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  • PSL 2026 में बॉल टैंपरिंग का आरोप: फखर जमां की हरकत कैमरे में कैद, शाहीन पर भी सवाल

    PSL 2026 में बॉल टैंपरिंग का आरोप: फखर जमां की हरकत कैमरे में कैद, शाहीन पर भी सवाल


    नई दिल्ली।पाकिस्तान सुपर लीग 2026 की शुरुआत के साथ ही एक बड़ा विवाद सामने आ गया है, जिसने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। फखर जमां, शाहीन शाह अफरीदी और हारिस राउफ से जुड़ा यह मामला कथित ‘बॉल टैंपरिंग’ का है, जिसकी तस्वीरें कैमरे में कैद होने का दावा किया जा रहा है।

    लाहौर बनाम कराची मैच में हुआ विवाद

    यह घटना लाहौर कलंदर्स और कराची किंग्स के बीच खेले गए मुकाबले के दौरान सामने आई। लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेले गए इस लो-स्कोरिंग मैच के आखिरी ओवर में अचानक ऐसा कुछ हुआ, जिसने मैच का रुख ही बदल दिया और खेल की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए।

    आखिरी ओवर में बना ‘प्लान’, बढ़ा शक

    लाहौर कलंदर्स को आखिरी ओवर में 13 रन बचाने थे। इसी दौरान कप्तान शाहीन शाह अफरीदी, गेंदबाज हारिस राउफ और फखर जमां आपस में रणनीति बनाते नजर आए। इसी बीच एक खिलाड़ी मैदान पर पानी लेकर आया। कैमरे में कैद हुई गतिविधियों के आधार पर आरोप लगा कि गेंद के साथ छेड़छाड़ की गई।

    अंपायरों ने तुरंत मामले को संज्ञान में लिया और लाहौर टीम पर 5 रन की पेनल्टी लगा दी। यह फैसला मैच के दौरान ही लिया गया, जिससे विवाद और गहरा गया।

    फखर जमां पर सीधे आरोप

    वीडियो फुटेज में फखर जमां को गेंद के साथ संदिग्ध गतिविधि करते हुए देखा गया, जिससे उन पर सीधे तौर पर बॉल टैंपरिंग का आरोप लगा। इस घटना ने न केवल टीम की छवि पर असर डाला, बल्कि कप्तान और अन्य खिलाड़ियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए।

    शाहीन अफरीदी का बयान

    मैच के बाद जब कप्तान शाहीन शाह अफरीदी से इस विवाद पर सवाल किया गया, तो उन्होंने अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में पूरी जानकारी नहीं है और वीडियो देखकर ही स्पष्ट हो पाएगा कि वास्तव में क्या हुआ। उन्होंने यह भी माना कि पेनल्टी के रूप में 5 रन दिए जा चुके हैं और अब उस पर कुछ नहीं किया जा सकता।

    आगे हो सकती है सख्त कार्रवाई

    इस घटना के बाद यह संभावना जताई जा रही है कि लीग प्रबंधन और मैच रेफरी इस मामले की गहराई से जांच कर सकते हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो खिलाड़ियों पर जुर्माना या प्रतिबंध जैसी कार्रवाई भी हो सकती है।

  • MI vs KKR: रोहित-रिकेल्टन की धुआंधार बल्लेबाजी, बुमराह-शार्दुल का कमाल-मुंबई की जीत के 5 कारण

    MI vs KKR: रोहित-रिकेल्टन की धुआंधार बल्लेबाजी, बुमराह-शार्दुल का कमाल-मुंबई की जीत के 5 कारण


    नई दिल्ली।इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में रविवार को खेले गए मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने कोलकाता नाइट राइडर्स को 6 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। 221 रन जैसे बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए मुंबई ने बेहतरीन बल्लेबाजी और सूझबूझ भरे प्रदर्शन के दम पर मैच अपने नाम किया। खास बात यह रही कि 2012 के बाद यह पहला मौका है जब मुंबई ने अपने सीजन के पहले मैच में जीत हासिल की है।

    रोहित शर्मा की तूफानी पारी बनी जीत की नींव

    मुंबई की इस जीत के सबसे बड़े हीरो रोहित शर्मा रहे। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और केकेआर के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। रोहित ने महज 23 गेंदों में अर्धशतक जड़ा और 38 गेंदों पर 78 रन की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 6 चौके और 6 छक्के लगाए। उनकी इस पारी ने टीम को मजबूत शुरुआत दी और लक्ष्य को आसान बना दिया।

