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  • गोल्डन डक से बना काला अध्याय अभिषेक शर्मा ने तोड़ा रोहित शर्मा का अनचाहा रिकॉर्ड

    गोल्डन डक से बना काला अध्याय अभिषेक शर्मा ने तोड़ा रोहित शर्मा का अनचाहा रिकॉर्ड


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के रोमांचक सीजन के बीच एक ऐसा आंकड़ा सामने आया है जिसने क्रिकेट प्रेमियों को हैरान कर दिया है। सनराइजर्स हैदराबाद के युवा ओपनर अभिषेक शर्मा के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज हो गया है जिसे कोई भी बल्लेबाज अपने करियर से जोड़ना नहीं चाहेगा। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में वह पहली ही गेंद पर आउट हो गए और इस गोल्डन डक के साथ उन्होंने साल 2026 में टी20 क्रिकेट में सातवीं बार शून्य पर आउट होने का अनचाहा आंकड़ा छू लिया।

    यह केवल एक खराब पारी नहीं थी बल्कि एक ऐसे सिलसिले की कड़ी थी जो अब चिंता का विषय बन चुका है। अभिषेक ने इस प्रदर्शन के साथ एक कैलेंडर वर्ष में किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड रोहित शर्मा और संजू सैमसन के नाम था जिन्होंने अलग अलग सालों में छह छह बार शून्य पर आउट होने का आंकड़ा छुआ था। लेकिन अभिषेक ने इस आंकड़े को पीछे छोड़ते हुए नया नकारात्मक रिकॉर्ड बना दिया है।

    सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जहां रोहित शर्मा और संजू सैमसन ने अपने रिकॉर्ड 32 पारियों में बनाए थे वहीं अभिषेक शर्मा ने मात्र 18 पारियों में ही सात बार शून्य पर आउट होकर यह आंकड़ा हासिल कर लिया। यह आंकड़ा उनकी आक्रामक शैली के साथ साथ उनकी अस्थिरता को भी उजागर करता है। हालांकि उनके बल्लेबाजी आंकड़ों पर नजर डालें तो तस्वीर पूरी तरह निराशाजनक नहीं है। आईपीएल 2026 में उन्होंने अब तक पांच पारियों में 25.80 की औसत और 215.80 के जबरदस्त स्ट्राइक रेट से 129 रन बनाए हैं जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 74 रन रहा है।

    आईपीएल से पहले खेले गए टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी उनका प्रदर्शन उतार चढ़ाव से भरा रहा। दुनिया के नंबर एक टी20 बल्लेबाज के रूप में मैदान पर उतरे अभिषेक अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरे नहीं उतर सके और आठ पारियों में केवल 141 रन ही बना पाए। हालांकि न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल मुकाबले में 52 रन की अहम पारी खेलकर उन्होंने अपनी क्षमता का परिचय जरूर दिया।

    अगर साल 2026 के कुल प्रदर्शन पर नजर डालें तो उन्होंने 18 टी20 मैचों में 26.58 की औसत और 203.60 के स्ट्राइक रेट से 452 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से पांच अर्धशतक निकले हैं लेकिन सात बार शून्य पर आउट होना उनकी निरंतरता पर सवाल खड़े कर रहा है।

    राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मुकाबले में अभिषेक की विफलता के बावजूद सनराइजर्स हैदराबाद की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। ईशान किशन ने जिम्मेदारी संभालते हुए 44 गेंदों में 91 रन की विस्फोटक पारी खेली और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। उनके साथ हेनरिच क्लासेन और ट्रेविस हेड ने भी अहम योगदान दिया जिससे टीम ने 20 ओवर में 216 रन बनाए।

    जवाब में राजस्थान रॉयल्स की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम ने शुरुआती तीन ओवर में ही पांच विकेट गंवा दिए। सनराइजर्स के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विपक्षी टीम को 159 रन पर समेट दिया और 57 रन से बड़ी जीत दर्ज की।

    इस पूरे मुकाबले में जहां एक तरफ हैदराबाद की जीत ने टीम को मजबूती दी वहीं दूसरी तरफ अभिषेक शर्मा का यह रिकॉर्ड चर्चा का केंद्र बन गया है। यह आंकड़ा उनके लिए एक चेतावनी की तरह है कि आक्रामकता के साथ निरंतरता भी उतनी ही जरूरी है। आने वाले मैचों में सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि क्या वह इस दबाव से उबरकर अपने खेल को नई दिशा दे पाते हैं या नहीं।

