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  • बोस्निया से हारकर इटली विश्व कप 2026 से बाहर, लगातार तीसरी बार चूकी

    बोस्निया से हारकर इटली विश्व कप 2026 से बाहर, लगातार तीसरी बार चूकी


    नई दिल्ली। चार बार की चैंपियन इटली की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के लिए बड़ा झटका सामने आया है। FIFA World Cup 2026 के प्लेऑफ़ फ़ाइट में बोस्निया और हर्ज़ेगोविना की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम से हारकर इटली लगातार तीसरी बार विश्व कप में जगह बनाने से चूक गई। यह हार इटली फ़ुटबॉल इतिहास के लिए बेहद निराशाजनक मानी जा रही है।

    पेनल्टी शूटआउट में टूटा सपना

    जेनिका में खेले गए इस रोमांचक फ़ाइट में दोनों टीमें तय समय और अतिरिक्त समय के बाद 1-1 की बराबरी पर रहीं। इसके बाद मैच का फ़ैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ, जहाँ बोस्निया ने 4-1 से जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ बोस्निया ने 2014 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप में अपनी जगह बनाई।

    रेड कार्ड ने बदला मैच का रुख़

    मैच की शुरुआत में इटली ने बढ़त बना ली थी। मोइस कीन ने 15वें मिनट में गोल कर टीम को आगे कर दिया। लेकिन हाफ़टाइम से पहले एलेसेंड्रो बस्तोनी को रेड कार्ड मिलने के बाद इटली 10 खिलाड़ियों तक सिमट गई। दब से मैच का रुख पलट गया।

    बोस्निया की शानदार वापसी

    संख्यात्मक बढ़त का फायदा उठाते हुए बोस्निया ने लगातार दबाव बनाया और 79वें मिनट में हारिस तबाकोविक ने गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया। इसके बाद अतिरिक्त समय में भी कोई गोल नहीं हुआ और मुकाबला शूटआउट में पहुंच गया।

    शूटआउट में इटली की नाकामी

    पेनल्टी शूटआउट में इटली पूरी तरह दबाव में नजर आई। सिर्फ सैंड्रो टोनाली ही गोल कर सके, जबकि बाकी खिलाड़ी चूक गए। दूसरी ओर बोस्निया ने अपने सभी चार शॉट गोल में बदले और एस्मिर बजरकतारेविक ने दावेदार किक लगाकर टीम को जीत दिलाई।

    कोच और खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया

    इटली के हेड कोच गेनारो गट्टूसो ने हार के बाद माफी मांगते हुए कहा कि टीम उम्मीदों पर खरी नहीं उतर। वहीं डिफेंडर लियोनार्डो स्पिनाज़ोला ने इसे बेहद दर्दनाक हार बताया।

    यूरोप से बाकी टीमों ने किया क्वालिफिकेशन

    इसी प्लेऑफ में चेक रिपब्लिक नेशनल फुटबॉल टीम, स्वीडन नेशनल फुटबॉल टीम और टर्की नेशनल फुटबॉल टीम ने भी वर्ल्ड कप 2026 के लिए क्वालिफिकेशन दर्ज कर जीत दर्ज की। अब यूरोप की सभी 16 टीमें तय हो चुकी हैं।

    कब और कहां होगा वर्ल्ड कप

    FIFA वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन 11 जून से 19 जुलाई 2026 के बीच यूनाइटेड स्टेट्स, कनाडा और मैक्सिको में होगा, जिसमें कुल 48 टीमें हिस्सा लेंगी।

  • IPL रिकॉर्ड: एक टीम के साथ सबसे लंबा सफर तय करने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट

    IPL रिकॉर्ड: एक टीम के साथ सबसे लंबा सफर तय करने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट


    नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2008 से शुरू होकर आज दुनिया की सबसे लोकप्रिय टी20 लीग बन गई है। इस लीग में कई खिलाड़ी अलग-अलग टीमों की प्रतियोगिताओं में नजर आए, लेकिन कुछ ऐसे दिग्गज भी हैं जो अपने करियर का बड़ा हिस्सा सिर्फ एक ही फ्रेंचाइजी के साथ हैं। आइए जानते हैं ऐसे 5 खिलाड़ियों के बारे में जिनमें एक ही टीम के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने की चाहत है।

    1. विराट कोहली (आरसीबी)

