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  • क्रिकेट में नई पारी शुरू! साउदर्न ब्रेव के हेड कोच बने हेमंग बदानी, इयान बेल को मिली अहम भूमिका

    क्रिकेट में नई पारी शुरू! साउदर्न ब्रेव के हेड कोच बने हेमंग बदानी, इयान बेल को मिली अहम भूमिका


    नई दिल्ली। इंग्लैंड की प्रतिष्ठित क्रिकेट लीग The Hundred के आगामी सीजन से पहले Southern Brave ने अपनी पुरुष टीम के कोचिंग स्टाफ में बड़ा बदलाव किया है। फ्रेंचाइजी ने भारत के पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर Hemang Badani को टीम का नया हेड कोच नियुक्त किया है, जबकि इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज Ian Bell को उनका असिस्टेंट कोच बनाया गया है। नए सीजन से पहले यह फैसला टीम के प्रदर्शन को बेहतर बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

    दिल्ली कैपिटल्स से जुड़ी कड़ी, एक महीने बाद हुआ बड़ा फैसला
    दिलचस्प बात यह है कि यह नियुक्ति उस फैसले के करीब एक महीने बाद हुई है, जब Delhi Capitals ने इंडियन प्रीमियर लीग यानी Indian Premier League में इयान बेल को हेमंग बदानी के डिप्टी के तौर पर अपने कोचिंग स्टाफ में शामिल किया था। दरअसल, दिल्ली कैपिटल्स के मालिक GMR Group ने जुलाई 2025 में साउदर्न ब्रेव फ्रेंचाइजी में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी। इसके बाद से दोनों टीमों के कोचिंग ढांचे और रणनीतियों में सामंजस्य बनाने की दिशा में कई कदम उठाए जा रहे हैं। बदानी और बेल की यह जोड़ी उसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।

    साउदर्न ब्रेव का प्रदर्शन और नई उम्मीदें
    साउदर्न ब्रेव की टीम ‘द हंड्रेड’ के पहले ही सीजन यानी 2021 में चैंपियन बनी थी और उसने शानदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींचा था। इसके बाद 2024 में यह टीम फाइनल तक पहुंची और रनर-अप रही। हालांकि, पिछले सीजन में टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। साउदर्न ब्रेव ने अपने आधे मुकाबले गंवा दिए और अंक तालिका में पिछड़ गई। नतीजतन टीम नॉकआउट दौर में जगह बनाने में भी असफल रही। ऐसे में फ्रेंचाइजी ने कोचिंग सेटअप में बदलाव करते हुए नई ऊर्जा और रणनीति के साथ वापसी की तैयारी शुरू कर दी है।

    फ्रेंचाइजी क्रिकेट में बदानी का अनुभव
    हेमंग बदानी का कोचिंग अनुभव फ्रेंचाइजी क्रिकेट में काफी व्यापक माना जाता है। वह पिछले कुछ वर्षों से जीएमआर ग्रुप के स्वामित्व वाली कई टीमों के साथ कोचिंग भूमिका निभा चुके हैं। अमेरिका की मेजर लीग क्रिकेट में Seattle Orcas और यूएई की लीग International League T20 में Dubai Capitals के साथ भी उनकी अहम भूमिका रही है। बतौर खिलाड़ी बदानी ने भारत के लिए 4 टेस्ट और 40 वनडे मुकाबले खेले हैं और मध्यक्रम के भरोसेमंद बल्लेबाज के रूप में पहचान बनाई थी। अब वह अपने अनुभव के दम पर साउदर्न ब्रेव को नई दिशा देने की कोशिश करेंगे।

    इयान बेल का अनुभव टीम के लिए होगा फायदेमंद
    दूसरी ओर, इयान बेल के पास इंग्लैंड की परिस्थितियों और स्थानीय क्रिकेट का गहरा अनुभव है। उन्होंने इंग्लैंड की अंडर-19 और लायंस टीमों के साथ कोचिंग की भूमिका निभाई है। इसके अलावा 2024 में इंग्लैंड दौरे के दौरान श्रीलंका टेस्ट टीम के लिए बैटिंग कोच के रूप में भी काम किया था। बेल ने 2023 वनडे वर्ल्ड कप से पहले इंग्लैंड दौरे पर न्यूजीलैंड की पुरुष टीम के साथ भी काम किया था। ‘द हंड्रेड’ के सेटअप में वह पहले Birmingham Phoenix के असिस्टेंट कोच रह चुके हैं। बतौर खिलाड़ी बेल ने इंग्लैंड के लिए 118 टेस्ट, 161 वनडे और 8 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं और लंबे समय तक टीम के भरोसेमंद बल्लेबाज रहे।

    नई कोचिंग जोड़ी से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद
    हेमंग बदानी और इयान बेल की जोड़ी को अनुभव और स्थानीय समझ का बेहतरीन मिश्रण माना जा रहा है। फ्रेंचाइजी को उम्मीद है कि यह नई कोचिंग टीम आगामी सीजन में साउदर्न ब्रेव को फिर से खिताब की दौड़ में ला सकती है। ‘द हंड्रेड’ जैसे तेज और रोमांचक फॉर्मेट में सही रणनीति और मजबूत नेतृत्व बेहद अहम होता है, और इसी उम्मीद के साथ फ्रेंचाइजी ने यह नया दांव खेला है।