  • आईपीएल 2026 में ऑरेंज और पर्पल कैप की रेस हुई बेहद रोमांचक, हर मैच के साथ बदल रहा है शीर्ष खिलाड़ियों का समीकरण

    आईपीएल 2026 में ऑरेंज और पर्पल कैप की रेस हुई बेहद रोमांचक, हर मैच के साथ बदल रहा है शीर्ष खिलाड़ियों का समीकरण

    नई दिल्ली:   इंडियन प्रीमियर लीग २०२६ के मैदानों पर बल्ले और गेंद के बीच छिड़ी जंग अब एक रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुकी है। टूर्नामेंट के आगे बढ़ने के साथ ही व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर मिलने वाले शीर्ष सम्मानों की होड़ तेज हो गई है। खिलाड़ियों के बीच मैदान पर जारी इस स्वस्थ प्रतिस्पर्धा ने न केवल मैचों के रोमांच को बढ़ाया है बल्कि दर्शकों की उत्सुकता को भी चरम पर पहुंचा दिया है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार कुछ अनुभवी और कुछ युवा खिलाड़ियों ने अपनी खेल प्रतिभा के दम पर सूची में अपनी जगह मजबूत कर ली है जिससे यह स्पष्ट है कि इस साल का खिताब जीतने के लिए खिलाड़ियों को अपने कौशल की सीमाओं को पार करना होगा।

    बल्लेबाजी के मोर्चे पर दक्षिण अफ्रीकी दिग्गज हेनरिक क्लासेन ने अपने बल्ले से कोहराम मचा रखा है। उन्होंने अपनी आक्रामक और बेखौफ बल्लेबाजी के जरिए विपक्षी गेंदबाजों की रणनीतियों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। क्लासेन की सबसे बड़ी ताकत मैदान के हर कोने में रन बनाने की उनकी क्षमता और स्पिनरों के खिलाफ उनका दबदबा है। उनकी हालिया पारियों ने उन्हें वर्तमान में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की फेहरिस्त में सबसे ऊपर लाकर खड़ा कर दिया है। कठिन परिस्थितियों में शांत रहकर बड़े शॉट खेलने की उनकी कला ने उन्हें इस सीजन का सबसे खतरनाक बल्लेबाज बना दिया है और वह ऑरेंज कैप की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं।

    दूसरी ओर गेंदबाजी में भारतीय तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा अपनी आग उगलती गेंदों से कहर बरपा रहे हैं। उन्होंने अपनी गति और सटीक बाउंसरों का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए बल्लेबाजों को टिकने का कोई मौका नहीं दिया है। सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की श्रेणी में उन्होंने अपना दबदबा कायम किया है और वर्तमान में पर्पल कैप पर अपना अधिकार जमा रखा है। प्रसिद्ध कृष्णा ने न केवल शुरुआती ओवरों में विकेट चटकाए हैं बल्कि अंतिम ओवरों में भी अपनी यॉर्कर और धीमी गति की गेंदों से रनों की गति पर अंकुश लगाया है। उनकी यह शानदार फॉर्म उनकी टीम के लिए रक्षा कवच साबित हो रही है और विपक्षी बल्लेबाजी क्रम के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

    टूर्नामेंट में कुछ खिलाड़ियों के लिए उतार चढ़ाव का दौर भी देखने को मिला है। वैभव अरोड़ा जैसे प्रतिभावान खिलाड़ियों ने जहां कुछ मैचों में अपनी चमक बिखेरी वहीं कुछ मौकों पर वह अपनी लय हासिल करने के लिए संघर्ष करते दिखे। हालांकि उनकी क्षमता पर किसी को संदेह नहीं है और आने वाले मैचों में उनके पास जोरदार वापसी करने का पूरा अवसर है। क्रिकेट के इस छोटे प्रारूप में एक स्पेल या एक पारी किसी भी खिलाड़ी की किस्मत बदल सकती है। खिलाड़ियों के बीच इस शीर्ष स्थान को हासिल करने की जद्दोजहद ने खेल के स्तर को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बना दिया है जहां हर गलती की सजा बड़ी कीमत चुकाकर भुगतनी पड़ती है।

