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  • साउथ अफ्रीका की शर्मनाक हार… T20 क्रिकेट इतिहास में सबसे कम स्कोर पर ऑलआउट

    साउथ अफ्रीका की शर्मनाक हार… T20 क्रिकेट इतिहास में सबसे कम स्कोर पर ऑलआउट


    नई दिल्ली.
    T20 इंटरनेशनल क्रिकेट (T20 International Cricket) के इतिहास का सबसे शर्मनाक दिन साउथ अफ्रीका (South Africa) के लिए मंगलवार 9 दिसंबर का रहा, जहां टीम इंडिया (Team India) के खिलाफ कटक के मैदान पर एडेन मार्करम (Aiden Markram) की कप्तानी वाली टीम अपने इतिहास के सबसे कम स्कोर पर ऑलआउट हो गई। साउथ अफ्रीका की टीम पहली बार 80 का भी आंकड़ा टी20 इंटरनेशनल मैच में पार नहीं कर पाई। साउथ अफ्रीका को भारत ने 74 रनों पर ढेर कर दिया और 101 रनों से पहला टी20 इंटरनेशनल मैच अपने नाम कर लिया। इतना ही नहीं, भारत ने तीसरी बार एक बड़ा जख्म साउथ अफ्रीका को दिया है।

    दरअसल, साउथ अफ्रीका की टीम तीसरी बार भारत के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 से कम के स्कोर पर ऑलआउट हुई है। दो बार ऑस्ट्रेलिया ने भी साउथ अफ्रीका को 100 रनों के भीतर समेटा है। हालांकि, कटक में 74 रनों का स्कोर टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में साउथ अफ्रीका का सबसे कम स्कोर है। इससे पहले 2022 में राजकोट में 87 रनों पर साउथ अफ्रीका की टीम ढेर हो गई थी। 2020 में 89 रनों का स्कोर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ साउथ अफ्रीका ने बनाया था। वहीं, 95 रन जोहान्सबर्ग में भारत के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका ने बनाए थे। केपटाउन में 2020 में साउथ अफ्रीका की टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ढेर हो चुकी है।


    T20I में साउथ अफ्रीका का सबसे कम स्कोर

    74 बनाम इंडिया कटक में, 2025*
    87 बनाम इंडियाराजकोट में, 2022
    89 बनाम ऑस्ट्रेलिया जोहान्सबर्ग में, 2020
    95 बनाम इंडिया जोहान्सबर्ग में, 2023
    96 बनाम ऑस्ट्रेलिया केपटाउन में, 2020

    कटक के बाराबती स्टेडियम में खेले गए मैच की बात करें तो यहां भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 175 रन बनाए थे। हार्दिक पांड्या ने 28 गेंदों में 59 रनों की पारी खेली थी, जबकि 21 गेंदों में 23 रन अक्षर पटेल और 32 गेंदों में 26 रन तिलक वर्मा ने बनाए थे। 9 गेंदों में 11 रन शिवम दुबे और 5 गेंदों में 10 रन जितेश शर्मा ने बनाए थे। 12 गेंदों में 17 रनों की पारी अभिषेक शर्मा ने खेली थी। साउथ अफ्रीका के लिए 3 विकेट लुंगी एनगिडी ने निकाले ते, जबकि 2 विकेट सिंपाला को मिले थे। एक विकेट डोनावैन फेरेरा को मिला था। वहीं, जब साउथ अफ्रीका की टीम बल्लेबाजी करने उतरी तो 12.3 ओवर में 74 रनों पर ऑलआउट हो गई। 14 गेंदों में 22 रन डेवाल्ड ब्रेविस ने बनाए थे, जबकि 14-14 रन एडेन मार्करम और ट्रिस्टन स्टब्स के बल्ले से निकले। 12 रन मार्को यानसेन ने बनाए। इनके अलावा कोई बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर सका।

  • जोश- जुनून के बिना नहीं बढ़ पाएंगे आगे… सचिन तेंदुलकर ने युवा खिलाड़ियों को दिया 'गुरु मंत्र'

    जोश- जुनून के बिना नहीं बढ़ पाएंगे आगे… सचिन तेंदुलकर ने युवा खिलाड़ियों को दिया 'गुरु मंत्र'


