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  • आरसीबी डील का छोटा हिस्सा भी काफी’-पॉल वैन मीकेरेन ने दिया दिलचस्प आइडिया

    आरसीबी डील का छोटा हिस्सा भी काफी’-पॉल वैन मीकेरेन ने दिया दिलचस्प आइडिया


    नई दिल्ली आईपीएल की सबसे बड़ी फ्रेंचाइजी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु एक बार फिर से रिपब्लिकन में है। हाल ही में टीम के स्वामित्व वाले आदित्य बिड़ला ग्रुप के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम को करीब 16,600 करोड़ रुपये की आय हुई। इस बड़ी फिल्म के बाद अब नीदरलैंड के तेज गेंदबाज पॉल वैन मीकेरेन ने एक सुझाव दिया है, जो क्रिकेट के वैश्विक विकास से धूम मचा रहा है।

    छोटा हिस्सा भी बदल सकता है तस्वीर

    पॉल वैन माइकेरेन ने सोशल प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि अगर इस दिल की कुल राशि का सिर्फ 0.5 प्रतिशत हिस्सा भी नीदरलैंड क्रिकेट को मिल जाए, तो वहां क्रिकेट का स्तर काफी ऊपर जा सकता है। उनका मानना ​​है कि इतनी बड़ी पूंजी का छोटा हिस्सा भी सहयोगी देशों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

    एसोसिएट और बैटरी बैलेंस शीट के बीच गैप कम करने की जरूरत है

    मिकेरन ने जोर देकर कहा कि एसोसिएटेड (गैर-टेस्ट प्रतियोगिता वाले) देश और फुल मेंबर के बीच का अंतर कम करना बेहद जरूरी है। छोटे देशों के रिकॉर्ड में बेहतर सपोर्टिंग, खिलाड़ियों और सबसे ज्यादा मैच कॉम्बिनेशन के मुकाबले बड़े स्तर पर दिखाए जा सकते हैं। इससे क्रिकेट को और अधिक वैश्विक पहचान मिल सकती है।

    अन्य खिलाड़ियों ने भी आवाज दी

    यह सुविधा केवल माइकेरेन तक सीमित नहीं है। ओमान के कैप्टन जतिंदर सिंह और नीदरलैंड्स के कैप्टन स्कॉट एडवर्ड्स ने भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल से अपील की है कि बड़े टूर्नामेंटों के अलावा मजबूत टीमों के खिलाफ मुकाबले के बारे में अधिक जानकारी दी जाए।

    नीदरलैंड का प्रदर्शन, लेकिन औपचारिक की कमी

    हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप में नीदरलैंड की टीम ने पाकिस्तान और भारत के बीच मजबूत मुकाबले की टक्कर दी थी। हालाँकि, सीमित संरचना और संरचना की कमी के कारण टीम ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ी। ऐसे में बेहतर फंडिंग और अवसर मिलने से इन टीमों का प्रदर्शन और बेहतर हो सकता है।

    क्रिकेट का भविष्य क्या बदलेगा

    पॉल वैन माइकेरेन का यह सुझाव क्रिकेट को और अधिक समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब देखिए कि क्रिकेट की बड़ी संस्थाएं इस पर क्या रुख अपनाती हैं और क्या सच में सहयोगी देशों को आगे बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाते हैं।

  • युवराज से सीखेंगे पंत? Yuvraj Singh के साथ जुड़ाव को लेकर आई बड़ी प्रतिक्रिया

    युवराज से सीखेंगे पंत? Yuvraj Singh के साथ जुड़ाव को लेकर आई बड़ी प्रतिक्रिया


    नई दिल्ली आईपीएल 2026 से पहले ऋषभ पंत को लेकर पूर्व भारतीय बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने बड़ा बयान दिया है। चोपड़ा का दावा है कि नेशनल सुपर जायंट्स के कैप्टन पंत को अपने खेल के तरीकों में बदलाव करना होगा, अन्यथा भविष्य में उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है।

    रेप्युटेशन के कैदी बन गए हैं पंत

    आकाश चोपड़ा ने कहा कि पंत अपनी आक्रामक ऑलट्रॉयल स्टाइल के कारण खुद की बनाई छवि के कैदी बन गए हैं। वह हर स्थिति में जोखिम के खिलाफ गोलीबारी की कोशिश करती है, जो कई बार सामने आती है। चोपड़ा के अनुसार, अगर पंत को भारत की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम टी20 में वापसी करनी है, तो उन्हें अपने खेल की तकनीक पर ध्यान देना होगा और स्थिति के अनुसार नाटकीय प्रदर्शन करना होगा।

