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  • भारत ने पाकिस्तान को हराकर अंडर-19 विश्व कप सेमीफाइनल में बनाई जगह

    भारत ने पाकिस्तान को हराकर अंडर-19 विश्व कप सेमीफाइनल में बनाई जगह


    बुलावायो।
    अंडर-19 वर्ल्ड कप (Under-19 World Cup) के एक बेहद रोमांचक लेकिन रणनीतिक रूप से हैरान करने वाले मुकाबले में भारत (India) ने सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया है। पाकिस्तान (Pakistan) के सामने सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए 253 रनों के लक्ष्य के साथ-साथ एक कठिन डेडलाइन भी थी, लेकिन पाकिस्तानी टीम ने सेमीफाइनल के गणित को सुलझाने के बजाय केवल मैच जीतने पर ध्यान दिया, जिसके चलते वे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। और आखिर में मैच भी नहीं जीत सके।

    सेमीफाइनल के समीकरण के अनुसार, पाकिस्तान को न केवल भारत को हराना था, बल्कि अपने नेट रन-रेट को बेहतर करने के लिए इस लक्ष्य को 33.3 ओवरों के भीतर हासिल करना था। यदि पाकिस्तान ऐसा कर लेता, तो वह भारत को पीछे छोड़कर अंतिम चार में पहुंच जाता। हालांकि, मैदान पर नजारा इसके बिल्कुल विपरीत रहा। पाकिस्तान के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही बेहद धीमी बल्लेबाजी की, जिससे ऐसा लगा कि उनका मिशन सेमीफाइनल में पहुंचना नहीं, बल्कि किसी भी तरह केवल भारत को हराना है।

    भारतीय टीम को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए या तो यह मैच जीतना था, या फिर पाकिस्तान को 33.3 ओवरों तक लक्ष्य हासिल करने से रोकना था। पाकिस्तान की धीमी शुरुआत ने भारत का काम आसान कर दिया। जैसे ही मैच 34वें ओवर में प्रवेश कर गया, भारत की सेमीफाइनल में जगह तकनीकी रूप से पक्की हो गई। पाकिस्तानी टीम की इस रणनीति पर क्रिकेट विशेषज्ञों ने हैरानी जताई है, क्योंकि उन्होंने टूर्नामेंट में बने रहने के मौके को खुद ही हाथ से जाने दिया।

    भारत ने पाकिस्तान को 58 रनों से हरा दिया। इसी के साथ टीम इंडिया ने अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में प्रवेश पा लिया है। इस मुकाबले में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेदबाजी चुनी थी। पहले बल्लेबाजी करने आई भारतीय टीम पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल पाई और 252 रनों पर ऑलआउट हो गई थी। जवाब में पाकिस्तान टीम 194 रन ही बना पाई।

    इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और अफगानिस्तान, पहले ही वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में प्रवेश पा चुके थे। ऐसे में भारत बनाम पाकिस्तान मैच पर सबकी नजरें टिकी हुई थीं, क्योंकि इसी मुकाबले का परिणाम तय करता कि सेमीफाइनल में जाने वाली चौथी टीम कौन सी होगी।

    भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 252 रनों का लक्ष्य दिया था। चूंकि नेट रन-रेट में पाकिस्तान बहुत पीछे था, इसलिए उसे 33.3 ओवरों में यह लक्ष्य हासिल करना था। उस्मान खान, कप्तान फरहान यूसुफ और सलामी बल्लेबाज हमजा जहूर ने एक समय टीम इंडिया की धड़कनें बढ़ा दी थीं, लेकिन पाकिस्तान का लोवर मिडिल ऑर्डर और पुछल्ले बल्लेबाज बुरी तरह फ्लॉप हो गए।

    पाकिस्तान टीम एक समय 30वें ओवर में केवल 2 विकेट के नुकसान पर 151 रन बना चुकी थी। पाकिस्तान का स्कोरबोर्ड 5 से ज्यादा रन रेट से आगे बढ़ रहा था। पाक टीम आसान जीत की ओर अग्रसर थी, लेकिन तभी आरएस अंबरिस ने कप्तान फरहान यूसुफ को 38 के स्कोर पर आउट कर दिया. मैच का रुख यहीं से पलट चुका था।

    इसी बीच कप्तान आयुष म्हात्रे का भी खतरनाक स्पेल शुरू हुआ, जिन्होंने थोड़ी देर बाद ही अहमद हुसैन को आउट करके पाकिस्तान टीम को संभलने का मौका नहीं दिया. इसके बाद भी उस्मान खान बचे हुए थे, लेकिन म्हात्रे ने उन्हें 66 के स्कोर पर आउट करके पवेलियन भेज दिया. म्हात्रे द्वारा लगातार 2 सेट बल्लेबाजों को आउट करना, मतलब मैच भारत की झोली में आता दिख रहा था. पाकिस्तान के अंतिम 6 विकेट महज 43 रनों के भीतर गिर गए।

  • अल्कराज ने रचा इतिहास… जोकोविच को हराकर जीता ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब

    अल्कराज ने रचा इतिहास… जोकोविच को हराकर जीता ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब


    मेलबर्न।
    स्पेन के युवा टेनिस सनसनी (Spain’s Young Tennis sensation) कार्लोस अल्कराज (Carlos Alcaraz) ने ऑस्ट्रेलियन ओपन पुरुष एकल फाइनल (Australian Open Men’s Singles Final) में दिग्गज नोवाक जोकोविच (Novak Djokovic) को चार सेटों में हराकर इतिहास रच दिया। 22 वर्षीय अल्कराज ने 2-6, 6-2, 6-3, 7-5 से शानदार जीत दर्ज करते हुए अपना करियर ग्रैंड स्लैम पूरा किया और ऐसा करने वाले सबसे युवा पुरुष खिलाड़ी बन गए।

    इस जीत के साथ अल्कराज के नाम अब कुल सात ग्रैंड स्लैम खिताब हो गए हैं—विंबलडन, फ्रेंच ओपन और यूएस ओपन में दो-दो खिताब, जबकि मेलबर्न पार्क में यह उनका पहला ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब है। वह पुरुष टेनिस में चारों ग्रैंड स्लैम जीतने वाले नौवें खिलाड़ी बन गए हैं।

    अल्कराज और इटली के जैनिक सिनर का मौजूदा दौर में दबदबा लगातार जारी है। पुरुष एकल के पिछले नौ ग्रैंड स्लैम खिताब इन्हीं दोनों खिलाड़ियों में से किसी एक ने जीते हैं। इनके अलावा आखिरी बार ग्रैंड स्लैम जीतने वाले खिलाड़ी नोवाक जोकोविच थे, जिन्होंने सितंबर 2023 में यूएस ओपन का खिताब अपने नाम किया था। इस जीत से विश्व नंबर एक अल्कराज ने एटीपी रैंकिंग में अपनी बढ़त को और मजबूत कर लिया है, जबकि सिनर दूसरे स्थान पर बने हुए हैं।

    38 वर्षीय जोकोविच इस मुकाबले में कई रिकॉर्ड तोड़ने के इरादे से उतरे थे। वह ओपन युग में सबसे उम्रदराज ग्रैंड स्लैम विजेता बनने के साथ-साथ 25वां ग्रैंड स्लैम खिताब जीतकर मार्गरेट कोर्ट (24) से आगे निकलना चाहते थे। हालांकि, यह सपना अधूरा रह गया और 1972 में 37 वर्ष की उम्र में ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतने वाले केन रोज़वॉल का रिकॉर्ड अब भी कायम है।

    फाइनल मुकाबले की शुरुआत जोकोविच ने बेहद आक्रामक अंदाज में की। शानदार सर्विस और बेसलाइन से दबाव बनाते हुए उन्होंने पहला सेट 6-2 से अपने नाम किया। पहले सेट में अल्कराज को रिटर्न पर सिर्फ दो अंक मिले और जोकोविच की जीत की संभावना मजबूत नजर आने लगी थी। दूसरे सेट से मैच की तस्वीर बदल गई। अल्कराज ने अपनी बेहतरीन मूवमेंट, सटीक ड्रॉप शॉट्स और दमदार ग्राउंडस्ट्रोक्स के दम पर वापसी की और दूसरा सेट 6-2 से जीतकर मुकाबले को बराबरी पर ला दिया। तीसरे सेट में कड़ा संघर्ष देखने को मिला, जिसे अल्कराज ने जोकोविच की सर्विस पर लंबी ड्यूस लड़ाई के बाद 6-3 से जीत लिया।

    चौथे सेट में जोकोविच ने जबरदस्त जुझारूपन दिखाया और शुरुआती गेम में सर्विस बचाने के बाद भावुक जश्न मनाया। मुकाबला बराबरी का चलता रहा, लेकिन 12वें गेम में अल्कराज ने निर्णायक दबाव बनाते हुए दो चैंपियनशिप प्वाइंट हासिल किए। पहले ही मौके पर जोकोविच का शॉट बाहर चला गया और अल्कराज ने खिताब अपने नाम कर लिया।

    टूर्नामेंट के दौरान जोकोविच को कुछ मौकों पर किस्मत का साथ भी मिला। चौथे दौर में याकुब मेंसिक के हटने से उन्हें वॉकओवर मिला, जबकि क्वार्टरफाइनल में लोरेंजो मुसेत्ती चोट के कारण दो सेट आगे रहते हुए मुकाबले से बाहर हो गए। इसके बावजूद जोकोविच ने सेमीफाइनल में जैनिक सिनर को पांच सेट के रोमांचक मुकाबले में हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।

    अल्कराज ने 2022 में यूएस ओपन जीतकर अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब हासिल किया था। वह भविष्य में कई और मेजर खिताब जीतने के प्रबल दावेदार नजर आ रहे हैं। इस टूर्नामेंट में फाइनल तक का शानदार सफर तय करने वाले जोकोविच को देखते हुए यह कहना भी गलत नहीं होगा कि उनके खाते में एक और ग्रैंड स्लैम खिताब जुड़ सकता है।

  • ईशान किशन बने जीत के जश्न के हीरो, सूर्यकुमार यादव ने निभाई कप्तानी की खास परंपरा

    ईशान किशन बने जीत के जश्न के हीरो, सूर्यकुमार यादव ने निभाई कप्तानी की खास परंपरा


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बार फिर अपने दमदार प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि मौजूदा दौर में वह टी20 क्रिकेट की सबसे मजबूत टीमों में से एक है। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए पांचवें और आखिरी टी20 मुकाबले में भारत ने 46 रन की शानदार जीत दर्ज करते हुए सीरीज को 4-1 से अपने नाम कर लिया। इस जीत के बाद टीम इंडिया का जश्न देखने लायक था, लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियां उस पल ने बटोरीं जब ट्रॉफी सौंपने की बारी आई।

