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  • टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली टीम पाकिस्तान, भारत 300 मुकाबलों के साथ दूसरे स्थान पर पहुंचा

    टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली टीम पाकिस्तान, भारत 300 मुकाबलों के साथ दूसरे स्थान पर पहुंचा

    नई दिल्ली ।टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में मैदान पर उतरते ही भारतीय टीम ने इस प्रारूप में अपने 300 मैच पूरे कर लिए। इसके साथ ही भारत, पाकिस्तान के बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 300 या उससे अधिक मुकाबले खेलने वाली दुनिया की दूसरी टीम बन गया। हालांकि, सर्वाधिक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के मामले में पाकिस्तान अब भी शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। भारत ने तीन बार टी20 विश्व कप का खिताब जीता है, लेकिन मैचों की संख्या के लिहाज से वह पाकिस्तान से पीछे है।

    क्राइस्टचर्च के हेग्ले ओवल मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला गया दूसरा टी20 मुकाबला भारतीय टीम के लिए इस लिहाज से खास रहा। इस मैच के साथ भारत ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 300 मुकाबले खेलने का आंकड़ा छुआ। पिछले वर्षों में द्विपक्षीय सीरीज, टी20 विश्व कप और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के कारण इस प्रारूप में भारत के मैचों की संख्या लगातार बढ़ी है। टी20 क्रिकेट की लोकप्रियता बढ़ने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय टीमें भी इस प्रारूप में अधिक मुकाबले खेल रही हैं।

    उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान ने अब तक 304 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं और वह इस सूची में पहले स्थान पर है। भारत 300 मुकाबलों के साथ दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। न्यूजीलैंड 269 मैचों के साथ तीसरे स्थान पर है। इसके बाद वेस्टइंडीज का नंबर आता है, जिसने 260 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। श्रीलंका 243 मैचों के साथ इस सूची में पांचवें स्थान पर है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एशियाई टीमों के साथ-साथ अन्य प्रमुख क्रिकेट देशों की भी लंबी भागीदारी रही है।

    मैचों की कुल संख्या के अलावा भारत का जीत का रिकॉर्ड भी उल्लेखनीय है। 300 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारतीय टीम ने 200 मैच जीते हैं। उसे 83 मैचों में हार का सामना करना पड़ा, जबकि सात मुकाबले टाई रहे और 10 मैचों का कोई परिणाम नहीं निकल सका। इस तरह भारत ने इस प्रारूप में जीत का दोहरा शतक पूरा कर लिया है। टीम के प्रदर्शन में बल्लेबाजी और गेंदबाजी के योगदान के साथ लंबे समय तक निरंतरता बनाए रखना भी अहम रहा है।

    दूसरी ओर, पाकिस्तान ने अपने 304 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में से 176 में जीत दर्ज की है। उसे 116 मुकाबलों में हार मिली, जबकि चार मैच टाई रहे और आठ मुकाबलों का कोई नतीजा नहीं निकला। भारत और पाकिस्तान के आंकड़ों की तुलना करने पर जीत की संख्या में भारतीय टीम आगे दिखाई देती है। भारत ने पाकिस्तान से चार मैच कम खेले हैं, लेकिन उसकी जीत की संख्या 200 है, जबकि पाकिस्तान की जीत 176 है।

    टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के विस्तार में द्विपक्षीय सीरीज और आईसीसी टूर्नामेंट की अहम भूमिका रही है। इस प्रारूप में कम समय में परिणाम मिलने के कारण दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ी है। भारत ने भी लगातार अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में हिस्सा लेकर अपने मैचों की संख्या 300 तक पहुंचाई है। टी20 विश्व कप में टीम की सफलता ने इस प्रारूप में भारतीय क्रिकेट की पहचान को और मजबूत किया है।

    भारत का 300 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों तक पहुंचना उसके क्रिकेट कार्यक्रम में इस प्रारूप की अहमियत को दर्शाता है। पाकिस्तान फिलहाल सर्वाधिक मुकाबले खेलने वाली टीम है, लेकिन भारत ने जीत की संख्या के मामले में मजबूत रिकॉर्ड बनाया है। आने वाले समय में दोनों टीमों के मैचों की संख्या में बदलाव हो सकता है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर में टी20 मुकाबले लगातार खेले जा रहे हैं।

  • धोनी के IPL करियर पर सस्पेंस बरकरार, CSK के दिग्गज ने बताया कब लेंगे आखिरी फैसला; फिटनेस बनेगी सबसे बड़ा पैमाना

    धोनी के IPL करियर पर सस्पेंस बरकरार, CSK के दिग्गज ने बताया कब लेंगे आखिरी फैसला; फिटनेस बनेगी सबसे बड़ा पैमाना


    नई दिल्ली । आईपीएल 2027 में महेंद्र सिंह धोनी खेलते नजर आएंगे या क्रिकेट को अलविदा कह देंगे इस सवाल का जवाब जानने के लिए प्रशंसकों को अभी इंतजार करना पड़ सकता है। चेन्नई सुपर किंग्स के दिग्गज खिलाड़ी धोनी ने अपने भविष्य को लेकर अहम संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा है कि अगले सीजन में खेलने का फैसला लेने से पहले वह अपनी फिटनेस का आकलन करेंगे। इस संबंध में दिसंबर से पहले फैसला लिए जाने की संभावना है। हालांकि धोनी ने आईपीएल 2027 में खेलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और न ही संन्यास को लेकर कोई अंतिम घोषणा की है।

    बंगलूरू में आयोजित एक हेल्थकेयर कार्यक्रम के दौरान धोनी से पूछा गया कि क्या वह आईपीएल का एक और सीजन खेलना चाहेंगे। इस सवाल पर उन्होंने अपने चिर परिचित मजाकिया अंदाज में जवाब दिया। धोनी ने कहा कि उन्हें पहले डॉक्टर से फिटनेस टेस्ट कराना होगा। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि वह एक और सीजन खेलने के लिए कितने मजबूत हैं। उन्होंने हंसते हुए यह भी कहा कि अगर वह खेलने की स्थिति में नहीं हुए तो डॉक्टरों को उनकी सेहत का ध्यान रखना होगा ताकि यह पुरानी गाड़ी सड़क पर चलती रहे। उनके इस बयान से साफ है कि अगले सीजन में खेलने का फैसला उनकी शारीरिक स्थिति पर निर्भर करेगा।

