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  • रवींद्र जडेजा से लेकर आंद्रे रसेल तक की जगह भरने का मौका! IPL 2027 में इन 4 टीमों को चाहिए बेन स्टोक्स

    रवींद्र जडेजा से लेकर आंद्रे रसेल तक की जगह भरने का मौका! IPL 2027 में इन 4 टीमों को चाहिए बेन स्टोक्स


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर बेन स्टोक्स एक बार फिर इंडियन प्रीमियर लीग में वापसी कर सकते हैं। लंबे समय से आईपीएल से दूर चल रहे स्टोक्स अगर आईपीएल 2027 के मिनी ऑक्शन में अपना नाम दर्ज कराते हैं तो उन पर फ्रेंचाइजियों के बीच जबरदस्त बोली देखने को मिल सकती है। स्टोक्स ऐसे खिलाड़ी हैं जो बल्ले और गेंद दोनों से मुकाबले का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। यही वजह है कि उनकी उपलब्धता कई टीमों के लिए बेहद आकर्षक विकल्प बन सकती है।

    बेन स्टोक्स ने आईपीएल में अब तक तीन फ्रेंचाइजियों का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने 2017 में राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स के साथ आईपीएल डेब्यू किया था। इसके बाद 2018 से 2021 तक वह राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा रहे। 2023 में उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से आईपीएल मुकाबला खेला था। चेन्नई ने उन्हें 16.25 करोड़ रुपये की बड़ी कीमत पर अपने साथ जोड़ा था। आईपीएल में स्टोक्स के नाम 45 मैचों की 44 पारियों में 935 रन हैं और उनका स्ट्राइक रेट करीब 134 का रहा है। इस दौरान उन्होंने दो शतक और दो अर्धशतक भी लगाए हैं।

    अगर स्टोक्स अगले मिनी ऑक्शन में उतरते हैं तो चेन्नई सुपर किंग्स उन पर दोबारा बड़ा दांव लगा सकती है। टीम के लिए ऑलराउंडर विभाग में बड़ा बदलाव आया है और उसे मिडिल ऑर्डर में अनुभव के साथ गेंदबाजी का विकल्प देने वाले खिलाड़ी की जरूरत हो सकती है। स्टोक्स इस भूमिका में फिट बैठते हैं। चेन्नई के साथ उनका पिछला कार्यकाल चोटों से प्रभावित रहा था लेकिन उनकी ऑलराउंड क्षमता को देखते हुए फ्रेंचाइजी उन्हें फिर से टीम में शामिल करने की कोशिश कर सकती है।

    राजस्थान रॉयल्स भी स्टोक्स के लिए मजबूत दावेदार मानी जा सकती है। स्टोक्स इस टीम के साथ पहले खेल चुके हैं और राजस्थान के लिए उनके बल्ले से बड़ी पारियां भी देखने को मिली हैं। टीम को मध्यक्रम में अनुभव और दमदार ऑलराउंड विकल्प की जरूरत हो सकती है। स्टोक्स का पुराना जुड़ाव राजस्थान को उनके लिए बोली लगाने के लिए प्रेरित कर सकता है।

    तीसरी टीम कोलकाता नाइट राइडर्स हो सकती है। आंद्रे रसेल के जाने के बाद टीम को पावर हिटिंग ऑलराउंडर की कमी महसूस हो सकती है। स्टोक्स बल्ले से बड़े शॉट लगाने के अलावा जरूरत पड़ने पर गेंद से भी योगदान दे सकते हैं। इतना ही नहीं उनके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कप्तानी का अनुभव भी है। ऐसे में अगर केकेआर को नेतृत्व और ऑलराउंड क्षमता वाला खिलाड़ी चाहिए तो स्टोक्स उसके लिए उपयोगी विकल्प साबित हो सकते हैं।

    लखनऊ सुपर जायंट्स की नजर भी स्टोक्स पर जा सकती है। टीम के पास बल्लेबाजी में कई मजबूत विकल्प हैं लेकिन निचले क्रम में मैच फिनिश करने और दबाव की स्थिति में टीम को संभालने वाला अनुभवी खिलाड़ी अहम साबित हो सकता है। स्टोक्स की बल्लेबाजी में गहराई जोड़ने की क्षमता के साथ उनका नेतृत्व अनुभव भी लखनऊ के काम आ सकता है।

    इस तरह अगर बेन स्टोक्स आईपीएल 2027 के मिनी ऑक्शन में उतरते हैं तो उनकी मांग काफी ज्यादा रहने की उम्मीद की जा सकती है। हालांकि उनकी वास्तविक कीमत और कौन सी टीम उन्हें खरीदती है यह ऑक्शन के दौरान ही तय होगा। फिलहाल चेन्नई सुपर किंग्स राजस्थान रॉयल्स कोलकाता नाइट राइडर्स और लखनऊ सुपर जायंट्स जैसी टीमों के साथ उनका नाम जोड़ा जा रहा है। स्टोक्स जैसे अनुभवी ऑलराउंडर की वापसी आईपीएल 2027 के ऑक्शन को निश्चित तौर पर और रोमांचक बना सकती है।

  • भारत के सामने श्रीलंका की हालत पस्त! फॉलोऑन खेलते ही ढहा टॉप ऑर्डर, 6 विकेट लेकर जीत की ओर टीम इंडिया

    भारत के सामने श्रीलंका की हालत पस्त! फॉलोऑन खेलते ही ढहा टॉप ऑर्डर, 6 विकेट लेकर जीत की ओर टीम इंडिया