    इस लिस्ट में विराट कोहली नंबर-1 पर हैं। वह 2008 से ही रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) का हिस्सा हैं और टीम के सबसे पसंदीदा खिलाड़ी हैं। आईपीएल 2026 तक कोहली आरसीबी के लिए 268 मैच खेल चुके हैं, जो किसी भी खिलाड़ी द्वारा एक टीम के लिए सबसे ज्यादा हैं।

    2. एमएस धोनी (क्रिकेटर)

    महेंद्र सिंह धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के साथ मिलकर एक अलग ही पहचान बनाई है। 2016-17 में टीम के बैन के दौरान वह राइजिंग पुणे सुपरजायंट के लिए खेले, लेकिन बाकी सभी सीज़न में सीएसके के साथ रहे। आईपीएल 2025 तक धोनी सीएसके के लिए 248 मैच खेले हैं।

    3. रोहित शर्मा (मुंबई इंडियंस)

    रोहित शर्मा ने 2011 से मुंबई इंडियंस का प्रतिनिधित्व किया है। वह अपनी टीम को कई बार चैंपियन बना चुके हैं और अब तक 228 मैचों में एक ही टीम के लिए खेल चुके हैं, जिससे वह इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं।

    4. सुनील नरेन (केकेआर)

    वेस्टइंडीज के स्टार स्पिनर सुनील नरेन 2012 से कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ जुड़े हुए हैं। उन्होंने अपनी दमदार गेंदबाजी और ऑलराउंड प्रदर्शन से टीम को कई मैच जिताए हैं। नरेन अब तक केकेआर के लिए 190 मैच खेल चुके हैं।

    5. कीरोन पोलार्ड (मुंबई इंडियंस)

    किरण पोलार्ड 2010 से 2022 तक मुंबई इंडियंस के अहम खिलाड़ी रहे। उन्होंने 189 मैच खेले और टीम को कई यादगार जीत दिलाईं। अब वह टीम के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा हैं।

    इनप्लेस को क्या खास बनाता है?

    इन प्लेयर्स की सबसे बड़ी खासियत उनकी लॉयल्टी (निष्ठा) और कंसिस्टेंसी (लगातार परफॉर्मेंस) है। आईपीएल जैसी बड़ी लीग में लंबे समय तक किसी एक टीम के लिए खेलना आसान नहीं होता, लेकिन इन खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन और टीम के प्रदर्शन से अलग पहचान बनाई।

  • अमेलिया केर के शतक से न्यूजीलैंड का इतिहास, वनडे में सबसे बड़ा लक्ष्य किया हासिल

    अमेलिया केर के शतक से न्यूजीलैंड का इतिहास, वनडे में सबसे बड़ा लक्ष्य किया हासिल


    नई दिल्ली। महिला वनडे क्रिकेट में न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट टीम ने ऐसा कारनामा कर दिखाया, जो पहले कभी नहीं हुआ था। कप्तान अमेलिया केर की धमाकेदार नाबाद पारी के दम पर न्यूजीलैंड ने 347 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए इतिहास रच दिया और सबसे बड़े रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ न्यूजीलैंड ने भारत महिला क्रिकेट टीम का पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।

    दक्षिण अफ्रीका ने पहाड़ जैसा लक्ष्य रखा था

    वेलिंगटन में खेले गए इस मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका महिला क्रिकेट टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट पर 346 रन बनाए। कप्तान लॉरा वोल्वार्ड्ट ने 69 रन, एनेके बॉश ने 91 रन और क्लो ट्रायोन ने 25 गेंदों में 52 रन की तूफानी पारी खेलकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।

    अमेलिया केर की ऐतिहासिक पारी

    इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए अमेलिया केर ने कप्तानी पारी खेली। नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने उतरी केर ने 139 गेंद पर 179* रन बनाए, जिसमें 23 चौके और 1 छक्का शामिल रहा। यह पारी न सिर्फ मैच जिताऊ रही, बल्कि महिला क्रिकेट के इतिहास में यादगार बन गई।

    टीमों ने बदला मैच

    केर को इज़ी गेज़ का शानदार साथ मिला, जिसने 48 गेंद में 68 रन बनाए। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 120 रन की अहम साझेदारी हुई, जिसने मैच का रुख न्यूजीलैंड की ओर मोड़ दिया।

    आखिरी ओवरों में भी केर ने जिम्मेदारी संभाले रखी और छोटे-छोटे लेकिन अहम योगदान के साथ टीम को जीत दिलाई।