  • टीम हित में लिया बड़ा कदम, एडम जांपा खिताबी मैच से हटे… तनवीर सांघा को मिला मौका

    टीम हित में लिया बड़ा कदम, एडम जांपा खिताबी मैच से हटे… तनवीर सांघा को मिला मौका


    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलियाई घरेलू क्रिकेट में एक दिलचस्प और सराहनीय फैसला देखने को मिला है। Adam Zampa ने वनडे कप के फाइनल मुकाबले से खुद को अलग कर लिया है, ताकि युवा लेग स्पिनर Tanveer Sangha को प्लेइंग इलेवन में जगह मिल सके। दरअसल, 11 मार्च को Tasmania cricket team और New South Wales cricket team के बीच वनडे कप का फाइनल खेला जाना है। इस बड़े मुकाबले से पहले जांपा ने टीम के हित और युवा खिलाड़ी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए खुद को मैच से अलग करने का फैसला लिया।

    टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं तनवीर सांघा
    इस सीजन में तनवीर सांघा का प्रदर्शन शानदार रहा है। वह फिलहाल टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने हुए हैं। उन्होंने 7 मुकाबलों में 18 विकेट लेकर विपक्षी टीमों को काफी परेशान किया है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट भी चाहता था कि उनका शानदार फॉर्म बरकरार रहे और उन्हें फाइनल जैसे अहम मैच में खेलने का मौका मिले।

    जांपा ने टीम हित को रखा सबसे ऊपर
    सीजन की शुरुआत में स्थिति यह थी कि एडम जांपा टीम के लिए उपलब्ध थे और वह फाइनल मुकाबला खेलना भी चाहते थे। लेकिन जब यह स्पष्ट हो गया कि होबार्ट की परिस्थितियां दो लेग स्पिनर्स के लिए अनुकूल नहीं होंगी, तो जांपा ने खुद ही टीम से हटने का फैसला कर लिया।

    न्यू साउथ वेल्स के चीफ परफॉर्मेंस ऑफिसर Greg Mail ने बताया कि जांपा हमेशा यह ध्यान रखते हैं कि उनकी मौजूदगी से युवा खिलाड़ियों के मौके प्रभावित न हों। उन्होंने साफ कहा कि चूंकि तनवीर इस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, इसलिए उनकी जगह किसी भी तरह प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

    होबार्ट की परिस्थितियों ने भी बदला फैसला
    फाइनल मुकाबला होबार्ट के Bellerive Oval में डे-नाइट प्रारूप में खेला जाना है। टीम प्रबंधन का मानना था कि इस मैदान पर दो लेग स्पिनर्स को एक साथ खिलाना सही रणनीति नहीं होगी। हालांकि, पिछले कुछ सालों में न्यू साउथ वेल्स ने कई मैचों में जांपा और सांघा को साथ में खिलाया है, लेकिन इस बार परिस्थितियों को देखते हुए ऐसा करना सही नहीं समझा गया। इसी वजह से जांपा ने खुद को टीम से अलग कर लिया, ताकि सांघा की जगह पक्की हो सके।

    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बना चुके हैं पहचान
    युवा लेग स्पिनर तनवीर सांघा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी अपनी पहचान बना चुके हैं। अब तक वह 11 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 18.05 की औसत से 18 विकेट हासिल कर चुके हैं। उनकी शानदार गेंदबाजी ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया के उभरते हुए खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है।

    न्यू साउथ वेल्स की टीम
    फाइनल मुकाबले के लिए न्यू साउथ वेल्स की टीम में Curtis Patterson (कप्तान), Sean Abbott, जोएल डेविस, Ben Dwarshuis, मैथ्यू गिल्क्स, Chris Green, रयान हैडली, लियाम हैचर, सैम कोंस्टास, जोश फिलिप, विलियम साल्जमैन, लाचलान शॉ और तनवीर सांघा शामिल हैं। इस फैसले ने एक बार फिर दिखा दिया कि क्रिकेट सिर्फ प्रतिस्पर्धा ही नहीं बल्कि खेल भावना और टीम भावना का भी खेल है।

  • खाली स्टेडियम और घटती लोकप्रियता… ऐसे पैदा हुआ दुनिया का सबसे रोमांचक फॉर्मेट टी20

    खाली स्टेडियम और घटती लोकप्रियता… ऐसे पैदा हुआ दुनिया का सबसे रोमांचक फॉर्मेट टी20

    नई दिल्ली। आज जिस टी20 क्रिकेट को दुनिया का सबसे रोमांचक और लोकप्रिय फॉर्मेट माना जाता है, उसकी शुरुआत दरअसल क्रिकेट की घटती लोकप्रियता की वजह से हुई थी। भले ही हाल ही में ICC Men’s T20 World Cup 2026 खत्म हो गया हो और भारत चैंपियन बना हो, लेकिन इस फॉर्मेट का रोमांच अभी खत्म नहीं हुआ है। 28 मार्च से शुरू होने वाली Indian Premier League के साथ यह छोटा फॉर्मेट एक बार फिर फैंस को बांधने के लिए तैयार है। दरअसल, करीब दो दशक पहले क्रिकेट के पारंपरिक प्रारूप-टेस्ट और वनडे-दर्शकों के लिए काफी लंबे और समय लेने वाले साबित हो रहे थे। ऐसे में क्रिकेट प्रशासकों को लगने लगा था कि अगर खेल को बचाना है तो इसे और तेज, रोमांचक और दर्शकों के अनुकूल बनाना होगा।