    नई दिल्ली। कोलंबो टेस्ट में भारतीय टीम ने मुकाबले पर अपनी पकड़ बेहद मजबूत कर ली है और अब श्रीलंका की हार लगभग सामने खड़ी नजर आ रही है। सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के चौथे दिन बारिश ने खेल जरूर रोक दिया लेकिन उससे पहले भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंकाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। फॉलोऑन खेलने उतरी मेजबान टीम ने दिन का खेल खत्म होने तक दूसरी पारी में 6 विकेट गंवाकर 229 रन बना लिए हैं। श्रीलंका के पास अब भारत के खिलाफ सिर्फ 16 रन की बढ़त है और उसके चार विकेट बाकी हैं। ऐसे में पांचवें दिन भारतीय टीम की कोशिश श्रीलंका की पारी को जल्द से जल्द समेटकर जीत पर मुहर लगाने की होगी।

    इससे पहले भारत ने अपनी पहली पारी 503 रन पर 9 विकेट के नुकसान पर घोषित की थी। टीम इंडिया की शुरुआत बहुत अच्छी नहीं रही थी और 66 रन के भीतर केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल के विकेट गिर गए थे। इसके बाद देवदत्त पड्डिकल और कप्तान शुभमन गिल ने पारी को संभाला और तीसरे विकेट के लिए 120 रन की शानदार साझेदारी की। गिल ने 50 रन बनाए जबकि पड्डिकल ने शानदार शतक लगाते हुए 117 रन की पारी खेली। उनकी पारी में 12 चौके शामिल रहे।

    पड्डिकल के बाद रवींद्र जडेजा के साथ उनकी 74 रन की साझेदारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। इसके बाद ऋषभ पंत ने चोट से उबरकर मैदान पर वापसी की और ध्रुव जुरेल के साथ मिलकर 112 रन जोड़े। पंत ने 63 रन बनाए जबकि जुरेल ने नाबाद 115 रन की शानदार पारी खेलकर भारत को 500 के पार पहुंचाया। जुरेल की पारी में 9 चौके और 2 छक्के शामिल रहे।

    भारत के विशाल स्कोर के जवाब में श्रीलंका की पहली पारी 290 रन पर सिमट गई। पसिंदु सूरियाबंदारा ने 80 रन और सोनल दिनुषा ने 103 रन बनाकर टीम को संभालने की कोशिश की लेकिन श्रीलंका फॉलोऑन बचाने के लिए जरूरी स्कोर से 14 रन दूर रह गया। भारत की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा और मानव सुथार ने तीन तीन विकेट चटकाए जबकि सारांश जैन ने दो विकेट हासिल किए। भारत को पहली पारी में 213 रन की बड़ी बढ़त मिली जिसके बाद श्रीलंका को फॉलोऑन खेलने के लिए मजबूर होना पड़ा।

    दूसरी पारी में श्रीलंका ने शुरुआत में ही एक विकेट गंवा दिया लेकिन इसके बाद पसिंदु सूरियाबंदारा ने मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने कामिल मिशारा और कामिंदु मेंडिस के साथ महत्वपूर्ण साझेदारियां कीं। कामिंदु ने 55 रन बनाए जबकि पसिंदु 92 रन बनाकर आउट हुए। कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने 23 रन जोड़े। हालांकि भारतीय गेंदबाज लगातार दबाव बनाए रहे और दूसरी पारी में भी श्रीलंका के छह विकेट गिर चुके हैं।

    अब मुकाबले का आखिरी दिन बेहद रोमांचक होने वाला है। श्रीलंका के पास केवल 16 रन की बढ़त है और चार विकेट शेष हैं। अगर भारतीय गेंदबाज शुरुआती सत्र में इन विकेटों को हासिल कर लेते हैं तो टीम इंडिया के सामने जीत के लिए बेहद छोटा लक्ष्य होगा। बारिश के कारण चौथे दिन खेल समय से पहले खत्म होने के बाद अब सभी की निगाहें पांचवें दिन पर टिकी हैं। भारत के पास जीत का सुनहरा मौका है और श्रीलंका के लिए अब मैच बचाना सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है।

  • क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अनाया बांगड़ को दी बड़ी राहत, कम्युनिटी क्रिकेट में वापसी के साथ एलीट क्रिकेट की शर्तें भी तय

    क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अनाया बांगड़ को दी बड़ी राहत, कम्युनिटी क्रिकेट में वापसी के साथ एलीट क्रिकेट की शर्तें भी तय

    नई दिल्ली ।पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय बांगड़ की ट्रांस महिला बेटी अनाया बांगड़ के क्रिकेट करियर को लेकर बड़ी राहत सामने आई है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें महिलाओं के लोकल क्रिकेट में खेलने की अनुमति दे दी है। इस फैसले के बाद अनाया एक बार फिर क्रिकेट मैदान पर वापसी की तैयारी कर रही हैं और ऑस्ट्रेलिया में अपने लिए उपयुक्त क्रिकेट क्लब तलाश रही हैं।

    अनाया कुछ समय पहले तक पुरुष वर्ग में क्रिकेट खेलती थीं और मुंबई की अंडर 19 टीम का हिस्सा भी रह चुकी हैं। इसके बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया। जेंडर ट्रांजिशन की प्रक्रिया के दौरान उन्हें क्रिकेट करियर को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ा। उनका कहना है कि एक समय उन्हें लगने लगा था कि शायद वह दोबारा क्रिकेट नहीं खेल पाएंगी।

    अब क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से मिली अनुमति ने उनके लिए खेल में वापसी का रास्ता खोल दिया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्हें तत्काल कम्युनिटी क्रिकेट में खेलने की मंजूरी मिली है। इसके दायरे में स्थानीय और राज्य स्तर की क्रिकेट शामिल है। इससे अनाया को प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में दोबारा कदम रखने का अवसर मिलेगा।

    हालांकि उच्च स्तर के एलीट महिला क्रिकेट में खेलने के लिए अलग पात्रता शर्तें लागू होंगी। उपलब्ध नियमों के मुताबिक मार्च 2027 तक अनाया को अपने शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर निर्धारित सीमा के भीतर बनाए रखना होगा। इसके साथ उन्हें संबंधित परीक्षणों में पात्रता बनाए रखना जरूरी होगा। एलीट स्तर पर खेलने की उनकी संभावनाएं इन्हीं शर्तों की पूर्ति पर निर्भर रहेंगी।

