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  • चेन्नई सुपर किंग्स को बड़ा नुकसान! IPL 2026 के पहले 2 हफ्तों में नहीं दिखेंगे धोनी

    चेन्नई सुपर किंग्स को बड़ा नुकसान! IPL 2026 के पहले 2 हफ्तों में नहीं दिखेंगे धोनी


    नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 की रंगारंग शुरुआत से ठीक पहले चेन्नई सुपर किंग्स (आईपीएल) के खत्म होने से आई खबर ने प्रशंसकों की चिंता बढ़ा दी है। टीम के अनुभवी खिलाड़ी-बैलेबाज महेंद्र सिंह धोनी पेंडली की कप्तानी में शालदा तनाव के कारण शुरुआती दो सामान्य से लेकर मैदान तक दूर रह सकते हैं। फ्रेंचाइज़ी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, धोनी के फिटनेस पर लगातार नज़र जा रही है। सीएसके ने अपने ऑफिशियल सोशल प्लेटफॉर्म के माध्यम से फैंसी को अपडेट देते हुए माही के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। टीम में किसी भी तरह का जोखिम उठाना शामिल नहीं है, क्योंकि टूर्नामेंट वियर और धोनी के एक्सपीरियंस सीजन की अहम निगरानी बेहद जरूरी साबित हो सकती है।

    धोनी की गैरमौजूदगी में कौन करेगा समर्थन मोर्चा?

    सीएसके के लिए धोनी की अनुपस्थिति निश्चित रूप से एक बड़ा झटका है, क्योंकि उनकी टीम ने पांच बार आईपीएल का खिताब जीता है। फाइनल टाइम में टीम की कमान रुतुराज गायकवाड़ के हाथ में है, लेकिन विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी शुरुआती मैच में संजू सैमसन की नजर आ सकती है, जिसमें हाल ही में टीम में शामिल किया गया था। टीम में बदलाव के तूफ़ान में रवि जड़तेजा और सैम कुरेन से जुड़े जजमेंट की भी चर्चा हो रही है। ऐसे में सीएसके को शुरुआती मैचों में नई रणनीति के साथ उतारा जा सकता है, जहां युवा खिलाड़ियों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी होगी।

    धोनी का आईपीएल सुपरस्टार शानदार प्रदर्शन कर रहा है

    अगर आंकड़े पर नजरें डाली जाएं तो धोनी का आईपीएल करियर बेहद लोलुपता है। वे अब तक 278 मुकाबलों में 5,439 रन बना चुके हैं, जिसमें उनका औसत 38.30 का रह रहा है. इस दौरान उनके प्रोजेक्ट से 24 मिलियन डॉलर भी निकल गए। खास बात यह है कि उन्होंने सीएसके के लिए 248 मैचों में 4,865 रन बनाए हैं, जो टीम के प्रति अपनी तटस्थता और योगदान को प्रमुखता देते हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी धोनी सिर्फ आईपीएल में सक्रिय हैं और उनके सहयोगी टीम के खिलाड़ी काफी जगह पर हैं।

    सीएसके की योजना और आगे की राह

    आईपीएल 2026 का पहला मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला जाएगा, जबकि क्रिकेट सीएसके अपने अभियान की शुरुआत राजस्थान रॉयल्स के साथ 30 मार्च को बेंगलुरु के बारापारा स्टेडियम में करेंगे। इसके बाद टीम 3 अप्रैल को पंजाब किंग्स, 5 अप्रैल को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, 11 अप्रैल को दिल्ली कैपिटल्स और 14 अप्रैल को कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मैदान पर उतरेगी। शुरुआती मुकाबलों में धोनी की गैरमौजूदगी की टीम के कलाकार जरूर होंगे, लेकिन ये युवा खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का बड़ा मौका भी साबित हो सकता है।

  • IPL 2026: जोश हेजलवुड पहले मैच से हुए बाहर, RCB को सनराइजर्स हैदराबाद मुकाबले से पहले लगा झटका

    IPL 2026: जोश हेजलवुड पहले मैच से हुए बाहर, RCB को सनराइजर्स हैदराबाद मुकाबले से पहले लगा झटका

     
    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 की शुरुआत से ठीक पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को बड़ा झटका लगा है। टीम के स्टार तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड पहले ग्रुप में नहीं खेलेंगे। आरसीबी का सामना प्रमुख मैच सनराइजर्स हैदराबाद  से हो रहा है, लेकिन इस अहम टीम से पहले ही टीम की टीम की खराब फॉर्म नजर आ रही है।

    हेजलवुड क्यों नहीं खेलेंगे?