    मैच खत्म होने के बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन के दौरान कप्तान सूर्यकुमार यादव जब ट्रॉफी लेकर टीम के खिलाड़ियों की ओर बढ़े, तो हर किसी की नजर इस बात पर थी कि आखिर यह ट्रॉफी किसे सौंपी जाएगी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए बीसीसीआई के वीडियो में देखा गया कि रिंकू सिंह ट्रॉफी लेने के लिए आगे बढ़ते हैं, लेकिन सूर्यकुमार यादव उन्हें मुस्कुराते हुए रोक देते हैं और पास खड़े दूसरे खिलाड़ी को बुलाते हैं। यह खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि तिरुवनंतपुरम टी20 के हीरो ईशान किशन थे।

    दरअसल, भारतीय टीम में एक पुरानी और खास परंपरा रही है, जिसकी शुरुआत पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने की थी। इस परंपरा के तहत सीरीज जीतने के बाद ट्रॉफी टीम के सबसे युवा खिलाड़ी या फिर सीरीज में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी को सौंपी जाती है। समय के साथ इस परंपरा को विराट कोहली, रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या और अब सूर्यकुमार यादव ने भी आगे बढ़ाया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ इस टी20 सीरीज में कोई भी खिलाड़ी डेब्यू करता नजर नहीं आया, ऐसे में कप्तान ने उस खिलाड़ी को चुना जिसने निर्णायक मुकाबले में टीम को जीत दिलाने में सबसे अहम भूमिका निभाई।

    ईशान किशन का प्रदर्शन इस मैच में अविस्मरणीय रहा। उन्होंने पांचवें टी20 मुकाबले में 103 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 10 लंबे छक्के शामिल थे। उनकी इस तूफानी बल्लेबाजी के दम पर भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 272 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की टीम 225 रन पर ही सिमट गई। ईशान किशन को उनकी शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के पुरस्कार से भी नवाजा गया।

    लंबे समय बाद भारतीय टीम में वापसी करने वाले ईशान किशन ने यह साबित कर दिया कि वह बड़े मंच के खिलाड़ी हैं। घरेलू क्रिकेट में शानदार फॉर्म दिखाने के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी लय बरकरार रखी है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले उनकी यह फॉर्म भारतीय टीम के लिए बेहद सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

    इस जीत के साथ भारतीय टीम का आत्मविश्वास और मजबूत हुआ है। अब टीम इंडिया 7 फरवरी को यूएसए के खिलाफ अपने टी20 वर्ल्ड कप 2026 अभियान की शुरुआत करेगी। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज जीत, कप्तान सूर्यकुमार यादव की नेतृत्व क्षमता और ईशान किशन जैसी पारियों ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय टीम आने वाली चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार है।

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बार फिर अपने दमदार प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि मौजूदा दौर में वह टी20 क्रिकेट की सबसे मजबूत टीमों में से एक है। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए पांचवें और आखिरी टी20 मुकाबले में भारत ने 46 रन की शानदार जीत दर्ज करते हुए सीरीज को 4-1 से अपने नाम कर लिया। इस जीत के बाद टीम इंडिया का जश्न देखने लायक था, लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियां उस पल ने बटोरीं जब ट्रॉफी सौंपने की बारी आई।

    मैच खत्म होने के बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन के दौरान कप्तान सूर्यकुमार यादव जब ट्रॉफी लेकर टीम के खिलाड़ियों की ओर बढ़े, तो हर किसी की नजर इस बात पर थी कि आखिर यह ट्रॉफी किसे सौंपी जाएगी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए बीसीसीआई के वीडियो में देखा गया कि रिंकू सिंह ट्रॉफी लेने के लिए आगे बढ़ते हैं, लेकिन सूर्यकुमार यादव उन्हें मुस्कुराते हुए रोक देते हैं और पास खड़े दूसरे खिलाड़ी को बुलाते हैं। यह खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि तिरुवनंतपुरम टी20 के हीरो ईशान किशन थे।

    दरअसल, भारतीय टीम में एक पुरानी और खास परंपरा रही है, जिसकी शुरुआत पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने की थी। इस परंपरा के तहत सीरीज जीतने के बाद ट्रॉफी टीम के सबसे युवा खिलाड़ी या फिर सीरीज में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी को सौंपी जाती है। समय के साथ इस परंपरा को विराट कोहली, रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या और अब सूर्यकुमार यादव ने भी आगे बढ़ाया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ इस टी20 सीरीज में कोई भी खिलाड़ी डेब्यू करता नजर नहीं आया, ऐसे में कप्तान ने उस खिलाड़ी को चुना जिसने निर्णायक मुकाबले में टीम को जीत दिलाने में सबसे अहम भूमिका निभाई।

    ईशान किशन का प्रदर्शन इस मैच में अविस्मरणीय रहा। उन्होंने पांचवें टी20 मुकाबले में 103 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 10 लंबे छक्के शामिल थे। उनकी इस तूफानी बल्लेबाजी के दम पर भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 272 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की टीम 225 रन पर ही सिमट गई। ईशान किशन को उनकी शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के पुरस्कार से भी नवाजा गया।