    आखिरी ओवरों में बना रोमांच

    एक समय न्यूजीलैंड को 72 गेंद में 97 रन चाहिए थे और 5 विकेट बचे थे, जिससे मैच फिसलता हुआ नजर आ रहा था। लेकिन केर ने धैर्य और रनों का बेहतरीन बैलेंस दिखाया और टीम को 49.4 ओवर में 350/8 तक पहुंचाकर 2 विकेट से ऐतिहासिक जीत दिलाई।

    भारत का रिकॉर्ड तोड़

    इससे पहले महिला वनडे में सबसे बड़ा रन बनाने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम का नाम था, जिसने 2025 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में 339 रन का लक्ष्य हासिल किया था। अब न्यूजीलैंड ने इसे पीछे छोड़कर नया इतिहास बना दिया।

  • IPL 2026: श्रेयस अय्यर पर लगा 12 लाख का जुर्माना, पंजाब किंग्स को झटका

    IPL 2026: श्रेयस अय्यर पर लगा 12 लाख का जुर्माना, पंजाब किंग्स को झटका


    नई दिल्ली आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स ने भले ही शानदार जीत दर्ज की हो, लेकिन टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर को बड़ा झटका लगा है। गुजरात के कलेक्टोरेट के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में 12 लाख रुपये की कटौती का अनुमान लगाया गया है। यह कार्रवाई ओवर रेटिंग के कारण की गई है, जिसे आईपीएल के प्रदर्शन का उल्लंघन माना जाता है।

    पूरा मामला क्या है?

    आईपीएल की ओर से जारी बयान के मुताबिक, इस सीजन में पंजाब किंग्स का पहला ओवर-रेट उल्लंघन था। इंडियन प्रीमियर लीग के कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.22 के तहत कैप्टन पर 12 लाख रुपये की कटौती की गई है। अगर यह ग़लती से दोगुना हो जाता है, तो आगे और कड़ी सज़ा भी मिल सकती है।

    मैच के दौरान लगी चोट ने चिंता जताई

    इस कॉलेज में श्रेयस अय्यर को चोट का भी सामना करना पड़ा। स्ट्राइकर-स्ट्राइकर और शेयरहोल्डर अयर्ड नॉन के हाथ पर कूपर कोनोली का तेज शॉट लगाया गया, जिससे वह कुछ समय के लिए मैदान पर ही लेट गए। हालांकि मेडिकल टीम की मदद के बाद उन्होंने नाटकीय रिलीज जारी की, लेकिन ज्यादा देर टिक नहीं सके।

    पंजाब की शानदार जीत

    मैच की बात करें तो पंजाब किंग्स ने सबसे पहले गुजरात टाइटंस को 162/6 पर रोका। गुजरात की ओर से शुबमन गिल (39) और जोस बटलर (38) ने अच्छी पारियां खेलीं।

    पंजाब की ओर से विजयकुमार वैश्य ने 3 विकेट, युजवेंद्र चहल ने 2 विकेट और मार्को जानसन ने 1 विकेट लिया।

    कोनोली बने जीत के हीरो

    लक्ष्य का पीछा करते हुए पंजाब ने 19.1 ओवर में 165/7 रन बनाकर 3 विकेट से जीत हासिल की। इस जीत के हीरो रहे कूपर कोनोली, मैच 72 रन की शानदार पारी और प्लेयर ऑफ द मैच बने।

    गुजरात के गणतंत्र की कोशिश नाकाम

    गुजरात की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा ने 3 विकेट लेकर मैच को झटका दिया, लेकिन टीम जीत से दूर रह गई।

    आगे की चेतावनी

    यह अपूरणीय श्रेयस अय्यर और उनकी टीम के लिए चेतावनी है। अगर आगे भी ओवर-रेट की समस्या जारी हो रही है, तो टीम और कप्तान को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।

  • देवेंद्र फडणवीस और रवि शास्त्री की मुलाकात, पूर्व क्रिकेटर ने भेंट की किताब

    देवेंद्र फडणवीस और रवि शास्त्री की मुलाकात, पूर्व क्रिकेटर ने भेंट की किताब


    नई दिल्ली। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस ने रविवार को मुंबई स्थित अपने आधिकारिक आवास पर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री से मुलाकात की। इस मुलाकात की जानकारी खुद सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की, जहां उन्होंने इस खास मुलाकात को सुखद अनुभव के बारे में बताया।

    किताब बिश्ते की खास याद

    इस मुलाक़ात को और ख़ास बातें बताई गईं रवि शास्त्री ने मुख्यमंत्री को एक किताब के बारे में बताया। यह किताब “इंडियाज़ 71-ईयर टेस्ट: द जर्नी टू ट्राइंफ इन ऑस्ट्रेलिया” है, जिसे आर कौशिक ने लिखा है। इस पुस्तक में भारतीय टेस्ट क्रिकेट के लंबे सफर और विशेष रूप से ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक जीत की कहानी का विस्तार बताया गया है। इस उपहार के लिए ईसाई ने भी खरीदा सामान।