    धोनी आईपीएल 2026 में फिटनेस संबंधी परेशानियों खासकर पिंडली की समस्या के कारण पूरे सीजन से बाहर रहे थे। उनकी गैरमौजूदगी चेन्नई सुपर किंग्स के समर्थकों के लिए बड़ा झटका रही। अब प्रशंसकों की निगाहें उनकी फिटनेस और संभावित वापसी पर टिकी हैं। धोनी लंबे समय से आईपीएल के सबसे चर्चित खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं और चेन्नई की टीम के साथ उनका खास जुड़ाव रहा है। ऐसे में उनके भविष्य से जुड़ा हर बयान क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन जाता है।

    चेन्नई सुपर किंग्स के पिछले दो सीजन भी उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहे। टीम ने धोनी की कप्तानी में 2023 में आखिरी बार आईपीएल खिताब जीता था। इसके बाद ऋतुराज गायकवाड़ के नेतृत्व में टीम ने 2024 से आगे का सफर तय किया लेकिन उसे वैसी सफलता नहीं मिली जिसकी उम्मीद की जा रही थी। चेन्नई सुपर किंग्स 2025 में अंक तालिका में सबसे निचले स्थान पर रही जबकि 2026 में टीम आठवें स्थान पर रही। लगातार निराशाजनक प्रदर्शन के बाद टीम के भविष्य और धोनी की संभावित भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

    धोनी ने चेन्नई के हालिया प्रदर्शन पर बात करते हुए माना कि पिछले दो वर्षों में टीम का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। वहीं उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खेल की तारीफ भी की। धोनी के मुताबिक किसी टीम का कागजों पर मजबूत दिखाई देना उतना महत्वपूर्ण नहीं है जितना मैदान पर सही समय पर अच्छा प्रदर्शन करना। टी20 क्रिकेट में शीर्ष टीमों के बीच अंतर बहुत कम होता है और किसी एक मुकाबले का प्रदर्शन नतीजे को बदल सकता है। उन्होंने कहा कि आरसीबी ने शानदार क्रिकेट खेली है और उसकी उपलब्धियों को स्वीकार करने में कोई हिचक नहीं होनी चाहिए।

    धोनी ने यह भी कहा कि खेल में अच्छा और खराब समय आता रहता है। जब कोई टीम उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाती तो उसे अपनी कमजोरियों को पहचानकर उन पर काम करना चाहिए। उन्होंने बंगलूरू के क्रिकेट मैदान की भी तारीफ की। उनके अनुसार यहां बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने का अच्छा मौका मिलता है क्योंकि गेंद आसानी से बाउंड्री पार कर सकती है। कई बार शॉट पूरी तरह सही नहीं लगने के बावजूद गेंद छक्के के लिए चली जाती है। हालांकि ऐसा मैदान गेंदबाजों के लिए चुनौती भी पैदा करता है। फिलहाल धोनी के आईपीएल भविष्य पर अंतिम फैसला उनकी फिटनेस के आकलन के बाद ही सामने आएगा और प्रशंसकों को दिसंबर से पहले उनके अगले कदम का इंतजार रहेगा।

  • अमित मिश्रा का दावा, विराट कोहली ने वापसी का भरोसा देने के बाद फोन उठाना किया बंद, आईपीएल मुलाकात में भी नहीं मिला जवाब

    अमित मिश्रा का दावा, विराट कोहली ने वापसी का भरोसा देने के बाद फोन उठाना किया बंद, आईपीएल मुलाकात में भी नहीं मिला जवाब

    नई दिल्ली ।भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने विराट कोहली के साथ अपने संवाद और टीम में वापसी की उम्मीदों को लेकर कुछ अहम बातें साझा की हैं। मिश्रा के मुताबिक, गंभीर चोट से उबरने के बाद उन्हें भारतीय टीम में दोबारा जगह मिलने की उम्मीद थी। उस दौरान विराट कोहली ने उन्हें फिटनेस हासिल करने के बाद वापसी का भरोसा दिया था, लेकिन बाद में उनसे संपर्क करना मुश्किल हो गया। मिश्रा ने बताया कि उनके फोन कॉल और संदेशों का जवाब नहीं मिलने से वह निराश हुए और आखिरकार उन्हें क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला करना पड़ा।

    मिश्रा ने यह अनुभव आकाश चोपड़ा के पॉडकास्ट पर बातचीत के दौरान साझा किया। उन्होंने बताया कि साल 2017 में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के दौरान उनके पैर में गंभीर चोट लगी थी। इस चोट के कारण उन्हें लंबे समय तक मैदान से दूर रहना पड़ा। चोट से उबरने और दोबारा प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में लौटने के दौरान उनके सामने फिटनेस हासिल करने के साथ भारतीय टीम में जगह बनाने की चुनौती भी थी।

    मिश्रा के अनुसार, उस समय भारतीय टीम के कोच अनिल कुंबले थे। उन्होंने चोट से जूझ रहे स्पिनर का हौसला बढ़ाया था और कहा था कि पूरी तरह फिट होने के बाद उनकी वापसी हो सकती है। इस आश्वासन से मिश्रा को फिर से भारतीय टीम का हिस्सा बनने की उम्मीद मिली। बाद में विराट कोहली के कप्तान बनने पर उन्होंने उनसे भी अपनी वापसी को लेकर संपर्क किया।

    मिश्रा का कहना है कि कोहली ने उन्हें आश्वस्त किया था कि फिट होने के बाद टीम में उनकी जगह को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। इस बातचीत के बाद उन्हें उम्मीद थी कि मेहनत और प्रदर्शन के आधार पर वह दोबारा राष्ट्रीय टीम में जगह बना सकेंगे। अपनी फिटनेस और खेल को साबित करने के लिए उन्होंने घरेलू क्रिकेट के साथ-साथ इंडियन प्रीमियर लीग में भी प्रदर्शन जारी रखा।

    हालांकि, मिश्रा के मुताबिक, वापसी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो रही थी। इसी सिलसिले में उन्होंने आईपीएल के दौरान विराट कोहली से आमने-सामने बातचीत करने की कोशिश की। यह मुलाकात दिल्ली कैपिटल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच मुकाबले के दौरान हुई थी। मिश्रा ने कोहली से अपने क्रिकेट भविष्य और भारतीय टीम में दोबारा मौका मिलने की संभावना पर स्पष्ट जवाब मांगा।

    मिश्रा के अनुसार, इस मुलाकात के दौरान कोहली ने उन्हें एक सप्ताह से दस दिन के भीतर स्थिति स्पष्ट करने की बात कही थी। उन्हें उम्मीद थी कि तय समय में इस विषय पर बातचीत आगे बढ़ेगी और उन्हें अपने भविष्य को लेकर स्पष्टता मिलेगी। लेकिन मिश्रा का दावा है कि इसके बाद उन्हें कोहली की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने यह भी कहा कि कोहली ने उनके फोन कॉल उठाने बंद कर दिए थे।