    ख़राब फॉर्म और दाग़ चिंता का विषय

    पिछले आईपीएल सीजन में पंत के प्रदर्शन की उम्मीद नहीं जताई जा रही थी। वे 13 मैचों में सिर्फ 269 रन बनाए और उनका औसत 24.45 रहा। चोपड़ा का कहना है कि पंत को कई खिलाड़ी मिले, लेकिन उन्होंने अपने खेल में कोई बदलाव नहीं किया और लगातार शेयर बाजार में बने रहे। यही कारण है कि वह राष्ट्रीय टीम की टी-20 से बाहर हो गए हैं।

    द्रविड़ को भी पसंद नहीं था एप्रोच

    चोपड़ा ने यह भी बताया कि पंत के पूर्व ऑल-ऑथिक कोच राहुल द्रविड़ भी बिल्कुल पसंद नहीं थे, हालांकि टेस्ट क्रिकेट में उनके अच्छे नतीजे आ रहे हैं। इससे साफ है कि पंत को अपने शॉट सिलेक्शन और मैच सिचुएशन को इशारा करने पर सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।

    यूके से दिशानिर्देश लेना सकारात्मक संकेत

    हालांकि, चोपड़ा ने पंत के वन स्टेप की शोभा भी बढ़ा दी। उन्होंने कहा कि युवराज सिंह की तरफ से पंत की तरफ से की गई सलाह एक सकारात्मक संकेत है। यह दिखाया गया है कि वह अपने खेल में सुधार करना चाहती हैं और अपनी प्रेमिकाओं पर काम करने के लिए तैयार हैं।

    आईपीएल 2026 में होगी असली परीक्षा

    अब बिजनेस नजर आईपीएल 2026 पर है, जहां लखनऊ सुपर जायंट्स को अपने कप्तान से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। टीम अपना पहला मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 1 अप्रैल को खेलेगी।

  • 9 साल बाद Mohamed Salah का लिवरपूल से विदाई का फैसला, खत्म होगा सुनहरा दौर

    9 साल बाद Mohamed Salah का लिवरपूल से विदाई का फैसला, खत्म होगा सुनहरा दौर


    नई दिल्ली इंग्लैंड के दिग्गज क्लब लिवरपूल एफसी के स्टार फुटबॉलर मोहम्मद सलाह ने क्लब रिलीज की घोषणा कर दी है। पिछले सीज़न के अंत के साथ ही उनका स्केल ख़त्म हो जाएगा और इसे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। इस फैसले की पुष्टि खुद और क्लब दोनों ने की है।

    विदाई संदेश में विदाई का समापन

    वसीयत ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो शेयर करते हुए प्रेमी को यह खबर दी। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनके समर्थक सीधे उनसे बात करें। उन्होंने इसे अपने फेयरवेल का पहला भाग बताया, जिसमें संकेत दिया गया है कि आने वाले समय में वह और भी संदेश साझा कर सकते हैं।

    रोमा से लिवरपूल तक शानदार यात्रा

    33 साल पहले साल 2017 में एएस रोमा से करीब 50 मिलियन डॉलर में लिवरपूल जुड़े थे। इसके बाद उन्होंने क्लब के लिए 435 मैचों में 255 गोल दागे और सर्वकालिक शीर्ष स्कोररों की सूची में पूरे देश में तीसरा स्थान हासिल किया। उनके इस प्रदर्शन में उन्हें क्लब के महान खिलाड़ी शामिल कर लिया गया।

    शीर्षकों से भरा रहा इतिहास

    लिवरपूल में अपने करियर के दौरान सलाह दी गई टीम को कई बड़ी सफलताएँ मिलीं। उनके योगदान से क्लब ने प्रीमियर लीग, यूईएफए चैंपियंस लीग, एफए कप, लीग कप, क्लब वर्ल्ड कप और यूईएफए सुपर कप जैसे बड़े खिताब जीते। व्यक्तिगत प्रस्तुति में उन्होंने चार बार प्रीमियर लीग गोल्डन बूट रॉकेट थियरी हेनरी के रिकॉर्ड की पुष्टि की।