    रिकेल्टन ने निभाया बेहतरीन साथ

    रोहित के साथ ओपनिंग करने उतरे रयान रिकेल्टन ने भी शानदार बल्लेबाजी की। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 148 रनों की बड़ी साझेदारी हुई। रोहित के आउट होने के बाद भी रिकेल्टन ने पारी को संभाले रखा और 43 गेंदों में 81 रन बनाकर टीम को जीत के करीब पहुंचा दिया। उनकी पारी में 8 छक्के शामिल रहे।

    बुमराह की कसी हुई गेंदबाजी

    केकेआर की पारी के दौरान एक समय ऐसा लग रहा था कि टीम 250 के पार पहुंच जाएगी, लेकिन जसप्रीत बुमराह ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए रन गति पर लगाम लगाई। उन्होंने 4 ओवर में सिर्फ 35 रन खर्च किए और विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

    शार्दुल ठाकुर का ‘गोल्डन आर्म’ कमाल

    मुंबई के लिए शार्दुल ठाकुर ने अहम मौकों पर विकेट लेकर मैच का रुख पलट दिया। जब केकेआर के बल्लेबाज तेजी से रन बना रहे थे, तब शार्दुल ने साझेदारी तोड़ी और 3 विकेट लेकर टीम को बड़ी बढ़त दिलाई। उन्होंने अपने स्पेल में 39 रन देकर केकेआर की कमर तोड़ दी।

    सही रणनीति और पॉजिटिव इंटेंट

    मुंबई इंडियंस के खिलाड़ियों ने पिच को बेहतर तरीके से समझा और शुरुआत से ही पॉजिटिव इंटेंट दिखाया। टीम को यह भरोसा था कि 221 रन का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। यही आत्मविश्वास मैदान पर भी नजर आया और हर बल्लेबाज ने जिम्मेदारी के साथ शॉट्स खेले।

  • IPL कमेंट्री पर ट्रोल हुए Harbhajan Singh, ट्रोलर को दिया करारा जवाब- ‘एक को पापा चुन लो’

    IPL कमेंट्री पर ट्रोल हुए Harbhajan Singh, ट्रोलर को दिया करारा जवाब- ‘एक को पापा चुन लो’

    नई दिल्ली।इंडियन प्रीमियर लीग के मौजूदा सीजन में पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह अपनी कमेंट्री को लेकर विवादों में आ गए हैं। मामला तब बढ़ा जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक मीम अकाउंट ने उनकी कमेंट्री के साथ-साथ वीरेंद्र सहवाग और नवजोत सिंह सिद्धू की शैली पर सवाल उठाए। यह टिप्पणी रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेले गए मैच के दौरान की गई थी, जिसके बाद यह मुद्दा तेजी से तूल पकड़ गया।

    इयान बिशप से तुलना ने बढ़ाया विवाद

    मीम अकाउंट ने भारतीय कमेंटेटरों की तुलना वेस्टइंडीज के मशहूर कमेंटेटर इयान बिशप से करते हुए कहा कि हिंदी कमेंट्री में गहराई और तकनीकी समझ की कमी है। इस तुलना पर हरभजन सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब बाजार में हाथी चलता है तो कुत्ते भौंकते हैं, साथ ही उन्होंने आलोचक को चुप रहने की नसीहत भी दी।

    सोशल मीडिया पर बढ़ी जुबानी जंग

    हरभजन के इस जवाब के बाद विवाद और भड़क गया। मीम अकाउंट ने पलटवार करते हुए रविचंद्रन अश्विन के साथ उनकी पुरानी प्रतिद्वंद्विता का जिक्र किया और आरोप लगाया कि जलन की वजह से उनका करियर प्रभावित हुआ। इसके साथ ही यूजर ने उकसाने वाली भाषा का इस्तेमाल किया, जिससे बहस और तीखी हो गई।

    इस पर हरभजन सिंह ने भी कड़े शब्दों में जवाब देते हुए आलोचकों पर निशाना साधा और विवादित टिप्पणियां कीं। इसके बाद सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

