी ताकत रहा।

  • ऑरेंज कैप की रेस में विदेशी बल्लेबाज़ का जलवा, क्लासेन नंबर-1; अभिषेक शर्मा दूसरे स्थान पर कायम

    ऑरेंज कैप की रेस में विदेशी बल्लेबाज़ का जलवा, क्लासेन नंबर-1; अभिषेक शर्मा दूसरे स्थान पर कायम


    नई दिल्ली।  IPL 2026 में ऑरेंज कैप की दौड़ अब बेहद दिलचस्प हो गई है। सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के विस्फोटक बल्लेबाज़ हेनरिक क्लासेन ने शानदार फॉर्म जारी रखते हुए सबसे ज्यादा रन बनाकर नंबर-1 की कुर्सी पर कब्जा कर लिया है। 11 मैचों में 494 रन बनाकर उन्होंने सभी बल्लेबाज़ों को पीछे छोड़ दिया है। पंजाब किंग्स के खिलाफ उनकी 69 रनों की पारी ने उन्हें शीर्ष पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
    अभिषेक शर्मा की शानदार फॉर्म, फिर भी रह गए पीछे
    SRH के ही युवा बल्लेबाज़ अभिषेक शर्मा ने इस सीजन में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। पंजाब किंग्स के खिलाफ उन्होंने महज 13 गेंदों में 35 रनों की तेज़तर्रार पारी खेली, जिसमें चार छक्के शामिल रहे। हालांकि उनके 475 रन उन्हें दूसरे स्थान पर बनाए हुए हैं। वह कुछ समय के लिए ऑरेंज कैप के दावेदार बने थे, लेकिन क्लासेन की धमाकेदार पारी ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
    केएल राहुल फिसले, टॉप-3 में बदलाव
    दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान और अनुभवी बल्लेबाज़ केएल राहुल को इस हफ्ते एक स्थान का नुकसान हुआ है। अब वह 445 रनों के साथ तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं। उनका औसत भले ही अच्छा है, लेकिन लगातार बड़ी पारियां न खेल पाने के कारण वह शीर्ष स्थान से दूर हो गए हैं।
    ईशान किशन की जोरदार एंट्री, टॉप-5 में हलचल
    SRH के विकेटकीपर बल्लेबाज़ ईशान किशन ने जबरदस्त वापसी करते हुए टॉप-5 में जगह बना ली है। पंजाब किंग्स के खिलाफ 55 रनों की अहम पारी खेलने के बाद उनके कुल रन 409 हो गए हैं। उन्होंने वैभव सूर्यवंशी को पीछे छोड़ते हुए चौथा स्थान हासिल किया है।
    वैभव सूर्यवंशी और अन्य खिलाड़ियों की स्थिति
    राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी 404 रनों के साथ पांचवें स्थान पर खिसक गए हैं। वहीं संजू सैमसन, साई सुदर्शन, रयान रिकेल्टन और विराट कोहली भी टॉप-10 में बने हुए हैं। कोहली फिलहाल नौवें स्थान पर हैं और उनके पास आगे बढ़ने का मौका है।
    ऑरेंज कैप टॉप-10 
    क्लासेन 494 रन के साथ पहले, अभिषेक 475 के साथ दूसरे और राहुल 445 रन के साथ तीसरे स्थान पर हैं। टॉप-10 में हर मैच के साथ बदलाव देखने को मिल रहा है, जिससे ऑरेंज कैप की रेस और भी रोमांचक हो गई है। IPL 2026 का यह सीजन बल्लेबाज़ों के लिए बेहद खास साबित हो रहा है, जहां हर मैच के बाद रैंकिंग में बदलाव हो रहा है और नई कहानियां बन रही हैं।

  • मनोज तिवारी का ममता सरकार पर तीखा हमला, बोले- ‘खेल मंत्री होकर भी सिर्फ चाय-बिस्किट तक सीमित रहा काम’

    मनोज तिवारी का ममता सरकार पर तीखा हमला, बोले- ‘खेल मंत्री होकर भी सिर्फ चाय-बिस्किट तक सीमित रहा काम’

    नई दिल्ली। पूर्व क्रिकेटर और पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री मनोज तिवारी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में उन्होंने दावा किया कि खेल मंत्री रहते हुए उन्हें पिछले पांच वर्षों तक सही तरीके से काम नहीं करने दिया गया।

    मनोज तिवारी ने सीधे तौर पर टीएमसी नेता और पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास को निशाने पर लेते हुए कहा कि उनकी लोकप्रियता और छवि से डरकर उन्हें लगातार अलग-थलग रखा गया। उन्होंने कहा कि खेल विभाग में उनकी भूमिका केवल “चाय और बिस्किट खाने” तक सीमित कर दी गई थी।

