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  • सरफराज अहमद ने भारतीय खिलाड़ियों के लिए किया इस गंदे शब्द का इस्तेमाल, लीक हुआ ऑडियो

    सरफराज अहमद ने भारतीय खिलाड़ियों के लिए किया इस गंदे शब्द का इस्तेमाल, लीक हुआ ऑडियो


    नई दिल्ली।अंडर 19 एशिया कप के फाइनल में भारत को पाकिस्तान से करारी हार मिली. पाकिस्तान ने एकतरफा अंदाज में खिताबी मुकाबला 191 रनों से जीता. पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान ने 347 रन बनाए, जवाब में भारतीय टीम सिर्फ 156 रनों पर ढेर हो गई. इस मैच में टीम इंडिया ने बेहद खराब खेल दिखाया लेकिन इस बीच उसके खिलाफ पाकिस्तान के मेंटॉर सरफराज अहमद ने कुछ ऐसा कर दिया जिसके बाद से सोशल मीडिया पर मानो हंगामा मचा हुआ है. सरफराज अहमद ने भारतीय खिलाड़ियों के लिए बेहद गंदे शब्द का इस्तेमाल किया.

    सरफराज अहमद ने क्या कहा?
    सरफराज अहमद का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वो जाहिल शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं. सरफराज अहमद अपनी टीम के खिलाड़ियों को निर्देश देते हुए कह रहे थे कि जाहिलों की तरह जाहिर नहीं होना, तमीज के दायरे में खेलो. यहां सरफराज अहमद टीम इंडिया के खिलाड़ियों को जाहिल कहते दिख रहे थे.
    पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने की बदतमीजी
    इस मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाड़ियों ने भारतीय खिलाड़ियों से बदतमीजी भी की. पाकिस्तान के तेज गेंदबाज अली राजा ने भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे और वैभव सूर्यवंशी को अपशब्द कहे, जिसके बाद ये दोनों खिलाड़ी उनके साथ भिड़ते नजर आए. मैच में दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच तल्खी देखी गई. ये पाकिस्तानी खिलाड़ियों की रणनीति ही थी जिसने भारतीय बल्लेबाजों को परेशान किया, अंत में टीम इंडिया को हार मिली
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    फाइनल में फेल टीम इंडिया
    टीम इंडिया ने फाइनल मैच में टॉस जीतकर पहले फील्डिंग का फैसला किया और ये फैसला उसके लिए काफी गलत साबित हुए. पाकिस्तान की टीम की ओर से ओपनर समीर मिन्हास ने तूफानी बैटिंग करते हुए 113 गेंदों में 172 रन ठोके. इस खिलाड़ी ने 9 छक्के और 17 चौके मारे. अहमद हुसैन ने 56 रनों की पारी खेली. उस्मान खान ने 35 रन बनाए. पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 347 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया. भारतीय अंडर 19 टीम इतने बड़े लक्ष्य के जवाब में बिखर गई. वैभव सूर्यवंशी 10 गेंद में 26 रन बनाकर आउट हो गए. आयुष म्हात्रे 2 ही रन बना सके. एरॉन जॉर्ज ने 16 रन बनाए. विहान मल्होत्रा, वेदांत त्रिवेदी भी फेल रहे.

  • T20I में 4000 रन बनाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बनी स्मृति मंधाना, रचा इतिहास

    T20I में 4000 रन बनाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बनी स्मृति मंधाना, रचा इतिहास


    नई दिल्ली।
    वुमेंस वर्ल्ड कप 2025 (Women’s World Cup 2025) का खिताब जीतने के बाद हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) की अगुवाई वाली टीम इंडिया (Team India) पहली बार कल यानी रविवार, 21 दिसंबर को एक्शन में नजर आई। भारत ने श्रीलंका के खिलाफ विशाखापट्टनम में हुए पहले T20I में 8 विकेट से धमाकेदार जीत दर्ज की। इस दौरान टीम इंडिया की स्टार ओपनिंग बैटर स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana) ने इतिहास रच दिया। मंधाना ने श्रीलंका द्वारा मिले 122 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए 25 रनों की पारी खेली, इस दौरान उन्होंने वह उपलब्धि हासिल की जो आज तक कोई भारतीय महिला क्रिकेट नहीं कर पाई।

    स्मृति मंधाना वुमेंस T20I क्रिकेट में 4000 रन का आंकड़ा छूने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बन गई है। जी हां, मंधाना के नाम अब T20I क्रिकेट में कुल 4007 रन है, जो उन्होंने 154 मैचों की 148 पारियों में बनाए हैं। मंधाना अपने T20I करियर में 1 शतक और 31 अर्धशतक जड़ चुकी हैं।

