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  • टी20 वर्ल्ड कप से पहले नया विवाद, काली पट्टी पहनकर मैदान में उतरेगी पाकिस्तानी टीम? जानिए ICC के नियम क्या

    टी20 वर्ल्ड कप से पहले नया विवाद, काली पट्टी पहनकर मैदान में उतरेगी पाकिस्तानी टीम? जानिए ICC के नियम क्या


    नई दिल्ली । टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी से होनी है, लेकिन टूर्नामेंट से पहले ही पाकिस्तान को लेकर सस्पेंस और विवाद दोनों बने हुए हैं. एक तरफ पाकिस्तान का वर्ल्ड कप में खेलना अभी तक पूरी तरह कन्फर्म नहीं है, वहीं दूसरी तरफ बांग्लादेश के समर्थन में उसके संभावित कदमों ने आईसीसी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अगर पाकिस्तान टूर्नामेंट में उतरता है तो वह बांग्लादेश के समर्थन में काली पट्टी बांधकर खेल सकता है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या ऐसा करना ICC के नियमों के खिलाफ होगा और अगर हां, तो पाकिस्तान पर क्या कार्रवाई हो सकती है.

    ICC के नियम क्या कहते हैं

    आईसीसी के अनुसार, अगर कोई खिलाड़ी या टीम बिना पूर्व अनुमति इंटरनेशनल मैच में काली पट्टी या किसी तरह का प्रतीक पहनती है, तो इसे नियमों के विरुद्ध माना जाएगा. इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं. 2023 में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी उस्मान ख्वाजा को बिना अनुमति काली पट्टी पहनने पर आईसीसी की ओर से सख्त चेतावनी दी गई थी.

    पाकिस्तान पर क्या हो सकता है एक्शन

    अगर पाकिस्तान की टीम बिना अनुमति काली पट्टी पहनती है, तो पहली बार में आईसीसी फटकार या चेतावनी दे सकती है. इसे ‘अन्य उल्लंघन’ की श्रेणी में रखा जाता है. वहीं, अगर नियमों का दोबारा उल्लंघन हुआ तो खिलाड़ियों पर मैच फीस का 25 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है. गंभीर स्थिति में टीम पर और भी सख्त कार्रवाई संभव है.

    बांग्लादेश मुद्दे पर पाकिस्तान का खुला समर्थन

    दरअसल, सुरक्षा कारणों से भारत में खेलने से इनकार करने के बाद आईसीसी ने बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर कर दिया था और उसकी जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल किया गया. इस फैसले से पाकिस्तान नाखुश है और वह लगातार बांग्लादेश के पक्ष में खड़ा नजर आ रहा है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भले ही अपनी टीम का ऐलान कर दिया हो, लेकिन यह साफ कर दिया गया है कि टूर्नामेंट में खेलने का अंतिम फैसला सरकार के स्तर पर लिया जाएगा.

    काली पट्टी पहनना क्यों बना चर्चा का विषय

    कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान बांग्लादेश के समर्थन में वर्ल्ड कप के दौरान काली पट्टी पहनकर उतर सकता है. आमतौर पर काली पट्टी विरोध या शोक का प्रतीक मानी जाती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इसे पहनना नियमों के खिलाफ माना जाता है. आईसीसी के क्लोथिंग और इक्विपमेंट नियम खिलाड़ियों को बिना अनुमति किसी भी तरह का राजनीतिक, धार्मिक या व्यक्तिगत संदेश प्रदर्शित करने की इजाजत नहीं देते.

  • डॉन ब्रैडमैन ने भारतीय खिलाड़ी को गिफ्ट की थी अपनी कैप, अब ऑक्शन में लगी इतने करोड़ की बोली

    डॉन ब्रैडमैन ने भारतीय खिलाड़ी को गिफ्ट की थी अपनी कैप, अब ऑक्शन में लगी इतने करोड़ की बोली


