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  • पुर्तगाल की पांच सितारा जीत रोनाल्डो के डबल अटैक ,से उज्बेकिस्तान पस्त

    पुर्तगाल की पांच सितारा जीत रोनाल्डो के डबल अटैक ,से उज्बेकिस्तान पस्त


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 में पुर्तगाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उज्बेकिस्तान को 5-0 से हराकर अपने इरादे साफ कर दिए हैं। इस जीत के सबसे बड़े नायक रहे दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो जिन्होंने दो शानदार गोल दागकर न सिर्फ टीम को बड़ी जीत दिलाई बल्कि विश्व फुटबॉल के इतिहास में एक नया अध्याय भी जोड़ दिया। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

    41 वर्षीय रोनाल्डो ने इस मुकाबले में ऐसा रिकॉर्ड बनाया जो अब तक कोई खिलाड़ी नहीं बना सका था। वह दुनिया के पहले फुटबॉलर बन गए हैं जिन्होंने छह अलग-अलग फीफा वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में गोल करने का कारनामा किया है। यह उपलब्धि उनके लंबे और शानदार करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है।

    मैच की शुरुआत से ही पुर्तगाल ने आक्रामक खेल दिखाया। टीम ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और लगातार उज्बेकिस्तान के डिफेंस पर दबाव बनाया। रोनाल्डो ने अपने अनुभव और बेहतरीन फिनिशिंग का प्रदर्शन करते हुए दो गोल दागे। उनके गोलों ने मैच का रुख पूरी तरह पुर्तगाल के पक्ष में मोड़ दिया। टीम के अन्य खिलाड़ियों ने भी शानदार तालमेल दिखाते हुए कुल पांच गोल किए और उज्बेकिस्तान को मुकाबले में वापसी का कोई मौका नहीं दिया।

    रोनाल्डो के लिए यह मुकाबला बेहद खास रहा क्योंकि पिछले मैच में वह अपनी छाप छोड़ने में सफल नहीं रहे थे। कांगो के खिलाफ खेले गए मुकाबले में पुर्तगाल को 1-1 की बराबरी से संतोष करना पड़ा था और उस मैच में रोनाल्डो गोल नहीं कर सके थे। इसके बाद कई फुटबॉल विशेषज्ञों और प्रशंसकों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए थे कि क्या उन्हें अब भी शुरुआती एकादश में जगह मिलनी चाहिए। हालांकि उज्बेकिस्तान के खिलाफ उनके प्रदर्शन ने सभी आलोचनाओं का जवाब दे दिया।

    गोल करने के बाद रोनाल्डो ने अपना मशहूर SIUUU सेलिब्रेशन किया जिसे देखकर स्टेडियम में मौजूद हजारों प्रशंसक उत्साह से झूम उठे। इसके बाद वह अपने साथियों के साथ बेंच की ओर दौड़े और जीत का जश्न मनाया। यह दृश्य मैच के सबसे यादगार पलों में शामिल रहा।

    इस जीत के साथ पुर्तगाल के ग्रुप चरण में चार अंक हो गए हैं और टीम की नॉकआउट दौर में पहुंचने की उम्मीदें काफी मजबूत हो गई हैं। अब पुर्तगाल का अगला और अंतिम ग्रुप मुकाबला कोलंबिया के खिलाफ होगा जो काफी अहम माना जा रहा है। दूसरी ओर उज्बेकिस्तान की टीम अटलांटा में कांगो से भिड़ेगी और टूर्नामेंट में बने रहने के लिए उसे हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।इस बीच अर्जेंटीना के स्टार खिलाड़ी लियोनेल मेसी भी टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं।

    मेसी अब तक सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बने हुए हैं और गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं। ऐसे में फुटबॉल प्रेमियों को रोनाल्डो और मेसी के बीच एक और यादगार मुकाबले जैसी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। फिलहाल पूरे फुटबॉल जगत की नजरें रोनाल्डो पर टिकी हैं जिन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उम्र सिर्फ एक संख्या है और महान खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से इतिहास लिखते हैं।
  • फिलाडेल्फिया में फ्रांस का जलवा एम्बाप्पे के दो गोल से नॉकआउट में एंट्री