    मार्केट रिसर्च ने दिखाया नया रास्ता
    टी20 क्रिकेट की शुरुआत का श्रेय England and Wales Cricket Board के मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव Stuart Robertson को जाता है। 21वीं सदी की शुरुआत में इंग्लैंड के काउंटी मैचों में दर्शकों की संख्या में करीब 17 प्रतिशत तक गिरावट आ गई थी। इससे क्रिकेट बोर्ड चिंतित हो गया कि आखिर लोग इस खेल से दूर क्यों होते जा रहे हैं। इसी समस्या का समाधान ढूंढने के लिए एक बड़ा मार्केट रिसर्च सर्वे कराया गया, जिस पर करीब ढाई लाख पाउंड खर्च हुए। इस सर्वे ने क्रिकेट की छवि से जुड़ी कई अहम समस्याओं को सामने रखा।

    समय की कमी बनी बड़ी वजह
    सर्वे में पता चला कि ज्यादातर मैच ऐसे समय पर खेले जाते थे जब लोग अपने काम में व्यस्त रहते थे। साथ ही मैच इतने लंबे होते थे कि दर्शकों के पास पूरा मुकाबला देखने का समय ही नहीं होता था। उस समय क्रिकेट का सबसे छोटा फॉर्मेट भी लगभग पूरे दिन का समय ले लेता था।

    वनडे क्रिकेट में शुरुआती 15 ओवर के बाद जब फील्डिंग पाबंदियां हट जाती थीं, तो 45वें ओवर तक बल्लेबाज सिर्फ सिंगल-डबल लेकर स्कोर बढ़ाते थे। इस दौरान खेल काफी नीरस हो जाता था। ऐसे में स्टुअर्ट रॉबर्टसन ने सुझाव दिया कि इन “मिडिल ओवर्स” को कम कर दिया जाए और मैच को छोटा बनाया जाए।

    20 ओवर का नया फॉर्मेट आया सामने
    रॉबर्टसन ने सुझाव दिया कि अगर मैच को 20 ओवर का कर दिया जाए तो खेल करीब तीन घंटे में खत्म हो सकता है। इससे लोग शाम को आराम से मैच देख सकेंगे, जब वे अपने काम खत्म कर चुके हों।

    यह प्रस्ताव काउंटी चेयरमैन के सामने वोटिंग के लिए रखा गया। आखिरकार 11-7 के मत से इस नए फॉर्मेट को मंजूरी मिल गई और इसने पुराने Benson & Hedges Cup की जगह ले ली।

    2003 में खेला गया पहला टी20 मैच
    13 जून 2003 को काउंटी क्रिकेट में पहली बार इस नए फॉर्मेट की शुरुआत हुई। पहला टी20 मुकाबला Hampshire Hawks और Sussex Sharks के बीच खेला गया। यह मैच काफी रोमांचक रहा और हैम्पशायर हॉक्स ने इसे 5 रन से जीत लिया। दर्शकों को यह छोटा और तेज फॉर्मेट इतना पसंद आया कि जल्द ही यह दुनिया भर में लोकप्रिय होने लगा।

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टी20 की एंट्री
    टी20 क्रिकेट की सफलता को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसे अपनाया गया। पहला अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच 17 फरवरी 2005 को Australia national cricket team और New Zealand national cricket team के बीच खेला गया। भारत ने अपना पहला टी20 मुकाबला 1 दिसंबर 2006 को South Africa national cricket team के खिलाफ खेला और 6 विकेट से जीत हासिल की। इसके बाद 2007 में पहला टी20 वर्ल्ड कप हुआ, जिसमें भारत चैंपियन बना और इस फॉर्मेट की लोकप्रियता दुनिया भर में फैल गई।

    स्टार खिलाड़ियों ने बढ़ाई टी20 की चमक
    टी20 क्रिकेट को लोकप्रिय बनाने में कई दिग्गज खिलाड़ियों की अहम भूमिका रही। Chris Gayle, Brendon McCullum, Shahid Afridi और AB de Villiers जैसे बल्लेबाजों ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से दर्शकों का दिल जीत लिया। वहीं गेंदबाजी में Lasith Malinga और Dale Steyn जैसे खिलाड़ियों ने भी इस फॉर्मेट को रोमांचक बना दिया।

    🇮🇳 आईपीएल ने दी नई पहचान
    भारत में 2008 में Indian Premier League की शुरुआत ने टी20 क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। इससे पहले 2007 में Indian Cricket League भी चर्चा में रही थी।

  • भारत को पहली टेस्ट जीत दिलाने वाले कप्तान, जिनके नाम पर खेली जाती है विजय हजारे ट्रॉफी

    भारत को पहली टेस्ट जीत दिलाने वाले कप्तान, जिनके नाम पर खेली जाती है विजय हजारे ट्रॉफी