    वहीं ओवरऑल स्मृति मंधाना T20I क्रिकेट में 4000 रन का आंकड़ा पार करने वाली दूसरी महिला क्रिकेटर हैं। इस लिस्ट में टॉप पर न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स हैं, जिनके नाम इस फॉर्मेट में 4716 रन बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है।

    भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर भी इस लिस्ट में ज्यादा पीछे नहीं है। वह 3669 रनों के साथ लिस्ट में तीसरे पायदान पर हैं।


    कैसा रहा IND W vs SL W पहला टी20 मैच?

    टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी श्रीलंकाई टीम निर्धारित 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 121 ही रन बोर्ड पर लगा पाई। ओपनिंग बैटर विश्मी गुणरत्ने 39 रनों के साथ टीम की हाईएस्ट स्कोरर रहीं, उनके अलावा कोई बैटर 25 रन का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाया। श्रीलंका की इस पारी में तीन रनआउट थे, वहीं क्रांति गौड़, दीप्ति शर्मा और श्री चरणी को 1-1 विकेट मिला।

    122 के टारगेट का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। शेफाली वर्मा दूसरे ही ओवर में 5 गेंदों पर 9 रन बनाकर आउट हो गई। 9वें ओवर में 67 के स्कोर पर भारत को दूसरा झटका स्मृति मंधाना के रूप में लगा। नंबर-3 पर आई जेमिमा रोड्रिग्स ने कमाल की पारी खेल भारत को जीत दिलाई। वह 69 रनों के सात नाबाद रही और भारत ने 8 विकेट और 32 गेंदें शेष रहते टारगेट को चेज किया।

  • ऑस्ट्रेलिया में खेलना सबसे मुश्किल… रोहित शर्मा बोले – आप इंग्लैंड से पूछ सकते हो

    ऑस्ट्रेलिया में खेलना सबसे मुश्किल… रोहित शर्मा बोले – आप इंग्लैंड से पूछ सकते हो


    नई दिल्ली।
    रोहित शर्मा (Rohit Sharma) मैदान के अंदर हो या बाहर, वह अपनी बातों से फैंस का मनोरंजन कभी नहीं रुकने देते। रविवार, 21 दिसंबर को रोहित गुरुग्राम में एक इवेंट में पहुंचे जहां उन्होंने भीड़ को संबोधित करते हुए अपने करियर को लेकर कई खुलासे किए। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि 2023 वर्ल्ड कप फाइनल (2023 World Cup Final) में ऑस्ट्रेलिया (Australia) के हाथों मिली हार ने उन्हें इतना तोड़ दिया था कि वह रिटायरमेंट का मन बना चुके थे। रोहित शर्मा ने इस बातचीत के दौरान ऑस्ट्रेलिया में खेली कई शानदार पारियों को याद किया, इस दौरान उन्होंने बेन स्टोक्स (Ben Stokes) की अगुवाई वाली इंग्लैंड की टीम को बुरी तरह ट्रोल कर दिया।

    इंग्लैंड की टीम इस समय ऑस्ट्रेलिया में एशेज सीरीज खेल रही है। 5 मैच की इस सीरीज के पहले तीन मैच हारकर इंग्लैंड सीरीज पहले ही गंवा चुकी है। हर किसी को उम्मीद थी कि बैजबॉल इस बार ऑस्ट्रेलिया में धमाल मचाएगा, मगर अभी तक परफॉर्मेंस इसके विपरीत ही नजर आ रही है। इंग्लैंड की इस हार पर टोंट कसते हुए रोहित शर्मा ने कहा, “ऑस्ट्रेलिया में खेलना सबसे मुश्किल है, आप इंग्लैंड को पूछ ही सकते हो।” रोहित इस दौरान क्या बात कर रहे थे, उसका कॉन्टेक्स्ट तो नहीं पता, मगर उन्होंने इंग्लैंड की टीम को ट्रोल जरूर कर दिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