    सोशल मीडिया पर शेयर की तस्वीर

    देवेन्द्र फड़णवीस ने अपने पोस्ट में लिखा कि अनुभवी खिलाड़ियों और पूर्व कोच से मिलकर उन्हें बेहद खुशी हुई। साथ ही उन्होंने इस मुलाकात की तस्वीरें भी शेयर कीं, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।

    शानदार क्रिकेट के धनी हैं शास्त्री

    रवि शास्त्री भारतीय क्रिकेट के दिग्गज रत्नों में गिने जाते हैं। उन्होंने 1981 से 1992 के बीच भारत के लिए 80 टेस्ट और 150 लाॅरी कंपनी खेली। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 3,830 रन और 151 विकेट दर्ज हैं, जबकि टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 3,108 रन और 129 विकेट दर्ज हैं। वह 1983 की विश्व कप टीम के विजेताओं का भी हिस्सा हैं।

    कोचिंग और कमेंट्री में भी दमदार पहचान

    संत के बाद शास्त्री ने कमेंट्री की दुनिया में कदम रखा और अपनी अलग पहचान बनाई। इसके बाद उन्होंने 2017 से 2021 तक भारतीय टीम के मुख्य कोच के रूप में भी शानदार काम किया। उनकी टीम इंडिया ने टेस्ट क्रिकेट में शीर्ष स्थान हासिल किया और ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज में जीत दर्ज की।

    खेल और राजनीति का संगम

    यह मुलाकात खेल और राजनीति के बीच एक सकारात्मक संवाद का उदाहरण बन रही है। जहां एक ओर देवेन्द्र फड़णवीस राज्य का नेतृत्व कर रहे हैं, वहीं रवि शास्त्री खेल जगत की बड़ी हस्तियां हैं। दोनों की यह मुलाकात चर्चा का विषय बनी हुई है।

  • IPL 2026: ऋषभ पंत की बैटिंग पोजीशन पर सस्पेंस खत्म, कोच जस्टिन लैंगर ने दिया जवाब

    IPL 2026: ऋषभ पंत की बैटिंग पोजीशन पर सस्पेंस खत्म, कोच जस्टिन लैंगर ने दिया जवाब


    नई दिल्ली। IPL 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच होने वाले मुकाबले से पहले सबसे बड़ा सवाल यही है कि कप्तान ऋषभ पंत किस नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे। लेकिन इस सवाल का जवाब अगर किसी के पास नहीं है। टीम के हेड कोच जस्टिन लैंगर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ तौर पर कहा कि वह पंत की बैटिंग पोजीशन का खुलासा नहीं करेंगे।

    रणनीति के तहत छिपाया गया प्लान

    लैंगर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर वह अभी पंत का बैटिंग ऑर्डर बता देंगे, तो डिफेंस टीम को रणनीति बनाने में आसानी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि फैंस को भी बाकी सभी की तरह मैच का इंतजार करना होगा। इससे साफ है कि एलएसजी इस मुकाबले में कोई सरप्राइज प्लान लेकर उतर सकती है।

    शानदार फॉर्म में हैं पंत

    लैंगर ने पंत की जमकर बल्लेबाजी करते हुए कहा कि वह बेहतरीन मानसिक और खेल फॉर्म में हैं। उनके अनुसार पंत इस समय आत्मविश्वास से भरे हुए हैं, आक्रामक हैं और मैदान पर पूरी ऊर्जा के साथ उतर रहे हैं। कोच ने यह भी कहा कि दबाव पंत के लिए नया नहीं है और वह इससे और मजबूत बनकर उभर रहे हैं।

    महंगे खिलाड़ी पर बड़ी ज़िम्मेदारी

    गौरतलब है कि ऋषभ पंत IPL इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी हैं, जिन्हें 2025 की नीलामी में 27 करोड़ रुपये में खरीदा गया था। ऐसे में इस सीज़न में उनसे बड़ी पारियों और बेहतर कप्तानी की उम्मीद होगी। पिछले सीज़न में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था—उन्होंने कुल 269 रन बनाए थे और टीम प्लेऑफ़ में भी नहीं पहुँच पाई थी।

    IPL 2026 पंत के करियर के लिए अहम

    यह सीज़न पंत के लिए सिर्फ IPL तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के नतीजों से भी बहुत ज़रूरी है। अगर वह भारत की ODI और T20 टीम से बाहर चल रहे हैं, ऐसे में इस टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन उनके भविष्य की दिशा तय कर सकता है।

    क्या हो सकती है बैटिंग पोजीशन?