    ‘कार्यक्रमों में भी नहीं बुलाया गया’
    तिवारी ने आरोप लगाया कि उन्हें खेल विभाग के कई अहम कार्यक्रमों से दूर रखा गया। उन्होंने कहा कि डूरंड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में मैदान पर मौजूद रहने के बावजूद उन्हें आधिकारिक निमंत्रण तक नहीं दिया गया। उनके मुताबिक, इसके पीछे अरूप बिस्वास की राजनीतिक सोच काम कर रही थी।

    मेसी के कार्यक्रम को लेकर भी साधा निशाना
    पूर्व मंत्री ने लियोनेल मेसी से जुड़े एक कार्यक्रम का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह उस आयोजन में इसलिए शामिल नहीं हुए क्योंकि उन्हें पहले से अंदेशा था कि वहां उन्हें अपमानित किया जा सकता है। तिवारी ने दावा किया कि आयोजन के दौरान खेल प्रेमियों को भी निराशा हाथ लगी और मेसी कुछ ही मिनटों में कार्यक्रम छोड़कर चले गए।

    ‘सरकार जनता नहीं, अपने हितों के लिए काम कर रही थी’
    मनोज तिवारी ने कहा कि उन्होंने खेल और शिवपुर के विकास से जुड़े कई मुद्दे कैबिनेट बैठकों में उठाए, लेकिन उनकी बातों को कभी गंभीरता से नहीं लिया गया। उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की सोच बेहद संकीर्ण थी और उसका फोकस जनता की बजाय अपने राजनीतिक हितों पर ज्यादा था।

    ममता बनर्जी को लेकर भी कही बड़ी बात
    तिवारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम लेते हुए कहा कि एक बार जब उन्होंने अपनी बात रखने की कोशिश की तो मुख्यमंत्री ने उनसे कहा, “क्या मेरे पास और कोई काम नहीं है?” तिवारी के अनुसार, उन्हें अपनी बात रखने के लिए 20 सेकंड का समय भी नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि उसी दिन उन्हें एहसास हो गया था कि यह सरकार लंबे समय तक टिकने वाली नहीं है, क्योंकि इसकी नींव “झूठे वादों” पर टिकी हुई है।

    मनोज तिवारी का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में खेल प्रशासन और राजनीतिक खींचतान को लेकर लगातार बहस चल रही है। उनके आरोपों ने राज्य की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।

  • सुरक्षा और विवादों के चलते बेंगलुरु से छीना गया IPL फाइनल, अब नरेंद्र मोदी स्टेडियम में बजेगा IPL 2026 फाइनल का बिगुल

    सुरक्षा और विवादों के चलते बेंगलुरु से छीना गया IPL फाइनल, अब नरेंद्र मोदी स्टेडियम में बजेगा IPL 2026 फाइनल का बिगुल