    रोहित शर्मा ने 2024 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला था। वनडे में तो उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर खूब धमाल मचाया, वहीं ऑस्ट्रेलिया में वनडे क्रिकेट में 1000 रन बनाने वाले एकमात्र भारतीय हैं, मगर जब बात टेस्ट क्रिकेट की आती है तो उनका फ्लॉप प्रदर्शन नजर आता है। 2013 में सचिन तेंदुलकर की फेयरवेल सीरीज़ के दौरान भारत के लिए टेस्ट डेब्यू करने के बाद से, रोहित ने ऑस्ट्रेलिया में 10 मैच खेले लेकिन 19 पारियों में सिर्फ 439 रन ही बना पाए। उन्होंने बैगी ग्रीन्स के खिलाफ तीन टेस्ट फिफ्टी लगाईं और एक बार ज़ीरो पर आउट हुए। भारत के लिए अपनी आखिरी टेस्ट सीरीज में रोहित ने ऑस्ट्रेलिया में तीन टेस्ट खेले लेकिन पांच पारियों में कुल 31 रन ही बना पाए।

  • T20 वर्ल्ड कप टीम में शुभमन गिल को नहीं मिली जगह… लखनऊ में हो गया था ड्राप करने का फैसला

    T20 वर्ल्ड कप टीम में शुभमन गिल को नहीं मिली जगह… लखनऊ में हो गया था ड्राप करने का फैसला


    नई दिल्ली।
    मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर (Ajit Agarkar), टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव (T20 team captain Suryakumar Yadav) और बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया (BCCI Secretary Devjit Saikia) की अगुवाई में शनिवार, 20 दिसंबर को आगामी टी20 वर्ल्ड कप (T20 World Cup) के लिए टीम इंडिया का ऐलान हुआ। जब इस टीम में उप-कप्तान शुभमन गिल (Shubman Gill) का नाम नहीं दिखा तो हर कोई हैरान था। दरअसल, एशिया कप 2025 से ही शुभमन गिल को लगातार टी20 टीम में फिट किए जाने की कोशिश की जा रही थी, उन्हें संजू सैमसन की जगह लगातार मौके मिल रहे थे, मगर इस फॉर्मेट में उनका बल्ला एकदम खामौश था। गिल 2025 में T20I में एक भी बार 50 रन का आंकड़ा नहीं छू पाए।

    ऐसा नहीं है कि शुभमन गिल के टी20 क्रिकेट के भविष्य को सिर्फ एक ही दिन में तय किया गया, जब टीम का ऐलान हुआ। बल्कि इसका फैसला लखनऊ में हुए चौथे टी20 के दौरान ही ले लिया गया था, जो धुंध के कारण रद्द हुआ। एक रिपोर्ट में कहा गया है, “शनिवार को जब बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने टी20 विश्व कप के लिए टीम की घोषणा की, तब शुभमन गिल की किस्मत पर मुहर नहीं लगी थी, बल्कि तब हुआ जब बुधवार को घने धुंध के कारण चौथा टी20 इंटरनेशनल रद्द कर दिया गया था।

    BCCI के एक सोर्स के मुताबिक, उस दिन यह तय हुआ था कि गिल को T20 वर्ल्ड कप के लिए नहीं चुना जाएगा, लेकिन शनिवार सुबह तक न तो सेलेक्शन कमेटी के चेयरमैन ने उन्हें इस बारे में बताया और न ही कप्तान सूर्यकुमार यादव या हेड कोच गौतम गंभीर ने उन्हें इन्फॉर्म किया। शुभमन गिल को ड्रॉप करने के बाद टी20 वर्ल्ड कप टीम का उप-कप्तान अक्षर पटेल को बनाया गया है। वहीं ईशान किशन को बैकअप विकेट कीपर के रूप में टीम में शामिल किया गया है, जो बैकअप ओपनर की भूमिका भी अदा करेंगे।

  • हार्दिक पांड्या ने फिफ्टी के बाद भेजा फ्लाइंग किस माहिका शर्मा के साथ रोमांटिक वीडियो हुआ वायरल

    हार्दिक पांड्या ने फिफ्टी के बाद भेजा फ्लाइंग किस माहिका शर्मा के साथ रोमांटिक वीडियो हुआ वायरल


    नई दिल्ली । क्रिकेट स्टार हार्दिक पांड्या और उनकी गर्लफ्रेंड माहिका शर्मा का रोमांटिक पल हाल ही में सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। हार्दिक पांड्या ने भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए पांचवें टी20 मैच में जब 63 रनों की तूफानी पारी खेली तो उन्होंने अपनी पारी के दौरान अर्धशतक पूरा करते ही माहिका शर्मा के लिए फ्लाइंग किस भेजा। इस प्यारे इशारे का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं। हार्दिक ने इस मैच में सिर्फ 16 गेंदों में फिफ्टी पूरी की जो उनके लिए एक नया व्यक्तिगत रिकॉर्ड था। यह भारतीय क्रिकेट इतिहास में सबसे तेज अर्धशतक है और अब हार्दिक का नाम टी20 क्रिकेट में भारत के लिए दूसरे सबसे तेज अर्धशतक बनाने वाले खिलाड़ी के रूप में दर्ज हो गया है।