    मिश्रा के लिए यह स्थिति इसलिए भी मुश्किल थी, क्योंकि वह चोट से उबरने के बाद लगातार क्रिकेट खेलकर अपनी फिटनेस और क्षमता साबित करने की कोशिश कर रहे थे। उनके मुताबिक, वापसी की उम्मीद मिलने के बावजूद संवाद नहीं होने से उन्हें निराशा हुई। इसी अनुभव को उन्होंने अपने क्रिकेट करियर के कठिन दौर से जोड़कर बताया।

    अमित मिश्रा के इस बयान ने विराट कोहली के साथ उनके संबंधों और भारतीय टीम में वापसी की कोशिशों को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। हालांकि, सामने आई जानकारी में यह पक्ष अमित मिश्रा के बयान पर आधारित है। कोहली की ओर से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया दिए जाने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

  • तिलक वर्मा और नीतीश रेड्डी ने पलटा हारा हुआ मैच, पाकिस्तानी दिग्गज बासित अली ने भारतीय टीम की जमकर तारीफ की

    तिलक वर्मा और नीतीश रेड्डी ने पलटा हारा हुआ मैच, पाकिस्तानी दिग्गज बासित अली ने भारतीय टीम की जमकर तारीफ की

    नई दिल्ली ।भारत और न्यूजीलैंड के बीच क्राइस्टचर्च में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में भारतीय टीम ने मुश्किल परिस्थितियों से उबरते हुए जीत हासिल की। भारतीय बल्लेबाज तिलक वर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी ने अहम योगदान देकर मुकाबले का रुख बदल दिया। इस प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने भारतीय खिलाड़ियों की तारीफ की। उन्होंने तिलक वर्मा को जीत का असली हीरो बताते हुए कहा कि उनकी सूझबूझ भरी बल्लेबाजी ने भारत को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला।

    मैच के दौरान भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। एक समय 70 रन के स्कोर पर पांच विकेट गिर चुके थे और टीम मुश्किल में दिखाई दे रही थी। ऐसे हालात में तिलक वर्मा ने जिम्मेदारी संभाली और पारी को आगे बढ़ाया। उनके साथ नीतीश कुमार रेड्डी ने भी अहम भूमिका निभाई। दोनों बल्लेबाजों ने दबाव के बीच रन जुटाकर भारतीय टीम की जीत की उम्मीदों को बनाए रखा और अंततः मुकाबले का पासा पलट दिया।

    बासित अली ने मैच के विश्लेषण के दौरान तिलक की बल्लेबाजी की रणनीति की विशेष रूप से सराहना की। उनके मुताबिक, तिलक ने परिस्थितियों को समझते हुए गैरजरूरी जोखिम लेने से परहेज किया। उन्होंने बड़ी बाउंड्री की दिशा में हवा में शॉट खेलने के बजाय सिंगल और डबल लेकर स्कोर आगे बढ़ाने पर ध्यान दिया। साथ ही, उन्होंने छोटी बाउंड्री का भी समझदारी से इस्तेमाल किया। बासित के अनुसार, तिलक की इसी रणनीति ने भारतीय पारी को संभालने और टीम को जीत तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

    उन्होंने भारतीय टीम के युवा खिलाड़ियों की भूमिका को भी सराहा। नमन धीर और नीतीश कुमार रेड्डी ने निचले क्रम में आकर उपयोगी और तेज रन बनाए। इन खिलाड़ियों के योगदान से भारतीय टीम उस मुकाबले में वापसी करने में सफल रही, जहां शुरुआती विकेट गिरने के बाद स्थिति उसके पक्ष में नहीं दिख रही थी। बासित अली ने कहा कि भारतीय टीम के युवा खिलाड़ियों ने अपनी क्षमता साबित की है। उनके प्रदर्शन से टीम की बेंच स्ट्रेंथ का भी पता चलता है।

    भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर के वैभव सूर्यवंशी को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजने के फैसले की भी बासित अली ने सराहना की। हालांकि, उन्होंने यह संभावना भी जताई कि ईशान किशन के फिट होकर उपलब्ध होने पर टीम के प्लेइंग इलेवन का समीकरण बदल सकता है। इससे आने वाले मुकाबलों में खिलाड़ियों के चयन को लेकर नए विकल्प सामने आ सकते हैं।

    दूसरी ओर, न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सेंटनर की रणनीति पर भी बासित अली ने सवाल उठाए। सेंटनर ने गेंदबाजी करते हुए चार विकेट हासिल किए, लेकिन बासित के मुताबिक, कप्तानी के स्तर पर कुछ फैसले न्यूजीलैंड के पक्ष में परिणाम सुनिश्चित नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड के पास मुकाबले में जीत हासिल करने का मौका था, लेकिन रणनीतिक चूक के कारण टीम इसे भुना नहीं पाई।

    बासित अली ने सीमित ओवरों के क्रिकेट की अनिश्चितता का जिक्र करते हुए कहा कि आखिरी गेंद फेंके जाने तक मुकाबले का परिणाम तय नहीं माना जा सकता। भारतीय टीम के युवा बल्लेबाजों ने दबाव में प्रदर्शन करके इस बात को फिर साबित किया। तिलक वर्मा की संयमित बल्लेबाजी और नीतीश कुमार रेड्डी समेत अन्य खिलाड़ियों के योगदान ने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई।

  • एशिया कप राइजिंग स्टार्स 2026 में फिर होगी Ind vs Pak की भिड़ंत… टूर्नामेंट का शेड्यूल जारी

    एशिया कप राइजिंग स्टार्स 2026 में फिर होगी Ind vs Pak की भिड़ंत… टूर्नामेंट का शेड्यूल जारी


    नई दिल्ली।
    मेन्स एशिया कप राइजिंग स्टार्स 2026 (Men’s Asia Cup Rising Stars 2026) में भारत और पाकिस्तान (India vs Pakistan) के बीच रोमांचक भिडंत देखने को मिलेगी. एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) ने दोहा में होने वाले टूर्नामेंट का शेड्यूल जारी कर दिया है. इंडिया-ए और पाकिस्तान-ए को एक ही ग्रुप में रखा गया है।

    इंडिया-ए अपने अभियान की शुरुआत 20 नवंबर को नेपाल के खिलाफ करेगा. इसके बाद 22 नवंबर को वेस्ट एंड पार्क इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में इंडिया-ए की भिड़ंत पाकिस्तान-ए से होगी. जबकि इंडिया-ए ग्रुप स्टेज का आखिरी मुकाबला 24 नवंबर को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के खिलाफ खेलेगा।