    फिलाडेल्फिया में फ्रांस का जलवा एम्बाप्पे के दो गोल से नॉकआउट में एंट्री


    नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में फ्रांस ने एक बार फिर अपना दमखम दिखाते हुए इराक को 3 0 से हराकर नॉकआउट राउंड में जगह पक्की कर ली। फिलाडेल्फिया में खेले गए इस मुकाबले में बारिश और खराब मौसम भी खेल का रोमांच कम नहीं कर सके और पूरे मैच में फ्रांस का दबदबा बना रहा। इस जीत के सबसे बड़े हीरो रहे Kylian Mbappé जिन्होंने दो गोल दागकर टीम को आसान जीत दिलाई।

    मैच की शुरुआत से ही फ्रांस ने आक्रामक खेल दिखाया। एम्बाप्पे ने 14वें मिनट में पहला गोल कर टीम को बढ़त दिला दी। इसके बाद इराक की टीम संभलने की कोशिश करती रही लेकिन फ्रांस का दबाव लगातार बढ़ता गया। दूसरे हाफ में 54वें मिनट में एम्बाप्पे ने एक और गोल कर स्कोर 2 0 कर दिया। यह गोल इराकी डिफेंडर की गलती का फायदा उठाकर किया गया, जिसमें एम्बाप्पे ने अपनी तेज रफ्तार और सटीक फिनिशिंग का बेहतरीन प्रदर्शन किया।

    इसके बाद उस्मान डेम्बेले ने तीसरा गोल कर फ्रांस की जीत पर मुहर लगा दी। इस जीत के साथ फ्रांस ने न केवल नॉकआउट राउंड में जगह बनाई बल्कि यह भी साबित कर दिया कि वह इस टूर्नामेंट की सबसे मजबूत दावेदार टीमों में शामिल है।

    यह मुकाबला मौसम की वजह से भी चर्चा में रहा। पहले हाफ के बाद तेज बारिश और तूफान की चेतावनी के चलते मैच को करीब दो घंटे तक रोकना पड़ा। मैदान पर पानी भर जाने के कारण खेल दोबारा शुरू कराना चुनौतीपूर्ण रहा लेकिन ग्राउंड स्टाफ की मेहनत के बाद मैच फिर से शुरू हुआ और फ्रांस ने अपनी लय बनाए रखी।

    इस मुकाबले में एम्बाप्पे के लिए यह और भी खास रहा क्योंकि यह उनका 100वां अंतरराष्ट्रीय मैच था। अपने करियर के इस अहम पड़ाव पर उन्होंने दो गोल कर इसे यादगार बना दिया। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने विश्व कप में अपने गोलों की संख्या 16 तक पहुंचा दी और कई दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया।

    एम्बाप्पे ने इस उपलब्धि के साथ जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोज की बराबरी कर ली और ब्राजील के दिग्गज रोनाल्डो को पीछे छोड़ दिया। अब उनसे आगे केवल अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी हैं जिनके नाम 18 विश्व कप गोल दर्ज हैं।

    इराक की टीम के लिए यह मैच निराशाजनक रहा। टीम के प्रमुख स्ट्राइकर अयमेन हुसैन चोट के कारण मैदान छोड़ने को मजबूर हुए जिससे टीम की आक्रामक क्षमता कमजोर पड़ गई। इराक के लिए यह विश्व कप में सिर्फ दूसरा ही मौका था और इस हार के बाद उनका आगे का सफर काफी मुश्किल हो गया है।

    दूसरी ओर ग्रुप I से नॉर्वे ने भी नॉकआउट में जगह बना ली है। इस ग्रुप में मुकाबला बेहद रोमांचक रहा जिसमें नॉर्वे ने सेनेगल को 3 2 से हराया। नॉर्वे की जीत में एर्लिंग हालैंड ने दो गोल दागे जबकि मार्कस पेडरसन ने एक गोल किया। सेनेगल की ओर से इस्माइला सार ने दोनों गोल किए।

    इस तरह फ्रांस और नॉर्वे दोनों ने नॉकआउट में प्रवेश कर लिया है और अब आगे के मुकाबलों में खिताब की दौड़ और भी दिलचस्प हो गई है।

  • ऑस्ट्रिया पर जीत के साथ मेसी ने रचा इतिहास वर्ल्ड कप के सर्वाधिक गोल का नया कीर्तिमान

    ऑस्ट्रिया पर जीत के साथ मेसी ने रचा इतिहास वर्ल्ड कप के सर्वाधिक गोल का नया कीर्तिमान


    नई दिल्ली। डलास में खेले गए फीफा वर्ल्ड कप मुकाबले में अर्जेंटीना ने ऑस्ट्रिया को 2 0 से हराकर नॉकआउट चरण में अपनी जगह पक्की कर ली। इस मुकाबले में सबसे बड़ा आकर्षण लियोनेल मेसी रहे जिन्होंने दो गोल करके इतिहास रच दिया। इसी प्रदर्शन के साथ Lionel Messi ने वर्ल्ड कप इतिहास में सर्वाधिक गोल करने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

