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  • सुरों की 'मैदान' छोड़ गईं आशा भोसले: क्रिकेट की दुनिया ने कहा- "आपके जैसा 'ऑलराउंडर' फिर नहीं होगा"

    सुरों की 'मैदान' छोड़ गईं आशा भोसले: क्रिकेट की दुनिया ने कहा- "आपके जैसा 'ऑलराउंडर' फिर नहीं होगा"


    नई दिल्ली। भारतीय संगीत जगत की दिग्गज और सदाबहार आवाज की मालकिन आशा भोसले के निधन से पूरे देश में शोक की लहर है। 92 वर्ष की आयु में मुंबई में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके जाने से न सिर्फ संगीत जगत बल्कि खेल जगत में भी गहरा दुख देखने को मिला। खासतौर पर भारतीय क्रिकेट जगत के कई बड़े खिलाड़ियों और दिग्गजों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी विरासत को याद किया।

    क्रिकेट सितारों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

    भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि आशा भोसले की बेजोड़ प्रतिभा और शालीनता हमेशा याद रखी जाएगी। वहीं पूर्व कप्तान अनिल कुंबले ने उन्हें भारतीय संगीत की अमर आवाज बताते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना जताई।

    दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह ने कहा कि आशा जी की आवाज ने पीढ़ियों को गहराई से छुआ है और उनका संगीत समय से परे है। पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी आवाज के साथ ही उनकी कई यादें जुड़ी हुई हैं और ऐसा लगता है जैसे बचपन का एक हिस्सा आज खामोश हो गया।

    “हमेशा सदाबहार रहेंगी आशा जी”

    पूर्व सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने कहा कि आशा भोसले की आवाज कभी पुरानी नहीं हुई और वह हमेशा सदाबहार रहेंगी। भारत की पूर्व तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी ने इसे भारतीय संगीत के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

    तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने लिखा कि उनकी आवाज जीवन के हर पड़ाव पर साथ रही, जबकि पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान ने उन्हें “सदाबहार विरासत” करार दिया।

    अंतिम संस्कार की तैयारी

    जानकारी के अनुसार, आशा भोसले का अंतिम संस्कार सोमवार शाम 4 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क में किया जाएगा। शनिवार को तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका।

    संगीत जगत की अमर आवाज

    आशा भोसले ने अपने करियर की शुरुआत 1940 के दशक में की थी और दशकों तक अपनी सुरीली आवाज से श्रोताओं के दिलों पर राज किया। उन्होंने मोहम्मद रफी जैसे दिग्गजों के साथ कई यादगार गीत गाए। उनके लोकप्रिय गीतों में ‘चुरा लिया है तुमने जो दिल को’, ‘दो लफ्जों की है दिल की कहानी’ और ‘ये लड़का है अल्लाह’ आज भी लोगों की जुबां पर हैं।

    करीब 20 भाषाओं में 12,000 से अधिक गीत गाने वाली आशा भोसले को दादा साहब फाल्के पुरस्कार और पद्म विभूषण जैसे देश के सर्वोच्च सम्मानों से नवाजा गया था।

  • IPL 2026: केकेआर को बड़ा बूस्ट, पथिराना की एंट्री से गेंदबाजी होगी और मजबूत

    IPL 2026: केकेआर को बड़ा बूस्ट, पथिराना की एंट्री से गेंदबाजी होगी और मजबूत


    नई दिल्ली।  इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में खराब प्रदर्शन से जूझ रही कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण को जल्द ही मजबूती मिलने वाली है, क्योंकि श्रीलंका के स्टार पेसर मथीशा पथिराना को आखिरकार फिटनेस क्लियरेंस मिल गया है। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड की ओर से उन्हें नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) भी जारी कर दिया गया है, जिसके बाद वह जल्द ही टीम से जुड़ने वाले हैं।

    17 अप्रैल से टीम के साथ, 19 अप्रैल को मैदान में उतरने की उम्मीद

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, पथिराना 17 अप्रैल को गुजरात टाइटंस के खिलाफ मुकाबले से पहले टीम कैंप जॉइन कर सकते हैं। हालांकि, उनके 19 अप्रैल को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैच में खेलने की अधिक संभावना जताई जा रही है। इससे केकेआर के गेंदबाजी संयोजन को बड़ा फायदा मिलेगा।

    गेंदबाजी रही केकेआर की सबसे बड़ी कमजोरी

    इस सीजन में केकेआर का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। टीम ने शुरुआती चार मुकाबलों में से तीन गंवा दिए हैं। हार की सबसे बड़ी वजह कमजोर गेंदबाजी रही है।