    आरसीबी के मुख्य कोच एंडी फ्लावर ने मैच से पहले जानकारी दी थी कि हेजलवुड अभी भी टीम से जुड़े हुए हैं, लेकिन पहले मैच के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं हैं। असल में, वह हाल ही में अपनी टीम के साथ जुड़े हुए हैं और लंबी यात्रा के बाद अपनी फिटनेस को लेकर टीम में कोई जोखिम नहीं लेना चाहते हैं। हेजलवुड पिछले कुछ समय से हैमस्ट्रिंग समस्या से जूझ रहे थे और इसी वजह से वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से भी दूर रह रहे हैं। हालांकि अब वह फिट नजर आ रहे हैं, लेकिन मैच में फिटनेस हासिल करने में थोड़ा समय लग सकता है।

    आरसीबी की पसंद पर असर

    हेजलवुड आरसीबी के सबसे प्रतिष्ठित नामों में से एक हैं। पिछले सीज़न में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 22 विकेट अपने नाम किए थे और टीम की सफलता में बड़ी भूमिका निभाई थी। ऐसे में उनके पहले मैच में आरसीबी से बाहर होने पर बड़ी हार मानी जा रही है।

    बैंगल के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच बॉल के लिए अनुकूल मनी मिलती है, जहां राल्सेल को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। ऐसे में हेजलवुड जैसे अनुभवी विशेषज्ञों की गैरमौजुडगी टीम में शामिल हो सकते हैं।

    कोहली पर नजरें

    जहां एक तरफ से आरसीबी को झटका लगा है, वहीं अन्य टीमों में उनके स्टार खिलाड़ी विराट कोहली से बड़ी जानकारी शामिल है। कोहली पिछले सीज़न में शानदार फॉर्म में रहे थे और उन्होंने 657 रन बनाकर टीम को जगह दी थी। कोच एंडी फ्लावर्स ने भी कोहली की तारीफ करते हुए कहा कि वह इस समय बेहतरीन फिटनेस में हैं और अपने खेल के शिखर पर नजर आ रहे हैं।

    SRHगागेन फ़ायदा क्या है?

    एसआरएच के पास मजबूत फुटबॉल लाइनअप है और हेजलवुड की गैरमौजूदगी में वह इसे बढ़ाना चाहती है। हाई-स्कोरिंग टेलीकॉम की उम्मीदों के बीच आरसीबी को अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है।

  • RCB vs SRH Head To Head: पिछली बार जब ये दोनों टीमें भिड़ी थीं, तो क्या हुआ था? हेड टू हेड रिकॉर्ड हैरान कर देने वाला

    RCB vs SRH Head To Head: पिछली बार जब ये दोनों टीमें भिड़ी थीं, तो क्या हुआ था? हेड टू हेड रिकॉर्ड हैरान कर देने वाला


    नई दिल्ली। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु वर्सेस सनराइजर्स हैदराबाद आईपीएल 2026 का पहला मैच आज यानी शनिवार, 28 मार्च से खेला जाना है। IPL सीजन 19 का पहला मैच बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा। आरसीबी वर्सेस एसआरएच मुकाबले से पहले आप दोनों टीमों के हेड टू हेड रिकॉर्ड्स पर एक नजर डाल लीजिए। आईपीएल के इतिहास में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर रही है, मगर पिछले 5 मैचों में आरसीबी ने एसआरच पर अपना दबदबा बनाने की कोशिश की है। आईए जानते हैं, जब यह दोनों टीमें आखिरी बार आईपीएल में भिड़ी थी तो क्या हुआ था?

    RCB vs SRH आखिरी मैच का रिजल्ट
    रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच जब भी मैच होता है तो फैंस को हर बार हाई स्कोरिंग मुकाबला ही देखने को मिलता है। आरसीबी और एसआरएच की आखिरी भिड़ंत में भी दोनों टीमों ने मिलकर 400 रन का आंकड़ा पार किया था। ईशान किशन ने इस मैच में आरसीबी के गेंदबाजों के धागे खोल दिए थे। 2025 में आखिरी बार जब आरसीबी और एसआरएच भिड़ी थी तो हैदराबाद ने 42 रनों से जीत दर्ज की थी। SRH ने पहले बैटिंग करते हुए ईशान किशन के 94 रनों के दम पर निर्धारित 20 ओवर में 231 रन बोर्ड पर लगाए थे। ईशान किशन मात्र 6 रनों से अपने शतक से चूक गए थे, उन्होंने इस पारी में 7 चौके और 5 गगनचुंबी छक्के लगाए थे।

    232 के टारगेट का पीछा करते हुए आरसीबी की पूरी टीम 189 रनों पर सिमट गई थी, आरसीबी पूरे 20 ओवर भी नहीं खेल पाई थी। फिल सॉल्ट ने 62 तो विराट कोहली ने 43 रन बनाकर आरसीबी को तगड़ी शुरुआत दी थी, मगर मिडिल ऑर्डर के निराशाजनक प्रदर्शन के दम पर टीम को हार का सामना करना पड़ा था।