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट इतिहास में कई ऐसे दिग्गज खिलाड़ी हुए हैं जिन्होंने अपने प्रदर्शन से देश का नाम रोशन किया। उन्हीं महान खिलाड़ियों में से एक थे Vijay Hazare। विजय सैमुअल हजारे को भारत के शुरुआती दौर के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में गिना जाता है। उन्होंने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम को मजबूती दी। उनके योगदान को सम्मान देने के लिए भारतीय घरेलू क्रिकेट के प्रतिष्ठित वनडे टूर्नामेंट का नाम उनके नाम पर रखा गया है, जिसे आज Vijay Hazare Trophy के नाम से जाना जाता है।

    सांगली में जन्म, बचपन से ही क्रिकेट का जुनून
    विजय हजारे का जन्म 11 मार्च 1915 को महाराष्ट्र के सांगली में हुआ था। बचपन से ही उन्हें क्रिकेट खेलने का बेहद शौक था। दिलचस्प बात यह है कि उन्हें ऑस्ट्रेलिया के महान स्पिन गेंदबाज Clarrie Grimmett से भी कोचिंग लेने का मौका मिला था। उस दौर में सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने खेल को निखारा और जल्द ही घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बना ली।


    फर्स्ट क्लास क्रिकेट से अंतरराष्ट्रीय सफर की शुरुआत
    विजय हजारे ने 1934-35 में अपने फर्स्ट क्लास क्रिकेट करियर की शुरुआत की। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली। उन्होंने 1946 में इंग्लैंड के खिलाफ लंदन के ऐतिहासिक मैदान Lord’s Cricket Ground पर अपना अंतरराष्ट्रीय टेस्ट डेब्यू किया। उस समय उनकी उम्र 31 साल थी। अपने पहले टेस्ट मैच में उन्होंने दोनों पारियों में 31 और 34 रन बनाकर अपने करियर की ठोस शुरुआत की।

    कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड किए अपने नाम
    विजय हजारे भारतीय क्रिकेट के शुरुआती रिकॉर्ड बनाने वाले खिलाड़ियों में शामिल रहे। वह भारत की ओर से टेस्ट क्रिकेट में 1000 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बने। इतना ही नहीं, उन्होंने जनवरी 1948 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड में खेले गए टेस्ट मैच में दोनों पारियों में शतक लगाकर इतिहास रच दिया। उस मैच में उन्होंने 116 और 145 रन की शानदार पारियां खेलीं। इसके अलावा वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में तिहरा शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज भी बने। यह उपलब्धि उन्होंने जनवरी 1940 में महाराष्ट्र की ओर से खेलते हुए बड़ौदा के खिलाफ हासिल की थी।

    🇮🇳 आजाद भारत को दिलाई पहली टेस्ट जीत
    विजय हजारे सिर्फ एक महान बल्लेबाज ही नहीं बल्कि सफल कप्तान भी थे। उनकी कप्तानी में भारत ने आजाद होने के बाद पहली बार टेस्ट क्रिकेट में जीत हासिल की थी। यह ऐतिहासिक मुकाबला 1952 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला गया था, जिसमें भारत ने पारी और 8 रन से शानदार जीत दर्ज की थी। यह जीत भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक मील का पत्थर मानी जाती है।

    शानदार रहा क्रिकेट करियर
    विजय हजारे का अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट करियर बेहद शानदार रहा। उन्होंने भारत की ओर से 30 टेस्ट मैच खेले, जिनकी 52 पारियों में 47.65 की औसत से 2,192 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 7 शतक और 9 अर्धशतक निकले। वहीं प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने कुल 238 मैच खेले और 58.38 की शानदार औसत से 18,740 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 60 शतक और 73 अर्धशतक भी जड़े। उस दौर में इतनी बड़ी उपलब्धियां हासिल करना किसी भी बल्लेबाज के लिए बेहद खास माना जाता था।

    पद्म श्री से हुए सम्मानित
    भारतीय क्रिकेट में उनके अमूल्य योगदान को देखते हुए सरकार ने उन्हें 1960 में Padma Shri से सम्मानित किया। इसके अलावा साल 1996 में उन्हें भारतीय क्रिकेट का सर्वोच्च सम्मान C. K. Nayudu Lifetime Achievement Award भी दिया गया।

     उनके नाम पर खेली जाती है विजय हजारे ट्रॉफी
    भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान को अमर बनाने के लिए 2002-03 में घरेलू वनडे टूर्नामेंट की शुरुआत की गई, जिसका नाम Vijay Hazare Trophy रखा गया। इस टूर्नामेंट में रणजी ट्रॉफी की सभी टीमें हिस्सा लेती हैं और यह भारत के सबसे महत्वपूर्ण घरेलू वनडे टूर्नामेंटों में से एक माना जाता है।

  • टी20 वर्ल्ड कप जीत पर टीम इंडिया को बड़ा इनाम, बीसीसीआई देगा 131 करोड़ रुपये

    टी20 वर्ल्ड कप जीत पर टीम इंडिया को बड़ा इनाम, बीसीसीआई देगा 131 करोड़ रुपये


    नई दिल्ली। आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद भारतीय टीम पर इनामों की बारिश हो गई है। अहमदाबाद के Narendra Modi Stadium में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया। इस शानदार जीत के बाद Board of Control for Cricket in India (बीसीसीआई) ने टीम इंडिया के लिए 131 करोड़ रुपये के नकद इनाम की घोषणा की है। बोर्ड ने इस उपलब्धि को भारतीय क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक बताते हुए खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और चयनकर्ताओं को बधाई दी है।