    नई दिल्ली । ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज सर डॉन ब्रैडमैन अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन क्रिकेट के प्रशंसकों के बीच आज भी उनका जलवा कायम है। करीब 70 साल पहले क्रिकेट की दुनिया के बेताज बादशाह डॉन ब्रैडमैन ही थे। उनके आंकड़े बताते हैं कि उनका खेल कैसा रहा होगा। क्रिकेट छोड़ने के 7 दशक के बाद और इस दुनिया को अलविदा कहने के ढाई दशक के बाद भी उनकी लोकप्रियता काफी है। यही वजह है कि 1947-48 में भारत के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज के दौरान पहनी गई बैगी ग्रीनकैप सोमवार को गोल्ड कोस्ट ऑक्शन में 4.60 लाख डॉलर करीब 4 करोड़ 22 लाख रुपये में बिकी। ब्रैडमैन ने यह कैप उस सीरीज के दौरान भारतीय खिलाड़ी श्रीरंगा वासुदेव सोहोनी को भेंट की थी। सोहोनी के परिवार ने इसे पिछले 75 वर्षों तक सहेज कर रखा था और इसे कभी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित नहीं किया गया।

    लॉयड्स ऑक्शंसद्वारा बेची गई इस बैगी ग्रीन पर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट का कोट ऑफ आर्म्सबना है और उसके नीचे 1947-48कढ़ा हुआ है। भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज 1947-48 ब्रैडमैन की आखिरी घरेलू टेस्ट सीरीज थी। इसके बाद उन्होंने 1948 में 99.94 के औसत के साथ क्रिकेट से संन्यास लिया। उन्हें खेल के इतिहास का महानतम बल्लेबाज माना जाता है। भारत ने स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में इस यह श्रृंखला के लिए अपना पहला टेस्ट दौरा किया था। लाला अमरनाथ की अगुआई में भारतीय टीम ने ब्रैडमैन के नेतृत्व वाली मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम का पांच मैचों की श्रृंखला में सामना किया था। ऑस्ट्रेलिया ने श्रृंखला में 4-0 से जीत दर्ज की थी, जबकि एक मैच ड्रॉ रहा।

    नीलामी के दौरान इस टोपी को हॉली ग्रेल ऑफ क्रिकेट क्रिकेट का बेशकीमती या दुर्लभ चीज करार देते हुए लॉयड्स ऑक्शनियर्स एंड वैल्यूअर्सके मुख्य परिचालन अधिकारी ली हेम्स ने कहा कि सोहोनी की अंतिम इच्छा थी कि यह कैप ऑस्ट्रेलिया के पास रहे। गार्जियनकी रिपोर्ट के अनुसार, हेम्स ने कहा, यह 75 वर्षों तक छिपाकर रखी गई थी, यानी तीन पीढ़ियों तक ताले में बंद रही। परिवार के सदस्यों को भी 16 वर्ष की उम्र के बाद सिर्फ पांच मिनट के लिए इसे देखने की अनुमति थी। लॉयड्स ऑक्शंसके एक प्रवक्ता ने बताया कि यह टोपी अब ऑस्ट्रेलिया में ही रहेगी और इसे किसी प्रमुख संग्रहालय में प्रदर्शित किया जाएगा। टोपी के अंदर डी. जी. ब्रैडमैन और एस. डब्ल्यू. सोहोनी के नाम अंकित हैं। रिपोर्ट के अनुसार, नीलामी की बोली एक डॉलर से शुरू हुई और ऑस्ट्रेलिया, भारत और ब्रिटेन के खरीदारों की गहरी दिलचस्पी के बीच यह 4.60 लाख डॉलर में बिकीं।

    इसके मुताबिक, 75 वर्षों तक एक ही परिवार द्वारा सहेजी गई यह टोपी डॉन ब्रैडमैन के अजेय दौर और भारतीय टीम के साथ हुए यादगार आदान-प्रदान से जुड़ाव का प्रतीक है। मौजूदा समय में ब्रैडमैन की केवल 11 बैगी ग्रीनटोपी ज्ञात हैं। उस दौर में टेस्ट क्रिकेटरों को हर श्रृंखला के लिए अलग टोपी दी जाती थी। ब्रैडमैन की 1928 की पहली बैगी ग्रीन 2020 में 4.50 लाख डॉलर में बिकी थी, जबकि 1948 के इंग्लैंड दौरे की कैप 2003 में 4.25 अमेरिकी डॉलर में नीलाम हुई थी।
    ब्रैडमैन की एक धूप से फीकी और घिसी हुई बैगी ग्रीन2024 में 4,79,700 डॉलर में बिकी थी, जो उनकी पहनी गई किसी टोपी के लिए अब तक की सबसे ऊंची कीमत है। बैगी ग्रीनके लिए सर्वकालिक रिकॉर्ड शेन वॉर्न की टोपी के नाम है, जो 2020 में ऑस्ट्रेलिया रेड क्रॉस बुशफायरराहत के लिए 10,07,500 डॉलर में बिकी थी।