    RCB vs SRH का ये मुकाबला रहा है यादगार
    2024 में आरसीबी और एसआरएच के बीच खेला गया हाईस्कोरिंग मुकाबला तो हर किसी फैन को याद होगा, जब एसआरएच ने टूर्नामेंट का 287 रनों का हाईएस्ट स्कोर बनाया था, इस स्कोर का पीछा करते हुए आरसीबी ने भी 262 रन बोर्ड पर लगा दिए थे। दोनों टीमों ने मिलकर 549 रन बनाए थे, जो आईपीएल के इतिहास में दोनों टीमों द्वारा एक मैच में बनाए गए सबसे ज्यादा रन है। सनराइजर्स हैदराबाद के लिए ट्रैविस हेड ने शतक जड़ते हुए 102 रनों की पारी खेली थी, वहीं क्लासेन ने 31 गेंदों पर 67 तो अब्दुल समद ने 10 बॉल पर 37 रन बनाकर महत्वपूर्ण योगदान दिया था।
    आरसीबी की इस रनचेज में दिनेश कार्तिक ने 35 गेंदों पर 7 छक्कों और 5 चौकों की मदद से 83 रनों की धुआंधार पारी खेली थी, मगर वह टीम को जीत नहीं दिला पाए थे। आरसीबी मात्र 25 रनों से यह मैच हारी थी।

    RCB vs SRH हेड टू हेड
    रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के हेड टू हेड मुकाबलों की बात करें तो दोनों टीमों के बीच आईपीएल के इतिहास में कांटे की टक्कर रही है। आरसीबी और एसआरएच की टीमें आईपीएल में एक दूसरे से कुल 25 बार भिड़ी है, जिसमें 13 मैच हैदराबाद ने तो 11 मैच बेंगलुरु ने जीते हैं। एक मैच का नतीजा नहीं निकल पाया था।

  • IPL 2026 की शुरुआत आज से…., पहला मैच RCB और SRH के बीच, विराट कोहली-ईशान किशन होंगे आमने-सामने

    IPL 2026 की शुरुआत आज से…., पहला मैच RCB और SRH के बीच, विराट कोहली-ईशान किशन होंगे आमने-सामने


    बेंगलुरु।
    इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League- IPL) के 19वें सीजन का आगाज शनिवार (28 मार्च) को होने जा रहा है. इस सीजन का ओपनर मुकाबला (Opener match) डिफेंडिंग चैम्पियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (Royal Challengers Bangalore-RCB) और सनराइजर्स हैदराबाद (Sunrisers Hyderabad.-SRH) के बीच खेला जाएगा. यह मैच बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में भारतीय समयानुसार शाम 7.30 बजे शुरू होगा, जहां फैन्स को छक्के-चौके की बारिश देखने को मिल सकती है।

    इस मुकाबले में सबसे ज्यादा नजरें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व कप्तान विराट कोहली पर रहेंगी, जो काफी दिनों बाद मैदान पर उतरेंगे. युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन के कैप्टेंसी की भी परीक्षा होगी. ईशान नियमित कप्तान पैट कमिंस के चोटिल होने के चलते शुरुआती मैचों मे सनराइजर्स हैदराबाद की कप्तानी करने जा रहे हैं.

    सनराइजर्स हैदराबाद की खतरनाक ओपनिंग जोड़ी ट्रेविस हेड और अभिषेक शर्मा किसी से कम नहीं है. देखा जाए तो ट्रेविस हेड, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की तिकड़ी ने पिछले दो सीजन में हर टीम के लिए मुश्किलें खड़ी की हैं. पावरप्ले में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी, तेज शुरुआत से मैच का रुख बदलना और बड़े स्कोर को आसान बनाने में ये तीनों माहिर हैं।

    पिछली हार का बदला लेना चाहेगी RCB
    2024 के सीजन में सनराइजर्स हैदराबाद ने कई रिकॉर्ड तोड़े थे, जिसमें लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ सिर्फ 30 गेंदों में टीम 100 रनों तक पहुंच गई थी. पिछले सीजन में जब एसआरएच और आरसीबी आमने-सामने हुई थी, तब एसआरएच ने 231 रन ठोक दिए थे. उस मैच में इशान किशन ने 48 गेंदों में नाबाद 94 रनों की विस्फोटक पारी खेली थी. आरसीबी वह मैच 42 रनों से हार गई थी, लेकिन टीम ने बाद में शानदार वापसी करते हुए पहली बार आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम की।

    रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु इस बार और भी मजबूत नजर आ रही है, टीम में विराट कोहली के अलावा फिल साल्ट, टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, वेंकटेश अय्यर,जैकब डफी और जॉर्डन कॉक्स जैसे मैच विनर खिलाड़ी शामिल हैं. कप्तान रजत पाटीदार की अगुवाई में टीम लगातार दूसरा खिताब जीतने के इरादे से उतरेगी. हालांकि टीम को तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड की कमी खेलेगी, जो अभी पूरी तरह फिटनेस हासिल नहीं कर पाए हैं।

    रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच मुकाबले रोमांचक रहे हैं. दोनों टीम्स के बीच अब तक आईपीएल में कुल 26 मैच खेले गए हैं. इस दौरान सनराइजर्स हैदराबाद ने 14 मुकाबले अपने नाम किए. जबकि 11 मैचों में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को जीत मिली. एक मुकाबला बेनतीजा भी रहा।

    रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की संभावित प्लेइंग-12: फिल साल्ट, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पंड्या, रोमारियो शेफर्ड, भुवनेश्वर कुमार, सुयश शर्मा, जैकब डफी, रसिक सलाम डार.


    सनराइजर्स हैदराबाद की संभावित प्लेइंग-12:
    अभिषेक शर्मा, ट्रेविस हेड, ईशान किशन (कप्तान/विकेटकीपर), हेनरिक क्लासेन, नीतीश कुमार रेड्डी, लियाम लिविंगस्टोन, अनिकेत वर्मा, हर्षल पटेल, जयदेव उनादकट , ब्रायडन कार्स, शिवम मावी, जीशान अंसारी

    रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का स्क्वॉड: रजत पाटीदार, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार, फिल साल्ट, जितेश शर्मा, जॉर्डन कॉक्स, क्रुणाल पंड्या, स्वप्निल सिंह, टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, जैकब बेथेल, वेंकटेश अय्यर, सात्विक देसवाल, मंगेश यादव, विक्की ओस्तवाल, विहान मल्होत्रा, कनिष्क चौहान, जोश हेजलवुड (चोटिल), रसिक सलाम डार, सुयश शर्मा, भुवनेश्वर कुमार, नुवान तुषारा (चोटिल), अभिनंदन सिंह और जैकब डफी।

    सनराइजर्स हैदराबाद का स्क्वॉड: पैट कमिंस (चोटिल), ट्रेविस हेड, अभिषेक शर्मा, हेनरिक क्लासेन, ईशान किशन (कप्तान/विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, लियाम लिविंगस्टोन, हर्षल पटेल, कामिंदु मेंडिस, ब्रायडन कार्स, हर्ष दुबे, अनिकेत वर्मा, स्मरण रविचंद्रन, सलिल अरोड़ा, जयदेव उनादकट, शिवम मावी, जीशान अंसारी, ईशान मलिंगा, साकिब हुसैन और डेविड पायने।

    एक तरफ सनराइजर्स हैदराबाद का खतरनाक टॉप ऑर्डर, तो दूसरी तरफ चैम्पियन RCB की संतुलित टीम… ऐसे में यह मुकाबला पूरी तरह से हाई स्कोरिंग और रोमांच से भरा होने की उम्मीद है।

  • बैडमिंटन तुम्हें याद करेगा और मैं भी': पीवी सिंधु ने कैरोलिना मारिन को भावुक संदेश दिया

    बैडमिंटन तुम्हें याद करेगा और मैं भी': पीवी सिंधु ने कैरोलिना मारिन को भावुक संदेश दिया


    नई दिल्ली। खेल के मैदान पर प्रतिद्वंद्विता हो या प्रतिस्पर्धा, लेकिन खिलाड़ियों के बीच दोस्ती और सम्मान का रिश्ता भी गहरा होता है। ऐसा ही भाव भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने स्पेन की दिग्गज खिलाड़ी कैरोलिना मारिन के लिए जताया, जिन्होंने चोटों के कारण पेशेवर बैडमिंटन से संन्यास की घोषणा की।

    कोर्ट पर प्रतिद्वंद्विता, कोर्ट के बाहर दोस्ती

    पीवी सिंधु ने गुरुवार को एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए कहा, “कुछ प्रतिद्वंद्वी हमेशा के लिए आपकी यात्रा का हिस्सा बन जाते हैं। कैरोलिना उनमें से एक थीं। हमने पहली बार 15-16 साल की उम्र में मालदीव में एक-दूसरे के खिलाफ खेला, और उसके बाद कई मुकाबले खेले।”
    पीवी सिंधु ने गुरुवार को एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए कहा, “कुछ प्रतिद्वंद्वी हमेशा के लिए आपकी यात्रा का हिस्सा बन जाते हैं। कैरोलिना उनमें से एक थीं। हमने पहली बार 15-16 साल की उम्र में मालदीव में एक-दूसरे के खिलाफ खेला, और उसके बाद कई मुकाबले खेले।”

    सिंधु ने मारिन की खेल भावना और कौशल की सराहना करते हुए लिखा, “तुम कोर्ट पर एक बड़ा सिरदर्द भी थीं। लगातार चिल्लाना, जोरदार तेवर, छोटी-छोटी चालें—ये सब किसी को भी परेशान कर सकती थीं। लेकिन तुम्हारा कौशल, गति और लड़ने की भावना बेजोड़ थी।”