    पिछली बार से ज्यादा मिला इनाम
    इससे पहले भारत ने साल 2024 में भी टी20 वर्ल्ड कप जीता था, जब टीम की कप्तानी Rohit Sharma के हाथों में थी। उस समय बीसीसीआई ने विजेता टीम को 125 करोड़ रुपये का इनाम दिया था। इस बार बोर्ड ने इनामी राशि में 6 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी करते हुए 131 करोड़ रुपये देने का फैसला किया है। बीसीसीआई ने अपने बयान में कहा कि टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को गौरवान्वित किया है और यह इनाम उनकी मेहनत और समर्पण का सम्मान है।

    सूर्या की कप्तानी में बना इतिहास
    इस बार भारतीय टीम की कमान Suryakumar Yadav के हाथों में थी। उनकी कप्तानी में भारत ने लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। भारत आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप का खिताब लगातार बरकरार रखने वाला पहला देश बन गया है। इतना ही नहीं, टीम इंडिया तीन बार टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली दुनिया की पहली टीम भी बन गई है।

    फाइनल मैच में भारत का दबदबा
    फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट के नुकसान पर 255 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में New Zealand national cricket team की पूरी टीम 19 ओवर में 159 रन पर सिमट गई। भारत ने यह मुकाबला 96 रन से जीतकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। इस जीत के साथ भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन का नमूना पेश किया और पूरे टूर्नामेंट में अपना दबदबा बनाए रखा।

    आईसीसी से भी मिली बड़ी पुरस्कार राशि
    टी20 वर्ल्ड कप जीतने के साथ भारत को International Cricket Council की ओर से भी बड़ी इनामी राशि मिली है। विजेता टीम के रूप में भारत को 2.34 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब 21.5 करोड़ रुपये मिले। वहीं उपविजेता न्यूजीलैंड को 1.17 मिलियन डॉलर यानी लगभग 10.75 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी गई।  भारतीय टीम की इस जीत ने क्रिकेट इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया है और पूरे देश में जश्न का माहौल बना हुआ है।

  • टीम इंडिया पर शर्म आती है…,1983 WC टीम का हिस्सा रहे पूर्व क्रिकेटर ने कप्तान सूर्या और ICC अध्यक्ष पर उठाए सवाल

    टीम इंडिया पर शर्म आती है…,1983 WC टीम का हिस्सा रहे पूर्व क्रिकेटर ने कप्तान सूर्या और ICC अध्यक्ष पर उठाए सवाल


    नई दिल्ली। भारत को टी-20 विश्व कप की ट्रॉफी जीते पूरे-पूरे 24 घंटे भी नहीं बीते हैं और इस पर अब विवाद शुरू हो गया है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार को भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर खिताब अपने नाम किया। सूर्यकुमार यादव की अगुआई वाली टीम ने यह कारनामा कर कई इतिहास भी रचे। सभी खिलाड़ी जीत के जश्न में मशगूल रहे। इसी सिलसिले में मैच की अगली सुबह भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव आईसीसी अध्यक्ष जय शाह और मुख्य कोच गौतम गंभीर के साथ अहमदाबाद के हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना करने गए। कप्तान सूर्यकुमार यादव मंदिर ट्रॉफी के साथ गए और पूजा की।

    भारतीय कप्तान, कोच और आईसीसी अध्यक्ष का इस तरह ट्रॉफी के साथ मंदिर जाना और हनुमान जी की पूजा अर्चना करना पूर्व भारतीय क्रिकेटर और टीमएमसी के लोकसभा सांसद कीर्ति आजाद को रास नहीं आया है। 1983 विश्व कप विनिंग टीम का हिस्सा रहे कीर्ति आजाद ने कप्तान सूर्यकुमार यादव और आईसीसी अध्यक्ष जय शाह पर सवाल उठाए हैं और इसे भारतीयता के विरुद्ध बताया है।

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए लिखा, “टीम इंडिया पर शर्म आती है। जब हमने 1983 में कपिल देव की कप्तानी में विश्व कप जीता था, तब हमारी टीम में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई खिलाड़ी थे। हम ट्रॉफी को अपनी धार्मिक जन्मभूमि, अपनी मातृभूमि भारत (हिंदुस्तान) में लाए थे। आखिर भारतीय क्रिकेट ट्रॉफी को क्यों घसीटा जा रहा है? मस्जिद क्यों नहीं? चर्च क्यों नहीं? गुरुद्वारा क्यों नहीं?” उन्होंने संजू के शानदार प्रदर्शन का सहारा लेते हुए कहा कि संजू सैसमन या सिराज ट्रॉफी लेकर मस्जिद या चर्च क्यों नहीं जा सके। यह ट्रॉफी सिर्फ मंदिर के दरवाजों पर क्यों घसीटी जा रही है।