  • विश्व कप में पाकिस्तान की भागीदारी पर संशय, टीम चयन के बाद भी जारी है अटकलें

    विश्व कप में पाकिस्तान की भागीदारी पर संशय, टीम चयन के बाद भी जारी है अटकलें

    नई दिल्ली। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टी20 विश्व कप 2026 के लिए अपनी टीम का ऐलान कर दिया है। टीम के ऐलान के साथ ही माना जा रहा है कि पाकिस्तान विश्व कप में हिस्सा लेने के लिए तैयार है, लेकिन वास्तविक स्थिति कुछ और है। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के विश्व कप खेलने पर अब भी संशय बना हुआ है।

    पीसीबी के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने साफ किया है कि टीम की घोषणा को टूर्नामेंट में भागीदारी की पुष्टि के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, टीम की घोषणा के बाद नकवी ने विश्व कप के लिए चुने गए खिलाड़ियों के साथ एक बंद कमरे में बैठक की। बैठक में खिलाड़ियों को पीसीबी के मौजूदा रुख और सरकार की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई।

    लाहौर में हुई चर्चा के दौरान नकवी ने खिलाड़ियों और हेड कोच माइक हेसन से कहा, “हम सरकार की सलाह का इंतजार कर रहे हैं। सरकार जो भी फैसला लेगी, हम उसका पालन करेंगे। अगर वे नहीं चाहते कि हम विश्व कप में हिस्सा लें, तो हम नहीं जाएंगे।”

    इस बैठक में खिलाड़ियों को बांग्लादेश के समर्थन में पीसीबी के रुख के बारे में भी बताया गया। बांग्लादेश ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए भारत जाने से इनकार कर दिया था, जिसे पाकिस्तान ने आईसीसी का गलत फैसला करार दिया है।

    रिपोर्ट के मुताबिक, खिलाड़ियों ने इस मुद्दे पर पीसीबी और सरकार का समर्थन किया। खिलाड़ियों ने कथित तौर पर कहा कि बोर्ड और सरकार जो भी फैसला लेंगी, वे उसके साथ खड़े रहेंगे। पाकिस्तान के सोमवार को इस पूरे मामले पर अपना अंतिम फैसला घोषित करने की उम्मीद है।

    मीडिया से बातचीत में नकवी ने रविवार को कहा कि बोर्ड अभी भी पाकिस्तान सरकार के अंतिम फैसले का इंतजार कर रही है कि टीम को विश्व कप खेलना चाहिए या नहीं। उन्होंने कहा कि ये बात खिलाड़ियों को भी स्पष्ट रूप से बता दी गई है।

    टी20 विश्व कप में पाकिस्तान को भारत, नामीबिया, यूएसए और नीदरलैंड के साथ ग्रुप ए में रखा गया है। भारत और श्रीलंका की मेजबानी में हो रहे विश्व कप में पाकिस्तान क्रिकेट टीम विश्व कप के अपने सारे मैच श्रीलंका में खेलेगी।

    अगर पाकिस्तान टूर्नामेंट से हटने का फैसला लेती है, तो आईसीसी उस पर सख्त प्रतिबंध लगा सकती है। वहीं विश्व कप में उसकी जगह युगांडा को मौका दिया जा सकता है

  • क्या पाकिस्तान ने बांग्लादेश को झांसा दिया? वर्ल्ड कप ड्रामेबाजी की चौंकाने वाली इनसाइड स्टोरी

    क्या पाकिस्तान ने बांग्लादेश को झांसा दिया? वर्ल्ड कप ड्रामेबाजी की चौंकाने वाली इनसाइड स्टोरी


    नई दिल्ली। वर्ल्ड कप का रोमांच बढ़ता जा रहा है और इसी बीच बांग्लादेश- पाकिस्तान के बीच चल रही ड्रामेबाजी ने सबकी नज़रें खींच ली हैं। इस विवाद की कहानी केवल मैदान तक सीमित नहीं रह गई, बल्कि राजनीतिक और रणनीतिक बहस में बदल गई है। insiders के अनुसार, पाकिस्तान की रणनीति ने बांग्लादेश को ऐसे मोड़ पर खड़ा कर दिया जहां से वापसी मुश्किल लग रही है।

    सबसे पहले क्या हुआ?