    मैच की शुरुआत में अर्जेंटीना को पेनल्टी का मौका मिला। लॉटारो मार्टिनेज को बॉक्स के अंदर फाउल किया गया था। पूरे स्टेडियम में उम्मीद थी कि मेसी इस मौके को गोल में बदल देंगे लेकिन उनकी किक गोल पोस्ट से बाहर चली गई। इस चूक के बाद कुछ पल के लिए मैच का माहौल बदल गया और ऑस्ट्रिया की टीम को राहत मिली।

    हालांकि मेसी का खेल यहां से और खतरनाक हो गया। उन्होंने पहले हाफ के अंत से ठीक पहले गेंद को बॉक्स के किनारे लिया और शानदार नियंत्रण के साथ गोलकीपर के ऊपर से गेंद को नेट में पहुंचा दिया। यह गोल न केवल खूबसूरत था बल्कि ऐतिहासिक भी था क्योंकि इसी के साथ उन्होंने वर्ल्ड कप में सर्वाधिक गोल का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

    इस मैच में अर्जेंटीना की टीम ने मजबूत संतुलन दिखाया। मिडफील्ड में लगातार पासिंग और तेज मूवमेंट से टीम ने ऑस्ट्रिया पर दबाव बनाए रखा। ऑस्ट्रिया ने भी कुछ आक्रामक प्रयास किए लेकिन अर्जेंटीना के डिफेंस और गोलकीपर ने उन्हें सफल नहीं होने दिया।

    दूसरे हाफ में ऑस्ट्रिया ने वापसी की कोशिश की। फ्री किक और तेज काउंटर अटैक से उन्होंने अर्जेंटीना की रक्षा को चुनौती दी। लेकिन कप्तान मेसी लगातार टीम को आगे बढ़ाते रहे और मैच पर पकड़ बनाए रखी।

    स्टॉपेज टाइम में मेसी ने अपना दूसरा गोल भी दाग दिया। इस बार उन्होंने राइट साइड से अंदर की ओर ड्रिबल करते हुए गेंद को गोल की ओर भेजा। पहले शॉट को उनके साथी खिलाड़ी जूलियन अल्वारेज पूरा नहीं कर सके लेकिन गेंद रिबाउंड हुई और मेसी ने तुरंत मौके का फायदा उठाकर उसे नेट में डाल दिया। यह उनका इस टूर्नामेंट में दूसरा गोल था और कुल मिलाकर वर्ल्ड कप में 18वां गोल भी बन गया।

    मैच खत्म होते ही स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने मेसी के नाम के नारे लगाए। अर्जेंटीना की यह लगातार दूसरी जीत थी जिससे टीम ने बिना किसी हार के नॉकआउट में प्रवेश किया। इस प्रदर्शन के बाद टीम को टूर्नामेंट की सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल माना जा रहा है।

    अर्जेंटीना अब अपना अगला ग्रुप मैच 27 जून को जॉर्डन के खिलाफ खेलेगा। टीम का लक्ष्य लगातार जीत के साथ आगे बढ़ते हुए खिताब बचाने का है।

  • IND vs ENG: टी20 सीरीज के लिए इंग्लैंड टीम घोषित, अनकैप्ड ऑलराउंडर जेम्स कोल्स की एंट्री से बढ़ी चर्चा

    IND vs ENG: टी20 सीरीज के लिए इंग्लैंड टीम घोषित, अनकैप्ड ऑलराउंडर जेम्स कोल्स की एंट्री से बढ़ी चर्चा


    नई दिल्ली । भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए इंग्लैंड क्रिकेट टीम का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है। यह सीरीज 1 जुलाई से शुरू होगी, जिसका पहला मुकाबला चेस्टर ले स्ट्रीट में खेला जाएगा। वहीं सीरीज का अंतिम मैच 11 जुलाई को साउथम्प्टन में आयोजित होगा। इसके बाद दोनों टीमों के बीच वनडे सीरीज भी खेली जाएगी।

    इंग्लैंड की कमान इस बार हैरी ब्रूक के हाथों में होगी। चयनकर्ताओं ने सीमित ओवरों के प्रारूप में उन पर भरोसा जताते हुए कप्तानी की जिम्मेदारी बरकरार रखी है। ब्रूक इससे पहले टेस्ट टीम की कप्तानी नहीं कर पाए थे, लेकिन टी20 प्रारूप में वह टीम का नेतृत्व करेंगे।