    मुस्तफिजुर रहमान को टीम से रिलीज करना पड़ा
    हर्षित राणा और आकाश दीप चोट के चलते बाहर हो गए
    वरुण चक्रवर्ती खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं

    मुंबई इंडियंस के खिलाफ 220 रन का स्कोर डिफेंड न कर पाना और लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ हार, टीम की गेंदबाजी की कमजोरी को साफ दर्शाता है।

    डेथ ओवरों के स्पेशलिस्ट हैं पथिराना

    मथीशा पथिराना अपनी यॉर्कर और स्लिंगिंग एक्शन के लिए जाने जाते हैं। खासकर डेथ ओवरों में उनकी गेंदबाजी बल्लेबाजों के लिए काफी मुश्किल साबित होती है। उन्होंने पहले चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के लिए खेलते हुए कई मैच जिताऊ प्रदर्शन किए हैं।

    18 करोड़ में खरीदे गए थे पथिराना

    आईपीएल 2026 की नीलामी में केकेआर ने पथिराना को 18 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया था। हालांकि, टी20 विश्व कप के दौरान लगी चोट के कारण वह शुरुआती मैचों में नहीं खेल सके। अब फिट होकर उनकी वापसी टीम के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है।

    IPL करियर पर एक नजर

    पथिराना ने अब तक 32 आईपीएल मैचों में 47 विकेट चटकाए हैं। उनकी यह उपलब्धि दर्शाती है कि वह कितने प्रभावी गेंदबाज हैं, खासकर छोटे फॉर्मेट में।

  • विस्फोटक बल्लेबाजी और शतकीय पारियों के दम पर संजू सैमसन ने क्रिकेट जगत में मनवाया अपना लोहा।

    विस्फोटक बल्लेबाजी और शतकीय पारियों के दम पर संजू सैमसन ने क्रिकेट जगत में मनवाया अपना लोहा।


    नई दिल्ली:इंडियन प्रीमियर लीग के रोमांचक सफर में रिकॉर्ड्स का बनना और टूटना एक निरंतर प्रक्रिया है लेकिन कुछ उपलब्धियां खेल के इतिहास में अपनी एक अलग पहचान बनाती हैं। इसी क्रम में संजू सैमसन ने अपनी बल्लेबाजी के दम पर एक ऐसा मुकाम हासिल किया है जिसने उन्हें लीग के सबसे सफल बल्लेबाजों की सूची में शामिल कर दिया है। आईपीएल के इतिहास में सर्वाधिक शतक लगाने वाले खिलाड़ियों की फेहरिस्त में संजू सैमसन की एंट्री ने क्रिकेट जगत को एक बार फिर उनकी प्रतिभा का कायल बना दिया है। संजू की यह उपलब्धि न केवल उनकी व्यक्तिगत क्षमता को दर्शाती है बल्कि यह भी बताती है कि वे आधुनिक टी ट्वेंटी क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में से एक क्यों माने जाते हैं।

    लीग की शुरुआत से ही कई दिग्गज बल्लेबाजों ने अपनी छाप छोड़ी है और शतकों के मामले में शीर्ष पर पहुंचने की होड़ हमेशा बनी रही है। संजू सैमसन ने अपनी निरंतरता और आक्रामक शैली के मिश्रण से इस विशेष सूची के शीर्ष पांच नामों में जगह बनाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उनके खेलने के अंदाज में जो सहजता और शॉट्स के चयन में जो परिपक्वता दिखाई देती है वह उन्हें अन्य बल्लेबाजों से अलग बनाती है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि संजू की यह सफलता उन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है जो बड़े मंच पर अपनी जगह बनाने का सपना देखते हैं। उनकी इस पारी ने राजस्थान रॉयल्स के लिए उनके महत्व को और अधिक बढ़ा दिया है।

    आईपीएल में शतक लगाना किसी भी खिलाड़ी के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण होता है क्योंकि यहाँ दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों का सामना करना पड़ता है। संजू सैमसन ने अपने करियर के दौरान विभिन्न कठिन परिस्थितियों में टीम को जीत दिलाने के लिए शतकीय पारियां खेली हैं। इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने जिस संयम और तकनीक का परिचय दिया है वह काबिले तारीफ है। इस लीग के इतिहास में जब हम सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले खिलाड़ियों की बात करते हैं तो उनमें अब संजू का नाम गर्व से लिया जा रहा है। उनकी इस उपलब्धि ने रिकॉर्ड बुक में दर्ज बड़े नामों के बीच एक नई प्रतिस्पर्धा पैदा कर दी है जिससे आने वाले मैचों का रोमांच और बढ़ गया है।