    मुंबई।
    क्रिकेट के भगवान (God of Cricket) कहे जाने वाले पूर्व महान बल्लेबाज (Former Great batsman) सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने युवा खिलाड़ियों (Young Players) को सफल होने के लिए गुरुमंत्र दिया है। सचिन तेंदुलकर ने मुंबई में मंगलवार को कहा कि युवा खिलाड़ी जुनून और जोश के बिना आगे नहीं बढ़ सकते। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को ‘मुश्किल चुनौतियों का सामना करने’ और दूसरों के लिए मिसाल कायम करने की सलाह दी। तेंदुलकर ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि उन्हें क्रिकेट से इतना अधिक लगाव था कि वह इस खेल में आगे बढ़ने के लिए हर संभव प्रयास करने को भी तैयार रहते थे। उन्होंने कहा कि वह गर्मी की छुट्टियों में लगभग दो महीने तक रोजाना 12 घंटे तक अभ्यास करते थे।

    तेंदुलकर ने ‘इंडियन स्ट्रीट प्रीमियर लीग (आईएसपीएल)’ के तीसरे सत्र की नीलामी से पहले कहा, ‘‘मैंने क्रिकेट खेलना इसलिए शुरू किया, क्योंकि मुझमें जुनून था। मुझे इस खेल से बेइंतहा प्यार था और मैं बस भारत के लिए खेलना चाहता था। मैं इसके लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार था।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘मेरे जीवन में कई पड़ाव आए। इसमें स्कूल क्रिकेट भी था और मैं कड़ी मेहनत करने के लिए तैयार था। एक दौर ऐसा भी था जब मैंने अपनी गर्मी की छुट्टियों में लगातार 55 दिनों तक 12 घंटे अभ्यास किया और आखिरकार मैं बीमार पड़ गया। अगर जुनून और जोश नहीं है, तो आप आगे नहीं बढ़ पाएंगे।’’

    तेंदुलकर ने कहा कि एक खिलाड़ी के विकास के लिए कई चीजों का एक साथ आना जरूरी है, लेकिन सही समय पर अच्छा प्रदर्शन करना भी जरूरी है। उन्होंने माना, ‘‘आपको आगे बढ़ने के लिए कड़ी मेहनत, योजना, उसे लागू करने की क्षमता, सही मार्गदर्शन और अनुशासन की जरूरत होती है। कई चीजें एक साथ आती है और फिर जब मौका मिलता है तो आपको मैदान पर उतरकर अच्छा प्रदर्शन करना होता है और इसी तरह आप अगले स्तर पर पहुंचते हैं।’’

    मास्टर ब्लास्टर ने कहा कि उम्मीदें उन खिलाड़ियों से अधिक होती है, जिन्होंने अतीत में मिसाल कायम की है। हालांकि, इससे किसी को भी परेशान नहीं होना चाहिए। सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड्स इस बात की गवाही देते हैं कि वे करियर के आखिरी पड़ाव तक अपने बेसिक्स पर टिके रहे। चाहे बात प्रैक्टिस की हो या फिर टीम के साथ बने रहने की।

  • शाहिद अफरीदी का बड़ा बयान: गौतम गंभीर पर तंज, विराट और रोहित को बताया टीम की असली रीढ़

    शाहिद अफरीदी का बड़ा बयान: गौतम गंभीर पर तंज, विराट और रोहित को बताया टीम की असली रीढ़

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट पर पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी की प्रतिक्रियाएँ हमेशा सुर्खियों में रहती हैं। इस बार अफरीदी ने टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर की आलोचना करते हुए भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा की जमकर तारीफ की। अफरीदी ने कहा कि कोहली और रोहित टीम की सबसे बड़ी ताकत हैं और 2027 तक ओवरऑल टीम के लिए अहम बने रहेंगे।

    कोहली और रोहित की जमकर तारीफ
    अफरीदी ने भारतीय टीम के दो स्टार बल्लेबाजों, विराट कोहली और रोहित शर्मा की तारीफ करते हुए कहा कि ये दोनों न केवल भारत के बल्कि दुनिया के सबसे भरोसेमंद ODI बल्लेबाजों में शामिल हैं। उन्होंने विशेष रूप से हाल ही में साउथ अफ्रीका के खिलाफ इन दोनों के शानदार प्रदर्शन की ओर ध्यान दिलाया। अफरीदी ने कहा, “विराट और रोहित भारतीय बैटिंग लाइन-अप की असली ताकत हैं। उनके हालिया फॉर्म को देखकर लगता है कि वे लंबे समय तक टीम के लिए अहम बने रहेंगे।” अफरीदी का मानना है कि बड़े टूर्नामेंट और महत्वपूर्ण सीरीज में टीम को इन दोनों खिलाड़ियों को जरूर उतारना चाहिए।