    लंबे समय बाद भारतीय टीम में वापसी करने वाले ईशान किशन ने यह साबित कर दिया कि वह बड़े मंच के खिलाड़ी हैं। घरेलू क्रिकेट में शानदार फॉर्म दिखाने के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी लय बरकरार रखी है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले उनकी यह फॉर्म भारतीय टीम के लिए बेहद सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

    इस जीत के साथ भारतीय टीम का आत्मविश्वास और मजबूत हुआ है। अब टीम इंडिया 7 फरवरी को यूएसए के खिलाफ अपने टी20 वर्ल्ड कप 2026 अभियान की शुरुआत करेगी। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज जीत, कप्तान सूर्यकुमार यादव की नेतृत्व क्षमता और ईशान किशन जैसी पारियों ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय टीम आने वाली चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार है।

  • विंटर ओलंपिक 2026 की शुरुआत से पहले कर्लिंग टाइटल रेस में ब्रिटेन, कनाडा और स्वीडन आगे

    विंटर ओलंपिक 2026 की शुरुआत से पहले कर्लिंग टाइटल रेस में ब्रिटेन, कनाडा और स्वीडन आगे

    नई दिल्ली। मिलान-कॉर्टिना 2026 विंटर ओलंपिक में कर्लिंग प्रतियोगिताएं 4 फरवरी से शुरू होकर 22 फरवरी तक चलेंगी। इस दौरान मिश्रित डबल्स, पुरुष टीम और महिला टीम—तीनों वर्गों में गोल्ड मेडल के लिए जबरदस्त मुकाबले देखने को मिलेंगे। प्रतियोगिताओं का आयोजन डोलोमिटिक आल्प्स में बसे उत्तरी इटली के खूबसूरत शहर कॉर्टिना डी’एम्पेजो के ऐतिहासिक कॉर्टिना ओलंपिक स्टेडियम में किया जाएगा, जिसे 1956 विंटर ओलंपिक के लिए बनाया गया था। पुरुष और महिला टीम इवेंट्स की शुरुआत 11 फरवरी से होगी, जहां पहले ही दिन से राउंड-रॉबिन मुकाबलों के जरिए टीमें अपनी दावेदारी पेश करेंगी।

    मेजबान इटली को घरेलू मैदान का फायदा
    मेजबान देश होने के कारण इटली ने तीनों इवेंट्स के लिए सीधे क्वालिफिकेशन हासिल कर लिया है। शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा ओलंपिक मिश्रित डबल्स चैंपियन स्टेफानिया कॉन्स्टेंटिनी और अमोस मोसानर की जोड़ी एक बार फिर खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। घरेलू दर्शकों का समर्थन और पिछले अनुभव इटली को इस वर्ग में मजबूत बना सकता है।

    पुरुष वर्ग में दिग्गजों की टक्कर
    पुरुष टीम इवेंट में स्वीडन, ब्रिटेन और कनाडा को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। इन तीनों देशों की कर्लिंग परंपरा बेहद समृद्ध रही है और पिछले ओलंपिक व विश्व चैंपियनशिप में इनका प्रदर्शन लगातार प्रभावशाली रहा है। तकनीकी सटीकता, रणनीतिक खेल और अनुभव के दम पर ये टीमें एक-दूसरे को कड़ी चुनौती देने वाली हैं।

    महिला वर्ग में भी कांटे की लड़ाई
    महिला टीम इवेंट में ब्रिटेन मौजूदा ओलंपिक चैंपियन के रूप में उतरेगा, जबकि कनाडा ने 2025 वर्ल्ड कर्लिंग चैंपियनशिप में अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया था। इसके अलावा स्विट्जरलैंड, स्वीडन और दक्षिण कोरिया की टीमें भी मजबूत चुनौती पेश करने को तैयार हैं। इन टीमों के मुकाबले अक्सर बेहद कम अंतर से तय होते हैं, जिससे रोमांच अपने चरम पर रहता है।

    चीन की नजरें ऐतिहासिक प्रदर्शन पर
    चीन पुरुष और महिला दोनों वर्गों में टीमें उतार रहा है। स्किप शू जियाओमिंग और वांग रुई तीसरी बार ओलंपिक में जगह बनाने की कोशिश में हैं, जिससे उनके अनुभव और नेतृत्व की बड़ी परीक्षा होगी। 41 वर्षीय जू वैंकूवर 2010 में हिस्सा ले चुके हैं और सोची 2014 में चीन को चौथे स्थान तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा चुके हैं, जो अब तक पुरुष कर्लिंग में चीन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। वहीं 30 वर्षीय वांग को टीम का आध्यात्मिक लीडर माना जाता है, जिनका अनुभव टीम को मजबूती दे सकता है।

    रोमांच से भरपूर होगी कर्लिंग की जंग
    कुल मिलाकर, विंटर ओलंपिक 2026 में कर्लिंग प्रतियोगिताएं अनुभव बनाम युवा जोश, रणनीति बनाम आक्रामकता और परंपरा बनाम नए दावेदारों की दिलचस्प कहानी बुनने जा रही हैं। दर्शकों को हर दिन हाई-वोल्टेज मुकाबले देखने को मिलेंगे।

  • ऑस्ट्रेलियन ओपन फाइनल को लेकर बड़ा खुलासा, ईशान-अर्शदीप किसे बनाना चाहते हैं चैंपियन

    ऑस्ट्रेलियन ओपन फाइनल को लेकर बड़ा खुलासा, ईशान-अर्शदीप किसे बनाना चाहते हैं चैंपियन