    पाकिस्तान ने शुरुआत में बांग्लादेश के साथ मैत्रीपूर्ण रुख दिखाया, मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म पर मिलनसारता का भाव पैदा किया। फिर धीरे-धीरे टेंशन बढ़ाने वाली बातें और रणनीतिक संकेत सामने आने लगे। यही “ललचाने” की रणनीति बांग्लादेश को भावनात्मक रूप से कमजोर करने का काम कर रही है, कहा जा रहा है।

    फिर क्या हुआ?
    जैसे ही टूर्नामेंट आगे बढ़ा, पाकिस्तान ने अपने मैच और रणनीति के जरिए बांग्लादेश की टीम पर दबाव बढ़ाया।

    बांग्लादेश के खिलाड़ियों के ऊपर बढ़ते दबाव, टीम की असमंजस स्थिति और रणनीतिक उलझनों ने “ड्रामा” का रंग बढ़ा दिया।

    और फिर ‘धोखा’ का दावा…
    कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान ने बांग्लादेश को मैनिपुलेटिव रणनीति के तहत फंसा दिया, जिससे बांग्लादेश के लिए मैच की स्थिति और भी कठिन हो गई।लेकिन यह बात अभी अधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए इसे “सूत्रों के अनुसार” ही देखा जा रहा है।

    वर्ल्ड कप ड्रामेबाजी की असली वजह क्या है?
    विश्लेषकों का कहना है कि क्रिकेट में ऐसे ड्रामे अक्सर स्ट्रेटेजिक और मानसिक खेल का हिस्सा होते हैं।
    किसी भी टीम की कमजोरी को पकड़कर माइंड गेम खेलना भी एक रणनीति होती हैऔर इस बार पाकिस्तान-बांग्लादेश के बीच यह खेल ज़्यादा तीखा दिख रहा है।

    क्या है आगे?
    अब सबकी नजरें बांग्लादेश के अगले मैच पर हैं, जहां यह टीम अपने मानसिक दबाव को पार कर सकेगी या नहीं। और पाकिस्तान की रणनीति क्या अगले मैचों में भी असर दिखाएगीयह समय ही बताएगा।

  • गणतंत्र दिवस: सूर्यकुमार यादव, गौतम गंभीर, वीवीएस लक्ष्मण, धवन, रैना सहित इन क्रिकेटरों ने देशवासियों को दी शुभकामनाएं

    गणतंत्र दिवस: सूर्यकुमार यादव, गौतम गंभीर, वीवीएस लक्ष्मण, धवन, रैना सहित इन क्रिकेटरों ने देशवासियों को दी शुभकामनाएं

    नई दिल्ली। देश अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। देश के साथ पूरी दुनिया में जहां भी भारतीय हैं, वहां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया जा रहा है। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व और मौजूदा क्रिकेटरों ने भारतवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी हैं।

    भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने एक्स पर लिखा, “संविधान से चलने वाले देश के 77 साल। गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं।”

    भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने एक्स पर लिखा, “हमारा एक संविधान है। हमारी पहचान भी एक होनी चाहिए – भारतीय। गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं।”

    पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान ने देश को 77वें गणतंत्र दिवस पर शुभकामना देते हुए एक्स पर लिखा, “गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं। आइए हम अपने संविधान और अपने नायकों के बलिदान का सम्मान करें। भारतीय होने पर गर्व है। जय हिंद।”

    पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने एक्स पर लिखा, “एक देश तब आगे बढ़ता है जब उसके लोग धर्म को खुद से ऊपर रखते हैं। आप सभी को गणतंत्र दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। जय हिंद।”

    बाएं हाथ के धाकड़ बल्लेबाज रहे सुरेश रैना ने एक्स पर कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, “गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं। जय हिंद। जय भारत।”

    पूर्व सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने भी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। धवन ने एक्स पर लिखा, “दिल से हिंदुस्तानी। गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं”।

    विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने भी गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए एक्स पर लिखा, ‘गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं’।

    77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने पद्म पुरस्कारों की घोषणा की। भारतीय क्रिकेट टीम को अपनी कप्तानी में टी20 विश्व कप 2024 और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब दिलाने वाले रोहित शर्मा को पद्मश्री पुरस्कार देने की घोषणा की गई।

    भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर को भी पद्मश्री पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय महिला क्रिकेट ने पहली बार वनडे विश्व कप का खिताब जीता था। भारतीय टीम ने 2 नवंबर 2025 को दक्षिण अफ्रीका को हराकर विश्व कप का खिताब जीता था।

    पूर्व टेनिस खिलाड़ी विजय अमृतराज को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। बलदेव सिंह, भगवानदास रायकर, प्रवीण कुमार, सविता पुनिया, और व्लादिमेर मेस्तविरिश्विली (मरणोपरांत) को पद्मश्री पुरस्कार देने की घोषणा हुई।

  • क्रिकेट विवाद अपडेट: नजम सेठी ने खुलकर जताया PCB के पक्ष में समर्थन

    क्रिकेट विवाद अपडेट: नजम सेठी ने खुलकर जताया PCB के पक्ष में समर्थन

    नई दिल्ली। बांग्लादेश क्रिकेट टीम टी20 विश्व कप 2026 से बाहर होने के कगार पर खड़ी है। टीम ने भारत में अपने मैच खेलने से इनकार किया है, जिसके कारण आईसीसी जल्द ही बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल करने का निर्णय ले सकती है। बांग्लादेश की यह जिद्द खेल जगत में विवाद का केंद्र बन गई है और पाकिस्तान ने इस मामले में आईसीसी पर कड़ा आरोप लगाया है।

    पाकिस्तान ने दिखाया समर्थन

    पूर्व पीसीबी अध्यक्ष नजम सेठी ने इस विवाद में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के रुख का समर्थन किया है। सेठी ने कहा कि पाकिस्तान ने बांग्लादेश की चिंता को समझा और आईसीसी को ईमेल के जरिए अपने समर्थन का इज़हार किया। उन्होंने अन्य देशों के क्रिकेट बोर्ड से भी अपील की कि वे बांग्लादेश का समर्थन करें ताकि आईसीसी को भारत के दबाव से बाहर सोचने पर मजबूर किया जा सके।

    बीसीबी का रुख और कारण

    दरअसल, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) चाहता था कि उसकी टीमें भारत में न खेलें और उनके मैच श्रीलंका में आयोजित हों। बीसीबी ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला दिया। मामला तब और गंभीर हो गया जब मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स से रिलीज किया गया। बांग्लादेश सरकार ने आईपीएल ब्रॉडकास्ट पर प्रतिबंध भी लगा दिया। इसके बाद बीसीबी ने आईसीसी से औपचारिक रूप से अपने ग्रुप मैच भारत से बाहर स्थानांतरित करने का अनुरोध किया, जिसे आईसीसी ने खारिज कर दिया।

    नजम सेठी ने कहा, “विश्व कप का बॉयकॉट”

    नजम सेठी ने कहा, “बांग्लादेश ने विश्व कप का बॉयकॉट करने का निर्णय लिया है। अब यह देखना बाकी है कि पीसीबी क्या फैसला करता है। मोहसिन नकवी खेल की समझ रखते हैं और उनका निर्णय संतुलित होगा।” उन्होंने अन्य देशों से भी बांग्लादेश का समर्थन करने की अपील की।

    आईसीसी और बीसीबी के बीच गतिरोध

    टी20 विश्व कप शुरू होने में अब दो सप्ताह से कम समय बाकी है। इस बीच आईसीसी और बीसीबी के बीच गतिरोध जारी है। यदि बांग्लादेश का अनुरोध मान्यता नहीं पाता और टीम भारत नहीं आती, तो स्कॉटलैंड को विकल्प के रूप में शामिल किया जा सकता है।

    खेल जगत में सियासी और प्रशासनिक दबाव

    इस विवाद ने साबित कर दिया है कि आधुनिक क्रिकेट केवल खेल नहीं, बल्कि सियासी और प्रशासनिक दबाव का भी मैदान बन गया है। बांग्लादेश का यह कदम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नए विवादों और बहस को जन्म दे रहा है।

    भारत में मैच न खेलने की जिद्द के चलते बांग्लादेश टी20 विश्व कप 2026 से बाहर होने के कगार पर, आईसीसी स्कॉटलैंड को विकल्प के तौर पर शामिल कर सकती है।

  • रायपुर टी20 में भारत ने न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराकर रचे कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड

    रायपुर टी20 में भारत ने न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराकर रचे कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड

    नई दिल्ली। रायपुर में खेले गए टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ ऐसा तूफानी प्रदर्शन किया, जिसने क्रिकेट इतिहास में कई नए रिकॉर्ड दर्ज करा दिए। 23 जनवरी (शुक्रवार) को खेले गए इस मैच में न्यूजीलैंड ने भारत के सामने 209 रनों का विशाल लक्ष्य रखा था, लेकिन कप्तान सूर्यकुमार यादव और ईशान किशन की विस्फोटक बल्लेबाजी के आगे यह लक्ष्य बौना साबित हुआ। टीम इंडिया ने महज 15.2 ओवर में 7 विकेट से जीत दर्ज कर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

    2 विकेट पर 6 रन से ऐतिहासिक जीत तक का सफर

    भारत की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम ने सिर्फ 6 रन पर अपने 2 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद सूर्यकुमार यादव और ईशान किशन ने पारी को संभालते हुए आक्रामक अंदाज़ में रन बरसाए। सूर्यकुमार यादव ने फॉर्म में शानदार वापसी करते हुए 37 गेंदों पर नाबाद 82 रन बनाए, जिसमें 9 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। वहीं ईशान किशन ने भी गेंदबाजों की जमकर खबर लेते हुए 32 गेंदों पर 76 रन ठोके, जिसमें 11 चौके और छक्के शामिल थे।

    फुल मेंबर टीम का सबसे बड़ा रनचेज रिकॉर्ड

    भारतीय टीम ने 2 विकेट पर 6 रन की नाजुक स्थिति से उबरते हुए 209 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया। यह किसी भी फुल मेंबर (FM) टीम द्वारा 6 या उससे कम रन पर 2 विकेट गिरने के बाद किया गया सबसे बड़ा सफल रनचेज है। इससे पहले यह रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के नाम था, जिसने 2023 में पाकिस्तान के खिलाफ 194 रन का लक्ष्य हासिल किया था।

    टी20I में भारत का संयुक्त सबसे बड़ा सफल रनचेज

    टी20 इंटरनेशनल में यह भारत का संयुक्त रूप से सबसे बड़ा सफल रनचेज रहा। इससे पहले भारत ने 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विशाखापत्तनम में भी 209 रन का लक्ष्य हासिल किया था। इसके साथ ही टीम इंडिया ने टी20I में छठी बार 200 या उससे अधिक रन का सफलतापूर्वक पीछा किया।

    200+ लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे तेज जीत

    भारत ने इस मुकाबले में 28 गेंदें शेष रहते लक्ष्य हासिल किया, जो कि किसी भी फुल मेंबर टीम द्वारा 200 या उससे अधिक रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे बड़ी जीत है। इस मामले में भारत ने पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया को भी पीछे छोड़ दिया।

    न्यूजीलैंड के गेंदबाज का शर्मनाक रिकॉर्ड

    इस मुकाबले में न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज जकारी फाउलकेस के लिए दिन बेहद खराब रहा। उन्होंने अपने 3 ओवर में 67 रन लुटा दिए, जो टी20 इंटरनेशनल में किसी भी न्यूजीलैंड गेंदबाज द्वारा दिए गए सबसे ज्यादा रन हैं। उन्होंने बेन व्हीलर का 2018 का रिकॉर्ड तोड़ दिया।

    रायपुर टी20 में सूर्यकुमार यादव और ईशान किशन की तूफानी बल्लेबाजी से भारत ने 209 रन का लक्ष्य 15.2 ओवर में हासिल कर इतिहास रच दिया और कई विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए।

  • रायपुर में रनचेज का महातूफान: टीम इंडिया ने 92 गेंदों में रचा इतिहास, एशिया की नंबर-1 T20I टीम बनी

    रायपुर में रनचेज का महातूफान: टीम इंडिया ने 92 गेंदों में रचा इतिहास, एशिया की नंबर-1 T20I टीम बनी