    यादें और सम्मान

    सिंधु ने 2023 डेनमार्क ओपन के सेमीफाइनल के दौरान हुई ज़ुबानी बहस का भी जिक्र किया, जिसके चलते दोनों को पीला कार्ड मिला था। सिंधु ने लिखा, “उस दिन मैं गुस्से में थी, लेकिन कुछ महीनों बाद हम मैड्रिड में कॉफी पीते हुए हंस रहे थे। उस पल हमारे बीच सिर्फ सम्मान था। कैरोलिना का यही रूप मुझे हमेशा याद रहेगा।”

    दोस्ती और पीढ़ी का समर्थन

    पीवी सिंधु ने इस पोस्ट में बताया कि उनकी पीढ़ी के खिलाड़ियों के बीच बनी दोस्ती और महिला एकल मुकाबलों की खास जगह ने उनके खेल को और भी खास बना दिया। उन्होंने कहा, “हमारी लड़कियों की ग्रुप ने महिला एकल को मुकाबले के लिए एक बहुत ही खास जगह बना दिया। मैं इस दोस्ती के लिए हमेशा शुक्रगुजार रहूंगी।”

    संन्यास पर भावुक संदेश

    सिंधु ने मारिन के संन्यास पर लिखा, “हर मुकाबले, हर सीख और हमारी दोस्ती के लिए धन्यवाद। कैरोलिना, मैं तुम्हारे रिटायरमेंट के बाद की जिंदगी के लिए ढेर सारी खुशियों की शुभकामनाएं देती हूं। बैडमिंटन तुम्हें बहुत याद करेगा, और मैं भी।”

    कैरोलिना मारिन की उपलब्धियां

    स्पेन की दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी कैरोलिना मारिन रियो ओलंपिक 2016 की स्वर्ण पदक विजेता और तीन बार की विश्व चैंपियन रही हैं। उन्होंने कई यूरोपियन चैम्पियनशिप भी जीती हैं। मारिन ने रियो ओलंपिक के फाइनल में पीवी सिंधु को हराकर गोल्ड मेडल जीता था। इस बार चोटों की वजह से पेशेवर बैडमिंटन से संन्यास लेने का निर्णय लिया।

    सार: पीवी सिंधु ने कैरोलिना मारिन को भावुक संदेश भेजते हुए उनके संन्यास पर सम्मान और दोस्ती जताई। कोर्ट पर भले ही दोनों प्रतिद्वंद्वी थीं, लेकिन मैदान के बाहर उनके बीच दोस्ती, सम्मान और साझा यादें हमेशा बनी रहेंगी। मारिन की उपलब्धियां और उनका खेल भारतीय और वैश्विक बैडमिंटन के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।

  • आर्चरी एशिया कप: कंपाउंड तीरंदाजों का जलवा, भारत ने जीते 10 पदक

    आर्चरी एशिया कप: कंपाउंड तीरंदाजों का जलवा, भारत ने जीते 10 पदक


    नई दिल्ली। आर्चरी एशिया कप में भारत के कंपाउंड और रिकर्व तीरंदाजों ने शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाया। शुक्रवार को समाप्त हुए मुकाबलों में भारतीय तीरंदाजों ने कुल 10 पदक: दो गोल्ड, चार सिल्वर और चार ब्रॉन्ज अपने नाम किए। इस प्रतियोगिता में पुरुष और महिला व्यक्तिगत इवेंट, टीम इवेंट और मिक्स्ड टीम मुकाबलों में भारत का दबदबा देखने को मिला।

    पुरुषों के कंपाउंड इवेंट में क्लीन स्वीप
    पुरुष व्यक्तिगत कंपाउंड फाइनल में उदय कंबोज ने एशियन गेम्स के मेडलिस्ट प्रथमेश जवकर को 145-144 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। वहीं रजत चौहान ने थाईलैंड के पीरावत रत्नापोंगकियात को भी 145-144 से मात देकर भारत के लिए क्लीन स्वीप पूरा किया। इस शानदार प्रदर्शन ने भारतीय आर्चरी की ताकत को पूरी दुनिया के सामने रखा।

    महिला कंपाउंड टीम और व्यक्तिगत उपलब्धियां
    महिला व्यक्तिगत कंपाउंड इवेंट में तेजल साल्वे ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर मारिया डिमिडियुक को 144-135 से हराया। टीम इवेंट में भी भारतीय तीरंदाजों ने दमदार प्रदर्शन किया। कंपाउंड मिक्स्ड टीम में भारत की जोड़ी चिकिता तनिपार्थी और रजत चौहान ने कड़े मुकाबले में मलेशिया की टीम को 158-156 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। महिला कंपाउंड टीम: चिकिता तनिपार्थी, राज कौर और तेजल साल्वे ने फाइनल में कजाकिस्तान से 229-227 से हारकर सिल्वर मेडल से संतोष किया।