    सैमसन की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे खेल की स्थिति के अनुसार खुद को ढालने में सक्षम हैं। उन्होंने पावरप्ले के दौरान तेज गति से रन बनाने और मध्य ओवरों में पारी को संभालने की कला बखूबी सीखी है। उनकी शतकीय पारियों ने अक्सर मैच का पासा पलटने का काम किया है जो उनके टीम मैन होने के प्रमाण को पुख्ता करता है। क्रिकेट के जानकारों के अनुसार संजू सैमसन की बल्लेबाजी में जो सुधार पिछले कुछ वर्षों में देखा गया है वह उनके कठिन परिश्रम का परिणाम है। अब वे न केवल एक कप्तान के रूप में टीम का नेतृत्व कर रहे हैं बल्कि अग्रणी बल्लेबाज के तौर पर भी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं।

    इस सूची में शामिल होना कोई आसान कार्य नहीं था क्योंकि आईपीएल में प्रतिस्पर्धा का स्तर हर साल बढ़ता जा रहा है। संजू सैमसन ने शीर्ष पांच में प्रवेश कर यह साबित कर दिया है कि उनमें बड़े मैचों का खिलाड़ी बनने की पूरी क्षमता है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद क्रिकेट प्रेमियों की उम्मीदें उनसे और भी ज्यादा बढ़ गई हैं। खेल के इस प्रारूप में शतक बनाना शारीरिक और मानसिक दोनों स्तरों पर मजबूती की मांग करता है और संजू ने बार-बार खुद को इस कसौटी पर खरा उतारा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि वे अपने इस शानदार फॉर्म को किस प्रकार बरकरार रखते हैं और शतकों के इस सफर को कितनी आगे तक ले जाते हैं।

  • Sanju Samson ने ऑरेंज कैप की रेस में लगाई लंबी छलांग, वैभव सूर्यवंशी का दबदबा कायम

    Sanju Samson ने ऑरेंज कैप की रेस में लगाई लंबी छलांग, वैभव सूर्यवंशी का दबदबा कायम


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में ऑरेंज कैप और पर्पल कैप की रेस लगातार रोमांचक होती जा रही है। हर मैच के साथ खिलाड़ियों की रैंकिंग में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। ताजा मुकाबलों के बाद जहां संजू सैमसन ने अपने शतक से शानदार छलांग लगाई है, वहीं युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने शीर्ष स्थान पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है। दूसरी ओर गेंदबाजों की रेस में चेन्नई सुपर किंग्स के अंशुल कंबोज लगातार प्रभावित कर रहे हैं।

    संजू सैमसन की शतकीय पारी से मचा धमाल

    दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में संजू सैमसन ने 56 गेंदों में नाबाद 115 रनों की शानदार पारी खेलकर सभी का ध्यान खींच लिया। उनकी इस पारी में 15 चौके और 4 लंबे छक्के शामिल रहे। शुरुआत में धीमी बल्लेबाजी के बाद उन्होंने बाद के ओवरों में आक्रामक अंदाज अपनाते हुए मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। इसी पारी के दम पर सैमसन ऑरेंज कैप की रेस में टॉप-10 में शामिल हो गए हैं।

    चार मैचों में सैमसन के नाम अब 137 रन हो गए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 182 से अधिक पहुंच चुका है। चेन्नई सुपर किंग्स के युवा खिलाड़ी आयुष म्हात्रे ने भी दिल्ली के खिलाफ अर्धशतक लगाकर टॉप-10 में जगह बनाई है।

    वैभव सूर्यवंशी का दबदबा कायम

    राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी इस सीजन में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। वह अब तक 200 रन बनाकर ऑरेंज कैप की रेस में पहले स्थान पर बने हुए हैं। उनके बाद सनराइजर्स हैदराबाद के हेनरिक क्लासेन 184 रनों के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि यशस्वी जायसवाल 183 रन बनाकर तीसरे स्थान पर काबिज हैं।

    टॉप-10 बल्लेबाजों की सूची में ध्रुव जुरेल, समीर रिजवी, अंगकृश रघुवंशी और रजत पाटीदार जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं, जो लगातार अपने प्रदर्शन से टीमों को मजबूती दे रहे हैं।

    टॉप-10 ऑरेंज कैप लिस्ट (संक्षेप में)

    वैभव सूर्यवंशी – 200 रन
    हेनरिक क्लासेन – 184 रन
    यशस्वी जायसवाल – 183 रन
    ध्रुव जुरेल – 176 रन
    समीर रिजवी – 166 रन
    अंगकृश रघुवंशी – 155 रन
    रजत पाटीदार – 142 रन
    श्रेयस अय्यर – 137 रन
    संजू सैमसन – 137 रन
    आयुष म्हात्रे – 133 रन

