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  • हार्दिक पांड्या ने फिफ्टी के बाद भेजा फ्लाइंग किस माहिका शर्मा के साथ रोमांटिक वीडियो हुआ वायरल

    हार्दिक पांड्या ने फिफ्टी के बाद भेजा फ्लाइंग किस माहिका शर्मा के साथ रोमांटिक वीडियो हुआ वायरल


    नई दिल्ली । क्रिकेट स्टार हार्दिक पांड्या और उनकी गर्लफ्रेंड माहिका शर्मा का रोमांटिक पल हाल ही में सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। हार्दिक पांड्या ने भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए पांचवें टी20 मैच में जब 63 रनों की तूफानी पारी खेली तो उन्होंने अपनी पारी के दौरान अर्धशतक पूरा करते ही माहिका शर्मा के लिए फ्लाइंग किस भेजा। इस प्यारे इशारे का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं। हार्दिक ने इस मैच में सिर्फ 16 गेंदों में फिफ्टी पूरी की जो उनके लिए एक नया व्यक्तिगत रिकॉर्ड था। यह भारतीय क्रिकेट इतिहास में सबसे तेज अर्धशतक है और अब हार्दिक का नाम टी20 क्रिकेट में भारत के लिए दूसरे सबसे तेज अर्धशतक बनाने वाले खिलाड़ी के रूप में दर्ज हो गया है।

    हार्दिक का शानदार प्रदर्शन

    हार्दिक ने 63 रनों की पारी में 5 चौके और 5 छक्के लगाए। उन्होंने अपनी तूफानी पारी से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके इस बेहतरीन प्रदर्शन ने न केवल भारत को मैच में मजबूत स्थिति में पहुंचाया बल्कि उनके व्यक्तिगत रिकॉर्ड को भी नया आयाम दिया। हार्दिक के फ्लाइंग किस के बाद माहिका शर्मा ने भी उसी अंदाज में हार्दिक को फ्लाइंग किस भेजा जिससे यह पल और भी खास बन गया। उनका यह रोमांटिक इशारा दर्शकों के बीच और सोशल मीडिया पर छा गया।

    भारत के लिए दूसरा सबसे तेज अर्धशतक

    हार्दिक पांड्या का 16 गेंदों में अर्धशतक अब भारत के लिए सबसे तेज अर्धशतक है। भारत के लिए सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड पहले युवराज सिंह के नाम था जिन्होंने 2007 के टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ 12 गेंदों में फिफ्टी लगाई थी। अब हार्दिक ने युवराज का रिकॉर्ड थोड़ा पीछे छोड़ते हुए 16 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया है। यह मैच हार्दिक पांड्या के लिए खास था क्योंकि न केवल उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से शानदार प्रदर्शन किया बल्कि अपने प्यार का इजहार करने का भी एक बेहतरीन तरीका अपनाया।

    माहिका और हार्दिक का प्यार

    हार्दिक और माहिका की केमिस्ट्री अब सबके सामने है और यह जोड़ी सोशल मीडिया पर अपने रोमांटिक पल साझा करने से कभी नहीं चूकती। उनके इस प्यारे फ्लाइंग किस पल ने उनके प्रशंसकों के दिलों में और भी जगह बना ली है। इन दोनों के रोमांटिक पल ने यह साबित कर दिया कि क्रिकेट मैदान पर भी निजी जीवन और भावनाएं अपनी जगह बना सकती हैं। हार्दिक पांड्या का यह इशारा उनके प्यार और क्रिकेट के प्रति उनके जुनून को एक साथ दिखाता है।

  • ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतना ओलंपिक गोल्ड जीतने से भी कठिन: मोंटी पनेसर

    ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतना ओलंपिक गोल्ड जीतने से भी कठिन: मोंटी पनेसर


    नई दिल्ली । इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर ने ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि यह ओलंपिक गोल्ड मेडल जीतने से भी ज्यादा कठिन है। पनेसर का यह बयान ऑस्ट्रेलिया में चल रही एशेज सीरीज के संदर्भ में आया जिसमें इंग्लैंड की टीम 0-2 से पीछे चल रही है। पनेसर ने यह भी बताया कि ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट क्रिकेट जीतना एक बेहद कठिन चुनौती है जिसका मुकाबला करने के लिए किसी टीम को बहुत अधिक तैयारी और संघर्ष करना पड़ता है।

    ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एशेज सीरीज लगभग 100 सालों से खेली जा रही है और पिछले कुछ दशकों से इंग्लैंड को ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने में कठिनाइयाँ आ रही हैं। पनेसर के अनुसार इंग्लैंड की मौजूदा टीम भी उस चुनौती से जूझ रही है। वर्तमान में एशेज सीरीज के तीसरे टेस्ट में इंग्लैंड की टीम 86 रनों से पीछे है और सीरीज के हारने का खतरा तीसरे टेस्ट में ही मंडरा रहा है।