    अफरीदी ने सुझाव दिया कि जब टीम किसी कमजोर विरोधी के खिलाफ खेले, तो युवा खिलाड़ियों को अवसर देने के लिए कोहली और रोहित को आराम दिया जा सकता है। यह रणनीति टीम को संतुलित रखते हुए नए टैलेंट को मौका देने में मदद करेगी।

    गौतम गंभीर की कोचिंग पर तंज
    शाहिद अफरीदी ने भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर की कोचिंग शैली पर सीधे निशाना साधा। अफरीदी ने कहा कि गंभीर ने कोच के रूप में शुरुआत में यह छवि बनाई कि वे हमेशा सही होते हैं, लेकिन समय ने साबित कर दिया कि हर बार सही होना संभव नहीं है। अफरीदी और गंभीर के बीच पहले भी मैदान पर कई बार विवाद हो चुका है। अफरीदी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब गंभीर ने पहले ही साफ कर दिया था कि 2027 वर्ल्ड कप अभी दूर है और टीम युवा खिलाड़ियों को मौके देकर नई दिशा देना चाहती है।

    रोहित के रिकॉर्ड छक्कों पर अफरीदी की खुशी
    अफरीदी ने रोहित शर्मा के हालिया ODI छक्कों के रिकॉर्ड को तोड़ने पर अपनी खुशी जताई। उन्होंने कहा, “रिकॉर्ड तोड़ने के लिए ही बनाए जाते हैं और मुझे खुशी है कि मेरा रिकॉर्ड किसी क्लासी बल्लेबाज जैसे रोहित ने तोड़ा।” रोहित ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ रायपुर ODI में अपना 355वां छक्का जड़कर अफरीदी (351 छक्के) को पीछे छोड़ दिया। अफरीदी ने इसे खेल की प्रगति और भारतीय क्रिकेट की बढ़ती ताकत का हिस्सा बताया।

    IPL 2008 की यादें और रोहित का मैच विनिंग अंदाज
    अफरीदी ने अपने पुराने अनुभव साझा करते हुए IPL 2008 का जिक्र किया, जब वे डेक्कन चार्जर्स के लिए खेल रहे थे। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें पहली बार एहसास हुआ कि रोहित भविष्य में भारतीय क्रिकेट के बड़े सितारे बनेंगे। अफरीदी ने कहा, “उनकी बल्लेबाजी में वह क्लास थी जो किसी भी दिन मैच का रुख बदल सकती थी। रोहित एक मैच विनर खिलाड़ी हैं और उन्होंने हर अवसर पर अपनी टीम को मजबूत बनाया है।”

    अफरीदी का निष्कर्ष
    शाहिद अफरीदी की राय में, विराट कोहली और रोहित शर्मा के अनुभव और क्लास की वजह से टीम इंडिया के ODI लाइन-अप की रीढ़ मजबूत है। जबकि गौतम गंभीर की कोचिंग पर सवाल उठाए गए हैं, अफरीदी का जोर इस बात पर है कि टीम इंडिया को अपने अनुभवी खिलाड़ियों की काबिलियत का पूरा लाभ उठाना चाहिए और जरूरत पड़ने पर युवाओं को मौके देकर संतुलन बनाना चाहिए।

    अफरीदी का यह बयान भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए चर्चा का विषय बन गया है। जहां एक ओर उन्होंने कोहली और रोहित को टीम की रीढ़ बताया, वहीं गंभीर की कोचिंग पर तंज भी कसा। इससे साफ है कि अफरीदी का मानना है कि टीम इंडिया को संतुलित और मजबूत रखने के लिए अनुभवी खिलाड़ियों का उपयोग जरूरी है। 2027 तक विराट और रोहित टीम की अहमियत बनाए रख सकते हैं, जबकि युवा खिलाड़ियों को अवसर देने की रणनीति से टीम की लंबी दूरी की तैयारी भी मजबूत हो सकती है।

    इस तरह, शाहिद अफरीदी ने भारतीय क्रिकेट की वर्तमान स्थिति और भविष्य की रणनीति पर अपनी राय रखी है, जिससे टीम इंडिया के फैंस और विश्लेषक दोनों ही नए सिरे से विचार कर रहे हैं।

