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  • Sanju Samson का इमोशनल जश्न चर्चा में, हेलमेट फेंकने पर ICC की कार्रवाई पर फैन्स की नजर

    Sanju Samson का इमोशनल जश्न चर्चा में, हेलमेट फेंकने पर ICC की कार्रवाई पर फैन्स की नजर


    नई दिल्ली । आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में भारत ने वेस्ट इंडीज को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। 1 मार्च को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम को 196 रनों का लक्ष्य मिला था जिसे संजू सैमसन की धमाकेदार पारी की बदौलत 4 गेंद पहले हासिल कर लिया गया।

    संजू ने 50 गेंदों में 12 चौके और 4 छक्के लगाकर नाबाद 97 रन बनाए। मैच जीतते ही संजू भावनाओं में बह गए। उन्होंने अपना हेलमेट हवा में उछाला और दोनों हाथ उठाकर ईश्वर का धन्यवाद किया। यह पल उनके संघर्ष और दबाव को दर्शाता है लेकिन यही जश्न अब उनके लिए संभावित मुश्किलें खड़ी कर सकता है।

    ICC पर संभावित कार्रवाई

    आईसीसी का कोड ऑफ कंडक्ट खिलाड़ियों के व्यवहार पर सख्ती से नजर रखता है। नियमों के अनुसार मैदान पर हेलमेट या बल्ला फेंकना अनुचित आचरण माना जा सकता है। ऐसे मामलों में खिलाड़ी पर मैच फीस का जुर्माना डिमेरिट प्वाइंट्स या निलंबन तक की कार्रवाई हो सकती है। इसका उद्देश्य केवल अनुशासन बनाए रखना नहीं बल्कि खिलाड़ियों अंपायरों और मैदान पर मौजूद अन्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।

    संजू सैमसन का यह जश्न IPL 2023 के उस वाकये की याद दिलाता है जब आवेश खान ने लखनऊ सुपर जायंट्स की 1 विकेट से जीत के बाद हेलमेट जमीन पर फेंक दिया था और उन्हें आचार संहिता का उल्लंघन करने पर फटकार मिली थी।

    फिलहाल संजू की शानदार पारी और भारत की सेमीफाइनल एंट्री चर्चा का केंद्र बनी हुई है। फैन्स उनकी भावनाओं और समर्पण की सराहना कर रहे हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ICC इस इमोशनल जश्न को सामान्य माना जाएगा या नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।

  • जिम्बाब्वे टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर, लेकिन भारत में फंसी टीम; दुबई हवाई अड्डे की बंदी बनी रुकावट

    जिम्बाब्वे टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर, लेकिन भारत में फंसी टीम; दुबई हवाई अड्डे की बंदी बनी रुकावट


    नई दिल्ली । T20 विश्व कप 2026 में जिम्बाब्वे का सफर सुपर 8 चरण में ही समाप्त हो गया। रविवार 1 मार्च को नई दिल्ली में खेले गए आखिरी सुपर 8 मुकाबले में जिम्बाब्वे को दक्षिण अफ्रीका से हार का सामना करना पड़ा जिससे टीम का टूर्नामेंट से बाहर होना तय हो गया। हालांकि इस हार के बाद भी टीम स्वदेश वापसी की राह में कई बाधाओं का सामना कर रही है।

    मुख्य वजह है पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और दुबई हवाई अड्डे के बंद होने का मामला। जिम्बाब्वे की टीम को दुबई से कनेक्टिंग फ्लाइट लेनी थी लेकिन हवाई अड्डे की बंदी के चलते उनकी यात्रा योजना अनिश्चित हो गई। मुख्य कोच जस्टिन सैम्पसन ने कहा कि रविवार को मैच के दौरान टीम को कोई नई जानकारी नहीं दी गई थी और खिलाड़ियों का पूरा ध्यान खेल पर ही था। उन्होंने बताया जब हमने मैच शुरू किया था तब कोई अपडेट नहीं था। उसके बाद पूरा ध्यान खेल पर रहा। तब से मुझे कोई सूचना नहीं मिली है।