    पनेसर ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा ऑस्ट्रेलिया में जीतना बहुत कठिन है। इंग्लैंड के लिए यह शायद हर 20 साल में एक बार होता है। उन्होंने इंग्लैंड के पिछले एशेज विजेता अभियान की भी चर्चा की जिसमें 2010-11 की एशेज सीरीज इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया में जीत हासिल की थी। पनेसर ने उस सीरीज में अपनी भागीदारी का अनुभव भी साझा किया और बताया कि उस समय इंग्लैंड की टीम को वार्म-अप मैच खेलने का अवसर मिला था जिससे उन्हें परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने में मदद मिली थी।

    पनेसर ने आगे कहा ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट मैच खेलना एक अलग स्तर की चुनौती है। इंग्लैंड की टीम को अब समझना होगा कि यहाँ की तेज और बाउंसी पिचों पर खेलने के लिए विशेष रणनीति की जरूरत होती है। इंग्लैंड की टीम के आक्रामक खेल को लेकर भी पनेसर ने अपनी राय व्यक्त की और कहा कि इस तरह की पिचों पर आक्रामक खेल अधिक मुश्किल हो जाता है। इंग्लैंड के बल्लेबाज जब शुरुआत में ही आक्रामक हो जाते हैं तो वह खुद को परेशानी में डाल लेते हैं पनेसर ने कहा।

    उनके मुताबिक इंग्लैंड की टीम को अपनी गलतियों से सीखने की आवश्यकता है ताकि आने वाले समय में ऑस्ट्रेलिया जैसी कठिन परिस्थितियों में वे सफल हो सकें। पनेसर ने यह भी बताया कि हालात में ढलने के लिए इंग्लैंड को अपनी तैयारी को और बेहतर बनाना होगा।
    पनेसर ने ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने की कठिनाई को ओलंपिक गोल्ड जीतने से भी अधिक चुनौतीपूर्ण करार देते हुए कहा यह लगभग तीन या चार ओलंपिक खेलों में मुकाबला करने और फिर अंत में गोल्ड जीतने जैसा है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इंग्लैंड ने शायद इसे थोड़ा कम आंका है लेकिन उम्मीद है कि उन्होंने अपनी गलतियों से सीख लिया होगा और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करेंगे।

  • कपिल देव ने गौतम गंभीर को लेकर दी बड़ी प्रतिक्रिया  क्या वह टीम के कोच बन सकते हैं

    कपिल देव ने गौतम गंभीर को लेकर दी बड़ी प्रतिक्रिया क्या वह टीम के कोच बन सकते हैं


    नई दिल्ली । भारत के क्रिकेट जगत में हाल ही में एक बयान ने सबको चौंका दिया है और वह था कपिल देव का गौतम गंभीर को लेकर दिया गया बयान। कपिल देव ने गुरुवार को इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स शताब्दी सत्र में यह टिप्पणी की कि गौतम गंभीर को टीम का मुख्य कोच नहीं होना चाहिए। उनका कहना था कि वर्तमान समय में ‘कोच’ शब्द को गलत समझा जाता है और इस भूमिका को केवल खिलाड़ी प्रबंधन तक सीमित कर दिया गया है। कपिल देव ने स्पष्ट रूप से कहा गौतम गंभीर कोच नहीं हो सकते वह टीम के मैनेजर हो सकते हैं।”

    यह बयान ऐसे समय में आया है जब साउथ अफ्रीका से भारत की टेस्ट सीरीज में 0-2 से हार के बाद गौतम गंभीर की कोचिंग रणनीतियों पर सवाल उठ रहे हैं। खासतौर पर उनकी रणनीति जिसमें उन्होंने लगातार खिलाड़ियों को रोटेट किया और कामचलाऊ खिलाड़ियों पर निर्भर रहने की कोशिश की को लेकर आलोचनाएं हो रही हैं। कपिल देव ने इस मुद्दे पर और भी खुलकर बात करते हुए कहा आज के दौर में कोच वह नहीं होता जिसे आप स्कूल और कॉलेज में सीखते थे बल्कि यह एक प्रकार का प्रबंधन कार्य है। आपको खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उनके मनोबल को बढ़ाने की भूमिका निभानी होती है।