    सहवाग और आकाश चोपड़ा भी आए निशाने पर

    विवाद यहीं नहीं रुका। कुछ यूजर्स ने आकाश चोपड़ा, वीरेंद्र सहवाग और हरभजन सिंह की तस्वीर शेयर करते हुए आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। इस पर हरभजन ने भी तीखे अंदाज में जवाब दिया, जिससे मामला और गरमा गया।

    पहले भी उठ चुके हैं कमेंट्री पर सवाल

    गौरतलब है कि इससे पहले भी टी20 विश्व कप के दौरान आकाश चोपड़ा की कमेंट्री को लेकर विवाद सामने आ चुका है। अब उसी कड़ी में हरभजन सिंह का नाम भी जुड़ गया है और यह बहस लगातार सोशल मीडिया पर फैलती जा रही है। आईपीएल जैसे बड़े मंच पर कमेंट्री को लेकर उठे इस विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि दर्शकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना कितना जरूरी है। साथ ही, सोशल मीडिया पर बढ़ती तीखी प्रतिक्रियाएं इस बात का संकेत हैं कि अब दर्शक अपनी राय खुलकर रखने लगे हैं।

  • RR vs CSK: संजू-सैमसन और जडेजा की भावनात्मक भिड़ंत आज, धोनी की गैरमौजूदगी में होगी नई जिम्मेदारी

    RR vs CSK: संजू-सैमसन और जडेजा की भावनात्मक भिड़ंत आज, धोनी की गैरमौजूदगी में होगी नई जिम्मेदारी

    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का तीसरा मुकाबला सोमवार को चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेला जाएगा। यह मैच खास इसलिए है क्योंकि संजू सैमसन अपनी पुरानी टीम राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ पीली जर्सी में उतरेंगे। वहीं, रविंद्र जडेजा भी अपनी पूर्व फ्रेंचाइजी के खिलाफ खेलेंगे, जिससे मुकाबले में भावनात्मक उत्साह बढ़ गया है।

    संजू सैमसन का भावनात्मक जुड़ाव

    संजू सैमसन राजस्थान रॉयल्स के साथ एक दशक से अधिक जुड़े रहे और टीम के मुख्य बल्लेबाज, कप्तान और सबसे बड़े रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे। उन्होंने 2022 में टीम को फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। अब बड़े ट्रेड के बाद, जडेजा के राजस्थान लौटने के साथ, संजू CSK की नई पीली जर्सी में नजर आएंगे।

    सैमसन फिलहाल शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने भारत की टी20 वर्ल्ड कप जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया और वेस्टइंडीज, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार तीन अर्धशतक लगाकर खुद को नए स्टार के रूप में स्थापित किया है।

    धोनी की गैरमौजूदगी में नई जिम्मेदारी

    कैल्फ स्ट्रेन के कारण MS Dhoni कम से कम दो हफ्तों तक बाहर रहेंगे। इस वजह से संजू सैमसन और कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ टीम की लीडरशिप संभालेंगे। धोनी की अनुपस्थिति युवा खिलाड़ियों को मौका देने का भी अवसर बना सकती है। 20 वर्षीय लेफ्ट-आर्म स्पिन ऑलराउंडर प्रशांत वीर और अनकैप्ड खिलाड़ी कार्तिक शर्मा संभावित प्लेइंग 11 में जगह बना सकते हैं।

    राजस्थान की तैयारी और चुनौतियां

    संजू के जाने के बाद राजस्थान रॉयल्स का एक युग समाप्त हुआ और नए दौर की शुरुआत हुई है। कप्तानी अब रियान पराग संभालेंगे। जडेजा की वापसी टीम को अनुभव और संतुलन देगी, लेकिन उनकी फिनिशिंग क्षमता पर सवाल बने हुए हैं। बल्लेबाजी मुख्य रूप से वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल पर निर्भर करेगी। गेंदबाजी में जोफ्रा आर्चर की अगुवाई वाले तेज गेंदबाजों की निरंतरता पर ध्यान दिया जाएगा।

    संभावित प्लेइंग 11 और इम्पैक्ट प्लेयर

    राजस्थान रॉयल्स: यशस्वी जयसवाल, वैभव सूर्यवंशी, रियान पराग, शिमरोन हेटमायर, ध्रुव जुरेल, रविंद्र जडेजा, दासुन शनाका, जोफ्रा आर्चर, संदीप शर्मा, रवि बिश्नोई, एडम मिल्ने
    इम्पैक्ट प्लेयर: अमन राव पेराला