    महिला बिग बैश लीग जैसे बड़े टूर्नामेंट में खेलने के लिए एलीट क्रिकेट की पात्रता महत्वपूर्ण होगी। इसलिए फिलहाल अनाया का अगला लक्ष्य स्थानीय क्रिकेट से प्रतिस्पर्धी वापसी करना और निर्धारित नियमों के अनुरूप अपनी पात्रता बनाए रखना है। उनकी क्रिकेट यात्रा अब धीरे धीरे नए चरण में प्रवेश कर रही है।

    अनाया ने अपने अनुभव साझा करते हुए भारतीय क्रिकेट व्यवस्था और ऑस्ट्रेलिया के रुख में अंतर का भी जिक्र किया। उनके अनुसार उन्होंने अपनी मेडिकल रिपोर्ट और संबंधित रिसर्च डेटा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सामने रखा था, लेकिन उन्हें वहां से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। इसके विपरीत क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उनकी मेडिकल हिस्ट्री और उपलब्ध दस्तावेजों की समीक्षा करने के बाद अपना फैसला लिया।

    अनाया के लिए यह सफर केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं रहा है। उन्होंने बताया कि जेंडर ट्रांजिशन की प्रक्रिया शारीरिक और मानसिक स्तर पर चुनौतीपूर्ण रही। इस दौरान परिवार, दोस्ती और करियर से जुड़े कई पहलुओं में बदलाव आया। हालांकि उनका कहना है कि अपने बदलाव के बाद वह अब पहले की तुलना में अधिक खुश और सुकून महसूस करती हैं।

    हार्मोन थेरेपी के बाद शरीर में आए बदलावों का उल्लेख करते हुए अनाया ने अपनी शारीरिक क्षमता में कमी महसूस होने की बात कही। उन्होंने बताया कि पहले उनके शरीर में अधिक ताकत थी, जबकि अब मांसपेशियों की ताकत कम महसूस होती है। इसी वजह से तेज गति की गेंदों का सामना करना उनके लिए पहले जैसा आसान नहीं रहा।

    अब क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की अनुमति के बाद अनाया के सामने मैदान पर लौटने का अवसर है। क्लब क्रिकेट से शुरुआत करते हुए उनका प्रदर्शन और आगे की पात्रता यह तय करेगी कि वह महिला क्रिकेट के किस स्तर तक पहुंच पाती हैं। उनके लिए यह वापसी लंबे अंतराल के बाद क्रिकेट से दोबारा जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है।

  • IND vs SL: ऋषभ पंत की चोट ने बढ़ाई टीम इंडिया की टेंशन, कंधे पर लगी गेंद के बाद नहीं कर सके विकेटकीपिंग; चौथे दिन वापसी की उम्मीद

    IND vs SL: ऋषभ पंत की चोट ने बढ़ाई टीम इंडिया की टेंशन, कंधे पर लगी गेंद के बाद नहीं कर सके विकेटकीपिंग; चौथे दिन वापसी की उम्मीद


    नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के बीच टीम इंडिया की चिंता ऋषभ पंत की चोट को लेकर बढ़ गई है। मैच के तीसरे दिन पंत विकेटकीपिंग के लिए मैदान पर नहीं उतर सके। उनकी जगह ध्रुव जुरेल ने विकेट के पीछे जिम्मेदारी संभाली। पंत को दूसरे दिन बल्लेबाजी के दौरान कंधे पर गेंद लगी थी जिसके बाद उनके शरीर पर चोट का असर दिखाई दिया और मूवमेंट भी सामान्य नहीं रही। टीम इंडिया के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने पंत की स्थिति को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि टीम उनकी चोट पर लगातार नजर रख रही है और उम्मीद है कि वह चौथे दिन विकेटकीपिंग के लिए मैदान पर लौट सकते हैं।

    मोर्केल के मुताबिक पंत के कंधे पर गेंद लगने के बाद रात में भी उनकी चोट को लेकर चर्चा हुई थी। अगले दिन जब वह वार्मअप के लिए मैदान पर आए तो उनकी मूवमेंट सीमित नजर आई। यही वजह रही कि टीम प्रबंधन ने उन्हें विकेटकीपिंग से दूर रखने का फैसला किया। पंत तीसरे दिन ड्रेसिंग रूम में हाथ पर पट्टी बांधे भी नजर आए। हालांकि फिलहाल उनकी चोट को लेकर कोई गंभीर आधिकारिक अपडेट सामने नहीं आया है और टीम रातभर उनकी स्थिति पर नजर रखेगी।

    पंत का विकेटकीपिंग के लिए मैदान पर होना टीम इंडिया के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मोर्केल ने कहा कि पंत जिस तरह से खेल को पढ़ते हैं और मैदान की परिस्थितियों को समझते हैं वह टीम के लिए काफी उपयोगी है। ऐसे में भारतीय टीम चाहेगी कि पंत जल्द से जल्द पूरी तरह फिट होकर विकेट के पीछे लौटें। चौथे दिन उनकी उपलब्धता को लेकर फैसला उनकी फिटनेस और सुबह की स्थिति देखने के बाद लिया जा सकता है।

    पंत की चोट के बीच ध्रुव जुरेल ने विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाली। जुरेल पहले ही इस टेस्ट में बल्ले से शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं और शतक लगाकर अपनी उपयोगिता साबित कर चुके हैं। ऐसे में अगर पंत चौथे दिन भी विकेटकीपिंग नहीं कर पाते हैं तो जुरेल पर एक बार फिर बड़ी जिम्मेदारी होगी। हालांकि टीम की पहली प्राथमिकता पंत को पूरी तरह फिट रखना होगी ताकि चोट आगे गंभीर रूप न ले।