  • Year Ender 2025: क्रिकेट जगत ने खो दिए अपने अनमोल रत्न

    Year Ender 2025: क्रिकेट जगत ने खो दिए अपने अनमोल रत्न

    2025 क्रिकेट प्रेमियों के लिए रोमांचक रहा, लेकिन साथ ही यह साल दुखद भी रहा। इस साल कई दिग्गज खिलाड़ियों ने हमेशा के लिए खेल से विदा ली। भारतीय और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट ने इन सितारों को खोकर गहरा सदमा झेला।

    पद्माकर शिवलकर:
    मार्च में भारत के लेफ्ट-आर्म स्पिनर पद्माकर शिवलकर का 88 साल की उम्र में निधन हो गया। घरेलू क्रिकेट में उनके 636 विकेट उन्हें लेजेंडरी बनाते हैं। बीसीसीआई ने उन्हें सी.के. नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया था।

    जुनैल जफर खान:
    18 मार्च को ऑस्ट्रेलिया में क्लब मैच के दौरान पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ी जुनैल जफर खान की भीषण गर्मी के बीच मैदान पर गिरने से मृत्यु हो गई। वह ओल कोंकोर्डियंस क्रिकेट क्लब के लिए खेल रहे थे।

    बॉब काउपर:
    मई में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के दिग्गज बॉब काउपर का 84 साल की उम्र में निधन हुआ। 1960 के दशक में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए 27 टेस्ट खेले और 1968 एशेज सीरीज में 307 रन की ऐतिहासिक पारी खेली।

    दिलीप दोशी:
    जून में भारत के पूर्व स्पिनर दिलीप दोशी का 77 साल की उम्र में लंदन में निधन हुआ। उन्होंने भारत के लिए 33 टेस्ट और 15 वनडे खेले। दोशी घरेलू क्रिकेट के स्तंभ रहे और सौराष्ट्र तथा बंगाल के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ी।

    बेन ऑस्टिन और रॉबिन स्मिथ:
    28 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया के बेन ऑस्टिन का अभ्यास के दौरान घायल होने से निधन हुआ। दिसंबर में इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज रॉबिन स्मिथ का 62 साल की उम्र में निधन हुआ। स्मिथ ने 62 टेस्ट में 4,000 से ज्यादा रन बनाए और 1980-90 के दशक में इंग्लैंड के प्रमुख बल्लेबाज रहे।

    2025 क्रिकेट जगत के लिए ना सिर्फ रोमांचक मैचों का साल रहा, बल्कि यह उनके सम्मान और याद में भी याद रहेगा जिन्होंने अपने योगदान से खेल को समृद्ध किया।

  • गौतम गंभीर को पुराने साथी आकाश चोपड़ा की नसीहत-“इतनी लड़ाइयाँ मत लो, लोग गिरने का इंतज़ार करेंगे”

    गौतम गंभीर को पुराने साथी आकाश चोपड़ा की नसीहत-“इतनी लड़ाइयाँ मत लो, लोग गिरने का इंतज़ार करेंगे”


    नई दिल्ली । टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। अपने छोटे से कोचिंग कार्यकाल में ही वे कई विवादों में घिर चुके हैं। अब उनके पुराने साथी और पूर्व भारतीय ओपनर आकाश चोपड़ा ने गंभीर को सार्वजनिक मंचों पर टकराव से बचने की सलाह दी है।

    दिल्ली कैपिटल्स के मालिक पर टिप्पणी से बढ़ा विवाद

    हाल ही में गंभीर ने दिल्ली कैपिटल्स के मालिक पार्थ जिंदल पर बिना नाम लिए जवाब दिया था। जिंदल ने टीम के लिए स्प्लिट कोचिंग मॉडल अपनाने की बात कही थी। गंभीर ने इस सुझाव पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि “हर किसी को अपने डोमेन में रहना चाहिए।”

    भारत की साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज़ जीत के तुरंत बाद दिए गए इस बयान ने और बहस छेड़ दी-खासकर तब, जब इससे पहले टीम को घरेलू टेस्ट सीरीज़ में 0-3 से हार झेलनी पड़ी थी। इस हार ने गंभीर के शुरुआती कोचिंग दौर में कई सवाल खड़े किए।

    आकाश चोपड़ा की सलाह-“गंभीर खुद पर आलोचना की बौछार बुला लेते हैं”

    अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए चोपड़ा ने कहा:
    “गौतम की खासियत है कि वे प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल खोलकर बोलते हैं, कुछ भी नहीं छुपाते। लेकिन मेरी एक निजी सलाह है कि इतनी लड़ाइयाँ मत लो। जब आप किसी बात पर बहुत ज्यादा टकराव वाले हो जाते हैं, तो लोग आपकी हार का इंतजार करने लगते हैं। कभी-कभी लगता है कि गंभीर खुद को आलोचना के लिए एक्सपोज़ कर देते हैं।”