    जिम्बाब्वे टीम के हरफनमौला खिलाड़ी क्रेग एर्विन भी दुबई में फंसे हैं और अब उनके लिए अदीस अबाबा स्थित इथियोपियन एयरलाइंस के जरिए स्वदेश लौटना एक संभावित विकल्प बन सकता है। ICC ने शनिवार को घोषणा की थी कि वह भारत और श्रीलंका में आयोजित टी20 विश्व कप से लौट रहे खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए वैकल्पिक उड़ानों का इंतजाम कर रही है। यह कदम अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हालिया हमलों के कारण उत्पन्न हवाई व्यवधान को देखते हुए उठाया गया है।

    मुख्य कोच सिकंदर रजा की अगुआई वाली टीम सोमवार सुबह तीन अलग-अलग चरणों में दिल्ली से रवाना होने वाली थी लेकिन दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद यह योजना स्थगित कर दी गई। सैमन्स ने कहा कि इस स्थिति के बावजूद टीम का ध्यान मैदान पर ही रहा।

    दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका अभी भी टूर्नामेंट में है और उनका सेमीफाइनल 4 मार्च को कोलकाता में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला जाएगा। दक्षिण अफ्रीका के मुख्य कोच शुक्री कॉनराड ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष की स्थिति खिलाड़ियों के बीच चर्चा का विषय रही है लेकिन उन्होंने भरोसा जताया कि टीम का पूरा ध्यान खेल पर बना रहेगा।

    इस बीच जिम्बाब्वे टीम और आईसीसी दोनों की कोशिशें जारी हैं ताकि खिलाड़ियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हो सके। फिलहाल टीम की वापसी का मार्ग और समय पूरी तरह से हवाई मार्ग की स्थिति पर निर्भर है।

  • IND vs AFG का बिगुल बजा, BCCI ने टेस्ट-वनडे सीरीज की तारीखों का किया ऐलान

    IND vs AFG का बिगुल बजा, BCCI ने टेस्ट-वनडे सीरीज की तारीखों का किया ऐलान


    नई दिल्ली। भारत और Afghanistan के बीच अब तक ज़्यादातर मुकाबले टी20 फॉर्मेट में देखने को मिले हैं, लेकिन अब दोनों टीमें रेड-बॉल और 50 ओवर क्रिकेट में आमने-सामने होंगी। बीसीसीआई ने ऐलान किया है कि अफगानिस्तान की टीम जून 2026 में भारत दौरे पर आएगी, जहां एकमात्र टेस्ट और तीन वनडे मैचों की सीरीज खेली जाएगी।

    एकमात्र टेस्ट मैच 6 से 10 जून 2026 तक न्यू चंडीगढ़ में खेला जाएगा। इसके बाद वनडे सीरीज की शुरुआत 14 जून को धर्मशाला से होगी। दूसरा वनडे 17 जून को लखनऊ और तीसरा व अंतिम मुकाबला 20 जून को चेन्नई में खेला जाएगा। तीनों वनडे दोपहर 1:30 बजे से शुरू होंगे।

    2018 का टेस्ट यादगार, पारी और 262 रन से जीत
    भारत और अफगानिस्तान के बीच अब तक सिर्फ एक टेस्ट मैच खेला गया है। यह मुकाबला 2018 में बेंगलुरु में हुआ था, जहां भारतीय टीम ने पारी और 262 रन से ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। उस मैच में 107 रन की शानदार पारी खेलने वाले Shikhar Dhawan प्लेयर ऑफ द मैच रहे थे, जबकि कप्तानी Ajinkya Rahane ने संभाली थी। अब आठ साल बाद फिर से दोनों टीमें टेस्ट क्रिकेट में भिड़ेंगी, जो अफगानिस्तान के लिए खुद को साबित करने का बड़ा मौका होगा।

    वनडे रिकॉर्ड में भारत का पलड़ा भारी
    भारत और अफगानिस्तान के बीच अब तक कुल चार वनडे खेले गए हैं। इनमें से तीन मुकाबलों में भारत ने जीत दर्ज की है, जबकि एक मैच टाई रहा। आखिरी वनडे 11 अक्टूबर 2023 को खेला गया था। इस सीरीज के जरिए अफगानिस्तान को 50 ओवर फॉर्मेट में अपनी रणनीति मजबूत करने का अवसर मिलेगा, खासकर तब जब टीम हालिया टी20 विश्व कप 2026 में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी।