    लिवरपूल और प्रेमी के लिए खास रिश्ते

    अपने फेयरवेल संदेश में सलाह ने क्लब, सिटी और टूरिस्ट के साथ-साथ अपने ग्रीष्मकाल को याद किया। उन्होंने कहा कि लिवरपूल उनके लिए सिर्फ एक क्लब नहीं, बल्कि एक भावना है। जीत के जश्न से लेकर मुश्किल वक्त तक, हर पल उनकी चाहत बनी रहती है।

    टीम के लिए बड़ा झटका

    लिवरपूल के लिए सलाह का एक बड़ा नुकसान माना जा रहा है। उनकी जगह भरना आसान नहीं होगा, क्योंकि उन्होंने पिछली कई पूर्वी टीमों की सफलता में अहम भूमिका निभाई है।

  • IPL 2026 में RCB की खास कहानी, कप्तान पाटीदार के साथ खेल चुका है टीम का नया चेहरा

    IPL 2026 में RCB की खास कहानी, कप्तान पाटीदार के साथ खेल चुका है टीम का नया चेहरा


    नई दिल्ली आईपीएल 2026 से पहले रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। टीम का स्वामित्व बदल गया और अब इसे आदित्य बिड़ला ग्रुप के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने खरीद लिया है। इस कंसोर्टियम में द टाइम्स ग्रुप, बोल्ट वेंचर्स और ब्लैकस्टोन की कंपनी प्राइवेट लिमिटेड स्ट्रेटेजी भी शामिल हैं। इसकी कीमत करीब 1.78 करोड़ डॉलर यानि करीब 16,700 करोड़ रुपये हो गई है।

    नए वफादार और कप्तान का अनोखा रिश्ता

    इस बेटे के बाद आरसीबी के नए किशोर रूप में आर्यमन बिड़ला का नाम सामने आया, जो कुमार मंगलम बिड़ला के बेटे हैं। ख़ास बात यह है कि आर्यमन बिड़ला और टीम के कप्तान रजत पाटीदार पुराने क्रिकेट कनेक्शन में हैं। दोनों खिलाड़ी मध्य प्रदेश की टीम के साथ खेलने के लिए उतरे हैं और एक के साथ खिलाड़ी भी बने हैं।

    क्रिकेट से बिजनेस तक का सफर

    आर्यमन बिड़ला खुद एक क्रिकेटर रह चुके हैं और उन्होंने मध्य प्रदेश के लिए फर्स्ट क्लास और लिस्ट-ए क्रिकेट खेला है। 2018 में राजस्थान रॉयल्स ने आईपीएल नीलामी में खरीदारी की थी। हालाँकि, 2019 में मानसिक स्वास्थ्य आक्षेप से उन्होंने क्रिकेट से दूरी बना ली। अब वह अपने बिजनेस बिजनेस और एंटरप्रेन्योरशिप पर ध्यान दे रही हैं।

    यूएसएल के स्वामित्व वाली इकाई

    इससे पहले आरसीबी का मालिकाना हक यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड के पास था। कंपनी ने आधिकारिक बयान में कहा कि उसने अपनी सहायक कंपनी रॉयल चैलेंजर्स स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड में 100 फीसदी हिस्सेदारी के साथ इस कंसोर्टियम को टक्कर देने का समझौता किया है। इस डेड में आरसीबी के पुरुष और महिला दोनों शामिल हैं और यह पूरी तरह से कैश ट्रांजेक्शन है।

    नई शुरुआत, नई आकृति

    स्वामित्व के बाद अब आरसीबी एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। दोस्तों को उम्मीद है कि नए इंजीनियर और कैप्टन सिल्वर पाटीदार के नेतृत्व वाली टीम अगले सीज़न में बेहतर प्रदर्शन करेगी।

  • मोहम्मद कैफ का बड़ा बयान-आंद्रे रसेल की कमी नहीं भर सकते कैमरून ग्रीन

    मोहम्मद कैफ का बड़ा बयान-आंद्रे रसेल की कमी नहीं भर सकते कैमरून ग्रीन


    नई दिल्ली। पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने इंडियन प्रीमियर लीग 2026 से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनकी गिनती है कि टीम के दिग्गज ऑलराउंडर आंद्रे रसेल की कमी को कैमरून ग्रीन पूरा नहीं कर पाएंगे। कैफ के अनुसार, रसेल जैसा प्रभाव डालना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं है।