    इसी बीच गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने कुलदीप यादव को लेकर भी अहम बात कही। कुलदीप वायरल फीवर की वजह से कोलंबो टेस्ट के लिए चयन की दौड़ से बाहर रहे। मोर्केल ने कहा कि अंतिम चयन का फैसला उनके हाथ में नहीं है लेकिन अगर कुलदीप पूरी तरह उपलब्ध होते तो उनका नाम निश्चित तौर पर चयन की चर्चा में शामिल होता। टीम प्रबंधन के मुताबिक कुलदीप गॉल से ही वायरल फीवर से जूझ रहे थे और इसी कारण उन्हें दूसरे टेस्ट में नहीं चुना गया।

    अब भारतीय टीम की नजर टेस्ट के चौथे दिन श्रीलंका की पारी को जल्द समेटने पर होगी। भारत ने बोर्ड पर 500 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया है और श्रीलंका के अभी दो विकेट बाकी हैं। मोर्केल ने कहा कि भारत को शुरुआत में एक सफलता हासिल करने पर ध्यान देना होगा और इसके बाद गेंदबाजों को लगातार सही लाइन और लेंथ के साथ दबाव बनाए रखना होगा।

    तीसरे दिन श्रीलंका के निचले क्रम ने भारतीय गेंदबाजों को कुछ समय तक जरूर परेशान किया। सोनल दिनुषा के साथ केशरा नुवंथा और लाहिरू कुमारा ने आखिरी दौर में संघर्ष किया। मोर्केल ने माना कि भारतीय टीम जल्द से जल्द श्रीलंका की पारी खत्म करना चाहती थी लेकिन टेस्ट क्रिकेट में निचले क्रम की साझेदारियां भी मुकाबले का रुख बदल सकती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कूकाबुरा गेंद के नरम पड़ने के बाद पिच से अतिरिक्त उछाल और तेजी हासिल करना गेंदबाजों के लिए मुश्किल हो सकता है।

    अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ऋषभ पंत चौथे दिन विकेटकीपिंग के लिए मैदान पर उतरेंगे। टीम इंडिया को उम्मीद है कि उनकी चोट रातभर में बेहतर होगी और वह फिर से दस्ताने संभाल पाएंगे। हालांकि अंतिम फैसला उनकी फिटनेस जांच के बाद ही होगा। पंत की वापसी भारत के लिए इसलिए भी अहम होगी क्योंकि टीम मजबूत स्थिति में है और मैच को निर्णायक दिशा में ले जाने के लिए विकेटकीपिंग के साथ उनकी मैदान पर मौजूदगी बड़ा फर्क डाल सकती है।

  • IND vs SL: भारत के 503 रन के जवाब में श्रीलंका पर फॉलोऑन का खतरा, तीसरे दिन मुकाबला जल्दी खत्म होने की बढ़ी संभावना

    IND vs SL: भारत के 503 रन के जवाब में श्रीलंका पर फॉलोऑन का खतरा, तीसरे दिन मुकाबला जल्दी खत्म होने की बढ़ी संभावना


    नई दिल्ली ।
    भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में भारतीय टीम ने मुकाबले पर मजबूत पकड़ बना ली है। भारत ने पहली पारी 503 रन पर नौ विकेट के नुकसान के बाद घोषित की और इसके जवाब में श्रीलंका ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक दो विकेट खोकर केवल आठ रन बनाए। इस स्थिति ने मेजबान टीम के सामने फॉलोऑन बचाने की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

    भारत की पहली पारी में ध्रुव जुरेल सबसे बड़े आकर्षण रहे। उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 115 रन बनाए और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जुरेल ने मुश्किल परिस्थितियों में धैर्य के साथ बल्लेबाजी की और पारी को संभालने के साथ ही जरूरत पड़ने पर आक्रामक शॉट भी लगाए। यह उनके टेस्ट करियर का दूसरा शतक रहा।

    जुरेल को दूसरे छोर पर ऋषभ पंत का अच्छा साथ मिला। पंत ने तेज बल्लेबाजी करते हुए 63 रन बनाए और भारतीय पारी को गति प्रदान की। दोनों बल्लेबाजों के बीच महत्वपूर्ण साझेदारी ने श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बढ़ाया। इससे पहले देवदत्त पडिक्कल ने भी शतक लगाकर भारतीय पारी को मजबूत आधार दिया था।

    भारतीय बल्लेबाजी में कई खिलाड़ियों ने योगदान दिया, जिसके चलते टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल रही। कप्तान शुभमन गिल ने भी उपयोगी पारी खेली। भारत ने अपनी स्थिति को देखते हुए 503 रन पर पारी घोषित करने का फैसला किया, ताकि श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर पर्याप्त समय के साथ दबाव बनाया जा सके।

    श्रीलंका की पहली पारी की शुरुआत बेहद खराब रही। भारत की ओर से तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा और स्पिनर मानव सुथार ने शुरुआती झटके दिए। श्रीलंका ने केवल आठ रन के स्कोर तक अपने दो महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए। खराब रोशनी और बारिश के कारण खेल प्रभावित होने के बाद दिन का खेल समाप्त हुआ, लेकिन भारत ने इतने कम स्कोर पर ही श्रीलंका को दोहरा झटका दे दिया था।

    अब तीसरे दिन श्रीलंका के सामने सबसे बड़ी चुनौती फॉलोऑन से बचने की होगी। टेस्ट क्रिकेट के नियमों के अनुसार पांच दिन के मुकाबले में पहली पारी में बड़ी बढ़त हासिल करने वाली टीम विपक्षी टीम को दोबारा बल्लेबाजी के लिए बुला सकती है। भारत ने 503 रन बनाए हैं, इसलिए श्रीलंका को फॉलोऑन से बचने के लिए कम से कम 304 रन तक पहुंचना होगा।