    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 का पुरुष एकल फाइनल टेनिस प्रेमियों के लिए किसी महायुद्ध से कम नहीं है। रविवार को मेलबर्न पार्क में 24 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता सर्बिया के दिग्गज नोवाक जोकोविच और स्पेन के युवा स्टार कार्लोस अल्काराज आमने-सामने होंगे। यह मुकाबला न सिर्फ खिताब का फैसला करेगा, बल्कि टेनिस इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत भी कर सकता है। एक ओर जहां जोकोविच अपने 25वें ग्रैंड स्लैम खिताब की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अल्काराज करियर ग्रैंड स्लैम पूरा करने के बेहद करीब हैं।

    ईशान किशन को पसंद आया अल्काराज का आक्रामक अंदाज
    भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने इस फाइनल में कार्लोस अल्काराज को समर्थन दिया है। बीसीसीआई द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए गए वीडियो में ईशान ने कहा कि अल्काराज का खेलने का अंदाज उन्हें खासा पसंद है। उनके मुताबिक, “अल्काराज जिस तरह से खेलते हैं, वह हमारे क्रिकेट खेलने के तरीके जैसा है। वह तेज खेलते हैं, गैप मिलते ही शॉट मारते हैं और ज्यादा इंतजार नहीं करते।” किशन का मानना है कि यही आक्रामकता और मौके भुनाने की क्षमता बड़े मैचों में अल्काराज को खतरनाक बनाती है।

    पहले ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब की तलाश में अल्काराज
    ईशान किशन ने यह भी कहा कि अल्काराज अपना पहला ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब जीतने की कोशिश में हैं और इसी वजह से वह उनके पक्ष में हैं। 22 वर्षीय अल्काराज पहले ही फ्रेंच ओपन, विंबलडन और यूएस ओपन जीत चुके हैं। अगर वह मेलबर्न में खिताब जीतते हैं, तो सबसे कम उम्र में करियर ग्रैंड स्लैम पूरा करने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे। अब तक यह रिकॉर्ड स्पेन के ही दिग्गज राफेल नडाल के नाम है, जिन्होंने 24 साल की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी।

    अर्शदीप सिंह का भरोसा ‘आइसमैन’ जोकोविच पर
    वहीं भारतीय टीम के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की पसंद ईशान से बिल्कुल अलग है। अर्शदीप ने नोवाक जोकोविच को अपना फेवरेट बताया है। उन्होंने साफ कहा, “मैं आइसमैन यानी जोकोविच को सपोर्ट कर रहा हूं।” जोकोविच का अनुभव, मानसिक मजबूती और बड़े मैचों में दबदबा उन्हें इस मुकाबले में बेहद खतरनाक बनाता है।

    दो पीढ़ियों की ऐतिहासिक जंग
    ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 का यह फाइनल दो पीढ़ियों के बीच टकराव का प्रतीक है। एक तरफ अनुभव और रिकॉर्ड्स से सजे जोकोविच हैं, तो दूसरी ओर युवा जोश और आक्रामक खेल के पर्याय अल्काराज। अगर जोकोविच जीतते हैं, तो वह 25 ग्रैंड स्लैम के साथ टेनिस इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ी बन जाएंगे। वहीं अल्काराज की जीत उन्हें भविष्य का निर्विवाद सुपरस्टार बना देगी। ऐसे में फैंस को एक यादगार और रोमांचक फाइनल की पूरी उम्मीद है।

  • IND vs NZ T20 सीरीज: सूर्यकुमार यादव का रन-राज, अर्शदीप सिंह का पंजा; अभिषेक शर्मा ने छोड़ी अलग छाप

    IND vs NZ T20 सीरीज: सूर्यकुमार यादव का रन-राज, अर्शदीप सिंह का पंजा; अभिषेक शर्मा ने छोड़ी अलग छाप


    नई दिल्ली । भारत की शानदार जीत के साथ इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड टी20 सीरीज का रोमांचक समापन हो गया। तिरुवनंतपुरम में खेले गए आखिरी टी20 मुकाबले ने सीरीज की कहानी को पूरी तरह बयान कर दिया, जहां भारतीय बल्लेबाजों की तूफानी पारियों और गेंदबाजों के धारदार प्रदर्शन ने न्यूजीलैंड को बैकफुट पर धकेल दिया। ईशान किशन के शतक और कप्तान सूर्यकुमार यादव की विस्फोटक अर्धशतकीय पारी की बदौलत भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए विशाल स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करते हुए कीवी टीम संघर्ष करती दिखी और अंततः भारतीय गेंदबाजों के आगे घुटने टेक दिए।

    इस पूरी सीरीज में बल्लेबाजों का बोलबाला रहा, लेकिन सबसे चमकदार नाम रहा कप्तान सूर्यकुमार यादव का। सीरीज से पहले खराब फॉर्म की चर्चाओं से घिरे सूर्यकुमार ने बल्ले से जोरदार जवाब दिया और पांच मैचों की सीरीज में सबसे ज्यादा 242 रन बनाए। तीन अर्धशतकों के साथ उन्होंने न सिर्फ भारतीय पारी को मजबूती दी, बल्कि विरोधी गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। भले ही उन्हें किसी मैच में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का अवॉर्ड न मिला हो, लेकिन सर्वाधिक रन बनाकर उन्होंने ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का खिताब अपने नाम किया।