    आने वाले हफ्तों में यह देखना बेहद रोमांचक होगा कि क्या क्लासेन और प्रसिद्ध कृष्णा अपने इस स्वर्णिम सफर को जारी रख पाते हैं या कोई अन्य खिलाड़ी इस दौड़ में उन्हें पीछे छोड़ देता है। सभी टीमों के कोच और कप्तान अब विशेष रूप से इन शीर्ष खिलाड़ियों के लिए अलग रणनीतियां तैयार कर रहे हैं। जैसे-जैसे नॉकआउट चरण करीब आएगा व्यक्तिगत उपलब्धियों के साथ-साथ टीम की सफलता का दबाव भी बढ़ेगा। फिलहाल क्रिकेट के इस महाकुंभ ने यह साबित कर दिया है कि यहां केवल वही टिक सकता है जिसके पास तकनीक के साथ-साथ धैर्य और मानसिक मजबूती का बेजोड़ संगम हो।

  • मुंबई इंडियंस के लिए बड़ा झटका? रोहित शर्मा की चोट पर टिकी टीम की निगाहें

    मुंबई इंडियंस के लिए बड़ा झटका? रोहित शर्मा की चोट पर टिकी टीम की निगाहें


    नई दिल्ली। मुंबई इंडियंस के लिए आईपीएल 2026 का सफर पहले ही मुश्किलों भरा रहा है, और अब टीम के लिए एक और बड़ा झटका सामने आ सकता है। टीम के अनुभवी बल्लेबाज और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा की हैमस्ट्रिंग इंजरी ने टीम मैनेजमेंट की चिंता बढ़ा दी है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी चोट की गंभीरता जानने के लिए स्कैन कराया जाएगा, जिसके बाद ही यह तय होगा कि वह अगले मैच में खेल पाएंगे या नहीं।

    RCB के खिलाफ बीच में छोड़नी पड़ी पारी

    रविवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मैच में रोहित शर्मा ने 13 गेंदों पर 19 रन बनाए थे, जिसमें 2 चौके और 1 छक्का शामिल था।

    लेकिन पारी के दौरान पावरप्ले में उन्हें हैमस्ट्रिंग में खिंचाव महसूस हुआ। फिजियो के इलाज के बाद भी वे पूरी तरह फिट नहीं हो पाए और अंततः रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ना पड़ा।

    स्कैन के बाद तय होगा आगे का फैसला

    मैच के बाद टीम के स्टाफ ने बताया कि रोहित की चोट को लेकर अभी स्पष्ट स्थिति नहीं है। स्कैन रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि वह 16 अप्रैल को होने वाले अगले मैच में खेल पाएंगे या नहीं।

    फिलहाल टीम मैनेजमेंट सतर्क है और किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती।

    इस सीजन में रोहित का प्रदर्शन

    आईपीएल 2026 में रोहित शर्मा ने अब तक 4 मैचों में 137 रन बनाए हैं, जिसमें एक अर्धशतक भी शामिल है। आरसीबी के खिलाफ मैच में उन्होंने अपने आईपीएल करियर में मुंबई इंडियंस के लिए 6000 रन भी पूरे किए।

    मुंबई के लिए क्यों अहम हैं रोहित?

    रोहित शर्मा पिछले 15 सालों से मुंबई इंडियंस का हिस्सा हैं और उनकी कप्तानी में टीम ने 5 आईपीएल खिताब जीते हैं। ऐसे में उनकी फिटनेस टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

    टीम पर असर

    पहले से ही लगातार तीन हार झेल रही मुंबई इंडियंस के लिए यह चोट बड़ा झटका साबित हो सकती है। अगर रोहित अगले मैच से बाहर रहते हैं तो टीम की बल्लेबाजी और अनुभव दोनों पर असर पड़ेगा।

  • महिला क्रिकेट में ऐतिहासिक कदम: टी20 वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा प्राइज पूल घोषित

    महिला क्रिकेट में ऐतिहासिक कदम: टी20 वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा प्राइज पूल घोषित


    नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने आगामी ICC विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए प्राइज मनी में ऐतिहासिक बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इस बार टूर्नामेंट में कुल इनाम राशि 87.64 लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग 730 करोड़ रुपये से अधिक) रखी गई है, जो पिछले संस्करण की तुलना में करीब 10 प्रतिशत ज्यादा है। ICC का यह कदम महिला क्रिकेट को वैश्विक स्तर पर और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा माना जा रहा है।

    विजेता को मिलेगा रिकॉर्ड 2.34 मिलियन डॉलर

    टूर्नामेंट की सबसे बड़ी इनामी राशि इस बार विजेता टीम को दी जाएगी। चैंपियन बनने वाली टीम को 2.34 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 19.5 करोड़ रुपये) मिलेंगे।