    इस लिहाज से श्रीलंका को अभी लंबा रास्ता तय करना है। टीम के आठ रन पर दो विकेट गिर चुके हैं और भारत के पास 495 रन की विशाल बढ़त मौजूद है। यदि भारतीय गेंदबाज शुरुआती सत्र में कुछ और विकेट हासिल कर लेते हैं, तो श्रीलंका पर पारी से हार का खतरा और बढ़ सकता है।

    श्रीलंका के लिए चुनौती इसलिए भी कठिन है क्योंकि टीम अपने कुछ प्रमुख बल्लेबाजों की अनुपस्थिति से जूझ रही है। ऐसे में नए और अपेक्षाकृत कम अनुभवी बल्लेबाजों पर बड़ी जिम्मेदारी है। उन्हें भारतीय गेंदबाजों के अनुशासित आक्रमण का सामना करते हुए लंबे समय तक क्रीज पर टिकना होगा।

    भारत की कोशिश अब श्रीलंका की पहली पारी को जल्द समेटकर बड़ी बढ़त हासिल करने की होगी। अगर भारतीय गेंदबाज लगातार विकेट निकालते हैं, तो मैच तीसरे दिन ही निर्णायक मोड़ पर पहुंच सकता है। हालांकि टेस्ट क्रिकेट में मौसम और पिच की परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, इसलिए श्रीलंका के लिए वापसी की संभावना पूरी तरह समाप्त नहीं मानी जा सकती।

  • India Hockey Team: अर्जेंटीना ने दूसरे राउंड में हराया, भारतीय टीम अब सातवें स्थान के लिए बेल्जियम से भिड़ेगी

    India Hockey Team: अर्जेंटीना ने दूसरे राउंड में हराया, भारतीय टीम अब सातवें स्थान के लिए बेल्जियम से भिड़ेगी

    नई दिल्ली ।भारतीय पुरुष हॉकी टीम का 2026 विश्व कप में खिताब जीतने का सपना अर्जेंटीना के खिलाफ 3-5 की हार के साथ समाप्त हो गया। दूसरे राउंड के इस महत्वपूर्ण मुकाबले में भारतीय टीम को सेमीफाइनल की उम्मीद बनाए रखने के लिए जीत की जरूरत थी, लेकिन अर्जेंटीना ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाते हुए मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। भारत ने अंतिम चरण में वापसी की कोशिश की, लेकिन शुरुआती नुकसान की भरपाई नहीं कर सका।

    मुकाबले की शुरुआत भारतीय टीम के लिए अच्छी नहीं रही। अर्जेंटीना ने शुरुआती मिनटों में ही गोल करके भारत पर दबाव बना दिया। भारतीय खिलाड़ियों को अपनी रक्षापंक्ति संभालने और गेंद पर नियंत्रण बनाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अर्जेंटीना ने लगातार हमले किए और भारतीय सर्किल में कई बार प्रवेश करते हुए गोल करने के अवसर बनाए।

    अर्जेंटीना ने इसके बाद अपनी बढ़त को और मजबूत किया। भारतीय टीम को लगातार दो गोल का नुकसान झेलना पड़ा, जिससे मुकाबले में वापसी की चुनौती बढ़ गई। भारत ने जवाबी हमलों के जरिए दबाव बनाने का प्रयास किया और सुखजीत सिंह ने गोल कर टीम की उम्मीदों को कुछ हद तक जीवित रखा। हालांकि अर्जेंटीना ने अपनी आक्रामक रणनीति में कोई बड़ी कमी नहीं आने दी।

    दूसरे और तीसरे क्वार्टर में भी अर्जेंटीना का दबदबा बना रहा। भारतीय डिफेंस को लगातार हमलों का सामना करना पड़ा। अर्जेंटीना ने पेनल्टी कॉर्नर और तेज आक्रमण का प्रभावी इस्तेमाल करते हुए भारतीय गोलपोस्ट पर खतरा बनाए रखा। टॉमस डोमेन ने भी गोल कर अर्जेंटीना की बढ़त को मजबूत किया और भारत के लिए मुकाबला और कठिन हो गया।

    अंतिम क्वार्टर में भारतीय टीम ने आक्रामक रुख अपनाया। सुखजीत सिंह ने अपना दूसरा गोल किया, जबकि हार्दिक सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलकर भारत के स्कोर को तीन तक पहुंचाया। इन गोलों के बाद भारतीय टीम ने दबाव बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन अर्जेंटीना की बढ़त इतनी मजबूत थी कि मुकाबले का परिणाम बदलना संभव नहीं हो सका।

    अर्जेंटीना की ओर से जोआक्विन टोस्कानी ने दो गोल किए, जबकि निकोलस डेला टोरे और टॉमस डोमेन ने भी टीम के लिए महत्वपूर्ण गोल दागे। अर्जेंटीना ने पूरे मुकाबले में आक्रमण और रक्षात्मक संयोजन के बीच बेहतर संतुलन बनाए रखा। भारत को कई मौकों पर गोल करने के अवसर मिले, लेकिन उन्हें निर्णायक परिणाम में बदलने में टीम सफल नहीं रही।

    इस हार के साथ भारत की सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद पूरी तरह समाप्त हो गई। दूसरे राउंड में भारतीय टीम के लिए मुकाबले बेहद चुनौतीपूर्ण रहे और लगातार हार ने उसकी स्थिति कमजोर कर दी। अर्जेंटीना के खिलाफ मुकाबला भारत के लिए करो या मरो जैसा था, लेकिन टीम अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी।

    विश्व कप में खिताब की दौड़ से बाहर होने के बाद भारतीय टीम के सामने अब टूर्नामेंट का समापन बेहतर स्थिति में करने की चुनौती है। भारत सातवें और आठवें स्थान के लिए मुकाबला खेलेगा, जहां उसका सामना बेल्जियम से होना है। टीम की कोशिश इस मुकाबले में जीत दर्ज कर विश्व कप अभियान का सकारात्मक अंत करने की होगी।