    सूर्यकुमार यादव के साथ ईशान किशन भी पूरे रंग में नजर आए। आक्रामक अंदाज और बड़े शॉट्स के लिए पहचाने जाने वाले ईशान ने 215 रन बनाकर 200 रन का आंकड़ा पार किया। उनका शतक सीरीज का यादगार लम्हा रहा। वहीं युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने भी सभी को प्रभावित किया। 182 रन बनाकर वह तीसरे स्थान पर रहे और यह साबित किया कि वह बड़े मंच पर लंबी रेस के घोड़े हैं। न्यूजीलैंड की ओर से ग्लेन फिलिप्स 176 रन और डेरिल मिशेल 125 रन ने जिम्मेदारी निभाई और टॉप-5 बल्लेबाजों में अपनी जगह बनाई।

    गेंदबाजी की बात करें तो सीरीज का आखिरी मैच अर्शदीप सिंह के नाम रहा। निर्णायक मुकाबले में पांच विकेट झटककर उन्होंने मैच का रुख ही पलट दिया। कुल 8 विकेट के साथ अर्शदीप इस सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने। उनके अलावा न्यूजीलैंड के जेकब डफी ने 6 विकेट, जबकि मिचेल सेंटनर और ईश सोढ़ी ने 5-5 विकेट हासिल किए। सीमित मौके मिलने के बावजूद अक्षर पटेल ने भी अपनी उपयोगिता साबित की और अहम समय पर असरदार गेंदबाजी की।
    कुल मिलाकर, यह सीरीज भारतीय क्रिकेट के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली रही। बल्लेबाजी में गहराई, गेंदबाजी में धार और युवा खिलाड़ियों का उभरता प्रदर्शन आने वाले मुकाबलों के लिए शुभ संकेत है।

  • भारत ने न्यूजीलैंड को 46 रनों से हराकर 4-1 से सीरीज जीती, ईशान किशन का तूफानी शतक और अर्शदीप का पंजा

    भारत ने न्यूजीलैंड को 46 रनों से हराकर 4-1 से सीरीज जीती, ईशान किशन का तूफानी शतक और अर्शदीप का पंजा


    तिरुवनंतपुरम।
    भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) ने ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए पांचवें और अंतिम टी20 मुकाबले में न्यूजीलैंड (New Zealand) को 46 रनों से हराकर पांच मैचों की सीरीज 4-1 से अपने नाम कर ली। इस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 271 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट (International T20 cricket) में भारत का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर है। जवाब में न्यूजीलैंड की टीम 19.4 ओवर में 225 रन पर ऑलआउट हो गई।

    भारत की जीत के नायक विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन और बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह रहे। ईशान किशन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 42 गेंदों में अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक पूरा किया। उन्होंने 43 गेंदों पर 103 रन बनाए, जिसमें 10 छक्के और 6 चौके शामिल थे। यह भारत के लिए टी20I में पांचवां सबसे तेज और न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे तेज शतक रहा। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 63 रनों की सधी हुई पारी खेली, जबकि हार्दिक पांड्या ने अंत में 17 गेंदों पर 42 रन बनाकर स्कोर को और मजबूत किया।

    न्यूजीलैंड की ओर से फिन एलेन ने वापसी करते हुए आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया और 38 गेंदों पर 80 रन ठोके। हालांकि, उनके आउट होते ही मेहमान टीम की पारी लड़खड़ा गई। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने लगातार अंतराल पर विकेट चटकाकर मैच पर पूरी तरह नियंत्रण बना लिया।

    अर्शदीप सिंह ने इस मुकाबले में शानदार वापसी करते हुए 4 ओवर में 51 रन देकर 5 विकेट झटके। यह उनके टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का दूसरा पांच विकेट हॉल रहा और इसी के साथ वह इस सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज भी बने। अक्षर पटेल ने 3 विकेट लिए, जबकि वरुण चक्रवर्ती ने 1 सफलता हासिल की।

    इस जीत के साथ भारत ने सीरीज में अपना दबदबा कायम रखा। नागपुर में पहला मैच जीतने के बाद भारत ने लगातार शानदार प्रदर्शन किया, जबकि न्यूजीलैंड की एकमात्र जीत विशाखापट्टनम में चौथे टी20 में आई थी। अंतिम मुकाबले में दमदार वापसी के साथ भारत ने सीरीज को शानदार अंदाज में समाप्त किया और आगामी टी20 विश्व कप से पहले आत्मविश्वास बढ़ाया।

  • Watch: T20 वर्ल्ड कप का काउंटडाउन शुरू, आईसीसी ने रिलीज किया एंथम सॉन्ग; यहां देखें वीडियो

    Watch: T20 वर्ल्ड कप का काउंटडाउन शुरू, आईसीसी ने रिलीज किया एंथम सॉन्ग; यहां देखें वीडियो


    नई दिल्ली । आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन 7 फरवरी से शुरू होगा. भारत के साथ श्रीलंका सह-मेजबान है. कुल 20 टीमें इसमें हिस्सा ले रही हैं, जिन्हें 5-5 के 4 ग्रुप्स में रखा गया है. ग्रुप स्टेज में हर दिन 3 मैच खेले जाएंगे. भारत और पाकिस्तान एक ही ग्रुप में हैं, जिनके बीच 15 फरवरी को भिड़ंत होनी है. आईसीसी ने एंथम सॉन्ग रिलीज कर दिया है, जिसे अनिरुद्ध रविचंदर ने कंपोज किया और गाया है.