    इस स्क्वॉड में सबसे बड़ी चर्चा 22 वर्षीय अनकैप्ड ऑलराउंडर जेम्स कोल्स की एंट्री को लेकर है। ससेक्स के इस युवा खिलाड़ी ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर टीम में जगह बनाई है। हाल ही में उन्होंने काउंटी चैम्पियनशिप में ग्लेमॉर्गन के खिलाफ नाबाद 224 रनों की बेहतरीन पारी खेली थी, जो उनके फर्स्ट क्लास करियर का सर्वोच्च स्कोर है। टी20 ब्लास्ट में भी उन्होंने अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया था।

    टीम चयन में कुछ प्रमुख बदलाव भी देखने को मिले हैं। बेन डकेट को इस टी20 स्क्वॉड में शामिल नहीं किया गया है, जबकि जॉर्डन कॉक्स, सोनी बेकर और साकिब महमूद की वापसी हुई है। चोटों के कारण ब्रायडन कार्स और जेमी ओवर्टन जैसे खिलाड़ी चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे, जिसके चलते चयनकर्ताओं ने अपेक्षाकृत बड़ा 17 सदस्यीय स्क्वॉड चुना है।

    इंग्लैंड के चयनकर्ता मार्कस नॉर्थ ने कहा कि जेम्स कोल्स ने अपने प्रदर्शन के दम पर यह अवसर अर्जित किया है। उन्होंने यह भी बताया कि न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के तुरंत बाद भारत के खिलाफ टी20 सीरीज शुरू होने के कारण टीम में अतिरिक्त विकल्प रखना जरूरी था।

    भारत और इंग्लैंड के बीच यह टी20 सीरीज बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है, खासकर तब जब भारत की युवा बल्लेबाजी लाइनअप और इंग्लैंड की नई रणनीति आमने-सामने होंगी। इसके बाद वनडे सीरीज भी खेली जाएगी, जो दोनों टीमों के लिए आगामी ICC टूर्नामेंट्स की तैयारी का अहम हिस्सा मानी जा रही है।

  • हरमनप्रीत का विश्व रिकॉर्ड महिला क्रिकेट की शेरनी ने 200 टी20I मैच खेलकर रचा नया इतिहास

    हरमनप्रीत का विश्व रिकॉर्ड महिला क्रिकेट की शेरनी ने 200 टी20I मैच खेलकर रचा नया इतिहास


    नई दिल्ली । भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है जिसने न केवल भारतीय क्रिकेट बल्कि विश्व क्रिकेट के इतिहास में भी उनका नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज कर दिया है। महिला टी20 विश्व कप 2026 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए मुकाबले के दौरान हरमनप्रीत टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 200 मैच खेलने वाली दुनिया की पहली क्रिकेटर बन गईं। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने पुरुष और महिला दोनों वर्गों के सभी क्रिकेटरों को पीछे छोड़ते हुए एक नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

    मैनचेस्टर के प्रतिष्ठित ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेला गया यह मुकाबला भारतीय कप्तान के करियर का सबसे यादगार क्षण बन गया। करीब 17 वर्षों से भारतीय क्रिकेट की सेवा कर रही हरमनप्रीत ने अपने शानदार सफर में कई उपलब्धियां हासिल की हैं लेकिन 200 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों का आंकड़ा छूना उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल माना जा रहा है। यह रिकॉर्ड उनकी निरंतरता समर्पण फिटनेस और खेल के प्रति जुनून का प्रमाण है।

    इस ऐतिहासिक अवसर पर भारतीय टीम ने भी अपनी कप्तान का विशेष सम्मान किया। मैच शुरू होने से पहले टीम हडल के दौरान मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने हरमनप्रीत को विशेष स्मृति कैप भेंट की। वहीं उपकप्तान स्मृति मंधाना ने उन्हें Harman 200 लिखी हुई खास जर्सी देकर सम्मानित किया। पूरी टीम ने तालियों के साथ अपनी कप्तान की इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाया।

    पंजाब के एक साधारण परिवार से निकलकर विश्व क्रिकेट की सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में जगह बनाने तक का हरमनप्रीत का सफर संघर्ष और मेहनत की मिसाल रहा है। उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने कई बड़े टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन किया और विश्व क्रिकेट में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।

    टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे अधिक मैच खेलने वाली खिलाड़ियों की सूची में हरमनप्रीत अब शीर्ष पर पहुंच गई हैं। उनके बाद न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स 184 मैचों के साथ दूसरे स्थान पर हैं जबकि इंग्लैंड की डैनी व्याट हॉज 183 मैचों के साथ तीसरे स्थान पर मौजूद हैं। भारतीय बल्लेबाज स्मृति मंधाना भी इस सूची में 169 मैचों के साथ प्रमुख स्थान रखती हैं। पुरुष क्रिकेटरों में सबसे अधिक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले खिलाड़ियों की सूची में आयरलैंड के पॉल स्टर्लिंग 163 और भारत के रोहित शर्मा 159 मैचों के साथ शामिल हैं लेकिन हरमनप्रीत का रिकॉर्ड इन सभी से आगे निकल चुका है।

    सिर्फ मैचों की संख्या ही नहीं बल्कि प्रदर्शन के मामले में भी हरमनप्रीत कौर का नाम महिला क्रिकेट की महान खिलाड़ियों में लिया जाता है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले से पहले उनके नाम 4123 टी20 अंतरराष्ट्रीय रन दर्ज थे। वह महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ियों की सूची में तीसरे स्थान पर हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और बड़े मैचों में शानदार प्रदर्शन ने उन्हें विश्व क्रिकेट की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल किया है।

    हरमनप्रीत कौर की यह उपलब्धि भारतीय महिला क्रिकेट के बढ़ते प्रभाव और सफलता की कहानी को और मजबूत करती है। उनका यह विश्व रिकॉर्ड आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा और भारतीय क्रिकेट इतिहास में लंबे समय तक याद किया जाएगा।

  • इंग्लैंड टीम को राहत बेन स्टोक्स और एटकिंसन पर ईसीबी जांच पूरी तीसरे टेस्ट में कप्तान की वापसी

    इंग्लैंड टीम को राहत बेन स्टोक्स और एटकिंसन पर ईसीबी जांच पूरी तीसरे टेस्ट में कप्तान की वापसी


    नई दिल्ली ।इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड यानी ईसीबी की अनुशासनात्मक जांच में इंग्लैंड टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स को नाइटक्लब विवाद मामले में पूरी तरह क्लीन चिट मिल गई है जांच के बाद यह स्पष्ट किया गया है कि स्टोक्स उस समय घटना स्थल पर मौजूद ही नहीं थे और न ही उनका किसी प्रकार की हिंसक घटना से कोई संबंध पाया गया

    इस जांच के बाद ईसीबी ने स्टोक्स और तेज गेंदबाज गस एटकिंसन को न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे और निर्णायक टेस्ट मैच के लिए इंग्लैंड टीम में शामिल कर लिया है इससे पहले दोनों खिलाड़ियों को अनुशासनात्मक कारणों से दूसरे टेस्ट से बाहर रखा गया था जहां टीम की कप्तानी जो रूट ने संभाली थी लेकिन उस मैच में इंग्लैंड को 253 रन से हार का सामना करना पड़ा था

    पूरा मामला 8 जून की रात लॉर्ड्स टेस्ट के बाद सामने आया जब दोनों खिलाड़ियों पर टीम कर्फ्यू नियमों के उल्लंघन का आरोप लगा इसके बाद ब्रिटिश मीडिया में खबरें आईं कि गस एटकिंसन एक नाइटक्लब में हुए विवाद में शामिल थे रिपोर्ट्स के अनुसार एक रग्बी अकादमी खिलाड़ी ने उन पर हमला करने की कोशिश की थी लेकिन मामला बढ़ते हुए एक सुरक्षा कर्मी को चोट लगने तक पहुंच गया

    ईसीबी की विस्तृत जांच में सामने आया कि बेन स्टोक्स इस पूरी घटना के दौरान नाइटक्लब में मौजूद ही नहीं थे बोर्ड ने स्पष्ट किया कि स्टोक्स किसी भी विवाद का हिस्सा नहीं थे और न ही उन्होंने घटना को देखा था हालांकि टीम नियमों के उल्लंघन के चलते उन्हें और एटकिंसन दोनों को लिखित चेतावनी दी गई है

    गस एटकिंसन को लेकर जांच में यह पाया गया कि वह बिना किसी उकसावे के हमले के शिकार हुए थे और उन्होंने किसी भी स्थिति में जवाबी कार्रवाई नहीं की इस तरह उन्हें भी हिंसक घटना के लिए दोषी नहीं ठहराया गया इस पूरे विवाद के बावजूद ईसीबी ने अनुशासनात्मक नियमों के तहत दोनों खिलाड़ियों को चेतावनी जारी की है और टीम के आचार संहिता पालन पर जोर दिया है