    हार्दिक का शानदार प्रदर्शन

    हार्दिक ने 63 रनों की पारी में 5 चौके और 5 छक्के लगाए। उन्होंने अपनी तूफानी पारी से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके इस बेहतरीन प्रदर्शन ने न केवल भारत को मैच में मजबूत स्थिति में पहुंचाया बल्कि उनके व्यक्तिगत रिकॉर्ड को भी नया आयाम दिया। हार्दिक के फ्लाइंग किस के बाद माहिका शर्मा ने भी उसी अंदाज में हार्दिक को फ्लाइंग किस भेजा जिससे यह पल और भी खास बन गया। उनका यह रोमांटिक इशारा दर्शकों के बीच और सोशल मीडिया पर छा गया।

    भारत के लिए दूसरा सबसे तेज अर्धशतक

    हार्दिक पांड्या का 16 गेंदों में अर्धशतक अब भारत के लिए सबसे तेज अर्धशतक है। भारत के लिए सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड पहले युवराज सिंह के नाम था जिन्होंने 2007 के टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ 12 गेंदों में फिफ्टी लगाई थी। अब हार्दिक ने युवराज का रिकॉर्ड थोड़ा पीछे छोड़ते हुए 16 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया है। यह मैच हार्दिक पांड्या के लिए खास था क्योंकि न केवल उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से शानदार प्रदर्शन किया बल्कि अपने प्यार का इजहार करने का भी एक बेहतरीन तरीका अपनाया।

    माहिका और हार्दिक का प्यार

    हार्दिक और माहिका की केमिस्ट्री अब सबके सामने है और यह जोड़ी सोशल मीडिया पर अपने रोमांटिक पल साझा करने से कभी नहीं चूकती। उनके इस प्यारे फ्लाइंग किस पल ने उनके प्रशंसकों के दिलों में और भी जगह बना ली है। इन दोनों के रोमांटिक पल ने यह साबित कर दिया कि क्रिकेट मैदान पर भी निजी जीवन और भावनाएं अपनी जगह बना सकती हैं। हार्दिक पांड्या का यह इशारा उनके प्यार और क्रिकेट के प्रति उनके जुनून को एक साथ दिखाता है।

  • ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतना ओलंपिक गोल्ड जीतने से भी कठिन: मोंटी पनेसर

    ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतना ओलंपिक गोल्ड जीतने से भी कठिन: मोंटी पनेसर


    नई दिल्ली । इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर ने ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि यह ओलंपिक गोल्ड मेडल जीतने से भी ज्यादा कठिन है। पनेसर का यह बयान ऑस्ट्रेलिया में चल रही एशेज सीरीज के संदर्भ में आया जिसमें इंग्लैंड की टीम 0-2 से पीछे चल रही है। पनेसर ने यह भी बताया कि ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट क्रिकेट जीतना एक बेहद कठिन चुनौती है जिसका मुकाबला करने के लिए किसी टीम को बहुत अधिक तैयारी और संघर्ष करना पड़ता है।

    ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एशेज सीरीज लगभग 100 सालों से खेली जा रही है और पिछले कुछ दशकों से इंग्लैंड को ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने में कठिनाइयाँ आ रही हैं। पनेसर के अनुसार इंग्लैंड की मौजूदा टीम भी उस चुनौती से जूझ रही है। वर्तमान में एशेज सीरीज के तीसरे टेस्ट में इंग्लैंड की टीम 86 रनों से पीछे है और सीरीज के हारने का खतरा तीसरे टेस्ट में ही मंडरा रहा है।

    पनेसर ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा ऑस्ट्रेलिया में जीतना बहुत कठिन है। इंग्लैंड के लिए यह शायद हर 20 साल में एक बार होता है। उन्होंने इंग्लैंड के पिछले एशेज विजेता अभियान की भी चर्चा की जिसमें 2010-11 की एशेज सीरीज इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया में जीत हासिल की थी। पनेसर ने उस सीरीज में अपनी भागीदारी का अनुभव भी साझा किया और बताया कि उस समय इंग्लैंड की टीम को वार्म-अप मैच खेलने का अवसर मिला था जिससे उन्हें परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने में मदद मिली थी।