    हालांकि आधिकारिक तौर पर कुछ तय नहीं है, लेकिन टीम की ज़रूरत के हिसाब से पंत मिडिल ऑर्डर (नंबर 4 या 5) में बल्लेबाज़ करते नज़र आ सकते हैं, जहाँ वह मैच फ़िनिशर की भूमिका निभा सकें। ज़रूरत पड़ने पर उन्हें ऊपर भी भेजा जा सकता है।

    सार: नई दिल्ली। IPL 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच होने वाले मुकाबले से पहले सबसे बड़ा सवाल यही है कि कप्तान ऋषभ पंत किस नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे। लेकिन इस सवाल का जवाब अगर किसी के पास नहीं है। टीम के हेड कोच जस्टिन लैंगर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ तौर पर कहा कि वह पंत की बैटिंग पोजीशन का खुलासा नहीं करेंगे।

    रणनीति के तहत छिपाया गया प्लान

    लैंगर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर वह अभी पंत का बैटिंग ऑर्डर बता देंगे, तो डिफेंस टीम को रणनीति बनाने में आसानी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि फैंस को भी बाकी सभी की तरह मैच का इंतजार करना होगा। इससे साफ है कि एलएसजी इस मुकाबले में कोई सरप्राइज प्लान लेकर उतर सकती है।

    शानदार फॉर्म में हैं पंत

    लैंगर ने पंत की जमकर बल्लेबाजी करते हुए कहा कि वह बेहतरीन मानसिक और खेल फॉर्म में हैं। उनके अनुसार पंत इस समय आत्मविश्वास से भरे हुए हैं, आक्रामक हैं और मैदान पर पूरी ऊर्जा के साथ उतर रहे हैं। कोच ने यह भी कहा कि दबाव पंत के लिए नया नहीं है और वह इससे और मजबूत बनकर उभर रहे हैं।

    महंगे खिलाड़ी पर बड़ी ज़िम्मेदारी

    गौरतलब है कि ऋषभ पंत IPL इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी हैं, जिन्हें 2025 की नीलामी में 27 करोड़ रुपये में खरीदा गया था। ऐसे में इस सीज़न में उनसे बड़ी पारियों और बेहतर कप्तानी की उम्मीद होगी। पिछले सीज़न में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था—उन्होंने कुल 269 रन बनाए थे और टीम प्लेऑफ़ में भी नहीं पहुँच पाई थी।

    IPL 2026 पंत के करियर के लिए अहम

    यह सीज़न पंत के लिए सिर्फ IPL तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के नतीजों से भी बहुत ज़रूरी है। अगर वह भारत की ODI और T20 टीम से बाहर चल रहे हैं, ऐसे में इस टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन उनके भविष्य की दिशा तय कर सकता है।

    क्या हो सकती है बैटिंग पोजीशन?

    हालांकि आधिकारिक तौर पर कुछ तय नहीं है, लेकिन टीम की ज़रूरत के हिसाब से पंत मिडिल ऑर्डर (नंबर 4 या 5) में बल्लेबाज़ करते नज़र आ सकते हैं, जहाँ वह मैच फ़िनिशर की भूमिका निभा सकें। ज़रूरत पड़ने पर उन्हें ऊपर भी भेजा जा सकता है।

  • IPL 2026: चहल-वैशाक की धार और कोनोली का तूफान, पंजाब ने गुजरात को हराया

    IPL 2026: चहल-वैशाक की धार और कोनोली का तूफान, पंजाब ने गुजरात को हराया


    नई दिल्ली।आईपीएल 2026 के रोमांचक मुकाबले में Punjab Kings ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Gujarat Titans को 3 विकेट से हराकर टूर्नामेंट में जीत के साथ धमाकेदार आगाज किया। न्यू चंडीगढ़ (मुल्लांपुर) में खेले गए इस मैच में आखिरी ओवर तक सस्पेंस बना रहा, लेकिन अंततः कूपर कोनोली की नाबाद पारी ने पंजाब को जीत दिला दी। पहले गेंदबाजी करते हुए पंजाब ने अनुशासित प्रदर्शन के दम पर गुजरात को 20 ओवर में 162/6 के स्कोर पर रोक दिया। जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब की टीम ने 19.1 ओवर में 165/7 बनाकर मैच अपने नाम कर लिया। इस मुकाबले में गेंद और बल्ले दोनों से पंजाब का संतुलित प्रदर्शन देखने को मिला, जिसने जीत की नींव रखी।