    कपिल ने यह भी कहा कि यदि सुनील गावस्कर आज के दौर में खेल रहे होते तो वह टी20 क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज होते। उनका मानना था कि जिन खिलाड़ियों का डिफेंस मजबूत होता है वे आसानी से आक्रामक खेल सकते हैं क्योंकि उनके पास अधिक समय होता है। इस टिप्पणी में कपिल ने क्रिकेट के आधुनिक रूपों जैसे टी20 और टी10 के बारे में भी अपनी राय दी और यह बताया कि वे इन सभी प्रारूपों में रुचि रखते हैं।

    कपिल देव की यह टिप्पणी भारतीय क्रिकेट में नई बहस का कारण बन सकती है क्योंकि गंभीर की कोचिंग शैली और उनके द्वारा उठाए गए कदमों को लेकर कई पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों ने विरोध जताया है। वहीं मिताली राज भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान ने भी क्रिकेट के इस नए युग को लेकर अपनी राय साझा की। उन्होंने हाल ही में भारत के स्वदेश में हुए महिला विश्व कप जीतने के बारे में याद किया और बताया कि कैसे इंडिया नाम के साथ ट्रॉफी हासिल करना उनके लिए एक खास अनुभव था।

    गौतम गंभीर की कोचिंग को लेकर चल रही बहस को लेकर कपिल देव के बयान ने अब इसे और भी गंभीर बना दिया है। कई क्रिकेट विशेषज्ञ अब इस मुद्दे पर विचार कर रहे हैं कि क्या गंभीर को आगे चलकर टीम का मुख्य कोच बनने की भूमिका निभानी चाहिए या फिर उनके लिए यह और भी बेहतर होगा कि वे किसी अन्य भूमिका में खेल जगत की सेवा करें।

  • बहरीन में भारतीय जर्सी पहनकर उतरा पाकिस्तानी नेशनल खिलाड़ी, तिरंगा लहराने से मचा पाकिस्तान में बवाल

    बहरीन में भारतीय जर्सी पहनकर उतरा पाकिस्तानी नेशनल खिलाड़ी, तिरंगा लहराने से मचा पाकिस्तान में बवाल


    इस्लामाबाद/पाकिस्तान कबड्डी जगत में उस समय हड़कंप मच गयाजब देश के एक चर्चित अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी उबैदुल्लाह राजपूत बहरीन में आयोजित एक निजी टूर्नामेंट में भारतीय टीम की जर्सी पहनकर खेलते और भारतीय तिरंगा लहराते नजर आए। इस घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईंजिसके बाद पाकिस्तान में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। मामला इतना गंभीर हो गया कि पाकिस्तान कबड्डी फेडरेशन पीकेएफको जनरल काउंसिल की इमरजेंसी बैठक बुलानी पड़ी है।यह विवाद तीसरे जीसीसी कबड्डी कप से जुड़ा हैजिसका आयोजन 16 दिसंबर को बहरीन के सलमाबाद स्थित गल्फ एयर क्लब में किया गया था। इस टूर्नामेंट में बहरीनकुवैतदुबई और ओमान की टीमें शामिल थीं। हालांकियह कोई आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता नहीं थीबल्कि एक निजी आयोजन थाजिसमें आयोजकों ने भारतपाकिस्तानकनाडा और ईरान जैसे देशों के नाम पर निजी टीमें बनाई थीं।

    पाकिस्तान कबड्डी फेडरेशन के सचिव राणा सरवर ने बताया कि फेडरेशन चेयरमैन चौधरी शफाय हुसैन के निर्देश पर 27 दिसंबर को आपात बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में उबैदुल्लाह राजपूत समेत उन सभी खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगाजिन्होंने बिना अनुमति इस टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। सरवर ने साफ शब्दों में कहा कि किसी राष्ट्रीय खिलाड़ी का विदेशी टीम की जर्सी पहनना और उसका झंडा लहराना अस्वीकार्य है। उन्होंने इसे पाकिस्तान के खेल नियमों और राष्ट्रीय गरिमा का गंभीर उल्लंघन बताया।

    सरवर के अनुसारबहरीन गए कुल 16 पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने पाकिस्तान कबड्डी फेडरेशन या पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड से कोई एनओसी या पूर्व अनुमति नहीं ली थी। इनमें राष्ट्रीय और नेशनल लेवल के खिलाड़ी शामिल थे। उन्होंने कहा कि यह कोई आधिकारिक पाकिस्तानी टीम नहीं थीलेकिन पाकिस्तान के नाम और पहचान का इस तरह इस्तेमाल करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। फेडरेशन अब इन सभी खिलाड़ियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार कर रही है।फेडरेशन ने यह भी स्पष्ट किया कि क्लब स्तर पर विभिन्न देशों के खिलाड़ी एक साथ खेल सकते हैंलेकिन किसी अन्य देश का प्रतिनिधित्व करना और उसका राष्ट्रीय ध्वज लहराना पूरी तरह गलत है। इसके साथ हीफेडरेशन ने स्वघोषित प्रमोटर्स और आयोजकों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाने की बात कही हैताकि भविष्य में पाकिस्तान के नाम का इस तरह दुरुपयोग न हो।

