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  • स्मृति मंधाना का रिकॉर्ड चैलेंज: शुभमन गिल को पछाड़कर बन सकती हैं 2025 की सबसे बड़ी रन मशीन

    स्मृति मंधाना का रिकॉर्ड चैलेंज: शुभमन गिल को पछाड़कर बन सकती हैं 2025 की सबसे बड़ी रन मशीन


    नई दिल्ली: भारत और श्रीलंका के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का पांचवां और आखिरी मुकाबला आज यानी मंगलवार, 30 दिसंबर को खेला जा रहा है। यह 2025 में टीम इंडिया का अंतिम मैच भी है। मैच से पहले क्रिकेट की नजरें उप-कप्तान स्मृति मंधाना पर टिकी हुई हैं, जो इस साल के रिकॉर्ड बनाने के करीब हैं।टीम इंडिया इस मैच में 5-0 से क्लीन स्वीप करने के इरादे से उतरेगी लेकिन मंधाना का ध्यान अब व्यक्तिगत रिकॉर्ड पर है। 2025 में उन्होंने महिला क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का कारनामा किया है। अब उनका लक्ष्य पुरुष और महिला क्रिकेट दोनों मिलाकर इस साल सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बनना है। इसके लिए उन्हें पुरुष क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले शुभमन गिल का रिकॉर्ड तोड़ना होगा।

    स्मृति मंधाना ने इस साल सभी फॉर्मेट में कुल 1,703 रन बनाए हैं। वहीं शुभमन गिल ने 2025 में 1,764 रन बनाए हैं। अगर मंधाना आज श्रीलंका के खिलाफ कम से कम 62 रन बनाने में कामयाब रहती हैं, तो वह पुरुष और महिला दोनों क्रिकेट मिलाकर सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी बन जाएंगी।मंधाना के इस साल के परफॉर्मेंस की बात करें तो उनके अधिकांश रन वनडे फॉर्मेट में आए हैं। उन्होंने 23 वनडे मुकाबलों में 61.9 की औसत के साथ 1,362 रन बनाए, जिनमें 5 शतक शामिल हैं। इसके अलावा, टी20 फॉर्मेट में उन्होंने 9 मैचों में एक शतक के साथ 341 रन बनाए। मंधाना ने भारतीय महिला टीम को पहला वर्ल्ड कप जीताने में अहम योगदान दिया था।

    स्मृति मंधाना का अंतरराष्ट्रीय करियर भी बेहद शानदार रहा है। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 7 मैचों और 12 पारियों में 57.18 की औसत से 629 रन बनाए, जिसमें दो शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं। वनडे में उन्होंने 117 मैचों में 48.38 की औसत से 5,322 रन बनाए, जिसमें 14 शतक और 34 अर्धशतक शामिल हैं। इस प्रदर्शन के दम पर वह वनडे में छठी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी बन गई हैं। T20I में उन्होंने 157 मैचों में 29.94 की औसत और 124.22 के स्ट्राइक रेट से 4,102 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और 32 अर्धशतक शामिल हैं। वह T20I में दूसरी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी हैं।

    इस मुकाबले में मंधाना का प्रदर्शन सिर्फ व्यक्तिगत रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रहेगा। टीम इंडिया की जीत के साथ वह इतिहास रच सकती हैं। फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञ दोनों इस मैच और मंधाना के प्रदर्शन को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उनके रन केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट की बढ़ती ताकत और पुरुष क्रिकेट के रिकॉर्ड को चुनौती देने का प्रतीक हैं।इस मुकाबले का परिणाम और मंधाना का प्रदर्शन निश्चित रूप से 2025 की क्रिकेट वर्ष की सबसे चर्चित घटनाओं में शामिल होगा।

  • IndW vs SLW : पांचवां और आखिरी T20I मैच आज…. जानें कैसा रहेगा पिच का मिजाज

    IndW vs SLW : पांचवां और आखिरी T20I मैच आज…. जानें कैसा रहेगा पिच का मिजाज


    नई दिल्ली।
    इंडिया वर्सेस श्रीलंका (India Women vs Sri Lanka Women) 5 मैच की टी20 सीरीज का पांचवां और आखिरी टी20 (5th T20I) मुकाबला आज तिरुवनंतपुरम में खेला जाना है। इस सीरीज में जीत का चौका लगाने वाली हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) की अगुवाई वाली टीम इंडिया की नजरें आज मेहमानों का सूपड़ा साफ करने पर होगी। भारत ने आज तक श्रीलंका को 5 मैच की सीरीज में क्लीन स्वीप नहीं किया है, ऐसे में टीम इंडिया की नजरें इस मुकाम को भी हासिल करने पर होगी। तिरुवनंतपुरम में यह सीरीज का लगातार तीसरा मैच है। पिछले मुकाबले में रनों की खूब बरसात हुई थी। दोनों टीमों ने मिलकर 412 रन बनाए थे। आईए एक नजर आज के मैच की पिच रिपोर्ट (Pitch report) पर डालते हैं-

    तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में अभी तक खेले दोनों टी20 मुकाबलों में भारत ने जीत दर्ज की है। पहले मुकाबले में भारत ने रेणुका सिंह ठाकुर की कातिलाना गेंदबाजी के दम पर जीता। रेणुका ने 4 ओवर में 21 रन खर्च कर 4 विकेट चटकाए, जिसके दम पर भारत श्रीलंका को 112 के स्कोर पर रोकने में कामयाब रहा। इस स्कोर का पीछा टीम इंडिया ने 13.2 ओवर में ही कर लिया था। शेफाली वर्मा ने 79 रनों की धमाकेदार पारी खेली। वहीं दूसरे मैच में टीम इंडिया ने टी20 में अपना सबसे बड़ा स्कोर बनाते हुए श्रीलंका के सामने 222 रनों का टारगेट रखा था, इस स्कोर का पीछा करते हुए श्रीलंका 191 पर ही रुक गया था। इन दोनों ही मैचों में भारतीय बल्लेबाजों ने कहर बरपाया। ऐसे में कहा जा सकता है कि आज के मैच में भी पिच बल्लेबाजों को फेवर कर सकती है। टॉस जीतने वाले कप्तान की नजरें पहले फील्डिंग करने पर होगी।


    इंडिया वर्सेस श्रीलंका स्क्वॉड

    भारत महिला टीम: स्मृति मंधाना, शैफाली वर्मा, ऋचा घोष (डब्ल्यू), हरमनप्रीत कौर (सी), हरलीन देयोल, दीप्ति शर्मा, अमनजोत कौर, अरुंधति रेड्डी, वैष्णवी शर्मा, रेणुका सिंह ठाकुर, श्री चरणी, जेमिमा रोड्रिग्स, जी कमलिनी, क्रांति गौड़, स्नेह राणा

    श्रीलंका महिला टीम: हासिनी परेरा, चमारी अथापथु (कप्तान), इमेशा दुलानी, हर्षिता समरविक्रमा, कविशा दिलहारी, नीलाक्षिका सिल्वा, रश्मिका सेवंडी, कौशानी नुथ्यांगना (डब्ल्यू), मालशा शेहानी, काव्या कविंदी, निमाशा मदुशानी, मल्की मदारा, शशिनी गिम्हानी, विशमी गुणरत्ने, इनोका राणावीरा

  • चोट का झटका: इंग्लैंड के तीसरे तेज गेंदबाज एटकिंसन सिडनी में नहीं खेलेंगे

    चोट का झटका: इंग्लैंड के तीसरे तेज गेंदबाज एटकिंसन सिडनी में नहीं खेलेंगे


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज गस एटकिंसन चोट के कारण एशेज 2025 की निर्णायक कड़ीसिडनी टेस्टसे बाहर हो गए हैं। बाएं जांघ की मांसपेशियों में खिंचाव के चलते एटकिंसन 4 जनवरी से सिडनी में होने वाले मुकाबले में चयन के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे। यह जानकारी इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने मेडिकल जांच के बाद साझा की।

    एटकिंसन को यह चोट मेलबर्न में खेले गए चौथे टेस्ट के दौरान लगी थी। ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में अपने पांचवें ओवर की अंतिम गेंद डालते समय उन्होंने असहजता महसूस की और तुरंत मैदान छोड़ दिया। अगले दिन कराए गए स्कैन में मांसपेशियों में खिंचाव की पुष्टि हुई। टीम मैनेजमेंट ने सुरक्षित विकल्प के तौर पर उन्हें सिडनी टेस्ट से बाहर रखने का फैसला किया।इस सीरीज में एटकिंसन चोटों के कारण बाहर होने वाले इंग्लैंड के तीसरे तेज गेंदबाज हैं। इससे पहले मार्क वुड घुटने की समस्या और जोफ्रा आर्चर साइड स्ट्रेन के कारण स्वदेश लौट चुके हैं। लगातार चोटों ने इंग्लैंड की तेज गेंदबाजी आक्रमण को कमजोर किया है। हालांकि टीम प्रबंधन का कहना है कि मौजूदा स्क्वॉड में पर्याप्त विकल्प मौजूद हैं।