    नई दिल्ली । रायपुर की शाम भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गई, जब टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 मुकाबले में ऐसा तूफानी प्रदर्शन किया कि पूरी क्रिकेट दुनिया दंग रह गई। शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में खेले गए इस मैच में भारत ने 209 रनों के विशाल लक्ष्य को महज 15.2 ओवर यानी 92 गेंदों में हासिल कर लिया और 28 गेंद शेष रहते मुकाबला अपने नाम कर लिया। यह न सिर्फ भारत का सबसे तेज सफल टी20 अंतरराष्ट्रीय रनचेज बना, बल्कि इसके साथ ही टीम इंडिया ने एक साथ दो बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए।
    मैच की शुरुआत भारत के लिए कुछ खास नहीं रही। लक्ष्य का पीछा करते हुए पहले दो ओवर में ही टीम ने अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन के विकेट गंवा दिए। अभिषेक खाता भी नहीं खोल सके, जबकि संजू सिर्फ 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। शुरुआती झटकों के बाद ऐसा लगा कि न्यूजीलैंड ने मुकाबले में मजबूत पकड़ बना ली है, लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने मैच की तस्वीर ही बदल दी।
    तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे ईशान किशन ने कप्तान सूर्यकुमार यादव के साथ मिलकर मैदान पर रन बरसाने शुरू कर दिए। ईशान ने सिर्फ 21 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया और कीवी गेंदबाजों की एक भी चाल कामयाब नहीं होने दी। दूसरी ओर सूर्यकुमार यादव अपने चिर-परिचित अंदाज में गेंदबाजों पर टूट पड़े। दोनों बल्लेबाजों के बीच 122 रनों की विस्फोटक साझेदारी हुई, जिसने न्यूजीलैंड को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया।
    कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 37 गेंदों पर नाबाद 82 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि ईशान किशन ने 32 गेंदों पर 76 रन बनाए। चौकों-छक्कों की बारिश के बीच दर्शकों का उत्साह चरम पर था और हर ओवर के साथ भारत जीत के करीब पहुंचता गया।
    आखिरकार भारत ने यह मुकाबला 7 विकेट से जीतकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली।इस जीत के साथ टीम इंडिया ने पहला बड़ा रिकॉर्ड यह बनाया कि उसने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में छठी बार 200 या उससे ज्यादा रनों का लक्ष्य सफलतापूर्वक चेज किया। इस मामले में भारत अब दुनिया की दूसरी सबसे सफल टीम बन गई हैऑस्ट्रेलिया 7 बार ऐसा कर चुका है, जबकि भारत ने दक्षिण अफ्रीका, पाकिस्तान और इंग्लैंड जैसी टीमों को पीछे छोड़ दिया है।
    दूसरा और ऐतिहासिक रिकॉर्ड यह रहा कि भारत अपने घर में 100 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाला एशिया का पहला देश बन गया। न पाकिस्तान और न ही कोई अन्य एशियाई टीम यह उपलब्धि हासिल कर सकी है। भारत ने घरेलू मैदान पर खेले गए 100 टी20 मैचों में से 68 जीते हैं, जो उसकी घरेलू मजबूती को साफ दर्शाता है। रायपुर का यह मुकाबला सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट की आक्रामक सोच, गहराई और आत्मविश्वास का प्रतीक बन गया, जिसने टीम इंडिया को एशिया की नंबर-1 T20I टीम के रूप में और मजबूत पहचान दिला दी।
  • ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव के तूफानी अर्धशतक से भारत ने 209 रन का लक्ष्य महज 15 ओवर में हासिल किया

    ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव के तूफानी अर्धशतक से भारत ने 209 रन का लक्ष्य महज 15 ओवर में हासिल किया


    नई दिल्ली। रायपुर में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में धमाकेदार जीत दर्ज की। कीवी टीम ने भारत के सामने 209 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारत ने महज 15.2 ओवर का समय लिया और कई रिकॉर्ड्स अपने नाम किए। ईशान किशन ने 32 गेंदों पर 76 और सूर्यकुमार यादव ने 37 गेंदों पर नाबाद 82 रन बनाए। किशन को प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड भी मिला।

    इस जीत के दौरान भारत ने टी20आई में फुल मेंबर टीम द्वारा सबसे तेज 200 प्लस रन चेज का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले पाकिस्तान ने 2025 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 200 रन के लक्ष्य का पीछा 16 ओवर में पूरा किया था। भारत ने यह रिकॉर्ड सिर्फ तोड़ा ही नहीं बल्कि इसे और भी शानदार अंदाज में पूरा किया।यह दूसरी बार है जब टीम इंडिया ने 200 से अधिक रन बनाए और दो विकेट जल्दी गिरने के बावजूद शानदार पीछा किया। पहले टी20 में 27/2 के बाद भारत ने 211 रन जोड़े थे जबकि दूसरे टी20 में छह ओवर के बाद दो विकेट खोने के बाद 203 रन बनाए। 209 रनों का यह चेज टी20आई में सबसे बड़ा सफल पीछा भी माना जा रहा है जब टीम के दो विकेट दस रन से कम पर गिर गए हों।