    चहल और वैशाक ने पलटा मैच का रुख

    पंजाब की जीत में Yuzvendra Chahal और Vijaykumar Vyshak की गेंदबाजी अहम रही। चहल ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए मिडिल ओवर्स में 4 ओवर में 28 रन देकर 2 विकेट झटके, जबकि वैशाक ने 3/34 का शानदार प्रदर्शन किया। शुरुआत में गुजरात ने तेज रन बनाए और पावरप्ले में 54/1 तक पहुंच गई थी, लेकिन मिडिल ओवर्स में चहल की चालाकी और वैशाक की सटीक गेंदबाजी ने रनगति पर ब्रेक लगा दिया। कप्तान Shubman Gill (39) और Jos Buttler (38) ने अच्छी शुरुआत दी, लेकिन टीम इसे बड़े स्कोर में नहीं बदल सकी। अंत में गुजरात की पारी 162/6 पर सिमट गई, जो इस पिच पर एक चुनौतीपूर्ण लेकिन हासिल किया जा सकने वाला लक्ष्य था।

    कोनोली बने जीत के हीरो

    लक्ष्य का पीछा करते हुए पंजाब की शुरुआत अच्छी रही, लेकिन एक समय स्कोर 83/1 से गिरकर 118/6 हो गया और मैच गुजरात की तरफ झुकता नजर आया। ऐसे मुश्किल समय में Cooper Connolly ने जिम्मेदारी संभाली और अंत तक टिके रहे। उन्होंने 44 गेंदों में नाबाद 72 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 5 छक्के शामिल थे। उनकी यह पारी पंजाब के लिए गेम-चेंजर साबित हुई। आखिरी ओवरों में Marco Jansen और जेवियर बार्टलेट ने भी छोटे लेकिन अहम योगदान दिए, जिससे टीम लक्ष्य तक पहुंच सकी।

    गुजरात की कोशिश रही अधूरी

    गुजरात की ओर से Prasidh Krishna ने 3 विकेट लेकर मैच को रोमांचक बनाया, जबकि Rashid Khan और वॉशिंगटन सुंदर ने भी विकेट हासिल किए। हालांकि, गेंदबाजों के प्रयास के बावजूद टीम जीत हासिल नहीं कर सकी। खासकर मिडिल ऑर्डर का दबाव में बिखरना और अंत में रन रोकने में असफलता हार का कारण बना।

    मैच का टर्निंग पॉइंट

    इस मुकाबले का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट मिडिल ओवर्स में चहल की गेंदबाजी और कोनोली की संयमित पारी रही। जहां एक तरफ चहल ने गुजरात को बड़े स्कोर से रोका, वहीं दूसरी तरफ कोनोली ने दबाव में शानदार बल्लेबाजी करते हुए मैच को पंजाब की झोली में डाल दिया। यह मुकाबला आईपीएल 2026 के शुरुआती चरण का सबसे रोमांचक मैच साबित हुआ।

  • PSL में पाकिस्तान क्रिकेट पर कलंक, फखर जमान को बॉल टैंपरिंग पर 2 मैच का बैन

    PSL में पाकिस्तान क्रिकेट पर कलंक, फखर जमान को बॉल टैंपरिंग पर 2 मैच का बैन


    नई दिल्ली पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) 2026 में बॉल टैंपरिंग के आरोप में दिग्गज बल्लेबाज Fakhar Zaman को दो मुकाबलों के लिए सस्पेंड कर दिया है। फखर को टूर्नामेंट के आचार संहिता के लेवल 3 के उल्लंघन का दोषी पाया गया।

    घटना का विवरण

    29 मार्च को गद्दाफी स्टेडियम में लाहौर कलंदर्स और कराची किंग्स के बीच मुकाबले में आखिरी ओवर शुरू होने से पहले फखर जमान गेंद को खुरचते नजर आए। मैदान पर मौजूद अंपायर ने गेंद में जानबूझकर बदलाव पाया। इसके चलते लाहौर कलंदर्स पर 5 रनों की पेनाल्टी लगी और पुरानी गेंद बदलकर नई गेंद मैच में शामिल की गई। इस घटना के बाद कराची किंग्स ने आखिरी ओवर में 4 विकेट से जीत दर्ज की।