    “दिल सही जगह पर है, लेकिन टकराव कम करें”

    चोपड़ा ने गंभीर के जज़्बे और इरादों की तारीफ करते हुए कहा:
    “एक बात पक्की है-गौतम बेहद पैशनेट इंसान हैं। उनका दिल देश और टीम के लिए धड़कता है। वे हमेशा लड़ने को तैयार रहते हैं। लेकिन मेरी सलाह यही है कि अनावश्यक लड़ाइयाँ मत लड़ो। किसी को खुश करना जरूरी नहीं, लेकिन लोगों को आपके गिरने का इंतज़ार न करने दो।”

  • फाइनल लिस्ट जारी, IPL 2026 ऑक्शन में बाहर हुए हजारों खिलाड़ी

    फाइनल लिस्ट जारी, IPL 2026 ऑक्शन में बाहर हुए हजारों खिलाड़ी


    नई दिल्ली /IPL 2026 Auction list: इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल 2026 (IPL 2026)के मिनी ऑक्शन के लिए खिलाड़ियों की लिस्ट फाइनल हो गई है। 1350 से ज्यादा खिलाड़ियों (Players)ने आईपीएल के ऑक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन किया था, लेकिन फाइनल लिस्ट से 1000 से ज्यादा खिलाड़ी बाहर कर दिए गए हैं, क्योंकि ऑक्शन में सिर्फ 350 खिलाड़ी ही हिस्सा लेंगे। इनमें 25 नए खिलाड़ियों को शामिल किया गया है, जिन्होंने पहले रजिस्ट्रेशन(registration) नहीं किया था। मिनी ऑक्शन 16 दिसंबर को अबू धाबी(Abu Dhabi) में आयोजित होगा। इसकी जानकारी बोर्ड ने पहले ही दे दी थी।
    शुरुआत में बोर्ड ने 1355 खिलाड़ियों की एक लंबी लिस्ट जारी की थी, जिन्होंने ऑक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन किय था। बाद में बीसीसीआई ने आपीएल की टीमों से उन नामों के बारे में पूछा था जिन्हें वे नीलामी पूल में देखना चाहते थे। छांटी गई फाइनल लिस्ट में 35 नए नाम शामिल हैं, जो शुरुआती लिस्ट का हिस्सा नहीं थे और उनमें से एक सरप्राइज एंट्री क्विंटन डिकॉक की है। साउथ अफ्रीका के विकेटकीपर बल्लेबाज ओरजिनल लिस्ट में नहीं थे, लेकिन उनका नाम बाद में कुछ फ्रेंचाइजियों के कहने पर शामिल किया गया है।
    क्रिकबज के मुताबिक, वह तीसरे लॉट में विकेटकीपर बल्लेबाजों के साथ हैं। 1 करोड़ रुपये की बेस प्राइस में वह उपलब्ध होंगे। 2 करोड़ रुपये में मेगा ऑक्शन में कोलकाता नाइट राइडर्स ने पिछले साल उनको खरीदा था। हालांकि, केकेआर ने उनको ऑक्शन से पहले रिलीज कर दिया था। अन्य नए खिलाड़ियों में श्रीलंकाई खिलाड़ियों का एक समूह शामिल है, जिनमे ट्रैवीन मैथ्यू, बिनुरा फर्नांडो, कुसल परेरा और डुनिथ वेलालगे।

    BCCI ने सोमवार (8 दिसंबर) रात को फ्रेंचाइजी को भेजे गए एक मेल में कहा, “नीलामी में 350 खिलाड़ी शामिल होंगे और यह मंगलवार, 16 दिसंबर को अबू धाबी के एतिहाद एरिना में UAE के समय के अनुसार दोपहर 1 बजे (भारतीय समय के अनुसार 2.30 बजे) शुरू होगी।” BCCI के अनुसार, प्लेयर ऑक्शन स्पेशलाइजेशन के क्रम में कैप्ड प्लेयर्स के पूरे राउंड के साथ शुरू होगा – बैट्समैन, ऑलराउंडर, विकेटकीपर/बैट्समैन, फास्ट बॉलर और स्पिन बॉलर, जिसके बाद अनकैप्ड प्लेयर्स का पूरा स्पेशलाइजेशन राउंड होगा। इस तरह कहा जा सकता है कि 1000 से ज्यादा खिलाड़ियों का आईपीएल खेलने का सपना यहीं टूट गया है।