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के प्लेऑफ और फाइनल मुकाबलों को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने बड़ा फैसला लिया है। पहले जहां IPL 2026 का फाइनल बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में आयोजित होना था, वहीं अब इसे अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में कराने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही इस बार प्लेऑफ मुकाबले भी एक ही शहर में नहीं बल्कि तीन अलग-अलग शहरों में खेले जाएंगे।
    बीसीसीआई के इस फैसले के पीछे कई अहम कारण बताए जा रहे हैं। बोर्ड के अनुसार बेंगलुरु में आयोजन को लेकर स्थानीय क्रिकेट एसोसिएशन और प्रशासन की कुछ शर्तें ऐसी थीं, जो बीसीसीआई के नियमों और संचालन व्यवस्था के अनुरूप नहीं थीं। इसके अलावा लॉजिस्टिक और ऑपरेशनल चुनौतियां भी लगातार सामने आ रही थीं।
    सूत्रों के मुताबिक पिछले साल बेंगलुरु में हुई स्टाम्पीड जैसी घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बोर्ड इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहता था। बड़ी संख्या में दर्शकों की भीड़ और वीआईपी मूवमेंट को संभालना चुनौती माना जा रहा था। वहीं टिकट वितरण को लेकर सामने आए राजनीतिक और एमएलए टिकट विवाद ने भी माहौल को और संवेदनशील बना दिया।
    इन्हीं कारणों को देखते हुए बीसीसीआई ने फाइनल को अहमदाबाद शिफ्ट करने का फैसला लिया। नरेंद्र मोदी स्टेडियम पहले भी कई बड़े मुकाबलों और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की सफल मेजबानी कर चुका है। विशाल क्षमता, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत सुरक्षा प्रबंधन के कारण यह स्टेडियम बोर्ड की पहली पसंद बना हुआ है।
    इस बार आईपीएल प्लेऑफ का फॉर्मेट भी थोड़ा अलग नजर आएगा। बीसीसीआई ने मुकाबलों को तीन शहरों में बांटने का फैसला किया है ताकि किसी एक वेन्यू पर अत्यधिक दबाव न पड़े।
    क्वालिफायर-1 धर्मशाला में खेला जाएगा, जबकि एलिमिनेटर और क्वालिफायर-2 न्यू चंडीगढ़ में आयोजित होंगे। वहीं फाइनल मुकाबला अहमदाबाद में होगा। बोर्ड का मानना है कि मल्टी-सिटी मॉडल अपनाने से सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा और भीड़ प्रबंधन भी आसान होगा।
    यह फैसला आईपीएल के इतिहास में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि परंपरागत रूप से फाइनल मुकाबला अक्सर किसी प्रमुख फ्रेंचाइजी के होम ग्राउंड या तय केंद्रीय वेन्यू पर आयोजित किया जाता रहा है। लेकिन इस बार बीसीसीआई ने आयोजन की सुचारु व्यवस्था और सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।
    अहमदाबाद लगातार बड़े क्रिकेट आयोजनों का केंद्र बनता जा रहा है। ऐसे में IPL 2026 का फाइनल वहां शिफ्ट होना इस बात का संकेत भी माना जा रहा है कि भविष्य में भी बड़े मुकाबलों के लिए इसी तरह के हाई-कैपेसिटी और हाई-सिक्योरिटी वेन्यू को प्राथमिकता दी जा सकती है।
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    आईपीएल 2026 में SRH का जलवा, पंजाब को हराकर प्वाइंट्स टेबल में टॉप पर कब्जा


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद का विजयी अभियान लगातार मजबूत होता जा रहा है। राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में एसआरएच ने पंजाब किंग्स को 33 रन से हराकर अंक तालिका में पहला स्थान हासिल कर लिया। हैदराबाद की यह 11 मैचों में सातवीं जीत रही, जबकि पंजाब को लगातार तीसरी हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद पंजाब किंग्स दूसरे स्थान पर खिसक गई है।

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। अभिषेक शर्मा और ट्रेविस हेड की जोड़ी ने पावरप्ले में पंजाब के गेंदबाजों पर जमकर हमला बोला। अभिषेक ने केवल 13 गेंदों में 35 रन ठोककर टीम को तेज शुरुआत दिलाई, जबकि ट्रेविस हेड ने 19 गेंदों में 38 रन बनाकर रनगति को लगातार ऊंचा बनाए रखा।

    दोनों सलामी बल्लेबाजों के आउट होने के बाद ईशान किशन और हेनरिक क्लासेन ने पारी को संभालते हुए पंजाब की मुश्किलें बढ़ा दीं। ईशान किशन ने 32 गेंदों में 55 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें चार छक्के शामिल रहे। वहीं हेनरिक क्लासेन ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। क्लासेन ने 43 गेंदों में 69 रन बनाए और पंजाब के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। आखिर में नितीश रेड्डी ने ताबड़तोड़ 29 रन बनाकर टीम का स्कोर 235 रन तक पहुंचा दिया।

    236 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब किंग्स की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने शुरुआती दो विकेट केवल 4 रन पर गंवा दिए। ऐसे मुश्किल समय में युवा बल्लेबाज कूपर कॉनली ने अकेले मोर्चा संभाला और हैदराबाद के गेंदबाजों के खिलाफ दमदार बल्लेबाजी की। उन्होंने पहले मार्कस स्टोइनिस और फिर सूर्यांश शेडगे के साथ उपयोगी साझेदारियां कीं।

    कॉनली ने मैच के अंतिम ओवरों में विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए अपना पहला आईपीएल शतक पूरा किया। उन्होंने 59 गेंदों में नाबाद 107 रन बनाए, जिसमें 8 छक्के और 7 चौके शामिल रहे। हालांकि दूसरे छोर से उन्हें पर्याप्त समर्थन नहीं मिला, जिसके कारण पंजाब की टीम 20 ओवर में 202 रन ही बना सकी।

    सनराइजर्स हैदराबाद की ओर से कप्तान पैट कमिंस और शिवांग कुमार ने दो-दो विकेट हासिल किए। टीम की गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों विभागों ने शानदार प्रदर्शन किया, जिसकी बदौलत एसआरएच ने सीजन में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है।