    सूर्यकुमार यादव ने लगातार 23 पारियों में कोई फिफ्टी नहीं बनाने के बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ 82 रन नाबाद बनाए। इस दौरान उन्होंने टॉप चार में बल्लेबाजी करते हुए टी20आई में लंबा सिलसिला तोड़ा। ऋषभ पंत के बाद यह किसी भारतीय बल्लेबाज का दूसरा सबसे लंबा रिकॉर्ड है।ईशान किशन ने अपनी फिफ्टी 21 गेंदों में पूरी की जो न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत के लिए सबसे तेज फिफ्टी है। पावरप्ले में उनके 56 रन मेंस टी20आई में भारत के किसी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है।

    भारत ने न्यूजीलैंड को 28 गेंदें शेष रहते हराया। इस जीत के साथ भारत ने फुल मेंबर टीम द्वारा 200 प्लस रन का पीछा करते हुए सबसे ज्यादा गेंदें शेष रहते जीत हासिल करने का रिकॉर्ड भी पाकिस्तान से छीना। इस शानदार प्रदर्शन ने टीम इंडिया के आक्रामक और मजबूत फॉर्म को फिर साबित कर दिया।ईशान और सूर्यकुमार की तूफानी पारियों के दम पर भारत ने टी20 क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम और भी ऊंचा किया और इस मैच ने दर्शकों के लिए रोमांचक और यादगार मोड़ साबित किया।

  • क्या आप इंडिया के लिए खेलने के काबिल हैं?ईशान किशन ने कमबैक की दास्तां सुनाई, 76 रनों की धमाकेदार पारी से किया सबका दिल जीत

    क्या आप इंडिया के लिए खेलने के काबिल हैं?ईशान किशन ने कमबैक की दास्तां सुनाई, 76 रनों की धमाकेदार पारी से किया सबका दिल जीत


    नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले टीम इंडिया में वापसी करने वाले ईशान किशन ने अपने करियर की सबसे बड़ी चुनौती खुद से सवाल पूछनाकी कहानी दुनिया के सामने रखी। दो साल से ज्यादा समय तक टीम इंडिया से बाहर रहने के बाद, उन्होंने डोमेस्टिक क्रिकेट में लगातार रन बनाकर खुद को फिर से टीम में जगह दिलाई। और अब, न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में उन्होंने 76 रनों की धुआंधार पारी खेलकर वापसी को और यादगार बना दिया। इस पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।

    ईशान ने मैच के बाद बताया कि उन्होंने खुद से एक सवाल पूछा थाक्या मैं इंडिया के लिए खेलने के काबिल हूँ? क्या मैं यह फिर से कर सकता हूँ?उनका जवाब साफ था हाँ, वह कर सकते हैं। इसलिए उन्होंने डोमेस्टिक क्रिकेट में रन बनाना जारी रखा और इसी भरोसे के साथ मैदान पर उतरे।

    ईशान ने कहा कि उन्हें मैच के दौरान शुरुआत से ही गेंद कनेक्ट होती रही और उन्होंने खुद पर भरोसा रखा। उन्होंने बताया कि जब वे अच्छे शॉट्स खेलते रहे, तो उन्हें विश्वास था कि वे टीम के लिए बड़ा स्कोर बना सकते हैं।

    उन्होंने कहा कि डोमेस्टिक क्रिकेट में रन बनाना उनके लिए इसलिए जरूरी था ताकि वह खुद के सवालों का जवाब दे सकें और अपने आत्मविश्वास को वापस पा सकें।

    ईशान ने अपनी भावनाओं को साझा करते हुए कहा, मैंने खुद से पूछा कि क्या मैं यह फिर से कर सकता हूँ? और मुझे इसका साफ जवाब मिला। अगर मैं आउट भी हो जाता, तो भी मैं सिर्फ अच्छा क्रिकेट खेलना चाहता था।

    इस मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत के सामने 209 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसे टीम इंडिया ने ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव के अर्धशतकों की मदद से 15.2 ओवर में 7 विकेट से हासिल कर लिया। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने सीरीज में मजबूती दिखाई और ईशान की पारी ने वापसी को पूरी तरह से सफल बना दिया।