    नए नाम:
    विदेशी खिलाड़ी: अरब गुल (अफगानिस्तान), माइल्स हैमंड (इंग्लैंड), डैन लेटगन (इंग्लैंड), क्विंटन डिकॉक (दक्षिण अफ्रीका) कॉनर एजथेरहुइजन (दक्षिण अफ्रीका), जॉर्ज लिंडे (दक्षिण अफ्रीका), बायंदा मजोला (दक्षिण अफ्रीका), ट्रैवीन मैथ्यू (श्रीलंका), बिनुरा फर्नांडो (श्रीलंका), कुसल परेरा (श्रीलंका), डुनिथ वेललेज (श्रीलंका), अकीम अगस्टे (वेस्टइंडीज)।

    भारतीय खिलाड़ी: सादेक हुसैन, विष्णु सोलंकी, साबिर खान, ब्रिजेश शर्मा, कनिष्क चौहान, आरोन जॉर्ज, जिक्कू ब्राइट, श्रीहरि नायर, माधव बजाज, श्रीवत्स आचार्य, यशराज पुंजा, साहिल पारख, रोशन वाघसरे, यश डिचोलकर, अयाज खान, धुरमिल मटकर, नमन पुष्पक, परीक्षित वलसांगकर, पूरव अग्रवाल, ऋषभ चौहान, सागर सोलंकी, इजाज सावरिया और अमन शेकावत।

  • SA vs Ind: पहला टी-20 आज… हार्दिक पांड्या इतिहास रचने के बेहद… टीम में हुई वापसी

    SA vs Ind: पहला टी-20 आज… हार्दिक पांड्या इतिहास रचने के बेहद… टीम में हुई वापसी


    नई दिल्ली।
    भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर (Indian Team’s Star all-rounder) हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) मंगलवार (9 दिसंबर) को दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करेंगे. उनको एशिया कप के सुपर फोर मुकाबले में श्रीलंका के खिलाफ क्वाड्रिसेप्स इंजरी हो गई थी. इसी वजह से वह पाकिस्तान के खिलाफ अहम फाइनल मैच नहीं खेल पाए थे. पांड्या ने फिटनेस हासिल करने के लिए बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में कुछ हफ्ते बिताए।

    हार्दिक पंड्या ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में बड़ौदा के लिए दो मैच खेले और अपनी फिटनेस साबित की. अब वह फिर से टीम इंडिया की जर्सी पहनने के लिए तैयार हैं. पांड्या ने नितीश कुमार रेड्डी की जगह ली है. ये खिलाड़ी उनकी गैरमौजूदगी में ऑस्ट्रेलिया गया था. हार्दिक दक्षिण अफ्रीका सीरीज के वनडे के लिए फिट नहीं थे लेकिन टी20 में वापसी के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

    हार्दिक पांड्या इतिहास रचने के बेहद करीब हैं. वह टी20 इंटरनेशनल में 2000 रन और 100 विकेट लेने वाले पहले भारतीय ऑलराउंडर बनने से सिर्फ 140 रन और दो विकेट दूर हैं. उन्होंने 2016 में टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था. उनके नाम 1860 रन और 98 विकेट हैं. वह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज में यह उपलब्धि हासिल कर सकते हैं. पांड्या अपने डेब्यू के बाद से टी20 टीम के अहम सदस्य रहे हैं. उन्होंने 2024 टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत को जीत दिलाने के लिए आखिरी ओवर में 16 रन सफलतापूर्वक बचाए थे।

    हार्दिक पंड्या ने 2016 टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश के खिलाफ भी आखिरी ओवर डाला था. भारत ने वह मैच सिर्फ एक रन से जीता था. पांड्या सबसे तेज बल्लेबाजों में से एक हैं और उनका स्ट्राइक रेट 141.01 है. पांड्या वनडे में भी नियमित खिलाड़ी हैं. उन्होंने 94 वनडे में 1904 रन और 91 विकेट लिए हैं. सफेद गेंद क्रिकेट में उनकी सफलता के चलते वह 2017 में टेस्ट टीम में भी शामिल हुए. लेकिन पीठ की समस्या के कारण वह सिर्फ 11 टेस्ट खेल पाए. टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 532 रन और 17 विकेट हैं. पांड्या ने 2018 के बाद से कोई रेड-बॉल मैच नहीं खेला है।