    अब इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच सीरीज 1-1 की बराबरी पर पहुंच चुकी है और तीसरा टेस्ट निर्णायक होगा जिसमें स्टोक्स की कप्तानी में इंग्लैंड वापसी करेगा तीसरे टेस्ट के लिए घोषित इंग्लैंड टीम में बेन स्टोक्स, जो रूट, जोफ्रा आर्चर, हैरी ब्रूक, बेन डकेट और अन्य प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं जिससे मुकाबला और भी रोमांचक होने की उम्मीद है

  • भारत को बड़ा झटका दक्षिण अफ्रीका से हारा महिला टीम का सेमीफाइनल समीकरण हुआ पेचीदा

    भारत को बड़ा झटका दक्षिण अफ्रीका से हारा महिला टीम का सेमीफाइनल समीकरण हुआ पेचीदा


    नई दिल्ली । महिला टी20 विश्व कप में भारतीय महिला क्रिकेट टीम को एक अहम मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा है इस हार के बाद भारत की सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है और ग्रुप स्टेज का समीकरण अब और भी कठिन हो गया है

    मैच मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान में खेला गया जहां भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट खोकर 158 रन बनाए भारत की ओर से किसी भी बल्लेबाज ने बड़ी पारी नहीं खेली और टीम नियमित अंतराल पर विकेट गंवाती रही दीप्ति शर्मा ने सबसे ज्यादा 29 रन बनाए जबकि यास्तिका भाटिया ने 15 रन जेमिमा रोड्रिग्स ने 12 रन और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 24 रन का योगदान दिया

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही कप्तान लौरा वोल्वार्ड्ट 20 रन बनाकर आउट हो गईं लेकिन इसके बाद तजमिन ब्रिट्स ने 40 रनों की अहम पारी खेलकर टीम को संभाला और मैच को संतुलन में ला दिया

    इसके बाद मारिजान कैप ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बना दिया कैप ने मात्र 45 गेंदों में 81 रनों की तूफानी पारी खेली जिसमें 4 छक्के और 7 चौके शामिल रहे उनकी इस पारी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया और भारत के हाथ से जीत फिसल गई

    मारिजान कैप ने सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं बल्कि गेंदबाजी में भी योगदान दिया और 2 महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए उनकी ऑलराउंड परफॉर्मेंस भारत पर भारी पड़ी और दक्षिण अफ्रीका ने 5 गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया

    इस हार के साथ भारतीय टीम ग्रुप ए में दूसरे स्थान पर बनी हुई है लेकिन सेमीफाइनल की राह अब मुश्किल हो गई है ऑस्ट्रेलिया 6 अंकों के साथ शीर्ष पर है जबकि भारत के 4 अंक हैं और पाकिस्तान टूर्नामेंट से बाहर हो चुका है अब भारतीय टीम के लिए आने वाले मुकाबले बेहद अहम होंगे क्योंकि हर मैच में जीत सेमीफाइनल की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए जरूरी हो गई है

  • 15 साल के वैभव सूर्यवंशी का धमाका! 29 गेंदों में 94 रन ठोककर इंटरनेशनल डेब्यू के दरवाजे पर पहुंचे युवा स्टार

    15 साल के वैभव सूर्यवंशी का धमाका! 29 गेंदों में 94 रन ठोककर इंटरनेशनल डेब्यू के दरवाजे पर पहुंचे युवा स्टार


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट को एक और बड़ा सितारा मिल गया है। महज 15 साल की उम्र में अपने विस्फोटक बल्लेबाजी अंदाज से क्रिकेट जगत का ध्यान खींचने वाले वैभव सूर्यवंशी अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। श्रीलंका ए के खिलाफ ट्राई सीरीज के फाइनल में उन्होंने जिस तरह की बल्लेबाजी की उसने चयनकर्ताओं के साथ-साथ क्रिकेट विशेषज्ञों को भी प्रभावित कर दिया है। अब माना जा रहा है कि 26 जून को आयरलैंड के खिलाफ होने वाले पहले टी20 मुकाबले में उन्हें भारतीय टीम की ओर से खेलने का मौका मिल सकता है।