    विवाद बढ़ने के बाद उबैदुल्लाह राजपूत ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि यह टूर्नामेंट हर साल बहरीन में आयोजित होता है और वह पहले भी इसमें हिस्सा ले चुके हैं। इस बार उनकी पुरानी टीम ने उन्हें नहीं बुलायालेकिन दूसरी टीम के निमंत्रण पर वह खेलने चले गए। राजपूत के मुताबिकउन्हें पहले से जानकारी नहीं थी कि टीमें भारत और पाकिस्तान के नाम से बनाई जाएंगी।राजपूत ने दावा किया कि मैदान में उतरते समय दोस्तों ने उन्हें बताया कि वह भारतीय नाम वाली टीम का हिस्सा हैं। इसके बाद उन्होंने कमेंटेटर से यह अनाउंस भी करवाया कि यह भारत-पाकिस्तान मैच नहींबल्कि एक स्थानीय कप प्रतियोगिता है। उन्होंने कहा कि नारेबाजी और झंडे लहराने की उन्हें कोई उम्मीद नहीं थी।

    अपने बयान में राजपूत ने कहायह सिर्फ एक कप थाकोई विश्व कप नहीं। अगर यह आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट होतातो मैं केवल पाकिस्तान के लिए ही खेलता। मैं पाकिस्तानी हूं और मेरा जीवन पाकिस्तान पर कुर्बान है।उन्होंने फेडरेशनकोचप्रशंसकों और शुभचिंतकों से माफी मांगते हुए अपील की कि इस मामले को जरूरत से ज्यादा तूल न दिया जाए।अब सभी की नजरें 27 दिसंबर को होने वाली पाकिस्तान कबड्डी फेडरेशन की बैठक पर टिकी हैंजहां यह तय होगा कि उबैदुल्लाह राजपूत और अन्य खिलाड़ियों के भविष्य पर क्या असर पड़ेगा।

  • Aus vs Eng: आर्चर ने झटके 5 विकेट, फिर भी मजबूत स्थिति में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड पर कसा शिकंजा

    Aus vs Eng: आर्चर ने झटके 5 विकेट, फिर भी मजबूत स्थिति में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड पर कसा शिकंजा


    एडिलेड ।
    ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड (Australia vs England) के बीच एडिलेड में जारी तीसरे एशेज टेस्ट मैच (Third Ashes Test Match) पर मेजबान ऑस्ट्रेलिया का शिकंजा कस गया है। भले ही इंग्लैंड के लिए तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर (Fast bowler Jofra Archer) ने फाइव विकेट हॉल प्राप्त किया हो, लेकिन जिस तरह का खेल ऑस्ट्रेलिया (Australia) ने पहले दो मैचों में दिखाया था, उसी खेल को कंगारू टीम आगे भी जारी रखे हुए है। ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 371 रनों का स्कोर बना दिया, जबकि शुरुआत टीम की अच्छी नहीं थी। उधर, इंग्लैंड को अपनी पहली पारी में शुरुआत अच्छी नहीं मिली। इस तरह कहा जा सकता है कि ऑस्ट्रेलिया ने इस मैच पर भी अपनी पकड़ बना ली है।

    इस मुकाबले की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया की टीम के कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी थी। हालांकि, शुरुआत अच्छी नहीं रही थी, लेकिन एलेक्स कैरी ने 106 रनों की पारी खेलकर ऑस्ट्रेलिया की वापसी करा दी। कैरी के अलावा उस्मान ख्वाजा ने भी दमदार 82 रन बनाए, जो स्टीव स्मिथ की जगह खेल रहे थे। स्मिथ मैच से ठीक पहले अनफिट पाए गए थे। ऐसे में ख्वाजा को खेलने का मौका मिला। मिचेल स्टार्क ने भी 54 रनों की पारी खेली, जिससे इंग्लैंड की टीम बैकफुट पर चली गई। 32 रन जोश इंग्लिस ने भी बनाए।

    उधर, इंग्लैंड के लिए मैच के दूसरे दिन की सुबह जोफ्रा आर्चर ने फाइव विकेट हॉल प्राप्त किया। वहीं, 2-2 विकेट ब्रायडन कार्स और विल जैक्स को मिले। ऑस्ट्रेलिया को 371 पर आउट करने के बाद इंग्लैंड ने बल्लेबाजी शुरू की। ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड की टीम पहली पारी में बड़ा स्कोर बनाएगी, लेकिन जैसे ही 37 रन पर पहला विकेट गिरा तो अगले 5 रनों के भीतर दो और विकेट गिर गए। इस तरह इंग्लैंड की टीम पर एशेज सीरीज को गंवाने का खतरा मंडरा रहा है।