    पनेसर ने आगे कहा ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट मैच खेलना एक अलग स्तर की चुनौती है। इंग्लैंड की टीम को अब समझना होगा कि यहाँ की तेज और बाउंसी पिचों पर खेलने के लिए विशेष रणनीति की जरूरत होती है। इंग्लैंड की टीम के आक्रामक खेल को लेकर भी पनेसर ने अपनी राय व्यक्त की और कहा कि इस तरह की पिचों पर आक्रामक खेल अधिक मुश्किल हो जाता है। इंग्लैंड के बल्लेबाज जब शुरुआत में ही आक्रामक हो जाते हैं तो वह खुद को परेशानी में डाल लेते हैं पनेसर ने कहा।

    उनके मुताबिक इंग्लैंड की टीम को अपनी गलतियों से सीखने की आवश्यकता है ताकि आने वाले समय में ऑस्ट्रेलिया जैसी कठिन परिस्थितियों में वे सफल हो सकें। पनेसर ने यह भी बताया कि हालात में ढलने के लिए इंग्लैंड को अपनी तैयारी को और बेहतर बनाना होगा।
    पनेसर ने ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने की कठिनाई को ओलंपिक गोल्ड जीतने से भी अधिक चुनौतीपूर्ण करार देते हुए कहा यह लगभग तीन या चार ओलंपिक खेलों में मुकाबला करने और फिर अंत में गोल्ड जीतने जैसा है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इंग्लैंड ने शायद इसे थोड़ा कम आंका है लेकिन उम्मीद है कि उन्होंने अपनी गलतियों से सीख लिया होगा और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करेंगे।

  • कपिल देव ने गौतम गंभीर को लेकर दी बड़ी प्रतिक्रिया  क्या वह टीम के कोच बन सकते हैं

    कपिल देव ने गौतम गंभीर को लेकर दी बड़ी प्रतिक्रिया क्या वह टीम के कोच बन सकते हैं


    नई दिल्ली । भारत के क्रिकेट जगत में हाल ही में एक बयान ने सबको चौंका दिया है और वह था कपिल देव का गौतम गंभीर को लेकर दिया गया बयान। कपिल देव ने गुरुवार को इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स शताब्दी सत्र में यह टिप्पणी की कि गौतम गंभीर को टीम का मुख्य कोच नहीं होना चाहिए। उनका कहना था कि वर्तमान समय में ‘कोच’ शब्द को गलत समझा जाता है और इस भूमिका को केवल खिलाड़ी प्रबंधन तक सीमित कर दिया गया है। कपिल देव ने स्पष्ट रूप से कहा गौतम गंभीर कोच नहीं हो सकते वह टीम के मैनेजर हो सकते हैं।”

    यह बयान ऐसे समय में आया है जब साउथ अफ्रीका से भारत की टेस्ट सीरीज में 0-2 से हार के बाद गौतम गंभीर की कोचिंग रणनीतियों पर सवाल उठ रहे हैं। खासतौर पर उनकी रणनीति जिसमें उन्होंने लगातार खिलाड़ियों को रोटेट किया और कामचलाऊ खिलाड़ियों पर निर्भर रहने की कोशिश की को लेकर आलोचनाएं हो रही हैं। कपिल देव ने इस मुद्दे पर और भी खुलकर बात करते हुए कहा आज के दौर में कोच वह नहीं होता जिसे आप स्कूल और कॉलेज में सीखते थे बल्कि यह एक प्रकार का प्रबंधन कार्य है। आपको खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उनके मनोबल को बढ़ाने की भूमिका निभानी होती है।

    कपिल ने यह भी कहा कि यदि सुनील गावस्कर आज के दौर में खेल रहे होते तो वह टी20 क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज होते। उनका मानना था कि जिन खिलाड़ियों का डिफेंस मजबूत होता है वे आसानी से आक्रामक खेल सकते हैं क्योंकि उनके पास अधिक समय होता है। इस टिप्पणी में कपिल ने क्रिकेट के आधुनिक रूपों जैसे टी20 और टी10 के बारे में भी अपनी राय दी और यह बताया कि वे इन सभी प्रारूपों में रुचि रखते हैं।

    कपिल देव की यह टिप्पणी भारतीय क्रिकेट में नई बहस का कारण बन सकती है क्योंकि गंभीर की कोचिंग शैली और उनके द्वारा उठाए गए कदमों को लेकर कई पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों ने विरोध जताया है। वहीं मिताली राज भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान ने भी क्रिकेट के इस नए युग को लेकर अपनी राय साझा की। उन्होंने हाल ही में भारत के स्वदेश में हुए महिला विश्व कप जीतने के बारे में याद किया और बताया कि कैसे इंडिया नाम के साथ ट्रॉफी हासिल करना उनके लिए एक खास अनुभव था।