  • शतक पूरा होते ही जुरेल ने किया पिता-दादा को सलाम, ‘जय जवान, जय किसान’ टैटू के पीछे छिपी है भावुक कहानी

    शतक पूरा होते ही जुरेल ने किया पिता-दादा को सलाम, ‘जय जवान, जय किसान’ टैटू के पीछे छिपी है भावुक कहानी


    नई दिल्ली ।
    श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में ध्रुव जुरेल ने बल्ले से शानदार प्रदर्शन करते हुए नाबाद 115 रन की पारी खेली। जुरेल का यह टेस्ट करियर का दूसरा शतक रहा। हालांकि उनकी इस शानदार पारी से ज्यादा चर्चा उस अंदाज की हो रही है जिसमें उन्होंने अपना शतक पूरा करने के बाद जश्न मनाया। शतक पूरा होते ही जुरेल ने पहले सलाम किया और फिर अपने बाइसेप्स पर बने जय जवान जय किसान टैटू को दिखाया। उनका यह सेलिब्रेशन सिर्फ मैदान पर खुशी जाहिर करने का तरीका नहीं था बल्कि अपने परिवार की जड़ों को सम्मान देने का भावुक पल भी था।

    जुरेल ने खुद बताया कि उनके इस खास टैटू और सलाम के पीछे उनके पिता और दादा की कहानी जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि उनके दादा किसान थे जबकि उनके पिता सेना में रहे हैं। यही वजह है कि उन्होंने अपनी जिंदगी की इन दोनों महत्वपूर्ण जड़ों को जय जवान जय किसान के रूप में अपने शरीर पर हमेशा के लिए दर्ज कराया है। जुरेल के मुताबिक शतक के बाद किया गया सलाम उनके पिता और दादा के लिए था। उनके इस खुलासे के बाद उनका सेलिब्रेशन और भी खास बन गया।

    मैच में जुरेल ने बेहद धैर्य और समझदारी के साथ बल्लेबाजी की। वह 99 रन तक काफी सहज नजर आए लेकिन जैसे ही शतक के करीब पहुंचे श्रीलंकाई गेंदबाजों ने दबाव बढ़ा दिया। 99 के स्कोर पर असीथा फर्नांडो ने अच्छी लेंथ पर गेंदबाजी की और फील्डिंग भी काफी सख्त कर दी गई। जुरेल ने एक गेंद पर सीधा शॉट खेला और उन्हें लगा कि गेंद फील्डर से पहले गैप में निकल जाएगी। लेकिन जब उन्होंने फील्डर को तेजी से गेंद की तरफ आते देखा तो उन्हें अंदाजा हो गया कि एक रन के लिए उन्हें पूरी ताकत लगानी होगी। जुरेल ने दौड़ लगाई और डाइव लगाकर अपना शतक पूरा कर लिया।

    इस पारी के दौरान जुरेल को ऋषभ पंत का भी शानदार साथ मिला। दोनों ने मिलकर 112 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। पंत ने अपने आक्रामक अंदाज में 63 रन बनाए जबकि जुरेल ने परिस्थितियों के मुताबिक बल्लेबाजी करते हुए पारी को मजबूती दी। जुरेल ने माना कि पंत जैसे अनुभवी खिलाड़ी से उन्हें काफी कुछ सीखने को मिलता है। बल्लेबाजी के दौरान वह अलग अलग परिस्थितियों को लेकर पंत से सलाह भी लेते रहे।

    जुरेल ने यह भी साफ किया कि वह पंत की तरह बल्लेबाजी करने की कोशिश नहीं करते। उनके मुताबिक हर खिलाड़ी का अपना स्वाभाविक अंदाज होता है और टेस्ट क्रिकेट की खूबसूरती भी इसी में है कि खिलाड़ी अपनी शैली के मुताबिक खेलता है। जुरेल ने अपनी बल्लेबाजी में यह समझने पर जोर दिया कि किस गेंदबाज के खिलाफ आक्रमण करना है और किसके स्पेल को संभलकर खेलना है।

    दिन के अंत में पंत के दाएं कंधे में परेशानी के कारण जुरेल ने विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी संभाली। जुरेल ने बताया कि टीम पंत की फिटनेस पर नजर रख रही है और उम्मीद है कि वह जल्द पूरी तरह फिट हो जाएंगे। इस बीच मोहम्मद सिराज ने भी जुरेल की पारी में अहम भूमिका निभाई। सिराज ने 29 गेंदों तक जुरेल का साथ दिया और उन्हें शतक पूरा करने का मौका दिया।

    भारतीय टीम ने दूसरे दिन 503 रन पर 9 विकेट के स्कोर पर पारी घोषित की। इसके बाद श्रीलंका की पारी लड़खड़ा गई और दिन का खेल खत्म होने तक उसके दो विकेट महज 8 रन पर गिर चुके थे। लेकिन इस पूरे दिन की सबसे यादगार तस्वीर ध्रुव जुरेल के शतक और उसके बाद किया गया वह सलाम रहा जिसने क्रिकेट के मैदान पर एक बेटे और पोते की ओर से अपने परिवार की जड़ों को सम्मान देने की खूबसूरत कहानी लिख दी।

  • डिफेंस ने रोका ऑस्ट्रेलिया लेकिन गोल करने में चूकी टीम इंडिया, सलीमा टेटे ने बताई हार की सबसे बड़ी वजह

    डिफेंस ने रोका ऑस्ट्रेलिया लेकिन गोल करने में चूकी टीम इंडिया, सलीमा टेटे ने बताई हार की सबसे बड़ी वजह