    सीरीज हार का खतरा

    इंग्लैंड की टीम पहले ही दो मैच हार चुकी है और अब अगर एडिलेड में जारी इस मैच को भी हार जाती है तो फिर सीरीज 3-0 से गंवा देगी। सीरीज के दो मुकाबले बाकी रहेंगे, लेकिन उन मैचों के नतीजों का असर सीरीज की हार-जीत पर नहीं पड़ेगा। जरूर स्कोरलाइन में बदलाव हो सकता है, लेकिन एशेज ट्रॉफी मेजबान ऑस्ट्रेलिया के पास ही रहेगी। ऐसे में इसी मैच में इंग्लैंड को दमदार वापसी करते हुए मैच जीतने के बारे में सोचना होगा।

  • डेंगू–चिकनगुनिया से जूझ रहे युजवेंद्र चहल, फिटनेस बिगड़ने के कारण क्रिकेट से कुछ हफ्तों का ब्रेक

    डेंगू–चिकनगुनिया से जूझ रहे युजवेंद्र चहल, फिटनेस बिगड़ने के कारण क्रिकेट से कुछ हफ्तों का ब्रेक


    नई दिल्ली/भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल इन दिनों क्रिकेट मैदान से दूर हैं। इसकी वजह उननई दिल्लीकी खराब सेहत है। चहल डेंगू और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं, जिसके चलते उनकी फिटनेस पर गहरा असर पड़ा है और उन्हें डॉक्टरों ने पूरी तरह आराम करने की सलाह दी है। इस बीमारी के कारण उन्हें घरेलू क्रिकेट के अहम मुकाबलों से भी बाहर रहना पड़ा है।युजवेंद्र चहल को आखिरी बार नवंबर महीने में हरियाणा की ओर से सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के ग्रुप मैच में खेलते हुए देखा गया था। इसके बाद से ही वह टीम से लगातार बाहर चल रहे थे, जिससे उनके फैंस के बीच उनकी अनुपस्थिति को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे थे। अब खुद चहल ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस बात की पुष्टि कर दी है कि वह डेंगू और चिकनगुनिया से प्रभावित रहे हैं और इसी वजह से क्रिकेट से ब्रेक लेना पड़ा। 
    सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला हरियाणा के लिए बेहद अहम था, लेकिन इस निर्णायक मैच में भी चहल अपनी टीम का हिस्सा नहीं बन सके। फाइनल से पहले उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर अपनी सेहत को लेकर अपडेट साझा किया। चहल ने लिखा कि वह टीम के साथ मैदान पर उतरना चाहते थे, लेकिन शरीर ने साथ नहीं दिया। उन्होंने हरियाणा टीम को फाइनल के लिए शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि वह जल्द पूरी तरह फिट होकर वापसी करेंगे।

    डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से उबरने में आमतौर पर समय लगता है और इसका सीधा असर खिलाड़ी की फिटनेस और स्टैमिना पर पड़ता है। ऐसे में चहल की वापसी को लेकर कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि अब उनकी नजरें विजय हजारे ट्रॉफी पर होंगी, जिसकी शुरुआत 24 दिसंबर से हो रही है। हालांकि, इसमें उनका खेलना पूरी तरह उनकी फिटनेस रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।गौरतलब है कि युजवेंद्र चहल पिछले काफी समय से भारतीय सीनियर टीम से भी बाहर चल रहे हैं। अगस्त 2023 के बाद से उन्होंने भारत के लिए कोई अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेला है। टी20 वर्ल्ड कप के बाद उन्हें राष्ट्रीय टीम में मौका नहीं मिला, हालांकि इसके बावजूद घरेलू क्रिकेट और विदेशी लीगों में उनका प्रदर्शन सराहनीय रहा है।

    बीमारी से पहले चहल इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलते हुए नजर आए थे। उन्होंने नॉर्थम्पटनशायर की ओर से वनडे कप और काउंटी चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी गेंदबाजी किफायती रही, जबकि रेड बॉल क्रिकेट में उन्होंने तीन मैचों में 12 विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की थी। उनके इस प्रदर्शन ने यह दिखाया था कि वह अभी भी लंबे फॉर्मेट में प्रभावी गेंदबाज बने हुए हैं।फिलहाल, चहल का पूरा फोकस अपनी सेहत पर है। फैंस और क्रिकेट जगत को उम्मीद है कि वह जल्द ही इन बीमारियों से पूरी तरह उबरकर मैदान पर वापसी करेंगे और एक बार फिर अपनी लेग स्पिन से बल्लेबाजों को परेशान करते नजर आएंगे।