    टूर्नामेंट में कुल आठ टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है. ग्रुप ए में श्रीलंका-ए, बांग्लादेश-ए, अफगानिस्तान-ए और हॉन्ग कॉन्ग शामिल हैं. वहीं, ग्रुप बी में इंडिया-ए, पाकिस्तान-ए, नेपाल और यूएई को जगह मिली है. हर टीम अपने ग्रुप की बाकी तीन टीमों से एक-एक मैच खेलेगी. दोनों ग्रुप की शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी. सेमीफाइनल 26 और 27 नवंबर को खेले जाएंगे, जबकि फाइनल 29 नवंबर को होगा।

    टूर्नामेंट के अधिकतर मैच वेस्ट एंड पार्क इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे. फाइनल भी इसी मैदान पर आयोजित होगा. वहीं, कुछ मुकाबले यूनिवर्सिटी ऑफ दोहा फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (UDST) क्रिकेट ग्राउंड पर होंगे. टूर्नामेंट का उद्घाटन मुकाबला 19 नवंबर को इसी मैदान पर खेला जाएगा।


    पिछले सीजन वैभव भी खेले थे

    2025 के एशिया कप राइजिंग स्टार्स में इंडिया-ए की कप्तानी जितेश शर्मा ने की थी. तब वैभव सूर्यवंशी भी टीम का हिस्सा थे. इंडिया-ए ने यूएई को 148 रनों से हराकर शानदार शुरुआत की, लेकिन अगले मैच में पाकिस्तान-ए के खिलाफ आठ विकेट से हार गया. इसके बाद इंडिया-ए ने ओमान को छह विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई. वहां बांग्लादेश-ए के खिलाफ मुकाबला टाई रहा और नतीजा सुपर ओवर से निकला, जिसमें भारत को हार का सामना करना पड़ा।

    उधर पाकिस्तान-ए ने सेमीफाइनल में श्रीलंका-ए को 5 रनों से हराया था. फिर पाकिस्तान-ए ने फाइनल में सुपर ओवर के जरिए बांग्लादेश-ए को हराकर खिताब अपने नाम किया था. अब 2026 के संस्करण में इंडिया-ए के पास पिछले टूर्नामेंट की निराशा पीछे छोड़ने और पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में दम दिखाने का मौका होगा।

  • रग्बी मैच में कर्टिस ग्रेगरी ने विरोधी खिलाड़ी की टांग पर मारी लात, रेड कार्ड मिलने के बाद आजीवन बैन की मांग

    रग्बी मैच में कर्टिस ग्रेगरी ने विरोधी खिलाड़ी की टांग पर मारी लात, रेड कार्ड मिलने के बाद आजीवन बैन की मांग

    नई दिल्ली । वेल्स में खेले गए सुपर रग्बी सिमरू मुकाबले के दौरान एब्बू वेले के खिलाड़ी कर्टिस ग्रेगरी की एक हरकत विवाद का कारण बन गई। लैंडोवरी के खिलाफ मैच में उन्होंने रक के दौरान विरोधी टीम के खिलाड़ी की टांग पर पैर से हमला कर दिया। घटना के बाद रेफरी ने उन्हें सीधे रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर कर दिया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद रग्बी प्रशंसकों ने ग्रेगरी के व्यवहार की आलोचना की और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। कुछ प्रशंसकों ने तो उन्हें खेल से आजीवन प्रतिबंधित करने की मांग भी की है।

    यह घटना शुक्रवार को लैंडोवरी और एब्बू वेले के बीच खेले गए मुकाबले के 36वें मिनट में हुई। उस समय दोनों टीमों के खिलाड़ी गेंद पर कब्जा हासिल करने के लिए रक की स्थिति में थे। रग्बी में रक तब बनता है, जब गेंद जमीन पर होती है और दोनों टीमों के खिलाड़ी उस पर नियंत्रण पाने के लिए एक-दूसरे के सामने जोर लगाते हैं। इसी दौरान लैंडोवरी के एक खिलाड़ी की टांग बाहर की ओर थी। ग्रेगरी ने उसकी टांग पर पैर से हमला कर दिया। मैदान पर मौजूद लोगों के लिए यह घटना चौंकाने वाली थी।

    36वें मिनट में दिखाया गया रेड कार्ड

    रेफरी ने घटना को गंभीर मानते हुए कर्टिस ग्रेगरी को सीधे रेड कार्ड दिखाया। रेड कार्ड मिलने का अर्थ है कि खिलाड़ी को मैच से बाहर जाना पड़ता है। इस कार्रवाई के बाद मुकाबले में उनकी भागीदारी समाप्त हो गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जिस खिलाड़ी की टांग को निशाना बनाया गया था, उसे इस घटना में चोट नहीं आई। हालांकि, इस तरह के व्यवहार को लेकर खेल प्रशंसकों के बीच नाराजगी देखने को मिली।

    घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। कई प्रशंसकों ने इस हरकत को खतरनाक बताते हुए कहा कि इससे विरोधी खिलाड़ी को गंभीर चोट लग सकती थी। कुछ लोगों ने आशंका जताई कि यदि पैर गलत तरीके से लगता, तो खिलाड़ी के घुटने या टांग को बड़ा नुकसान पहुंच सकता था।

    प्रशंसकों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

    इस घटना को लेकर कई प्रशंसकों ने ग्रेगरी पर लंबे समय तक प्रतिबंध लगाने की मांग की। कुछ प्रतिक्रियाओं में कहा गया कि ऐसी हरकत करने वाले खिलाड़ी को दोबारा मैदान पर उतरने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। अन्य लोगों ने इसे खेल भावना के खिलाफ बताते हुए नाराजगी जताई। प्रशंसकों की मांगों में आजीवन प्रतिबंध की बात भी शामिल रही।

    हालांकि, किसी खिलाड़ी पर प्रतिबंध लगाने का फैसला संबंधित खेल अधिकारियों और अनुशासनात्मक प्रक्रिया के तहत किया जाता है। उपलब्ध जानकारी में ग्रेगरी के खिलाफ आजीवन प्रतिबंध लगाए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए प्रशंसकों की मांग को आधिकारिक निर्णय नहीं माना जा सकता।

    खेल भावना और अनुशासन पर फिर चर्चा

    रग्बी जैसे शारीरिक संपर्क वाले खेल में खिलाड़ियों के बीच गेंद हासिल करने के दौरान जोरदार टक्कर और संघर्ष देखने को मिलता है। इसके बावजूद मैदान पर खिलाड़ियों से नियमों का पालन करने और विरोधियों की सुरक्षा का ध्यान रखने की अपेक्षा की जाती है। कर्टिस ग्रेगरी की इस घटना ने खेल में अनुशासन और अनुचित शारीरिक व्यवहार को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