    वहीं-

    उपविजेता को: 1.17 मिलियन डॉलर
    सेमीफाइनल हारने वाली टीमों को: 6.75 लाख डॉलर
    हर ग्रुप मैच जीतने पर: 31,154 डॉलर
    इसके अलावा सभी 12 टीमों को कम से कम 2,47,500 डॉलर की गारंटीड राशि मिलेगी।

    पहली बार 12 टीमों का बड़ा टूर्नामेंट

    इस बार टूर्नामेंट का सबसे बड़ा बदलाव यह है कि इसे पहली बार 10 से बढ़ाकर 12 टीमों का किया गया है। इससे प्रतियोगिता और भी रोमांचक और प्रतिस्पर्धी हो जाएगी।

    भाग लेने वाली टीमें होंगी-
    भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, आयरलैंड, नीदरलैंड्स और स्कॉटलैंड।

    महिला क्रिकेट के इतिहास में सबसे बड़ी इनामी राशि

    ICC के मुताबिक यह अब तक की सबसे बड़ी महिला टी20 प्रतियोगिता प्राइज मनी है। इससे पहले यूएई में हुए पिछले संस्करण में कुल इनाम राशि लगभग 79.58 लाख डॉलर थी। इस बार की बढ़ोतरी से साफ है कि महिला क्रिकेट को भी अब पुरुष क्रिकेट के बराबर लेवल पर लाने की कोशिश तेज हो गई है।

    इंग्लैंड में होगा आयोजन, 7 वेन्यू पर मुकाबले

    ICC विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन 12 जून 2026 से इंग्लैंड में शुरू होगा। टूर्नामेंट 24 दिनों तक चलेगा और कुल 33 मैच खेले जाएंगे। मैच 7 अलग-अलग वेन्यू पर होंगे, जबकि उद्घाटन मुकाबला इंग्लैंड और श्रीलंका के बीच एजबेस्टन (बर्मिंघम) में खेला जाएगा।

    ICC का बयान: महिला क्रिकेट में तेज़ी से बढ़ रहा निवेश

    ICC के CEO ने कहा कि महिला क्रिकेट लगातार तेजी से आगे बढ़ रहा है और यह बढ़ी हुई प्राइज मनी उसी दिशा में एक मजबूत कदम है। उन्होंने कहा कि अब महिला खिलाड़ियों को बड़े मंच और बेहतर अवसर मिल रहे हैं। टूर्नामेंट डायरेक्टर ने भी इसे ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह महिला क्रिकेट के लिए अब तक का सबसे बड़ा और सबसे लोकप्रिय इवेंट साबित हो सकता है।

    ICC का यह फैसला महिला क्रिकेट को नई ऊंचाई देने वाला साबित हो सकता है। बढ़ती प्राइज मनी और टीमों की संख्या से न सिर्फ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, बल्कि महिला क्रिकेट की ग्लोबल पहचान भी और मजबूत होगी।

  • SRH vs RR: हैदराबाद की पिच बल्लेबाजों की होगी मददगार या गेंदबाजों का चलेगा जादू?

    SRH vs RR: हैदराबाद की पिच बल्लेबाजों की होगी मददगार या गेंदबाजों का चलेगा जादू?


    नई दिल्ली । IPL 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स (SRH vs RR) के बीच मुकाबला हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। इस मैच से पहले पिच रिपोर्ट को लेकर फैंस और फैंटेसी प्लेयर्स में काफी उत्सुकता है क्योंकि यहां की परिस्थितियां अक्सर मैच का रुख तय करती हैं।

    SRH vs RR: पिच रिपोर्ट और कंडीशन
    हैदराबाद की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है। यहां गेंद बल्ले पर अच्छी तरह आती है, जिससे बड़े स्कोर बनने की संभावना रहती है। शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को हल्की मदद मिल सकती है, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, बल्लेबाज हावी होते नजर आते हैं।

    दूसरी पारी में स्पिनर्स की भूमिका बढ़ जाती है, खासकर जब पिच थोड़ी धीमी हो जाती है। ऐसे में मिडिल ओवर्स में स्पिन गेंदबाज मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हो सकते हैं।

    टॉस और मैच रणनीति
    इस मैदान पर टॉस जीतने वाली टीम अक्सर पहले गेंदबाजी का फैसला करती है। इसका कारण है कि दूसरी पारी में बल्लेबाजी करना थोड़ा आसान हो जाता है और ओस भी अहम भूमिका निभाती है।