    उन्होंने लिखा “यह टीम भारत का प्रतिनिधित्व करती है, सूर्यकुमार यादव या जय शाह के परिवार का नहीं। सिराज कभी ट्रॉफी को मस्जिद में नहीं ले गए। संजू कभी इसे चर्च में नहीं ले गए। संजू ने टूर्नामेंट में अहम भूमिका निभाई थी और उन्हें मैन ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था। यह ट्रॉफी हर धर्म के 140 करोड़ भारतीयों की है, किसी एक धर्म की जीत का जश्न मनाने की जगह नहीं।”

    2024 WC जीतने के बाद रोहित भी ट्रॉफी के साथ गए थे मंदिर
    यह पहली बार नहीं है जब कोई भारतीय कप्तान ट्रॉफी के साथ मंदिर में पूजा करने पहुंचे है। इससे पहले साल 2011 के लंबे इंतजार के बाद 2024 में भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने जब टी-20 विश्व कप का खिताब जीता था, तब बीसीसीआई सचिव जय शाह के साथ, 21 अगस्त, बुधवार को मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचे थे। वे दोनों अपने साथ टी20 विश्व कप 2024 की बहुचर्चित ट्रॉफी भी ले गए थे। टी20 विश्व कप में जीत के बाद रोहित और जय शाह ने इस प्रतिष्ठित मंदिर में भगवान गणेश का आशीर्वाद लिया था। ट्रॉफी भी सिद्धिविनायक मंदिर पहुंची थी, जहां दुनिया भर की हस्तियां दर्शन करने आती हैं। दर्शन के बाद रोहित और जय शाह गुलाबी रंग के शॉल पहने नजर आए थे। तब ट्रॉफी को बाकायदा माला भी पहनाई गई थी।

  • टी20 वर्ल्ड कप 2026 में इतिहास: पहली बार एक ही एडिशन में चार बल्लेबाजों ने पार किया 300 रन का आंकड़ा

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 में इतिहास: पहली बार एक ही एडिशन में चार बल्लेबाजों ने पार किया 300 रन का आंकड़ा


    नई दिल्ली । टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में 2026 का एडिशन कई मायनों में यादगार और ऐतिहासिक बन गया। इस टूर्नामेंट ने बल्लेबाजी के ऐसे नए कीर्तिमान स्थापित किए, जिनकी पहले कल्पना भी कम ही की गई थी। टी20 विश्व कप की शुरुआत को लगभग 19 साल हो चुके हैं और अब तक इसके 10 एडिशन खेले जा चुके हैं, लेकिन पहली बार ऐसा हुआ है जब एक ही सीजन में चार बल्लेबाजों ने 300 से अधिक रन बनाकर इतिहास रच दिया। इससे पहले टी20 वर्ल्ड कप में 300 रन का आंकड़ा पार करना ही अपने आप में बड़ी उपलब्धि माना जाता था और यह कारनामा भी अलग-अलग सीजन में ही देखने को मिला था।

    टी20 वर्ल्ड कप के पिछले एडिशनों पर नजर डालें तो 2009 में श्रीलंका के तिलकरत्ने दिलशान ने 317 रन बनाकर सबसे पहले यह उपलब्धि हासिल की थी। इसके बाद 2010 में महेला जयवर्धने ने 302 रन बनाए। फिर 2014 में भारत के विराट कोहली ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 319 रन बनाए और यह लंबे समय तक एक एडिशन में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड रहा। वहीं 2021 में पाकिस्तान के बाबर आजम ने 303 रन बनाकर इस सूची में अपना नाम दर्ज कराया। खास बात यह थी कि इन सभी बल्लेबाजों ने अलग-अलग टूर्नामेंट में 300 से ज्यादा रन बनाए थे।

    हालांकि टी20 वर्ल्ड कप 2026 ने इस परंपरा को पूरी तरह बदल दिया। इस बार बल्लेबाजों ने ऐसा धमाल मचाया कि एक ही एडिशन में चार खिलाड़ियों ने 300 से ज्यादा रन बना दिए। सबसे शानदार प्रदर्शन पाकिस्तान के ओपनर साहिबजादा फरहान का रहा। उन्होंने सिर्फ 6 पारियों में 383 रन बनाकर न सिर्फ टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाए बल्कि टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास का नया रिकॉर्ड भी कायम कर दिया।

    न्यूजीलैंड के आक्रामक बल्लेबाज टिम सीफर्ट भी इस टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में नजर आए। उन्होंने 326 रन बनाकर रन बनाने वालों की सूची में दूसरा स्थान हासिल किया। वहीं भारत के विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने भी अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित किया। उन्होंने मात्र 5 पारियों में 321 रन बनाए और शानदार प्रदर्शन के चलते प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार भी अपने नाम किया।

    इसके अलावा भारत के ही एक और बल्लेबाज ईशान किशन ने भी इस टूर्नामेंट में 300 रन का आंकड़ा पार किया। उन्होंने 9 पारियों में 317 रन बनाकर इस ऐतिहासिक उपलब्धि में अपना योगदान दिया। खास बात यह रही कि पहली बार किसी एक टीम के दो बल्लेबाजों ने एक ही एडिशन में 300 से ज्यादा रन बनाए।

    इस तरह टी20 वर्ल्ड कप 2026 बल्लेबाजी के लिहाज से सबसे यादगार टूर्नामेंट बन गया। चार बल्लेबाजों का एक ही एडिशन में 300 से ज्यादा रन बनाना इस बात का संकेत है कि आधुनिक टी20 क्रिकेट में बल्लेबाजों का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है और आने वाले वर्षों में ऐसे रिकॉर्ड और भी देखने को मिल सकते हैं।