    रिकर्व इवेंट में भारत की मजबूत उपस्थिति
    रिकर्व इवेंट में भी भारतीय तीरंदाजों ने अपना दबदबा दिखाया। महिला व्यक्तिगत फाइनल में रिधि को मंगोलिया की ओयुन-एर्डेन बासांडोर्ज ने 6-2 से हराया। पुरुषों की रिकर्व टीम: देवांग गुप्ता, सुखचैन सिंह और जुएल सिंह को फाइनल में कजाकिस्तान के हाथों 5-4 से करीबी हार का सामना करना पड़ा और उन्हें सिल्वर पदक से संतोष करना पड़ा। महिला रिकर्व टीम: रूमा बिस्वास, कीर्ति और रिधि ने मलेशिया को 5-1 से हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया। पुरुष कंपाउंड टीम: रजत चौहान, उदय कंबोज और ऋषभ यादव ने प्लेऑफ में भूटान को 234-232 से मात देकर जीत दर्ज की।

  • IPL में नया नियम: Like For Like और रिप्लेसमेंट के बदलाव, जानिए क्या बदला

    IPL में नया नियम: Like For Like और रिप्लेसमेंट के बदलाव, जानिए क्या बदला


    नई दिल्ली। इस साल IPL 2026 कुछ नए नियमों के साथ शुरू हो रही है, जिनमें सबसे ज्यादा चर्चा का विषय है Like For Like नियम और रिप्लेसमेंट नियमों में बदलाव। 28 मार्च से शुरू होने वाली इस लीग में कई फ्रेंचाइज़ियों के खिलाड़ी चोटिल होने के कारण बाहर हो गए हैं, जिससे रिप्लेसमेंट विकल्प महत्वपूर्ण बन गया है।

    Like For Like नियम क्या है?

    Like For Like नियम के तहत:

    कोई खिलाड़ी यदि टीम से बाहर होता है, तो उसके रिप्लेसमेंट की सैलरी बाहर गए खिलाड़ी से ज्यादा नहीं हो सकती। इसका मुख्य उद्देश्य सैलरी कैप को बनाए रखना है। रिप्लेसमेंट खिलाड़ी को जरूरी नहीं कि वही रोल निभाना पड़े, यानी अगर कोई गेंदबाज बाहर हुआ है, तो फ्रेंचाइज़ी बल्लेबाज भी रिप्लेसमेंट के तौर पर चुन सकती है। चोट या स्वास्थ्य कारणों से रिप्लेसमेंट आने वाला खिलाड़ी उस पूरे संस्करण में खेल सकता है, लेकिन अगले संस्करण के लिए टीम उसे रिटेन कर सकती है। इस नियम से नीलामी में अनसोल्ड खिलाड़ी भी टीम में खेलने का मौका पा सकते हैं।

    रजिस्टर्ड अनसोल्ड खिलाड़ियों को मिलेगा मौका

    चोटिल खिलाड़ियों की जगह टीम केवल पूल में उपलब्ध रजिस्टर्ड खिलाड़ियों से ही रिप्लेसमेंट चुन सकती है।

    यह पूल न्यू प्लेयर्स का शॉर्टलिस्टेड लिस्ट होता है।
    BCCI पूरी सूची सार्वजनिक नहीं करता, केवल शॉर्टलिस्ट किए गए नाम सामने आते हैं।
    ऐसे खिलाड़ी जिन्होंने नीलामी में हिस्सा लिया लेकिन नहीं बिके, उनके लिए यह नया मौका है।
    क्यों है यह नियम चर्चा का केंद्र?
    यह नियम फ्रेंचाइज़ियों को सैलरी कैप के भीतर टीम संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।
    अनसोल्ड खिलाड़ियों को खेलने का मौका मिलना और टीमों को चोटिल खिलाड़ियों की जगह भरने का विकल्प इसे रोचक और रणनीतिक बनाता है।
    इससे IPL में टीम प्रबंधन और रणनीति में नए बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

  • हॉकी स्टार गुरजंत सिंह ने लिया संन्यास, दो बार ओलंपिक में भारत को दिलाया कांस्य

    हॉकी स्टार गुरजंत सिंह ने लिया संन्यास, दो बार ओलंपिक में भारत को दिलाया कांस्य


    नई दिल्ली। भारतीय पुरुष हॉकी टीम के फॉरवर्ड Gurjant Singh ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित हॉकी इंडिया पुरस्कार समारोह में अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास लेने की घोषणा की। 31 वर्षीय गुरजंत ने भारतीय टीम के लिए 130 मैच खेले और 33 गोल किए, जिससे उन्हें टीम का एक अहम खिलाड़ी माना जाता रहा।