    नए कोच के साथ नई शुरुआत
    पिछले टी20 विश्व कप में सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली अफगान टीम इस बार सुपर-8 में भी जगह नहीं बना पाई। इसके बाद टीम मैनेजमेंट में बदलाव हुआ और जोनाथन ट्रॉट की जगह Richard Pybus को नया मुख्य कोच बनाया गया।

    भारत दौरा अफगानिस्तान के लिए एक तरह से पुनर्निर्माण की शुरुआत साबित हो सकता है। भारतीय परिस्थितियों में टेस्ट और वनडे खेलना उनके खिलाड़ियों के अनुभव को नई ऊंचाई देगा।
    अब क्रिकेट फैंस को जून 2026 का इंतजार है-जब दोनों टीमें मैदान पर उतरेंगी और मुकाबला सिर्फ जीत-हार का नहीं, बल्कि प्रतिष्ठा और नई दिशा का होगा।

  • टी20 में दमदार ओपनर कैसे बने मार्करम? फाफ ने IPL को बताया गेमचेंजर

    टी20 में दमदार ओपनर कैसे बने मार्करम? फाफ ने IPL को बताया गेमचेंजर


    नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका ने टी20 विश्व कप 2026 में ग्रुप स्टेज और सुपर-8 में अजेय रहते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई है, और इस सफर में कप्तान एडन मार्करम की भूमिका बेहद अहम रही है। बतौर ओपनर उन्होंने टीम को तेज और स्थिर शुरुआत दिलाई। पूर्व कप्तान फाफ डू प्लेसिस के मुताबिक, मार्करम के खेल में यह बदलाव यूं ही नहीं आया-इसके पीछे आईपीएल का बड़ा हाथ है। ईएसपीएनक्रिकइंफो से बातचीत में डू प्लेसिस ने कहा कि Lucknow Super Giants के लिए ओपनिंग करते हुए मार्करम ने पावरप्ले में आक्रामक लेकिन संतुलित बल्लेबाजी करना सीखा। आईपीएल 2025 में उनका पावरप्ले स्ट्राइक रेट 151.13 रहा, जो उनके साथी ओपनरों-Quinton de Kock, Rohit Sharma और Will Jacks-से भी बेहतर था।

    स्ट्राइक रेट और तकनीक का संतुलन
    डू प्लेसिस ने खास तौर पर मार्करम की तकनीकी मजबूती और स्ट्राइक रेट में आए सुधार की तारीफ की। उनके मुताबिक, मार्करम ने यह साबित किया कि वह सिर्फ क्लासिकल बल्लेबाज नहीं, बल्कि आधुनिक टी20 की मांग के मुताबिक तेज रन बनाने में भी सक्षम हैं। आईपीएल में इम्पैक्ट प्लेयर नियम के तहत मिली स्वतंत्रता ने उन्हें जोखिम लेने और मैच की रफ्तार तय करने का आत्मविश्वास दिया। मार्करम ने टीम मैनेजमेंट का भरोसा जीतते हुए यह दिखाया कि वह ओपनिंग के साथ-साथ मिडिल ऑर्डर में भी प्रभावी रह सकते हैं। लेकिन मौजूदा फॉर्म को देखते हुए उन्हें अब फुल-टाइम ओपनर की भूमिका दी गई है।

    वर्ल्ड कप 2026 में दमदार प्रदर्शन
    टी20 विश्व कप 2026 में मार्करम का बल्ला जमकर बोला है। सात मैचों में तीन अर्धशतक के साथ उन्होंने 268 रन बनाए हैं। उनकी औसत 53.60 और स्ट्राइक रेट 175.16 रही है, जो उन्हें टूर्नामेंट के सबसे प्रभावशाली बल्लेबाजों में शामिल करता है। वह इस समय दक्षिण अफ्रीका के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं।

    टीम मैनेजमेंट ने SA20 में शानदार प्रदर्शन करने वाले रेयान रिकेल्टन को नंबर-3 पर भेजकर बल्लेबाजी क्रम में संतुलन बनाया है, जबकि मार्करम नई गेंद से आक्रामक शुरुआत दे रहे हैं। साफ है-आईपीएल का मंच मार्करम के लिए सिर्फ एक लीग नहीं, बल्कि टी20 में खुद को नए सांचे में ढालने की प्रयोगशाला साबित हुआ है। अब सेमीफाइनल में सबकी नजरें एक बार फिर उनके बल्ले पर टिकी होंगी।