    दिलचस्प बात यह है कि एटकिंसन की गैरमौजूदगी के बावजूद इंग्लैंड ने मेलबर्न टेस्ट में ऐतिहासिक जीत दर्ज की। टीम ने ऑस्ट्रेलिया को दूसरी पारी में केवल 132 रन पर समेटा और 175 रनों का लक्ष्य चार विकेट शेष रहते हासिल किया। यह जनवरी 2011 के बाद विदेशी धरती पर इंग्लैंड की पहली एशेज टेस्ट जीत थीजिसने टीम का मनोबल काफी बढ़ाया।सिडनी टेस्ट के लिए टीम ने किसी नए खिलाड़ी को शामिल नहीं करने का निर्णय लिया है। टीम प्रबंधन के अनुसारमैथ्यू पॉट्स अब तक इस सीरीज में नहीं खेले हैं और तेज गेंदबाजी के विकल्प के तौर पर उपलब्ध हैं। इसके अलावा मार्क वुड के बाहर होने के बाद मैथ्यू फिशर को पहले ही सीनियर स्क्वॉड में जोड़ा जा चुका है।

    स्पिन विभाग में भी रणनीतिक विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। यदि इंग्लैंड अतिरिक्त स्पिनर के साथ उतरने का फैसला करता हैतो शोएब बशीर को मौका मिल सकता है। हालांकि सिडनी की पिच को देखते हुए तेज गेंदबाजों पर निर्भरता बनाए रखने की संभावना अधिक मानी जा रही है।एटकिंसन के लिए चोटें नया विषय नहीं हैं। इससे पहले भी वह हैमस्ट्रिंग समस्या के कारण भारत के खिलाफ शुरुआती टेस्ट नहीं खेल पाए थे। हालांकि वापसी पर उन्होंने प्रभावशाली प्रदर्शन किया था। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उनका प्रदर्शन औसत रहा और तीन टेस्ट में कुल छह विकेट लिए।अब निगाहें सिडनी टेस्ट पर हैंजहां इंग्लैंड चोटों के बावजूद सीरीज का समापन मजबूती से करने की कोशिश करेगा। यह मुकाबला न केवल सीरीज के नतीजे के लिएबल्कि इंग्लैंड के भविष्य के तेज गेंदबाजी संयोजन के लिए भी अहम माना जा रहा है।

  • भूटान के सोनम येशे ने रचा इतिहास, T20I में 8 विकेट लेकर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

    भूटान के सोनम येशे ने रचा इतिहास, T20I में 8 विकेट लेकर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड




    नई दिल्ली।
    क्रिकेट का दायरा लगातार फैल रहा है और अब नए-नए देश भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। इसी कड़ी में भूटान क्रिकेट ने एक ऐसा ऐतिहासिक पल देखा, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया। म्यांमार के खिलाफ खेले गए T20 इंटरनेशनल मुकाबले में 22 वर्षीय युवा गेंदबाज सोनम येशे ने ऐसा कारनामा कर दिखाया, जो इससे पहले किसी भी गेंदबाज ने नहीं किया था।

    इस मैच में भूटान की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 127 रन बनाए। टीम के लिए नामगांग चेजय ने शानदार अर्धशतक जड़ा।

    उन्होंने 45 गेंदों में 50 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और एक छक्का शामिल रहा। इसके अलावा नामगे थिनले ने 22 गेंदों में 27 रन और ताशी डोर्जी ने 17 रन जोड़कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी म्यांमार की टीम भूटान के गेंदबाजों के सामने पूरी तरह बिखर गई। खासतौर पर सोनम येशे की घातक गेंदबाजी ने म्यांमार की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।

    सोनम ने अपने चार ओवर में महज 7 रन देकर 8 विकेट झटके और नया वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। वह T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक मैच में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं।

    इससे पहले पुरुष T20I क्रिकेट में अधिकतम 7 विकेट लेने का रिकॉर्ड था। साल 2023 में मलेशिया के स्याजरुल इद्रस ने चीन के खिलाफ 7 विकेट लिए थे, जबकि बहरीन के अली दाऊद ने भूटान के खिलाफ 7 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा था। लेकिन सोनम येशे ने इन दोनों को पीछे छोड़ते हुए इतिहास रच दिया।

    म्यांमार की पूरी टीम सिर्फ 45 रन पर ढेर हो गई। टीम के लिए केवल हेट लिन ऊ (12 रन) और प्याए फ्यो वाई (10 रन) ही दोहरे अंक तक पहुंच सके। बाकी बल्लेबाज सोनम येशे की धारदार गेंदों के सामने टिक नहीं पाए।

    इस तरह सोनम येशे की ऐतिहासिक गेंदबाजी के दम पर भूटान ने म्यांमार को 82 रनों से करारी शिकस्त दी। यह जीत न सिर्फ भूटान क्रिकेट के लिए यादगार रही, बल्कि यह भी साबित कर गई कि उभरते क्रिकेट राष्ट्र अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बड़े रिकॉर्ड बनाने का माद्दा रखते हैं।

  • टीम इंडिया में बड़े बदलाव की आहट: न्यूजीलैंड वनडे सीरीज से ऋषभ पंत की छुट्टी तय, ईशान किशन की होगी 'तूफानी' वापसी!