    बिहार के इस युवा बल्लेबाज ने बेहद कम समय में अपनी अलग पहचान बनाई है। वैभव की सबसे बड़ी ताकत उनका निडर खेल और दबाव भरे मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करना है। यही वजह है कि उन्हें अब नॉकआउट मुकाबलों का नया किंग कहा जाने लगा है। इस साल उन्होंने पांच करो या मरो मुकाबले खेले हैं जिनमें चार अर्धशतक और एक शतक लगाया है। खास बात यह है कि तीन बार वह 90 से अधिक रन बनाकर आउट हुए लेकिन कभी व्यक्तिगत उपलब्धि के लिए अपनी बल्लेबाजी की रफ्तार धीमी नहीं की।

    श्रीलंका ए के खिलाफ ट्राई सीरीज के फाइनल में वैभव ने अपने करियर की सबसे यादगार पारियों में से एक खेली। भारतीय टीम के लिए ओपनिंग करने उतरे इस युवा बल्लेबाज ने सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 10 चौके और 8 छक्के शामिल रहे। यानी उन्होंने अपने 94 में से 88 रन केवल बाउंड्री से जुटाए। शतक से महज कुछ कदम दूर रह जाने के बावजूद उनकी इस पारी ने मैच का रुख बदल दिया और विरोधी टीम पर जबरदस्त दबाव बना दिया।

    वैभव की बल्लेबाजी का अंदाज उन्हें अपनी उम्र के खिलाड़ियों से अलग बनाता है। वह बड़े शॉट खेलने से नहीं घबराते और मैच की स्थिति के अनुसार तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। यही कारण है कि उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सितारा माना जा रहा है। उनके प्रदर्शन ने यह भी साबित किया है कि दबाव जितना बढ़ता है उनका खेल उतना ही निखरता है।

    अब क्रिकेट प्रेमियों की नजरें भारत के आयरलैंड दौरे पर टिकी हैं। भारतीय टीम वहां दो टी20 मैच खेलेगी। पहला मुकाबला 26 जून और दूसरा 28 जून को बेलफास्ट में खेला जाएगा। यदि वैभव को पहले ही मैच में मौका मिलता है तो वह भारतीय क्रिकेट इतिहास में सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो जाएंगे। इतना ही नहीं वे महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के सबसे कम उम्र में भारत के लिए डेब्यू करने के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ सकते हैं।

    आयरलैंड दौरे के बाद भारत को इंग्लैंड के खिलाफ भी टी20 सीरीज खेलनी है। ऐसे में यदि वैभव को मौका मिलता है और वह अपनी फॉर्म बरकरार रखते हैं तो भारतीय क्रिकेट को एक नया सुपरस्टार मिल सकता है। फिलहाल पूरे देश की नजरें 26 जून पर टिकी हैं जब यह युवा बल्लेबाज अपने सपनों की उड़ान भर सकता है।

  • वैभव–तिलक की तूफानी पारियां, भारत ए ने फाइनल में 377 रन ठोककर मचाया धमाल

    वैभव–तिलक की तूफानी पारियां, भारत ए ने फाइनल में 377 रन ठोककर मचाया धमाल


    नई दिल्ली । दांबुला के रंगिरी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे ट्राई सीरीज फाइनल में भारत ए ने बल्लेबाजी का ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने श्रीलंका ए के गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 50 ओवर में 9 विकेट पर 377 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।

    इस पारी की सबसे बड़ी खासियत रही युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक शुरुआत, जिन्होंने एक बार फिर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। वैभव और प्रियांश आर्या ने पहले विकेट के लिए सिर्फ 8.5 ओवर में 132 रनों की तूफानी साझेदारी की। इस साझेदारी ने श्रीलंका ए के गेंदबाजों को शुरुआती झटका दे दिया।

    Vaibhav Suryavanshi ने मात्र 29 गेंदों में 94 रनों की पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी इतनी आक्रामक रही कि उन्होंने 324 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 10 चौके और 8 छक्के लगाए। खास बात यह रही कि उन्होंने सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक लगाकर लिस्ट ए क्रिकेट में नया इतिहास रच दिया।

    दूसरे छोर से कप्तान Tilak Varma ने जिम्मेदारी भरी पारी खेली और टीम को स्थिरता प्रदान की। उन्होंने 90 गेंदों पर 67 रन बनाए और तीसरे विकेट के लिए ऋतुराज गायकवाड़ के साथ 84 रनों की साझेदारी की। इस साझेदारी ने भारत ए को शुरुआती झटकों के बाद मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