    पर्पल कैप की रेस में अंशुल कंबोज का दम

    गेंदबाजी में चेन्नई सुपर किंग्स के अंशुल कंबोज ने भी अपनी धारदार गेंदबाजी से सबका ध्यान खींचा है। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 3 विकेट लेकर उन्होंने पर्पल कैप की रेस में दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। उनके नाम अब 8 विकेट हो चुके हैं।

    रवि बिश्नोई 9 विकेट के साथ पहले स्थान पर बने हुए हैं। उनके बाद अंशुल कंबोज, प्रसिद्ध कृष्णा (6 विकेट), राशिद खान (5 विकेट) और लुंगी एनगिडी (5 विकेट) टॉप-5 में शामिल हैं।

    आईपीएल 2026 का यह सीजन पूरी तरह से बल्लेबाजों और गेंदबाजों की टक्कर बन गया है। जहां एक ओर युवा खिलाड़ी लगातार अपनी पहचान बना रहे हैं, वहीं अनुभवी खिलाड़ी भी पीछे नहीं हैं। आने वाले मैचों में ऑरेंज और पर्पल कैप की रेस में और भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

  • IPL 2026: वैभव का कहर जारी, 26 गेंदों में 78 रन बनाकर मैच का रुख पलटा

    IPL 2026: वैभव का कहर जारी, 26 गेंदों में 78 रन बनाकर मैच का रुख पलटा


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में एक बार फिर युवा प्रतिभा का दम देखने को मिला, जब 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से मैच का रुख ही बदल दिया। राजस्थान रॉयल्स के इस युवा खिलाड़ी ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ सिर्फ 26 गेंदों में 78 रन बनाकर टीम को शानदार जीत दिला दी।

    RCB ने दिया 201 रन का लक्ष्य
    मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 20 ओवर में 201 रन बनाए। टीम की ओर से कप्तान रजत पाटीदार ने 63 रन की अहम पारी खेली, जबकि विराट कोहली ने 32 रन जोड़े। 202 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी राजस्थान रॉयल्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही और यशस्वी जायसवाल जल्दी आउट हो गए। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी और ध्रुव जुरेल ने पारी को संभाला और तेजी से रन बनाना शुरू किया।

    37 गेंदों में 108 रन की साझेदारी
    दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए सिर्फ 37 गेंदों में 108 रन जोड़ दिए। वैभव ने 300 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 8 चौके और 7 छक्के लगाए। जुरेल ने भी उनका शानदार साथ निभाते हुए 43 गेंदों में नाबाद 81 रन बनाए और टीम को जीत तक पहुंचाया।

    “गेंद देखता हूं, गेंदबाज नहीं”
    मैच के बाद वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि वह बड़े गेंदबाजों के नाम से प्रभावित नहीं होते। उनका कहना था, “मैं सिर्फ गेंद को देखता हूं, गेंदबाज को नहीं।” राजस्थान की ओर से जोफ्रा आर्चर और रवि बिश्नोई ने 2-2 विकेट लेकर RCB को 200 के आसपास रोका।

    RR की लगातार चौथी जीत
    इस शानदार जीत के साथ राजस्थान रॉयल्स ने सीजन में लगातार चौथी जीत दर्ज की है, जबकि RCB को पहली हार का सामना करना पड़ा। वैभव सूर्यवंशी की यह पारी इस सीजन की सबसे यादगार पारियों में शामिल हो गई है। कम उम्र में उनका आत्मविश्वास और आक्रामक अंदाज दिखाता है कि भारतीय क्रिकेट को एक नया सितारा मिल चुका है।

  • बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में भारत का जलवा, आयुष शेट्टी ने वर्ल्ड नंबर-1 को दी मात

    बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में भारत का जलवा, आयुष शेट्टी ने वर्ल्ड नंबर-1 को दी मात


    नई दिल्ली। भारत के उभरते स्टार शटलर Ayush Shetty ने बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बना ली है। निंगबो के निंगबो ओलंपिक स्पोर्ट्स सेंटर में खेले गए सेमीफाइनल में उन्होंने दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी Kunlavut Vitidsarn को हराकर बड़ा उलटफेर किया।