  • जंग की गूंज क्रिकेट तक! ईरान-इजरायल तनाव से जिम्बाब्वे टीम की वापसी में अड़चन

    जंग की गूंज क्रिकेट तक! ईरान-इजरायल तनाव से जिम्बाब्वे टीम की वापसी में अड़चन


    नई दिल्ली। Iran और Israel के बीच जारी टकराव का असर खेल जगत पर भी साफ दिख रहा है। टी20 विश्व कप 2026 में अपना अभियान समाप्त करने के बाद जिम्बाब्वे की टीम अब तक स्वदेश नहीं लौट पाई है। दरअसल, ईरान के जवाबी हमलों के बाद पश्चिम एशिया के कई देशों में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया, जिसके चलते दुबई एयरपोर्ट अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। जिम्बाब्वे की टीम को नई दिल्ली से दुबई होते हुए अपने देश लौटना था, लेकिन एयरपोर्ट बंद होने से उनकी कनेक्टिंग फ्लाइट रद्द हो गई। फिलहाल पूरी टीम दिल्ली में ठहरी हुई है और नई यात्रा योजना का इंतजार कर रही है।

    कोच जस्टिन सैमन्स बोले – स्थिति को नजरअंदाज करना मुश्किल


    टीम के मुख्य कोच Justin Sammons ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए ऐसी परिस्थिति मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण होती है। उन्होंने बताया कि सभी खिलाड़ी सोमवार सुबह घर लौटने की तैयारी में थे, लेकिन अचानक हालात बदल गए। टीम के भीतर इस विषय पर लगातार चर्चा हो रही है और सभी अगली आधिकारिक सूचना का इंतजार कर रहे हैं। कोच के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच तक भी किसी संभावित व्यवधान की जानकारी नहीं थी। ऐसे में अचानक फ्लाइट रद्द होने से खिलाड़ियों की योजनाएं प्रभावित हुईं।
    वैकल्पिक रूट पर विचार, ICC भी सक्रिय

    दुबई मार्ग बाधित होने के बाद अब अदीस अबाबा के रास्ते इथियोपियन एयरलाइंस से टीम को भेजने का विकल्प तलाशा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने भी स्पष्ट किया है कि विश्व कप के बाद घर लौटने वाली टीमों और अधिकारियों के लिए वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था पर काम किया जा रहा है। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा कार्यक्रम में बदलाव किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी खिलाड़ी या स्टाफ को जोखिम का सामना न करना पड़े।

    मैदान पर शानदार सफर, सुपर-8 में थमी रफ्तार


    Sikandar Raza की कप्तानी में जिम्बाब्वे ने ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन किया था। टीम ने ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका जैसी मजबूत टीमों को हराकर सुपर-8 में जगह बनाई। हालांकि, अगले दौर में वेस्टइंडीज, भारत और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उसे हार का सामना करना पड़ा और अभियान यहीं समाप्त हो गया। अब टीम की नजरें सुरक्षित स्वदेश वापसी पर टिकी हैं। खेल खत्म हो चुका है, लेकिन हालात ने खिलाड़ियों की यात्रा को अनिश्चित बना दिया है। सभी को उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति सामान्य होगी और टीम सकुशल घर लौटेगी।
  • Wrestling Federation of India ने तिराना में फंसी भारतीय महिला कुश्ती टीम को सुरक्षा का भरोसा दिया, हालात सामान्य होने तक ठहरने की व्यवस्था पुख्ता।

    Wrestling Federation of India ने तिराना में फंसी भारतीय महिला कुश्ती टीम को सुरक्षा का भरोसा दिया, हालात सामान्य होने तक ठहरने की व्यवस्था पुख्ता।

    नई दिल्ली। Iran–Israel तनाव के बीच पश्चिम एशिया में हवाई यातायात प्रभावित हुआ तो असर भारतीय महिला कुश्ती टीम पर भी पड़ा। मुहामेट मालो 2026 टूर्नामेंट के बाद दुबई मार्ग से भारत लौटने वाली टीम की फ्लाइट रद्द हो गई, जिसके कारण 16 महिला पहलवान और सपोर्ट स्टाफ अल्बानिया की राजधानी Tirana में ही रुक गए।