    रसेल जैसा प्रभाव डालना मुश्किल

    कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि भले ही कैमरून ग्रीन एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, लेकिन रसेल की तुलना में वह अभी काफी पीछे हैं। उन्होंने कहा कि रसेल सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि गेंदबाजी में भी मैच जिताने की क्षमता रखते थे। जब भी उन्हें गेंद दी जाती थी, वह विकेट निकालने में सफल रहते थे। यही वजह है कि केकेआर में उनका योगदान बेहद अहम रहा है।

    ग्रीन के बचे हुए प्रदर्शन पर सवाल

    कैफ ने ग्रीन के बचे हुए प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एशेज और टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में ग्रीन का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। ऐसे में आईपीएल 2026 में उनकी भूमिका और प्रदर्शन पर सभी की नजरें टिकी। केकेआर को उनसे बड़ी उम्मीदें जरूर होंगी, लेकिन क्या वह उन पर खरे उतर पाएंगे, यह देखना दिलचस्प होगा।

    पॉवेल भी नहीं भर पाएंगे जगह

    कैफ ने वेस्टइंडीज के रोवमैन पॉवेल को भी रसेल का विकल्प मिलने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि टीम शायद क्रिस गेल जैसी गलती दोहराना नहीं चाहती थी, इसलिए बाद में रणनीति बदली गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीम मैनेजमेंट और खासकर शाहरुख खान की भूमिका में अहम रही, जो रसेल को टीम से जोड़े रखने में दिलचस्पी दिखाई।

    कोच की नई भूमिका में रसेल

    गौरतलब है कि आंद्रे रसेल ने आईपीएल 2026 से पहले संन्यास ले लिया है और अब वह केकेआर के साथ ‘पावर कोच’ के रूप में जुड़े हुए हैं। टीम अपना पहला मुकाबला 29 मार्च को मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेलेगी, जहां यह देखना दिलचस्प होगा कि रसेल की गैरमौजूदगी में टीम कैसा प्रदर्शन करती है।

  • सीरीज पर न्यूजीलैंड का कब्जा! New Zealand national cricket team ने 4-1 से जीती T20 सीरीज

    सीरीज पर न्यूजीलैंड का कब्जा! New Zealand national cricket team ने 4-1 से जीती T20 सीरीज


    नई दिल्ली।न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दक्षिण अफ्रीका को आखिरी टी20 में 92 रन से हराकर सीरीज 4-1 से अपने नाम कर ली। इस जीत में सबसे बड़े हीरो कैप्टन अमेलिया केर, मोट फिगर और बॉल दोनों को शानदार दिखाया गया है। क्राइस्टचर्च ने इस स्कॉटलैंड में खेलते हुए पहले बल्लेबाजी करते हुए 194 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया और फिर दक्षिण अफ्रीका को 102 रन पर रोक दिया।

    अमेलिया केर का तूफानी शतक

    टोस्ट हारकर ने पहले फ्लॉप करने के लिए न्यूजीलैंड की शुरुआत संभली हुई रही, लेकिन रियल धमाका कैप्टन एमेलिया केर ने किया। उन्होंने 55 गेंदों पर 105 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 19 बल्लेबाज और 1 छक्का शामिल रहे। उनके अलावा जॉर्जिया प्लिमर ने 27 और ब्रुक हॉलिडे ने 26 रन का योगदान दिया। दक्षिण अफ्रीका की ओर से अयाबोंगा खाका और तुमी सेखुखुने ने 3-3 विकेट लेकर टीम में वापसी की कोशिश की, लेकिन बड़ी टीम स्कोर में सफल नहीं हो सकी।

    लक्ष्य का पीछा करते हुए ही बखरी दक्षिण अफ्रीका

    195 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की टीम की शुरुआत ही दबाव में नजर आई। टीम ने अपने अंदर चार विकेट पर 40 रन बनाए, जिससे वह कभी एक भी रन नहीं बना पाई। पूरी टीम 20 ओवर में 102 रन ही बना सकी और 92 रन के बड़े अंतर से मैच हार गई। न्यूजीलैंड की ओर से बेहद भरोसेमंद रही, जिसमें ली ताहुहु ने 3 विकेट, सोफी डिवाइन और एमेलिया केर ने 2-2 विकेट लेकर जीत सुनिश्चित की।