    पहला गेम हारकर की दमदार वापसी

    करीब 1 घंटा 15 मिनट तक चले इस मुकाबले में आयुष शेट्टी ने जबरदस्त जज्बा दिखाया। उन्होंने पहला गेम 10-21 से गंवा दिया था, लेकिन इसके बाद शानदार वापसी करते हुए 21-19 और 21-17 से लगातार दो गेम जीतकर मैच अपने नाम कर लिया। दूसरे और तीसरे गेम में आयुष का धैर्य, आक्रामक खेल और नेट पर नियंत्रण देखने लायक था, जिसने मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया।

    करियर की सबसे बड़ी जीत

    Kunlavut Vitidsarn पेरिस ओलंपिक 2024 के रजत पदक विजेता हैं। ऐसे में उनके खिलाफ जीत आयुष शेट्टी के करियर की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनी जा रही है। इस जीत के साथ आयुष 2018 में H. S. Prannoy के बाद इस टूर्नामेंट में पदक पक्का करने वाले पहले भारतीय पुरुष एकल खिलाड़ी बन गए हैं।

    फाइनल तक का शानदार सफर

    आयुष शेट्टी का इस टूर्नामेंट में सफर बेहद दमदार रहा है।
    क्वार्टरफाइनल में उन्होंने वर्ल्ड नंबर-4 Jonatan Christie को 23-21, 21-17 से हराया
    इससे पहले वर्ल्ड नंबर-7 ली शिफेंग को सीधे गेम में मात दी
    साथ ही चाउ तिएन-चेन जैसे अनुभवी खिलाड़ी को भी हराया

    इस लगातार प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि आयुष बड़े मंच के खिलाड़ी बन चुके हैं।

    भारत के लिए मिले-जुले नतीजे

    जहां आयुष ने शानदार प्रदर्शन किया, वहीं बाकी भारतीय खिलाड़ियों के लिए यह टूर्नामेंट ज्यादा सफल नहीं रहा। P. V. Sindhu दूसरे दौर में बाहर हो गईं, जबकि Lakshya Sen पहले ही राउंड में हार गए।

    इतिहास रचने का मौका

    यूएस ओपन सुपर 300 चैंपियन आयुष शेट्टी अब फाइनल में खिताब जीतकर इतिहास रचने के बेहद करीब हैं। अगर वह यह मुकाबला जीतते हैं, तो यह उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी और भारतीय बैडमिंटन के लिए भी गर्व का क्षण होगा।

  • क्रिकेट इतिहास का अनोखा रिकॉर्ड, वीनू मांकड़ ने हर बल्लेबाजी क्रम पर खेलकर रचा इतिहास

    क्रिकेट इतिहास का अनोखा रिकॉर्ड, वीनू मांकड़ ने हर बल्लेबाजी क्रम पर खेलकर रचा इतिहास


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट इतिहास में Vinoo Mankad का नाम महान ऑलराउंडर्स में शुमार किया जाता है। उनका करियर सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने भारतीय क्रिकेट को नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। खास बात यह है कि वह भारत के इकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 1 से लेकर 11 नंबर तक हर क्रम पर बल्लेबाजी की।

    जन्म और शुरुआती सफर

    वीनू मांकड़ का जन्म 12 अप्रैल 1917 को Jamnagar में हुआ था। उनका पूरा नाम मुलवंतराय हिम्मतलाल मांकड़ था। दाएं हाथ के बल्लेबाज और बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज के रूप में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने जून 1946 में England national cricket team के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया और धीरे-धीरे भारतीय टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल हो गए।

    भारत की पहली टेस्ट जीत के नायक

    भारतीय क्रिकेट के इतिहास में India first Test win 1952 एक ऐतिहासिक पल रहा, जिसमें वीनू मांकड़ हीरो बनकर उभरे। चेन्नई में खेले गए इस मुकाबले में इंग्लैंड ने पहली पारी में 266 रन बनाए, लेकिन मांकड़ ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 8 विकेट झटके। भारत ने जवाब में 457/9 रन बनाकर बड़ी बढ़त हासिल की। दूसरी पारी में भी मांकड़ का जादू चला और उन्होंने 4 विकेट लेकर इंग्लैंड को 183 रन पर समेट दिया। भारत ने यह मैच पारी और 8 रन से जीता। मांकड़ ने मैच में कुल 12 विकेट लेकर इतिहास रच दिया।

    शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन

    1946 से 1959 के बीच मांकड़ ने भारत के लिए 44 टेस्ट मैच खेले। इस दौरान उन्होंने 2,109 रन बनाए, जिसमें 5 शतक और 6 अर्धशतक शामिल हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 231 रन रहा। गेंदबाजी में भी उन्होंने कमाल किया और 162 विकेट अपने नाम किए। एक पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा उन्होंने 8 बार किया।