    आईसीसी ने शुक्रवार को पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आधिकारिक गीत “फील द थ्रिल” जारी किया. इस गीत की रचना भारतीय संगीतकार और गायक अनिरुद्ध रविचंदर ने की है, उन्हीं ने इसे गाया है. ये गीत जोश को बढ़ाता है. इसे रोमांच और भावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाले बोलों के साथ खूबसूरती से बनाया गया है.

    आईसीसी के सीईओ संजोग गुप्ता ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के एंथम गीत पर कहा, “आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप अद्वितीय रूप से प्रतिस्पर्धी, रोमांचकारी और अभिव्यंजक है, जहां क्षण खिलाड़ियों और प्रशंसकों दोनों के लिए जीवन भर की यादों में बदल जाते हैं. टूर्नामेंट का आधिकारिक गीत इसी भावना को जीवंत करने का प्रयास करता है, अपने संगीत के माध्यम से प्रशंसकों को जोड़ने, विविधता का जश्न मनाने और इस आयोजन को हमारे खेल की सर्वोत्तम विशेषताओं का एक साझा वैश्विक उत्सव बनाने का प्रयास करता है.

    7 शहरों के 8 स्टेडियम में खेले जाएंगे मैच

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 का मेजबान भारत और श्रीलंका है. ग्रुप बी के सभी मैच श्रीलंका में खेले जाएंगे. ग्रुप ए में पाकिस्तान टीम अपने सभी मैच श्रीलंका में खेलेगी. अगर पाकिस्तान सेमीफाइनल या फाइनल में पहुंची तो वो मुकाबले भी श्रीलंका में होंगे नहीं तो भारत उन मैचों की मेजबानी करेगा. वेन्यू: नरेंद्र मोदी स्टेडियम अहमदाबाद, एमए चिदंबरम स्टेडियम चेन्नई, अरुण जेटली स्टेडियम नई दिल्ली, वानखेड़े स्टेडियम मुंबई, ईडन गार्डन्स कोलकाता, आर. प्रेमदासा स्टेडियम कोलंबो, सिंहली स्पोर्ट्स क्लब क्रिकेट ग्राउंड कोलंबो, पालेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम कैंडी.

  • IND vs PAK Live Telecast: भारत बनाम पाकिस्तान महामुकाबले के लिए हो जाएं तैयार, जानें कब और कितने बजे शुरू होगा मैच

    IND vs PAK Live Telecast: भारत बनाम पाकिस्तान महामुकाबले के लिए हो जाएं तैयार, जानें कब और कितने बजे शुरू होगा मैच

    नई दिल्ली । IND बनाम PAK अंडर-19 वर्ल्ड कप मैच का लाइव टेलीकास्ट: इंडिया वर्सेस पाकिस्तान अंडर-19 वर्ल्ड कप का बहुप्रतीक्षित मैच रविवार, 1 फरवरी को खेला जाना है। आमतौर पर आईसीसी इवेंट में भारत और पाकिस्तान की टीमें एक ही ग्रुप में होती है और शुरुआती चरण में ही फैंस को भारत बनाम पाकिस्तान मुकाबला देखने को मिल जाता है। मगर अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान की टीमों को अलग-अलग ग्रुप में रखा गया था, अब सुपर-6 में इन दो चिर-प्रतिद्वंद्वियों के बीच यह ‘महामुकाबला’ खेला जाना है। इंडिया वर्सेस पाकिस्तान का यह मैच रोमांच से भरा होगा, क्योंकि इन दोनों में से ही एक टीम सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेगी।
    अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए अभी तक ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और अफगानिस्तान की टीमें क्वालीफाई कर चुकी है। चौथी टीम का फैसला इंडिया वर्सेस पाकिस्तान मैच से होगा। अगर भारत जीतता है तो उसे सीधा-सीधा सेमीफाइनल का टिकट मिल जाएगा, वहीं अगर पाकिस्तान जीतता है तो मामला नेट रन रेट पर फंसेगा। आईए इंडिया वर्सेस पाकिस्तान अंडर-19 वर्ल्ड कप मुकाबले से जुड़ी अहम जानकारियों पर एक नजर डलते हैं- India vs Pakistan अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 सुपर-6 का 12वां मैच कब खेला जाएगा इंडिया वर्सेस पाकिस्तान अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 सुपर-6 का 12वां मैच रविवार, 1 फरवरी को खेला जाएगा।

    IND vs PAK U19 World Cup 2026 सुपर-6 का 12वां मैच कहां खेला जाएगा?

    India vs Pakistan अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 सुपर-6 का 12वां मैच क्वींस स्पोर्ट्स क्लब, बुलावेयो में खेला जाएगा। इंडिया वर्सेस पाकिस्तान अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 सुपर-6 का 12वां मैच कितने बजे शुरू होगा IND vs PAK U19 World Cup 2026 सुपर-6 का 12वां मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 1 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस के लिए दोनों कप्तान आधा घंटा पहले मैदान पर उतरेंगे।

    India vs Pakistan अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 सुपर-6 का 12वां मैच टीवी पर कैसे देखें लाइव?