    नियम और सुनवाई

    फखर पर यह आरोप आर्टिकल 2.14 के तहत लगा, जो गेंद की स्थिति बदलने से संबंधित है। ऑन-फील्ड अंपायर शाहिद सैकत और फैसल खान अफरीदी, टीवी अंपायर आसिफ याकूब और फोर्थ अंपायर तारिक राशिद ने फखर पर आरोप लगाए। फखर ने इन आरोपों से इनकार किया और अपील की, जिसके बाद अनुशासनात्मक सुनवाई हुई।

    लेवल-3 के अपराध के लिए कम से कम एक और अधिकतम दो मुकाबलों तक का बैन लगाया जा सकता है। मैच रेफरी Roshan Mahanama ने सबूतों की समीक्षा करने और फखर की बात सुनने के बाद यह फैसला सुनाया। सुनवाई में लाहौर कलंदर्स के कप्तान शाहीन शाह आफरीदी, टीम डायरेक्टर समीन राणा और मैनेजर फारूक अनवर उपस्थित थे।

    प्रतिबंधित मैच

    फखर जमान 3 अप्रैल को मुल्तान सुल्तांस और 9 अप्रैल को इस्लामाबाद यूनाइटेड के खिलाफ होने वाले मुकाबलों में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।

  • मजदूर के बेटे से IPL स्टार तक बृजेश शर्मा ने डेब्यू मैच में मचाया धमाका संघर्ष और जुनून की फिल्मी कहानी

    मजदूर के बेटे से IPL स्टार तक बृजेश शर्मा ने डेब्यू मैच में मचाया धमाका संघर्ष और जुनून की फिल्मी कहानी

    नई दिल्ली । इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में एक नया नाम तेजी से सुर्खियों में उभरा है और वह है बृजेश शर्मा राजस्थान रॉयल्स के लिए डेब्यू करने वाले इस तेज गेंदबाज ने अपने पहले ही मैच में ऐसा प्रदर्शन किया कि हर कोई उनकी चर्चा करने लगा। Indian Premier League 2026 के इस मुकाबले में Rajasthan Royals और Chennai Super Kings आमने सामने थे जहां राजस्थान ने शानदार जीत दर्ज की लेकिन इस जीत के साथ एक नई कहानी भी जन्म ले चुकी थी।

    Udhampur के रहने वाले 27 वर्षीय बृजेश शर्मा एक अनकैप्ड राइट आर्म पेसर हैं जिनका क्रिकेट सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। खास बात यह है कि आईपीएल में चुने जाने से पहले उन्होंने प्रोफेशनल क्रिकेट तक नहीं खेली थी। इसके बावजूद राजस्थान रॉयल्स ने उन पर भरोसा जताया और ऑक्शन में उन्हें उनके बेस प्राइस 30 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया। यह फैसला अब पूरी तरह सही साबित होता नजर आ रहा है।

    गुवाहाटी में खेले गए इस मैच में राजस्थान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया और कप्तान Riyan Parag के इस निर्णय को बृजेश शर्मा ने सही साबित कर दिखाया। उन्होंने तीन ओवर में सिर्फ 17 रन दिए और एक महत्वपूर्ण विकेट भी हासिल किया। उनकी सधी हुई लाइन लेंथ और आत्मविश्वास से भरी गेंदबाजी ने चेन्नई के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। डेब्यू मैच में इतना संयम और नियंत्रण दिखाना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए बड़ी बात मानी जाती है।

    बृजेश का यह सफर आसान नहीं रहा। वह पहले जम्मू कश्मीर की स्टेट टीम का हिस्सा थे लेकिन बाद में उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। यह उनके करियर का कठिन दौर था लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। खुद को साबित करने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत जारी रखी और दिल्ली के यूनिक स्पोर्ट्स क्लब में कोच दीपक पुनिया के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग शुरू की। इस दौरान उन्होंने खेल के प्रति अनुशासन और बड़े स्तर की क्रिकेट की समझ विकसित की जिसने उनके करियर को नई दिशा दी।

    उनकी प्रतिभा की झलक 2025 की बंगाल प्रो टी20 लीग में देखने को मिली जहां उन्होंने मालदा स्मैशर्स की ओर से खेलते हुए सात मैचों में 11 विकेट झटके और टूर्नामेंट के टॉप गेंदबाजों में शामिल रहे। यही प्रदर्शन उनके लिए आईपीएल का दरवाजा खोलने में मददगार साबित हुआ।