    फिलहाल इस मामले में सामने आई प्रमुख कार्रवाई रेड कार्ड के रूप में है। प्रशंसकों की ओर से अतिरिक्त सजा की मांग जरूर उठी है, लेकिन आगे किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई या प्रतिबंध के बारे में पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।

  • एशियन पैरा गेम्स में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन, 114 पदक जीतकर तोड़ा अपना पुराना रिकॉर्ड, खाते में आए 30 गोल्ड

    एशियन पैरा गेम्स में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन, 114 पदक जीतकर तोड़ा अपना पुराना रिकॉर्ड, खाते में आए 30 गोल्ड


    नई दिल्ली ।
    एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नया इतिहास रच दिया है। भारतीय दल ने प्रतियोगिता में कुल 114 पदक जीतकर अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। इन पदकों में 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य शामिल हैं। इसके साथ ही भारत ने 2023 में हांगझोऊ में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में जीते गए 108 पदकों के अपने पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। प्रतियोगिता के अंतिम दिन शुक्रवार को भारतीय खिलाड़ियों ने नौ स्वर्ण पदक अपने नाम किए और देश के कुल पदकों की संख्या को नई ऊंचाई तक पहुंचा दिया।

    इस बार भारत ने 168 खिलाड़ियों का दल प्रतियोगिता में उतारा था, जो 2023 में भेजे गए दल के आकार का लगभग आधा था। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने पिछले प्रदर्शन से बेहतर परिणाम हासिल किए। प्रतियोगिता के दौरान एथलेटिक्स, बैडमिंटन, तीरंदाजी और निशानेबाजी में खिलाड़ियों ने पदक जीतकर भारत की स्थिति मजबूत की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर था। शनिवार को कुछ अन्य स्पर्धाओं के फाइनल होने थे, जिनमें भारतीय खिलाड़ियों की भागीदारी नहीं थी। ऐसे में अंतिम पदक तालिका में स्थान बदलने की संभावना बनी हुई थी।

    एथलेटिक्स में भारत को मिले सबसे ज्यादा पदक

    भारतीय दल की कुल पदक संख्या बढ़ाने में एथलेटिक्स की सबसे बड़ी भूमिका रही। इस खेल में भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 65 पदक जीते, जो 2023 के एशियन पैरा गेम्स की तुलना में 12 अधिक थे। एथलेटिक्स में मिले इन पदकों ने भारत के अभियान को मजबूती दी। इसके अलावा बैडमिंटन खिलाड़ियों और निशानेबाज मोना अग्रवाल ने भी अपने प्रदर्शन से पदक तालिका में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

    बैडमिंटन में नितेश और नवीन ने जीते स्वर्ण
    बैडमिंटन में भारतीय खिलाड़ियों ने तीन स्वर्ण पदक हासिल किए। पेरिस पैरालंपिक चैंपियन नितेश कुमार ने पुरुष एकल एसएल3 वर्ग के फाइनल में हमवतन प्रमोद भगत को हराकर स्वर्ण पदक जीता। नितेश ने यह मुकाबला 21-18, 21-16 से अपने नाम किया। प्रमोद भगत टोक्यो पैरालंपिक के स्वर्ण पदक विजेता हैं। नितेश ने मिश्रित युगल एसएल3-एसयू5 वर्ग में थुलासिमथी मुरुगेसन के साथ मिलकर रजत पदक भी जीता।

    पहली बार एशियन पैरा गेम्स में हिस्सा ले रहे नवीन शिवकुमार ने पुरुष एकल एसएल4 वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। फाइनल में उन्होंने इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान को 21-9, 21-17 से हराया। नवीन का यह प्रदर्शन भारतीय बैडमिंटन दल के लिए एक बड़ी उपलब्धि रहा।

    थुलासिमथी मुरुगेसन ने जीते तीन पदक

    24 वर्षीय थुलासिमथी मुरुगेसन ने प्रतियोगिता में प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण और दो रजत पदक हासिल किए। महिला युगल एसएल3-एसयू5 वर्ग में उन्होंने मानसी जोशी के साथ मिलकर स्वर्ण पदक जीता। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में चीन की यांग क्यूशिया और शियाओ जूजियान को 21-16, 21-13 से पराजित किया।

    थुलासिमथी ने महिला एकल एसयू5 वर्ग में रजत पदक भी जीता। फाइनल में उन्हें चीन की यांग क्यूशिया के खिलाफ 18-21, 11-21 से हार का सामना करना पड़ा। मिश्रित युगल में नितेश कुमार के साथ जीते रजत पदक के साथ उनका अभियान तीन पदकों पर समाप्त हुआ।

    भारतीय खिलाड़ियों के इस सामूहिक प्रदर्शन ने एशियन पैरा गेम्स में देश के लिए नया मानक स्थापित किया। 114 पदकों की उपलब्धि ने 2023 के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए भारत के पैरा खेलों में बढ़ते प्रदर्शन को रेखांकित किया।

  • 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने दिग्गज बल्लेबाजों को पछाड़ा! टी20 में 200 के पार स्ट्राइक रेट, टॉप-5 में चार भारतीयों का दबदबा

    15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने दिग्गज बल्लेबाजों को पछाड़ा! टी20 में 200 के पार स्ट्राइक रेट, टॉप-5 में चार भारतीयों का दबदबा


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने अपने तूफानी बल्लेबाजी अंदाज से टी20 क्रिकेट में अलग पहचान बना ली है। महज 15 साल की उम्र में इस बल्लेबाज ने ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम किया है जिसने बड़े-बड़े बल्लेबाजों को पीछे छोड़ दिया है। टी20 क्रिकेट में कम से कम 1000 रन बनाने वाले बल्लेबाजों के स्ट्राइक रेट की सूची में वैभव सूर्यवंशी पहले स्थान पर हैं। उनके नाम 214.83 का शानदार स्ट्राइक रेट दर्ज है। इस सूची में भारतीय टीम के विस्फोटक बल्लेबाज अभिषेक शर्मा भी शामिल हैं जो 178.32 के स्ट्राइक रेट के साथ चौथे पायदान पर हैं। खास बात यह है कि शीर्ष पांच बल्लेबाजों में चार भारतीय खिलाड़ी मौजूद हैं। यह आंकड़ा भारतीय क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।