  • U19 एशिया कप 2025: फाइनल में भारत-पाकिस्तान की टक्कर के आसार, सेमीफाइनल जीत तय करेगी हाई-वोल्टेज मुकाबला

    U19 एशिया कप 2025: फाइनल में भारत-पाकिस्तान की टक्कर के आसार, सेमीफाइनल जीत तय करेगी हाई-वोल्टेज मुकाबला

    U19 Asia Cup 2025
    नई दिल्ली
    /अंडर-19 एशिया कप 2025 अब अपने सबसे रोमांचक चरण में पहुंच गया है। क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या एक बार फिर भारत और पाकिस्तान फाइनल में आमने-सामने होंगे। टूर्नामेंट में अब तक के प्रदर्शन को देखें तो यह संभावना काफी मजबूत नजर आ रही है। भारतीय अंडर-19 टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाया है और ग्रुप स्टेज में शीर्ष स्थान हासिल किया है। आयुष म्हात्रे की कप्तानी में भारतीय टीम संतुलित और आत्मविश्वास से भरी हुई नजर आई है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी-दोनों ही विभागों में टीम ने विरोधियों पर दबदबा बनाया है। खास बात यह है कि सीनियर टीम ने इसी साल UAE में पाकिस्तान को हराकर एशिया कप जीता था और अब 81 दिन बाद जूनियर टीम के पास भी वही इतिहास दोहराने का मौका है।

    सेमीफाइनल की पूरी तस्वीर

    U19 एशिया कप 2025 के सेमीफाइनल मुकाबलों का कार्यक्रम तय हो चुका है। 19 दिसंबर को खेले जाने वाले पहले सेमीफाइनल में भारत का सामना श्रीलंका से होगा। वहीं, दूसरे सेमीफाइनल में डिफेंडिंग चैंपियन बांग्लादेश और पाकिस्तान आमने-सामने होंगे। अगर सेमीफाइनल में भारत श्रीलंका को हराने में सफल रहता है और पाकिस्तान बांग्लादेश को मात देता है, तो 21 दिसंबर को दुबई में भारत-पाकिस्तान के बीच फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। यह मुकाबला सिर्फ ट्रॉफी के लिए नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच पुरानी क्रिकेट प्रतिद्वंद्विता का एक और रोमांचक अध्याय होगा।

    ग्रुप स्टेज में भारत का दमदार प्रदर्शन
    ग्रुप स्टेज में भारत और पाकिस्तान की टीमें पहले ही आमने-सामने आ चुकी हैं। 14 दिसंबर को खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 90 रन से करारी शिकस्त दी थी। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 46.1 ओवर में 240 रन बनाए। एरन जॉर्ज ने शानदार 85 रन की पारी खेली, जबकि कनिष्क चौहान ने 46 रन का अहम योगदान दिया।लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और 150 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत की ओर से कनिष्क चौहान और दीपेश देवेंद्रन ने 3-3 विकेट चटकाए। किशन सिंह ने 2 विकेट लिए, जबकि युवा गेंदबाज वैभव सूर्यवंशी ने भी अहम सफलता दिलाई।

    फाइनल में क्या दांव पर होगा?

    अगर भारत और पाकिस्तान सेमीफाइनल में जीत दर्ज करते हैं, तो फाइनल मुकाबला एशिया कप ट्रॉफी के साथ-साथ प्रतिष्ठा की लड़ाई भी बन जाएगा। भारत जहां अपने दबदबे को कायम रखना चाहेगा, वहीं पाकिस्तान ग्रुप स्टेज की हार का बदला लेने उतरेगा।क्रिकेट फैंस के लिए यह मुकाबला किसी त्योहार से कम नहीं होगा। दोनों टीमों की मौजूदा फॉर्म को देखते हुए फाइनल में कांटे की टक्कर तय मानी जा रही है। अब सबकी निगाहें 19 दिसंबर के सेमीफाइनल मुकाबलों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि 21 दिसंबर को दुबई में क्रिकेट का सबसे बड़ा जूनियर मुकाबला देखने को मिलेगा या नहीं।

  • नाथन लियोन ने तोड़ा ग्लेन मैक्ग्रा का रिकॉर्ड टेस्ट क्रिकेट में अब तक चटकाए हैं 564 विकेट