    चेन्नई सुपरकिंग्स: संजू सैमसन (विकेटकीपर), ऋतुराज गायकवाड़ (कप्तान), आयुष म्हात्रे, डेवाल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे, प्रशांत वीर, जेमी ओवरटन, अंशुल कंबोज, राहुल चाहर, नूर अहमद, खलील अहमद
    इम्पैक्ट प्लेयर: कार्तिक शर्मा

  • जस्सी की एंट्री पर मस्ती का तड़का बुमराह को ट्रेंट बोल्ट ने यूं छेड़ा फैंस हुए खुश

    जस्सी की एंट्री पर मस्ती का तड़का बुमराह को ट्रेंट बोल्ट ने यूं छेड़ा फैंस हुए खुश


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 से पहले जिस नाम को लेकर सबसे ज्यादा चिंता और चर्चा हो रही थी वह आखिरकार राहत की खबर बनकर सामने आया है। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह अब पूरी तरह फिट होकर मुंबई इंडियंस के साथ जुड़ चुके हैं और उनकी वापसी ने टीम के साथ साथ फैंस को भी बड़ी राहत दी है। हालांकि इस वापसी के साथ एक मजेदार पल भी जुड़ गया जिसने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है।

    उत्साहित जब बुमराह टीम से जुड़े तो उनके साथी और न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट ने उन्हें फिल्मी अंदाज में छेड़ दिया। उन्होंने मशहूर डायलॉग घर की याद नहीं आई तुम्हें जस्सी बोलकर बुमराह का स्वागत किया। यह डायलॉग हाल ही में चर्चा में आई फिल्म धुरंधर से जुड़ी है जिसमें रणवीर सिंह के किरदार को इसी नाम से पुकारा जाता है। बुमराह को भी टीम में जस्सी के नाम से जाना जाता है इसलिए यह मजाक तुरंत वायरल हो गया।

    मुंबई इंडियंस ने इस पूरे पल का वीडियो अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया और कैप्शन में लिखा कि आगया हमारा धुरंधर। इसके बाद फैंस ने भी इस वीडियो को जमकर शेयर किया और बुमराह की वापसी पर खुशी जाहिर की। लंबे समय से चोटों से जूझ रहे बुमराह को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं खासकर तब जब वह बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंचे थे। इससे यह कयास लगाए जा रहे थे कि शायद वह पूरी तरह फिट नहीं हैं।

    लेकिन अब टीम मैनेजमेंट की ओर से साफ कर दिया गया है कि बुमराह पूरी तरह तैयार हैं। टीम के कोच महेला जयवर्धने ने भी उनकी फिटनेस को लेकर पॉजिटिव संकेत दिए हैं। बुमराह हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप 2026 में शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं और उनकी लय को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि वह आईपीएल में भी अपना जलवा दिखाएंगे।

    आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस का पहला मुकाबला 29 मार्च को कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाना है। इस मैच में बुमराह के खेलने की पूरी संभावना जा रही है जिससे मुकाबला और भी रोमांचक हो सकता है।

    बुमराह की वापसी सिर्फ एक खिलाड़ी की वापसी नहीं बल्कि टीम के आत्मविश्वास की वापसी भी मानी जा रही है। उनकी सटीक यॉर्कर और डेथ ओवर की घातक गेंदबाजी हमेशा से मुंबई इंडियंस की ताकत रही है। ऐसे में जब वह फिर से मैदान पर उतरेंगे तो विरोधी टीमों के लिए चुनौती और भी कठिन हो जाएगी।

    इस पूरे घटनाक्रम ने यह भी दिखाया कि क्रिकेट सिर्फ प्रतिस्पर्धा ही नहीं बल्कि दोस्ती और हल्के फुल्के पलों का भी खेल है जहां खिलाड़ी एक दूसरे के साथ ऐसे मजेदार लम्हे साझा करते हैं जो फैंस के लिए यादगार बन जाते हैं।