    टीमों के लिए सही कॉम्बिनेशन चुनना बेहद जरूरी होगा। जहां एक तरफ बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका मिलेगा, वहीं गेंदबाजों को अपनी लाइन-लेंथ पर खास ध्यान देना होगा। कुल मिलाकर यह मुकाबला हाई स्कोरिंग होने की पूरी उम्मीद है, जिसमें आखिरी ओवर तक रोमांच बना रह सकता है।

    सनराइजर्स हैदराबाद की आईपीएल 2026 की टीम: (Sunrisers Hyderabad Full Squads)

    ईशान किशन (कप्तान), ट्रैविस हेड, अभिषेक शर्मा, अनिकेत वर्मा, आर. स्मरण, हेनरिक क्लासेन, नितीश कुमार रेड्डी, हर्ष दुबे, कामिंदु मेंडिस, हर्षल पटेल, ब्रायडन कार्स, जयदेव उनादकट, ईशान मलिंगा, जीशान अंसारी, लियाम लिविंगस्टोन, शिवम मावी, सलिल अरोड़ा, शिवांग कुमार, ओंकार टारमाले, क्रेन्स फुलेट्रा, प्रफुल्ल हिंगे, अमित कुमार, साकिब हुसैन, जैक एडवर्ड्स और पैट कमिंस।

    राजस्थान रॉयल्स की आईपीएल 2026 की टीम: (Rajasthan Royals Full Squads)

    रियान पराग (कप्तान), ध्रुव जुरेल, डोनोवन फरेरा, लुआन-ड्रे प्रिटोरियस, रवि सिंह, अमन पेराला, शिमरोन हेटमायर, शुभम दुबे, वैभव सूर्यवंशी, यशस्वी जायसवाल, रविंद्र जडेजा, सैम कुरेन, एडम मिल्ने, बृजेश शर्मा, जोफ्रा आर्चर, कुलदीप सेन, क्वेना मफाका, नांद्रे बर्गर, रवि बिश्नोई और संदीप शर्मा।

  • फॉर्मूला 1 की भारत वापसी की तैयारी: सरकार ने शुरू की पहल, जल्द मिल सकती है खुशखबरी

    फॉर्मूला 1 की भारत वापसी की तैयारी: सरकार ने शुरू की पहल, जल्द मिल सकती है खुशखबरी


    नई दिल्ली। केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने देश के खेल प्रेमियों को बड़ी उम्मीद दी है। उन्होंने संकेत दिए हैं कि भारत में दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित मोटरस्पोर्ट प्रतियोगिता फॉर्मूला 1 की वापसी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं और यह 2027 से पहले देश में दोबारा आयोजित हो सकती है। मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य भारत को अंतरराष्ट्रीय मोटरस्पोर्ट्स का बड़ा केंद्र बनाना है और इसी दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

    खेल मंत्री ने मीडिया से बातचीत में बताया कि फॉर्मूला 1 की वापसी को लेकर ट्रैक और तकनीकी स्तर की कई अहम बाधाएं दूर कर ली गई हैं। उनके अनुसार अगले छह महीनों में बाकी तैयारियों को भी पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार चाहती है कि लंबे अंतराल के बाद भारत एक बार फिर दुनिया के सबसे तेज और रोमांचक रेसिंग इवेंट की मेजबानी करे। उन्होंने कहा कि इस दिशा में संबंधित एजेंसियां और खेल मंत्रालय मिलकर तेजी से काम कर रहे हैं ताकि समयसीमा के भीतर सभी व्यवस्थाएं पूरी हो सकें।

    भारत में पहले भी फॉर्मूला 1 का आयोजन हो चुका है, जब 2011 से 2013 के बीच ग्रेटर नोएडा स्थित बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट में इंडियन ग्रां प्री का आयोजन किया गया था। यह ट्रैक प्रसिद्ध डिजाइनर हरमन टिल्के द्वारा तैयार किया गया था और इसे दुनिया के बेहतरीन रेसिंग ट्रैकों में गिना जाता है। शुरुआती तीन सीजन में सेबेस्टियन वेट्टल ने रेड बुल रेसिंग के लिए लगातार जीत दर्ज कर दबदबा बनाया था, जिससे भारत में इस खेल को काफी लोकप्रियता मिली थी।