    स्थिति संवेदनशील होने के बावजूद राहत की बात यह है कि टीम सुरक्षित है। एयरस्पेस बंद होने के बाद भारत सरकार और रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ने तुरंत दखल देते हुए खिलाड़ियों के ठहरने और सुरक्षा का इंतजाम किया। टीम एयरपोर्ट के पास एक होटल में ठहरी हुई है, जहां सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

    “हमें यहां कोई दिक्कत नहीं” – कोचों का भरोसा
    भारतीय महिला टीम के कोच मंजीत ने स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं है और वे सुरक्षित माहौल में हैं। मुख्य कोच वीरेंद्र सिंह ने बताया कि फ्लाइट रद्द होते ही खेल मंत्रालय और फेडरेशन की ओर से संपर्क किया गया। उन्होंने कहा कि जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते, टीम को हर संभव सहयोग दिया जाएगा। वीरेंद्र सिंह के मुताबिक, फेडरेशन ने भरोसा दिलाया है कि खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और वापसी की वैकल्पिक व्यवस्था पर लगातार काम किया जा रहा है।

    एयरस्पेस बंद होने से बढ़ी मुश्किलें
    ईरान द्वारा क्षेत्र में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर जवाबी हमलों के बाद यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन समेत कई देशों ने एहतियातन अपना एयरस्पेस बंद कर दिया। इसी के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ा और कई रूट अस्थायी रूप से रोक दिए गए। भारतीय महिला टीम भी इसी वजह से निर्धारित समय पर स्वदेश नहीं लौट सकी।

    मुहामेट मालो 2026 में भारत का प्रदर्शन
    मुहामेट मालो 2026 रैंकिंग सीरीज के लिए भारत ने 48 सदस्यीय दल भेजा था, जिसमें फ्रीस्टाइल, महिला और ग्रीको-रोमन-तीनों वर्गों में 16-16 पहलवान शामिल थे। पुरुष फ्रीस्टाइल में अंडर-23 विश्व चैंपियन सुजीत कलकल ने 65 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। कुल मिलाकर भारत ने एक स्वर्ण, तीन रजत और तीन कांस्य पदक के साथ टूर्नामेंट का समापन किया।
    अब सबकी नजरें हालात सामान्य होने और महिला टीम की सुरक्षित वापसी पर टिकी हैं। राहत की बात यही है-खिलाड़ी सुरक्षित हैं और सिस्टम उनके साथ मजबूती से खड़ा है।

  • सेमीफाइनल की हैट्रिक: टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरी बार उतरेगी भारतीय टीम

    सेमीफाइनल की हैट्रिक: टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरी बार उतरेगी भारतीय टीम

    नई दिल्ली टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में जगह बना ली है। रविवार को खेले गए मुकाबले में India national cricket team ने West Indies cricket team को 5 विकेट से हराकर अंतिम चार का टिकट पक्का किया। इसके साथ ही टीम इंडिया छठी बार टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंची है और लगातार तीसरी बार यह उपलब्धि हासिल की है।

    सेमीफाइनल में इंग्लैंड से लगातार तीसरी टक्कर
    दिलचस्प बात यह है कि इस बार भी भारत का सामना उसी टीम से है, जिससे पिछले दो टी20 विश्व कप सेमीफाइनल में भिड़ंत हुई थी-England cricket team। इस तरह टी20 विश्व कप में लगातार तीसरी बार भारत और इंग्लैंड सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगे। क्रिकेट इतिहास में यह एक अनोखा संयोग है, जिसने मुकाबले का रोमांच कई गुना बढ़ा दिया है।

    2022: इंग्लैंड की ऐतिहासिक जीत
    ICC Men’s T20 World Cup 2022 के सेमीफाइनल में एडिलेड में भारत और इंग्लैंड की भिड़ंत हुई थी। रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने 6 विकेट पर 168 रन बनाए थे। जवाब में जोस बटलर की अगुआई में इंग्लैंड ने 16 ओवर में बिना विकेट गंवाए 170 रन बनाकर 10 विकेट से ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। बाद में इंग्लैंड ने फाइनल में पाकिस्तान को हराकर खिताब अपने नाम किया।