    घरेलू क्रिकेट में भी दबदबा

    वीनू मांकड़ ने Maharashtra, Gujarat, Bengal, Saurashtra, Mumbai और Rajasthan के लिए घरेलू क्रिकेट खेला। 233 प्रथम श्रेणी मैचों में उन्होंने 11,591 रन बनाए और 782 विकेट झटके, जो उनकी ऑलराउंड क्षमता का बेहतरीन उदाहरण है।

    ‘मांकड़िंग’ की कहानी

    क्रिकेट में ‘मांकड़िंग’ शब्द की शुरुआत भी वीनू मांकड़ से ही हुई। 1947 में उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज Bill Brown को नॉन-स्ट्राइकर एंड पर क्रीज छोड़ने पर रनआउट किया था। हालांकि, उन्होंने पहले चेतावनी भी दी थी। लंबे समय तक इस तरह के रनआउट को ‘मांकड़िंग’ कहा जाता रहा। आज भी यह नियम चर्चा का विषय बना रहता है।

    सम्मान और विरासत

    भारत सरकार ने 1973 में उन्हें Padma Bhushan से सम्मानित किया। उनके सम्मान में Board of Control for Cricket in India अंडर-19 स्तर पर ‘वीनू मांकड़ ट्रॉफी’ का आयोजन करती है। 21 अगस्त 1978 को 61 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया, लेकिन भारतीय क्रिकेट में उनका योगदान हमेशा अमर रहेगा।

    भारतीय क्रिकेट का अनमोल सितारा

    वीनू मांकड़ सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट की नींव रखने वाले महान हस्तियों में से एक थे। उनकी ऑलराउंड प्रतिभा, समर्पण और रिकॉर्ड उन्हें हमेशा खास बनाते हैं।

    वीनू मांकड़ भारत के इकलौते खिलाड़ी हैं जिन्होंने 1 से 11 तक हर क्रम पर बल्लेबाजी की और देश की पहली टेस्ट जीत में अहम भूमिका निभाई।

  • IPL 2026: टॉस PBKS के नाम, SRH पहले करेगी बल्लेबाजी- जानें प्लेइंग इलेवन

    IPL 2026: टॉस PBKS के नाम, SRH पहले करेगी बल्लेबाजी- जानें प्लेइंग इलेवन


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के 17वें मुकाबले में Punjab Kings और Sunrisers Hyderabad आमने-सामने हैं। न्यू पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले जा रहे इस मैच में पंजाब के कप्तान Shreyas Iyer ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया है।

    “विकेट को समझना जरूरी” – श्रेयस अय्यर

    टॉस के बाद श्रेयस अय्यर ने कहा कि यह दिन का मैच है और टीम पहले गेंदबाजी करके पिच का व्यवहार समझना चाहती है। उन्होंने बताया कि पिछले मैचों में भी यही रणनीति कारगर रही है। अय्यर ने टीम के युवाओं का समर्थन करने पर भी जोर दिया और कहा कि ज्यादा निर्देश देने से बेहतर है कि खिलाड़ी अपने प्राकृतिक खेल पर ध्यान दें। उन्होंने प्लेइंग इलेवन में एक बदलाव की जानकारी दी, जिसमें नेहाल की जगह प्रियांश को मौका मिला है।

    “पहले गेंदबाजी पसंद करते” – ईशान किशन

    वहीं Ishan Kishan ने कहा कि वे भी पहले गेंदबाजी करना चाहते थे, लेकिन अब टीम को पहली पारी में अच्छा स्कोर खड़ा करना होगा। उन्होंने माना कि कप्तान Pat Cummins की गैरमौजूदगी टीम के लिए बड़ा झटका है, लेकिन युवा गेंदबाजों से अच्छी उम्मीदें हैं। एसआरएच ने इस मैच में दो बदलाव किए हैं।

    पंजाब की जीत की लय बरकरार रखने की कोशिश

    पंजाब किंग्स इस सीजन शानदार फॉर्म में है। टीम अब तक अपराजेय रही है और 3 मैचों में 2 जीत व 1 रद्द मुकाबले के साथ 5 अंक लेकर अंकतालिका में दूसरे स्थान पर है। ऐसे में टीम की कोशिश इस मैच को जीतकर अपनी जीत की लय बनाए रखने की होगी।

    SRH की नजर वापसी पर

    दूसरी ओर, सनराइजर्स हैदराबाद का प्रदर्शन अब तक उतार-चढ़ाव भरा रहा है। टीम 3 मैचों में 1 जीत और 2 हार के साथ छठे स्थान पर है। पिछले मैच में हार के बाद SRH इस मुकाबले में जीत हासिल कर वापसी करना चाहेगी।