    हालांकि 2013 के बाद यह आयोजन भारत में बंद हो गया था। इसके पीछे मुख्य कारण टैक्स संबंधी विवाद, आयोजन की भारी लागत और प्रशासनिक चुनौतियां बताई जाती हैं। इसके बाद यह रेस फॉर्मूला 1 कैलेंडर से पूरी तरह बाहर हो गई। अब सरकार का दावा है कि पुराने अनुभवों से सीख लेते हुए नए मॉडल पर काम किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन स्थायी रूप से भारत में हो सकें।

    खेल मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल फॉर्मूला 1 ही नहीं बल्कि अन्य अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों जैसे मोटोजीपी को भी भारत में लाने की दिशा में प्रयास चल रहे हैं। सरकार का मानना है कि इससे देश में खेल संस्कृति मजबूत होगी, युवाओं को नए अवसर मिलेंगे और भारत की वैश्विक पहचान और भी सशक्त होगी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत में फॉर्मूला 1 की वापसी होती है तो इससे खेल पर्यटन, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को बड़ा फायदा मिलेगा। साथ ही, भारत वैश्विक खेल मानचित्र पर एक बार फिर मजबूत उपस्थिति दर्ज कर सकेगा। खेल प्रेमियों में इस घोषणा के बाद उत्साह देखा जा रहा है और सभी को आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

    खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा है कि भारत में फॉर्मूला 1 की वापसी की तैयारियां चल रही हैं और 2027 से पहले रेस दोबारा हो सकती है। सरकार ट्रैक और इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम कर रही है, जिससे भारत फिर से इंटरनेशनल मोटरस्पोर्ट्स का बड़ा केंद्र बन सके।

  • रजत पाटीदार और फिल साल्ट की आक्रामक पारियों ने मुंबई के गेंदबाजी आक्रमण को किया ध्वस्त।

    रजत पाटीदार और फिल साल्ट की आक्रामक पारियों ने मुंबई के गेंदबाजी आक्रमण को किया ध्वस्त।

    नई दिल्ली। आईपीएल के रोमांचक मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुंबई इंडियंस को एकतरफा अंदाज में पराजित कर दिया। इस मुकाबले में बेंगलुरु के बल्लेबाजों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए शुरुआत से ही मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। राजत पाटीदार और फिल सॉल्ट की विस्फोटक बल्लेबाजी ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया और मुंबई के गेंदबाजों को पूरी तरह दबाव में ला दिया। दोनों बल्लेबाजों ने न केवल तेजी से रन बनाए बल्कि साझेदारी के जरिए टीम को एक मजबूत स्थिति में पहुंचाया, जिससे विपक्षी टीम के लिए वापसी करना बेहद मुश्किल हो गया।

    मैच की शुरुआत में मुंबई इंडियंस ने गेंदबाजी का चयन किया, लेकिन उनका यह फैसला जल्द ही गलत साबित होने लगा। बेंगलुरु के बल्लेबाजों ने शुरुआती ओवरों से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और हर गेंदबाज पर दबाव बनाया। फिल सॉल्ट ने अपनी स्वाभाविक शैली में तेज रन बनाते हुए मैदान के चारों ओर शॉट्स खेले, जबकि राजत पाटीदार ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। दोनों के बीच हुई मजबूत साझेदारी ने टीम को एक विशाल स्कोर की दिशा में अग्रसर किया।

    मुंबई की ओर से गेंदबाजी में लय की कमी साफ नजर आई। प्रमुख गेंदबाज विकेट लेने में असफल रहे और रन रोकने में भी नाकाम साबित हुए। फील्डिंग में भी कुछ गलतियां देखने को मिलीं, जिसने स्थिति को और कठिन बना दिया। बेंगलुरु के बल्लेबाजों ने इन कमजोरियों का पूरा फायदा उठाया और लगातार रन गति को ऊंचा बनाए रखा। पारी के अंत तक टीम ने एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा कर दिया, जो मुंबई के लिए पीछा करना आसान नहीं था।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की शुरुआत भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने से टीम दबाव में आ गई और बल्लेबाजों को रन बनाने में संघर्ष करना पड़ा। मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने पारी को संभालने की कोशिश जरूर की, लेकिन रन रेट लगातार बढ़ता गया और आवश्यक गति हासिल करना मुश्किल हो गया। बेंगलुरु के गेंदबाजों ने अनुशासित गेंदबाजी करते हुए विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया और नियमित अंतराल पर विकेट लेते रहे।