    इंडिया वर्सेस पाकिस्तान अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 सुपर-6 का 12वां मैच टीवी पर आप लाइव स्टार स्पोर्ट्स पर देख सकते हैं। IND vs PAK U19 World Cup 2026 सुपर-6 के 12वें मैच की लाइव स्ट्रीमिंग कैसे देखें? इंडिया वर्सेस पाकिस्तान अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 सुपर-6 के 12वें मैच की लाइव स्ट्रीमिंग का लुत्फ आप जियोहॉटस्टार पर उठा सकते हैं।

    इंडिया वर्सेस पाकिस्तान स्क्वॉड
    भारतीय अंडर-19 वर्ल्ड कप स्क्वॉड आयुष म्हात्रे कप्तान आरएस अंबरीश, कनिष्क चौहान, दीपेश देवेन्द्रन, मोहम्मद एनान, आरोन जॉर्ज, अभिज्ञान कुंडू, किशन कुमार सिंह, विहान मल्होत्रा, उधव मोहन, हेनिल पटेल, खिलान पटेल, हरवंश पंगालिया, वैभव सूर्यवंशी, वेदांत त्रिवेदी पाकिस्तान अंडर-19 वर्ल्ड कप स्क्वॉड- उमर ज़ैब, समीर मिन्हास, नकाब शफीक, मोहम्मद शायान, मोहम्मद सय्याम, मोमिन कमर, हुजैफा अहसन, हमजा जहूर, दानियाल अली खान, अली रजा, अली हसन बलूच, अहमद हुसैन, अब्दुल सुभान, उस्मान खान, फरहान यूसुफ कप्तान
  • 2036 ओलंपिक की मेजबानी का भारत का सपना: अवसर, चुनौतियां और तैयारी की असली परीक्षा

    2036 ओलंपिक की मेजबानी का भारत का सपना: अवसर, चुनौतियां और तैयारी की असली परीक्षा


    नई दिल्ली । भारत ने 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए औपचारिक रूप से दावेदारी पेश कर दी है। यह कदम देश की खेल महाशक्ति बनने की महत्वाकांक्षा को दर्शाता है, लेकिन इसके साथ ही प्रशासनिक कमजोरियां, बुनियादी ढांचे की सीमाएं, पर्यावरणीय चिंताएं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों के प्रदर्शन जैसे सवाल भी खड़े हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट जैसे सुधारों का हवाला देते हुए यह स्पष्ट किया कि भारत न सिर्फ 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स बल्कि 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भी गंभीर प्रयास कर रहा है। उनका कहना है कि इसका उद्देश्य देश के अधिक से अधिक खिलाड़ियों को वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा के अवसर देना है।

    पिछले वर्ष जुलाई में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने स्विट्जरलैंड के लुजान स्थित अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति आईओसी मुख्यालय का दौरा किया और गुजरात के अहमदाबाद को संभावित मेजबान शहर के रूप में प्रस्तुत किया। अहमदाबाद और गांधीनगर को मिलाकर तैयार की गई योजना में करीब 4.1 से 7.5 अरब डॉलर के खर्च का अनुमान है। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आईओसी ने बातचीत के दौरान तीन प्रमुख चिंताएं जताईं भारतीय ओलंपिक संघ के भीतर प्रशासनिक खामियां, डोपिंग के बढ़ते मामले और ओलंपिक खेलों में भारत का अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन।

    विशेषज्ञों की राय इस मुद्दे पर बंटी हुई है। स्पोर्ट्स मेडिसिन और एंटी-डोपिंग विशेषज्ञ पी.एस.एम. चंद्रन का मानना है कि इन चुनौतियों को जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। उनके अनुसार डोपिंग के आंकड़े इसलिए अधिक दिखते हैं क्योंकि भारत अन्य देशों की तुलना में ज्यादा परीक्षण करता है। उनका यह भी कहना है कि बोली प्रक्रिया में निर्णायक भूमिका पैसे और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव की होती है, न कि केवल पदकों की संख्या की।

    दूसरी ओर, खेल प्रशासक शाजी प्रभाकरन का मानना है कि भारत को अब स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी के जरिए अपनी क्षमताओं को दुनिया के सामने रखना चाहिए। हालांकि, वे यह भी स्वीकार करते हैं कि इंडोनेशिया, तुर्की, चिली, सऊदी अरब और जर्मनी जैसे देशों से मुकाबला कड़ा होगा। उनके अनुसार, यदि भारत 2036 की रेस में सफल नहीं होता, तो 2040 का दशक ज्यादा व्यावहारिक हो सकता है।

    पूर्व ओलंपियन और लॉन्ग जंपर अंजू बॉबी जॉर्ज भारत की दावेदारी की प्रबल समर्थक हैं। उनका कहना है कि ग्रासरूट टैलेंट प्रोग्राम और नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल जैसे कदम भारत को ओलंपिक मेजबानी के लिए तैयार कर रहे हैं। वहीं, वरिष्ठ खेल पत्रकार शारदा उग्रा आगाह करती हैं कि प्रदूषण, शहरी बुनियादी ढांचा और वैश्विक छवि जैसे मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक अहमदाबाद को एक पूर्ण वैश्विक शहर के रूप में खुद को साबित करने के लिए अभी समय चाहिए। कुल मिलाकर, 2036 ओलंपिक की मेजबानी भारत के लिए एक बड़ा अवसर है लेकिन यह तभी संभव होगा जब देश खेल प्रशासन, पर्यावरण और बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर ठोस और विश्वसनीय प्रगति दिखा सके।