    टीम इंडिया में बड़े बदलाव की आहट: न्यूजीलैंड वनडे सीरीज से ऋषभ पंत की छुट्टी तय, ईशान किशन की होगी 'तूफानी' वापसी!


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के घरेलू सत्र 2025-26 का समापन करीब है और इसी बीच टीम इंडिया के सामने न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम की चुनौती है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज 13 जनवरी से होने जा रहा है। हालांकिभारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड BCCI ने अभी तक आधिकारिक तौर पर स्क्वॉड का ऐलान नहीं किया हैलेकिन क्रिकेट गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को वनडे टीम से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। उनकी जगह घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने वाले विस्फोटक बल्लेबाज ईशान किशन की वापसी लगभग तय मानी जा रही है।

    ऋषभ पंत: मौके मिलेपर भुना नहीं पाए


    ऋषभ पंत के लिए पिछला कुछ समय वनडे क्रिकेट में संघर्षपूर्ण रहा है। पंत को हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए स्क्वॉड में शामिल किया गया थालेकिन विडंबना यह रही कि उन्हें पूरी सीरीज के दौरान एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। पंत ने अपना आखिरी वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच 7 अगस्त 2024 को श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेला था। तब से वह छोटे फॉर्मेट में अपनी उस लय को नहीं पा सके हैं जिसके लिए वे जाने जाते हैं। चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के लिए अब पंत का ‘फॉर्म और बैलेंस’ चिंता का विषय बना हुआ हैजिसके चलते उन्हें इस सीरीज से ड्रॉप करने की तैयारी की जा रही है।

    ईशान किशन: घरेलू क्रिकेट में मचाया कोहराम


    दूसरी ओरईशान किशन ने अपने हालिया प्रदर्शन से चयनकर्ताओं के दरवाजे पर जोर-शोर से दस्तक दी है। ईशान किशन ने लगभग दो साल से भारत के लिए कोई वनडे मैच नहीं खेला है (आखिरी बार 11 अक्टूबर 2023बनाम अफगानिस्तान)। लेकिन पिछले कुछ महीनों में उनके बल्ले से निकले रनों ने सबको चौंका दिया है।ईशान ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बनकर अपनी टीम झारखंड को पहला खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी आक्रामकता यहीं नहीं रुकी; विजय हजारे ट्रॉफी में 24 दिसंबर को कर्नाटक के खिलाफ उन्होंने महज 33 गेंदों में शतक जड़कर इतिहास रच दिया। यह किसी भी भारतीय द्वारा लिस्ट ए क्रिकेट में दूसरा सबसे तेज शतक है। उनके इसी प्रचंड फॉर्म के कारण उन्हें पहले ही न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली 5 मैचों की टी20 सीरीज के लिए चुना जा चुका है।

    रणनीतिक बदलाव और किशन की उपयोगिता


    ईशान किशन के आने से टीम इंडिया को थ्री-इन-वन विकल्प मिलता है। किशन न केवल केएल राहुल के लिए एक मजबूत बैकअप विकेटकीपर साबित होंगेबल्कि वह एक बेहतरीन बैकअप ओपनर की भूमिका भी निभा सकते हैं। साथ हीमिडिल ऑर्डर में तेजी से रन बनाने की उनकी काबिलियत टीम को मध्यक्रम में वह लचीलापन Flexibility प्रदान करती हैजिसकी तलाश कप्तान और कोच को काफी समय से है।बीसीसीआई से जुड़े सूत्रों का कहना है कि टीम मैनेजमेंट अब 2025-26 के आगामी घरेलू असाइनमेंट को ध्यान में रखते हुए टीम में संतुलन बनाना चाहता है। ईशान किशन का बाएं हाथ का बल्लेबाज होना और टॉप से लेकर मिडिल ऑर्डर तक कहीं भी फिट हो जानाउनके पक्ष में सबसे बड़ा तर्क है।

    कब होगा टीम का ऐलान?


    इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसारचयन समिति इस हफ्ते के अंत तक न्यूजीलैंड सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान कर सकती है। इस सीरीज को चैंपियंस ट्रॉफी और आगामी महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों की तैयारी के तौर पर भी देखा जा रहा है। यदि ईशान किशन को मौका मिलता हैतो यह उनके वनडे करियर को दोबारा पटरी पर लाने का सुनहरा अवसर होगा। वहींऋषभ पंत के लिए यह एक संकेत होगा कि उन्हें अपनी फॉर्म और फिटनेस पर दोबारा काम करने की जरूरत है।क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें अब बीसीसीआई के आधिकारिक ऐलान पर टिकी हैंजो यह तय करेगा कि क्या युवा जोश ईशान अनुभवी फिनिशर पंत पर भारी पड़ेगा।
  • विराट कोहली की टेस्ट रिटायरमेंट पर नवजोत सिंह सिद्धू का इमोशनल पोस्ट सोशल मीडिया पर छाया, बोले-भगवान से सिर्फ एक विश मांगूंगा।

    विराट कोहली की टेस्ट रिटायरमेंट पर नवजोत सिंह सिद्धू का इमोशनल पोस्ट सोशल मीडिया पर छाया, बोले-भगवान से सिर्फ एक विश मांगूंगा।


    नई दिल्ली:भारतीय क्रिकेट में अगर किसी खिलाड़ी ने पिछले डेढ़ दशक में सबसे ज्यादा जुनून, जुनूनी फैंस और जज्बे की पहचान बनाई है, तो वह नाम विराट कोहली का है। मैदान पर उतरते ही कोहली सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं रहते, बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावनाओं की धड़कन बन जाते हैं। उनके हर शॉट, हर रिएक्शन और हर जश्न में फैंस खुद को देख लेते हैं।

    हालांकि अब विराट कोहली अपने करियर के अंतिम दौर की ओर बढ़ रहे हैं। उम्र के इस पड़ाव पर उन्होंने धीरे-धीरे क्रिकेट के कुछ फॉर्मेट्स को अलविदा कह दिया है। टी20 क्रिकेट से पहले ही दूरी बना चुके कोहली ने इसी साल टेस्ट क्रिकेट से भी संन्यास लेकर फैंस को भावुक कर दिया। फिलहाल 37 वर्षीय कोहली केवल वनडे क्रिकेट में ही भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।फैंस भले ही विराट को टी20 में पसंद करते रहे हों, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनकी मौजूदगी कुछ अलग ही रोमांच पैदा करती थी। उनकी आक्रामक कप्तानी, तेज गेंदबाजों को उकसाने वाला अंदाज और कठिन परिस्थितियों में टीम को संभालने की क्षमता टेस्ट क्रिकेट को खास बना देती थी। यही वजह है कि आज भी फैंस को टेस्ट क्रिकेट में विराट कोहली की सबसे ज्यादा कमी खलती है।

    इसी भावनात्मक जुड़ाव को शब्दों में पिरोया है भारत के पूर्व क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने। हाल ही में सिद्धू ने सोशल मीडिया पर विराट कोहली को लेकर एक पोस्ट साझा की जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इस पोस्ट को फैंस कोहली पगलूपोस्ट कहकर शेयर कर रहे हैं और जमकर भावनाएं जता रहे हैं।नवजोत सिंह सिद्धू ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि अगर भगवान उन्हें सिर्फ एक इच्छा मांगने का मौका दें, तो वह विराट कोहली की टेस्ट रिटायरमेंट वापस लेने की मांग करेंगे। सिद्धू के इस बयान ने करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों की भावनाओं को जैसे आवाज दे दी हो।

    अपनी पोस्ट में सिद्धू ने लिखा,

    अगर भगवान मुझे एक विश देते तो मैं उनसे कहता कि विराट कोहली को टेस्ट क्रिकेट की रिटायरमेंट से वापस लाओ। 1.5 अरब लोगों के देश को इससे बड़ी खुशी और आनंद किसी और चीज से नहीं मिल सकता। उनकी फिटनेस आज भी 20 साल के लड़के जैसी है। विराट खुद 24 कैरेट सोने जैसे खरे इंसान हैं।सिद्धू का यह बयान इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि विराट कोहली ने इसी साल इंग्लैंड दौरे से ठीक पहले टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था। यह फैसला कई लोगों के लिए चौंकाने वाला था, क्योंकि कोहली की फिटनेस और फॉर्म अभी भी बेहतरीन मानी जा रही थी।