    ऋतुराज गायकवाड़ ने 51 गेंदों में 40 रन बनाए, लेकिन बड़ी पारी खेलने से चूक गए। वहीं कुमार कुशाग्र ने 36 रनों का योगदान दिया। मध्यक्रम में भले ही कुछ बल्लेबाज बड़े स्कोर नहीं कर सके, लेकिन रन गति लगातार तेज बनी रही।

    अंत के ओवरों में अनुकूल रॉय ने तेजी से रन जोड़ते हुए मात्र 15 गेंदों में 39 रनों की आतिशी पारी खेली। उनकी इस पारी में एक चौका और चार छक्के शामिल रहे, जिसने भारत ए को 370 के पार पहुंचा दिया। इसके अलावा यश ठाकुर नाबाद 2 रन पर रहे।

    श्रीलंका ए की ओर से गेंदबाजी में कुगाथास मथुलन, वानूजा साहन और रविंदु फर्नांडो ने दो-दो विकेट हासिल किए, लेकिन वे भारतीय बल्लेबाजों की आक्रामकता को रोक नहीं सके।

    कुल मिलाकर यह पारी भारत ए की बल्लेबाजी गहराई और युवा प्रतिभा का शानदार उदाहरण रही। खासकर वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक शुरुआत ने इस मुकाबले को एकतरफा मोड़ दे दिया।

  • भारत की स्क्वॉड घोषित, बुमराह की वापसी से तेज गेंदबाजी मजबूत, अय्यर बने उपकप्तान

    भारत की स्क्वॉड घोषित, बुमराह की वापसी से तेज गेंदबाजी मजबूत, अय्यर बने उपकप्तान


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की बहुप्रतीक्षित वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया है। इस चयन ने कई बड़े बदलाव और नई रणनीति की ओर संकेत दिया है। टीम की कमान युवा कप्तान शुभमन गिल को सौंपी गई है, जबकि श्रेयस अय्यर को उपकप्तान बनाया गया है।

    टीम चयन में सबसे बड़ी खबर जसप्रीत बुमराह की वापसी रही, जो लंबे समय बाद वनडे टीम में लौटे हैं। उनकी मौजूदगी से भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती मिलेगी। वहीं अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली को टीम में शामिल किया गया है, लेकिन उनकी उपलब्धता फिटनेस टेस्ट पर निर्भर करेगी, जिससे टीम प्रबंधन उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

    ओपनिंग जोड़ी के रूप में रोहित शर्मा और शुभमन गिल को बरकरार रखा गया है, जो भारतीय बल्लेबाजी क्रम की रीढ़ मानी जा रही है। मध्यक्रम में श्रेयस अय्यर, केएल राहुल और ईशान किशन को शामिल किया गया है। राहुल और किशन को विकेटकीपर की जिम्मेदारी भी दी गई है, जबकि ऋषभ पंत को इस बार टीम से बाहर रखा गया है।

    ऑलराउंडर विभाग में वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल और नीतीश कुमार रेड्डी को टीम में जगह मिली है। इन खिलाड़ियों से टीम को बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में संतुलन मिलने की उम्मीद है।

    तेज गेंदबाजी आक्रमण की कमान जसप्रीत बुमराह के हाथों में होगी। उनके साथ प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा और गुरनूर बरार जैसे युवा गेंदबाजों को भी मौका दिया गया है। स्पिन विभाग में कुलदीप यादव को प्रमुख भूमिका दी गई है।

    टीम चयन में कुछ बड़े फैसले भी देखने को मिले हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ हालिया सीरीज में शतक लगाने वाले यशस्वी जायसवाल को टीम से बाहर कर दिया गया है, जो कई फैंस के लिए चौंकाने वाला फैसला माना जा रहा है। वहीं तेज गेंदबाज वरुण चक्रवर्ती चोट के कारण टी20 सीरीज से बाहर हैं, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में उनकी वापसी की उम्मीद जताई जा रही है।

    सीरीज का पहला वनडे 14 जुलाई को एजबेस्टन में खेला जाएगा। दूसरा मुकाबला 16 जुलाई को होगा, जबकि तीसरा और अंतिम वनडे 19 जुलाई को ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेला जाएगा। यह सीरीज दोनों टीमों के लिए आगामी बड़े टूर्नामेंटों की तैयारी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    नई कप्तानी, अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी और युवा खिलाड़ियों के मिश्रण के साथ यह टीम काफी संतुलित नजर आ रही है। चयनकर्ताओं का यह फैसला स्पष्ट करता है कि टीम इंडिया अब भविष्य और अनुभव दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ने की रणनीति पर काम कर रही है।