    बृजेश शर्मा का पारिवारिक बैकग्राउंड भी बेहद साधारण है। उनके पिता मजदूरी करते हैं और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने बेटे के सपनों को टूटने नहीं दिया। बृजेश ने खुद स्वीकार किया कि उनके संघर्ष के दिनों में परिवार और दोस्तों ने आर्थिक और मानसिक रूप से उनका भरपूर साथ दिया। यही समर्थन उनके लिए सबसे बड़ी ताकत बना।

    अगर मैच की बात करें तो चेन्नई सुपर किंग्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 127 रन बनाए थे जिसे राजस्थान रॉयल्स ने आसानी से हासिल कर लिया। इस जीत में जहां बल्लेबाजों का योगदान रहा वहीं बृजेश शर्मा की गेंदबाजी ने टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई।

    बृजेश शर्मा की कहानी यह साबित करती है कि अगर मेहनत और जुनून सच्चा हो तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती। एक अनजान खिलाड़ी से आईपीएल स्टार बनने तक का उनका सफर आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है।

  • CSK पर ऐतिहासिक जीत: राजस्थान रॉयल्स ने दर्ज की अपनी सबसे बड़ी जीत

    CSK पर ऐतिहासिक जीत: राजस्थान रॉयल्स ने दर्ज की अपनी सबसे बड़ी जीत


    नई दिल्ली।आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स ने धमाकेदार अंदाज में शुरुआत करते हुए इतिहास रच दिया है। रियान पराग की कप्तानी में टीम ने गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स को 8 विकेट से हराकर आईपीएल इतिहास की अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की।

    47 गेंद शेष रहते हासिल किया लक्ष्य

    राजस्थान ने 128 रनों के लक्ष्य को महज 12.1 ओवर में 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस जीत की सबसे खास बात यह रही कि टीम ने 47 गेंदें बाकी रहते मुकाबला अपने नाम कर लिया, जो गेंदों के लिहाज से उसकी अब तक की सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले साल 2014 में राजस्थान ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ 42 गेंद शेष रहते जीत दर्ज की थी।

    15 साल के वैभव सूर्यवंशी का तूफान

    इस ऐतिहासिक जीत के हीरो रहे महज 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से मैच को एकतरफा बना दिया। वैभव ने सिर्फ 17 गेंदों में 52 रन ठोक दिए और महज 15 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। 305 के स्ट्राइक रेट से खेली गई इस पारी में उन्होंने 4 चौके और 5 छक्के जड़े। उनके आउट होने तक राजस्थान जीत की दहलीज पर पहुंच चुका था। वहीं यशस्वी जायसवाल ने 36 गेंदों में 38 रन बनाकर नाबाद रहते हुए टीम को जीत तक पहुंचाया।

    सीएसके की बल्लेबाजी रही पूरी तरह फ्लॉप

    चेन्नई सुपर किंग्स के बल्लेबाज इस मुकाबले में पूरी तरह फ्लॉप साबित हुए। टीम का टॉप ऑर्डर ताश के पत्तों की तरह बिखर गया और पूरी टीम सिर्फ 127 रन पर ढेर हो गई। सीएसके की ओर से जेमी ओवरटन ने सबसे ज्यादा 43 रन बनाए, जबकि कार्तिक शर्मा ने 18 रनों का योगदान दिया।

    गेंदबाजों ने रखी जीत की मजबूत नींव

    राजस्थान की जीत में गेंदबाजों की भी अहम भूमिका रही। जोफ्रा आर्चर ने 4 ओवर में 19 रन देकर 2 विकेट झटके। वहीं नांद्रे बर्गर ने भी 2 विकेट लेकर सीएसके के टॉप ऑर्डर को झकझोर दिया। रवींद्र जडेजा ने अपनी स्पिन से बल्लेबाजों को परेशान करते हुए 3 ओवर में 18 रन देकर 2 अहम विकेट निकाले।

    आंकड़ों में भी राजस्थान का दबदबा

    यह जीत इंडियन प्रीमियर लीग में सीएसके के खिलाफ राजस्थान की 16वीं जीत है। इस आंकड़े के साथ राजस्थान और पंजाब किंग्स संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। सीएसके को सबसे ज्यादा बार हराने का रिकॉर्ड मुंबई इंडियंस के नाम है, जिसने 21 मुकाबले जीते हैं। राजस्थान रॉयल्स ने इस मैच में बल्लेबाजी, गेंदबाजी और रणनीति—तीनों मोर्चों पर शानदार प्रदर्शन करते हुए आईपीएल 2026 में अपने इरादे साफ कर दिए हैं।