  • 1983 से 2026 तक भारत की आईसीसी ट्रॉफियों का सफर, जाने टीम इंडिया ने कब-कब जीता विश्व खिताब

    1983 से 2026 तक भारत की आईसीसी ट्रॉफियों का सफर, जाने टीम इंडिया ने कब-कब जीता विश्व खिताब


    अहमदाबाद। भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बार फिर इतिहास रचते हुए तीसरी बार टी-20 विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया है। रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर ट्रॉफी जीत ली।

    भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में पांच विकेट के नुकसान पर 255 रन बनाए। टीम की ओर से संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन ने अर्धशतकीय पारियां खेलीं। लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम 19 ओवर में 159 रन पर सिमट गई। इस जीत के साथ भारत तीन बार टी-20 विश्व कप जीतने वाली पहली टीम बन गई है। आइए जानते हैं कि भारतीय टीम ने अब तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के कौन-कौन से बड़े टूर्नामेंट जीते हैं।

    1983 : पहला एकदिवसीय विश्व कप

    साल 1983 में कपिल देव की कप्तानी में भारत ने क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा उलटफेर किया था। लंदन के लॉर्ड्स मैदान पर खेले गए फाइनल में भारत ने दो बार की विश्व विजेता वेस्टइंडीज को हराकर पहली बार विश्व कप जीता। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 54.4 ओवर में 183 रन बनाए थे। जवाब में वेस्टइंडीज की टीम 52 ओवर में 140 रन पर ऑलआउट हो गई। मोहिंदर अमरनाथ और मदन लाल ने तीन-तीन विकेट लेकर जीत में अहम भूमिका निभाई। भारत ने यह मुकाबला 43 रन से जीता था।

    2002 : चैंपियंस ट्रॉफी (संयुक्त विजेता)

    साल 2002 में खेले गए चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट में भारत और श्रीलंका को संयुक्त विजेता घोषित किया गया था। कोलंबो में खेला गया फाइनल मुकाबला लगातार बारिश की वजह से पूरा नहीं हो सका। नियमों के अनुसार दोनों टीमों को विजेता घोषित किया गया।

    2007 : पहला टी-20 विश्व कप

    महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने 2007 में पहला टी-20 विश्व कप जीता। फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को पांच रन से हराया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 157 रन बनाए, जिसमें गौतम गंभीर ने 75 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। जवाब में पाकिस्तान की टीम 152 रन ही बना सकी।

    2011 : दूसरा एकदिवसीय विश्व कप

    1983 के बाद भारत ने 2011 में दूसरी बार एकदिवसीय विश्व कप जीता। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए फाइनल में भारत ने श्रीलंका को छह विकेट से हराया। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए छह विकेट पर 274 रन बनाए थे। जवाब में भारत ने गौतम गंभीर (97) और महेंद्र सिंह धोनी (नाबाद 91) की शानदार पारियों की मदद से 48.2 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। यह जीत महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के लिए खास रही।

    2013 : दूसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी

    भारत ने 2013 में दूसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी जीती। इंग्लैंड के बर्मिंघम में खेले गए फाइनल में भारत ने 20 ओवर में सात विकेट पर 129 रन बनाए। शिखर धवन, विराट कोहली और रवींद्र जडेजा की पारियों की बदौलत भारत ने चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया। जवाब में इंग्लैंड की टीम आठ विकेट पर 124 रन ही बना सकी और भारत ने पांच रन से जीत दर्ज की।

    2024 : दूसरी बार टी-20 विश्व कप

    भारत ने 2024 में दूसरी बार टी-20 विश्व कप जीता। बारबाडोस में खेले गए फाइनल में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को सात रन से हराया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 176 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका की टीम आठ विकेट पर 169 रन ही बना सकी। इस जीत के साथ भारत ने 11 साल बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की ट्रॉफी जीती।

    2025 : चैंपियंस ट्रॉफी

    चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर खिताब जीता। न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में सात विकेट पर 251 रन बनाए। भारत ने 49 ओवर में छह विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। कप्तान रोहित शर्मा ने 76 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली, जबकि रोहित और शुभमन गिल के बीच पहले विकेट के लिए 105 रन की साझेदारी हुई।

    2026 : तीसरी बार टी-20 विश्व कप

    साल 2026 में भारत ने तीसरी बार टी-20 विश्व कप जीतकर इतिहास रच दिया। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया ने फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराया। भारत इससे पहले 2007 में महेंद्र सिंह धोनी और 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में टी-20 विश्व कप जीत चुका था। अब तीसरी बार यह खिताब जीतकर भारत टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे सफल टीम बन गया है।

  • विश्व विजेता बना भारत: T20 वर्ल्ड कप फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर टीम इंडिया ने रचा इतिहास

    विश्व विजेता बना भारत: T20 वर्ल्ड कप फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर टीम इंडिया ने रचा इतिहास