    मैच के दौरान बेंगलुरु की रणनीति और निष्पादन दोनों ही स्तर पर बेहतर नजर आए। बल्लेबाजी में आक्रामकता और गेंदबाजी में संयम ने टीम को एक संतुलित प्रदर्शन दिया। वहीं मुंबई इंडियंस की टीम इस मुकाबले में हर विभाग में पिछड़ती नजर आई। यह जीत बेंगलुरु के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली साबित हुई, जबकि मुंबई को अपनी कमजोरियों पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत महसूस होगी।

  • वैभव सूर्यवंशी पर भरोसा, अरुण धूमल बोले-टीम इंडिया में जल्द मिल सकता है मौका

    वैभव सूर्यवंशी पर भरोसा, अरुण धूमल बोले-टीम इंडिया में जल्द मिल सकता है मौका


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में अपने विस्फोटक प्रदर्शन से सनसनी मचा रहे 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ी बात सामने आई है। आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल ने इस युवा खिलाड़ी की जमकर तारीफ करते हुए कहा है कि उनमें भारत के लिए सबसे कम उम्र में डेब्यू करने की क्षमता है।

    “इतने कम उम्र में ऐसा टैलेंट दुर्लभ”

    अरुण धूमल ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी बहुत कम देखने को मिलते हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में भारतीय टीम में ओपनिंग के लिए जगह भले ही खाली न हो, लेकिन इतनी कम उम्र में इस तरह का प्रदर्शन चयनकर्ताओं के लिए “जिंदगी में एक बार मिलने वाला मौका” हो सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि वह तुरंत टीम इंडिया में शामिल करने की वकालत नहीं कर रहे हैं।

    दिग्गज गेंदबाजों के खिलाफ दिखाई ताकत

    वैभव सूर्यवंशी ने इस सीजन में जसप्रीत बुमराह, जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार जैसे विश्वस्तरीय गेंदबाजों के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी कर अपनी प्रतिभा साबित की है। उनके शॉट चयन और आक्रामक अंदाज ने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

    रिकॉर्डतोड़ पारियां, हर कोई हुआ प्रभावित

    हाल ही में गुवाहाटी में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ सूर्यवंशी ने सिर्फ 26 गेंदों में 78 रन की तूफानी पारी खेली, जिससे राजस्थान रॉयल्स को शानदार जीत मिली।

    इससे पहले उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ महज 15 गेंदों में अर्धशतक जड़कर सबको चौंका दिया था। खास बात यह है कि इस सीजन में उनकी दोनों फिफ्टी सिर्फ 15-15 गेंदों में आई हैं।

    ऑरेंज कैप पर कब्जा

    वैभव सूर्यवंशी ने अब तक 4 मैचों में 200 रन बनाकर IPL Orange Cap अपने नाम कर ली है। इतनी कम उम्र में इस तरह का प्रदर्शन उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाता है।

    टीम इंडिया के लिए मजबूत दावेदारी

    लगातार शानदार प्रदर्शन के चलते सूर्यवंशी ने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा है। भले ही अभी टीम इंडिया में जगह बनाना आसान न हो, लेकिन भविष्य में वह भारतीय क्रिकेट के बड़े सितारे बन सकते हैं।

  • संजू सैमसन की पारी पर कुंबले का बड़ा बयान, समझदारी भरी बल्लेबाजी ने जीता दिल

    संजू सैमसन की पारी पर कुंबले का बड़ा बयान, समझदारी भरी बल्लेबाजी ने जीता दिल


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने आखिरकार अपने प्रदर्शन से आलोचकों को करारा जवाब दिया है। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में उन्होंने तूफानी शतक जड़ते हुए अपनी टीम को शानदार जीत दिलाई। उनकी इस दमदार पारी की क्रिकेट जगत में जमकर तारीफ हो रही है।

    कुंबले ने की जमकर सराहना

    पूर्व भारतीय कप्तान अनिल कुंबले ने सैमसन की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी “गेम अवेयरनेस” बेहद शानदार है। उन्होंने बताया कि सैमसन ने पूरे मैदान में शॉट लगाए और किसी एक दिशा पर निर्भर नहीं रहे।
    कुंबले के अनुसार, सैमसन की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने शुरुआत से ही सीधे बल्ले से खेलने पर ध्यान दिया और जरूरत पड़ने पर शॉट्स में बदलाव किया, जिससे रन बनाना आसान हो गया।