    नाथन लियोन ने तोड़ा ग्लेन मैक्ग्रा का रिकॉर्ड टेस्ट क्रिकेट में अब तक चटकाए हैं 564 विकेट


    नई दिल्ली ।ऑस्ट्रेलिया के महान ऑफ स्पिनर नाथन लियोन ने टेस्ट क्रिकेट में 564 विकेट चटकाकर ग्लेन मैक्ग्रा का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस सफलता के साथ लियोन अब ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट क्रिकेट में दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं। उनसे आगे केवल शेन वॉर्न हैं जिनके नाम 708 विकेट हैं।

    नाथन लियोन का ऐतिहासिक मील का पत्थर

    नाथन लियोन ने एडिलेड टेस्ट मैच में बेन डकेट को क्लीन बोल्ड करते हुए अपना 564वां विकेट लिया। इससे पहले ग्लेन मैक्ग्रा के पास यह रिकॉर्ड था जिन्होंने 563 विकेट हासिल किए थे। लियोन ने इंग्लैंड के खिलाफ जारी पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के तीसरे मुकाबले में पहले ओली पोप को आउट किया और फिर डकेट को बोल्ड करके इतिहास रच दिया। यह महत्वपूर्ण पल उस समय और भी खास हो गया जब ग्लेन मैक्ग्रा खुद स्टेडियम में मौजूद थे और कमेंट्री कर रहे थे। उनके रिऐक्शन ने दर्शकों को भी खुश कर दिया।

    ग्लेन मैक्ग्रा का मजाकिया रिऐक्शन

    जब नाथन लियोन ने रिकॉर्ड तोड़ा तो ग्लेन मैक्ग्रा ने मजाकिया अंदाज में अपनी कुर्सी उठाकर अपने साथी कमेंटेटर के पास मारने की कोशिश की। यह दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और फैंस ने इस मजाकिया पल का आनंद लिया। मैक्ग्रा का यह रिऐक्शन दर्शाता है कि उनके बीच कितना सम्मान और दोस्ती है।

    नाथन लियोन का सफर और आगे का रास्ता

    नाथन लियोन अब टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में छठे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं। उनसे आगे मुथैया मुरलीधरन 800 विकेट शेन वॉर्न 708 विकेट जेम्स एंडरसन 704 विकेट अनिल कुंबले 619 विकेट और स्टुअर्ट ब्रॉड 604 विकेट हैं। हालांकि लियोन को इन महान गेंदबाजों के रिकॉर्ड तक पहुंचने के लिए अब भी काफी विकेट और कुछ सालों तक खेलना पड़ेगा। लेकिन यदि वह फिट रहते हैं और आने वाली सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो वह कुंबले और ब्रॉड के रिकॉर्ड को तोड़ने की ओर बढ़ सकते हैं।

    नाथन लियोन का यह उपलब्धि न केवल उनके लिए बल्कि ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट के लिए भी गर्व का क्षण है। उन्होंने ग्लेन मैक्ग्रा के रिकॉर्ड को तोड़कर एक नई उपलब्धि हासिल की है और अब वह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में अपनी जगह मजबूत कर रहे हैं। अगर उनका प्रदर्शन इस तरह जारी रहता है तो लियोन भविष्य में और बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम कर सकते हैं।

  • नाथन लियोन बने ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले दूसरे बॉलर, ग्लेन मैक्ग्रा का रिकॉर्ड तोड़ा

    नाथन लियोन बने ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले दूसरे बॉलर, ग्लेन मैक्ग्रा का रिकॉर्ड तोड़ा


    एडिलेड।
    ऑस्ट्रेलिया के ऑफ स्पिनर (Australian off-spinner) नाथन लियोन (Nathan Lyon) ने जैसे ही एडिलेड टेस्ट मैच (Adelaide Test match) में दूसरा विकेट निकाला, वैसे ही उन्होंने महान गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा (Great bowler Glenn McGrath) का रिकॉर्ड तोड़ दिया। नाथन लियोन अब टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के लिए दूसरे सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले गेंदबाज बन गए हैं। उनसे आगे सिर्फ शेन वॉर्न हैं, जिन्होंने 708 विकेट टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के लिए निकाले थे। खास बात ये थी कि इस दौरान ग्लेन मैक्ग्रा भी स्टेडियम में मौजूद थे, जो कमेंट्री कर रहे थे। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा का रिऐक्शन देखने वाला था।