  • बैन हुए आईपीएल खिलाड़ी: इन 5 स्टार खिलाड़ियों पर लगा बैन, बटलर ने लगाया ब्रेक

    बैन हुए आईपीएल खिलाड़ी: इन 5 स्टार खिलाड़ियों पर लगा बैन, बटलर ने लगाया ब्रेक


    नई दिल्ली दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के लिए सिर्फ ग्लैमर और रोमांच ही नहीं, बल्कि सख्त निर्देश भी दिए जाते हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इस मामले में बिल्कुल भी सहमति नहीं जताई है। यही वजह है कि कई बड़े खिलाड़ी मशगूल में फंसकर बैन झेल गए हैं, जिससे उनकी रुचि पर गहरा असर पड़ा है। आइए जानते हैं ऐसे ही 5 खिलाड़ियों के बारे में—

    1. प्रवीण तांबे – नियम तोड़ने वालों का भारी खजाना

    बैशियल की कहानी काफी प्रेरणादायक रही, लेकिन उन्होंने बीसीसीआई के डिजाइन का उल्लंघन करते हुए विदेशी टी10 लीग में हिस्सा लिया। बोर्ड के आधिकारिक कथन के बिना ऐसी लीग में खेलना प्रतिबंधित है। इसी वजह से उन पर आईपीएल में प्रतिबंध लगाया गया।

    2. स्टीव स्मिथ – बॉल टेंपरिंग विवाद का असर

    2018 के कुख्यात बॉल टैम्परिंग स्कैंडल 2018 में फंसने के बाद स्टीव स्मिथ पर एक साल का बैन लगा। इसका असर आईपीएल पर भी पड़ा और वे पूरे सीजन से बाहर हो गए। यह विवाद उनके करियर का सबसे बड़ा झटका साबित हुआ।

    3. रवींद्र जड़ेजा – पुरानी फिल्म का उल्लंघन

    आईपीएल 2010 में रियलिटी शो बैन झेलना पड़ा। उन्होंने प्रदर्शन से पहले अन्य टीमों के खिलाफ बातचीत की थी, जो पता चला था। बीसीसीआई ने उन्हें एक सीजन के लिए टिकट दिए जाने का संकेत दिया।

    4. हैरी ब्रुक – अंतिम वक्ता का नाम रिटर्न का नुकसान

    इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज हैरी ब्रूक ने हाल ही में आईपीएल से अपना नाम वापस ले लिया है। नए मानक के तहत ऐसा करने पर सख्त कार्रवाई की गई और उन पर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया गया। यह निर्णय लीग के प्रति रेस्तराओं को बनाए रखने के लिए लिया गया।

    5. हरभजन सिंह – ‘स्लैपगेट’ कांड

    आईपीएल 2008 में हरभजन सिंह और एस श्रीसंत के बीच हुआ विवाद ‘स्लैपगेट’ के नाम से मशहूर है। हरभजन ने मैच के बाद श्रीसंत को पिछड़ी मार दी थी, जिसके बाद उन्हें पूरे सीज़न के लिए उलट दिया गया था।

    आईपीएल में निर्देश क्यों है सबसे अहम?

    आईपीएल सिर्फ एक क्रिकेट लीग नहीं, बल्कि एक ब्रांड है। इसकी साख बनाए रखने के लिए बीसीसीआई समय-समय पर निर्णय लेती है। चाहे भारतीय खिलाड़ी हों या विदेशी—नियम सभी पर समान रूप से लागू होते हैं।

    इन खिलाड़ियों के उदाहरण हैं कि प्रतिभा के साथ-साथ निर्देशन भी जरूरी है। एक छोटी सी गलती भी बड़े करियर पर भारी पड़ सकती है।

  • पीएम मोदी ने टीम इंडिया की विश्व कप जीत को बताया ऐतिहासिक पल, जम्मू-कश्मीर टीम को भी दी बधाई

    पीएम मोदी ने टीम इंडिया की विश्व कप जीत को बताया ऐतिहासिक पल, जम्मू-कश्मीर टीम को भी दी बधाई