    नई दिल्ली। भारतीय महिला हॉकी टीम का विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में शानदार सफर सेमीफाइनल से ठीक पहले थम गया। एम्स्टेलवीन में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला गया बेहद अहम मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा और इस नतीजे ने भारत की अंतिम चार में पहुंचने की उम्मीदें खत्म कर दीं। भारतीय टीम ने पूरे मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मजबूत डिफेंस दिखाया और विपक्षी टीम को गोल करने से रोके रखा लेकिन दूसरी तरफ भारतीय खिलाड़ी अपने बनाए मौकों को गोल में नहीं बदल सकीं। आखिरकार यही चूक टीम पर भारी पड़ी। भारत और ऑस्ट्रेलिया के अंक और गोल अंतर बराबर रहे लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे चरण में भारत से ज्यादा गोल किए थे इसलिए वह सेमीफाइनल में पहुंच गया।

    मैच के बाद भारतीय कप्तान सलीमा टेटे की निराशा साफ नजर आई। उन्होंने माना कि टीम से सबसे बड़ी गलती गोल करने के मिले अवसरों को फिनिश नहीं कर पाने की रही। सलीमा ने कहा कि टीम काफी करीब पहुंच गई थी लेकिन मुकाबला उसके हाथ से निकल गया। उन्होंने यह भी माना कि यह बेहद मुश्किल मैच था और खिलाड़ियों को इस अनुभव से सीख लेकर आगे बढ़ना होगा। कप्तान के मुताबिक टीम के पास मौके आए लेकिन निर्णायक क्षणों में फाइनल टच नहीं मिल सका।

    भारत के लिए यह मुकाबला जीतना जरूरी था। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया के लिए ड्रॉ भी सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए पर्याप्त था। इसी वजह से भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया और कई बार ऑस्ट्रेलियाई सर्कल में दबाव बनाया। पहले हाफ के आखिरी हिस्से में भारत को पेनल्टी कॉर्नर से बड़ा मौका मिला। वैरिएशन के जरिए गेंद निक्की तक पहुंची और उनके पास गोल करने का अवसर था लेकिन भारतीय टीम इसका फायदा नहीं उठा सकी। तीसरे क्वार्टर में नवनीत कौर और बलजीत की शानदार मूव के बाद दीपिका को मौका मिला लेकिन वह गेंद से सही संपर्क नहीं कर पाईं। अंतिम क्वार्टर की शुरुआत में सलीमा ने सर्कल के अंदर शानदार लो क्रॉस भी दिया लेकिन भारतीय फॉरवर्ड खिलाड़ी उस मौके को गोल में नहीं बदल सकीं।

    ऑस्ट्रेलिया ने भी भारतीय डिफेंस पर दबाव बनाया और दो बार गेंद को गोल में पहुंचाया लेकिन भारत के सफल रेफरल के बाद दोनों गोल रद्द कर दिए गए। इससे भारतीय टीम के पास मुकाबले में वापसी और जीत हासिल करने का मौका बना रहा। आखिरी पांच मिनट में भारत ने बड़ा जोखिम उठाया और गोलकीपर बिचू देवी को मैदान से बाहर कर अतिरिक्त आउटफील्ड खिलाड़ी उतारा। टीम ने पूरी ताकत से निर्णायक गोल की तलाश की लेकिन ऑस्ट्रेलिया की रक्षापंक्ति को भेदने में कामयाबी नहीं मिली। आखिरकार सीटी बजने के साथ स्कोर 0-0 रहा और भारत का सेमीफाइनल का सपना टूट गया।

    इस नतीजे में सबसे ज्यादा चर्चा उस मामूली अंतर की रही जिसने दोनों टीमों की किस्मत बदल दी। भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों के दो-दो अंक रहे और दोनों का गोल अंतर माइनस दो था। लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने तीन गोल किए थे जबकि भारत केवल दो गोल कर पाया था। इसी आधार पर ऑस्ट्रेलिया को सेमीफाइनल में जगह मिल गई। यानी भारत का सफर सिर्फ एक गोल के अंतर से थम गया।

    भारत ने टूर्नामेंट की शुरुआत चीन के खिलाफ 2-2 के ड्रॉ से की थी। इसके बाद टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से हराकर शानदार प्रदर्शन किया और इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबला 0-0 से बराबर रहा। नीदरलैंड्स के खिलाफ 0-2 की हार के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबला निर्णायक बन गया था। टीम ने ऑस्ट्रेलिया को गोल करने से तो रोक दिया लेकिन खुद जीत के लिए जरूरी गोल नहीं कर सकी।

    सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर होने के बावजूद सलीमा टेटे ने टीम का हौसला बनाए रखा। उन्होंने साफ कहा कि भारत का वर्ल्ड कप अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है और टीम अब पांचवें स्थान के लिए पूरी ताकत से खेलेगी। भारत के लिए यह परिणाम निराशाजनक जरूर है लेकिन टीम का मजबूत डिफेंस और टूर्नामेंट में दिखाया गया जुझारूपन भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत भी है। भारत अब अपना अभियान पांचवें स्थान के मुकाबले के साथ खत्म करने की कोशिश करेगा।

  • रवींद्र जडेजा ने रचा इतिहास, WTC में 50 टेस्ट खेलने वाले एशिया के पहले क्रिकेटर बने

    रवींद्र जडेजा ने रचा इतिहास, WTC में 50 टेस्ट खेलने वाले एशिया के पहले क्रिकेटर बने


    नई दिल्ली।
    श्रीलंका (Sri Lanka) के खिलाफ कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब (Sinhalese Sports Club, Colombo) में रविवार को मैच के पहले दिन भारतीय बल्लेबाजों का दमदार प्रदर्शन देखने को मिला. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने पहले दिन पांच विकेट खोकर 300 रन बना लिए हैं।

    यह टेस्ट मैच भारत (India) के स्टार ऑलराउंडर (Star all-rounder) रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) के लिए ऐतिहासिक बन गया है. इस मैच में मैदान पर कदम रखते ही जडेजा ने एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया जो अब तक कोई भी भारतीय या एशियाई खिलाड़ी नहीं कर पाया था.