    2024: भारत ने लिया बदला, बना चैंपियन
    ICC Men’s T20 World Cup 2024 के सेमीफाइनल में जॉर्जटाउन में फिर वही कहानी लिखी गई, लेकिन इस बार अंत अलग था। भारत ने 7 विकेट पर 171 रन बनाए और इंग्लैंड को 16.4 ओवर में 103 रन पर समेटकर 68 रन से जीत हासिल की। फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हराकर भारत ने ट्रॉफी उठाई।

    2026: वानखेड़े में होगा महामुकाबला
    अब 2026 में यह तीसरी भिड़ंत मुंबई के Wankhede Stadium में 5 मार्च को शाम 7 बजे से खेली जाएगी। क्रिकेट प्रेमियों की नजर इस बात पर है कि क्या इतिहास खुद को दोहराएगा? पिछली दो बार सेमीफाइनल जीतने वाली टीम ही आगे चलकर चैंपियन बनी थी।

    इस बार भी मुकाबला बराबरी का दिख रहा है-एक तरफ अनुभव और आत्मविश्वास से भरी भारतीय टीम, तो दूसरी ओर बड़े मैचों की विशेषज्ञ इंग्लैंड। सेमीफाइनल का यह संग्राम सिर्फ फाइनल का टिकट नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक बढ़त की जंग भी होगा।

  • IND vs AUS: अनुभव नहीं, जोश पर भरोसा! ऑस्ट्रेलिया ने टेस्ट के लिए दो नए चेहरों को दिया मौका

    IND vs AUS: अनुभव नहीं, जोश पर भरोसा! ऑस्ट्रेलिया ने टेस्ट के लिए दो नए चेहरों को दिया मौका

    नई दिल्ली। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच वनडे सीरीज के बाद अब नजरें 6 से 9 मार्च तक खेले जाने वाले एकमात्र टेस्ट मैच पर टिक गई हैं। इस हाई-वोल्टेज मुकाबले से पहले ऑस्ट्रेलिया ने अपनी टेस्ट टीम की घोषणा कर दी है और चयनकर्ताओं ने दो अनकैप्ड खिलाड़ियों को मौका देकर सबको चौंका दिया है। भारत के खिलाफ इस ऐतिहासिक टेस्ट में युवा जोड़ी रेचल ट्रेनमैन और मैटलन ब्राउन को शामिल किया गया है, जिससे साफ है कि मेजबान टीम भविष्य की तैयारी के साथ मैदान में उतरना चाहती है।

    रेचल ट्रेनमैन और मैटलन ब्राउन को सुनहरा मौका

    ऑस्ट्रेलिया ने रेचल ट्रेनमैन और मैटलन ब्राउन को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया है। दोनों खिलाड़ियों ने पिछले अगस्त में ब्रिस्बेन में इंडिया ए के खिलाफ चार दिवसीय रेड-बॉल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ए का प्रतिनिधित्व किया था। उस प्रदर्शन के आधार पर चयनकर्ताओं ने इन पर भरोसा जताया है। यह अनकैप्ड जोड़ी इस सप्ताह पर्थ में टीम से जुड़ेगी और टीम संयोजन में नई ऊर्जा भरने की उम्मीद है।

    चोटों से जूझ रही ऑस्ट्रेलिया, मजबूती की तलाश

    ऑस्ट्रेलियाई टीम इस समय चोटों से परेशान है। तेज गेंदबाज किम गार्थ पहले ही बाहर हो चुकी हैं, जबकि स्टार ऑलराउंडर एलिस पेरी क्वाड इंजरी से जूझ रही हैं। अगर पेरी समय पर फिट नहीं होतीं तो वह सिर्फ बल्लेबाज के तौर पर खेल सकती हैं। कप्तान सोफी मोलिनक्स भी पीठ की समस्या के कारण इस टेस्ट से बाहर रहेंगी। ऐसे में रेचल ट्रेनमैन को पेरी के कवर के रूप में टीम में शामिल किया गया है, जिससे संतुलन बनाए रखने की कोशिश की गई है। मैटलन ब्राउन की बात करें तो 28 वर्षीय इस तेज गेंदबाज को 2021 के बाद पहली बार ऑस्ट्रेलियाई टीम में जगह मिली है। उन्होंने इस सीजन में न्यू साउथ वेल्स के लिए 10 मैचों में 16 विकेट लेकर चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा था।