    गौतम गंभीर की कोचिंग को लेकर चल रही बहस को लेकर कपिल देव के बयान ने अब इसे और भी गंभीर बना दिया है। कई क्रिकेट विशेषज्ञ अब इस मुद्दे पर विचार कर रहे हैं कि क्या गंभीर को आगे चलकर टीम का मुख्य कोच बनने की भूमिका निभानी चाहिए या फिर उनके लिए यह और भी बेहतर होगा कि वे किसी अन्य भूमिका में खेल जगत की सेवा करें।

  • बहरीन में भारतीय जर्सी पहनकर उतरा पाकिस्तानी नेशनल खिलाड़ी, तिरंगा लहराने से मचा पाकिस्तान में बवाल

    बहरीन में भारतीय जर्सी पहनकर उतरा पाकिस्तानी नेशनल खिलाड़ी, तिरंगा लहराने से मचा पाकिस्तान में बवाल


    इस्लामाबाद/पाकिस्तान कबड्डी जगत में उस समय हड़कंप मच गयाजब देश के एक चर्चित अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी उबैदुल्लाह राजपूत बहरीन में आयोजित एक निजी टूर्नामेंट में भारतीय टीम की जर्सी पहनकर खेलते और भारतीय तिरंगा लहराते नजर आए। इस घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईंजिसके बाद पाकिस्तान में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। मामला इतना गंभीर हो गया कि पाकिस्तान कबड्डी फेडरेशन पीकेएफको जनरल काउंसिल की इमरजेंसी बैठक बुलानी पड़ी है।यह विवाद तीसरे जीसीसी कबड्डी कप से जुड़ा हैजिसका आयोजन 16 दिसंबर को बहरीन के सलमाबाद स्थित गल्फ एयर क्लब में किया गया था। इस टूर्नामेंट में बहरीनकुवैतदुबई और ओमान की टीमें शामिल थीं। हालांकियह कोई आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता नहीं थीबल्कि एक निजी आयोजन थाजिसमें आयोजकों ने भारतपाकिस्तानकनाडा और ईरान जैसे देशों के नाम पर निजी टीमें बनाई थीं।

    पाकिस्तान कबड्डी फेडरेशन के सचिव राणा सरवर ने बताया कि फेडरेशन चेयरमैन चौधरी शफाय हुसैन के निर्देश पर 27 दिसंबर को आपात बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में उबैदुल्लाह राजपूत समेत उन सभी खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगाजिन्होंने बिना अनुमति इस टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। सरवर ने साफ शब्दों में कहा कि किसी राष्ट्रीय खिलाड़ी का विदेशी टीम की जर्सी पहनना और उसका झंडा लहराना अस्वीकार्य है। उन्होंने इसे पाकिस्तान के खेल नियमों और राष्ट्रीय गरिमा का गंभीर उल्लंघन बताया।

    सरवर के अनुसारबहरीन गए कुल 16 पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने पाकिस्तान कबड्डी फेडरेशन या पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड से कोई एनओसी या पूर्व अनुमति नहीं ली थी। इनमें राष्ट्रीय और नेशनल लेवल के खिलाड़ी शामिल थे। उन्होंने कहा कि यह कोई आधिकारिक पाकिस्तानी टीम नहीं थीलेकिन पाकिस्तान के नाम और पहचान का इस तरह इस्तेमाल करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। फेडरेशन अब इन सभी खिलाड़ियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार कर रही है।फेडरेशन ने यह भी स्पष्ट किया कि क्लब स्तर पर विभिन्न देशों के खिलाड़ी एक साथ खेल सकते हैंलेकिन किसी अन्य देश का प्रतिनिधित्व करना और उसका राष्ट्रीय ध्वज लहराना पूरी तरह गलत है। इसके साथ हीफेडरेशन ने स्वघोषित प्रमोटर्स और आयोजकों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाने की बात कही हैताकि भविष्य में पाकिस्तान के नाम का इस तरह दुरुपयोग न हो।