    ऑलराउंड से चमकदार कैप्टन

    एमेलिया केर ने इस गोदाम में सिर्फ फ़्लोटिंग ही नहीं, बल्कि योगदान भी दिया। उन्होंने 3 ओवर में सिर्फ 6 रन देकर 2 विकेट लिए और प्लेयर ऑफ द मैच रहे। पूरी सीरीज में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज भी चुना गया। उन्होंने पांच मैचों में 276 रन के साथ 5 विकेट भी हासिल किये, जो उनकी ऑलराउंड क्षमता में शामिल है।

  • मियामी ओपन में Coco Gauff की शानदार जीत, सेमीफाइनल में मुचोवा से भिड़ंत

    मियामी ओपन में Coco Gauff की शानदार जीत, सेमीफाइनल में मुचोवा से भिड़ंत


    नई दिल्ली अमेरिकी टेनिस स्टार कोको गॉफ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मियामी ओपन में पहली बार ली जगह बनाई है। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने गठबंधन की बेलिंडा बेनकिक को संघर्षपूर्ण मुकाबले में 6-3, 1-6, 6-3 से हराया। दो घंटे 15 मिनट तक चले इस क्लॉक में गॉफ ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और पहले सेट में पूरी तरह से नियंत्रण बनाए रखा। सबसे मजबूत और बेहतरीन शॉट सेलेक्शन के दम पर उन्होंने पहला सेट आसानी से अपने नाम कर लिया।

    बेनकिक की वापसी, लेकिन गॉफ़ ने दम दिखाया

    दूसरे सेट में बेनकिक ने शानदार वापसी करते हुए अपना प्रदर्शन कम किया और आक्रामक खेल दिखाया। उन्होंने तेजी से दूसरे सेट लैपटॉप यूनिट को अंतिम रूप दिया। हालांकि गॉफ ने प्रेशर में पुराने सेट में शानदार प्रदर्शन किया। एक अहम ब्रेक प्वाइंट के बाद उन्होंने मैच का रुख अपने पक्ष में मोड़ लिया। 3-3 के आधार पर गॉफ ने लगातार बेहतर खेल दिखाया और अपने नाम से मैच के जरिए मजबूत सर्व व ड्रॉप शॉट लिए।

    बेस्ट इन मुचोवा से होगी पार्ट

    इस जीत के साथ गॉफ का सामना अब चेक रिपब्लिक की करोलिना मुचोवा से होगा। दोनों खिलाड़ियों के बीच हेड टू हेड्स रिकॉर्ड गोफ के पक्ष में है, दोनों खिलाड़ियों के बीच अब तक सभी 5 गुटों के समूह खेले हैं। ऐसे में एक गॉफ का पलड़ा भारी माना जा रहा है।

    मुचोवा भी शानदार फॉर्म में

    दूसरी ओर, मुचोवा ने भी अपने क्वार्टर फाइनल में दमदार प्रदर्शन करते हुए सीधे सेटों में जीत दर्ज की। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 7-5, 7-6(5) से हराया और इस सीजन में अपना शानदार रिकॉर्ड 18-3 से अपने नाम किया। उनका सामान भी काफी ऊंचा है, बाकी सभी मुकाबले बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।

  • अमेलिया केर का विस्फोटक शतक, एक ही मैच में अपने नाम किए टी20 के तीन बड़े रिकॉर्ड

    अमेलिया केर का विस्फोटक शतक, एक ही मैच में अपने नाम किए टी20 के तीन बड़े रिकॉर्ड

    नई दिल्ली। न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट टीम की स्टार ऑलराउंडर Amelia Kerr ने एक बार फिर अपने शानदार प्रदर्शन से क्रिकेट जगत को चौंका दिया है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ क्राइस्टचर्च में खेले गए पांचवें टी20 मुकाबले में उन्होंने 55 गेंदों पर 105 रनों की विस्फोटक पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 19 चौके और 1 छक्का जड़ा और महज 52 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। उनकी इस पारी ने न सिर्फ टीम को मजबूती दी, बल्कि कई रिकॉर्ड भी उनके नाम कर दिए।

    सबसे तेज शतक और नया इतिहास

    अमेलिया केर ने इस मुकाबले में न्यूजीलैंड की ओर से टी20 इंटरनेशनल में सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। यह उनके करियर का दूसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक भी है। इसके साथ ही वह न्यूजीलैंड महिला टीम की पहली बल्लेबाज बन गई हैं, जिन्होंने टी20 इंटरनेशनल में दो शतक लगाए हैं। इससे पहले Suzi Bates और Sophie Devine ने एक एक शतक लगाया था।