  • IND vs SA: टी20 सीरीज से पहले ICC ने टीम इंडिया को फाइन किया, जानें वजह

    IND vs SA: टी20 सीरीज से पहले ICC ने टीम इंडिया को फाइन किया, जानें वजह


    नई दिल्ली /भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज मंगलवार, 9 दिसंबर से शुरू हो रही है। इस सीरीज से एक दिन पहले ही ICC ने टीम इंडिया पर जुर्माना लगाया।

    ICC ने क्यों लगाई कार्रवाई
    रायपुर में खेले गए दूसरे वनडे में टीम इंडिया ने स्लो ओवर रेट बनाए रखा, जिसके कारण ICC ने मैच फीस का 10% फाइन लगाया। ICC ने बताया कि यह कार्रवाई उनके कोड ऑफ कंडक्ट फॉर प्लेयर्स एंड प्लेयर सपोर्ट पर्सनल के आर्टिकल 2.22 के तहत की गई, जो न्यूनतम ओवर रेट उल्लंघनों से संबंधित है।

    एमिरेट्स ICC एलीट पैनल के मैच रेफरी रिची रिचर्डसन ने यह जुर्माना लगाया क्योंकि KL राहुल की टीम निर्धारित समय में दो ओवर पीछे रह गई थी।

    KL राहुल ने स्वीकार किया गलती
    नियमों के अनुसार, प्रत्येक ओवर के लिए जो समय पर नहीं फेंका जाता, खिलाड़ियों पर उनकी मैच फीस का 5% जुर्माना लगाया जाता है। स्टैंड-इन कप्तान KL राहुल ने गलती स्वीकार कर ली, इसलिए किसी औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी।

    टी20 सीरीज में कप्तानी और उपकप्तानी
    पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया की कप्तानी हार्दिक पांड्या को सौंपी गई है। उपकप्तान की जिम्मेदारी शुभमन गिल को मिली है, जो गर्दन की चोट के कारण वनडे सीरीज से बाहर थे और अब टी20 में वापसी कर रहे हैं।

    सीरीज का शेड्यूल

    1st T20: 9 दिसंबर, बाराबती स्टेडियम, कटक

    2nd T20: लखनऊ

    3rd T20: धर्मशाला

    4th T20: तिरुवनंतपुरम

    5th T20: चेन्नई

    भारत युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के मिश्रण वाली टीम के साथ जीत दर्ज करने के इरादे से मैदान में उतरेगा।

    रायपुर वनडे की झलक
    भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से जीती। हालांकि, जिस मैच में टीम को ICC फाइन लगा, उसमें दक्षिण अफ्रीका ने जीत दर्ज की। विराट कोहली (102) और ऋतुराज गायकवाड़ (105) की शतकीय पारियों की मदद से भारत ने 358 रन बनाए, लेकिन ओस की वजह से लक्ष्य का पीछा आसान हो गया और एडन मार्करम की 110 रनों की पारी के दम पर मेहमान टीम ने जीत दर्ज की।

    टी20 सीरीज की शुरुआत
    टी20 सीरीज का पहला मैच 9 दिसंबर को कटक के बाराबती स्टेडियम में शाम 7 बजे से खेला जाएगा। मैच का लाइव प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर और लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार ऐप एवं वेबसाइट पर उपलब्ध होगी।

  • टीम इंडिया पर ICC का एक्शन: स्लो ओवर रेट के कारण मैच फीस में कटौती

    टीम इंडिया पर ICC का एक्शन: स्लो ओवर रेट के कारण मैच फीस में कटौती

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 5 मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। सीरीज का पहला मैच रांची में 17 रनों से भारत ने जीता, जबकि दूसरा मैच रायपुर में साउथ अफ्रीका ने 4 विकेट से जीत दर्ज की। निर्णायक मुकाबला विशाखापत्तनम में केएल राहुल की कप्तानी में भारत ने 9 विकेट से अपने नाम किया।

    लेकिन इस जीत के बावजूद टीम इंडिया पर ICC ने अक्शन लिया। रायपुर में खेले गए दूसरे वनडे में टीम का स्लो ओवर रेट (निर्धारित समय में ओवर पूरा न करना) मुद्दा बन गया। ICC के नियमों के अनुसार, प्रति ओवर 5% जुर्माना लगता है। भारत ने दो ओवर समय पर नहीं फेंके, इसलिए टीम के मैच फीस का 10% काटा गया।