    नई दिल्‍ली । आईसीसी टी-20 विश्व कप 2026 के फाइनल मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ ही टीम इंडिया ने तीसरी बार टी-20 विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया और ऐसा करने वाली दुनिया की पहली टीम बन गई। भारतीय खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन से पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई है। क्रिकेट प्रेमियों के साथ-साथ राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों ने भी टीम इंडिया को इस ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी है।

    फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम के बल्लेबाजों और गेंदबाजों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। टीम के बल्लेबाजों ने मजबूत पारी खेलते हुए बड़ा स्कोर खड़ा किया जिसमें सैमसन ईशान और अभिषेक की अर्धशतकीय पारियां अहम रहीं। वहीं गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह और अक्षर पटेल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी को पूरी तरह दबाव में रखा। इसके अलावा ईशान का शानदार क्षेत्ररक्षण भी मैच के दौरान चर्चा का विषय बना रहा। सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में टीम इंडिया ने बेहतरीन सामूहिक प्रदर्शन करते हुए यह ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

    भारतीय टीम की इस शानदार जीत पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर टीम को बधाई दी। उन्होंने लिखा कि विश्वविजेता भारत हमारा! शाबाश टीम इंडिया! 140 करोड़ भारतीयों को आप पर गर्व है। उन्होंने कहा कि टीम इंडिया के धुरंधर खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर विश्व कप जीतकर हर भारतवासी को गौरवान्वित किया है। उन्होंने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर पूरी टीम को हार्दिक बधाई देते हुए कामना की कि भारत का तिरंगा यूं ही विश्व मंच पर शान से लहराता रहे।

    वहीं डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा ने भी टीम इंडिया की जीत पर खुशी जताते हुए कहा कि भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड को पराजित कर पूरे देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक जीत खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत समर्पण और अटूट संकल्प का परिणाम है। विजय शर्मा ने टीम के सभी खिलाड़ियों को इस शानदार उपलब्धि के लिए हृदय से बधाई देते हुए देशवासियों को भी शुभकामनाएं दीं।

    राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने भी भारतीय टीम की जीत पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत की आन-बान-शान और भी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि सैमसन ईशान और अभिषेक की अर्धशतकीय पारियों के साथ बुमराह और अक्षर पटेल की शानदार गेंदबाजी ने भारत को यह ऐतिहासिक जीत दिलाई। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम ने तीसरी बार टी-20 विश्व कप जीतकर देश का परचम विश्व पटल पर लहराया है।

    इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कई अन्य नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने भी टीम इंडिया की इस शानदार जीत पर खिलाड़ियों को बधाई दी। देशभर में क्रिकेट प्रेमी इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मना रहे हैं और टीम इंडिया की उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं।

  • T20 World Cup 2026: भारत बना चैंपियन, करोड़ों की इनामी बारिश; रनर-अप न्यूजीलैंड भी मालामाल

    T20 World Cup 2026: भारत बना चैंपियन, करोड़ों की इनामी बारिश; रनर-अप न्यूजीलैंड भी मालामाल


    नई दिल्ली। भारत ने T20 World Cup 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने घर में इतिहास रच दिया। अहमदाबाद के Narendra Modi Stadium में 8 मार्च को खेले गए फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर तीसरी बार टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत टी20 विश्व कप में सबसे ज्यादा बार चैंपियन बनने वाली टीम बन गया।

    फाइनल मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 255 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन ने शानदार अर्धशतकीय पारियां खेलीं। जवाब में न्यूजीलैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और 19 ओवर में 159 रन पर सिमट गई।

    इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही टीम इंडिया पर करोड़ों रुपये की इनामी बारिश भी हुई। International Cricket Council (ICC) ने T20 World Cup 2026 के लिए कुल 13.5 मिलियन डॉलर यानी लगभग 123.77 करोड़ रुपये का प्राइज पूल रखा था, जो पिछले संस्करण की तुलना में करीब 20 प्रतिशत ज्यादा है।

    टूर्नामेंट की विजेता टीम होने के नाते भारत को 3 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब 27.48 करोड़ रुपये की प्राइज मनी मिली। वहीं फाइनल में हारने वाली न्यूजीलैंड की टीम भी खाली हाथ नहीं लौटी। रनर-अप रहने पर कीवी टीम को 1.6 मिलियन डॉलर यानी लगभग 14.65 करोड़ रुपये की राशि दी गई।

    सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली लेकिन फाइनल में जगह नहीं बना सकने वाली टीमों को भी अच्छी खासी इनामी राशि मिली। दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड को सेमीफाइनलिस्ट के रूप में 790,000 डॉलर यानी करीब 7.24 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया गया।

    वहीं सुपर-8 चरण तक पहुंचने के बाद सेमीफाइनल में जगह बनाने से चूकने वाली टीमों को भी ICC ने सम्मानजनक इनाम दिया। इस चरण में बाहर होने वाली टीमों को 380,000 डॉलर यानी करीब 3.48 करोड़ रुपये मिले। इनमें जिम्बाब्वे, वेस्टइंडीज, पाकिस्तान और श्रीलंका जैसी टीमें शामिल रहीं।

    ग्रुप स्टेज में हिस्सा लेने वाली सभी टीमों को भी ICC की ओर से 250,000 डॉलर यानी करीब 2.29 करोड़ रुपये की गारंटीड प्राइज मनी दी गई।