    बचपन से हॉकी तक का सफर

    26 जनवरी 1995 को अमृतसर के खैलारा में जन्मे गुरजंत सिंह को बचपन से ही हॉकी का गहरा लगाव था। लखनऊ में 2016 के जूनियर विश्व कप में उन्होंने फाइनल में गोल कर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। 2017 में सीनियर टीम में शामिल होने के बाद उन्होंने लगातार देश का नाम रोशन किया।

    ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां

    गुरजंत सिंह दो बार ओलंपिक पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे:

    Tokyo 2020 Olympics – कांस्य पदक
    Paris 2024 Olympics – कांस्य पदक

    इसके अलावा उन्होंने भारत को 2022 हांगझोऊ एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक, 2017 एशिया कप में स्वर्ण और कई एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी खिताब दिलाने में भी मदद की। 2021 में उन्हें उनके योगदान के लिए अर्जुन पुरस्कार से नवाजा गया।

    संन्यास के बाद भावनाएं

    गुरजंत ने कहा, “आज मैं गर्व और गहरी भावनाओं के साथ संन्यास की घोषणा करता हूं। भारतीय हॉकी के ऐतिहासिक पुनरुद्धार का हिस्सा बनकर और दो ओलंपिक पदक हासिल करके मुझे बेहद संतुष्टि महसूस हो रही है। ट्रॉफियों से बढ़कर, सबसे बड़ी याद अपने साथियों के साथ बिताया गया समय है।”

    उन्होंने हॉकी इंडिया को भी धन्यवाद दिया और कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय मंच से खुश और गर्वित होकर विदा ले रहे हैं।

    हॉकी इंडिया की प्रतिक्रिया
    दिलिप टिर्की, अध्यक्ष: “गुरजंत सिंह लगभग एक दशक से भारत की हॉकी कहानी का अहम हिस्सा रहे। उनकी रफ्तार और गोल करने की क्षमता उन्हें विरोधियों के लिए हमेशा खतरनाक बनाती रही।”
    भोला नाथ सिंह, महासचिव: “पंजाब के खेतों से दो ओलंपिक पोडियम तक का उनका सफर हर युवा खिलाड़ी के लिए प्रेरणा है। उनका समर्पण और योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।”

  • साइना नेहवाल की सफलता की कहानी: ओलंपिक मेडल से चमकाया भारत का नाम

    साइना नेहवाल की सफलता की कहानी: ओलंपिक मेडल से चमकाया भारत का नाम


    नई दिल्ली। भारत की बैडमिंटन दुनिया में एक ऐसा नाम है, जिसने न सिर्फ अपने खेल से इतिहास रचा बल्कि लाखों बेटियों को सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा भी दी—Saina Nehwal। साइना ने अपने करियर में वह मुकाम हासिल किया, जो किसी भी खिलाड़ी का सपना होता है। वह ओलंपिक में भारत के लिए बैडमिंटन में पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बनीं और देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया।

    बचपन से ही खेल के प्रति जुनून

    हरियाणा के हिसार में जन्मीं साइना नेहवाल का बचपन साधारण रहा, लेकिन उनके सपने बड़े थे। महज 8 साल की उम्र में उनका परिवार हैदराबाद आ गया, जहां से उनके बैडमिंटन करियर की असली शुरुआत हुई। उनकी मां उषा रानी नेहवाल खुद एक राज्य स्तर की खिलाड़ी थीं, जिनसे साइना को प्रेरणा मिली। मां का अधूरा सपना पूरा करने की चाह ने साइना को इस खेल में पूरी तरह समर्पित कर दिया।

    बीजिंग ओलंपिक से मिला आत्मविश्वास

    साल 2008 में Beijing Olympics 2008 साइना के करियर का अहम मोड़ साबित हुआ। वह क्वार्टर फाइनल तक पहुंचीं, जो उस समय भारतीय बैडमिंटन के लिए बड़ी उपलब्धि थी। इस प्रदर्शन ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई और आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी दिया। इसके बाद उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय खिताब अपने नाम किए, जिनमें हांगकांग ओपन, सिंगापुर ओपन और इंडोनेशिया ओपन शामिल हैं।

    लंदन ओलंपिक में रचा इतिहास

    साल 2012 में London Olympics 2012 में साइना नेहवाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता। वह भारत की पहली बैडमिंटन खिलाड़ी बनीं, जिन्होंने ओलंपिक में पदक हासिल किया। इस ऐतिहासिक जीत ने उन्हें देशभर में स्टार बना दिया और भारतीय बैडमिंटन को नई पहचान दिलाई।

    वर्ल्ड नंबर-1 बनने का गौरव

    28 मार्च 2015 को साइना ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की, जब वह बैडमिंटन विश्व रैंकिंग में नंबर-1 स्थान पर पहुंचीं। इस मुकाम तक पहुंचने वाली वह भारत की पहली महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बनीं। यह उपलब्धि उनके संघर्ष, मेहनत और निरंतर प्रदर्शन का नतीजा थी।