    पंजाब किंग्स की प्लेइंग इलेवन

    प्रियांश आर्य, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), कूपर कोनोली, श्रेयस अय्यर (कप्तान), शशांक सिंह, मार्कस स्टोइनिस, मार्को जेनसन, जेवियर बार्टलेट, विजयकुमार वैशाक, Arshdeep Singh, Yuzvendra Chahal।

    सनराइजर्स हैदराबाद की प्लेइंग इलेवन

    ट्रेविस हेड, Abhishek Sharma, ईशान किशन (विकेटकीपर), हेनरिक क्लासेन, सलिल अरोड़ा, अनिकेत वर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्ष दुबे, शिवांग कुमार, हर्षल पटेल, इशान मलिंगा।

    मुकाबला होगा दिलचस्प

    दोनों टीमों की मौजूदा फॉर्म और संतुलन को देखते हुए यह मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। जहां पंजाब अपनी जीत की लय जारी रखना चाहेगी, वहीं हैदराबाद वापसी कर अंकतालिका में ऊपर चढ़ने की कोशिश करेगी।

  • वैभव सूर्यवंशी का तूफान! बुमराह-हेजलवुड की धुनाई के बाद दिया बेबाक जवाब

    वैभव सूर्यवंशी का तूफान! बुमराह-हेजलवुड की धुनाई के बाद दिया बेबाक जवाब


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में Rajasthan Royals के युवा स्टार Vaibhav Suryavanshi ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से हर किसी को हैरान कर दिया है। बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में Royal Challengers Bengaluru के खिलाफ खेले गए मुकाबले में वैभव ने 26 गेंदों पर 78 रन की तूफानी पारी खेलकर टीम को शानदार जीत दिलाई और प्लेयर ऑफ द मैच बने।

    “बॉलर नहीं, सिर्फ गेंद पर रहता है फोकस”

    मैच के बाद वैभव सूर्यवंशी ने अपनी सफलता का राज बताते हुए बेहद दिलचस्प बयान दिया। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजी करते समय वह गेंदबाज के नाम या कद से प्रभावित नहीं होते। उन्होंने साफ कहा, “मैं बल्लेबाजी के दौरान सिर्फ गेंद को देखता हूं, गेंदबाज को नहीं। चाहे सामने Jasprit Bumrah हों या Josh Hazlewood, मैं गेंद के हिसाब से ही शॉट खेलता हूं। उनकी यही बेखौफ सोच उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है और यही वजह है कि वह लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।

    आउट होने पर रहता है अफसोस

    वैभव ने अपनी बल्लेबाजी को लेकर एक और अहम बात कही। उन्होंने माना कि आउट होने के बाद उन्हें काफी निराशा होती है। उनके मुताबिक, “अगर मैं क्रीज पर टिका रहूं तो टीम के लिए 10-20 रन और जोड़ सकता हूं या लक्ष्य का पीछा करते समय मैच जल्दी खत्म कर सकता हूं। गलत शॉट खेलकर आउट होना टीम को नुकसान पहुंचाता है, इसलिए मुझे अफसोस होता है। यह सोच दिखाती है कि इतनी कम उम्र में भी वैभव टीम के लिए जिम्मेदारी को अच्छी तरह समझते हैं।

    परिवार और कोच का बड़ा योगदान

    इस युवा बल्लेबाज ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार और कोचिंग स्टाफ को दिया। उन्होंने बताया कि उनके पिता और कोच लगातार उन्हें गाइड करते रहते हैं।

    इसके अलावा टीम में मौजूद उनके गार्जियन रोमी सर भी उन्हें सही दिशा दिखाते हैं। वैभव के अनुसार, सभी उन्हें यही समझाते हैं कि क्रिकेट एक लंबा सफर है और ध्यान सिर्फ अपने खेल और प्रोसेस पर होना चाहिए।

    मैच का पूरा रोमांच

    मुकाबले में आरसीबी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 201 रन का मजबूत स्कोर बनाया। कप्तान Rajat Patidar ने 63 रन, Virat Kohli ने 32 रन, वेंकटेश अय्यर ने 29 और रोमारियो शेफर्ड ने 22 रन का योगदान दिया।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी राजस्थान की शुरुआत अच्छी नहीं रही और Yashasvi Jaiswal जल्दी आउट हो गए। लेकिन इसके बाद वैभव सूर्यवंशी और Dhruv Jurel ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।

    दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 37 गेंदों में 108 रन की साझेदारी हुई, जिसने आरसीबी को मुकाबले से बाहर कर दिया। वैभव के आउट होने के बाद जुरेल (81*) और Ravindra Jadeja (24*) ने नाबाद साझेदारी कर टीम को 2 ओवर पहले ही जीत दिला दी।

    ऑरेंज कैप पर भी कब्जा

    इस शानदार पारी के साथ वैभव सूर्यवंशी आईपीएल 2026 में ऑरेंज कैप होल्डर भी बन गए हैं। लगातार शानदार प्रदर्शन के चलते वह इस सीजन के सबसे बड़े उभरते सितारे बन चुके हैं।

    टीम के लिए गेम चेंजर बन रहे वैभव

    राजस्थान रॉयल्स के लिए वैभव सूर्यवंशी इस समय सबसे बड़े मैच विनर बनकर उभरे हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और निडर सोच टीम को हर मैच में बढ़त दिला रही है। अगर उनका यही फॉर्म जारी रहता है, तो वह इस सीजन में कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं और टीम को खिताब दिलाने में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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    IPL 2026: RR टॉप पर कायम, वैभव-बिश्नोई की चमक से टीम मजबूत


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में Rajasthan Royals का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में टीम ने Royal Challengers Bengaluru को 6 विकेट से हराकर न सिर्फ जीत का चौका लगाया, बल्कि अंकतालिका में भी अपनी बादशाहत कायम रखी। इस जीत के साथ राजस्थान 4 मैचों में 4 जीत और 8 अंकों के साथ टॉप पर मजबूती से काबिज है।

    वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी ने बदला मैच का रुख

    इस मुकाबले में सबसे बड़ी भूमिका युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi ने निभाई। उन्होंने सिर्फ 26 गेंदों पर 78 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर मैच को एकतरफा बना दिया। उनकी इस पारी में 7 छक्के और 8 चौके शामिल रहे। वैभव ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और आरसीबी के गेंदबाजों को संभलने का मौका नहीं दिया।

    उनका साथ Dhruv Jurel ने बखूबी निभाया, जिन्होंने 43 गेंदों पर 81 रन बनाकर टीम को जीत तक पहुंचाया। अंत में Ravindra Jadeja ने 24 रन बनाकर मैच को फिनिश किया।

    आरसीबी की मजबूत शुरुआत बेकार गई

    इससे पहले आरसीबी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 201 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। कप्तान Rajat Patidar ने 63 रन की शानदार पारी खेली, जबकि Virat Kohli ने 32 रन बनाए। इसके अलावा वेंकटेश अय्यर (29) और रोमारियो शेफर्ड (22) ने भी योगदान दिया।

    हालांकि, इतने बड़े स्कोर के बावजूद आरसीबी के गेंदबाज राजस्थान की आक्रामक बल्लेबाजी के सामने बेबस नजर आए।

    अंकतालिका में RR का दबदबा

    इस जीत के बाद राजस्थान रॉयल्स ने अंकतालिका में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। टीम 4 में से 4 मुकाबले जीतकर 8 अंकों के साथ पहले स्थान पर है।

    दूसरे स्थान पर Punjab Kings 5 अंकों के साथ मौजूद है, जबकि आरसीबी और Delhi Capitals 4-4 अंकों के साथ क्रमश: तीसरे और चौथे स्थान पर हैं।

    इसके अलावा Lucknow Super Giants पांचवें, Sunrisers Hyderabad छठे, Gujarat Titans सातवें, Mumbai Indians आठवें, Kolkata Knight Riders नौवें और Chennai Super Kings दसवें स्थान पर है।

    ऑरेंज और पर्पल कैप भी RR के नाम

    इस सीजन में राजस्थान रॉयल्स का दबदबा सिर्फ टीम प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्तिगत उपलब्धियों में भी टीम आगे है।

    सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में वैभव सूर्यवंशी 4 मैचों में 200 रन बनाकर ऑरेंज कैप होल्डर बन गए हैं। वहीं गेंदबाजी में Ravi Bishnoi 4 मैचों में 9 विकेट लेकर पर्पल कैप अपने नाम किए हुए हैं।

    टीम वर्क बना जीत की असली ताकत

    राजस्थान रॉयल्स की इस सफलता के पीछे सबसे बड़ी वजह टीम का सामूहिक प्रदर्शन है। बल्लेबाजी में जहां युवा खिलाड़ियों ने जिम्मेदारी उठाई, वहीं गेंदबाजों ने भी जरूरत के समय विकेट लेकर टीम को मैच में बनाए रखा।

    अगर टीम इसी तरह संतुलित प्रदर्शन करती रही, तो इस सीजन में उसे खिताब का प्रबल दावेदार माना जा सकता है।