    विराट कोहली ने 12 मई 2025 को आधिकारिक रूप से टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा। उन्होंने भारत के लिए 123 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 46.85 की शानदार औसत से 9,230 रन बनाए। उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 30 शतक और 31 अर्धशतक दर्ज हैं। आंकड़ों से कहीं ज्यादा, कोहली का योगदान भारतीय टेस्ट टीम की मानसिकता बदलने में रहा।आज भले ही विराट टेस्ट क्रिकेट से दूर हों, लेकिन उनकी मौजूदगी और विरासत हर टेस्ट मैच में महसूस की जाती है। नवजोत सिंह सिद्धू का यह पोस्ट इस बात का सबूत है कि विराट कोहली सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं, बल्कि एक युग हैं जिसकी कमी आने वाले सालों तक महसूस की जाती रहेगी।

  • यशस्वी जायसवाल फॉर्म और किस्मत का सही संयोजन जरूरी

    यशस्वी जायसवाल फॉर्म और किस्मत का सही संयोजन जरूरी

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के युवा सितारे यशस्वी जायसवाल ने खुद को एक शानदार बल्लेबाज के रूप में साबित किया है जो तीनों फॉर्मेट में शतक लगा चुका है। उनकी क्षमता किसी भी क्रिकेट फॉर्मेट में खेलने और प्रदर्शन करने की है लेकिन फिर भी उन्हें अपनी जगह पक्की करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। 24 साल के यशस्वी जायसवाल का जन्म 28 दिसंबर 2001 को उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में हुआ था। मुंबई में अपने परिवार के साथ बसीं जायसवाल ने यहां क्रिकेट में अपना करियर बनाने का सपना देखा और बेहद कठिन आर्थिक हालातों के बावजूद उन्होंने संघर्ष करके खुद को एक अच्छे बल्लेबाज के रूप में स्थापित किया।
    घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें 14 जुलाई 2023 को वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिला। इसके बाद उन्होंने उसी साल टी20 डेब्यू किया और 2025 में वनडे डेब्यू किया। जायसवाल ने अब तक तीनों फॉर्मेट में खुद को एक विस्फोटक और भरोसेमंद सलामी बल्लेबाज के रूप में साबित किया है। वह उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से हैं जिन्होंने तीनों फॉर्मेट में शतक लगाया है। हालांकि इसके बावजूद वनडे और टी20 में उनकी जगह अभी तक स्थिर नहीं हो पाई है।

    किस्मत का साथ जरूरी है

    क्रिकेट में फॉर्म के साथ-साथ किस्मत का भी बहुत बड़ा योगदान होता है। यशस्वी जायसवाल के पास फॉर्म तो है लेकिन उनकी किस्मत उनके साथ उतनी मेहरबान नहीं है जितनी होनी चाहिए। उदाहरण के तौर पर 2024 में होने वाले टी20 विश्व कप के लिए उनका चयन तो किया गया था लेकिन उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। वहीं 2026 के टी20 विश्व कप के लिए उन्हें टीम में जगह नहीं मिली जो उनके लिए एक बड़ा झटका हो सकता है।वनडे में भी जायसवाल को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गिल की चोट के कारण मौका मिला था और उन्होंने आखिरी वनडे मैच में शतक भी लगाया। हालांकि गिल की वापसी के बाद यह देखना होगा कि उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली आगामी वनडे सीरीज में खेलने का मौका मिलता है या नहीं।

    टेस्ट क्रिकेट में सफलता

    टेस्ट क्रिकेट में जायसवाल का प्रदर्शन बेहतरीन रहा है। डेब्यू के बाद से ही उन्हें लगातार मौके मिलते रहे हैं और उन्होंने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी चुनौतीपूर्ण पिचों पर भी रन बनाए हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनकी सफलता ने उन्हें भारतीय टीम में एक महत्वपूर्ण सदस्य बना दिया है।आईपीएल में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। वह राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हैं और वहां भी उन्होंने अपने आक्रामक खेल से अपनी पहचान बनाई है। आईपीएल में उनका रन-स्कोरिंग फॉर्म जबरदस्त रहा है जिससे उन्होंने भारतीय क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीता है।

    जायसवाल के आंकड़े

    यशस्वी जायसवाल ने अब तक 28 टेस्ट मैचों में 7 शतकों के साथ 2511 रन बनाए हैं। वहीं 4 वनडे मैचों में 1 शतक के साथ 171 रन और 23 टी20 मैचों में 1 शतक और 5 अर्धशतकों के साथ 723 रन उनके नाम पर दर्ज हैं। इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि वह किसी भी फॉर्मेट में लगातार प्रदर्शन कर सकते हैं और भविष्य में भारतीय टीम के लिए एक अहम खिलाड़ी साबित हो सकते हैं।