    पुरस्कार और सम्मान

    साइना नेहवाल को उनके शानदार योगदान के लिए कई बड़े पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। उन्हें 2009 में अर्जुन अवॉर्ड, 2010 में राजीव गांधी खेल रत्न (अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न), 2010 में पद्म श्री और 2016 में पद्म भूषण से नवाजा गया। ये सम्मान उनके उत्कृष्ट खेल करियर और देश के प्रति योगदान को दर्शाते हैं।

    नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा

    साइना नेहवाल सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि एक प्रेरणा हैं। उन्होंने साबित किया कि कड़ी मेहनत, समर्पण और आत्मविश्वास के दम पर किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है। आज भारत में बैडमिंटन की लोकप्रियता जिस ऊंचाई पर है, उसमें साइना का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है।

  • बैटिंग-बॉलिंग दोनों में दमदार पंजाब किंग्स, IPL 2026 में ट्रॉफी जीतने का सुनहरा मौका

    बैटिंग-बॉलिंग दोनों में दमदार पंजाब किंग्स, IPL 2026 में ट्रॉफी जीतने का सुनहरा मौका


    नई दिल्ली।आईपीएल 2025 में फाइनल तक का सफर तय करने वाली Punjab Kings इस बार और ज्यादा मजबूत नजर आ रही है। टीम का संतुलन कागज पर बेहद शानदार दिख रहा है चाहे बात बल्लेबाजी की हो या गेंदबाजी की। कप्तान Shreyas Iyer की अगुवाई में टीम आईपीएल 2026 में अपना पहला खिताब जीतने के इरादे से मैदान में उतरेगी। पिछले सीजन की सफलता ने टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया है और इस बार लक्ष्य साफ है-ट्रॉफी।

    मजबूत बल्लेबाजी, विस्फोटक शुरुआत की उम्मीद

    पंजाब किंग्स की बल्लेबाजी इस बार उसकी सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है। ओपनिंग में Prabhsimran Singh और Priyansh Arya की जोड़ी टीम को तेज शुरुआत देने में सक्षम है। दोनों ने पिछले सीजन में शानदार प्रदर्शन किया था और टीम को कई मैचों में मजबूत प्लेटफॉर्म दिया था। नंबर तीन पर कप्तान श्रेयस अय्यर की भूमिका बेहद अहम रहने वाली है, जो पारी को संभालने और गति देने दोनों में माहिर हैं। इसके अलावा Marcus Stoinis, Mitchell Owen और Cooper Connolly जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी टीम के बैटिंग ऑर्डर को और गहराई देती है। मिडिल ऑर्डर में Shashank Singh और Nehal Wadhera से इस सीजन बेहतर और लगातार प्रदर्शन की उम्मीद होगी।


    संतुलित गेंदबाजी, हर विभाग में विकल्प

    गेंदबाजी में भी पंजाब किंग्स काफी संतुलित नजर आ रही है। तेज आक्रमण की अगुवाई Arshdeep Singh और Marco Jansen करेंगे। इनके साथ Lockie Ferguson (शुरुआती मैचों में अनुपस्थित), Xavier Bartlett और Ben Dwarshuis जैसे विकल्प टीम को और मजबूत बनाते हैं। स्पिन विभाग में Yuzvendra Chahal की मौजूदगी टीम के लिए बड़ा प्लस पॉइंट है। उनके साथ Harpreet Brar और Praveen Dubey जैसे गेंदबाज भी विकल्प के रूप में मौजूद हैं।

    मिडिल ऑर्डर बनी चिंता की वजह

    जहां टीम के ज्यादातर विभाग मजबूत नजर आते हैं, वहीं मिडिल ऑर्डर अब भी एक कमजोर कड़ी साबित हो सकता है। पिछले सीजन के फाइनल में यही कमजोरी टीम पर भारी पड़ी थी। स्टोइनिस, वढेरा और शशांक जैसे खिलाड़ियों में निरंतरता की कमी देखने को मिली थी।
    इसके अलावा इस बार Josh Inglis टीम का हिस्सा नहीं हैं, जिससे फिनिशिंग में थोड़ी कमी महसूस हो सकती है।

    क्या इस बार मिलेगा पहला खिताब?

    कुल मिलाकर देखा जाए तो पंजाब किंग्स के पास इस बार संतुलित स्क्वॉड, मजबूत ओपनिंग, अनुभवी कप्तान और विविध गेंदबाजी आक्रमण मौजूद है। अगर मिडिल ऑर्डर स्थिर प्रदर्शन करता है, तो टीम खिताब की प्रबल दावेदार बन सकती है। आईपीएल इतिहास में अब तक खिताब से दूर रही पंजाब किंग्स के लिए यह सीजन ‘करो या मरो’ जैसा हो सकता है।