    जडेजा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के इतिहास में 50 मैच खेलने वाले पहले एशियाई और भारतीय क्रिकेटर बन गए हैं. दुनिया के नंबर एक टेस्ट ऑलराउंडर ने अपनी फिरकी और बल्ले के दम पर इस टूर्नामेंट में एक खास मुकाम हासिल किया है।


    WTC में कैसा रहा है जडेजा का सफर?

    साल 2012 में अपना टेस्ट डेब्यू करने वाले जडेजा ने WTC के हर साइकल में भारत के लिए लगातार शानदार प्रदर्शन किया है. अब तक खेले गए अपने 50 मैचों में उन्होंने 2675 रन बनाए हैं और 160 विकेट भी चटकाए हैं. 2019-21 के दौरान उन्होंने 11 मैच खेले, जिसमें 500 रन बनाए और 29 विकेट लिए. दूसरे वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप में साल 2021-23 के दौरान उन्होंने 13 मैचों में अपनी अहम भूमिका निभाते हुए 721 रन ठोके और 47 विकेट झटके।

    तीसरी साइकल 2023-25 के 15 मुकाबलों में जडेजा 664 रन बनाए और 55 शिकार किए. मौजूदा वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप साइकल में वह अब तक 11 मैच खेल चुके हैं, जिसमें उनके नाम 700 से अधिक रन और 29 विकेट दर्ज हो चुके हैं।


    दूसरे भारतीय खिलाड़ियों का हाल

    भारत की तरफ से सबसे ज्यादा WTC मैच खेलने के मामले में जडेजा के बाद तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज दूसरे नंबर पर हैं. कोलंबो में चल रहा टेस्ट सिराज का 47वां मैच है, जिसमें उनके नाम अब तक 141 विकेट हैं. विराट कोहली ने 2019 से 2025 के बीच 46 मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 2617 रन बनाए हैं।

    कोहली के बाद युवा स्टार शुभमन गिल और विकेटकीपर ऋषभ पंत का नंबर आता है. दोनों ने 42-42 मैच खेले हैं. पंत के नाम इस टूर्नामेंट में 2885 और गिल के नाम 2867 रन दर्ज हैं. दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने 41 मैचों में 195 विकेट चटकाए हैं, जबकि कप्तान रोहित शर्मा 40 मैचों में 2716 रन बना चुके हैं।

  • हथकड़ी में नजर आया इंग्लैंड का स्टार तेज गेंदबाज, पुलिस ले गई थाने, मचा हड़कंप

    हथकड़ी में नजर आया इंग्लैंड का स्टार तेज गेंदबाज, पुलिस ले गई थाने, मचा हड़कंप


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ब्राइडन कार्स से जुड़ी एक घटना ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में डरहम के इस तेज गेंदबाज को डर्बी स्थित एक क्लब के बाहर पुलिस अधिकारियों के साथ हथकड़ी में जाते देखा गया। पुलिस शनिवार रात हुई एक घटना के सिलसिले में मामले की जांच कर रही है।

    इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने रविवार को घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि उसे डर्बी में हुई घटना की जानकारी है और मामले की जांच की जा रही है। बोर्ड ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद जरूरत के मुताबिक आगे की जानकारी साझा की जाएगी।

    पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे टेस्ट की टीम में हैं कार्स

    ब्राइडन कार्स इंग्लैंड की उस टीम का हिस्सा हैं, जिसे पाकिस्तान के खिलाफ लॉर्ड्स में होने वाले दूसरे टेस्ट मैच में उतरना है। हालांकि, पाकिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए टीम में शामिल होने के बावजूद उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली थी।

    फिलहाल ECB ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि पुलिस जांच के बावजूद कार्स दूसरे टेस्ट के लिए इंग्लैंड की टीम में बने रहेंगे या नहीं।

    इंग्लैंड टीम के अनुशासन पर पहले भी उठे सवाल

    कार्स के खिलाफ जांच ऐसे समय शुरू हुई है, जब इंग्लैंड की टेस्ट टीम में खिलाड़ियों के मैदान से बाहर के व्यवहार और अनुशासन को लेकर चर्चा चल रही है। टेस्ट कप्तान जो रूट ने हाल ही में खिलाड़ियों के जिम्मेदार व्यवहार और अच्छे रोल मॉडल बनने पर जोर दिया था।

    रूट ने एक क्रिकेट पॉडकास्ट में कहा था कि टीम में खिलाड़ियों पर कोई सख्त कर्फ्यू लागू नहीं किया जाएगा, लेकिन उनसे मैदान के बाहर भी समझदारी और जिम्मेदारी से फैसले लेने की उम्मीद की जाती है। उन्होंने कहा था कि इंग्लैंड के लिए खेलने वाले खिलाड़ियों को अपनी मैदान के बाहर की जिम्मेदारियों का भी एहसास होना चाहिए।

    बेन स्टोक्स भी तोड़ चुके हैं टीम प्रोटोकॉल

    इंग्लैंड की टीम में अनुशासन को लेकर इस साल जून में भी विवाद हुआ था। पूर्व कप्तान बेन स्टोक्स और तेज गेंदबाज गस एटकिंसन पर टीम के प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने का मामला सामने आया था। इसके बाद दोनों को ओवल में न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट से बाहर कर दिया गया था।

    बाद में स्टोक्स ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया, जबकि ब्रेंडन मैकुलम ने टेस्ट कोच का पद छोड़ दिया। ऐसे में ब्राइडन कार्स से जुड़ी ताजा घटना ने इंग्लैंड की टीम के अनुशासन और खिलाड़ियों के व्यवहार को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।