    भविष्य की उम्मीदें

    यद्यपि यशस्वी जायसवाल को फिलहाल लगातार खेलने का मौका नहीं मिल रहा है लेकिन उनका भविष्य बेहद उज्जवल दिखता है। क्रिकेट में फॉर्म और किस्मत दोनों का साथ होना जरूरी होता है और जायसवाल के मामले में यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे आने वाले समय में उन्हें और अधिक मौके मिलते हैं या नहीं। यशस्वी जायसवाल का क्रिकेट करियर अब तक शानदार रहा है और उनकी मेहनत और प्रतिबद्धता को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि वह भविष्य में तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम का हिस्सा बनकर मैदान में अपना जलवा दिखाते रहेंगे।
  • अंगकृष रघुवंशी को अस्पताल से मिली छुट्टीविजय हजारे ट्रॉफी मैच में सिर और कंधे में लगी चोट

    अंगकृष रघुवंशी को अस्पताल से मिली छुट्टीविजय हजारे ट्रॉफी मैच में सिर और कंधे में लगी चोट


    नई दिल्ली । मुंबई के सलामी बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी को विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान सिर और कंधे में गंभीर चोट लगने के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। शुक्रवार को उत्तराखंड के खिलाफ खेले गए मैच में रघुवंशी ने एक मुश्किल कैच लपकने की कोशिश कीलेकिन इस दौरान वह गिर पड़े और उनके सिर और कंधे में चोट लग गई।

    यह घटना पारी के 30वें ओवर में हुईजब ऑफ स्पिनर तनुष कोटियान गेंदबाजी कर रहे थे। सौरभ रावत ने स्लॉग-स्वीप खेलते हुए डीप मिडविकेट पर खड़े रघुवंशी की दिशा में गेंद मारी। रघुवंशी ने एक हाथ से गेंद को लपकने की कोशिश कीलेकिन यह प्रयास विफल रहा और वह गिर पड़े। इस गिरावट के दौरान उनके कंधे में चोट लगी और सिर जमीन से टकरायाजिससे उन्हें कनकशन सिर में चोटहो गया।

    चोट के बाद रघुवंशी कुछ सेकंड के लिए घुटनों के बल बैठेफिर जमीन पर लेट गए। तुरंत मुंबई के फिजियो मैदान पर पहुंचे और चूंकि रघुवंशी अपने पैरों पर खड़े नहीं हो पा रहे थेतो स्ट्रेचर मंगवाया गया। उन्हें पास के एसडीएमएच अस्पताल ले जाया गयाजहां उनके सिर और गर्दन का सीटी स्कैन किया गया। रिपोर्ट्स में कोई गंभीर चोट नहीं पाई गई और अंगकृष को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उन्हें बीसीसीआई के ‘कनकशन प्रोटोकॉल’ के तहत कुछ दिनों का आराम करने की सलाह दी गई है।

    विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई ने उत्तराखंड को 51 रनों से हराया। मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 331 रन बनाएजिसमें हार्दिक तमोरे ने 93 रनसरफराज खान ने 55 रन और मुशीर खान ने 55 रन बनाए। मुशीर ने गेंदबाजी में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 57 रन पर दो विकेट लिए। उत्तराखंड की टीम युवराज चौधरी की 96 रनों की आक्रामक पारी के बावजूद 280 रन ही बना सकी। अंगकृष रघुवंशी की चोट के बाद क्रिकेट प्रेमी उनके जल्दी ठीक होने की कामना कर रहे हैं।

  • विजय हजारे ट्रॉफी में शतक बनाने वाले बिहार के वैभव सूर्यवंशी ने पीएम मोदी से की मुलाकात, कहा–जीवन का सबसे खास पल

    विजय हजारे ट्रॉफी में शतक बनाने वाले बिहार के वैभव सूर्यवंशी ने पीएम मोदी से की मुलाकात, कहा–जीवन का सबसे खास पल


    नई दिल्ली।भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, जो उनके करियर और जीवन के लिए एक अविस्मरणीय क्षण साबित हुई। पीएम से मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। बिहार के मोतिहारी जिले से ताल्लुक रखने वाले 15 वर्षीय वैभव को हाल ही में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। क्रिकेट के क्षेत्र में असाधारण उपलब्धि के लिए यह सम्मान पाने वाले वे देश के पहले क्रिकेटर बन गए।प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा साझा की गई तस्वीरों में वैभव और पीएम मोदी के बीच आत्मीय बातचीत दिखाई दे रही है। प्रधानमंत्री ने वैभव की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें देश के युवाओं के लिए प्रेरणा बताया। वैभव ने भी कहा कि पीएम से मिला प्रोत्साहन उन्हें और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा।