    आईसीसी के एलीट पैनल ऑफ मैच रेफरी रिची रिचर्डसन ने इस सजा की पुष्टि की। टीम के कार्यवाहक कप्तान केएल राहुल ने गलती स्वीकार कर ली, इसलिए किसी औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी।

    रायपुर वनडे में भारत ने विराट कोहली (102) और ऋतुराज गायकवाड़ (105) की शतकीय पारियों की मदद से 358/5 का स्कोर बनाया था। बावजूद इसके मैच साउथ अफ्रीका ने एडेन मार्करम (110) की शानदार पारी के दम पर 4 विकेट से जीत लिया।

    अब टीम इंडिया साउथ अफ्रीका के खिलाफ 9 दिसंबर से 5 मैचों की टी20 सीरीज के लिए कटक रवाना होगी।

  • शाकिब अल हसन ने किया चौंकाने वाला यू-टर्न: तीनों फॉर्मेट में खेलकर लेना चाहते फेयरवेल सीरीज

    शाकिब अल हसन ने किया चौंकाने वाला यू-टर्न: तीनों फॉर्मेट में खेलकर लेना चाहते फेयरवेल सीरीज


    नई दिल्ली। बांग्लादेश के पूर्व कप्तान और ऑलराउंडर शाकिब अल हसन ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास पर अपने पहले के फैसले को पलटते हुए तीनों फॉर्मेट-ओडीआई, टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल-में खेलने की इच्छा जताई है। शाकिब चाहते हैं कि वे अपने करियर की अंतिम सीरीज बांग्लादेश में घरेलू दर्शकों के सामने खेलकर विदाई लें।

    रिटायरमेंट से वापसी का कारण

    शाकिब ने पिछले साल अक्टूबर में भारत के खिलाफ कानपुर टेस्ट खेला था। इसके बाद उन्होंने टेस्ट और टी20 फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा की थी, जबकि वनडे इंटरनेशनल खेलते रहने की इच्छा जताई थी। बाद में विवाद और कानूनी मुद्दों के कारण वह टीम में वापसी नहीं कर पाए।

    हाल ही में बियर्ड बिफोर विकेट पॉडकास्ट में मोईन अली से बातचीत के दौरान शाकिब ने स्पष्ट किया कि उन्होंने तीनों फॉर्मेट से आधिकारिक रूप से संन्यास नहीं लिया है। उन्होंने कहा:

    “मेरी इच्छा है कि मैं बांग्लादेश लौटकर ओडीआई, टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल की पूरी सीरीज खेलूं और इसके बाद संन्यास लूँ। मैं इसे किसी भी क्रम में खेल सकता हूँ, लेकिन पूरी सीरीज खेलकर ही विदाई लेना चाहता हूँ।”

    बांग्लादेश लौटने की चुनौती

    शाकिब के लिए बांग्लादेश लौटना आसान नहीं है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने पहले ही स्पष्ट किया है कि वे किसी भी तरह की सुरक्षा गारंटी नहीं दे सकते। पिछले साल शाकिब घरेलू मैदान पर साउथ अफ्रीका के खिलाफ फेयरवेल टेस्ट खेलना चाहते थे, लेकिन सुरक्षा चिंताओं और गिरफ्तारी के डर के कारण उन्होंने जोखिम नहीं लिया।

    साथ ही शाकिब ने कहा कि वे फिट रहकर चयन के लिए उपलब्ध रहना चाहते हैं और घरेलू दर्शकों के सामने ही अपने करियर को सम्मानजनक रूप से समाप्त करना चाहते हैं।

    शाकिब का करियर: शानदार ऑलराउंड रिकॉर्ड

    38 वर्षीय शाकिब अल हसन ने बांग्लादेश के लिए बेहतरीन प्रदर्शन किया है:

    टेस्ट: 71 मैच, 4609 रन (औसत 37.78), 246 विकेट

    वनडे: 247 मैच, 7570 रन, 317 विकेट

    टी20 इंटरनेशनल: 129 मैच, 2551 रन, 149 विकेट

    आईपीएल: 71 मैच, 793 रन, 63 विकेट

    उनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी की क्षमताओं ने उन्हें बांग्लादेश के सबसे बड़े ऑलराउंडरों में शामिल किया है।

    शाकिब की यह वापसी और अंतिम सीरीज की योजना क्रिकेट प्रशंसकों के लिए खासा रोमांचक बन सकती है, लेकिन सुरक्षा और राजनीतिक परिस्थितियों के कारण उनके देश लौटने में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।