    लगातार शानदार प्रदर्शन, बना खास रिकॉर्ड

    अमेलिया ने एक और अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम किया है। वह टी20 इंटरनेशनल (महिला और पुरुष दोनों) में लगातार 11 पारियों में 30 या उससे अधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं। यह उनकी निरंतरता और फॉर्म का सबसे बड़ा प्रमाण है। इतनी कम उम्र में इस तरह का प्रदर्शन उन्हें दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों में शामिल करता है।

    ऑलराउंड प्रदर्शन से सीरीज पर छाप

    इस सीरीज में अमेलिया केर का प्रदर्शन सिर्फ बल्लेबाजी तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने 5 मैचों में कुल 276 रन बनाने के साथ 5 विकेट भी हासिल किए। पांचवें मुकाबले में उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, जबकि पूरी सीरीज में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड भी मिला। उनकी इस ऑलराउंड परफॉर्मेंस ने न्यूजीलैंड को सीरीज में मजबूती दिलाई और टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

    कम उम्र में शानदार करियर, आगे बड़ी उम्मीदें

    महज 25 साल की उम्र में अमेलिया केर का करियर बेहद शानदार रहा है। टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने 1900 से ज्यादा रन बनाने के साथ 100 से अधिक विकेट भी लिए हैं। वहीं वनडे क्रिकेट में भी उनके नाम दोहरा शतक दर्ज है, जहां उनका सर्वोच्च स्कोर 232 नाबाद है। अगर उनका यह प्रदर्शन जारी रहा, तो आने वाले समय में वह महिला क्रिकेट की महानतम ऑलराउंडर्स में गिनी जा सकती हैं।

  • 63 गेंदों में 120 रन ठोक धोनी से छीनी जीत फिर अचानक गायब हो गया IPL का ये हीरो

    63 गेंदों में 120 रन ठोक धोनी से छीनी जीत फिर अचानक गायब हो गया IPL का ये हीरो


    नई दिल्ली:  इंडियन प्रीमियर लीग को अक्सर किस्मत बदलने वाली लीग कहा जाता है जहां एक शानदार प्रदर्शन खिलाड़ी को रातोंरात स्टार बना देता है। लेकिन हर कहानी का अंत खुशहाल नहीं होता। कुछ खिलाड़ी ऐसे भी होते हैं जो एक समय चमकते हैं और फिर अचानक गुमनामी में खो जाते हैं। ऐसी ही कहानी है Paul Valthaty की
    साल 2011 का आईपीएल सीजन इस खिलाड़ी के नाम रहा। 13 अप्रैल 2011 को Kings XI Punjab और Chennai Super Kings के बीच मोहाली में मुकाबला खेला गया। चेन्नई की टीम उस समय MS Dhoni की कप्तानी में थी और उन्होंने पहले बल्लेबाजी करते हुए 188 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया था। उस दौर में यह स्कोर जीत के लिए काफी माना जाता था

    लेकिन इसके बाद जो हुआ उसने सबको हैरान कर दिया। पंजाब की ओर से ओपनिंग करने उतरे पॉल वल्थाटी ने अकेले दम पर मैच पलट दिया। उन्होंने 63 गेंदों में नाबाद 120 रन ठोक दिए जिसमें 19 चौके और 2 छक्के शामिल थे। उनकी इस विस्फोटक पारी की बदौलत पंजाब ने 19.1 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। यह पारी आज भी आईपीएल इतिहास की सबसे यादगार पारियों में गिनी जाती है

    वल्थाटी सिर्फ एक मैच के हीरो नहीं थे। पूरे 2011 सीजन में उन्होंने 14 मैचों में 463 रन बनाए और 7 विकेट भी लिए। उस समय वह ऑरेंज कैप की दौड़ में भी शामिल थे और बड़े खिलाड़ियों को टक्कर दे रहे थे। ऐसा लग रहा था कि भारतीय क्रिकेट को एक नया सितारा मिल गया है

    लेकिन किस्मत ने अचानक करवट बदल ली। शानदार सीजन के बाद वल्थाटी को कलाई में गंभीर चोट लग गई। उन्होंने वापसी की कोशिश जरूर की लेकिन पुरानी लय हासिल नहीं कर सके। 2012 में उनका प्रदर्शन बेहद खराब रहा और 2013 में भी वह कुछ खास नहीं कर पाए। इसके बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया और फिर किसी फ्रेंचाइजी ने उन्हें मौका नहीं दिया धीरे धीरे वह आईपीएल और क्रिकेट की मुख्यधारा से गायब हो गए। एक समय जो खिलाड़ी सुर्खियों में था वह अब फैंस की यादों में भी धुंधला पड़ गया