    वैभव सूर्यवंशी ने अब तक इंटरनेशनल आईपीएल और घरेलू टी20 क्रिकेट को मिलाकर 42 पारियों में 1723 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 42.02 और स्ट्राइक रेट 214.83 रहा है। उनका बाउंड्री प्रतिशत भी 36.15 बताया गया है। इतनी कम उम्र में इतने आक्रामक अंदाज से रन बनाना उनकी बल्लेबाजी क्षमता को दिखाता है। वैभव मैदान पर उतरते ही तेजी से रन बनाने की कोशिश करते हैं और बड़े शॉट खेलने से नहीं हिचकते। यही वजह है कि वह टी20 क्रिकेट के सबसे खतरनाक युवा बल्लेबाजों में गिने जाने लगे हैं। हालांकि उनके करियर में अभी तक पारियों की संख्या अपेक्षाकृत कम है और आगे लगातार बेहतर प्रदर्शन करना उनके लिए अहम होगा।

    इस सूची में ऑस्ट्रेलिया के विस्फोटक बल्लेबाज मिच ओवन दूसरे स्थान पर हैं। उन्होंने 86 टी20 पारियों में 1813 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 181.30 और औसत 22.66 है। ओवन ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से कई मौकों पर टीम को तेज शुरुआत दिलाई है लेकिन स्ट्राइक रेट के मामले में वह वैभव से काफी पीछे हैं। तीसरे स्थान पर भारतीय बल्लेबाज उर्विल पटेल हैं जिनका स्ट्राइक रेट 180.69 है। उन्होंने 64 पारियों में 1554 रन बनाए हैं और उनका औसत 25.90 रहा है। इस तरह सूची के शुरुआती तीन स्थानों में दो भारतीय बल्लेबाजों की मौजूदगी भारत की टी20 प्रतिभा को सामने लाती है।

    भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा इस सूची में चौथे स्थान पर हैं। उन्होंने 215 पारियों में 6466 रन बनाए हैं। उनका बल्लेबाजी औसत 32.65 और स्ट्राइक रेट 178.32 है। अभिषेक अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाते हैं और पावरप्ले के दौरान तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। पांचवें स्थान पर भारतीय बल्लेबाज प्रियांश आर्या हैं जिनका स्ट्राइक रेट 176.78 है। उन्होंने 59 पारियों में 1683 रन बनाए हैं और उनका औसत 29.01 है।

    अब सबकी नजर भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले दूसरे टी20 मुकाबले पर है। ईशान किशन के चोटिल होने के कारण टीम संयोजन में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में मौका मिलने की चर्चा तेज हो गई है। यदि उन्हें खेलने का अवसर मिलता है तो उनके पास अपनी प्रतिभा दिखाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव छोड़ने का मौका होगा। हालांकि अंतिम एकादश में उनका चयन टीम प्रबंधन के फैसले पर निर्भर करेगा। वैभव के रिकॉर्ड ने उम्मीदें जरूर बढ़ा दी हैं लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में निरंतरता बनाए रखना उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी।

  • Ind vs NZ: दूसरा टी-20 आज….ईशान किशन हुए बाहर तो क्या वैभव सूर्यवंशी को मिलेगा मौका?

    Ind vs NZ: दूसरा टी-20 आज….ईशान किशन हुए बाहर तो क्या वैभव सूर्यवंशी को मिलेगा मौका?


    क्राइस्टचर्च।
    भारतीय टीम (Indian Team) ने न्यूजीलैंड (Zealand) के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले (India vs New Zealand) में 4 विकेट से जीत दर्ज कर सीरीज में बढ़त बना ली है. वहीं रोमांचक अंदाज में मैच भी जीत लिया. लेकिन इस जीत के बाद टीम इंड‍िया की जीत के बाद भी कई सवाल उठ रहे हैं. गेंदबाजी तो इसके केंद्र में है ही, सवाल ‘बेबी बॉस’ वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) की एंट्री को लेकर भी है. क्योंकि ईशान किशन (Ishan Kishan) इंजरी (दाह‍िने जांघ की मांसपेशी में ख‍िंचाव) की वजह से क्राइस्टचर्च में ही होने वाले दूसरे टी20 मुकाबले से बाहर हो गए हैं।

    आज (24 अक्टूबर) को एक बार फ‍िर क्राइस्टचर्च में टीम इंड‍िया के सामने कुछ सवाल होंगे और कुछ सुधार भी जरूरी रहेंगे। क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में गुरुवार को 226 रन के टारगेट का पीछा करते हुए टीम इंडिया एक समय मुश्किल में फंस गई थी. संजू सैमसन, श्रेयस अय्यर और नमन धीर की पारियों ने भारत को जीत दिलाई, लेकिन मुकाबले में कुछ ऐसी कमियां भी सामने आईं, जिन पर टीम को ध्यान देना होगा।

    भारत ने 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में खेले गए मुकाबले में न्यूजीलैंड के 225/4 के जवाब में 230/6 रन बनाकर जीत हासिल की. वेस्टइंडीज के खिलाफ हाई स्कोरिंग सीरीज के पांच दिन बाद भारतीय टीम एक बार फिर बड़े स्कोर वाले मुकाबले में उतरी. जीत के बावजूद फील्डिंग और गेंदबाजी के कुछ पहलुओं में सुधार की जरूरत दिखाई दी.


    1. फील्डिंग में सुधार जरूरी

    प‍िछले मैच में भारतीय फील्डर से कैच छूटा, म‍िसफील्ड‍िंंग हुई… न्यूजीलैंड की पारी के 11वें ओवर में मयंक यादव की गेंद पर डेरिल मिचेल ने लॉन्ग ऑन की तरफ सीधा शॉट खेला. वहां तैनात अभिषेक शर्मा के पास कैच लेने का अच्छा मौका था, लेकिन वह इसे पकड़ नहीं सके. मिचेल को जीवनदान मिला और भारत के खाते में एक अहम विकेट जुड़ने से रह गया. म‍िचेल ने मैच में 10 गेंदों पर 28 रन बनाए।

    टी20 क्रिकेट में एक कैच मैच का रुख बदल सकता है. ऐसे में भारतीय टीम को फील्डिंग में अपनी चुस्ती और कैच पकड़ने की क्षमता पर काम करना होगा.


    2. शुरुआती ओवरों में लगाम लगानी होगी

    भारतीय गेंदबाजी में शुरुआती ओवर भी चिंता का विषय रहे. नई गेंद से विकेट निकालने और विपक्षी टीम के रनरेट पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी संभालने वाले अर्शदीप को शुरुआत में रन रोकने होंगे. न्यूजीलैंड जैसी आक्रामक बल्लेबाजी वाली टीम के खिलाफ शुरुआती ओवरों में ज्यादा रन देना आगे के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ा सकता है.