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री रेंद्र मोदी ने मन की बात के 132वें एपिसोड में भारतीय टीम के टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीतने को लेकर बात की। इसके साथ ही पीएम ने पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीतने वाली जम्मू-कश्मीर टीम की भी जमकर सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि पारस डोगरा की कप्तानी में किया गया टीम का प्रदर्शन जम्मू-कश्मीर के लोगों को प्रेरित करेगा।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मार्च का महीना देश के सभी क्रिकेट फैंस के लिए जोश और उत्साह से भर देने वाला रहा। पीएम मोदी ने कहा कि जब भारतीय टीम ने टी20 विश्व कप 2026 का खिताब जीतकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की, तो पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई। उन्होंने कहा कि अपनी टीम की इस सफलता पर हम सभी को गर्व है।

    पीएम मोदी ने कर्नाटक को फाइनल में हराकर पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीतने वाली जम्मू-कश्मीर टीम के प्रदर्शन की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा खुशी की बात यह है कि टीम ने लगभग सात दशकों का लंबा इंतजार खत्म करते हुए खिताब को अपने नाम किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि टीम की यह सफलता खिलाड़ियों के कई वर्षों के निरंतर प्रयासों का नतीजा है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा की कप्तानी को भी सराहा। पीएम ने कहा कि पारस ने बतौर कप्तान शानदार कौशल दिखाया और अपनी कप्तानी से टीम की जीत में अहम योगदान दिया।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी डार के नाम की भी खूब चर्चा हो रही है, जिन्होंने रणजी ट्रॉफी के इस सीजन में 60 विकेट चटकाए। पीएम ने कहा कि फाइनल में मिली ऐतिहासिक जीत से टीम के खिलाड़ी, कोचिंग स्टाफ और जम्मू-कश्मीर के लोग बहुत रोमांचित हैं और क्रिकेट में मिली यह सफलता वहां के लोगों को खेलों के प्रति और आकर्षित करेगी। पीएम मोदी ने गुलमर्ग में आयोजित हुए विंटर ओलंपिक का भी जिक्र किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों का जीत का यह सिलसिला इसी तरह से जारी रहेगा।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूयॉर्क में पुरुषों की हाफ मैराथन में नेशनल रिकॉर्ड तोड़ने वाले दूरी के धावक गुलवीर सिंह की भी तारीफ की। गुलवीर ने इस मैराथन में तीसरा स्थान हासिल किया और वह एक घंटे से कम समय में हाफ मैराथन को पूरा करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने। स्क्वैश ऑन फायर ओपन का खिताब जीतने वालीं स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह के प्रदर्शन की भी प्रधानमंत्री ने सराहना की।

  • IPL 2026 में रन बरसे: ईशान किशन के दम पर SRH ने खड़ा किया 202 का पहाड़

    IPL 2026 में रन बरसे: ईशान किशन के दम पर SRH ने खड़ा किया 202 का पहाड़


    नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के पहले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के सामने 202 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य खड़ा कर दिया। एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले जा रहे इस मैच में आरसीबी ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन कप्तान ईशान किशन की विस्फोटक पारी ने मैच का रुख ही बदल दिया।

    शुरुआत में लड़खड़ाई SRH, टॉप ऑर्डर फ्लॉप रहा
    सनराइजर्स हैदराबाद की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने महज 29 रन के स्कोर पर अपने तीन बड़े विकेट गंवा दिए। ट्रैविस हेड (11), अभिषेक शर्मा (7) और नीतीश कुमार रेड्डी (1) सस्ते में पवेलियन लौट गए। ऐसे में टीम दबाव में नजर आ रही थी और बड़ा स्कोर बनाना मुश्किल लग रहा था।

    कप्तान किशन और क्लासन ने संभाली पारी
    मुश्किल हालात में कप्तान ईशान किशन ने मोर्चा संभाला और आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए टीम को संकट से बाहर निकाला। उन्होंने हेनरिक क्लासेन के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 97 विकेट की अहम साझेदारी की। क्लासन ने 22 गेंद में 31 रन बनाकर अच्छा साथ निभाया।

    38 गेंद में 80 रन, शतक से चूके लेकिन दिल जीत लिया
    किशन ने अपनी कप्तानी पारी में 38 गेंद पर 80 रन ठोके, जिसमें 8 चौके और 5 कारनामे शामिल रहे। उनका स्ट्राइक रेट 200 के पार रहा। उन्होंने गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा और पारी को तेजी से आगे बढ़ाया। भले ही वह शतक से चूक गए, लेकिन उनकी इस विस्फोटक पारी ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