    कप्तान सोफी मोलिनक्स की गैरमौजूदगी में विकेटकीपर बल्लेबाज एलिसा हीली टीम की कमान संभालेंगी। यह हीली का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला होगा, जिससे मैच और भी भावुक हो गया है। उन्होंने हाल ही में भारत के खिलाफ वनडे में 98 गेंदों पर 158 रन की विस्फोटक पारी खेलकर अपने इरादे साफ कर दिए थे। ऐसे में वह इस टेस्ट को यादगार बनाना चाहेंगी।

    दोनों टीमों की संभावित टक्कर

    ऑस्ट्रेलिया टेस्ट टीम में एलिसा हीली (कप्तान), डार्सी ब्राउन, मैटलन ब्राउन, एश्ले गार्डनर, लूसी हैमिल्टन, अलाना किंग, फोएबे लिचफील्ड, बेथ मूनी, ताहलिया मैकग्राथ, एलिस पेरी, एनाबेल सदरलैंड, जॉर्जिया वोल और जॉर्जिया वेयरहैम शामिल हैं।

    वहीं भारतीय टीम की कमान हरमनप्रीत कौर संभालेंगी, जबकि स्मृति मंधाना उपकप्तान होंगी। टीम में शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, ऋचा घोष, दीप्ति शर्मा और रेणुका ठाकुर जैसे अहम खिलाड़ी मौजूद हैं। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यह एकमात्र टेस्ट मुकाबला रोमांच, रणनीति और भावनाओं का संगम बनने जा रहा है, जहां युवा जोश और अनुभव की टक्कर देखने को मिलेगी।

  • WI को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में भारत, ईडन गार्डन्स में रचा सबसे बड़े रन चेज का विश्व रिकॉर्ड

    WI को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में भारत, ईडन गार्डन्स में रचा सबसे बड़े रन चेज का विश्व रिकॉर्ड


    कोलकाता।
    भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) ने टी-20 विश्वकप 2026 (T20 World Cup 2026) के सुपर आठ के रोमांचक मुकाबले में वेस्टइंडीज (West Indies) को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बाद भारत अंतिम चार में पहुंचने वाली चौथी और आखिरी टीम बन गया। यह टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में छठी बार है जब भारत ने सेमीफाइनल में प्रवेश किया है।

    कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में खेले गए इस मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 195 रन बनाए। जवाब में भारत ने 4 गेंद शेष रहते 196 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया। इसके साथ ही टीम इंडिया ने ईडन गार्डन्स में टी20 में सबसे बड़े सफल रन चेज का विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। इससे पहले यहां 158 रन का सबसे बड़ा चेज दर्ज था, जो भारत ने ही वेस्टइंडीज के खिलाफ बनाया था।

    सैमसन की ऐतिहासिक पारी
    जब कप्तान सूर्यकुमार यादव, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन सस्ते में आउट हो गए, तब संजू सैमसन ने जिम्मेदारी संभाली। सैमसन ने 97 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 12 चौके और 4 छक्के शामिल थे। उन्होंने शुरुआत से अंत तक क्रीज पर टिके रहकर टीम को जीत की मंजिल तक पहुंचाया। कप्तान सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या और तिलक वर्मा ने छोटी लेकिन उपयोगी पारियां खेलकर सहयोग दिया, मगर असली हीरो सैमसन ही रहे।

    शिवम दुबे के दो चौकों ने पलटा मैच
    आखिरी दो ओवरों में भारत को 17 रन की जरूरत थी। 19वें ओवर की दूसरी गेंद पर हार्दिक पांड्या 17 रन बनाकर आउट हो गए, जिससे दबाव बढ़ गया। इसी बीच शिवम दुबे ने क्रीज पर आते ही तीन गेंदों के भीतर दो चौके जड़ दिए। इन दो शॉट्स ने मैच का रुख बदल दिया और सैमसन पर से दबाव कम कर दिया। आखिरकार भारत ने लक्ष्य हासिल कर न सिर्फ सेमीफाइनल में जगह बनाई, बल्कि ईडन गार्डन्स में टी20 इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज भी दर्ज कर लिया।