    भारत को पावरप्ले में सही लाइन-लेंथ और बेहतर गेंदबाजी योजनाओं के साथ उतरना होगा, ताकि विरोधी बल्लेबाजों को शुरुआत से ही खुलकर खेलने का मौका न मिले. यहां ध्यान देना होगा भुवनेश्वर कुमार ने अपनी इंटरनेशनल वापसी में पहले ओवर में 4 रन द‍िए लेकिन अगले ओवर में 17 रन लुटवा द‍िए. इसी तरह अर्शदीप ने अपने पहले ओवर ओवर में 8 रन द‍िए, तो दूसरे ओवर में उनहों ने भी 17 रन पड़वाए. न्यूजीलैंड ने क्राइस्टचर्च में पावरप्ले (शुरुआती 6 ओवर्स) में 65 रन बनाए.

    भुवनेश्वर कुमार की वापसी के बाद शुरुआती ओवरों में उनका प्रदर्शन अच्छा रहा और डेथ ओवर्स में भी उन्होंने ठीक गेंदबाजी की. हालांकि, बीच के ओवरों में वह महंगे साबित हुए. टी20 मुकाबलों में मिडिल ओवर्स का महत्व काफी बढ़ जाता है, क्योंकि इसी दौरान बल्लेबाज पारी को आगे बढ़ाने के साथ बड़े शॉट खेलने की कोशिश करते हैं.


    3. अक्षर पटेल को मिलेगा सेंटनर-ब्रेसवेल जैसा स्पिन पार्टनर?

    न्यूजीलैंड के स्पिनरों मिचेल सेंटनर और माइकल ब्रेसवेल ने भारतीय बल्लेबाजों को मिडिल ओवर्स में परेशान किया. दोनों ने दो-दो विकेट लेकर मैच में भारत की रफ्तार रोक दी. भारत 93 रन पर बिना विकेट गंवाए मजबूत स्थिति में था, लेकिन इसके बाद 22 गेंदों के भीतर 29 रन पर चार विकेट गंवा दिए. ब्रेसवेल ने हाईस्कोर‍िंग मुकाबले में 4 ओवर्स में 37 रन देकर 2 विकेट लिए, वहीं सेंटनर ने भी 4 ओवर में 39 रन देकर 2 विकेट लिए थे.

    ऐसे में सवाल है कि क्या भारत को अक्षर के साथ मिडिल ओवर्स में विकेट निकालने और रन रोकने वाला एक और प्रभावी स्पिन विकल्प उतारना चाहिए? सेंटनर और ब्रेसवेल ने जिस तरह भारतीय बल्लेबाजों को बांधा, उससे भारत के स्पिन विभाग के संतुलन पर चर्चा जरूर होगी. हालांकि अक्षर ने 4 ओवर्स में 51 रन देकर 1 विकेट हास‍िल किया. वो सबसे महंगे गेंदबाज रहे. अब देखना होगा कि कुलदीप यादव या वरुण चक्रवर्ती में से किसे टीम में जगह म‍िलेगी?


    4. क्या नीतीश की जगह श‍िवम दुबे अंदर आएंगे

    भारत ने इस मुकाबले में शिवम दुबे की जगह नीतीश कुमार रेड्डी को मौका दिया. इसके चलते अक्षर पटेल को छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया. अक्षर ने 14 गेंदों में 24 रन बनाकर श्रेयस अय्यर के साथ 24 गेंदों में 45 रन की साझेदारी की. इस साल 18 टी20 इंटरनेशनल पारियों में अक्षर का औसत 8.66 और स्ट्राइक रेट 106.55 रहा था, हालांकि वह ज्यादातर आठवें नंबर पर बल्लेबाजी कर रहे थे. नीतीश ने गेंदबाजी में 4 ओवर्स में 40 रन द‍िए और 1 विकेट लिए, वहीं बल्लेबाजी में वो 2 रन पर नाबाद रहे. हालांक‍ि, नीतीश को बाहर कर श‍िवम दुबे के आने की संभावना कम है, लेक‍िन वो ईशान किशन की जगह टीम में आ सकते हैं. ऐसे में त‍िलक वर्मा नंबर 3 पर ही खेलते द‍िख सकते हैं.


    5. दूसरे टी20 में वैभव सूर्यवंशी की प्लेइंग 11 पर नजर

    पहले मुकाबले में भारत की जीत के बावजूद दूसरे टी20 के लिए टीम कॉम्ब‍िनेशन चर्चाओं का बाजार गर्म. ईशान किशन के बाहर होने और वैभव सूर्यवंशी की प्लेइंग 11 में जगह को लेकर कंफ्यूजन के बीच भारतीय टीम को यह तय करना होगा कि बल्लेबाजी क्रम और गेंदबाजी विकल्पों में किस तरह का बैलेंस रखा जाए. क्या ईशान की जगह श‍िवम दुबे को लाया जाएगा, या वैभव भी एक ऑप्शन के तौर पर ईशान किशन की जगह नंबर 3 पर खेलते द‍िख सकते हैं.

    पहले मैच ने दिखाया कि भारत के पास बड़े लक्ष्य का पीछा करने के लिए बल्लेबाजी में गहराई है, लेकिन फील्डिंग और गेंदबाजी में निरंतरता भी उतनी ही जरूरी है. सीरीज के अगले मुकाबले में टीम इंडिया इन कमियों को कितना सुधार पाती है, इस पर नजर रहेगी।


    क्राइस्टचर्च में होने वाले दूसरे टी20 में भारत की संभावित प्लेइंग XI:
    वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार, अर्शदीप सिंह और मयंक यादव.


    क्राइस्टचर्च में होने वालेदूसरे टी20 में न्यूजीलैंड की संभावित प्लेइंग XI:
    फिन एलन, टिम सीफर्ट (विकेटकीपर), डेरिल मिचेल, ग्लेन फिलिप्स, बेवन जैकब्स, माइकल ब्रेसवेल, मिचेल सेंटनर (कप्तान), नाथन स्मिथ, काइल जेमिसन, मैट हेनरी और लॉकी फर्ग्यूसन.


    भारत का फुल स्क्वॉड:
    संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (दूसरे मैच से बाहर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, नमन धीर, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार, प्रिंस यादव, मयंक यादव, कुलदीप यादव, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह और वैभव सूर्यवंशी.


    न्यूजीलैंड का फुल स्क्वॉड:
    फिन एलन, टिम सीफर्ट (विकेटकीपर), डेवोन कॉन्वे, ग्लेन फिलिप्स, डेरिल मिचेल, माइकल ब्रेसवेल, मिचेल सेंटनर (कप्तान), नाथन स्मिथ, काइल जेमिसन, मैट हेनरी, लॉकी फर्ग्यूसन, जोश क्लार्कसन, जैकब डफी, बेवन जैकब्स, एडम मिल्ने और ब्लेयर टिकनर.