    नाथन लियोन ने जैसे ही बेन डकेट को क्लीन बोल्ड किया, वैसे ही टेस्ट क्रिकेट में उनके विकेटों की संख्या 564 हो गई और वे ऑस्ट्रेलिया के लिए दूसरे सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट निकालने वाले गेंदबाज बन गए। इस मैच से पहले तक ग्लेन मैक्ग्रा के पास ये रिकॉर्ड था, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के लिए 563 विकेट निकाले थे। नाथन लियोन ने इंग्लैंड के खिलाफ जारी पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के तीसरे मुकाबले में पहले तो ओली पोप को चलता किया और फिर डकेट के स्टंप्स बिखेरकर इतिहास रच दिया। इस दौरान ग्लेन मैक्ग्रा ने कुर्सी उठाई और अपने पास के कमेंट्री बॉक्स में मारने की कोशिश की। हालांकि, ये सब मजाकिया अंदाज में उन्होंने अपने एक साथी कमेंटेटर के लिए किया। वीडियो सोशल मीडिया पर अब वायरल है।

    महान स्पिनर नाथन लियोन अब टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में छठे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं। उनसे आगे इस लिस्ट में श्रीलंका के महान स्पिनर मुथैया मुरलीधरन, ऑस्ट्रेलिया के शेन वॉर्न, इंग्लैंड के जेम्स एंडरसन, भारत के अनिल कुंबले और इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड शामिल हैं। मुरलीधरन ने 800, वॉर्न ने 708, एंडरसन ने 704, कुंबले ने 619 और ब्रॉड ने 604 विकेट टेस्ट क्रिकेट में चटकाए हुए हैं। नाथन लियोन टॉप 5 में शामिल होने से अभी 40 विकेट दूर हैं। हाल-फिलहाल में तो ऐसा होने वाला नहीं है, लेकिन कुछ और सीरीज वे खेलते हैं तो जरूर उस उपलब्धि तक पहुंच सकते हैं। कुछ नहीं तो स्टुअर्ट ब्रॉड और अनिल कुंबले के रिकॉर्ड को जरूर धराशायी कर सकते हैं।

  • जोफ्रा आर्चर का पांच विकेट हॉल बेकार ऑस्ट्रेलिया ने तीसरे एशेज टेस्ट में कसा शिकंजा

    जोफ्रा आर्चर का पांच विकेट हॉल बेकार ऑस्ट्रेलिया ने तीसरे एशेज टेस्ट में कसा शिकंजा


    नई दिल्ली । तीसरे एशेज टेस्ट के दूसरे दिन इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच विकेट लिए। हालांकि इस गेंदबाजी प्रदर्शन के बावजूद ऑस्ट्रेलिया ने मैच पर अपनी पकड़ मजबूत रखी और इंग्लैंड को बैकफुट पर धकेल दिया।

    एडिलेड में खेले जा रहे इस टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। हालांकि ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत अच्छी नहीं रही लेकिन एलेक्स कैरी 106 और उस्मान ख्वाजा 82 की शानदार पारियों ने ऑस्ट्रेलिया को 371 रनों के स्कोर तक पहुंचाया। इस बीच मिचेल स्टार्क 54 और जोश इंग्लिस 32 ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया जिससे इंग्लैंड की टीम को कठिन चुनौती का सामना करना पड़ा।

    इंग्लैंड के लिए जोफ्रा आर्चर ने मैच के दूसरे दिन जबरदस्त गेंदबाजी की और पांच विकेट हॉल लिया लेकिन इसके बावजूद इंग्लैंड को ऑस्ट्रेलिया के विशाल स्कोर का पीछा करने में मुश्किलें आ रही हैं। इसके अलावा ब्रायडन कार्स और विल जैक्स ने भी 2-2 विकेट हासिल किए लेकिन इंग्लैंड की टीम ने जल्द ही अपने सभी विकेट गंवा दिए और 371 रनों के स्कोर पर आउट हो गई।

    इंग्लैंड के लिए अब संघर्ष और भी बढ़ गया क्योंकि पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए उनकी शुरुआत खराब रही। 37 रन पर पहला विकेट गिरने के बाद इंग्लैंड की स्थिति और भी नाजुक हो गई। इंग्लैंड ने अगले 5 रनों में 2 और विकेट खो दिए जिससे उनकी पारी पर संकट मंडराता दिख रहा है।

    इस सीरीज में इंग्लैंड पहले ही दो मैच हार चुका है और यदि वे इस टेस्ट मैच में भी हार जाते हैं तो वे एशेज ट्रॉफी हारने के कगार पर पहुंच जाएंगे। इस स्थिति में इंग्लैंड के लिए सीरीज को बचाने के लिए इस मैच में दमदार वापसी करना आवश्यक होगा। हालांकि दो मुकाबले अभी बाकी हैं लेकिन ऑस्ट्रेलिया के पास 3-0 की बढ़त के साथ एशेज ट्रॉफी की ओर कदम बढ़ाए हुए हैं।