    वैभव सूर्यवंशी का नाम चर्चा में तब आया, जब उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी के मैच में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 84 गेंदों में 190 रन की ऐतिहासिक पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 16 चौके और 15 छक्के जड़े। इसके साथ ही वैभव लिस्ट-ए क्रिकेट में शतक बनाने वाले दुनिया के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए और पाकिस्तान के जहूर इलाही का 39 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा।वैभव बाएं हाथ के आक्रामक बल्लेबाज हैं और कम उम्र में ही उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है। विजय हजारे ट्रॉफी जैसे बड़े मंच पर उनका प्रदर्शन चयनकर्ताओं और क्रिकेट विशेषज्ञों को चौंकाने वाला रहा। माना जा रहा है कि भविष्य में वे भारत के अंडर-19 और सीनियर स्तर के क्रिकेट में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

    प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 5 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों को कला, खेल, नवाचार, सामाजिक सेवा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में असाधारण योगदान के लिए दिया जाता है। वैभव का इस सूची में शामिल होना न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के युवा खिलाड़ियों के लिए गर्व की बात है। इससे पहले इस मंच पर शतरंज खिलाड़ी आर प्रज्ञानानंद और आर वैशाली जैसे नाम अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं।वैभव की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2025 की शुरुआत में वे गूगल पर सबसे ज्यादा सर्च किए जाने वाले भारतीय क्रिकेटरों में शामिल थे। विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों के बीच एक किशोर खिलाड़ी का इस तरह चर्चा में आना भारतीय क्रिकेट के बदलते परिदृश्य को दर्शाता है।

    बीसीसीआई सूत्रों के अनुसार, वैभव के प्रदर्शन पर लगातार नजर रखी जा रही है। अगर वह अपनी फॉर्म और फिटनेस बनाए रखते हैं, तो जल्द ही उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर और बड़े मौके मिल सकते हैं। प्रधानमंत्री से हुई यह मुलाकात और मिला सम्मान उनके करियर को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।इस उपलब्धि और सम्मान ने वैभव सूर्यवंशी को केवल एक क्रिकेटर ही नहीं, बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बना दिया है। उनका यह सफर यह दिखाता है कि कड़ी मेहनत, टैलेंट और सही दिशा मिलने पर कम उम्र में भी असाधारण उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

  • श्रेयस अय्यर की टीम इंडिया में वापसी की तैयारी, नेट में दिखाए जोरदार शॉट्स; मेडिकल टीम की निगरानी में फिटनेस पर काम

    श्रेयस अय्यर की टीम इंडिया में वापसी की तैयारी, नेट में दिखाए जोरदार शॉट्स; मेडिकल टीम की निगरानी में फिटनेस पर काम

    नई दिल्ली। भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज और वनडे उपकप्तान श्रेयस अय्यर अब टीम में वापसी की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे में स्प्लीन (प्लीहा) में चोट लगने के बाद लंबे समय तक बाहर रहने वाले अय्यर ने बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में नेट प्रैक्टिस शुरू कर दी है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपनी फिटनेस की तस्वीरें साझा की हैं, जिसमें वह पूरी तरह तैयार और उत्साही नजर आ रहे हैं।

    अय्यर फिलहाल बीसीसीआई की मेडिकल टीम की निगरानी में अभ्यास कर रहे हैं और चोट लगी जगह पर सुरक्षात्मक गियर पहनकर हल्का अभ्यास कर रहे हैं।

    रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने घर के पास अल्ट्रासाउंड स्कैन करवाया था, जिसे खेल चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. दिनशॉ परदीवाला ने देखा। जांच में सुधार के संकेत मिले हैं और उन्हें बेसिक आइसोमेट्रिक एक्सरसाइज के साथ डेली रूटीन शुरू करने की अनुमति दी गई है।

    हालांकि, उनकी रिकवरी की गति को देखते हुए न्यूजीलैंड के खिलाफ 11 जनवरी से होने वाली तीन वनडे मैचों की सीरीज में अय्यर के खेलने की संभावना कम है। बीसीसीआई की सह-कार्य समिति की अनुमति के बाद ही उन्हें विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने की मंजूरी दी जाएगी।

    अय्यर फिलहाल सिर्फ वनडे टीम के हिस्सा हैं और टेस्ट तथा टी-20 टीम में शामिल नहीं हैं। चोट के दौरान उनकी जगह ऋतुराज गायकवाड़ को टीम में मौका मिला था।

    नेट में अभ्यास के दौरान अय्यर ने हल्के-फुल्के शॉट्स खेलते हुए अपनी तैयारियों का इशारा दिया और फिटनेस पर काम जारी रखा। फैंस और विशेषज्ञों की नजरें अब उनकी पूरी तरह से ठीक होने और टीम में वापसी पर टिकी हैं।