    अनिकेत वर्मा का फिनिशिंग टच
    मिडिल ऑर्डर के बाद अंत में अनिकेत वर्मा ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने महज 18 गेंद में 43 रन बनाकर टीम के स्कोर को 200 के पार पहुंचाया। उनकी पारी में 3 चौके और 4 कारनामे शामिल रहे, जिन्होंने SRH को बड़ा स्कोर दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

    RCB की ओर से डेब्यूटेंट डफी का कमाल
    आरसीबी के लिए डेब्यू कर रहे जैकब डफी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 22 रन देकर 3 विकेट झटके और सबसे सफल गेंदबाज रहे। वहीं रोमारियो शेफर्ड ने 3 विकेट तो लिए, लेकिन काफी महंगे साबित हुए और 4 ओवर में 54 रन लुटा दिए। भुवनेश्वर कुमार, अभिनंदन सिंह और सुयश शर्मा को 1-1 विकेट मिला।

    201/9 का स्कोर, RCB के सामने 202 रन की चुनौती
    कप्तान किशन की शानदार पारी और अनिकेत के दमदार फिनिश की बदकिस्मती सनराइजर्स हैदराबाद ने 20 ओवर में 9 विकेट पर 201 रन बनाए और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को जीतने के लिए 202 रन का लक्ष्य दिया।

  • IPL 2026: कप्तानी डेब्यू पर ईशान किशन का जलवा, रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन

    IPL 2026: कप्तानी डेब्यू पर ईशान किशन का जलवा, रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन

      नई दिल्ली आईपीएल 2026 के पहले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद के नए कप्तान ईशान किशन ने अपने पहले ही मैच में तूफानी बल्लेबाजी कर इतिहास रच दिया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ खेले गए इस मैच में किशन ने सिर्फ 38 गेंदों में 80 रनों की धमाकेदार पारी खेलकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया और कप्तान ने डेब्यू में नया रिकॉर्ड अपने नाम किया।

      डेब्यू कप्तानी में सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड
      ईशान किशन ने अपनी इस शानदार पारी के साथ मनीष पांडे और डेविड वार्नर जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया। मनीष पांडे ने 2021 में 69* रन और डेविड वार्नर ने 2015 में 53 रन बनाए थे, लेकिन किशन ने 80 रन ठोककर सनराइजर्स के कप्तान के रूप में डेब्यू में सबसे बड़ी पारी खेलने का कारनामा कर दिखाया।

      लड़खड़ाती पारी को संभालें, क्लासन के साथ अहम साझेदारी
      जब टीम ने शुरुआती झटके के रूप में अभिषेक शर्मा और ट्रैविस हेड के विकेट जल्दी गंवा दिए, तब किशन ने जिम्मेदारी संभाली। नंबर तीन पर उतरकर उन्होंने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की और हेनरिक क्लासेन के साथ मिलकर 97 धूप की महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई, जिसने टीम की पारी को स्थिरता दी।

      210 के स्ट्राइक रेट से खेली विस्फोटक पारी
      ईशान किशन ने अपनी 80 धूप की पारी में 8 चौके और 5 विकेट जड़े। उनका स्ट्राइक रेट 210 से भी ज्यादा रहा, जो बताता है कि उन्होंने शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। उनके बल्लेबाजी के सामने आरसीबी का गेंदबाजी आक्रमण पूरी तरह बेबस नजर आया।

      आईपीएल में 3000 रन भी किए पूरे
      इस मैच में किशन ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। ​​उन्होंने आईपीएल में अपने 3000 रन भी पूरे कर लिए और गेंदबाजी के हिसाब से सबसे तेज 3000 रन बनाने वाले छठे बल्लेबाज बन गए। इस दौरान उन्होंने केएल राहुल को पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने यह मुकाम 2203 गेंद में हासिल किया था, जबकि किशन ने 2180 गेंद में ही यह आंकड़ा छू लिया।

      अन्य बल्लेबाज फ्लॉप रहे, अंत में अनिकेत का धमाल
      जहां एक तरफ किशन और क्लासन ने टीम को संभाला, वहीं बाकी बल्लेबाज उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। नीतीश कुमार रेड्डी सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए। हालांकि, अंत में अनिकेत वर्मा ने 18 गेंदों में 43 रन ठोककर टीम को 200 के पार पहुंचा दिया।