    विवाद बढ़ने के बाद उबैदुल्लाह राजपूत ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि यह टूर्नामेंट हर साल बहरीन में आयोजित होता है और वह पहले भी इसमें हिस्सा ले चुके हैं। इस बार उनकी पुरानी टीम ने उन्हें नहीं बुलायालेकिन दूसरी टीम के निमंत्रण पर वह खेलने चले गए। राजपूत के मुताबिकउन्हें पहले से जानकारी नहीं थी कि टीमें भारत और पाकिस्तान के नाम से बनाई जाएंगी।राजपूत ने दावा किया कि मैदान में उतरते समय दोस्तों ने उन्हें बताया कि वह भारतीय नाम वाली टीम का हिस्सा हैं। इसके बाद उन्होंने कमेंटेटर से यह अनाउंस भी करवाया कि यह भारत-पाकिस्तान मैच नहींबल्कि एक स्थानीय कप प्रतियोगिता है। उन्होंने कहा कि नारेबाजी और झंडे लहराने की उन्हें कोई उम्मीद नहीं थी।

    अपने बयान में राजपूत ने कहायह सिर्फ एक कप थाकोई विश्व कप नहीं। अगर यह आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट होतातो मैं केवल पाकिस्तान के लिए ही खेलता। मैं पाकिस्तानी हूं और मेरा जीवन पाकिस्तान पर कुर्बान है।उन्होंने फेडरेशनकोचप्रशंसकों और शुभचिंतकों से माफी मांगते हुए अपील की कि इस मामले को जरूरत से ज्यादा तूल न दिया जाए।अब सभी की नजरें 27 दिसंबर को होने वाली पाकिस्तान कबड्डी फेडरेशन की बैठक पर टिकी हैंजहां यह तय होगा कि उबैदुल्लाह राजपूत और अन्य खिलाड़ियों के भविष्य पर क्या असर पड़ेगा।

  • Aus vs Eng: आर्चर ने झटके 5 विकेट, फिर भी मजबूत स्थिति में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड पर कसा शिकंजा

    Aus vs Eng: आर्चर ने झटके 5 विकेट, फिर भी मजबूत स्थिति में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड पर कसा शिकंजा


    एडिलेड ।
    ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड (Australia vs England) के बीच एडिलेड में जारी तीसरे एशेज टेस्ट मैच (Third Ashes Test Match) पर मेजबान ऑस्ट्रेलिया का शिकंजा कस गया है। भले ही इंग्लैंड के लिए तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर (Fast bowler Jofra Archer) ने फाइव विकेट हॉल प्राप्त किया हो, लेकिन जिस तरह का खेल ऑस्ट्रेलिया (Australia) ने पहले दो मैचों में दिखाया था, उसी खेल को कंगारू टीम आगे भी जारी रखे हुए है। ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 371 रनों का स्कोर बना दिया, जबकि शुरुआत टीम की अच्छी नहीं थी। उधर, इंग्लैंड को अपनी पहली पारी में शुरुआत अच्छी नहीं मिली। इस तरह कहा जा सकता है कि ऑस्ट्रेलिया ने इस मैच पर भी अपनी पकड़ बना ली है।

    इस मुकाबले की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया की टीम के कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी थी। हालांकि, शुरुआत अच्छी नहीं रही थी, लेकिन एलेक्स कैरी ने 106 रनों की पारी खेलकर ऑस्ट्रेलिया की वापसी करा दी। कैरी के अलावा उस्मान ख्वाजा ने भी दमदार 82 रन बनाए, जो स्टीव स्मिथ की जगह खेल रहे थे। स्मिथ मैच से ठीक पहले अनफिट पाए गए थे। ऐसे में ख्वाजा को खेलने का मौका मिला। मिचेल स्टार्क ने भी 54 रनों की पारी खेली, जिससे इंग्लैंड की टीम बैकफुट पर चली गई। 32 रन जोश इंग्लिस ने भी बनाए।

    उधर, इंग्लैंड के लिए मैच के दूसरे दिन की सुबह जोफ्रा आर्चर ने फाइव विकेट हॉल प्राप्त किया। वहीं, 2-2 विकेट ब्रायडन कार्स और विल जैक्स को मिले। ऑस्ट्रेलिया को 371 पर आउट करने के बाद इंग्लैंड ने बल्लेबाजी शुरू की। ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड की टीम पहली पारी में बड़ा स्कोर बनाएगी, लेकिन जैसे ही 37 रन पर पहला विकेट गिरा तो अगले 5 रनों के भीतर दो और विकेट गिर गए। इस तरह इंग्लैंड की टीम पर एशेज सीरीज को गंवाने का खतरा मंडरा रहा है।