    भारतीय टीम का न्यूजीलैंड दौरा

    पहला टी20: 22 अक्टूबर, क्राइस्टचर्च, भारत की 4 विकेट से जीत
    दूसरा टी20: 24 अक्टूबर, क्राइस्टचर्च, दोपहर 12:30 बजे
    तीसरा टी20: 27 अक्टूबर, वेलिंगटन, दोपहर 12:30 बजे
    चौथा टी20: 30 अक्टूबर, ऑकलैंड, दोपहर 12:30 बजे
    पांचवां टी20: 1 नवंबर, हैमिल्टन, दोपहर 12:30 बजे
    पहला वनडे: 4 नवंबर, ऑकलैंड, सुबह 7:30 बजे
    दूसरा वनडे: 7 नवंबर, वेलिंगटन, सुबह 7:30 बजे
    तीसरा वनडे: 10 नवंबर, हैमिल्टन, सुबह 7:30 बजे
    चौथा वनडे: 13 नवंबर, माउंट माउंगानुई, सुबह 7:30 बजे
    पांचवां वनडे: 15 नवंबर, माउंट माउंगानुई, सुबह 7:30 बजे
    पहला टेस्ट: 19 से 23 नवंबर, वेलिंगटन, सुबह 3:30 बजे
    दूसरा टेस्ट: 27 से 1 द‍िसंबर, क्राइस्टचर्च, सुबह 3:30 बजे

  • पाकिस्तान ने भारत में होने वाले मास्टर्स क्रिकेट विश्व कप से बनाई दूरी, हॉकी टीम को भेजने की अनुमति भी नहीं

    पाकिस्तान ने भारत में होने वाले मास्टर्स क्रिकेट विश्व कप से बनाई दूरी, हॉकी टीम को भेजने की अनुमति भी नहीं

    नई दिल्ली । भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण संबंधों का असर एक बार फिर खेल आयोजनों पर दिखाई दे रहा है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और वहां के गृह मंत्रालय ने जनवरी 2027 में भारत में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल मास्टर्स क्रिकेट विश्व कप में अपनी 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की टीम को भेजने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इस फैसले के कारण पाकिस्तान की वेटरंस क्रिकेट टीम टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकेगी। इससे पहले पाकिस्तान की पुरुष राष्ट्रीय हॉकी टीम को भी भारत में आयोजित होने वाले टूर्नामेंट में भेजने से इनकार किए जाने की जानकारी सामने आई थी।

    इंटरनेशनल मास्टर्स क्रिकेट विश्व कप में भाग लेने के लिए पाकिस्तान वेटरंस क्रिकेट संघ ने अपनी टीम भेजने की तैयारी की थी। संघ के प्रमुख फवाद एजाज के अनुसार, आयोजकों को टीम का नाम वापस लेने की आधिकारिक जानकारी दे दी गई है, ताकि वे टूर्नामेंट के लिए किसी दूसरी टीम की व्यवस्था कर सकें। पाकिस्तान की टीम को अनुमति नहीं मिलने से आयोजकों को अब भाग लेने वाली टीमों की योजना में बदलाव करना पड़ सकता है।

    फवाद एजाज ने बताया कि भारतीय आयोजकों और मेजबान देश की ओर से पाकिस्तानी खिलाड़ियों को वीजा तथा उच्चस्तरीय सुरक्षा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद पाकिस्तान वेटरंस क्रिकेट संघ ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड, विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी एनओसी मांगा था। हालांकि, अनुमति नहीं मिलने के कारण टीम भारत आने की तैयारी आगे नहीं बढ़ा सकी।

    बताई गई जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान के गृह मंत्री और क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख मोहसिन नकवी ने दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण संबंधों का हवाला देते हुए टीम को भारत जाने की मंजूरी देने से इनकार कर दिया। इसके चलते पाकिस्तान की टीम अगले साल होने वाले इस टूर्नामेंट में अपने खिताब का बचाव नहीं कर सकेगी। पाकिस्तान ने पिछला वेटरंस विश्व कप श्रीलंका में जीता था। ऐसे में आगामी प्रतियोगिता से उसका बाहर रहना टीम के लिए महत्वपूर्ण बदलाव है।

    क्रिकेट के अलावा हॉकी में भी इसी तरह की स्थिति सामने आई है। पाकिस्तान हॉकी महासंघ ने हाल ही में संवेदनशील द्विपक्षीय परिस्थितियों का हवाला देते हुए अपनी पुरुष राष्ट्रीय टीम को भारत भेजने से इनकार कर दिया था। इसके बाद एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के लिए बांग्लादेश को शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई। इस घटनाक्रम से स्पष्ट है कि भारत-पाकिस्तान के बीच राजनीतिक तनाव का प्रभाव केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य खेल प्रतियोगिताओं में भागीदारी पर भी पड़ रहा है।

    पाकिस्तान पहले भी भारत में आयोजित कुछ अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से हट चुका है। सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए उसने तमिलनाडु में आयोजित जूनियर विश्व कप और जूनियर एशिया कप से भी अपना नाम वापस लिया था। हालांकि, अलग-अलग प्रतियोगिताओं में फैसलों के पीछे परिस्थितियां और आधिकारिक कारण अलग हो सकते हैं।

    भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय खेल संबंध लंबे समय से प्रभावित हैं। वर्ष 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंधों में बड़ा बदलाव आया। भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने जुलाई 2008 में एशिया कप के लिए पाकिस्तान का दौरा किया था। वहीं, द्विपक्षीय श्रृंखला खेलने के लिए भारतीय टीम वर्ष 2005-06 में पाकिस्तान गई थी।

    वर्तमान परिस्थितियों में दोनों देशों की क्रिकेट टीमें मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद और एशियाई क्रिकेट परिषद के बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में आमने-सामने आती हैं। ऐसे मुकाबले भी अक्सर संयुक्त अरब अमीरात या श्रीलंका जैसे तटस्थ स्थानों पर आयोजित किए जाते हैं। द्विपक्षीय तनाव के कारण नियमित घरेलू दौरे और श्रृंखलाएं बहाल नहीं हो पाई हैं।

    जनवरी 2027 के मास्टर्स क्रिकेट विश्व कप में पाकिस्तान की अनुपस्थिति और हॉकी टीम को भारत नहीं भेजने के फैसले से दोनों देशों के खेल संबंधों में जारी चुनौतियां फिर सामने आई हैं। अब आयोजकों को क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए वैकल्पिक टीम की व्यवस्था करनी होगी, जबकि दोनों देशों के बीच भविष्य में खेल आयोजनों में भागीदारी की स्थिति राजनीतिक और प्रशासनिक फैसलों पर निर्भर करेगी।