      201 रन का मजबूत स्कोर खड़ा
      ईशान किशन की कप्तानी पारी की बदकिस्मती सनराइजर्स हैदराबाद ने 20 ओवर में 9 विकेट पर 201 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। हालांकि मुकाबले का नतीजा बाद में जो भी रहा हो, लेकिन किशन की यह पारी लंबे समय तक याद रखी जाएगी।

  • गोल्फ की स्टार अदिति अशोक: ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन से जीता देश का दिल

    गोल्फ की स्टार अदिति अशोक: ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन से जीता देश का दिल


    नई दिल्ली भारत में जहां क्रिकेट की स्टडीज हमेशा बनी रहती हैं, वहीं गोल्फ जैसे खेलों को पहचानना आसान नहीं होता। लेकिन अदिति अशोक ने इस धारणा को बदलते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन किया है। कम उम्र में शुरू हुई उनकी यात्रा में आज भारत की सबसे सफल महिला गोल्फर शामिल हैं। खासकर टोक्यो ओलंपिक 2020 में उनका प्रदर्शन आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है.

    बचपन से ही दिखा था गोल्फ का जुनून
    29 मार्च 1998 को बेंगलुरु में जन्मे अजित अशोक ने बहुत कम उम्र में ही गोल्फ को अपना लक्ष्य बना लिया था। ऐसे खेलों को सूचीबद्ध करें, जो भारत में सबसे लोकप्रिय नहीं है, आप में बड़ा निर्णय था। लेकिन उनके माता-पिता ने उनके साथ हर कदम उठाया। 12 साल की उम्र में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा लिया और 13 साल की उम्र में पहला खिताब जीता, अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

    जूनियर से प्रोफेशनल तक का शानदार सफर
    एडिट ने 2012, 2013 और 2014 में कॉन्स्टेंटाइन थ्री बार नेशनल जूनियर चैंपियनशिप का इतिहास रचा। 2015 में लेडीज ब्रिटिश एमेच्योर स्ट्रॉक प्ले चैंपियनशिप के बाद उन्होंने 2016 में प्रोफेशनल प्रोफेशनल्स की शुरुआत की। इसी साल उन्होंने वीमेंस इंडियन ओपन मेमोरियल लेडीज यूरोपियन टूर खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बनने का गौरव हासिल किया। इसके बाद उन्होंने कतर लेडीज ओपन में भी जीत दर्ज कर अपनी पहचान और मजबूती की।

    अंतर्राष्ट्रीय मंच पर लगातार डेमोक्रेटिक प्रदर्शन
    एडिथ अशोक ने लेडीज़ यूरोपियन टूर और रेस्टॉरेंट टूर में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। 2017 में उन्होंने चैलेंज वाली भारत की दूसरी खिलाड़ी बनीं और ‘रूकी ऑफ द ईयर’ रैंकिंग में भी शानदार स्थान हासिल किया। 2018 और 2019 में भी उन्होंने कई टूर्नामेंटों में लगातार कट हासिल करते हुए अपनी स्थिरता साबित की।

    टोक्यो ओलिंपिक में इतिहास रचने से चूक गई, लेकिन दिल जीत गई
    टोक्यो ओलंपिक 2020 मेंआदित्य अशोक ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। वह पदक जीतने के बेहद करीब पहुंच गया, लेकिन अंत में चौथे स्थान पर पहुंच गया। हालाँकि पदक नहीं मिला, लेकिन उनके प्रदर्शन ने करोड़ों भारतीयों का दिल जीत लिया और उन्हें नई पहचान दिलाई।

    भारत में गोल्फ को लक्जरी नई पहचान
    एडल्ट की यात्रा केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं है। वे भारत में गोल्फ जैसे खेल को नई पहचान देते हैं। आज कई युवा खिलाड़ी अपने आदर्श आदर्श इस खेल में रुचि पैदा करने की सोच रहे हैं। क्रिकेट के बीच गोल्फ को जगह देना उनकी सबसे बड़ी पेशकश में से एक है।

    निरंतर आगे तेज़ प्रेरणादायक कहानी
    अदिति अशोक आज भी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं और लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश में हैं। उनकी यात्रा यह बताती है कि अगर जुनून और मेहनत हो, तो कोई भी खेल में दुनिया के मंच पर पहचान बना सकता है।