    सीरीज हार का खतरा

    इंग्लैंड की टीम पहले ही दो मैच हार चुकी है और अब अगर एडिलेड में जारी इस मैच को भी हार जाती है तो फिर सीरीज 3-0 से गंवा देगी। सीरीज के दो मुकाबले बाकी रहेंगे, लेकिन उन मैचों के नतीजों का असर सीरीज की हार-जीत पर नहीं पड़ेगा। जरूर स्कोरलाइन में बदलाव हो सकता है, लेकिन एशेज ट्रॉफी मेजबान ऑस्ट्रेलिया के पास ही रहेगी। ऐसे में इसी मैच में इंग्लैंड को दमदार वापसी करते हुए मैच जीतने के बारे में सोचना होगा।

  • डेंगू–चिकनगुनिया से जूझ रहे युजवेंद्र चहल, फिटनेस बिगड़ने के कारण क्रिकेट से कुछ हफ्तों का ब्रेक

    डेंगू–चिकनगुनिया से जूझ रहे युजवेंद्र चहल, फिटनेस बिगड़ने के कारण क्रिकेट से कुछ हफ्तों का ब्रेक


    नई दिल्ली/भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल इन दिनों क्रिकेट मैदान से दूर हैं। इसकी वजह उननई दिल्लीकी खराब सेहत है। चहल डेंगू और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं, जिसके चलते उनकी फिटनेस पर गहरा असर पड़ा है और उन्हें डॉक्टरों ने पूरी तरह आराम करने की सलाह दी है। इस बीमारी के कारण उन्हें घरेलू क्रिकेट के अहम मुकाबलों से भी बाहर रहना पड़ा है।युजवेंद्र चहल को आखिरी बार नवंबर महीने में हरियाणा की ओर से सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के ग्रुप मैच में खेलते हुए देखा गया था। इसके बाद से ही वह टीम से लगातार बाहर चल रहे थे, जिससे उनके फैंस के बीच उनकी अनुपस्थिति को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे थे। अब खुद चहल ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस बात की पुष्टि कर दी है कि वह डेंगू और चिकनगुनिया से प्रभावित रहे हैं और इसी वजह से क्रिकेट से ब्रेक लेना पड़ा। 
    सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला हरियाणा के लिए बेहद अहम था, लेकिन इस निर्णायक मैच में भी चहल अपनी टीम का हिस्सा नहीं बन सके। फाइनल से पहले उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर अपनी सेहत को लेकर अपडेट साझा किया। चहल ने लिखा कि वह टीम के साथ मैदान पर उतरना चाहते थे, लेकिन शरीर ने साथ नहीं दिया। उन्होंने हरियाणा टीम को फाइनल के लिए शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि वह जल्द पूरी तरह फिट होकर वापसी करेंगे।

    डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से उबरने में आमतौर पर समय लगता है और इसका सीधा असर खिलाड़ी की फिटनेस और स्टैमिना पर पड़ता है। ऐसे में चहल की वापसी को लेकर कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि अब उनकी नजरें विजय हजारे ट्रॉफी पर होंगी, जिसकी शुरुआत 24 दिसंबर से हो रही है। हालांकि, इसमें उनका खेलना पूरी तरह उनकी फिटनेस रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।गौरतलब है कि युजवेंद्र चहल पिछले काफी समय से भारतीय सीनियर टीम से भी बाहर चल रहे हैं। अगस्त 2023 के बाद से उन्होंने भारत के लिए कोई अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेला है। टी20 वर्ल्ड कप के बाद उन्हें राष्ट्रीय टीम में मौका नहीं मिला, हालांकि इसके बावजूद घरेलू क्रिकेट और विदेशी लीगों में उनका प्रदर्शन सराहनीय रहा है।

    बीमारी से पहले चहल इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलते हुए नजर आए थे। उन्होंने नॉर्थम्पटनशायर की ओर से वनडे कप और काउंटी चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी गेंदबाजी किफायती रही, जबकि रेड बॉल क्रिकेट में उन्होंने तीन मैचों में 12 विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की थी। उनके इस प्रदर्शन ने यह दिखाया था कि वह अभी भी लंबे फॉर्मेट में प्रभावी गेंदबाज बने हुए हैं।फिलहाल, चहल का पूरा फोकस अपनी सेहत पर है। फैंस और क्रिकेट जगत को उम्मीद है कि वह जल्द ही इन बीमारियों से पूरी तरह उबरकर मैदान पर वापसी करेंगे और एक बार फिर अपनी लेग स्पिन से बल्लेबाजों को परेशान करते नजर आएंगे।