    हालांकि क्रिकेट से उनका रिश्ता पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। अब वह अमेरिका में कोचिंग के जरिए अपनी नई पारी खेल रहे हैं और युवा खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। उन्होंने खेल से संन्यास के बाद नौकरी भी की और क्रिकेट प्रशासन से भी जुड़े

    पॉल वल्थाटी की कहानी क्रिकेट की उस सच्चाई को दिखाती है जहां सफलता और असफलता के बीच की दूरी बहुत कम होती है। एक पारी आपको आसमान पर पहुंचा सकती है और एक चोट आपको जमीन पर ला सकती है यह कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं बल्कि उस अनिश्चितता की है जो क्रिकेट जैसे खेल को इतना रोमांचक और भावनात्मक बनाती है

  • बेंच पर बैठा खिलाड़ी बना अरबों की टीम का मालिक आर्यमान बिड़ला की चौंकाने वाली कहानी

    बेंच पर बैठा खिलाड़ी बना अरबों की टीम का मालिक आर्यमान बिड़ला की चौंकाने वाली कहानी


    नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के आगाज से ठीक पहले Royal Challengers Bengaluru ने ऐसा कदम उठाया है जिसने क्रिकेट और बिजनेस दोनों दुनिया को चौंका दिया है। टीम की मालिकाना हक में बदलाव हुआ है और अब इसकी कमान एक ऐसे शख्स के हाथ में है जो कभी खुद मैदान पर मौका पाने के लिए तरसा था।

    साल 2018 की आईपीएल नीलामी में Rajasthan Royals ने आर्यमान बिड़ला को 30 लाख रुपये में खरीदा था। उस समय उनकी उम्र सिर्फ 20 साल थी और उम्मीद थी कि उन्हें जल्द ही मौका मिलेगा। लेकिन पूरा सीजन गुजर गया और वह एक भी मैच नहीं खेल पाए। मैदान पर उतरने का सपना अधूरा ही रह गया।

    इस निराशा के बाद उन्होंने 2019 में क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला किया। यह फैसला आसान नहीं था लेकिन उन्होंने अपने परिवार के बिजनेस को आगे बढ़ाने का रास्ता चुना। उनके पिता Kumar Mangalam Birla के नेतृत्व में Aditya Birla Group पहले से ही देश की बड़ी कंपनियों में शामिल था और आर्यमान ने इसी दुनिया में अपनी नई पहचान बनानी शुरू की।

    समय बदला और किस्मत ने ऐसा मोड़ लिया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। आदित्य बिड़ला ग्रुप ने अन्य निवेशकों के साथ मिलकर RCB को लगभग 16660 करोड़ रुपये में खरीद लिया। यह सौदा आईपीएल इतिहास के सबसे बड़े सौदों में शामिल हो गया। इस ऐतिहासिक डील के बाद आर्यमान बिड़ला को टीम का चेयरमैन बनाया गया।

    क्रिकेट से उनका रिश्ता पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था। उन्होंने मध्य प्रदेश के लिए घरेलू क्रिकेट खेला और रणजी ट्रॉफी में भी नजर आए। खास बात यह है कि वह मौजूदा RCB कप्तान Rajat Patidar के साथ ओपनिंग भी कर चुके हैं। उनके फर्स्ट क्लास करियर में 9 मैचों में 414 रन शामिल हैं जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक भी है।

    अब उनकी नई भूमिका मैदान के अंदर नहीं बल्कि बोर्डरूम में है जहां वह टीम की रणनीति और भविष्य को दिशा देंगे। यह सफर सिर्फ एक खिलाड़ी का नहीं बल्कि उस सोच का उदाहरण है जहां असफलता अंत नहीं बल्कि नई शुरुआत बन जाती है।

    आर्यमान बिड़ला की कहानी यह बताती है कि अगर एक रास्ता बंद हो जाए तो दूसरा रास्ता और भी बड़ा अवसर लेकर आ सकता है। कभी डेब्यू के लिए इंतजार करने वाला यह खिलाड़ी आज पूरी टीम का मालिकाना संभाल रहा है और आईपीएल के सबसे बड़े मंच पर अपनी नई पारी शुरू कर चुका है।