    दबाव में खेली मैच जिताऊ पारी

    संजू सैमसन पिछले तीन मैचों में बड़ी पारी खेलने में असफल रहे थे, जिसके चलते उन पर दबाव था। लेकिन इस मैच में उन्होंने 56 गेंदों पर नाबाद 115 रन ठोककर शानदार वापसी की। इस पारी में उन्होंने 15 चौके और 4 छक्के लगाए। उनकी इस पारी के दम पर टीम ने दिल्ली कैपिटल्स को 23 रन से हराया।

    “पहला शतक, बड़ी राहत”

    कुंबले ने कहा कि यह शतक सैमसन के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी टीम के लिए राहत भरा है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि टी20 विश्व कप में सैमसन कई बार 90 के पार पहुंचकर शतक नहीं बना पाए थे, लेकिन इस बार उन्होंने मौका नहीं गंवाया।

    पुजारा बोले- जीत से बदलता है माहौल

    पूर्व भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने भी टीम के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि टीम की बॉडी लैंग्वेज से साफ दिख रहा था कि उन्हें इस जीत की सख्त जरूरत थी।
    पुजारा के मुताबिक, एक बार टीम जीत की लय पकड़ लेती है तो उसका आत्मविश्वास बढ़ता है और प्लेऑफ की उम्मीदें भी मजबूत हो जाती हैं।

    प्लेयर ऑफ द मैच बने सैमसन

    इस शानदार प्रदर्शन के लिए संजू सैमसन को “प्लेयर ऑफ द मैच” चुना गया। उनकी यह पारी न सिर्फ टीम की जीत का कारण बनी, बल्कि आईपीएल 2026 में उनकी वापसी का भी संकेत है।

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    IPL 2026: GT का बड़ा फैसला, LSG पहले करेगी बल्लेबाजी, जीत का सिलसिला जारी रखने पर नजर


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के 19वें मुकाबले में इकाना क्रिकेट स्टेडियम में गुजरात टाइटंस और लखनऊ सुपर जायंट्स आमने-सामने हैं। मुकाबले में जीटी के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया है।

    गिल बोले- निरंतरता ही दिलाएगी खिताब

    टॉस के बाद शुभमन गिल ने कहा कि पिछले मैच में मिली जीत से टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है और अब वे लगातार बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आईपीएल जैसे लंबे टूर्नामेंट में वही टीम सफल होती है जो पूरे सीजन में निरंतर प्रदर्शन करे। खास बात यह है कि गुजरात टाइटंस ने इस मैच में अपनी पिछली प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं किया है।

    पंत का भरोसा- हर मैच में देना है बेस्ट

    वहीं एलएसजी के कप्तान ऋषभ पंत ने कहा कि मौजूदा समय में पिच ऐसी होती हैं जहां पहले बल्लेबाजी या गेंदबाजी का ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने टीम के इंटेंट और जज्बे की तारीफ करते हुए कहा कि हर मैच को एक-एक करके खेलना है और अपना सर्वश्रेष्ठ देना है।

    एलएसजी की नजर लगातार तीसरी जीत पर

    लखनऊ सुपर जायंट्स ने सीजन की शुरुआत हार से की थी, लेकिन उसके बाद टीम ने शानदार वापसी करते हुए लगातार दो मुकाबले जीते हैं। 4 अंकों के साथ टीम फिलहाल अंकतालिका में पांचवें स्थान पर है और इस मैच में जीत की हैट्रिक लगाने के इरादे से उतरी है।

    गुजरात टाइटंस भी लय बरकरार रखना चाहेगी

    दूसरी ओर गुजरात टाइटंस ने तीन मैचों में से दो गंवाए हैं और एक जीत के साथ 2 अंक लेकर सातवें स्थान पर है। हालांकि टीम ने अपने पिछले मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ रोमांचक जीत दर्ज की थी और अब उसी लय को जारी रखना चाहेगी।

    दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन

    गुजरात टाइटंस:
    साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, ग्लेन फिलिप्स, राहुल तेवतिया, राशिद खान, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, अशोक शर्मा, प्रसिद्ध कृष्णा।

    लखनऊ सुपर जायंट्स:
    मिशेल मार्श, एडेन मार्कराम, ऋषभ पंत (कप्तान/विकेटकीपर), आयुष बडोनी, निकोलस पूरन, अब्दुल समद, मुकुल चौधरी, मोहम्मद शमी, आवेश खान, दिग्वेश सिंह राठी, प्रिंस यादव।