  • आखिरी ओवर में टूटा सपना: कप्तान दसुन शनाका ने फैंस से मांगी माफी, बताई बाहर होने की वजह

    आखिरी ओवर में टूटा सपना: कप्तान दसुन शनाका ने फैंस से मांगी माफी, बताई बाहर होने की वजह


    नई दिल्ली । टी20 विश्व कप 2026 में श्रीलंका का सफर बेहद नाटकीय लेकिन निराशाजनक अंदाज में खत्म हुआ। सुपर 8 के अपने आखिरी मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाफ मिली रोमांचक हार ने टीम को सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर कर दिया। मैच इतना करीबी था कि आखिरी दो गेंदों तक श्रीलंका जीत की दहलीज पर खड़ा था लेकिन बाज़ी पाकिस्तान के पक्ष में पलट गई। इस हार के बाद श्रीलंकाई कप्तान दसुन शनाका ने न सिर्फ अपनी निराशा जाहिर की बल्कि देश के फैंस से माफी भी मांगी।

    पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में शनाका ने स्वीकार किया कि वे मैच को फिनिश कर सकते थे लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया। उन्होंने कहा कि यह बेहद करीबी मुकाबला था और वे जिम्मेदारी लेते हैं कि आखिरी क्षणों में टीम जीत दर्ज नहीं कर सकी। उन्होंने पाकिस्तान के तेज गेंदबाज शाहीन अफरीदी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने दबाव के क्षणों में शानदार गेंदबाजी की जिसने मैच का रुख बदल दिया।

    पूरे टूर्नामेंट पर नजर डालें तो यह श्रीलंका के लिए कठिन अभियान रहा। टीम ने अपने सात में से चार मैच गंवाए जिनमें सुपर 8 के तीन मुकाबले शामिल थे। अपनी सरजमीं पर खेलने के बावजूद टीम अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी। शनाका ने साफ कहा कि चोटों ने टीम का संतुलन बिगाड़ दिया। प्रमुख खिलाड़ियों की अनुपस्थिति ने संयोजन और रणनीति दोनों को प्रभावित किया जिसका खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा।

    खास तौर पर वानिंदु हसरंगा और मथीशा पथिराना के टूर्नामेंट से बाहर होने को कप्तान ने बड़ा झटका बताया। शनाका ने कहा कि ये दोनों सिर्फ खास गेंदबाज नहीं बल्कि टीम की रणनीतिक ताकत थे। वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर ऐसे खिलाड़ियों की कमी साफ महसूस होती है। उनके अनुसार अगर टीम पूरी तरह फिट होती तो सेमीफाइनल तक पहुंचना असंभव नहीं था।

    आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए शनाका ने आत्ममंथन का संकेत दिया। उन्होंने माना कि एक खिलाड़ी होने के नाते दबाव महसूस होता है और कभी कभी प्रतिक्रिया भावनात्मक हो सकती है। उन्होंने फैंस से माफी मांगते हुए कहा कि उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था और वे भविष्य में इस बात का विशेष ध्यान रखेंगे। उनका यह भावुक संदेश साफ करता है कि हार ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया है।

    हालांकि निराशा के बीच उन्होंने भविष्य की उम्मीद भी दिखाई। युवा बल्लेबाज पवन रथनायके की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि वे लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और क्रीज का शानदार उपयोग कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने वेलालगे जैसे उभरते खिलाड़ियों को श्रीलंकाई क्रिकेट का उज्ज्वल भविष्य बताया। शनाका ने भरोसा जताया कि चोटिल खिलाड़ी जल्द वापसी करेंगे और टीम नई ऊर्जा के साथ मैदान में उतरेगी।

    अंत में सिंहली भाषा में फैंस को संबोधित करते हुए शनाका ने दिल से धन्यवाद दिया और कहा कि दर्शकों का समर्थन देखकर उन्हें जीत की उम्मीद थी। उन्होंने स्वीकार किया कि हार से वे बेहद निराश हैं लेकिन एक टीम के रूप में वे मजबूत वापसी का वादा करते हैं। श्रीलंका का यह विश्व कप अभियान भले ही अधूरा रह गया हो लेकिन कप्तान का आत्मस्वीकृति और जिम्मेदारी लेना आने वाले समय के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।